Home Blog Page 1090

असम में सेमीकंडक्टर फैक्ट्री और नॉर्थ-ईस्ट के युवाओं को ट्रेनिंग के साथ नौकरी भी वहीं: CM सरमा ने रतन टाटा से मिल फाइनल की डील

असम में अब तक का सबसे बड़ा निवेश टाटा ग्रुप ने किया है। टाटा ग्रुप असम के मोरिगाँव के जगीरोड में 27 हजार करोड़ रुपए के निवेश से सेमीकंडक्टर चिप के उत्पादन के लिए फैक्ट्री लगा रही है। अब असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मुंबई जाकर रतन टाटा और टाटा ग्रुप की लीडरशिप से मुलाकात की है। रतन टाटा से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि उन्होंने टाटा ग्रुप से अनुरोध किया है कि वो जगीरोड की फैक्ट्री में ही एक स्किल डेवलपमेंट सेंटर भी खोले, ताकि सिर्फ असम ही नहीं, बल्कि नॉर्थ-ईस्ट के सभी राज्यों के युवाओं को इस इंडस्ट्री से जुड़ी ट्रेनिंग मिल सके और उन्हें रोजगार भी मिल सके। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर टाटा ग्रुप के साथ सहमति भी बन गई है। वहीं, रतन टाटा ने कहा है कि ये फैक्ट्री सेमीकंडक्टर के उत्पादन की दुनिया में असम का नाम ऊपर उठाएगी।

हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर रतन टाटा और टाटा ग्रुप के शीर्ष अधिकारियों के साथ मुलाकात की तस्वीरें पोस्ट की। उन्होंने एक्स पर लिखा, “आज टाटा नेतृत्व के साथ मेरे विचार-विमर्श के दौरान हम एक कौशल विकास केंद्र बनाने पर सहमत हुए जो जगीरोड में सेमीकंडक्टर सुविधा के परिसर में सह-स्थित होगा। यह सेंटर नॉर्थ-ईस्ट के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स में ट्रेनिंग देकर उन्हें सक्षम बनाएगा और उन्हें जगीरोड सेंटर में ही नौकरियाँ दिलाने में मदद करेगा।”

उन्होंने आगे लिखा, “पहले से ही असम के 1500 युवा, जिसमें अधिकतर महिलाएँ हैं, वो बेंगलुरू और टाटा ग्रुप के अन्य सेंटर्स में प्रशिक्षण ले रहे हैं। ये सेंटर जब 2025 में जब काम करना शुरू कर देगा, तो इससे हम (असम) सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में अग्रणी भूमिका आ जाएँगे।”

साल 2025 में शुरू हो जाएगा सेमीकंडक्टर का उत्पादन

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया है कि साल 2025 तक असम में सेमीकंडक्टर का उत्पादन शुरू हो जाएगा। 27 हजार करोड़ रुपए की इस परियोजना में उत्पादन शुरू होने के साथ ही असम सेमीकंडक्टर के उत्पादन में दुनिया के मैप पर आ जाएगा। हिमंता ने कहा कि वो असम के लोगों की तरफ से मुंबई में रतन टाटा से मिले और टाटा ग्रुप के शीर्ष अधिकारी एन. चंद्रशेखरन से मिले और उन्हें असम में भरोसा जताने और गेम चेजिंग निवेश के लिए शुक्रिया अदा दिया। उन्होंने कहा कि हम साल 2025 में चिप उत्पादन की शुरूआत की उम्मीद कर रहे हैं।

रतन टाटा ने की हिमंता बिस्वा सरमा की तारीफ

इस बीच, खुद रतन टाटा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को दूरदर्शी बताते हुए तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि असम को निवेश के लिए तैयार करने के लिए सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है। असम में बनने वाली सेमीकंडक्टर फैसिलिटी असम को दुनिया के मानचित्र पर स्थापित कर देगा, दोनों हिमंता बिस्वा सरमा के दूरदर्शनी नेतृत्व की वजह से संभव हो सका। इसके लिए मैं उनका धन्यवाद भी करता हूँ।

बता दें कि टाटा ग्रुप भारत के दो राज्यों में सेमीकंडक्टर के उत्पादन के लिए फैक्ट्री लगा रहा है। टाटा कंपनी अमेरिकी कंपनी माइक्रोन के लिए गुजरात के साणंद में चिप असेंबली और टेस्टिंग सेंटर लगा रही है, जिसमें 22,500 करोड़ की लागत लग रही है। और अब असम में भी टाटा कंपनी सेमीकंडक्टर के उत्पादन के लिए अपना सेंटर खोल रही है।

‘हम अगर मोदी की खोपड़ी में गोली मार दें तो इसे गलत कहा जाएगा क्या?’: INDI गठबंधन की बैठक में लालू की पार्टी के नेता की धमकी, BJP बोली – झारखंड पुलिस ने दर्ज नहीं की FIR

झारखंड के कोडरमा में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता ने विपक्षी गठबंधन की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हत्या की धमकी दी गई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। वीडियो में पीछे I.N.D.I. गठबंधन का बैनर लगा हुआ दिख रहा है। जिस नेता ने विवादित बयान दिया है, उसकी पहचान अवधेश सिंह यादव के रूप में हुई है। भाजपा ने इस वीडियो को लेकर राजद पर निशाना साधा है।

बाबूलाल मरांडी ने वीडियो साझा करते हुए लिखा, “देखिए I.N.D.I. गठबंधन की बैठक का एजेंडा। 4 दिन पहले झारखंड के कोडरमा में हुई I.N.D.I. गठबंधन की बैठक में RJD के नेता अवधेश सिंह यादव मोदी जी की खोपड़ी में गोली मारने की बात कर रहे हैं। अपनी हार को करीब आते देख ठगबंधन की सभी पार्टियाँ और उनके नेता अपनी मानसिक संतुलन खो बैठे है। I.N.D.I. गठबंधन चाहे जो षड्यंत्र रच ले, मोदी जी के साथ उनका 140 करोड़ का परिवार खड़ा है।

मरांडी ने अपील की कि झारखंड पुलिस के DGP इसका संज्ञान लें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी को गोली मारने की बात करने वाले इस ‘अपराधी’ को तुरंत गिरफ़्तार कर जेल की हवा खिलाई जाए। भाजपा प्रवक्ता अतुल साह देव ने इसे विपक्षी गठबंधन का असली चेहरा करार देते हुए कहा कि RJD के नेता कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खोपड़ी में गोली मार देनी चाहिए, ये शर्मनाक बयान है। उन्होंने इस पर हैरानी जताई कि वीडियो वायरल होने के बावजूद पुलिस ने इस पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया है।

वीडियो में राजद नेता अवधेश सिंह यादव कहते हैं, “हम अगर मोदी की खोपड़ी में गोली मार दें तो इसे गलत कहा जाएगा क्या?” झारखंड में राजद की उपाध्यक्ष अनीता यादव ने कहा कि ये एक निजी बयान है और इसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप मढ़ते हुए कह दिया कि उनकी बयानबाजी से प्रेरित होकर इस तरह का बयान दिया गया हो सकता है। हालाँकि, हम इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करते हैं।

जिस प्रियंका चोपड़ा को नहीं बर्दाश्त था दिवाली पर पटाखों का धुआँ, वो परिवार सहित राम मंदिर पहुँचीं: लगवाया माथे पर टीका, ओढ़ने को मिला भगवा

बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा हाल में अपने पति निक जोनस और बेटी मालती के साथ भारत आई। यहाँ आकर वह अयोध्या में रामलला के दर्शन करने पहुँचीं। इस दौरान प्रियंका और उनके पति भारतीय परिधान में नजर आए। प्रियंका ने जहाँ पीले रंग की साड़ी पहनी थी तो वहीं उनके पति निक ने कुर्ता पहना था। इनके साथ प्रियंका की माँ मधु चोपड़ा भी थीं।

अयोध्या जाते समय प्रियंका चोपड़ा का एक वीडियो सामने आया। इसमें प्रियंका एयरपोर्ट से रामलला के दर्शन करने कार में बैठ रही थीं। वहाँ मंदिर पहुँचकर उन्होंने माथे पर टीका लगवाया और आशीर्वाद के तौर पर उन्हें भगवा वस्त्र ओढ़ने को मिला।

प्रियंका चोपड़ा की यह तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं तो कुछ लोग याद दिला रहे हैं कि कैसे समय के साथ लोग बदलते हैं। यही प्रियंका चोपड़ा हैं जो आज रामलला के दर्शन के लिए जा रही हैं और पहले यही प्रियंका दिवाली में कहती थीं कि पटाखों से अस्थमा होता है।

कुछ लोग इस बात पर भी गौर करवा रहे हैं कि कैसे ये बॉलीवुड सेलीब्रिटी कूल दिखने के लिए गौमांस तक खाते हैं और जब खुद का प्रमोशन करना होता है तो मंदिर के गर्भगृह तक घुस जाते है। नाराज हिंदू यूजर पूछते हैं कि आखिर ऐसी हिपोक्रेसी क्यों दिखाई जाती है। इनको वीवीआईपी बनाकर प्रभु के दर्शन करवा दिए जाते हैं जबकि सामान्य श्रद्धालु घंटों लाइन में खड़े होने के बाद भी नहीं कभी-कभी दर्शन नहीं पाते।

बता दें कि राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को हुई थी। इस दौरान हर क्षेत्र की बड़ी-बड़ी हस्तियाँ कार्यक्रम में आई थीं। लेकिन प्रियंका चोपड़ा तब यहाँ नहीं आ पाईं थीं। हाल में जब राधिका और अनंत अंबानी की प्री वेडिंग हुई तो पैपराजी के पूछे जाने पर उन्होंने कहा था कि प्रियंका जल्द आएँगी।

गर्भवती नहीं है साजिद की बीवी, 15 दिन पहले मायके छोड़ आया था: बदायूँ में डिलिवरी के लिए पैसे माँगने के बाद ही हिंदू बच्चों को काटा था

उत्तर प्रदेश के बदायूँ में एक सैलून साजिद ने दो हिन्दू बच्चों की हत्या कर दी। इस मामले में कहा गया कि साजिद की पत्नी गर्भवती है और उसी के इलाज के लिए वह बच्चों की माँ से पैसे उधार लेने आया था, इसी के बाद उसने हत्या की। अब इस मामले में खुलासा हुआ है कि साजिद की पत्नी गर्भवती नहीं है और वह बीते 15 दिनों से अपने मायके में है।

साजिद की पत्नी से TV9 चैनल के पत्रकार ने बात की है। साजिद की पत्नी का नाम सना है। उसका 4 साल पहले साजिद से निकाह हुआ था। सना ने मीडिया चैनल को बताया कि वह पिछले 15 दिनों से अपने मायके में है और साजिद उसे यहीं छोड़ गया था। सना से रिपोर्टर ने पूछा कि साजिद बच्चों के घर में आपके गर्भवती होने के कारण उधार माँगने के बहाने से घुसा था और फिर उसने बच्चों की हत्या की, ऐसे में क्या वह गर्भवती हैं या नहीं? सना ने कहा कि वह वर्तमान में गर्भवती नहीं है। सना की माँ ने भी इस बात की पुष्टि की।

वहीं इससे पहले यह भी बात सामने आई थी कि साजिद और उसकी पत्नी के पाँच बच्चे पहले मर चुके थे। इस बात का भी सना ने खंडन किया। सना ने बताया कि उसके और साजिद के निकाह को चार साल हुए और दोंनो के 2 बच्चे हुए हैं, जो कि जीवित नहीं बच सके।

सना ने बताया कि इस बात को लेकर कभी उसकी साजिद से बहस नहीं हुई। साजिद ने बच्चों के जीवित ना रहने पर कहा कि ऊपर वाला दे रहा है लेकिन नहीं बच रहे तो क्या किया जा सकता है। सना ने किसी भी तंत्र मन्त्र वाले एंगल की बात भी नकारी। इससे पहले कहा गया था कि हो सकता है साजिद ने तंत्र मंत्र के चक्कर में इन दोनों बच्चों की हत्या की हो।

सना ने बताया कि उसकी आठ दिन पहले साजिद से बात हुई थी। उसके पास अपना फ़ोन नहीं है। वह उसे 15 दिन पहले मायके छोड़ गया था। सना ने यह भी बताया कि वह समय समय पर उसे मायके छोड़ जाता था और 15-20 दिन में वापस ले जाता था। सना ने बताया कि उसे इस हत्याकांड की कोई जानकारी नहीं है, उसने सुबह ये बात जानी है कि साजिद ने दो बच्चों की हत्या कर दी और उसका भी एनकाउंटर हो गया। उसने कहा कि उसे साजिद और जावेद के विषय में कोई जानकारी नहीं थी।

गौरतलब है कि साजिद ने कल (19 मार्च, 2024) को बदायूँ की बाबा कॉलोनी में दो हिन्दू बच्चों आयुष और अहान को मार दिया था। दोनों बच्चों की छुरी से रेत कर हत्या की गई थी। साजिद के साथ उसका भाई जावेद भी मौजूद था।

मृतक बच्चों के पिता विनोद ने पुलिस के पास दर्ज करवाई FIR में कहा है कि साजिद, जावेद के साथ उनके घर शाम 7 बजे के आसपास आया था। इसके बाद उसने अंदर आकर बच्चों की माँ संगीता से ₹5000 माँगे। उसे इसके पीछे कारण दिया कि उसकी पत्नी गर्भवती है और उसके इलाज के लिए पैसे चाहिए। हालाँकि, अब सना के बयान से स्पष्ट हुआ है कि साजिद ने पैसा माँगने के लिए झूठ बोला था।

साजिद बच्चों की हत्या करने के बाद घटनास्थल से फरार हो गया था। हालाँकि, पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में वह कल ही मारा गया था। उसका साथी जावेद अब भी फरार है। पुलिस जावेद की तलाश में छापेमारी कर रही है।

sajid wife sana not pregnant budaun hindu children murder by muslim barber

4 साल के थे तो नक्सलियों ने पिता को मार डाला, जबरन धर्मांतरण के बाद माँ भी चल बसीं: अब JNU में वामपंथियों से लड़ रहे उमेश चंद्र, ABVP ने अध्यक्ष चुनाव में उतारा

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने उमेश चंद्र अजमीरा को JNU (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय) में छात्र संघ के अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया है। वामपंथियों का गढ़ रही इस यूनिवर्सिटी में इस बार भगवा संगठन जीत के लिए पूरा जोर लगा रहा है। उमेश चंद्र तेलंगाना के वारंगल के रहने वाले हैं। 1997 में उनके पिता सीताराम नायक अजमीरा की नक्सलियों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। वामपंथी आतंकियों ने जब इस वारदात को अंजाम दिया, तब उमेश की उम्र मात्र 4 वर्ष थी।

पिता की हत्या के बाद उमेश चंद्र की माँ का जबरन धर्मांतरण करा दिया गया। पति की हत्या और जबरन धर्मांतरण से प्रताड़ित माँ इन घटनाओं को बर्दाश्त नहीं कर पाईं और कुछ ही दिनों बाद चल बसीं। एक नक्सल प्रभावित गाँव से उमेश चंद्र ने इन मुश्किलों को पार करते हुए JNU तक का सफर तय किया। उनकी प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय से हुई है। उन्हें ABVP ने जेएनयू में अपनी यूनिट का अध्यक्ष बनाया। अब 2024 छात्र संघ चुनावों में अध्यक्ष पद के लिए वो ताल ठोकेंगे।

उमेश चंद्र अजमीरा जनजातीय बंजारा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, यानी वो अनुसूचित जनजाति वर्ग से आते हैं। ABVP नक्सली हिंसा के पीड़ितों के लिए लगातार न्याय की माँग करती रही है। उमेश चंद्र JNU में ही उच्च शिक्षा के दौरान ABVP के संपर्क में आए थे। उनका कहना है कि छात्र संगठन ने किसी अपने की तरह उनका स्वागत किया। वो JNU में यूनाइटेड स्टेट स्टडीज में Ph.D कर रहे हैं। उन्हें पॉलिटिकल साइंस में JRF अवॉर्ड मिल चुका है, ऐसे में उनका अकादमिक करियर भी अच्छा रहा है।

उनके नाम में ‘अजमीरा’ सरनेम है, क्योंकि उनके पूर्वजों की जड़ें राजस्थान के अजमेर में जाती हैं। वारंगल के पास स्थित उनके गाँव का नाम गाजमपल्ली है। उनके पिता किसान थे और ग्रामीण उन्हें नेता मानते थे, इसीलिए नक्सलियों ने उन पर हमला कर के उनकी हत्या कर दी थी। परिवार को खत्म करने के लिए उसके बाद भी कई बार हमले किए गए। उन्होंने बताया कि उन्हें बचाने के लिए उनकी माँ को कुछ लोगों के पाँव पर भी गिरना पड़ा। यही कारण है कि आज भी वो नक्सलवाद के खिलाफ खासे मुखर हैं।

ट्रेनों से चादर-कंबल-तौलिया चुराता था इंजीनियर अरशद, बीवी अफसाना ने ही खोल दी पोल: शिकायत करने के बाद शौहर ने पीटा तो भागी मायके

मध्य प्रदेश के भोपाल से एक इंजीनियर की ऐसी करतूत सामने आई है कि सुनने वाले भी दंग हैं। दरअसल, एक प्राइवेट कंपनी का इंजीनियर मोहम्मद अरशद ट्रेनों से कंबल, चादर और तौलिया चुरा लेता था और उसे लेकर आपने घर आ जाता था। उसकी आदत का भंडाफोड़ उसकी पत्नी ने ही किया है। पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के साथ ही उसने चोरी के सामान का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।

महिला राजस्थान के कोटा की रहने वाली है। इसी साल 12 जनवरी को उसका निकाह उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले मोहम्मद अरशद से हुआ था। अरशद भोपाल में की एक प्राइवेट कंपनी में आईटी इंजीनियर है। वह पत्नी के साथ भोपाल के एयरपोर्ट रोड स्थित दाता कॉलोनी में किराए के मकान में रहता है। उसके घर से रेलवे के कंबल, चादर और तौलिए मिले हैं।

महिला का कहना है कि उसके शौहर ने यह चोरी की है। उसे अपने शौहर की यह आदत पसंद नहीं आई। इसलिए इन सामानों का ना सिर्फ उसने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, बल्कि रेलवे पुलिस में भी इसकी शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस ने मोहम्मद अरशद के घर से 40 तौलिया, 30 चादर और 6 कंबल बरामद किए हैं।

इस महिला का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें वह अपना नाम अफसाना खान बता रही है। वीडियो में उसने कहा, “कमरे में एक संदूक रखा था। इसमें हमेशा ताला लगा रहता था। ईद की सफाई के दौरान जब मैंने संदूक खोला तो ऊपर बहुत सारे कपड़े रखे थे। जब नीचे देखा तो उसमें रेलवे की बहुत सारी चादर, कंबल और तौलिए मिले।”

महिला ने आगे कहा, “इसके बाद मैंने अरशद से बात की और समझाया कि चोरी करना गलत है। यह सारी चीजें वापस कर दीजिए। शौहर ने मुझसे कहा कि यह पुरुष प्रधान देश है। तुम्हें इसमें बोलने की जरूरत नहीं है। जैसा मैं कहूँ, वैसा ही करना। शौहर की यह बात मुझे ठीक नहीं लगी। इसलिए रेलवे को मैंने कॉल किया और सारा सामान वापस लेने की बात कही।”

महिला का कहना है कि इसकी शिकायत करने के बाद उसके शौहर ने उसे बहुत मारा। इसके बाद वह अपने मायके चली गई। महिला का कहना है कि ट्रेन में यात्रा करने के दौरान उसका शौहर रेलवे की चादर, कंबल और तौलिए चुराने की आदत लग गई। महिला का कहना है कि शिकायत के बाद रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी घर पहुँचे और सारा सामान लेकर वापस आ गए।

भोपाल में पदस्थापित रेलवे के सीनियर डिवीजन सिक्योरिटी कमिश्नर प्रशांत यादव ने बताया कि महिला की शिकायत के बाद मामले की जाँच शुरू कर दी गई है। जाँच के बाद जो भी तथ्य सामने आएँगे, उसी हिसाब से आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालाँकि, उसके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

बता दें कि रेलवे का सामान चोरी करने पर रेलवे प्रॉपर्टी एक्ट-1966 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुँचाने या चुराने पर जुर्माना या जेल या फिर दोनों सजा का प्रावधान है। इसके लिए एक से लेकर पाँच साल तक की जेल हो सकती है। वहीं, कम से कम जुर्माना एक हजार रुपए तक लग सकता है। अधिकतम जुर्माना रेलवे कोर्ट तय करती है।

एक आँकड़े के मुताबिक, साल 2017-18 में रेलवे के 1.95 लाख तौलिया, 81 हजार 776 चादर, 5 हजार 38 तकिये का कवर और 7 हजार 43 कंबल चोरी हुए थे। इसके साथ ही बड़ी संख्या में बेडरोल भी चोरी हुए। माना जाता है कि इन सामानों की कीमत करीब 14 करोड़ रुपए है। ऐसे में रेलवे ने अटेंडेंट को ट्रेन की यात्रा खत्म होने से आधे घंटे पहले ही बेडरोल का सामान इकट्ठा करने की सलाह दी, ताकि लोग चोरी ना कर सकें।

58 साल की उम्र में IVF से कैसे बनी माँ, पंजाब से केंद्र सरकार ने माँगी रिपोर्ट: बोले सिद्धू मूसेवाला के पिता – प्रताड़ित कर रही AAP सरकार

पंजाब अभी भी 29 मई, 2022 की तारीख़ को नहीं भूला है, जब गायक सिद्धू मूसेवाला को गोलियों से भून डाला गया था। हत्या के वक्त वो गाड़ी चला रहे थे। उस समय पंजाबी गानों की दुनिया में सिद्धू मूसेवाला शीर्ष पर थे। 28 वर्षीय सिंगर की हत्या के लगभग 2 साल बाद उनकी माँ ने एक बच्चे को जन्म दिया है। इसके लिए उन्होंने असिस्टेड प्रेग्नेंसी प्रोसीजर IVF (विट्रो फर्टिलाइजेशन) का सहारा लिया। अब केंद्र सरकार ने इस पर पंजाब सरकार से रिपोर्ट तलब की है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निदेशक SK रंजन ने गुरुवार (14 मार्च, 2024) को पंजाब सरकार के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिख कर कहा है कि वो इस मामले को देखे और इस मामले में सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (नियामक) अधिनियम, 2021 के तहत क्या कार्रवाई की गई इस संबंध में रिपोर्ट दायर करे। चरण कौर ने 58 की उम्र में IVF ट्रीटमेंट से बच्चे को जन्म दिया। MoHFW ने कहा है कि एक न्यूज़ रिपोर्ट के माध्यम से उसने इस मामले को संज्ञान में लिया है।

मंत्रालय ने कहा है कि Assisted Reproductive Technology (Regulation) Act, 2021 के तहत एक महिला के लिए ART के माध्यम से गर्भवती होने की अधिकतम उम्र 21-50 वर्ष है। सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता ने विदेश जाकर इसके तहत ट्रीटमेंट कराया था। दिवंगत गायक के पिता बलकौर सिंह ने आरोप लगाया है कि बच्चे के जन्म के बाद पंजाब सरकार द्वारा परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बच्चे की वैधता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन उनसे तमाम तरह के दस्तावेज माँग रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपील की थी कि उन्हें समय दिया जाए, ताकि वो नए जन्मे बच्चे से जुड़े दस्तावेजों को पेश कर सकें। बठिंडा के जिंदल हॉस्पिटल ने रविवार (17 मार्च, 2024) को बच्चे का जन्म हुआ। बच्चे का नाम शुभदीप रखा गया है। सिद्धू मूसेवाला का नाम भी शुभदीप सिंह सिद्धू था। मनसा जिले के मूसा गाँव में हुई उनकी हत्या में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ जैसे अपराधियों का नाम सामने आया था।

सिद्धू मूसेवाला के पिता ने अपील की है कि ट्रीटमेंट खत्म हो जाने दिया जाए, उसके बाद उन्हें जहाँ बुलाया जाएगा वो आ जाएँगे। उन्होंने कहा कि वो दुःखी हैं, यू-टर्न लेने की उनकी आदत नहीं है। बलकौर सिंह ने ये भी दावा किया कि उन्होंने किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने कुछ गलत किया है तो उन्हें जेल में डाल दिया जाए। पंजाब कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा ने कहा कि भगवंत मान को सिद्धू मूसेवाला के परिवार को प्रताड़ित करना बंद करना चाहिए, वो अकेले पंजाबी हैं जिन्होंने बच्चे के जन्म पर उन्हें बधाई नहीं दी है।

8 साल मुस्लिम मोहल्लों में किया काम, BJP ने उम्मीदवार बनाया तो नहीं करने दे रहे कैंपेन: बोलीं माधवी लता- हैदराबाद ‘खतरनाक सीट’, पत्थर मारते हैं

आगामी लोकसभा चुनावों के लिए हैदराबाद से भारतीय जनता पार्टी ने असदुद्दीन ओवैसी के समक्ष जिस प्रत्याशी को उतारा है उनका नाम माधवी लता है। माधवी ने हाल में मीडिया से बात करते हुए हैदराबाद लोकसभा सीट को खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि यहाँ कैंपेन करना इतना मुश्किल है कि 50 फीसदी इलाकों में आप जा नहीं सकते।

माधवी कहती हैं, “हैदराबाद की लोकसभा सीट बहुत खतरनाक है। यहाँ के 50 फीसदी इलाकों में आप चुनावों के दौरान कैंपेन नहीं कर सकते, वहाँ कदम नहीं रख सकते। वो लोग पत्थर फेंकते हैं, सिर फोड़ते हैं… और मैं ये काम करने जा रही हूँ। मैं देखना चाहती हूँ कि मेरे देश में कैसे मुझे रोका जाएगा। अगर कोई मुझे रोकेगा भी तो मुझे पत्थर खाकर देखना है कि ये लोग और कितना ज्यादा गिर सकते हैं।”

भाजपा प्रत्याशाी कहती हैं, “8 सालों से मैं उन मुसलमानों के मोहल्लों में जाकर मैं काम कर चुकी हूँ, तब तो मुझे किसी ने कुछ नहीं किया। ये आम मुसलमानों की बात नहीं है। ये चंद मुट्ठी भर खुदगर्ज राजनेताओं का काम है ये। कल को जब मैं उसी मोहल्ले में जाकर कैंपेनिंग करूँगी तब देखूँगी कौन मुझे रोकेगा। अगर किसी ने मुझे रोका तो वो एकमात्र पार्टी है।”

उन्होंने कहा, “हम देखेंगे कि कैसे हिंदू भाइयों को ये पुलिस वाले मारेंगे। हम कानूनी ढंग से उसका जवाब भी देंगे। कल ये लोग हिंदू भाइयों को डरा रहे थे कि इलाके में 144 लगा देंगे। आपकी दुकानें बंद होंगी तो रोजी रोटी बंद हो जाएगी। आपको लगता है कि ये 21वीं सदी है। इस क्षेत्र में लोकतंत्र है। ये बहुत बेकार इलाका है इसलिए इस जगह कोई टच नहीं किया जाता। अगर कोई ऐसा करे तो बहुत जल्दी भगवान के पास चले जाते हैं इसलिए बिजली का बिल भी ये लोग जाकर नहीं भरवा पाते। हमें भी देखना है।”

लता कहती हैं कि असदुद्दीन ओवैसी के राज में हालत ऐसे हैं कि लोग बिजली के बिल भरने नहीं जाते। उन्हें कह दिया जाता है- “मत भरो हम देख लेंगे।” वह कहती हैं कि इन लोगों को ये समझ नहीं आता कि अगर वो 500 रुपए नहीं भर पा रहीं तो ये कितना गलत है। वहाँ 600 करोड़ रुपए बकाया हैं जो सरकारी अधिकारी पैसे माँगता है उसे पीटा जाता है। उन्होंने जानकारी दी कि ओवैसी इलाके में पीएम मोदी की एक भी स्कीम को लागू नहीं होने देते।

उन्होंने पूछा कि क्या किसी ने कभी कोई पोस्टर देखा है जिसमें ओवैसी पीएम मोदी की किसी स्कीम के बारे में लोगों को बता रहे हों। उन्होंने पूछा कि एक सांसद होते हुए इस पर बात करने में समस्या क्या है। बताया तो जाना चाहिए ही, वो लोगों का पैसा है उनके पास जाना चाहिए। आखिर वो क्यों नहीं बताते। माधवी लता कहती हैं कि हैदराबाद में एक बड़ा स्कैम चल रहा है। आजतक कोई इस पर बोलने को तैयार नहीं है। हमने ये शुरूआत की है।

2 हिंदू नाबालिगों को नाई इरफान ने किया किडनैप, व्यापारी संघ ने 86 दुकानदारों की सदस्यता रद्द की: उत्तराखंड के धारचूला पर प्रोपेगेंडा फैला रहा गैंग

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में धारचूला कस्बे के स्थानीय व्यापारी संघ ने 86 बाहरी मुस्लिम दुकानदारों को शहर छोड़ने के लिए कहा है। व्यापारी संघ ने इन दुकानदारों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। यह निर्णय फरवरी माह में एक मुस्लिम नाई इरफ़ान के दो स्थानीय नाबालिगों के अपहरण और बरेली भगा ले जाने के बाद लिया गया।

पिथौरागढ़ के एसपी लोकेश्वर सिंह ने एक बयान में बताया था कि धारचूला से दो नाबालिगों का अपहरण करने के मामले में इरफ़ान नाम के एक आदमी को गिरफ्तार किया गया था। इरफ़ान और उसके एक साथी ने धारचूला से इन दोनों लड़कियों बरेली लेकर गए और वहाँ इनको शादी का झाँसा दिया। यह घटना फरवरी की है। इरफ़ान और उसके साथी के खिलाफ POCSO और बलात्कार की धारा 376 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

यह जानकारी सामने आई है कि मोहम्मद इरफ़ान इन लड़कियों लुभावने वादे करता था। इरफ़ान धारचूला में बरेली से गया था और नाई की दुकान खोल रखी थी। पूछताछ के दौरान उसने बताया था कि वह इन लड़कियों को बेंगलुरु ले जाना चाहता था। इन लड़कियों को 1 फरवरी, 2024 को अपह्रत किया गया था और 4 फरवरी, 2024 को इनको बरामद किया गया।

इसके बाद स्थानीय लोगों में इस घटना के प्रति उबाल आ गया और उन्होंने बाहरी दुकानदारों के सत्यापन की बात कही। इसके बाद व्यापार संघ ने निर्णय लेते हुए बाहर से आने वाले 91 दुकानदारों के पंजीयन रद्द कर दिए। इनमें से 86 मुस्लिम हैं। इस घटना के बाद लोगों से अपील की गई कि वह संदिग्ध लोगों को घर-दुकान किराए पर ना दें।

इस्लामी और वामपंथियों ने चालू किया रोना पीटना

जब इन स्थानीय व्यापारियों ने इस घटना के बाद बाहरी व्यापारियों को अल्टीमेटम दिया तो इस्लामी कट्टरपंथी और वामपंथियों ने सोशल मीडिया पर खूब हंगामा किया। सोशल मीडिया पर हेट डिटेक्टर नाम के अकाउंट ने इस मामले को लकर मुसलमानों को पीड़ित के रूप में दिखाया।

इस हैंडल ने लिखा, ” उत्तराखंड के धारचूला में, व्यापारी संघ ने 91 दुकानदारों का पंजीकरण रद्द कर दिया, लगभग सभी मुसलमानों और स्थानीय लोगों से कहा किया जा रहा है कि वह अपनी दुकान और घर को ‘बाहरी लोगों’ को किराए पर न दें। एक मुस्लिम के एक स्थानीय लड़की के साथ भाग जाने के बाद शहर में ‘बाहरी लोगों’ को यहाँ से निकालने का अभियान जारी है। इस हैंडल ने बच्चियों के अपहरण को दर्शाया कि वह इरफ़ान के साथ खुद ही गायब हो गईं।

एक और एक्स यूजर मुकर्रम हुसैन ने लिखा, ”एक मछली पूरे तालाब को गंदा कर देती है। यह उसका एक उदाहरण है, उनका फैसला गलत है। इनको बाहर भेजने से कुछ हासिल तो नहीं होगा लेकिन इससे आपसदारी की भावना जरूर खत्म हो जाएगी।”

धारचूला मामले पर झूठ

फेक न्यूज फैलाने वाले मोहम्मद आसिफ खान ने एक्स पर लिखा, “उत्तराखंड में मुस्लिम व्यापारियों को निशाने पर लिया जा रहा है।” उसने यह बात छुपा ली कि उन्होंने इस बात को आसानी से नजरअंदाज कर दिया कि मुसलमानों को यह इलाका छोड़ने के लिए क्यों कहा गया था।

धारचूला मामले पर झूठ

एक और अकाउंट ने अपनी घृणा का प्रदर्शन करते हुए हिन्दुओं के बहिष्कार की बात की।

धारचूला मामले पर झूठ

एक और अकाउंट ने दावा किया कि यह धर्म के आधार पर प्रताड़ना है। इसने कारण नहीं बताया कि क्यों मुस्लिमों को धारचूला से बाहर जाने को कहा गया है।

धारचूला मामले पर झूठ

उत्तराखंड में सामने आ चुकी हैं कई घटनाएँ

ऐसा नहीं है कि धारचूला की घटना कोई पहला ऐसा मामला है। इससे पहले वर्ष 2023 में ही उत्तराखंड के पुरोला में ऐसा ही एक मामला सामने आया था। पुरोला में दो मुस्लिम युवकों ने एक युवती को भगा के ले जाने की कोशिश की थी। हालाँकि, इसके बाद स्थानीय लोग भड़क गए थे और बाहर के ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की गई थी।

धारचूला में ही साल 2019 में एक हिंदू युवती के साथ दुष्कर्म करके उसका वीडियो वायरल कर दिया गया था। उस दौरान स्थानीय लोगों ने इसके लिए एक मुस्लिम युवक को दोषी बताया था। हिंदू संगठनों ने इस मामले को लव जिहाद बताते हुए कड़ी कार्रवाई की माँग करते हुए प्रदर्शन भी किया था।

इसी तरह, अभी कुछ दिन पहले ही हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र में नावेद मलिक नाम के एक युवक ने अमन बनकर एक हिंदू युवती को फँसाया। इसके बाद उसे अपने घर बुलाया और उसे नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद युवती पर वह धर्म परिवर्तन का दबाव डाल रहा था। इस घटना में पहले से ही शादीशुदा नावेद की बीवी भी शामिल रही।

ED के सामने पेश होने में क्या दिक्कत है, केजरीवाल से हाई कोर्ट का सवाल: दिल्ली के CM ने कहा- दिक्कत नहीं पर हमको कुछ ‘प्रोटेक्शन’ चाहिए

दिल्ली के शराब घोटाले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा भेजे गए 9वाँ समन के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कोर्ट पहुँच गए। उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि ED ने उन्हें पूछताछ के बहाने के गिरफ्तार करना चाहती है। इसलिए उन्हें गिरफ्तारी से राहत दी जाए। इस पर दिल्ली हाई कोर्ट ने इससे राहत दिए बिना किसी निर्देश के ही एक महीने के लिए टाल दी है।

दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय ने सीएम केजरीवाल को समन भेजकर 21 मार्च 2024 को पेश होने के लिए कहा है। इससे पहले ही सीएम केजरीवाल दिल्ली हाई कोर्ट पहुँच गए। इस पर दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत और जस्टिस मनोज जैन की खंडपीठ ने बुधवार (20 मार्च 2024) को मामले की सुनवाई की।

दिल्ली हाई कोर्ट की पीठ ने सीएम केजरीवाल से पूछा कि ईडी ने उन्हें 9 समन जारी किए हैं, लेकिन वे पेश क्यों नहीं हुए। इस पर सीएम केजरीवाल की ओर पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ED के सामने पेश होने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं करने का भरोसा दिया जाए।

इस पर पीठ ने अभिषेक मनु सिंघवी से पूछा कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा सामान्य प्रथा क्या है और क्या यह पहले समन के दौरान ही लोगों को गिरफ्तार कर लेती है। इस पर सीएम केजरीवाल के वकील सिंघवी ने कहा कि यह नई शैली है और आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया और सांसद संजय सिंह को भी एजेंसी ने इसी तरह गिरफ्तार किया था।

इस पर खंडपीठ ने प्रवर्तन निदेशालय से जवाब माँगा। इस याचिका का विरोध करते हुए ईडी ने कहा कि याचिका सुनवाई के योग्य नहीं है। हालाँकि, केंद्रीय एजेंसी ने इस पर जवाब दाखिल करने की बात कही। इसके बाद कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल 2024 को करने की कही। इस दौरान ईडी के समन और सीएम केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर कोई निर्देश नहीं दिया।

याचिका में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दलील दी कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा भेजे गए सारे समन गैरकानूनी हैं और निचली अदालत की ओर से उनके खिलाफ नोटिस जारी किए जाने के बावजूद ईडी व सीबीआई उन्हें बार-बार समन जारी कर रही है। उन्होंने दावा किया है कि यह समन सिर्फ राजनीतिक मकसद से जारी किए गए हैं।

वहीं, दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, “आज दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को कोर्ट से राहत नहीं मिली। केजरीवाल खुद ED के समन को अवैध बताते थे और खुद ही कोर्ट गए थे। कोर्ट ने आज उन्हें आईना दिखा दिया कि आप कानून से बड़े नहीं हैं। आपको जाँच एजेंसी का समाना करना पड़ेगा। मैं अरविंद केजरीवाल और AAP के सभी नेताओं से कहता हूँ कि झूठी बहानेबाजी छोड़िए और जाँच का सामना कीजिए और कोर्ट में पेश हो जाइए।”