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लोकसभा चुनाव से पहले कॉन्ग्रेस को पंजाब में झटका, BJP में शामिल हुईं कैप्टन अमरिंदर सिंह की MP पत्नी परनीत कौर: AAP ने 8 सीटों पर कैंडिडेट किए फाइनल

पंजाब की पटियाला लोकसभा सीट से कॉन्ग्रेस सांसद परनीत कौर ने आज (14 मार्च, 2024) को भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। परनीत ने इससे पहले कॉन्ग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा दिया था। वह पटियाला से चार बार सांसद रह चुकी हैं।

परनीत कौर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह इससे पहले ही भाजपा में शामिल हो चुके हैं। परनीत 2009 से 2014 के बीच देश की विदेश राज्य मंत्री भी रहा चुकी हैं। उन्हें पंजाब और केंद्र के शीर्ष नेताओं ने आज भाजपा की सदस्यता दिलाई।

परनीत के भाजपा में शामिल होने के समय पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़, भाजपा महासचिव विनोद तावड़े और अरुण सिंह समेत तमाम नेता मौजूद रहे। कहा जा रहा है कि भाजपा उन्हें पटियाला से टिकट देकर कॉन्ग्रेस और आम आदमी पार्टी को सीधी टक्कर देगी।

परनीत कौर ने भाजपा की सदस्यता लेते हुए कहा, “मैं पीएम मोदी के नेतृत्व में अपनी लोकसभा, अपने राज्य और देश के लिए काम करूँगी। कॉन्ग्रेस के साथ मेरी पारी अच्छी रही और मुझे उम्मीद है कि भाजपा के साथ भी मेरी पारी अच्छी ही रहेगी।”

परनीत पहली बार 1999 में सांसद बनी थीं। इसके बाद वह 2004 और 2009 में भी सांसद बनीं। 2014 के चुनाव में वह आम आदमी पार्टी के धर्मवीर गाँधी से हार गईं थीं। हालाँकि, 2019 में वह वापस कॉन्ग्रेस के टिकट पर जीतने में सफल रहीं थी।

हालाँकि, अभी स्पष्ट नहीं है कि परनीत कौर 2024 लोकसभा चुनाव लड़ेंगी या नहीं। उन्होंने कहा है कि यह पार्टी तय करेगी। इस बात की भी चर्चाएँ हैं कि इस बार पटियाला से उनकी बेटी जय इन्दर कौर को उतारा जा सकता है। वह पहले ही भाजपा में आ चुकी हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में पंजाब में कई बड़े नेता कॉन्ग्रेस छोड़ चुके हैं। वर्तमान भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ भी पहले कॉन्ग्रेस में ही थे। परनीत के भाजपा में आने पर विनोद तावड़े ने कहा कि यह पीएम मोदी की नीतियों का बढ़ता समर्थन है।

AAP ने जारी की लोकसभा उम्मीदवारों की सूची

आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी पंजाब के आठ लोकसभा उम्मीदवारों की अपनी सूची जारी कर दी है। पार्टी ने राज्य की भगवंत मान की सरकार के पाँच मंत्रियों को भी लोकसभा टिकट दिया है। AAP ने कैबिनेट मंत्री कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल को अमृतसर, लालजीत सिंह भुल्लर को खडूर साहिब, गुरुमीत सिंह खुडियाँ को बठिंडा, गुरुमीत सिंह मीत हैयर को संगरूर से और बलबीर सिंह को पटियाला से टिकट दिया है। जालन्धर सीट पर सांसद सुशील रिंकू का टिकट जारी रखा गया है।

इसके अलावा, फतेहगढ़ साहिब से गुरप्रीत सिंह जीपी और अभिनेता करमजीत अनमोल को फरीदकोट से टिकट दिया है। पंजाब में आम आदमी पार्टी का मुकाबला कॉन्ग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल से है। हालाँकि आम आदमी पार्टी इंडी गठबंधन का हिस्सा है, लेकिन राज्य में कॉन्ग्रेस और AAP अलग-अलग लड़ रहे हैं।

हनुमान चालीसा को लाउडस्पीकर पर सुन बिदकी मुस्लिम भीड़, मंदिर में जाकर की तोड़फोड़: गुजरात के वडोदरा में केस दर्ज, 3 गिरफ्तार

गुजरात के वडोदरा के अजवा रोड स्थित एकतानगर में हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच झड़प का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि वहाँ एक हनुमान मंदिर में लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा चल रही थी, जिसे सुन मुस्लिम भीड़ विरोध करने आ गई और फिर देखते ही देखते वहाँ पथराव होने लगा। फिलहाल इस पत्थरबाजी के मामले में केस दर्ज है और आगे की जाँच की जा रही है। अब तक 3 लोग गिरफ्तार हुए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार (13 मार्च 2024) शाम करीब साढ़े सात बजे अजवा रोड पर एकतानगर स्थित मंदिर पर रोज की तरह हनुमान चालीसा बज रही थी। इसी बीच मुस्लिमों की भीड़ वहाँ पहुँची। पहले दोनों पक्षों के बीच बहस हुई, फिर मारपीट हुई और बाद में पथराव होने लगा। इस दौरान वहाँ 25 से 30 लोग जुटे। स्थानीय हिंदुओं का कहना है कि हनुमान चालीसा को बंद कराने के लिए मुस्लिम भीड़ ने सारा हंगामा किया तो वहीं पुलिस का कहना है कि हंगामा आवाज बंद कराने को लेकर हुआ था।

दिव्य भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे पहले मंदिर में हरीश सारनिया और दीपक सारनिया नाम के दो युवक मौजूद थे। उनके पास पहले राहिल शेख और अन्य मुस्लिम समुदाय के लोग आए और उनसे भिड़ने लगे। इसके बाद मारपीट हुई और फिर पथराव होने लगा। मुस्लिम भीड़ ने इस दौरान मंदिर में उपद्रव किया और वहाँ लगे लाउडस्पीकर भी तोड़ दिए। मारपीट में दीपक, हरीश और राहिल घायल हो गए जिन्हें बाद में अस्पताल ले जाया गया। वहीं, सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित किया। देर रात पुलिस तक पुलिस इलाके में मौजूद रही।

FIR दर्ज, 3 आरोपित गिरफ्तार

इस मामले में अब तक 5 मुस्लिम और 2 हिंदू युवकों के खिलाफ बापोड थाने में एफआईआर की गई है। आरोपितों में राहिल शेख, आसिफ शेख, सेजान अंसारी, हुसैन लतीफ, दीपक और हरीश सरानिया का नाम शामिल है।

घटना के संबंध में वडोदरा के संयुक्त पुलिस आयुक्त मनोज निनामा ने कहा, “एकता नगर एक हिंदू-मुस्लिम आबादी वाला क्षेत्र है। यहाँ माइक बजाने को लेकर पहले बहस हुई और फिर वह बहस मारपीट में बदल गई। इस संबंध में बापोड़ थाने में कार्रवाई चल रही है। तीनों घायलों का इलाज हो रहा है, उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं है और उनकी हालत में भी सुधार है। घायलों में 2 हिंदू और 1 मुस्लिम है। इलाके में अब शांति है।”

उन्होंने बताया कि वो मामले की जाँच वीडियो फुटेज,गवाहों और विभिन्न स्थानों पर मौजूद अन्य सबूतों के आधार पर कर रहे हैं। प्रारंभिक चरण की जाँच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी और जिन लोगों ने भी आम जन जीवन को प्रभावित किया है उन आसामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि बाकी की तलाश अभी जारी है।

यूपी में 77, बिहार में 38, दिल्ली-राजस्थान में क्लीन स्वीप: ‘News 18’ और ABP-C वोटर के ओपिनियन पोल कह रहे – मोदी के टक्कर में कोई नहीं, देखें आँकड़े

2024 लोकसभा चुनाव के लिए तारीखों के ऐलान से पहले ABP न्यूज़ ने C वोटर के साथ मिल कर ओपिनियन पोल किया है। वहीं News18 ने भी अपने मेगा ओपिनियन पोल के आँकड़े जारी किए हैं। दोनों इस बात पर मुहर लगाते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए केंद्र की सत्ता में लौट रही है। न्यूज़18 के सर्वे में भाजपा के 85% वोटरों ने कहा है कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वोट देंगे, भले ही उनके लोकसभा क्षेत्र में भाजपा का कोई भी उम्मीदवार हो।

80% लोगों ने कहा कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों से बहुत संतुष्ट हैं। इस सर्वे के मुताबिक, बिहार की 40 सीटों में से 38 पर NDA का झंडा लहराएगा, जबकि I.N.D.I. गठबंधन के हिस्से में मात्र 2 सीटें जाएँगी। इसमें बताया गया है कि एक बार फिर से दिल्ली की सातों लोकसभा सीटें भाजपा के खाते में जाएँगी। NDA को 58% वोट शेयर मिलने का अनुमान जताया गया है, जबकि विपक्षी गठबंधन को 39% वोटों से संतोष करना पड़ेगा।

न्यूज़ ने जिन 242 सीटों के लिए आँकड़े जारी किए हैं, उनमें से 174 सीटें भाजपा गठबंधन जीतती दिख रही है, जबकि I.N.D.I. गठबंधन के हिस्से में 61 सीटें जा रही हैं। मध्य प्रदेश में 29 में से 28 सीटें भाजपा जीत सकती है। केरल में भी NDA को 2 सीटें मिलेंगी। 73% लोगों ने पीएम मोदी को ईमानदार बताया है। 69% ने उन्हें मेहनती करार दिया। हिमाचल प्रदेश की चारों सीटें भाजपा जीतती हुई दिख रही है। इस ओपिनियन पोल के मुताबिक, भाजपा गठबंधन यूपी की 80 में से 77 सीटें अपने नाम करेगा।

वहीं ABP-C वोटर सर्वे की बात करें तो NDA को यूपी में NDA को 74 सीटें मिल सकती हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने यूपी में 62 सीटें अपने नाम की थी। इस बार कॉन्ग्रेस-सपा का गठबंधन है। असम में भाजपा गठबंधन को एक दर्जन सीटें मिलेंगी, जबकि कॉन्ग्रेस को सिर्फ एक से संतोष करना पड़ेगा। कर्नाटक में भाजपा को 25 और कॉन्ग्रेस गठबंधन को 5 सीटें दी गई हैं। अरुणाचल प्रदेश की दोनों सीटें भाजपा के पास जा रही हैं। वहीं राजस्थान में भी भाजपा क्लीन स्वीप करेगी।

मर्दाना ससुर, हवस, रंगीन कहानियाँ, रसीली… मोदी सरकार ने बैन किए पोर्न-अश्लील सामग्री परोसने वाले 18 OTT प्लेटफॉर्म, टीचर-छात्र रिश्तों में दिखाते थे सेक्स

केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 18 ओवर द टॉप (OTT) प्लेटफॉर्म को बंद कर दिया है, यह प्लेटफॉर्म वीडियो माध्यम से लोगों को अश्लील सामग्री परोस रहे थे। इनमें से कुछ पोर्न तक परोस रहे थे। मंत्रालय ने इन्हें बंद करते हुए इनके सोशल मीडिया पेज भी बंद कर दिए हैं।

एक प्रेस रिलीज में दी गई जानकारी के अनुसार, “सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने अश्लील, फूहड़ और पोर्न सामग्री प्रकाशित करने वाले 18 OTT प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करने की कार्रवाई की है। 19 वेबसाइट, 10 एप (गूगल प्ले स्टोर पर 7, एप्पल एप स्टोर पर 3) और इन प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े 57 सोशल मीडिया अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया है।”

जिन OTT प्लेटफॉर्म को यह अश्लील सामग्री परोसने के लिए बंद किया गया है, उनके नाम ड्रीम्स फिल्म्स, वूवी, येस्मा, अनकट अड्डा, ट्राई फ्लिक्स, एक्स प्राइम, नियॉन एक्स वीआईपी, बेशरम, शिकारी, खरगोश, एक्स्ट्रामूड, न्यूफ़्लिक्स, मूडएक्स, मोजफ्लिक्स, हॉट शॉट्स वीआईपी, फुगी, चिकूफ़्लिक्स और प्राइम प्ले हैं।

मंत्रालय ने बताया है कि इन प्लेटफॉर्म पर परोसे जा रहे वीडियो काफी फूहड़ थे। इनमें महिलाओं को काफी अपमानजनक तरीके से दिखाया जाता था। साथ ही इन प्लेटफॉर्म पर शिक्षक-छात्र और एक ही परिवार के महिला-पुरुषों के बीच यौन सम्बन्ध को दिखाया जाता था। इनमें बड़े स्तर पर यौन संबंधों को दिखाया जाता था जिससे सिनेमा आदि का कोई सम्बन्ध नहीं है।

मंत्रालय ने बताया है कि इनमें से एक प्लेटफॉर्म को 1 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया गया था। दो अन्य प्लेटफॉर्म को 50 लाख बार डाउनलोड किया गया था। यह सभी प्लेटफॉर्म सोशल मीडिया से अपनी अश्लील सामग्री का प्रचार करते थे। इन्हें सोशल मीडिया पर 32 लाख लोगों ने फॉलो कर रखा था।

इनके फेसबुक पर 12, इन्स्टाग्राम पर 17 , ट्विटर पर 16 और यूट्यूब पर 12 पेज और चैनल थे। यह इसी के माध्यम से अश्लील सामग्री परोस रहे थे। अब इन पर सूचना और प्रसारण मंत्रालय का हथौड़ा चल गया है। इन्हें एक झटके में बंद कर दिया गया है।

गौरतलब है कि भारत में बीते 8-9 वर्षों में इन्टरनेट का तेजी से प्रसार हुआ है। इसी इन्टरनेट के माध्यम से लोग अब टीवी की जगह ऑनलाइन माध्यमों पर वीडियो आदि देख रहे हैं। अश्लील सामग्री बनाने वालों ने इसका फायदा उठा कर अपनी फूहड़ वीडियो यहाँ बेचनी चालू कर दी है। पोर्न या अन्य अश्लील सामग्री को भारत में बेचना भारतीय दंड संहिता की धारा 292 के तहत अपराध है। साथ ही डिजिटल तरीके से यह करना आईटी एक्ट का भी उल्लंघन है।

TMC करती रही राजनीति, मोदी सरकार ने 5 साल में बंगाल को दिए ₹5.36 लाख करोड़: किसान-उद्यमी-छात्र… सबके लिए खोला खजाना, आँकड़ों से समझें राज्य को क्या-क्या मिला

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अक्सर आरोप लगाती रही हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने राज्य के लिए कुछ नहीं किया है। जबकि सच्चाई ये है कि बंगाल में कई सरकारी योजनाओं मर घोटाले पर घोटाले सामने आए तो कइयों को लागू तक नहीं दिया गया। ‘आयुष्मान भारत’ जैसी योजना को रोक कर रखा गया। जबकि केंद्र सरकार लगातार पश्चिम बंगाल के लिए फंड्स जारी करती रही, वहाँ के आमजनों के लिए योजनाएँ बनाती रहीं।

पिछले 5 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के लिए 5.36 लाख करोड़ रुपए जारी किए हैं। साथ ही राज्य के आमजनों को 80,000 करोड़ रुपए की फ़ूड सब्सिडी और 30,000 करोड़ रुपए की फर्टिलाइजर सब्सिडी योजना का लाभ भी दिया गया है। पश्चिम बंगाल में ग्रामीण विकास के लिए 93,171 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। पिछले 10 वर्षों की बात करें तो इनमें से 6 साल ऐसे रहे हैं जब पश्चिम बंगाल को ग्रामीण विकास में सबसे ज्यादा पैसे मिले।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत राज्य को 2151 करोड़ रुपए दिए गए। वहीं शहरी विकास के लिए 13,469 करोड़ रुपए आवंटित किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत राज्य के 4,89,959 गरीब परिवारों को घर मिला। PM गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राज्य के 6 करोड़ लोगों को राशन दिया जा रहा है। जहाँ 2013-14 में ग्रामीण विकास के लिए 2895 करोड़ रुपए दिए गए थे, अगले ही साल 2014-15 में ये आँकड़ा 170% बढ़ कर 7829 करोड़ रुपए हो गया।

पश्चिम बंगाल के जनजातीय समाज के उत्थान लिए पिछले 6 वर्षों में 834 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। जनजातीय समाज के छात्रों को 231 करोड़ रुपए से भी अधिक के स्कॉलरशिप दिए जा चुके हैं। पश्चिम बंगाल में आज की तारीख़ में 4026 पंजीकृत स्टार्टअप हैं। इनमें से 51% का नेतृत्व महिलाएँ कर रही हैं। PMKVY और JSS के तहत 6.74 लाख को स्किल ट्रेनिंग दी गई है। PM-युवा पायलट प्रोजेक्ट के तहत 6955 लाभार्थियों को प्रशिक्षित किया गया।

‘संकल्प’ के तहत 400 को ट्रेनिंग मिली। ‘जन शिक्षण संस्थान’ के तहत 56 को प्रशिक्षण मिला। पिछले 6 वर्षों में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में पश्चिम बंगाल को 5744 करोड़ रुपए दिए गए हैं। ‘मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और ‘पोषण 2.0’ के तहत 5239 करोड़ रुपए का फंड दिया गया। ‘मिशन वात्सल्य’ के तहत पश्चिम बंगाल को 171 करोड़ रुपए मिले। ‘मिशन शक्ति’ के लिए 334 करोड़ रुपए और ‘जल जीवन मिशन’ के लिए 6 वर्षों में 19,595 करोड़ रुपए जारी हुए।

इसी तरह, मोदी सरकार ने पश्चिम बंगाल में ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ के तहत 14 लाख से भी अधिक बच्चियों के बैंक खाते खोले। सड़कें बनाने के लिए 15,675 करोड़ रुपए जारी किए गए। रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 19,483 करोड़ रुपए, पोर्ट्स, जलमार्ग और सागरमाला के लिए 16,300 करोड़ रुपए और डिफेंस में पब्लिक सेक्टर के लिए 24,000 करोड़ रुपए मिले। हल्दिया में मल्टीमॉडल टर्मिनल पूरा हुआ। 2009-14 में यूपीए-2 के काल में जहाँ पश्चिम बंगाल को रेलवे के लिए 4380 करोड़ रुपए का बजट दिया गया था, जो अगले 5 वर्षों में मोदी सरकार में 173% बढ़ कर 11,970 करोड़ रुपए हो गया।

इसी तरह, मोदी सरकार ने ‘समग्र शिक्षा’ के लिए पश्चिम बंगाल को 6049 करोड़ रुपए और ‘पीएम पोषण शक्ति निर्माण’ के लिए 9674 करोड़ रुपए मिले। 69 लाख दलित छात्रों को स्कॉलरशिप दी गई। कृषि संस्थानों को पिछले 5 वर्षों में 1916 करोड़ रुपए दिए गए। ऐतिहासिक स्थलों के जीर्णोद्धार को लेकर भी मोदी सरकार सजग रही। बेलूर मठ पर 30.3 करोड़ रुपए खर्च किए गए। शांतिनिकेतन को UNSECO ने वर्ल्ड हेरिटेज घोषित किया।

विश्वभारती परिसर में 24 स्थलों के विकास पर 3 करोड़ रुपए खर्च किए गए। UNESCO ने अपनी ‘इंटैन्जिबल कल्चरल हेरिटेज लिस्ट ऑफ ह्यूमानिटी’ में 2021 में दुर्गा पूजा को शामिल किया, जो मोदी सरकार के प्रयासों से ही संभव हुआ। ‘स्वदेश दर्शन’ के तहत तटीय इलाकों के विकास के लिए 65 करोड़ रुपए आवंटित किए गए। पिछले 5 वर्षों में खाद सब्सिडी पर पश्चिम बंगाल में मोदी सरकार ने 30,000 करोड़ रुपए खर्च किए। वहीं 20 लाख ‘किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)’ जारी किए गए जिनकी लिमिट 10.972 करोड़ रुपए थी।

‘प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY)’ के तहत 230 करोड़ रुपए का अनुदान जारी किया गया, जिसका फायदा 1.62 लाख किसान लाभार्थियों को मिला। पिछले 6 वर्षों में पशुपालन के क्षेत्र में मोदी सरकार ने पश्चिम बंगाल में 283 करोड़ रुपए खर्च किए। मत्स्य पालन के लिए 78 करोड़ रुपए दिए गए। ‘PM जन धन योजना’ के तहत पश्चिम बंगाल में 5.07 करोड़ बैंक खाते खुले। ‘PM सुरक्षा बीमा योजना’ के तहत पौने 3 करोड़ लोगों को दुर्घटना पर इन्सुरेंस का कवर मिला।

1 करोड़ लोगों को ‘PM जीवन ज्योति बीमा योजना’ के तहत पंजीकृत किया गया। ‘अटल पेंशन योजना’ के लाभार्थियों की संख्या 48 लाख है। ‘PM स्वनिधि’ के तहत के तहत 1.79 लाख लाभार्थियों को 195 करोड़ रुपए जारी किए गए। ‘PM मुद्रा योजना’ के तहत 2.37 लाख करोड़ की भारी-भड़कम रकम जारी की गई। पश्चिम बंगाल को स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 12,000 करोड़ रुपए दिए गए। 3.24 लाख लोगों का ‘आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (AHBA)’ बनाया गया।

आयुर्वेद के क्षेत्र को राज्य में 129 करोड़ रुपए की मदद दी गई। उच्च-गुणवत्ता वाले दवाओं को सस्ते दाम पर उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य में 359 जन-औषधि केंद्र चल रहे हैं। पिछले 5 वर्षों में दार्जीलिंग, नॉर्थ 24 परगना और पश्चिमी मेदिनीपुर में 3 ESIC अस्पतालों का निर्माण किया गया। ‘उद्यम’ पोर्टल पर 32 लाख माध्यम उद्योग पंजीकृत हुए। इनमें से 65.16% महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे हैं। ‘क्रेडिट गारंटी स्कीम’ के तहत 23,126 करोड़ रुपए की 2,45,118 गारंटियाँ जारी की गईं।

PMEGP (प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम) के तहत 12,787 यूनिट्स को 56.57 करोड़ रुपए जारी किए गए। इनसे 1,02,296 लोगों को रोजगार मिलता है। ‘PM विश्वकर्मा’ के लिए 7,35,664 आवेदन मिले, जिनमें से 2,12,530 महिलाएँ हैं। ‘श्रुति’ (ट्रेडिशनल इंडस्ट्रीज के लिए) के तहत 45.45 करोड़ की केंद्रीय सहायता से क्लस्टर को अनुमति दी गई। ESDP (उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम) के तहत 558 कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमें 25,984 लोगों को प्रशिक्षण मिला।

पश्चिम बंगाल समुद्र किनारे बसा राज्य है, ऐसे में समुद्री विकास को भी मोदी सरकार प्राथमिकता दे रही है। SMPA ने पिछले एक दशक में 1508.64 करोड़ रुपए की 29 परियोजनाएँ पूरी की हैं। अभी 5545.11 करोड़ रुपए के 39 प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। जलमार्ग विकास प्रोजेक्ट (JMVP) के तहत हल्दिया से वाराणसी तक 1390 किलोमीटर का वाटरवे-1 बनाया जा रहा है। शयामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह की क्षमता 2014-15 में 70.85 MPT थी जो 2022-23 में बढ़ कर 99.77 MPT हो गई।

फरक्का में नया नेविगेशनल लॉक गेट 374.57 करोड़ रुपए की लागत से पूरा किया गया है। भारत का मैया पोर्ट और बांग्लादेश के सुल्तानगंज पोर्ट के बीच वेसल्स का ट्रायल मूवमेंट चलाया जा रहा है। गुरु-शिष्य परंपरा के विकास के लिए 58.10 करोड़ रुपए जारी किए गए। सांस्कृतिक संगठनों को 34.10 करोड़ रुपए दिए गए। कल्चर ऑफ साइंस को बढ़ावा देने के लिए 15.62 करोड़ रुपए जारी किए गए। राजा राममोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन को 5.04 करोड़ रुपए मोदी सरकार ने दिए। सांस्कृतिक क्षेत्र में छात्रों को 3.09 करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप मिली। बैरकपुर स्थित गाँधी स्मारक संग्रहालय को आधुनिक बनाने 16.32 लाख रुपए दिए गए।

साकी-आलम-जुल्फिकार ने लूटी साड़ी की दुकान, पैसों से खरीदा बम बनाने का सामान: ISIS के पुणे मॉड्यूल पर NIA-ATS का खुलासा

ISIS के पुणे मॉड्यूल मामले में एक नया खुलासा हुआ है। पता चला है कि इस मॉड्यूल के तीन सदस्यों ने सतारा जिले में पिछले वर्ष एक साड़ी की दुकान में लूट की घटना को अंजाम दिया था। इस लूट से मिले पैसे इकट्ठा करके वह बम बना रहे थे।

NIA और ATS की जाँच में खुलासा हुआ है कि ISIS के पुणे मॉड्यूल से जुड़े तीन आरोपितों साकी, आलम और जुल्फिकार अली बड़ोदावाला ने अप्रैल 2023 में सतारा में एक साड़ी दुकान में लूट की थी। उन्होंने दुकान मालिक अशोक कुमार पर बन्दूक तान कर यहाँ से ₹1 लाख लूट लिए थे।

इस पैसे का उपयोग आतंक की फंडिंग में किया गया था। इससे बम बनाने के लिए सामान खरीदा गया था। इन तीनों आतंकियों ने ही इस पूरी घटना को अंजाम दिया था। इनको हाल ही में एक कोर्ट में पेश किया गया था, जहाँ महाराष्ट्र ATS ने मामले में आगे की जाँच के लिए इनकी रिमांड माँगी।

महाराष्ट्र ATS इनसे पूछताछ करके बम के सम्बन्ध में और जानकारी इकट्ठा करना चाहती है। वह इस घटना में प्रयुक्त बाइक और बन्दूक का पता भी लगाना चाहती है। उसने कोर्ट से इन तीनों की 14 दिन की रिमांड मांगी है। महाराष्ट्र ATS ने कोर्ट के सामने एक रिपोर्ट भी रखी है।

ATS का पक्ष सुन कर कोर्ट ने इन तीनों की 7 दिन की रिमांड पुलिस को दी है। गौरतलब है कि ISIS के पुणे मॉड्यूल का मामला पिछले वर्ष खुलना चालू हुआ था। पहले इस मामले की जाँच महाराष्ट्र ATS और फिर NIA ने करना चालू कर दी थी।

इस चोरी में शामिल जुल्फिकार बड़ोदावाला युवाओं को आतंकी बनाने की ट्रेनिंग देता था। NIA की चार्जशीट में सामने आया था कि पडघा गाँव निवासी जुल्फिकार अली बड़ौदावाला और पुणे निवासी जुबैर शेख ने साल 2015 में युवाओं को कट्टरपंथी बनाना शुरू कर दिया था। इसके लिए व्हाट्सऐप पर ग्रुप बनाकर आईएसआईएस के समर्थन में पोस्ट किए जाते थे।

एनआईए ने एक गवाह के हवाले से विस्तार में इसकी जानकारी दी थी कि कैसे वह 2011-2012 में जुबैर शेख के संपर्क में आया था, जिसे एनआईए ने एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया है। एक गवाह ने कहा है कि साल 2014 में शेख ने उसे ‘यूनिटी इन मुस्लिम उम्मा’ और ‘उम्मा न्यूज’ नाम के व्हाट्सऐप ग्रुपों में जोड़ा था।

मिडडे की रिपोर्ट के मुताबिक, गवाह ने अपने बयान में कहा था, “हमारी शुरुआती मुलाकातों में हमारी दोस्ताना और कैजुअल बातचीत हुई। हालाँकि, धीरे-धीरे जुल्फिकार उर्फ ​​लालाभाई, सिमाब काजी और तल्हा खान ने शिर्क, खलीफा, जिहाद, इस्लामिक स्टेट ऑफ सीरिया एंड इराक (ISIS) आदि विषयों पर चर्चा शुरू कर दी।”

आगे उसने बताया, “कई बार उन्होंने मेरे सहित अन्य सदस्यों को भी आईएसआईएस में भर्ती करने की कोशिश की। यही नहीं, गैर-मुस्लिमों को मारने के बारे में भी इन ग्रुपों पर चर्चा होती थी। इसमें आईएसआईएस के आतंकी कहते थे कि हमें काफिरों को मारना है और इसके लिए हमारे पास सारी चीजें हैं। सही समय आएगा तब तुम्हें सब बता देंगे।”

क्या था पुणे मॉड्यूल?

दरअसल, पुलिस ने जुलाई 2023 में चोरी की बाइक के साथ 2 लोगों को पकड़ा था। शुरुआत में पुलिस ने इसमें शामिल लोगों को वाहन चोर समझा, पर जाँच में उनके ISIS नेटवर्क से जुड़े होने की बात सामने आई। इसके बाद इस साल अगस्त माह में पुणे के कोंढवा स्थित एक घर में दबिश डाली। 

दबिश के दौरान बम बनाने और ब्लास्ट करने की ट्रेनिंग लेते हुए 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 3 अन्य संदिग्ध फरार हो गए थे। फरार होने वालों के नाम रिज़वान अब्दुल हाजी, अब्दुल्लाह फ़ैयाज़ शेख और तलहा लियाकत खान है। इन तीनों के साथ आतंकी शाहनवाज पर भी 3-3 लाख रुपए का इनाम रखा गया था। इसके बाद शाहनवाज को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एनआईए के साथ मिलकर गिरफ्तार किया था।

NIA ने इस मामले में नवम्बर 2023 में एक चार्जशीट भी दायर की थी। NIA की चार्जशीट में पुणे ISIS मॉड्यूल के सात सदस्यों की जानकारी दी गई थी। इसमें बताया गया था कि इस आतंकवादी संगठन के सदस्य गैर-मुस्लिमों पर हमले की योजना बना रहे थे। ये लगातार विभिन्न तरीकों से गैर-मुस्लिमों को जान से मारने पर चर्चा कर रहे थे। इनका लक्ष्य मुस्लिम युवाओं को शिक्षा देकर देश में शरिया कानून स्थापित करना था।

चार्जशीट में यह भी बताया गया था कि इन आतंकियों ने मुस्लिमों के बीच यह धारणा बनाने की कोशिश की कि इस्लाम में लोकतंत्र ‘हराम’ है और केवल आईएसआईएस ही शरिया का पालन करता है। इसके अलावा उन्होंने सभी मुस्लिमों से आईएस का समर्थन करने का आह्वान किया था। चार्जशीट में गवाहों के दर्ज बयान के आधार पर कहा गया था कि ये वॉट्सऐप पर कट्टरपंथी ग्रुप से जोड़े गए थे, जिसमें मुस्लिमों पर अत्याचार की कहानियाँ बताकर उन्हें गैर-मुस्लिमों के खिलाफ भड़काया जा रहा था।

इसी मामले में साकिब नाचान नाम के आतंकी को भी गिरफ्तार किया गया था। साकिब ने अपने मुंबई बोरीवली स्थित घर को आतंकवाद की ट्रेनिंग के लिए एक सेंटर पॉइंट के तौर पर प्रयोग किया था। नाचन जुल्फिकार अली बड़ोदावाला, मोहम्मद इमरान खान, मोहम्मद यूनुस साकी, सिमाब नसीरुद्दीन काजी और अब्दुल कादिर पठान और कुछ अन्य संदिग्धों के साथ मिल कर ISIS मॉड्यूल खड़ा कर रहा था। इस गैंग में इमरान खान और मोहम्मद यूनुस साकी ‘अल सूफा आतंकवादी संगठन के सदस्य थे, जो फरार चल रहे थे।

2029 में साथ हो लोकसभा+विधानसभा चुनाव… ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पर कोविंद के नेतृत्व वाली 8 सदस्यीय कमेटी ने सौंपी 18626 पन्नों की रिपोर्ट

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर चर्चा शुरू हो गई है। इस संबंध में आज (14 मार्च 2024) भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति (हाई लेवल कमेटी) ने वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ गृहमंत्री अमित शाह भी थे।

रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में समिति द्वारा तैयार की गई यह रिपोर्ट कुल 18626 पन्नों की है। इस रिपोर्ट को हितधारकों, विशेषज्ञों के साथ व्यापक विचार-विमर्श, परामर्श के बाद तैयार किया गया है। इस रिपोर्ट के लिए कमेटी ने 191 दिनों तक लगातार काम किया उसके बाद ही इसे राष्ट्रपति को सौंपा गया।

इस रिपोर्ट में सुझाव दिए गए हैं कि सभी राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल अगले लोकसभा चुनाव यानी 2029 तक खत्म होने वाले समय के लिए किया जा सकता है। इसके बाद पहले फेज में लोकसभा-विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं, उसके बाद दूसरे फेज में 100 दिनों के भीतर लोकल बॉडी के इलेक्शन कराए जा सकते हैं।

रिपोर्ट में यह सिफारिश भी की गई कि पूरे देश में एक इलेक्शन कराने के लिए चुनाव आयोग, लोकसभा, विधानसभा, स्थानीय निकाय चुनावों को राज्य चुनाव अधिकारियों के परामर्श से सिंगल वोटर लिस्ट और वोटर आई कार्ड तैयार करना होगा। इस रिपोर्ट में एक साथ चुनाव कराने के लिए उपकरणों, जनशक्ति और सुरक्षा बलों की एडवांस प्लानिंग की सिफारिश भी है।

बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति कोविंद की अध्यक्षता में ये कमेटी 2 सितंबर को बनी थी। इसमें गृहमंत्री अमित शाह और पूर्व सांसद गुलाम नबी आजाद समेत 8 मेंबर थे। वहीं केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को कमेटी का कमेटी का स्पेशल मेंबर बनाया गया था। 23 सितंबर 2023 को पहली बैठक दिल्ली के जोधपुर ऑफिसर्स हॉस्टल में वन नेशन वन इलेक्शन कमेटी की पहली बैठक हुई थी और 14 मार्च को इसे राष्ट्रपति को सौंपा गया था।

इस रिपोर्ट में निर्वाचन आयोग, विधि आयोग और कानूनी विशेषज्ञों की राय भी शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक साथ चुनाव कराना जनहित में होगा। इससे आर्थिक विकास तेज होगा और महंगाई नियंत्रित होगी। अब आगे इस रिपोर्ट को लोकसभा चुनाव के बाद कैबिनेट के आगे रखा जाएगा। फिर कैबिनेट के फैसले के हिसाब से संविधान में नए खंड जोड़े जाएँगे ताकि चुनाव एक साथ हो सकें।

रामलीला मैदान में 10000 किसानों का जमावड़ा: MSP और ₹600 की दिहाड़ी की माँग, ट्रैक्टर-हथियार न लाने की शर्त पर मिली थी अनुमति

दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बार फिर से किसानों का जमावड़ा हुआ है। ‘किसान मजदूर महापंचायत’ में 10,000 से भी अधिक किसान पहुँचे। इनमें सिख किसानों का बोलबाला रहा और महिलाएँ भी शामिल हैं। ‘मोदी सरकार मुर्दाबाद’ के नारे लगाए गए। बहादुरगढ़ के रास्ते टिकरी बॉर्डर होते हुए हुए ये किसान दिल्ली पहुँचे और गुरुवार (13 मार्च, 2024) को ये विरोध प्रदर्शन किया। टिकरी बॉर्डर पर दिल्ली या हरियाणा की पुलिस ने इन्हें नहीं रोका। हालाँकि, आंदोलन की सूचना को लेकर जवान अलर्ट पर थे।

इनमें अधिकतर किसान BKU (उग्राहा) संगठन के थे। न सिर्फ 250 से अधिक वाहनों, बल्कि ट्रेन और बसों के माध्यम से भी कई किसान दिल्ली पहुँचे। टिकरी बॉर्डर पर इसे देखते हुए अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी तैनात किया गया था, लेकिन किसानों के साथ कोई रोकटोक नहीं की गई। आंदोलन में न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, बिजली बिल संशोधन की वापसी, लेबर कोड रद्द किए जाने, किसानों पर लगे मुकदमे खारिज करवाने, मनरेगा के काम 200 दिन मिलने और 600 रुपए प्रतिदिन दिहाड़ी किए जाने की माँग की गई

‘पगड़ी संभाल जट्टा संघर्ष समिति’ के कई सदस्य तो एक सप्ताह पहले से ही दिल्ली पहुँचे हुए थे। अग्रोहा से निकलने के बाद लांधड़ी टोल प्लाजा पर उन्हें रोक लिया गया था, लेकिन उनमें से कई दिल्ली पहुँचने में कामयाब रहे। जहाँ रोका गया, वहाँ भी किसानों ने मोर्चा जमा दिया था। बताया जा रहा है कि इस आंदोलन में 400 संगठन शामिल हैं। ये महापंचायत 1 दिन की ही है। पुलिस और MCD ने उन्हें इस शर्त पर अनुमति दी कि वो ट्रैक्टर लेकर नहीं आएँगे और उनके पास कोई हथियार भी नहीं होगा।

‘संयुक्त किसान मोर्चा’ के बैनर तले आगे की आंदोलन की रूपरेखा भी तय की जा रही है। पंजाब में शंभू बॉर्डर पर भी आंदोलन अब तक जारी है। SKM का कहना है कि उस आंदोलन में उसके किसान शामिल नहीं हैं। पिछले किसान आंदोलन में दर्ज केस वापस लिए जाने और किसानों की मौत का दावा करते हुए उनके परिजनों को मुआवजा दिए जाने की माँग भी की जा रही है। भूमि अधिग्रहण कानून के कुछ हिस्से को भी किसान विरोधी बता कर उसे बदलने की माँग की जा रही है।

CAA पर बुरे फँसे अरविंद केजरीवाल: अमित शाह ने ‘रोहिंग्या’ पर चुप्पी को लेकर रगड़ा, हिंदू शरणार्थियों ने दिल्ली CM का घर घेरा

नागरिकता संशोधन कानून के लागू होने के बाद जिस तरह विपक्षी नेता मोदी सरकार को घेर रहे हैं उसे देखते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने अपने हालिया इंटरव्यू में सबको करारा जवाब दिया है। इसी लिस्ट में चूँकि आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल भी थे इसलिए उनको भी अमित शाह ने खरी-खरी सुनाई और कहा कि भ्रष्टाचार की पोल खुलने से केजरीवाल जो हैं वो आपा खो बैठे हैं।

दरअसल, देश में सीएए लागू होने पर अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि अगर सीएए लागू होगा तो देश में अंधाधुंध लोग आएँगे, जैसा कि स्वतंत्रता के बाद हुआ था। इससे कानून व्यवस्था बिगड़ेगी और चोरियाँ, डकैतियाँ और बलात्कार आदि होंगे।

उनकी इसी चिंता का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा, “दिल्ली मुख्यमंत्री अपने भ्रष्टाचार के उजागर होने से अपना आपा खो चुके हैं। उनको मालूम नहीं है सारे लोग आ चुके हैं और भारत में ही रह रहे हैं। सिर्फ उनको अधिकार नहीं मिला है। ये उनको अधिकार देने की बात है। 2014 तक जो आ गए उनको नागरिकता देने की बात हो रही है। इतनी ही चिंता है तो क्यों बांग्लादेश घुसपैठियों की बात क्यों नहीं करते, रोहिंग्याओं की बात क्यों नहीं करते… क्योंकि वो वोटबैंक की पॉलिटिक्स कर रहे हैं। दिल्ली के चुनाव उनके लिए लोहे के चने चबाने जैसे हैं इसलिए वो वोटबैंक की राजनीति कर रहे हैं।

अमित शाह से जब पूछा गया कि अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सरकार अपने लोगों को नौकरी नहीं दे पा रही, फिर इन्हें कैसे देगी। इस पर अमित शाह ने कहा कि केजरीवाल ने कभी भी रोहिंग्याओं के लिए तो कुछ नहीं कहा। सिर्फ जो बौद्ध, हिंदू, पारसी, ईसाई, सिख शरणार्थी आए हैं, वो उन्हीं का विरोध कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “ये लोग विभाजन का समय भूल गए हैं। ये शरणार्थी अपनी करोड़ों की संपत्ति छोड़कर यहाँ आए थे। हम उनकी समस्याएँ क्यों नहीं सुनेंगे? उन्हें यहाँ नौकरी और शिक्षा नहीं मिलती। हम उनके प्रति सहानुभूति क्यों नहीं व्यक्त करेंगे? देश का बँटवारा करना उनका फैसला नहीं था। यह कॉन्ग्रेस थी जिसने यह निर्णय लिया और उन्होंने उन्हें नागरिकता देने का वादा किया। अब वे अपने वादे से मुकर रहे हैं।”

बता दें कि एक तरफ अमित शाह ने अरविंद केजरीवाल को उनके बयान पर उन्हें ये सब कहा। वहीं दूसरी ओर हिंदू शरणार्थी भी सड़कों पर दिल्ली सीएम के विरोध में उतर आए। इन लोगों ने अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर हाथ में झंडे लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान मोदी-मोदी के नारे लगे। साथ ही केजरीवाल माफी माँगो का नारा लगाती भी महिलाएँ दिखीं। महिलाओं के हाथ में लगे पोस्टरों में लिखा दिखा- “झूठे केजरीवाल CAA कानून पर भ्रम मत फैलाओ जनता को सच बताओ।”

नदीम ने घर में घुस अफजाल की बेटी को छेड़ा, लोगों ने पकड़कर पीटा: 10 दिन बाद ‘मॉब लिंचिंग’ बता पेश कर रहे इस्लामी नाम वाले हैंडल

सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्विटर पर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का एक वीडियो वायरल किया जा रहा है। इस वीडियो में एक युवक के हाथ पैर रस्सियों से बंधे दिख रहे हैं। उसके आसपास कई लोग हैं। एक महिला बचाओ-बचाओ चिल्ला रही है। इस वीडियो को ट्विटर पर भीड़ द्वारा मुस्लिम की पिटाई के मामले के रूप में प्रचारित किया जा रहा है।

इस्लामी नाम वाले ट्विटर अकाउंट इस वीडियो को शेयर करते हुए लिख रहे हैं, “यूपी के मुजफ्फरनगर में 4 मार्च को ‘भीड़’ ने नदीम नामक मुस्लिम युवक की बेरहमी से पिटाई की, उसके हाथ-पैर रस्सी से बाँध दिए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि ‘आरोपियों’ के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, पुलिस ने पीड़ित नदीम को ही घंटों थाने में बैठाए रखा।”

कुल मिलाकर इस वीडियो के साथ दावा यह हो रहा है कि नदीम नाम के एक मुस्लिम युवक को भीड़ ने घेरा और उसे रस्सियों से बाँध कर पीटा। इस मामले में को भीड़ की पिटाई और वामपंथी-लिबरल गैंग के ‘मॉब लिंचिंग’ के एजेंडे के साथ जोड़ा जा रहा है। इसमें यह इशारा करने की कोशिश करने की जा रही है जैसे हिन्दुओं ने इस मुस्लिम युवक को पीटा हो। साथ ही पुलिस पर भी कार्रवाई ना करने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।

ऑपइंडिया ने इस मामले का फैक्ट चेक किया है। हमारे फैक्ट चेक में इसकी सच्चाई कुछ और निकली है। ऑपइंडिया ने इस मामले में दर्ज की गई एक FIR की कॉपी भी प्राप्त की है। असल में यह मामला मुस्लिमों के बीच मारपीट का है।

पुलिस से दर्ज करवाई गई FIR के मुताबिक़, वीडियो में दिख रहा युवक नदीम थाना रतनपुरी के फुलत गाँव का रहने वाला है। वह 3 मार्च की रात को 9:30 मिनट पर को गाँव के ही अफजाल के घर में घुसा। नदीम, अफजाल के घर में उनकी बेटी शिबा से छेड़खानी करने पहुँचा था। इस बात की भनक लगते ही अफजाल ने अपने परिवार के साथ नदीम को पकड़ लिया।

नदीम के खिलाफ दर्ज FIR

इसके बाद नदीम की पिटाई हो गई। हालाँकि, नदीम इस पिटाई से भी नहीं माना और अपने भाइयों को साथ लेकर वापस अफजाल को मारने आया। उसने अफजाल के घर में घुस कर अपने भाइयों नौशाद, दिलशाद, मुदस्सिर और सोनू के साथ अफजाल के परिवार पर लाठी डंडे और लोहे की रॉड से हमला कर दिया।

नदीम अफजाल के परिवार को जान से मारने की कोशिश भी की। इसके बाद जब मुहल्ले के और लोग नदीम और उसके साथ के गुंडों को रोकने आए तो वह भाग गए। अफजाल ने कहा है कि इस हमले में उनके घर के लोग घायल हो गए।

मुजफ्फरनगर पुलिस ने इस मामले में बताया है, “प्रकरण एक ही समुदाय से सम्बन्धित है जिसमें थाना रतनपुरी पुलिस द्वारा दिनांक 04.03.2024 को सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर 03 अभियुक्तगण को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। थाना रतनपुरी पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है।”

ऑपइंडिया ने इस मामले के फैक्ट चेक में पाया कि इस मामले में भीड़ द्वारा पिटाई का जो नैरेटिव चलाया जा रहा है, वह झूठा है। असल में यह मामला मुस्लिमों के आपसी विवाद का है, जिसमें नदीम ने एक लड़की से छेड़छाड़ करने की कोशिश की। इसके बाद उसने लड़की के परिवार पर हमला किया। ऐसे में ऑपइंडिया के फैक्ट चेक में भीड़ द्वारा पिटाई का नैरेटिव गलत साबित हुआ है।