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सूर्यवंश की राजधानी देश की पहली Solar City: CM योगी ने अयोध्या को दी ₹1100 करोड़ की सौगात, बोले – वो कहते थे परिंदा पर नहीं मार सकता, आज आते हैं 1 करोड़ लोग

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या धाम में 1090 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने विराट किसान मेला और कृषि प्रदर्शनी के समापन समारोह में भी हिस्सा लिया। उन्होंने इस दौरान सपा पर निशाना साधते हुए पुराने दिन भी याद दिलाए। उन्होंने कहा कि अयोध्या का नाम पूरी दुनिया में गूँज रहा है, हर कोई यहाँ आना चाहता है। उन्होंने याद दिलाया कि पहले लोग बोलते थे कि परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा, आज 1 करोड़ श्रद्धालु ऐसे ही आ जाते हैं।

बता दें कि कारसेवा के दौरान मुलायम सिंह यादव ने ये बयान दिया था, जिनके मुख्यमंत्रित्व काल में रामभक्तों पर गोलियाँ चलीं। सीएम योगी ने पूछा कि क्या क्या अगर समाजवादी पार्टी की सरकार होती तो अयोध्या में एयरपोर्ट बन पाता, चार-छह लेन की सड़कें बन पातीं या ऐसी स्वच्छता देखने को मिलती? उन्होंने कहा कि उद्योगपति से लेकर सैनिक, कर्मचारी और आम लोगों तक गाँव-शहर में हर व्यक्ति अयोध्या का दर्शन करना चाहता है। उन्होंने ये भी कहा कि सूर्यवंश की राजधानी देश की पहली सोलर सिटी बन रही है।

CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 54 देशों के राजदूतों ने दीपोत्सव में हिस्सा लिया, राम की पड़ी दिव्य रूप में हमारे सामने है। उन्होंने कहा कि पेड़ी बाजार से जो फ्लाईओवर बने हैं, कोई नहीं सोचता था कि ऐसा होगा। उन्होंने इस दौरान कहा कि जिन लोगों का पुनर्वास कराया गया, उनका व्यवसाय 50 गुना बढ़ गया। 40 मेगावाट के सोलर प्लांट का शिलान्यास हुआ, और 40 मेगावाट के सोलर प्लांट का उद्घाटन भी हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि वो लोग (विपक्ष) न आमजनों की आस्था का सम्मान करते हैं, न आजीविका की व्यवस्था कर सकते हैं और न गरीबों को कोई लाभ दे सकते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “उनलोगों को न गरीब कल्याण करना है, न गरीबों के लिए आवास-दवा की व्यवस्था करनी है, न विकास करना है, न व्यापारियों को सुरक्षा देनी है और न महिलाओं को सम्मान। इस बोझे को देश से उखाड़ फेंको। देश की आवाज़ है – फिर एक बार मोदी सरकार। तीसरी बार मोदी जब आएँगे, देश तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा और विकसित देशों की श्रेणी में खड़ा होगा। हर चेहरे पर खुशहाली होगी, हर नौजवान के पास काम होगा, हर गरीब के पास छत और भोजन होगा।”

सीएम योगी ने कहा कि केंद्र में लगातार तीसरी बार मोदी सरकार बनने के बाद जिन योजनाओं का लाभ लोगों को नहीं मिल पाया है, फैमिली आईडी के जरिए ट्रैक कर के उन्हें लाभ दिया जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि जिला, प्रमंडल और नगर निगम सबका नाम अब अयोध्या ही है। सीएम योगी ने कहा कि देश में अयोध्यावासी जहाँ भी जाएँगे, लोग सिर-आँखों पर बिठा कर सम्मानित करेंगे। उन्होंने इस दौरान लोगों से भाजपा प्रत्याशी लल्लू सिंह को वोट देने की अपील की, जो हैट्रिक लगाने के लिए उतर रहे हैं।

खंजर-कुल्हाड़ी-तलवार से किया हमला, VHP नेता और उनके भाई की हत्या कर निकाल ली आँखें: खालिद, सलीम, हकीम सहित 9 को उम्रकैद

गुजरात में अमरेली की अदालत ने बुधवार (13 मार्च 2024) को भाजपा नेता एवं उनके भाई की हत्या के मामले में 9 आरोपितों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा दी है। दरअसल, साल 2013 में पैसे के विवाद में भाजपा नेता अजीत खुमाण (32) और उनके छोटे भाई एवं विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अधिकारी भरत खुमाण (26) की अमरेली जिले के गुंडारन गाँव में हत्या कर दी गई थी।

जिले के सावरकुंडला शहर में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र श्रीवास्तव की अदालत ने यह नौ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिन दोषियों को यह सजा मिली है, उनके नाम हैं- मामड डाल, उसके बेटे खालिद डाल, रिश्तेदार सलीम डाल, हकीम डाल, दीनमुहम्मद डाल, सुमर डाल, उस्मान डाल, यूनुस लखापोटा और उसके बेटे इलियास उर्फ मुन्नो लखापोटा शामिल हैं।

इस हत्याकांड में मामड के बड़े बेटे इमरान डाल पर भी हत्या का मुकदमा चल रहा था, लेकिन साल 2017 में उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद उसके खिलाफ मामला समाप्त कर दिया गया था। दोनों भाइयों की 30 नवंबर 2013 को आरोपियों ने हत्या कर दी थी। जिस समय यह घटना हुई थी, उस समय दोनों भाई गुंडारन में एक गोदाम के निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे थे।

घटना के समय अजीत भाजपा की लिलिया तालुका इकाई के अध्यक्ष थे। वहीं, उनके छोटे भाई भरत लिलिया तालुका के गुंडारन गाँव के सरपंच और वीएचपी की लिलिया तालुका इकाई के अध्यक्ष थे। कहा जाता है कि भरत और अजीत ने मामड डाल से कुछ रुपए उधार लिए थे। इसी लेकर यह विवाद हुआ था और इसमें दोनों की हत्या कर दी गई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, भरत खुमाण का शव गोदाम की नींव में पाया गया था, जबकि अजीत का शव 50-60 फीट दूर बाजार में बरामद किया गया था। घटना के दौरान 10 आरोपितों ने दोनों भाइयों पर खंजर, कुल्हाड़ी और तलवार समेत अनेक घातक हथियारों से हमला किया था। आरोपितों ने पीड़ित की आँखें भी निकाल ली थीं। तनाव को देखते हुए भारी पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया था।

इंडियन एक्सप्रेस को विशेष लोक अभियोजक अनिल देसाई ने बताया, “चश्मदीदों ने हमारे मामले का समर्थन किया और वैज्ञानिक सबूतों ने भी, जिसमें आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए और बाद में पुलिस द्वारा बरामद किए गए हथियारों पर खून के धब्बे भी शामिल थे। चार आरोपियों ने दावा किया कि उन्हें मामले में फँसाया जा रहा है।”

देसाई ने आगे बताया, “उनके इनकार करने के बाद अदालत से उनका ब्रेन मैपिंग परीक्षण कराने का अनुरोध किया गया। परीक्षणों से पता चला कि चारों अपराध में अपनी संलिप्तता का विवरण छिपा रहे थे। इस प्रकार हमारा मामला मजबूत हुआ। अदालत ने इन सबको ध्यान में रखा और सभी नौ आरोपियों को दोषी ठहराया।”

देसाई ने कहा कि न्यायिक हिरासत में बंद नौ लोग पहले ही विचाराधीन कैदी के रूप में औसतन 10 साल जेल में काट चुके हैं। उन्हें हत्या, गैरकानूनी सभा, दंगा, सबूतों को नष्ट करने के साथ-साथ शस्त्र अधिनियम के खिलाफ दोषी ठहराया गया है। अदालत ने प्रत्येक आरोपित पर 21,500 रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

दोषी भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत सुनाई गई सजा एक साथ काटेंगे। अदालत ने दोषियों द्वारा जमा किए गए जुर्माने में से अजीत और भरत के परिजनों को 51,000 रुपए का मुआवजा देने का भी आदेश दिया। मुआवजे की राशि जमा नहीं करने पर तीन महीने की अतिरिक्त साधारण कैद काटनी होगी।

‘कॉन्ट्रैक्ट टू किल’ : आतंकी निज्जर की हत्या पर बनी डॉक्यूमेंट्री इंडिया में ब्लॉक, Youtube और X ने मानी भारत सरकार की बात

भारत के खिलाफ झूठ फैलाने वाली डॉक्यूमेंट्री को यूट्यूब द्वारा ब्लॉक कर दिया गया है। खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या पर आधारित यह डॉक्यूमेंट्री भारत सरकार के कहने पर यूट्यूब ने ब्लॉक की। इसे कनाडा सरकार द्वारा फंड पाने वाले ब्रॉडकॉस्टर सीबीसी न्यूज ने रिलीज किया था। इसमें कोलंबिया में 18 जून 2023 को हुई निज्जर की हत्या से जुड़ी जानकारी दिखाई गई थी। डॉक्यूमेंट्री में खालिस्तानी गुरपतवंत सिंह पन्नू का भी इंटरव्यू है। इस डॉक्यूमेंट्री का टाइटल रखा गया था ‘कॉन्ट्रैक्ट टू किल।’

सीबीसी न्यूज ने अपनी डॉक्यूमेंट्री हटाए जाने पर कहा कि उन्हें यूट्यूब से पता चला है कि उनको भारत के मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलजी ने निर्देश दिए थे कि साइट से वो वीडियो ब्लॉक की जाए। इसके बाद ये कंटेंट इंडिया से ब्लॉक कर दिया गया। सीबीसी का दावा है कि उनका कंटेंट हटाने के लिए माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स (पूर्व में ट्विटर) को भी कहा गया था। कुछ रिपोर्ट्स बता रही हैं कि एक्स से भी वीडियो को हटा दिया गया है।

सीबीसी ने कहा है कि वो इस कार्रवाई से असंतुष्ट हैं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए वीडियो भारत में चलनी देनी चाहिए। वह बोले कि वो इस संबंध में वो भारत सरकार से भी बात कर रहे हैं। उन्होंने अपनी डॉक्यूमेंट्री को वरिष्ठ पत्रकारों और एडिटोरियल समझ रखने वाले नेतृत्व से चर्चा करके और काफी रिसर्च के साथ बनाई है। उनके हिसाब से इसे हटाना सही नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्होंने वीडियो ‘द फिफ्थ एस्टेट’ द्वारा प्राप्त किया था और एक से अधिक स्रोतों द्वारा स्वतंत्र रूप से वेरीफाई भी किया था।

डॉक्यूमेंट्री में आखिर है क्या

डॉक्यूमेंट्री में शामिल वीडियो में दिखाया जा रहा था कि गुरु नानक सिख गुरुद्वारे का अध्यक्ष निज्जर 18 जून 2023 को अपनी गाड़ी में बैठ पार्किंग से निकला। लेकिन बाहर उसे एक सफेद सेडान मिली। गाड़ी रुकते ही दो आदमी दौड़ते हुए आए और निज्जर को गोली मार गए। इसके बाज डॉक्यूमेंट्री में दो चश्मदीदों का भी जिक्र है जो बता रहे हैं कि उन्होंने हत्या करने वालों को भागते देखा। एक ने बताया कि उसने निज्जर को कैसे बचाने के लिए प्रयास किए वहीं दूसरे ने हत्यारों के भागने पर उनपर पीछा किया।

आरोप लगाकर हुई कनाडा की फजीहत

बता दें कि खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में कनाडा ने पिछले साल भारत पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। लेकिन कनाडा के सवालों का जवाब देते हुए भारत ने कहा कि ये दावे बेतुके और प्रेरित थे। विदेश मंत्रालय ने भी कहा था कि कनाडा से हत्या में भारत की संलिप्ता के सबूत माँगने के बावजूद वो कोई सबूत नहीं पेश कर पाए जिसके कारण उन्हें काफी फजीहत भी झेलनी पड़ी। अभी हाल में न्यूजीलैंड के उप प्रधानमंत्री विंस्टन पीटर्स ने खालिस्तान अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर कनाडा के दावे पर संदेह जताया था जबकि कनाडा और न्यूजीलैंड तो फ़ाइव-आइज़ ख़ुफ़िया गठबंधन के सदस्यों में साथ हैं।

लोकसभा चुनाव से पहले कॉन्ग्रेस को पंजाब में झटका, BJP में शामिल हुईं कैप्टन अमरिंदर सिंह की MP पत्नी परनीत कौर: AAP ने 8 सीटों पर कैंडिडेट किए फाइनल

पंजाब की पटियाला लोकसभा सीट से कॉन्ग्रेस सांसद परनीत कौर ने आज (14 मार्च, 2024) को भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। परनीत ने इससे पहले कॉन्ग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा दिया था। वह पटियाला से चार बार सांसद रह चुकी हैं।

परनीत कौर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह इससे पहले ही भाजपा में शामिल हो चुके हैं। परनीत 2009 से 2014 के बीच देश की विदेश राज्य मंत्री भी रहा चुकी हैं। उन्हें पंजाब और केंद्र के शीर्ष नेताओं ने आज भाजपा की सदस्यता दिलाई।

परनीत के भाजपा में शामिल होने के समय पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़, भाजपा महासचिव विनोद तावड़े और अरुण सिंह समेत तमाम नेता मौजूद रहे। कहा जा रहा है कि भाजपा उन्हें पटियाला से टिकट देकर कॉन्ग्रेस और आम आदमी पार्टी को सीधी टक्कर देगी।

परनीत कौर ने भाजपा की सदस्यता लेते हुए कहा, “मैं पीएम मोदी के नेतृत्व में अपनी लोकसभा, अपने राज्य और देश के लिए काम करूँगी। कॉन्ग्रेस के साथ मेरी पारी अच्छी रही और मुझे उम्मीद है कि भाजपा के साथ भी मेरी पारी अच्छी ही रहेगी।”

परनीत पहली बार 1999 में सांसद बनी थीं। इसके बाद वह 2004 और 2009 में भी सांसद बनीं। 2014 के चुनाव में वह आम आदमी पार्टी के धर्मवीर गाँधी से हार गईं थीं। हालाँकि, 2019 में वह वापस कॉन्ग्रेस के टिकट पर जीतने में सफल रहीं थी।

हालाँकि, अभी स्पष्ट नहीं है कि परनीत कौर 2024 लोकसभा चुनाव लड़ेंगी या नहीं। उन्होंने कहा है कि यह पार्टी तय करेगी। इस बात की भी चर्चाएँ हैं कि इस बार पटियाला से उनकी बेटी जय इन्दर कौर को उतारा जा सकता है। वह पहले ही भाजपा में आ चुकी हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में पंजाब में कई बड़े नेता कॉन्ग्रेस छोड़ चुके हैं। वर्तमान भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ भी पहले कॉन्ग्रेस में ही थे। परनीत के भाजपा में आने पर विनोद तावड़े ने कहा कि यह पीएम मोदी की नीतियों का बढ़ता समर्थन है।

AAP ने जारी की लोकसभा उम्मीदवारों की सूची

आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी पंजाब के आठ लोकसभा उम्मीदवारों की अपनी सूची जारी कर दी है। पार्टी ने राज्य की भगवंत मान की सरकार के पाँच मंत्रियों को भी लोकसभा टिकट दिया है। AAP ने कैबिनेट मंत्री कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल को अमृतसर, लालजीत सिंह भुल्लर को खडूर साहिब, गुरुमीत सिंह खुडियाँ को बठिंडा, गुरुमीत सिंह मीत हैयर को संगरूर से और बलबीर सिंह को पटियाला से टिकट दिया है। जालन्धर सीट पर सांसद सुशील रिंकू का टिकट जारी रखा गया है।

इसके अलावा, फतेहगढ़ साहिब से गुरप्रीत सिंह जीपी और अभिनेता करमजीत अनमोल को फरीदकोट से टिकट दिया है। पंजाब में आम आदमी पार्टी का मुकाबला कॉन्ग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल से है। हालाँकि आम आदमी पार्टी इंडी गठबंधन का हिस्सा है, लेकिन राज्य में कॉन्ग्रेस और AAP अलग-अलग लड़ रहे हैं।

हनुमान चालीसा को लाउडस्पीकर पर सुन बिदकी मुस्लिम भीड़, मंदिर में जाकर की तोड़फोड़: गुजरात के वडोदरा में केस दर्ज, 3 गिरफ्तार

गुजरात के वडोदरा के अजवा रोड स्थित एकतानगर में हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच झड़प का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि वहाँ एक हनुमान मंदिर में लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा चल रही थी, जिसे सुन मुस्लिम भीड़ विरोध करने आ गई और फिर देखते ही देखते वहाँ पथराव होने लगा। फिलहाल इस पत्थरबाजी के मामले में केस दर्ज है और आगे की जाँच की जा रही है। अब तक 3 लोग गिरफ्तार हुए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार (13 मार्च 2024) शाम करीब साढ़े सात बजे अजवा रोड पर एकतानगर स्थित मंदिर पर रोज की तरह हनुमान चालीसा बज रही थी। इसी बीच मुस्लिमों की भीड़ वहाँ पहुँची। पहले दोनों पक्षों के बीच बहस हुई, फिर मारपीट हुई और बाद में पथराव होने लगा। इस दौरान वहाँ 25 से 30 लोग जुटे। स्थानीय हिंदुओं का कहना है कि हनुमान चालीसा को बंद कराने के लिए मुस्लिम भीड़ ने सारा हंगामा किया तो वहीं पुलिस का कहना है कि हंगामा आवाज बंद कराने को लेकर हुआ था।

दिव्य भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे पहले मंदिर में हरीश सारनिया और दीपक सारनिया नाम के दो युवक मौजूद थे। उनके पास पहले राहिल शेख और अन्य मुस्लिम समुदाय के लोग आए और उनसे भिड़ने लगे। इसके बाद मारपीट हुई और फिर पथराव होने लगा। मुस्लिम भीड़ ने इस दौरान मंदिर में उपद्रव किया और वहाँ लगे लाउडस्पीकर भी तोड़ दिए। मारपीट में दीपक, हरीश और राहिल घायल हो गए जिन्हें बाद में अस्पताल ले जाया गया। वहीं, सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित किया। देर रात पुलिस तक पुलिस इलाके में मौजूद रही।

FIR दर्ज, 3 आरोपित गिरफ्तार

इस मामले में अब तक 5 मुस्लिम और 2 हिंदू युवकों के खिलाफ बापोड थाने में एफआईआर की गई है। आरोपितों में राहिल शेख, आसिफ शेख, सेजान अंसारी, हुसैन लतीफ, दीपक और हरीश सरानिया का नाम शामिल है।

घटना के संबंध में वडोदरा के संयुक्त पुलिस आयुक्त मनोज निनामा ने कहा, “एकता नगर एक हिंदू-मुस्लिम आबादी वाला क्षेत्र है। यहाँ माइक बजाने को लेकर पहले बहस हुई और फिर वह बहस मारपीट में बदल गई। इस संबंध में बापोड़ थाने में कार्रवाई चल रही है। तीनों घायलों का इलाज हो रहा है, उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं है और उनकी हालत में भी सुधार है। घायलों में 2 हिंदू और 1 मुस्लिम है। इलाके में अब शांति है।”

उन्होंने बताया कि वो मामले की जाँच वीडियो फुटेज,गवाहों और विभिन्न स्थानों पर मौजूद अन्य सबूतों के आधार पर कर रहे हैं। प्रारंभिक चरण की जाँच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी और जिन लोगों ने भी आम जन जीवन को प्रभावित किया है उन आसामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि बाकी की तलाश अभी जारी है।

यूपी में 77, बिहार में 38, दिल्ली-राजस्थान में क्लीन स्वीप: ‘News 18’ और ABP-C वोटर के ओपिनियन पोल कह रहे – मोदी के टक्कर में कोई नहीं, देखें आँकड़े

2024 लोकसभा चुनाव के लिए तारीखों के ऐलान से पहले ABP न्यूज़ ने C वोटर के साथ मिल कर ओपिनियन पोल किया है। वहीं News18 ने भी अपने मेगा ओपिनियन पोल के आँकड़े जारी किए हैं। दोनों इस बात पर मुहर लगाते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए केंद्र की सत्ता में लौट रही है। न्यूज़18 के सर्वे में भाजपा के 85% वोटरों ने कहा है कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वोट देंगे, भले ही उनके लोकसभा क्षेत्र में भाजपा का कोई भी उम्मीदवार हो।

80% लोगों ने कहा कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों से बहुत संतुष्ट हैं। इस सर्वे के मुताबिक, बिहार की 40 सीटों में से 38 पर NDA का झंडा लहराएगा, जबकि I.N.D.I. गठबंधन के हिस्से में मात्र 2 सीटें जाएँगी। इसमें बताया गया है कि एक बार फिर से दिल्ली की सातों लोकसभा सीटें भाजपा के खाते में जाएँगी। NDA को 58% वोट शेयर मिलने का अनुमान जताया गया है, जबकि विपक्षी गठबंधन को 39% वोटों से संतोष करना पड़ेगा।

न्यूज़ ने जिन 242 सीटों के लिए आँकड़े जारी किए हैं, उनमें से 174 सीटें भाजपा गठबंधन जीतती दिख रही है, जबकि I.N.D.I. गठबंधन के हिस्से में 61 सीटें जा रही हैं। मध्य प्रदेश में 29 में से 28 सीटें भाजपा जीत सकती है। केरल में भी NDA को 2 सीटें मिलेंगी। 73% लोगों ने पीएम मोदी को ईमानदार बताया है। 69% ने उन्हें मेहनती करार दिया। हिमाचल प्रदेश की चारों सीटें भाजपा जीतती हुई दिख रही है। इस ओपिनियन पोल के मुताबिक, भाजपा गठबंधन यूपी की 80 में से 77 सीटें अपने नाम करेगा।

वहीं ABP-C वोटर सर्वे की बात करें तो NDA को यूपी में NDA को 74 सीटें मिल सकती हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने यूपी में 62 सीटें अपने नाम की थी। इस बार कॉन्ग्रेस-सपा का गठबंधन है। असम में भाजपा गठबंधन को एक दर्जन सीटें मिलेंगी, जबकि कॉन्ग्रेस को सिर्फ एक से संतोष करना पड़ेगा। कर्नाटक में भाजपा को 25 और कॉन्ग्रेस गठबंधन को 5 सीटें दी गई हैं। अरुणाचल प्रदेश की दोनों सीटें भाजपा के पास जा रही हैं। वहीं राजस्थान में भी भाजपा क्लीन स्वीप करेगी।

मर्दाना ससुर, हवस, रंगीन कहानियाँ, रसीली… मोदी सरकार ने बैन किए पोर्न-अश्लील सामग्री परोसने वाले 18 OTT प्लेटफॉर्म, टीचर-छात्र रिश्तों में दिखाते थे सेक्स

केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 18 ओवर द टॉप (OTT) प्लेटफॉर्म को बंद कर दिया है, यह प्लेटफॉर्म वीडियो माध्यम से लोगों को अश्लील सामग्री परोस रहे थे। इनमें से कुछ पोर्न तक परोस रहे थे। मंत्रालय ने इन्हें बंद करते हुए इनके सोशल मीडिया पेज भी बंद कर दिए हैं।

एक प्रेस रिलीज में दी गई जानकारी के अनुसार, “सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने अश्लील, फूहड़ और पोर्न सामग्री प्रकाशित करने वाले 18 OTT प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करने की कार्रवाई की है। 19 वेबसाइट, 10 एप (गूगल प्ले स्टोर पर 7, एप्पल एप स्टोर पर 3) और इन प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े 57 सोशल मीडिया अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया है।”

जिन OTT प्लेटफॉर्म को यह अश्लील सामग्री परोसने के लिए बंद किया गया है, उनके नाम ड्रीम्स फिल्म्स, वूवी, येस्मा, अनकट अड्डा, ट्राई फ्लिक्स, एक्स प्राइम, नियॉन एक्स वीआईपी, बेशरम, शिकारी, खरगोश, एक्स्ट्रामूड, न्यूफ़्लिक्स, मूडएक्स, मोजफ्लिक्स, हॉट शॉट्स वीआईपी, फुगी, चिकूफ़्लिक्स और प्राइम प्ले हैं।

मंत्रालय ने बताया है कि इन प्लेटफॉर्म पर परोसे जा रहे वीडियो काफी फूहड़ थे। इनमें महिलाओं को काफी अपमानजनक तरीके से दिखाया जाता था। साथ ही इन प्लेटफॉर्म पर शिक्षक-छात्र और एक ही परिवार के महिला-पुरुषों के बीच यौन सम्बन्ध को दिखाया जाता था। इनमें बड़े स्तर पर यौन संबंधों को दिखाया जाता था जिससे सिनेमा आदि का कोई सम्बन्ध नहीं है।

मंत्रालय ने बताया है कि इनमें से एक प्लेटफॉर्म को 1 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया गया था। दो अन्य प्लेटफॉर्म को 50 लाख बार डाउनलोड किया गया था। यह सभी प्लेटफॉर्म सोशल मीडिया से अपनी अश्लील सामग्री का प्रचार करते थे। इन्हें सोशल मीडिया पर 32 लाख लोगों ने फॉलो कर रखा था।

इनके फेसबुक पर 12, इन्स्टाग्राम पर 17 , ट्विटर पर 16 और यूट्यूब पर 12 पेज और चैनल थे। यह इसी के माध्यम से अश्लील सामग्री परोस रहे थे। अब इन पर सूचना और प्रसारण मंत्रालय का हथौड़ा चल गया है। इन्हें एक झटके में बंद कर दिया गया है।

गौरतलब है कि भारत में बीते 8-9 वर्षों में इन्टरनेट का तेजी से प्रसार हुआ है। इसी इन्टरनेट के माध्यम से लोग अब टीवी की जगह ऑनलाइन माध्यमों पर वीडियो आदि देख रहे हैं। अश्लील सामग्री बनाने वालों ने इसका फायदा उठा कर अपनी फूहड़ वीडियो यहाँ बेचनी चालू कर दी है। पोर्न या अन्य अश्लील सामग्री को भारत में बेचना भारतीय दंड संहिता की धारा 292 के तहत अपराध है। साथ ही डिजिटल तरीके से यह करना आईटी एक्ट का भी उल्लंघन है।

TMC करती रही राजनीति, मोदी सरकार ने 5 साल में बंगाल को दिए ₹5.36 लाख करोड़: किसान-उद्यमी-छात्र… सबके लिए खोला खजाना, आँकड़ों से समझें राज्य को क्या-क्या मिला

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अक्सर आरोप लगाती रही हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने राज्य के लिए कुछ नहीं किया है। जबकि सच्चाई ये है कि बंगाल में कई सरकारी योजनाओं मर घोटाले पर घोटाले सामने आए तो कइयों को लागू तक नहीं दिया गया। ‘आयुष्मान भारत’ जैसी योजना को रोक कर रखा गया। जबकि केंद्र सरकार लगातार पश्चिम बंगाल के लिए फंड्स जारी करती रही, वहाँ के आमजनों के लिए योजनाएँ बनाती रहीं।

पिछले 5 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के लिए 5.36 लाख करोड़ रुपए जारी किए हैं। साथ ही राज्य के आमजनों को 80,000 करोड़ रुपए की फ़ूड सब्सिडी और 30,000 करोड़ रुपए की फर्टिलाइजर सब्सिडी योजना का लाभ भी दिया गया है। पश्चिम बंगाल में ग्रामीण विकास के लिए 93,171 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। पिछले 10 वर्षों की बात करें तो इनमें से 6 साल ऐसे रहे हैं जब पश्चिम बंगाल को ग्रामीण विकास में सबसे ज्यादा पैसे मिले।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत राज्य को 2151 करोड़ रुपए दिए गए। वहीं शहरी विकास के लिए 13,469 करोड़ रुपए आवंटित किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत राज्य के 4,89,959 गरीब परिवारों को घर मिला। PM गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राज्य के 6 करोड़ लोगों को राशन दिया जा रहा है। जहाँ 2013-14 में ग्रामीण विकास के लिए 2895 करोड़ रुपए दिए गए थे, अगले ही साल 2014-15 में ये आँकड़ा 170% बढ़ कर 7829 करोड़ रुपए हो गया।

पश्चिम बंगाल के जनजातीय समाज के उत्थान लिए पिछले 6 वर्षों में 834 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। जनजातीय समाज के छात्रों को 231 करोड़ रुपए से भी अधिक के स्कॉलरशिप दिए जा चुके हैं। पश्चिम बंगाल में आज की तारीख़ में 4026 पंजीकृत स्टार्टअप हैं। इनमें से 51% का नेतृत्व महिलाएँ कर रही हैं। PMKVY और JSS के तहत 6.74 लाख को स्किल ट्रेनिंग दी गई है। PM-युवा पायलट प्रोजेक्ट के तहत 6955 लाभार्थियों को प्रशिक्षित किया गया।

‘संकल्प’ के तहत 400 को ट्रेनिंग मिली। ‘जन शिक्षण संस्थान’ के तहत 56 को प्रशिक्षण मिला। पिछले 6 वर्षों में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में पश्चिम बंगाल को 5744 करोड़ रुपए दिए गए हैं। ‘मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और ‘पोषण 2.0’ के तहत 5239 करोड़ रुपए का फंड दिया गया। ‘मिशन वात्सल्य’ के तहत पश्चिम बंगाल को 171 करोड़ रुपए मिले। ‘मिशन शक्ति’ के लिए 334 करोड़ रुपए और ‘जल जीवन मिशन’ के लिए 6 वर्षों में 19,595 करोड़ रुपए जारी हुए।

इसी तरह, मोदी सरकार ने पश्चिम बंगाल में ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ के तहत 14 लाख से भी अधिक बच्चियों के बैंक खाते खोले। सड़कें बनाने के लिए 15,675 करोड़ रुपए जारी किए गए। रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 19,483 करोड़ रुपए, पोर्ट्स, जलमार्ग और सागरमाला के लिए 16,300 करोड़ रुपए और डिफेंस में पब्लिक सेक्टर के लिए 24,000 करोड़ रुपए मिले। हल्दिया में मल्टीमॉडल टर्मिनल पूरा हुआ। 2009-14 में यूपीए-2 के काल में जहाँ पश्चिम बंगाल को रेलवे के लिए 4380 करोड़ रुपए का बजट दिया गया था, जो अगले 5 वर्षों में मोदी सरकार में 173% बढ़ कर 11,970 करोड़ रुपए हो गया।

इसी तरह, मोदी सरकार ने ‘समग्र शिक्षा’ के लिए पश्चिम बंगाल को 6049 करोड़ रुपए और ‘पीएम पोषण शक्ति निर्माण’ के लिए 9674 करोड़ रुपए मिले। 69 लाख दलित छात्रों को स्कॉलरशिप दी गई। कृषि संस्थानों को पिछले 5 वर्षों में 1916 करोड़ रुपए दिए गए। ऐतिहासिक स्थलों के जीर्णोद्धार को लेकर भी मोदी सरकार सजग रही। बेलूर मठ पर 30.3 करोड़ रुपए खर्च किए गए। शांतिनिकेतन को UNSECO ने वर्ल्ड हेरिटेज घोषित किया।

विश्वभारती परिसर में 24 स्थलों के विकास पर 3 करोड़ रुपए खर्च किए गए। UNESCO ने अपनी ‘इंटैन्जिबल कल्चरल हेरिटेज लिस्ट ऑफ ह्यूमानिटी’ में 2021 में दुर्गा पूजा को शामिल किया, जो मोदी सरकार के प्रयासों से ही संभव हुआ। ‘स्वदेश दर्शन’ के तहत तटीय इलाकों के विकास के लिए 65 करोड़ रुपए आवंटित किए गए। पिछले 5 वर्षों में खाद सब्सिडी पर पश्चिम बंगाल में मोदी सरकार ने 30,000 करोड़ रुपए खर्च किए। वहीं 20 लाख ‘किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)’ जारी किए गए जिनकी लिमिट 10.972 करोड़ रुपए थी।

‘प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY)’ के तहत 230 करोड़ रुपए का अनुदान जारी किया गया, जिसका फायदा 1.62 लाख किसान लाभार्थियों को मिला। पिछले 6 वर्षों में पशुपालन के क्षेत्र में मोदी सरकार ने पश्चिम बंगाल में 283 करोड़ रुपए खर्च किए। मत्स्य पालन के लिए 78 करोड़ रुपए दिए गए। ‘PM जन धन योजना’ के तहत पश्चिम बंगाल में 5.07 करोड़ बैंक खाते खुले। ‘PM सुरक्षा बीमा योजना’ के तहत पौने 3 करोड़ लोगों को दुर्घटना पर इन्सुरेंस का कवर मिला।

1 करोड़ लोगों को ‘PM जीवन ज्योति बीमा योजना’ के तहत पंजीकृत किया गया। ‘अटल पेंशन योजना’ के लाभार्थियों की संख्या 48 लाख है। ‘PM स्वनिधि’ के तहत के तहत 1.79 लाख लाभार्थियों को 195 करोड़ रुपए जारी किए गए। ‘PM मुद्रा योजना’ के तहत 2.37 लाख करोड़ की भारी-भड़कम रकम जारी की गई। पश्चिम बंगाल को स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 12,000 करोड़ रुपए दिए गए। 3.24 लाख लोगों का ‘आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (AHBA)’ बनाया गया।

आयुर्वेद के क्षेत्र को राज्य में 129 करोड़ रुपए की मदद दी गई। उच्च-गुणवत्ता वाले दवाओं को सस्ते दाम पर उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य में 359 जन-औषधि केंद्र चल रहे हैं। पिछले 5 वर्षों में दार्जीलिंग, नॉर्थ 24 परगना और पश्चिमी मेदिनीपुर में 3 ESIC अस्पतालों का निर्माण किया गया। ‘उद्यम’ पोर्टल पर 32 लाख माध्यम उद्योग पंजीकृत हुए। इनमें से 65.16% महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे हैं। ‘क्रेडिट गारंटी स्कीम’ के तहत 23,126 करोड़ रुपए की 2,45,118 गारंटियाँ जारी की गईं।

PMEGP (प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम) के तहत 12,787 यूनिट्स को 56.57 करोड़ रुपए जारी किए गए। इनसे 1,02,296 लोगों को रोजगार मिलता है। ‘PM विश्वकर्मा’ के लिए 7,35,664 आवेदन मिले, जिनमें से 2,12,530 महिलाएँ हैं। ‘श्रुति’ (ट्रेडिशनल इंडस्ट्रीज के लिए) के तहत 45.45 करोड़ की केंद्रीय सहायता से क्लस्टर को अनुमति दी गई। ESDP (उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम) के तहत 558 कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमें 25,984 लोगों को प्रशिक्षण मिला।

पश्चिम बंगाल समुद्र किनारे बसा राज्य है, ऐसे में समुद्री विकास को भी मोदी सरकार प्राथमिकता दे रही है। SMPA ने पिछले एक दशक में 1508.64 करोड़ रुपए की 29 परियोजनाएँ पूरी की हैं। अभी 5545.11 करोड़ रुपए के 39 प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। जलमार्ग विकास प्रोजेक्ट (JMVP) के तहत हल्दिया से वाराणसी तक 1390 किलोमीटर का वाटरवे-1 बनाया जा रहा है। शयामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह की क्षमता 2014-15 में 70.85 MPT थी जो 2022-23 में बढ़ कर 99.77 MPT हो गई।

फरक्का में नया नेविगेशनल लॉक गेट 374.57 करोड़ रुपए की लागत से पूरा किया गया है। भारत का मैया पोर्ट और बांग्लादेश के सुल्तानगंज पोर्ट के बीच वेसल्स का ट्रायल मूवमेंट चलाया जा रहा है। गुरु-शिष्य परंपरा के विकास के लिए 58.10 करोड़ रुपए जारी किए गए। सांस्कृतिक संगठनों को 34.10 करोड़ रुपए दिए गए। कल्चर ऑफ साइंस को बढ़ावा देने के लिए 15.62 करोड़ रुपए जारी किए गए। राजा राममोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन को 5.04 करोड़ रुपए मोदी सरकार ने दिए। सांस्कृतिक क्षेत्र में छात्रों को 3.09 करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप मिली। बैरकपुर स्थित गाँधी स्मारक संग्रहालय को आधुनिक बनाने 16.32 लाख रुपए दिए गए।

साकी-आलम-जुल्फिकार ने लूटी साड़ी की दुकान, पैसों से खरीदा बम बनाने का सामान: ISIS के पुणे मॉड्यूल पर NIA-ATS का खुलासा

ISIS के पुणे मॉड्यूल मामले में एक नया खुलासा हुआ है। पता चला है कि इस मॉड्यूल के तीन सदस्यों ने सतारा जिले में पिछले वर्ष एक साड़ी की दुकान में लूट की घटना को अंजाम दिया था। इस लूट से मिले पैसे इकट्ठा करके वह बम बना रहे थे।

NIA और ATS की जाँच में खुलासा हुआ है कि ISIS के पुणे मॉड्यूल से जुड़े तीन आरोपितों साकी, आलम और जुल्फिकार अली बड़ोदावाला ने अप्रैल 2023 में सतारा में एक साड़ी दुकान में लूट की थी। उन्होंने दुकान मालिक अशोक कुमार पर बन्दूक तान कर यहाँ से ₹1 लाख लूट लिए थे।

इस पैसे का उपयोग आतंक की फंडिंग में किया गया था। इससे बम बनाने के लिए सामान खरीदा गया था। इन तीनों आतंकियों ने ही इस पूरी घटना को अंजाम दिया था। इनको हाल ही में एक कोर्ट में पेश किया गया था, जहाँ महाराष्ट्र ATS ने मामले में आगे की जाँच के लिए इनकी रिमांड माँगी।

महाराष्ट्र ATS इनसे पूछताछ करके बम के सम्बन्ध में और जानकारी इकट्ठा करना चाहती है। वह इस घटना में प्रयुक्त बाइक और बन्दूक का पता भी लगाना चाहती है। उसने कोर्ट से इन तीनों की 14 दिन की रिमांड मांगी है। महाराष्ट्र ATS ने कोर्ट के सामने एक रिपोर्ट भी रखी है।

ATS का पक्ष सुन कर कोर्ट ने इन तीनों की 7 दिन की रिमांड पुलिस को दी है। गौरतलब है कि ISIS के पुणे मॉड्यूल का मामला पिछले वर्ष खुलना चालू हुआ था। पहले इस मामले की जाँच महाराष्ट्र ATS और फिर NIA ने करना चालू कर दी थी।

इस चोरी में शामिल जुल्फिकार बड़ोदावाला युवाओं को आतंकी बनाने की ट्रेनिंग देता था। NIA की चार्जशीट में सामने आया था कि पडघा गाँव निवासी जुल्फिकार अली बड़ौदावाला और पुणे निवासी जुबैर शेख ने साल 2015 में युवाओं को कट्टरपंथी बनाना शुरू कर दिया था। इसके लिए व्हाट्सऐप पर ग्रुप बनाकर आईएसआईएस के समर्थन में पोस्ट किए जाते थे।

एनआईए ने एक गवाह के हवाले से विस्तार में इसकी जानकारी दी थी कि कैसे वह 2011-2012 में जुबैर शेख के संपर्क में आया था, जिसे एनआईए ने एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया है। एक गवाह ने कहा है कि साल 2014 में शेख ने उसे ‘यूनिटी इन मुस्लिम उम्मा’ और ‘उम्मा न्यूज’ नाम के व्हाट्सऐप ग्रुपों में जोड़ा था।

मिडडे की रिपोर्ट के मुताबिक, गवाह ने अपने बयान में कहा था, “हमारी शुरुआती मुलाकातों में हमारी दोस्ताना और कैजुअल बातचीत हुई। हालाँकि, धीरे-धीरे जुल्फिकार उर्फ ​​लालाभाई, सिमाब काजी और तल्हा खान ने शिर्क, खलीफा, जिहाद, इस्लामिक स्टेट ऑफ सीरिया एंड इराक (ISIS) आदि विषयों पर चर्चा शुरू कर दी।”

आगे उसने बताया, “कई बार उन्होंने मेरे सहित अन्य सदस्यों को भी आईएसआईएस में भर्ती करने की कोशिश की। यही नहीं, गैर-मुस्लिमों को मारने के बारे में भी इन ग्रुपों पर चर्चा होती थी। इसमें आईएसआईएस के आतंकी कहते थे कि हमें काफिरों को मारना है और इसके लिए हमारे पास सारी चीजें हैं। सही समय आएगा तब तुम्हें सब बता देंगे।”

क्या था पुणे मॉड्यूल?

दरअसल, पुलिस ने जुलाई 2023 में चोरी की बाइक के साथ 2 लोगों को पकड़ा था। शुरुआत में पुलिस ने इसमें शामिल लोगों को वाहन चोर समझा, पर जाँच में उनके ISIS नेटवर्क से जुड़े होने की बात सामने आई। इसके बाद इस साल अगस्त माह में पुणे के कोंढवा स्थित एक घर में दबिश डाली। 

दबिश के दौरान बम बनाने और ब्लास्ट करने की ट्रेनिंग लेते हुए 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 3 अन्य संदिग्ध फरार हो गए थे। फरार होने वालों के नाम रिज़वान अब्दुल हाजी, अब्दुल्लाह फ़ैयाज़ शेख और तलहा लियाकत खान है। इन तीनों के साथ आतंकी शाहनवाज पर भी 3-3 लाख रुपए का इनाम रखा गया था। इसके बाद शाहनवाज को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एनआईए के साथ मिलकर गिरफ्तार किया था।

NIA ने इस मामले में नवम्बर 2023 में एक चार्जशीट भी दायर की थी। NIA की चार्जशीट में पुणे ISIS मॉड्यूल के सात सदस्यों की जानकारी दी गई थी। इसमें बताया गया था कि इस आतंकवादी संगठन के सदस्य गैर-मुस्लिमों पर हमले की योजना बना रहे थे। ये लगातार विभिन्न तरीकों से गैर-मुस्लिमों को जान से मारने पर चर्चा कर रहे थे। इनका लक्ष्य मुस्लिम युवाओं को शिक्षा देकर देश में शरिया कानून स्थापित करना था।

चार्जशीट में यह भी बताया गया था कि इन आतंकियों ने मुस्लिमों के बीच यह धारणा बनाने की कोशिश की कि इस्लाम में लोकतंत्र ‘हराम’ है और केवल आईएसआईएस ही शरिया का पालन करता है। इसके अलावा उन्होंने सभी मुस्लिमों से आईएस का समर्थन करने का आह्वान किया था। चार्जशीट में गवाहों के दर्ज बयान के आधार पर कहा गया था कि ये वॉट्सऐप पर कट्टरपंथी ग्रुप से जोड़े गए थे, जिसमें मुस्लिमों पर अत्याचार की कहानियाँ बताकर उन्हें गैर-मुस्लिमों के खिलाफ भड़काया जा रहा था।

इसी मामले में साकिब नाचान नाम के आतंकी को भी गिरफ्तार किया गया था। साकिब ने अपने मुंबई बोरीवली स्थित घर को आतंकवाद की ट्रेनिंग के लिए एक सेंटर पॉइंट के तौर पर प्रयोग किया था। नाचन जुल्फिकार अली बड़ोदावाला, मोहम्मद इमरान खान, मोहम्मद यूनुस साकी, सिमाब नसीरुद्दीन काजी और अब्दुल कादिर पठान और कुछ अन्य संदिग्धों के साथ मिल कर ISIS मॉड्यूल खड़ा कर रहा था। इस गैंग में इमरान खान और मोहम्मद यूनुस साकी ‘अल सूफा आतंकवादी संगठन के सदस्य थे, जो फरार चल रहे थे।

2029 में साथ हो लोकसभा+विधानसभा चुनाव… ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पर कोविंद के नेतृत्व वाली 8 सदस्यीय कमेटी ने सौंपी 18626 पन्नों की रिपोर्ट

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर चर्चा शुरू हो गई है। इस संबंध में आज (14 मार्च 2024) भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति (हाई लेवल कमेटी) ने वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ गृहमंत्री अमित शाह भी थे।

रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में समिति द्वारा तैयार की गई यह रिपोर्ट कुल 18626 पन्नों की है। इस रिपोर्ट को हितधारकों, विशेषज्ञों के साथ व्यापक विचार-विमर्श, परामर्श के बाद तैयार किया गया है। इस रिपोर्ट के लिए कमेटी ने 191 दिनों तक लगातार काम किया उसके बाद ही इसे राष्ट्रपति को सौंपा गया।

इस रिपोर्ट में सुझाव दिए गए हैं कि सभी राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल अगले लोकसभा चुनाव यानी 2029 तक खत्म होने वाले समय के लिए किया जा सकता है। इसके बाद पहले फेज में लोकसभा-विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं, उसके बाद दूसरे फेज में 100 दिनों के भीतर लोकल बॉडी के इलेक्शन कराए जा सकते हैं।

रिपोर्ट में यह सिफारिश भी की गई कि पूरे देश में एक इलेक्शन कराने के लिए चुनाव आयोग, लोकसभा, विधानसभा, स्थानीय निकाय चुनावों को राज्य चुनाव अधिकारियों के परामर्श से सिंगल वोटर लिस्ट और वोटर आई कार्ड तैयार करना होगा। इस रिपोर्ट में एक साथ चुनाव कराने के लिए उपकरणों, जनशक्ति और सुरक्षा बलों की एडवांस प्लानिंग की सिफारिश भी है।

बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति कोविंद की अध्यक्षता में ये कमेटी 2 सितंबर को बनी थी। इसमें गृहमंत्री अमित शाह और पूर्व सांसद गुलाम नबी आजाद समेत 8 मेंबर थे। वहीं केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को कमेटी का कमेटी का स्पेशल मेंबर बनाया गया था। 23 सितंबर 2023 को पहली बैठक दिल्ली के जोधपुर ऑफिसर्स हॉस्टल में वन नेशन वन इलेक्शन कमेटी की पहली बैठक हुई थी और 14 मार्च को इसे राष्ट्रपति को सौंपा गया था।

इस रिपोर्ट में निर्वाचन आयोग, विधि आयोग और कानूनी विशेषज्ञों की राय भी शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक साथ चुनाव कराना जनहित में होगा। इससे आर्थिक विकास तेज होगा और महंगाई नियंत्रित होगी। अब आगे इस रिपोर्ट को लोकसभा चुनाव के बाद कैबिनेट के आगे रखा जाएगा। फिर कैबिनेट के फैसले के हिसाब से संविधान में नए खंड जोड़े जाएँगे ताकि चुनाव एक साथ हो सकें।