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मैं तो तंदूरी मुर्गी हूँ यार… महिला दिवस पर बॉलीवुड के गाने का Swiggy और boAt ने किया विरोध, लोगों ने कहा- बेहतरीन शुरुआत

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च 2024) के मौके पर बड़े-बड़े संस्थान अपने ढंग से महिलाओं को इस दिन की शुभकामनाएँ देते हैं। इसी क्रम में Swiggy और boAt ने भी कुछ क्रिएटिव किया है। इन दोनों कंपनियों ने आपस में कोलैब करके बॉलीवुड के एक गाने का विरोध किया है जिसमें महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई करने का प्रयास हो रहा है।

गाना करीना कपूर का आइटम सॉन्ग- चिपका ले सैंया फेविकोल से है। इस गाने में एक जगह कहा जाता है- “मैं तो तंदूरी मुर्गी हूँ यार गटका ले सैंया एल्कोहॉल से…।” इसी गाने की लाइन बिलबोर्ड पर लिखकर स्विगी और बोट ने क्रिएटिव ढंग से बताया कि तंदूरी मुर्गी असल में दिखता कैसा है वो किसी लड़की के लिए नहीं कहा जाना चाहिए।

इस पोस्ट के साथ बोट और स्विगी दोनों ने अपना प्रचार तो किया ही लेकिन जो उन्होंने ये संदेश देना चाहा कि महिलाएँ कोई खाने की चीज नहीं हैं। उन्होंने लिखा- कुछ आइटम सिर्फ खाने के मेन्यू में अच्छे लगते हैं न कि प्लेलिस्ट में। इस पोस्ट को देखने के बाद वो नेटिजन्स जिन्हें ये पोस्ट समझ आ रहा है, वो स्विगी और बोट दोनों की तारीफ कर रहे हैं।

कुछ यूजर्स कह रहे हैं कि महिला दिवस पर इससे बेहतर शुरुआत नहीं हो सकती।

वहीं कुछ इसे एक छोटा कदम बता रहे हैं उस ट्रेंड के खिलाफ जो महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई करना दिखाता है।

बता दें कि 8 मार्च को विश्व स्तर पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विश्व स्तर पर बनाया जाता है। इस दिन को मानने का उद्देश्य महिलाओं को समाज में समानता सुरक्षा और बराबरी दिलवाना है। इस दिन को ख़ास बनाने की शुरुआत आज से 115 बरस पहले यानी 1908 में तब हुई थी, जब करीब पंद्रह हज़ार महिलाओं ने न्यूयॉर्क शहर में एक परेड निकाली। उनकी माँग थी कि महिलाओं के काम के घंटे कम हों। तनख़्वाह अच्छी मिले और महिलाओं को वोट डालने का हक़ भी मिले।

दिल्ली के जिम मालिक की शादी से कुछ घंटे पहले निर्मम हत्या: खुद के पिता ने 15 बार घोंपा चाकू, मारकर बोले- कोई पछतावा नहीं

दिल्ली में एक जिम के मालिक गौरव सिंघल की उनकी शादी से कुछ घंटों पहले ही चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी गई। गौरव सिंघल को 15 बार चाकुओं से गोदा गया। ये वारदात बुधवार (06 मार्च 2024) की है, जहाँ शादी से कुछ ही घंटों पहले गौरव सिंघल की बेरहमी से चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। गौरव सिंघल फिट बॉक्स नाम का जिम चलाता था और कुछ ही घंटों बाद वो दूल्हा बनने वाला था। बीते रविवार (3 मार्च 2024) को ही गौरव की सगाई हुई थी। इस हत्याकांड को अंजाम देने वाला उसका पिता मौके से फरार हो गया था, जिसे जयपुर से गिरफ्तार किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, गौरव सिंघल परिवार के साथ देवली एक्सटेंशन के राजू पार्क में रहता था। परिवार में माँ, पिता और एक छोटा भाई है। राजू पार्क में ही गौरव का जिम था। बुधवार की रात करीब साढ़े 12 बजे परिवार वालों ने पुलिस को गौरव की हत्या होने की सूचना दी थी। गौरव पर कई बार चाकू से वार किया गया। इसके बाद उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया। मामले की जाँच कर रहे जाँचकर्ताओं को उस कमरे में हर तरफ खून बिखरा मिला, जहाँ सिंघल का शव मिला था।

पुलिस को शक हुआ कि वारदात को छिपाने के लिए शव को कमरे के अंदर घसीटा गया था। कमरे में और उसके आस-पास अलग-अलग आकार के जूतों के कई निशान भी मिले, जिससे उन्हें संदेह हुआ कि हत्या में एक से अधिक लोग शामिल थे। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जाँच में गौरव और उसके पिता के बीच रिश्तों में खटास का पता चला। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की शुरुआती जाँच में पता चला है कि गौरव शादी नहीं करना चाहता था, लेकिन उसके पिता उस पर दबाव बना रहे थे। सिंघल किसी अन्य महिला से प्यार करता था और उससे शादी करना चाहता था। लेकिन उनके परिवार को उनका रिश्ता मंजूर नहीं था।

पुलिस के अनुसार, तीन मार्च को गौरव की सगाई हुई थी। सात मार्च को ककरोला बाराज जाने वाली थी। वारदात के बाद गौरव का पिता फरार हो गया था। उसका मोबाइल बंद था। इसके बाद पुलिस को उस पर शक गहराया। सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया तो गौरव अपने पिता के साथ नजर आया था।

गौरव का पिता फरार होकर जयपुर पहुँच गया था। उसने वहाँ एक ऑटो ड्राइवर के फोन से अपने घर फोन किया था। पुलिस ऑटो ड्राइवर की मदद से आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस ने कहा कि जाँच के दौरान पता चला कि पिता और पुत्र के बीच मधुर संबंध नहीं थे। आरोपी ने पुलिस से यह भी कहा है कि उसे कोई पछतावा नहीं है और उसे यह पहले ही कर देना चाहिए था। आगे की जाँच जारी है।

जम्मू-कश्मीर में INDI गठबंधन संकट में, उमर अब्दुल्लाह ने PDP को सीट देने से किया इनकार: बोले- अगर ऐसा पता होता तो शामिल ही नहीं होते

जम्मू कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्लाह ने राज्य की अन्य विपक्षी पार्टी पीडीपी के साथ गठबंधन करने से साफ़ इंकार किया है। उन्होंने राजद सुप्रीमो लालू यादव के पीएम मोदी के परिवार को लेकर दिए गए बयान को लेकर भी नाराजगी जाहिर की है।

उमर अब्दुल्लाह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आज अपनी पार्टी की लोकसभा चुनावों को लेकर रणनीति स्पष्ट की। उमर अब्दुल्लाह ने कहा कि उनकी पार्टी महबूबा मुफ़्ती की पार्टी पीडीपी के लिए जम्मू कश्मीर में एक भी सीट नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें यह बात पहले पता होती तो वह INDI गठबंधन में शामिल ही नहीं होते।

उन्होंने कहा कि पीडीपी राज्य में नम्बर 3 की पार्टी है, ऐसे में उसके साथ कोई गठबंधन नहीं हो सकता। उन्होंने मीडिया से कहा, “मैंने आपको पहले ही बता दिया कि नम्बर 3 की पार्टी को अपने लिए सीट माँगने का कोई अधिकार नहीं है। आज पीडीपी के साथ कितने लोग हैं जो उन्हें तीसरे नम्बर पर लेकर आए हैं। अगर हमें INDI गठबंधन में शामिल होने से पता होता कि दूसरे सदस्य के लिए कमजोर होना पड़ेगा, तो हम कभी भी इसमें शामिल नहीं होते।”

गौरतलब है कि INDI गठबंधन में पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस, दोनों ही शामिल हैं। उमर अब्दुल्लाह ने कहा कि वह राज्य में सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी के कहने से कॉन्ग्रेस के लिए सीट छोड़ सकते हैं लेकिन पीडीपी के लिए सीट नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर और लदाख में कॉन्ग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस 3-3 सीट पर लड़ेगी।

उमर ने बताया है कि जम्मू क्षेत्र की दो सीट और लद्दाख सीट पर कॉन्ग्रेस जबकि कश्मीर क्षेत्र की तीन सीटों नेशनल कॉन्फ्रेंस लड़ेगी। गौरतलब है कि पीडीपी के अनंतनाग लोकसभा सीट पर दावेदारी जताने की चर्चा थी लेकिन अब INDI गठबंधन में उमर पीडीपी के लिए कोई जगह नहीं बनने देना चाहते। इससे पहले फारुक अब्दुल्लाह नेशनल कॉन्फ्रेंस के अकेले चुनाव लड़ने की भी बात कर चुके हैं। हालाँकि, बाद में उमर ने स्पष्टीकरण दिया था कि उनकी पार्टी INDI गठबंधन का हिस्सा है।

उमर अब्दुल्लाह ने पीडीपी पर गठबंधन धर्म ना निभाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब पूर्व कॉन्ग्रेसी नेता गुलाम बनी आजाद ने उनकी पार्टी पर हमले किए तो पीडीपी ने उनका साथ दिया। उन्होंने कहा कि पीडीपी लगातार नेशनल कॉन्फ्रेंस को निशाना बना रही है।

उमर अब्दुल्लाह ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के पीएम मोदी को लेकर दिए गए बयान पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की बातें आम जनता पर असर नहीं करती और लालू का यह बयान सेल्फ गोल है। उन्होंने कॉन्ग्रेस सांसद राहुल गाँधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने राहुल गाँधी के अम्बानी-अडानी और राफेल जैसे मुद्दों को उठाने को गैरजरूरी बताया। उन्होंने कहा कि चौकीदार चोर है जैसे नारे लोग पसंद नहीं करते और इससे हमारा कोई फायदा नहीं होता।

एक का सर्वाइकल कैंसर से निधन, दूसरी का पीलिया से…. कुछ ही घंटों के अंतराल में चली गई दो अभिनेत्री बहनों की जान, परिजनों पर मुसीबत का पहाड़ टूटा

सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित अभिनेत्री डॉली सोही का आज शुक्रवार (8 मार्च 2024) की सुबह निधन हो गया। वह 48 वर्ष की थीं और काफी समय से सर्वाइकल कैंसर से जूझ रही थीं। इससे ठीक एक दिन पहले यानी गुरुवार (7 मार्च 2024) को उनकी बड़ी बहन अमनदीप सोही का निधन हो गया। अमनदीप सोही भी अभिनेत्री थीं। वह पीलिया से पीड़ित थीं और एक महीने से बीमार चल रही थीं।

डॉली एवं अमनदीप के भाई मन्नू सोही ने बताया कि कुछ ही घंटों में दोनों बहनों को खोने से परिवार सदमे में है। उन्होंने बताया, “डॉली का आज सुबह लगभग 4 बजे निधन हो गया। डॉली और अमनदीप दोनों को नई मुंबई के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कल अमनदीप का निधन हो गया और अब डॉली का। हम पूरी तरह से तबाह हो गए हैं।”

अमनदीप सोही को लेकर उनके भाई ने कहा था, “यह सच है कि अमनदीप अब नहीं रहीं। उनके शरीर ने साथ छोड़ दिया। उन्हें पीलिया हो गया था, लेकिन हम डॉक्टर से पूछने की स्थिति में नहीं हैं।” अमनदीप को लीवर की समस्या थी।

डॉली के परिजनों ने एक बयान जारी कर अभिनेत्री की मृत्यु की जानकारी दी। इस बयान में लिखा था, “हमारी प्यारी डॉली आज सुबह-सुबह इस दुनिया को छोड़कर अनंत की ओर रवाना हो गई। इस घटना से हमल लोग सदमे की स्थिति में हैं। अंतिम संस्कार आज दोपहर को किया जाएगा। आगे की जानकारी साझा करूँगा।”

डॉली ने पिछले साल कीमोथैरेपी सेशन के बाद एक फोटो शेयर की थी। इसमें लिखा था, “मुझे अपना प्यार देने और प्रार्थना करने लिए आप सभी को धन्यवाद। हाल का जीवन रोलर कोस्टर रहा है, लेकिन अगर आपके पास इससे लड़ने की ताकत है तो आपकी यात्रा आसान हो जाती है। यह आप पर निर्भर करता है कि आप यात्रा का शिकार (कैंसर) या यात्रा से बचे हुए व्यक्ति में से किसे चुनते हैं।”

टीवी ऐक्ट्रेस डॉली को भी इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। हालाँकि पहले बताया गया था कि वह ठीक हो रही हैं। उन्हें हाल ही में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें साँस लेने में समस्या हो रही थी। उपचार के बाद उनमें सुधार के लक्षण दिखे थे, लेकिन आखिरकार उन्होंने इस नश्वर संसार को छोड़ दिया।

डॉली सोही ‘झनक’, ‘मेरी आशिकी तुम से ही’ और ‘खूब लड़ी मर्दानी… झाँसी की रानी’ जैसे शो का हिस्सा रह चुकी हैं। स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण उन्हें ‘झनक’ शो छोड़ना पड़ा, क्योंकि कीमोथेरेपी लेने के बाद वह लंबे समय तक शूटिंग नहीं कर सकती थीं। डॉली अपने लगभग 2 दशक के करियर में कई टीवी शो का हिस्सा रही हैं। उनके परिवार में उनकी एक किशोर बेटी है।

राज्यसभा सांसद बनीं पद्मश्री सुधा मूर्ति, राष्ट्रपति ने किया मनोनीत: PM बोले- ‘यह हमारी नारी शक्ति का उदाहरण’

इंफोसिस फाउंडेशन की पूर्व चेयरपर्सन और समाजसेवी सुधा मूर्ति राज्य सभा जाएँगी। उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है। उनका नामांकन आज (8 मार्च, 2024) यानी महिला दिवस वाले दिन किया गया है। उनके राज्यसभा में मनोनीत होने की जानकारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दी है।

पीएम नरेन्द्र मोदी ने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में यह जानकारी साझा करते हुए लिखा, “मुझे खुशी है कि भारत की राष्ट्रपति ने सुधा मूर्ति जी को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है। सामाजिक कार्य, सहायता और शिक्षा सहित अन्य कई क्षेत्रों में सुधा जी का योगदान अतुलनीय और प्रेरणादायक रहा है। राज्यसभा में उनकी उपस्थिति हमारी ‘नारी शक्ति’ का एक शक्तिशाली उदाहरण है, जो हमारे देश के भविष्य को आकार देने में महिलाशक्ति और क्षमता का उदाहरण है। मैं उनके सफल संसदीय कार्यकाल की कामना करता हूँ।”

गौरतलब है कि राज्यसभा में 12 सदस्य ऐसे मनोनीत किए जाते हैं जो कि कला, खेल, साहित्य, समाजसेवा, विज्ञान या अन्य क्षेत्रों के विद्वान हों। इन्हें राष्ट्रपति के द्वारा सदन में मनोनीत किया जाता है। सुधा मूर्ति को इसी कोटे के तहत मनोनीत किया गया है।

73 वर्षीय सुधा मूर्ति भारत की बड़ी टेक कम्पनी इनफ़ोसिस के फाउंडर एन आर नारायणमूर्ति की पत्नी हैं। उनकी बेटी अक्षता के पति ऋषि सुनाक हैं जो कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री हैं। मूर्ति स्वयं इंफोसिस फाउंडेशन की पूर्व चेयरपर्सन हैं जो कि समाजसेवा का काम करता है। प्रभावशाली परिवार से आने के बाद भी वह बहुत ही सामान्य तरीके से रहती हैं।

सुधा मूर्ति स्वयं एक इंजीनियर हैं। वह टाटा कम्पनी में इंजीनियर रह चुकी हैं। वह समाजसेवी होने के साथ ही एक साहित्यकार भी हैं। वह कई किताबें लिख चुकी हैं। उनके पति नारायणमूर्ति के इंफोसिस को एक सफल कम्पनी के रूप में खड़ा करने के पीछे उनका भी बड़ा रोल माना जाता है। इसका जिक्र स्वयं नारायणमूर्ति कर चुके हैं।

समाज में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें पद्म श्री और पद्म भूषण से सम्मानित की जा चुकी हैं। मूर्ति को पद्म भूषण 2023 में ही दिया गया था। मूर्ति वर्तमान में भारत में नहीं हैं। उन्होंने राज्यसभा भेजे जाने को एक बड़ी जिम्मेदारी बताया है।

‘मेरी रानी, मेरी ताकत, मेरी सुपरस्टार…’ : जैकलीन फर्नांडिस के लिए फिर जागा ठग सुकेश चंद्रशेखर का प्यार, महिला दिवस पर लिखा लव लेटर

दिल्ली की मंडोली जेल में बंद महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने महिला दिवस के मौके पर फिर से जैक्लीन फर्नांडिस के लिए पत्र लिखा है। इस पत्र में उसने जैक्लीन को रानी, अपनी ताकत और सुपरस्टार करार दिया है। कथित तौर पर सुकेश चंद्रशेखर और जैक्लीन फर्नांडिस के बीच प्रेम संबंध रहे हैं। वहीं, जैक्लीन ने पिछले माह कोर्ट में अर्जी लगाई थी कि सुकेश को उनके लिए पत्र लिखने पर रोक लगाई जाए, साथ ही इन पत्रों को सार्वजनिक होने से रोका जाए, हालाँकि बाद में फर्नांडिस ने कोर्ट में दाखिल की गई अपनी याचिका वापस ले ली थी।

सुकेश ने चिट्ठी में जताया खूब प्यार

सुकेश ने चिट्ठी में लिखा, ‘मेरी रानी, मेरी शक्ति और मेरी सुपर स्टार! ये सभी महिलाओं का दिन है। महिलाएँ असल जिंदगी में सुपर हीरो हैं। जीवन संवारती हैं। जो ये कहते हैं कि ये पुरुषों की दुनिया है सब झूठ कहते हैं। नारी ही पुरुष की असली शक्ति है। स्त्री के बिना पुरुष कुछ नहीं। मेरे जीवन में भी जैकलीन जैसी खूबसूरत महिलाएँ हैं, जैकलीन उन सभी हसीन महिलाओं के लिए आदर्श है जो आज जश्न मना रही हैं।’

सुकेश ने अपने पत्र में लिखा, “अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने के लिए आप उन सभी महिलाओं के लिए बड़ी प्रेरणा हैं जो लड़ाई लड़ रही हैं। बेबी तुम एक रॉकस्टार हो, मेरी सुपर स्टार और हीरो हो। बेबी मैंने तुम्हारी कुछ तस्वीरें और पोस्ट देखी, तुम सुपर स्टनिंग लग रही हो। काले कुर्ते में मेरा दिल एक बार फिर चोरी हो गया।”

उसने पत्र में लिखा, “मेरे दिल की धड़कनें थम गईं, जब तुम्हारी बिल्डिंग ने आग लगने की खबर आई। ईश्वर का शुक्रिया कि तुम बिल्कुल ठीक हो।” बता दें कि एक दिन पहले ही जैकलीन की बिल्डिंग में आ लग गई थी, जिसमें उन्हें कोई नुकसान तो नहीं पहुँचा था, लेकिन आसपास नुकसान हुआ था। सुकेश चंद्रशेखर ने चिट्ठी के आखिर में सभी लोगों को महाशिवरात्रि और महिला दिवस की शुभकामनाएँ भी दी। वैसे इस पत्र में सुकेश ने जैकलीन के नए गाने का भी जिक्र किया था, जो अब रिलीज हो गया है।

जैकलीन ने सुकेश चंद्रशेखर पर लगाए थे ये आरोप

गौरतलब है कि सुकेश चंद्रशेखर 200 करोड़ रुपये की रंगदारी मामले में मुख्य आरोपित है। जैकलीन ने अपनी शिकायत में कहा था कि सुकेश पत्र लिखकर उन्हें धमकाता है और मीडिया के माध्यम से वो ये कोशिश करता है कि अदालत में उसके खिलाफ सच्चाई का खुलासा न हो सके। जैकलीन ने अदालत से प्रार्थना की थी कि वह जाँच एजेंसी और जेल अधीक्षक, मंडोली को निर्देश जारी करे कि वह चन्द्रशेखर को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उन्हें कोई और पत्र, संदेश या बयान जारी करने से तुरंत रोकें। हालाँकि बाद में उन्होंने ये याचिका वापस ले ली थी।

असम के डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल का अधीक्षक निपेन दास गिरफ्तार: खालिस्तान समर्थक अमृतपाल यही है बंद, सेल में मोबाइल सहित मिले थे कई गैजेट

खालिस्तान समर्थक ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह सहित कई कट्टरपंथी असम के डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद हैं। इतने खतरनाक लोगों के जेल में बंद होने के बावजूद उनके सेल से कई स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बरामद हुए थे। इस मामले में शुक्रवार (8 मार्च 2024) को जेल के अधीक्षक निपेन दास को गिरफ्तार कर लिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, डिब्रूगढ़ के सेंट्रल जेल में 17 फरवरी 2024 को अमृतपाल के सेल की जाँच की गई थी। उसके पास से मोबाइल फोन और जासूसी कैमरे सहित कई सामान बरामद किए गए थे। इसे बेहद लापरवाही का मामला माना गया और जाँच के बाद जेल के अधीक्षक निपेन दास को गिरफ्तार कर लिया है। दास की गिरफ्तारी की पुष्टि डिब्रूगढ़ के एसपी वीवीआर रेड्डी ने की है।

खालिस्तान समर्थक कैदियों के कब्जे से एक सिम कार्ड के साथ एक स्मार्टफोन, एक कीपैड फोन, कीबोर्ड के साथ एक टीवी रिमोट, एक स्पाई कैमरा पेन, पेन-ड्राइव, एक ब्लूटूथ हेडफोन शामिल थे। उस समय असम के डीजीपी जीपी सिंह ने कहा था, “डिब्रूगढ़ जेल में NSA लगाए गए बंदियों को रखा गया है। इस सेल में होने वाली ऐसी अवैध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर एनएसए ब्लॉक के परिसर में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे।”

बता दें कि अमृतपाल सिंह सहित कई खालिस्तान समर्थक डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। इसमें उनका एक चाचा भी शामिल हैं। उन्हें पिछले साल 23 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद उसे असम के डिब्रूगढ़ की जेल में लाया गया था। वारिस पठान दे संगठन पर कार्रवाई के बाद उसके समर्थकों को पंजाब के विभिन्न हिस्सों से NSA के तहत गिरफ्तार किया गया था।

इन कट्टरपंथियों को पंजाब से असम लाए जाने के बाद जेल में मल्टीलेवल सिक्युरिटी सिस्टम लगाया गया था। अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और ख़राब कैमरों को बदल दिया गया था। डिब्रूगढ़ जेल पूर्वोत्तर की सबसे पुरानी और सबसे हाई सिक्यूरिटी वाली जेलों में से एक है। इसका निर्माण 1859-60 में हुआ था।

गौरतलब है कि अमृतपाल ने गिरफ्तार हुए अपने एक सहयोगी की रिहाई के लिए अजनाला पुलिस थाने पर समर्थकों के साथ धावा बोल दिया था। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी थी। लगभग 36 दिनों तक फरार रहने के बाद मोगा में अमृतपाल पुलिस के शिकंजे में आया था। वो 18 मार्च से ही अजनाला से फरार चल रहा था। 23 अप्रैल को मोगा में मिला।

अमेरिका के मीडिया टाइकून ने 92 साल की उम्र में छठी बार की सगाई: 67 साल की GF है रिटायर वैज्ञानिक, पहले फ्लाइट अटेंडेंट से लेकर हिरोइन तक से कर चुके हैं शादी

अमेरिका के मीडिया टाइकून रूपर्ट मर्डोक पाँचवी दफा शादी करने जा रहे हैं। उन्होंने 92 वर्ष की उम्र में 67 साल की अपनी रिटायर हो चुकी वैज्ञानिक गर्लफ्रेंड एलेना झुकोवा से छठी बार सगाई की है। वह अमेरिका के कई मीडिया चैनल और पब्लिकेशन के मालिक हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार (7 मार्च 2024) को अमेरिकी अरबपति की शादी को लेकर घोषणा हुई। बताया गया कि ये शादी कैलिफोर्निया के मर्डोक के मोरागा वाइनयार्ड और एस्टेट में होगी। इस खबर के आने से पहले मर्डोग ने रेडियो होस्ट एन लेस्ली स्मिथ के साथ अपनी सगाई को तोड़ा था। इस सगाई के टूटने के 5 महीने बाद उन्होंने इस वाली सगाई की जानकारी दी।

इससे पहले रूपर्ट ऑस्ट्रेलियाई फ्लाइट अटेंडेंट पेट्रीसिया बुकर, स्कॉटिश मूल की पत्रकार अन्ना मान, वेंडी डेंग और अमेरिकी मॉडल और अभिनेत्री जेरी हॉल से शादी कर चुके हैं। वहीं झुकोवा की पहली शादी रूसी तेल अरबपति अलेक्जेंडर ज़ुकोव से शादी हुई थी। उनकी बेटी दशा, एक सोशलाइट और बिजनेसवुमन हैं, जो 2017 में सादी कर चुकी हैं।

बता दें कि ऑस्ट्रेलिया में जन्मे मीडिया टाइकून रूपर्ट ने 1950 के दशक में ऑस्ट्रेलिया में अपना करियर शुरू किया था। इसके बाद 1969 में उन्होंने यूके में न्यूज ऑफ द वर्ल्ड और द सन अखबार खरीदे। बाद में उन्होंने न्यूयॉर्क पोस्ट और वॉल स्ट्रीट जर्नल सहित कई अमेरिकी प्रकाशन भी खरीदे और 1996 में जाकर उन्होंने फॉक्स न्यूज लॉन्च किया जो अब अमेरिका में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला टीवी न्यूज चैनल है।

इसके बाद उन्होंने 2013 में न्यूज कॉर्प की स्थापना की, जिसके जरिए वह सैकड़ों स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट के मालिक बने। एक रिपोर्ट के अनुसार उनकी संपत्ति 8.96 अरब है। उनके इतने अमीर होने के साथ वो मीडिया में विवादों के कारण भी चर्चा में रहे। दरअल, 2011 में उनका ब्रिटिश अखबार, न्यूज ऑफ द वर्ल्ड, फोन हैकिंग घोटाले में फँस गया था, जिसके कारण उसे बंद करना पड़ा। उनके ऊपर पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग जैसे आरोप लगे, उनकी आलोचनाएँ हुईं थीं।

अमेरिका के ड्रयू हिक्स को PM मोदी से मिला क्रिएटर्स अवार्ड: धाराप्रवाह भोजपुरी-हिंदी बोलकर जीत रहे भारतीयों का दिल, खुद को बताते हैं दिल से बिहारी

आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नेशनल क्रिएटर्स अवार्ड का वितरण किया। यह आयोजन दिल्ली के भारत मंडपम में किया गया था। यहाँ अलग अलग श्रेणियों में कंटेंट बनाने वाले 20 क्रिएटर्स को सम्मानित किया। इन्हीं में से एक ड्रयू हिक्स को भी सम्मानित किया गया। अब हिंदी और भोजपुरी में वीडियो बनाने वाले ड्रयू हिक्स की चारों तरफ चर्चा हो रही है।

हिक्स को रचनात्मकता वाले वीडियो बनाने के लिए पुरष्कार मिला। ड्रयू हिक्स ने पुरष्कार मिलने के बाद कहा कि वह भारत का नाम रोशन करना चाहते हैं। हिक्स ने इस दौरान कहा कि वह इतना नर्वस महसूस कर रहे थे कि वह सब भाषाएँ बोल देंगे। इस दौरान हिक्स ने अपनी कहानी भी बताई और पुरष्कार के लिए धन्यवाद किया।

ड्रयू हिक्स एक अंग्रेजी बोलने वाले अमेरिकी हैं जो कि हिंदी और भोजपुरी में वीडियो बनाते हैं।

हिक्स के इन्स्टाग्राम पर लगभग 9 लाख फॉलोवर हैं। उनके लोगों को हंसाने वाले वीडियो काफी वायरल होते हैं। हिक्स के वीडियो को करोड़ों लोग देखते हैं। हिक्स के अधिकाँश वीडियो भारतीय समाज से सम्बंधित होते हैं और वह इससे लोगों को हंसाते हैं।

लोगों की यह जानने में उत्सुकता रहती है कि एक अमेरिकी अंग्रेज होने बाद भी हिक्स कैसे हिंदी और भोजपुरी में वीडियो बनाते हैं। उन्होंने अपनी कहानी एक बार इन्स्टाग्राम पर एक पोस्ट डाल कर शेयर की थी। उन्होंने बताया था कि उनका भारत से कैसे जुड़ाव हुआ।

हिक्स ने बताया कि जब वह पाँच वर्ष के थे तभी उनके माता-पिता वाराणसी आ गए थे। उनके पिता बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में थे। इसके बाद उनका परिवार बिहार चला गया। हिक्स ने बताया कि उन्होंने यहीं पर हिंदी सीखी। हिक्स ने बताया कि वह 11 वर्षों तक भारत में रहे। इस दौरान उनका भारत से जुड़ाव बढ़ता गया।

हिक्स ने बताया कि उनका जीवन भी भारतीय बच्चों की तरह पतंग उड़ाते, क्रिकेट खेलते और भारतीय घरों की तरह दाल चावल खाते हुए गुजरा। उन्होंने कहा कि वह भारत में कई जगह घूमे हैं। उनके भारत में बहुत सारे दोस्त भी हैं। उन्होंने भारत में अपने पसंदीदा जगह की भी बात की थी।

हिक्स ने बताया कि भारत इतना सुंदर है कि किसी एक जगह को अपनी पसंदीदा बताना मुश्किल है। उन्होंने कहा था कि उन्हें सबसे अधिक केदारनाथ पसंद है। उन्होंने एक वीडियो में बताया था कि उनका पासपोर्ट जरुर अमेरिकी है लेकिन उनका दिल एक बिहारी का है।

एक अन्य वीडियो में हिक्स ने कहा कि अगर कोई उनसे यह कहे कि वह असली अमेरिकी नहीं हैं तो वह यह कहेंगे जो जिसका मन है वह सोच सकता है, लेकिन अगर कोई उन्हें असली बिहारी नहीं मानेगा तो वह गुस्से में आ जाएँगे। हिक्स अन्य कई देशों के यूट्यूबर के साथ वीडियो बनाते हैं, इनमें से अधिकाँश हिंदी में वीडियो बनाने वाले होते हैं।

रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट: NIA ने मोहम्मद सुलेमान को हिरासत में लिया, ISIS के बल्लारी मॉड्यूल के सरगना होने का संदेह

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में हुए बम विस्फोट के सिलसिले में पूछताछ के लिए जेल में बंद एक संदिग्ध आतंकी को हिरासत में ले लिया है। जिस संदिग्ध को NIA ने हिरासत में लिया है, उसका नाम मिन्हाज उर्फ मोहम्मद सुलेमान है। उसे पिछले साल दिसंबर में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में NIA की जाँच बल्लारी तक जा पहुँची है।

कर्नाटक के बल्लारी का रहने वाला मिन्हाज उर्फ मोहम्मद सुलेमान 26 साल का है और वह कपड़े का व्यापार करता था। उसे आतंकी गतिविधियों के मामले में 18 दिसंबर 2023 को गिरफ्तार किया गया था। रामेश्वर कैफे मामले में पूछताछ के लिए NIA ने विशेष अदालत से बॉडी वॉरंट की माँग की थी। इसके बाद अदालत ने सुलेमान को 9 मार्च 2024 तक NIA की हिरासत में भेज दिया।

मिन्हाज की NIA हिरासत की उस दिन सामने आई जब कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि कैफे विस्फोट की जाँच कर रहे जाँचकर्ताओं को कुछ सुराग मिले हैं। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे सुराग मिले हैं, जिससे पता चलता है कि संदिग्ध हमलावर ने तुमकुरु की ओर बस में यात्रा की थी और फिर अपने कपड़े बदले थे।

संदेह जताया जा रहा है कि कपड़े बदलने के बाद वह बस से बल्लारी निकल गया। परमेश्वर ने तुमकुरु में संवाददाताओं से कहा, “इस बात के सुराग मिले हैं कि संदिग्ध एक बस में यहाँ आया था। जाँचकर्ताओं ने फुटेज की जाँच की है और कुछ सुराग मिले हैं। वे तुमकुरु से बल्लारी तक के रास्ते की पुष्टि कर रहे हैं।”

इसके बाद राजधानी बेंगलुरु में संवाददाताओं से बात करते हुए जी परमेश्वर ने कहा, “घटना के बाद इस बात के विश्वसनीय सुराग मिले हैं कि संदिग्ध ने अपने कपड़े बदले और बस में यात्रा की थी। अभी पूरे मामले की जानकारी सामने नहीं आ सकी है। बहुत जल्द ही संदिग्ध को पकड़ लिया जाएगा।”

NIA को संदेह है कि सुलेमान उत्तरी कर्नाटक के बल्लारी में स्थित ISIS मॉड्यूल का प्रमुख है। इसके पहले वह प्रतिबंधित इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़ा था। इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) विस्फोटों को अंजाम देने की साजिश रचने के आरोप में पिछले साल दिसंबर में NIA ने उसके घर पर छापेमारी की थी।

इस छापेमारी में मिन्हाज उर्फ मोहम्मद सुलेमान को चार अन्य संदिग्धों के साथ गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे बल्लारी के जेल में रखा गया था। रामेश्वर कैफे ब्लास्ट मामले में हमलावर का सुलेमान से संपर्क की आशंका जताई जा रही है। इसको लेकर NIA ने अपनी जाँच बल्लारी तक बढ़ा दी है।

दरअसल, NIA ने 14 दिसंबर 2023 को ‘आईएसआईएस के बल्लारी मॉड्यूल’ के खिलाफ मामला दर्ज किया था। यह मॉड्यूल आईईडी बम बनाने के लिए विस्फोटक कच्चे माल का उपयोग करने की योजना बनाई थी। इन बमों से आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जाना था।

बता दें कि रामेश्वरम कैफे में यह धमाका 1 मार्च 2024 को हुआ था। इसके बाद मामले की जाँच NIA ने अपने हाथ में ले ली। तमाम जाँच एवं सीसीटीवी खंगालने के बाद हमलावर संदिग्ध की तस्वीरें सामने आई हैं। इसमें उसका चेहरा भी स्पष्ट दिख रहा है। उसने जो टोपी पहनी थी, वह टोपी भी बरामद कर ली गई है।

रामेश्वरम कैफे में धमाका करने वाला संदिग्ध सुबह 10:45 मिनट पर एक सार्वजनिक बस से उतरा था। यह बस स्टॉप कैफे से मात्र 100 मीटर ही दूर है। इसके बाद वह घूमता हुआ 11:34 पर कैफे में घुसा और 8 मिनट बाद ही बाहर निकल गया। इस बीच ही उसने यहाँ बम रखा।

वह यहाँ से निकलने के बाद एक किलोमीटर दूर स्थित एक बस स्टॉप पर गया और वहाँ से बस पकड़ ली। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि यह संदिग्ध अपने इस रास्ते में एक मुस्लिम मजहबी केंद्र पर भी रुका था। यहाँ उसने अपना भेष बदला था और टोपी भी छोड़ दी थी। इसके सिर पर 10 लाख रुपए का इनाम रखा गया है।