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मोहम्मद इसराफिल ने मुन्ना महतो बन नाबालिग को इंस्टा पर फाँसा, नेपाल से भगाकर लाया उत्तराखंड: मंदिर में शादी का किया दिखावा, नैनीताल पुलिस ने दबोचा

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में लव जिहाद का एक नया मामला सामने आया है। यहाँ नेपाल निवासी एक मुस्लिम युवक एक नेपाली लड़की के साथ आकर रह रहा था। पीड़िता 16 साल की नाबालिग है। आरोपित ने लड़की को धोखे में रखते हुए मंदिर में शादी कर ली है। 24 वर्षीय युवक का नाम मोहम्मद इसराफिल उर्फ दारा अंसारी है। उसे एक NGO की शिकायत के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है।

इसके साथ ही पुलिस ने बुधवार (6 मार्च 2024) को लड़की को भी बरामद कर लिया। मामला भीमताल क्षेत्र की है। मिशन मुक्ति फाउंडेशन NGO की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि मोहम्मद इसराफिल नेपाल के परसाबीरगंज का निवासी है। उसने नेपाल के शिवपुर में रहने वाली 16 वर्षीय एक नाबालिग लड़की से इंस्टाग्राम पर दोस्ती की। इस दौरान उसने अपना नाम मुन्ना महतो बताया था।

इसराफिल ने लड़की को शादी के सपने दिखाए। इसके बाद पीड़िता उसके झाँसे में आ गई। इसके बाद 11 दिसंबर 2023 को मोहम्मद इसराफिल अंसारी लड़की को लेकर अपने साथ उत्तराखंड भाग आया।जब लड़की अपने घर से लापता हुई तो उसके परिजनों ने खोजबीन शुरू कर दी। लगभग 1 माह बाद लड़की की माँ को एक व्हाट्सएप नंबर से कॉल की गई।

कॉलर ने पीड़िता की माँ से कहा कि अपनी बेटी को भूल जाओ। नेपाली अभिभावकों ने इसकी शिकायत बिहार के बेतिया क्षेत्र में पड़ने वाले सशत्र सीमा बल (SSB) यूनिट को दी। इस काम में NGO मिशन मुक्ति फाउंडेशन के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सिंह ने पीड़ित परिवार की मदद की। SSB यूनिट से नैनीताल के एसएसपी को पत्र लिखकर पीड़िता को बरामद करने में मदद माँगी।

इस बीच लड़की को नेपाल से नैनीताल लाए इसराफिल ने हिन्दू बनकर धोखे में रखा। उसने भीमताल में अपना ठिकाना बनाया और पीड़िता से घोड़ाखाल के एक मंदिर में शादी भी कर ली। इस दौरान आरोपित ने पीड़िता के नाबालिग होने के बावजूद कई बार रेप किया। एक दिन इसराफिल अपना फोन घर पर छोड़ कर चला गया था, तभी उसके नंबर पर एक कॉल आई, जो इसराफिल के रिश्तेदार की थी।

यह फोन पीड़िता ने उठाया। कॉलर ने इसराफिल अंसारी से बात कराने को कहा। तब जाकर पीड़िता को इसराफिल के मुन्ना महतो नहीं, बल्कि मुस्लिम होने की जानकारी हुई। हालाँकि, पीड़िता के पास निकलने का कोई विकल्प नहीं बचा था। इस बीच नैनीताल पुलिस ने इसराफिल के खिलाफ अपनी जाँच शुरू कर दी थी। आखिरकार पुलिस को उसकी लोकेशन मिल गई।

पुलिस ने 6 मार्च 2024 को भीमताल क्षेत्र से उसे हिरासत में ले लिया और पीड़िता को बरामद कर लिया। इसराफिल के खिलाफ बलात्कार, पॉक्सो एक्ट सहित कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया। पीड़िता ने बताया कि इसराफिल कई बार उससे केरल चलने की बात करता था। पुलिस आरोपित का पूरा मकसद पता करने में जुटी है।

कनाडा में गैंगवार: भारतीय मूल के व्यवसायी के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग, गैंगस्टर गोल्डी बरार का हाथ होने की आशंका

भारतीय गैंगस्टर गोल्डी बरार के गिरोह के एक सदस्य ने कनाडा में एक भारतीय मूल के व्यवसायी के घर पर गोलीबारी की। इसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक नकाबपोश व्यक्ति को आवास पर गोलीबारी करते देखा गया जा सकता है। कहा जा रहा है कि यह वीडियो तीन दिन पहले यानी 6 मार्च 2024 को रिकॉर्ड किया गया था।

हालाँकि, इस गैंग ने इस हमले की अभी जिम्मेवारी नहीं ली है। रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बरार ने ही 28 वर्षीय पंजाबी कलाकार सिद्धू मूसेवाला की हत्या कराई थी। मूसेवाला की मई 2022 में पंजाब के मनसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

गोल्डी बरार भारत और कनाडा दोनों देशों में वांछित है। वह जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य है। सूत्रों ने बताया कि गोल्डी बरार गिरोह और उसके प्रतिद्वंद्वी कनाडा में जबरन वसूली के लिए अक्सर गोलीबारी में शामिल रहते हैं। वह आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ा है और माना जाता है कि वह कनाडा के ब्रैम्पटन में रहता है।

जनवरी 2024 में उसे आतंकवादी के रूप में नामित करने के लिए भारत सरकार द्वारा गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम लागू किया था। गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि गोल्डी बरार हत्या, जबरन वसूली और धमकी भरे फोन कॉल करने सहित कई अपराधों से जुड़ा हुआ है।

उस पर भारत में बंदूकें और गोला-बारूद की तस्करी के लिए ड्रोन तैनात करने का भी आरोप लगाया गया है। इसके अलावा, उस पर लक्षित हत्याएँ (Target Kiling) को अंजाम देने का अंदेश है। वह इस तरह की हत्याओं के जरिए राष्ट्रीय शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश में लगा है, खासकर पंजाब में।

भारत सरकार द्वारा 1 जनवरी 2024 को उसे आतंकी घोषित करने के बाद इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया है। उसके खिलाफ 12 दिसंबर 2022 को गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। तब से दोनों देशों की पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।

गोल्डी बराड़ पंजाब के श्री मुक्तसर साहेब का रहने वाला है। साल 1994 में जन्मा गोल्डी कनाडा के ब्राम्पटन में रहकर भारत में अपना सिंडिकेट चलाता है। वो खालिस्तानी आतंकियों के साथ जुड़कर भारत विरोधी काम भी कर रहा है। इंटरपोल के अनुसार, 29 वर्षीय गोल्डी बराड़ हत्या, आपराधिक साजिश और अवैध हथियारों की तस्करी में शामिल है। उसके खिलाफ पहले ही एक रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है। उसे पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस कनाडा तक गई थी लेकिन उसे पकड़ा नहीं जा सका है।

बता दें कि कुछ दिन पहले ही गैंगस्टर लखबीर सिंह लांडा को भी गृह मंत्रालय ने आतंकी घोषित किया था। उसका भी लिंक बब्बर खालसा इंटरनेशनल से हैं। गोल्डी बराड़ का भी उससे लिंक है। वो पाकिस्तान में रहने वाले आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा के साथ काम करता है। लांडा पर तरनतारन जिले के पुलिस स्टेशन पर आरपीजी हमले का मास्टरमाइंड होने का आरोप है।

पकड़ा गया ₹2000 करोड़ के ड्रग रैकेट का सरगना जाफर सादिक: CM स्टालिन, उदयानिधि के साथ थी तस्वीरें, जयपुर से हुई गिरफ्तारी

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने हाल ही में उजागर किए गए ₹2000 करोड़ के ड्रग रैकेट के सरगना जाफ़र सादिक को गिरफ्तार किया है। DMK का पूर्व पदाधिकारी जाफ़र बीते 15 दिनों से फरार था। उसे राजस्थान के जयपुर में एक होटल से गिरफ्तार किया गया है।

गौरतलब है कि फरवरी, 2024 में दिल्ली पुलिस और NCB ने एक बड़े ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ करके दिल्ली से तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। पता चला था कि इस पूरे रैकेट का सरगना तमिलनाडु का रहने वाला जाफ़र सादिक है जो कि सत्ताधारी DMK का पदाधिकारी था।

वह एक फिल्म निर्माता भी है। सादिक की तमिलनाडु CM स्टालिन और उनके बेटे उदयानिधि के साथ तस्वीरें भी सामने आई थी। सादिक इस खुलासे के बाद से ही फरार था। एजेंसियाँ उसकी तलाश कर रही थीं। अब उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

दिल्ली में मारे गए इस छापे में स्यूडोफेड्राइन नाम की एक ड्रग बरामद हुई थी। सामने आया था कि यह रैकेट इस ड्रग को अलग अलग खाने के सामान में छुपा कर ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भेज रहा था, जहाँ इसकी कीमत करोड़ों में है। यह ड्रग समुद्र के रास्ते भेजी जाती थी।

यह भी सामने आया था कि बीते तीन वर्षों में 3500 किलो से अधिक ड्रग इन देशों को भेजी जा चुकी है। अब तक 45 बार इन देशों ड्रग भेजी गई थी। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजर में कीमत कम से कम ₹2000 करोड़ बताई जा रही थी। इस पूरे रैकेट के तार सादिक से जुड़े थे।

CM स्टालिन के साथ दिखा था जाफ़र सादिक

जाफ़र सादिक एक तमिल फिल्म निर्माता है। वह अब तक 4-5 फिल्म बना चुका है। उसने एक फिल्म ‘मंगाई’ बनाई थी। इसका एक गाना उदयानिधि की पत्नी के हाथों लॉन्च किया गया था। इससे पहले वह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने भी मिला था। वह सीएम स्टालिन से 17 दिसम्बर 2023 को मिला था। सादिक ने इस दौरान उन्हें ₹10 लाख चेक सौंपा था। यह चेक मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए था। यह दान उसने तूफ़ान मिचौन्ग के बाद दिया था।

वह सिर्फ सीएम स्टालिन से ही नहीं बल्कि उनके बेटे और तमिलनाडु सरकार में मंत्री उदयानिधि स्टालिन से भी मिला था। उन्हें इसने ₹2 लाख का चेक सौंपा था, जो मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए था। इस दान को लेकर उदयानिधि ने सादिक की प्रशंसा में एक पोस्ट भी लिखा था, वह अब डिलीट कर दिया गया है।

DMK का पदाधिकारी था जाफ़र सादिक

जाफ़र सादिक तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी DMK से जुड़ा हुआ था और इसकी NRI विंग का मैनेजर था। उसे ड्रग आरोपों के बाद पार्टी ने निकाल दिया गया था उसकी कई DMK सांसदों और विधायकों के साथ फोटो हैं।

भाजपा ने DMK को घेरा

जाफ़र सादिक की गिरफ्तारी के बाद तमिलनाडु भाजपा ने DMK को घेरा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई ने इस मामले की उच्च स्तरीय जाँच की माँग की है। उन्होंने कहा है कि सादिक DMK नेताओं का करीबी था और यह जानना जरुरी है कि क्या उसने उन्हें मनी लांड्रीग में सहायता की है।

इससे पहले भी के अन्नामलाई ने प्रश्न उठाते हुए कहा था कि जबसे राज्य में DMK सत्ता में आई है तब से ड्रग्स का प्रकोप बढ़ गया है।

रूस से वीडियो बना फैसल खान भारतीयों को फँसाता, फिर नौकरी का लालच दे सेना में कराता शामिल: 2 नागरिकों की मौत, भारत सरकार बोली- कार्रवाई हो

रूस में भारतीयों को सेना में जबरन भर्ती कराए जाने के आरोपों के बीच एक नाम सामने आया है, ये नाम है यूट्यूबर फैसल खान का, जिसका पूरा नाम अब्दुल मुतल्लिब खान है। वो इस पूरे रैकेट को चलाता था और बाबा व्लॉग्स नाम से यूट्यूब चैनल भी चलाता था। महज पाँचवीं कक्षा तक पढ़े फैसल खान पर जबरन धर्मांतरण जैसे आरोप भी हैं, जिसमें उससे पूछताछ भी की गई थी। बाद में वो दुबई चला गया और फिर मैन-पॉवर मैनेजमेंट की एक कंपनी चलाने लगा।

भारत की जाँच एजेंसियों ने युवकों को धोखे से रूसी सेना में भर्ती कराने वाले एक रैकेट को पकड़ा है, जिससे जुड़े 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये लोग भारतीयों को रूस की नागरिकता एवं अन्य लालच देकर उन्हें रूस बुलाते थे। फिर उन्हें सेना में भर्ती करा देते थे। इस रैकेट से ही फैसल खान के भी जुड़ने की जानकारी आ रही है। वो अपने वीडियो में कहता था कि उन लोगों को रूसी सेना के साथ जोड़ा जाएगा, लेकिन उनका काम सहायकों का होगा, लड़ाकू भूमिका की नहीं। जबकि रूस के अग्रिम मोर्चे पर दो भारतीयों की जान जा चुकी है, जिसके बाद एजेंसियों ने इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ किया है।

इस पूरे मामले में जिस फैसल खान का नाम सामने आ रहा है, वो लोगों को रूसी सेना में हर महीने 2 लाख की सैलरी दिलाने का वादा करके भेजता था। फैसल खान बाबा व्लॉग्स नाम से यूट्यूब चैनल चलाता है। वो वीडियो के माध्यम से लोगों को रूस आने की लालच देता था। सितंबर 2023 में ऐसे ही एक वीडियो में फैसल खान ने अपने सब्सक्राइबर्स से वादा किया था कि रूसी सेना में शामिल होने वालों को मोटी तनख्वाह के अलावा एक सरकारी कार्ड भी मिलेगा। यह उन्हें स्थाई निवास पाने में मदद करेगा।

फैसल ने कथित तौर पर रूसी सेना में सहायक भूमिकाओं में नौकरी का वादा करके बड़ी संख्या में भारतीयों को रूस भेजा। उनमें से एक मोहम्मद अफसान थे, जिसकी यूक्रेन में रूस के अग्रिम मोर्चे पर लड़ाई के दौरान मौत हो गई। इस वीडियो में फैसल लोगों को लालच दे रहा है।

इस पूरे मुद्दे पर भारत सरकार के विदेश मामलों के मंत्रालयय (MEA) का बयान भी सामने आया है, जिसमें सरकार ने कहा है कि उसने रूसी प्रशासन से ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा है, जो भारतीयों को धोखा देकर रूस बुला रहे हैं और उन्हें सेना में भर्ती करा रहे हैं। अभी भी कई भारतीय रूस में हैं, जिन्हें वापस लाने की कोशिश की जा रही है।

कौन है फैसल खान, जिसके वीडियो के बाद रूस गए भारतीय

फैसल खान एक मैनपावर कंसल्टेंसी फर्म चलाते हैं, जो कई देशों में कर्मचारी उपलब्ध कराती है। उसकी उम्र लगभग 30 वर्ष के बीच है। फैसल खान का दावा है कि उसने 35 लोगों को रूस भेजा। उन्हें रूस ने बताया था कि भारतीयों को युद्ध के अग्रिम मोर्चे पर तैनात नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह खुद पीड़ित हैं।

फैसल खान ने दावा किया कि उन्होंने उन्हें वापस लाने की कोशिश की। उन्होंने यह भी कहा कि इन लोगों के रूस पहुँचने के बाद जो हुआ वह उनके नियंत्रण से बाहर था। खान ने कहा कि जो लोग रूस गए वे सभी जोखिमों से अवगत थे। उन्होंने कहा कि अगर उनका इरादा उन्हें धोखा देने का होता तो वह कोई सबूत नहीं छोड़ते। उन्होंने कहा कि उन्होंने रूस पर अपने वीडियो नहीं हटाए हैं क्योंकि वह दोषी नहीं हैं।

फैसल खान मुंबई के दादर का रहने वाला है। वो साल 2008 में दुबई गया था और शुरू में सेल्समैन के तौर पर काम किया था। साल 2026 में उसने अपनी कंसल्टेंसी बाबाव्लॉग्स शुरू किया था। जानकारी के मुताबिक, साल 2018 में उससे धर्म परिवर्तन के मामले में पूछताछ भी की गई थी।

‘दार्जिलिंग चाय या गोमूत्र?’: ABP के पत्रकार ने पूर्व जज के इंटरव्यू के दौरान कसा तंज, संदेशखाली को लेकर बंगाल सरकार ने सुमन पर दर्ज किया है FIR

एबीपी आनंद के पत्रकार सुमन डे ने गुरुवार (7 मार्च 2024) को कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय के साथ एक साक्षात्कार के दौरान हिंदूफोबिक गौमूत्र पर कटाक्ष किया। इसको लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है। लगभग 50 मिनट के इंटरव्यू के दौरान पत्रकार सुमन डे ने उनसे ‘दार्जिलिंग चाय’ और ‘गोमूत्र’ के बीच चुनाव करने के लिए कहा।

कार्यक्रम के दौरान लगभग 46:18 मिनट पर पत्रकार सुमन डे ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय के साथ रैपिड-फायर राउंड आयोजित किया। इस दौरान उनसे सुमन डे ने शरारती मुस्कान के साथ पूछा, “दार्जिलिंग चाय या गौमूत्र?” इस पत्रकार को हिंदू-विरोधी टिप्पणी करने में कोई हिचकिचाहट नहीं हुई। वह साक्षात्कार के दौरान इस बारे में मुस्कुराते हुए देखे गए।

ध्यान देने वाली बात है कि ‘गौमूत्र’ तंज को इस्लामी कट्टरपंथियों और उनके समर्थकों द्वारा हिंदुओं के खिलाफ नस्लवादी एवं अपमानजनक गाली के रूप में प्राय: इस्तेमाल किया जाता है। साल 2019 में पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद ने आत्मघाती हमले में कश्मीर के पुलवामा में 40 CRPF जवानों को मार डाला।

हमले के बाद आतंकी संगठन ने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें एक आतंकवादी ने था कि वह अल्लाह के नाम पर ‘गोमूत्र पीने वालों’ को दंडित करना और मारना चाहता था। आतंकवादी की पहचान आदिल अहमद डार के रूप में हुई। वीडियो में उसने भारतीयों को गाय का पेशाब पीने वाला कहा था।

यहाँ तक कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की नेता महुआ मोइत्रा, शिवसेना (यूबीटी) के नेता उद्धव ठाकरे और डीएमके राजनेता डीएनवी सेंथिलकुमार ने अतीत में भाजपा के साथ राजनीतिक हिसाब बराबर करने के लिए गौमूत्र पर कटाक्ष किया है। इस श्रेणी में अब एबीपी आनंद के पत्राकर सुमन डे भी आ गए हैं।

हाल ही में एबीपी आनंद के पत्रकार सुमन डे पर पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखली गाँव में रिपोर्टिंग करने को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। यह मामला इस साल 17 फरवरी को संदेशखाली पुलिस उप-निरीक्षक मोहम्मद मोनैम हसन की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था।

अपनी शिकायत में उन्होंने कहा था, “मेरे संज्ञान में आया कि 12.02.24 को सुमन डे द्वारा होस्ट किए गए ‘घंटा खानेक संगे सुमन’ के एक एपिसोड में यह बार-बार उल्लेख किया गया था कि दो गिरफ्तार लोगों- सुशांत सरदार उर्फ ​​उत्तम सरदार और बिकास सिंह को संदेशखेल पुलिस ने बशीरहाट कोर्ट में दोनों व्यक्तियों के लिए पुलिस हिरासत की माँग नहीं की थी।”

हसन ने दावा किया था, “तथ्य यह है कि संबंधित मामले के जाँच अधिकारी ने दो गिरफ्तार लोगों को आगे बढ़ाते हुए एलडी को एक प्रार्थना पत्र सौंपा था। अदालत से दोनों गिरफ्तार आरोपियों के लिए 10 दिन की पुलिस हिरासत की माँग की।” सुमन पर IPC की धारा 153 (उकसावे) और 505 (सार्वजनिक उत्पात फैलाने वाले बयान) के तहत मामला दर्ज किया गया।

‘पत्नी को सबक सिखाना था, इसीलिए बेटे को मार डाला’: दिल्ली के हत्यारे बाप का खुलासा, बेटे की शादी से कुछ घंटे पहले 15 बार घोंपा था चाकू

दिल्ली में अपने बेटे गौरव सिंघल की हत्या करने वाले पिता रंगलाल सिंघल ने पुलिस को बताया है कि वह अपनी पत्नी को इस तरीके सबक सिखाना चाहता था। उसने कहा है कि उसे अपने बेटे की हत्या करने का कोई पछतावा नहीं है। उसे जयपुर से गिरफ्तार किया गया है।

गौरतलब है कि बुधवार (6 मार्च, 2024) को दिल्ली में शादी से कुछ ही घंटों पहले एक युवक गौरव सिंघल की बेरहमी से चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। गौरव सिंघल फिट बॉक्स नाम का जिम चलाता था और कुछ ही घंटों बाद वो दूल्हा बनने वाला था।

बीते 3 मार्च को ही गौरव की सगाई हुई थी। इस हत्याकांड को अंजाम देने वाला उसका पिता रंगलाल मौके से फरार हो गया था, जिसे जयपुर से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए जाने के बाद इस मामले में कई खुलासे हुए हैं।

बेटे गौरव की हत्या करने वाले रंगलाल ने पुलिस को बताया है कि उसके अपने बेटे और पत्नी से सम्बन्ध सही नहीं थे। उसकी पत्नी उससे अलग रहती थी। उसका अपनी पत्नी और बेटे से विवाद चल रहा था। हत्या करने से पहले उसका अपने बेटे से विवाद भी हुआ था।

गौरव ने उसको थप्पड़ भी मार दिया था। इसी को लेकर वह और भी नाराज था। वह पत्नी से इसलिए गुस्सा था क्योंकि वह लगातार अपने बेटे का ही पक्ष लेती थी। इन सब बातों से गुस्सा होकर उसने बेटे को मार दिया। उसने कहा कि उसे हत्या करने का कोई पछतावा भी नहीं है।

जाँच में सामने आया है कि रंगलाल ने तीन और लड़कों को इस हत्या के लिए पैसे दिए थे। हत्या करने के लिए ₹1.5 लाख देने का वादा हुआ था। ₹75,000 पहले ही दे दिए गए थे जबकि हत्या के बाद ₹75,000 देने की बात कही गई थी।

रंगलाल इस हत्या की योजना पिछले 3-4 महीने से बना रहा था। वह हत्या करने के बाद घर से ₹15 लाख नकद और ₹50 लाख के जेवर लेकर भी भाग गया था जो कि उसके पास से ही बरामद किए गए हैं। पुलिस रंगलाल को जयपुर से दिल्ली ले आई है।

रंगलाल ने शादी से पहले संगीत वाले दिन गौरव को अकेले बुलाया और इसी दौरान उसने तीनों साथियों के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। उसकी हत्या करने के लिए चाकुओं और कैंचियों से उस पर लगातार वार किए गए।

इसके बाद वह गौरव को वहीं छोड़ कर फरार हो गए। पुलिस ने सीसीटीवी जाँच में पाया कि यह लोग अपने साथ एक बैग लेकर गए हैं। रंगलाल ने जयपुर पहुँचने के बाद अपना फ़ोन बंद कर दिया था। उसने एक ऑटो वाले के फ़ोन से सम्पर्क साधा था। इसी के आधार पर पुलिस उस तक पहुँच गई। अभी रंगलाल पुलिस की गिरफ्त में है और उससे पूछताछ चल रही है।

दिल्ली की शाहीना ने वेद मंत्रों के बीच की घर वापसी, बनीं आराधना; अग्नि के 7 फेरे लेकर शिवम को चुना जीवन साथी… अपनी और पति की सुरक्षा की लगाई गुहार

देश की राजधानी दिल्ली में एक मुस्लिम लड़की ने घर वापसी की है। घर वापसी करने वाली लड़की पश्चिमी दिल्ली की बताई जा रही है। लड़की का नाम शाहीना है, जो घर वापसी के बाद आराधना बन चुकी है और शिवम नाम के लड़के को अपना जीवनसाथी चुना है। शाहीना ने हिन्दू धर्म में वापसी को अपनी खुद की मर्जी बताया और कहा कि वह इससे ख़ुश जताई है।

शाहीना और शिवम ने वैदिक विधि-विधान से दिल्ली के एक आर्य समाज मंदिर में शादी की है। खुद को बेवजह तंग नहीं करने की माँग करते हुए शाहीना ने दिल्ली प्रशासन से अपनी और अपने पति की सुरक्षा की भी गुहार लगाई है। यह विवाह गुरुवार (7 मार्च 2024) को सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर हिन्दू मोर्चा नाम का संगठन चलाने वाले दीपक मलिक भी मौजूद थे।

दीपक मलिक ने ऑपइंडिया को बताया कि मोहम्मद कुतुबद्दीन की बेटी शाहीना लगभग 8 साल से शिवम से प्यार करती है। अलग-अलग मजहब होने की वजह से शाहीना के परिजन इस शादी के लिए तैयार नहीं थे। कपड़े बेचने का काम करने वाले शिवम भी शाहीना से शादी के लिए प्रयास कर रहे थे। इस बीच दोनों ने हिन्दू मोर्चा से सम्पर्क किया। मोर्चा ने दोनों को सुरक्षा और सहयोग का वादा किया है।

शिवम से शादी के लिए 22 साल की शाहीना 7 मार्च 2024 को अपने घर से जैसे-तैसे करके निकली और 26 वर्षीय शिवम के पास पहुँची। यहाँ से दोनों पहले अदालत गए। कोर्ट में वकील के माध्यम से शाहीना ने जरूरी कागजात बनवाए। इन कागजातों में एक शपथ पत्र भी शामिल है, जिसमें बिना किसी दबाव में सनातन धर्म में घर वापसी करने और अपना नाम आराधना रखने की जानकारी दी गई है।

कोर्ट में जरूरी कागजात बनवाने के बाद यह प्रेमी जोड़ा शाहदरा क्षेत्र के एक आर्य समाज मंदिर पहुँचा। यहाँ पर वैदिक विधि-विधान से शाहीना ने शिवम से विवाह किया। ऑपइंडिया के पास विवाह प्रमाण पत्र और शाहीना का वीडियो बयान मौजूद हैं। शादी के दौरान दोनों ने वेद मंत्रों के बीच अग्नि के 7 फेरे लिए। इस अवसर पर हिन्दू मोर्चा के सदस्य बाराती और घराती दोनों की भूमिका निभाते दिखे।

शादी के बाद मंदिर में जय श्रीराम के नारे लगे। शाहीना ने अपनी शादी से खुद को खुश और संतुष्ट बताया। पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में उन्होंने अपनी और अपने पति की सुरक्षा की माँग की। दीपक मलिक ने ऑपइंडिया से बताया कि फिलहाल सब सही है। पति-पत्नी को पूरी सुरक्षा दी जाएगी। दीपक ने कहा कि अगर किसी ने शिवम और शाहीना को धमकाने की कोशिश की उसको उसी भाषा में जवाब मिलेगा।

पीएम मोदी ने तवाँग-तेजपुर के बीच सेला टनल का किया उद्घाटन, LAC पर ड्रैगन की टेंशन बढ़ी: पूर्वोत्तर को ₹55,600 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वोत्तर भारत में हैं। यहाँ उन्होंने दिन की शुरुआत काजीरंगा नेशनल पार्क से की, तो उसके बाद उन्होंने पूर्वोत्तर को 55,600 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात दी। पीएम मोदी ने इस दौना दुनिया की सबसे ऊंचाई पर बनी सबसे लंबी सेला सुरंग देश को समर्पित किया। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण यह टनल 13,000 फुट ऊँचाई पर बनी सबसे लंबी सुरंग है, डबल लेन वाला यह ऑल वेदर टनल अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामिंग और तवांग जिले को जोड़ता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “आज मुझे ‘विकसित पूर्वोत्तर के इस उत्सव’ में सभी पूर्वोत्तर राज्यों के साथ शामिल होने का अवसर मिला। पूरे देश में ‘विकसित राज्य से विकसित भारत’ का राष्ट्रीय उत्सव तेज गति से जारी है। आज मुझे विकसित पूर्वोत्तर के इस उत्सव में, पूर्वोत्तर के सभी राज्यों के साथ एक साथ हिस्सेदार बनने का अवसर मिला है।”

पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि आपका सपना मोदी का संकल्प है। पीएम मोदी ने कहा, “आज यहाँ मिजाज़ कुछ अलग ही है। जहाँ-जहाँ तक मेरी नजर जा रही है, वहाँ-वहाँ तक लोग दिख रहे हैं। मोदी की गारंटी, मोदी की गारंटी… ये तो सुन ही रहे हैं आपलोग। पूरा नार्थ ईस्ट देख रहा है की मोदी की गारंटी कैसे काम कर रहा है।” पीएम मोदी ने कहा कि साल 2019 में यही से मैंने टनल का सिलान्यास करने का काम किया था, जो आज बन कर गया। पीएम मोदी ने कहा कि एयरपोर्ट का शिलान्यास मैंने किया, वो बनकर तैयार हो गया। लोगों का कहना है कि मैंने ये काम चुनाव के लिए किया था, लेकिन मेरा काम जनता जनार्दन के लिए होता है दुनिया कुछ भी बोले।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि आज यहाँ एक साथ 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण या शिलान्यास हुआ है। आज अरुणाचल प्रदेश के 35 हजार गरीब परिवारों को अपने पक्के घर मिले हैं। अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा के हजारों परिवारों को नल कनेक्शन मिले हैं, नॉर्थ ईस्ट के अलग अलग राज्यों में कनेक्टिविटी से जुड़े अनेक प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हो रहा है।

सेला सुरंग परिजोजना बेहद खास

पीएम मोदी ने जिस सेला सुरंग परियोजना का उद्घाटन किया, उसे लगभग 825 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया है। इसे सुरंग परियोजना को इंजीनियरिंग का चमत्कार माना जा रहा है। यह अरुणाचल प्रदेश में बालीपारा-चारिदुआर-तवांग रोड पर सेला दर्रे के पार तवांग तक सभी मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इसका निर्माण नई ऑस्ट्रियाई टनलिंग पद्धति का उपयोग करके किया गया है और इसमें उच्चतम मानकों की सुरक्षा विशेषताएँ शामिल हैं। यह परियोजना न केवल क्षेत्र में तेज़ और अधिक कुशल परिवहन मार्ग प्रदान करेगी बल्कि देश के लिए रणनीतिक महत्व की है। प्रधानमंत्री ने सेला सुरंग की आधारशिला फरवरी 2019 में रखी थी।

काजीरंगा नेशनल पार्क में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (09 मार्च 2024) को असम के काजीरंगा नेशनल पार्क में जंगल सफारी के लिए पहुँचे। यहाँ उन्होंने जीप से काजीरंगा की प्राकृतिक खूबसूरती को देखा। इसके बाद पीएम ने हाथी की सवारी भी की। प्रधानमंत्री ने नेशनल पार्क की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों से भी मुलाकात की। पीएम मोदी ने काजीरंगा नेशनल पार्क की खूबसूरती को अपने कैमरे में भी कैद किया।

बता दें कि काजीरंगा नेशनल पार्क में अलग-अलग प्रजातियों के 1000 से ज्यादा जानवर रहते हैं। इस रिजर्व की खासियत एक सींग वाला गेंडा है। यह राष्ट्रीय उद्यान गैंडों के सबसे बड़े निवास स्थानों में से एक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहाँ शनिवार को हाथी की सवारी करने के साथ उन्हें गन्ना भी खिलाया।

नमाज पढ़ने से पहले SI मनोज तोमर ने समझाया, फिर भी जबरन सड़क पर बैठी मुस्लिम भीड़: नेटीजंस बोले- दिल्ली पुलिस को उकसाया गया, निलंबन वापस हो

दिल्ली के इंद्रलोक इलाके का एक वीडियो शुक्रवार (8 मार्च 2024) को सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। इस वीडियो में सड़क पर कई लोग नमाज़ पढ़ते दिखाई दे रहे हैं। उन्हें हटाने के दौरान एक सब-इंस्पेक्टर ने बल प्रयोग किया। इसी बल प्रयोग में दारोगा का पैर भी चला। वीडियो वायरल होने के बाद कॉन्ग्रेस, समाजवादी पार्टी सहित तमाम इस्लामी समूहों ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

वहीं, मुस्लिम तबके के लोग इसके खिलाफ सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने लगे। आख़िरकार सब इंस्पेक्टर मनोज तोमर को सस्पेंड कर दिया गया। अब उस दौरान के तमाम अन्य भी वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियो में साफ दिख रहा है कि सड़क पर जबरन नमाज़ पढ़ने पर आमादा भीड़ को सब इंस्पेक्टर तोमर ने समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वो सुनने को तैयार नहीं थे।

सोशल मीडिया X के एक हैंडल @Cyber_Huntss ने 8 मार्च की घटना को लेकर डेढ़ मिनट का एक वीडियो शेयर किया है। यूजर ने इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा, “जब कम थे तब बोला गया कि हटो, लेकिन झुंड मे आना और फिर पुलिस को ही मारने की धमकी देना। सोशल मीडिया पर आधी वीडियो डालकर लोगों को उकसाना और पुलिस को गलत साबित करना।”

वीडियो की शुरुआत में दिख रहा है कि एक कॉन्स्टेबल बीच सड़क पर नमाज पढ़ने की कोशिश कर रहे लोगों से हटने की अपील कर रहा है, लेकिन कोई भी उसकी गुजारिश पर ध्यान नहीं दे रहा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के विपरीत, पीछे से माइक पर जोर की आवाज आ रही है। कुछ लोग पहले से ही कैमरा लेकर रेडी हैं और वीडियो बनाने के लिए कह रहे है। इस बीच एक भीड़ पुलिसकर्मी से भिड़ती दिख रही है।

हालाँकि पुलिसकर्मी भीड़ के हंगामे से विचलित हुए मौके पर डटा रहे। इस हंगामे के चलते पीछे से कई वाहनों की आवाज आ रही थी जो सम्भवतः जाम जैसी स्थिति से परेशान लग रहे थे। एक अन्य X यूजर @MrSinha_ ने भी इसी घटना से जुड़ा 47 सेकेंड का एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सड़क पर बाकायदा दरी बिछा दी गई है।

एक दिव्यांग को आगे कर दिया गया था। सब इंस्पेक्टर मनोज तोमर अपने साथियों सहित बार-बार भीड़ को उठाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन भीड़ उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थी। एक व्यक्ति को उठाकर आगे बढ़ने पर पीछे के 2 लोग उसी जगह पर बैठ जाते थे। काफी देर तक सब इंस्पेक्टर लोगों को समझाते दिखे, लेकिन उन्हें उकसाने की कोशिश की जाती रही।

इन वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया पर इंद्रलोक थाने के चौकी प्रभारी मनोज तोमर के समर्थन में नेटीजेंस ने मुहिम शुरू कर दी। इसमें मनोज तोमर का निलंबन वापस लेने के साथ उनको सम्मानित करने की माँग भी उठ रही है। X प्लेटफार्म पर #IStandWithManojTomar हैशटैग ट्रेंड करता रहा। चंदन शर्मा नाम के एक यूजर ने कहा कि सब-इंस्पेक्टर मनोज को भीड़ बार-बार उकसा रही है।

श्रवण विश्नोई नाम के एक अन्य यूजर ने भी #IStandWithManojTomar हैशटैग लगाते हुए भीड़ पर पहले पुलिस को उकसाने और बाद में विक्टिम कार्ड खेलने का आरोप लगाया है।

क्या था पूरा मामला

दरअसल 8 मार्च को जुमे के दिन दिल्ली के इंद्रलोक इलाके में एक भीड़ ने सड़क पर ही नमाज़ पढ़नी शुरू कर दी। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात सब इंस्पेक्टर मनोज तोमर ने भीड़ को समझाने की काफी कोशिश की। हालाँकि, भीड़ पर उनकी गुजारिश का कोई असर नहीं पड़ा। अंत में उन्होंने ट्रैफिक जाम होता देखकर हल्का बल प्रयोग किया।

इसका एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। इस वीडियो को आधार बनाकर कॉन्ग्रेस, समाजवादी पार्टी, AIMIM आदि के नेताओं ने पुलिस पर कार्रवाई की माँग उठाई। आखिरकार दबाव में दिल्ली पुलिस ने दारोगा मनोज तोमर को सस्पेंड कर दिया। अब अन्य वीडियो सामने आने के बाद नेटीजेंस दरोगा पर हुई इस विभागीय कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं।

खालिस्तानी आतंकी हरदीप निज्जर की हत्या का फुटेज आया सामने: कनाडा पुलिस ने हत्यारों के नाम के खुलासे पर साध रखी है चुप्पी, अभी तक गिरफ्तारी भी नहीं

भारत द्वारा आतंकी घोषित किए गए खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा में हत्या का एक वीडियो फुटेज सामने आया है। इस वीडियो में निज्जर को हथियारबंद लोगों द्वारा गोली मारते हुए दिखाया गया है। कहा जा रहा है कि यह ‘कॉन्ट्रैक्ट किलिंग’ है। निज्जर की हत्या का आरोप कनाडा ने भारत पर लगाया था, जिसके बाद दोनों के बीच रिश्तों में तनाव आ गया था।

खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने साल 2020 में आतंकवादी के रूप में चिह्नित किया था। वह कनाडा में रहते हुए भारत के खिलाफ खालिस्थानी भावना को भड़काते हुए आतंकी गतिविधियों को उभारने का काम करता था। हालाँकि, 18 जून 2023 की शाम को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे स्थित एक गुरुद्वारे से बाहर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी।

स्थानीय सीबीसी न्यूज के अनुसार, वीडियो ‘द फिफ्थ एस्टेट’ द्वारा प्राप्त किया गया है और इसे एक से अधिक स्रोतों द्वारा स्वतंत्र रूप से सत्यापित किया गया है। इस हमले को बेहद समन्वित बताया गया है। इस हमले में छह लोग शामिल थे, जो दो वाहनों पर आए थे। हालाँकि, खालिस्तानी वोटबैंक के दबाव में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इसका आरोप भारत पर लगाया था, लेकिन भारत ने इससे इनकार कर दिया था।

वीडियो में निज्जर को अपने ग्रे डॉज राम पिकअप ट्रक में गुरुद्वारे की पार्किंग से निकलते हुए दिखाया गया है। जैसे ही वह बाहर निकलने के करीब पहुँचता है, एक सफेद सेडान उसके सामने आ जाती है। इसके कारण उसका ट्रक रुक जाता है। सीबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रक रुकते ही दो लोग दौड़ते आते हैं टोयोटा गाड़ी में भागने से पहले निज्जर को गोली मार देते हैं।

घटना के वक्त पास के एक मैदान में फुटबॉल खेल रहे लोगों में से दो प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वे गोली की आवाज सुनने के बाद उस तरफ दौड़े। साथ ही उन्होंने हमलावरों का पीछा करने की भी कोशिश की। एक प्रत्यक्षदर्शी भूपिंदरजीत सिंह सिद्धू ने ‘द फिफ्थ एस्टेट’ को बताया, “हमने उन दो लोगों को भागते हुए देखा। हम उस ओर दौड़े, जहाँ से गोलियों की आवाज आई थी।”

सिद्धू ने अपने दोस्त मलकीत सिंह से कहा कि वह पैदल चल रहे दो लोगों का पीछा करे, जबकि वह निज्जर की मदद करने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने बताया, “मैंने उसकी छाती को दबाने की कोशिश की और उसे हिलाकर देखने की कोशिश की कि क्या वह साँस ले रहा है। हालाँकि, वह पूरी तरह बेहोश था। वह साँस नहीं ले रहा था।”

मलकीत सिंह ने कहा कि उन्होंने उन दोनों लोगों का तब तक पीछा किया जब तक वे टोयोटा कैमरी में चढ़कर भाग नहीं गए। उन्होंने कहा, “सड़क के आसपास से एक कार आई और वे उसमें सवार हो गए। उस कार में तीन अन्य लोग बैठे थे। हम बंदूकों से निकलने वाले धुएँ को सूँघ सकते थे। बारूद का गंध हर जगह फैला हुआ था।”

बता दें कि इस घटना को 9 महीने बीत चुके हैं, लेकिन मामले की जाँच कर रही रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) ने अभी तक निज्जर की हत्या के संबंध में संदिग्धों का नाम नहीं लिया है और ना ही उनकी गिरफ्तारी की है। बताते चलें कि निज्जर की मृत्यु ने भारत और कनाडा के बीच एक बड़े राजनयिक विवाद को भी जन्म दिया।