Home Blog Page 1150

सुखराम का दोस्त था सद्दाम, पैसे ऐंठे-रेप केस करवाया, इस्लाम कबूलने का दबाव: एयरफोर्स कर्मी के सुसाइड में नया मोड़, पीड़ित पिता ने बताया सब कुछ

एयरफोर्स में कार्यरत सुखराम जाट की आत्महत्या ने नया मोड़ ले लिया है। पीड़ित पिता के अनुसार उनके बेटे पर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने अपने बेटे को प्रताड़ित करने का आरोप उसके दोस्त सद्दाम हुसैन और उसके परिजनों पर लगाया है। पीड़ित पिता की शिकायत पर पुलिस ने जाँच के लिए SIT गठित करने का फैसला किया है।

हैदराबाद में तैनात सुखराम जाट ने मंगलवार (20 फरवरी 2024) को ड्यूटी के दौरान सुसाइड कर लिया था। मूलतः राजस्थान के डीडवाना कुचामन निवासी सुखराम ने अपने कमरे में फाँसी लगा ली थी। उनके पिता आशाराम जाट ने गुरुवार (22 फरवरी 2024) को इस मामले में पुलिस से शिकायत की।

शिकायत में उन्होंने राजस्थान पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल मोहम्मद सईद, उसके बेटे सद्दाम हुसैन और उसकी बहू साजिदा पर अपने बेटे को ब्लैकमेल करने और धर्मांतरण का दबाव डालने का आरोप लगाया है। कहा है कि उनके बेटे को झूठे केस में फँसाने की भी धमकी दी गई थी। आशाराम जाट ने गच्छीपुरा थाने में शिकायत दी है।

उन्होंने शिकायत में बताया है कि उनके बेटे की दोस्ती सद्दाम हुसैन से थी। सद्दाम हुसैन का अब्बा मोहमद सईद फिलहाल राजस्थान पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल हैं। साल 2017 में सुखराम को एयरफोर्स में नौकरी मिली थी। पीड़ित पिता के अनुसार जब भी सुखराम छुट्टी पर आता तब वह सद्दाम हुसैन के ही साथ घूमता-फिरता था। आशाराम जाट का आरोप है कि सद्दाम हुसैन बेहद शातिर है और वह उनके बेटे को पैसे ऐंठने के लिए अपने घर ले जाया करता था।

नौकरी पाने के बाद सुखराम की शादी पूजा से हुई थी। शिकायत के अनुसार अगस्त 2023 में सुखराम जाट छुट्टी पर अपने गाँव आए थे। तब सद्दाम हुसैन अपनी बीवी साजिदा के साथ सुखराम के घर आया और पूरी रात वहीं रुका। बाद में सद्दाम ने सुखराम को अपने घर मकराना बुलाया। सुखराम भी अपनी पत्नी पूजा के साथ उसके घर गए थे और रात को वहीं रुके थे। आरोप है कि इसके थोड़े समय बाद सद्दाम हुसैन, उसकी बीवी साजिदा और अब्बा मोहम्मद सईद मिल कर सुखराम को हिन्दू धर्म के खिलाफ भड़काने लगे।

शिकायत में बताया गया है कि सुखराम जाट का ब्रेनवाश कर साजिदा, सद्दाम हुसैन और मोहम्मद सईद ने उसकी पूरी सैलरी भी हड़पने लगे थे। उस पर हिन्दू धर्म छोड़ इस्लाम कबूलने का दबाव बनाने लगे थे। जब सुखराम ने धर्मान्तरण से इनकार किया तो उसे झूठे केस में फँसा कर नौकरी से बर्खास्त करवाने की धमकी देने लगे। सुखराम इन धमकियों से काफी तनाव में रहने लगे थे।

पीड़ित पिता के अनुसार उनके परिचित मोतीराम जाट हैदराबाद में बिजनेस करते हैं। लगभग 2 माह पहले सुखराम हैदराबाद में मोतीराम से मिले थे। तब सुखराम ने मोतीराज को बताया था कि सद्दाम साल 2020 से लगातार उनसे पैसे ऐंठ रहा है। सुखराम ने यह भी कहा था कि पैसे न देने पर उनको झूठे केस में फँसाने की भी धमकी दी जाती है। मोतीराम ने इस मामले में बातचीत की पेशकश की तो सुखराम ने अपनी सामाजिक बदनामी का हवाला देकर उन्हें मना कर दिया था। 19 फरवरी 2024 को सद्दाम हुसैन, साजिदा बानो और मोहमद सईद ने मिल कर सुखराम के खिलाफ परबतसर थाने में FIR दर्ज करवा दी।

इस FIR में सुखराम जाट पर साजिदा बानो से बलात्कार करने का आरोप लगाया गया था। खुद पर हुए FIR की जानकारी जब सुखराम जाट को हुई तब वो अत्यधिक तनाव से आ गए। 20 फरवरी 2024 को सुखराम ने हैदराबाद स्थित अपने किराए के मकान में फाँसी लगा कर जान दे दी। अपने बेटे को मरने पर मजबूर करने का आरोप लगाते हुए आशाराम जाट ने सद्दाम हुसैन, साजिदा बानो और मोहम्मद सईद पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। ऑपइंडिया के पास शिकायत की कॉपी मौजूद है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तीनों आरोपितों पर कार्रवाई की माँग को लेकर सुखराम जाट के परिजनों ने 23 फरवरी को धरना भी दिया था। धरना सुखराम के शव के साथ दिया गया था। आरोप है कि सुखराम के परिजनों ने किशन सिंह नाम के कॉन्स्टेबल पर भी दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। पुलिस ने सुखराम के परिजनों को SIT गठित कर जाँच करवाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है। इस भरोसे के बाद सुखराम का अंतिम संस्कार हुआ। सुखराम के परिजनों से अभद्रता करने वाले सिपाही किशन सिंह को सस्पेंड कर दिया दिया गया है। वहीं मकराना थाने में तैनात आरोपित हेड कॉन्टेबल मोहम्मद सईद को APO कर दिया गया है। मामले की जाँच जारी है।

जाह्नवी कंडुला की मौत पर बरसा भारत, हिंदू समूह ने अमेरिकी रवैए पर जताई निराशा: टक्कर मारने वाले अधिकारी पर केस चलाने से किया था इनकार

अमेरिका में जाह्नवी कंडुला नाम की एक भारतीय छात्रा की हत्या कर दी गई थी। इस बीच खबर आई कि हत्याकांड को अंजाम देने वाले पुलिस अधिकारी केविन डवे पर अब कोई आपराधिक मुकदमा नहीं चलेगा। सिएटल में स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने कहा कि उसने इस मामले को स्थानीय अधिकारियों के समक्ष जोरदार ढंग से उठाया है। वहीं, अमेरिका में हिंदू एडवोकेसी समूह ने इसे निराशाजनक और चौंकाने वाला बताया।

अमेरिका हिंदू वकालत समूह ने कहा है कि यह चौंकाने वाला और निराशाजनक है कि भारतीय छात्रा जाह्नवी कंडुला की हत्या के शामिल अधिकारी के खिलाफ जाँच बिना किसी कारण के खारिज कर दी गई। साउथ लेक यूनियन में नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी की छात्रा कंडुला की 23 जनवरी 2023 की रात को पैदल यात्री क्रॉसिंग पर अधिकारी केविन डेव ने पुलिस वाहन चढ़ा दिया था। इससे कंडुला की मौत हो गई।

इसके बाद किंग काउंटी प्रॉसिक्यूटर ऑफिस ने बुधवार (21 फरवरी, 2024) को कहा कि पर्याप्त सबूतों के अभाव में इस केस को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है। अटॉर्नी ने एक बयान जारी कर के बताया कि जाह्नवी कंडुला की मौत दिल दहलाने वाली है और इसने किंग काउंटी और पूरी दुनिया में समुदायों को प्रभावित किया है।

ऑटर्नी का बयान आने के बाद बाद सिएटल में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने प्रतिक्रिया दी। महावाणिज्य दूतावास ने कहा कि वह पीड़ित परिवार के साथ नियमित संपर्क में है और जाह्नवी और उसके परिवार के लिए न्याय सुनिश्चित करने में हर संभव सहायता देना जारी रखेगा।

कंसुलेट ने कहा, “हमने उचित समाधान के लिए सिएटल पुलिस सहित स्थानीय अधिकारियों के साथ भी इस मामले को जोरदार ढंग से उठाया है। मामले को अब समीक्षा के लिए सिएटल सिटी अटॉर्नी के कार्यालय में भेजा गया है। हम सिएटल पुलिस की प्रशासनिक जाँच पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं और मामले की प्रगति पर नजर रखना जारी रखेंगे।”

दरअसल, जाह्नवी कंडुला की उम्र मात्र 23 वर्ष ही थी। उनकी मौत 23 जनवरी 2023 को हुई थी, जब वो सड़क पार कर रही थीं। उसी दौरान केविन डेव के पास ड्रग्स ओवरडोज की एक फोन कॉल आ गई। घटना के समय वो 120 किलोमीटर/घंटा की रफ़्तार से गाड़ी चला रहा था। गाड़ी से टक्कर लगने पर जाह्नवी उछलकर 100 फीट दूर जा गिरी थी।

जैसे ही जाह्वनी कंडुला को पुलिस पेट्रोलिंग वाली गाड़ी की ठोकर लगी, वो 100 फ़ीट दूर उछल कर गिर गईं। मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। सिएटल पुलिस डिपार्टमेंट का एक बॉडीकैम वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें एक अन्य पुलिस अधिकारी डेनिएल ऑडरेर को इस मौत का मजाक बनाते हुए देखा गया था। उसने हँसते हुए कहा था कि उस लड़की की जान की कीमत कम थी।

इसके बाद अटॉर्नी ने कहा कि वाशिंगटन स्टेट लॉ के हिसाब से मामला चलाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं। पुलिस अधिकारी की इस टिप्पणी के बाद उसे पेट्रोलिंग की ड्यूटी से हटा दिया गया था और ‘नॉन ऑपरेशनल’ कार्यों में लगा दिया गया था। जाह्नवी मूल रूप से हैदराबाद की रहने वाली थीं।

बांग्लादेश से भारत में घुसे इदरीश और साजिद, बेंगलुरु में बसा दी घुसपैठियों के लिए टेंट सिटी: NIA ने किया खुलासा, अब तक 14 गिरफ्तार

एनआईए ने बेंगलुरू में 2 बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने सिस्टमैटिक तरीके से घुसपैठियों के लिए टेंट सिटी तक बसा दी। इन घुसपैठियों ने बेंगलुरू के दो अलग-अलग इलाकों में कूड़े की प्रोसेसिंग की यूनिट लगाई थी। एनआईए की कार्रवाई कई महीनों से चल रही थी। एनआईए ने बताया है कि इस गिरोह ने बांग्लादेशियों को भारत में अवैध तरीके से घुसाया और उनके लिए आधार कार्ड जैसे तमाम कागजातों को फर्जी तरीके से बनाया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनआईए ने बांग्लादेशियों की मानव तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके नाम मोहम्मद साजिद हलदर और इदरिस हैं। दोनों को गुरुवार (22 फरवरी 2024) को एनआईए ने पकड़ा। अब तक इस गैंग से जुड़े 14 लोगों को एनआईए गिरफ्तार कर चुकी है।

ऐसा चलता था ये काला खेल

एनआईए ने अपने बयान में बताया, “हलदर और इदरिस दोनों बेनापोस के रास्ते भारत में घुसे थे। इसमें से हलदर ने बेंगलुरू के रामामूर्ति नगर में ‘कबाड़ संग्रहण एवं पृथक्करण’ इकाई लगाई थी और इस जगह पर बांग्लादेश से लाए गए घुसपैठियों को काम पर रखा गया था। वहीं, इदरिस ने बेंगलुरू के आनंदपुरा में ऐसी ही यूनिट लगाई थी, साथ ही लीज पर जमीन लेकर टेंट सिटी बसाई थी। इसमें 20 से अधिक बांग्लादेशी परिवारों को रखा गया था। इन परिवारों को भी तस्करी के जरिए ही भारत में लाए जाने का संदेह है, फिलहाल एनआईए इस पूरे नेटवर्क की परतें खंगाल रही है।”

एनआईए ने अपने बयान में बताया, “कर्नाटक स्थित कुछ व्यक्तियों के असम, त्रिपुरा और सीमा पार के देशों में मददगारों और तस्करों के साथ संबंध होने के बारे में विश्वसनीय जानकारी मिलने के बाद एनआईए ने 7 नवंबर, 2023 को मामला दर्ज किया था। इन संबंधों ने भारत-बांग्लादेश सीमा के माध्यम से भारत में व्यक्तियों की तस्करी में लगे तस्करों के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। इन आरोपितों को फर्जी आधार कार्ड बनाने और पीड़ितों को उपलब्ध कराने में भी शामिल पाया गया।”

एनआईए के मुताबिक, जाँच में उन तस्करों के नेटवर्क का खुलासा हुआ जो भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते लोगों को अवैध रूप से भारत पहुँचाने के धंधे में शामिल था। जाँच में यह भी पता लगा कि गिरफ्त में आए अपराधी बांग्लादेश से आए लोगों को अवैध आधार कार्ड भी उपलब्ध कराते थे। इस मामले में एनआईए चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है और इस चार्जशीट से पहले ही 12 लोगों को एनआईए गिरफ्तार कर चुकी थी। कुल मिलाकर अब तक 14 लोगों को एनआईए ने गिरफ्तार किया है। एनआईए अब भी भारत-बांग्लादेश सीमा पर तस्करों के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखे हुए है।

बता दें कि अजमेर से लेकर पुणे तक बांग्लादेशी घुसपैठियों के अलग-अलग नेटवर्कों का खुलासा हुआ है। पुणे में तो बाकायता फर्जी पासपोर्ट बनाकर बांग्लादेशियों को भारतीय पहचान के साथ विदेश भेजा जाता था। यहाँ फर्जी रेंट एग्रीमेंट बनाकर ये खेल चल रहा था। उस केस में अब तक 20 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।

दलित महिला को बनाया जबरन मुस्लिम, भूरे खान को सुप्रीम कोर्ट ने दे दी जमानत: गुजरात HC ने सबूतों के आधार पर राहत से किया था इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (23 फरवरी) को एससी/एसटी समुदाय की एक हिंदू महिला को इस्लाम में जबरन धर्मांतरित करने के मामले में गुजरात के भूरे खान को जमानत दे दी। इसके पहले गुजरात उच्च न्यायालय ने आरोपित को जमानत देने से इनकार कर दिया था। हाई कोर्ट ने प्रथम दृष्ट्या भूरे खान को इस मामले में संलिप्त पाया था और उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत पाया था। इसके आधार पर उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। आरोपित भूरे खान की जमानत पहले भी दो बार खारिज हो चुकी है।

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश अभय एस ओका और जस्टिस उजल्ल भुइयां की बेंच ने कहा कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज हैं। अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि तीसरी एफआईआर में आरोपित की पत्नी होने का दावा करने वाली शिकायतकर्ता महिला ने भूरे खान के परिवार के सदस्यों के खिलाफ भी शिकायत की है।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने अपने आदेश में कहा, “प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) उस महिला की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है, जो अपीलकर्ता की पत्नी होने का दावा कर रही है। अपीलकर्ता के खिलाफ लगातार तीन एफआईआर दर्ज हैं। मौजूदा एफआईआर में उनके पूरे परिवार को फँसाया गया है।”

अदालत ने कहा, “मामले के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अपीलकर्ता को जमानत दी जानी चाहिए। उस उद्देश्य के लिए अपीलकर्ता को आज से एक सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा। ट्रायल कोर्ट अपीलकर्ता को उचित नियमों और शर्तों पर जमानत पर रिहा करेगा।”

सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय 13 सितंबर 2023 को गुजरात उच्च न्यायालय के उस आदेश के जवाब में आया, जिसमें कहा गया था कि आरोपित को जमानत नहीं दी जाएगी। यह फैसला जस्टिस हसमुख डी सुथार ने सुनाया था। गुजरात उच्च न्यायालय के अनुसार, इस मामले की जाँच में भूरे खान को जमानत देने से इनकार करने के लिए उसके खिलाफ ‘पर्याप्त सबूत’ बताया गया था।

गुजरात उच्च न्यायालय ने यह भी कहा था कि कथित अपराध में आरोपित की प्रथम दृष्टया स्पष्ट संलिप्तता है और अगर उसे जमानत पर रिहा किया जाता है तो आरोपित सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है। गुजरात उच्च न्यायालय ने कहा था, “यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि शिकायत दर्ज करने के बाद जाँच के दौरान वर्तमान आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सामग्री है।”

उच्च न्यायालय ने आगे कहा था, “इस न्यायालय की राय है कि यदि वर्तमान अभियुक्त को जमानत पर रिहा कर दिया जाता है तो इस संभावना से इनकार किया जा सकता है कि अभियुक्त अपनी स्वतंत्रता का दुरुपयोग करेगा और अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों के गवाहों के साथ छेड़छाड़ करेगा। अपीलकर्ता का आपराधिक इतिहास है और उसके खिलाफ दो अपराध भी दर्ज हैं।”

इस मामले में अपराध पहली बार 2023 में अहमदाबाद के गोमतीपुर पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 354, 323, 294 (बी), 506 (2), 143, 147 और 114 और धारा 3 (2) के तहत दर्ज किया गया था। इसके अलावा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 की धाराएँ भी जोड़ी गई थीं। इस आधार पर अहमदाबाद की विशेष अदालत ने भी आरोपित भूरे खान को जमानत देने से भी इनकार कर दिया था।

PM मोदी ने दुनिया की सबसे बड़ी भंडारण योजना की शुरुआत की, 500 PACS की रखी नींव: बोले- खेती-किसानी को मजबूत करने में सहकारिता की बड़ी भूमिका

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार (24 फरवरी 2024) को सहकारी क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण परियोजना के पायलट प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। इन गोदामों को 11 राज्यों की 11 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्सों) द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस दौरान सहकारी क्षेत्र की अन्य कई योजनाओं का भी उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।

बता दें कि 11 राज्यों की 11 पैक्स में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत गोदामों का उद्घाटन एवं 500 पैक्स में गोदामों का शिलान्यास किया गया है। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत मंडपम ‘विकसित भारत’ की अमृत यात्रा में एक और बड़ी उपलब्धि का साक्षी बन रहा है। सहकारिता से समृद्धि का जो संकल्प देश ने लिया है, उसे साकार करने की दिशा में आज देश आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, “आज हमने अपने किसानों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी भंडारण योजना शुरू की है। इसके तहत देश के कोने-कोने में हजारों गोदाम और भंडारण स्थान बनाए जाएँगे। आज 18000 PACS भी कंप्यूटरीकृत हैं। इससे देश में कृषि बुनियादी ढाँचे का नया विस्तार होगा और कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा।”

सहकारिता पर प्रकाश डालते हुए पीएम मोदी ने कहा कि खेती और किसानी की नींव को मजबूत करने में सहकारिता की बहुत बड़ी भूमिका है। इसी सोच के साथ केंद्र की भाजपा ने अलग सह​कारिता मंत्रालय का गठन किया है। सहकारिता केवल व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह एक भावना है। सहकारिता की ये भावना कई बार व्यवसायों और संसाधनों की सीमाओं से परे और आश्चर्यजनक परिणाम देती है।

कृषि क्षेत्र में बदलाव में सहकारिता की भूमिका के बारे में बताते हुए पीएम मोदी ने कहा, “सहकारिता जीवन-यापन से जुड़ी एक सामान्य व्यवस्था को बड़ी औद्योगिक क्षमता में बदल सकता है। ये देश की अर्थव्यवस्था, खासकर ग्रामीण और कृषि से जुड़ी अर्थव्यवस्था के कायाकल्प का एक प्रमाणिक तरीका है। देश में डेयरी और कृषि में सहकारिता से किसान जुड़े हैं और उनमें करोड़ों की संख्या में महिलाएँ भी हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं की क्षमता को देखते हुए सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी नीतियों में उन्हें प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए भारत की कृषि व्यवस्था का आधुनिकीकरण बेहद जरूरी है। पीएम ने कहा, “हम कृषि क्षेत्र में नई व्यवस्थाएँ बनाने के साथ ही PACS जैसी सहकारी संस्थाओं को नई भूमिकाओं के लिए तैयार कर रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में आवश्यक बदलावों को लेकर कहा, “हमारा देश में 10,000 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) स्थापित करने का लक्ष्य था और मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि आज 8,000 एफपीओ पहले ही स्थापित हो चुके हैं। आज हमारे एफपीओ की सफलता की कहानियों की चर्चा देश की सीमाओं से परे भी हो रही है।”

वहीं, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को समय के साथ बदलना जरूरी है। इसे प्रासंगिक भी रखना होगा, इसे आधुनिक भी बनाना होगा और इसमें पारदर्शिता भी लानी होगी। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से अलग सहकारिता मंत्रालय की माँग होती रही थी, लेकिन इस माँग को किसी सरकार ने पूरा नहीं किया गया। जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने तब 70 साल पुरानी माँग को पूरा किया गया और सहकारिता मंत्रालय की स्थापना हुई।

गुजरात, दिल्ली, UP… कॉन्ग्रेस ने सेट किया सीटों का गणित, AAP को भरूच देने पर अहमद पटेल के बच्चे नाराज: फर्रुखाबाद में सलमान खुर्शीद ने दिखाए तेवर

इंडी गठबंधन में आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस के बीच सीटों का समझौता हो गया है। कॉन्ग्रेस और आम आदमी पार्टी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसकी घोषणा की है। इस समझौते के तहत दिल्ली में आप-कॉन्ग्रेस ने सीटों का बंटवारा कर लिया है, तो पंजाब में सीटों ही पार्टियाँ आमने-सामने की लड़ाई लड़ेंगी। यही नहीं, गोवा और चंडीगढ़ में कॉन्ग्रेस पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी, तो गुजरात में आम आदमी पार्टी को जो सीट दी गई है, उससे कॉन्ग्रेस में ही बगावत होती नजर आ रही है।

गुजरात की भरूच सीट पर अहमद पटेल के परिवार की दावेदारी है, लेकिन ये सीट आम आदमी पार्टी को दे दी गई है, जिसकी वजह से अहमद पटेल की बेटी और बेटे नाराज हैं। कुछ ऐसा ही हाल उत्तर प्रदेश में भी दिख रहा है। उत्तर प्रदेश में फर्रुखाबाद सीट को समझौते के तहत समाजवादी पार्टी को दे दी गई है, ये सीट सलमान खुर्शीद की पारंपरिक सीट मानी जाती है। ऐसे में कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने अपनी नाराजगी खुल कर जाहिर कर दी है।

कॉन्ग्रेस-आम में सीटों का बँटवारा

बता दें कि आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए सीटों का बंटवारा कर लिया है। दिल्ली में दोनों पार्टियों ने सीट बाँट ली है, लेकिन पंजाब में भगवंत मान के दबाव के आगे किसी की नहीं चली। पंजाब में आम आदमी पार्टी सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, वहीं कॉन्ग्रेस ने भी अपनी जिद नहीं छोड़ी। ऐसे मे पंजाब की सभी सीटों पर कॉन्ग्रेस और आप के बीच फ्रेंडली फाइट होगी। वहीं, चंडीगढ़ की सीट आम आदमी पार्टी ने छोड़ दी है। इस सीट पर कॉन्ग्रेस चुनाव लड़ेगी। इन दोनों पार्टियों में गुजरात, गोवा को लेकर भी समझौता हो गया है, तो हरियाणा की सीट भी दोनों पार्टियों ने बाँट ली है।

दिल्ली में दोनों पार्टियों के नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीट-शेयरिंग का ऐलान किया। कॉन्ग्रेस महासचिव और सांसद मुकुल वासनिक ने इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा, “आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस ने दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, चंडीगढ़ और गोवा में सीटों का बंटवारा किया है। इसके तहत दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों में से 3 पर कॉन्ग्रेस पार्टी चुनाव लड़ेगी, तो आम आदमी पार्टी 4 सीटों पर लड़ेगी। दिल्ली में आप को नई दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली और पूर्वी दिल्ली की सीट दी गई है, तो कॉन्ग्रेस चाँदनी चौक, उत्तर-पूर्वी दिल्ली और उत्तर पश्चिमी दिल्ली सीट पर चुनाव लड़ेगी।”

वासनिक ने बताया ” गुजरात की 26 लोकसभा सीटों में से 24 पर कॉन्ग्रेस लड़ेगी, तो 2 सीटों पर आम आदमी पार्टी। गुजरात में भरूच और भावनगर सीटें आम आदमी पार्टी को दी गई हैं। वहीं, हरियाणा में कॉन्ग्रेस पार्टी 10 में से 9 सीटों पर लड़ेगी, तो आम आदमी पार्टी एक सीट पर चुनाव लड़ेगी। हरियाणा की कुरुक्षेत्र लोकसभा सीट आम आदमी पार्टी को दी गई है। इसके अलावा चंडीगढ़ और गोवा में कॉन्ग्रेस अकेले चुनाव लड़ेगी। गोवा में जिस सीट से आम आदमी पार्टी ने उम्मीदवार की घोषणा की है, वो अपनी दावेदारी वापस ले लेगी।” हालाँकि पंजाब में दोनों ही पार्टियाँ अलग-अलग चुनाव लड़ेंगी।

इधर सीट शेयरिंग का ऐलान, उधर दिखने लगी नाराजगी

कॉन्ग्रेस पार्टी और आम आदमी पार्टी ने सीटों का बँटवारा जरूर कर लिया है, लेकिन उनकी मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। गुजरात की भरुच सीट हमेशा से अहमद पटेल के पास रही थी, लेकिन इस बार वो सीट समझौते के तहत आम आदमी पार्टी को दे दी गई है। भरुच सीट पर अहमद पटेल की बेटी मुमताज पटेल और बेटे फैसल पटेल, दोनों ही दावेदारी कर रहे थे। फैसल पटेल ने खुलेआम 22 फरवरी को ही बगावत का ऐलान कर दिया था। उन्होंने एक्स पर लिखा, “अगर अगले लोकसभा चुनाव में गठबंधन के तहत भरुच लोकसभा सीट आम आदमी पार्टी को दी जाती है, तो आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार का न तो मैं ही समर्थन करूँगा और न ही कॉन्ग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता उसका समर्थन करेंगे।”

इस बीच, अपने भाई से अलग तेवर अपना रही अहमद पटेल की बेटी मुमताज पटेल ने भी कई बार भरुच लोकसभा सीट पर अपनी दावेदारी की बात कही है। मुमताज पटेल ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। हालाँकि उन्होंने कहा है कि वो अपने पिता की 45 साल की विरासत को नहीं छोंड़ेगी। उनका आशय ये है कि वो कॉन्ग्रेस पार्टी में तो बनी रहेंगी, लेकिन दुखी मन से।

उत्तर प्रदेश में सलमान खुर्शीद नाराज

आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस के बीच सीट समझौते से पहले उत्तर प्रदेश में इंडी गठबंधन ने सीट समझौते का ऐलान किया था। कॉन्ग्रेस पार्टी और समाजवादी पार्टी ने 17-63 सीटें आपस में बाँटी थी। इसमें से एक सीट फर्रुखाबाद भी है। इस सीट को पारंपरिक तौर पर सलमान खुर्शीद की सीट और कॉन्ग्रेस का गढ़ माना जाता था, लेकिन इस सीट को समाजवादी पार्टी को दे दिया गया है। इसके बाद सलमान खुर्शीद ने अपनी नाराजगी जताई है।

सलमान खुर्शीद ने एक्स पर लिखा, “फ़र्रुख़ाबाद से मेरे रिश्तों के कितने इम्तहान का सामना करना पड़ेगा? सवाल मेरा नहीं, पर हमारे सब के मुस्तक़ाबिल का है, आने वाली नस्लों का है। क़िस्मत के फ़ैसलों के सामने कभी झुका नहीं। टूट सकता हूँ, झुकूँगा नहीं। तुम साथ देने का वादा करो, मैं नगमे सुनाता रहूँ।”

कॉन्ग्रेस ही नहीं, आप-सपा भी झेलेंगी बगावत की गर्मी!

सलमान खुर्शीद ने शायराना अंदाज में बहुत कुछ कह दिया है। अगर कॉन्ग्रेस और सपा ने उन्हें कहीं एडजस्ट नहीं किया, तो बहुत हद तक संभव है कि वो बगावत कर सकते हैं। ऐसा ही हाल भरुच सीट पर देखने को मिल सकता है। भले ही अहमद पटेल की बेटी मुमताज पटेल कॉन्ग्रेस में रहने की बात कर रही हों, लेकिन उनका दर्द और उनकी बेचैनी साफ दिखती है। वहीं, अहमद के बेटे फैसल ने तो खुलेआम कह ही दिया है कि भरुच के कॉन्ग्रेसियों को आम आदमी पार्टी का उम्मीदवार मंजूर नहीं।

यही नहीं, अभी बगावत आम आदमी पार्टी में भी हो सकती है। नॉर्थ-ईस्ट की एक लोकसभा सीट पर आम आदमी पार्टी ने जिस प्रत्याशी का ऐलान किया है, उसकी कोई खबर नहीं आ रही है। वहीं, चंडीगढ़ और गोवा में भी पार्टी में बगावत हो सकती है। रही बात पंजाब की, तो दोनों पार्टियों के आमने-सामने चुनाव लड़ने पर क्या नुकसान हो सकता है, इसका बात का पता तो लोकसभा चुनाव के नतीजों के सामने आते ही चल पाएगा।

आधी रात कोट-पैंट में आया जुबैर, 9 कारों में लगा दी आग: दलित की झुग्गी और दिव्यांग का खोखा भी जलाया, रिपोर्ट में बताया- भगवा झंडे वाले घर थे टारगेट

22 फरवरी 2024 की आधी रात उत्तर प्रदेश के आगरा की एक कॉलोनी में 9 कार धू-धू कर जलने लगी। इस मामले में पुलिस ने जुबैर को गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उसने भगवा झंडे लगे घरों के बाहर खड़ी कारों को निशाना बनाया था।

हालाँकि जुबैर का कहना है कि वह रास्ता भटक गया था। किसी से मदद नहीं मिली तो गुस्से में आग लगा दी। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियाँ मामले की पड़ताल कर रही हैं। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार कोट-पैंट पहनकर आगजनी करते जुबैर की करतूत सीसीटीवी में कैद है।

घटना आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र की है। यहाँ के मुरली विहार मोहल्ले में 22-23 फरवरी की दरम्यानी रात की रात लगभग 2 बजे अचानक लोगों के घरों के सामने खड़े वाहन धू-धू कर जलने लगे। 27 मिनट तक एक के बाद एक वाहनों में आग लगती रही, जिसे बुझाने के लिए स्थानीय लोगों के साथ पुलिस प्रशासन और फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुँचा। जलती कारों के टायरों के धमाके से काफी दूर तक लोगों की नींद खुल गई और अफरातफरी का माहौल बन गया। आगजनी की चपेट में प्रदीप अग्रवाल, अतुल दुबे, योगेश बघेल, बलवीर सिंह, पीसी चतुर्वेदी, चंद्रकांत उप्रेती, गजेंद्र सिंह, सुनील शर्मा और अजीत की कारें आईं।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार प्रदीप, अजीत और अतुल के घर पर भगवा झंडा लगा था। इनकी कारों को जला दिया गया। लेकिन मोहल्ले की जिस घर पर भगवा ध्वज नहीं लगा था उनकी कार सुरक्षित है। आगजनी की चपेट में एक दिव्यांग का चाय-बिस्कुट बेचने वाला खोखा भी आ गया। एक स्थानीय समाचार पोर्टल के मुताबिक जुबैर ने कारों और खोखे के अलावा राजकुमार अग्रवाल की भूसे की टाल, जयवीर सिंह के घर के आगे रखी लकड़ियों और दलित समुदाय के एक व्यक्ति की झुग्गी में भी आगजनी की थी। इस घटना के बाद लोगों ने लाइटर ले कर आगजनी कर रहे जुबैर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

जुबैर मूलतः हरियाणा के पानीपत का निवासी है। वह नशे में धुत था। नशा उतरने के बाद उसने पुलिस को बताया कि वह पानीपत से अपने दोस्त से मिलने निकला था और रास्ता भटक गया। जब उसकी किसी ने मदद नहीं की तो नाराज हो कर उसने गाड़ियों में आग लगानी शुरू कर दी। जुबैर के घर में बीवी के अलावा 2 बच्चे और नाती-पोते हैं। जुबैर की बीवी ने भी बताया कि वह आगरा के खंदारी इलाके में अपने दोस्त अब्दुल रऊफ से मिलने निकला था।

अब्दुल रऊफ ने पूछताछ में बताया है कि ज़ुबैर ने टीपी नगर के ठेके पर दारू पी थी। पुलिस की पड़ताल में आरोपित के ठेके पर शराब पीने की पुष्टि हुई है। आरोप है कि जुबैर बार-बार अपना बयान भी बदल रहा है। फिलहाल लोहामंडी के ACP ने बताया है कि जुबैर पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ चल रही है। पुलिस आगजनी की असल वजह की पड़ताल कर रही है। इस पूछताछ में IB, ATS और LIU की टीमें भी शामिल हैं। फिलहाल अभी तक जुबैर का कोई पुराना आपराधिक इतिहास निकल कर सामने नहीं आया है।

आगजनी में जिस गरीब दिव्यांग का खोखा जल गया था, उसकी आर्थिक मदद आगरा पुलिस ने की है। पुलिस ने पीड़ित को फिर से खोखा लगाने के लिए 20 हजार रुपए आपसी सहयोग से जुटा कर दिए हैं।

ईरान ने पाकिस्तान के भीतर घुस आतंकियों को मारा, एक कमांडर को ढेर करने का दावा: एक माह पहले भी भिड़े थे शिया-सुन्नी मुल्क

शिया मुस्लिम राष्ट्र ईरान ने फिर से पाकिस्तान की सीमा में घुस कर आतंकियों का सफाया किया है। ईरान ने पाकिस्तान की सीमा के भीतर हमला करके जैश अल अद्ल के एक कमांडर को उसके साथियों के साथ मार गिराया है। यह दावा एक ईरानी समाचार पोर्टल ने ईरान की सरकारी मीडिया के हवाले से किया है।

ईरान इंटरनेशनल इंग्लिश नाम के एक्स (पहले ट्विटर) अकाउंट ने आज (24 फरवरी, 2024) को बताया, “ईरान की सेना ने पाकिस्तान के भीतर एक सशस्त्र लड़ाई में जैश अल अद्ल के बड़े कमांडर इस्माइल शाहबख्श और उसके साथियों को मार गिराया है। यह जानकारी ईरान की सरकारी मीडिया ने दी है। इससे एक माह पहले दोनों देशों ने एक दूसरे की जमीन पर हवाई हमले किए थे।”

अभी इस विषय में अधिक जानकारी सामने नहीं आ सकी है। ईरान और पाकिस्तान की सरकार ने भी इस विषय पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि आतंकियों को किस क्षेत्र में मारा गया और मरने वालों की सँख्या कितनी है। ईरान और पाकिस्तान इससे पहले जनवरी में भी भिड़ चुके हैं। ईरान ने 16 जनवरी, 2024 को पाकिस्तान के भीतर एक मिसाइल हमला करके एक मस्जिद उड़ा दी थी।

इस हमले में दो बच्चों की मौत की बात पाकिस्तान ने कही थी। हालाँकि, ईरान ने कहा था कि उसका यह हमला पाकिस्तान के भीतर बैठे जैश अल अद्ल के आतंकियों को निशाना बनाने के लिए था। हालाँकि, इसके एक दिन बाद पाकिस्तान ने भी ईरान के भीतर एक हवाई हमला करने का दावा किया था। पाकिस्तान ने इसे बलोच विद्रोहियों पर की गई कार्रवाई बताया था। इस हमले में 7 लोगों की मौत हुई थी।

इनमें से 4 महिलाएँ जबकि 3 बच्चे थे। इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में काफी खटास आ गई थी। ईरान और पाकिस्तान ने इसके बाद कूटनीतिक स्तर पर भी लड़ाई चालू कर दी थी। उन्होंने अपने-अपने राजदूतों को एक दूसरे के देश से वापस बुला लिया था। कुछ दिनों तक चली तल्खी के बाद दोनों देश राजदूत वापस भेजने पर सहमत हो गए थे।

जिस आतंकी समूह जैश-अल-अदल को ईरान ने निशाना बनाया है, यह ईरान के सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत की आजादी के लिए लड़ने का दावा करता है। यह सुन्नी इस्लामी आंतकी समूह है जबकि ईरान शिया बहुल राष्ट्र है। 2012 में बनाया गया यह आतंकी समूह जब तब ईरान के भीतर हमला करता है। इसका निशाना ईरान के वह शहर होते हैं जिनकी सीमा पाकिस्तान से लगती है। वह यहाँ सुरक्षा बलों पर हमला करके पाकिस्तान भाग जाते हैं। पाकिस्तान और ईरान के बीच सीमा कई जगह पर हुई है, इससे तस्करी और आतंकियों का प्रसार होता रहता है।

6 दिन में 700+ कंप्लेन… संदेशखाली में TMC नेता के खिलाफ उमड़े लोग, लगी कतार: BJP के संघर्ष से पीड़ितों को मिला हौसला, बैकफुट पर TMC सरकार

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) सरकार ने पहले पश्चिम बंगाल के संदेशखाली से उठी आवाजों को दबाने की कोशिश की। लेकिन अब बीजेपी के संघर्ष से वह बैकफुट है। बीजेपी ने जिस तरीके से इस मामले को उठाया है, उससे पीड़ितों को भी हौसला मिला है। यही कारण है कि अब टीएमसी नेता के खिलाफ शिकायत करने के लिए स्थानीय लोग उमड़ पड़े हैं। 6 दिन में 700 से अधिक शिकायतें दर्ज कराई गई है।

सबसे अधिक शिकायतें जमीन कब्जे की हैं। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, संदेशखाली में TMC नेता शेख शाहजहाँ, उत्तम सरकार और शिबू हाजरा के खिलाफ यौन शोषण और जमीन कब्जाने के आरोपों के बाद अब सरकार बैकफुट पर है। उसने डैमेज कंट्रोल के लिए संदेशखाली में एक अफसर की तैनाती करके सभी शिकायतों को सुनने का निर्णय लिया है।

इसके लिए सरकार ने खंड विकास अधिकारी (BDO) की तैनाती की है। यहाँ संदेशखाली के पीड़ित अपनी जमीन कब्जाए जाने, रंगदारी लिए जाने और मजदूरी ना मिलने जैसी समस्याओं को लेकर आ रहे हैं। इंडियन एक्सप्रेस ने बताया है कि पिछले 6 दिनों में 700 से अधिक शिकायतें आ चुकी हैं। इनमें से 150 शिकायतें जमीन कब्जे और 70 रंगदारी वसूलने से संबधित हैं।

बताया गया है कि ममता सरकार अपनी छवि बचाने के लिए संदेशखाली में कब्जाई गई जमीन को लोगों को लौटाने पर भी विचार कर रही है। हालाँकि, यह काम काफी कठिन होगा, क्योंकि जमीन कब्जाने वालों ने इन जमीनों को गैर उपजाऊ बना दिया है। ऐसे में ग्रामीण इसको लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी जमीन कब्जाई गई और जिनसे पट्टे का वादा किया गया उन्हें कोई भुगतान TMC नेताओं की तरफ से नहीं किया गया।

संदेशखाली के पीड़ितों का कहना है कि वह अपनी जमीन पर पहले खेती करते थे। जब इसे शाहजहाँ और उसके गुडों ने छीना तो इनका उपयोग मछलीपालन में किया। इसके लिए उनकी खेती की जमीन में खारा पानी भरा। इससे जमीन की प्रकृति बदल गई है और वह खेती करने लायक नहीं रह गई। जमीन को उपजाऊ बनाने में कम से कम तीन साल का वक्त लगेगा।

कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि TMC नेताओं ने उनसे काम करवाया, लेकिन कोई भी पैसा नहीं दिया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें मारने की धमकी दी गई। ऐसे भी कई लोग हैं जो यहाँ पेशन जैसी समस्याओं को लेकर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि हाल ही में हुए विरोध-प्रदर्शनों से उनकी हिम्मत बढ़ी है।

जमीन कब्जाने के अलावा यौन शोषण के आरोपों को लेकर भी अब महिलाएँ सामने आ रही हैं। अब तक दो FIR ऐसे मामलों में हो चुकी हैं। बंगाल पुलिस ने शिबू हाजरा और उत्तम सरकार को गिरफ्तार कर लिया है। हालाँकि, शेख शाहजहाँ अभी भी फरार है।

संदेशखाली: यौन शोषण, जमीन कब्जा, धमकी

बंगाल में एक जिला है उत्तरी 24 परगना। यहाँ के सुंदरबन डेल्टा में टापू पर बसा हुआ है संदेशखाली। यहाँ 5 जनवरी 2024 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक टीम CRPF के कुछ जवानों के साथ पहुँची थी। यह टीम बंगाल में हुए राशन घोटाला मामले में स्थानीय तृणमूल कॉन्ग्रेस नेता और पंचायत सदस्य शाहजहाँ शेख से पूछताछ करने आई थी। इस दौरान टीम पर हमला हो गया और कई अधिकारी एवं जवान घायल हुए।

इसके बाद शाहजहाँ शेख फरार हो गया और उसके घर पर ताला लटक रहा है। इस घटना के एक महीने बाद यानी 8 फरवरी 2024 को यहाँ बड़ी संख्या में महिलाएँ सड़क पर उतरीं। इन्होंने जो खुलासे किए वह सन्न करने वाले थे। महिलाओं ने आरोप लगाया कि शाहजहाँ शेख और उसके चेले शिबू हाजरा और उत्तम सरकार ने यहाँ अपना आतंक कायम कर रखा है।

महिलाओं ने कहा कि शाहजहाँ और उसके गुर्गों को जो भी महिला पसंद आती है, उसे वे घर से उठा ले आते हैं। जितने दिन मन होता है, उसे अपने पास रखते हैं और फिर ‘मन भर जाने’ पर महिला को वापस कर देते हैं। यदि कोई महिला इसका विरोध करती तो उसके घरवालों को प्रताड़ित किया जाता और हत्या तक की धमकी दी जाती थी।

राजस्थान के सरकारी स्कूल में जबरन पढ़वाते थे नमाज, हिंदू छात्रा के TC में लिखा ‘इस्लाम’: धर्मांतरण और लव जिहाद की साजिश पर शिक्षा मंत्री सख्त

राजस्थान के कोटा जिले के एक सरकारी स्कूल में धर्मांतरण और लव जिहाद की साजिशों का खुलासा होने के बाद दो शिक्षक सस्पेंड किए गए हैं। यह स्कूल सांगोद कस्बे के पास स्थित खजूरी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय है। स्कूल की एक हिंदू छात्रा के स्थानांतरण पत्र (TC) में ‘इस्लाम’ लिखे जाने और छात्राओं से जबरन नमाज पढ़वाए जाने का मामला सामने आया है।

स्कूल में चल रहे इस्लामी षड्यंत्र का खुलासा राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के दौरे के दौरान हुआ। 21 फरवरी 2024 को सर्व हिन्दू समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात करने यह मामला उनके संज्ञान में लाया। संगठन ने सरकारी स्कूल में इस्लामिक जिहादी गतिविधियाँ चलने का आरोप लगाया। बताया जा रहा है कि प्रतिबंधित कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और दावत-ए-इस्लामी के इशारे पर लव जिहाद और धर्मान्तरण की यह साजिश चल रही थी।

इसके बाद स्कूल के दो शिक्षक फिरोज खान और मिर्जा मुजाहिदीन को को सस्पेंड कर दिया गया है। महिला शिक्षिका शबाना को मुख्यालय से अटैच (APO) कर दिया गया है। पूरे घटनाक्रम की जाँच करवाई जा रही है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि हिंदू होने के बावजूद स्कूल की एक छात्रा की टीसी भी इस्लाम लिख दिया गया था।

उन्होंने कहा, “वहाँ धर्मान्तरण का षड्यंत्र हो रहा है। लव जिहाद का षड्यंत्र चल रहा है। हिंदू लड़कियों से जबरन नमाज पढ़ाई जा रही है। यह पता चलने के बाद 2 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें से एक फिरोज खान अध्यापक लेवल 1 है और दूसरा मिर्जा मुजाहिदीन शारीरिक शिक्षक है। शबाना के खिलाफ भी आगे कार्रवाई हो रही है। तीनों को मैंने बीकानेर भेज दिया है। विस्तृत जाँच करा कर इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करूँगा और बर्खास्त करने जैसी स्थिति बनी तो बर्खास्त भी करूँगा।”

हिंदू संगठन ने अपने ज्ञापन में बताया था कि स्कूल में न सिर्फ हिंदू छात्राओं से नमाज पढ़वाई जाती है, बल्कि उनकी जान-पहचान सोची समझी साजिश के तहत मुस्लिम लड़कों से करवाई जाती है। साल 2019 की एक घटना का भी जिक्र ज्ञापन में था। इसमें एक हिन्दू छात्रा के TC में उसका धर्म इस्लाम लिख दिया गया था। इसी छात्रा का साल 2024 में स्कूल के ही मुस्लिम छात्रों द्वारा अपहरण कर लिया गया था, जिसकी FIR सांगोद थाने में दर्ज है। इस पूरी साजिश के सूत्रधार के तौर पर स्कूल के फिजिकल टीचर मिर्जा मुजाहिदीन, फिरोज खान के अलावा सहायक अध्यापिका शबाना को आरोपित किया गया था।

सर्व हिन्दू समाज ने शिक्षा मंत्री से आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की थी। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने तत्काल इस मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के आदेश जारी किए। 21 फरवरी को ही कोटा के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ने मिर्जा मुजाहिदीन और फिरोज खान को सस्पेंड कर दिया। इसके अलावा महिला टीचर शबाना को APO (मुख्यालय अटैच) कर दिया गया। मंत्री मदन दिलावर के मुताबिक मामले की उच्चस्तरीय जाँच करवाई जा रही है।