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जिस किसान आंदोलन को हवा दे रहे केजरीवाल, उसी कारण 11 लोगों की मौत: दिल्ली सरकार के विभाग ने ही बताई असली वजह

देश की राजधानी दिल्ली के अलीपुर में गुरुवार (15 फरवरी 2024) की शाम को आग लग गई। ये आग एक पेंट फैक्ट्री में लगी, जिसमें 11 लोगों की जल कर मौत हो गई। इस हादसे की वजह जो भी रही हो, लेकिन राहत एवं बचाव कार्यों में देरी हुई, जिसके चलते इतना बड़ा नुकसान हुआ। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद दमकल विभाग को जब इसकी सूचना दी गई, तो दमकल विभाग की गाड़ियाँ काफी देरी से मौके पर पहुँची। अलीपुर अग्निकांड मामले में एक अधिकारी ने किसान आंदोलन की वजह से भारी बैरिकेटिंग को दमकल विभाग की गाड़ियों के पहुँचने में हुई देरी को वजह बताया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में एक अधिकारी ने बताया कि दमकल विभाग के पहुँचने में देरी हो गई, क्योंकि इलाके में भारी बैरिकेडिंग की गई थी। ये बैरिकेडिंग किसान आंदोलन के चलते की गई है। अधिकारी ने कहा, “पूरे इलाके में भारी ट्रैफिक था। इसलिए घटनास्थल तक पहुँचने में देरी हुई, क्योंकि कई जगहों पर ट्रैफिक को पूरी तरह से डायवर्ट कर दिया गया था।”

दमकल के देरी से पहुँचने के मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जाँच के आदेश दिए हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, “यह बहुत दुखद घटना है, आग एक पेंट फैक्ट्री में लगी, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई, तो 4 लोग घायल हो गए।” उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 10-10 लाख रुपए के आर्थिक मदद की बात कही, साथ ही गंभीर रूप से घायलों को 2-2 लाख देने और मामूली रूप से घायल लोगों को 20-20 हजार रुपए देने की बात कही। इस दौरान उन्होंने कहा, “बताया जा रहा है कि दमकल की गाड़ियाँ देर से पहुँचीं, मैं इसकी जाँच के आदेश दूँगा। फैक्ट्री के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”

अरविंद केजरीवाल ने भले ही जाँच की बात कही हो, लेकिन दिल्ली में किसी भी आपात स्थिति से निपटना काफी मुश्किल हो रहा है। एक तरफ उनकी सरकार किसान आंदोलन का समर्थन कर रही है। पंजाब से किसानों को बिना किसी रोक-टोक के हरियाणा की सीमाओं को घेरने का मौका दिया जा रहा है, तो दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सरकार ने केंद्र सरकार के उस प्रस्ताव को नकार दिया, जिसमें केंद्र सरकार ने बवाना स्टेडियम को अस्थाई जेल में बदलने का अनुरोध किया था। यही नहीं, दिल्ली सरकार ने इस आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा था कि सभी को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का हक है।

AIIMS, मेट्रो, रेलवे… PM मोदी ने हरियाणा को दी ₹9750 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात, कहा- अबकी बार 400 पार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार (16 फरवरी 2024) को हरियाणा के रेवाड़ी पहुँचे। यहाँ उन्होंने हरियाणा के विकास को बढ़ावा देने वाले ₹9750 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने इस दौरान 2024 के चुनावों में NDA गठबंधन के 400 से अधिक सीटें मिलने से संबंधित नारा भी दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने रेवाड़ी में नए AIIMS का शिलान्यास किया। इसमें 720 बेड वाला अस्पताल, 100 सीटों वाला एक मेडिकल कॉलेज, 60 सीटों वाला एक नर्सिंग कॉलेज और 30 बिस्तरों वाला एक आयुष ब्लॉक होगा। इसको बनाने में ₹1650 करोड़ का खर्चा आएगा। इसे 203 एकड़ में बनाया जा रहा है। इसमें कर्मचारियों और छात्रों के लिए छात्रावास भी होंगे।

पीएम मोदी ने रोहतक-महम रेल सेवा को भी हरी झंडी दिखाई है। लगभग 70 किलोमीटर लम्बी यह रेल लाइन रोहतक से हाँसी को जोड़ती है। इससे रोहतक और हिसार सीधे तौर पर जुड़ गए हैं। यह परियोजना लगभग 900 करोड़ रुपए की है। इससे हरियाणा और उसके आसपास के लोगों को आवागमन में आसानी होगी।

हरियाणा के गुरुग्राम के लिए नई मेट्रो लाइन का शिलान्यास भी प्रधानमंत्री मोदी ने किया। यह मेट्रो प्रोजेक्ट 28.5 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें 27 नए स्टेशन होंगेे। यह वर्तमान में दिल्ली से गुरुग्राम के मिलेनियम सिटी सेंटर जाने वाली येलो लाइन को आगे साइबर सिटी तक जुड़ेगा। इससे रोजाना सफ़र करने वालों को भी बड़ी राहत मिलेगी। यह मेट्रो परियोजना द्वारका एक्सप्रेसवे के पास से होकर निकलेगी।

लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 2013 में प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद चुनाव प्रचार की शुरुआत उन्होंने यहीं से की थी। उन्होंने कहा कि पिछली बार 272 सीट मिली थी और अब रेवाड़ी वालों के आशीर्वाद से NDA को 400 सीटें मिलेंगी। पीएम ने कहा कि उन्होंने ₹10,000 करोड़ की परियोजनाओं कि सौगात हरियाणा को दी है। यह प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद है।

प्रधानमंत्री मोदी ने रेवाड़ी में कॉन्ग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस के लोग पहले भगवान राम को काल्पनिक बताते थे और अब जय सियाराम का नारा लगाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस देश के लोगों को छोटी-छोटी सुविधाओं से दूर रखती है। प्रधानमंत्री ने कॉन्ग्रेस को परिवार मोह में फँसा बताया। प्रधानमंत्री ने रेवाड़ी से पहले राजस्थान को भी ₹17,000 करोड़ की सौगात भी दी।

साध्वी प्रज्ञा का इमरान एंड गैंग ने झटका था व्हीलचेयर, किया दुर्व्यवहार: MP ने बताया षड्यंत्र, अकासा एयर ने कहा- तकलीफ के लिए माफ करें

भोपाल से भारतीय जनता पार्टी की सांसद साध्वी प्रज्ञा ने अकासा एयर के ड्यूटी मैनेजर पर नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया और इस मामले की शिकायत उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से की। उनके इस ट्वीट के बाद एयरलाइन्स ने यह मामला अपने संज्ञान में लिया और कार्रवाई का आश्वासन दिया।

अब साध्वी प्रज्ञा के साथ फ्लाइट में हुआ क्या ये ट्वीट में स्पष्ट नहीं है। लेकिन उन्होंने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा है कि वो इस पूरे मामले के बारे में ज्योतिरादित्य सिंधिया को विस्तार से शिकायत करेंगी।

दैनिक भास्कर को सांसद प्रज्ञा ने कहा, “वे मुंबई से दिल्ली के लिए अकासा एयर की फ्लाइट से रवाना हुई थीं। रात करीब 8 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर एयरलाइंस के ड्यूटी मैनेजर इमरान और उसकी पूरी गैंग ने उन्हें नुकसान पहुँचाने की कोशिश की। ये पूरा गैंग है जो सुनियोजित तरीके से काम कर रहा है। इसके बारे में पूरी विस्तार से एक शिकायत लिखकर सिंधिया जी को दे रही हूँ।”

वहीं भाजपा सांसद की प्रज्ञा के करीबियों ने बताया कि साध्वी प्रज्ञा की रीढ़ की हड्‌डी में गंभीर समस्या है। ऐसे में एयरपोर्ट से फ्लाइट तक जाने, चढ़ने-उतरने के दौरान व्हीलचेयर की जरूरत पड़ती है। जब सांसद दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरीं तो उन्हें रिसीव करने वाले एयरलाइंस के ऑन ड्यूटी मैनेजर और स्टाफ ने उनके साथ ना केवल दुर्व्यवहार किया। बल्कि नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से उनकी व्हीलचेयर को झटक दिया। इससे उनकी पीठ में समस्या आई है।

साध्वी प्रज्ञा की शिकायतों के बाद अकासा एयर ने भी इस पर टिप्पणी की है। उनके प्रवक्ता ने इस मामले पर बयान जारी कर कहा, “हमें माननीय संसद सदस्य सुश्री प्रज्ञा ठाकुर के डी-बोर्डिंग अनुभव पर खेद है जो उन्हें 15 फरवरी, 2024 को हमारी उड़ान QP1120 पर हुआ। किसी भी असुविधा के लिए हम क्षमा चाहते हैं। हम घटना की विस्तार से जाँच करेंगे, हम इससे सीखने और खुद की सेवाओं में सुधार की कोशिशों को जारी रखेंगे।”

इससे पहले साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अपने ट्वीट में लिखा था, “मा.उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मुंबई से दिल्ली अकासा एयर की फ्लाइट नंबर QP1120 से दिल्ली आने पर ड्यूटी मैनेजर इमरान और उसके साथियों द्वारा षड्यंत्र कर मुझे बड़ी हानि पहुँचाने का प्रयास किया। अपेक्षा करती हूँ आप कार्रवाई अवश्य करेंगे। जय श्री राम।” इस पर भी अकासा एयर ने कहा था- “हम आपके अनुभव से बहुत चिंतित हैं। आपके फीडबैक को रिव्यू के लिए टीम के साथ शेयर किया जाएगा और जरूरी एक्शन भी लेंगे।”

दरभंगा में पत्थरबाजी के पीछे ‘इस्लाम जिंदाबाद’ ग्रुप, 200+ पर FIR: फैजान-तबरेज जैसे 14 गिरफ्तार, कसाई टोला में सरस्वती विसर्जन जुलूस पर हुआ था हमला

बिहार के दरभंगा में इस्लामिक कट्टरपंथियों के गुट ने माँ सरस्वती की मूर्ति को विसर्जित करने के लिए निकाले गए जुलूस पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि गुरुवार (15 फरवरी 2024) की शाम को 5 बजे मूर्ति विसर्जन करने जा रहे हिंदुओं का जुलूस अपने तय रास्ते से आगे बढ़ रहा था। तभी रास्ते में कट्टरपंथी इस्लामिक भीड़ ने पूरी यात्रा को रोक लिया और उन पर पत्थरबाजी कर दी। देखते ही देखते काफी लोगों को चोटें आई। इस्लामिक कट्टरपंथियों ने माँ सरस्वती की मूर्ति भी खंडित कर दी।

यही नहीं, हिंदुओं को निशाना बनाने के लिए पत्थरबाजी के साथ ही उन पर तेजाब से भी हमले की जानकारी सामने आई। इस हमले में कई लोग घायल हो गए, जिसमें पुलिसकर्मी भी शामिल थे। इस हमले के बाद बाद डीएम, एसएसपी समेत भारी मात्रा में पुलिस बल मौके पर पहुँची और किसी तरह से हालात पर काबू पाया। अब इस घटनाक्रम से जुड़ा बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें पता चल रहा है कि इस्लामिक कट्टरपंथियों ने पूरी प्लानिंग करके हिंदुओं को निशाना बनाया।

जानकारी के मुताबिक, ये मामला भालपट्टी ओपी थाना इलाके के मुरिया में हुआ, जहाँ हाटगाछी में कसाई मोहल्ला के कट्टरपंथियों ने हिंदुओं पर हमला किया। इस भीड़ की अगुवाई फैजान, महताब आलम, अब्दुल बारीक, मोहम्मद अब्दुल्ला, अमजद जैसे लोग कर रहे थे। इन्होंने हिंदुओं पर हमला बोल दिया। इस पूरे घटनाक्रम के एफआईआर की कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है, जिसमें विस्तार से इस्लामिक कट्टरपंथियों की साजिश की जानकारी दी गई है। पुलिस ने बताया है कि अब तक 14 दंगाइयों को गिफ्तार किया जा चुका है, तो बाकियों की धरपकड़ की जा रही है।

वॉट्सऐप ग्रुप में छिपे हमले के राज?

एफआईआर के मुताबिक, टाली गुमटी और मुरिया में स्थापित की गई माँ सरस्वती की मूर्तियों को विसर्जित करने के लिए 15 फरवरी 2024 को जुलूस निकला था। ये जुलूस हाटगाछी से मुड़कर जीवछ घाट जा रहा था। शाम करीब 5 बजे हाटगाछी में इस्लामिक कट्टरपंथियों ने एकजुट होकर जुलूस को रोक दिया। उन्होंने विसर्जन जुलूस पर पत्थरबाजी करने शुरू कर दी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मौके पर वरीय अधिकारी पहुँचे और भीड़ की हिंसा को किसी तरह से थामा। इस हिंसा के बाद कई लोगों को हिरासत में मिला गया, जिसमें एस व्यक्ति की पहचान मोहम्मद फैजान के रूप में हुई। उसके वॉट्सऐप की जाँच की गई, तो ‘ऑन टॉप इस्लाम जिंदाबाद’ ग्रुप बना पाया गया। इस ग्रुप के 7 एडमिन मिले हैं। पुलिस को इस वॉट्सऐप ग्रुप की जाँच में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और हिंसा की सुनियोजित साजिश के सबूत मिले हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस ने 61 नामजद, 7 मोबाइल नंबर (वॉट्सऐप ग्रुप के ऐडमिन) और अज्ञात 150 लोगों के खिलाफ रोड़बाजी-पत्थरबाजी, विधि-व्यवस्था को भंग करने, सांप्रदायिक दंगा भड़काने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने, पुलिस एवं प्रशासन पर हमला करने, संपत्ति का नुकसान करने और नेशनल हाइवे को जाम करने के आरोपों में धारा 147, 148, 149, 341, 323, 324, 325, 307, 332, 333, 353, 427, 153(A), 295(A), 120(B), 504, 506 और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज की अपील की, जिसके बाद शुक्रवार (16 फरवरी 2024) को एफआईआर नंबर 86/2024 दर्ज की गई है। इस मामले की जाँच ध्रुव कुमार चौधरी को सौंपी गई है।

जुलूस पर हमला करने वाले 14 गिरफ्तार

पुलिस ने बताया है कि अभी तक 14 लोगों की गिरफ्तारी कर ली गई है, जिसमें अलाउद्दीन (उम्र 40 वर्ष), मोहम्मद सरताज (उम्र 45 वर्ष), मोहम्मद अलाउद्दीन (उम्र 40 वर्ष), मोहम्मद समीर (उम्र 20 वर्ष), मोहम्मद तबरेज (उम्र 25 वर्ष), मोहम्मद परवेज (उम्र 25 वर्ष), मोहम्मज निजाम (उम्र 22 वर्ष), मोहम्मद नसीम (उम्र 35 वर्ष), मोहम्मद नौसाद (उम्र 40 वर्ष), रहमान कुरैशी (उम्र 28 वर्ष), मोहम्मद अब्दुल्ला (उम्र 21 वर्ष), मोहम्मद फैजान (उम्र 20 वर्ष), अब्दुल बारीक (उम्र 45 वर्ष) और मोहम्मद महताब (उम्र 23 वर्ष) शामिल हैं।

एफआईआर में इस्लामिक कट्टरपंथियों के नाम

इस मामले में पुलिस ने फैजान पिता मो परवेज, महताब आलम पिता अंसार अहमद, अब्दुल बारीक पिता स्व मो खखन, अब्दुल्ला पिता मो हीरा को पकड़ा और फिर अन्य आरोपितों की पहचान की। इन दंगाइयों के माध्यम से पुलिस ने हमले में शामिल, मैनाज खातून पति मो सलीम ऑटो वाला, अदजद उर्फ गोलू पिता मो राजा शेख, मो राशीद पिता अज्ञात, फैयाज, नूर आलम, इजहार कुरैशी, चाँद कुरैशी, राजू बिजली मिस्त्री, शमीर, छोटू पिता जुबैर, निजाम पिता बसीर, निशान पिता नौशाद, हप्पू कुरैशी, फैजान पिता मंसूर शेख, नौशी पिता मो कलाम, तवरेज, जबुल्ला, फैजान पिता मो. आलमगीर, अरजू, मोहम्मद उजाले, मोहम्मद नाजिर, मोहम्मद आदारी, मोहम्मद जावेद, मोहम्मद अमन, अरसलान, अफताब, मोहम्मद कोनेन, मोहम्मब गुलाब, मोहम्मद नूरेआलम समेत 61 नामजदों और 150 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

गौरतलब है कि कसाई टोला में जिस जगह पर हिंदुओं के जुलूस पर हमला हुआ, उसी मूर्ति विसर्जन के रास्ते से दो ट्रैक्टरों को पहले भी लौटाया जा चुका था, लेकिन पाँच बजे इस्लामिक कट्टरपंथियों की भीड़ ने फिर से हमला किया। पत्थरबाजी शुरू होते ही अचानक भगदड़ मच गयी, लोग प्रतिमा को छोड़कर वहाँ से भागे। इस दौरान सरस्वती प्रतिमा को भी तोड़ दिया गया, जिसके बाद लोग भड़क उठे। इसके बाद भीड़ ने घरों-दुकानों में भी तोड़फोड़ की। इस दौरान कई गाड़ियों को भी निशाना बनाने की बात आई।

भालपट्टी थाना में तैनात प्रिंस कुमार यादव ने ऑपइंडिया से बातचीत में कहा, “यात्रा के मार्ग परिवर्तन को लेकर अचानक तनाव हो गया। यात्रा कसाई मोहल्ले से होकर गुजर रही थी, तभी पत्थरबाजी की जाने लगी।” जब ये पूछा गया कि क्या यात्रा किसी मस्जिद के पास से होकर गुजर रही थी, तो उन्होंने साफ तौर पर इस बात को नकारा। उन्होंने कहा, “लोग मस्जिद के पास पहुँचे नहीं थे, फिर भी ये हमला हुआ।”

वक्फ बोर्ड को ₹100 करोड़, ईसाइयों के लिए ₹200 करोड़: कर्नाटक की काॅन्ग्रेस सरकार ने पेश किया बजट, रेवड़ी बाँटने के लिए ₹52 हजार करोड़

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने वित्त वर्ष 2024-25 का बजट पेश कर दिया है। ₹3.71 लाख करोड़ के इस बजट में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। बजट में सामने आया है कि सरकार इस साल ₹1 लाख करोड़ से अधिक उधार लेने वाली है। चुनावी वादों को पूरा करने के लिए बड़ी धनराशि खर्च की जाएगी। सिद्दारमैया ने वक्फ बोर्ड और ईसाइयों के लिए भी बड़ी धनराशि देने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के पास वित्त मंत्रालय भी है। उन्होंने आज (16 फरवरी 2024) कर्नाटक विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि ₹52,000 करोड़ की राशि गृह ज्योति, गृह लक्ष्मी, युवा निधि समेत पाँच योजनाओं के लिए दी गई है। इन योजनाओं का ऐलान कॉन्ग्रेस ने 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों के दौरान किया था। वहीं, राज्य सरकार 33.19 लाख किसानों को एकमुश्त ₹2000 देगी।

सिद्दारमैया ने कर्नाटक वक्फ बोर्ड के लिए ₹100 करोड़ और राज्य के ईसाइयों के विकास के लिए ₹200 करोड़ की व्यवस्था इस बजट में की गई है। राज्य में 100 मौलाना अबुल कलाम आजाद स्कूल खोले जाएँगे, जबकि ₹10 करोड़ से मैंगलूरू में एक हज हाउस बनाया जाएगा। सिद्धारमैया ने कहा कि 393 करोड़ रुपए की लागत से अल्पसंख्यक विकास निगमों के माध्यम से कार्यक्रम तैयार और कार्यान्वित किए जाएँगे।

कर्नाटक सरकार हनुमान जी के जन्मस्थान के विकास के लिए भी ₹100 करोड़ खर्च करेगी। वहीं, जैन धर्म के प्रमुख तीर्थस्थलों के विकास के लिए 50 करोड़ रुपए आवंटित की जाएगी। बौद्ध धर्म के पवित्र ग्रंथ ‘त्रिपिटक’ का कन्नड़ में अनुवाद के लिए भी आवश्यक अनुदान आवंटित किया जाएगा। इसके अलावा, अन्य तीर्थ स्थलों के विकास के लिए 20 करोड़ रुपए का भी आवंटन किया गया है।

सिद्दारमैया ने ऐलान किया है कि वह एक कानून के जरिए राज्य के सभी साइनबोर्ड पर 60% कन्नड़ भाषा अनिवार्य करेंगे। राज्य सरकार के इस बजट में नई क्षमताएँ (इन्फ्रा जैसी सुविधाएँ) बनाने को लेकर ₹55,000 करोड़ खर्च किए जाएँगे। ₹24,000 करोड़ कर्ज का ब्याज चुकाने में खर्च होंगे। राज्य सरकार ने एक फैक्ट चेक यूनिट बनाने की भी घोषणा की है। ऐसे ही प्रयास पहले तमिलनाडु में हो चुके हैं।

जहाँ इस बजट को मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने समृद्धि को लक्षित बजट बताया है, वहीं कर्नाटक भाजपा के नेताओं ने इसे जनविरोधी और किसान विरोधी बजट करार दिया है। उन्होंने कहा है कि कोई नई योजना नहीं लाई गई है और राज्य को 20 साल पीछे धकेला जा रहा है। भाजपा विधायकों ने बजट के दौरान कर्नाटक विधानसभा में प्रदर्शन भी किया है।

नोएडा की जिस रेव पार्टी को लेकर एल्विश यादव से हुई थी पूछताछ, उसमें परोसा गया था कोबरा-करैत का विष: FSL रिपोर्ट से खुलासा

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और बिग बॉस के विनर एल्विश यादव के माध्यम से रेव पार्टियों में साँपों के जहर सप्लाई मामले में फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) की रिपोर्ट आ गई है। दावा किया जा रहा है कि इस रिपोर्ट में सामने आया है कि रेव पार्टी से जो सैंपल कलेक्ट हुए थे वो किसी और के नहीं बल्कि कोबरा-करैत प्रजाति के साँपों के जहर थे।

एल्विश यादव पर साँप के जहर सप्लाई करने का आरोप पिछले साल नवंबर में लगा था। उनके और कुछ सपेरों के खिलाफ नोएडा सेक्टर 49 थाने में केस दर्ज हुआ था। ये केस मेनका गाँधी के एनजीओ पीपल फॉर एनिमल की ओर से कराया गया था।

बाद में पुलिस ने उनसे पूछताछ की थी और उन्हें छोड़ दिया था जबकि अन्य आरोपित जो गिरफ्तार हुए थे उनके पास से पुलिस को जहर और 9 साँप मिले थे जिनमें 5 कोबरा थे।

पुलिस ने इस जहर की जाँच के लिए इसे एफएसएल को भेजा और अपनी पूछचाछ करती रही। आरोपितों ने बताया कि एल्विश यादव की पार्टियों में बदरपुर से साँप लाए जा रहे थे। धरपकड़ में एक राहुल नाम का आरोपित भी पकड़ा गया था जिसका काम ही रेव पार्टियों में जहर को उपलब्ध करवाना था।

डिमांड के अनुसार वह जहर के लिए सपेरे, ट्रेनर और बाकी चीजें उपलब्ध करवाता था। राहुल ने ही उन लोगों का नाम बताया था जो रेव पार्टियों में बीन प्रोग्राम आदि करवाते हैं, उसके बाद उन्हीं के कनेक्शन कथिततौर पर एल्विश यादव से निकले और उनपर केस हुआ।

बता दें कि एक ओर जहाँ मीडिया दावा कर रही है कि एल्विश यादव इस एफएसएल रिपोर्ट के आने से मुश्किल में पड़ सकते हैं, उन्होंने इस मामले में बयान जारी कर कहा था कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं।

एल्विश ने अपने एक्स हैंडल पर वीडियो शेयर कर सफाई दी थी। उन्होंने कहा था, “मैंने देखा कि कैसे न्यूज फैल रही है, मेरे खिलाफ मीडिया में बात चल रही है कि मैं अरेस्ट हो गया। मैं नशीले पदार्थों के साथ पकड़ा गया। ये जितने भी आरोप मेरे खिलाफ लगे हैं, सब बेबुनियाद हैं। सारे फेक हैं, एक फीसदी भी इसमें सच्चाई नहीं हैं।” एल्विश ने मेनका गाँधी के लिए भी लिखा था कि उन्हें आश्चर्य होता है कि ऊँचे पदों पर कैसे-कैसे लोग बैठे हुए हैं। इसके अलावा एल्विश ने यह भी लिखा- “जिस हिसाब से इल्जाम लगाया है मैडम ने, उस हिसाब की माफी भी तैयार रखें।”

गौरतलब है कि हाल में एल्विश यादव एक रेस्टोरेंट में एक शख्स को झापड़ मारने के कारण चर्चा में आए थे। उन्होंने मामले की सफाई में कहा था कि उस व्यक्ति ने उनके परिवार वालों को गाली दी थी इसलिए उन्होंने उसे झापड़ मारा।

जो खुद को बताते हैं ‘अन्नदाता’, उनको चेहरा छुपा ‘पत्थरबाजी’ करते देखा आपने? शंभु बाॅर्डर के Video हरियाणा पुलिस ने किए जारी

हरियाणा और पंजाब की सीमा पर प्रदर्शनकारी किसान सुरक्षाबलों पर पत्थर बरसा रहे हैं। पुलिस के समझाने के बाद भी वे नहीं मान रहे हैं। इस बात का खुलासा हरियाणा पुलिस ने किया है। दरअसल, ये कथित किसान किसी तरह दिल्ली में घुसना चाहते हैं, लेकिन सुरक्षाबल इन्हें रोकने की कोशिश कर रहा हैं। इसको लेकर वे पुलिस पर हमलावर हैं। इसके कई वीडियो भी सामने आए हैं।

अम्बाला की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पूजा डाबला ने बताया, “पत्थरबाजों के वीडियो हमने जारी की है। इनके प्रदर्शन को लेकर हमने तैयारी कि हुई थी। हमने बैरिकेड भी लगाए थे और पैरामिलिट्री भी तैनात की थी। 2020 में भी इसी तरह उत्पात का हो चुका है। हमारे सामने ऐसे वीडियो आए हैं, जिनमें लोग बैठकर पत्थर तोड़ रहे हैं और उससे जवानों को पत्थर मार रहे हैं।”

आगे उन्होंने बताया, “इस पत्थरबाजी में अर्धसैनिक बलों के 7 जवान और हरियाणा पुलिस के 18 जवान घायल हुए हैं। इसके अलावा, एक DSP भी पत्थर की चोट से घायल हुए हैं। हमने वीडियो जारी करके पत्थरबाजों की पहचान करने में सहायता माँगी है।” इसके अलावा हरियाणा पुलिस ने पत्थर बरसाने वालों के वीडियो भी जारी किए हैं और लोगों से इनका पहचान करने का आग्रह किया है।

हरियाणा पुलिस द्वारा जारी किए गए वीडियो में दिख रहा है कि एक तरफ सुरक्षाबलों के जवान तैनात है और दूसरी तरफ से बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पत्थर फेंक रहे हैं। वीडियो में दिखता है कि मुँह पर कपड़ा बाँधे पत्थरबाज एक के बाद एक करके आगे आते हैं और सुरक्षाबलों पर पत्थर चलाते हैं। वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि यहाँ यह पत्थरबाज मैदान में बैठकर पत्थर तोड़ रहे हैं और फिर सुरक्षाबलों पर फेंक रहे हैं।

इसी तरह के दृश्य पहले कश्मीर से देखने को मिलते थे। हालाँकि, अनुच्छेद 370 हटाने के बाद अब वहाँ शांति है। हरियाणा बॉर्डर पर जिस तरह से प्रदर्शनकारी किसान सुरक्षाबलों पर पथराव करते दिखे, वह कश्मीर का याद दिलाता है। इस दौरान पुलिस ने आँसू गैस के गोले भी फेंके। इसके बाद भी प्रदर्शनकारी किसान पीछे नहीं हट रहे हैं।

इससे पहले भी प्रदर्शकारियों के वीडियो सामने आए थे। एक वीडियो में एक प्रदर्शनकारी कहता है कि वे लोग पुलिस के ड्रोन गिराने के लिए पत्थरों का उपयोग कर रहे थे लेकिन वे पत्थर वापस आकर उन पर कर रहे थे। इस कारण से किसान अब टेनिस बॉल का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं एक और वीडियो में प्रदर्शनकारी पतंग उड़ाकर ड्रोन गिराने की कोशिश करते देखे गए थे।

इसी बीच सरकार किसानों से बातचीत करने का भी प्रयास कर रही है। बृहस्पतिवार (15 फरवरी 2024) को केंद्र सरकार और किसानों के बीच बातचीत बेनतीजा रही। यह दोनों पक्षों के बीच बातचीत का तीसरा दौर था। इस बातचीत में MSP को लेकर कानून की माँग सहित 13 माँगें रखी गई हैं। वहीं सरकार इसमें आने वाली अड़चनों को लेकर उन्हें समझाने का प्रयास कर रही है।

इस बीच किसानों ने शुक्रवार (16 फरवरी 2024) को भारत बंद का भी ऐलान किया है। इस बंद का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। भारत बंद के ऐलान का ज्यादा असर जहाँ पंजाब में है। हरियाणा और दिल्ली में भी इसका असर सामान्य आवाजाही पर दिख रहा है। दिल्ली में कई जगह पर इस प्रदर्शन और बंद के चलते भारी जाम लगा हुआ है।

दिल्ली के गाजीपुर, टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर भी लोग परेशान हो रहे हैं। बैरिकेडिंग की वजह से गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। दिल्ली पुलिस ने इस दौरान लोगों को अधिक से अधिक संख्या में मेट्रो सेवा का उपयोग करने की सलाह दी है। इन सबके बीच इन प्रदर्शनकारियों पर किसानों की माँगों का राजनीतिकरण करने का आरोप लग रहा है।

Haryana police publishes video of stone pelters in farmers protest ambala shambhu border

चंदाखोरी कैंपेन चलाने वाली काॅन्ग्रेस के चेक नहीं ले रहे बैंक, बिजली बिल भरने के भी पैसे नहीं: रोने के बाद मिली राहत, जानिए क्या है मामला

कॉन्ग्रेस ने आयकर विभाग पर आरोप लगाया है कि पार्टी से जुड़े खातों को फ्रीज कर दिया गया है। इसमें युवा कॉन्ग्रेस का खाता भी शामिल है। पार्टी का कहना है कि आयकर विभाग ने उसके बैंक खाते सील कर दिए हैं और 210 करोड़ रुपए के टैक्स की डिमाँड की है। कॉन्ग्रेस का दावा है कि यह कार्रवाई चुनावी बॉन्ड पर रोक लगने के एक दिन बाद हुई है। हालाँकि कॉन्ग्रेस के आरोप लगाने के बाद ही जानकारी सामने आ रही है कि कॉन्ग्रेस के खातों पर लगी रोक को हटा लिया गया है। इस मामले में आयकर विभाग के ट्रिब्यूनल में बुधवार को सुनवाई की जाएगी।

कॉन्ग्रेस नेता और ऑल इंडिया कॉन्ग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि कॉन्ग्रेस के सभी बैंक खाते सील कर दिए। उन्होंने कहा पार्टी की ओर से जारी किए गए चेक कोई बैंक ले नहीं रहा है। इनकम टैक्स ने यूथ कॉन्ग्रेस और कॉन्ग्रेस पार्टी से 210 करोड़ रुपये की वसूली माँगी है। हमारे खातों में क्राउडफंडिंग का पैसा फ्रीज कर दिया गया है। चुनाव से ठीक 2 हफ्ते पहले जब विपक्ष के खाते फ्रीज कर दिए जाते हैं, तो यह लोकतंत्र को फ्रीज करने के बराबर है। उन्होंने कहा कि चुनाव की घोषणा से दो सप्ताह पहले ये कदम उठाकर सरकार क्या संदेश देनी चाहती है? अजय माकन ने कहा कि ये पैसा किसी पूँजीपति का नहीं है, बल्कि ये पैसा देश के गरीबों का है। जिन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी को दान के माध्यम से ये पैसा दिया।

अजय माकन ने आगे कहा, “अभी हमारे पास ख़र्च करने के लिए पैसे नहीं हैं। न बिजली का बिल भरने के लिए। न ही अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए। सब कुछ प्रभावित होगा। न केवल न्याय यात्रा, सारी ही राजनीतिक गतिविधियों पर असर पड़ेगा।”

इस मुद्दे पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “लोकसभा चुनाव से ठीक पहले देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के खाते फ़्रीज़ करने का क़दम भारतीय लोकतंत्र पर हमला है। बीजेपी ‘असंवैधानिक’ पैसा का इस्तेमाल चुनावों में करेगी, मगर कॉन्ग्रेस ने चंदा इकट्ठा कर के जो पैसा जुटाया, उस पैसे को ज़ब्त कर लिया गया है।”

उन्होंने आगे लिखा, “मैंने इसीलिए पहले ही कहा था कि आगे से कोई चुनाव नहीं होंगे। मैं ज्यूडिशरी से ये अपील करता हूँ कि वो देश के मल्टी-पार्टी सिस्टम को बचाए और भारत के लोकतंत्र की रक्षा करे। इसके लिए हम सड़कों पर उतर कर लड़ेंगे और ऐसी तानाशही का जोरदार विरोध करेंगे।”

आयकर विभाग की इस कार्रवाई के विरोध में युवा कॉग्रेस के नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। उन्होंने जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके बाद युवा कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास को हिरासत में ले लिया गया।

आयकर विभाग ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालाँकि, विभाग के सूत्रों ने कहा है कि कॉन्ग्रेस पार्टी पर टैक्स चोरी के आरोप है। सूत्रों ने कहा कि विभाग ने पार्टी को कई बार नोटिस भेजा था, लेकिन पार्टी ने उनका जवाब नहीं दिया।

थोड़े समय बाद ही हटाया गया बैन

इन आरोपों को लगाने के कुछ देर बाद कॉन्ग्रेस पार्टी ने बताया है कि पार्टी के खातों पर लगे प्रतिबंध हटा लिए गए हैं। एनडीटीवी ने कॉन्ग्रेस के हवाले से ये खबर दी है। बताया जा रहा है कि इस मामले में बुधवार को आईटी ट्रिब्यूनल में सुनवाई होगी

बता दें कि कॉन्ग्रेस पार्टी ने दावा किया था कि क्राउड फंडिंग से जमा हुए पैसों को भी फ्रीज कर दिया गया है, इसके लिए वो आयकर विभाग की अपीलीय न्यायालय में चुनौती देंगे। जरूरत पड़ी तो पार्टी कोर्ट तक जाएगी। कॉन्ग्रेस पार्टी ने इस बात पर भरोसा जताया था कि कोर्ट से उन्हें न्याय मिलेगा। हालाँकि अब कॉन्ग्रेस के खातों को अनफ्रीज (खोल दिया गया) कर दिया गया है।

‘मोदी को गाली देना काॅन्ग्रेस का एकमात्र एजेंडा, उनके पास कोई विजन नहीं’: राजस्थान को ₹17 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट देकर बोले PM

‘विकसित भारत विकसित राजस्थान’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉन्ग्रेस को खूब खरी-खोटी सुनाई। पीएम मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस का एकमात्र एजेंडा ‘मोदी विरोधी’ एजेंडा है और मोदी को गाली देना है। इस दौरान पीएम मोदी ने राजस्थान से जुड़ी 17,000 करोड़ रुपए से अधिक लागत की विकास परियोजनाओं का वर्चुअली लोकार्पण और शिलान्यास किया।

पीएम मोदी ने कहा, “कॉन्ग्रेस का एक ही एजेंडा है… मोदी को गाली देना। जो जितना मोदी को गाली दे सकता है, उसे कॉन्ग्रेस उतनी ही जोर से गले लगाती है। ये विकसित भारत का नाम तक नहीं लेते, क्योंकि मोदी इसके लिए काम कर रहा है। ये ‘मेड इन इंडिया’ से बचते हैं, क्योंकि मोदी से बढ़ावा देता है। ‘वोकल फॉर लोकल’ नहीं बोलते, क्योंकि मोदी इसके लिए आग्रह करता है।”

कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जब भारत पाँचवें नंबर का आर्थिक ताकत बनता है तो पूरे देश को खुशी होती है, लेकिन कॉन्ग्रेस के लोगों को खुशी नहीं होती। जब मोदी कहता है कि भारत अगले कार्यकाल में भारत दुनिया की तीसरे नंबर का ताकत बनेगा तो पूरा देश आत्मविश्वास से भर जाता है, लेकिन कॉन्ग्रेस के लोग इस पर भी निराशा ढूँढते हैं।”

प्रधानमंत्री ने Eis कहा, “मोदी कुछ भी कहे… मोदी कुछ भी करे, ये (कॉन्ग्रेस के लोग) उसका उल्टा कहेंगे… उसका उल्टा करेंगे चाहे इसमें देश का भारी नुकसान ही क्यों ना हो। कॉन्ग्रेस के पास एक ही एजेंडा है, मोदी विरोध… घोर मोदी विरोध। मोदी के विरोध में ये ऐसी-ऐसी बातें फैलाते हैं, जिससे समाज बँट जाए।”

कॉन्ग्रेस के परिवारवाद और वंशवाद पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जब कोई पार्टी परिवारवाद और वंशवाद के घोर कुचक्र में फँस जाती है तो उसके साथ ऐसा ही होता है। आज हर कोई कॉन्ग्रेस का साथ छोड़ रहा है। सिर्फ एक परिवार ही वहाँ दिखता है। ऐसी राजनीति युवा भारत को बिल्कुल प्रेरित नहीं करती।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि कॉन्ग्रेस के साथ एक बहुत बड़ी समस्या यह है कि वह दूरगामी सोच के साथ सकारात्मक नीतियाँ नहीं बना सकती। कॉन्ग्रेस न तो भविष्य को भाँप सकती है और न ही भविष्य के लिए उसके पास कोई रोडमैप है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस की इसी सोच की वजह से भारत अपनी बिजली व्यवस्था के लिए बदनाम रहता था। पूरे देश में कई-कई घंटों तक अंधेरा हो जाता था। 

साल 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार आने के पहले के दिनों को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश में बड़े-बड़े घोटालों और आए दिन होने वाले बम धमाकों की चर्चा रहती थी। लोग सोचते थे कि उनका और देश का क्या होगा। कॉन्ग्रेस के राज में चारों तरफ यही माहौल था। उन्होंने कहा, “जब मैं विकसित भारत की बात करता हूँ तो ये हर परिवार का जीवन समृद्ध बनाने का अभियान है, ये गरीबी को जड़ से मिटाने का अभियान है।”

इस वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने 17,000 करोड़ रुपए की जिन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया उनमें सड़क, रेलवे, सौर ऊर्जा, विद्युत, रसोई गैस, पेयजल तथा पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस आदि क्षेत्रों की परियोजनाएँ शामिल हैं। इसमें 5,000 करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन एवं 5,300 करोड़ रुपए की सौर परियोजनाओं का शिलान्यास भी है।

धमकाकर, डराकर चुप कराई जा रहीं संदेशखाली की महिलाएँ: NCW ने जाँच के बाद बताया, बंगाल पुलिस ने BJP की महिला सांसदों की टीम को रोका

बंगाल के संदेशखाली में हालातों का मुआएना करने पहुँची भारतीय जनता पार्टी की 6 महिला सांसदों की टीम को बंगाल पुलिस ने पीड़ितों से मिलने से रोक दिया। प्रतिनिधि मंडल ने हाथ जोड़कर प्रार्थना भी की कि उन्हें पीड़ितों से मिलने दिया जाए ताकि न्याय दिलाने में मदद हो सके, लेकिन राज्य पुलिस उन्हें रोककर खड़ी रही। इस बीच राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा बनाई गई टीम की जाँच के निष्कर्ष भी सामने आए, जो काफी हैरान करने वाले हैं।

NCW ने बताया कि उनका फैक्ट फाइंडिंग मिशन संदेशखाली में 12 फरवरी 2024 को चलाया गया था। टीम ने जानने की कोशिश की थी कि इलाके में हुई हिंसा और उत्पीड़न के मामलों में पुलिस ने क्या एक्शन लिया। जाँच के बाद टीम ने संदेशखाली में बंगाल सरकार और कानून प्रवर्तन अधिकारियों की ओर से लापरवाही और मिलिभगत का एक चिंताजनक पैटर्न पाया।

हालात देखकर टीम की सदस्य बनकर गई डेलिना खोंगडुप ने तो गहरी निराशा जताई। उनकी जाँच में प्रशासन ने उन्हें कोई मदद नहीं दी। डीजीपी ने सहयोग करने से मना कर दिया और एसपी ने भी उन्हें किसी तरह की जानकारी देने से इनकार किया। वहीं ग्रामीण महिलाओं ने जो गवाही दी उससे उनमें पसरे भय और व्यवस्थित उत्पीड़न के बारे में पता चला। मालूम चला कि कैसे टीएमसी के सदस्य और पुलिसकर्मी उन्हें परेशान करते हैं। जो महिलाएँ बोलने का प्रयास करती हैं उन्हें फौरन विरोध झेलना पड़ता है। उनके घर के पुरुषों को गिरफ्तार कर लिया जाता है आदि-आदि।

एनसीडब्ल्यू ने बताया कि संदेशखली ग्रामवासियों की ओर से हस्ताक्षरित एक सामूहिक बयान में, गाँव की महिलाओं ने उत्पीड़न, यातना और उनकी गरिमा और अधिकारों के घोर उल्लंघन सहित उनके द्वारा सहन की गई पीड़ाओं का विवरण दिया। इसके अलावा एनसीडब्लू की टीम ने ये भी बताया कि उन्होंने एक महिला की गवाही को कैमरे पर रिकॉर्ड किया था लेकिन बाद में उसे डिलीट करना पड़ा क्योंकि महिला अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गई और उनके आगे उसे डिलीट कराने के लिए गिड़गिड़ाने लगी।

आयोग ने कहा कि महिलाओं को मिल रही ऐसी धमकी और सेंसरशिप को देखते हुए तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत है। एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष रेखा शर्मा आने वाले दिनों में संदेशखली का दौरा करेंगी और पुलिस व पीड़ितों से बातचीत करेंगी ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि पश्चिम बंगाल में महिलाओं की जिंदगी और स्वतंत्रता की रक्षा की जा सके। एनसीडब्लू ने इस पूरे मामले में संदेशखाली में महिलाओं के साथ एकजुटता दिखाई है और उन्हें न्याय दिलाने का वादा किया है। इससे पहले SC आयोग ने भी इस मामले में जाँच के बाद कहा था कि लोग बहुत कुछ बोलना चाहते हैं पर उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा।