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केजरीवाल का बहाना नंबर #6: न अदालत पहुँचे, न ED को दिया अभी तक समय – विधानसभा में विश्वासमत का खेला खेल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक बार फिर शराब घोटाले में पूछताछ के कन्नी काटते नजर आए। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बार-बार समन देने के बाद भी पूछताछ के लिए हाजिर नहीं होने पर सीएम केजरीवाल के खिलाफ दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, कोर्ट ने सीएम केजरीवाल को 17 फरवरी 2024 को कोर्ट में हाजिर होने के लिए कहा था।

अरविंद केजरीवाल 17 फरवरी 2024 को कोर्ट में भी नहीं पेश हुए। हालाँकि, सुनवाई के दौरान वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट से जुड़े रहे, लेकिन व्यक्तिगत रूप से वे कोर्ट की कार्यवाही में शामिल नहीं हुए। उनके वकील ने वकील ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली सरकार के बजट सत्र और विश्वास प्रस्ताव की वजह से वे पेश नहीं हो पा रहे हैं।

केजरीवाल ने कोर्ट से कहा कि, “मैं कोर्ट आना चाहता था, लेकिन बजट और विश्वास प्रस्ताव की वजह से मैं नहीं आ सका। अगली तारीख पर कोर्ट आ जाऊँगा।” इस दौरान ईडी ने इसका विरोध नहीं किया। अब इस मामले में 16 मार्च 2024 को सुनवाई होगी। वहीं, आज दिल्ली विधानसभा में विश्वासमत पर भी चर्चा होने वाली है।

अरविंद केजरीवाल के वकील रमेश गुप्ता ने बताया कि केजरीवाल कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हाजिर हुए थे। अगली तारीख 16 मार्च 2024 की मिली है। इस तारीख पर अगर सब कुछ ठीक रहा तो अरविंद केजरीवाल अदालत में पेश होंगे। बता दें कि अरविंद केजरीवाल के वकील ने व्यक्तिगत पेशी से छूट के लिए अदालत में आवेदन दिया है।

दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पूछताछ के लिए लगातार बुलाए जाने के बाद बी सीएम केजरीवाल सहयोग नहीं कर रहे थे। इसके बाद ED ने दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में इसकी शिकायत की थी। कोर्ट ने उन्हें 17 फरवरी को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा था। हालाँकि, इस बार भी वे बचते नजर आए और बजट एवं विश्वासमत के नाम पर बच निकले।

ईडी ने शराब घोटाले में पूछताछ के लिए सीएम केजरीवाल को पाँच बार समन भेजा था। प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें पूछताछ के लिए 2 नवंबर 2023 और 21 दिसंबर 2023 के बाद इस साल 3 जनवरी, 18 जनवरी और 2 फरवरी 2024 को पूछताछ के लिए बुलाया था। हालाँकि, वे पूछताछ में शामिल नहीं हुए। इसके बाद भी एजेंसी ने उन्हें छठा समन भेजते हुए 19 फरवरी को पूछताछ के लिए बुलाया है।

दरअसल, ईडी ने नवम्बर 2023 में जब केजरीवाल को समन भेजा गया था तो उन्होंने कहा था कि वह मध्य प्रदेश चुनाव प्रचार के लिए जा रहे हैं। हालाँकि, उनकी पार्टी मध्य प्रदेश में 90% सीट पर अपनी जमानत नहीं बचा पाई थी। इसके बाद दिसम्बर में जब उन्हें जाँच एजेंसी ने बुलाया तो उन्होंने कहा कि वे विपश्यना के लिए पंजाब जा रहे हैं। इसलिए वे नहीं आ सकते।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ईडी द्वारा भेजे गए समन को राजनीतिक साजिश बताते आए हैं। वह यह भी सवाल करते रहे हैं कि एक मुख्यमंत्री को ईडी किस हैसियत से पूछताछ के लिए बुला रही है। अरविंद केजरीवाल कहते रहे हैं कि उन्हें गिरफ्तार करने की साजिश की जा रही है, ताकि वे लोकसभा चुनावों में अपनी पार्टी AAP के लिए चुनाव प्रचार ना कर सकें।

हल्द्वानी हिंसा में पार्षद समेत 2 कॉन्ग्रेस नेता भी वॉन्टेड, सरगना अब्दुल मलिक और बेटे की संपत्ति कुर्क: CM धामी बोले- आग से खेल रहे हैं दंगाई, उनकी पीढ़ियाँ याद रखेंगी

उत्तराखंड के हल्द्वानी में बनभूलपुरा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान मुस्लिम भीड़ द्वारा की गई पत्थरबाजी, हिंसा और आगजनी को लेकर पुलिस अब एक्शन मोड में है। इस हिंसा के सरगना अब्दुल मलिक और उसके बेटे अब्दुल मोईद सहित 9 आरोपितों को वॉन्टेड घोषित करते हुए शहर भर में उनके पोस्टर लगाए गए हैं। प्रशासन ने दोनों बाप-बेटे की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई शुरू की है। वॉन्टेड की सूची में कॉन्ग्रेस के दो नेता भी शामिल हैं।

दरअसल, नैनीताल पुलिस ने हल्द्वानी हिंसा के मुख्य आरोपित अब्दुल मलिक और उसके बेटे समेत 9 आरोपितों के पोस्टर लगवाए हैं। इसमें कहा गया है कि आरोपितों के कहीं भी दिखने पर पुलिस को सूचित की जाए। इसमें पुलिस के नंबर भी हैं। पुलिस को मलिक के अलावा तस्लीम, वसीम उर्फ़ हप्पा, अयाज अहमद, रईस, अब्दुल मोईद, शकील अंसारी, मौकिन सैफी और जिया उल रहमान की तलाश है।

ये सभी आरोपित फरार हैं और पुलिस को इनकी सरगर्मी से तलाश है। पुलिस ने कहा है कि जो भी इन आरोपितों की सूचना देगा, उनका नाम गुप्त रखा जाएगा। शुक्रवार (16 फरवरी 2024) को शहर में लगाए गए पोस्टर में कॉन्ग्रेस के दो नेता भी हैं। इनमें से एक यूथ कॉन्ग्रेस का विधानसभा अध्यक्ष मौकिन सैफी और निवर्तमान पार्षद शकील अंसारी का भी नाम शामिल है।

हल्द्वानी हिंसा में पुलिस द्वारा लगाए गए वॉन्टेड की पोस्टर (साभार: न्यूज 18)

वहीं, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 15 फरवरी 2024 को हिंसा में वांछित अब्दुल मलिक और उसके बेटे अब्दुल मोईद के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया है। वहीं, अब्दुल मलिक और उसके बेटे अब्दुल मोईद के बनभूलपुरा स्थित घर की कुर्की की गई। कुर्की के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रही। यह कुर्की हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई के लिए की जा रही है।

बताते चलें कि कोर्ट ने 14 फरवरी को इन सभी आरोपितों के खिलाफ कुर्की के आदेश दिए थे। कुर्की के लिए नगर निगम ने अब्दुल मलिक के खिलाफ नोटिस जारी कर दिया था। वहीं, कुर्की के दौरान मौके पर हल्द्वानी के एसपी सिटी हरबंस सिंह, सीओ लालकुआं संगीता, हल्द्वानी के तहसीलदार सचिन कुमार, प्रभारी निरीक्षक डीआर वर्मा, नंदन सिंह रावत, थानाध्यक्ष कालाढूंगी समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

हल्द्वानी हिंसा को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार (16 फरवरी 2024) को दंगाइयों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में अशांति फैलाने वालों पर ऐसी कार्रवाई होगी कि उनकी पीढ़ियाँ याद रखेंगी। उन्होंने हिंसा में घायल लोगों से अस्पताल जाकर मुलाकात भी की।

उन्होंने कहा, “हम देवभूमि में किसी प्रकार की भी हिंसा किसी कीमत पर हम सहन करने वाले नहीं हैं। हम दंगाइयों को नहीं बख्शेंगे। कुछ दिनों में वो खुद ही समझ जाएँगे कि उन्होंने आग से खेलने की कोशिश की है, जो उनको बहुत भारी पड़ेगी।” सीएम धामी न साफ किया कि हल्द्वानी में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान को रोका नहीं जाएगा।

हल्द्वानी दंगा के मामले में पुलिस अब तक 42 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। नैनीताल पुलिस ने बताया है कि उसने बृहस्पतिवार (15 फरवरी 2024) को पाँच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जिन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, उनके नाम हैं- मोहम्मद इस्तकार उर्फ जब्बा, शरीफ उर्फ पाचा, आदी खान, मोहम्मद आसिफ और हुकुम रजा। इनमें से अधिकांश बनभूलपुरा के ही निवासी हैं।

गौरतलब है कि 8 फरवरी 2024 को हल्द्वानी के बनभूलपुरा में अतिक्रमण हटाने गई पुलिस और नगर निगम की टीम पर कट्टरपंथी मुस्लिमों की दंगाई भीड़ ने हमला कर दिया था। इस दंगे में 6 लोगों की जान चली गई थी। दंगाइयों ने पुलिस को घेर कर उन पर हमला कर दिया था। इस हमले में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

घटना के दौरान दंगाइयों ने बनभूलपुरा में जमकर उत्पात मचाया था। उन्होंने कई गाड़ियों को आग लगा दी थी। इतना ही नहीं, मुस्लिम दंगाइयों ने हिंदू पत्रकारों एवं मीडिया कर्मियों को भी निशाना बनाया था। ऑपइंडिया ने इस मामले में ग्राउंड से दंगे की भयावहता बताई थी।

सरस्वती माँ की तोड़ी मूर्ति, शोभायात्रा पर पत्थर-लाठी-डंडे… मुस्लिम इलाके और मजहबी स्थलों में ‘भाईचारे’ की मौत: भागलपुर, राँची और दरभंगा में बवाल

सरस्वती पूजा के बाद विसर्जन के दिन बिहार के दरभंगा, भागलपुर और झारखंड के राँची में शोभा यात्रा पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई। इस दौरान कुछ जगह माँ की मूर्ति भी क्षतिग्रस्त की गई और दर्जन से ज्यादा लोग भी घायल हुए। बवाल इतना ज्यादा बढ़ा कि प्रशासन को धारा 144 लगानी पड़ी और इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

भागलपुर में बिगड़े हालात

भागलपुर में यह पत्थरबाजी की घटना लोदीपुर में शुक्रवार (16 फरवरी 2024) रात हुई। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को तहबलपुर मंडल टोला की प्रतिमा लोदीपुर मुस्लिम टोला से गुजरकर मैदान तक जानी थी। लेकिन, मुस्लिम टोले से गुजरते वक्त बीच में ही पथराव होने लगा।

यात्रा में शामिल लोग इधर-उधर भागे। इस दौरान सरस्वती माता की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इसे देख जुलूस में शामिल युवक भी गुस्से में आ गए। नतीजतन दो घंटे तक अराजत स्थिति बनी रही। लोदीपुर पुलिस को जब घटना की सूचना मिली तो वो मौके पर पहुँचे। उनके साथ केंद्र की दंगा नियंत्रण बल और अतिरिक्त पुलिस बल को भेज हालातों को नियंत्रण में लिया गया। भारी पुलिस देख पत्थरबाज भी शांत हुए। लेकिन पुलिस वहाँ गश्त करती रही और अपनी मौजूदगी में सरस्वती माता की प्रतिमाओं का विसर्जन कराया।

दरभंगा में थाने के करीब पत्थरबाजी

दरभंगा के बेनीपुरबहेड़ा में भी शुक्रवार की देर शाम सरस्वती माता के विसर्जन जुलूस पर पथराव की घटना सामने आई। यहाँ तो पत्थरबाज इतने बेखौफ थे कि थाना महज 200 गज दूरी पर था फिर भी उन्होंने जुलूस पर जोर-जोर से पत्थर फेंके। इस घटना में डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए।

प्रभात खबर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, विसर्जन का जुलूस बहेड़ा बाजार से छोटे बाजार जा रहा था। प्रतिमा को तालाब में विसर्जित करने का प्रयास हो रहा था। जुलूस तालाब से कुछ ही दूर था। इसी बीच मजहबी स्थल के पास वाली छतों से कुछ अराजक तत्वों ने पत्थर फेंकने शुरू किए।

देखते ही देखते ही जुलूस की जगह सड़क पर अफरातफरी मच गई। पुलिस ने फौरन घटनास्थल पर पहुँच स्थिति संभालने का प्रयास किया। विभिन्न थाने के अध्यक्ष वहाँ पहुँचे और बड़ी मुश्किल से लोगों को शांत कराया गया। लेकिन तब तक दर्जन से ज्यादा लोग इस घटना में घायल हो गए थे, जिनका इलाज बहेड़ा के पीएचसी में हुआ।

बता दें कि इस घटना से पहले दरभंगा में एक और जगह हिंसा की घटना सामने आई थी। दरभंगा के ही कसाई टोला में गुरुवार (15 फरवरी 2024) को सरस्वती माता के विसर्जन के दौरान हिंदुओं के जुलूस पर हमला हुआ था। घटना में कई लोगों को चोट आई थी और इस्लामिक कट्टरपंथियों ने माँ सरस्वती की मूर्ति भी खंडित कर दी। इस हमले में तेजाब का इस्तेमाल भी हुआ था। जाँच में पता चला कि घटना को अंजाम देने के लिए पहले से वॉट्सएप के जरिए प्लॉनिंग की गई थी।

झारखंड राँची के नगड़ी में सड़क पर बिछे पत्थर ही पत्थर

इसी तरह झारखंड के राँची के नगड़ी के मेन रोड में प्रतिमा विसर्जन के दौरान शुक्रवार की शाम को बवाल हुआ। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार 16 फरवरी 2024 को 8 बजे यात्रा में शामिल लोग नाच-गाना करते हुए मूर्ति विसर्जन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान उनका जुलूस मजहबी स्थल के भी आगे से गुजरा और तभी दोनों पक्षों में विवाद शुरू हुआ।

बात इतनी बढी कि पत्थरबाजी होने लगी। उसके बाद असामाजिक तत्वों ने लाठी-डंडे चलाए और कई राउंड फायरिंग भी की। हालाँकि पुलिस ने बवाल में फायरिंग की बात की पुष्टि नहीं की है। लेकिन ये पता चला है कि इस घटना में भी आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए।

बिगड़ते हालात देखते हुए प्रशासन ने अंचल क्षेत्र में धारा 144 लागू की। वहीं मौके पर पुलिस के आला अधिकारी भी पहुँचे। इसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करनी पड़ी। भीड़ इतनी उग्र थी कि उन्होंने वाहनों तक में तोड़फोड़ की और आते-जाते लोगों को पीटने लगे।

सड़क पर पत्थर ही पत्थर नजर आए। लोग मजहबी स्थल के पास हथियार लेकर जुट गए और नारेबाजी होने लगी। पुलिस ने मौके पर पहुँच इन्हें समझाया और उपद्रवियों को खदेड़ा। इसके बाद हालात संभालने के लिए वहाँ अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

मुगल आक्रांताओं के कारण मेरे पूर्वज मुस्लिम बने, मेरी आस्था सनातन में: बिहार की नसीमा खातून बनी मीनाक्षी शर्मा, प्रेमी से रचाया विवाह

बिहार के पुर्णिया की रहने वाली नसीमा खातून नाम ने इस्लाम त्यागकर घर वापसी की और अपने प्रेमी महेश शर्मा से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार शादी कर ली। नसीमा खातून अब मीनाक्षी शर्मा बन गई है। नसीमा का कहना है कि उसके शौहर ने 6 महीने पहले उसे तीन तलाक दे दिया था। इसके बाद उस पर हलाला का दबाव बनाया जा रहा था। युवती की पहले पति से डेढ़ साल की एक बच्ची भी है।

बिहार के पुर्णिया की रहने वाली नसीमा खातून सोशल मीडिया इंस्टाग्राम के जरिए महेश शर्मा के संपर्क में आई थी। महेश उत्तर प्रदेश के बरेली क्षेत्र के रहने वाले हैं। सोशल मीडिया पर संपर्क के बाद दोनों में धीरे-धीरे बातचीत होने लगी। इसके बाद दोनों के बीच दोस्ती और फिर प्यार हो गया। इसके बाद दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया।

अपने प्रेमी से शादी करने के लिए नसीमा खातून पुर्णिया से बरेली आ गई। यहाँ नसीमा ने 10 जनवरी 2024 को बरेली के जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर घर वापसी का आग्रह किया था। ऑपइंडिया के पास मौजूद इस पत्र में नसीमा ने कहा था कि वह 20 साल की वयस्क है और तलाकशुदा है। वह अपना अच्छा-बुरा सोचने में पूरी तरह तरह सक्षम है। इसलिए उसके आवेदन पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

अपने आवेदन में नसीमा ने लिखा है, “मुगल आक्रांताओं के आतंक के कारण मेरे पूर्वज इस्लाम धर्म के अनुयायी बन गए थे, किन्तु मेरा विश्वास और आस्था हिंदू सनातन धर्म में है। मैं हिंदू देवी-देवताओं की पूजा अर्चना करती हूँ। इस्लाम धर्म में महिलाओं का कोई सम्मान नहीं है। तीन तलाक, हलाला जैसी कुप्रथाएँ प्रचलित हैं। मैं स्वेच्छा से घरवापसी कर हिंदू/वैदिक/सनातन धर्म ग्रहण करना चाहती हूँ।”

इसके बाद नसीमा खातून कानूनी तौर पर धर्म परिवर्तन कर लिया। फिर वह बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम पहुँची। वहाँ पंडित केके शंखधार से मुलाकात की पंडित शंखधर ने जरूरी दस्तावेज की जाँच करने बाद वैदिक विधि से उसका सनातन में घर वापसी करवाई। इसके बाद नसीमा से मीनाक्षी बनी युवती का विवाह उसके प्रेमी महेश शर्मा के साथ विवाह संपन्न कराया।

शादी के बाद नसीमा को अब अपने परिजनों का भय सता रहा है। उसने बरेली के एसएसपी को एक चिट्ठी लिखकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। ऑपइंडिया के पास मौजूद चिट्ठी में नसीमा ने लिखा है कि सनातन में वापसी और प्रेमी के साथ शादी करने से उसके घर वाले खुश नहीं हैं। नसीमा ने लिखा, “वे मेरी और मेरे पति तथा ससुराल वालों के जान के दुश्मन बन गए हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।”

नसीमा का कहना है कि उसका निकाह आगरा में हुआ था, जिससे उसकी डेढ़ साल की एक बच्ची भी है। उसने बताया कि किसी बात को लेकर 6 महीने पहले उसके शौहर ने तीन तलाक दे दिया। इसके बाद उस पर हलाला के लिए दबाव बनाया जाने लगा था। जब उसने हलाला का विरोध किया तो शौहर और उसके परिजनों ने उसे धक्के मारकर घर से निकाल दिया। इसके बाद मायके में रहने लगी। इसी दौरान वह सोशल मीडिया के माध्यम से बरेली के महेश शर्मा के संपर्क में आई।

बता दें कि दो पहले ही यूपी के बुलंदशहर में शाहिदा नाम की एक मुस्लिम महिला ने घर वापसी के बाद अपने प्रेमी ओम प्रकाश से शादी कर ली थी। घर वापसी के बाद उसने अपना नाम शारदा रख लिया था। शाहिदा अपने शराबी शौहर से पहले ही तलाक ले चुकी थीं। शाहिदा के 2 नाबालिग बेटे भी अब हिन्दू धर्म के अनुसार जीवन बिताएँगे। इस घर वापसी में हिन्दू संगठनों ने शाहिदा की मदद की है।

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने हड़ताल पर 6 महीने के लिए लगाई रोक, उल्लंघन करने वालों की बिना वारंटी की होगी गिरफ्तारी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य में अगले 6 माह के लिए हड़ताल और प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। योगी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले छह माह में राज्य में कोई कर्मचारी हड़ताल या प्रदर्शन करता है तो सरकार उससे सख्ती से निपटेगी। ऐसा करने वालों को पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है।

दिल्ली तथा हरियाणा एवं पंजाब की सीमा पर चल रहे किसान प्रदर्शन के बीच यह ऐलान अहम माना जा रहा है। राज्य सरकार के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों के लिए एसेंशियल सर्विस मैनेजमेंट एक्ट (ESMA) लागू कर दिया गया है। यह आदेश कार्मिक विभाग ने आज शुक्रवार (16 फरवरी 2024) निकाला है। यह आदेश अगले 6 माह के लिए लागू की गई है।

इस आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार के अंतर्गत काम करने वाला कोई भी कर्मचारी यदि प्रदर्शन या हड़ताल में शामिल होता है और सामान्य गतिविधि को बाधित करता है तो उसे बिना किसी चेतावनी या वारंट के गिरफ्तार कर लिया जाएगा।यह नियम राज्य सरकार के अंतर्गत आने वाले सरकारी विभागों, निगमों और प्राधिकरणों पर लागू होगा।

दरअसल ESMA कानून ऐसी सुविधाओं पर लागू होता है, जो आवश्यक मानी जाती हैं। राज्य सरकार के अंतर्गत काम करने वाले कर्मचारी जब लम्बी हड़ताल या प्रदर्शन पर जाते हैं तो उसे रोकने और सुविधाओं को सामान्य रूप से संचालित करने के लिए सरकार ESMA लगाती है। हालाँकि, एक बार लगाया गया ESMA 6 माह तक ही जारी रह सकता है।

योगी सरकार के इस कदम के पीछे उत्तर प्रदेश में चालू होने जा रही बोर्ड की परीक्षाएँ, आगामी लोकसभा चुनाव और वर्तमान में चल रहा किसान प्रदर्शन माना जा रहा है। इससे पहले योगी सरकार ने ESMA का उपयोग जुलाई 2023 में किया था, तब बिजली कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे थे। सरकार ने बिजली आपूर्ति सुचारू करने के ESMA लगाया था।

वहीं, किसान प्रदर्शन का भी असर इस निर्णय पर माना जा रहा है। गौरतलब है कि पंजाब और हरियाणा से बड़ी संख्या में आए किसान प्रदर्शनकारी दिल्ली की तरफ कूच कर चुके हैं। वे हरियाणा पार करके दिल्ली आना चाहते हैं। हालाँकि, अभी अधिकांश किसानों को पंजाब और हरियाणा सीमा पर रोक दिया गया है। पुलिस उन्हें आगे नहीं बढ़ने दे रही है।

किसानों के संगठन दावा कर रहे हैं कि उनके साथ हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान भी हैं। हालाँकि, इस बार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसका कोई ख़ास असर नहीं देखा जा रहा। उत्तर प्रदेश से किसान प्रदर्शन की कोई बड़ी खबर अभी सामने नहीं आई है और न ही कहीं अराजकता देखने को मिली है।

अवैध संबंधों के बाद ब्लैकमेल करने लगा था सोहेल, दानिश्ता ने परिजनों के साथ मिल हत्या कर टुकड़ों में काटकर फेंका: गाजियाबाद में जावेद ने उस्तरा से बीवी का गला काटा

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और मेरठ से हत्या की दो घटनाएँ सामने आई हैं। दोनों ही मामलों में वीभत्सता से हत्या की गई है। जहाँ मेरठ में एक युवक की धोखे से हत्या करके उससे टुकड़ों में काटकर फेंक दी गई, वहीं गाजियाबाद में पति ने अपनी ही पत्नी का गला उस्तरे से काट दिया। उसने खुद को और अपनी बेटी को भी घायल कर लिया।

बुलंदशहर से मेरठ बुलाया, फिर कर दी हत्या

मेरठ के लिसाड़ी गेट क्षेत्र में दानिश्ता नाम की एक महिला ने अपने परिजनों के साथ मिलकर बुलंदशहर के रहने वाले सोहेल नाम के युवक की हत्या कर दी। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, दानिश्ता और सोहेल का लम्बे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दानिश्ता का पहले ही निकाह हो चुका था। एक बार दोनों फरार भी हो चुके थे। हालाँकि, बाद में वे वापस आ गए।

रिपोर्ट में बताया गया है कि बाद में दोनों के परिवारों में सुलह-समझौता हो गया। बताया गया कि यह सब दानिश्ता के नोएडा में रहते हुए हुआ था। यहाँ सोहेल का परिवार उसका पड़ोसी था। दानिश्ता बाद में मेरठ आ गई थी। अलग होने के कुछ दिनों बाद सोहेल की उससे फिर नजदीकियाँ बढ़ गई थीं। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि सोहेल दानिश्ता पर निकाह का दबाव बना रहा था।

उससे निकाह नहीं करने पर सोहेल दानिश्ता की अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देता था। इसको लेकर दानिश्ता ने सोहेल की हत्या का प्लान बनाया। दानिश्ता ने पहले उसे बुलंदशहर से फ़ोन करके बुलाया और घर पर नशीली चाय पिलाई। दानिश्ता ने निकाह का झाँसा दिया था। जब सोहेल बेहोश हो गया तो उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी।

इसके बाद दानिश्ता ने अपनी बहन रुखसाना और दो भाइयों तथा जीजा फिरोज के साथ मिलकर उसकी लाश के टुकड़े किए और बोरे में भर कर फेंक दिए। बताया जा रहा है कि इस पूरे हत्याकांड की मास्टरमाइंड रुखसाना ही है। पुलिस ने दानिश्ता, रुखसान और उसके जीजा फिरोज को गिरफ्तार कर लिया है, दानिश्ता के जबकि भाइयों की तलाश जारी है।

गाजियाबाद में जावेद ने की पत्नी की हत्या, बेटी को भी किया घायल

वहीं, गाजियाबाद में भी हत्या की एक घटना सामने आई है, जो रूह को कंपाने वाली है। यहाँ लोनी इलाके में रहने वाले जावेद नाम के एक शख्स ने अपनी पत्नी की उस्तरा से गला काटकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपनी बेटी की भी उस्तरे से काट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उसने खुद को भी बुरी तरह घायल कर लिया। जावेद नाई का काम करता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उसका अपनी बीवी सबरीना से अक्सर लड़ाई-झगड़ा करता था। वह अपनी बीवी पर लगातार शक किया करता था। इससे अजीज आकर उसकी बीवी अपने मायके में रहने लगी। हालाँकि, हत्या से कुछ दिन पहले ही उसने अपनी बीवी को वापस बुलाया था, लेकिन इसी बात को लेकर फिर से झगड़ा होने लगा था।

रेप, बीफ खिलाया, कलमा पढ़वाया, ₹10 लाख और गहने लिए… सोहेल खान ने छिपकर बनाया छात्रा का नहाने का वीडियो, करने लगा ब्लैकमेल

उत्तर प्रदेश के बरेली से लव जिहाद का डराने वाला मामला सामने आया है। मीरगंज में एक छात्रा का नहाते हुए वीडियो बनाकर सोहेल खान ब्लैकमेल करने लगा। इसके बाद उससे कई बार बलात्कार किया। इतना ही नहीं, उसने अपने दोस्तों से भी बलात्कार करवाया। इस दौरान वह जबरन कलमा पढ़वाकर उसका धर्मांतरण करवाया। आरोपित छात्रा को गोमांस खाने के लिए विवश करता था और मजार पर ले जाकर नमाज पढ़ने के लिए दबाव डालता था।

इस संबंध में छात्रा ने पुलिस में शिकायत की है। शिकायत मिलने के बाद और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने सोहेल के अब्बू और अम्मी को गिरफ्तार कर लिया है और दोनों से पूछताछ कर रही है। हालाँकि, आरोपित सोहेल खान फरार हो गया है और पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए जगह-जगह छापेमारी कर रही है।

मीरगंज थाना क्षेत्र के एक गाँव की रहने वाली 22 साल की छात्रा ने बताया कि वह अगस्त 2015 में अपने घर पर अकेली थी। उसके परिजन खेत पर काम के लिए गए थे। इसी तरह आरोपित सोहेल खान उसके घर में चुपके घुस गया और छिप गया। जब वह नहाने के लिए बाथरूम में गई तो वह छिपकर उसका अश्लील वीडियो बना लिया। जैसे ही छात्रा बाथरूम से निकली तो आरोपित ने उसे पकड़ लिया।

अपनी शिकायत में छात्रा में बताया कि सोहेल खान उसका नहाते हुए वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करने लगा और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ रेप किया। इतना ही नहीं, सोहेल ब्लैकमेल करके उसके साथ लगातार बलात्कार करता रहा। छात्रा ने बताया कि आरोपित उसे जबरदस्ती लेकर मस्जिदों और दरगाहों में गया और वहाँ उससे जबरन कलमा और नमाज पढ़वाई।

पीड़िता का कहना है, “कलमा और नमाज पढ़वाने के बाद उसने मुझसे कहा कि अब तू मुसलमान बन गई है। इसके बाद सुहेल ने एक मौलवी को बुलाकर जबरन हम दोनों का निकाह पढ़वा लिया।” लड़की का आरोप है कि इसके बाद आरोपित उसे जबरन गौ मांस खिलाता था। वह जब भी ऐसा करने से मना करती तो वह बदनाम करने के साथ-साथ उसे और उसके पिता को जान से मारने की धमकी देता था।

पीड़िता ने बताया कि उसके पिता गंभीर रूप से बीमार हैं। कुछ समय पहले घरवालों ने उसकी शादी तय कर दी। पीड़िता का कहना है कि 30 जनवरी 2023 को सोहेल को पता चल गया कि उसके पिता ने 10 लाख रुपए की जमीन बेची है। इसके बाद सोहेल ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 10 लाख रुपए और पीड़िता के माँ के जेवर लेकर मिलने के लिए बुलाया। वहाँ उसने पीड़िता से नकदी और जेवर ले लिए और अपने दोस्त के साथ मिलकर उसका गैंगरेप भी किया।

जब पीड़िता के लिए यह सब असहनीय हो गया तो उसने आत्महत्या करने की कोशिश की। उसका कहना है कि पिता के गंभीर रूप से बीमार होने के कारण उसे आत्महत्या करने की हिम्मत नहीं हुई। इसके हिम्मत करके उसने एसएसपी से मुलाकात कर सारे मामले की जानकारी दी। इसके बाद इस संबंध में मामला दर्ज करके पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है।

अब्दुल मलिक, तसलीम, रईस, शकील… वांटेड दंगाइयों के लगे पोस्टर, अब तक 42 गिरफ्तार: हल्द्वानी में पुलिस पर किया था हमला

उत्तराखंड के हल्द्वानी में बनभूलपुरा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान मुस्लिम भीड़ द्वारा की गई पत्थरबाजी, हिंसा और आगजनी को लेकर पुलिस अब एक्शन मोड में है। पुलिस पर लाठी, पत्थर और पेट्रोल बम चलाने वालों की धर-पकड़ हो रही है। नैनीताल पुलिस फरार आरोपितों के पोस्टर शहर में लगवा रही है। इस बीच पाँच अन्य दंगाइयों को गिरफ्तार भी किया गया है।

नैनीताल पुलिस ने हल्द्वानी हिंसा के मुख्य आरोपित अब्दुल मलिक समेत 9 अन्य लोगों के पोस्टर शहर के अलग-अलग जगहों पर लगवाए हैं। इसमें कहा गया है कि आरोपितों के कहीं भी दिखने पर पुलिस को सूचित की जाए। इसमें पुलिस ने नंबर भी हैं। पुलिस को मलिक के अलावा तस्लीम, वसीम उर्फ़ हप्पा, अयाज अहमद, रईस, अब्दुल मोईद, शकील अंसारी, मौकिन सैफी और जिया उल रहमान की तलाश है।

हल्द्वानी दंगा के मामले में पुलिस अब तक 42 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। नैनीताल पुलिस ने बताया है कि उसने बृहस्पतिवार (15 फरवरी 2024) को पाँच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जिन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, उनके नाम हैं- मोहम्मद इस्तकार उर्फ जब्बा, शरीफ उर्फ पाचा, आदी खान, मोहम्मद आसिफ और हुकुम रजा। इनमें से अधिकांश बनभूलपुरा के ही निवासी हैं।

हल्द्वानी पुलिस ने हिंसा करने वाले 42 दंगाई गिरफ्तार किए हैं।
नैनीताल पुलिस ने अब तक 42 दंगाई गिरफ्तार किए हैं।

जो दंगाई फरार हैं, उनकी पहचान के लिए पुलिस सबूत जुटा रही है। पुलिस दंगों के सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ मोबाइल अथवा मीडिया द्वारा दिखाए गए वीडियो एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर इन दंगाइयों की पहचान और फिर उनकी गिरफ्तारी कर रही है। इसके लिए पुलिस की विशेष टीमें लगाई गई हैं।

गौरतलब है कि 8 फरवरी 2024 को हल्द्वानी के बनभूलपुरा में अतिक्रमण हटाने गई पुलिस और नगर निगम की टीम पर कट्टरपंथी मुस्लिमों की दंगाई भीड़ ने हमला कर दिया था। इस दंगे में 6 लोगों की जान चली गई थी। दंगाइयों ने पुलिस को घेर कर उन पर हमला कर दिया था। इस हमले में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

घटना के दौरान दंगाइयों ने बनभूलपुरा में जमकर उत्पात मचाया था। उन्होंने कई गाड़ियों को आग लगा दी थी। इतना ही नहीं, मुस्लिम दंगाइयों ने हिन्दू पत्रकारों को भी निशाना बनाया था। ऑपइंडिया ने इस मामले में ग्राउंड से दंगे की भयावहता बताई थी।

Haldwani violence police publishes posters of abdul malik and nine others

जबरन गाड़ी रुकवा रहे किसानों से डरी नहीं, भिड़ गईं लड़कियाँ: Video वायरल, कोई कर रहा ‘सैल्यूट’-कोई बता रहा ‘बहादुर’

किसानों के प्रदर्शन ने सामान्य जन जीवन को प्रभावित किया है। कोई जाम में फँस रहा है तो किसी का सड़कों पर विवाद हो रहा है। एक वीडियो ऐसी ही सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें कार में बैठी दो लड़कियों को प्रदर्शनकारी रोक रहे हैं मगर लड़कियाँ आगे बढ़ने पर अड़ी हैं, डटकर उन्हें जवाब दे रही हैं। लड़कियों की बहादुरी को देख लोग खुश हैं और उन्हें सलाम दे रहे हैं।

बता दें कि किसानों ने अपनी माँग मनवाने के लिए 16 फरवरी 2024 को भारत बंद का ऐलान किया था। हालाँकि जब पूरी तरह ऐसा नहीं हो सका तो वह सड़कों पर मनमानी करने लगे। आती-जाती जनता को रोका जाने लगा। इन लड़कियों के साथ भी इन प्रदर्शनकारियों ने ऐसा करने का प्रयास किया लेकिन लड़की ने ये बर्दाश्त करने की बजाय उन्हें जमकर सुनाई।

वीडियो में देख सकते हैं कि लड़कियाँ अपनी कार में बैठी हैं और उनकी वीडियो बनाई जा रही है। स्ट्येरिंग सीट पर बैठी लड़की रुककर उन्हें मिडल फिंगर दिखाती है और गाली-गलौच भी होता है। भीड़ लड़की को घेरकर खड़ी हो जाती है। उससे पूछा जाता है कि वो गाली क्यों दे रही है। इस पर लड़की कहती है- “आप हमें रोक क्यों रहे हो।”

लड़की इसके बाद कहती है- “आपने मुझे हाथ क्यों लगाया? आपने मुझे हरैस (शोषण) किया है। आपने मुझे छुआ है गलत तरीके से।” लेकिन प्रदर्शनकारी उसपर चिल्लाते रहते हैं। इतने में साइड में बैठी लड़की कहती है कि उनकी मजबूरी है आगे जाना। जाने दिया जाए।

इस पर प्रदर्शनकारी कहते हैं कि मजबूरी सबकी है लेकिन भारत बंद है तो बंद है। इस दौरान सीट पर बैठी लड़की प्रदर्शनकारियों की वीडियो बनाती रहती है और फिर उसे देखकर प्रदर्शनकारियों द्वारा वीडियो बंद कर देते हैं, इसके बाद क्या होता है ये नहीं पता लेकिन वीडियो देख लोग लड़की की तारीफ करते नहीं थक रहे।

मधुर सिंह कहते हैं- इस बहादुर लड़की को सलाम जो इस भीड़ के खिलाफ खड़ी हुई।

कई लोग ये भी कह रहे हैं कि भले ही वो लड़की उन प्रदर्शनकारियों को जवाब दे रही है लेकिन ये मन की बात हर सामान्य जन इन लोगों से कहना चाहता है।

दीपक शर्मा लिखते हैं, “एक अकेली किसान की बेटी ने ख़ालिस्तानी आतंकियों का बीच सड़क मुर्गा बना दिया। बोला था न, असली किसान की औलाद से पाला पड़ेगा तो जुबान हलक में अटक जाएगी।”

मोहन पाठक सनातनी लिखते हैं- “मैंने पहले ही बोला था शैतान से लड़ने के लिए शैतान बनना पड़ता है। शरीफ में इतनी हिम्मत नहीं होती।”

4 टाइम बम के साथ पकड़ा गया जावेद, इमराना को देने जा रहा था डिलीवरी: मुजफ्फरनगर दंगों से भी कनेक्शन, नेपाल में हुई है परवरिश

उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फ़ोर्स (UP STF) ने मुजफ्फरनगर से जावेद नाम के एक युवक को चार ज़िंदा टाइम बम के साथ पकड़ा है। जावेद का मुजफ्फरनगर दंगों से भी कनेक्शन सामने आया है। ये टाइम बम इमराना नाम की एक मुस्लिम महिला ने ऑर्डर देकर बनवाए थे। आरोपित से यूपी एसटीएफ, एटीएस और इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीम पूछताछ कर रही है।

जानकारी के अनुसार, UP STF ने गुप्त सूचना के आधार मुजफ्फरनगर के कोतवाली थाना क्षेत्र के काली नदी का पुल चरथावल रोड से जावेद पुत्र जरीफ अहमद को पकड़ा है। पुलिस ने उसे एक मुखबिर की सूचना के आधार पर उसे पकड़ा है। उसके पास एक नीले रंग का बैग था, जिसके अंदर यह 4 टाइम बम रखे हुए थे। बैग के अंदर कैम्पस शूज का एक डब्बा था, जिसमें ये बम छुपाकर रखे गए थे।

पुलिस ने बताया है कि जावेद के पास से मिले बम IED टाइप के हैं। इनमें बड़ी सी ग्लूकोज की बोतल लगी हुई है, जिसके भीतर बारूद भरा हुआ है। बम के भीतर लोहे के छर्रे और अन्य विस्फोटक भी भरे हुए हैं। इसमें धमाके का टाइम सेट करने के लिए घड़ियाँ भी लगाई गई है। बम निरोधक दस्ते को बुलाकर इन बमों को निष्क्रिय करा दिया गया है।

पुलिस की पूछताछ में जावेद ने बताया है कि उसने यह बम इमराना नाम की एक महिला के कहने पर बनाए थे। उसने इन बम को बनाने के लिए उसे ₹50,000 देने का वादा किया था। इसके लिए इमराना ने उसे ₹10,000 पहले दिए गए थे और बम की डिलीवरी के बाद ₹40,000 का भुगतान करने को कहा था। इमराना शामली की रहने वाली है और वर्तमान में मुजफ्फरनगर के खालापार इलाके में ही रहती है।

जावेद से पूछताछ में सामने आया है कि उसने बम बनाना मुजफ्फरनगर में ही अपने चाचा और दादा से सीखा है। उसका चाचा मोहम्मद अर्शी मुजफ्फरनगर में पटाखे की दुकान चलाता है। उसने कुछ जानकारी यूट्यूब से इकट्ठा की है। कहा जा रहा है कि जावेद बम बनाने में माहिर है। इन बम का उपयोग कहाँ होना था, इसके बारे में जानकारी सिर्फ इमराना को ही है। इमराना फिलहाल फरार है।

जावेद की परवरिश नेपाल में हुई है। उसके पिता नेपाल घूमने गए थे और वहीं पर नीतू नाम की एक महिला से मुलाकात हुई और दोनों ने शादी कर ली थी। वह दो भाई और एक बहन है। सबका जन्म और परवरिश नेपाल में हुई है। उसकी बहन की शादी नेपाल में ही हुई है और भाई अमेरिका के शॉपिंग मॉल में काम करता है। 7वीं कक्षा के बाद जावेद अपने दादा के पास रहने के लिए मुजफ्फरनगर के मुस्लिम बहुल खालापार में आ गया।

उत्तर प्रदेश के एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया है, “मुजफ्फरनगर में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चार IED बरामद हुई है। ये रिमोट कंट्रोल से ट्रिगर की जा सकती हैं। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान ऐसे ही बम बाँटे थे।” उन्होंने कहा है कि इनके किसी संगठन से जुड़े होने को लेकर उनसे पूछताछ और जाँच की जा रही है।