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जो खुद को बताते हैं ‘अन्नदाता’, उनको चेहरा छुपा ‘पत्थरबाजी’ करते देखा आपने? शंभु बाॅर्डर के Video हरियाणा पुलिस ने किए जारी

हरियाणा और पंजाब की सीमा पर प्रदर्शनकारी किसान सुरक्षाबलों पर पत्थर बरसा रहे हैं। पुलिस के समझाने के बाद भी वे नहीं मान रहे हैं। इस बात का खुलासा हरियाणा पुलिस ने किया है। दरअसल, ये कथित किसान किसी तरह दिल्ली में घुसना चाहते हैं, लेकिन सुरक्षाबल इन्हें रोकने की कोशिश कर रहा हैं। इसको लेकर वे पुलिस पर हमलावर हैं। इसके कई वीडियो भी सामने आए हैं।

अम्बाला की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पूजा डाबला ने बताया, “पत्थरबाजों के वीडियो हमने जारी की है। इनके प्रदर्शन को लेकर हमने तैयारी कि हुई थी। हमने बैरिकेड भी लगाए थे और पैरामिलिट्री भी तैनात की थी। 2020 में भी इसी तरह उत्पात का हो चुका है। हमारे सामने ऐसे वीडियो आए हैं, जिनमें लोग बैठकर पत्थर तोड़ रहे हैं और उससे जवानों को पत्थर मार रहे हैं।”

आगे उन्होंने बताया, “इस पत्थरबाजी में अर्धसैनिक बलों के 7 जवान और हरियाणा पुलिस के 18 जवान घायल हुए हैं। इसके अलावा, एक DSP भी पत्थर की चोट से घायल हुए हैं। हमने वीडियो जारी करके पत्थरबाजों की पहचान करने में सहायता माँगी है।” इसके अलावा हरियाणा पुलिस ने पत्थर बरसाने वालों के वीडियो भी जारी किए हैं और लोगों से इनका पहचान करने का आग्रह किया है।

हरियाणा पुलिस द्वारा जारी किए गए वीडियो में दिख रहा है कि एक तरफ सुरक्षाबलों के जवान तैनात है और दूसरी तरफ से बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पत्थर फेंक रहे हैं। वीडियो में दिखता है कि मुँह पर कपड़ा बाँधे पत्थरबाज एक के बाद एक करके आगे आते हैं और सुरक्षाबलों पर पत्थर चलाते हैं। वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि यहाँ यह पत्थरबाज मैदान में बैठकर पत्थर तोड़ रहे हैं और फिर सुरक्षाबलों पर फेंक रहे हैं।

इसी तरह के दृश्य पहले कश्मीर से देखने को मिलते थे। हालाँकि, अनुच्छेद 370 हटाने के बाद अब वहाँ शांति है। हरियाणा बॉर्डर पर जिस तरह से प्रदर्शनकारी किसान सुरक्षाबलों पर पथराव करते दिखे, वह कश्मीर का याद दिलाता है। इस दौरान पुलिस ने आँसू गैस के गोले भी फेंके। इसके बाद भी प्रदर्शनकारी किसान पीछे नहीं हट रहे हैं।

इससे पहले भी प्रदर्शकारियों के वीडियो सामने आए थे। एक वीडियो में एक प्रदर्शनकारी कहता है कि वे लोग पुलिस के ड्रोन गिराने के लिए पत्थरों का उपयोग कर रहे थे लेकिन वे पत्थर वापस आकर उन पर कर रहे थे। इस कारण से किसान अब टेनिस बॉल का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं एक और वीडियो में प्रदर्शनकारी पतंग उड़ाकर ड्रोन गिराने की कोशिश करते देखे गए थे।

इसी बीच सरकार किसानों से बातचीत करने का भी प्रयास कर रही है। बृहस्पतिवार (15 फरवरी 2024) को केंद्र सरकार और किसानों के बीच बातचीत बेनतीजा रही। यह दोनों पक्षों के बीच बातचीत का तीसरा दौर था। इस बातचीत में MSP को लेकर कानून की माँग सहित 13 माँगें रखी गई हैं। वहीं सरकार इसमें आने वाली अड़चनों को लेकर उन्हें समझाने का प्रयास कर रही है।

इस बीच किसानों ने शुक्रवार (16 फरवरी 2024) को भारत बंद का भी ऐलान किया है। इस बंद का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। भारत बंद के ऐलान का ज्यादा असर जहाँ पंजाब में है। हरियाणा और दिल्ली में भी इसका असर सामान्य आवाजाही पर दिख रहा है। दिल्ली में कई जगह पर इस प्रदर्शन और बंद के चलते भारी जाम लगा हुआ है।

दिल्ली के गाजीपुर, टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर भी लोग परेशान हो रहे हैं। बैरिकेडिंग की वजह से गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। दिल्ली पुलिस ने इस दौरान लोगों को अधिक से अधिक संख्या में मेट्रो सेवा का उपयोग करने की सलाह दी है। इन सबके बीच इन प्रदर्शनकारियों पर किसानों की माँगों का राजनीतिकरण करने का आरोप लग रहा है।

Haryana police publishes video of stone pelters in farmers protest ambala shambhu border

चंदाखोरी कैंपेन चलाने वाली काॅन्ग्रेस के चेक नहीं ले रहे बैंक, बिजली बिल भरने के भी पैसे नहीं: रोने के बाद मिली राहत, जानिए क्या है मामला

कॉन्ग्रेस ने आयकर विभाग पर आरोप लगाया है कि पार्टी से जुड़े खातों को फ्रीज कर दिया गया है। इसमें युवा कॉन्ग्रेस का खाता भी शामिल है। पार्टी का कहना है कि आयकर विभाग ने उसके बैंक खाते सील कर दिए हैं और 210 करोड़ रुपए के टैक्स की डिमाँड की है। कॉन्ग्रेस का दावा है कि यह कार्रवाई चुनावी बॉन्ड पर रोक लगने के एक दिन बाद हुई है। हालाँकि कॉन्ग्रेस के आरोप लगाने के बाद ही जानकारी सामने आ रही है कि कॉन्ग्रेस के खातों पर लगी रोक को हटा लिया गया है। इस मामले में आयकर विभाग के ट्रिब्यूनल में बुधवार को सुनवाई की जाएगी।

कॉन्ग्रेस नेता और ऑल इंडिया कॉन्ग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि कॉन्ग्रेस के सभी बैंक खाते सील कर दिए। उन्होंने कहा पार्टी की ओर से जारी किए गए चेक कोई बैंक ले नहीं रहा है। इनकम टैक्स ने यूथ कॉन्ग्रेस और कॉन्ग्रेस पार्टी से 210 करोड़ रुपये की वसूली माँगी है। हमारे खातों में क्राउडफंडिंग का पैसा फ्रीज कर दिया गया है। चुनाव से ठीक 2 हफ्ते पहले जब विपक्ष के खाते फ्रीज कर दिए जाते हैं, तो यह लोकतंत्र को फ्रीज करने के बराबर है। उन्होंने कहा कि चुनाव की घोषणा से दो सप्ताह पहले ये कदम उठाकर सरकार क्या संदेश देनी चाहती है? अजय माकन ने कहा कि ये पैसा किसी पूँजीपति का नहीं है, बल्कि ये पैसा देश के गरीबों का है। जिन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी को दान के माध्यम से ये पैसा दिया।

अजय माकन ने आगे कहा, “अभी हमारे पास ख़र्च करने के लिए पैसे नहीं हैं। न बिजली का बिल भरने के लिए। न ही अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए। सब कुछ प्रभावित होगा। न केवल न्याय यात्रा, सारी ही राजनीतिक गतिविधियों पर असर पड़ेगा।”

इस मुद्दे पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “लोकसभा चुनाव से ठीक पहले देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के खाते फ़्रीज़ करने का क़दम भारतीय लोकतंत्र पर हमला है। बीजेपी ‘असंवैधानिक’ पैसा का इस्तेमाल चुनावों में करेगी, मगर कॉन्ग्रेस ने चंदा इकट्ठा कर के जो पैसा जुटाया, उस पैसे को ज़ब्त कर लिया गया है।”

उन्होंने आगे लिखा, “मैंने इसीलिए पहले ही कहा था कि आगे से कोई चुनाव नहीं होंगे। मैं ज्यूडिशरी से ये अपील करता हूँ कि वो देश के मल्टी-पार्टी सिस्टम को बचाए और भारत के लोकतंत्र की रक्षा करे। इसके लिए हम सड़कों पर उतर कर लड़ेंगे और ऐसी तानाशही का जोरदार विरोध करेंगे।”

आयकर विभाग की इस कार्रवाई के विरोध में युवा कॉग्रेस के नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। उन्होंने जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके बाद युवा कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास को हिरासत में ले लिया गया।

आयकर विभाग ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालाँकि, विभाग के सूत्रों ने कहा है कि कॉन्ग्रेस पार्टी पर टैक्स चोरी के आरोप है। सूत्रों ने कहा कि विभाग ने पार्टी को कई बार नोटिस भेजा था, लेकिन पार्टी ने उनका जवाब नहीं दिया।

थोड़े समय बाद ही हटाया गया बैन

इन आरोपों को लगाने के कुछ देर बाद कॉन्ग्रेस पार्टी ने बताया है कि पार्टी के खातों पर लगे प्रतिबंध हटा लिए गए हैं। एनडीटीवी ने कॉन्ग्रेस के हवाले से ये खबर दी है। बताया जा रहा है कि इस मामले में बुधवार को आईटी ट्रिब्यूनल में सुनवाई होगी

बता दें कि कॉन्ग्रेस पार्टी ने दावा किया था कि क्राउड फंडिंग से जमा हुए पैसों को भी फ्रीज कर दिया गया है, इसके लिए वो आयकर विभाग की अपीलीय न्यायालय में चुनौती देंगे। जरूरत पड़ी तो पार्टी कोर्ट तक जाएगी। कॉन्ग्रेस पार्टी ने इस बात पर भरोसा जताया था कि कोर्ट से उन्हें न्याय मिलेगा। हालाँकि अब कॉन्ग्रेस के खातों को अनफ्रीज (खोल दिया गया) कर दिया गया है।

‘मोदी को गाली देना काॅन्ग्रेस का एकमात्र एजेंडा, उनके पास कोई विजन नहीं’: राजस्थान को ₹17 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट देकर बोले PM

‘विकसित भारत विकसित राजस्थान’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉन्ग्रेस को खूब खरी-खोटी सुनाई। पीएम मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस का एकमात्र एजेंडा ‘मोदी विरोधी’ एजेंडा है और मोदी को गाली देना है। इस दौरान पीएम मोदी ने राजस्थान से जुड़ी 17,000 करोड़ रुपए से अधिक लागत की विकास परियोजनाओं का वर्चुअली लोकार्पण और शिलान्यास किया।

पीएम मोदी ने कहा, “कॉन्ग्रेस का एक ही एजेंडा है… मोदी को गाली देना। जो जितना मोदी को गाली दे सकता है, उसे कॉन्ग्रेस उतनी ही जोर से गले लगाती है। ये विकसित भारत का नाम तक नहीं लेते, क्योंकि मोदी इसके लिए काम कर रहा है। ये ‘मेड इन इंडिया’ से बचते हैं, क्योंकि मोदी से बढ़ावा देता है। ‘वोकल फॉर लोकल’ नहीं बोलते, क्योंकि मोदी इसके लिए आग्रह करता है।”

कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जब भारत पाँचवें नंबर का आर्थिक ताकत बनता है तो पूरे देश को खुशी होती है, लेकिन कॉन्ग्रेस के लोगों को खुशी नहीं होती। जब मोदी कहता है कि भारत अगले कार्यकाल में भारत दुनिया की तीसरे नंबर का ताकत बनेगा तो पूरा देश आत्मविश्वास से भर जाता है, लेकिन कॉन्ग्रेस के लोग इस पर भी निराशा ढूँढते हैं।”

प्रधानमंत्री ने Eis कहा, “मोदी कुछ भी कहे… मोदी कुछ भी करे, ये (कॉन्ग्रेस के लोग) उसका उल्टा कहेंगे… उसका उल्टा करेंगे चाहे इसमें देश का भारी नुकसान ही क्यों ना हो। कॉन्ग्रेस के पास एक ही एजेंडा है, मोदी विरोध… घोर मोदी विरोध। मोदी के विरोध में ये ऐसी-ऐसी बातें फैलाते हैं, जिससे समाज बँट जाए।”

कॉन्ग्रेस के परिवारवाद और वंशवाद पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जब कोई पार्टी परिवारवाद और वंशवाद के घोर कुचक्र में फँस जाती है तो उसके साथ ऐसा ही होता है। आज हर कोई कॉन्ग्रेस का साथ छोड़ रहा है। सिर्फ एक परिवार ही वहाँ दिखता है। ऐसी राजनीति युवा भारत को बिल्कुल प्रेरित नहीं करती।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि कॉन्ग्रेस के साथ एक बहुत बड़ी समस्या यह है कि वह दूरगामी सोच के साथ सकारात्मक नीतियाँ नहीं बना सकती। कॉन्ग्रेस न तो भविष्य को भाँप सकती है और न ही भविष्य के लिए उसके पास कोई रोडमैप है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस की इसी सोच की वजह से भारत अपनी बिजली व्यवस्था के लिए बदनाम रहता था। पूरे देश में कई-कई घंटों तक अंधेरा हो जाता था। 

साल 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार आने के पहले के दिनों को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश में बड़े-बड़े घोटालों और आए दिन होने वाले बम धमाकों की चर्चा रहती थी। लोग सोचते थे कि उनका और देश का क्या होगा। कॉन्ग्रेस के राज में चारों तरफ यही माहौल था। उन्होंने कहा, “जब मैं विकसित भारत की बात करता हूँ तो ये हर परिवार का जीवन समृद्ध बनाने का अभियान है, ये गरीबी को जड़ से मिटाने का अभियान है।”

इस वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने 17,000 करोड़ रुपए की जिन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया उनमें सड़क, रेलवे, सौर ऊर्जा, विद्युत, रसोई गैस, पेयजल तथा पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस आदि क्षेत्रों की परियोजनाएँ शामिल हैं। इसमें 5,000 करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन एवं 5,300 करोड़ रुपए की सौर परियोजनाओं का शिलान्यास भी है।

धमकाकर, डराकर चुप कराई जा रहीं संदेशखाली की महिलाएँ: NCW ने जाँच के बाद बताया, बंगाल पुलिस ने BJP की महिला सांसदों की टीम को रोका

बंगाल के संदेशखाली में हालातों का मुआएना करने पहुँची भारतीय जनता पार्टी की 6 महिला सांसदों की टीम को बंगाल पुलिस ने पीड़ितों से मिलने से रोक दिया। प्रतिनिधि मंडल ने हाथ जोड़कर प्रार्थना भी की कि उन्हें पीड़ितों से मिलने दिया जाए ताकि न्याय दिलाने में मदद हो सके, लेकिन राज्य पुलिस उन्हें रोककर खड़ी रही। इस बीच राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा बनाई गई टीम की जाँच के निष्कर्ष भी सामने आए, जो काफी हैरान करने वाले हैं।

NCW ने बताया कि उनका फैक्ट फाइंडिंग मिशन संदेशखाली में 12 फरवरी 2024 को चलाया गया था। टीम ने जानने की कोशिश की थी कि इलाके में हुई हिंसा और उत्पीड़न के मामलों में पुलिस ने क्या एक्शन लिया। जाँच के बाद टीम ने संदेशखाली में बंगाल सरकार और कानून प्रवर्तन अधिकारियों की ओर से लापरवाही और मिलिभगत का एक चिंताजनक पैटर्न पाया।

हालात देखकर टीम की सदस्य बनकर गई डेलिना खोंगडुप ने तो गहरी निराशा जताई। उनकी जाँच में प्रशासन ने उन्हें कोई मदद नहीं दी। डीजीपी ने सहयोग करने से मना कर दिया और एसपी ने भी उन्हें किसी तरह की जानकारी देने से इनकार किया। वहीं ग्रामीण महिलाओं ने जो गवाही दी उससे उनमें पसरे भय और व्यवस्थित उत्पीड़न के बारे में पता चला। मालूम चला कि कैसे टीएमसी के सदस्य और पुलिसकर्मी उन्हें परेशान करते हैं। जो महिलाएँ बोलने का प्रयास करती हैं उन्हें फौरन विरोध झेलना पड़ता है। उनके घर के पुरुषों को गिरफ्तार कर लिया जाता है आदि-आदि।

एनसीडब्ल्यू ने बताया कि संदेशखली ग्रामवासियों की ओर से हस्ताक्षरित एक सामूहिक बयान में, गाँव की महिलाओं ने उत्पीड़न, यातना और उनकी गरिमा और अधिकारों के घोर उल्लंघन सहित उनके द्वारा सहन की गई पीड़ाओं का विवरण दिया। इसके अलावा एनसीडब्लू की टीम ने ये भी बताया कि उन्होंने एक महिला की गवाही को कैमरे पर रिकॉर्ड किया था लेकिन बाद में उसे डिलीट करना पड़ा क्योंकि महिला अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गई और उनके आगे उसे डिलीट कराने के लिए गिड़गिड़ाने लगी।

आयोग ने कहा कि महिलाओं को मिल रही ऐसी धमकी और सेंसरशिप को देखते हुए तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत है। एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष रेखा शर्मा आने वाले दिनों में संदेशखली का दौरा करेंगी और पुलिस व पीड़ितों से बातचीत करेंगी ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि पश्चिम बंगाल में महिलाओं की जिंदगी और स्वतंत्रता की रक्षा की जा सके। एनसीडब्लू ने इस पूरे मामले में संदेशखाली में महिलाओं के साथ एकजुटता दिखाई है और उन्हें न्याय दिलाने का वादा किया है। इससे पहले SC आयोग ने भी इस मामले में जाँच के बाद कहा था कि लोग बहुत कुछ बोलना चाहते हैं पर उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा।

सत्संग के बहाने हिंदुओं को बुलाते, पैसे-राशन का लालच दे ईसाई बनाते: धर्म परिवर्तन के पीछे इटली की संस्था, राजस्थान के कई गाँव में चल रहे सेंटर

राजस्थान के भरतपुर में 20 हजार लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा चुका है। धर्म परिवर्तन के लिए पार्थना सभाओं का आयोजन किया जाता। इन प्रार्थना सभाओं में आने वालों को राशन दिया जाता। छोटी-मोटी बीमारियों को दूर किया जाता। वहाँ पहुँचने वाले लोगों की अन्य आर्थिक परेशानियाँ भी दूर की जाती। गरीबों के खाते में हजारों-लाखों की मदद भेज दी जाती। और फिर छोटी-छोटी प्रार्थना सभाओं से शुरू होकर ये खेल बड़े-बड़े फार्म हाउसों, रिजॉर्ट, होटलों तक जाता, जहाँ सामूहिक धर्म परिवर्तन कराया जाता। अब इस पूरे मामले से जुड़े चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, उसमें न सिर्फ विदेशी एंगल सामने आ रहा है, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग का भी मामला सामने आ सकता है। वैसे, इसकी जाँच शुरू हो गई है, जिसके लिए एसआईटी बनाई गई है।

राजस्थान के भरतपुर में जिस ईसाई धर्मांतरण के जाल का खुलासा हुआ है, उसे चंडीगढ़ में बैठा बजिंदर सिंह चला रहा था। वो लोगों के खातों में सीधे पैसे भेजता था। भरतपुर में उसके लिए काम करने वाले अजय सिंह और उसका पूरा परिवार इसी काम में लगा हुआ है। अजय सिंह मूलत: रूपवास के श्रीनगर का रहने वाला है, लेकिन धर्मांतरण के खेल को चलाने के लिए वो पीपला गाँव में बस गया। यहीं पर उसके घर पर सप्ताह में दो दिन सत्संग यानी ईसाई प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाता है। यही नहीं, पीपला गाँव में एक महिला भी अपने घर में प्रार्थना सभाएँ चलाती हैं। ये सारा खुलासा हुआ, भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट में…

इस रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने बताया है कि लोगों को धर्म परिवर्तन कराने पर दो लाख रुपए से लेकर पाँच लाख रुपए तक दिए जाते हैं। पूर्व सरपंच तूहीराम ने बताया कि उन्होंने अजय सिंह को पहले भी धर्मांतरण से जुड़े काम को लेकर चेतावनी दी थी, लेकिन वो नहीं माना। अजय सिंह के बारे में बताया जा रहा है कि वो खुद अब पादरी बन चुका है और उसके पास से पुलिस को इसका सर्टिफिकेट तक मिला है।

धर्मांतरण का इटली कनेक्शन

भरतपुर में चल रहे ईसाई मिशनरी के खेल में लभाना मिनिस्ट्री का नाम सामने आ रहा है, जिसके द्वारा जारी किए गए धर्मांतरण के सर्टिफिकेट भी मिले हैं। लभाना मिनिस्ट्री इटली की संस्था है। वो ईसाईयों की संख्या को बढ़ाने के पीछे लगी है, जिसमें मूल काम लोगों को तमाम तरह के प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराना होता है। ऐसे धर्मांतरण सेंटर सिर्फ पीपला गाँव में ही नहीं, बल्कि भरतपुर के कंजोली, गुँडवा, बझेरा, नोंह बहामदी, बहनेरा, रुपवास, गघीना और बयाना जैसी जगहों पर भी चल रहे हैं।

भरतपुर में धर्मांतरण के काम को कंपनी के जरिए फंडिंग

भरतपुर में धर्मांतरण के खेल में मौके से गिरफ्तार किए गए दो लोग कुँवर सिंह और शैलेंद्र सिंह का नाम एलएमएन कंपनी से जुड़ रहा है। ये कंपनी ऐसे कार्यक्रमों के लिए फंडिंग करती थी। ये कंपनी लोगों को बाइबिल भी गिफ्ट करती है। भरतपुर में पकड़े गए कुँवर सिंह को चंडीगढ़ से प्रोफेट बजिंदर सिंह हर महीने 1 लाख रुपए बैंक खाते में भेजा करता था। इससे वो छोटे-मोटे काम खुद के खर्च पर ही कर लेता था।

भरतपुर जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि धर्म परिवर्तन के दो मामले सामने आए हैं। एक मामला निजी होटल में सामने आया, जहाँ कार्यक्रम के दौरान लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करते हुए और दूसरे धर्म का अपमान किया जा रहा था। दूसरा मामला एक गाँव में सामने आया है। हमने मामले की जाँच के लिए एसआईटी का गठन किया है।

पादरी बजिंदर मुख्य अभियुक्त, या खेल बड़ा?

बता दें कि राजस्थान के भरतपुर स्थित एक होटल में रविवार (11 फरवरी, 2024) को ईसाई मिशनरी धर्मांतरण का भंडाफोड़ हुआ था। उस कार्यक्रम में 350 से 500 लोग शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में चंडीगढ़ से पादरी बजिंदर सिंह को लाइव जुड़ा हुआ था, जो लोगों का धर्मांतरण करवा रहा था। कार्यक्रम में दावे किए गए कि वो मरे हुए बच्चे तक को ज़िंदा कर सकता है और कैंसर जैसी भयंकर बीमारी का भी इलाज कर सकता है। कार्यक्रम के आयोजकों कुँवर सिंह और शैलेन्द्र सिंह को राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

बजिंदर सिंह खुद को प्रोफेट कहता है। उसके कई ऐसे वीडियो इंटरनेट पर मौजूद हैं, जहाँ वो चमत्कारी दावे करता है और अजीबोगरीब हरकतें करवाता है। गिरफ्तार दोनों आरोपित कह रहे हैं कि वो तो सिर्फ माध्यम हैं। बजिंदर सिंह चंडीगढ़ से ही लोगों का लाइव धर्मांतरण करा रहा था। माइक और स्पीकर समेत 5 एलईडी की व्यवस्था कार्यक्रम स्थल पर की गई थी। दोनों आरोपित 2020 से ही बजिंदर सिंह से जुड़े हुए थे। अकेले भरतपुर में 20,000 से अधिक लोगों का वो धर्मांतरण करा चुका है। वकील संदीप सिंह ने इस आयोजन को लेकर खुलासा किया, जो दोस्त की शादी के लिए मैरिज हॉल बुक करने ‘सोनार हवेली’ पहुँचे थे। वहाँ करीब 400 लोग मौजूद थे। 15 लोग मंच पर थे। येशु की कसम दिला कर धर्म-परिवर्तन कराया जा रहा था।

विमान में सवार थीं साध्वी प्रज्ञा, ड्यूटी मैनेजर इमरान ने साथियों संग नुकसान पहुँचाने का किया प्रयासः BJP सांसद ने केंद्रीय मंत्री से की शिकायत

भोपाल से भारतीय जनता पार्टी की सांसद साध्वी प्रज्ञा ने एक फ्लाइट के मैनेजर पर आरोप लगाया है कि उसने उन्हें नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया। अपने एक्स हैंडल पर ट्वीट करके उन्होंने इसकी जानकारी दी और साथ में उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी इस मामले में टैग किया।

अपने ट्वीट में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने लिखा, “मा.उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मुंबई से दिल्ली अकासा एयर की फ्लाइट नंबर QP1120 से दिल्ली आने पर ड्यूटी मैनेजर इमरान और उसके साथियों द्वारा षड्यंत्र कर मुझे बड़ी हानि पहुँचाने का प्रयास किया। अपेक्षा करती हूँ आप कार्रवाई अवश्य करेंगे। जय श्री राम।”

भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा के इस ट्वीट के बाद अभी सिविल एविएशन मंत्रालय से क्या कार्रवाई हुई इसका पता नहीं चल पाया है। लेकिन इस मामले पर कहा जा रहा है कि अकासा एयर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा- “हम आपके अनुभव से बहुत चिंतित हैं। आपके फीडबैक को रिव्यू के लिए टीम के साथ शेयर किया जाएगा और जरूरी एक्शन भी लेंगे।”

बता दें कि यह पहली बार साध्वी प्रज्ञा फ्लाइट में बुरे अनुभव के कारण चर्चा में आईं हों, कुछ समय पहले भी उनकी स्पाइसजेट के विमान की एक वीडियो सामने आई थी जिसमें कुछ लोग उनसे बहस करते दिख रहे थे। स्पाइसजेट का कहना था कि प्रज्ञा आपातकालीन रो से हट नहीं रही थीं इसलिए उनसे लोग बहस कर रहे थे। बाद में प्रज्ञा वहाँ से चली गईं थीं।

सरस्वती प्रतिमा को विसर्जित करने निकले थे हिंदू, कसाई मोहल्ला में बरसे पत्थर; एसिड अटैक का भी दावाः दरभंगा से लेकर सीतामढ़ी तक उपद्रव

बिहार के दरभंगा और सीतामढ़ी में 15 फरवरी 2024 को माँ सरस्वती की मूर्ति के विसर्जन के दौरान पथराव और झड़प की घटनाएँ सामने आई हैं। इसमें पहली घटना दरभंगा की है, जहाँ मूर्ति विसर्जन के लिए निकले जुलूस पर पत्थरबाजी की गई और तेजाब फेंका गया। बताया जा रहा है कि जब मूर्ति विसर्जन के लिए जुलूस मस्जिद से थोड़ी दूर पहले मुड़ रहा था, तभी उस पर पत्थरबाजी शुरू हो गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये घटनाक्रम भालपट्टी ओपी के मुड़िया पंचायत स्थित कसाई टोला का है। यहाँ शाम करीब 5 बजे मूर्ति विसर्जन के लिए जा रहे लोग पर पत्थरबाजी की गई। बताया जा रहा है कि मूर्ति विसर्जन के रास्ते से दो ट्रैक्टरों को पहले भी लौटाया जा चुका था। पत्थरबाजी की इस घटना में काफी लोग घायल हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक पत्थरबाजी शुरू होते ही अचानक भगदड़ मच गयी, लोग प्रतिमा को छोड़कर वहाँ से भागे। इस दौरान सरस्वती प्रतिमा को भी तोड़ दिया गया, जिसके बाद लोग भड़क उठे। इसके बाद भीड़ ने घरों-दुकानों में भी तोड़फोड़ की। इस दौरान कई गाड़ियों को भी निशाना बनाने की बात आई। उपद्रव की सूचना मिलते ही दरभंगा के डीएम, एसएसपी और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुँचा और लोगों को शांत कराया।

भालपट्टी थाना में तैनात प्रिंस कुमार यादव ने ऑपइंडिया से बातचीत में कहा, “यात्रा के मार्ग परिवर्तन को लेकर अचानक तनाव हो गया। यात्रा कसाई मोहल्ले से होकर गुजर रही थी, तभी पत्थरबाजी की जाने लगी।” जब ये पूछा गया कि क्या यात्रा किसी मस्जिद के पास से होकर गुजर रही थी, तो उन्होंने साफ तौर पर इस बात को नकारा। उन्होंने कहा, “लोग मस्जिद के पास पहुँचे नहीं थे, फिर भी ये हमला हुआ।” इस मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

डीएम राजीव रौशन ने कही ये बात

इस बवाल के बाद दरभंगा के डीएम राजीव रौशन खुद पूरी रात उपद्रव की जगह पर कैंप करते रहे। मीडिया से बातचीत में डीएम राजीव रौशन ने कहा, “मुरिया पंचायत में प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो समुदायों के बीच झड़प हो गई। हमने दोनों पक्षों से बातचीत की और विसर्जन के काम को आगे बढ़ाया।” उन्होंने आगे बताया, “प्रतिमा विसर्जन का रास्ता कहाँ से मुड़ना है, कोई पाँच कदम आगे, तो कोई थोड़ा पीछे, यहीं से ये विवाद शुरू हुआ, जिसमें पथराव हो गया। कई घरों के शेड भी टूटे हैं।” डीएम ने कहा कि उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। तेजाब फेंकने की बात पर उन्होंने कहा कि ऐसी बात सामने आ रही है, जाँच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

दरभंगा सदर के अनुमंडल पुलिस अधिकारी ने बताया, “शाम लगभग पाँच बजे भालपट्टी थाना के मुरिया गाँव में सरस्वती प्रतिमा के विसर्जन के दौरान दो पक्षों में झड़प हुई, जिसमें कई लोग घायल भी हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही वरीय अधिकारी मौके पर पहुँचे। मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है और मजिस्ट्रेट भी नजर रख रहे हैं। जाँच के हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मौके पर शांति है।”

सोशल मीडिया पर हमले से जुड़े वीडियो तेजी से हो रहे वायरल

त्रीनि नाम के यूजर ने लिखा, “इस्लामिक भीड़ ने सरस्वती पूजा मूर्ति विसर्जन यात्रा पर हमला कर दिया। उन्होंने माँ सरस्वती की मूर्ति को तोड़ डाला। इस दौरान हिंदुओं के घरों पर हमले हुए, कई लोग घायल हो हुए।”

स्वराज्य की पत्रकार स्वाति शर्मा गोयल ने दरभंगा हिंसा से जुड़े वीडियो शेयर किए। उन्होंने इस घटनाक्रम के बार में लिखा, “ये वीडियो बिहार के दरभंगा की हैं। यहाँ सरस्वती पूजा कार्यक्रम के दौरान कसाई मोहल्ला पहुँचते ही हमला कर दिया गया। एक हिंदू त्यौहार को हिंसक घटनाक्रम में बदल दिया गया, जिसमें कई लोग घायल हो गए हैं।” उन्होंने आगे ऐतिहासिक गलतियों का भी जिक्र किया है।

सीतामढ़ी में भी बवाल, कई लोग घायल

दरभंगा की तरह ही सीतामढ़ी से ही ऐसी ही घटना सामने आई। भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, सीतामढ़ी के परिहार थाना क्षेत्र में माता सरस्वती की प्रतिमा का विसर्जन करने जा रहे समूह पर पत्थरबाजी की गई। ये घटनाक्रम मसहा टोला वार्ड नंबर 13 का है। जानकारी के मुताबिक, प्रतिमा विसर्जन के लिए निकाली गई यात्रा पर पथराव हुआ, तो जवाब में दूसरी तरफ से भी पत्थर फेंके गए। इसमें कई लोग घायल भी हो गए। इस घटना की जानकारी मिलते ही थानाध्यक्ष राजकुमार गौतम ने स्थिति को संभाला। फिलहाल यहाँ भी स्थिति नियंत्रण में है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

पैसे को लेकर विवाद, लाठी-डंडों से लैस मुस्लिम भीड़ ने हिंदू परिवार पर किया हमला: राजू भोई की पीट-पीटकर हत्या, 30 पर केस

पैसे को लेकर विवाद में मुस्लिम भीड़ ने एक हिंदू परिवार पर हमला कर दिया। इस घटना में राजू भोई कांति भोई राठौड़ की मौत हो गई। गुजरात के साबरकांठा जिले में लाठी-डंडों से लैस मुस्लिम भीड़ ने बुधवार (14 फरवरी 2024) को हिंदू परिवार पर हमला किया था। इस घटना के बाद पुलिस ने 30 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब 10 बजे साबरकांठा जिले के अंतर्गत आने वाले प्रांतिज के खोडियार कुवा मोटामाध इलाके में लाठी, लोहे के रॉड और पत्थर से लैस 30 गुंडों की मुस्लिम भीड़ ने एक हिंदू परिवार पर हमला कर राजू भोई की हत्या कर दी। इसके पीछे आपसी लेनदेन का मामला बताया बताया जा रही।

मुस्लिम भीड़ ने एक इको गाड़ी में भी तोड़फोड़ की। इस दौरान स्थानीय लोग मूकदर्शक बने रहे। दावा किया जा रहा है कि भीड़ ने पथराव करने से पहले यहाँ स्ट्रीट लाइटें बंद कर दी थी। हमला करने वाले मुस्लिम भट्टीवाला और जम्बूचोरा इलाके के निवासी थे। मुस्लिम भीड़ ने राजू भोई कांति भोई राठौड़ को खींचकर उनके सिर पर लोहे के पाइप से वार किया। उनके ऊपर मुस्लिम भीड़ ने इतने वार किए कि वह मरणासन्न हो गए। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई।

मुस्लिम भीड़ द्वारा हमले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुँची। तनाव को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। राजू भोई के बेटे ने मुस्लिम भीड़ के खिलाफ पुलिस से शिकायत की है। पुलिस ने 30 लोगों के खिलाफ हत्या समेत अन्य कई मामलों में FIR दर्ज की है।

मामले में अयाज कुरैशी, मुनाफ कुरैशी, अयूब कुरैशी, राशिद मियाँ, इमरान मियाँ कुरैशी, मकबूल मियाँ कुरैशी, जानी कमरूद्दीन, रईस मियाँ, मेहबूब खान, मालेक, समीर, मनन हारुन, निसार भाई, रफीक भट्टे, निसार मियाँ, बाबू अकबर, यूनुस मियाँ और फिरोज मियाँ की पहचान हमलावरों के रूप में हुई है।

साबरकांठा जिले के पुलिस अधीक्षक विजय पटेल ने बताया है कि 14 फरवरी की रात करीब 9.30 बजे बिग मढ़ इलाके में भोई समुदाय के मयूर भोई और मुस्लिम समुदाय के इमरान कादरी में पैसों के लेन-देन को लेकर झगड़ा हो गया था। इसके बाद हमला किया गया। एसपी पटेल ने बताया है कि राजू भोई की मौत के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस मामले की जाँच में जुटी है। इस घटना के कारण प्रांतिज नगर के सभी बाजार बंद हो गए हैं। बजरंग दल ने आरोप लगाया है कि राजू भोई कांति भोई राठौड़ के आवास पर मुस्लिम भीड़ ने पथराव भी किया था। हिंदू संगठनों ने इस मामले में आरोपितों के घरों पर बुलडोजर चलाने की माँग की है।

जिस रचित कौशिक को UP से उठा ले गई थी पंजाब पुलिस, वे हुए रिहा: Video जारी कर बोले- हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता…

‘सब लोकतंत्र’ न्यूज पोर्टल के फाउंडर रचित कौशिक को पंजाब जेल से जमानत मिल गई है। उन्होंने रिहा होने के बाद एक वीडियो अपने एक्स अकॉउंट पर शेयर की है। इस वीडियो को शेयर करने के साथ उन्होंने कहा कि उन्हें पंजाब जेल से रिहाई मिल गई है। लेकिन फोन को अब भी पुलिस ने अपने पास रखा है। जल्द ही रचित कौशिश दिल्ली आएँगे।

अपनी वीडियो में उन्होंने कहा, “पंजाब पावन गुरुओं की धरती से बसंत पंचमी के दिन जमानत और अनुमति लेकर मैं आ गया हूँ त्रिपुरासुरी माता के आँचल में त्रिपुरा। अगरतला में होने वाले खेलो इंडिया गेम्स में सम्मिलित रहकर अगले हफ्ते मैं दिल्ली आऊँगा। मैं सभी लोगों का धन्यवाद करूँगा जिन्होंने मुझे सपोर्ट किया। सभी यूट्यूबर्स, ट्विटर, यूजर के एक्टिविस्ट जिन्होंने मेरे लिए आवाज उठाई, सभी व्यक्ति और संगठन चाहे वो राजनैतिक थे, सामाजिक थे, प्रशासनिक थे उन सभी का धन्यवाद।”

उन्होंने कहा- “बहुत सारे प्रशंसकों ने जिस प्रकार का सहयोग दिया उसका मुझपर कोई उत्तर नहीं है लेकिन हाँ बहुत से शुभचिंतकों के प्रश्न हैं कि क्या हुआ, कैसे हुआ, क्यों हुआ, क्या होगा… मेरे पास एक ही उत्तर है उसका- हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता हमें, शरण में जब रख जब माथ तो किस बात की चिंता।”

रचित कौशिक को गाड़ी से खींचकर ले गई थी पंजाब पुलिस

बता दें कि रचित कौशिक को 6 फरवरी, 2024 को पंजाब के चार पुलिसकर्मियों ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से उठाया था। कौशिक एक पारिवारिक शादी समारोह में शामिल होने के लिए मुजफ्फरनगर आए थे। वहीं शाम 7 बजे के करीब कौशिक अपनी भांजी को पार्लर से लेकर विवाह स्थल पर जा रहे थे, जिस दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया।

ऑपइंडिया से रचित कौशिक की माँ ने बताया था कि उनका बेटा अपनी भांजी को लेकर शादी वाली जगह पर जा रहा था। अचानक से एक स्कॉर्पियो उनकी गाड़ी के सामने आ गई। इस गाड़ी से एक सिख व्यक्ति सामान्य कपड़ों में बाहर निकला। कौशिक ने समझा कि उनकी कार स्कॉर्पियो को टच कर गई है, इसलिए उन्होंने इस व्यक्ति से बात करने के लिए गाड़ी का शीशा नीचे किया। लेकिन सिख व्यक्ति ने बिना किसी चेतावनी के उनकी गाड़ी का दरवाजा खोला और कौशिक को बाहर खींच लिया। इससे पहले कि कौशिक के साथ वाले लोग कुछ समझ पाते वह उन्हें खींचकर अपनी गाड़ी में ले।

परिजनों ने पुलिस को सूचित किया तो पता चला कि पंजाब पुलिस ने कौशिक को हिरासत में लेने की सूचना पहले लोकल थाने में दी थी लेकिन रचित के परिवार का कहना था कि उन्हें कोई वारंट नहीं मिला। उन्होंने यह भी जानकारी दी थी कि जब पुलिस कौशिक को पकड़ने आई तो ये कह रही थी- “तुमको लम्बे समय से ढूँढ रहे थे, आखिर में पकड़ लिया।”

FIR में क्या?

जिस मामले में रचित कौशिक को गिरफ्तार किया गया था उसमें एफआईआर लुधियाना के सलेम टाबरी थाना क्षेत्र के अलीशा सुल्तान की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता का कहना था कि 17 जनवरी 2024 को उन्होंने ईसाई समुदाय के खिलाफ एक पोस्ट ‘नो कन्वर्जन (@noconversion)’ नाम के एक्स/ट्विटर हैंडल पर देखी, जो उन्हें अपमानजनक लगी। उन्होंने कहा कि ऐसे पोस्ट सांप्रदायिक तनाव भड़का सकते हैं जिससे देश में अशांति भी फैल सकती है। FIR में उन पोस्टों की प्रतियाँ शिकायत के साथ संलग्न थी, लेकिन उन पोस्ट के लिंक एफआईआर में नहीं थे। इस FIR को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 295ए, 153ए, 153, 504 और आईटी अधिनियम की धारा 67 के तहत दर्ज किया गया था।

इटली में भी है सोनिया गाँधी की प्रॉपर्टी, 1.28kg सोना और 88 किग्रा चाँदी की हैं मालकिन: दिल्ली में 3 बीघा जमीन भी

कॉन्ग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गाँधी के पास उनके मूल देश इटली में अब भी सम्पत्ति है। इसके साथ ही उनके पास 88 किलोग्राम चाँदी और 1.28 किलोग्राम सोना एवं जूलरी है। इसके अलावा, उनके पास दिल्ली में जमीन भी है। सोनिया गाँधी ने राज्यसभा में नामांकन के लिए दिए गए शपथ पत्र में बताया है कि उनकी कमाई का एक स्रोत किताबों से मिलने वाली रॉयल्टी भी है।

सोनिया गाँधी ने हाल ही में राजस्थान से राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया है। इसमें उन्होंने अपनी चल-अचल सम्पत्ति की जानकारी दी है। उन्होंने शपथ पत्र में अपनी कुल सम्पत्ति 12.53 करोड़ रुपए बताई है। इसमें उन्होंने कृषि भूमि से लेकर किताबों से होने वाली कमाई, सोना चाँदी, बैंक में जमा धनराशि सहित अन्य जानकारियाँ दी हैं।

सोनिया गाँधी ने बताया है कि उनके पास 1.28 किलोग्राम सोना और 88 किलोग्राम चाँदी है, जिसकी बाजार में कीमत लगभग ₹1.07 करोड़ है। सोनिया गाँधी ने बताया है कि उनके पास ₹90,000 नकद हैं, जबकि ₹5.30 लाख HDFC बैंक के एक खाते में हैं। उनके पास ₹3.88 करोड़ के म्युचुअल फंड निवेश भी हैं। उन्होंने ₹28.53 लाख के बॉन्ड खरीदे हुए हैं।

शपथ पत्र में सोनिया गाँधी ने जो बताया है, उसमें आगे कहा गया है कि उनके पास अपनी कम्पनी यंग इंडिया लिमिटेड के शेयर भी हैं, इसको लेकर कोर्ट में केस चल रहा है। इसके अलावा, उन्हें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस से 1.69 लाख रुपए की रॉयल्टी मिलती है। इस तरह उनके पास कुल चल सम्पत्ति ₹6.38 करोड़ है। हालाँकि, उनके पास अपनी कोई गाड़ी नहीं है।

अचल संपत्तियों के विषय में उन्होंने बताया है कि उनके पास दिल्ली के डेरामंडी गाँव में 3 बीघा ( 2529.28 वर्ग मीटर) कृषि भूमि है, जिसकी कीमत 23,280 प्रति वर्गमीटर की दर से ₹5.88 करोड़ है। इसके अलावा इटली में उनकी एक पैतृक सम्पत्ति में भी हिस्सा मिला है, जिसका बाजार मूल्य ₹26.83 लाख है। इन अचल संपत्तियों की कुल कीमत ₹6.15 करोड़ बताई है। इस तरह उनके पास कुल 6.53 करोड़ रुपए हैं।

इससे पहले भी जब उन्होंने 2019 के चुनाव के दौरान जब अपना शपथ पत्र दाखिल किया था तो कुछ जानकारियाँ बदली हुई थीं। उन्होंने पिछली बार एक 12 बीघे जमीन के विषय में बताया था, उसका जिक्र इस बार नहीं किया गया है। सोनिया गाँधी ने चुनाव आयोग के नियमानुसार अपने खिलाफ दायर मुकदमों का जिक्र भी किया है। उन्होंने बताया है कि उन पर दो मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से एक भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दर्ज करवाया है।

गौरतलब है कि सोनिया गाँधी 1999 से लगातार लोकसभा की सदस्य रही हैं। वर्तमान में वह रायबरेली से लोकसभा सांसद हैं। हालाँकि, अब उन्होंने राजस्थान से राज्यसभा की प्रत्याशी हैं। वह उत्तर प्रदेश से इकलौती कॉन्ग्रेस सांसद हैं। उनकी जगह उनकी बेटी प्रियंका गाँधी रायबरेली से चुनाव लड़ सकती हैं। उन्होंने रायबरेली की जनता के नाम एक पत्र भी लिखा है, जिसमें उन्होंने इसके संकेत दिए हैं।