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‘एक मिनट भी नहीं लगेगा, SC/ST एक्ट का मुकदमा करा दूँगा’: DM, SDM, CO सबको चंद्रशेखर ‘रावण’ ने सरेआम धमकाया, वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश की ‘आज़ाद समाज पार्टी’ के अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद ‘रावण’ का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो SC-ST एक्ट लगाने की धमकी देते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो में वो एक अधिकारी से पूछते हैं, “आप कब आए यहाँ?” इस पर उक्त अधिकारी जवाब देता है – “27 तारीख़ को।” फिर चंद्रशेखर आज़ाद ‘रावण’ कहते हैं, “फिर भी 7 दिन के भीतर पैसा जमा कराना होता है। मैं आपके खिलाफ SC-ST एक्ट का मुकदमा करा सकता हूँ, आपको पता है?”

इसके बाद वो कहते हैं, “अगर आपको नहीं पता है तो मैं बता देता हूँ। अगर आपने 7 दिन में पैसा इनके खाते में नहीं भेजा ना, तो आप पर, CO साहब पर और DM साहब पर भी SC-ST एक्ट का मुकदमा करा दूँगा। बहुत छोटा सा काम है मेरे लिए, एक मिनट भी नहीं लगेगा कराने में। आप चाहते हो मुकदमा में फँसना?” बता दें कि चंद्रशेखर आज़ाद ‘रावण’ ‘भीम आर्मी’ नामक संगठन के भी संस्थापक हैं, जिसे विभिन्न दलित संगठनों को मिला कर बनाया गया है।

वीडियो औरैया जिले का बताया जा रहा है। वहाँ वो बृजेश कुमार नामक एक मृतक के पत्नी और बच्चों से मिलने के लिए गए थे। उनकी 22 जनवरी, 2023 को हत्या कर दी गई थी। बृजेश कुमार की हत्या से लगभग एक साल पहले उनकी माँ की भी लाश भी एक खेत से मिली थी। बताया जा रहा है कि उनके पिता जयप्रकाश की भी हत्या ही हुई थी। हालाँकि, बहादुरपुर गाँव के रहने वाले इस परिवार के लोगों की हत्या के आरोप किसी पर साबित नहीं हुए।

बृजेश कुमार की विधवा आरती देवी ने गजेंद्र सिंह समेत 4 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में गजेंद्र सिंह की गिरफ़्तारी भी हुई थी। परिवार ने चंद्रशेखर आज़ाद ‘रावण’ से हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई थी। 7 फरवरी, 2024 को वो यहाँ पहुँचे थे। इसी दौरान उन्होंने SDM को धमकी दी। पिछले कुछ वर्षों में SC-ST एक्ट के दुरुपयोग के कई मामले सामने आए हैं। सुप्रीम कोर्ट एक बार इस कानून को निरस्त भी कर चुका है, लेकिन भारी विरोध प्रदर्शन के बाद इसे संसद के माध्यम से आपस लाना पड़ा था।

संदेशखाली की जिन औरतों से हैवानियत पर देश सन्न, उनकी MP नुसरत जहाँ रील डालने में बिजी: चुप्पी पर उठे सवाल तो कहा- आग में घी मत डालो

पश्चिम बंगाल का संदेशखाली पिछले कई दिनों से चर्चा में है। यहाँ की महिलाओं ने राज्य की सत्ताधारी दल तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) के गुंडों पर घर से उठाकर ले जाने और रेप करने का आरोप लगाया था। इस मामले में महिलाओं की आपबीती से पूरा देश सन्न है। लेकिन वहीं की सांसद नुसरत जहाँ सोशल मीडिया पर रील डालने में व्यस्त हैं। जब उनकी चुप्पी पर सवाल उठे तो उन्होंने ‘आग में घी मत डालो’ कहकर पूरे मामले पर लीपापोती की कोशिश की।

नुसरत जहाँ बशीरहाट से टीएमसी की सांसद हैं। संदेशखाली इसी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। ऐसे में स्थानीय सांसद होने के कारण नुसरत जहाँ की प्राथमिक जिम्मेदारी बनती थी कि वह पीड़ित महिलाओं के साथ खड़े हों और उनको न्याय मिलना सुनिश्चित करें। लेकिन सोशल मीडिया पर जिस तरह से उनके पोस्ट सामने आए हैं उससे लगता है कि नुसरत जहाँ उन लोगों के प्रति अपने दायित्व को भूल चुकी हैं जिन्होंने उन्हें चुना है।

संदेशखाली महिलाओं का आरोप

बता दें कि संदेशखाली में पिछले कुछ दिनों से महिलाएँ सत्ताधारी पार्टी के गुंडों के विरुद्ध सड़कों पर उतरी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने टीएमसी गुंडों के भयावह कारनामों का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि टीएमसी के गुंडों के लिए रेप और गैंगरेप आम बात है। वो टीएमसी की महिला कार्यकर्ताओं को भी नहीं छोड़ते। मीटिंग में सिर्फ महिलाओं को बुलाते हैं। पति को मरने से बचाना है तो पार्टी के दफ्तर में आना पड़ेगा, वहाँ टीएमसी के गुंडे यौन शोषण करते हैं, लेकिन महिलाओं को चुप रहना पड़ता है। टीएमसी के गुंडे जमीनों पर कब्जा करते हैं, विरोध करने वालों को गैंगरेप की धमकी देते हैं। यही नहीं, उन्हें जो भी महिला पसंद आ गई, उसे वो रात भर उठाकर ‘भोगते’ हैं और मन भर जाने पर सुबह घर भेज देते हैं। महिलाओं का यह भी आरोप है कि पश्चिम बंगाल की पुलिस टीएमसी के गुंडों के लिए सहायक का काम करती है। वो पीड़ितों को ही दबाती है।

राज्यपाल से माँगा न्याय

महिलाओं की इन यातनाओं को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी उठाया था। उन्होंने कहा था कि संदेशखाली में जवान शादीशुदा महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है और ममता बनर्जी ऐसे लोगों को संरक्षण दे रही हैं जो हिंदू महिलाओं को टारगेट करते हैं। इन महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए प्रदेश के राज्यपाल आनंद बोस ने भी इनसे मुलाकात की। वहीं प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने भी इस मुद्दे को उठाया और सुरक्षा पर चिंता जताई। इसी बीच भाजपा ने बशीरहाट की सांसद नुसरत जहाँ की चुप्पी पर सवाल उठाए।

भाजपा ने उठाए थे नुसरत की चप्पी पर सवाल, तब दिया जवाब

बता दें कि नुसरत जहाँ पर इसी तरह बीजेपी की पश्चिम बंगाल ईकाई ने कहा था, “जब शाहजहाँ शेख और उसके गुर्गे हिंदू महिलाओं को कैद में रख रहे हैं और टीएमसी कार्यालय में उनके साथ बलात्कार कर रहे हैं तो बशीरहाट (जिसका संदेशखाली एक हिस्सा है) से टीएमसी सांसद नुसरत जहाँ इंस्टा और फेसबुक के लिए रील बनाने में व्यस्त हैं! ममता बनर्जी और उनके सांसदों को शर्म आनी चाहिए।”

वहीं भाजपा नेता दिलीप घोष ने ने कहा- “वह डॉग डे चॉकलेट डे के दीवाने हैं। फिर वैलेंटाइन डे मनाते हैं। लोग ऐसे लोगों को वोट क्यों देते हैं जिनमें संवेदनशीलता कम है। उनकी ओर से कोई बयान नहीं है। एक शब्द नहीं है। उन्हें एक बार तो वहाँ जाना चाहिए था। वह महिलाओं की इस दुख की घड़ी में ही वहाँ नहीं है। ऐसी देवियों को वोट दोगे तो यही होगा।”

दिलीप घोष के सवाल पूछने के बाद उन्होंने कहा, “ऐसी गंभीर स्थिति में किसी को भी दूसरों को उकसाना नहीं चाहिए बल्कि एकजुट होकर राज्य प्रशासन का समर्थन करना चाहिए। राज्य सरकार वह कर रही है जिसकी जरूरत है और अधिकारी स्थानीय लोगों की अथक सहायता कर रहे हैं। इस घटना का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। हमारा काम आग बुझाना है। आग में घी डालना नहीं। एक जन प्रतिनिधि के तौर पर मैं लगातार अधिकारियों के संपर्क में हूँ।”

गौरतलब है कि नुसरत जहाँ एक तरफ संदेशखाली की स्थिति पर चुप रहने की राय भाजपा नेता को दे रही हैं और दूसरी तरफ इंस्टाग्राम पर अपना प्रमोशन करने में लगी हैं। उनके पोस्ट से पता चलता है कि उन्हें वैलेंटाइन वीक पर पोस्ट डालने की चिंता है लेकिन संदेशखाली में महिलाओं की स्थिति पर क्या एक्शन लिया गया, इस पर अपडेट देने की नहीं।

नुसरत जहाँ के हालिया इंस्टा पोस्ट

उनके पोस्टों पर देख सकते हैं कि लोगों ने उन्हें कमेंट करके संदेशखाली के बारे में भी बताया लेकिन फिर भी उन्होंने इस मामले पर कोई बयान नहीं दिया। उनका बयान आया जब उन पर उंगली उठने लगी।

RJD के साथ आओ, ₹10 करोड़ और मंत्री पद पाओ: जेडीयू MLA को अपनी ही पार्टी के विधायक ने दिया था ऑफर, FIR दर्ज

बिहार में नीतीश कुमार की सरकार बहुमत साबित न कर सके, इसके लिए जेडीयू के विधायकों को खरीदने की कोशिश की गई। इस मामले में जेडीयू विधायक सुधांशु शेखर ने अपनी ही पार्टी के विधायक संजीव कुमार पर गंभीर आरोप लगाए और एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने एफआईआर में पूर्व विधायक इंजीनियर सुनील का भी नाम शामिल कराया है। सुधांशु शेखर ने कहा कि उन्हें नीतीश कुमार की सरकार गिराने और आरजेडी के खेमे में आने के लिए 10 करोड़ का ऑफर दिया गया, साथ ही मंत्री पद का भी।

सुधांशु शेखर ने आरोप लगाए कि उनके साथ ही कई अन्य विधायकों को भी इसी तरह से ऑफर दिए गए। मुझे 5 करोड़ पहले और 5 करोड़ काम होने के बाद दिए जाने की बात कही गई। सुधांशु शेखर ने पटना कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। उनके द्वारा दी गई एफआईआर की कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है, जिसमें हर बात का विस्तार से जिक्र है।

एफआईआर के मुताबिक, जेडीयू विधायक सुधांशु शेखर ने कहा कि इंजीनियर सुनील ने मेरे रिश्तेदार के माध्यम से फोन पर महागठबंधन के साथ आने के लिए कहा। उन्होंने पाँच करोड़ कैश तुरंत और पाँच करोड़ काम पूरा (नीतीश सरकार गिर जाने) होने के बाद देने के लिए कहा। साथ ही ये भी कहा कि आप मंत्री पद ले लीजिए। पहला वॉट्सऐप कॉल 9 परवरी की रात 8.32 बजे आया था। दूसरी वॉट्सऐप कॉल 10 फरवरी को सुबह 10.11 बजे पूर्व मंत्री नागमणि कुशवाहा के नंबर से आई।

एक घंटे बाद ही इंटरनेशनल नंबर से इंटरनेट कॉल आया। सामने वाले ने अपना नाम अखिलेश बताया और खुद को राहुल गाँधी का करीबी बताया। उसने सारी डिमांड पूरी करने की बात कही, बदले में विश्वासमत के दौरान गठबंधन का समर्थन करने को कहा।

इसी तरह से साथी विधायक कृष्ण मुरारी शरण को आरजेडी प्रवक्ता शक्ति यादव का फोन पहले ही आया था। उन्हें आरजेडी के पक्ष में वोट करने के बदले मंत्री पद और मनचाहा पैसा देने की बात कही। एफआईआर में निरंजन कुमार मेहता को भी आरजेडी के पक्ष में वोट करने के लिए लालच और धमकी देने की बात कही गई।

सुधांशु शेखर ने इन कामों में परबत्ता विधानसभा से जेडीयू विधायक संजीव कुमार की भूमिका को संदिग्ध बताया। शिकायत के मुताबिक, संजीव के साथ ही पूर्व विधायक इंजीनियर सुनील को भी आरोपित बनाया गया है। उन्होंने शिकायत में विधायकों के अपहरण का भी आरोप लगाया।

इस मामले में जेडीयू विधायक संजीव कुमार का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कुछ विधायकों उनके खिलाफ साजिश करके ऐसी एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि इस पूरे मामले के बारे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कुछ नहीं पता है।

गौरतलब है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार ने सोमवार (12 फरवरी 2024) को विधानसभा में विश्वास मत जीत लिया था। इस दौरान जेडीयू के कई विधायकों के बागी होने का अंदेशा भी जताया जा रहा था। विपक्षी दल के नेता ‘खेला’ होने का दावा कर रहे थे। हालाँकि फ्लोर टेस्ट के दौरान आरजेडी के ही तीन विधायक सत्ता पक्ष की तरफ आ गए।

पीठ पर गुदवाए पुलवामा बलिदानियों के नाम, किसी को बेटी की करनी थी शादी तो कोई जन्मदिन मनाकर लौटा था… देश कर रहा नमन

पुलवामा के बलिदानियों की पाँचवी बरसी पर आज (14 फरवरी 2024) हर देश भक्त बलिदानियों को याद कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन सभी वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की है जो देश की सेवा करते करते बलिदान हो गए। प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, “मैं पुलवामा में बलिदान हुए वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। हमारे राष्ट्र के लिए उनकी सेवा और बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा।”

बता दें कि पुलवामा के बलिदानियों की बरसी पर हर साल इन्हें हर देशभक्त अपने ढंग से याद करता है। कोई इनके स्केच बनाता है, कोई इनके शौर्य को याद करता है। ऐसे ही एक राष्ट्रभक्त भीलवाड़ा के अगरपुरा गाँव के नारायण हैं। उन्होंने अनूठा अंदाज में पुलवामा बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। भीलवाड़ा जिले के अगरपुरा गाँव के नारायण ने पुलवामा में बलिदान हुए 40 जवानों का नाम अपने शरीर पर गुदवाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अपने शरीर पर तिरंगे के साथ इन बलिदानियों का नाम लिखवाया और ये भी लिखा- एक विचार विश्व बदल सकता है। नारायण ने अपने सीने पर भगत सिंह की फोटो भी गुदवाई है।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा-

“14 फरवरी 2019 को शाम को जब हमने यह खबर सुनी की जम्मू कश्मीर के पुलवामा अटैक में हमारे देश के करीब 40 जवान शहीद हो गए हैं। इसके बाद मुझे पूरी रात नींद नहीं आई। मैंने सोचा कि मैं हर एक बलिदानी के अंतिम संस्कार में जा सकूँ। 14 फरवरी को हर कोई व्यक्ति प्रेम का दिवस मनाता है लेकिन इस प्रेमी ने देश की सुरक्षा और सुरक्षा के लिए अपनी जान तक परवाह नहीं की और खुशी-खुशी अपनी जान दे दी। देश के सैनिक से बड़ा प्रेमी कोई नहीं हो सकता है। मैंने निर्णय लिया कि मैं इन सभी 40 शहीदों का नाम अपने शरीर पर गुदवाउँगा। जब तक मैं जिंदा रहूँगा इन सभी देश प्रेमी और 40 जवानों के नाम मेरे शरीर पर जिंदा रहेंगे और उन्हें हमेशा याद करते रहेंगे की कैसे उन्होंने अपने देश के लिए जान दी है।”

नारायण कहते हैं- “आजकल हम फिल्मों में हीरो देखते हैं वह हीरो नहीं है असल जिंदगी में हीरो देश का सैनिक है जो हमारी रक्षा के लिए तन मन से हमेशा लगे रहते है और देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने के लिए एक बार भी नहीं सोचते है। देश के जवान ही असल जिंदगी में एक रियल हीरो हैं। वैलेंटाइन डे को इन देशभक्तों के नाम करना चाहिए क्योंकि यह इसके सच्चे काबिल है।”

बता दें कि पुलवामा हमले की बरसी पर पूरा देश बलिदान हुए वीर जवानों को याद कर रहा है। ऐसे में ऑपइंडिया आपके लिए लेकर आया है वीरगति को प्राप्त हुए जवानों की कुछ चुनिंदा कहानियाँ… जिन्हें पढ़ आपको भी शायद लगे कि नारायण जैसे लोग आखिर क्यों इन बलिदानियों को सच्चा हीरो बताते हैं।

जन्मदिन मनाकर लौटे नसीर अहमद

पुलवामा में बलिदान हुए नसीर अहमद फिदायीन हमले से एक दिन पहले ही अपना 46 वाँ जन्मदिन मनाकर ड्यूटी पर वापस लौटे थे। 22 साल सेना को दे चुके नसीर उस बस के कमांडर थे, जिसे आत्मघाती हमले में निशाना बनाया गया। नसीर का पार्थिव शरीर जब उनके गाँव पहुँचा तो दोदासन देशभक्ति के नारों से गूँज उठा था। वहाँ मौजूद हर शख्स के चेहरे पर आतंकियों को लेकर गुस्सा था। नसीर का बेटा बार-बार बस यही दोहरा रहा था कि पहले वो पापा की मौत का बदला लेगा फिर अपना जन्मदिन मनाएगा।

संजय ने खुद बढ़वाए थे नौकरी के 5 साल

पुलवामा में वीरगति को प्राप्त हुए संजय राजपूत 20 साल की सेवा पूरी करने के बाद भी देश के लिए अपनी सेवा को पाँच वर्ष के लिए आगे बढ़वाया था। मगर उन्हें क्या मालूम था उनका यह फ़ैसला उन्हें हमेशा के लिए परिवार से दूर कर देगा। संजय के दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र 13 और 10 साल है। उनके परिवार में चार भाई और एक बहन हैं। एक भाई को पहले ही परिवार एक्सिडेंट में खो चुका है।

‘बेटे को करूँगी सेना को समर्पित’

अपने घर के इकलौते कमाने वाले नितिन राठौर 14 फरवरी को हुए आत्मघाती हमले में वीरगति को प्राप्त हो गए। महज 23 की उम्र में साल 2006 में सीआरपीएफ में शामिल होने वाले नितिन के घर में उनकी पत्नी वंदना, बेटा जीवन, बेटी जीविका माँ सावित्री बाई, पिता शिवाजी, भाई प्रवीण समेत दो बहनें हैं। नितिन के वीरगति के प्राप्त होने की ख़बर सुनने के बाद गाँव के लोगों ने अपने घरों में खाना नहीं बनाया। वहीं वीर की पत्नी ने हिम्मत दिखाते हुए कहा था कि वो अपने बेटे को भी सेना को समर्पित करेंगी क्योंकि यह उनके पति (नितिन) का सपना था।

वीर कुलविंदर की अंतिम यात्रा में पहुँचीं थी मंगेतर

कुलविंदर सिंह 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में आतंकियों के कायरतापूर्ण हमले में वीरगति को प्राप्त हो गए। कुलविंदर अपने माता-पिता के इकलौती संतान थे। कुलदीप की आठ नवंबर को शादी होनी तय थी। इस खबर को सुनकर उनकी मँगेतर अमनदीर कौर ससुराल आई और भारत माता के वीर सपूत की अंतिम यात्रा में शामिल हुई। उन्होंने वीरगति को प्राप्त अपने मंगेतर के पार्थिव शरीर को सैल्यूट ठोक शत्-शत् नमन किया। कुलविंदर सिंह के पिता दर्शन सिंह यह मानने को तैयार ही नहीं थे कि उन्होंने अपने जवान बेटे को सदा के लिए खो दिया है। उन्होंने हमले वाले दिन से ही अपने बेटे की वर्दी पहन रखी थी। उनके इस जोश को देख कर अन्य लोग भी अभिभूत थे।

छिन गया सबसे छोटा बेटा

अश्वनी कुमार काछी भी पुलवामा में हुए हमले में वीरगति को प्राप्त हो गए। अश्वनी कुमार काछी परिवार के सबसे छोटे बेटे थे। चार भाइयों में सबसे छोटे अश्वनी की पहली पोस्टिंग साल 2017 में श्रीनगर में हुई थी। उनके बुज़ुर्ग पिता ने कहा कि उन्हें अपने बेटे की मृत्यु पर गर्व है, लेकिन यक़ीन नहीं होता कि वो अब इस दुनिया में नहीं है। अश्वनी कुमार घर के एकमात्र कमाऊ पूत थे। अश्वनी की माँ अपने पाँचों बच्चों के भरण-पोषण के लिए बीड़ी बनाने का कार्य किया करती थी। जब अश्विनी की नौकरी लगी, तब उन्होंने अपनी माँ से बीड़ी बनाने वाला कार्य छुड़वा दिया था।

बेटी की शादी के लिए लड़का देखने जाने वाले थे संजय

पुलवामा आतंकी हमले में वीरगति को प्राप्त बिहार के संजय कुमार सिन्हा को अपनी बड़ी बेटी रूबी की शादी की फ़िक्र सता रही थी। वापस ड्यूटी पर जाते वक़्त उन्होंने घरवालों से दोबारा आने का वादा किया था। संजय ने कहा था कि वह घर लौटते ही बेटी के लिए लड़का देखने जाएँगे। घरवाले भी उनका बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे। लेकिन जब उनके वीरगति को प्राप्त होने की सूचना मिली, पूरा परिवार ही स्तब्ध रह गया और गाँव में मातम पसर गया। जब उनकी मृत्यु का समाचार आया, तब उनकी पत्नी बबीता भोजन कर रही थी। यह दुःखद सूचना मिलते ही थाली उनके हाथों से गिर पड़ी और वह दहाड़ मार कर रोने लगी।

सालगिरह के दिन वीरगति को प्राप्त हुए थे तिलक राज

हिमाचल प्रदेश स्थित कांगड़ा के सीआरपीएफ जवान तिलक राज 14 फ़रवरी को पुलवामा हमले में वीरगति को प्राप्त हो गए। जिस दिन उन्होंने मातृभूमि के लिए प्राण न्योछावर किए, उसी दिन उनकी चौथी मैरिज एनिवर्सरी भी थी। जब तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा तिलक के परिजनों से मिलने पहुँचे, तब सावित्री ने उनसे कहा- ‘साहब, मुझे भी सीआरपीएफ की नौकरी दे दो।‘ एक माह से भी कम उम्र के बच्चे को अपनी गोद में लेकर बैठी सावित्री की आवाज़ में गज़ब की दृढ़ता थी।

सबको सिसकियाँ भरने के लिए छोड़ गए विजय

पुलवामा आतंकी हमले में जान गँवा बैठे जवानों में एक नाम देवरिया के सीआरपीएफ जवान विजय कुमार मौर्य का भी है। विजय के इस हमले में शिकार होने के बाद उनके कई रिश्ते ताउम्र सिसकियाँ भरने के लिए पीछे छूट गए। इस हमले में सिर्फ़ देश की सेना का एक जवान ही नहीं बलिदान हुआ बल्कि बुजुर्ग पिता ने विजय के रूप में अपने घर के सबसे होनहार बेटे को गवाँ दिया। उस पत्नी का सुहाग भी उजड़ गया जिसके पास विजय की तीन साल की मासूम बच्ची है, जो अभी अपने पिता को ढंग से जान भी नहीं पाई थी। इसके अलावा दो भतीजियों की आस भी टूट गई, जिनकी जिम्मेदारी उनके पिता की मौत के बाद विजय ने ही उठाई हुई थी।

गर्भवती पत्नी को अकेला छोड़ गए वीर रतन ठाकुर

14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले में वीरगति को प्राप्त हुए रतन ठाकुर अपनी गर्भवती पत्नी को अकेला छोड़कर चले गए थे। रतन के पिता निरंजन ने बताया कि दोपहर डेढ़ बजे रतन ने पत्नी राजनंदनी को फोन करके यह बताया था कि वो श्रीनगर जा रहे हैं और शाम तक वहाँ पहुँच जाएँगे। रतन ठाकुर ने अपनी पत्नी से होली पर आने का वादा किया था और इसी इंतज़ार में उनकी पत्नी के दिन कट रहे थे। बता दें कि रतन सिंह का चार साल का बेटा भी है जो कहता है कि उसके पिता ड्यूटी पर हैं। चार साल के इस बच्चे को हर पल अपने पिता का इंतज़ार रहता है।

4 दिन पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे वीर अजीत कुमार

14 फरवरी को हुए आतंकी हमले में अजीत कुमार को उनके घरवालों ने हमेशा के लिए खो दिया। अजीत की उम्र मात्र 38 साल थी। चार दिन पहले ही अजीत अपनी छुट्टियाँ बिताकर ड्यूटी पर वापस लौटे थे। अजीत कुमार सीआरपीएफ की 115वीं बटालियन में तैनात थे। अजीत के वीरगति के प्राप्त होने की सुनने के बाद घर में कोहराम मच गया। अजीत के भाई रंजीत ने बताया कि एक महीने पहले ही उनके बड़े भाई अजीत छुट्टियों में घर आए थे, लेकिन 10 फरवरी को छुट्टी समाप्त होने पर वो जम्मू वापस लौट गए थे। किसे मालूम था कि अजीत के घरवालों की मुलाकात उनसे आखिरी है, इसके बाद वो तिरंगे में लिपट कर ही वापस आएँगे।

क्या हुआ था 14 फरवरी 2019 को और उसके बाद

गौरतलब है 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा (Pulwama Attack) में हुए भीषण आतंकी हमले में CRPF के 40 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे। पुलवामा हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammad) ने ली थी। इस हमले के 12 दिन बाद यानी 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर एयर स्ट्राइक की थी। इस एयर स्ट्राइक में जैश-ए-मोहम्मद के 350 से अधिक आतंकी मारे गए थे।

CM धामी ने कहा, उत्तराखंड पुलिस ने 24 घंटे में कर दिखाया: हल्द्वानी में जहाँ हुआ दंगा वहीं बनी चौकी, घायल महिला पुलिसकर्मियों ने किया उद्घाटन

उत्तराखंड के हल्द्वानी जिले में जिस जगह हिंसा हुई और जिस अवैध मस्जिद को ढहाने के बाद दंगाईयों ने लोगों का खून बहाया, उस जगह पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस थाना बनाने की घोषणा की थी। चूँकि पुलिस थाना बनाने में समय लगता, ऐसे में प्रशासन ने उनके ऐलान के 24 घंटों के भीतर की खाली कराई गई जगह पर पुलिस चौकी का निर्माण कर दिया है। दंगाइयों की हिंसा की शिकार हुई दो महिला पुलिसकर्मियों के हाथों इसका उद्घाटन कराया गया। अब उस जगह पर 24 घंटे पुलिस की तैनाती रहेगी।

नैनीताल के एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने बताया कि सीएम पुष्कर सिंह धामी ने 8 फरवरी 2024 को हुई हिंसा के बाद कहा था कि खाली कराई गई जगह पर पुलिस थाना बनाया जाएगा, ऐसे में मुख्यमंत्री के आदेश का पालन करते हुए वहाँ चौकी बना दी गई है।

एसएसपी ने बताया कि दंगाइयों की हिंसा के दौरान घायल हो गई 2 महिला पुलिसकर्मियों ने ही चौकी का उद्घाटन किया है। अब बनभूलपुरा के हिंसा प्रभावित इलाके के बीचो-बीच हमेशा के लिए पुलिस तैनात कर दी गई है। इसकी कमान एक हेड कॉस्टेबल को सौंपी गई है, जिसका साथ देने के लिए चार कॉस्टेबल और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है।

बता दें कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनभूलपुरा में पुलिस थाना खोलने का ऐलान किया था। उन्होंने एक्स पर लिखा था, “बनभूलपुरा, हल्द्वानी में जिस जगह से अवैध अतिक्रमण हटाया गया, वहाँ पर अब पुलिस थाने का निर्माण किया जाएगा। उपद्रवियों और दंगाइयों के लिए हमारी सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि देवभूमि की शांति से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा, ऐसे उपद्रियों के लिए उत्तराखण्ड में कोई स्थान नहीं है।”

गौरतलब है कि हल्द्वानी नगर निगम ने 8 फरवरी 2024 को अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत बनभूलपुरा इलाके में स्थित अवैध मस्जिद और मदरसे को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया था। इसके बाद वहाँ हिंसा फैल गई। दंगाइयों ने पुलिस वालों पर पत्थरबाजी की और थाने को घेर कर लूट लिया। इस दौरान दंगाइयों ने थाने में रखे हथियार और गोलियाँ भी लूट ली थी। इस हिंसा में अब तक 5 दंगाइयों समेत 6 लोगों की मौत हो गई, तो 300 से अधिक लोग घायल हो गए।

नवाज शरीफ ने भाई शहबाज को सौंपा पाकिस्तान, बेटी मरियम को पंजाब: अब्बा जरदारी को राष्ट्रपति बनाने की शर्त पर बिलावल ने दिया समर्थन

पाकिस्तान में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल के बीच पाकिस्तान मुस्लिम लीग और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने निर्णय लिया है कि वो मुल्क में मिलकर सरकार चलाएँगे। इस सरकार का नेतृत्व पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाई शहबाज शरीफ करेंगे। वहीं नवाज की बेटी मरियम नवाज को पंजाब प्रांत की नई मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। नवाज शरीफ ने कहा है कि वो अपने भाई और बेटी को सत्ता में पीछे रहकर ही समर्थन देंगे। इसके अलावा मुल्क के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी हो सकते हैं।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने इस बीच जानकारी दी कि उनकी पार्टी सरकार का हिस्सा बने बिना प्रधानमंत्री पद के लिए पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के उम्मीदवार का समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को पर्याप्त जनादेश नहीं मिला है, इसलिए वह प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदारी नहीं करेंगे।

बिलावल ने इस दौरान अपने अब्बा को आसिफ अली जरदारी को अगला राष्ट्रपति बनाने की इच्छा जरूर व्यक्त की। वह बोले, “मैं यह इसलिए नहीं कह रहा हूँ क्योंकि वह मेरे अब्बा हैं, मैं यह इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि देश इस समय भारी संकट में है और अगर कोई इस आग को बुझा सकता है तो वह आसिफ अली जरदारी हैं।”

बता दें कि पाकिस्तान में फरवरी में चुनाव हुए थे। लेकिन प्रमुख चेहरे होने के बावजूद किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत यानी 133 सीट नहीं मिली। चुनाव में सबसे ज्यादा (100+) सीट इमरान खान की पीटीआई समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों को मिलीं, लेकिन वो बहुमत तक नहीं पहुँच पाए। वहीं नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएलएन को 72 सीटें मिली और बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी को 54 सीट मिली और सबसे कम यानी 17 सीट एमक्यूएम के हिस्से आई।

ऐसे में सत्ता कौन बनाएगा इसे लेकर लगातार बहस हो रही थे। लेकिन अब निर्णय आ गया है। शहबाज शरीफ दूसरी बार मुल्क के प्रधानमंत्री बनेंगे। साल 2022 के अप्रैल में इमरान खान की सरकार जाने के बाद भी उन्हीं को देश के पीएम होने की कमान मिली थी।

CM योगी ने ज्ञानवापी के व्यासजी तहखाने में किए झाँकी दर्शन, बाबा विश्ननाथ-नंदी का पूजन: PM मोदी की काशी यात्रा को लेकर बैठक भी की

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार (13 फरवरी 2024) को वाराणसी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने काशी विश्वनाथ की पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। सीएम योगी इसके बाद ज्ञानवापी ढाँचे के अंदर पहुँचे और व्यासजी के तहखाने में झाँकी दर्शन किए। इसके साथ ही उन्होंने बाहर आकर नंदी बाबा की पूजा की। दरअसल, सीएम योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी वाराणसी दौरे की तैयारियों के साथ ही वहाँ जारी विकास कार्यों की समीक्षा के लिए पहुँचे थे।

विधिन-विधान के साथ काशी विश्वनाथ की पूजा

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जब से कोर्ट ने व्यासजी तहखाने में पूजा-अर्चना के आदेश दिए हैं, उसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहली बार वाराणसी पहुँचे थे। उन्होंने काशी विश्ननाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा अर्चना की। इसके बाद वो ज्ञानवापी के व्यासजी तहखाने में पहुँचे और वहाँ रखी मूर्तियों के झाँकी दर्शन किए। सीएम योगी ने नंदी की भी पूजा की, जो ज्ञानवापी में ही स्थित हैं।

सिगरा स्टेडियम और रोप-वे प्रोजेक्ट का कामकाज देखा

वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिगरा में बन रहे अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम और काशी रोप-वे प्रोजेक्ट का कामकाज देखा। उन्होंने अधिकारियों से कामों का ब्यौरा लिया। बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी कुछ ही समय में वाराणसी पहुँचने वाले हैं। इसके लिए तैयारियाँ की जा रही हैं। सीएम योगी ने अधिकारियों ने उसकी भी जानकारी ली।

प्रधानमंत्री मोदी की रैली पिंडरा के करखियाओं गाँव में होनी है। वो यहाँ से आगामी लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार का आगाज करेंगे। पीएम मोदी दो बार से वाराणसी के सांसद हैं।

काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि प्रशासनिक कार्यों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनात करीब 8 बजे रात को काशी विश्वनाथ मंदिर पहुँचे थे। यहाँ उन्होंने पूजा करने के बाद ज्ञानवापी परिसर का रुख किया। करीब आधे घंटे तक वो काशी विश्वनाथ और व्यासजी तहखाने में रहे।

बता दें कि कोर्ट ने 31 जनवरी को व्यासजी की पूजा अर्चना करने की अनुमति दी थी और कहा था कि जिला प्रशासन तहखाने के अंदर पूजा की व्यवस्था बनाए। इसके बाद से आम श्रद्धालु व्यासजी तहखाने में जाकर दर्शन कर रहे हैं।

‘हमें अलग हो जाने दो, खालिस्तान बनाएँगे’, किसानों के प्रदर्शन को खालिस्तानियों ने किया हाइजैक, वीडियो आए सामने

पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों से आए कथित किसानों ने 13 फरवरी 2024 को दिल्ली में घुसने की कोशिश की। किसान सरकार से अपनी माँगें मनवाना चाहते हैं। कहा जा रहा है कि इस विरोध प्रदर्शन में लगभग 200 किसान संगठन शामिल हैं। किसान प्रदर्शनों की कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिनसे साबित होता है कि यह प्रदर्शन भी खालिस्तानियों और आन्दोलनजीवियों की भेंट चढ़ चुका है।

हरियाणा के एक यूट्यूब चैनल सत्य खबर ने 12 फरवरी को एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में कुछ सिख खालिस्तान की माँग करते दिख रहे हैं। उनमें से एक सिख ने कहा, “हम सिंघु बॉर्डर पर खड़े हैं, जहाँ तुम लोगों ने बैरिकेड लगा रखे हैं। एक काम करो: हरियाणा के बॉर्डर को हमेशा के लिए बंद कर दो। हम पाकिस्तान के साथ सीमा खोलेंगे। तुम लोगों ने हमें भारत से अलग किया तो अब अलग ही हो जाते हैं।”

इसके बाद इन लोगों ने केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। उस कथित किसान ने आगे कहा, “मोदी सरकार पंजाब को अपना नहीं समझती है। अगर वो पंजाब को अपना नहीं समझते हैं तो हमें अलग हो जाने दो। हमें अपना देश खालिस्तान बनाने दो। हम पाकिस्तान के साथ जुड़ जाएँगे। हमने दीवारें नहीं बनाईं, तुमने बनाईं। तुमने हमें भारत से अलग कर दिया है। अब हम खालिस्तान बनाएँगे।”

इस वीडियो में खालिस्तान की बात करने वाले किसानों ने बताया कि वे एयरपोर्ट जाना चाहते था। हालाँकि, इस दौरान वे ये भूल गए कि जहाँ से वो आए हैं, उस पंजाब में 9 घरेलू और 3 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं। वे इस दौरान विरोधाभासी दावे भी करते रहे। वे एक तरफ दिल्ली के एयरपोर्ट जाने की बात करते हैं तो दूसरे ही पल कहते हैं कि वे बैरिकेड देखने आए थे।

इसके बाद वह कथित किसान कहता है, “हम अपनी फसलें अपने आप बेच लेंगे। हमें अलग हो जाने दो।” इसके बाद इस सिख व्यक्ति ने हिन्दुओं पर उलटी सीधी टिप्पणियाँ कीं। उसने कहा, “अमृतसर से लाखों ट्रॉलियाँ आ रही हैं। सबमें लंगर लगे हुए हैं। ये हिन्दू लंगर लगा पाएँगे? ये भूख से मरते हुए हमारे लंगर में आते हैं। ये लोग चावल, कढ़ी और पूड़ी का भी इंतजाम नहीं कर सकते लेकिन यहाँ जलेबी, पूड़ी और लड्डू भी बाँटेंगे।”

इसके बाद उस सिख व्यक्ति ने एक फर्जी तर्क गढ़ा। उसने दावा किया कि देश में सबसे ज्यादा अन्न पंजाब पैदा करता है। हालाँकि, सच्चाई यह है कि पंजाब देश में अन्न का सबसे बड़ा उत्पादक नहीं है, खासकर चावल और गेहूँ। पश्चिम बंगाल सबसे ज्यादा चावल पैदा करता है। वहीं, उत्तर प्रदेश गेहूँ सबसे ज्यादा पैदा करता है। यहाँ पंजाब दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक तक नहीं है।

एक अन्य वीडियो में ट्रैक्टर पर चढ़ा एक निहंग सिख प्रदर्शन के बारे में बताता है, “किसानों की फौज आ रही है। हम तो किसी भी हालत में दिल्ली में घुसेंगे।” जब उससे पूछा गया कि सरकार उनकी माँगें मानेगी, तो उसने कहा, “हमें तो कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने हमें धोखा दिया है। 700 किसान मरे हैं। दीप सिद्धू मर गया। हमें कोई आशा नहीं है। हम आजाद पंजाब चाहते हैं, खालिस्तान वाला पंजाब।”

किसान आन्दोलन के बारे में आई थी खुफिया जानकारी

गौरतलब है कि हरियाणा और पंजाब से प्रदर्शनकारी किसान दिल्ली में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू करने के लिए दिल्ली की ओर मार्च कर रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) और किसान मजदूर मोर्चा सहित 200 से अधिक किसान संघों ने एमएसपी और अन्य माँगों के लिए कानूनी गारंटी की माँग को लेकर 13 फरवरी (मंगलवार) को ‘दिल्ली चलो’ मार्च की घोषणा की थी।

एमएसपी पर एक कानून तैयार करने के अलावा, प्रदर्शनकारी किसान माँग कर रहे हैं कि भारत को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) तक को छोड़ देना चाहिए, अन्य देशों के साथ व्यापार समझौतों को रोक देना चाहिए और 60 साल से ऊपर के किसानों को ₹10,000 रुपये की महीने की पेंशन देनी चाहिए। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारी किसान के प्रधान मंत्री आवास और गृह मंत्री आवास पर भी आ सकते हैं।

‘आप जिस जमीन पर लकीर खींच देंगे, मंदिर के लिए दे दूँगा: ‘अहलान मोदी’ में PM ने याद किया UAE के राष्ट्रपति का ऑफर, बोले – 140 करोड़ भारतीयों का संदेश लाया हूँ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी UAE (संयुक्त अरब अमीरात) के दौरे पर हैं। वहाँ उन्होंने RuPay कार्ड भी लॉन्च किया, यानी अब यूएई में भी भारत का RuPay कार्ड चलेगा। इसके बाद राजधानी अबुधाबी में प्रधानमंत्री ने ‘अहलान मोदी’ कार्यक्रम को संबोधित किया, जहाँ भारतीय समुदाय के लोग बड़ी संख्या में पहुँचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत के विभिन्न राज्यों और धर्मों के लोग यहाँ आए हुए हैं, लेकिन सबके दिल जुड़े हुए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि इस ऐतिहासिक स्टेडियम में हर धड़कन एक ही प्रतिध्वनि देती है – भारत-UAE की दोस्ती लंबी बनी रहे।

पीएम मोदी ने कहा कि आइए, ऐसी यादें लेकर जाएँ जो जीवन भर बनी रहें, ऐसी यादें जिन्हें आप और मैं हमेशा सँजोकर रखेंगे। उन्होंने कहा कि वो वहाँ जनता से मिलने आए हैं। जनता को ‘मेरे प्यारे परिवारजनों’ कह कर संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वो अपने साथ 140 करोड़ भारतीयों का एक संदेश लेकर आए हैं, और यह सरल लेकिन गहन है – भारत को आप पर गर्व है! उन्होंने कहा कि यूएई ने उन्हें अपने सर्वोच्च सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ जाएद’ से सम्मानित किया, ये उनके लिए सौभाग्य की बात है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सम्मान भी सिर्फ उनका नहीं है, बल्कि करोड़ों भारतीयों का सम्मान है, आप सभी का सम्मान है। उन्होंने इस पर खुशी जताई कि अमीरात के साथियों ने भारतीयों को अपने दिल में जगह दी है, अपने सुख-दुख का साझीदार बनाया है। पीएम मोदी ने कहा कि समय के साथ ये रिश्ता दिनोंदिन और मजबूत होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब साल 2015 में उनके सामने आप सब की ओर से यहाँ अबूधाबी में मंदिर का प्रस्ताव रखा तो उन्होंने तुरंत एक पल भी गंवाए बिना उन्होंने हाँ कर दिया।

पीएम मोदी ने कहा, “उन्होंने (UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायेद अल नाह्यान) यहाँ तक कह दिया कि जिस जमीन पर लकीर खींच लेंगे, मैं दे दूँगा। अब अबूधाबी में इस भव्य-दिव्य मंदिर के लोकार्पण का समय आ गया है। आज 21वीं सदी के इस तीसरे दशक में भारत और UAE का रिश्ता एक अभूतपूर्व ऊँचाई पर पहुँच रहा है। हम एक-दूसरे के विकास में साझीदार हैं। हमारा रिश्ता प्रतिभा का है, इनोवेशन का है, संस्कृति का है। आज यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है।”

पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें हर भारतीय के सामर्थ्य पर इतना ज्यादा भरोसा है कि इसी भरोसे के दम पर मोदी ने एक गारंटी भी दी है। उन्होंने कहा कि मोदी ने अपने तीसरे टर्म में भारत को तीसरे नंबर की इकोनॉमी बनाने की गारंटी दी है, और मोदी की गारंटी यानी, गारंटी पूरा होने की गारंटी। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत को दुनिया एक विश्व बंधु के रूप में देख रही है, आज दुनिया के हर बड़े मंच पर भारत की आवाज सुनी जाती है। कहीं भी संकट आता है तो सबसे पहले पहुंचने वाले देशों में भारत का नाम होता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत को दुनिया एक विश्व बंधु के रूप में देख रही है। आज दुनिया के हर बड़े मंच पर भारत की आवाज सुनी जाती है। कहीं भी संकट आता है तो सबसे पहले पहुंचने वाले देशों में भारत का नाम होता है। उन्होंने जानकारी दी कि जल्द ही फ्रांस, श्रीलंका और मॉरीशस की तरह UAE में भी भारत का ऑनलाइन इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम UPI लॉन्च हो जाएगा।

पाकिस्तान के फिर पीएम बन सकते हैं नवाज शरीफ, बिलावल की PPP ने समर्थन का किया ऐलान, जरदारी को राष्ट्रपति बनाने की रखी शर्त

पाकिस्तान में आम चुनाव के बाद अब सरकार बनाने की कोशिशें तेज हैं। चुनावों में तीसरे नम्बर पर सीटें लाने वाली पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) को सहारा दिया है। PPP के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ने कहा है कि वह PML-N के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को बाहर से समर्थन देंगे।

बिलावल ने कहा है कि वह पाकिस्तान में स्थिरता चाहते हैं, इसलिए PML-N को सरकार चलाने में सहायता करेंगे। PPP सरकार में शामिल नहीं होगी और ना ही कोई मंत्रिपद लेगी। वह PML-N के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का समर्थन करेंगे जो कि संभवतः नवाज शरीफ स्वयं या उनके परिवार का ही कोई व्यक्ति होगा। बिलावल का कहना है कि PTI ने उनकी पार्टी के साथ गठबंधन करने से मना कर दिया, इसके बाद वे PML-N का समर्थन करने का निर्णय लिया।

हाल ही में सम्पन्न हुए पाकिस्तान के चुनावों में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। 266 सीटों के लिए हुए चुनाव में सबसे अधिक 93 सीटें इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इन्साफ (PTI) के समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों को मिली हैं। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी PML-N को 75, जबकि PPP को 54 सीट मिली हैं। MQM को 17 सीटें और अन्य के खाते में 27 सीटें गई हैं। सरकार बनाने के लिए 133 सीटों की आवश्यकता है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान की संसद में 336 सीट हैं, जिनमें से 266 सीटों के लिए चुनाव होता है। बाकी बचीं 70 सीटें इन चुनावों में जीतने वाली पार्टियों को उनकी संख्याबल के हिसाब से बाँट दी जाती हैं। इन 70 सीटों में 60 महिलाओं के लिए और 10 गैर-मुस्लिमों के लिए होती हैं। वर्तमान परिस्थिति में जहाँ PTI के पास पूरी संख्या नहीं है तो वहीं PML-N और PPP भी साथ मिलकर जादुई आँकड़े को नहीं छू पा रहे।

हालाँकि, दोनों के साथ आने के ऐलान के बाद माना जा रहा है कि कुछ छोटी पार्टियाँ भी उन्हें समर्थन दे सकती हैं। इससे पहले PTI ने PPP के साथ मिलकर सरकार बनाने के ऑफर को ठुकरा दिया था। यदि वर्तमान आँकड़ों के हिसाब से देखा जाए तो PML-N और PPP के पास मिलकर बहुमत से मात्र 6 सांसदों की कमी है। वह कमी निर्दलीयों या छोटी पार्टियों के समर्थन से पूरी कर सकते हैं।

सरकार भले PPP में शामिल नहीं होगी, लेकिन बिलावल भुट्टो ने अपने पिता आसिफ अली जरदारी की राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी पुख्ता कर दी है। बिलावल भुट्टो ने खुद का नाम प्रधानमंत्री की रेस से हटा लिया है। अब माना जा रहा है कि नवाज शरीफ ही इस बार फिर से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनेंगे।

वह इन चुनावों के कुछ दिनों पहले ही लंदन से वापस पाकिस्तान लौटे हैं। संसद में संख्या बल से ज्यादा पाकिस्तान में सत्ता पाने के लिए सेना का आशीर्वाद जरूरी होता है। वर्तमान में यह आशीर्वाद नवाज शरीफ के साथ है। वहीं, इमरान की पार्टी कैसे भी करके आँकड़े जुटा ले तो भी वह सरकार बनाएगी, यह संदेहास्पद है।