Home Blog Page 1174

सड़क चौड़ी करने पर चर्च से बवाल: पत्थरबाजी और तोड़फोड़ में 18 घायल, 11 गिरफ्तार

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से सटे एक जिले में दो पक्षों के बीच भिडंत हो गई, जिसमें 18 लोग घायल हो गए। इस मामले में 11 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है। लगातार बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने धारा-144 लागू कर दी है। मामला चर्च से जुड़ा होने चलते सुर्खियों में आ गया है। चर्च से जुड़े लोगों ने कमिश्नर से भी मुलाकात की है और कार्रवाई की माँग की है। इस मामले में एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है। दोनों पक्षों ने क्रॉस एफआईआर कराई है। हालाँकि चर्च से जुड़े लोगों के पक्ष में राजनीतिक दल भी खड़े हो गए हैं।

ये पूरा मामला रंगा रेड्डी जिले में स्थित एक मेथडिस्ट चर्च से जुड़ा है। विवाद के केंद्र में चर्च ही है, क्योंकि अब उसमें तोड़फोड़ की जानकारी सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, नरसिंगी इलाके में जनवाडा नाम का गाँव है। इस गाँव में एक मैथडिस्ट चर्च है। जहाँ मंगलवार (13 फरवरी 2024) को चर्च के सामने की सड़क को चौड़ा करने को लेकर बवाल हो गया। यहाँ सड़क चौड़ा करने का विरोध चर्च के लोगों ने किया, इसके विरोध में ग्रामीण चर्च के लोगों से भिड़ गए। अब मामला एससी-एसटी एक्ट के तहत भी दर्ज किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गाँव की अधिकतर आबादी अनुसूचित जाति के लोगों की है। गाँव में संपर्क के लिए खडंजा है, जिसे सीमेंट-कॉन्क्रीट का बनाया जा रहा है। इस सड़क को चौड़ा करने की माँग ग्रामीण कर रहे थे, तो चर्च के सामने भी ग्रामीणों ने यही माँग की। काम शुरू हो गया, तो चर्च के अंदर इकट्ठा हुए लोगों ने इसका विरोध किया। इस बीच, बहस हुई और फिर दोनों पक्षों की तरफ से लड़ाई शुरू हो गई। चर्च के लोगों ने अंदर से भी पत्थर, ईंट फेंकी, जिसके बाद बाहर मौजूद लोग भड़क गए। चर्च में घुस गए और फिर जवाबी हमले में चर्च के अंदर काफी तोड़फोड़ की। इस तोड़फोड़ के दौरान दोनों तरफ से 18 लोग घायल हुए हैं, साथ ही चर्च को भी नुकसान पहुँचा। यहाँ तक कि ‘होली क्रॉस’ भी टूट गया।

चर्च से जुड़ा होने की वजह से मामले को गंभीरता से लिया गया और प्रशासन ने भारी पुलिस बल की तैनाती करते हुए प्रभावित इलाके में धारा-144 लागू कर दिया है। साइबराबाद के पुलिस कमिश्नर अविनाश मोहंती ने मानव जीवन और सुरक्षा को खतरे से बचाने के लिए मोकिला पुलिस स्टेशन की सीमा में सीआरपीसी की धारा 144 लगा दी। यह आदेश 14 फरवरी से 21 फरवरी तक लागू रहेगा। इस दौरान पाँच से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर बैन लगा दिया गया है।

इस मामले में चर्च की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर एससी-एसटी एक्ट के साथ धारा 477, 295 ए (धार्मिक भावनाओं को अपमानित करने का जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण इरादा), धारा 504, धारा 506 ( आपराधिक धमकी), 143 (गैरकानूनी सभा), धारा 147, 148 (दंगा) दर्ज किया गया है। वहीं, ग्रामीणों ने भी जो शिकायत दी है, उसमें चर्च के अंदर से हमला करने, गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठे होने, खतरनाक हथियारों के इस्तेमाल, दंगे की धाराएँ लगी है।

चर्च के लोग कमिश्नर से मिलने पहुँचे

इस बीच, मेथडिस्ट चर्च के बिशप एमए डेनियल ने मानवाधिकार आयोग के सदस्यों के साथ साइबराबाद पुलिस कमिश्नर अविनाश मोहंती से मुलाकात की। उन्होंने आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। बिशप की अगुवाई में उस टीम ने पीड़ितों से भी मुलाकात की। वहीं, तेलंगाना के बीएसपी अध्यक्ष डॉ आरएस प्रवीण कुमार ने 14 फरवरी 2024 जनवाड़ा का दौरा किया। उन्होंने कहा कि 200 से ज्यादा लोगों ने चर्च पर हमला किया है। मामला भले ही सड़क का हो, लेकिन ये हमला नफरती तत्वों ने किया है। चर्च के अंदर लोगों को लोहे की छड़ों और लाठियों से पीटा गया।

बता दें कि भारत में ऐसे लोगों की बड़ी संख्या है, जो हिंदू धर्म छोड़कर दूसरे धर्म अपना चुके हैं, लेकिन कागजों में वो अभी भी अनुसूचित जाति के ही हैं। यही वजह रही कि दोनों पक्षों की तरफ से दी गई शिकायत के बावजूद ग्रामीण के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज हुआ।

सरस्वती माता की ‘क्लीवेज’ वाली मूर्ति, साड़ी भी नहीं: त्रिपुरा में बवाल, ABVP और बजरंग दल के प्रदर्शन के बाद ढकी गई मूर्ति

त्रिपुरा के एक आर्ट एंड क्राफ्ट कॉलेज में सरस्वती माँ की मूर्ति को अश्लीलता से गढ़ने और बिना पारंपरिक साड़ी के दिखाने पर विवाद हो गया। मूर्ति देखने के बाद अखिल भातीय विद्यार्थी परिषद और बजरंग दल ने प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरस्वती माता को इस तरह दिखाना अश्लीलता फैलाने से अधिक कुछ नहीं।

बता दें कि सरस्वती माता की जिस मूर्ति को लेकर इतना बवाल हुआ है उसकी वीडियो फोटो भी एबीवीपी त्रिपुरा ने अपने हैंडल पर शेयर की है। इस मूर्ति की फोटो में साफ पता चल रहा है कि कितने अश्लील ढंग से माता को प्रदर्शित करने का प्रयास हुआ है। मूर्ति में क्लीवेज का डिजाइन गढ़ा गया और मूर्ति पर पारंपरिक साड़ी तो दूर कोई कपड़ा तक नहीं है। इस मूर्ति की जानकारी जब हिंदूवादी कार्यकर्ताओं को हुई तो वो बहुत भड़के।

इस मामले पर एबीवीपी के त्रिपुरा यूनिट के महासचिव दिबाकर आचार्यजी ने कहा कि उन्हें इस प्रकार सरस्वती माता गलत चित्रण से समस्या है। उन्होंने कहा- “जैसा कि हम सभी जानते हैं कि आज बसंत पंचमी है और पूरे देश में देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। सुबह-सुबह हम सभी को खबर मिली कि गवर्नमेंट आर्ट एंड क्राफ्ट कॉलेज में देवी सरस्वती की मूर्ति को बहुत गलत और अश्लील तरीके से बनाया गया है।”

प्रदर्शनकारियों के विरोध के बाद त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में स्थित आर्ट एंड क्राफ्ट कॉलेज में रखी गई मूर्ति को साड़ी पहनाई गई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध छात्र संगठन एबीवीपी ने कॉलेज प्राधिकरण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा से मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।

वहीं कॉलेज के अधिकारियों ने बताया कि मूर्ति हिंदू मंदिरों में देखी जाने वाली पारंपरिक मूर्तिकला के अनुसार है और इसका धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का कोई इरादा नहीं था। मूर्ति को अंततः कॉलेज अधिकारियों द्वारा बदल दिया गया और पूजा पंडाल के पीछे प्लास्टिक की चादरों से ढक दिया गया। प्रदर्शन के बाद मौके पर पुलिस भी आई लेकिन कोई आधिकारिक कंप्लेन नहीं हुई।

26 जनवरी लाल किला कब्जा वाला गैंगस्टर लखा सिधाना जेल से निकलते ही ‘हिंसा प्लानिंग’ के साथ किसान आंदोलन में: पंजाब में ट्रेनों को रोकने का ऐलान

पंजाब से दिल्ली की ओर कूच कर रहे किसान शंभू बॉर्डर पर डटे हैं। किसानों की आड़ में अपना फायदा उठा रहे अपराधी तत्व भी इसमें शामिल हो गए हैं। ऐसे चेहरों में से एक पूर्व गैंगस्टर और दो दर्जन से ज्यादा केस वाला लखा सिधाना भी है। वो किसानों के बीच दिखा है। यही नहीं, उसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वो किसानों से बैरियर को हटाने के लिए उकसा रहा है। वहीं, पंजाब में रेल रोको अभियान का भी ऐलान किया गया है।

एक तरफ किसानों की आड़ में छिपे कट्टरपंथी लगातार आक्रामक कदम उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ सरकार किसानों को मनाने में लगी है। इसी कड़ी में आज (15 फरवरी 2024) केंद्र सरकार के मंत्री किसान नेताओं से तीसरी बार मुलाकात करेंगे। बताया जा रहा है कि सरकार किसानों की कई माँगों पर सहमत हो चुकी है, बस दो-तीन माँगें ऐसी हैं, जिनपर विचार किया जा रहा है। बता दें कि किसानों की मुख्य माँग एमएसपी की कानूनी गारंटी की है, साथ ही वो स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के हिसाब से एमएसपी चाहते हैं।

शंभू बॉर्डर बना शक्ति प्रदर्शन का केंद्र, दिखा गैंगस्टर

चंडीगढ़ से दिल्ली कूच करने वाले किसानों को पंजाब की सीमा पर रोक लिया गया है। हरियाणा सरकार ने शंभू बॉर्डर को सील कर दिया है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी किसान शंभू बॉर्डर से आगे बढ़ने की कोशिश रहे हैं। वहीं, इस बीच किसान आंदोलनकारियों के बीच ही एक पूर्व गैंगस्टर लखा सिधाना के भी होने की खबर आ रही है। लखा कुछ साल पहले तक बहुत खतरनाक गैंगस्टर था, अब वो राजनीति करता है।

एक जानकारी ये भी मिली है कि उसके 44 से ज्यादा आदमी लोग पुलिस मुठभेड़ में अलग-अलग समय पर ढेर हो चुके हैं। हालाँकि अब वो खुद को नेता बताता है और पंजाब में चुनाव लड़ चुका है। लेकिन यही लखा सिधाना 26 जनवरी 2021 को लाल किले पर हिंसा के मामले में भी सक्रिय था। वो दीप सिद्धू का दोस्त था और अब उसकी जगह लेना चाहता है। खास बात ये है कि उगाही के मामले में वो 2 दिन पहले ही जमानत पर बाहर आया है और आते ही लोगों को हिंसा के लिए उकसाता दिख रहा है। वो जेसीबी पर खड़ा होकर लोगों को उकसाते हुए बैरियर तोड़ने के बाद ही दिल्ली जाने की बात कह रहा है।

किसानों से तीसरे दौर की बातचीत कर रही सरकार

केंद्र सरकार ने किसान नेताओं से तीसरे दौर की बातचीत के लिए कहा, जिस पर सहमति बन गई है। चंडीगढ़ में आज (15 फरवरी 2024) शाम को 5 बजे ये बैठक होगी। इस बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी शामिल रहेंगे। पंजाब किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंढेर ने कहा है कि किसान सकारात्मक तरीके से बैठक में शामिल होंगे। उन्होंने बैठक से समाधान निकलने की भी बात कही। जानकारी के मुताबिक, 14 फरवरी 2024 को कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा और अन्य नेताओं ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद ही सरकार ने किसानों से तीसरे दौर की बातचीत के लिए संदेश भेजा।

पंजाब में रेल रोको अभियान

किसान आंदोलन 2.0 के तीसरे दिन सरकार और किसानों के बीच तीसरे दौर की बातचीत होने जा रही है, जिसमें बाकी बचे मुद्दों का भी समाधान निकल सकता है। इस बीच, पंजाब में किसानों ने रेल रोकने का ऐलान कर दिया है। पंजाब के किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन (उग्रहा) ने आज (15 फरवरी 2024) पंजाब में ट्रेनों को रोकने का ऐलान किया है। पंजाब में दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक ट्रेनों को चलने नहीं दिया जाएगा। बीकेयू(उग्रहा) ने शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकने और उनके खिलाफ बल-प्रयोग के विरोध में ये ऐलान किया। इसके बाद आनन-फानन में कई ट्रेनों को रद्द किया गया है। वहीं, किसानों ने 4 घंटों के लिए सभी टोल प्लाजा भी फ्री कर देने का ऐलान कर दिया है।

बता दें कि किसानों के दिल्ली मार्च के दूसरे दिन शंभू बॉर्डर पर किसानों ने जमकर पथराव किया। उन्होंने बैरियर तोड़ने की भी कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। पुलिस ने किसानों को बैरियर तोड़ने से रोकने के लिए आँसू गैस के गोले छोड़े और उन्हें तितर बितर किया। वहीं, छिटपुट दिल्ली की तरफ बढ़े किसानों को दिल्ली में आने से रोकने के लिए पूरी दिल्ली को सील कर दिया गया है। दिल्ली में हरियाणा से लगे टिकरी-सिंघु और झरोदा बॉर्डर की लगभग किलेबंदी कर दी गई है। वहीं, दिल्ली-यूपी सीमा पर चिल्ला-गाजीपुर बॉर्डर को भी सील कर दिया गया है और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर दिए गए हैं।

‘संदेशखाली में एक भी रेप नहीं’ – बंगाल पुलिस ने खबर को बताया भ्रामक, मीडिया पर लेंगे एक्शन: NCW ने बताया ‘धमकी’ टैक्टिक्स

पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में महिलाओं के यौन उत्पीड़न की खबर मीडिया में आने के बाद अब बंगाल पुलिस ने अपना बयान जारी किया है। पुलिस ने कहा है कि संदेशखाली पर मीडिया ने जानबूझकर गलत खबर फैलाई। उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं है कि स्थानीय महिलाओं से रेप हुआ इसलिए वो उस मीडिया के खिलाफ एक्शन लेंगे जिन्होंने ऐसी खबरें फैलाने का काम किया।

पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा किए गए ट्वीट में उन्होंने कहा कि संदेशखाली के घटनाक्रम पर मीडिया के एक वर्ग द्वारा फर्जी खबर फैलाई गई। पुलिस ने कहा कि वह इस बात की पुष्टि करते हैं कि संदेशखाली में राज्य महिला आयोग द्वारा की गई जाँच में अभी तक किसी महिला के द्वारा रेप की कोई शिकायत नहीं दी गई है। राज्य महिला आयोग की टीम में 10 महिला सदस्य हैं और इसकी अध्यक्षता डीआईजी-सीआईडी कर रही हैं। इस टीम ने संदेशखाली में दौरा किया और उन्होंने भी यही कहा कि स्थानीय महिलाओं ने जाँच में रेप की बात नहीं कही है।

अपने ट्वीट में पुलिस ने यह भी कहा कि इस संबंध में लगे सभी आरोपों और प्राप्त शिकायतों के विरुद्ध वह विधिवत कार्रवाई करेंगे और साथ में उस मीडिया के खिलाफ भी एक्शन लेंगे जिसने इस संबंध में भ्रामक खबरें फैलाईं। अपने इस ट्वीट के साथ उन्होंने न्यूज 18 का वीडियो लगाया है।

बता दें कि संदेशखाली में महिलाओं के यौन उत्पीड़न का मामला मीडिया में आने के बाद जहाँ पुलिस ने राज्य महिला आयोग की जाँच के बाद मीडिया खबरों को ‘भ्रामक’ बताया है तो वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा कि संदेशखाली मामले को सटीक को सटीक मीडिया कवरेज न मिल पाने के कारण वह चिंतित हैं। उनके मुताबित जाँच समिति ने पाया कि पश्चिम बंगाल में पीड़ितों को स्थानीय पुलिस द्वारा धमकी दी जा रही है, उन्हें बाहर आने और यौन और शारीरिक उत्पीड़न की घटनाओं की रिपोर्ट करने से रोका जा रहा है।

इससे पहले खबर आई थी कि कुछ महिलाओं ने कहा है कि जाँच के दौरान प्रशासन उनसे रेप के मेडिकल प्रमाण माँग रहा है। मीडिया से बात करते हुए एक महिला ने बताया कि उसने गुंडों द्वारा बलात्कार की बात बताई तो उससे अब रेप का मेडिकल प्रमाण पत्र दिखाने के लिए कहा जा रहा है। महिला ने पूछा कि आखिर कौन-सी पीड़िता सामने आकर यह स्वीकार करेगी। महिला ने बताया कि उसके साथ यौन दुराचार नहीं हुआ है, लेकिन गाँव की कई महिलाओं के साथ ऐसा हुआ है।

असम में अपने ही विधायकों से नहीं मिले राहुल, दुनिया भर की पार्टियों से करते रहे बातचीत: 2 कॉन्ग्रेस MLA का समर्थन मिलने को CM हिमंता ने बताया तोहफा

भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान कॉन्ग्रेस सांसद राहुल गाँधी ने असम में अपनी पार्टी के किसी भी विधायक से नहीं मिले थे। असम में उत्तरी करीमगंज से कॉन्ग्रेस विधायक कमलाख्या डे पुरकायस्थ ने आरोप लगाया है कि असम में एक सप्ताह तक राहुल गाँधी उन पार्टियों से मिलते रहे, जिनका कोई जनाधार नहीं है। उधर, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राहुल गाँधी को तोहफा दिया है।

पुरकायस्थ ने कहा, “यहाँ हमारे 24 विधायक हैं। वह (राहुल गाँधी) यहाँ 15 पार्टियों से मिले, जो कि INDI गठबंधन में शामिल हैं। इनकी अपनी कोई पहचान नहीं है और लोगों ने इनका नाम तक नहीं सुना है। अब ये पार्टियाँ 2-3 सीट माँग रही हैं। जब इनसे गठबंधन हुआ तब भूपेन बोरा (असम कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष) ने हमसे कोई सलाह नहीं ली।”

पुरकायस्थ ने राहुल गाँधी को लेकर निराशा व्यक्त की और कहा, “राहुल गाँधी को यहाँ के 24 विधायकों के साथ कम-से-कम आधे घंटे तक बातचीत करनी चाहिए थी। वह यहाँ आठ दिनों तक थे। इस बीच उनकी विधायकों से कोई बातचीत नहीं हुई। आखिरी दिन भी उनकी बस में एक मीटिंग हुई और मुझे नहीं मालूम उसमें क्या बात हुई।” उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी के कई विधायक मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के संपर्क में हैं।

पुरकायस्थ ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सरमा राहुल गाँधी के साथ अन्य पार्टियों के नेताओं की हुई मीटिंग के बारे में उनसे अधिक और विस्तार में जानते हैं। पुरकायस्थ ने आरोप लगाया है कि कॉन्ग्रेस में आपसी संवाद नहीं है। अब उन्होंने कॉन्ग्रेस विधायक बसंत दास के साथ विधानसभा में भाजपा सरकार का समर्थन करने का निर्णय लिया है। हालाँकि, वह अभी कॉन्ग्रेस नहीं छोड़ेंगे, लेकिन विधानसभा के भीतर सरकार का साथ देंगे। इसका ऐलान मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी किया है।

बता दें कि पुरकायस्थ राज्य की विपक्षी दल कॉन्ग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष थे और बसंत दास इसके पहले वाली कॉन्ग्रेस की तरुण गोगोई सरकार में मंत्री थे। इन दोंनों कॉन्ग्रेस नेताओं का समर्थन मिलने के बाद CM सरमा ने बुधवार (14 फरवरी 2024) को इसे कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी को दिया गया तोहफा बताया।

उन्होंने इस बाबत एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “एक कहानी सुनिए- जब राहुल गाँधी असम आए, उन्होंने कॉन्ग्रेस के सारे विधायकों को अपनी आलीशान बस में बुलाकर, धमका कर कहा कि असम विधानसभा को चलने नहीं देना चाहिए। हमने भी उन्हें एक तोहफ़ा दिया। अब कॉन्ग्रेस के विधायक सरकार का समर्थन कर सदन को शांतिपूर्ण तरीक़े से चलने दे रहे हैं।”

मेला देखने गईं हिन्दू महिलाओं को शमीम और सदरुद्दीन ने पीटा, पेट पर मारी लात: साधुओं ने किसी तरह बचाया, भाई को मिली धमकी – कब्रिस्तान में दफन कर देंगे

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में एक हिन्दू युवक, उसकी माँ और बहन पर हमले की खबर है। हमले का आरोप शमीम और सदरुद्दीन के साथ उनके 2 अन्य अज्ञात साथियों पर लगा है। पीड़ित युवक परिवार सहित मेला देखने आया था। बीच-बचाव मेले में मौजूद कुछ साधुओं ने किया। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। घटना सोमवार (12 फरवरी, 2024) की है। ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़ित युवक ने बताया कि उन्हें मार कर कब्रिस्तान में दफन करने की धमकी दी गई थी।

यह मामला फर्रुखाबाद जिले के थाना क्षेत्र कादरी गेट का है। पीड़ित युवक विकास राजपूत ने मंगलवार (13 फरवरी, 2024) को मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई है। शिकायत में विकास ने बताया कि सोमवार (12 फरवरी, 2024) को वह अपने परिवार के साथ मेला रामनगरिया में घूमने गए थे। विकास के साथ उनका एक भाई, माँ और 2 बहनें थीं। रात लगभग 10:15 बजे विकास परिवार सहित एक चूड़ी कंगन की दुकान पर पहुँचे। यहाँ वो एक बिछी चारपाई पर बैठने लगे। तभी युसूफ का बेटा शमीम और शाकिर का बेटा सदरुद्दीन अपने 2 अन्य अज्ञात साथियों सहित विकास को गालियाँ देने लगा।

जब विकास ने इसका विरोध किया तब आरोपितों ने मिल कर उसकी पिटाई शुरू कर दी। विकास की माँ, दोनों बहनें और भाई भी मदद के लिए दौड़े तो उनको भी गंदी-गंदी गालियाँ देते हुए आरोपितों ने मारा-पीटा। दावा है कि इस हमले में विकास के परिजनों को काफी चोटें आईं हैं। जब आसपास के लोग जमा होने लगे तो आरोपित गालियाँ और जान से मार डालने की धमकी देते हुए मौके से भाग निकले। ऑपइंडिया से बात करते हुए विकास ने बताया कि उन्हें कब्रिस्तान में दफन करने की धमकी दी गई थी।

पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 323, 504 व 506 के तहत FIR दर्ज की है। FIR में सदरुद्दीन और शमीम को नामजद किया गया है। 2 अन्य आरोपित अज्ञात में दिखाए गए हैं। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। न्यूज़लाइन नेटवर्क की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 2 आरोपितों को हिरासत में भी लिया जा चुका है।

इस मामले में चश्मदीद साधुओं का वीडियो सामने आया है। साधुओं का कहना है कि उन्होंने अपनी आँखों से देखा कि हमलावर न सिर्फ युवक बल्कि उनके घर की औरतों को बुरी तरह से पीट रहे थे। महिलाओं के पेट में भी लात मारे जाने का दावा किया गया है। साधुओं ने यह भी कहा कि अगर उन्होंने एकजुट हो कर पीड़ितों को न बचाया होता तो आशंका थी कि आरोपित उनकी हत्या कर देते। साधुओं ने हमलावरों पर कठोर कार्रवाई की भी आशा जताई है।

शराब पीकर शाहिदा से मारपीट करता था शौहर, ओम प्रकाश से शादी कर बनी शारदा: 2 नाबालिग बच्चे भी बिताएँगे अब हिंदू जीवन

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक मुस्लिम महिला शाहिदा ने बुधवार (14 फरवरी 2024) को विधि-विधान से हिंदू धर्म अपनाकर ओम प्रकाश से शादी कर ली। शाहिदा का अब नया नाम शारदा हो गया है। शाहिदा अपने शराबी शौहर से पहले ही तलाक ले चुकी थीं। शाहिदा के 2 नाबालिग बेटे भी अब हिन्दू धर्म के अनुसार जीवन बिताएँगे। इस घर वापसी में हिन्दू संगठनों ने शाहिदा की मदद की है।

ऑपइंडिया ने शाहिदा के पति ओम प्रकाश से इस मामले की जानकारी ली। ओम प्रकाश ने बताया कि शाहिदा का निकाह काफी समय पहले बुलंदशहर में परिजनों की इच्छा से एक मुस्लिम युवक से हुआ था। वह बहुत शराब पीता था और शाहिदा को बेरहमी से पीटता था। वह कुछ काम भी नहीं करता था, जिससे घर चलाने के भी लाले पड़ गए थे। इस बीच शाहिदा 2 बेटों की माँ भी बन गई। बड़े बेटे का नाम अरहाम और छोटे का नाम साद था।

ओमप्रकाश बताते हैं कि बच्चों के जन्म होने के बाद भी उसके अब्बा पर कोई फर्क नहीं पड़ा। वो निठल्ला बैठा रहता था और अपनी बीवी से ही पैसे माँगा करता था। इस बीच शाहिदा के मायके में उसके अब्बा हशमत अली और अम्मी का इंतकाल हो गया। शाहिदा का भाई और भाभी ही मायके में बचे, जिनसे उसे कोई खास सपोर्ट नहीं मिल रहा था। डेढ़ साल पहले जब शाहिदा और उनके शौहर के बीच का घरेलू झगड़ा सीमा पार कर गया तो दोनों ने अलग होने का फैसला कर लिया।

आखिरकार शाहिदा का कानूनी तलाक हो गया। हालाँकि, तलाक के बाद शाहिदा को अब ससुराल के साथ मायके का भी सहारा नहीं रह गया था। दोनों बच्चों की पढ़ाई की फ़िक्र में 8वीं पास शाहिदा गाजियाबाद चली आई। यहाँ वो एक फोन कम्पनी में काम करने लगी। यहीं पर बरेली निवासी ओम प्रकाश भी काम करते थे। ओम प्रकाश की शादी नहीं हुई थी। शाहिदा से उनकी बातचीत शुरू हुई।

शाहिदा ने ओम प्रकाश को अपनी पारिवारिक समस्याएँ बताईं तो ओम प्रकाश ने उनकी कई बार मदद की। इस मेलजोल के दौरान दोनों के बीच प्यार पनप गया। ओम प्रकाश के साथ शाहिदा हिन्दू धर्म को भी अच्छे से जान गई थी। वो इससे प्रभावित होकर खुद अपनी मर्जी से पूजा-पाठ करने लगी। एक दिन शाहिदा ने ओम प्रकाश से शादी की इच्छा जताई। दो अलग-अलग समुदायों से होने की वजह से ओम प्रकाश ने इस मामले में कानूनी जानकारों की सलाह ली।

उन्होंने बरेली के हिन्दू जागरण मंच के पदाधिकारी हिमांशु पटेल से बात की। हिमांशु ने उनको पूरा सहारा देने का भरोसा दिया। आखिरकार ओम प्रकाश और शाहिदा ने बुधवार (14 फरवरी 2024) को बरेली के भीटानाथ मंदिर में वैदिक विधि-विधान से शादी कर ली। इस अवसर पर हिन्दू संगठनों के तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने दोनों को उपहार के साथ सदा सुखी रहने का आशीर्वाद दिया।

शाहिदा को जहाँ नया नाम शारदा मिला है, वहीं शारदा बड़ा बेटा अहराम अब रोहित और छोटा बेटा साद अब रोहन नाम से जाना जाएगा। ओम प्रकाश अब वापस गाजियाबाद नहीं जाएँगे। वो अपने ही गाँव में खेती-बाड़ी करेंगे और दुकान आदि चलाएँगे। उन्होंने अपनी बीवी के लिए भी एक दुकान खुलवाने की तैयारी की है। शारदा बनी शाहिदा के दोनों बच्चे भी अपनी आरम्भिक शिक्षा-दीक्षा बरेली से ही पूरी करेंगे।

ऑपइंडिया से बात करते हुए हिन्दू जागरण मंच के पदाधिकारी हिमांशु पटेल ने बताया कि पति-पत्नी दोनों बालिग हैं। शाहिदा अपने पति ओम प्रकाश के साथ काफी खुश है और अपने कदम को बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी बताया है। हिमांशु ने यह भी कहा कि वो स्वेच्छा से घर वापसी के इच्छुक लोगों की भविष्य में भी पूरी मदद करेंगे।

ED ने 6ठी बार सीएम केजरीवाल को भेजा समन, शराब घोटाले में पूछताछ से जुड़ा है मामला: 5 बार पेश नहीं होने पर कोर्ट पहुँची था प्रवर्तन निदेशालय

केंद्रीय जाँच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को पूछताछ को लेकर पेश होने के लिए छठा समन भेजा है। इस बार एजेंसी ने उन्हें 19 फरवरी 2024 का समय दिया है। ED उनसे दिल्ली शराब घोटाला मामले में पूछताछ करना चाहती है। बता दें कि ED सीएम केजरीवाल को अब तक पाँच बार समन भेज चुकी है, लेकिन वे बार ह हर बार पेश होने से बचते रहे।

अरविंद केजरीवाल हर बार ईडी के समन को अवैध बता देते हैं। अलग-अलग समय पर वह अलग-अलग बहाना ED से बचने के लिए अपनाते आए हैं। पिछली बार जब अरविंद केजरीवाल पेश नहीं हुए तो ईडी ने दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले में कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को 17 फरवरी 2024 को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा था।

दरअसल, ईडी ने नवम्बर 2023 में जब केजरीवाल को समन भेजा गया था तो उन्होंने कहा था कि वह मध्य प्रदेश चुनाव प्रचार के लिए जा रहे हैं। हालाँकि, उनकी पार्टी मध्य प्रदेश में 90% सीट पर अपनी जमानत नहीं बचा पाई थी। इसके बाद दिसम्बर में जब उन्हें जाँच एजेंसी ने बुलाया तो उन्होंने कहा कि वे विपश्यना के लिए पंजाब जा रहे हैं। इसलिए वे नहीं आ सकते।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ईडी द्वारा भेजे गए समन को राजनीतिक साजिश बताते आए हैं। वह यह भी सवाल करते रहे हैं कि एक मुख्यमंत्री को ईडी किस हैसियत से पूछताछ के लिए बुला रही है। अरविंद केजरीवाल कहते रहे हैं कि उन्हें गिरफ्तार करने की साजिश की जा रही है, ताकि वे लोकसभा चुनावों में अपनी पार्टी AAP के लिए चुनाव प्रचार ना कर सकें।

गौरतलब है कि मौजूदा समन ED की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के बाद आया है। कोर्ट ने ED की शिकायत पर कहा था कि केजरीवाल एजेंसी के सामने पेश होने के लिए कानूनी रूप से बाध्य हैं। ED ने 3 फरवरी, 2024 को कोर्ट का रास्ता अरविन्द केजरीवाल के कई बार पेश ना होने से आजिज आकर अपनाया था।

केंद्रीय एजेंसी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आम जनता के समक्ष गलत उदहारण पेश करने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने इस मामले में कहा था कि ED की शिकायत में अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ साक्ष्य मौजूद हैं। कोर्ट ने उन्हें 17 फरवरी, 2024 को अदालत में पेश होने को कहा था।

गौरतलब है कि केजरीवाल से पहले झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी ED से बचते आए थे। ED उन्हें 10 बार पूछताछ के लिए बुला चुकी थी। वह भी इन समन के पीछे राजनीतिक साजिश बता रहे थे। हालाँकि, 31 जनवरी को जब उनसे ED ने पूछताछ की तो उन्होंने इसके बाद इस्तीफ़ा दे दिया। ED ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।

अबूधाबी में भव्य हिन्दू मंदिर का PM मोदी ने किया उद्घाटन, पत्थर पर लिखा उपनिषद का सन्देश: अक्षय कुमार और UAE के मंत्री रहे मौजूद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UAE (यूनाइटेड अरब अमीरात) के अबुधाबी में भव्य हिन्दू मंदिर का उद्घाटन किया। BAPS (बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम) स्वामीनारायण मंदिर 108 फ़ीट ऊँचा है। न सिर्फ UAE के हिन्दू समाज, बल्कि भारत-यूएई के रिश्तों में भी ये मंदिर एक नया अध्याय जोड़ेगा। स्वामीनारायण संस्था हिन्दू धर्म के वैष्णव संप्रदाय का हिस्सा है। दुनिया भर में इसके 1550 मंदिर हैं। नई दिल्ली और गुजरात के गाँधीनगर में स्थित अक्षर धाम मंदिर इसके सबसे लोकप्रिय मंदिरों में से एक है।

अभिनेता अक्षय कुमार भी मंदिर के उद्घाटन समारोह में मौजूद रहे। इस दौरान पीएम मोदी ने स्वामीनारायण की मूर्ति का अभिषेक भी किया। उन्होंने वहाँ पर बच्चों के साथ भी संवाद किया, उनकी कलाकृतियाँ देखीं। इस दौरान UAE के सहिष्णुता एवं सह-अस्तित्व मंत्री नाह्यान बिन मुबारक अल नाह्यान भी मौजूद रहे। मंदिर में एक पत्थर पर पीएम मोदी ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का संदेश भी लिखा, जो उपनिषद से लिया गया है। मंदिर के कलाकारों से भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत की।

लंदन, हॉस्टन, शिकागो, अटलांटा, टोरंटो, लॉस एंजेल्स और नैरोबी जैसे दुनिया के सबसे बड़े व समृद्ध शहरों तक में BAPS स्वामीनारायण मंदिर हैं। दुनिया भर में इसके 3850 केंद्र हैं। साथ ये ये हर सप्ताह 17,000 आयोजनों को संपन्न कराता है। प्रमुख स्वामी जी महाराज संस्था के 10वें अध्यक्ष हैं, जिन्होंने 5 अप्रैल, 1997 को इस रेगिस्तान में एक भव्य हिन्दू मंदिर का सपना देखा था। UAE में अभी 33 लाख से भी अधिक भारतीय रहते हैं, ऐसे में संस्था की सोच थी कि वहाँ उनके लिए पूजा स्थल होने चाहिए।

इस मंदिर को 7 शिखर के साथ निर्मित किया गया है। नागर शैली में बने इस मंदिर का अगला हिस्सा वैश्विक मूल्यों की ओर इंगित करता है, वहीं जहाँ विभिन्न संस्कृतियों में सद्भाव का संदेश है, हिन्दू ऋषि-मुनियों को दर्शाया गया है और अवतारों की गाथाएँ कही गई हैं। ये मंदिर परिसर 27 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें से 13.5 एकड़ में मुख्य मंदिर है। 13.5 एकड़ का पार्किंग एरिया है, जिसमें 1400 कारण और 50 बसों को आराम से खड़ा किया जा सकता है।

2019 में UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ज़याद अल नाह्यान ने ये भूमि हिन्दू मंदिर के लिए उपहार में दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन से एक दिन पहले मंगलवार (13 जनवरी, 2024) को आयोजित एक कार्यक्रम में बताया भी कि यूएई के राष्ट्रपति ने कहा था कि वो जिस जमीन पर लकीर खींच देंगे, उसे मंदिर के लिए दे दिया जाएगा। इस मंदिर के सभागार में 3000 लोग एक साथ भजन-कीर्तन कर सकते हैं। मंदिर को 2020 में सर्वेश्रेष्ठ इंटीरियर डिजाइन और 2019 में MEP मिडल ईस्ट अवॉर्ड्स में सर्वश्रेष्ठ मेकेनिकल प्रोजेक्ट का सम्मान मिला।

ये मंदिर 108 फ़ीट ऊँचा, 262 फ़ीट लंबा और 180 फ़ीट चौड़ा है। इसमें राजस्थान के बलुआ पत्थर और इटली के संगमरमर का इस्तेमाल किया गया है। 20,000 टन पत्थर और संगमरमर 700 कंटेनरों में लाया गया था। मंदिर के निर्माण में 700 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। मंदिर में कोई भी जंग लगने वाली वस्तु का इस्तेमाल नहीं किया गया है। भारत के अलग-अलग क्षेत्रों के देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ हैं। मंदिर के पास एक ‘नदी’ भी बनाई गई है, जिसमें गंगा और यमुना का जल डाला गया है।

‘चोर-पुलिस मेरा भी फेवरिट गेम है’… मौका वैलेंटाइन्स डे का, सबसे ज्यादा लोग सर्च कर रहे ‘हथकड़ी’: ग्रॉसरी एप के संस्थापक ने बताया

दुनिया भर में बुधवार (14 फरवरी, 2024) को प्रेमी व शादीशुदा जोड़ों ने ‘वैलेंटाइन्स डे’ मनाया। फरवरी में इससे एक सप्ताह पहले ही ‘वैलेंटाइन्स वीक’ शुरू हो जाता है, जिसमें हर दिन प्रेम को अलग-अलग तरीके से प्रकट किया जाता रहा है। वैलेंटाइन्स डे के साथ ही 14 फरवरी को इसका समापन हो जाता है। अब इंस्टैंट ग्रोसरी एप Blinkit के संस्थापक ने कुछ ऐसा खुलासा किया है, जिस पर सोशल मीडिया पर लोग मज़े ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस दिन लोग हथकड़ी खरीद रहे हैं।

Blinkit के संस्थापक अलबिंदर ढींडसा ने ट्वीट किया, “हमने कभी ‘हथकड़ी’ (Handcuff) को लेकर Blinkit पर इतने सर्च नहीं देखे, जितने आज किए जा रहे हैं।” इस पर उनकी कंपनी Blinkit ने उन्हें रिप्लाई दिया, “चोर-पुलिस तो मेरा भी फेवरिट गेम है।” इसके बाद अलबिंदर ढींडसा ने हाथ से अपना सिर पीटने वाली इमोजी लगाई। कई लोगों ने मजाक करते हुए कहा कि क्या पुलिस अब इंटरनेट से हथकड़ी खरीद रही है? कइयों ने लिखा कि हमें भी गिरफ्तार किया जाए।

बता दें कि विदेशी अश्लील फिल्मों में अक्सर हथकड़ी पहन कर रोमांस करते हुए जोड़ों को दिखाया जाता रहा है। देखा-देखी अब भारत में भी इस तरह के वीडियो बनने शुरू हो गए हैं। इसी का अनुसरण करते हुए कुछ जोड़े ‘एक्सपेरिमेंट’ करते हैं और रोमांस के वक्त ‘चोर-पुलिस का खेल’ खेलते रहे हैं। इसके तहत लड़का या लड़की में से किसी एक को हथकड़ी पहना दी जाती है और फिर दूसरा उस पर हावी हो जाता है। कई लोग फन के लिए भी इस तरह के काम करते हैं।

जहाँ तक वैलेन्टिनेस वीक की बात है, 7 फरवरी को ‘रोज (गुलाब) डे’, 8 फरवरी को प्रोपोज़ डे, 9 फरवरी को चॉकलेट डे, 10 फरवरी को टेडी डे, 11 फरवरी को प्रॉमिस डे, 12 फरवरी को हग डे और 13 फरवरी को किस डे मनाया जाता रहा है। ईसाई सेंट वैलेंटाइन के नाम पर इसे मनाया जाता है। उसके बारे में कहा जाता है कि वो एक रोमन पादरी था। बताया जाता है कि रोमन सम्राट मार्कस ऑरेलियस ने उसे जेल में बंद कर दिया था और फिर उसकी हत्या कर दी गई।