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हल्द्वानी में मुस्लिम भीड़ का टारगेट थी पुलिस और मीडिया, पहले से तैयार थी हमले की योजना: हिंसा पीड़ित पत्रकार मुकेश सिंह ने बताया सब कुछ

उत्तराखंड के हल्द्वानी में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई कर रही पुलिस पर किए गए हमले में एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। नैनीताल की जिलाधिकारी वंदना सिंह ने शुक्रवार (9 फरवरी 2024) को बताया कि हल्द्वानी नगर निगम की टीम पर हुआ हमला पूर्व नियोजित था। वहीं, हिंसा पीड़ित पत्रकार मुकेश सिंह ने भी कहा पुलिस और मीडिया को निशाना बनाने की योजना पहले ही बना ली गई थी।

मुकेश सिंह ने कहा, “हमले में पुलिस और मीडियाकर्मियों को निशाना बनाया गया। इसमें कई पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए और पत्रकारों की गाड़ियों में आग लगा दी गई। यह हमला पूरी योजना के साथ किया गया था। घटना के दिन शाम करीब 4:30 बजे अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया गया और 4:45 बजे तक मौके पर करीब 1500 लोग मौजूद थे। इस दौरान भीड़ ने पथराव किया और पेट्रोल बम फेंके। यह सब बनभूलपुरा के निवासियों द्वारा योजना बनाकर किया गया था।”

पत्रकार मुकेश सिंह ने आगे कहा कि जिस कॉलोनी में तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई, वह अवैध है। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए मदरसा-मस्जिद के खिलाफ अधिकारियों ने यह कार्रवाई उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश के बाद किया था। उन्हें इस लिंक पर सुना जा सकता है। उनका कहना है कि बनभूलपुरा में कई बाहरी लोग बसे हैं।

पत्रकार मुकेश सिंह ने कहा, “केवल वही लोग जानते हैं कि ये कहाँ से आए हैं… उनमें से कई के पास कोई सत्यापन या आईडी नहीं है… वे यूपी से यहाँ आए हैं और वह जगह [अतिक्रमण स्थल] अवैध है। उन्होंने [मदरसा-मस्जिद अधिकारियों] ने अवैध रूप से सरकारी भूमि पर कब्जा कर लिया है।”

पत्रकार ने आगे बताया, “कल जब सरकार अपनी जमीन पर दावा करने पहुँची तो उन पर पत्थरों से हमला कर दिया गया। जमीन भी पंजीकृत नहीं है, लेकिन केवल 50 रुपए का पट्टा है और यह जमीन नगर निगम का है।” मुकेश सिंह ने कहा कि दंगाइयों ने बनभूलपुरा पुलिस स्टेशन पर हमले किए और दर्जनों वाहनों में पेट्रोल बम फेंक कर आग लगा दी गई थी।

बनभूलपुरा में गुरुवार को हुई हिंसा में 300 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। इनमें कई अधिकारी भी शामिल हैं। भीड़ की हिंसा में घायल हुए पुलिस अधिकारियों के कई वीडियो सामने आए हैं। घायलों में सिर्फ पुरुष अधिकारी ही नहीं, बल्कि कई महिला अधिकारी भी शामिल हैं। हमले में घायल हुई ऐसी ही एक महिला अधिकारी ने इस्लामी भीड़ द्वारा फैलाई गई भयावहता के बारे में बताया।

महिला अधिकारी ने कहा, “पथराव से बचने के लिए हमने एक घर में शरण ली। उस घर में 15-20 लोग घुस आए और हम पर हमला कर दिया। हम पर हर तरफ से पथराव किया जा रहा था। यहाँ तक कि छतों से भी हमला किया गया। भीड़ ने हमें जिंदा जलाने के इरादे से घर में आग लगाने का भी प्रयास किया।” पथराव करने में सैकड़ों की संख्या में महिलाएँ और नाबालिग बच्चे भी शामिल थे।

बता दें कि 8 फरवरी 2024 को अवैध मदरसे और मस्जिद के विध्वंस को लेकर एक इस्लामी भीड़ ने उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा में हिंसा फैलाई थी। अवैध संरचना के बारे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद मीणा ने कहा कि मदरसा-मस्जिद का निर्माण अतिक्रमण की गई सरकारी भूमि पर अवैध रूप से किया गया था। इन्हें गिराने की कार्रवाई अदालत के आदेश के तहत की गई थी।

वहीं, नैनीताल की डीएम वंदना सिंह ने कहा, “यह एक खाली संपत्ति है जिसमें दो संरचनाएँ हैं। ये धार्मिक संरचनाओं के रूप में पंजीकृत नहीं हैं या उन्हें ऐसी कोई मान्यता नहीं दी गई है। कुछ लोग इस संरचना को मदरसा कह रहे हैं।

दुकानों में तोड़फोड़, जुमे से पहले ही बँट गया था पर्चा… ग्राउंड में इकट्ठा होने का था आदेश, मौलाना तौकीर रज़ा के भड़काने के बाद बरेली में हिंसा – चश्मदीदों ने

बरेली में मौलाना तौकीर रज़ा के इशारे पर निकली भीड़ ने जुमे की नमाज के बाद हिन्दुओं को पीटा, गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त की, पत्थरबाजी की और पुलिस के बैरिकेड्स तोड़े। मौलाना ने ज्ञानवापी के तहखाने में अदालत द्वारा पूजा फिर से शुरू करवाए जाने के खिलाफ गिरफ़्तारी देने और ‘जेल भरो’ अभियान का ऐलान किया था। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जुमे से पहले पर्चे बाँटे गए थे। उसने बताया कि इकट्ठा होने के बाद भीड़ ने बवाल किया, हिंसा की।

दुकानों में भी तोड़फोड़ की है, एक दुकान में लगे फूलों को तोड़ कर फेंक दिया गया। पीड़ित दुकानदार ने बताया कि 2000 रुपए का नुकसान हुआ है, बाकी दिन फूल यूँ ही लगे होते थे और कोई गड़बड़ी नहीं होती थी। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि भीड़ ने पत्थर भी फेंके, CCTV कैमरों में सब कुछ कैद है। उन्होंने बताया कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि पर्चे में ग्राउंड में इकट्ठा होने को कहा गया। नाबालिग बच्चों को भी आगे किया गया।

एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि नमाज के बाद निकलते हुए लोगों ने हिंसा की, दुकानों को तोड़ दिया गया। उधर मौलाना तौकीर रज़ा ने कहा कि वो ज्ञानवापी पर मुस्लिम पक्ष का दावा छोड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन पहले भाजपा के लोग अगर सचमुच मंदिर से मोहब्बत करते हैं तो कैलाश मानसरोवर को चीन से आज़ाद कराएँ। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मौजूद रहने के बावजूद कोर्ट में मुस्लिमों के फैसले भी UCC के तहत होते रहे हैं, UCC देश में पहले से मौजूद है।

बता दें कि बवाल श्यामगंज इलाके से शुरू हुआ। ‘मौलाना आज़ाद इंटर कॉलेज’ के सामने कमल शर्मा और समीर सागर नामक 2 युवक मौजूद थे, उनके साथ मारपीट की गई। उनकी बाइक तोड़े जाने के बाद पत्थरबाजी शुरू कर दी गई। बिहारीपुर पुलिस चौकी के पास मौलाना तौकीर रज़ा ने गिरफ़्तारी दी। पुलिस ने उन्हें तुरंत रिहा भी कर दिया, जिसके बाद वो अपने घर चला गया। GIC ऑडिटोरियम के पास स्थित मस्जिद में नमाज के बाद मुस्लिम भीड़ ने ‘जेल भरो’ अभियान शुरू किया।

हल्द्वानी पहुँचे CM धामी, कहा- चलता रहेगा बुलडोजर: दंगों को लेकर अब तक 5000 पर केस, 19 नामजद-4 गिरफ्तार

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी हिंसा पीड़ितों से मुलाकात के बाद कहा कि अतिक्रमण विरोधी अभियान कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक ही जारी रहेगा। उन्होंने हल्द्वानी में हमला करने वालों और खून बहाने वालों के बारे में कहा कि उनसे कानून अपने तरीके से निपटेगा। बता दें कि हल्द्वानी हिंसा में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है, तो 300 से अधिक लोग घायल हैं। घायलों में पुलिसकर्मियों की संख्या 200 से अधिक है। इस बीच हल्द्वानी में पुलिस प्रशासन ने अपना एक्शन शुरू कर दिया है। हिंसा से जुड़े मामलों में 3 एफआईआर दर्ज की गई हैं, तो अब तक 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

5000 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर

हल्द्वानी हिंसा मामले में पुलिस-प्रशासन एक्शन मोड में है। लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 3 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और हिंसा से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है। इस बीच पुलिस ने 4 दंगाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 19 नामजद लोगों के साथ ही 5000 अज्ञात लोगों को भी एफआईआर में शामिल किया है। वहीं, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 100 से ज्यादा उपद्रवियों की पहचान की जा चुकी है, उनके खिलाफ जल्द एक्शन लेने की तैयारी प्रशासन कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने की पीड़ितों से मुलाकात

हल्द्वानी हिंसा पीड़ितों से मिलने के बाद उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “अदालत के निर्देश पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चल रहा है। कल (8 फरवरी 2024) जब प्रशासन अवैध संपत्ति को तोड़ने की कोशिश कर रहा था, तो यह हिंसा भड़क उठी और महिला अधिकारियों सहित हमारे पुलिस कर्मियों पर हमला किया गया। उन पर पथराव किया गया। यह बेहद निंदनीय है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “उत्तराखंड ‘देवभूमि’ है…यहाँ ऐसा कभी नहीं हुआ…कुछ लोगों ने देवभूमि में माहौल खराब करने की कोशिश की है और कानून अपने हाथ में ले लिया है। पत्रकारों पर भी हमला किया गया, उनके कैमरे तोड़ दिए गए। सार्वजनिक संपत्तियों को जला दिया गया। वीडियो फुटेज की जाँच कर सबकी पहचान की जाएगी और कानून अपना काम करेगा।”

उत्तराखंड पुलिस बनभूलपुरा में हुई हिंसा के उपद्रवियों और पत्थरबाजों की पहचान मौके से मिले सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कर रही है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। एहतियात के तौर पर हल्द्वानी में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात कर स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। बता दें कि सुबह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि उपद्रवियों और दंगाइयों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाए।

मुख्य सचिव ने प्रभावित इलाके का लिया जायजा

उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी हल्द्वानी के हिंसा प्रभावित क्षेत्र बनभूलपुरा के हालात का जायजा लेने के लिए हिंसा प्रभावित इलाकों में पहुँचीं। जिलाधिकारी नैनीताल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को स्थिति पर निरन्तर निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों को आम जनता की सुरक्षा एवं शांति को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सुशीला तिवारी अस्पताल पहुँचकर घायलों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।

हल्द्वानी में इस्लामी कट्टरपंथियों का कहर

बता दें कि हल्द्वानी के बनभूलपुरा थाना इलाके के ‘मालिक का बगीचा’ में गुरुवार (08 फरवरी 2024) को अतिक्रमण विरोधी अभियान चला रही नगर निगम और पुलिसकर्मियों पर पथराव हुआ। इसके बाद टीम पर पेट्रोल बम से हमला किया गया, तो इस्लामिक कट्टरपंथियों की भीड़ ने थाने को घेरकर गाड़ियों को आग लगा दी और थाने को भी छतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान हिंसा में 6 लोगों की मौत भी हो गई है, वहीं, तीन सौ से अधिक लोग घायल हो गए हैं। घायलों में प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा 200 से अधिक पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

हिंदुओं की तुलना कुत्ते से करने वाले मौलाना सलमान अजहरी के खिलाफ तीसरा मामला दर्ज, जमानत मिलते ही फिर गिरफ्तार करेगी गुजरात पुलिस

भड़काऊ भाषण देने के मामले में विवादित मौलाना मुफ्ती सलमान अजहरी के खिलाफ तीसरा मामला दर्ज किया गया है। अजहरी के खिलाफ यह मामला अरावली जिले के मोडासा टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। अजहरी ने पिछले साल दिसंबर में मोडासा में एक सभा की थी, जिसमें उन्होंने भड़काऊ भाषण दिया था।

दरअसल, अजहरी ने 24 दिसंबर 2023 को मोडासा में भाषण दिया था। यह मुकदमा पुलिस ने खुद दर्ज कराई है। आरोपियों में मुफ्ती सलमान अजहरी के अलावा आयोजक इशाक का नाम भी शामिल है। इस दौरान बेहद उत्तेजक भाषण दिए गए थे। आरोपितों के खिलाफ एट्रोसिटी ऐक्ट (Atrocity Act) की धाराएँ भी लगाई गई हैं।

इसके पहले अजहरी के खिलाफ एक मामला गुजरात के जूनागढ़ और एक मामला कच्छ में दर्ज में पहले ही दर्ज किया जा चुका है। जूनागढ़ के मामले में गिरफ्तारी के बाद मुफ्ती सलमान अजहरी को एक दिन की रिमांड पर जेल भेजा गया था। हालाँकि, जूनागढ़ कोर्ट ने बुधवार (7 फरवरी) को उसे जमानत दे दी।

जमानत मिलते ही कच्छ पुलिस ने अजहरी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कच्छ पुलिस ने उसे गुरुवार (8 फरवरी 2024) को कोर्ट में पेश किया, जहाँ उसे 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। मुफ्ती सलमान अजहरी फिलहाल पुलिस हिरासत में है।

अब यह लगभग साफ हो चुका है कि यदि अजहरी को कच्छ मामले में जमानत मिलती है तो पुलिस उसे अरावली मामले में गिरफ्तार करेगी। उसके बाद उसे कोर्ट में पेश करके रिमांड माँगेगी। इस बीच गुजरात पुलिस का आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) मुफ्ती सलमान अज़हर द्वारा संचालित तीनों ट्रस्टों की फंडिंग की भी जाँच कर रहा है।

अजहरी को गुजरात पुलिस ने मुंबई में उनके घाटकोपर स्थित आवास से उठाया था। इसके बाद उनके समर्थकों ने बवाल कर दिया था और सड़क को रोक दिया था। इतना ही नहीं, बड़ी संख्या में स्थानीय मुस्लिम अजहरी के समर्थन में पुलिस स्टेशन में जमा हो गए थे। हालाँकि, बाद में पुलिस अजहरी को लेकर जूनागढ़ ले गई।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि मौलाना सलमान अजहरी के खिलाफ मुंबई में भी एक मामला दर्ज कर लिया गया है। मुंबई में उसके साथ ही दो और लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। मुंबई में मौलाना के खिलाफ धारा 153(C), 505(2), 188 और 114 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।

दरअसल, गुजरात में अपने भाषण के दौरान सलमान अजहरी ने बेहद भड़काऊ भाषण दिया था। उसने अपने भाषण में कहा था, “मस्जिद में बुत रखने से मस्जिद बुतखाना नहीं बन जाती। तुमने एक रखा है। काबा में 360 रखे थे, फिर भी काबा तो काबा ही रहा, न तवाफ रुका, न हज रुका। इंकलाब आपके घर से होगा।”

उसने हिंदुओं की तुलना कुत्तों से करते हुए आगे कहा था, “उनमें मस्जिदों को बुतखाना बनाने की हिम्मत नहीं है। आपने मस्जिदों को वीरान छोड़ दिया है और हमारे यहाँ मुहावरा है कि जब मैदान खुला होता है तो कुत्तों का राज होता है। यदि तुम मैदान में घूमते रहोगे तो कोई कुत्ते नहीं होंगे।”

भाषण के अंत में उसने कहा था, ”मुसलमानों घबराओ मत, अभी खुदा की शान बाकी है। अभी इस्लाम जिंदा है, अभी कुरान बाकी है, ऐ जालिम काफिर क्या समझता है जो रोज हमसे उलझता है, अभी तो कर्बला का आखिरी मैदान बाकी है। कुछ देर की खामोशी है, किनारा आएगा… आज कुत्तों का वक्त है, कल हमारा दौर आएगा।”

‘किस मुँह से इनकार करूँ’: चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न मिलने के बाद जयंत चौधरी ने NDA के साथ गठबंधन की बात स्वीकारी, बागपत और बिजनौर पर लड़ सकती है RLD

राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के प्रमुख जयंत चौधरी ने शुक्रवार (9 फरवरी 2024) को आगामी कुछ महीनों में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश में भाजपा के साथ गठबंधन की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रस्ताव को वे अस्वीकार नहीं कर सकते। बता दें कि केंद्र की भाजपा सरकार ने जयंत चौधरी के दादा एवं पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह सहित तीन लोगों को भारत रत्न देने की घोषणा शुक्रवार को ही की।

जयंत चौधरी ने कहा, “अब मैं इस प्रस्ताव को कैसे अस्वीकार कर सकता हूँ? मोदी जी के विजन ने वह कर दिखाया, जो अब तक कोई अन्य पार्टी नहीं कर सकी।” भाजपा के साथ रालोद के गठबंधन को लेकर पत्रकारों द्वारा किए गए सवाल पर चौधरी ने कहा, “कोई कसर रहती है? आज मैं किस मुँह से इनकार करूँ आपके सवालों को।”

सीटों की सहमति पर लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, “जब मुझे बधाई दी जा रही है तो सीटों या वोटों के बारे में बात करने से आज के दिन का महत्व कम हो जाएगा। पीएम मोदी ने एक निर्णय लिया है, जो ये साबित करता है कि वे देश की मूल भावनाओं और चरित्र को समझते हैं।”

मीडिया रिपोर्ट में सीट बँटवारे को लेकर जो बातें सामने आई हैं, उनके अनुसार आरएलडी उत्तर प्रदेश में दो लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और राज्यसभा में एक सीट दी जाएगी। यूपी के जिन दो लोकसभा सीटों को आरएलडी को देने की बात सामने आ रही है, वो बागपत और बिजनौर है।

दरअसल, लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा उत्तर प्रदेश में 16 सीटें हारी थीं। उन 16 सीटों में सात सीटें पश्चिम उत्तर प्रदेश की थीं। भाजपा मुरादाबाद मंडल की सभी छह सीटें हार गई थीं। दरअसल, पश्चिमी यूपी के कुछ सीटों पर जाटों की ठीक-ठाक संख्या है और इससे भाजपा को फायदा होगा।

उधर, कॉन्ग्रेस की नेतृत्व वाली I.N.D.I गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच उत्तर प्रदेश में सीट बँटवारे को लेकर मतभेद की भी खबरें आईं। कॉन्ग्रेस और सपा के बीच सीट बँटवारे पर बातचीत नहीं हो पाई है। वहीं, सपा ने प्रदेश में 16 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। हालाँकि, जनवरी में अखिलेश यादव ने कहा था कि राष्ट्रीय लोग दल को सात सीटें आवंटित की जाएँगी।

अखिलेश ने भले RLD को 7 सीटें देने की बात कही, लेकिन सीटें कौन-कौन सी होंगी, ये स्पष्ट नहीं थी। इस सप्ताह की शुरुआत में जब RLD के NDA में शामिल होने की चर्चा होने लगी तो अखिलेश ने कहा था, “जयंत चौधरी शिक्षित व्यक्ति हैं और वे राजनीति को अच्छी तरह से समझते हैं। मुझे उम्मीद है कि वे यूपी की समृद्धि एवं किसानों की लड़ाई कमजोर नहीं होने देंगे।”

भड़काया, गिरफ़्तारी दी, फिर घर लौट गया मौलाना तौकीर रज़ा, इधर इस्लामी भीड़ ने की पत्थरबाजी-तोड़फोड़, हिन्दुओं को पीटा… बरेली में अलर्ट

उत्तर प्रदेश के बरेली में शुक्रवार (9 फरवरी, 2024) को जुमे की नमाज के बाद बवाल हो गया। मौलाना तौकीर रज़ा के बुलावे पर इस्लामिया ग्राउंड में भीड़ पहुँची थी, जिसने लौटते समय हिंसा शुरू कर दी। नारेबाजी की गई, 2 युवकों को पकड़ कर पीट दिया गया। एक बाइक क्षतिग्रस्त कर दी गई। बता दें कि हाल ही में वाराणसी स्थित ज्ञानवापी ढाँचे के तहखाने में अदालत के आदेश के बाद पूजा फिर से शुरू हुई थी, तभी से ‘इंडियन मुस्लिम काउंसिल (IMC)’ के मुखिया मौलाना तौकीर रज़ा ने

बवाल श्यामगंज इलाके से शुरू हुआ। ‘मौलाना आज़ाद इंटर कॉलेज’ के सामने कमल शर्मा और समीर सागर नामक 2 युवक मौजूद थे, उनके साथ मारपीट की गई। उनकी बाइक तोड़े जाने के बाद पत्थरबाजी शुरू कर दी गई। बिहारीपुर पुलिस चौकी के पास मौलाना तौकीर रज़ा ने गिरफ़्तारी दी। पुलिस ने उन्हें तुरंत रिहा भी कर दिया, जिसके बाद वो अपने घर चला गया। GIC ऑडिटोरियम के पास स्थित मस्जिद में नमाज के बाद मुस्लिम भीड़ ने ‘जेल भरो’ अभियान शुरू किया।

हल्द्वानी में हिंसा भड़कने के बाद मौलाना तौकीर रज़ा और भड़क गए। बता दें कि हल्द्वानी में मुस्लिम भीड़ ने थाने और पेट्रोल पंप को फूँक दिया। तौकीर रज़ा ने दरगाह आला हजरत पर नमाज पढ़ने के बाद गिरफ़्तारी दी। अफरा-तफरी के बाद लोग भागते हुए नज़र आए। वीडियो में देखा जा सकता है कि 2 घायल युवकों को ले जाया जा रहा है। पत्थरबाजों ने हाथ में तिरंगा भी ले रखा था। मौलाना तौकीर रज़ा ने इससे पहले भड़काते हुए कहा कि हमने ज्यादती और जुल्म देखा है।

उन्होंने कहा कि हमारे लोगों को जबरदस्त रोका गया, हमने अपने नौजवानों को किसी तरह कंट्रोल किया। उन्होंने VHP और ‘बजरंग दल’ जैसे संगठनों पर सरकार के दम पर बेईमानी का आरोप मढ़ते हुए कहा कि अदालत आस्था के हिसाब से काम कर रही है, कुछ संगठनों को नियंत्रित नहीं किया गया तो दिक्कत होगी। मौलाना तौकीर रज़ा ने कहा कि हमारा नौजवान जवाब देगा, हालात खराब होंगे। उन्होंने मुंबई के कट्टरपंथी मुफ़्ती सलमान अजहरी को रिहा किए जाने की माँग की।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर हालात के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई बंद करने की माँग की। मौलाना तौकीर रज़ा ने कहा था, “अब किसी बुलडोजर को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर कोर्ट संज्ञान नहीं ले रहा है तो हम अपनी हिफाजत खुद करेंगे। हमें कानूनी अधिकार है अगर हमारे ऊपर हमला होता है तो हम उसको जान से मार दें। ये हमारा कानूनी अधिकार है।”

प्रणव मुखर्जी को कॉन्ग्रेस समर्थक ने कहा ‘रंगीन चू#^%’… बेटी शर्मिष्ठा ने राहुल गाँधी को लिखा खुला खत, कहा- मैं उनसे न्याय माँग रही हूँ

पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी को खुला पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें और उनके पिता को उस कॉन्ग्रेस समर्थक द्वारा गाली दी जा रही है जिसे कई कॉन्ग्रेसी नेता भी फॉलो करते हैं।

अपने पत्र में उन्होंने राहुल गाँधी को बताया है कि उनकी किताब पब्लिश होने के बाद से उनके साथ ये ट्रोलिंग हो रही है। उनको निरंतर दुर्व्यवहार और यौन अपमान का सामना करना पड़ रहा है। कॉन्ग्रेस समर्थक उनकी किताब की निंदा कर रहे हैं। पूर्व राष्ट्रपति को ‘चू&^%#’ जैसे शब्द कहे जा रहे हैं।”

उन्होंने इस शिकायतपत्र को सोशल मीडिया पर भी डाला है। अपने एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि नवीन शाही नाम पर कॉन्ग्रेस समर्थक उनके लिए ऐसा कह रहा है। अपनी खबर में उन्होंने ट्वीट भी जोड़े। इन ट्विट्स में देख सकते हैं नवीन शाही प्रणव मुखर्जी के लिए लिखता है- चु&^% को चु&^% बोलना कहाँ मना है? रंगीन था वो, कु&^% भी मंजूर थी उसे।

एक अगले ट्वीट में नवीन शाही लिखता है, “जिंदगी भर कॉन्ग्रेस के सहारे ऐश करने और छुप-छुप के रंगीनियाँ करने वाले की बेटी जब कॉन्ग्रेस पर बोलेगी तो सच बोलना ही पड़ेगा।”

इन ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए शर्मिष्ठा मुखर्जी ने लिखा, “राहुल गाँधी न्याय की बात कर रहे हैं। मैं उनसे न्याय माँगती हूँ। अगर ये शख्स कोई साधारण भी कॉन्ग्रेस समर्थक भी है तो इसके विरुद्ध पुलिस शिकायत होनी चाहिए आखिर वो मेरा और मेरे पिता का अपमान उन्हीं के नाम (राहुल गाँधी) पर कर रहा है।”

बता दें कि शर्मिष्ठा द्वारा ये ट्वीट किए जाने के बाद नवीन शाही, जिसके खिलाफ उन्होंने शिकायत करने की अपील की है, उसने ट्वीट के नीचे माफी माँगी है।

अपने ट्वीट में उस शख्स ने लिखा, “मैं उस ट्वीट के लिए माफी माँगता हूँ जिससे आपको दुख पहुँचा है…मैं प्रार्थना करता हूँ कि भावनाओं में बहकर मैंने जो कुछ भी लिखा, उसे क्षमा करें। कॉन्ग्रेस मेरी माँ की तरह है।”

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने जो पत्र राहुल गाँधी को लिखा है उसमें उन्होंने राहुल को लिखा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रबल समर्थक होने के नाते, राहुल गाँधी को उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जो उन्हें और उनके पिता को गाली दे रहे हैं। पूर्व राष्ट्रपति की बेटी ने खुले पत्र में कहा, “आप अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अग्रदूत प्रतीत होते हैं, आपको पता होना चाहिए कि FoE में सिर्फ किसी की प्रशंसा करना शामिल नहीं है, बल्कि आलोचना को शालीनता से सहन करने की क्षमता भी शामिल है। लेकिन ऐसा लगता है कि आप हमारे संविधान द्वारा प्रदत्त सबसे महत्वपूर्ण अधिकारों में से एक, जो कॉन्ग्रेस के मूल मूल्यों में से एक है, के बारे में अपने फॉलोवर्स को समझा नहीं पाएँ हैं। आपका पसंदीदा नारा ‘नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान’ भी आपके अपने समर्थकों के कानों पर नहीं पड़ता है क्योंकि वे आपकी आलोचना करने करने की हिम्मत करने वाले किसी भी व्यक्ति पर अपनी सारी ‘नफ़रत’ लगा देते हैं।”

वहीं मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “जब से मेरे पिता पर किताब आई है… कुछ कॉन्ग्रेस नेता इसके खिलाफ बोलने लगे। वह मुझे बुरी तरह ट्रोल कर रहे हैं। कुछ दिन पहले, जयपुर लिटफेस्ट के मौके पर, मैंने एक साक्षात्कार में एक बयान दिया था, जहाँ मुझसे कॉन्ग्रेस के बारे में मेरे विचार पूछे गए थे। मैंने कहा था- मैं कॉन्ग्रेसी हूँ। राष्ट्रीय राजनीति में कॉन्ग्रेस का अभी भी बहुत महत्व है। लेकिन कॉन्ग्रेस को गांधी-नेहरू परिवार के नेतृत्व से परे देखना चाहिए…तब से सब कुछ अस्त-व्यस्त हो गया। मुझ पर हर तरह की गालियाँ बरसाई गईं, मेरे पिता को घसीटा गया। मैंने इस संबंध में राहुल गाँधी से शिकायत की लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया तक नहीं दी इसलिए मैंने खुला पत्र लिखा।”

प्राइवेट पार्ट को चीर कर निकली गोली, फट गया पेशाब का थैला, आँत भी डैमेज… जिस दलित अजय को हल्द्वानी में मारी गोली उसका बच्चा 1 साल का

उत्तराखंड के हल्द्वानी में हिंसा भड़की हुई है। सरकारी जमीन पर बने एक अवैध मस्जिद-मदरसे को ध्वस्त करने के लिए प्रशासन बुलडोजर लेकर आया, जिसके बाद मुस्लिम भीड़ ने थाना और पेट्रोल पंप को फूँक दिया। पुलिस वालों को ज़िंदा जलाने की कोशिश की गई। कई महिला पुलिसकर्मी भी जख्मी हुई हैं। इसी क्रम में दंगाइयों ने कबाड़ का कारोबार करने वाले अजय नाम के शख्स को भी गोली मार दी। अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।

अजय की माँ बिलखती हुई पूछ रही है कि उनके बेटे का क्या दोष था? रिश्ते में अजय के चाचा लगने वाले संतोष कुमार ने बताया कि अजय गफूरबस्ती में रहते थे। उन्होंने बताया कि गफूरबस्ती से लेकर इंदिरानगर तक का इलाका मुस्लिम बहुल है। बकौल संतोष, अजय अपनी माँ के लिए आयुर्वेदिक दवा लेने के लिए जा रहा था। उसकी माँ की तबीयत ख़राब रहती है। उसके साथ उसका एक दोस्त भी था। वहाँ दोनों जिम करने लगे। वहाँ से बाहर निकले तब तक बाहर माहौल ख़राब हो चुका था।

उन्होंने बताया कि गोली अजय के प्राइवेट पार्ट में लगी है और पीछे से चीर कर पार हो गई है। उन्होंने ये भी बताया कि तब पुलिस ने गोली नहीं चलाई थी, दंगाइयों की गोली ही उसे लगी है। उन्होंने बताया कि अजय अभी होश में नहीं हैं। जिस वैद्य के पास वो दवा लेने गए थे वो मुस्लिम है और जिस जिम में उन्होंने व्यायाम किया वो भी मुस्लिम है। संतोष कुमार ने बताया कि गुरुवार (8 फरवरी, 2024) को देर रात तक सर्जरी चली। रीढ़ की हड्डी भी टूट गई है।

संतोष कुमार भाजपा के नेता भी हैं। उन्होंने बताया कि वो दलित समुदाय से आते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि सरकारी खर्च से अजय का इलाज चल रहा है। अजय नगर निगम की गाड़ी में कूड़े का कारोबार करते थे। 22-23 वर्ष उनकी उम्र थी। उनकी शादी को 2 साल हुए हैं, उनका एक बच्चा भी है। संतोष ने बताया कि इलाके में छोटी-छोटी झोपड़ियाँ हैं, फ़िलहाल पुलिस ने मामले को नियंत्रित कर दिया है। उन्होंने बताया कि अब तक FIR दर्ज नहीं हुई है, थाना जला दिया गया है।

संतोष कुमार का कहना है कि गफूरबस्ती में हिन्दुओं की 200 झोपड़ियाँ हैं। उन्होंने जानकारी दी कि वाल्मीकि समाज का एक सोनकर नामक शख्स भी घायल हुआ था, इलाज के पास उसे घर भेज दिया गया है। इलाके के एक अन्य हिन्दू ने बताया कि फ़िलहाल वो लोग सुरक्षित हैं। अजय की माँ का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वो कह रही हैं, “मेरे बेटे को दंगाइयों ने गोली मार दी। मेरे बेटे की कोई गलती नहीं थी। वो जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा है।”

अजय का इलाज साईं अस्पताल में चल रहा है। डॉ सिद्धार्थ पांडेय अजय का इलाज कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अजय के शरीर में गोली लग कर डैमेज कर के बाहर निकल गई। उनके शरीर में पेशाब का थैला फट गया था और किडनी से जो पाइप आता है वो भी फट गया था। खोल कर उसे रिपेयर किया गया है। उन्होंने बताया कि अंदर ब्लीडिंग भी बहुत ज़्यादा थी, जिसे रोकी गई है। आँतों के पास सूजन था, वहाँ इकट्ठे खून को भी निकाला गया। अजय की मी तारा ने बताया कि रात के अँधेरे में हंगामा हुआ कि किसी का बच्चा पड़ा हुआ है, वो दौड़ती गईं तो अपने बेटे को उठा कर ले आईं।

काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी को मिलेंगे ₹90 हजार प्रतिमाह, अन्य को 65 से 80 हजार: 50 पुजारी की नियुक्ति के लिए निकलेगा विज्ञापन

वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी को 90 हजार रुपए हर महीने मिलेंगे। अन्य पुजारियों को 65 से 80 हजार रुपए प्रतिमाह मिलेंगे। 50 पुजारियों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला जाएगा। ये फैसले श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की बैठक में लिए गए हैं।

न्यास की 105वीं बैठक में निर्णय पुजारियों को अच्छे तरीके से जीवनयापन करने के लिए सम्मानजनक मानदेय देने का निर्णय किया गया। इसके अलावा मंदिर में 50 पुजारियों की नियुक्ति करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए न्यास की ओर से भर्ती विज्ञापन निकला जाएगा।

मंदिर में तीन स्तर के पुजारियों की नियुक्ति की जाएगी। मुख्य पुजारी को ₹90 हजार प्रतिमाह, कनिष्ठ पुजारी को ₹80,000 प्रतिमाह और सहायक पुजारियों को ₹65,000 प्रतिमाह दिए जाएँगे। उन्हें इसके अलावा भी कुछ भत्ते उपलब्ध करवाए जाएँगे। मंदिर में पुजारियों की भर्ती और उनके वेतन भत्ते को लेकर यह निर्णय एक नियमावली के जरिए लागू किए जाएँगे। यह नियमावली मंदिर न्यास के गठन के 40 वर्षों के बाद लाई गई है। काशी विश्वनाथ मंदिर को प्रशासन ने अक्टूबर 1983 में न्यास के अंतर्गत लिया था।

मंदिर न्यास की बैठक में अन्य कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं। न्यास ने निर्णय लिया है कि प्रतिदिन शहर के बस अड्डों, रैन बसेरों और स्टेशन पर रहने वाले लोगों को भोजन उपलब्ध करवाया जाएगा। इन लोगों के बीच प्रतिदिन काशी विश्वनाथ का प्रसाद बाँटा जाएगा। इसे मंदिर के अन्न क्षेत्र में ही तैयार किया जाएगा और फिर गाड़ियों से वितरित किया जाएगा।

मंदिर न्यास के अंतर्गत चलने वाले संस्कृत स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा 6-12 के छात्रों को नि:शुल्क पुस्तकें और ड्रेस देने का निर्णय भी लिया गया है। इसको लेकर एक-दो माह के भीतर व्यवस्था कर ली जाएगी। इसके अलावा संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय को भी ₹1 करोड़ का बजट दिया जाएगा, इससे उसके भवन की मरम्मत हो सकेगी।

गौरतलब है बीते वर्षों में काशी में आने वाले श्रृद्धालुओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। ऐसे में उनके लिए सुविधाओं को भी विकसित करने का फैसला हुआ है। मंदिर न्यास ने कहा है कि वह इसके लिए जमीन खरीद कर पार्किंग जैसी सुविधाएँ बनाने और आसपास की सड़कें भी चौड़ी करने पर विचार करेगा।

इतिहास लिखना है तो किसी को इतिहास बनाना पड़ेगा… ‘राम’ ने निभाया PM मोदी का किरदार, ‘Article 370’ में अरुण गोविल को देख खुश हुए लोग

‘आर्टिकल 370’ पर फिल्म आने वाली है। इस फिल्म में दिखाया जाएगा कि जम्मू-कश्मीर के हालात सुधारने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए। इस फिल्म में जहाँ एक्ट्रेस के तौर पर यामी गौतम दिख रही हैं। वहीं सबसे अहम रोल में यहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी किरदार होगा, जिसे निभाया है अरुण गोविल ने।

अरुण गोविल ने ट्वीट करते हुए जानकारी दी कि इस फिल्म में नरेंद्र मोदी का किरदार वो अदा करेंगे। उन्होंने पहले डॉयलॉग लिखा, “पूरा का पूरा कश्मीर, भारत देश का हिस्सा था, है और रहेगा। इसके बाद उन्होंने लिखा, “आर्टिकल 370 फिल्म जिसमें मैंने आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका निभाई है। फिल्म 23 फरवरी को रिलीज हो रही है जरूर देखिएगा। जय श्रीराम।”

बता दें कि आर्टिकल 370 का ट्रेलर रिलीज हो गया है। इस ट्रेलर में अरुण गोविल पीएम मोदी के किरदार में कुछ डॉयलॉग बोलते हैं। इसमें वो पुलवामा के बलिदानियों को नमन करने के दौरान कहते हैं- “इस कश्मीर ने बहुत पीड़ा झेली है। हम इसे इस हाल में नहीं छोड़ेंगे।” अगले डॉयलॉग में वो कहते हैं- “हम आर्टिकल 370 को खत्म करेंगे।” तीसरा डॉयलॉग है- “अगर हमें इतिहास लिखना है तो किसी न किसी को तो इतिहास बनाना पड़ेगा।”

इस ट्वीट पर लोगों ने प्रतिक्रिया दी है। लोग उनका यह अवतार देख खुश हैं। सबका कहना है कि रामानंद सागर की रामायण में भगवान राम के किरदार में अरुण गोविल को देखने के बाद लगा था कि अब वो किसी और कैरेक्टर में अच्छे नहीं लगेंगे लेकिन धीरे-धीरे यह सोच बदल गई। लोगों का कहना है कि अब तक सबसे सटीक अगर कोई नरेंद्र मोदी के कैरेक्टर में फिट बैठता दिख रहा है तो वो अरुण गोविल हैं।

गौरतलब है कि गुरुवार को आर्टिकल 370 फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ था। 23 फरवरी को फिल्म भी आएगी। फिल्म में यामी गौतम ने एक NIA अधिकारी का किरदार निभाया है। ये फिल्म जम्मू कश्मीर में आतंकवाद के बढ़ने और फिर मोदी सरकार द्वारा अनुच्छेद-370 को निरस्त किए जाने के ऐतिहासिक फैसले पर केंद्रित है। यामी गौतम के पति आदित्य धर ने मोहन ठाकर के साथ मिल कर ‘आर्टिकल 370’ की कहानी लिखी है। फिल्म के ट्रेलर को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।