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अब यूपी में ही मिल रहा काम, तमिलनाडु से लौट रहे मजदूर: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद कारोबार की बल्ले-बल्ले, सुधरी हुई कानून व्यवस्था भी एक कारण

तमिलनाडु के तिरुप्पुर ने बने हुए कपड़ों के निर्यात के हब के रूप में अपनी जगह बनाई। न सिर्फ आसपास के जिलों, बल्कि देशों के अन्य हिस्सों में भी यहाँ के बने हुए कपड़ों की सप्लाई होती है। यहाँ असम, बिहार, उत्तर प्रदेश और नेपाल से बड़ी संख्या में मजदूर आते हैं। 2018 तक यहाँ अप्रवासी मजदूरों की संख्या 40,000 से भी अधिक पहुँच गई थी। चूँकि वहाँ स्थानीय मजदूरों की कमी है, कुछ ने तो बिहार और ओडिशा में मजदूरों को हायर कर के वहाँ से लाने के लिए एजेंसी तक खोल ली

अब तिरुप्पुर की कपड़ा इंडस्ट्री संकट में है। कारण – उत्तर प्रदेश के मजदूर बड़ी संख्या में वापस लौट रहे हैं। इसका कारण है – उत्तर प्रदेश में विकास की रफ़्तार बढ़ने के साथ ही अब उन्हें गृह राज्य में ही काम के मौके मिल रहे हैं। खासकर राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या और आसपास के इलाकों में कई बड़ी प्राइवेट कंपनियाँ निवेश कर रही हैं। तमिलनाडु की कपड़ा इंडस्ट्री में लगभग 6 लाख अप्रवासी मजदूर हैं, जिनमें से 10% अब वापस लौट चुके हैं।

अकेले तिरुप्पुर से 20% मजदूर बाहर चले गए हैं। यहाँ कपड़ों के कई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। ‘तिरुप्पुर एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन’ के अध्यक्ष KM सुब्रमण्यन ने कहा कि मजदूरों का पलायन चिंता का विषय है। अब एसोसिएशन मजदूरों की सुविधाएँ बढ़ाने में लग गया है। हॉउसिंग सोसाइटी में रहने की व्यवस्था, मेडिकल सुविधाएँ, मेहनताने में बढ़ोतरी और समय पर वेतन – ये सब तरकीबें आजमाई जा रही हैं। TEA के पूर्व अध्यक्ष और ‘Warshaw इंटरनेशनल’ कंपनी के मालिक राजा शानमुगम ने कहा कि पीएम मोदी ने अयोध्या में अगले 2 वर्षों में 60,000 करोड़ रुपए के निवेश का ऐलान किया है, इससे मजदूरों में ये भावना आई है कि वो वापस लौट कर अपने परिजनों के करीब रहें और साथ ही रोजी-रोटी भी कमाएँ।

बता दें कि पिछले साल तिरुप्पुर से कपड़ों का निर्यात 34,350 करोड़ रुपए का रहा। तिरुप्पुर से मजदूरों के पलायन के कारण नोएडा के कपड़ा इंडस्ट्री की चल निकली है। ‘नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट्स क्लस्टर’ के मालिक ललित ठुकराल ने कहा कि यहाँ अब मजदूरों की कमी नहीं है, जो पहले थी। मजदूर वापस आ रहे हैं। नोएडा अपैरल क्लस्टर के 3000 यूनिट्स हैं, इसका निर्णय राजस्व 40,000 करोड़ रुपए का है। गोरखपुर और बुंदेलखंड में इसके नए यूनिट्स लगने हैं।

ठुकराल ने बताया कि दूसरे राज्यों से कपड़ा मैन्युफैक्चरर यूपी के इलाकों में आ रहे हैं, ऐसे में यहाँ मजदूरों को नौकरी मिलने में आसानी हो रही है। साथ ही बिहार-ओडिशा के मजदूरों को भी फायदा है, जिनके लिए आने-जाने का समय बचेगा। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि यूपी में कानून-व्यवस्था में सुधार भी एक बड़ा कारण है कि उद्योग पनप रहा है, मजदूर लौट रहे हैं। तिरुप्पुर से लौट रहे मजदूरों को अपने ही राज्य में काम मिल रहा है। इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के लिए एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

जिंदा हैं पूनम पांडेय, सर्वाइकल कैंसर वाली बात झूठ: ‘मरने’ के बाद खुद वीडियो बना कर आईं सामने

अभिनेत्री एवं मॉडल पूनम पांडेय ज़िंदा हैं। हमें ये इसीलिए बताना पड़ रहा है, क्योंकि उनके ही इंस्टाग्राम के माध्यम से खबर दी गई कि पूनम पांडेय की सर्वाइकल कैंसर की वजह से मौत हो गई है। अब उन्होंने खुद इंस्टाग्राम पर वीडियो डाल कर बताया है कि वो जीवित हैं। यहाँ तक कि भारतीय मनोरंजन जगत की कई हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि भी दे दी थी। पूनम पांडेय ने कहा कि वो जीवित हैं, लेकिन उन हजारों महिलाओं के बारे में वो दुर्भाग्य से ऐसा नहीं कह सकतीं जिन्होंने सर्वाइकल कैंसर की वजह से जीवन गँवा दिया।

पूनम पांडेय ने कहा, “ऐसा नहीं है कि सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित वो महिलाएँ कुछ नहीं कर सकती थीं, बल्कि उन्हें पता ही नहीं था कि क्या किया जाना चाहिए। मैं आपको यहाँ ये बताने आई हूँ कि बाकी कैंसर के उल्ट सर्वाइकल कैंसर से बचा जा सकता है। आपको सिर्फ ये करना है कि टेस्ट्स कराने हैं और HPV वैक्सीन लेना है।” साथ ही अभिनेत्री ने ‘Poonam Pandey Is Alive’ नामक वेक वेबसाइट का भी प्रचार कर के लॉगिन करने के लिए कहा।

इंस्टाग्राम पर पूनम पांडेय ने लिखा कि वो सबको ये बताने के लिए बाध्य हो रही हैं कि वो यहीं हैं, जीवित हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञान की कमी के कारण कई महिलाओं की मौत हो गई जो सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित थीं। उन्होंने कहा कि हमारे पास ये सुनिश्चित करने के लिए समय है कि इससे किसी और की जान न जाए। पूनम पांडेय ने ये भी लिखा कि हमें जागरूकता फैला कर एक-दूसरे को सजग करना चाहिए। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम बायो में ‘www.poonampandeyisalive.com‘ वेबसाइट का लिंक भी डाला।

इस वीडियो में पूनम पांडेय ने ये भी कहा कि हम सबको मिल कर सर्वाइकल कैंसर को ही खात्मे की तरफ ले जाना चाहिए। उन्होंने जिस वेबसाइट का लिंक दिया है, उसमें ‘डेथ टू सर्वाइकल कैंसर’ लिखा हुआ है। साथ ही इसमें लिखा गया है कि एशिया में इस रोग से सबसे ज्यादा पीड़ित भारत में हैं और 99% मामलों को रोका जा सकता है। साथ ही संगीता नाम की एक महिला का इंटरव्यू भी है, जिसने सर्वाइकल कैंसर को मात दी। हालाँकि, कई लोग पूनम पांडेय के इस कदम की आलोचना भी कर रहे हैं।

‘मस्जिद में बुत रखने से बुतखाना नहीं बन जाती… आज कुत्तों का वक्त है’ – जहर उगल रहा था मुफ्ती सलमान, ऑपइंडिया की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट पर FIR दर्ज

जूनागढ़ पुलिस ने भड़काऊ भाषण देने के आरोप में मुफ्ती सलमान अज़हरी और दो आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में जूनागढ़ बी डिविजन पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर मुफ्ती अज़हरी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। वीडियो में अजहरी कहता है, “अभी तो कर्बला का आखिरी मैदान बाकी है…कुछ देर की खामोशी है, फिर किनारा आएगा…आज कुत्तों का वक्त है, कल हमारा दौर आएगा।”

31 जनवरी 2024 को जूनागढ़ कोर्ट के पास नरसिंह विद्या मंदिर के मैदान में मुस्लिम समुदाय का एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें मुफ्ती सलमान अज़हरी ने बहुत ही भड़काऊ भाषण दिया था। उस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। अब पुलिस ने इस मामले में 2 आयोजकों और मुफ्ती के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

एफआईआर में आयोजक मुहम्मद यूसुफ मालेक और अजीम हबीब ओडेदरा के साथ-साथ मुफ्ती सलमान अज़हरी को आरोपी बनाया गया है। तीनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 153(बी), 505(2), 188 और 114 के तहत मामला दर्ज किया गया है। कार्यक्रम में भड़काऊ भाषण देने के साथ-साथ अनुमति के बिना देर तक कार्यक्रम जारी रखने पर उल्लंघन संबंधी धाराएँ जोड़ी गई हैं। इस मामले में फिलहाल जाँच चल रही है।

मुफ्ती सलमान अज़हरी के वीडियो में क्या-क्या

ऑपइंडिया ने सबसे पहले इस मामले की रिपोर्ट की। 20 सेकंड के वायरल वीडियो को सर्च करने पर हमें मुफ्ती सलमान अज़हरी का वो भाषण मिला, जो 53 मिनट का था। वायरल वीडियो इसी भाषण का एक छोटा सा हिस्सा है।

इस भाषण में मुफ्ती ने कई जगह भड़काऊ बातें कही हैं। इस वीडियो को इस्लामिक चैनल ने पोस्ट किया है। इसमें वक्ता के तौर पर मुफ्ती सलमान अजहरी मंच पर है। यह कार्यक्रम गुजरात के जूनागढ़ में किया गया। कार्यक्रम 31 जनवरी को हुआ था जबकि वीडियो 1 फरवरी 2024 को अपलोड किया गया।

मुफ्ती सलमान अज़हरी अपने भाषण में कहता है – “मस्जिद में बुत रखने से मस्जिद बुतखाना नहीं बन जाती। तुमने एक रखा है, काबा में 360 रखे थे, फिर भी काबा तो काबा ही रहा, न तवाफ रुका, न हज रुका।”

अपने भाषण में मुफ्ती ने कहा, “इंकलाब आपके घर से होगा। उनमें मस्जिदों को बुतखाना बनाने की हिम्मत नहीं है। आपने मस्जिदों को वीरान छोड़ दिया है और हमारे यहाँ मुहावरा है कि जब मैदान खुला होता है तो कुत्तों का राज होता है। यदि तुम मैदान में घूमते रहोगे तो कोई कुत्ते नहीं होंगे।”

भाषण के अंत में उसने कहा, ”मुसलमानों घबराओ मत, अभी खुदा की शान बाकी है। अभी इस्लाम जिंदा है, अभी कुरान बाकी है, ऐ जालिम काफिर क्या समझता है जो रोज हमसे उलझता है, अभी तो कर्बला का आखिरी मैदान बाकी है। कुछ देर की खामोशी है, किनारा आएगा… आज कुत्तों का वक्त है, कल हमारा दौर आएगा।”

लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न: PM मोदी बोले – राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पुनरुत्थान की दिशा में उनका प्रयास अद्वितीय, उनके साथ काम करना मेरा सौभाग्य

लालकृष्ण आडवाणी को ‘भारत रत्न’ सम्मान से नवाज़ा जाएगा। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ट्वीट के जरिए ये घोषणा की है। उन्होंने कहा कि उन्हें ये बताते हुए ख़ुशी हो रही है कि पूर्व उप-प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जाएगा। पीएम मोदी ने भाजपा के वयोवृद्ध नेता से बात कर के उन्हें इसके लिए बधाई भी दी। प्रधानमंत्री ने आडवाणी को हमारे समय के सबसे सम्मानित राजनेताओं में से एक बताते हुए कहा कि भारत के विकास में उनका योगदान चिरस्मरणीय है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकृष्ण आडवाणी के साथ अपनी 2 तस्वीरें पोस्ट करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “लालकृष्ण आडवाणी का जीवन जमीनी स्तर पर काम करने से शुरू हुआ और उप-प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा करने तक पहुँचा। हमारे गृह एवं सूचना-प्रसारण मंत्री के रूप में भी उन्होंने छाप छोड़ी। संसद में उनके संबोधन हमेशा अनुकरणीय और समृद्ध अंतःदृष्टि से परिपूर्ण रहे।” लालकृष्ण आडवाणी भाजपा के अध्यक्ष भी रहे हैं और उन्होंने ही राम मंदिर रथ यात्रा के जरिए आंदोलन में जान फूँकी थी।

लालकृष्ण आडवाणी द्वारा कई दशकों तक देश की सेवा किए जाने का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता उनकी पहचान रही, उन्होंने राजनीतिक शुचिता का एक अनुकरणीय मानक स्थापित किया। पीएम ने कहा कि राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पुनरुत्थान की दिशा में उन्होंने अद्वितीय प्रयास किए। पीएम मोदी ने इसे एक भावुक क्षण करार दिया। लालकृष्ण आडवाणी के संपर्क में रह कर उनके साथ बातचीत करने, काम करने और सीखने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लिए सौभाग्य बताया।

96 वर्षीय लालकृष्ण आडवाणी उम्र और स्वास्थ्य के कारण अब सार्वजनिक जगहों पर नहीं दिखते हैं, राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में भी आमंत्रण के बावजूद वो नहीं आ पाए थे। हालाँकि, उन्होंने बयान जारी कर के कार्यक्रम का स्वागत किया था। हाल ही में मोदी सरकार ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और ‘जननायक’ कहे जाने वाले दिवंगत नेता कर्पूरी ठाकुर को भी ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया है। नाई समाज से आने वाले कर्पूरी ठाकुर ने बिहार में पिछड़ों के उत्थान के लिए काम किया था।

डेयरी वाले ने निकाल दिया, टेंट में रहे, स्ट्रीट फूड बेचने वालों के साथ काम किया: केविन पीटरसन भी हुए यशस्वी जायसवाल के संघर्ष के कायल, 22 की उम्र में ठोका दोहरा शतक

भारत और इंग्लैंड के बीच चल रहे टेस्ट सीरीज के दूसरे मैच में सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने दोहरा शतक ठोक दिया है। जहाँ कोई और बल्लेबाज पचासा भी नहीं लगा पाया, यशस्वी जायसवाल ने 277 गेंदों पर अपना दोहरा शतक पूरा किया। जहाँ पहले दिन उन्होंने छक्के के साथ शतक पूरा किया था, दूसरे दिन एक छक्का और अगली ही गेंद पर चौका जड़ कर उन्होंने 200 रन पूरे किए। सौरभ गंगगुली, विनोद कांबली और गौतम गंभीर के बाद वो टेस्ट में दोहरा शतक ठोकने वाले चौथे बाएँ हाथ के बल्लेबाज हैं।

वहीं सबसे कम उम्र में दोहरा शतक ठोकने वाले बल्लेबाजों में वो विनोद कांबली और सुनील गावस्कर के बाद तीसरे हैं। इस सूची में पहले और दूसरे स्थान पर कांबली ही हैं। वहीं जायसवाल ने 22 साल 37 दिन की उम्र में ये कारनामा किया है। 290 गेंदों पर 209 रनों तक की पारी में उन्होंने 19 चौके और 7 छक्के लगाए। यशस्वी जायसवाल काफी साधारण परिवार से आते हैं। जब यशस्वी जायसवाल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में भी शतक लगाया था, उसके बाद उनके पिता काँवर लेकर वैद्यनाथ बाबा को जल चढ़ाने देवघर के लिए निकले थे।

यशस्वी जायसवाल के जीवन और उनके संघर्षों के बारे में ‘स्काई स्पोर्ट्स न्यूज़’ के एसोसिएट एडिटर नकुल पांडे ने एक ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) थ्रेड के जरिए बताया है, जिसे केवल पीटरसन ने भी आगे बढ़ाया है। इसमें बताया गया है कि कैसे मात्र 10 वर्ष की उम्र में ही यशस्वी जायसवाल क्रिकेटर बनने के लिए उत्तर प्रदेश से मुंबई के लिए निकल गए थे और वहाँ वो कुछ दिन अपने चाचा के पास रहे। उनके चाचा दादर में रहते थे, यशस्वी को रोज यात्रा करने में घंटों लग जाते थे।

इसके बाद मात्र 11 वर्ष की उम्र में उन्होंने एक डेयरी की दुकान में काम करना शुरू कर दिया, बदले में उन्हें रहने के लिए जगह मिली। हालाँकि, डेयरी मालिक ने उन्हें निकाल दिया। फिर वो ‘मुस्लिम यूनाइटेड क्लब’ के ग्राउंडस्टाफ के टेंट में आज़ाद मैदान में रहने लगे। परिवार द्वारा वापस बुलाए जाने के बावजूद उन्होंने अपना संघर्ष जारी रखा। 3 साल वो टेंट में ही रहे। कोच ज्वाला सिंह को उन्होंने प्रभावित किया। ज्वाला खुद यूपी से मुंबई आए थे, ऐसे में उन्होंने प्रतिभा और संघर्ष को पहचाना।

ज्वाला सिंह ने न सिर्फ यशस्वी जायसवाल को अपने पास रखा, बल्कि उनके कानूनी अभिभावक भी बन गए। यशस्वी जायसवाल स्ट्रीट फ़ूड बेचने वालों का भी हाथ बँटाते थे। लेकिन, उनका ध्यान क्रिकेट पर ही था। इसके बाद यशस्वी जायसवाल अपनी मेहनत के दम पर मुंबई अंडर 19 क्रिकेट का हिस्सा बने और मात्र 17 वर्षों की उम्र में घेरलू क्रिकेट में डेब्यू किया। इस तरह एक ग्राउंड कर्मचारी के टेंट से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक का सफर तय किया और विश्व स्तर पर नाम कमाया।

IPL में यशस्वी जायसवाल ‘राजस्थान रॉयल्स’ की तरफ से खेलते हैं। पूर्व क्रिकेटर एवं कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने यशस्वी जायसवाल की तारीफ करते हुए यहाँ तक कह दिया कि मौजूदा समय में वो ऑस्ट्रेलिया के दिवंगत क्रिकेटर सर डॉन ब्रैडमैन से भी बेहतर हैं। उन्होंने बताया कि कैसे जेम्स एंडरसन की गेंदों को वो छोड़ते रहे। फिर जब स्पिन आया तो उन्होंने मारना शुरू किया। वहीं पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने भी कहा कि ये यशस्वी जायसवाल की परिपक्वता दर्शाता है कि उन्होंने एंडरसन की गेंदों को छोड़ा, उन्हें पता था कि वो मारने वाली गेंदें नहीं देंगे।

राम मंदिर पर BBC की कवरेज भड़काऊ, ब्रिटिश संसद में ही इसके खिलाफ उठी माँग – इसकी निष्पक्षता पर हो बहस: बाबरी का रोना रो छिपाया था 1527 वाला इतिहास

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा पर UK (यूनाइटेड किंगडम) के सरकारी मीडिया संस्थान BBC (ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन) की नकारात्मक कवरेज को लेकर उसका उसके ही देश में विरोध शुरू हो गया है। ब्रिटेन के सांसद ने 22 जनवरी, 2024 को हुए इस कार्यक्रम को लेकर BBC की कवरेज को पक्षपाती, भेदभावपूर्ण और भड़काऊ करार दिया है। सांसद बॉब ब्लैकमैन ने गुरुवार (1 फरवरी, 2024) को ‘हॉउस ऑफ कॉमन्स में ‘BBC की निष्पक्षता पर बहस की माँग उठाई है।

कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या में हुए राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से दुनिया भर के हिन्दू खुश हैं। उन्होंने इस पर दुःख जताया कि BBC ने इसे एक मस्जिद को तबाह कर के उस स्थल पर बनी हुई संरचना बता दिया, और मीडिया संस्थान ये भूल गया है कि 2000 वर्षों से भी अधिक समय पहले तक वहाँ भव्य मंदिर हुआ करता था। उन्होंने ये भी याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत मुस्लिम पक्ष को मस्जिद बनाने के लिए शहर में ही 5 एकड़ जमीन आवंटित की गई है।

सांसद बॉब ब्लैकमैन ने कहा कि दुनिया भर में क्या चल रहा है, इस पर बीबीसी की कवरेज कितनी निष्पक्ष है इसका रिकॉर्ड लाया जाना चाहिए और इस पर बहस होनी चाहिए। ‘हॉउस ऑफ कॉमन्स’ की नेता पोनी पैनी मॉर्डौंट ने कहा कि BBC की समीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए हैं। BBC को अपनी इस रिपोर्ट को लेकर सफाई भी प्रकाशित करनी पड़ी थी। इसमें उसने कहा था कि कुछ पाठकों को ने महसूस किया कि ये लेख पक्षपाती है और इसमें भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया गया है।

BBC ने सफाई में आगे कहा कि जो कुछ हुआ उसका सटीक और निष्पक्ष विवरण बताया जाना चाहिए। मीडिया संस्थान ने इससे असहमति जताई कि ये लेख हिन्दुओं का अपमान कर रहा है। उसने बड़ी चालाकी से दिसंबर 1992 के बाबरी विध्वंस का तो जिक्र किया, लेकिन मीर बाक़ी द्वारा राम मंदिर को सन् 1527 में ध्वस्त किए जाने की घटना का जिक्र नहीं किया। बीबीसी लेस्टर और बर्मिंघम में हुई हिन्दू विरोधी हिंसा में भी इस्लामी भीड़ का पक्ष लेकर हिन्दुओं को बदनाम करने वाली रिपोर्टिंग कर चुका है।

ब्रिटिश हिन्दुओं के अभियान ‘इनसाइट यूके’ ने भी बीबीसी को एक खुला पत्र लिखते हुए उसके कवरेज पर आपत्ति जताई। साथ ही लिखा कि मीडिया संस्थान ने ये छिपा लिया कि एक मुस्लिम आर्कियोलॉजिस्ट (KK मुहम्मद) ने बाबरी ढाँचे के नीचे राम मंदिर होने का पता लगाया, और सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुनाने वाले जजों में भी एक मुस्लिम जज (जस्टिस अब्दुल नज़ीर) थे। तमाम आलोचनाओं के बावजूद BBC अपनी सफाई में अपनी बात पर अड़ा रहा।

जिस खबर को लेकर आपत्ति जताई जा रही है, उसे गीता पांडेय और योगिता लिमये ने लिखा था। इस खबर का भड़काऊ शीर्षक था – “अयोध्या राम मंदिर: भारत के पीएम मोदी ने ढहाई गई बाबरी मस्जिद वाले स्थल पर हिंदू मंदिर का उद्घाटन किया”। इस खबर में लिखा गया था कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से मुस्लिम डरे हुए हैं, इस कार्यक्रम ने उनकी ‘दर्दनाक यादें’ ताज़ा कर दी हैं। वहीं बाबरी ढाँचे के निर्माण को लेकर लिखा गया कि ‘हिन्दू ऐसा यकीन करते हैं’ कि राम मंदिर ढाह कर इसे बनाया गया था। जबकि, इसके साक्ष्य हर रूप में मौजूद हैं।

‘AAP विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही बीजेपी’: अरविंद केजरीवाल के दावे पर अब दिल्ली पुलिस ने माँगे सबूत, घर पहुँची क्राइम ब्रांच की टीम

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच शुक्रवार (2 फरवरी 2024) को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर पहुँची। दरअसल, आम आदमी पार्टी (AAP) ने आरोप लगाया था कि बीजेपी (BJP) उसके विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही है। इसी सिलसिले में दिल्ली पुलिस उन्हें नोटिस देने पहुँची थी। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने उनके दावे के बारे में सबूत देने को कहा है।

दरअसल, अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाए थे कि बीजेपी उनकी पार्टी के विधायकों को खरीदकर उनकी सरकार गिराने की कोशिश कर रही है। उनके इस दावे की जाँच के लिए दिल्ली पुलिस ने उनसे सबूत माँगे है, ताकि इस दावे को लेकर कार्रवाई की जा सके। वहीं, शराब घोटाले में ईडी ने अरविंद केजरीवाल को समन जारी किया था, लेकिन वे पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए।

एएनआई ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि दिल्ली पुलिस की टीम अरविंद केजरीवाल के घर पहुँची। हालाँकि, आजतक ने दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि क्राइम ब्रांच ने उन्हें नोटिस नहीं दिया, जबकि वहाँ मौजूद अधिकारी नोटिस लेने के लिए तैयार थी।

बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि उनके विधायकों को खरीदने की कोशिश की जा रही है। वह बीजेपी का जिक्र कर रहे थे। केजरीवाल का दावा है कि उनके 21 विधायकों को तोड़ने की योजना चल रही है। उसके साथ ही उनके सात विधायकों से संपर्क किया गया है।

अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर लिखा था, “पिछले दिनों इन्होंने हमारे दिल्ली के 7 MLA से संपर्क कर कहा कि कुछ दिन बाद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लेंगे। उसके बाद MLA को तोड़ेंगे। 21 MLA से बात हो गई है, औरों से भी बात कर रहे हैं। उसके बाद दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार गिरा देंगे। आप भी आ जाओ। 25 करोड़ रुपये देंगे और बीजेपी की टिकट से चुनाव लड़वा देंगे।’

केजरीवाल ने आगे लिखा, “हालाँकि उनका दावा है कि उन्होंने 21 MLA से संपर्क किया है लेकिन हमारी जानकारी के मुताबिक़ उन्होंने अभी तक 7 MLA को ही संपर्क किया है और सबने मना कर दिया। इसका मतलब किसी शराब घोटाले की जाँच के लिए मुझे गिरफ़्तार नहीं किया जा रहा बल्कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार गिराने के लिए षड्यंत्र कर रहे हैं। पिछले नौ सालों में हमारी सरकार गिराने के लिए इन्होंने कई षड्यंत्र किए। लेकिन इन्हें कोई सफलता नहीं मिली। भगवान ने और जनता ने हमेशा हमारा साथ दिया। हमारे सभी MLA भी मज़बूती से साथ हैं। इस बार भी ये लोग अपने नापाक इरादों में फेल होंगे।”

अरविंद केजरीवाल ने आगे लिखा, “ये लोग जानते हैं कि दिल्ली की जनता के लिए हमारी सरकार ने कितने काम किए हैं। इनकी पैदा की गई तमाम अड़चनों के बावजूद हमने इतने काम किए हैं। दिल्ली की जनता ‘आप’ से बेइंतहा प्यार करती है। इसलिए चुनावों में ‘आप’ को हराना इनके बस की बात नहीं। तो एक फ़र्ज़ी शराब घोटाले के बहाने गिरफ़्तार करके सरकार गिराना चाहते हैं।”

इस मामले में दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ये आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि आम आदमी पार्टी के विधायकों को 25 करोड़ रुपए बीजेपी दे रही है। आम आदमी पार्टी उचित समय पर इस बारे में ऑडियो क्लिप जारी करेगी। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस अरविंद केजरीवाल के साथ ही आतिशी को भी नोटिस दे सकती है।

‘पूनम पांडेय के शव का हो पोस्टमॉर्टम, पता चले मौत के कारण’: हैरान दोस्त ने की माँग, एक और दोस्त बोलीं – कभी नहीं बताया कि उन्हें कैंसर हैं

पूनम पांडे जीवित हैं, उनकी मृत्यु नहीं हुई है। वह और उनकी टीम ने अपनी मौत का नाटक रचा था। इससे संबंधित रिपोर्ट यहाँ पढ़ें। पुरानी रिपोर्ट (उनकी टीम द्वारा झूठ पर आधारित) नीचे है।

अभिनेत्री एवं मॉडल पूनम पांडेय की अचानक हुई मौत के कारण बॉलीवुड के कई लोग सदमे में हैं। इंस्टाग्राम के माध्यम से जानकारी दी गई कि सर्वाइकल कैंसर की वजह से पूनम पांडेय की मौत हो गई है। अब उनके मित्र एजाज खान ने उनकी मौत पर हैरानी जताते हुए पोस्टमॉर्टम की माँग की है। अभिनेता एजाज खान ने बताया कि मौत से 2 दिन पहले ही पूनम पांडेय से उनकी मुलाकात हुई थी। उन्होंने बताया कि अभिनेत्री ने कभी उन्हें कैंसर होने की बात नहीं बताई थी।

एजाज खान ने NDTV से बात करते हुए कहा कि लगभग एक दशक से पूनम पांडेय से उनकी दोस्ती थी। उन्होंने शव के पोस्टमॉर्टम की माँग करते हुए कहा कि पूनम पांडेय की मौत का कारण क्या था, ये पता चलना चाहिए। एजाज खान ने बताया कि मौत से 2 दिन पहले तक पूनम पांडेय बहुत खुश थीं, वो सब कुछ उनसे शेयर करती थीं। लेकिन, सर्वाइकल कैंसर के बारे में उन्होंने एजाज खान को कुछ नहीं बताया। एजाज खान ने उनलोगों की निंदा की, जो पूनम पांडेय की मौत के बाद उन पर भद्दे कमेंट्स कर रहे हैं।

एजाज खान ‘ये ममोह मोह के धागे’ सीरियल और ‘सिटी ऑफ ड्रीम्स’ वेब सीरीज के लिए जाने जाते हैं। बता दें कि पूनम पांडेय की PR टीम ने उनकी बहन के हवाले से उनकी मौत की खबर की जानकारी दी थी। पूनम पांडेय की एक अन्य दोस्त संभावना सेठ ने भी कहा है कि अभिनेत्री ने उन्हें कभी कैंसर के बारे में नहीं बताया। ‘न्यूज़ 18’ से बात करते हुए संभावना सेठ ने कहा कि पूनम पांडेय ने उनसे कभी नहीं बताया कि वो किसी प्रकार की समस्या से जूझ रही हैं।

कई भोजपुरी आइटम सॉन्ग्स में दिख चुकीं संभावना सेठ ‘डांसिंग क्वीन’ रियलिटी शो की विजेता रह चुकी हैं। ‘खतरों के खिलाड़ी’ में उन्होंने पूनम पांडेय के साथ काम किया था। अब तक ये स्पष्ट नहीं है कि पूनम पांडेय की मौत कहाँ हुई, उनका इलाज कहाँ चल रहा था, उनका परिवार कहाँ है और उनका पार्थिव शरीर इस समय कहाँ है। कानपुर में उनकी मौत की बात कही गई, लेकिन ‘ABP News’ की मानें तो कानपुर में कैंसर की 2 मरीज ‘पूनम पांडेय’ नाम की मिलीं, एक की उम्र 36 वर्ष है और एक की उम्र 65 वर्ष, लेकिन दोनों ये वाली पूनम पांडेय नहीं हैं।

संभावना सेठ ने कहा, “पिछले साल हम मिले थे। सामाजिक रूप से कार्यक्रमों में हम मिलते रहते थे। वो काफी युवा थीं, 30-32 साल की। ये खबर विश्वास लायक नहीं है, मैं इसे पचा नहीं पा रही हूँ। वो एक सकारात्मक व्यक्ति थीं। वो खुश रहती थीं। मुझे याद है उनके पास एक कुत्ता भी था। सोचिए, वो कितनी मजबूत थीं कि उन्होंने अपनी बीमारी के बारे में किसी को नहीं बताया। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूँ कि वो इस वक्त जहाँ भी हो, खुश हो।”

जिंदा हैं पूनम पांडे? ड्राइवर से लेकर को-स्टार तक बता रहे अलग कहानी, मीडिया में मौत पर चल रही किसिम-किसिम की थ्योरी

पूनम पांडे जीवित हैं, उनकी मृत्यु नहीं हुई है। वह और उनकी टीम ने अपनी मौत का नाटक रचा था। इससे संबंधित रिपोर्ट यहाँ पढ़ें। पुरानी रिपोर्ट (उनकी टीम द्वारा झूठ पर आधारित) नीचे है।

बॉलीवुड हिरोइन और मॉडल पूनम पांडे की मौत को लेकर मीडिया रिपोर्टों में अलग-अलग तरह के दावे किए जा रहे हैं। उनके ड्राइवर से लेकर को-स्टार तक के बयानों का हवाला देकर मौत की खबर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उनके परिवार के लापता होने से लेकर ड्रग ओवरडोज के कारण मौत होने तक के दावे किए जा रहे हैं।

कैसे आई पूनम पांडे की मौत की खबर

शुक्रवार 2 फरवरी 2024 की सुबह 32 साल के पूनम पांडे की मौत की खबर उनके ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर दी गई। पोस्ट में लिखा गया: “यह सुबह हमारे लिए दुखदायी है। आपको यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि हमने अपनी प्यारी पूनम को सर्वाइकल कैंसर के कारण खो दिया है। हर व्यक्ति जो कभी भी उनसे मिला, उसे उनका प्रेम मिला। दुख के इस समय में, हम अपनी गोपनीयता का अनुरोध करते हैं। हम उनके द्वारा शेयर की गई हर बात के लिए उन्हें प्यार से याद करेंगे।”

इसके बाद न्यूज 18 ने पूनम पांडे के कथित मैनेजर के हवाले से मौत की पुष्टि की। मैनेजर के हवाले से बताया कि सर्वाइकल कैंसर के कारण पूनम पांडे की मौत उनके पैतृक शहर कानपुर में हुई है। पूनम पांडे की मौत की खबर आते ही वायरल हो गई। इसने उनके कुछ फैन्स को झकझोर दिया तो कई न इस तरह मौत पर सवाल उठाए।

पूनम पांडे की मौत की खबर झूठी

पूनम पांडे के को स्टार विनीत कक्कड़ के हवाले से मीडिया रिपोर्टों में मौत की खबर को फेक बताया गया है। साथ ही कक्कड़ ने कहा है कि यह पब्लिसिटी स्टंट भी नहीं है, जैसा कुछ मीडिया रिपोर्टों में आशंका जाहिर की गई है। उनके अनुसार पूनम का इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया गया है।

कक्कड़ ने कहा है, “मुझे यह खबर झूठी लग रही है। मैं पूनम को जानता हूँ। वह काफी मजबूत महिला है। मैंने उसके साथ लॉक अप में दो सप्ताह बिताए हैं। मैं उसके व्यक्तित्व और चरित्र से बखूबी परिचित हूँ। वह बेहद मजबूत महिला है।” उल्लेखनीय है कि पूनम के साथ कक्कड़ भी लॉक अप में प्रतिभागी थी। इसकी होस्ट हिरोइन कंगना रनौत थीं।

पूनम पांडे का परिवार गायब, नंबर फर्जी

इंडिया टुडे ने पूनम पांडे से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया है कि हिरोइन की मौत की खबर उनकी बहन ने दी थी। लेकिन इसके बाद से उनकी बहन से संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनके परिवार के अन्य सदस्यों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। दैनिक भास्कर का कहना है कि पूनम की मौत की खबर का प्रेस नोट निकिता शर्मा नाम की एक महिला ने खुद को उनका मैनेजर बताते हुए जारी किया था। इस पर एक नंबर भी था। लेकिन जब इस नंबर पर कॉल किया गया तो इसे पश्चिम बंगाल के किसी व्यक्ति ने उठाया। कथित तौर पर उन्होंने बताया कि उनका पूनम पांडे से कोई संबंध नहीं है और शुक्रवार सुबह से ही उनके पास सैकड़ों फोन आ चुके हैं।

क्या ड्रग्स ओवरडोज से हुई मौत, कहां है शव

टाइम्स नाउ ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पूनम पांडे की मौत सर्वाइकल कैंसर की वजह से नहीं हुई है। इस सूत्र के अनुसार ड्रग्स ओवरडोज से उनकी जान गई है। यदि पूनम पांडे की मौत हुई है तो सवाल यह भी उठता है कि उनका शव कहाँ है? दैनिक भास्कर ने पूनम पांडे के कथित ड्राइवर महबूब के हवाले से बताया है कि हिरोइन दो दिन पहले स्वस्थ थीं। वह 30 जनवरी को पूनम से मिला था। उसके बाद वह दो दिनों की छुट्टी पर चला गया था।

मीडिया में सूत्रों और पूनम पांडे के कथित करीबियों के हवाले से किए जा रहे इन दावों की ऑपइंडिया पुष्टि नहीं करता। लेकिन इससे कई तरह के सवाल पैदा हो रहे हैं। यह भी दावा किया जा रहा है कि 4 फरवरी को वर्ल्ड कैंसर अवेयरनेस डे है। लिहाजा जागरुकता पैदा करने के लिए यह खबर फैलाई गई हो।

40 सीटें भी कॉन्ग्रेस जीत जाए तो बड़ी बात: ममता बनर्जी ने बता दी INDI गठबंधन की औकात, राहुल गाँधी की यात्रा को बताया फोटोशूट

तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राहुल गाँधी और उनकी पार्टी कॉन्ग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने चुनौती दी कि राहुल गाँधी वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हराकर दिखाएँ। ममता ने कहा कि वे I.N.D.I गठबंधन की हिस्सा हैं, लेकिन राहुल गाँधी के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा बंगाल आई थी तो उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं दी गई। । 

दरअसल, ममता बनर्जी शुक्रवार (2 फरवरी 2024) को मुर्शिदाबाद में एक रैली को संबोधित कर रही थीं। इस रैली में उन्होंने राहुल गाँधी पर जमकर हमला बोला और कहा, “मुझे नहीं पता कि कॉन्ग्रेस 300 में से 40 सीटें भी जीतेगी या नहीं, फिर भी ये अहंकार क्यों है? आप बंगाल आए, मगर मुझे बताया भी नहीं। हम तो इंडी गठबंधन का हिस्सा हैं। अगर आपमें हिम्मत है तो वाराणसी में बीजेपी को हराकर दिखाइए। आप उन जगहों पर भी हार गए, जहाँ पहले जीतते थे।”

ममता बनर्जी ने राहुल गाँधी के ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान बीड़ी मजदूरों से मुलाकात को लेकर भी निशाना साधा। ममता बनर्जी ने कहा कि यह कोई नया स्टाइल चल पड़ा है… फोटोशूट कराने का। जो लोग कभी चाय की दुकान पर भी नहीं गए, अब वे बीड़ी श्रमिकों के साथ बैठने का दिखावा कर रहे हैं। ये सभी प्रवासी पक्षी की तरह हैं।

ममता बनर्जी इंडिया ब्लॉक से बाहर निकलने को तैयार: सीपीएम

इस बीच, राहुल गाँधी से रघुनाथपुर में वामपंथी नेताओं ने भी मुलाकात की। राहुल गाँधी से मुलाकात के बाद सीपीआई (एम) के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने कहा, “ममता बनर्जी भी इंडी गठबंधन की ट्रेन से उतरने के लिए तैयार हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हम आरएसएस-भाजपा के खिलाफ लड़ रहे हैं। आरएसएस-बीजेपी से मुकाबले के लिए राहुल गाँधी भी भारत जोड़ो न्याय यात्रा लेकर निकले हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “हम भारत में लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ रहे हैं। हम इस यात्रा के प्रति अपनी एकजुटता दिखाने के लिए यहाँ आए हैं। बहुत सारे लोग शुरुआती स्टेशन से ट्रेन में चढ़े, लेकिन कोई यह नहीं कह सकता कि कौन भाजपा के खिलाफ लड़ाई का हिस्सा बना रहेगा और कौन उतरेगा रास्ते में। ममता बनर्जी अब ट्रेन से उतरना चाहती हैं और हम इसका स्वागत करते हैं।”

बता दें कि ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब टीएमसी ने पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने का फैसला लिया है। तृणूमल कॉन्ग्रेस के इस फैसले को विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इस बीच, ममता ने एक बार फिर से कॉन्ग्रेस को अपने तेवर दिखा दिए हैं।