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राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में सुष्मिता सेन को दिखी ‘घृणा की राजनीति’, इंस्टाग्राम पर शेयर की संविधान के प्रस्तावना की फोटो: लोग बोले – मूर्खता में की है Ph.D

अयोध्या में सोमवार (22 जनवरी, 2024) को एक भव्य कार्यक्रम में निर्माणाधीन मंदिर के गर्भगृह में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों पुरोहितों ने ये प्रक्रिया संपन्न कराई। पीएम मोदी इसके लिए 11 दिनों के अनुष्ठान पर थे। इस अवसर पर उद्योग, राजनीति, मनोरंजन एवं खेल जगत की कई बड़ी हस्तियाँ मौजूद रहीं। जहाँ देशवासी राम के आगमन की खुशियाँ मना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सुष्मिता सेन राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से भड़क गई हैं।

सुष्मिता सेन ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में भारत के संविधान की प्रस्तावना की तस्वीर शेयर की। इसे मूल रूप से एक्टिंग वर्कशॉप चलाने वाले अतुल मोंगिया ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट बना कर शेयर किया था। अतुल मोंगिया कई बड़ी फिल्मों में एक्टिंग वर्कशॉप एवं कास्टिंग डायरेक्टर रहे हैं। उन्होंने इस पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा था, “मैं अपने देश से प्यार करता हूँ। और, घृणा की किसी भी प्रकार की राजनीति इसे बदल नहीं सकती।” साथ ही उन्होंने AR रहमान का ‘ये जो देश है मेरा’ गाना भी लगाया।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद सुष्मिता सेन की इंस्टाग्राम स्टोरी

अभिनेत्री सुष्मिता सेन ने इसे हूबहू अपनी स्टोरी में शेयर कर दिया और हैशटैग लगाया – ‘मातृभूमि’। साथ ही उन्होंने ‘प्रणाम’, दिल और मुस्कुराने वाली इमोजी भी लगाई। सुष्मिता सेन के इस कदम की आलोचना हो रही है। फिल्म जगत से सुपरस्टार रजनीकांत, अमिताभ बच्चन, उनके बेटे अभिषेक बच्चन, रणबीर कपूर, उनकी पत्नी आलिया भट्ट, आयुष्मान खुराना, विक्की कौशल, उनकी पत्नी कैटरीना कैफ, मेगास्टार चिरंजीव, उनके बेटे रामचरण तेजा, रोहित शेट्टी, राजकुमार हिरानी और धनुष समेत कई हस्तियाँ मौजूद रहीं।

सुष्मिता सेन की आलोचना करते हुए यूजर्स पूछ रहे हैं कि भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में घृणास्पद क्या हो गया? एक यूजर ने कहा कि मूर्खता में Ph.D की डिग्री लेने वाले व्यक्ति ही इस तरह की बातें कर सकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद ही नफरत से भरे पड़े हैं, वो भला जनभावनाओं को क्या ही समझेंगे। वहीं कॉन्ग्रेस समर्थक सोशल मीडिया हैंडल्स सुष्मिता सेन की तारीफ कर रहे हैं। लोगों ने कहा कि बॉलीवुड कभी नहीं बदलेगा।

जहाँ लोग रामलला की प्रतिमा की तस्वीरें शेयर कर रहे हैं, वहीं सुष्मिता सेन को इससे चिढ़ है। सुष्मिता सेन 1994 में ‘मिस यूनिवर्स’ रहीं सुष्मिता सेन ‘बीवी नंबर वन’ (1999), ‘सिर्फ तुम’ (1999), ‘फिलहाल’ (2002) और ‘मैं हूँ ना’ (2004) जैसी फिल्मों में सपोर्टिंग अभिनेत्री का किरदार अदा कर कई अवॉर्ड बटोर चुकी हैं। कुछ महीनों पहले IPL के पूर्व अध्यक्ष और भगोड़े ललित मोदी के साथ रिलेशनशिप को लेकर वो चर्चा में आई थीं। फ़िलहाल सुष्मिता सेन 18 साल छोटे मॉडल रोहमन शॉल के साथ रिलेशनशिप में हैं।

भारत के बिना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद बकवास, एलन मस्क ने में UNSC में सुधारों की उठाई आवाजः नीयत में खोट को लेकर शक्तिशाली देशों को घेरा

टेस्ला, स्पेस एक्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के मालिक एलन मस्क ने भारत के लिए आवाज उठाते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को घेरा है। उन्होंने कहा है कि यूएन के निकायों की समय-समय पर समीक्षा होती रहनी चाहिए। उन्होंने बताया कि भारत सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है लेकिन इसके बावजूद सिक्योरिटी काउंसिल में भारत को जगह नहीं दी गई।

एलन मस्क ने ऐसा तब कहा जब अफ्रीका को संयुक्त राष्ट्र की स्थायी सदस्यता देने की माँग संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटरेस ने की। उस पर एक यूजर ने भारत की स्थायी जगह की बात छेड़ी और फिर एलन मस्क ने अपना मत रखा।

सबसे पहले संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव ने ट्वीट करके कहा था, “हम इसे कैसे स्‍वीकार कर सकते हैं कि अफ्रीका एक भी स्‍थायी सदस्‍य सुरक्षा परिषद में नहीं है? संस्‍थानों को आज की दुनिया को द‍िखाना चाहिए न कि 80 साल पहले की दुनिया। सितंबर में होने वाले शिखर सम्‍मेलन में वैश्विक प्रशासन पर फिर से विचार करने और विश्‍वास को फिर से बहाल करने का अवसर होगा।”

उनके इस ट्वीट पर माइकेल इसनबर्ग नाम के यूजर का ट्वीट आया। उन्होंने पूछा, “और भारत का क्या? अच्छा यही है कि इस UN को तोड़कर नए नेतृत्व के साथ कुछ बनाया जाए।”

एलन मस्‍क ने एक्‍स पर ट्वीट किया, “संयुक्‍त राष्‍ट्र के निकायों की समीक्षा करने की जरूरत है। समस्‍या यह है कि जिन (देशों) के पास बहुत ज्‍यादा ताकत है, वे इसे छोड़ना नहीं चाहते हैं। धरती पर सबसे ज्‍यादा आबादी होने के बाद भी भारत को संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में स्‍थायी सदस्‍यता नहीं दिया जाना एकदम बेतुका है। अफ्रीका को भी सामूहिक रूप से एक सीट संयुक्‍त राष्‍ट सुरक्षा परिषद में दिया जाना चाहिए।”

इसी ट्वीट के जवाब में एलन को भारत का पक्ष रखते देख कई भारतीय खुश हैं और उन्हें धन्यवाद कह रहे हैं। वहीं कुछ उन्हें नरेंद्र मोदी का फैन बता रहे हैं। कहा जा रहा है कि पहले तो रूस, फ्रांस, ब्रिटेन जैसे देश ही भारत के समर्थन में आवाज उठाते थे अब दुनिया के सबसे अमीर शख्स ने भी भारत को सपोर्ट कर दिया है।

प्राण-प्रतिष्ठा के लिए नंगे पैर गए अयोध्या, नंगे पैर ही मुंबई लौटे: हाथों में राम दरबार-मुख पर जय श्रीराम, जैकी श्रॉफ का Video वायरल

बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ की एक वीडियो सामने आई है इसमें वह भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी की मूर्ति लेकर नंगे पाँव चलते दिख रहे हैं। उनके साथ इस वीडियो में विवेक ऑबरॉय भी हैं जो पैपराजियों को बता रहे हैं कि जैकी श्रॉफ पूरा रास्ते नंगे पैर गए थे और नंगे ही पैर वापस भी आए हैं। इस दौरान वह जय श्रीराम का नारा देते भी कई बार दिखते हैं और हाथ से कसके राम परिवार को पकड़े रहते हैं।

इससे पहले वो उन्होंने राम मंदिर पहुँचकर मीडिया से बात करते हुए कहा था- “ये मेरा नसीब है। मेरे जैसे चाली का लड़का जो आज इस मुकाम पर आकर खड़ा है। इतने बड़े लोगों के साथ मुझको बुला लिया ये भी मेरे लिए बड़ी बात है। आशीर्वाद मिला है क्योंकि हम भक्त है। भक्त तो भक्त ही रहता है।”

बता दें कि बॉलीवुड में कुछ अभिनेता समय-समय पर अपनी भगवान के प्रति आस्था को जाहिर करते रहे हैं। जैकी श्रॉफ उन्हीं में से एक हैं। पिछले दिनों जब प्रधानमंत्री मोदी ने धार्मिक स्थलों की सफाई की बात कही थी तो जैकी श्रॉफ ने महाराष्ट्र के एक मंदिर में अपने हाथ से जाकर पोंछा मारा था।

वहाँ की मूर्तियों को रगड़-रगड़ कर साफ किया था। ये सब ऐसा नहीं था कि सिर्फ कैमरे के लिए हो क्योंकि वीडियोज में गंदगी साफ होते भी साफ दिखी थी। इस कार्य के दौरान वो सबको साफ-सफाई के लिए प्रेरित करते भी नजर आए थे।

गौरतलब है कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में बॉलीवुड के कई चर्चित नाम पहुँचे थे। इनमें विकी कौशल-कटरीना कैफ, रणबीर कपूर-आलिया भट्ट, माधुरी दीक्षित, अनुपम खेर, रोहित शेट्टी, आयुष्मान खुराना, कंगना रनौत, अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन शामिल थे। सबकी एक साथ वीडियोज भी आईं। अभिनेत्रियों ने जहाँ इस कार्यक्रम में साड़ी पहनी वहीं सारे अभिनेता धोती कुर्ता और पजामा कुर्ते में आए।

वहाब ने कुत्ते को रामनामी पहनाया, जामिया में लगे बाबरी के नारे: कही पथराव-कहीं भगवा फाड़ा, दरभंगा से बाड़मेर तक घृणा की कई घटनाएँ

राम जन्मभूमि पर रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हो गई है। अयोध्या राम मंदिर को लेकर जहाँ चारों ओर हर्षोल्लास देखने को मिल रहा है, वहीं हिंदू और राम नाम से घृणा करने वाले भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। गाजियाबाद में वहाब ने अपने कुत्ते को रामनामी पहनाकर पूरे मोहल्ले में घुमाया तो दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया में बाबरी के नारे लगाए गए। राजस्थान के बाड़मेर में भगवा झंडे को फाड़ा गया तो बिहार के दरभंगा में शोभा यात्रा पर पथराव हुआ। गुजरात के वडोदरा में भी शोभा यात्रा को निशाना बनाया गया।

गाजियाबाद में शादाब ने कुत्ते को रामनामी पहनाया

दिल्ली से सटे जिले गाजियाबाद में वहाब ने अपने कुत्ते के गले में भगवान राम के नाम की पटका डाली और उसे पूरे मोहल्ले में घुमाया। इस घटना पर स्थानीय लोगों ने तीखा विरोध किया तो पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने शादाब को गिरफ्तार कर लिया है। सहायक पुलिस आयुक्त (इंदिरापुरम) स्वतंत्र कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वैशाली सेक्टर तीन में मजहब विशेष के युवक ने ऐसा काम किया। कौशांबी पुलिस ने जाँच के बाद आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वहाब के खिलाफ धार्मिक भावनाएँ भड़काने समेत अन्य कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।

बिहार के दरभंगा में शोभा यात्रा पर पथराव

बिहार के दरभंगा में रामलला की शोभा यात्रा पर पथराव किया गया। ये मामला सिंहवाड़ा थाने के भपुरा गाँव का है। सोमवार (22 जनवरी 2024) को श्रीराम शोभा यात्रा के दौरान पथराव किया गया। उपद्रवियों ने दो बाइक सहित डीजे वाहन को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया। अचानक हुए हमले से शोभायात्रा में शामिल रामभक्तों में अफरातफरी की स्थिति हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित किया। उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

राजस्थान में फाड़ा भगवा झंडा

राजस्थान के बाड़मेर में एक पोल पर लगे भगवा झंडा को फाड़ दिया गया, जिसके बाद लोग गुस्से में आ गए। गुस्साए लोगों ने हाईवे को जाम कर दिया और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। मामला बाड़मेर के ग्रामीण कोतवाली क्षेत्र का है। पुलिस ने आरोपित को भाडखा कस्बे से गिरफ्तार कर लिया है। घटना 22 जनवरी के शाम की है।

जामिया में बाबरी की गूँज, पुलिस बल की तैनाती

दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया में बाबरी मस्जिद के समर्थन में नारे लगाए गए। इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। रिपोर्ट में यूनिवर्सिटी प्रशासन के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि नारेबाजी में कुछेक छात्र शामिल थे। इन्होंने ‘स्ट्राइक फॉर बाबरी’ जैसे नारे लगाए। हालाँकि शैक्षणिक गतिविधि पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।

वडोदरा में शोभा यात्रा पर पत्थरबाजी

गुजरात के वडोदरा में भी शोभायात्रा निकाल रही टोली पर पत्थरों से हमला किया गया। वडोदरा के पडरा में जब शोभा यात्रा चल रही थी तो अचानक पत्थरों की बारिश होने लगी। सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें अफरातफरी का माहौल दिख रहा है। पास ही एक मस्जिद भी नजर आ रही है। फिलहाल हालात काबू में हैं।

बता दें कि राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा से पहले भी कई जगहों से हिंसा की खबरें सामने आई थी। कहीं मुस्लिम भीड़ ने छतों से पत्थरबाजी की, तो कहीं पर चलती सड़क पर हिंदुओं को निशाना बनाया। एक जगह तो तिलमिलाहट में इस्लामी कट्टरपंथी ने अयोध्या के राम मंदिर को ही उड़ा डालने की धमकी दी है। गुजरात के मेहसाना में प्राण प्रतिष्ठा से पहले निकाली गई शोभा यात्रा पर छतों से पत्थरबाजी हुई। पुलिस को स्थिति काबू करने के लिए आँसू गैस के छोड़ने पड़े। इलाके में पुलिस बल तैनात है और पत्थरबाजों पर कार्रवाई करते हुए 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें महिलाएँ भी शामिल हैं। इसी तरह मुंबई के मीरा रोड में भी सनातन यात्रा पर भीड़ ने हमला किया है।

प्राण-प्रतिष्ठा के बाद रामलला के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु, रात से ही लगी कतारें; ‘जय श्रीराम’ से गूँजा अयोध्या धाम, सरयू घाट से लेकर मुख्य द्वार तक का देखें दृश्य

अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद मंदिर के बाहर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। जैसी वीडियोज सामने आई हैं उन्हें देख पता चल रहा है कि सभी भक्त अपने प्रभु की एक झलक पाने को बेताब हैं। राम मंदिर के बाहर रात 3 बजे से ही ताँता लगा हुआ है।

स्थानीय प्रशासन सभी भक्तों का स्वागत कर रहा है लेकिन भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। चारों ओर से सिर्फ प्रभु श्री राम की जय जयकार सुनाई पड़ रही है। सारा माहौल भक्तिमय हो रखा है। हर कोई रामधुन में मग्न है।

एएनआई ने सुबह का वीडियो जारी किया है, जिसमें राम मंदिर के मुख्य द्वार के पास हजारों लोग जमा हैं। ये हजारों लोग रामलला के दर्शन को लालायित हो रहे हैं।

रामलला के दर्शन से पहले भक्त सरयू में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि रात तीन बजे से ही राम मंदिर के मुख्य द्वार पर भक्तों की भारी भीड़ जमा हो गई थी।

इस बीच अयोध्या में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। हालाँकि ये भी ध्यान दिया जा रहा है कि किसी भी श्रद्धालु को कोई असुविधा न हो।

राम लला के दर्शन के लिए आधी रात से ही मंदिर के द्वार पर पहुँचने लगे थे। वीआईपी प्रोटोकॉल हटने के साथ ही आम भक्तों को अयोध्या में आने की अनुमति मिल गई थी।

बता दें कि सोमवार (22 जनवरी 2024) को अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में यह अनुष्ठान पूरा हुआ। इस मौके पर खुद को धन्य बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राम मंदिर को भारतीय चेतना का मंदिर बताया।

अयोध्या में पीएम मोदी ने कहा, “हमारे राम आ गए। सदियों की प्रतीक्षा के बाद हमारे राम आ गए। सदियों के त्याग और तपस्या के बाद हमारे प्रभु राम आ गए हैं।” वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज आत्मा इस बात से प्रफुल्लित है कि मंदिर वहीं बना है, जहाँ बनाने का संकल्प लिया था।

मेक्सिको में भी विराजे प्रभु श्रीराम, खुला पहला मंदिर: अमेरिकी पुजारियों ने कराई प्राण-प्रतिष्ठा, भारत से गई मूर्ति की होगी पूजा

अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से ठीक पहले रविवार (21 जनवरी 2024) को मेक्सिको को अपना पहला भगवान राम का मंदिर मिल गया। मंदिर को आधिकारिक तौर पर अमेरिकी पुजारियों ने ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह के बाद खोला। इस मंदिर में रखी गई मूर्तियों को भारत से मँगाया गया है।

मेक्सिको के भीतर ये राम मंदिर क्वेरेटारो शहर में खुला है। भारतीय प्रवासियों द्वारा गाए गए भजनों और गीतों के बीच आयोजित भगवान का अभिषेक समारोह, मैक्सिकन मेजबानों के साथ एक अमेरिकी पुजारी द्वारा किया गया, बाद में मंदिर का उद्घाटन किया गया और इसके द्वारा को भक्तों के लिए खोल दिया गया।

भारतीय दूतावास ने दी जानकारी

मेक्सिको स्थित भारतीय दूतावास ने इस बात की जानकारी दी। इस पोस्ट में लिखा, “अयोध्या में ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह की पूर्व संध्या पर, मेक्सिको के क्वेरेटारो शहर को पहला भगवान राम मंदिर मिला। मेक्सिको में हनुमान जी का पहला मंदिर भी क्वेरेटारो में ही स्थित है। ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह एक अमेरिकी पुजारी द्वारा मैक्सिकन मेजबानों और भारत से लाई गई मूर्तियों के साथ किया गया था। पूरे हॉल में प्रवासी भारतीयों द्वारा गाए गए भजनों और गीतों की गूँज से वातावरण दिव्य ऊर्जा से भर गया।”

अयोध्या में आए राम

बता दें कि सोमवार (22 जनवरी 2024) को अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में यह अनुष्ठान पूरा हुआ। इस मौके पर खुद को धन्य बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर को भारतीय चेतना का मंदिर बताया।

अयोध्या में पीएम मोदी ने कहा, “हमारे राम आ गए। सदियों की प्रतीक्षा के बाद हमारे राम आ गए। सदियों के त्याग और तपस्या के बाद हमारे प्रभु राम आ गए हैं।” वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज आत्मा इस बात से प्रफुल्लित है कि मंदिर वहीं बना है, जहाँ बनाने का संकल्प लिया था।

ताजुद्दीन ने राम मंदिर को ‘बाबरी मस्जिद’ बता कर लगा दिया पाकिस्तानी झंडा, अपना एड्रेस बता कर राम-सीता को गाली दे रहे शख्स को यूपी पुलिस ने उठाया

अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो गई है। इस बीच, सोशल मीडिया पर माहौल खराब करने की कोशिश भी की गई। कर्नाटक में ताजुद्दीन दाफेदार नाम के युवक ने सोशल मीडिया पर राम मंदिर की फोटो को एडिट करके उस पर पाकिस्तान के तीन झंडे लगा दिए। यही नहीं, उसने फोटो पर बाबरी मस्जिद भी लिख दिया और इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

कर्नाटक में ताजुद्दीन ने लगाया पाकिस्तान झंडा

ये मामला कर्नाटक के गडग जिले का है। जहाँ ताजुद्दीन ने ऐसी घटिया हरकत को अंजाम दिया। इस मामले में हिंदू संगठन के लोगों ने आवाज उठाई। हालाँकि जब मामला हंगामे तब्दील होने लगा, तो पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपित की पहचान की और उसे ट्रेस करके गिरफ्तार कर लिया। हालाँकि, पुलिस ने आरोपित की आईडी से वो पोस्ट डिलीट करवा दी। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने आरोपित को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी है। इस मामले में गडग के एसपी बाबासाब नेमागौड ने बताया है कि आरोपित को हिरासत में ले लिया गया है। उसके बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है।

पीलीभीत में भगवान राम और माता सीता पर अभद्र टिप्पणी

उत्तर प्रदेश समेत सारा भारत रामलला के आगमन की खुशियाँ मना रहा था, तो खुद को एथीस्ट बताने वाले दिव्य यशस्वी नाम के एक्स हैंडल ने भगवान राम और माता सीता पर अभद्र टिप्पणी कर दी। उसने राम भक्तों को गोबरजीबी भी कहा। यही नहीं, उसने ये कह कर लोगों का मजाक उड़ाया कि सीता जी को छोड़ने वाले राम को ये गोबरजीवी लोग मर्यादा पुरुषोत्तम करते हैं।

एक्स पर अभद्र टिप्पणी

उसके इस पोस्ट पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। एक व्यक्ति ने उसके घर का पता पूछा, तो उसने अपना घर पीलीभीत बताया।

इस पोस्ट के थोड़ी ही देर बार पीलीभीत पुलिस ने एक्स पर जवाब दिया है कि आरोपित को लोकेट करके उसे हिरासत में ले लिया गया है।

दो घंटे के भीतर पीलीभीत पुलिस ने आरोपित को हिरासत में लिया

इधर पीलीभीत पुलिस ने आरोपित को हिरासत में लिया, उधर लोगों ने माँग की है कि आरोपित की फोटो ज़रूर एक्स पर शेयर की जाए।

‘ठीक की पूर्वजों की गलती’: उधर राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा, इधर याकूब ने परिवार समेत अपनाया सनातन धर्म, अब कहलाएँगे ‘राजकुमार’

मध्य प्रदेश में एक मुस्लिम परिवार ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन सनातन धर्म को स्वीकार कर लिया। यह घटना मध्य प्रदेश के अलीराजपुर की है। अलीराजपुर के निवासी याकूब खान ने 22 जनवरी के मौके को सनातन में प्रवेश के लिए चुना। उन्होंने अपने पूरे परिवार के साथ सनातन को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि वो अपने पूर्वजों की गलतियों को ठीक कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, अलीराजपुर के कुम्हारवाड़ा निवासी याकूब खान ने 22 जनवरी, 2024 को अपने बेटे शाहरुख, बेटी करिश्मा के साथ सनातन स्वीकार कर लिया। इनके नाम भी बदल दिए गए। उन्होंने इस्लाम से सनातन में दीक्षा राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर आयोजित किए गए एक कार्यक्रम में ली।

मुस्लिम याकूब को अलीराजपुर के महात्मा गाँधी मार्ग पर बनाए गए अयोध्या धाम में सनातन में प्रवेश दिलाया गया। हिन्दू कार्यकर्ता जयेश भट्ट और संजय माँझी ने उनकी घर-वापसी की प्रक्रिया संपन्न करवाई। उनके पैर धुले गए और भगवा अंगवस्त्र ओढ़ा कर उनका सनातन में स्वागत किया। इस दौरान पूजन विधि सम्पन्न की गई।

अयूब का नया नाम राजकुमार रखा गया है। उनकी बेटी का नाम करिश्मा था, उसका नाम करिश्मा ही रखा गया है। वहीं शाहरुख को सुभाष का नाम दिया गया है। उन्होंने कहा है कि वह लम्बे समय से सनातन को पसंद करते थे और स्वेच्छा से सनातन में आ रहे हैं।

यह भी जानकारी दी गई कि याकूब की पत्नी शारदा हिन्दू हैं। वह याकूब से निकाह के बाद हिन्दू ही बनी रहीं और घर में सनातन रीति-रिवाज का पालन करती रहीं। अयूब (राजकुमार) की दो बेटियों की शादी भी हिन्दू परिवारों में हुई है। बताया गया कि एक बेटी की शादी राजस्थान में हिन्दू परिवार जबकि एक की गुजरात के हिन्दू परिवार में की है।

अयूब (राजकुमार) ने कहा है कि उन्होंने बिना किसी दबाव के स्वेच्छा से अपने परिवार के साथ सहमति से धर्म बदला है। वह लम्बे समय से सनातन को पसंद करते आए हैं और इसीलिए उन्होंने इसमें आने का निर्णय लिया।

राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद ‘प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना’ का शंखनाद, 1 करोड़ घरों की छत पर सोलर पैनल लगाएगी मोदी सरकारः अयोध्या से लौटने के बाद पहला निर्णय

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से लौटने के बाद एक बड़ा निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री ने ऐलान किया है कि जल्द ही सरकार ‘प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना’ शुरू करेगी। इसके तहत देश में एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर लगाया जाएगा।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “सूर्यवंशी भगवान श्री राम के आलोक से विश्व के सभी भक्तगण सदैव ऊर्जा प्राप्त करते हैं। आज अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर मेरा ये संकल्प और प्रशस्त हुआ कि भारतवासियों के घर की छत पर उनका अपना सोलर रूफटॉप सिस्टम हो।”

आगे उन्होंने लिखा, “अयोध्या से लौटने के बाद मैंने पहला निर्णय लिया है कि हमारी सरकार 1 करोड़ घरों पर रूफटॉप सोलर लगाने के लक्ष्य के साथ ‘प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना’ प्रारंभ करेगी। इससे गरीब और मध्यम वर्ग का बिजली बिल तो कम होगा ही, साथ ही भारत ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बनेगा।”

दरअसल, सोलर रूफटॉप से घरों की छतों पर सोलर एनर्जी प्लांट लगाकर बिजली पैदा की जाती है। इसमें घर की क्षमता के हिसाब से सोलर प्लांट लगाया जाता है। इसके जरिए सोलर एनर्जी बनाकर घर की बिजली जरूरत पूरी होती है।

जो घर अपनी आवश्यकता से अधिक बिजली पैदा करते हैं, उनसे सरकार बिजली खरीद भी लेती है। भारत के बड़े हिस्से में ठण्ड का प्रभाव इतना नहीं होता है और कई हिस्सों में धूप लम्बे समय तक रहती है। ऐसे में यह योजना गेमचेंजर साबित हो सकता है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में 25 करोड़ घरों पर ऐसे रूफटॉप सोलर लगाए जा सकते हैं। इनके ऊपर 637 गीगावॉट तक की ऊर्जा पैदा कर सकती है। हालाँकि, यही रिपोर्ट दिखाती है कि देश में मात्र 11 गीगावॉट ही रूफटॉप सोलर लगाए गए हैं अभी।

भले ही भारत ने घरों पर सोलर क्षमता लगाने में अभी आशातीत सफलता नहीं पाया हो, लेकिन उसने बीते कुछ वर्षों में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में काफी प्रगति हासिल की है। रिपोर्ट बताती है देश में अभी लगभग 75 गीगावॉट की सोलर क्षमता है। यह 2014 में लगभग 2 गीगावॉट ही थी। ऐसे में 2014 से अब तक इसमें लगभग 35 गुने की वृद्धि हुई है।

राम मंदिर से अभी ही 20000 नौकरियाँ, इस साल ₹25000 करोड़ की एक्स्ट्रा कमाई: अयोध्या में 50 बड़े होटल प्रोजेक्ट्स, वेटिकन-मक्का छूटेगा पीछे

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में भक्तों की बाढ़ आने वाली है। उनके स्वागत के लिए योगी आदित्यनाथ की राज्य सरकार भी तैयार है। इसके लिए वो बुनियादी सुविधाओं का विस्तार कर रही है। प्रदेश सरकार ने अयोध्या में हजारों करोड़ का निवेश किया है। सड़कों के जाल से लेकर सुरक्षा और अन्य मामलों में राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाया है। खुद योगी आदित्यनाथ ने बतौर मुख्यमंत्री अयोध्या पर अच्छा खासा ध्यान दिया।

राम मंदिर के निर्माण से अयोध्या की अर्थव्यवस्था में हजारों करोड़ का निवेश होगा। इससे अयोध्या में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। राम मंदिर के निर्माण से अयोध्या एक प्रमुख आर्थिक केंद्र बन जाएगा। यह मंदिर भारत की एकता और अखंडता को भी मजबूत करेगा। राम मंदिर का निर्माण सिर्फ अयोध्या ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक अवसर है। मंदिर के निर्माण से अयोध्या में पर्यटन और व्यापार में उछाल आएगा। इससे अयोध्या की अर्थव्यवस्था में विकास होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंच से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “सांस्कृतिक अयोध्या, आयुष्मान अयोध्या, स्वच्छ अयोध्या, सक्षम अयोध्या, सुरम्य अयोध्या, सुगम्य अयोध्या, दिव्य अयोध्या और भव्य अयोध्या के रूप में पुनरुद्धार के लिए हजारों करोड़ों रुपए वर्तमान में यहाँ पर भौतिक विकास के लिए लग रहे हैं।”

राम मंदिर के निर्माण से अयोध्या और उत्तर प्रदेश की दिशा और दशा किस तरह से बदलेगी, उसके बारे में यहाँ विस्तार से बताया जा रहा है।

SBI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राम मंदिर के कारण फाइनेंशियल ईयर 2025 में उत्तर प्रदेश सरकार को 25,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कमाई हो सकती है। मास्टर प्लान 2031 के मुताबिक, अयोध्या के पुनर्विकास का काम अगले 10 साल में पूरा होगा। इस पर 85,000 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। शहर में अभी केवल दो ब्रांडेड होटल हैं, लेकिन आने वाले दिनों में ताज होटलों और ITC होटलों ने शहर में बड़े पैमाने पर निवेश करने की तैयारी में है।

होटल इंडस्ट्री में बड़े निवेश के लिए कई डील साइन हो रही हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की फेमस होटल कंपनियाँ अयोध्या में अपने होटल बना रही हैं। इस शहर में करीब 50 प्रमुख होटल निर्माण परियोजनाएँ जारी हैं। इनमें ताज, मैरियट, जिंजर, ओबेरॉय, ट्राइडेंट और रेडिसन शामिल हैं। अयोध्या में होटल उद्योग में चार बड़ी परियोजनाओं के तहत करीब 420 करोड़ रुपए का निवेश होने का अनुमान है। इस सूची में पहले नंबर पर पंचे ड्रीमवर्ल्ड LLP है, जो 140 करोड़ रुपए की कुल लागत से ‘ओ रामा होटल्स एंड रिजॉर्ट्स’ परियोजना स्थापित करेगी। वहीं, हेरिटेज होटल जैसे प्रोजेक्ट भी आगे बढ़ने वाली हैं।

अयोध्या के मंडलायुक्त गौरव दयाल ने बताया कि ‘वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन’ (GIS) के दौरान अयोध्या में पर्यटन के लिए करीब 18,000 करोड़ रुपए के 102 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए थे। जीआईएस के बाद भी कई व्यापारी अयोध्या में पर्यटन क्षेत्र में निवेश करने के लिए सरकार और जिला प्रशासन के पास अपने प्रस्ताव भेज रहे हैं। इस समय अयोध्या में पर्यटन से संबंधित 126 परियोजनाएँ पूरी होने वाली हैं। इनमें से 46 में MoU पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं, जबकि 80 गैर-एमओयू हैं। इन सभी 126 परियोजनाओं की कुल लागत करीब 4000 करोड़ रुपए के आसपास है।

अयोध्या में नौकरियों और व्यवसाय से आय बढ़ने की नई लहर

‘इकोनॉमिक टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, उद्घाटन से पहले हॉस्पिटैलिटी, टूर और टूरिज्म से अयोध्या में 20,000 नौकरियाँ पैदा हुईं। होटल और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के आने और टूरिस्टों की संख्या बढ़ने से रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे। रैंडस्टैड इंडिया के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी यशब गिरी ने 20,000 से 25,000 स्थायी और अस्थायी नौकरियों के सृजन का अनुमान लगाया। यह संख्या सालाना बढ़ने की उम्मीद है। इससे अकेले अयोध्या को लाभ नहीं होगा, बल्कि लखनऊ, कानपुर और गोरखपुर जैसे पड़ोसी शहरों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

‘कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स’ (CAIT) ने कहा कि अकेले प्रतिष्ठा समारोह से देश भर में 1 लाख करोड़ रुपए का कारोबार होने की उम्मीद है। CAIT के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने PTI से बातचीत में कहा कि यह आयोजन (राम लला प्राण प्रतिष्ठा) न केवल धार्मिक भावनाओं का प्रतिनिधित्व कर रहा है, बल्कि पूरे प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों में भी बढ़ोतरी कर रहा है।

अगले 6 माह में आएँगे 2 करोड़ लोग

उत्तर प्रदेश सरकार को उम्मीद है कि अब हर दिन एक लाख लोग अयोध्या पहुँचने लगेंगे। अगले 6 माह में ये आँकड़ा 20 मिलियन यानी 2 करोड़ तक पहुँच जाएगा। ऐसे में अयोध्या अमृतसर के स्वर्ण मंदिर और तिरुपति बालाजी के मंदिर को भी श्रद्धालुओं की संख्या के मुकाबले में पीछे छोड़ देगा। बता दें कि अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में प्रति वर्ष 30-35 मिलियन लोग आते हैं, जबकि तिरुपति मंदिर में 25-30 मिलियन लोग आते हैं। विश्व स्तर पर, वेटिकन सिटी में हर साल लगभग 9 मिलियन पर्यटक आते हैं और सऊदी अरब के मक्का में लगभग 20 मिलियन पर्यटक आते हैं। इस तरह से अयोध्या अगले एक साल में दुनिया के सबसे प्रमुख धार्मिक पर्यटन क्षेत्रों को पीछे छोड़ देगी।

अयोध्या में ये सबकुछ होता रहेगा, तो अयोध्या के मास्टरप्लान पर भी तेज़ी से काम चलता रहेगा। जब साल 2031 के लिए बनाए गए मास्टरप्लान के तहत 85,000 करोड़ रुपयों को अयोध्या पर जब खर्च किया जाएगा और हर दिन 2 से 3 लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुँचने लगेंगे, तो अयोध्या की सूरत देखने लायक होगी। ऐसे में रामलला का मंदिर सिर्फ धार्मिक वजह से ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के साथ ही देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद शुभ साबित होने वाला है।