भारतीय क्रिकेट टीम में नियमित जगह बनाने की कोशिश कर रहे विकेटकीपर बल्लेबाज केएस भरत ने प्रत्यंचा (धनुष पर बाण चढ़ाना) चढ़ा कर अपना शतक भगवान राम को समर्पित किया। उन्होंने इंडिया ए के लिए खेलते हुए इंग्लैंड लॉयंस के खिलाफ शानदार शतक लगाया और एक समय मैच से बाहर जा रही इंडिया ए टीम को मैच जीतने की स्थिति तक पहुँचा दिया था। हालाँकि इंडिया ए और इंग्लैंड लायंस टीम के बीच हुआ मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
इस अनऑफिसियल टेस्ट मैच में भारत ए के सामने चौथी पारी में जीत के लिए 490 रनों का लक्ष्य रखा गया था। भारतीय टीम ने 219 रनों पर ही 5 विकेट गँवा दिए थे, और एक समय इंडिया ए को हार दिख रही थी, लेकिन श्रीकर भरत ने 165 गेंदों पर 116 रनों की विस्फोटक पारी खेल डाली। जिस समय मैच को समाप्त घोषित किया गया, उस समय इंडिया ए ने 125 ओवरों में 5 विकेट गँवा कर 426 रन बना लिए थे और लक्ष्य से महज 64 रन दूर थे।
अपनी 116 रनों की पारी के दौरान श्रीकर भरत ने जब शतकीय आँकड़ा छुआ, तो कुछ ऐसा किया कि पूरा भारत अब उन्हीं की चर्चा कर रहा है। उन्होंने शतक बनाने के बाद धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने जैसा सेलिब्रेशन किया और अपने शतक को भगवान राम को समर्पित किया। अब उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
KS Bharat dedicated his century against England Lions to Shree Ram ahead of the 'Pran Pratishtha'. pic.twitter.com/awSgaIfvP7
गौरतलब है कि इंग्लैंड की टीम भारत का दौरा कर रही है। इस दौरे पर 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। इस दौरे की तैयारियों के लिए दोनों टीमों ने जूनियर टीमों का मैच भी रखा है। इसे अनाधिकारिक टेस्ट मैच कहा जाता है, जिसमें खिलाड़ी मुख्य टीम में दावेदारी के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। इस तरह से भारत ए और इंग्लैंड लायंस के बीच ये मुकाबला खेला गया। जिसमें इंग्लैंड लायंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट के नुकसान पर 553 रन बनाकर पारी घोषित की थी। इंडिया ए इसके जवाब में महज 227 रनों पर सिमट गई थी। हालाँकि, लायंस ने इंडिया ए को फॉलोऑन न देते हुए दूसरी पारी में 6 विकेट के नुकसान पर 163 रनों पर पारी घोषित कर दी थी औऱ इंडिया ए के सामने 490 रनों का लक्ष्य रखा था।
इंडिया ए ने दूसरी पारी में बेहद खराब शुरुआत की। टीम का पहला विकेट कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन के तौर पर पहले ही ओवर में गिर गया, वो खाता भी नहीं खोल सके। इंडिया ने महज 6 रनों के स्कोर पर रजत पाटीदार (4 रन) का भी विकेट गँवा दिया। कुल 93 रनों के स्कोर पर सरफराज खान (55) भी आउट हो गए, तो 158 रनों के कुल स्कोर पर प्रदोश रंजन पॉल (43) के रूप में चौथा विकेट गिर गया। साई सुदर्शन (97) पाँचवें विकेट के तौर पर आउट हुए। इसके बाद मैदान पर उतने के एस भरत ने 165 गेंदों पर 116 रनों की आक्रामक पारी खेली। वहीं, मानव सुथार 254 गेंदों पर 89 रन बनाकर मैदान पर आखिर तक डटे रहे। मानव सुथार की वजह से ही ये मैच बच सका, जिसमें के एस भरत ने एक समय इंडिया ए को जीत की राह तक दिखा दी थी।
तमिलनाडु में 22 जनवरी को होने वाले अयोध्या राम मंदिर कार्यक्रमों के लाइव टेलीकास्ट पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (21 जनवरी, 2024) को इसे लेकर ट्वीट कर डीएमके सरकार पर हमला बोला है। हालाँकि, इसे लेकर अभी सरकार की तरफ से कोई बयान नहीं आया है।
माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स पर सीतारमण ने कहा, “TN सरकार ने 22 जनवरी को अयोध्या राम मंदिर के कार्यक्रमों के लाइव प्रसारण को देखने पर प्रतिबंध लगा दिया है। TN में श्री राम के 200 से अधिक मंदिर हैं। HR&CE प्रबंधित मंदिरों में श्री राम के नाम पर किसी भी पूजा/भजन/प्रसादम/अन्नदानम की अनुमति नहीं है। पुलिस निजी तौर पर संचालित मंदिरों को भी कार्यक्रम आयोजित करने से रोक रही है। वे आयोजकों को धमकी दे रहे हैं कि वे पंडाल तोड़ देंगे। इस हिंदू विरोधी, घृणित कार्रवाई की कड़ी निंदा करती हूँ।”
TN govt has banned watching live telecast of #AyodhaRamMandir programmes of 22 Jan 24. In TN there are over 200 temples for Shri Ram. In HR&CE managed temples no puja/bhajan/prasadam/annadanam in the name of Shri Ram is allowed. Police are stopping privately held temples also… pic.twitter.com/G3tNuO97xS
सीतारमण ने अपने एक्स थ्रेड में आगे लिखा कि लोगों को भजन आयोजित करने, गरीबों को खाना खिलाने, मिठाइयाँ बाँटने और जश्न मनाने से रोका और धमकाया जा रहा है, जबकि वे केवल अयोध्या में राम मंदिर अभिषेक समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी को देखना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, “तमिलनाडु सरकार अनौपचारिक लाइव टेलीकास्ट प्रतिबंध को उचित ठहराने के लिए कानून व्यवस्था के बिगड़ने का दावा कर रही है। यह एक झूठी और फर्जी कहानी है! अयोध्या फैसले के दिन कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं थी। देश-भर यह समस्या उस दिन भी नहीं थी जब माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने राम मंदिर का शिलान्यास किया था। तमिलनाडु में प्रभु श्रीराम के प्राण प्रतिष्ठा उत्सव मनाने के लिए लोगों में उमड़े स्वैच्छिक भागीदारी और भावना ने हिंदू विरोधी DMK सरकार को बेहद परेशान कर दिया है!”
TN govt is unofficially claiming law and order issues to justify the live telecast ban. False and fake narrative! There was no L&O issues on the day of #Ayodhya verdict. Not even the day when PM @narendramodi laid the foundation, in any part of the country. The groundswell and…
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि केबल टीवी ऑपरेटरों को बताया गया है कि लाइव टेलीकास्ट के दौरान बिजली कटौती की संभावना है। वित्त मंत्री सीतारमण ने इसे I.N.D.I. गठबंधन के प्रमुख सहयोगी DMK का हिंदू विरोधी कदम बताया है।
वहीं तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष के अन्नामलाई ने एक ट्वीट में कहा, “ऐसा लगता है कि धर्मनिरपेक्ष सरकार चलाने के नाम पर हिंदू विरोधी गतिविधियों में लगी डीएमके सरकार ने तमिलनाडु के मंदिरों में विशेष पूजा और भोजन प्रसाद पर प्रतिबंध लगा दिया है।”
நாளைய தினம் அயோத்தியில் ஸ்ரீராமர் திருவுருவச் சிலை, நமது மாண்புமிகு பாரதப் பிரதமர் திரு @narendramodi அவர்களால் பிரதிஷ்டை செய்யப்படுவதை அடுத்து, நாடே விழாக்கோலம் பூண்டுள்ளது. சாதி மத வேறுபாடின்றி, மக்கள் அனைவரும் இந்த புண்ணிய தினத்தை வரவேற்கின்றனர். பல ஆண்டு காலமாக நாட்டு மக்கள்…
उन्होंने इशारा किया, “द्रमुक सरकार को मंदिर प्रथाओं में हस्तक्षेप करने का क्या अधिकार है? इसके अलावा पुलिस को कहा गया है कि श्री राम की मूर्ति की स्थापना के मद्देनजर तमिलनाडु में मंदिर प्रशासन या जनता की ओर से कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं करने देना चाहिए और जनता के देखने के लिए बड़ी स्क्रीन के माध्यम से सीधा प्रसारण नहीं करना चाहिए।”
दरअसल रविवार सुबह ही पीएम मोदी धनुषकोडि के नजदीक अरिचल मुनई प्वाइंट गए हैं। कहा जाता है कि यहीं से राम सेतु का निर्माण हुआ था। इसके बाद वे श्री कोठंडारामा स्वामी मंदिर में पूजा और दर्शन किया। धनुषकोडी के कोठंडारामा नाम का मतल धनुषधारी राम है।
ऐसा कहा जाता है कि यहीं पर पहली बार विभीषण ने श्री राम से मिले उनसे शरण माँगी थी। कुछ किंवदंतियाँ हैं वहीं जगह जहाँ श्री राम ने विभीषण का राज्याभिषेक किया था।
बताते चलें कि तमिलनाडु में हिंदूओं और सनातन धर्म को लेकर इस तरह की घृणित राजनीति पहली बार नहीं हुई है। खुद तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन के बेटे और मंत्री एमके उदयनिधि और सरकार के मंत्री सनातन के खिलाफ अभद्र बयानबाजी कर चुके हैं। सनातन को मिटाने का आह्वान कर चुके हैं। वहीं दूसरी तरफ एचआर एंड सीई ने स्पष्टीकरण जारी किया है कि यह गलत सूचना फैलाई गई है कि धर्मार्थ विभाग ने तमिलनाडु के मंदिरों में कल राम के नाम पर पूजा करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को रामजन्मभूमि पर मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। देश और दुनिया के विशिष्ट लोग इस अवसर पर अयोध्या पहुँच रहे हैं। ये सभी लोग अन्य दर्शनार्थियों के साथ कड़ी सुरक्षा में अयोध्या में मौजूद विभिन्न स्थलों का दर्शन करेंगे। इन्हीं दर्शनीय स्थलों में से एक है मणिपर्वत, जो कि मुख्य अयोध्या तीर्थ के विद्याकुंड से सटा हुआ है।
भगवान राम से जुड़े और पौराणिक रूप से अति महत्वपूर्ण इस स्थान के 3 तरफ दरगाहें बना दी गई हैं। इन दरगाहों पर रंग-रोशन एकदम नया दिखाई देता है। इसके अलावा, एक नई दरगाह भी बनाने की तैयारी चल रही है। आसपास तमाम पक्की कब्रों को भी देखा जा सकता है, जिसके नीचे पुराने समय के निर्माण मौजूद हैं।
क्या है मणिपर्वत का इतिहास
ऑपइंडिया की टीम ने मणिपर्वत का दौरा किया। यह पवित्र स्थल भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग (ASI) द्वारा संरक्षित है। मंदिर ऊँचाई पर बना हुआ है और वहाँ जाने के लिए कई सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं। यहाँ के पुजारी ने हमें बताया कि इसी स्थान पर कभी भगवान राम और माँ सीता एक साथ झूला झूलते थे। साथ ही माँ सीता के विवाह के बाद उनके पिता जनक ने उपहार में इतनी मणियाँ भेंट की थीं कि उससे एक पहाड़ खड़ा हो गया था। कालांतर में बाहरी लुटेरों के आक्रमण में इस जगह को विकृत करने का प्रयास किया गया।
मणिपर्वत अयोध्या
आज भी अयोध्या और आसपास के गाँवों में मणिपर्वत से जुड़े लोकगीत महिलाओं द्वारा गए जाते हैं। इन्हीं में से एक लोकगीत के बोल हैं, “झलुआ पड़ा मणि पर्वत पय। हम सखि झूलय जाबय ना।” अर्थात ‘मणिपर्वत पर झूला पड़ा है और मैं अपनी सहेलियों के साथ वहाँ झूलने जाऊँगी।’ पहले के समय में इन गीतों को टेपरिकॉर्डर से घर-घर में बजाया जाता था। इन प्राचीन लोकगीतों को आज भी यूट्यूब पर सुना जा सकता है। मणिपर्वत पर आज भी हर सावन को मेला लगता है जहाँ देश भर के श्रद्धालु आते हैं।
मणिपर्वत के दक्षिण में हजरत शीष अलहै सलाम की दरगाह
मणिपर्वत के दक्षिण में हजरत शीष की दरगाह है। मणिपर्वत से इस दरगाह की दूरी 100 मीटर से भी कम है। कहना गलत नहीं होगा कि मणिपर्वत की बाउंड्री से ये दरगाह लगभग सटी हुई है। बाकायदा मुख्य सड़क पर इसका बोर्ड भी लगाया गया है। बोर्ड में हलाल अहमद और मौलाना मोहम्मद आसिफ फिरदौसी का नाम और मोबाइल नंबर लिखा हुआ है।
दरगाह के बाहर हमें गुजरात के रजिस्ट्रेशन नंबर की एक मारुति अर्टिगा गाडी खड़ी मिली। सफ़ेद रंग की इस दरगाह को चारों तरफ से पक्की दीवालों से घेर दिया गया है। दरगाह के आसपास हिस्सों की साफ-सफाई भी लगातार जारी है। साफ किए जा रहे इन हिस्सों से दरगाह का आकार बढ़ता जा रहा है।
दरगाह हजरत शीष
बाउंड्री में आधे दर्जन से अधिक मजार
जब ऑपइंडिया की टीम इस दरगाह के अंदर गई तो वहाँ मुस्लिम समुदाय के लगभग 5 लोग मौजूद थे। कम-से-कम 5 अलग-अलग हिस्सों में बाँटी गई इस दरगाह में 6 से अधिक कब्रें हैं। इन कब्रों में कुछ तो सामान्य इंसानों की साइज की हैं, जबकि एक की लम्बाई 10 फुट के करीब है।
इन कब्रों के नाम हजरत बाबा जलील नक्शबंदी, नजीरुद्दीन कादरी बगदादी मजार, ईरान की शहजादी हजरात बीवी सैयदा जाहिदा, मजार हजरत शीष, हजरत शीष की बेगम और उनके बच्चे आदि रखे गए हैं। ईरान की शहजादी सैयदा जाहिदा के बारे में हमें मजार पर बताया गया कि वो जियारत करने आईं थीं और वहीं बस गईं।
एक ही दरगाह के अंदर कई कब्रें
जिस दिन कायनात बनी उस दिन से दरगाह का दावा
यहाँ के खादिम ने दावा किया कि दरगाह जब से दुनिया बनी तब से है। हजरत शीष को उन्होंने संसार के पहले इंसान और अपने पैगंबर हजरत आदम का तीसरा बेटा बताया। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि हजरत शीष की लम्बाई 70 गज थी। इस लम्बाई को उन्होंने मणिपर्वत तक फैला बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि तारीखों के हिसाब से हजरत शीष की कब्र मणि पर्वत तक होनी चाहिए। खादिम का यह भी कहना है कि देश और विदेश तक लोग उस दरगाह पर आते हैं। इन लोगों में खादिम ने स्थानीय नेताओं के भी शामिल होने का दावा किया। हर साल यहाँ उर्स भी होता है। इस दरगाह के रख-रखाव के लिए यहाँ के खादिम को चंदा मिलता है।
दरगाह के खादिम और उनके सहयोगी
पूर्वी कोने पर कोतवाल बाबा की दरगाह
ऑपइंडिया ने मणिपर्वत के पूर्वी हिस्से की पड़ताल की तो वहाँ एक और दरगाह मिली। यह दरगाह एक पेड़ को घेर कर बनाई गई है। बाकायदा ऊँचा सा चबूतरा बनाकर उस पर एक पक्की मजार खड़ी कर दी गई है। इसे हरे रंग से रंगा गया है। इस पर नई चादर आदि भी चढ़ाई गई है। इसे कोतवाल बाबा की दरगाह नाम दिया गया है। मजार पर नल भी लगाया गया है।
इसी मजार के पास एक नई मजार खड़ी की गई है, जिसका नाम सैयद शाह बाबा रखा गया है। इन दोनों दरगाहों की देखभाल एक मुस्लिम महिला करती है। महिला ने बताया कि दोनों दरगाह उसके शौहर ने अपने जीवित रहते बनवाई थी। फ़िलहाल महिला अब सरकार से विधवा पेंशन ले रही है।
पेड़ को घेरकर बनी कोतवाल बाबा की दरगाह
कोतवाल बाबा के बारे में पता चला कि वो कोई पूर्व पुलिस अधिकारी था, जो किसी जमाने में अयोध्या कोतवाली में तैनात था। जो महिला इन दोनों दरगाहों की देखभाल करती है, उसका घर वहाँ से लगभग 3 किलोमीटर दूर है। यहाँ भी हर साल उर्स होता है, जिसमें काफी चंदा जमा हो जाता है। इस दरगाह पर भी नेपाल तक के लोगों के आने का दावा किया जाता है। इस दरगाह के बगल भी मौजूद जंगलों की साफ-सफाई यहाँ के संरक्षकों द्वारा जारी है।
कोतवाल बाबा दरगाह के पास सैयद शाह मजार
उत्तरी कोने पर शमशुद्दीन शाह बाबा की दरगाह
मणिपर्वत के उत्तरी कोने पर एक और दरगाह बनी हुई है। इसका नाम हजरत अली सैयद शमशुद्दीन शाह बाबा है। यह दरगाह भी एक पेड़ को घेरकर बनाई गई है। मणिपर्वत से उतरने वाली सीढ़ियाँ जहाँ खत्म होती हैं, वहीं ये दरगाह बनाई गई है। इसे हरे रंग से पेंट किया गया है। सीमेंट के ऊँचे चबूतरे पर चढ़ने के लिए बाकायदा सीढ़ियाँ बनाई गईं हैं।
दरगाह के ऊपर मौजूद कब्र को हरे रंग की चादर से ढँका गया है। इसका रख-रखाव और मेंटिनेंस भी अनवरत जारी है। दरगाह हजरत अली सैयद शमशुद्दीन शाह बाबा से सटी हुई खुले मैदान में एक और दरगाह बनाई गई है। इसके नाम का बोर्ड आदि नहीं दिखा। इन दोनों दरगाहों पर कोई खादिम भी हमें मौजूद नहीं मिला।
उत्तर दिशा में शमशुद्दीन शाह दरगाह
सैकड़ों की तादाद में पक्की कब्रें
उपरोक्त तीनों दरगाह- शीष, शमशुद्दीन और कोतवाल बाबा के बीच में सैकड़ों कब्रें मौजूद हैं। इन कब्रों पर ऊपर हाल ही में पक्का निर्माण किया गया है। नीचे प्राचीन काल की ईंटें दिखाई देती हैं। पक्की कब्रों पर अरबी भाषा में कुछ लिखा गया है। नव निर्माणों को हरे रंग से कलर किया जा रहा है।
हरजत शीष दरगाह के खादिम का कहना है कि वो जगह पहले से ही कब्रिस्तान है। उसका कहना है कि आज भी वहाँ आसपास के मुस्लिमों को दफनाया जाता है। दूसरे शब्दों में कहें तो मणि पर्वत के पश्चिमी और दक्षिणी कोने के हिस्सों में सामूहिक कब्रों का अम्बार लगा है।
पुराने निर्माण के ऊपर बनी नई कब्रें और रंग-रोशन
गणेश कुंड पर नई दरगाह भी बनाने की तैयारी
जिस अयोध्या तीर्थ के नवनिर्माण में वर्तमान सरकार दिन-रात एक किए हुए है, वहाँ अंदर ही अंदर नई दरगाहों को भी बनाने की तैयारी चल रही है। जब ऑपइंडिया की टीम दरगाह कोतवाल बाबा पर मौजूद थी तो उसके पास हमें गणेश कुंड दिखा। गणेश कुंड का हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार पर्यटन विभाग द्वारा सौंदर्यीकरण करवाया गया है।
हमने गणेश कुंड के पास एक जगह मिट्टी का उभार देखा। मिट्टी का ये उभार एक कब्र के आकार का था। जब हम इस जगह को देख रहे थे, उसी समय कोतवाल शाह दरगाह की देखरेख करने वाली महिला हमारे पास पहुँच गई। उसने हमें मिट्टी से दूर रहने के लिए कहा।
गणेश कुंड (पीछे) के पास नई दरगाह बनाने की तैयारी
महिला ने बताया कि वो उस जगह पर नई दरगाह बनाना चाहती है, जिसके लिए पैसे जुटाए जा रहे हैं। दरगाह का नाम पहले से ही सोचकर रहमतुल्लाह रखा गया है। महिला ने यह भी दावा किया कि रहमतुल्लाह की दरगाह बनाने का सपना उसके मरहूम (मृत) शौहर का है, जिसे वो पूरा करना चाहती है।
दरगाह की केयर टेकर मुस्लिम महिला
दरगाहों से सटा हुआ सुरक्षाबलों का कैम्प
ऑपइंडिया की टीम ने मणिपर्वत के साथ आसपास के इलाकों को भी खंगाला। कोतवाल शाह की देखरेख करने वाली महिला ने दावा किया कि झाड़ियों के अंदर अभी और भी कई मजार मौजूद हैं। इन मजारों के पास गणेश और विद्याकुंड जैसे पवित्र और पौराणिक धर्मस्थल भी मौजूद हैं, जिनका संबंध सीधे भगवान राम से है। ये सभी अयोध्या मुख्य तीर्थ क्षेत्र अथवा धर्मनगरी इलाके में आते हैं।
इन मजारों से एकदम सटकर उत्तर प्रदेश पुलिस की PAC विंग का बड़ा-सा कैम्प है। इस कैम्प में जवानों के आवास, वाहनों की पार्किंग के साथ-साथ उनके हथियारों को भी रखा जाता है। कहना गलत नहीं होगा कि 3 तरफ मजारों से घिरा यह क्षेत्र न सिर्फ धार्मिक ही नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी काफी संवेदनशील है।
दशरथ समाधि और मणिपर्वत वाली दरगाह का एक ही खादिम
ऑपइंडिया ने 2 जनवरी 2024 की अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में अयोध्या शहर से 14 किलोमीटर दूर स्थित महाराजा दशरथ की समाधि के पास एक दरगाह होने का खुलासा किया था। तब ऑपइंडिया ने बताया था कि उस दरगाह को पौराणिक क्षेत्र बिल्वहरि शरीफ से जोड़कर बेलहरी शरीफ कहा जाने लगा है।
मणिपर्वत के पास मौजूद बड़ी दरगाह हजरत शीष की पड़ताल में एक नई जानकारी निकल कर सामने आई है। इस दरगाह के खादिम के परिवार द्वारा ही दशरथ समाधि के बगल वाले दरगाह को संचालित किया जाता है। दूसरे शब्दों में एक ही मुस्लिम परिवार द्वारा अयोध्या के 2 अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर बनी दरगाहों को चलाया जा रहा है।
लॉरेस बिश्नोई गैंग के दो गुर्गे जालंधर में पकड़े गए हैं। एनकाउंटर के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया। दोनों किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए रेकी कर रहे थे। एनकाउंटर में घायल हुए दोनों अपराधियों को गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया है, जहाँ दोनों का इलाज किया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों बदमाश कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मेंबर हैं। ये बदमाश हत्या, सुपारी किलिंग और ड्रग तस्करी की कई घटनाओं में शामिल रहे हैं। पकड़े गए बदमाशों मेम पहला नितिन जालंधर का रहने वाला है और दूसरा अश्वनी गांव बुलोवाल का रहने वाला है। ये दोनों बदमाश दो वारदातों को अंजाम देने के लिए अपनी योजना के मुताबिक 2 लोगों की रेकी कर रहे थे और पुलिस ने इसकी जानकारी प्राप्त होने के बाद से अपना जाल बिछा रखा था।
जानकारी के मुताबिक, जालंधर में नाखा वाले बाग नजदीक वडाला चौक पर दो गैंगस्टर और सीआईए स्टाफ के बीच गोलियाँ चली हैं। इस दौरान दोनों बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए। काबू किए गए आरोपी हत्या, सुपारी किलिंग और ड्रग तस्करी के मामलों में शामिल थे। वहीं इस मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी की बाल-बाल जान बच गई। बताया जा रहा है कि गोली उनकी पगड़ी में फँस गई, जिसके चलते वह बच गए और उन्हें कोई चोट नहीं आई।
पुलिस अधिकारी ने आगे कहा कि ये दोनों अमेरिका में बैठे जसमीत उर्फ लकी के साथ लॉरेंस बिश्नोई के संपर्क में थे। लकी ने ही इन दोनों बदमाशों को जालंधर में किसी व्यक्ति की रेकी करने के लिए भेजा था। बताया जा रहा है कि देर रात से सीआईए स्टाफ की टीम इन आरोपियों की तलाश कर रही थी। आरोपियों से पिस्टल और कार भी पुलिस ने जब्त कर ली है।
सोमवार (22 जनवरी, 2024) को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियाँ लगभग अंतिम चरण में हैं। देश भर से लोग यहाँ शामिल होने पहुँचने लगे हैं। रामलला के अयोध्या आगमन को जहाँ सरकारी समर्थन मिला है तो वहीं निजी क्षेत्र भी पीछे नहीं है। निजी कंपनियाँ भी अपने अपने तरीके से अयोध्या में रामलला के स्वागत की तैयारी कर रही हैं।
अयोध्या में रामलला के नए मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए ITC समूह की कम्पनी मंगलदीप ने अगले 6 माह के लिए धूप और अगरबत्ती दी है। इससे भगवान की पूजा अर्चना निर्बाध होती रहे। अडानी समूह ने भी अपनी तैयारी की है। अडानी समूह की कम्पनी विलमार यहाँ लोगों को 25,000 जलेबियाँ बाँटेगी। इसके पीछे कम्पनी ने कहा है कि प्रभु श्रीराम की प्रिय मिठाई जलेबी थी इसीलिए हम भी जलेबी बाँटेंगे। इसके अलावा कम्पनी एक दिन भव्य भोग का आयोजन करेगी। इसमें 5000 से अधिक लोगों को भोग बाँटा जाएगा।
वहीं भारत के बड़े कारोबारी समूह रिलायंस ने 22 जनवरी को देश के अपने सभी दफ्तरों में छुट्टी रखने का निर्णय लिया है। इसके मुंबई समेत तमाम दफ्तर बंद रहेंगे। रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अम्बानी स्वयं भी राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में जाएँगे। रिलायंस यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को पानी भी पिलाएगी। इसके लिए एक प्याऊ लगाया गया है।
भारत के बड़े रोजाना उपयोग वाले उत्पाद निर्माता डाबर ने भी अयोध्या के लिए विशेष तैयारियाँ की हैं। यह अयोध्या के आसपास के इलाकों में अपनी आपूर्ति बढ़ा रही है। साथ ही कम्पनी ने अयोध्या में स्पेशल एक्सपीरियंस जोन बनाने का ऐलान भी किया है। भारत समेत विश्व में कैब सर्विस देने वाली कम्पनी उबर भी अयोध्या में अपनी विशेष सेवाएँ चालू कर चुकी है। इसने यहाँ इलेक्ट्रिक ऑटो के साथ शुरुआत की है। कम्पनी का कहना है कि यह समय के साथ अपनी सुविधाएँ बढ़ाती जाएगी।
विमानन सेवा कम्पनियों ने भी देश भर से श्रद्धालुओं को अयोध्या लाने और ले जाने के लिए कमर कस ली है। भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने एअरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही यहाँ से सेवाएँ चालू कर दी थीं। अयोध्या को अब मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली, चेन्नई, अहमदबाद और दरभंगा से हवाई सेवाओं से जोड़ दिया है। इसके लिए इंडिगो, एअर इंडिया एक्सप्रेस, अकासा एयर और स्पाइसजेट अपनी सुविधाएँ दे रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में अयोध्या को और शहरों से भी जोड़ा जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाली राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से पहले देश कई मंदिरों में पूजन अर्चन कर रहे हैं। वह 20 जनवरी को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के श्रीरंगम में श्रीरंगनाथस्वामी मंदिर पहुँचे। यहाँ जाते हुए रास्ते में उन्हें एक अनोखा आशीर्वाद दिया गया। उनका स्वागत एक श्लोक से हुआ।
यं पालयसि धर्मं त्वं धृत्या च नियमेन च। स वै राघवशार्दूल धर्मस्त्वामभिरक्षतु।।2.25.3।।
Which means :
“The duty which you are carrying out with courage and selfdiscipline, O tiger among the descendants of Raghu will alone protect you.” pic.twitter.com/95XOVdoYF0
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस यात्रा की झलकियों को दिखाती हुई वीडियो भी सामने आई। इस वीडियो में दिखता है कि प्रधानमंत्री मोदी के लिए श्रीरंगम की जनता सड़कों पर उमड़ आई है और लोग उनका स्वागत फूल बरसा के कर रहे हैं। इसी वीडियो में दिखता है कि रास्ते उन्हें आशीर्वाद देते हुए एक तमिल पुजारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक श्लोक पढ़ते हैं।
तमिल पुजारी द्वारा पढ़ा गया यह श्लोक अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिन्होंने यह श्लोक पढ़ा उनके विषय में भी जानकारी सामने आई है। उन्होंने जो श्लोक पढ़ा, उसके विषय में भी लोगों ने जानकारी इकट्ठा करके इसका स्रोत और अर्थ बताया। एक यूजर ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मोदी के लिए श्लोक पढ़ने वाले पुजारी वाढ्यार कृष्ण कुमार हैं। वह तमिल परिवारों के लिए पारम्परिक पूजा अर्चना सम्पन्न करवाते हैं।
उनके द्वारा पढ़ा गया श्लोक है, “यं पालयसि धर्मं त्वं धृत्या च नियमेन च। स वै राघवशार्दूल धर्मस्त्वामभिरक्षतु।।” यह वाल्मीकि रामायण के अयोध्याकाण्ड में 25वें सर्ग का तीसरा श्लोक है। यह श्लोक माता कोशल्या ने प्रभु राम के लिए कहा है। यह उन्होंने प्रभु श्रीराम के वनगमन के मौके पर कहा। इसका अर्थ है, “आप जो कर्तव्य साहस और आत्म अनुशासन के साथ निभा रहे हैं, हे रघु के वंशजों में से एक सिंह, आपकी वही रक्षा करेंगे।” प्रधानमंत्री मोदी के लिए पढ़े गए इस श्लोक को एक्स (पहले ट्विटर) पर खूब प्रशंसा मिली।
यं पालयसि धर्मं त्वं धृत्या च नियमेन च। स वै राघवशार्दूल धर्मस्त्वामभिरक्षतु।।2.25.3।।
Which means :
“The duty which you are carrying out with courage and selfdiscipline, O tiger among the descendants of Raghu will alone protect you.” pic.twitter.com/95XOVdoYF0
#WATCH | Tamil Nadu: Prime Minister Narendra Modi visits Arichal Munai point in Dhanushkodi, which is said to be the place from where the Ram Setu was built. pic.twitter.com/GGFRwdhwSH
प्रधानमंत्री मोदी श्रीरंगनाथ मंदिर पहुँचने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं। वह आज (21 जनवरी, 2024) को भी तमिलनाडु में हैं और रामेश्वरम पहुँचे हैं। यहाँ प्रधानमंत्री मोदी ने कोथान्द्रस्वामी मंदिर में पूजा अर्चना की। प्रधानमंत्री मोदी ने अरिचल मुनइ में भी पूजा की। यहीं से रामसेतु चालू होता है, इसे प्रभु राम ने सेना के साथ मिलकर लंका पहुँचने के लिए बनाया था।
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने एक बीमार बच्चे की मेडिकल इमरजेंसी के दौरान भारत के प्लेन में ले जाने की मंजूरी ना देकर इंसानियत को शर्मसार करने का काम किया है। मुइज्जू के इस निर्णय के कारण 14 साल के बच्चे को वक्त पर इलाज नहीं मिला पाया और शनिवार (20 जनवरी 2024) को उसकी मौत हो गई।
दरअसल, मोहम्मद मुइज्जू को भारत विरोधी माना जाता है। वे जब से मालदीव राष्ट्रपति बने हैं, तभी से भारत द्वारा दिए गए हेलीकॉप्टरों और प्लेनों का इस्तेमाल इमरजेंसी निकासी (Emergency Evacuation) के लिए नहीं किया जाता है। इनका इस्तेमाल केवल राष्ट्रपति से सीधे मंजूरी मिलने पर ही किया जा सकता है।
चीन की कठपुतली राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने इस बीमार बच्चे को एयरलिफ्ट करके एक द्वीप से मुख्य द्वीप पर भारत के डोर्नियर प्लेन से ले जाने की इजाजत देने से इनकार कर दिया था। बच्चे के लिए मालदीव के रक्षामंत्री ने मुइज्जू से इसके लिए अनुमति माँगी थी। मुइज्जू के इस निर्णय के भारत ही नहीं, बल्कि मालदीव में भी आलोचना हो रही है।
ब्रेन ट्यूमर और फिर स्ट्रोक से पीड़ित इस बच्चे के परिवार ने मालदीव के एविएशन अधिकारियों पर तुरंत चिकित्सा निकासी मुहैया न कराने का आरोप लगाया है। मालदीव की समाचार एजेंसी अधाधु ने बच्चे के पिता के हवाले से लिखा है कि आइलैंड एविएशन ने परिवार की कॉल का तुरंत जवाब नहीं दिया।
People shouldn’t have to pay with their lives to satisfy the President’s animosity towards India. https://t.co/PPOOKVXN7v
उन्होंने कहा, “स्ट्रोक के तुरंत बाद बेटे को माले ले जाने के लिए हमने आइलैंड एविएशन को फोन किया था, लेकिन उसके कर्मचारियों ने हमारी कॉल का जवाब नहीं दिया। उन्होंने गुरुवार सुबह 8:30 बजे फोन का जवाब दिया। ऐसे मामलों के लिए समाधान केवल एक एयर एम्बुलेंस ही है।”
मालदीव के सांसद मीकैल नसीम ने मिहारू न्यूज की रिपोर्ट को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर रीट्वीट कर लिखा है, “भारत के लिए राष्ट्रपति की दुश्मनी को संतुष्ट करने के लिए लोगों को अपनी जान की कीमत नहीं चुकानी चाहिए।”
बताते चलें कि परिवार के आपातकालीन निकासी का आग्रह करने के 16 घंटे बाद बीमार बच्चे को माले ले जाया गया। निकासी आग्रह लेने वाली आसंधा कंपनी लिमिटेड ने दावा किया कि विमान में तकनीकी दिक्कत की वजह से देरी हुई।
Medical evacuation operations ge SOP gai Raeesul Jumooriyya ah inform kurumeh, hudhdha dhevvumeh noavey. Eyee ekama gulhey idhaaraathakun coordinate kurevigen hinga kameh. 2021 in feshigen stats ah balaa iru medical evacuation ge 93% koffai vanee @MaldivianAero medhuverikoh.
इस पर रक्षा मंत्री मोहम्मद घासन ने सफाई में कहा है कि 93 फीसदी निकासी अभी भी मालदीव एयरलाइंस ही करती है। उन्होंने कहा, “मेडिकल ऑपरेशन के एसओपी (मानक संचालन प्रक्रियाओं) में राष्ट्रपति को सूचित करने या उनसे इजाजत लेने की जरूरत नहीं है। यह संबंधित संस्थानों के समन्वय के जरिए किया गया काम है।”
बताते चलें कि जनवरी 2024 की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्षद्वीप दौरे के बाद से ही भारत और मालदीव के बीच तनाव का माहौल है। वहाँ की सरकार के तीन मंत्रियों ने पीएम मोदी को लेकर अभद्र टिप्पणियाँ की थी। इसके बाद इन्हें निलंबित कर दिया गया था, लेकिन दोनों के बीच राजनयिक टकराव अभी चल ही रहा है।
मुइज्जू की पार्टी ने बीते साल 2023 में इंडिया आउट आंदोलन के आधार पर चुनाव जीता था। इसके तहत मालदीव में तैनात लगभग 100 भारतीय सैनिकों को देश से हटाना था। राष्ट्रपति बनने के बाद मुइज्जू ने भारतीय सशस्त्र बलों को मार्च 2024 तक मालदीव छोड़ने का अल्टीमेटम दिया है। मुइज्जू ने हाल ही में अपनी पहली आधिकारिक यात्रा चीन से शुरू की थी और वहाँ कई समझौतेे किए।
अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को होने वाले राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरे देश में उल्लास का माहौल है। इसको देखते हुए लिए केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों ने अपने संस्थानों में आधे दिन की छुट्टी देने का निर्णय लिया है। AIIMS और अन्य अस्पतालों ने आधे दिन तक OPD बंद रखने का निर्णय लिया था। हालाँकि, इस निर्णय को अब वापस ले लिया गया है।
हालाँकि, मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि AIIMS ने अब इस निर्णय वापस ले लिया है। AIIMS ने रोगियों को कोई परेशानी ना हो, इसलिए आधे दिन छुट्टी रखने के निर्णय को वापस ले लिया है। नोटिस में कहा गया है कि जिन्होंने पहले से ही समय ले रखा है, वे 22 जनवरी 2024 को अस्पताल जाकर परामर्श ले सकते हैं।
इससे पहले AIIMS ने 20 जनवरी 2024 को एक नोटिस देकर सूचित किया था कि 22 जनवरी को दोपहर ढाई बजे तक संस्थान बंद रहेगा। इस दौरान सामान्य कामकाज नहीं होगा। इसके पीछे केंद्र सरकार द्वारा रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर दी गई आधे दिन की छुट्टी का हवाला दिया गया था। हालाँकि, नोटिस में स्पष्ट रूप से लिखा था कि इस दौरान इमरजेंसी सुविधाएँ चालू रहेंगी।
AIIMS के आधे दिन की छुट्टी करने पर कुछ नेताओं ने राजनीति चमकाने की कोशिश की थी। उन्होंने यह बात फ़ैलाने की कोशिश की थी कि 22 जनवरी 2024 को AIIMS में आपातकालीन सुविधाओं को भी बंद रखा जाएगा। हालाँकि, AIIMS द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट रूप से लिखा था कि इस दौरान केवल सामान्य सुविधाएँ बंद होंगी और आपातकालीन सुविधाएँ चालू रहेंगी। अब AIIMS ने यह निर्णय लिया है कि वह इस दिन सामान्य सुविधाएँ भी चालू रखेगा।
AIIMS OPD and all govt / municipal hospital OPDs everywhere in Bharat are closed on Sundays and holidays. Emergencies run 24×7. One would expect a sitting member of parliament to know such basic things. https://t.co/IqgFVmLcty
आधे दिन की छुट्टी के दौरान सामान्य सुविधाएँ बंद किए जाने को लेकर विपक्ष द्वारा जारी राजनीति पर यूजर्स भी टिप्पणियाँ कर रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि AIIMS में आधे दिन की छुट्टी पहली बार नहीं हो रही है। उनका तर्क है कि रविवार के दिन तो देश के अस्पतालों में छुट्टी ही रहती है। साथ ही साथ उन्होंने अन्य छुट्टियों का भी ब्यौरा सामने रखा।
आखिरकार दिल्ली पुलिस ने ‘एनिमल’ फेम एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना का डीपफेक बनाने वाले टेकी को खोज लिया। दिल्ली पुलिस ने आरोपित इंजीनियर इनामी नवीन को शनिवार (20 जनवरी 2024) को आंध्र प्रदेश के गुंटूर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपित की गिरफ्तारी के बाद रश्मिका ने दिल्ली पुलिस का दिल से आभार जताया है।
पुलिस के मुताबिक, 24 साल का आरोपित रश्मिका मंदाना का फैन पेज चलाया करता था। उसने इंस्टाग्राम हैंडल पर फॉलोवर्स बढ़ाने के चक्कर में ये वीडियो बनाया था। उसका कहना है कि डेढ़ साल में इस पेज पर सिर्फ 90 हजार फॉलोअर ही थे। इस वीडियो को लगाने के बाद फॉलोअर की संख्या 1,08,000 हो गई। हालाँकि, जैसे ही उसके डीपफेक वीडियो ने पूरे देश का ध्यान खींचा और बड़े पैमाने पर इस पर एतराज जताया गया और आलोचना की गई तो उसने घबराकर इंस्टाग्राम से पोस्ट हटा दिए।
पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि रश्मिका के इस वीडियो की आलोचना हुई तो उसने घबराकर इंस्टाग्राम से पोस्ट हटा लिए। उसने फैन पेज का नाम भी बदल दिया और डेटा डिलीट कर दिया। आरोपित का कहना है कि उसने डीपफेक वीडियो एक्ट्रेस को नुकसान पहुँचाने के लिए नहीं, बल्कि मोनेटाइज कराने के लिए किया था।
दरअसल, आरोपित ने जो डीपफेक वीडियो बनाया था, वह ब्रिटिश-इंडियन इन्फ्लुएंसर ज़ारा पटेल के स्विमसूट पहने वीडियो था। इसमें उसने AI की Deepfake तकनीक के जरिए जारा पटेल के चेहरे की जगह पर रश्मिका मंदाना का चेहरा लगा दिया गया था। ईमानी नवीन ने B.Tech की पढ़ाई की है और वीडियो एडिटिंग का यूट्यूब से सीखा था।
दरअसल दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक यूनिट (IFSO) ने 10 नवंबर 2023 को इस केस की FIR दर्ज की थी। डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष स्वाति मालीवाल की शिकायत पर जालसाजी और किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को खराब करने के लिए आईपीसी की धारा 465 और 469 के तहत केस दर्ज किया गया था।
इसके अलावा, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66सी (पहचान की चोरी) और धारा 66ई (गोपनीयता का उल्लंघन) भी लागू की गई थी। इसके बाद से ही पुलिस आरोपित की तलाश में पुरजोर तरीके से जुट गई थी।
कैसे पकड़ा गया आरोपित
IFSO DCP हेमंत तिवारी के मुताबिक, इस केस में वीडियो की तकनीकी जाँच में बहुत मेहनत की गई। पहली बार ये वीडियो ब्रिटिश इंडियन लड़की ने इंस्टाग्राम पर 9 अक्टूबर 2023 में अपलोड था। डीपफेक के जरिए रश्मिका का चेहरा लगाकर इसे 13 अक्टूबर 2023 को अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर डाला गया था।
उन्होंने आगे बताया, जाँच के दौरान 500 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट छाने गए, लेकिन पहली लीड जहाँ मिली वो हैंडल डिलीट कर दिया गया था। Meta ने इसमें मदद की और डिलीटेड अकाउंट्स का डेटा रिकवर किया। IFSO की टीम कई राज्यों में गई और अंत में नवीन को आंध्र प्रदेश के गुंटूर के पेडानंडीपाडु गाँव से गिरफ्तार कर लिया। उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
कौन है ईमानी नवीन
ईमानी नवीन ने चेन्नई से 2021 में इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकम्युनिकेशन में बीटेक किया है। 2019 में आरोपित ने गूगल गैराज से डिजिटल मार्केटिंग का सर्टिफिकेट लिया है। इसके अलावा उसने यूट्यूब से वेबसाइट डेवलपमेंट, फोटोशॉप और वीडियो एडिटिंग का भी कोर्स किया है।
आरोपित मार्च 2023 में घर आकर वर्क फ्रॉम होम (WFH) कर रहा था। वह घर से ही फोटोशॉप, इंस्टाग्राम चैनल प्रमोशन, यूट्यूब वीडियो निर्माण और संपादन और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन जैसी सर्विस देनी शुरू कर दी।
फोटो साभार: रश्मिका मंदाना इंस्टाग्राम
रश्मिका ने कहा आभारी हूँ
आरोपित के दिल्ली पुलिस की गिरफ्तारी के बाद रश्मिका ने उन्हें शुक्रिया कहा है। रश्मिका ने कहा कि वह उन लोगों के लिए वास्तव में आभारी महसूस करती हैं जिन्होंने आंध्र प्रदेश में पकड़े गए डीपफेक वीडियो के मास्टरमाइंड ईमानी नवीन केस में उनका समर्थन किया।
मंदाना ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया, “मैं दिल्ली पुलिस को डीपफेक बनाने वाले को पकड़ने के लिए के लिए शुक्रिया कहती हूँ और अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करती हूँ। मुझे प्यार, समर्थन और मेरी ढाल बनने वाले लोगों के लिए वास्तव में मैं आभारी हूँ।”
उन्होंने आगे कहा, “लड़कियों और लड़कों अगर आपकी मंजूरी के बगैर कहीं भी आपकी तस्वीर का इस्तेमाल किया जाता है या उससे छेड़छाड़ की जाती है तो यह गलत है! मुझे उम्मीद है कि यह एक रिमाइंडर है कि आप ऐसे लोगों से घिरे हुए हैं जो आपका समर्थन करेंगे और कार्रवाई की जाएगी!”
बताते चलें की रश्मिका ही नहीं, बल्कि अमिताभ बच्चन सहित कई हस्तियों ने डीपफेक पर एतराज जताया था। कई हस्तियों के डीपफेक वायरल हुए थे। नतीजन मोदी सरकार इस पर कानून लाने की तैयारी में है। केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने हाल ही में कहा था कि इसके लिए कठोर कानून लाए जाएँगे।
अयोध्या के नवनिर्मित राम मंदिर में लगी रामलला की प्रतिमा के लिए पत्थर देने वाले दलित किसान ने अपनी जमीन का एक हिस्सा मंदिर बनाने के लिए दे दिया है। मूर्तिकार अरुण योगीराज ने रामलला की प्रतिमा कर्नाटक के दलित किसान रामदास की खेत से लाए गए पत्थर से ही बनाई है।
रामलला की श्यामल प्रतिमा कर्नाटक के मैसुरु के गुज्जेगौदानपुरा से लाए गए पत्थर से बनाई गई है। यह पत्थर यहाँ के दलित किसान रामदास की जमीन से ले जाया गया था। उनकी खेत से प्रतिमा का पत्थर जाने से रामदास काफी प्रसन्न हैं। उन्होंने गाँव वालों की माँग पर अपनी जमीन का एक हिस्सा मंदिर बनाने के लिए दिया है।
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए रामदास ने बताया, “मैं अपनी 2.14 एकड़ जमीन पर से पत्थर हटाना चाहता था, ताकि इस पर खेती की जा सके। यहाँ से निकाले गए पत्थर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की जरूरतों को पूरा करता था और मूर्तिकार अरुण योगीराज ने इसे चुन लिया।”
उन्होंने आगे बताया, “मेरे गाँव के अधिकांश लोग उस जगह पर प्रभु राम का मंदिर बनाना चाहते हैं, जहाँ से प्रतिमा के लिए पत्थर निकला था और अयोध्या के लिए ले जाया गया था। इसलिए मैंने अपनी जमीन का एक हिस्सा मंदिर बनाने के लिए देने का निर्णय किया है।”
रामदास ने कहा कि वह गाँव वालों के साथ मिलकर 22 जनवरी को 2024 को ही अपनी जमीन के उस हिस्से पर मंदिर निर्माण का शिलान्यास कराएँगे। यह कार्यक्रम 22 जनवरी को सुबह किया जाएगा। यहाँ लगने वाली प्रतिमा बनाने के लिए भी गाँव वाले अरुण योगीराज से सम्पर्क करेंगे।
रामदास के खेत से पत्थर निकालने वाले ठेकेदार श्रीनिवास ने बताया कि रामलला की प्रतिमा बनाने के काम से जुड़े लोगों ने उनसे सम्पर्क करके पत्थर के विषय में जानकारी ली थी। इसके बाद उन्होंने रामदास के खेत से निकले एक पत्थर को अयोध्या भेजा था। इसके बाद लोगों ने बताया था कि पत्थर उपयुक्त है।
रामदास के खेत से निकले पत्थर से ही लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की भी प्रतिमाएँ बनाई गई हैं। हाल ही में अयोध्या के राम मंदिर में लगने वाली रामलला की प्रतिमा की तस्वीरें भी बाहर आई थीं। रामलला की यह प्रतिमा 51 इंच लम्बी है और इसे उनके 5 वर्ष के क्षत्रिय युवराज वाले स्वरूप में बनाया गया है। इस पर भगवान विष्णु के दशावतार को भी उकेरा गया है।
श्रीनिवास ने कहा है कि रामदास को 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर में होने वाली प्राण प्रतिष्ठा के लिए आमन्त्रण नहीं मिला है। उन्हें यहाँ आमंत्रित किया जाना था। उन्होंने स्थानीय विधायक से अपील की है कि वह रामदास के अयोध्या जाने को लेकर कुछ प्रबंध करें।