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‘मेरी शेरनी, तुम्हें कस कर पकड़ने का इंतज़ार नहीं कर सकता’: सुकेश चंद्रशेखर का जेल से जैकलीन फर्नांडिस को पत्र – तुमने मेरी नींदें उड़ा रखी हैं

महाठग सुकेश चंद्रशेखर का नाम बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में है। 200 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में जेल की हवा खा रहे ठग सुकेश चंद्रशेखर ने जैकलीन को एक नया लव लेटर लिखा है। इसमें उसने लिखा, “मेरी शेरनी, मैं तुम्हें अपनी बाँहों में कसकर पकड़ने के लिए इंतजार नहीं कर सकता।”

कथित ठग सुकेश ने क्रिसमस और थैंक्सगिविंग के मौके को देखते हुए जैकलीन फर्नांडिस को ये लेटर लिखा है। इस नए लेटर में, सुकेश ने जैकलीन को हाल ही में मिले अवॉर्ड के लिए बधाई दी और उन्हें ‘माय लव’ और ‘बेबी’ लिखा है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सुकेश ने लिखा, “बेबी, सबसे पहले, तुम्हारे लिए बहुत खुश हूँ, मनोरंजन उद्योग में तुम्हारे असाधारण योगदान के लिए 7वाँ DIAFA अवॉर्ड मिलने पर बधाई। तुम्हें अंदाजा नहीं है कि मैं तुम्हारे लिए कितना खुश हूँ मेरी प्यार, तुम सच में भारतीय फिल्म उद्योग की सबसे महान कलाकार हो। तुम अवॉर्ड लेते वक्त व्हाइट गाउन में सुपर सुपर स्टनिंग लग रही थीं, बेबी, मैं एक बार फिर आश्चर्यचकित हूँ। मेरे बोम्मा तुम इस दुनिया की नहीं लग रही थीं।”

सुकेश ने आगे लिखा, “बेबी, तुम्हारी दो अन्य नई तस्वीरें, एक तुम्हारी लाल अरबी पोशाक में रेगिस्तान में ली गई तस्वीर, और बो पिंक साड़ी में तुम बहुत खूबसूरत लग रही थीं। लेकिन जिसने मेरा दिल चुरा लिया वो चमकदार लहँगे में तुम्हारा फोटोशूट है, बेबी तुम इस ग्रह पर इकलौती जीवित एंजेल हो। लहँगा और तुम एक साथ बहुत सुंदर बहुत सुंदर, जस्ट लुकिंग लाइक ए वॉव लग रही थीं और मुझे स्लीपलेस नाइट्स दे रही थीं क्योंकि मेरे सारे ख्याल केवल तुम्हारे बारे में हैं मेरी हनी बी, तुम्हारे साथ रहने का इंतजार कर रहा हूँ माय बेबी।”

गौरतलब है कि एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस और महाठग सुकेश चंद्रशेखर के बीच लव अफेयर की अफवाहें उड़ती रही है। बताते चलें कि अभी दो महीने पहले ही अक्टूबर में नवरात्रि के मौके पर सुकेश ने एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडीस के लिए नौ दिन व्रत रखने का ऐलान किया था।

सुकेश ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, “बेबी, खुशी और थैंक्सगिविंग का महीना शुरू हो गया है, मुझे तुम्हारे साथ तुम्हारी पसंदीदा टर्की ग्रिल्ड और ‘शेटो शावेल ब्लाँ 1947 वाइन की याद आ रही है, अंदाजा लगाओ कि तुम्हारे सोचने के मुकाबले कितनी जल्दी हम एक साथ जश्न मनाएँगे, मेरी कप केक।”

कथित ठग सुकेश ने आखिर में सभी परेशानियों के लिए जैकलीन से माफी माँगते हुए कहा, “मैं एक बार फिर से अपने घुटनों पर बैठने के लिए और अधिक इंतजार नहीं कर सकता, मैं तुमसे उन सभी परेशानियों के लिए माफी माँगूंगा जिनसे तुम गुजरी हों, और फिर तुमकों कसकर पकड़ लूँगा और तुम्हारी आँखों में देखते हुए और एक बार फिर तुम्हें जिंदगी भर के लिए प्रपोज़ करूँगा, पिछली बार के मुकाबले बेहतर तरीके से।”

गौरतलब है कि अक्सर सुकेश अपने अजीबोगरीब बयानों के जरिए सुर्खियों में रहता है। कभी दिल्ली की जेल में वसूली के बयान पर तो कभी राम मंदिर में रामलला के लिए सोने का मुकुट दान करने के बयान पर।

सुकेश चन्द्रशेखर फिलहाल 200 करोड़ रुपए की रंगदारी मामले में दिल्ली की मंडोली जेल में बंद हैं। उनके बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस के साथ रिश्ते में होने की अफवाह थी। वहीं जैकलीन ने सुकेश के साथ किसी भी तरह के रोमांटिक रिश्ते से होने से इनकार किया था। जैकलीन भी इस मामले में एक आरोपित है और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कई बार उससे भी पूछताछ कर चुका हैं।

‘मुझे लगा जूते से मारेगा’: बसपा सांसद ने बताया लोकसभा में घुसे युवक को क्यों पीटा, बोले – जो हमें मारने आएगा उसे…

लोकसभा में दो युवकों के कूदने और धुएँ वाले पटाखे छोड़ने के बाद अब अंदर के घटनाक्रम की जानकारी सामने आ रही है। बसपा सांसद मलूक नागर ने अब दर्शक दीर्घा से कूदने वाले युवकों को लेकर और जानकारी दी है। एक और वीडियो सामने आया है जिसमें लोकसभा के अंदर सांसद ऊपर से एक युवक को पीटते हुए दिखते हैं।

लोकसभा में ये घुसपैठ ठीक 1 बजकर 1 मिनट पर हुई। उस समय सदन में पश्चिम बंगाल के मालदा उत्तर सीट से भाजपा के लोकसभा सांसद खरगेन मुर्मू अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान एक युवक ने लोकसभा में छलाँग लगा दी। अगले ही क्षण पीठाधीन राजेंद्र अग्रवाल ने सदन को 2 बजे तक के लिए स्थगित कर लिया। इस बीच लोकसभा में मौजूद सांसदों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने वाले दोनों युवकों को पकड़ लिया।

अब बिजनौर से बसपा सांसद मलूक नागर ने मीडिया से बातचीत में बताया है, “शून्य काल में 5 मिनट बचे थे। तभी पीछे से धड़ाम की आवाज आई, मैंने पीछे देखा। एक युवक कूद के नीचे आ गया था। इसी बीच दूसरा युवक भी कूदा। हमने लगा ये गिरा है। ये कूदता हुआ आया। 6-7 सांसद उसे पकड़ने के लिए दौड़े।”

आगे उन्होंने बताया, “जब हमने पकड़ लिया तभी युवक ने जूता निकाल लिया। इसके बाद उसने जूते कुछ निकालना चाहा। हमने उसे पकड़ कर पीटा। जो हमें मारने आएगा उसे पीटेंगे ही। पिछली बार 13 दिसम्बर को यही घटना घटी थी, आज भी उसी तरह की घटना घटी है, कहीं ना कहीं खामी तो है।”

इसी के साथ लोकसभा के अंदर से इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें कुछ सांसद एक युवक को पकड़ कर पीट रहे हैं। इन सांसदों में हनुमान बेनीवाल और बसपा सांसद मलूक नागर तथा कॉन्ग्रेस सांसद गुरजीत औजला भी शामिल थे। इसके अलावा कुछ सांसद उसके बाल खींच रहे थे जबकि कुछ उन्हें रोक रहे थे।

हिरासत में लिए गए आरोपितों को संसद मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। दिल्ली पुलिस की एंटी टेरर यूनिट स्पेशल सेल पार्लियामेंट के अंदर हंगामा करने वाले लोगों से पूछताछ करने पहुँच गई है। बताया जा रहा है कि ये लोग मैसूर के सांसद द्वारा जारी पास के आधार पर लोकसभा की गैलरी तक पहुँचे थे। उन्होंने जूते में रंग-बिरंगा धुआँ फेंकने वाले कनस्तर छिपाए थे। 

युवक को पकड़ने वाले कॉन्ग्रेस सांसद गुरजीत औजला ने भी इस घटना के बारे में मीडिया से बातचीत की। हनुमान बेनीवाल ने भी इस बारे में मीडिया से बात की।

इस घटना के बाद दिल्ली के पुलिस कमिश्नर और CRPF के डीजी संसद भवन पहुँचे हैं। यह घटना करने वाले चारों आरोपितों के नाम सागर, मनोरंजन, नीलम और अमोल शिंदे हैं।

जिनके सामने मारी गई करणी सेना अध्यक्ष को गोलियाँ, उनकी भी हुई मौत: सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के इकलौते चश्मदीद थे अजीत

राजस्थान के बहुचर्चित सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड के चश्मदीद अजीत सिंह राजावत की इलाज के दौरान मौत हो गई है। 5 दिसंबर 2023 को शूटरों ने उन्हें तब गोलियाँ मारी थी, जब वे सुखदेव सिंह को बचाने का प्रयास कर रहे थे। हमले के बाद से वे जयपुर के एक अस्पताल के ICU वार्ड में भर्ती थे। अजीत ने अंतिम साँस बुधवार (13 दिसंबर 2023) को ली। अजीत की मौत के बाद अस्पताल के बाहर जुटे राजपूत समाज के लोगों ने उनके परिजनों के लिए मुआवजे की माँग की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अजीत सिंह राजावत हमले के बाद से जयपुर के SMS अस्पताल में भर्ती करवाए गए थे। डॉक्टरों ने बताया कि अजीत के सीने से नीचे के शरीर में लकवा मार गया था। रीढ़ की हड्डी में गोली लगने की वजह से उनका शरीर ठीक से काम नहीं कर रहा था। बुधवार को महज 2 घंटे के भीतर उन्हें 3 बार हार्ट अटैक आया। तीसरे अटैक में उन्होंने दम तोड़ दिया।

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के सुरक्षा गार्ड रहे अजीत की मौत की खबर सुनते ही SMS अस्पताल के बाहर करणी सेना के सदस्य जमा हो गए। उन्होंने राज्य सरकार से मृतक के परिजन को मुआवजा देने की माँग की। अजीत के शव के पोस्टमार्टम की तैयारियाँ की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर अस्पताल के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। वहीं मामले की जाँच कर रही टीम अब शूटरों पर अजीत की हत्या की धाराओं की भी वृद्धि करेगी।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की 5 दिसंबर 2023 को दोपहर में उनके जयपुर स्थित घर पर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने नितिन फौजी और रोहित राठौर नाम के 2 शूटरों को गिरफ्तार किया है। हत्या के पीछे मुख्य साजिशकर्ता लॉरेंस विश्नोई गैंग से जुड़े रोहित गोदारा को बताया जा रहा है। रोहित ने इस हत्याकांड की जिम्मेदारी लेते हुए कहा था कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी उसके दुश्मनों की मदद कर रहे थे।

जिसका सपना देखा वो नहीं मिलता है तो दुःख होता है… कप्तान रोहित शर्मा ने बताया वर्ल्ड कप के फाइनल की हार से कैसे उबरे, बोले – आसान नहीं, लेकिन ज़िन्दगी चलती रहती है

भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने विश्व कप 2023 के फाइनल में हार के बाद पहली बार इस पर बयान जारी किया है और बताया है कि कैसे वह इस हार से उबरे हैं। भारत 19 नवम्बर, 2023 को ऑस्ट्रेलिया के हाथों 50 ओवर वाला विश्वकप का फाइनल मुकाबला हार गया था।

इस मुकाबले में हार के बाद रोहित शर्मा काफी दुखी नजर आए थे और वह ड्रेसिंग रूम में चले गए थे। इसके बाद से वह मीडिया में अधिक नहीं दिखे हैं। उन्होंने बीच में अपनी पत्नी रितिका सजदेह शर्मा के साथ एक फोटो डाली थी। इसमें कहीं दोनों घूमते हुए नजर आए थे।

इंस्टाग्राम पर रोहित शर्मा की टीम द्वारा चलाए जाने वाले एक पेज Team45Ro ने रोहित शर्मा का एक 4 मिनट लंबा वीडियो पोस्ट किया है जिसमें वह इस हार, टीम के प्रदर्शन और इससे उबरने को लेकर बातचीत कर रहे हैं।

वीडियो में रोहित शर्मा कहते हैं, “मुझे बिलकुल भी नहीं पता था कि हार से उबरा कैसे जाए। पहले कुछ दिनों तक मुझे कुछ मालूम नहीं था कि मैं क्या करूँ? मेरे परिवार और दोस्तों ने मुझे समझाया, मेरी लिए चीजें काफी आसान बनाई। यह काफी मददगार था। हार को पचाना आसान नहीं था लेकिन जिन्दगी चलती रहती है।”

आगे उन्होंने कहा, “आपको जीवन में आगे बढ़ना पड़ता है। लेकिन मैं सच कह रहा हूँ कि यह कठिन था। मैं 50 ओवर वाला वर्ल्ड कप देखते हुए बड़ा हुआ हूँ। मेरे लिए यही सबसे बड़ी उपलब्धि होती। हमने इस वर्ल्ड कप के लिए इतने साल काम किया और जब आप वो नहीं पाते जो आप चाहते हैं तो, जिसके लिए आपने इतने दिन सपने देखे हैं, आपको दुःख होता है।”

आगे रोहित ने इस हार के बारे में कहा, “आप कभी-कभी इस हार से खीझ भी जाते हैं, हमने अपनी तरफ से जो हो सकता था किया। अगर मुझसे कोई पूछे कि क्या गड़बड़ हुई, तो मैं कहूँगा कि हमने 10 मैच खेले और जीते। हाँ, उनमें कुछ गलतियाँ हुई होंगी। क्योंकि आप जब खेलते हैं तो गलतियाँ होती हैं। आप कभी परफेक्ट गेम नहीं खेल सकते।”

रोहित शर्मा ने टीम के प्रदर्शन को लेकर कहा, “अगर टीम के प्रदर्शन की बात करूँ तो जैसे हमने खेला वो बहुत अच्छा था। आप हर वर्ल्ड कप में ऐसे प्रदर्शन नहीं कर पाते। मुझे विश्वास है कि जैसे हमने उस फाइनल तक खेला उसने लोगों को काफी मजा और काफी गर्व दिया होगा।”

रोहित शर्मा ने ने बताया कैसे किया फाइनल की हर के बाद कमबैक

रोहित ने बताया कि हार के बाद उन्होंने वापसी कैसे की। उन्होंने कहा, “इस हार से उबरना काफी मुश्किल था। इसीलिए मैंने निर्णय लिया कि कहीं बाहर जाता हूँ जिससे यह बात दिमाग से निकले। लेकिन जहाँ भी मैं था वहां लोग मेरे पास आकर हमारे एफर्ट और टीम की तारीफ़ कर रहे थे।”

रोहित ने भारतीय क्रिकेट फैन्स को लेकर कहा, “हाँ मुझे उनके लिए बुरा लगता है, क्योंकि वो भी हमारे साथ वर्ल्ड कप उठाने का सपना देख रहे थे। हम जहाँ भी इस एक डेढ़ महीने के वर्ल्ड कप के दौरान गए सभी ने हमें खूब समर्थन दिया। मैं जब भी इस बारे में सोचता हूँ तो काफी बुरा लगता है।”

उन्होंने कहा कि लोगों के समर्थन देने की वजह से मैं फिर से सामान्य हो सका। गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले खेलते हुए 240 रन बनाए थे जिसे ऑस्ट्रेलिया ने हासिल कर लिया था और छठी बार वर्ल्ड कप विजेता बने थे।

प्रेम में असफल पुरुष करे आत्महत्या तो महिला नहीं होगी जिम्मेदार: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की दो टूक, सुसाइड नोट छोड़ मरा था युवक

प्रेम संबंध नाकाम रहने पर यदि कोई आत्महत्या करता है तो इसके लिए उसकी प्रेमिका को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 7 दिसंबर 2023 को दिए गए एक फैसले में यह टिप्पणी की है। हाई कोर्ट ने इस मामले में 24 साल की महिला और उसके भाई के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का दर्ज केस रद्द कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पार्थ प्रीतम साहू की अदालत में हुई। मामला राजनांदगाँव का है। 23 जनवरी 2023 को एक युवक ने अपने घर में आत्महत्या कर ली थी। तलाशी के दौरान मृतक के पास से एक सुसाइड नोट मिला था। इसमें युवक ने लिखा था कि उसका लगभग 8 वर्ष से एक लड़की से प्रेम संबंध था। लेकिन लड़की ने उससे अपने रिश्ते तोड़ कर किसी और लड़के से शादी कर ली।

सुसाइड नोट में युवक ने लिखा था कि उसकी प्रेमिका ने यह कदम अपने भाइयों के कहने पर उठाया। लड़की के 2 भाइयों पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपनी बहन पर प्रेमी से संबंध खत्म करने का दबाव बनाया था। इन सभी पर मृतक से पैसे लेने और उसे न लौटाने का भी आरोप था। राजनांदगाँव पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 306 और 34 के तहत केस दर्ज किया था। तीनों आरोपितों को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था। 13 अक्टूबर 2023 को जिला अदालत ने लड़की और उसके 2 भाइयों के खिलाफ आरोप तय किए थे।

निचली अदालत में आरोप तय होने के बाद आरोपितों ने इस मामले को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में चुनौती दी। सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति पार्थ प्रीतम साहू ने कहा कि तीनों आरोपितों के खिलाफ केस चलाने के लिए प्रथम दृष्टया कोई ठोस सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि जुबानी व सुनी-सुनाई बातें आरोपितों के खिलाफ केस चलाने का पर्याप्त आधार नहीं मानी जा सकती है।

अभियोजन पक्ष ने हाई कोर्ट को बताया कि आरोपितों द्वारा मृतक को गलत केस में फँसाये जाने और गंभीर परिणाम भुगतने जैसी धमकियाँ दी गई थी। हालाँकि जस्टिस पार्थ प्रीतम साहू ने कहा कि किसी भी धमकी की गंभीरता इतनी नहीं प्रतीत हो रही कि उसके चलते किसी को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़े।

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है, “यदि कोई प्रेम में असफल या परीक्षा खराब होने पर सुसाइड करता है तो इसके लिए महिला या परीक्षक को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। इसी तरह केस खारिज होने पर कोई आत्महत्या कर ले तो वकील को आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। ऐसा करने वाले व्यक्ति के गलत फैसले को किसी अन्य व्यक्ति को उसे उकसाने का जिम्मेदार कहकर दोषी नहीं ठहराया जा सकता।”

बाल नोचे, जूते बरसाए, दनादन दिए मुक्के… लोकसभा में घुसे युवक को 11 सांसदों ने मिल कर कूटा, बाहर साथियों ने लगाए ‘जय भीम’ के नारे

संसद भवन में बुधवार (13 दिसंबर, 2023) को लोकसभा सदन में 2 लोग गैलरी से कूद गए। उन्होंने अपने हाथ में रंग-बिरंगे धुएँ छोड़ने वाला कनस्तर रखा हुआ था। इस दौरान पूरे सदन में धुआँ फैल गया। इसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें सदन में कूदे युवक की कई सांसद मिल कर धुनाई कर रहे हैं। सांसदों ने उसे पकड़ लिया और फिर उसकी जम कर पिटाई की। किसी ने बाल नोचे तो, किसी ने मुक्के मारे तो किसी ने जूते बरसाए।

इस दौरान ‘राष्ट्रीय लोकतान्त्रिक पार्टी’ के हनुमान बेनीवाल और बसपा के मलूक नागर इस दौरान आगे नज़र आए। एक अन्य सांसद को इस दौरान हमलावर के हाथ से कनस्तर का दबा छीनते हुए भी देखा गया। 11 सांसदों ने मिल कर उक्त हमलावर को पीटा। कुछ तो बेंच पर ही खड़े हो गए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दोपहर के 4 बजे सर्वदलीय बैठक भी की है। विजिटर गैलरी पास पर फ़िलहाल रोक लगा दी गई है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया में खासा वायरल हो रहा है।

इस मामले में 4 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 2 अंदर घुसे थे और 2 बाहर नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शनकारी ‘मणिपुर को इंसाफ दो’ के साथ-साथ ‘जय भीम’ का नारा भी लगा रहे थे। उन्होंने ‘तानाशाही नहीं चलेगी’, ‘संविधान बचाओ’, ‘महिलाओं पर अत्याचार नहीं चलेगा’, ‘भारत माता की जय’, ‘तानाशाही बंद करो’ और ‘जय भीम, जय भारत’ के अलावा ‘वन्दे मातरम्’ के नारे भी लगाए। अंदर घुसे प्रदर्शनकारी कह रहे थे – ‘काला कानून नहीं चलेगा, गुंडागर्दी नहीं चलेगी’।

सदन में घुसे प्रदर्शनकारियों में से एक तो अध्यक्ष की कुर्सी की तरफ बढ़ने लगा था। उसने नीले रंग की जैकेट पहन रखी थी। इस दौरान उसे जूते खोलने की कोशिश करते हुए भी देखा गया। इस दौरान पीले रंग का धुआँ सदन में फैल गया। प्रदर्शनकारी ‘काला कानून वापस लो’ भी कह रहे थे। उनका दावा था कि वो किसी संगठन से नहीं जुड़े हैं, हम छात्र हैं। ये घटना दोपहर के 1 बजे हुई। जैसे ही लोकसभा का पूरा व्यू टेलीकास्ट में आने लगा, ये लोग कूद गए।

जिनकी दादी इंदिरा से लड़ी, जिनके पुरखे भगवान राम के वंशज, जो खुद दो महाराजा की माँ… राजस्थान में अबकी जला वही ​दीया

शेक्सपीयर ने कहा था कि नाम में क्या रखा है। पर राजनीति में एक नाम कई संदेश दे जाती है। खासकर यदि आपका नाम दीया कुमारी हो। बीजेपी ने बस एक इसी नाम से आधी आबादी के साथ-साथ राजपूत वोटरों को भी साधने का काम कर लिया है।

15 दिसंबर 2023 को शपथ लेने जा रहीं दीया राजस्थान की पहली महिला उप मुख्यमंत्री होंगी। जयपुर की विद्याधर नगर सीट से विधायक चुनी गईं दीया कुमारी का नाम मुख्यमंत्री पद की रेस में भी था। वे राजस्थान की राजसमंद सीट से सांसद भी रह चुकी हैं।

दीया कुमारी का परिवार स्वतंत्र भारत के सबसे चर्चित राजपरिवारों में से एक हैं। वे उन्हीं गायत्री देवी की पोती हैं, जिन्होंने इंदिरा गाँधी से लोहा लिया था। इमरजेंसी में उन्हें जेल में रहना पड़ा था। उनके किले में भी इंदिरा ने सेना भेज दी थी।

दीया कुमारी के पुरखे भगवान राम के वंशज थे। जब रामजन्मभूमि केस पर सुनवाई के दौरान 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने भगवान राम के वंशजों के बारे में पूछा था तो दीया कुमारी ने बताया था कि उनका परिवार भगवान राम के पुत्र कुश से संबद्ध है। उन्होंने बताया था कि जयपुर के पूर्व राजा और उनके पिता महाराजा भवानी सिंह कुश की 307वीं पीढ़ी के थे।

इसका सबूत पेश करते हुए उन्होंने एक पत्रावली भी दिखाई थी। इसमें भगवान राम के वंश के सभी पूर्वजों का नाम क्रम से लिखा हुआ है। इसी पत्रावली में 209वें वंशज के रूप में सवाई जयसिंह और 307वें वंशज के रूप में दीया के पिता महाराजा भवानी सिंह का नाम लिखा हुआ था।

महावीर चक्र विजेता की बेटी, राजघराने के बाहर शादी

52 वर्ष की दीया कुमारी का संबंध जयपुर राजघराने से है। उनका राजघराना कच्छवाहा राजपूतों का है। दीया कुमारी जयपुर के महाराजा ब्रिगेडियर भवानी सिंह और महारानी पद्मिनी देवी की संतान हैं। उनके पिता ब्रिगेडियर भवानी सिंह महावीर चक्र से वर्ष 1971 में सम्मानित किए गए थे। वे ब्रूनेई में भारत के राजदूत भी रहे थे।

दीया कुमारी (सबसे दाएँ), उनकी माँ महारानी पद्मिनी देवी, उनके छोटे बेटे लक्ष्यराज सिंह, राजकुमारी गौरवी देवी और पद्मनाभ सिंह
दीया कुमारी (सबसे दाएँ), उनकी माँ महारानी पद्मिनी देवी, उनके छोटे बेटे लक्ष्यराज सिंह, राजकुमारी गौरवी देवी और पद्मनाभ सिंह

दीया कुमारी की पढ़ाई जयपुर, दिल्ली और लंदन में हुई है। उन्होंने अपनी मर्जी से राजपरिवार से बाहर के नरेन्द्र सिंह से प्रेम विवाह किया था। यह प्रेम विवाह उन्हें पहले आर्य समाज और फिर कोर्ट में करना पड़ा था, क्योंकि इसके लिए नरेन्द्र और दीया, दोनों के ही माता-पिता राजी नहीं थे।

नरेन्द्र सिंह और दीया कुमारी (चित्र साभार: NEWS18)
नरेन्द्र सिंह और दीया कुमारी (चित्र साभार: NEWS18)

उनके और नरेन्द्र सिंह के परिवार का गोत्र एक होने के कारण काफी बवाल हुआ था और ब्रिगेडियर भवानी सिंह को राजपूत महासभा के अध्यक्ष पद को छोड़ना पड़ा था। हालाँकि, उनका और नरेन्द्र सिंह का अब तलाक हो चुका है।

दो महाराजा की माँ

दीया कुमारी के तीन संतान हैं। पद्मनाभ सिंह और लक्ष्यराज सिंह उनके बेटे हैं, जबकि राजकुमारी गौरवी कुमारी उनकी बेटी हैं। उनके बड़े बेटे पद्मनाभ सिंह जयपुर के वर्तमान महाराजा हैं, जबकि दूसरे छोटे बेटे लक्ष्यराज सिंह सिरमौर के महाराजा हैं।

पद्मनाभ सिंह 2011 सवाई भवानी सिंह की मृत्यु के बाद जयपुर के महाराजा बनाए गए थे। उनके छोटे बेटे लक्ष्यराज सिंह को सिरमौर का महाराजा 2013 में बनाया गया था। दरअसल, लक्ष्यराज की नानी पद्मिनी देवी सिरमौर से सम्बन्ध रखती हैं।

बड़े अंतर से चुनाव जीतती रहीं हैं दीया कुमारी

दीया कुमारी का परिवार पहले से ही राजनीति से जुड़ा रहा रहा है। उनकी दादी गायत्री देवी जयपुर से कई बार सांसद रहीं। दीया कुमारी की राजनीति में एंट्री वर्ष 2013 के विधानसभा चुनावों के समय हुई थी। तब गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी और वसुंधरा राजे की उपस्थिति में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन की थी।

उन्हें पहली बार 2013 के विधानसभा चुनावों में सवाई माधोपुर सीट से टिकट दिया गया था। यहाँ उन्होंने कॉन्ग्रेस के दानिश अबरार को हराया था। इसके बाद 2018 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने राजनीति से दूरी बनाई। पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनावों में उन्हें राजसमन्द सीट से टिकट दिया था।

यहाँ उन्होंने कॉन्ग्रेस के देवकीनंदन काका को 5.51 लाख वोटों के अंतर से हराया था। उन्हें डाले गए कुल वोटों का 70% वोट मिले थे। 2023 के विधानसभा चुनावों में केन्द्रीय नेतृत्व ने उन्हें जयपुर की विद्याधरनगर सीट से चुनावों में उतारा था। यहाँ उन्होंने 1.58 लाख वोटों के अंतर से कॉन्ग्रेस के उम्मीदवार सीताराम अग्रवाल को हराया है।

दीया कुमारी को सड़क पर उतर कर राजनीति करने वाले नेताओं में गिना जाता है। जयपुर की जनता उन्हें काफी पसंद करती है।

संसद में फेंका गया जो रंगीन धुएँ वाला कनस्तर उसे दिखाने के लिए लड़ बैठे पत्रकार, सबूत पुलिस को देने की बजाय बना दिया तमाशा: लोगों को याद आई राजदीप की ‘गिद्ध पत्रकारिता’

संसद भवन के लोकसभा सदन में बुधवार (13 दिसंबर, 2023) को 2 लोग घुस गए, जिनके हाथों में धुआँ छोड़ने वाला उपकरण था। इस दौरान सांसदों ने उन्हें पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। एक संदिग्ध के जूते में आँसू गैस के कनस्तर पाए गए हैं। वहीं ट्रांसपोर्ट भवन के सामने विरोध प्रदर्शन कर रहे एक पुरुष और एक महिला को भी हिरासत में लिया गया है। 2001 के संसद भवन के हमले की 22वीं बरसी के दिन ये घटना हुई है

संसद भवन में पत्रकारों की लड़ाई

वहीं इस घटना के बाद रंग-बिरंगे धुएँ वाले उस छोटे से कनस्तर को दिखाने के लिए मीडिया वाले आपस में भिड़ गए, जिसे लेकर हमलावर आए थे। वीडियो में देखा जा सकता है कि ‘TV9 भारतवर्ष’ के पत्रकार अपने चैनल के लिए इस घटना की जानकारी देते रहते हैं, तभी अचानक एक अन्य पत्रकार आकर उनकी माइक पकड़ कर उन्हें हटाने लगता है। साथ ही वो बार-बार ‘बहुत दिखा लिए’ भी कह रहा होता है। इस प्रकरण के दौरान फ्रेम में ‘न्यूज़ 18’ की पल्लवी घोष भी दिखाई देती हैं। ‘TV9 भारतवर्ष’ के पत्रकार को हटाने के लिए अन्य पत्रकार भी एकजुट हो जाते हैं।

इसके बाद उन पत्रकारों की आपस में धक्का-मुक्की शुरू हो जाती है। उक्त पत्रकार बार-बार कवरेज फिर से शुरू करने की कोशिश करता है, लेकिन उसे फिर से रोका जाता है। फिर वो स्मोक बम दिखाता है। अंत में वो हाँफते-हाँफते अपनी कवरेज पूरी करता है। अंत में फिर से पल्लवी घोष उसे रोकने की कोशिश करती हैं। ये वीडियो ‘TV9 भारतवर्ष’ पर लाइव चल रहा था। अंत में एंकर ने किसी तरह से इस मामले को सँभाला टीवी स्क्रीन पर अन्य जगह के वीडियो भी दिखने लगे।

इस घटना का एक अन्य वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग अपने फोन से पत्रकारों की इस लड़ाई का वीडियो बना रहे हैं और साथ ही हँस भी रहे होते हैं। इसमें भी देखा जा सकता है कि एक पत्रकार दूसरे पत्रकार की कवरेज के बीच में आकर व्यवधान पैदा कर रहा है। साथ ही वो पीले रंग के एक स्मोक बम को हाथ में लेने के लिए भी आपस में लड़ते हैं। लोग ‘एक्सक्लूसिव’ के लिए पत्रकारों के इस लड़ाई-झगड़े की सोशल मीडिया पर आलोचना कर रहे हैं।

बता दें कि पत्रकारों की ये लड़ाई एक ‘सबूत’ को दिखाने के चक्कर में हुई, स्मोक बम। उस छोटे से स्मोक बम के लिए ये लड़ बैठे। ‘ब्रेकिंग’, ‘एक्सक्लूसिव’ और ‘सबसे पहले’ के चक्कर में इन पत्रकारों ने पत्रकारिता का बड़ा गर्क कर दिया। सबूत तो पुलिस व जाँच एजेंसियों के पास होने चाहिए थे, इसके लिए पत्रकार क्यों लड़ रहे भला? पत्रकारिता अब इतनी गिर गई है कि किसी घटना के बाद सबूत हाथ में लेकर दिखाने के लिए कैमरे के सामने ही लड़ाई हो रही है।

राजदीप सरदेसाई की ‘गिद्ध पत्रकारिता’

क्या यही वो ‘गिद्ध पत्रकारिता’ है, जिसका उदाहरण राजदीप सरदेसाई ने कभी पेश किया था? संयोग देखिए कि वो 2001 में 13 दिसंबर की ही तारीख़ थी। उस दिन संसद भवन पर आतंकियों ने हमला बोल दिया था। राजदीप सरदेसाई ने उस दौरान का एक वाकया शेयर किया था। इसमें संसद भवन के सुरक्षाकर्मी, दिल्ली पुलिस के जवान समेत कुल 9 लोग वीरगति को प्राप्त हो गए थे। संसद पर हमले को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने अंजाम दिया था और इस हमले का मास्टरमाइंड था अफजल गुरु।

पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने संसद पर हुए हमले को ‘अ ग्रेट डे (एक महान दिन)’ कहा था। सरदेसाई ने देश की संसद पर हुए हमले पर बात करते हुए कहा था कि कैसे वह संसद के बगीचे में पिकनिक मना रहे थे, जब आतंकी पार्लियामेंट पर हमला कर रहे थे। उन्हें कहते हुए सुना गया था कि पत्रकार गिद्धों की तरह व्यवहार करते हैं। सरदेसाई दिसंबर 2001 में भारतीय संसद पर हुए हमले को याद करते हुए बता रहे थे कि वह अपनी टीम के साथ पिकनिक की तैयारी कर रहे थे।

वह और उनकी टीम सुबह करीब 11 बजे संसद में दाखिल हुई। टीम के संसद में प्रवेश करने के कुछ ही मिनटों के भीतर उन्होंने गोलियों की आवाज सुनी। उन्होंने अपने सहयोगी से कहा कि वह गार्ड को गेट बंद करने के लिए कहे। फिर सरदेसाई एक लंबी मुस्कराहट के साथ बताते हैं कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि कोई अन्य चैनल क्रू प्रवेश न कर सके। उन दिनों कम चैनल थे और सरदेसाई एक्सक्लुसिव स्टोरी मिलने को लेकर उत्साहित थे।

हालाँकि, ताज़ा मामले में पुलिस पर भी सवाल उठते हैं कि उसने आखिर मीडिया से सबूत क्यों नहीं लिया? किसी मीडिया वाले के हाथ सबूत लग गया और वो उसे लेकर कैमरे के सामने दिखाने लगा, ये तो सबूतों के साथ छेड़खानी हुई? पुलिस को तो पत्रकारों से वो सबूत ले लेना चाहिए था। फिंगर प्रिंट्स से लेकर तमाम चीजें कोर्ट केस के दौरान काम आती हैं। इसीलिए, यहाँ मीडिया वाले तो मजाक के पात्र बने ही लेकिन पुलिस ने भी सबूत उनसे लेने के लिए कुछ नहीं किया।

अशरफ मंसूरी ने ‘आशू’ बन हिन्दू लड़की को फाँसा, कार में ही किया बलात्कार: अब्बा-भाई ने भी की अश्लील हरकतें, धक्के देकर घर से निकाला

मध्य प्रदेश के इंदौर से ‘लव जिहाद’ का मामला सामने आया है। यहाँ ‘हेलो’ एप से एक हिन्दू लड़की को अपने जाल में फँसा कर रेप किया गया है। आरोपित का नाम अशरफ मंसूरी है जिसके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। अशरफ ने पीड़िता पर इस्लाम कबूल करने का भी दबाव बनाया। फिलहाल फरार चल रहे अशरफ के खिलाफ हिन्दू संगठनों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की माँग की है। मामले की शिकायत मंगलवार (12 दिसंबर, 2023) को हुई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला इंदौर के बिजलपुर का है। यहाँ के रहने वाले अशरफ मंसूरी ने ‘हेलो’ ऐप के जरिए साल 2018 में एक हिन्दू लड़की से दोस्ती की थी। शुरुआती बातचीत में अशरफ ने खुद को हिन्दू और अपना नाम आशु बताया था। दोनों के बीच लगभग 1 माह तक चैटिंग हुई। 1 माह बाद अशरफ ने पीड़िता से मिलने की इच्छा जताई। पीड़िता ने भी हामी भर दी। दोनों की मुलाकात खजराना बाईपास पर हुई जहाँ अशरफ अपनी कार से आया था। यहाँ अशरफ ने कार में ही पीड़िता से रेप किया।

जब पीड़िता ने आशु बने अशरफ की इस हरकत का विरोध किया उसने शादी करने का वादा किया। लगभग 8 माह बाद पीड़िता को आशु के मुस्लिम होने की जानकारी हुई तो वह दूरी बनाने लगी। आरोप है कि तब अशरफ ने हाथ की नस काट कर छत से कूदने और आत्महत्या की धमकी देते हुए पीड़िता को अपने पास बुलाया। यहाँ से वो लड़की को नवलखा इलाके में अपनी परिचित किसी अन्य महिला के घर ले गया। अशरफ आत्महत्या करने की धमकी दे कर पीड़िता को ब्लैकमेल करता रहा और उसके साथ रेप करता रहा।

पीड़िता ने बताया कि पिछले 4 माह से अशरफ उस पर इस्लाम कबूलने का दबाव बना रहा था। 8 दिसंबर, 2023 को पीड़िता अशरफ के घर उसकी करतूतों की शिकायत करने पहुँची। आरोप है कि यहाँ अशरफ के अब्बा उस्मान और भाई बुरक़ान ने पीड़िता के साथ अश्लील हरकतें की। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया तो उसे 25-25 हजार रुपयों का लालच दे कर मुँह बंद रखने को कहा गया। पैसे लेने से मना करने पर पीड़िता को उस्मान और बुरक़ान ने धक्के मार कर घर से बाहर कर दिया।

आखिरकार पीड़िता ने हिन्दू संगठन के सदस्यों से मदद माँगी। मंगलवार (12 दिसंबर, 2023) को हिन्दू संगठन पीड़िता के साथ थाने पहुँचे और अशरफ मंसूरी पर कड़ी कार्रवाई की माँग करने लगे। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर अशरफ के खिलाफ मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, दुष्कर्म, एट्रोसिटी एक्ट के तहत FIR दर्ज कर लिया है। केस दर्ज होते ही पुलिस ने अशरफ के घर दबिश दी लेकिन वो फरार हो गया। थाना प्रभारी शैलेन्द्र सिंह राठौर ने आरोपित को जल्द गिरफ्तार करने का भरोसा दिया है।

क्या कॉन्ग्रेस MP धीरज साहू ने जमीन में भी गाड़ रखा है खजाना, रिपोर्ट में दावा- राँची के घर की खुदाई की तैयारी: जानिए बरामद पैसों का क्या होगा

कॉन्ग्रेस सांसद धीरज साहू से जुड़े ठिकानों से कैश और गोल्ड का जखीरा मिलने के बाद अब उनका राँची का घर आयकर विभाग की रडार पर है। साथ ही इस मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री के भी कयास लग रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से पूरे मामले की पड़ताल कर सकती है। वहीं आज तक की रिपोर्ट के अनुसार अब साहू के राँची के रेडियम रोड में स्थित घर की आयकर विभाग तलाशी ले रही है। इस घर की खुदाई भी हो सकती है, क्योंकि इतनी बड़ी बरामदगी के बाद संदेह जताया जा रहा है कि साहू ने इससे भी बड़ा खजाना छिपा रखा हो।

रिपोर्टों के अनुसार साहू के ठिकानों से करीब 350 करोड़ रुपए मिले हैं। कुछ रिपोर्टों में यह रकम 500 करोड़ रुपए के करीब बताई गई है। इसके अलावा 17 किलो सोना मिलने की बात भी कही जा रही है। एजेंसी की कार्रवाई में यह देश में अब तक की सबसे बड़ी नकदी बरामदगी बताई जा रही है।

6 दिसंबर 2023 को आयकर विभाग ने झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जगहों पर एक साथ यह कार्रवाई शुरू की थी। छापेमारी की कार्रवाई 6 दिनों तक चली।

इतनी बड़ी बरामदगी के बाद सवाल उठता है कि इस पैसे का क्या होगा। आयकर नियमों के मुताबिक, अघोषित आमदनी पकड़े जाने पर टैक्‍स के साथ-साथ जुर्माने का भी प्रावधान है। ऐसा नहीं है कि घर में कैश रखना गैर कानूनी है या कैश रखने की कोई कानूनी सीमा तय है। लेकिन यह कैश कहाँ से आई इसका सटीक और वैध सोर्स होना चाहिए।

छापेमारी के दौरान घर से बरामद नकदी के सोर्स और कानूनी दस्तावेज मुहैया नहीं करवाने पर यह अवैध धन कहलाता है। इसे काली कमाई से अर्जित संपत्ति माना जाता है। इस तरह की अघोषित आमदनी पर टैक्‍स स्‍लैब के हिसाब से 300 फीसदी तक टैक्‍स और जुर्माना लगाया जा सकता है।

छापेमारी में जब्त नगदी का आकलन करने के बाद इसका पंचनामा फाइल किया जाता है। ऐसे किसी भी मामले की जाँच आईटी विभाग की जाँच यूनिट करती है। ये यूनिट सभी विवरणों और खातों का अध्ययन करती है और 60 दिनों में एक मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार करती है।

एक बार मूल्यांकन आदेश तैयार हो जाने के बाद, मामले के आरोपितों और संदिग्धों को अपनी आय का जरिया बताने का मौका भी दिया जाता है। बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में जब्त की गई नगदी की सूची बनाई जाती है। इसके बाद नगदी केंद्र सरकार के बैंक खाते में जमा हो जाती है।

जब्त की गई नगदी पर आयकर विभाग एक फाइनल कुर्की तैयार करता है। इसकी पुष्टि के लिए केस अदालत में जाता है और फिर केस खत्म होने तक जब्त की गई ये नगदी केंद्र सरकार के बैंक खाते में ही रहती है।

जब तक सुनवाई पूरी नहीं होती इस पैसे का कोई भी किसी तरह का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। अदालत यदि आरोपित को दोषी ठहरा है तो यह पैसा सरकार का हो जाता है। लेकिन यदि अदालत आरोपित को बरी कर देती है तो सारा पैसा उसे नगदी वापस कर दिया जाता है।

उल्लेखनीय है कॉन्ग्रेस सांसद धीरज प्रसाद साहू और उनके रिश्तेदारों का शराब का बड़ा कारोबार है। बलदेव साहू एंड ग्रुप ऑफ कंपनीज मूल रूप देशी शराब बनाने का काम करती है। इस धंधे में कंपनी करीब चार दशक से है। कंपनी का नाम धीरज साहू के पिता बलदेव साहू के नाम पर है। कॉन्ग्रेस सांसद के अलावा उनके परिवार के अन्य सदस्य भी कंपनी में शामिल हैं।

इतनी बड़ी मात्रा में नकद मिलना इसलिए भी चौंकाता है, क्योंकि 2018 के चुनावी हलफनामे में साहू ने अपने ऊपर 2.36 करोड़ रुपए का कर्ज बताया था। कुल संपत्ति 34 करोड़ बताई थी। 2016-17 में जो इनकम टैक्स रिटर्न भरा था, उसमें अपनी आमदनी एक करोड़ रुपए से कुछ ही अधिक बताई थी।