Home Blog Page 1434

वीडियो कॉल पर बीवी का आइब्रो देख भड़क गया मोहम्मद सालिम, सऊदी अरब से फोन पर ही दे दिया तीन तलाक: कानपुर की घटना

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से 3 तलाक का एक मामला सामने आया है। सऊदी अरब में कमाने गए एक व्यक्ति ने फोन करके अपनी बीवी को तीन तलाक दे दिया। तलाक की वजह पीडिता द्वारा आईब्रो बनवा है। पीड़िता ने अपने शौहर सहित ससुराल के कुल 5 लोगों पर दहेज़ के लिए प्रताड़ना देने का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में मंगलवार (31 अक्टूबर 2023) को FIR दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है।

यह मामला कानपुर के बादशाही नाका थाना क्षेत्र का है। यहाँ रहने वाली पीड़िता का निकाह 17 जनवरी 2023 को प्रयागराज के फूलपुर इलाके के मोहम्मद सालिम से हुआ था। इस निकाह में लड़की के घर वालों ने अपनी हैसियत के मुताबिक दहेज दिया था और बारात की अच्छे से आवभगत की थी। आरोप है कि लड़की पक्ष की तमाम कोशिशों के बावजूद पीड़िता की सास मुज़फ़्फ़री, ननद रुखसार और देवर साकिब व सैफ दहेज़ से संतुष्ट नहीं थे।

शिकायत में पीड़िता ने बताया है कि उनके शौहर सहित ससुराल के बाकी तमाम लोग दहेज में कार की माँग कर रहे थे। निकाह के 3 माह बाद पीड़िता के शौहर मोहम्मद सालिम कमाने के लिए सऊदी अरब चला गया। इसके बाद पीड़िता के ससुराल के बाकी सदस्य उसे खाने-पीने के अलावा पहनने और ओढ़ने के लिए भी परेशान करने लगे। ससुराल वालों की करतूतों को पीड़िता ने सहा और अपने शौहर के घर लौटने पर सब ठीक हो जाने की उम्मीद बनाए रखी।

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसकी ससुराल के बाकी सदस्य उनके शौहर को भड़काते थे। साथ ही पीड़िता को आए दिन तलाक देने की धमकी भी दी जाती रही। इस बीच 4 अक्टूबर 2023 को पीड़िता के शौहर ने रात लगभग 9:30 पर IMO एप के जरिए वीडियो कॉल की। थोड़ी देर की बातचीत में मोहम्मद सालिम ने पीड़िता पर उसकी मर्जी के खिलाफ आइब्रो बनवाने का आरोप लगाया। पीड़िता की कोई सफाई काम नहीं आई और आखिरकार आरोपित शौहर ने फोन पर उसे तीन तलाक दे दिया।

शिकायत के अंत में पीड़िता ने महज एक साल में ही बेसहारा हो जाने की दलील दी और पुलिस से आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िता ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करवाई है। तहरीर के आधार पर मोहम्मद सालिम, मुजफ़्फ़री, रुखसार, साकिब और सैफ को नामजद आरोपित बनाया है। सभी पर दहेज़ अधिनियम व तीन तलाक कानून के तहत कार्रवाई की गई है।

आइब्रो बनवाना अजाब का सबब

ऑपइंडिया ने इस मामले में पीड़िता से बात की। पीड़िता ने बताया कि अब वो दुबारा अपनी ससुराल नहीं जाना चाहती। पीड़िता के पिता की मौत हो चुकी है और भाई बाहर कमाने गए हैं। वो अब अपनी माँ के साथ मायके में कुल 4 बहनों के साथ रह रही है। पीड़ित परिवार को आर्थिक संकट से भी गुजरना पड़ रहा है। मोहम्मद सालिम सऊदी अरब में रहकर गाड़ी चलाने का काम करता है।

महिला का कहना है कि उसका शौहर आइब्रो बनवाना गुनाह समझता था और इसे अजाब बताया। सालिम अपनी बीवी को हर बात के लिए टोका करता था। पीड़िता ने कहा कि उसने आइब्रो नहीं बनवाया था, इसके बावजूद इसका आरोप लगाकर उसके शौहर ने फोन पर तीन तलाक दे दिया।

पटाखे, पेट्रोल, पॉलि​थीन… केरल की प्रार्थना सभा में ब्लास्ट के बाद मौके पर ही था डोमिनिक मार्टिन, मोबाइल में वीडियो भी बनाया

केरल के एर्नाकुलम में याहोवा के साक्षी (Jehova’s Witness) की प्रार्थना सभा में धमाका करने वाले डोमिनिक मार्टिन ने पुलिस पूछताछ में नए खुलासे किए हैं। जाँच में सामने आया है कि ब्लास्ट करने के बाद भी मार्टिन मौके पर था। उसने इस घटना की अपने मोबाइल से रिकॉर्डिंग भी की थी।

यहोवास विटनेस नाम के ईसाई समूह की प्रार्थना सभा में 29 अक्टूबर 2023 को हुए सीरियल धमाके में 3 लोगों की मौत हो गई थी। करीब 50 लोग घायल हैं। डोमिनिक मार्टिन ने फेसबुक लाइव कर धमाकों की जिम्मेदारी ली थी और इसके बाद थ्रिसूर के एक थाने में आत्मसमर्पण कर दिया था। वह खुद भी याहोवा समुदाय का सदस्य है, लेकिन उनकी शिक्षाओं से नाखुश था।

पुलिस की जाँच में सामने आया है कि मार्टिन ने त्रिपुनित्र इलाके से IED बनाने के लिए पटाखे खरीदे थे। पटाखों के साथ 7-8 लीटर पेट्रोल भी खरीदा था। उसने बम तैयार कर पॉलिथीन में रखे थे। धमाके के बाद प्रार्थना हॉल से जाँच एजेंसियों को बैटरियों का मलबा और इलेक्ट्रॉनिक सर्किट जैसी चीजें मिली हैं।

धमाके वाले दिन वह अपनी पत्नी से यह कह कर सुबह पाँच बजे घर से निकला कि वह एक दोस्त से मिलने जा रहा है। उसके घर से निकलने की CCTV फुटेज भी सामने आई है, जिसमें वह एक स्कूटर पर दिखता है। इसके बाद वह सुबह 7:30 बजे प्रार्थना स्थल पर पहुँचा। आधे घंटे के बाद वह प्रार्थना हाल के अंदर गया और जिन प्लास्टिक के थैलों में उसने बम रखे थे वे चार जगहों पर प्लांट कर दिए। प्रार्थना शुरू होने के बाद उसने एक रिमोट कंट्रोल से IED में धमाका कर दिया।

धमाके के कुछ ही घंटों बाद उसने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। पुलिस को उसने विस्फोटक खरीदने की रसीद और प्रार्थना हाल में रिकॉर्ड किया गया वीडियो भी दिखाया।

केरल पुलिस आज (31 अक्टूबर 2023) उसे कोर्ट में पेश करेगी। उस पर UAPA के तहत मामला दर्ज किया गया है। जाँच एजेंसियाँ इस घटना में विदेशी लिंक की भी तलाश कर रही हैं। शुरूआती जाँच में यह सामने आया है कि डोमिनिक इस धमाके के लगभग 2 माह पहले ही दुबई से केरल वापस लौटा था। इसलिए उसके दुबई में संबंधों की जाँच की जा रही है।

यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह धमाके किसी बड़ी साजिश का हिस्सा तो नहीं है। दरअसल, जाँच एजेंसियाँ मार्टिन के दावों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। इस धमाके में घायल हुए 21 लोगों का इलाज चल रहा है। घायलों में कुछ लोग गंभीर हालत में हैं। धमाके में मरने वाली 12 वर्षीय बच्ची लिबीना की माँ और भाई भी अस्प्ताल में वेंटीलेटर पर जिन्दगी की जंग लड़ रहे हैं। धमाके में मरने वाले लोगों की आज ऑटोप्सी जाँच होगी।

‘कुत्ते गाड़ी साफ कर… साले घर से उठवा लूँगा’: CM योगी को धमकी देने वाले सपा विधायक शहजिल इस्लाम पर ST-SC में मुकदमा दर्ज

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में समाजवादी पार्टी के विधायक शहजिल इस्लाम पर अपने ड्राइवर को पीटने को लेकर FIR दर्ज हुई है। पीड़ित नाम धर्मेंद्र है, जो दलित (SC) समुदाय से ताल्लुक रखता है। पिटाई की वजह पीड़ित द्वारा विधायक की गाडी को ठीक से साफ़ नहीं करना बताया जा रहा है। इस दौरान विधायक ने पीड़ित को जातिसूचक शब्द बोले और जान से मार डालने की धमकी भी दी। शनिवार (28 अक्टूबर 2023) की इस घटना की पुलिस जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भोजीपुरा विधानसभा से सपा विधायक शहजिल इस्लाम को ट्रेन से शुक्रवार (27 अक्टूबर 2023) की रात लखनऊ से बरेली आना था। पीड़ित ड्राइवर धर्मेंद्र और विधायक का गनर सलीम आधी रात को ही बरेली रेलवे जंक्शन पहुँच गए थे। ट्रेन लेट होने की वजह से वह अगले दिन शनिवार की सुबह पहुँचे। ट्रेन से उतरकर जैसे ही शहजिल इस्लाम अपनी कार के पास आए, वो ड्राइवर धर्मेंद्र पर भड़क गए।

बकौल धर्मेंद्र, विधायक ने उनसे कहा, “कुत्ते गाड़ी साफ कर। तुम धोबी कपड़े ही साफ़ करना जानते हो, गाड़ी नहीं चला पाते।” धर्मेंद्र ने सपा विधायक द्वारा खुद के खिलाफ बोले जा रहे शब्दों पर आपत्ति जताई। इस बात से भड़के शहजिल इस्लाम ने धर्मेंद्र को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद शहजिल इस्लाम ने कहा, “घर से उठवा लूँगा। साले जानता नहीं मुझे।”

इसके बाद सपा MLA शहजिल इस्लाम अपने गनर सलीम के साथ गाड़ी लेकर चले गए। उन्होंने पीड़ित धर्मेंद्र को बरेली स्टेशन पर ही छोड़ दिया। इस घटना के तुरंत बाद धर्मेंद्र ने 112 नंबर पर कॉल करके पुलिस बुलाई। मामला जंक्शन क्षेत्र का होने की वजह से धर्मेंद्र को GRP थाने भेज दिया गया। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

जीआरपी बरेली में धर्मेंद्र ने सपा विधायक के खिलाफ तहरीर दी। डिप्टी SP जीआरपी देवी दयाल सिंह ने विधायक शहजिल इस्लाम पर हुई कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पीड़ित ने तहरीर में कहा है कि रात में गाड़ी स्टेशन के बाहर ओस की वजह से भीग गई थी। इसी बात पर शहजिल इस्लाम गाडी को गंदा बताने लगे। आरोपित विधायक पर IPC की धारा 323, 504 के साथ SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

विवादित रहा है MLA शहजिल इस्लाम का इतिहास

गौरतलब है कि अपने दलित ड्राइवर को पीटने के आरोपित सपा विधायक शहजिल इस्लाम का इतिहास विवादों से भरा रहा है। अप्रैल 2022 में शहजिल ने एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धमकी दी थी। तब उन्होंने कहा था, “अगर उनकी जुबान खुली तो हमारी बंदूकों से गोलियाँ निकलेंगी।” इस आपत्तिजनक बयानबाजी के बाद 7 अप्रैल 2022 को शहजिल इस्लाम के अवैध पेट्रोल पम्प पर प्रशासन ने बुलडोजर चलवा दिया था। हालाँकि इस कार्रवाई का नोटिस शहजिल को 2 साल पहले ही मिल गया था।

नोएडा में कुत्ता ने फिर मनुष्यों में करवाई मारपीट: मोबाइल फेंके जाने के बाद रिटायर्ड IAS ने महिला को मारा थप्पड़, फिर खुद भी पिटे

उत्तर प्रदेश के नोएडा के एक सोसायटी में फिर से कुत्ते को लेकर मारपीट की घटना सामने आई है। इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला और एक पुरुष के बीच लिफ्ट में बहस हो रही है।

पुरुष का मोबाइल महिला फेंक देती है। उसके बाद महिला को पुरुष थप्पड़ मार देते हैं। फिर दोनों में हाथापाई होने लगती है। एक अन्य वीडियो में थप्पड़ मारने वाले पुरुष को एक अन्य पुरुष पीटते दिख रहा है।

रिपोर्टों के अनुसार घटना सोमवार (30 अक्टूबर 2023) की है। वीडियो में महिला जिस पुरुष का मोबाइल फेंकते दिख रही है, वे एक रिटायर्ड IAS अधिकारी बताए जा रहे हैं। विवाद नोएडा के सेक्‍टर 108 में स्थित पार्क लॉरेट हाउसिंग सोसायटी में लिफ्ट में कुत्ते ले जाने को लेकर हुआ था। बताया जाता है कि महिला कुत्ते को लिफ्ट में अपने साथ ले जाने पर आमादा थी, जबकि पूर्व IAS अधिकारी इसका विरोध कर रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला नोएडा के सेक्टर 39 थाना क्षेत्र का है। लिफ्ट में कुत्ते को ले जाने पर अमादा महिला के साथ एक अन्य लड़की भी थी, जिसने कुत्ते की जंजीर अपने हाथों में पकड़ रखी थी। इसी दौरान उसी लिफ्ट में पूर्व IAS अधिकारी आर पी गुप्ता भी मौजूद थे जिन्होंने कुत्ते की मौजूदगी का विरोध किया। इसी बात को ले कर दोनों पक्षों में बहस हो गई।

बहस के दौरान केपी गुप्ता महिला का वीडियो बनाने लगे। वीडियो बनता देख कर महिला ने उनका मोबाइल छीनकर फेंक दिया। इस बात पर केपी गुप्ता भड़क गए और उन्होंने महिला को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद दोनों में हाथापाई होने लगी। एक अन्य वायरल वीडियो में एक पुरुष रिटायर्ड आईएएस पर हमला करते दिख रहा है। इस व्यक्ति को लिफ्ट में बहस करने वाली महिला का पति बताया जा रहा है।

नोएडा पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है। दोनों पक्षों से पुलिस ने बात की है। पुलिस ने वीडियो की जाँच के बाद जरूरी कार्रवाई की बात कही है।

बताते चलें कि नवंबर 2022 में नोएडा प्रशासन ने पालतू कुत्तों को ले कर कड़े नियम बनाए थे। इसमें कुत्ते द्वारा सार्वजानिक स्थान पर गंदगी करने पर खुद ही साफ करने और 10 हजार रुपए का भी प्रावधान किया गया है। साथ ही 31 जनवरी 2023 तक सभी पालतू कुत्ते-बिल्लियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया था। इसी आदेश में पालतू कुत्तों को स्ट्रेलाईजेशन व एण्टीरेबीज वैक्सीनेशन न लगवाने वाले मालिकों को 1 मार्च 2023 से प्रतिमाह 2000/- रुपए का जुर्माना भी भरने के निर्देश थे।

पहले Tata को बंगाल से भगाया, फिर जमीन छीनी, अब मिलेगा ₹766 करोड़ का हर्जाना: 11% सालाना सूद भी ममता बनर्जी की सरकार से वसूलेगी कंपनी

पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को टाटा ग्रुप ने बड़ा झटका दिया है। राज्य सरकार को ₹766 करोड़ का हर्जाना टाटा मोटर्स को देना होगा। इस पर 2016 के 1 सितंबर से सालाना 11 प्रतिशत ब्याज हर्जाना चुकाने की तारीख तक भरना होगा।

तीन सदस्यीय न्यायाधिकरण (ट्रिब्यूनल) ने यह फैसला सुनाया है। टाटा मोटर्स ने पश्चिम बंगाल के उद्योग, वाणिज्य और उद्यम विभाग की प्रमुख नोडल एजेंसी WBIDC से हर्जाना माँगा था।

यह मामला बंगाल के सिंगूर में लगने वाली टाटा की बहुचर्चित नैनो कार प्लांट से जुड़ा है। 2006 में जब प्लांट लगाने के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया था तब राज्य में वाम दलों की सरकार थी। उस समय विपक्ष की नेता ममता बनर्जी के विरोध के बाद टाटा की यह परियोजना बंद हो गई थी।

बाद में जब 2011 में ममता बनर्जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सरकार बनी तो उसने अधिग्रहित जमीन टाटा मोटर्स लेकर उसके मालिकों को वापस करने का फैसला किया। इसे टाटा ग्रुप ने कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती दी। जून 2012 में हाई कोर्ट ने भूमि पट्टा समझौते के अनुसार जमीन पर कंपनी का अधिकार माना। इसके बावजूद जमीन टाटा मोटर्स को वापस नहीं मिली। इस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार अगस्त 2012 में सुप्रीम कोर्ट गई। अगस्त 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने नैनो प्लांट के लिए जमीन अधिग्रहण को अवैध बता इसे उनके मालिकों को वापस देने का निर्देश दिया।

शीर्ष अदालत के फैसले के बाद जमीन लीज समझौते के एक क्लॉज का हवाला देते हुए हर्जाने के लिए टाटा मोटर्स ट्रिब्यूनल चली गई। करीब सात साल बाद ट्रिब्यूनल ने उसके पक्ष में फैसला सुनाया है। इस क्लॉज के मुताबिक जमीन अधिग्रहण अवैध घोषित होने पर कंपनी को निवेश में हुए नुकसान की भरपाई की जिम्मेदारी राज्य सरकार की थी। ट्रिब्यूनल ने इस केस पर खर्च हुए 1 करोड़ रुपए का भुगतान भी टाटा मोटर्स को करने का निर्देश WBIDC को दिया है।

गौरतलब है कि वर्ष 2006 में पश्चिम बंगाल की वामपंथी सरकार ने टाटा मोटर्स को नई फैक्ट्री लगाने के लिए सिंगूर में 997 एकड़ जमीन उपलब्ध करवाई थी। यह जमीन स्थानीय किसानों से अधिग्रहित की गई थी।

टाटा मोटर्स इस जमीन पर अपनी नई गाड़ी नैनो की फैक्ट्री लगाने वाला था। टाटा नैनो, टाटा मोटर्स के चेयरमैन रतन टाटा का सपना थी। वह आम भारतीयों को ₹1 लाख में एक गाड़ी उपलब्ध करवाना चाहते थे। यह गाड़ी काफी मशक्कत के बाद डिजाइन की गई थी और इसका निर्माण सिंगूर प्लांट में किया जाना था।

तत्कालीन वामपंथी सरकार का टाटा मोटर्स को अपने राज्य में बुला कर जमीन देना और फैक्ट्री लगाने में सहायता देना एक सकारात्मक कदम के तौर पर देखा गया था। लेकिन ममता बनर्जी, अरुंधती रॉय और मेधा पाटकर जैसे नेताओं और एक्टिविस्टों ने इस मामले का राजनीतिकरण कर दिया।

ममता बनर्जी ने अपनी सियासत चमकाने के लिए जमीन अधिग्रहण के विरुद्ध कई प्रदर्शन किए। भूख हड़ताल भी की। टाटा मोटर्स के खिलाफ गुस्से को भड़काने के कारण बंगाल में टाटा मोटर्स के शोरूम पर भी हमले हुए थे। ममता बनर्जी ने एक रैली के दौरान यहाँ तक कह दिया था कि वह नैनो गाड़ी में सफ़र नहीं करेंगी, क्योंकि यह लोगों के खून से बनाई गई होगी।

ममता बनर्जी के विरोध के कारण टाटा मोटर्स को अंत में यहाँ से बनी बनाई फैसिलिटी हटानी पड़ी थी। इस जमीन पर लगाई गई फैक्ट्री को टाटा मोटर्स ने बाद में गुजरात के सानंद में शिफ्ट कर दिया था। टाटा मोटर्स तब तक इस फैक्ट्री के लिए सिंगूर में बड़े निवेश कर चुका था।

युद्ध इजरायल और हमास का, बवाल बिहार के चंपानगर में: फिलिस्तीन के समर्थन में विवादित पोस्ट कर रहा था मुर्तजा, समझाने आए लोगों पर किया हमला

इस्लामी आतंकी संगठन हमास के हमलों के बाद इजरायल जवाबी कार्रवाई कर रहा है। पर कुछ लोग इसमें भी मजहब देख रहे हैं जो विवाद का कारण बन रहा है। ऐसे ही एक फिलिस्तीन समर्थक की विवादित पोस्ट की वजह से बिहार के पूर्णिया जिले के चंपानगर में बवाल हो गया।

दरअसल विवादित पोस्ट करने वाले मोहम्मद फाउजान मुर्तजा को प्रीतम कुमार नाम का एक युवक 28 अक्टूबर 2023 को समझाने गया। जवाब में प्रीतम की पिटाई कर दी गई। 29 अक्टूबर को पुलिस पर मुर्तजा के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप लगा कर हिंदू संगठन के लोग सड़क पर उतर गए। पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल 26 नामजद और 30 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। विवादित पोस्ट करने वाले फाउजान मुर्तजा को गिरफ्तार कर लिया गया है। इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चंपानगर के प्रीतम कुमार का कहना है कि इजरायल-हमास के बीच चल रहे युद्ध के बीच फाउजान मुर्तजा पिछले 3 दिनों से आपत्तिजनक पोस्ट कर रहा था। शनिवार की रात प्रीतम अपने 2 साथियों के साथ मुर्तजा को समझाने गए थे। इस दौरान मुर्तजा ने अपने कुछ सहयोगियों के साथ उन पर हमला कर दिया। सिर में चोट लगने की वजह से प्रीतम घायल हो गए।

प्रीतम ने इस मारपीट की शिकायत पुलिस में की। पुलिस ने मुर्तजा को हिरासत में लिया। आरोप है कि थोड़े समय बाद मुर्तजा को छोड़ दिया गया। इसके विरोध में 29 अक्टूबर को लोगों ने एकजुट होकर सड़क पर प्रदर्शन किया और मुर्तजा पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। हिन्दू संगठन से जुड़े लोग भी इस विरोध में शामिल हुए। उन्होंने मुर्तजा पर देश विरोधी कार्य करने और पुलिस पर इसे अनदेखा करने का आरोप लगाया। विरोध में चंपानगर बाजार भी बंद रहा।

चंपानगर के SDPO ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मोहम्मद फाउजान को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं विरोध-प्रदर्शन के दौरान दर्ज हुई FIR पर पुलिस ने जाँच कर कार्रवाई की बात कही है। बताया जा रहा है कि लगभग 6 घंटे चले इस विरोध-प्रर्दशन में सड़क पर टायर जलाए गए थे। फाउजान के हमले के घायल प्रीतम ने मीडिया से बात की है। प्रीतम ने बताया कि जब वो आरोपित को समझाने गए तो उसने कहा, “मेरा मोबाइल है हम कुछ भी स्टोरी लगाएँ। इंडिया के बारे में लगाएँ या पाकिस्तान के बारे में। आप से क्या मतलब है।”

प्रीतम ने खुद पर हमले में मुर्तजा के अलावा जाहिद, साहिल और मुनाजिर को भी शामिल बताया है। हिन्दू संगठनों ने मुर्तजा का इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल भी लोगों को दिखाया है। मुर्तजा ने अपनी प्रोफ़ाइल फोटो में चाँद-तारे वाली फोटो डाल रखी है। प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त फ़ोर्स तैनात कर दी है। इलाके में फ्लैग मार्च किए जाने की भी जानकारी दी गई है। पुलिस द्वारा हालात को पूरी तरह से नियंत्रण में बताया गया है।

‘अंजाम तक पहुँचेगा शराब की दलाली खाने वाला’: ED ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को समन किया, सुप्रीम कोर्ट ने भी मानी है ₹338 करोड़ के लेनदेन की बात

शराब घोटाले की आँच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तक पहुँच गई है। दिल्ली में AAP सरकार के मुखिया को अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने समन भेजा है। सोमवार (30 अक्टूबर, 2023) को ये कार्रवाई की गई। इस मामले में दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया और AAP सांसद संजय सिंह पहले से ही जेल में बंद हैं। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी 338 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए जाने जा जिक्र करते हुए मनीष सिसोदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया है।

ED ने अरविंद केजरीवाल से कहा है कि वो गुरुवार (2 नवंबर, 2023) को जाँच एजेंसी के समक्ष पूछताछ के लिए पेश हों। 55 वर्षीय अरविंद केजरीवाल को PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत समन किया गया है। दिल्ली में उन्हें जाँच अधिकारी के समक्ष पेश होकर अपना बयान दर्ज कराना होगा। ED ने इस मामले की चार्जशीट में कई बार अरविंद केजरीवाल के नाम का जिक्र किया है। इसमें बताया गया है कि शराब घोटाले के आरोपित उनसे संपर्क में थे।

शराब नीति बनाने और इसे लागू करने के क्रम में अरविंद केजरीवाल से ये लोग संपर्क में थे। इससे पहले अप्रैल 2023 में इसी मामले को लेकर CBI भी उन्हें समन कर चुकी है। हालाँकि, अगस्त में जब CBI ने FIR दर्ज की तो उसमें आरोपित के रूप में अरविंद केजरीवाल का नाम बतौर आरोपित नहीं शामिल किया गया था। दिल्ली की शराब नीति को विरोध के बाद वापस लिया जा चुका है। ताज़ा कार्रवाई के बाद भड़के AAP नेताओं ने मोदी सरकार पर किस्म-किस्म के आरोप लगाने भी शुरू कर दिए हैं।

मंत्री आतिशी ने दावा कर डाला कि BJP आम आदमी पार्टी से डर गई है। उन्होंने केजरीवाल को समन किए जाने को साजिश करार देते हुए कहा कि उन्हें गिरफ्तार करने के लिए ये सब हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम जेल जाने से नहीं डरते। वहीं दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल जो अपने आप को कट्टर ईमानदार का सर्टिफिकेट देते फिरते हैं, अब उनकी काली परते खुलने लगी हैं। उन्होंने कहा कि जो सवाल दिल्ली की जनता कई महीनों से मुख्यमंत्री जी से पूछ रही है, अब उसका जवाब उन्हें देना होगा।

वीरेंद्र सचदेवा ने सवाल दागे – शराब नीति में बदलाव क्यों किया गया? 5% से 12% कमीशन क्यों की गई? 7% का किकबैक किसे मिला? इतने बड़े घोटाले का पैसा कहाँ खर्च हुआ? उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी शुरू से कहती आई है कि इस घोटाले के असली साजिशकर्ता अरविंद केजरीवाल हैं। उन्होंने कहा कि खुद को ईमानदार बताने वाली इस जमात के चेहरे बेनकाब हो गए हैं। दिल्ली भाजपा ने कहा कि बहुत हुआ घोटाले का खेल, अब भ्रष्टाचारी केजरीवाल भी जाएगा जेल।

पार्टी ने कहा, “कट्टर भ्रष्ट मनीष सिसोदिया की सुप्रीम कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब शराब घोटाले के सरगना केजरीवाल को ईडी ने पूछताछ के लिए समन जारी किया है। उम्मीद ही नहीं हमे भरोसा है कि गली गली शराब के ठेके खोलने वाला, दिल्ली को शराब नगरी बनाने वाला, शराब की दलाली खाने वाला भी अब जल्द ही अपने अंजाम तक पहुँचेगा।” भाजपा के नेशनल सेक्रेटरी मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि इस पूरे घोटाले के मास्टरमाइंड अरविंद ही हैं और ‘शीशमहल’ भी इन्हीं पैसों से बना है।

इस्तीफा देकर भागे PCB के चीफ सेलेक्टर इंजमाम उल हक़: खिलाड़ियों को मैनेज करने वाली कंपनी के निकले पार्टनर, जाँच के लिए बनाई गई कमिटी

पाकिस्तान की क्रिकेट टीम का मौजूदा विश्वकप में प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। बाबर आजम की कप्तानी में पाकिस्तानी टीम ने शुरुआती दो मैच जीतकर पाकिस्तानियों की उम्मीदें तो जगाईं, लेकिन उसके बाद भारतीय टीम ने उसे ऐसा हराया कि लगातार हार ही उसे मिलने लगी। एक-एक करके लगातार 4 मैच हारकर सेमीफाइनल की दौड़ से लगभग बाहर हो चुकी पाकिस्तानी टीम को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जी हाँ, ये खुलासा पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर इंजमाम उल हक को लेकर हुआ है कि वो एक ऐसी कंपनी के मालिकों में से एक हैं, जो खिलाड़ियों को ‘मैनेज’ करती है।

वो कंपनी जिन खिलाड़ियों को मैनेज करती है, उनमें बाबर आजम, मोहम्मद रिजवान और शाहीन शाह अफरीदी जैसे खिलाड़ी हैं, जो इस वर्ल्ड कप में खेल रहे हैं।

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के बुरे प्रदर्शन के बाद जब खोजबीन शुरू हुई, तो इंजमाम उल हक लपेटे में आ गए। इंजमाम उल हक पर आरोप लगा है कि उन्होंने विश्वकप के लिए टीम को चुनते समय ‘न्याय’ नहीं किया, बल्कि उस कंपनी द्वारा मैनेज किए जाने वाले प्लेयर्स को टीम में चुना, जिसके लिए उन्हें बोला गया। इन प्लेयर्स की खराब परफॉर्मेंस के बाद इंजमाम उल हक पर जब उंगली उठने लगी, तो ये मामला निकल कर सामने आया। अब उन पर ‘हितों के टकराव’ का आरोप लग रहा है।

ये मामला जब गरमाने लगा, तो इंजमाम उल हक ने इस्तीफा देकर भाग निकलने में भलाई समझी।

इंजमाम उल हक ने मीडिया से बातचीत में कहा, “लोग बिना ‘रिसर्च’ के बोलने लगे हैं, ऐसे में मैंने इस्तीफा देना बेहतर समझा। अब पीसीबी के साथ जाँच में सहयोग करूँगा।” आरोप है कि इंजमाम ने खिलाड़ियों के एजेंट तल्हा रहमानी की कंपनी में हिस्सेदारी की। इस खुलासे ने हितों के संभावित टकराव के बारे में चिंताएँ पैदा कर दीं, यह देखते हुए कि रहमानी पाकिस्तान के कई प्रमुख क्रिकेटरों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनमें बाबर आजम, मोहम्मद रिजवान और शाहीन शाह अफरीदी शामिल हैं।

बता दें कि इंजमाम उल हक पहले भी पाकिस्तानी टीम के मुख्य चयनकर्ता रहे हैं। वो अगस्त 2016 से जुलाई 2019 तक इसी पद पर रहे थे। अब इंजमाम ने कहा है कि वो इन आरोपों से दुखी हैं। उनका तल्हा की कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है। अगर बोर्ड इसकी जाँच करती है, और उसे कोई संदेह है तो वो जाँच में सहयोग करेंगे।

PCB ने जाँच के लिए बनाई कमेटी

अब पीसीबी ने इंस मामले में एक कमेटी का गठन कर दिया है। ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पीसीबी ने सूचना देते हुए लिखा, “पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने टीम सेलेक्शन प्रोसेस से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स, जिसमें हितों के टकराव का आरोप लगाया गया है, की जाँच के लिए पाँच सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है। कमेटी अपनी रिपोर्ट और सिफारिश जल्द से जल्द पीसीबी मैनेजमेंट को सौंपेगी।”

बता दें कि पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के खराब प्रदर्शन के बाद टीम पर उँगली उठी, तो एक और विवाद सामने आया। जिसमें बताया गया कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को कई महीने से सैलरी नहीं दी गई। इस बारे में कप्तान बाबर आजम ने कथित तौर पर पीसीबी के चीफ से संपर्क साधा था। इसके बाद पीसीबी के चीफ ने एक मीडिया चैनल से बातचीत के दौरान बाबर आजम के साथ अपनी बातचीत को लीक कर दिया और कहा कि बाबर ने उनसे संपर्क नहीं किया। ये विवाद भी अब बढ़ रहा है।

130 फ़ीट की हूरों का बखान करता था जो पाकिस्तानी मौलाना, उसके बेटे की गोली लगने से मौत: ‘अज्ञात’ मार कर चले गए या कर ली आत्महत्या?

पाकिस्तान के नामी मौलाना तारिक जमील के बेटे की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। मृतक का नाम आसिम जमील उर्फ़ कारी इस्माइल है। मौत की वजह गोली लगना बताया जा रहा है। कुछ लोगों का दावा है कि तारिक के बेटे को अज्ञात लोगों ने गोली मारी है। एक आतंकी संगठन ने तो इस हत्या की जिम्मेदारी भी ले ली है। हालाँकि, खुद मौलाना के परिजन इसे आत्महत्या बता रहे हैं। घटना रविवार (29 अक्टूबर, 2023) की है।

आतंकी संगठन ने ली हत्या की जिम्मेदारी

पाकिस्तान के कारी इस्माइल उर्फ़ आसिम जमील को गोली खैबर पख्तूनवा के बाजौर जिले के मरमोड इलाके में लगी है। गोली मृतक की छाती में लगी है। ‘न्यूज़ 18’ के मुताबिक, पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट खोरासन प्रोविंस (आईएसकेपी) ने तारिक जमील के बेटे की हत्या की जिम्मेदारी ली है। तारिक के बेटे को तालिबान समर्थक बताते हुए आतंकी संगठन ने अपने लड़ाकों द्वारा उन्हें मार गिराने का दावा किया है। ISKP कारी इस्माइल को अपने विरोधी मत अहले हदीस समूह की विचारधारा से जुड़ा मानता है।

परिजन बता रहे आत्महत्या

हालाँकि, चरमपंथी संगठन ISKP के इस बयान को तालिबान भुना सकता है। तालिबान ISKP के खिलाफ अपनी लड़ाई में चीन का साथ मिलने की उम्मीद जताए बैठा है। वहीं इन खबरों के मीडिया में सामने आने के बाद तारिक जमील का परिवार सामने आया है। मृतक के भाई युसूफ जमील ने वीडियो जारी कर के इस घटना को आत्महत्या करार दिया। युसूफ का कहना है कि उनके भाई आसिम काफी दिनों से बीमार चल रहा था जिसके इलाज के लिए बिजली के झटके दिए जा रहे थे।

घटना के दिन का जिक्र करते हुए यूसुफ ने दावा किया कि उनके भाई ने मानसिक तौर पर परेशान को हो कर घर की सुरक्षा में तैनात गार्ड की बंदूक छीनी और खुद को गोली मार ली।

इस मामले में छाती में गोली लगने से आत्महत्या के दावों पर शंका की जा रही है। हालाँकि पुलिस ने घर के आसपास लगे CCTV फुटेज निकलवाए हैं जिन्हे फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया है। पुलिस इस मामले में जाँच के ही बाद किसी निष्कर्ष पर आने की बात कही है।

हूर के जिक्र से हुए मशहूर

बताते चलें कि मौलाना तारिक जमील अक्सर अपनी मज़हबी तकरीरों में जन्नत की हूरों का जिक्र किया करते हैं। वो बताते हैं कि जन्नत में बईदक नाम की नहर है जो मोतियों से ढकी है। हूरें इसी इसी नहर से पैदा होती हैं। मौलाना के अनुसार, “बईदक में मुसकामबर जाफ़रान का हूर बहता है। जब अल्लाह किसी जन्नत की लड़की को बनाने का हुक्म फरमाता है तो अपने नूर की तजल्ली डालता है। पूरी 130 फीट की लड़की निकल कर बाहर आ जाती है। फुल ड्रेस्ड।”

मौलाना जमील के अनुसार, “जन्नत की लड़की सिर्फ सूरज को ऊँगली दिखा दे तो सूरज नजर नहीं आएगा, क्योंकि जन्नत की हूर का साइज 130 फ़ीट है। उसके इतने लम्बे बाल होते हैं कि जब सर हिलाती है तो पूरे जन्नत में सर्च लाइट जल जाती है।”

आमिर खान के साथी, जिन्ना की ‘चूसी उँगली’

मौलाना तारिक जमील तब्लीगी जमात से जुड़े हुए हैं। अगस्त 2020 में उनके वायरल हुए एक वीडियो में उनको पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की ‘शहद से भरी उंगलियाँ’ सपने में चूसने का जिक्र करते के बारे में बताया है। इस दौरान उन्होंने उँगलियों से शहद निकलने का दावा किया। अक्टूबर 2012 में सऊदी अरब में हज के दौरान मौलाना तारिक जमील और भारतीय अभिनेता आमिर खान की मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुईं थीं।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान में अज्ञात लोगों द्वारा कई वांटेड आतंकियों को गोली मारने की घटनाएँ सामने आईं हैं। इन घटनाओं के बाद पनाह लिए आतंकियों में काफी दहशत है।

20 दिन तक 5 लोग करते रहे 19 साल की लड़की से गैंगरेप: आसिम और अरशद ने किया था अपहरण, जेबा और सायरा नाम की महिलाएँ भी दे रही थीं साथ

उत्तर प्रदेश के संभल में सोमवार (30 अक्टूबर, 2023) को गैंगरेप की ऐसी हैरान करने वाली वारदात सामने आई है, जिसने लोगों को हिलाकर रख दिया है। संभल में एक 19 साल की लड़की का अपहरण करने के बाद उसका रेप किया गया, फिर उसे मुरादाबाद ले जाया गया। यहाँ पर एक घर में कैद करके कई दिनों तक पाँच लोगों ने उसका गैंगरेप किया। यही यहीं, इस काम में दो महिलाओं ने भी अपहरणकर्ताओं और गैंगरेप करने वालों का साथ दिया है। पीड़ित लड़की किसी तरह से बीसवें दिन उनकी चंगुल से निकल कर भागने में सफल रही।

पीड़ित लड़की जब घर पहुँची, तो उसने घर वालों को इसकी सूचना दी। उसकी खराब हालत को देखते हुए पहले तो उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका लंबा इलाज चला। इसके बाद जब उसकी हालत में सुधार हुआ, तो पुलिस को खबर दी गई। जानकारी के मुताबिक, संभल कोतवाली पुलिस ने सातों आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और उनकी तलाश शुरू कर दी है।

एफआईआर के मुताबिक, आसिम और मोहम्मद अरशद ने 27 सितंबर को ही संभल से उसका अपहरण किया था। इसके बाद दोनों ने उसके साथ रेप किया। दोनों उसे नशीला पदार्थ खिलाकर मुरादाबाद ले गए और आशिक खान नाम के व्यक्ति के घर में कैद कर लिया। यहाँ तीनों ने उसके साथ रेप किया। इसके बाद फैज़ आलम और सोनी हुसैन नाम के दो अन्य व्यक्ति भी इस गैंगरेप कांड में शामिल हो गए। उन लोगों ने लड़की की पिटाई भी की और उसे चुप रहने के लिए मजबूर करते रहे।

अपराध में जेबा खान और सायरा बेगम ने भी दिया साथ

पीड़ित के मुताबिक, इस मामले में जेबा खान और सायरा बेगम नाम की दो महिलाओं ने भी हैवानों का साथ दिया। वो किसी तरह से 12 अक्टूबर को उनकी कैद से भागने में कामयाब हो पाई और किसी तरह से अपने घर पहुँची। यहाँ परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जब उसकी हालत में सुधार हुआ तो उसने पुलिस से संपर्क किया और मामले में FIR दर्ज कराई।

लड़की का कराया मेडिकल, सभी आरोपित फरार

इस वारदात के बारे में मीडिया से बात करते हुए संभल कोतवाली के सीओ, डीएसपी जितेंद्र कुमार सरगम ने कहा, “एक महिला ने 7 लोगों के खिलाफ अपहरण और सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाया और प्रारंभिक जाँच के बाद हमने सभी आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।” उन्होंने कहा कि पीड़िता को मेडिकल जाँच के लिए भेजा गया और हमने CRPC की धारा 161 के तहत उसका बयान दर्ज किया है।

पुलिस ने 7 आरोपितों पर धारा 376 डी (सामूहिक बलात्कार), 366 (शादी के लिए मजबूर करने के लिए एक महिला का अपहरण करना), 323 (जानबूझकर चोट पहुँचाना), 328 (ज़हर के माध्यम से नुकसान पहुँचाना), 344 (10 से अधिक दिनों तक बंधक बनाना) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।