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‘मैंने रखे बम, ये भारतीयों को बताते थे वेश्या’: फेसबुक लाइव कर डोमिनिक मार्टिन ने ली केरल ब्लास्ट की जिम्मेदारी, जिस प्रार्थना सभा में धमाका उससे खुद भी है जुड़ा

केरल के एर्नाकुलम में हुए ब्लास्ट की जिम्मेदारी डोमिनिक मार्टिन नाम के एक शख्स ने फेसबुक लाइव कर ली है। इसके बाद उसने पुलिस के सामने सरेंडर भी कर दिया है। येहोवा विटनेस प्रार्थना सभा में बम रखने का दावा करते हुए उसने कहा है कि यह संस्था राष्ट्रविरोधी शिक्षा देती है।

प्रार्थना सभा में 29 अक्टूबर 2023 को धमाका हुआ था। इसमें अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। 50 से अधिक लोग घायल हैं। मृतकों में एक 12 साल की बच्ची भी है। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

प्रार्थना सभा में धमाके टिफिन में बम रखकर किए गए थे। केरल पुलिस शुरूआती जाँच में इसे एक IED धमाका मान रही है। फेसबुक पर लाइव कर डोमिनिक मार्टिन ने कहा है कि उसने ही यह धमाके किए हैं। वह इनकी जिम्मेदारी लेता है। इस वीडियो में उसने कहा कि वह पिछले 16 वर्षों से येहोवास विटनेस समुदाय से जुड़ा हुआ है। लेकिन कभी भी इसका सक्रिय सदस्य नहीं रहा।

डोमिनिक मार्टिन ने कहा, “6 साल पहले उसे लगा कि यह संस्था गलत रास्ते पर है। उनकी शिक्षाएँ राष्ट्र विरोधी हैं। मैंने उनसे कई बार इसे सही करने के लिए कहा। लेकिन वह ऐसा करने के लिए तैयार नहीं थे।” आगे उसने कहा, “किसी मजहब में आस्था रखने में कोई बुराई नहीं है। लेकिन यह लोग बताते हैं कि बाकी पूरी दुनिया के लोग खत्म होंगे और यह अपना जीवन जीते रहेंगे। हमें ऐसे समूह के साथ क्या करना चाहिए जो कि 850 करोड़ लोगों के बारे में यह सोचता है। मुझे और कोई रास्ता नहीं सूझा और चूँकि मैं इस विचारधारा से वाकिफ हूँ इसलिए मैंने जवाब देने का निर्णय लिया।”

लाइव के दौरान मार्टिन ने कहा, “इस राष्ट्र में रहते हुए भी यह लोग देश के लोगों को वेश्या और शापित बता कर अपमानित करते हैं। यह अपने लोगों को समझाते हैं कि बाकी लोगों के साथ हाथ मत मिलाओ और खाना मत खाओ। मुझे लगा कि यह गलत विचारधारा है। अगर आप ऐसे समूहों को नहीं रोकेंगे जो कि खतरनाक विचार फैला रहे हैं तो मेरे जैसे लोगों को यह कम करना पड़ेगा।”

डोमिनिक ने यह भी बताया कि येहोवास विटनेस समुदाय के लोग अपने लोगों से यह कहते हैं कि वह मतदान ना करें और ना ही सैन्य सेवाओं में जाएँ। डोमिनिक मार्टिन ने 29 अक्टूबर 2023 को ही त्रिशूर के एक थाने में आत्मसमर्पण किया था। पुलिस अब उसके दावों के जाँच कर रही है।

पुलिस मार्टिन को धमाके वाली जगह भी लेकर गई थी। मार्टिन की फेसबुक आईडी की भी कुछ कथित तस्वीरें सामने आई हैं। इसमें दावा किया गया है कि वह कम्युनिस्ट पार्टी के पेज को भी फॉलो करता था।

डोमिनिक मार्टिन की एक पुरानी आईडी की तस्वीरें साझा हो रही हैं, उसकी इस आईडी में सीपीआईएम् का एक पेज लाइक किया गया है।
मार्टिन की एक पुरानी आईडी की तस्वीरें साझा हो रही हैं, उसकी इस आईडी में सीपीआईएम का एक पेज लाइक किया गया है।

जानकारी के अनुसार, डोमिनिक मार्टिन एर्नाकुलम के थम्मनम में एक किराये के घर में रहता है। केरल पुलिस के एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) एम अजित कुमार ने बताया कि ने मार्टिन ने धमाके वाली जगह से 45 किलोमीटर दूर एक थाने में आत्मसमर्पण किया। यहाँ वह एक दुपहिया वाहन से पहुँचा था। पुलिस उसे धमाके का आरोपित मान रही है।

मार्टिन की पत्नी ने बताया कि वह धमाके वाले दिन घर से सुबह पाँच बजे ही निकल गया था। उसने अपनी पत्नी को यह भी नहीं बताया कि वह कहाँ जा रहा है। उसके फ़ोन से प्रार्थना सभा में धमाका करने संबंधित वीडियो भी मिले हैं। यह बताया गया है कि उसने इन्टरनेट से जानकारी जुटा कर यह धमाका किया। उसने बम बनाने के लिए सामान ऑनलाइन और स्थानीय दुकानों से खरीदा था।

धमाके की जाँच के लिए केरल सरकार ने 21 सदस्यों वाली एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया है। इसका प्रमुख अजित कुमार को बनाया गया है। धमाके वाली जगह का NIA और NSG की टीमों ने भी दौरा किया है।

कौन हैं येहोवास विटनेस, जिसका सदस्य है डोमिनिक मार्टिन?

येहोवास विटनेस समुदाय ईसाई धर्म का ही एक हिस्सा है। लेकिन इनकी मान्यताएँ ईसाइयों से काफी अलग हैं। यह जीसस क्राइस्ट और उनकी शिक्षाओं को तो मानते हैं, लेकिन उनकी प्रार्थना नहीं करते। वे बाइबल को सच्चे अर्थों में अपनाने का दावा करते हैं।

ये लोग प्रकृति की पूजा नहीं करते और ना ही किसी प्राणी के चित्र बनाते हैं। इनकी प्रार्थनाएँ मुख्यतः एक साथ बाइबल पढ़ कर और साथ गा कर होती हैं। जहाँ यह इकट्ठा होते हैं उन जगहों को किंगडम हॉल कहा जाता है।

गौरतलब है कि वर्ष 1985 में केरल में येहोवास विटनेस समुदाय के तीन बच्चों को स्कूल से निष्कासित कर दिया गया था, क्योंकि वह राष्ट्रगान नहीं गाते थे और इस दौरान शांत रहते थे। हालाँकि, 1987 में सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में इन बच्चों को दोबारा स्कूल में लेने का आदेश दिया था।

इजरायल से रूस आया विमान, अल्लाहू अकबर के नारे लगाती भीड़ ने घेरा: यहूदियों की थी तलाश, एयरपोर्ट बंद

‘अल्लाहू अकबर’ के नारे लगाते एक भीड़ के रनवे पर घुस जाने के कारण रूस के दागेस्तान के एक एयरपोर्ट को बंद करना पड़ा। रनवे पर घुसकर भीड़ ने इजरायल से आए एक विमान को घेर लिया। भीड़ को विमान में यहूदियों की तलाश थी।

इसके बाद एयरपोर्ट पर विमानों का संचालन बंद करना पड़ा। सुरक्षा बलों के एयरपोर्ट को घेर कर हालात पर काबू पाया। रविवार (29 अक्टूबर 2023) की इस घटना में 20 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस विमान को भीड़ ने घेरा था वह रूस की रेड विंग्स फ्लाइट का था। यह तेल अवीव से आया था। मॉस्को जा रहे इस विमान को थोड़ी देर के लिए माखचकाला एयरपोर्ट पर रुकना था। इस बीच किसी ने हवाई अड्डे पर दर्जनों यहूदियों की मौजूदगी की खबर फैला दी। खबर वायरल होने के साथ ही ‘नारा ए तकबीर’ और ‘अल्लाहू अकबर’ के नारे लगाते हुए भीड़ रनवे तक पहुँच गई।

इस घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वायरल वीडियो में तोड़फोड़ करती भीड़ के अलावा हवाई जहाज के पंखों पर खड़े उपद्रवी दिखाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह भीड़ यहूदियों को मार डालने के लिए उन्हें एयरपोर्ट पर खोज रही थी। इनके हाथों में फिलिस्तीन के झंडे भी दिखाई दे रहे थे। एयरपोर्ट पर मौजूद सुरक्षाकर्मी इन्हें रोक पाने में असफल थे।

इस अफरातरफी के बीच एयरपोर्ट के कर्मचारियों ने जहाजों का परिचालन अस्थायी तौर पर बंद कर दिया। घटना की सूचना पर रूसी सुरक्षा बलों की टुकड़ी एयरपोर्ट पर पहुँची और हालत को काबू किया। लगभग 2 घंटे बाद विमानों का परिचलन फिर शुरू हो पाया। अब तक इस घटना में 20 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है, जिसमें 2 की हालत गंभीर है। घायलों में रूसी पुलिस के अधिकारी और आम नागरिक शामिल हैं।

वायरल वीडियो के मुताबिक हमलावरों में नाबालिग बच्चे भी थे। वे भी यहूदियों को मार डालने की नीयत से आए थे। विमान में सवार सभी इजरायली सुरक्षित बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद इजरायल के विदेश मंत्रालय ने रूस से अपने नागरिकों की सुरक्षा पर ध्यान देने का आग्रह किया है साथ ही हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई की उम्मीद भी जताई है।

सचिन तेंदुलकर ने केरल में बम धमाके पर जताया दुःख तो भड़क उठा लिबरल गिरोह: नहीं रास आया पीड़ितों से सहानुभूति जताना, बता दिया ‘BJP का मोहरा’

विश्व के महानतम क्रिकेट खिलाड़ियों में से एक और भारत रत्न से सम्मानित सचिन तेंदुलकर ने केरल ब्लास्ट पर पीड़ितों के साथ सहानुभूति रखते हुए ट्वीट क्या कर दिया, लिबरल गैंग को मानो उनका नया शिकार मिल गया। लिबरल गैंग ने उन्हें एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जमकर ट्रोल किया और बार-बार ये बताने की कोशिश की कि उनका अप्रोच सेलेक्टिव होता है। लिबरल गैंग ने उन्हें भाजपा का मोहरा तक करार दे दिया।

सचिन तेंदुलकर ने केरल ब्लाट पर जताया दुख

आज केरल में बम धमाकों की खबर आई, तो सभी स्तब्ध रह गए। ईसाइयों की प्रार्थना सभा पर हमले की जानकारी मिलने के बाद सचिन ने एक्स पर पोस्ट किया और लिखा, “केरल में हुए धमाकों से बेहद दुखी हूं। प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनाएं और घायलों के ठीक होने की प्रार्थना करता हूँ।”

सचिन तेंदुलकर पर टूट पड़ा लिबरल गैंग

संदीप नाम के लिबरल ने लिखा, “भारत रत्न ने फिर से स्ट्राइक किया। मणिपुर पर 6 महीने तक चुप, केरल के लिए रो रहे हैं। हमेशा की तरह।”

जू बियर नाम से ट्वीट करने वाला और फेक न्यूज फैलाने का मास्टरमाइंड जुबैर भी इसमें कूद पड़ा, उसने एक स्क्रीनशॉट के माध्यम से बताने की कोशिश की है कि सचिन तेंदुलकर ने मणिपुर मुद्दे पर कुछ नहीं बोला।

स्वाति चतुर्वेदी ने लिखा, “प्रिय सचिन, केरल विस्फोटों से हर भारतीय बहुत दुखी है, लेकिन मणिपुर की आग ने आपको पोस्ट करने के लिए पर्याप्त ‘दुखी’ नहीं किया? केवल विपक्ष शासित राज्य ही आपको परेशान करते हैं? आप भारत रत्न हैं, भाजपा रत्न नहीं।”

श्याम मीरा सिंह नाम का न्यू लिबरल लिखता है, “अरे जाग गए क्या?”

मीडास साहू नाम के व्यक्ति ने तेंदुलकर के ट्वीट के जवाब में लिखा, “केरल ब्लास्ट को लेकर सचिन को अचानक चिंता क्यों? मणिपुर 5 महीने से अशांति में है और आप चुप रहे। आपको मणिपुर के लिए बोलने से कौन रोक रहा है? क्या यह डर है? आपकी सेलेक्टिव चुप्पी आपके पाखंड और दोहरे मानदंडों को उजागर करती है!”

एर्नाकुलम में ब्लास्ट, महिला कई मौत; कई घायल

केरल में आज (29 अक्टूबर 2023) को ब्लास्ट हुआ है, जिसमें 1 व्यक्ति की मौत हो गई है और 23 से अधिक घायल हो गए हैं। इस विस्फोट को आतंकी वारदात के तौर पर देखा जा रहा है। यह ब्लास्ट एर्नाकुलम के कलामासेरी स्थित जामरा कन्वेंशन सेंटर में हुआ है। यहाँ आयोजित तीन दिवसीय यहोवा विटनेस सम्मेलन के तीसरे दिन का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान सुबह 9:40 बजे धमका हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ मिनटों के अंतराल पर यहाँ तीन विस्फोट हुए हैं।

विस्फोट के वजह के बारे में अभी जानकारी सामने नहीं आई है। हालाँकि, न्यूज 18 ने एक सोर्स के हवाले से कहा है कि विस्फोट का पैटर्न बताता है कि यह आतंकी हमला है।

‘मौत मुबारक, नरक में जाओ: युवा राष्ट्रवादी इन्फ्लुएंसर की मृत्यु पर AltNews वाले ज़ुबैर और RLD वाले कनौजिया ने मनाया जश्न, कहा – ‘आत्मा गाजा में भटके’

सोशल मीडिया एक्स पर ‘IAS Smoking Skills’ हैंडल के नाम से पोस्ट करने वाले राष्ट्रवादी इन्फ्लुएंसर की अचानक से मौत हो गई है। इस हैंडल के पीछे जो राष्ट्रवादी चेहरा था उसे लोग यश के नाम से जानते थे। रविवार (29 अक्टूबर, 2023) को जैसे ही ह्रदय गति रुक जाने से उनके मौत की सूचना मिली नेटिजन्स स्तब्ध रह गए क्योंकि यश की उम्र 30 वर्ष से भी कम थी।

सामाजिक-राजनितिक सहित विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर पोस्ट करने वाले यश को जहाँ नेटिजन्स श्रद्धांजलि दे रहे हैं, वहीं अक्सर लोगों की पहचान उजागर कर उन्हें बहशियों के हाथो सौंप देने वाला मोहम्मद ज़ुबैर, यहाँ भी अपनी हरकत से बाज नहीं आया। लगातार एक के बाद एक पोस्ट कर यश की मौत का मजाक उडाता रहा। वहीं अब भारी विरोध और सोशल मीडिया पर जलील किए जाने के बाद ज़ुबैर ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है।

इतना ही नहीं RLD के प्रशांत कनोजिया ने भी यश के निधन का मजाक उड़ाते हुए लिखा, “यह लड़का गाजा में मारे जा रहे फ़िलिस्तीनी बच्चों पर नाच कूद रहा था @Smokingskills07। परंतु आज पता चला धर्म की रक्षा करने का ढोंग करने वाले इस व्यक्ति की मौत हो गई। बच्चों के लाशों पर मज़ा ले रहा था आज कुदरत ने इसके मज़े ले लिए। परिवार को मेरी संवेदना है और उम्मीद है उनका बेटा नर्क में जाए और उसकी आत्मा गाजा में भटकती रहे। गुमनामी की मौत मुबारक!”

देखिए किस तरह से नेटिजन्स स्मोकिंग्स किल्स हैंडल चलाने वाले यश को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। यश की मौत हार्ट अटैक से बताई जा रही है। यश को याद करते हुए टीवी पत्रकार प्रदीप भंडारी ने लिखा, “मैं तो बहुत सदमे में हूँ। यश @Smokingskills07 हमने अभी इस सप्ताह बात की है। आप बहुत छोटे, मिलनसार, स्नेही थे। आप हमेशा कहते थे – ”भैया आप आगे बढ़ो, मैं आपके साथ हूँ। मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा कि आप हमारे साथ नहीं हैं. ओम शांति।”

वहीं चचा मॉन्क नामक हैंडल ने लिखा, “यह जानकर आश्चर्य और दुःख हुआ कि भाई! @Smokingskills07 अब नहीं है। ॐ शांति ? जीवन बेहद अप्रत्याशित है। हम जीवन के प्रत्येक मिनट के लिए भगवान के प्रति आभारी रहें।”

जहाँ लोग दुःखी हैं यश की मौत से वहीं ऑल्टन्यूज़ का फाउंडर सदस्य मोहम्मद ज़ुबैर लगातार पोस्ट कर यश की मौत का मजाक उड़ाता रहा और लोगों के विरोध को देखते हुए एक पोस्ट कर अपने पुराने सभी पोस्ट जो उसने यश की मौत का मजाक उड़ाने के लिए किए थे डिलीट कर दिया। और अपने बचाव में लिखा, “मैंने उसके पुराने ट्वीट्स को उजागर करने वाले अपने ट्वीट्स हटा दिए हैं। लेकिन जिस तरह से उसने लगातार छोटे फ़िलिस्तीनी बच्चों की मौत का मज़ाक उड़ाया और जश्न मनाया….”

वहीं दूसरे नेटिजन्स ने ज़ुबैर के डिलीट किए गए सभी ट्वीट का स्क्रीनशॉट पोस्ट कर दिया। बाला नामक एक्स हैंडल ने पोस्ट करते हुए लिखा, “खून में ही इसके जहर है, अपने ट्वीट डिलीट मत कर ज़ुबैर, हम जानते हैं कि तू क्या है?”

यश की मौत पर श्रद्धांजलि देते हुए और ज़ुबैर की खैर खबर लेते हुए इस्कॉन के प्रवक्ता राधा रमण दास ने लिखा, “@Smokingskills07 की दिल का दौरा पड़ने से असामयिक मृत्यु की खबर ह्रदय विदारक है। उनकी उम्र 30 साल भी नहीं थी। ओम  शांति। हरे कृष्ण। और ये बेशर्म आतंकवादी ? उनके जाने का जश्न मना रहा है। मूर्ख को यह नहीं पता कि उनका दोबारा जन्म होगा।”

पोस्ट पोस्टका स्क्रीनशॉट

गौरतलब है कि मोहम्मद ज़ुबैर की ये हरकत नया नहीं है इसके पहले भी वह जहाँ जिहादियों, आतंकियों का बचाव करता आया है वहीं फैक्ट चेक के नाम पर सही लोगों के पहचान को संकट में डालने, यहाँ तक कि मौत के मुँह में भेज देने भी बाज नहीं आया। सोशल मीडिया पर लोग ज़ुबैर के इन्हीं कारनामों की चर्चा करते हुए उसे लानत भेज रहे हैं। 

सिर्फ मैदान में ही नहीं, भारत ने एक और मुकाबले में इंग्लैंड को धोया: कोहली का मजाक बनाने के लिए अंग्रेजों ने लिया 1 बत्तख का सहारा, भारतीय गेंदबाजों ने 3 लौटाया

क्रिकेट विश्वकप में भारत-इंग्लैंड के बीच मुकाबला लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया, लेकिन एक मुकाबला एक्स पर भी चला। खास बात ये कि दोनों ही मुकाबले में भारतीय टीम विजयी रही। जी हाँ, इंग्लिश क्रिकेट टीम की फैन आर्मी कहलाने वाली ‘बर्मी आर्मी’ ने भारतीय क्रिकेट टीम की बल्लेबाजी के दौरान विराट कोहली के शून्य पर आउट होने के बाद ऐसा पोस्ट कर दिया कि बवाल मच गया। भारतीय क्रिकेट टीम के प्रशंसक जवाब दे ही रहे थे कि इंग्लैंड की पारी शुरू हो गई, और फिर लगातार दो खिलाड़ी शून्य पर आउट हो गए।

इसके बाद भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों ने बर्मी आर्मी को जमकर ट्रोल किया, ठीक उसी तर्ज पर, जैसे बर्मी आर्मी ने विराट कोहली को ट्रोल करने की कोशिश की थी।

बर्मी आर्मी ने विराट कोहली को किया ट्रोल

वैसे तो बर्मी आर्मी विराट कोहली को कई बार निशाना बना चुकी है, लेकिन इस उसने विराट कोहली के खाता न खोल पाने पर उन्हें निशाना बनाया। बर्मी आर्मी ने विराट कोहली का चेहरा एक बत्तख (डक) के चेहरे पर लगाकर तस्वीर पोस्ट की और लिखा, “जस्ट आउट फॉर ए मॉर्निंग वॉक”।

बर्मी आर्मी की ये हरकत भारतीय प्रशंसकों को पसंद नहीं आई। जब जो रूट और बेन स्टोक्स जैसे धुरंधर भी शून्य पर आउट हो गए, तो उन्होंने बर्मी आर्मी और इंग्लिश क्रिकेट टीम को जमकर ट्रोल किया।

गौरीश वत्स ने लिखा, क्यों बर्मी आर्मी, आपको अपना ही स्वाद कैसा लगा?

बाबू भैया ने लिखा कि ये तो इवनिंग वॉक है।

मुफद्दल वोहरा ने भी बर्मी आर्मी को ट्रोल किया।

इंग्लैंड ‘बर्मी आर्मी’ की तर्ज पर भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की ‘भारत आर्मी’ भी है। उन्होंने भी ‘बर्मी आर्मी’ को जोरदार जवाब दिया। ‘भारत आर्मी’ ने कहा कि थोड़ा सा समय दो, एडिट करने के लिए।

कुछ ऐसा रहा मैच का हाल

भारतीय टीम ने लखनऊ में इंग्लैंड की टीम को 100 रन से मात दे दी। जहाँ मोहम्मद शमी ने एक के बाद एक 4 विकेट लिए, जसप्रीत बुमराह ने भी 3 विकेट झटके। भारतीय गेंदबाजों के सामने इंग्लैंड के बल्लेबाज एकदम बेबस दिखे। इस तरह अब इंग्लैंड टेबल में सबसे नीचे बनी रहेगी और साथ ही वो चैंपियंस ट्रॉफी से भी बाहर हो सकती है।कुलदीप यादव ने जहाँ 2 महत्वपूर्ण विकेट झटके, वहीं रवींद्र जडेजा ने भी एक विकेट लिया।

बता दें कि लखनऊ में इंग्लैंड की टीम ने टॉस जीता और भारतीय टीम को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। ओपनर शुभमन गिल महज 9 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद आए विराट कोहली नौंवी गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गए। उनके आउट होने के बाद टीम संभल नहीं पाई। हालाँकि कप्तान रोहित शर्मा 87 और केएल राहुल ने 39 रन बनाकर टीम को कुछ सँभाला और आखिर में सूर्य कुमार यादव ने 49 रन बनाकर टीम को किसी तरह 229 रनों तक पहुँचाया, जिसमें जसप्रीत बुमराह और कुलदीप यादव की बल्लेबाजी का भी योगदान रहा।

इतने कम रनों के बावजूद भारतीय टीम ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को खुलने का मौका ही नहीं दिया। जसप्रीत बुमराह ने पहली ही गेंद पर जो रूट को शून्य रनों पर चलता कर दिया, तो बेन स्टोक्स जैसे हैवीवेट बल्लेबाज को मोहम्मद शमी ने खाता भी नहीं खोलने दिया। डेविड मालन 16 जॉनी बैरिस्टो जैसे धुरंधर सिर्फ 14 रन ही बना पाए। कप्तान जोस बटलर सिर्फ 10 रन बना पाए, तो मोईन अली 15 रन बना कर आउट हो गए। भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड को मैदान पर जबरदस्त जवाब दिया, तो इंटरनेट पर फैन्स ने।

क्या है बर्मी आर्मी?

इंग्लैंड क्रिकेट टीम के प्रशंसकों का एक ग्रुप है, जिसका नाम बर्मी आर्मी रखा गया है। इंग्लैंड की क्रिकेट टीम दुनिया के किसी भी कोने में क्रिकेट खेलने पहुँचती है, तो इस ग्रुप के लोग बड़ी संख्या में उस देश में पहुँच जाते हैं और मैदान पर जाकर अपनी चहेती इंग्लिश टीम का हौसला बढ़ाते हैं। ये ग्रुप पूरी तरह से संगठित है और ये ग्रुप इंग्लैंड के दौरों के हिसाब से होटलों की बुकिंग, हवाई जहाज के टिकट की बुकिंग से लेकर मैदान की बुकिंग और पार्टियों का आयोजन करते हैं। ये ग्रुप कई बार विरोधी टीम को नीचा दिखाने की कोशिशों के चलते विवादों में भी घिरा रहा है।

33 वर्षों बाद पर्दे पर साथ में सुपरस्टार रजनीकांत और अमिताभ बच्चन! ‘जय भीम’ वाले निर्देशक बना रहे ‘Thalaivar 170’, सामने आईं मुंबई में शूटिंग की तस्वीरें

सुपरस्टार रजनीकांत की अगली फिल्म, जिसे फ़िलहाल ‘Thalaivar 170’ कहा जा रहा है, मुंबई में उसकी शूटिंग का शेड्यूल पूरा कर लिया गया है। फिल्म का असली नाम अभी तय नहीं किया गया है। लेकिन, इसके चर्चा में रहने के 2 बड़े कारण हैं। पहला, 33 वर्षों बाद अमिताभ बच्चन और रजनीकांत एक साथ बड़े पर्दे पर दिखाई देने वाले हैं। इससे पहले दोनों 1991 में ‘हम’ फिल्म में साथ दिखे थे। 1983 में आई ‘अंधा कानून’ दोनों की साथ में पहली फिल्म थी।

इसी तरह, ‘गिरफ्तार’ (1985) में भी रजनीकांत और अमिताभ बच्चन ने स्क्रीन शेयर किया था। दोनों का खास कनेक्शन इसीलिए भी है कि रजनीकांत ने एक जमाने में अमिताभ बच्चन की एक दर्जन से अधिक फिल्मों की तमिल रीमेक में काम किया है। फिल्म के चर्चा में होने का दूसरा कारण है कि ‘जय भीम’ के निर्देशक TJ ज्ञानवेल की ये अगली फिल्म है। सूर्य अभिनीत ‘जय भीम’ नवंबर 2021 में रिलीज हुई थी और इसे कई अवॉर्ड्स मिले थे।

इस फिल्म का निर्माण ‘Lyca Productions’ कर रही है, जिसने 2018 में आई सुपरस्टार रजनीकांत की ‘2.0’ और 2020 में रिलीज हुई फिल्म ‘दरबार’ का निर्माण किया था। प्रोडक्शन कंपनी ने रजनीकांत और अमिताभ बच्चन की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “जब सुपरस्टार और शहंशाह ‘Thalaivar 170’ के सेट पर मिले। 33 वर्षों बाद स्क्रीन पर रियूनियन। ये लेजेंड्स का डबल डोज होने वाला है। मुंबई शेड्यूल पूरा।” इससे पहले दोनों अभिनेताओं ने एक अलग तस्वीर भी कुछ दिन पहले शेयर की थी।

रजनीकांत ने अमिताभ बच्चन को अपना मेंटर और एक फेनोमेनन करार दिया। उन्होंने कहा था कि उनका हृदय ख़ुशी से उछल रहा है। इस पर बच्चन ने उन्हें ‘सर’ बताते हुए कहा था कि इस फिल्म का नाम ‘Thalaivar 170’ है और ‘थलाइवा’ का अर्थ होता है -नेता, मुखिया, प्रमुख। अमिताभ बच्चन ने कहा था कि वो खुद की तुलना सुपरस्टार रजनीकांत के साथ नहीं कर सकते। साथ ही उनके साथ फिर काम करने को अपने लिए एक सम्मान करार दिया था।

जिस आस मोहम्मद को नौकरी पर रखा, उसने ही पत्नी का अश्लील वीडियो बना लिया: नहा रही थी तो चुपके से घर में घुस गया, कर रहा था ब्लैकमेल

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में लव जिहाद का मामला सामने आया है। यहाँ के चर्चित देवबंद इलाके में आस मोहम्मद अंसारी उर्फ़ आशु पर एक शादीशुदा हिन्दू महिला से रेप करने का आरोप लगा है। आरोपित आशु पीड़िता की ही दुकान पर नौकरी करता था। उस पर पीड़िता के अश्लील वीडियो बना कर ब्लैकमेल करने का भी आरोप है। पुलिस ने शनिवार (28 अक्टूबर, 2023 को आस मोहम्मद को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।

यह मामला सहारनपुर के देवबंद थानाक्षेत्र का है। यहाँ की रहने वाली एक पीड़िता ने 21 अक्टूबर को थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत के अनुसार देवबंद बाजार में पीड़िता की कपड़े की दुकान है। देवबंद के ही शमशाद का बेटा आस मोहम्मद उर्फ़ आशु इस दुकान पर नौकरी करता था। दुकान से सामान और कैश आदि लेने-देने के लिए आशु अक्सर पीड़िता के घर भी आता-जाता था। पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान आशु उन पर बुरी नजर रखने लगा।

शिकायत में पीड़िता ने आगे बताया है कि एक दिन आशु घर आया तब वो नहा रहीं थीं। इस दौरान आशु ने चुपके से पीड़िता की अश्लील वीडियो बना डाली। आस मोहम्मद की इस करतूत की पीड़िता को भनक नहीं लगी। थोड़े दिनों के बाद आशु अंसारी ने नौकरी छोड़ दिया। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया 19 अक्टूबर, 2023 की शाम वो अपने घर पर अकेली थी। इस दौरान आशु अंसारी जबरन उनके घर में घुस कर छेड़छाड़ करते हुए अवैध संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। पीड़िता के मना करने पर आशु अंसारी ने उन्हें नहाने के दौरान बनाई गई वीडियो दिखाई और वायरल करने की धमकी देने लगा।

पीड़िता ने बताया कि अपनी वीडियो देख कर वो मजबूर हो गई। इसी मजबूरी का फायदा उठा कर आशु अंसारी ने पीड़िता से रेप किया। बाद में पीड़िता ने वीडियो डिलीट करने की मिन्नत की तो आस मोहम्मद ने यह माँग नहीं मानी। उलटे उसने पीड़िता से कहा, “इसे दिखा कर जब भी चाहूँगा तेरा रेप करूँगा।” अपनी करतूत किसी को बताने पर आशु अंसारी ने पीड़िता और उसके पूरे परिवार को जान से मार डालने की भी धमकी दी।

आशु अंसारी की गिरफ्तारी पर पुलिस की प्रेसनोट

शिकायत के अंत में महिला ने आशु अंसारी पर कड़ी कार्रवाई की माँग के साथ अपने अश्लील वीडियो और फोटो को भी डिलीट करने की गुहार लगाई। ऑपइंडिया के पास शिकायत की कॉपी मौजूद है। पुलिस ने इस शिकयत पर आशु अंसारी को नामजद करते हुए IPC की धारा 376, 452 व 506 के तहत FIR दर्ज कर ली। वहीं 28 अक्टूबर, 2023 को आस मोहम्मद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

UN का ही माल लूट रहे फिलिस्तीन के लोग, हमास के आतंकी भी मदद सामग्रियों की डकैती में शामिल: गोदामों में घुस कर ले जा रहे राशन

इजरायल द्वारा उत्तरी गाजा को खाली करने के आदेश देने के बाद दक्षिणी गाजा में संयुक्त राष्ट्र के माध्यम से मदद पहुँच रही है। इस मदद को या तो हमास के लोग लूट ले रहे हैं या फिर गाजा के निवासी ही। क्योंकि ये राहत सामग्री जरूरत से कम है और लोगों तक पहुँच नहीं पा रही है। वहीं, अब भी उत्तरी गाजा में काफी आबादी रुकी हुई है, जिसकी वजह से इजरायल को गाजा में अपना ऑपरेशन पूरा करने में समय लग रहा है। ऐसे में गाजा के लोगों तक उतनी मदद नहीं पहुँच पा रही है, जितनी पहुँचनी चाहिए।

अभी जो खबरें सामने आ रही हैं, उनके मुताबिक गाजा पट्टी में यूएन के गोदामों पर भीड़ लूट पर उतर आई है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दक्षिणी गाजा पट्टी के रफाह में संयुक्त राष्ट्र के गोदाम में हजारों लोग घुस गए और बड़े पैमाने पर लूटपाट की। ये सारी सामग्री गाजा के लोगों के लिए पहुँची थी, लेकिन लोगों ने व्यवस्था को तोड़ते हुए लूट शुरू कर दी है। एएफपी द्वारा जारी तस्वीरों में दिख रहा है कि लोग राशन और अन्य जरूरी चीजों के लिए गोदामों का रूख किया है, जिसकी वजह से उन जगहों पर भगदड़ और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया है।

ऐसा एक ही एक गोदाम दक्षिणी गाजा पट्टी के दैर एल-बालाह में है, जहाँ डिस्ट्रीब्यूशन सेंट पर भीड़ टूट पड़ी और लोग अपने साथ राशन के पैकेट ले जाते दिखे। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, तीन सप्ताह की पूरी घेराबंदी और बमबारी के कारण हताश हजारों फिलिस्तीनी गेहूँ, आटा और अन्य जरूरी सामानों के लिए लूट पर उतर आए हैं।

संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि हजारों लोगों द्वारा गाजा में खाद्य गोदामों में तोड़फोड़ के बाद वहां ‘नागरिक व्यवस्था’ ध्वस्त होने लगी है। फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत एजेंसी (UNRWA) ने कहा कि कई गोदामों में गेहूँ, आटा और अन्य बुनियादी आपूर्ति लूट ली गई है।

गाजा में मरने वालों की संख्या 8 हजार के पार

गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि 7 अक्टूबर से अब तक गाजा में मरने वालों की संख्या 8005 हो गई है रविवार को गाजा में स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, गाजा में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 8005 हो गई और 20,242 अन्य घायल हो गए। प्रवक्ता ने बताया कि मृतकों में 3324 बच्चे, 2062 महिलाएँ और 460 बुजुर्ग शामिल हैं।

बता दें कि हमास के हमले के बाद इजरायल ने 23 लाख की आबादी वाले पूरे गाजा पट्टी की घेरेबंदी की है। उसने मिस्र के रफाह क्रॉसिंग से होकर बुनियादी जरूरतों और दवाओं की सीमित आपूर्ति की अनुमति दी है। इजरायल ने जरूरी चीजों की सप्लाई तो मिस्र के रास्ते दक्षिणी गाजा में दे दी है, लेकिन पेट्रोलियम की सप्लाई नहीं, क्योंकि हमास ने यूएन के लिए गई मदद खुद लूट ली थी, खासकर पेट्रोल और डीजल। इसके बाद इजरायल ने सारी आपूर्ति रोक दी थी, लेकिन अमेरिकी और अंतर्राष्ट्रीय शक्तियों के दबाव के बाद मिस्र के रफाह क्रॉसिंग से लेकर राहत सामग्री को गाजा में घुसने की अनुमति दे दी थी।

7 अक्टूबर को हमास ने किया था इजरायल पर सबसे बड़ा हमला

गौरतलब है कि हमास ने 7 अक्टूबर, 2023 की सुबह इजरायल में जल, थल और हवा के रास्ते हमला किया। हमास ने इजरायल पर हजारों रॉकेट छोड़े। इन हमलों में 1400 से अधिक लोगों की मौत हो गई, तो 3 हजार से अधिक लोग घायल हो गए।

इस हमले के दौरान हमास ने 225 से अधिक इजरायलियों को बंधक बना लिया और गाजा पट्टी लेकर गए। हालाँकि, इस हमले के बाद इजरायल ने हमास पर पलटवार किया है और इजरायल के हमलों में अब तक 7000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इजरायल ने उत्तरी गाजा को खाली करने का अल्टीमेटम दिया है, और गाजा पर अभी भी हमला जारी है।

ट्रैक्टर से स्टंट के दौरान कुचल कर मौत, वीडियो में कैद हुआ माजरा: सुखमनदीप सिंह ने ‘किसान आंदोलन’ में बढ़-चढ़ कर लिया था हिस्सा

पंजाब में एक शख्स की टैक्टर से स्टंट करने के दौरान मौत हो गई है। 29 वर्षीय स्टंटमैन अपनी जान पर खेल कर खतरनाक स्टंट परफॉर्म कर रहा था। घटना गुरदासपुर जिले की है। मृतक का नाम सुखमनदीप सिंह है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आई है। फतेहगढ़ चुरियाँ विधानसभा में स्थित सरचूर गाँव में सुखमनदीप सिंह शनिवार (28 अक्टूबर, 2023) को खेत में स्टंट कर रहे थे। सुखमनदीप सिंह ने ट्रैक्टर के चक्के पर पाँव रख कर उस ट्रैक्टर पर चढ़ने की कोशिश की।

इंजन स्टार्ट करने के बाद सुखमनदीप सिंह ट्रैक्टर के दोनों चक्कों पर एक-एक पाँव रख कर उस पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे। हालाँकि, इस दौरान उनका एक पाँव कीचड़ में फँस गया। इसके बाद ट्रैक्टर के दोनों चक्के उनके ऊपर चढ़ गए और उनकी मौत हो गई। ये देख कर उन्हें बचाने के लिए कुछ लोग ज़रूर दौड़े, लेकिन तब तक वो बुरी तरह कुचले जा चुके थे और अस्पताल पहुँचते ही सुखमनदीप सिंह को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नर हिमांशु अग्रवाल ने जानकारी दी है कि फतेहगढ़ चुरियाँ में हुए एक निजी कार्यक्रम की है। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की जाँच कर रही है। स्टंट के लिए प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई थी। सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट को आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। अग्रवाल ने कहा कि तय मानकों को पूरा करने और अनुमति के बाद ही ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। सुखमनदीप सिंह बटाला के ठाठे गाँव के रहने वाले थे।

उनके घर में उनके माता-पिता और पत्नी के अलावा एक 7 साल का बेटा भी है। जहाँ उनके पिता निर्वैर सिंह गाँव के नंबरदार हैं, वहीं पत्नी पंजाब पुलिस में कार्यरत हैं। ठाठे गाँव के ही मनप्रीत सिंह बदेशा ने बताया कि सुखमनदीप पिछले 7-8 वर्षों से स्टंट कर रहे थे। एक पंजाबी चैनल के शो में भी वो दिखाई देते थे। पंजाब के ग्रामीण इलाकों में स्टंट्स को लेकर दीवानगी है और कई स्टंटमैन ऐसे करतब दिखा कर पैसे कमाते हैं। सुखमनदीप सिंह ने ‘किसान आंदोलन’ में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था। उनकी मौत के बाद आयोजकों ने मेले को रद्द कर दिया है।

‘अमेरिका में मुस्लिमों को नहीं घुसने देंगे’: फिर से राष्ट्रपति की दौर में शामिल डोनाल्ड ट्रम्प का खुला ऐलान – हर तरह से इजरायल का देंगे साथ

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी की ओर से इस बार भी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनने की दावेदारी कर रहे डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान कर दिया है कि वो राष्ट्रपति बनेंगे, तो अमेरिका में मुस्लिमों की एंट्री पर बैन लगा देंगे। उन्होंने ऐलानिया तौर पर इजरायल के ऐसे समर्थन की बात कही है, जितना अब तक कभी नहीं किया गया। उन्होंने मुस्लिमों पर ‘ट्रैवल बैन’ की याद दिलाते हुए कहा कि वो इस बार और भी कड़ा कदम उठाएँगे। हालाँकि, उनके इस बयान की व्हाइट हाउस ने निंदा की है।

लास वेगस में रिपब्लिकन-यहूदी कंवेंशन में बोलते हुए डोनाल्ट ट्रंप ने खुला ऐलान किया कि वो सत्ता में आते ही न सिर्फ 2017 के ‘ट्रैवल बैन’ को फिर से लागू करेंगे, बल्कि उससे भी कड़े कदम उठाएँगे। उन्होंने याद दिलाया कि उनके राष्ट्रपति रहते 7 मुस्लिम बहुल देशों पर अमेरिका ने ट्रैवल बैन लगा दिया था। उनके इस कदम की काफी निंदा हुई थी। इसके बावजूद उन्होंने अपने कदम वापस नहीं खींचे। उनके इस आदेश को जो बाईडेन ने सत्ता में आने के बाद 2021 में ही वापस ले लिया था।

डोनाल्ड ट्रंप ने अब कहा है कि वो इजरायल का ऐसा समर्थन करेंगे, जैसा समर्थन अब तक नहीं हुआ। वो खुल कर हर लड़ाई में इजरायल का साथ देंगे। डोनाल्ड ट्रम्प ने सभा में कहा, “हम कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवादियों को अपने देश से बाहर रखेंगे।” उन्होंने जब ये ऐलान किया, तो उस समय कन्वेंशन सेंटर में रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सबसे बड़े यहूदी दानदाता भी मौजूद थे। जिसकी वजह से उनके इस ऐलान को अगले चुनाव में यहूदियों का खुला समर्थन पाने की कोशिश समझा जा रहा है।

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप को इजरायल का समर्थक माना जाता है। उनके राष्ट्रपति रहते ही अमेरिका ने येरूशलम को इजरायल की राजधानी माना था और इजरायल का मुस्लिमों देशों के साथ अब्राहम समझौता कराया था। उनके इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू के साथ बेहद अच्छे संबंध हैं और वो खुलकर इजरायल का समर्थन करते हैं।

7 अक्टूबर को हमास ने किया था इजरायल पर सबसे बड़ा हमला

गौरतलब है कि हमास ने 7 अक्टूबर, 2023 की सुबह इजरायल में जल, थल और हवा के रास्ते हमला किया। हमास ने इजरायल पर हजारों रॉकेट छोड़े। इन हमलों में 1400 से अधिक लोगों की मौत हो गई, तो 3 हजार से अधिक लोग घायल हो गए।

इस हमले के दौरान हमास ने 225 से अधिक इजरायलियों को बंधक बना लिया और गाजा पट्टी लेकर गए। हालाँकि, इस हमले के बाद इजरायल ने हमास पर पलटवार किया है और इजरायल के हमलों में अब तक 7000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इजरायल ने उत्तरी गाजा को खाली करने का अल्टीमेटम दिया है, और गाजा पर अभी भी हमला जारी है।