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‘तिरंगा लहराने के लिए राशिद खान पर ICC ने लगाया ₹55 लाख का जुर्माना, तो रतन टाटा ने दे दिए ₹10 करोड़’: दिग्गज उद्योगपति ने दी सफाई

कारोबारी रतन टाटा ने उन व्हाट्सएप्प मैसेज और झूठी खबरों का खंडन किया है जिनमें उनके द्वारा अफगानिस्तान के क्रिकेटर राशिद खान को ₹10 करोड़ रुपए दिए जाने की बात कही गई है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) को भी कोई सलाह देने की खबरों का भी खंडन किया है।

रतन टाटा ने लिखा, “मैंने ICC या अन्य किसी क्रिकेट संस्था को किसी भी खिलाड़ी को जुर्माना या पुरस्कार देने सम्बन्धी कोई राय नहीं दी है। मेरा क्रिकेट से कोई लेना देना नहीं है। कृपया ऐसे व्हाट्सएप्प फॉरवर्ड और इस तरह की वीडियो पर कभी विश्वास ना करें जब तक कि वह मेरे आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ना आएँ।”

रतन टाटा को यह सफाई इसलिए देनी पड़ी है क्योंकि कुछ यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया अकाउंट्स ने यह झूठी जानकारी डाली थी कि उन्होंने राशिद खान को भारतीय तिरंगा लहराने के लिए ₹10 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया है।

इन वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया था कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के मैच के बाद अफगानिस्तान के जीतने पर राशिद खान ने भारतीय झंडा लहराया। इस पर पाकिस्तान ने ICC से इसकी शिकायत की और ₹55 लाख का जुर्माना उन पर लगाया लेकिन रतन टाटा ने उन्हें ₹10 करोड़ देने की घोषणा की है।

यूट्यूब पर ‘क्रिकेट ग्लोबल’ नाम के एक चैनल ने यह झूठी जानकारी फैलाई थी जबकि ‘X’ (पहले ट्विटर) पर भी कुछ लोगों ने इस संबंध में पोस्ट किए थे। अब रतन टाटा ने यह स्पष्ट किया है कि उन्होंने राशिद खान को कोई पुरस्कार देने की घोषणा नहीं की है।

रतन टाटा द्वारा राशिद खान को ₹10 करोड़ देने सम्बंधित वीडियो
ग्लोबल क्रिकेट’ नाम के चैनल ने भी झूठ फैलाया था

रतन टाटा के बारे में यह दावा इसलिए भी तेज़ी से फैला क्योंकि वह देशभक्ति के काम करने के लिए जाने जाते रहे हैं और उनके संबंध में ऐसी कई कहानियाँ सोशल मीडिया पर घूमा करती हैं। इनमें से कुछ कहानियाँ सच तो कुछ कहानियाँ झूठी होती हैं।

रतन टाटा के नाम से ऐसे दावों का फैलाया जाना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले जून माह में ही उन्होंने ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर एक ट्वीट करके बताया था कि उन्होंने क्रिप्टोकरेंसी में कोई निवेश नहीं किया है। उनके बारे में यह झूठी खबरें फैलाई जा रहीं थी कि उन्होंने एक नया निवेश क्रिप्टोकरेंसी में किया है।

मोदी सरकार ने दिए ₹1800 करोड़, फिर भी कॉन्ग्रेस के CM कह रहे – कर्नाटक के लोग प्यासे: सिद्धारमैया के ‘झूठ’ का केंद्रीय मंत्री ने कर दिया पोस्टमॉर्टम

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के बीच केंद्र सरकार की कथित उपेक्षा को लेकर जुबानी जंग छिड़ गई है। सिद्दारमैया ने केंद्र सरकार पर विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए धन नहीं जारी करके कर्नाटक के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है। शेखावत ने पलटवार करते हुए कहा कि राज्य सरकार अपने वित्त का गलत प्रबंधन कर रही है और परियोजनाओं के कार्यान्वयन में देरी के लिए जिम्मेदार है।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कावेरी नदी पर मेकेदातु जलाशय सहित विभिन्न जल परियोजनाओं के संबंध में झूठ और गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया। शेखावत ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक बयान में कहा, “हम जानते हैं कि झूठी अफवाह और गलत सूचना फैलाना कॉन्ग्रेस की परंपरा है। लेकिन ऐसा करके लोगों के जीवन में कहर बरपाना एक मुख्यमंत्री के लिए उपयुक्त नहीं है।” मेकेदातु परियोजना के संबंध में, मंत्री ने कहा कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पर चर्चा कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण की विभिन्न बैठकों के दौरान एक एजेंडा आइटम के रूप में शामिल की गई थी।

गजेंद्र सिंह शेखावत ने लिखा, “प्रिय सिद्धारमैया, हम जानते हैं कि झूठी अफवाह और गलत सूचना फैलाना कॉन्ग्रेस की परंपरा है। लेकिन, कर्नाटक के मुख्यमंत्री के के तौर पर जनता में भ्रम फैलाना गलत बात है, जो बतौर मुख्यमंत्री गलत है। आप मेकेदातु परियोजना की स्थिति से भलीभाँति परिचित हैं, अगर नहीं तो मैं आपको पूरी बात समझाता हूँ, शायद आपकी ब्रीफिंग टीम घटिया तरीके से काम कर रही है।”

इस प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति ये है: –

1: मेकेदातु परियोजना की डीपीआर पर चर्चा CWMA की विभिन्न बैठकों के दौरान मुख्य एजेंडा में शामिल थी। हालाँकि, इस एजेंडा आइटम पर पार्टी राज्यों के बीच सहमति की कमी के कारण इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हो सकी।

2: कलसा और भंडुरा योजना नाला की DPR को कुछ शर्तों के साथ केंद्रीय जल आयोग (CWC) द्वारा पहले ही मंजूरी दे दी गई है और इसकी सूचना कर्नाटक सरकार को दे दी गई है।

3: 2017 के दौरान प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY)-त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम के तहत प्राथमिकता वाली कर्नाटक की 5 परियोजनाओं में से तीन पूरी हो चुकी हैं। दो पर काम जारी है और अब तक 1238.30 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता में से 1190.05 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं।

4: अटल भूजल योजना के तहत कर्नाटक को पहले ही रुपए दिए जा चुके हैं। केंद्र सरकार ने अब तक 629.54 करोड़ रुपए कर्नाटक सरकार को दिए, लेकिन कर्नाटक सरकार ने 28 अक्टूबर, 2023 तक सिर्फ 274.05 करोड़ रुपए ही खर्च किए हैं।

इससे क्या समझ में आता है?”

बता दें कि सिद्दारमैया ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। सिद्दारमैया ने लिखा था, “नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने बारिश की कमी के बावजूद कर्नाटक के पानी के मुद्दों का समाधान नहीं किया है। कर्नाटक के किसी भाजपाई सांसद ने भी राज्य के जल हितों पर समर्थन नहीं किया। मेकेदातु और महादायी नदी जैसी परियोजनाएँ केंद्र की मंजूरी के लिए लंबित हैं। राज्य सरकार के उत्तरी कर्नाटक की सिंचाई के लिए तैयार ऊपरी कृष्णा परियोजना अब भी केंद्र से राजपत्र अधिसूचना और राष्ट्रीय दर्जा पाने की प्रतीक्षा कर रही है। प्रिय प्रधानमंत्री, क्या आप कन्नडिगाओं को और अधिक प्यासा रखना चाहते हैं?”

उन्होंने हैशटैग ‘कर्नाटक के लिए प्रेम क्यों नहीं’ और हैशटैग ‘मोदी जवाब दो’ का भी इस्तेमाल किया।

बता दें कि सिद्दारमैया और शेखावत के बीच की जुबानी जंग कर्नाटक में कॉन्ग्रेस और भाजपा के बीच चल रही बड़ी राजनीतिक लड़ाई का भी एक हिस्सा है। अगले साल के लोकसभा चुनाव में इन्हीं दोनों पार्टियों के बीच कर्नाटक में मुख्य लड़ाई है।

हार्ट अटैक से 30 साल के युवक की मौत, गर्लफ्रेंड को गाली दे रहे इस्लामी कट्टरपंथी: लिख रहे- उसे लकड़ियों पर भुना जाएगा, चारकोल हमसे ले जाओ’

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक हैंडल है ‘IAS Smoking Skills’ के नाम से, जिसे यश नाम के एक राष्ट्रवादी युवक चलाते थे। अचानक हार्ट अटैक के कारण 30 से भी कम उम्र में यश की असामयिक मृत्यु हो गई। इसके बाद AltNews के संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर ने उनके पुराने ट्वीट्स खँगाल कर उनकी मृत्यु का मजाक बनाना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, RLD नेता प्रशांत कनौजिया ने भी मौत के बाद उन्हें गालियाँ बकी और इस पर जश्न मनाया।

ये सब सिर्फ उन तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि यश की गर्लफ्रेंड के सोशल मीडिया हैंडल पर जाकर भी इस्लामी कट्टरपंथियों ने इस असामयिक मृत्यु का जश्न मनाना शुरू कर दिया। कुमैल अब्बास नामक एक व्यक्ति ने यश की गर्लफ्रेंड के ट्विटर हैंडल पर जाकर गाली देते हुए लिखा, “मर गया m…d”।

यश के गर्लफ्रेंड की हैंडल पर जाकर दी जा रही गाली

वहीं जावेद शेख नामक एक व्यक्ति ने पीड़िता की ट्विटर आईडी पर जाकर लिखा, “IAS स्मोकिंग की अंतिम यात्रा में नहीं गई?” इस पर रिप्लाई करते हुए ‘स्ट्रेंजर’ नामक एक ट्विटर हैंडल ने लिखा, “सती प्रथा से गा# फटी होगी।”

पीड़िता के ट्विटर हैंडल पर जा-जा कर कुछ ऐसे दी जा रहीं गालियाँ

वहीं एक अन्य ट्विटर हैंडल ने एक मीम शेयर करते हुए बार-बार ‘हाहा’ लिखा और साथ ही आगे लिखा, “यहाँ, अपने आँसू पोंछ लो।” इस तस्वीर में एक व्यक्ति रुमाल देते हुए दिखाई दे रहा है।

मौत का जश्न मनाते हुए शेयर किए जा रहे मीम भी

वहीं साजिद शेख नाम एक इस्लामी कट्टरपंथी ने लड़की के हैंडल पर जाकर लिखा, “यहाँ तक कि तुम्हारा यार भी अब नहीं रहा। तुम्हारी तरह वो भी एक घृणा फैलाने वाला व्यक्ति था। दुःख की बात है कि वो लकड़ियों पर भुना जायेगा। चारकोल चाहिए मैडम? लास्ट में मटके में ला के दे देंगे तुमको।”

मृत्यु ही नहीं बल्कि अंतिम संस्कार पर भी गंदी टिप्पणी

वहीं ‘माइनॉरिटी वॉच’ नामक हैंडल ने लिखा, “तुम्हारा बीएफ तो मिल नहीं पाएगा। वो तो जल गया ना।” वहीं एक अन्य कट्टरपंथी यूजर ने लिखा, “तेरा यार जिसको तू अपनी देती थी, वो भी मर गया। उसके लिए ‘रेस्ट इन हेल’ तो कर दे।” ऐसे बेहद ही भद्दे और महिला विरोधी अश्लील कमेंट्स भी किए जा रहे हैं। एक लड़की जो अपने पार्टनर के चले जाने से शोक में है, उसके साथ ऐसी संवेदनहीनता का प्रदर्शन किया जा रहा है। बता दें कि दोनों शादी भी करने वाले थे।

अश्लील और भद्दे कमेंट्स भी किए गए

कुछ अन्य यूजरों ने भी अपनी गंदी विचारधारा का प्रदर्शन किया। ज़ैनब ने लिखा, “IAS Smoking Skills भी चला गया। अब इंतजार कर रहा हूँ कि तुम्हारे जैसा क्षुद्र भी इस दुनिया से जल्द चला जाए। इंशाअल्लाह! आशा करता हूँ जल्द ही।” वहीं एक अन्य हैंडल ने लिखा, “तुम्हारे बॉयफ्रेंड को शांति मिले। नरक में जलो तुम दोनों।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “तुम्हारा दोस्त यश अब नहीं रहा। वो नरक में दीवाली मनाने गया। क्या तुम भी उसके साथ जाना चाहोगी?”

मौत के साथ-साथ हिन्दू त्योहारों का भी बनाया गया मजाक

कुछ अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स ने भी उनकी ट्विटर प्रोफाइल पर जाकर गालियाँ बाकी, देखिए उनकी घृणा:

जैसा कि आप देख सकते हैं, जब यश की गर्लफ्रेंड ने ‘फ्रेंड्स’ सीरीज के अभिनेता मैथ्यू पेरी के निधन पर दुःख जताया तो एक यूजर ने डांस करने वाला मीम पोस्ट किया। उन्होंने गुलदस्ते की तस्वीर शेयर की तो एक ने लिखा, “वाह! कलश पहले से तैयार रखा था।” किसी ने सती प्रथा का अनुसरण करने की सलाह दी तो किसी ने अपने बॉयफ्रेंड को मिस करने की। खास बात ये है कि ये सब उन ट्वीट्स की रिप्लाई में किया गया, जो यश के निधन से पहले के हैं। उसके बाद से उनकी गर्लफ्रेंड ने एक भी ट्वीट नहीं किया है।

याद दिला दें कि RLD के प्रशांत कनोजिया ने भी यश के निधन का मजाक उड़ाते हुए लिखा था, “यह लड़का गाजा में मारे जा रहे फ़िलिस्तीनी बच्चों पर नाच कूद रहा था @Smokingskills07। परंतु आज पता चला धर्म की रक्षा करने का ढोंग करने वाले इस व्यक्ति की मौत हो गई। बच्चों के लाशों पर मज़ा ले रहा था आज कुदरत ने इसके मज़े ले लिए। परिवार को मेरी संवेदना है और उम्मीद है उनका बेटा नर्क में जाए और उसकी आत्मा गाजा में भटकती रहे। गुमनामी की मौत मुबारक!”

2002 में 14 साल की लड़की पर फेंका तेजाब, 2023 में UP के पुलिस अधिकारी ने दिया हौसला तो दर्ज कराया केस: 21 साल बाद पकड़ा गया आरिफ

2002 में 14 साल की एक लड़की पर एसिड अटैक करने के मामले में अलीगढ़ पुलिस ने आरिफ को गिरफ्तार किया है। पीड़िता मूल रूप से अलीगढ़ की रहने वाली है। आगरा में नौकरी करने के दौरान उसने यूपी पुलिस के अधिकारी राजीव कृष्ण को अपनी आपबीती सुनाई थी। उनसे हौसला मिलने के बाद जनवरी 2023 में इस हमले को लेकर एफआईआर दर्ज कराई। केस अलीगढ़ ट्रांसफर किया गया और 27 अक्टूबर को आरिफ पकड़ा गया।

तेजाब हमला झेलने वाली यह पीड़िता करीब दो दशक तक अपने परिवार के दबाव में चुप रही थी। दरअसल, आरिफ उसकी बहन का देवर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना सितंबर 2002 की है। तब पीड़िता की उम्र 14 साल थी। वह अपनी बहन के ससुराल गई हुई थी। यहाँ बहन के देवर आरिफ ने उस पर तेजाब फेंक दिया था।

इस हमले में पीड़िता के चेहरे के साथ शरीर के कई अंग बुरी तरफ से झुलस गए थे। लम्बे समय तक चले इलाज के बाद पीड़िता को बचाया जा सका था। तब घर-परिवार और रिश्तेदारों के दबाव में इस मामले में केस दर्ज नहीं हो पाया था।

2014 में पीड़िता की आगरा के शीरोज हैंग आउट कैफे में नौकरी लग गई। यह कैफे एसिड अटैक पीड़िताओं को नौकरियों में प्राथमिकता देता है। दिसंबर 2022 में इस कैफे में आगरा जोन पुलिस के ADG आईपीएस राजीव कृष्ण का आना हुआ। एसिड पीड़िताओं से मुलाकात के दौरान राजीव कृष्ण की जानकारी में 21 साल पहले अलीगढ़ में घटी ये घटना आई। उन्होंने पीड़िता को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इसी क्रम में जनवरी 2023 को ADG के निर्देश पर आगरा के एत्माद्दौला थाने में आरिफ के खिलाफ FIR दर्ज की गई।

फिर केस अलीगढ़ ट्रांसफर किया गया। अलीगढ़ के रोरावर थाने से इस केस की जाँच करवाई गई। केस IPC की धारा 326- A (तेज़ाब से गंभीर हानि पहुँचाने की कोशिश) के तहत दर्ज हुआ था। आखिरकार 27 अक्टूबर को आरिफ को गिरफ्तार कर लिया गया। अलीगढ़ पुलिस के DSP अभय कुमार पांडेय ने भी कार्रवाई की पुष्टि की है। अब 35 साल की हो चुकी पीड़िता ने खुद को 21 साल बाद मिले न्याय पर ख़ुशी जताई है।

जो इंजीनियरिंग छात्रा की मौत के जिम्मेदार उनका हिसाब कर रही UP पुलिस: एक को मार गिराया, दूसरे को एनकाउंटर में मारी गोली

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में 29-30 अक्टूबर की रात पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ में जितेंद्र उर्फ़ जीतू नाम का बदमाश घायल हो गया था, जिसकी अस्पताल ले जाने के दौरान मौत हो गई है। एक दिन पहले 28 अक्टूबर को जीतू मुठभेड़ में बच निकला था। तब उसका साथी बलवीर एनकाउंटर में घायल हो गया था। जीतू ने शुक्रवार (27 अक्टूबर, 2023) को ऑटो से जा रही कीर्ति नाम की एक छात्रा का मोबाइल खींचने का प्रयास किया था। मोबाइल बचाने के प्रयास में छात्रा की गिर कर मौत हो गई थी।

गाजियाबाद पुलिस के DCP ग्रामीण ने इस मुठभेड़ की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि 29-30 अक्टूबर की रात को पुलिस गंगनहर के पास चेकिंग कर रही थी। इस दौरान बाइक सवार 2 संदिग्ध उधर से गुजरे। पुलिस ने घेराबंदी की और संदिग्धों को रुकने का इशारा किया। हालाँकि, दोनों बाइक सवार रुकने की बजाय दूसरी दिशा में भागने लगे। खुद को घिरता देख कर बदमाश ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी। इस फायरिंग में एक सब इंस्पेक्टर घायल हो गए। आत्मरक्षा और जवाबी कार्रवाई के तौर पर पुलिस ने भी गोलियाँ चलाईं।

गोली लगने से एक बदमाश घायल हो गया जबकि दूसरा मौके से फरार होने में सफल रहा। घायल को पुलिस ने अस्पताल पहुँचाया जहाँ उसने दम तोड़ दिया। मारे गए संदिग्ध की पहचान जितेंद्र उर्फ़ जीतू के तौर पर हुई है। जीतू एक पुराना हिस्ट्रीशीटर है जिस पर पश्चिम उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में एक दर्जन केस दर्ज हैं। इनमें लूट और गैंगस्टर एक्ट जैसे केस शामिल हैं। जीतू पहले भी कई बार जेल जा चुका है। पुलिस जितेंद्र के शव का पोस्टमॉर्टम करवा रही है। उसके घर वालों को सूचना दे दी गई है।

एक दिन पहले हुई मुठभेड़ में बच निकला था जीतू

इस घटना से 1 दिन पहले 28 अक्टूबर को जीतू पुलिस मुठभेड़ में बच निकला था। तब गाजियाबाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गोविन्दनगर क्षेत्र में एक चेकिंग के दौरान उसे पकड़ने का प्रयास किया था। बाइक सवार जीतू और उसके साथी बलवीर ने भागते हुए पुलिस पर गोली भी चलाई थी। इस दौरान बलवीर के पैर में गोली लगी थी जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। हालाँकि, इस दौरान जीतू फरार होने में सफल रहा था।

छात्रा की मौत में आरोपित था जीतू

बताते चलें कि 27 अक्टूबर, 2023 को गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र में बीटेक की एक छात्रा ऑटो में बैठ कर छात्र कॉलेज से अपने घर की तरफ आ रही थी। इस दौरान बाइक सवार जीतू और बलवीर ने छात्रा का मोबाइल खींचने की कोशिश की। इसी छीना-झपटी में छात्रा चलती ऑटो से नीचे गिर पड़ी और गंभीर रूप से घायल हो गई। काफी प्रयासों के बाद पीड़िता को बचाया नहीं जा सका था।

AAP नेता मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट ने भी नहीं दी जमानत, एजेंसियों से कहा – शराब घोटाला जाँच में तेज़ी लाइए: काम नहीं आईं कॉन्ग्रेसी वकील सिंघवी की दलीलें

दिल्ली शराब घोटाला मामले में लंबे समय से जेल में बंद दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की और जमानत याचिका को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने सिसोदिया की बेल खारिज करते हुए जाँच एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वो 6 से 8 माह के अंदर इस मामले की जाँच पूरी करें। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर जाँच में तेज़ी नहीं आई, तो मनीष सिसोदिया बेल के लिए फिर से याचिका दाखिल कर सकते हैं।

338 करोड़ रुपए का घोटाला, सुप्रीम कोर्ट ने दिखाई सख्ती

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच ने सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई की। जस्टिस खन्ना ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि 338 करोड़ रुपए के इस लेनदेन में कानूनी सवालों के जवाब सीमित तरीके से दिए गए हैं, जो जमानत देने के लिए अपर्याप्त है, कई चीजें संदेहास्पद हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले की सुनवाई 6 से 8 माह तक भीतर खत्म होनी चाहिए। अगर तीन माह तक इसकी जाँच में तेज़ी नहीं आती है, या कोई ढिलाई नजर आती है, तो मनीष सिसोदिया फिर से जमानत याचिका दाखिल कर सकते हैं।

मनीष सिसोदिया के वकील ने दी ये दलील

मनीष सिसोदिया की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने जिरह की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि मनीष सिसोदिया से जुड़ा कोई भी सीधा सबूत इस मामले में नहीं मिला है। सभी साक्ष्य दस्तावेजों में हैं, ऐसे में सिसोदिया को जेल में रखे जाने की कोई वजह नहीं दिखती। वो भागने वाले भी नहीं हैं और न ही सबूतों से छेड़छाड़ करेंगे। लेकिन ईडी ने कहा कि दिल्ली की शराब नीति धोखा देने के लिए ही मनीष सिसोदिया की अगुवाई में बनाई गई थी।

जजों ने कहा कि फ़िलहाल की जाँच के हिसाब से मनी ट्रेल मनीष सिसोदिया तक जाती हुई दिख रही है और ऐसे में उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती।

26 फरवरी को गिरफ्तार हुए थे मनीष सिसोदिया

बता दें क‍ि सुप्रीम कोर्ट ने 17 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने सिसोदिया की ओर से दायर जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस केस में मनीष स‍िसोद‍िया को सीबीआई ने 26 फरवरी, 2023 को ग‍िरफ्तार क‍िया था। उन्हें हाईकोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली और अब सुप्रीम कोर्ट ने भी सिसोदिया की बेल याचिका खारिज कर दी है।

सिसोदिया की संपत्ति भी जब्त कर चुकी है ईडी

दिल्ली शराब घोटाला मामले में ED ने 7 जुलाई 2023 को पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया सहित अन्य आरोपितों की 52 करोड़ रुपए की संपत्ति को अटैच कर दिया था। आरोपितों में सिसोदिया के अलावा अमनदीप सिंह ढल्ल, राजेश जोशी और गौतम मल्होत्रा के नाम हैं। इस मामले में ईडी ने बताया था कि इस 52 करोड़ की चल-अचल संपत्ति में 7 करोड़ 29 लाख रुपए की 2 प्रॉपर्टी मनीष सिसोदिया और उनकी पत्नी सीमा सिसोदिया की है।

घंटी, माला, चंदन का टीका… साधु बनकर गाँव-गाँव घूम रहे थे मुस्लिम युवक, ‘नंदी दर्शन’ कराकर वसूलते थे पैसे: बदायूं में 3 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में साधु बनकर गाँव-गाँव घूम रहे तीन मुस्लिमों को रविवार (29 अक्टूबर 2023) को गिरफ्तार किया गया। ये ‘नंदी दर्शन’ के नाम पर लोगों से पैसे वसूलते थे। इनकी पहचान अनीस, वली मोहम्मद और शाकिर के तौर पर सामने आई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला उसावां थाना क्षेत्र का है। यहाँ रविवार को गाँव नवीगंज में 3 संदिग्ध साधु वेश में पहुँचे। इन सभी के पास एक-एक बैल थे। घंटी, माला, चंदन का टीका आदि लगाकर इन्होंने बैल को नंदी का रूप दे रखा था। घर-घर जा कर भीख माँगने के साथ लोगों को बैलों से आशीर्वाद भी दिला रहे थे। लोगों को इनके हाव-भाव और बोली से शक हुआ। ग्रामीणों ने तीनों को रोक कर पूछताछ शुरू कर दी। इस बीच मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई।

पुलिस ने मौके पर पहुँचकर तीनों संदिग्धों को कस्टडी में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में तीनों मुस्लिम समुदाय के निकले। इनकी पहचान शाहजहाँपुर जिले के अनीस और वली मोहम्मद तथा हरदोई जिले के शाकिर के तौर पर हुई। तीनों ने बताया कि बैल उनके ही हैं जिनके माध्यम से उन्होंने कमाई करने के लिए हिन्दू वेश धारण किया था। तीनों काफी समय से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में ये काम कर रहे थे।

तीनों आरोपित आपस में रिश्तेदार हैं। इनकी पोल खुलने के बाद ग्रमीणों ने उन पर धोखा देने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया। इन सभी पर केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने तीनों बैलों को भी मुक्त करवा दिया है। थाना प्रभारी रामेन्द्र सिंह के मुताबिक आसपास के जिलों से तीनों के रिकॉर्ड को खँगाला जा रहा है। इन सभी द्वारा रेकी आदि की आशंका को ले कर भी पुलिस जाँच कर रही है।

बताते चलें कि साधु वेश में बैल के साथ मुस्लिमों की गिरफ्तारी की ये पहली घटना नहीं है। जुलाई 2022 में बिहार के हाजीपुर में एक मंदिर के बाहर से 6 ऐसे मुस्लिम युवकों को पकड़ा गया था, जो हिन्दू साधु की वेशभूषा में भिक्षा ले रहे थे। सभी युवक उत्तर प्रदेश के बहराइच के रहने वाले थे। इन्होंने भी अपने साथ एक नंदी रखा था। इसी तरह बिहार के ही मुंगेर जिले से तीन मुस्लिम युवकों को हिन्दू साधु की वेशभूषा में भिक्षा माँगते हुए धरा गया था।

जिन 8 पूर्व नौसैनिकों को क़तर ने सुनाई मौत की सज़ा, उनके परिवारों से मिले विदेश मंत्री S जयशंकर: बोले – करेंगे पूरी सहायता, गंभीरता से ले रही सरकार

विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने क़तर में जासूसी के आरोप में मौत की सज़ा पाने वाले 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों के परिवारों से मुलाक़ात की है और उन्हें पूरी सहायता का भरोसा दिया है। विदेश मंत्री ने पीड़ित परिवारों से कहा है कि भारत सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है।

विदेश मंत्री जयशंकर ने इन परिवारों से कहा है कि सरकार नौसैनिकों को मुक्त करवाने के लिए सभी प्रयास करती रहेगी, इस मामले में परिवारों के साथ भी सहयोग बना कर रखा जाएगा। इन भारतीय नौसैनिकों को हाल ही में क़तर की एक अदालत ने कथित तौर पर इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी। हालाँकि, इन नौसैनिकों के विरुद्ध आरोप क्या हैं, इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

यह सभी पूर्व नौसिनिक क़तर के दोहा में एक कम्पनी ‘दाहरा ग्लोबल’ के लिए काम करते थे। इन्हें अगस्त 2022 में हिरासत में लिया गया था। बताया जाता है कि यह कम्पनी के साथ इतालवी पनडुब्बी U212 के कतरी नौसेना में शामिल किए जाने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे।

बताया जा रहा है कि भारतीय नौसैनिकों के लिए कानूनी कदम उठाने से पहले भारत सरकार कोर्ट के विस्तृत फैसले का इंतज़ार कर रही है। यह फैसला विदेश मंत्रालय को रविवार (29 अक्टूबर, 2023) को मिलना था। क़तर में मौत की सज़ा पाए इन पूर्व नौसैनिकों के पास अभी अपनी सज़ा के विरुद्ध अपील करने के विकल्प मौजूद हैं। वह अभी अपील कोर्ट और फिर क़तर के सुप्रीम कोर्ट में अपनी अपील दाखिल कर सकते हैं। यदि उनमें उनकी सज़ा नहीं बदली जाती तो उनके पास क़तर के अमीर के पास अपील करने का विकल्प होगा।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने इससे पहले भी इस मामले में कहा है कि वह इसे ‘अत्यधिक महत्वपूर्ण’ मान कर इस पर काम कर रहे हैं। क़तर में मौत की सजा का सामना कर रहे पूर्व नौसैनिकों के परिवार वालों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस मामले में सीधा दखल देने की माँग की थी।

क़तर में मौत की सज़ा पाने वाले इन अफसरों के नाम हैं – कैप्टन नवतेज सिंह गिल, कैप्टन बिरेन्द्र कुमार वर्मा, कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर अमित नागपाल, कमांडर पूर्णेंदु तिवारी, कमांडर सुगुनकर पकाला, कमांडर सजीव गुप्ता और नाविक राजेश हैं।

ड्राइवर ने रेड सिग्नल पर नहीं रोकी ट्रेन, एक ही ट्रैक पर पैसेंजर ट्रेन को मारी पीछे से टक्कर: ‘ओवरशूटिंग’ से आंध्र प्रदेश में 13 मौतें

आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में 29 अक्टूबर 2023 की शाम को हुए रेल हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। करीब 50 लोग घायल हैं। ईस्ट कोस्ट रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया है कि हादसे की वजह रेड सिग्नल पर ट्रेन का ना रुकना हो सकती है।

जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे विशाखापत्तनम-रायगढ़ पैसेंजर ट्रेन और विशाखापत्तनम-पलासा पैसेंजर ट्रेन टकरा गई। इसमें विशाखापत्तनम-रायगढ़ पैसेंजर का लोकोमोटिव और विशाखापत्तनम-पलासा पैसेंजर के दो डिब्बे क्षतिग्रस्त हो कर पटरी से उतर गए।

इस हादसे की वजह मानव भूल बताई जा रही है। ईस्ट कोस्ट रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सौरभ साहू ने मीडिया को बताया है अभी तक ऐसा लग रहा है कि विशाखापत्तनम-रायगढ़ पैसेंजर रेड सिग्नल पर नहीं रुकी और इसी लाइन पर आगे की ट्रेन से टकरा गई। इसे तकनीकी भाषा में ‘सिग्नल ओवरशूट’ होना कहते हैं। बताया गया कि दोनों ट्रेनों में कुल 100 यात्री सवार थे। मरने वालों का आँकड़ा मीडिया रिपोर्ट्स में 13 बताया गया है। इसके बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घटना की जानकारी लेते हुए रेलवे की टीमों को राहत-बचाव और मामले की जाँच के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी बात की है। रेल मंत्री ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए ₹10 लाख, गंभीर रूप से घायलों के लिए ₹2.5 लाख और मामूली रूप से घायलों के लिए ₹50,000 के मुआवजे की घोषणा की है।

रेल मंत्री ने यह भी बताया कि दोनों रेलगाड़ियों के क्षतिग्रस्त होने वाले डिब्बों के अलावा बाकी सभी डिब्बे अलग-अलग स्टेशन पर पहुँचा दिए गए हैं। हादसे की जगह पर राहत बचाव का काम चल रहा है और ट्रेनों की आवाजाही सामान्य करने का प्रयास चल रहा है। घायल हुए लोगों का इलाज चल रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बातचीत करके घटना की जानकारी ली है। प्रधानमंत्री ने हादसे में मरने वालों के परिजनों के लिए ₹2 लाख और घायलों के लिए ₹50,000 के मुआवजे का ऐलान प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से किया है।

इस रेल हादसे की वजह से 18 रेलगाड़ियों का रास्ता बदला गया है, जबकि 22 रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया गया है। हादसे के तुंरत बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने घटनास्थल पर अधिकाधिक सहायता पहुँचाने के आदेश दिए। उन्होंने हादसे में मारे जाने वाले आंध्र प्रदेश के लोगों के परिजनों के लिए ₹10 लाख और दूसरे प्रदेश के लोगों के परिजनों के लिए ₹2 लाख के मुआवजे की घोषणा की है। मुख्यमंत्री आज (30 अक्टूबर 2023) घटनास्थल का दौरा भी करेंगे।

रेल मंत्रालय ने इस घटना के बाद हादसे के बारे में जानकारी लेने के लिए हेल्पलाइन नम्बर जारी किए हैं। हादसे से प्रभावित लोग इन नम्बरों पर फ़ोन करके जानकारी ले सकते हैं। रेलवे ने कुछ हेल्पडेस्क भी स्थापित किए हैं।

कोच्चि, राँची, सोनीपत… इरफान ने घर में रखा था विस्फोटक, शॉर्ट शर्किट के बाद रात के समय हुआ जोरदार धमाका

केरल के कोच्चि और झारखंड की राजधानी राँची के बाद अब हरियाणा के सोनीपत से ब्लास्ट की खबर आई है। जिस घर में धमाका हुआ वह इरफान का है। धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी है। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। घटना 29 अक्टूबर 2023 रात की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना सोनीपत के सिविल लाइन्स थाना क्षेत्र की है। यहाँ के शांति विहार इलाके में इरफान का मकान है। इस घर में 29 अक्टूबर की रात को जोरदार धमाका हुआ, जिसकी आवाज दूर तक सुनी गई। रात का समय होने का कारण गली में चहल-पहल नहीं थी। ब्लास्ट के समय कोई इरफान के घर के आसपास मौजूद नहीं था। ब्लास्ट में इरफान के घर के एक हिस्से को काफी नुकसान पहुँचा है। उसके फर्नीचर भी जल कर राख हो गए हैं।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और छानबीन शुरू कर दी। हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। थाना प्रभारी सिविल लाइन्स रविंद्र कुमार ने बताया कि इरफान के घर में कुछ विस्फोटक पदार्थ रखा था। प्राथमिक जाँच में विस्फोटक की पहचान गंधक (सल्फर) और पोटाश के तौर पर की गई गई। घर में इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट होने की वजह से चिंगारी उठी और वही विस्फोट की वजह बनी।

पुलिस ने बताया है कि इरफान के खिलाफ IPC की धारा 285 के साथ विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। FSL के साथ बम डिस्पोजल टीम ने भी मौके पर पहुँचकर जाँच की है।