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बम ब्लास्ट के बाद शख्स ने किया सरेंडर: सोशल मीडिया पर लोगों को चेताने में जुटी केरल पुलिस तो उछला मोहम्मद ज़ुबैर, नीले रंग की कार का अब तक कोई अता-पता नहीं

केरल की पुलिस और आला अधिकारी एर्नाकुलम में ईसाई प्रार्थना सभा पर हुए बम धमाकों के बाद इस कोशिश में जुटे हैं कि लोग इस मामले पर सोशल मीडिया पर क्या चल रहा है और क्या नहीं। एर्नाकुलम में रविवार (29 अक्टूबर 2023) को हुए इस धमाके में 1 महिला की मौत हो चुकी है जबकि 50 से अधिक लोग घायल हैं।

केरल पुलिस ने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट करके चेताया है कि अगर कोई व्यक्ति इस मामले में मजहबी घृणा फैलाएगा तो केरल पुलिस उसके खिलाफ सख्त एक्शन लेगी। हालाँकि, पुलिस अभी धमाके के बारे में कोई भी पुख्ता जानकारी नहीं दे पाई है और ना ही उसने किसी को गिरफ्तार किया है। केरल पुलिस के ट्वीट को मुहम्मद जुबैर जैसे लोग आगे बढ़ा रहे हैं।

केरल के डीजीपी ने भी घटनास्थल का दौरा किया है और कहा है कि लोग मजहबी एकता बनाए रखे। उन्होंने इसे एक IED धमाका बताया है। डीजीपी ने कहा है कि जो भी लोग इस धमाके के पीछे हैं उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। यह जानकारी सामने आ रही है कि इस प्रार्थनास्थल में टिफिन के अंदर बम छुपा कर रखे गए थे। पुलिस एक नीले रंग की कार की भी तलाश कर रही है जो कि धमाके से ठीक पहले घटनास्थल से रवाना हुई थी।

वहीं एक व्यक्ति ने थ्रिसूर के एक पुलिस थाने में आत्मसमर्पण किया है और कहा है कि उसने ही सभा में यह विस्फोटक रखे थे। केरल के ADGP अजित कुमार ने मीडिया से बात करते हुए बताया है कि उस व्यक्ति का नाम डोमिनिक मार्टिन है और दावा कर रहा है कि वह उसी सभा से जुड़ा हुआ है जिसमें धमाका हुआ। उससे पूछताछ चल रही है।

इस बीच NIA की टीम केरल पहुँच गई है जबकि NSG की टीम जल्द ही केरल पहुँच जाएगी। दोनों टीमें घटनास्थल पर जाकर जाँच करेगीं। धमाके के बीच दिल्ली में इजरायल के विरुद्ध रैली में व्यस्त केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन भी वापस चले गए हैं।

केरल में इन धमाकों के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सभी सार्वजनिक स्थानों पर हाई अलर्ट घोषित किया गया है और गहन जाँच चल रही है। इस बीच मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने 30 अक्टूबर को सुबह 10 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है।

NCERT ही नहीं, Google मैप में भी देश का नाम अब ‘भारत’, तिरंगे के साथ अब दिखेगा पूरा नक्शा भी: ट्रांसलेटर-न्यूज़ सब में ये बदलाव

देश की पहचान “भारत” से हो न कि “इंडिया” से इसका असर गूगल पर भी नजर आने लगा है। दरअसल, गूगल मैप दक्षिण एशिया में भारत को एक देश के रूप में दिखाने लगा है।  जैसे ही आप गूगल मैप के सर्च बार में भारत खोजेंगे तो गूगल “इंडिया” और “भारत” दोनों को अब “दक्षिण एशिया में देश” के रूप में दिखाने लगा है। इसके साथ ही आपको भारत का राष्ट्रीय झंडा भी दिखाई देगा। ऐसे में अब भारत को सर्च करना बेहद आसान हो गया है।

गूगल मैप्स के हिंदी और अंग्रेजी दोनों संस्करण में गूगल “भारत” के लिए रिजल्ट शो कर रहा है। ऐसे समय में जब केंद्र की मोदी सरकार आधिकारिक तौर पर धीरे-धीरे “इंडिया” के बजाय “भारत” का उपयोग कर रही है तो Google ने भी अपने सर्च इंजन में यह परिवर्तन किया है ताकि भारत सर्च करने पर गूगल से सही रिजल्ट प्राप्त हो। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार,  यह परिवर्तन केवल गूगल मैप में ही नहीं बल्कि गूगल ट्रांसलेटर, न्यूज़ जैसे अन्य उत्पादों में भी यूजर्स को समान परिणाम प्राप्त करने के लिए “भारत” और “इंडिया” दोनों का उपयोग करने का विकल्प दिया गया है।

हालाँकि इस पर अभी तक Google की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, बल्कि इसका पता यूजर्स को गूगल में भारत टाइप करने के बाद लगा है। वहीं अब NCERT में भी देश को भारत सम्बोधित किया जाएगा। दरअसल, इसकी शुरुआत तभी हो गई थी जब नए संसद भवन के उद्घाटन में राष्ट्रपति और अन्य अतिथियों को भेजे निमंत्रण पत्र में देश का नाम भारत लिखा था।

गौरतलब है कि विशेष रूप से भारत में गूगल अब “इंडिया” के बजाय “भारत” का उपयोग ज़्यादा कर रहा है। इसके अलावा, अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद में भी हमेशा अंग्रेजी और हिंदी दोनों में “भारत” दिखाया जा रहा है। हालाँकि, Google अनुवाद के लिए “भारत” के लिए “हिंदुस्तान” और “भारतवर्ष” जैसी अन्य संज्ञाएँ भी विकल्प के तौर पर दिखा रहा है।

सऊद ने ‘राज’ बन कर लॉ पढ़ रही हिन्दू छात्रा को फाँसा, फिर किया बलात्कार: 250 किलोमीटर पहुँच कर पीड़िता ने भिजवाया जेल, सोशल मीडिया पर हुई थी मुलाकात

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर से ‘लव जिहाद’ का एक नया मामला सामने आया है। यहाँ देवरिया जिले की रहने वाली एक हिन्दू लड़की ने थाने पहुँच कर सऊद खान के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में पीड़िता ने सऊद खान पर नाम बदल कर अपने साथ रेप करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर के सऊद को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई की जानकारी पुलिस ने रविवार (29 अक्टूबर 2023) को दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला सिद्धार्थनगर के चिल्हिया थाना क्षेत्र का है। रविवार को यहाँ के थाने पर एक लड़की पहुँची। उसने अपना परिचय देवरिया की निवासिनी के तौर पर दिया। लड़की ने पुलिस को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया जिसमें टोला रामगढ़वा के रहने वाले सऊद आलम पर अपने साथ रेप किए जाने का आरोप लगाया। पीड़िता का कहना है कि लखनऊ में रह कर लॉ की पढ़ाई किया करती थी। कुछ समय बाद सोशल मीडिया के जरिए उसकी बातचीत सऊद आलम से शुरू हुई।

पीड़िता का आरोप है कि शुरुआत में सऊद ने अपना नाम राज बताया था। थोड़े समय की ही बातचीत में सऊद ने लड़की को अपने प्यार के जाल में फँसा लिया। बाद में सऊद लड़की से मिलने सिद्धार्थनगर से लखनऊ भी जाने लगा। इस दौरान उसने पीड़िता से रेप किया। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया तब राज बने सऊद ने उस से शादी का वादा कर के मामले को दबाने का प्रयास किया। थोड़े समय बाद सऊद आलम लड़की से दूरी बनाने लगा। उसने पीड़िता से बातचीत भी बंद कर दी।

खुद को इग्नोर होता देख कर पीड़िता परेशान हो उठी। उसने सऊद आलम की तलाश शुरू की और देवरिया से लगभग 250 किलोमीटर चल कर उसके गाँव तक पहुँच गई। लड़की के साथ उसका भाई भी मौजूद था। बताया जा रहा है कि सऊद के घर वालों ने उसे भगा दिया। सऊद के घर से लड़की सीधे चिल्हिया पुलिस स्टेशन पहुँची। यहाँ उसने सऊद द्वारा नाम बदल कर रेप किए जाने की शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने इस शिकायत पर सऊद के खिलाफ IPC 376 के तहत FIR दर्ज कर लिया।

केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने दबिश दे कर आरोपित सऊद आलम को गिरफ्तार कर लिया। उसे कानूनी प्रक्रियाओं के बाद जेल भेज दिया गया। इस बीच पीड़िता के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में वो मीडिया के माध्यम से सऊद को खुद से शादी करने की नसीहत दे रही है। हालाँकि, इस दौरान पीड़िता का भाई अपनी बहन को साथ ले चलने की मिन्नतें करता दिखा।

16 साल की जैन बालिका ने रखा 110 दिन का उपवास, सिर्फ पानी पीती थी: इधर ‘तपस्या’ थी जारी, उधर स्कूल भी जाती रही

मुंबई की एक 16 वर्षीय जैन बालिका कृशा शाह ने 110 दिन का उपवास पूरा किया है। इस दौरान उसने मात्र गुनगुना पानी ही पीया। परिवार ने अपनी बेटी की इस उपलब्धि के लिए एक उत्सव का भी आयोजन किया। इस दौरान जैन धर्मगुरुओं ने कृशा को आशीर्वाद दिया।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई के कांदिवली की रहने वाली 16 वर्षीय कृशा शाह ने 11 जुलाई 2023 से इस उपवास की शुरुआत की थी। उन्होंने पहले मात्र 16 दिन बिना खाए उपवास करने का संकल्प लिया था, लेकिन बाद में उसे बढ़ाती गईं।

कृशा सुबह 9 से शाम 6:30 बजे के बीच मात्र गुनगुना पानी पीती थी। उन्हें जब प्रारम्भ में मात्र पानी पीने से कोई दिक्कत नहीं हुई तो उन्होंने अपने उपवास को 10 दिन और बढ़ा दिया। 26 दिन पूरे होने के बाद कृशा ने इसे पुनः पाँच दिन और बढ़ाकर 31 दिन कर दिया।

जब यह लक्ष्य भी पूरा हो गया तो कृशा ने इसे 51 दिन कर दिया। इस तरह वह लगातार अपने उपवास का लक्ष्य बढ़ाती रहीं। कृशा ने 51 दिन पूरे होने के बाद जैन धर्म के पवित्र पर्यूषण पर्व के दौरान अपने उपवास को 20 दिन और बढ़ा दिया।

जब असंभव से लगने वाले 71 दिन भी कृशा ने बिना किसी समस्या के पूरे कर लिए तो उन्होंने लक्ष्य बनाया कि क्या वह 108 दिनों के शुभ आँकड़े को वह छू सकती हैं? उन्होंने 108 दिन भी सफलतापूर्वक पूरे कर लिए और इसमें दो दिन और जोड़ दिए।

कृशा के परिवार ने बताया है कि कृशा 40 दिन के उपवास तक अपने स्कूल भी जाती रहीं। वह कक्षा 11 की छात्रा हैं। कृशा के पिता एक स्टॉक ब्रोकर हैं और उनकी माँ एक गृहणी हैं। कृशा दो बहने हैं और वह दोनों में बड़ी हैं।

कृशा के परिवार ने बताया है कि वह पहले भी लम्बे उपवास रख चुकी हैं। जब वह मात्र 9 वर्ष की थीं तब उन्होंने 8 दिन उपवास रखा था और जब वह 14 वर्ष की थीं तब उन्होंने 16 दिन का उपवास रखा था। बताया गया है कि कुछ जैन साधुओं ने इतने लम्बे उपवास पहले रखे हैं, लेकिन 16 वर्ष की बच्ची के लिए यह उपलब्धि प्राप्त करना पहली बार देखा गया है।

कृशा के परिवार को यह काम भले ही मुश्किल लग रहा हो, लेकिन उनके जैन गुरुओं – मुनि विजय हंसरत्नसूरी महाराज और मुनि पद्मकलश महाराज को विश्वास था कि वह यह उपलब्धि प्राप्त कर सकती हैं। कृशा के गुरुओं ने कहा कि लोग इतना लंबा उपवास एक से दो वर्ष में करते हैं, लेकिन कृशा ने यह मात्र एक बार में कर दिखाया है जो अद्भुत है।

‘दो टके की औरत होकर हमारे खिलाफ आवाज़ उठा रही’: दलित महिला के घर में घुस ग्राम प्रधान मोहम्मद इरफ़ान ने दी हत्या की धमकी, बकी गंदी-गंदी गालियाँ

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक दलित परिवार को घर में घुस कर जान से मारने की धमकी दी गई है। आरोपितों के नाम मोहम्मद इरफ़ान, मोहम्मद युसूफ, यूनुस, फ़िरोज़ अहमद और परवेज हैं। मुख्य आरोपित मोहम्मद इरफ़ान उर्फ़ नन्हे गाँव का प्रधान है जो पीड़िता द्वारा एक सर्वे में अपने कराए गए काम के खिलाफ बोलने से नाराज था। पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। घटना 25 अक्टूबर 2023 की है जिसकी FIR शुक्रवार (27 अक्टूबर 2023) को दर्ज हुई है।

यह मामला बरेली के थाना क्षेत्र हाफिजगंज का है। यहाँ के गाँव भंडसर की रहने वाली राधा देवी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में खुद को जाटव परिवार से बताते हुए राधा देवी ने पुलिस से अपनी और अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। राधा के मुताबिक, 27 सितंबर, 2023 को उनके गाँव में कोई सर्वे हुआ था। इस सर्वे में राधा देवी का भी पक्ष लिया गया था जिस दौरान उन्होंने अपनी बात कही थी। आरोप है कि पीड़िता की बात से गाँव का प्रधान नन्हे उर्फ़ मोहम्मद इरफ़ान नाराज हो गया था।

राधा का आरोप है कि सर्वे के एक दिन बाद यानी 28 सितंबर को ग्राम प्रधान मोहम्मद इरफ़ान और साथी मोहम्मद यूनुस के साथ उनके घर में घुस आया था। इस दौरान दोनों आरोपितों ने पीड़िता को जातिसूचक शब्द बोलते हुए कहा, “तू दो टके की औरत हो कर हमारे खिलाफ आवाज उठा रही है। अगर तूने बयान वापस नहीं लिया तो तुझे जान से मार देंगे।” कुछ देर बाद दोनों राधा देवी को धमका कर चले गए। राधा का आरोप है कि 1 माह बाद 25 अक्टूबर, 2023 को एक बार फिर से उन पर आरोपितों द्वारा अपना बयान वापस लेने का दबाव बनाया गया।

पीड़िता के अनुसार, 25 अक्टूबर को उसे ग्राम प्रधान मोहम्मद इरफ़ान ने अपने घर बुलवाया। जब वो इरफ़ान के घर पहुँची तो वहाँ फ़िरोज़ उर्फ़ अनीस और परेवज आदि मौजूद थे। इन सभी ने राधा से अपना 1 माह पुराना बयान वापस लेने को कहा। जब राधा देवी ने इंकार कर दिया तब मौके पर मौजूद तमाम लोग नाराज हो गए। उन्होंने राधा को गंदी-गंदी गालियाँ देते हुए फिर से जातिसूचक शब्द बोले। साथ ही जान से मार डालने और गाँव से भगाने की भी धमकी दी गई। इस दौरान विपिन और सौरभ नाम के युवकों ने राधा को बचा कर उनके घर भिजवाया।

शिकायत में राधा ने बताया है कि वो डर के चलते घर से बाहर भी नहीं निकल रहीं हैं। पुलिस ने राधा की तहरीर पर ग्राम प्रधान नन्हे उर्फ़ मोहम्मद इरफ़ान, मोहम्मद युसूफ, यूनुस, फ़िरोज़ अहमद और परवेज को नामजद किया है। इन सभी पर IPC की धारा 452 और 506 के अलावा SC/ST एक्ट के सेक्शन 3 (1) द, 3 (1) घ, 3 (2) के तहत कार्रवाई हुई है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। पुलिस इस केस की जाँच में जुटी हुई है।

आ गई ‘ग़दर 3’ की रिलीज डेट, नए साल पर हो जाएगा ऐलान: ‘तारा सिंह’ बन कर फिर लौटेंगे सनी देओल, विलेन को लेकर आया ये अपडेट

सनी देओल की सुपरहिट फिल्म ग़दर का तीसरा भाग जल्द ही दर्शकों के सामने आ सकता है। इसके लिए फिल्म का ऐलान वर्ष 2024 के शुरुआत में और फिल्म की रिलीज 2025 में की जा सकती है।

बता दें कि ग़दर का पहला पार्ट वर्ष 2001 में जबकि दूसरा पार्ट अगस्त 2023 में रिलीज हुआ था। दोनों ही पार्ट सुपरहिट रहे थे। अगस्त 2023 में रिलीज हुई फिल्म ग़दर-2 ने 691 करोड़ की कमाई की थी। यह 2023 की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी थी। जहाँ दोनों पार्ट के बीच 22 वर्षों का अंतर था वहीं दूसरे और तीसरे पार्ट के बीच मात्र दो साल का अंतर होगा।

अब ग़दर का तीसरा पार्ट लाने की तैयारी है। दैनिक भाष्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म की कहानी कैसी होगी यह निर्णय ले लिया गया है। इसको लेकर आगे की तैयारियाँ की जा रही हैं। फिल्म को ऐलान के दो साल के भीतर लाने की कोशिश की जाएगी।

ग़दर के पहले पार्ट में जहाँ तारा सिंह (सनी देओल) अपनी पत्नी सकीना (अमीषा पटेल) को लाने पाकिस्तान गए थे, वहीँ ग़दर 2 में पहले उनका बेटा जीते और फिर सनी देओल एक दूसरे को रेस्क्यू करने पाकिस्तान जाते हैं। फिल्म का तीसरा पार्ट भी पाकिस्तान के इर्द गिर्द ही घूमेगा।

हालाँकि, अभी फिल्म के लिए विलेन कौन होगा इसका निर्णय नहीं हो पाया है। 2001 वाली ग़दर में विलेन अमरीश पुरी जबकि 2023 में मनीष वाधवा थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि फिल्म की तैयारियाँ पूरी होते ही 26 जनवरी, 2024 को इसका ऐलान कर दिया जाएगा जबकि 2025 में इसे अगस्त माह के आसपास रिलीज करने का प्रयास किया जाएगा।

वहीं इससे पहले एक इंटरव्यू में फिल्म के डायरेक्टर अनिल शर्मा ने कहा था कि हो सकता है कि फिल्म के तीसरे पार्ट में पाकिस्तान का कोई भी एंगल ना हो, यह संयोग ही था कि दो पार्ट में पाकिस्तान एंगल था।

लंदन में जिहाद का ऐलान करने वाला निकला सरकारी डॉक्टर, चलाता है हिज़्ब उत-तहरीर: 20 साल से कर रहा नौकरी, यहूदियों के नरसंहार का मनाया था जश्न

इजरायल और हमास के युद्ध के बीच विभिन्न देशों में फिलिस्तीन और गाजा के समर्थन में प्रदर्शन हो रहे हैं। पिछले दिनों ब्रिटेन की राजधानी लंदन में फिलिस्तीन के समर्थन में न सिर्फ प्रदर्शन हुए बल्कि प्रदर्शनकारियों ने ‘जिहाद’ के नारे भी लगाए। इस मामले में डेली मेल ने एक ऐसे कट्टरपंथी मुस्लिम डॉक्टर के नाम का खुलासा किया है जिसने इजरायल विरोधी प्रदर्शन में जिहाद का आह्वान किया था। 

दरअसल, ब्रिटेन में हिज़्ब उत-तहरीर के प्रमुख के रूप में डॉ अब्दुल वाहिद शाइदा (Dr Wahid Asif Shaida) का नाम सामने आया है जिसने इस महीने की शुरुआत में हमास के बर्बर आतंकवादी हमलों में 1400 से अधिक इजरायलियों की मौत का जश्न मनाया था। इस प्रोटेस्ट में जिहाद का आह्वान करने वाले की पहचान डॉ. वाहिद आसिफ़ शैदा के रूप में हुई है जो एक पारिवारिक डॉक्टर के रूप में दो दशक से ज़्यादा समय से वहाँ रह रहा है। 

हालाँकि, डॉ के इस आतंकी चेहरे के बारे में उनके मरीजों को कोई खबर नहीं थी वे सभी डॉ वाहिद के दोहरे चरित्र से अनजान थे। जिहाद समर्थक एक एनएचएस डॉक्टर, जो दोहरी जिंदगी जी रहा है। वो प्रदर्शन के दौरान जिहाद की माँग करता है और दूसरी तरफ लोगों का इलाज करता है। उसके बारे में खुलासा होने के बाद लोग चिंता जता रहे हैं कि वो कैसे यहूदियों, समलैंगिकों और महिलाओं का इलाज करता होगा।

दरअसल, इंग्लैंड के नेशनल हेल्थ सर्विस में कार्यरत डॉ वाहिद को लेकर लोग चिंतित है कि किस तरह से जिहादी एनएचएस में एंट्री करने में कामयाब हो रहे हैं। जिहादी मानसिकता वाले लोग कैसे आम महिलाओं, समलैंगिकों और यहूदियों का इलाज करेंगे, क्योंकि वो इन्हें ‘खराब’ मानते हैं।

हैरानी की बात है कि डॉ वाहिद ब्रिटेन में हिज़्ब उत-तहरीर संगठन का प्रमुख है, जो जर्मनी सहित कई देशों में प्रतिबंधित इस्लामिक संगठन है। उसकी अगुवाई में हिज्ब ने हमास के उस आतंकी हमलों का जश्न इंग्लैंड में मनाया, जिसमें हमास ने इजरायल के अंदर घुसकर 1400 से अधिक यहूदी पुरुष, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की हत्या कर दी थी।

20 साल से ज्यादा समय से एनएचएस में कार्यरत

डेलीमेल की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ वाहिद आसिफ शाइदा जरनल फिजीशियन के तौर पर 20 साल से नेशनल हेल्थ सर्विस में काम कर रहा है। अभी तक उसके जिहादी मानसिकता का खुलासा नहीं हो पाया था, क्योंकि वो अधिकतक समय वाहिद आसिफ के नाम से ही प्रदर्शनों में शामिल होता था। उसके बारे में खुलासा होने के बाद लंदन के उपनगरीय इलाके हैरों में रहने वाले लोगों को विश्वास ही नहीं हुआ, क्योंकि उन्हें लगता था कि NHS जीपी एक मृदुभाषी व्यक्ति और काम से काम से काम रखने वाला इंसान है।

बता दें कि हिज़्ब उत-तहरीर ने पिछले वीकेंड पर उस समय लोगों में गुस्सा भर दिया, जब इस संगठन के लोगों ने लंदन में मिस्र और तुर्की दूतावासों के बाहर एक रैली के दौरान ‘जिहाद’ के नारे लगाए और इजरायल पर हमला करने के लिए ‘मुस्लिम सेनाओं’ की एकजुटता का आह्वान किया। इस रैली में फिलिस्तीन के लिए जिहाद के नारे लगाए गए और फिलिस्तीनियों को बचाने के लिए सबसे जिहाद में जुटने का आह्वान किया गया।

स्थानीय लोगों ने गृह सचिव सुएला ब्रैवनमैन का विरोध किया है, क्योंकि जिहादी मानसिकता का खुलासा होने के बावजूद न तो डॉ वाहिद को गिरफ्तार किया गया है और न ही उसके खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है। सुरक्षा विभाग के प्रमुख सर मार्क रोवले ने कहा कि जिहाद का मतलब पवित्र युद्ध होता है, लेकिन उसके खिलाफ हिंसा का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।

गौरतलब है कि हमास ने 7 अक्टूबर, 2023 की सुबह इजरायल में जल, थल और हवा के रास्ते हमला किया। हमास ने इजरायल पर हजारों रॉकेट छोड़े। इन हमलों में 1400 से अधिक लोगों की मौत हो गई, तो 3 हजार से अधिक लोग घायल हो गए।

इस हमले के दौरान हमास ने 225 से अधिक इजरायलियों को बंधक बना लिया और गाजा पट्टी लेकर गए। हालाँकि, इस हमले के बाद इजरायल ने हमास पर पलटवार किया है और इजरायल के हमलों में अब तक 7000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इजरायल ने उत्तरी गाजा को खाली करने का अल्टीमेटम दिया है, और गाजा पर अभी भी हमला जारी है।

केरल ब्लास्ट की जाँच के लिए पहुँची NIA और NSG, टिफिन में रखे गए थे IED विस्फोटक: वामपंथी मंत्री बोले – धमाके से नहीं, आग से हुई मौत

केरल के एर्नाकुलम जिले के कलामासेरी में रविवार (29 अक्टूबर 2023) को ईसाइयों के एक कन्वेंशन सेंटर में हुए तीन विस्फोटों में एक महिला की मौत हो गई, जबकि 40 लोग घायल हो गए। घायलों का इलाज कराया जा रहा है। यह सामने आई है कि महिला की मौत ब्लास्ट से नहीं, बल्कि जलने से हुई है। महिला की जली हुई बॉडी बरामद हुई थी।

केरल के मंत्री वीएन वासवन का कहना है, “आग से एक महिला की मौत हुई है, विस्फोट से नहीं। प्रारंभिक विश्लेषण में कहा गया है कि लगातार दो विस्फोट हुए… एक व्यक्ति अस्पताल में है… 36 लोग हताहत हैं। उन्हें एस्टर मेडिसिटी, राजगिरी और सनराइज में भर्ती कराया गया है। यह एक असामान्य दुर्घटना है। सभी एजेंसियाँ प्रारंभिक जाँच के लिए यहाँ हैं।”

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सभागार में कई विस्फोट हुए, जिसके कारण वहाँ आग लग गई। हर तरफ धुआँ फैल गया। विस्फोट के कारण वहाँ मौजूद लगभग दो हजार लोग लगभग बाहर की ओर भागे। वहाँ मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि एक-एक करके उसने धमाके की तीन आवाजें सुनीं। इसके बाद हर तरफ धुआं फैला हुआ था।

एक अन्य शख्स ने कहा, “हॉल में छह प्रवेश और निकास द्वार हैं। मैं सामने बैठा था। अचानक एक विस्फोट हुआ। हम सभी सुरक्षित बाहर निकल गए, लेकिन हर जगह बहुत धुआँ था। जो आग लगी वह फैल नहीं पाई। उस स्थान तक ही सीमित रहा, जहाँ विस्फोट हुआ था।” इस व्यक्ति ने कहा कि मृतक महिला उसी जगह बैठी थी, जहाँ विस्फोट हुआ था।

प्रारंभिक जाँच से पता चला है कि विस्फोटक टिफिन बॉक्स में भरे हुए थे। पहला विस्फोट सुबह 9:40 बजे हुआ था। केरल के पुलिस महानिदेशक शेख दरवेश साहेब ने कहा कि हमले में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) का इस्तेमाल किया गया है। उन्होेंने कहा कि इसकी विस्तृत जाँच जारी है।

आतंकवाद विरोधी जाँच एजेंसी राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की चार सदस्यीय टीम स्थानीय पुलिस के साथ विस्फोट की जाँच के लिए घटनास्थल पर पहुँची। वहीं, एक अधिकारी सहित राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की आठ सदस्यीय टीम टीम भी विस्फोटों की जानकारी लेने के लिए केरल जा रही है। टीम के आज शाम तक साइट पर पहुँचने की उम्मीद है।

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इस घटना को गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री विजयन से बात की और हालात का जायजा लिया। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री को बताया कि पुलिस इस मामले की गहराई से जाँच कर रही है। उन्होंने कहा कि घायलों में दो की हालत गंभीर है।

वहीं, दिल्ली में मौजूद सीपीआई (एम) के राज्य सचिव एमवी गोविंदन ने कहा कि फिलिस्तीन मुद्दे से ध्यान भटकाने के उद्देश्य से की जाने वाली किसी भी कार्रवाई के लिए कठोर कदम उठाए जाएँगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात को देखकर इसे आतंकी कार्रवाई से इनकार नहीं किया जा सकता।

डंडे से पीट-पीट कर हत्या, कॉन्ग्रेस विधायक के देवर के घर से मिली युवक की लाश: भतीजा हुआ फरार, कुत्तों के साथ जाँच में जुटी बिहार पुलिस

बिहार के नवादा जिले में कॉन्ग्रेस की विधायक नीतू कुमारी के देवर के घर में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक की उम्र 23 साल है जिसका नाम पियूष सिंह है। पियूष नीतू कुमारी का दूर का रिश्तेदार बताया जा रहा है। मृतक के परिजनों ने विधायक के देवर पर हत्या और लाश को छिपाने का आरोप लगाया है। घटना शनिवार (28 अक्टूबर, 2023) की है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला नवादा जिले के नरहट थाना क्षेत्र का है। यहाँ हिसुआ से कॉन्ग्रेस विधायक नीतू सिंह के देवर सुमन सिंह का घर है। शनिवार शाम सुमन सिंह के घर से एक 23 साल के युवक की लाश मिली जिसकी पहचान पियूष सिंह के तौर पर हुई। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची। घटना की जाँच के लिए फ़ौरन ही SIT (विशेष जाँच दल) का गठन कर दिया गया। मौके पर पहुँचे नवादा के पुलिस अधीक्षक अम्बरीश राहुल के मुताबिक, प्रथम दृष्टया हत्या डंडे से पीट-पीट कर हुई है। हालाँकि, उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत की सही वजह की पुष्टि करने की बात कही।

वहीं पियूष सिंह के परिजनों ने सुमन सिंह के बेटे गोलू पर हत्या का इल्जाम लगाया है। अब तक हुई जाँच में यह बात निकल कर सामने आई है कि घटना के दिन पियूष सिंह अपने घर से खाना ले कर गोलू सिंह के पास गए थे। काफी देर तक जब पियूष घर नहीं लौटे तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। आखिरकार पियूष को खोजते हुए उनके घर वाले गोलू सिंह के घर पहुँचे। यहाँ एक कमरे में पियूष की लाश पड़ी मिली। पुलिस टीम डॉग स्कायड, फिंगर प्रिंट आदि टीमों की मदद से केस की बारीकी से जाँच में जुटी है।

नवादा के SP ने आगे बताया कि अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, घटना के समय मृतक के साथ विधायक नीतू कुमारी के परिवार के तौर पर सिर्फ गोलू सिंह ही मौजूद था। हालाँकि, उन्होंने इस बाबत अंतिम जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही कोई पुष्टि करने की बात कही। घटना के बाद गोलू सिंह फरार हो गया है। पुलिस का मानना है कि घटना में गोलू सिंह के दोस्त के रूप में कुछ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। बताते चलें कि आरोपित गोलू सिंह की माँ आभा सिंह भी कॉन्ग्रेस पार्टी से नवादा की पूर्व जिलाध्यक्ष रहीं हैं। ये सभी कॉन्ग्रेस के पूर्व नेता व मंत्री स्वर्गीय आदित्य सिंह के परिवार से हैं।

Murder of a young man in the house of brother-in-law of Congress MLA Neetu Kumari in Nawada, Bihar

वर्ल्ड कप के मैच में काली पट्टी बाँध कर क्यों उतरी टीम इंडिया? जानिए इंग्लैंड के खिलाफ ब्लैक आर्म बैंड में क्यों दिखे रोहित-कोहली समेत सभी खिलाड़ी

टीम इंडिया ICC वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 में रविवार (29 अक्टूबर, 2023) को इंग्लैंड के खिलाफ लीग मैच खेल रही है। इस दौरान भारतीय क्रिकेटरों को अपनी बाँह पर काली पट्टी बाँध कर खेलते हुए देखा गया। सोशल मीडिया पर कई लोग इसके बाद सवाल पूछने लगे कि आखिर भारतीय खिलाड़ी इस मैच में काली पट्टी बाँध कर क्यों खेल रहे हैं। बता दें कि किसी दुःख के मौके पर या पीड़ितों के समर्थन में अक्सर खिलाड़ी ऐसा करते रहे हैं।

असल में रोहित शर्मा एन्ड कंपनी के खिलाड़ी अपनी बाँह पर काली पट्टी बाँध कर इसीलिए खेल रहे हैं क्योंकि हाल ही में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी का निधन हुआ है। बिशन सिंह बेदी भारत के दिग्गज स्पिन गेंदबाज हुआ करते थे, जिन्होंने 77 वर्ष की उम्र में सोमवार (23 अक्टूबर, 2023) को अंतिम साँस ली। भारत के लिए 67 टेस्ट मैच खेलते हुए 1967 से लेकर 1979 तक बिशन सिंह बेदी ने 266 विकेट लिया था।

भारत ने जब पहली बार वनडे में जीत दर्ज की थी, उसमें बिशन सिंह बेदी का अहम रोल था। उन्होंने उस मैच में 12 ओवर फेंका था, जिसमें से 8 तो मेडेन ओवर थे। साथ ही उन्होंने मात्र 6 रन देकर एक विकेट भी झटका था। ईस्ट अफ्रीका के खिलाफ 1975 के वर्ल्ड कप में ये मैच हुआ था, जिसमें विरोधी टीम मात्र 120 के स्कोर पर सिमट गई थी। अमृतसर में जन्मे बिशन सिंह बेदी फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अब भी सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज हैं।

उन्होंने इस फॉर्मेट में 370 मैचों में 1560 विकेट झटके हैं। उन्होंने दिल्ली की तरफ से घरेलू क्रिकेट में पदार्पण किया था। इतना ही नहीं, इंग्लिश काउंटी क्रिकेट में भी उन्होंने लोहा मनवाया था और नॉर्थहैम्पटनशायर की तरफ से 102 मैचों में 1972-77 के बीच 434 विकेट झटके थे। अब भारतीय क्रिकेट टीम उन्हें श्रद्धांजलि दे रही है। BCCI ने भी मैच से पहले इसकी जानकारी दी कि खिलाड़ी ब्लैक आर्म बैंड पहन कर खेलेंगे। बिशन सिंह बेदी निधन से पहले बीमार चल रहे थे।

इसी तरह जब महान गायिका लता मंगेशकर का निधन हुआ था, तब भी टीम इंडिया नरेंद्र मोदी स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ काली पट्टी बाँध कर खेलने उतरी थी।