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AAP नेता मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट ने भी नहीं दी जमानत, एजेंसियों से कहा – शराब घोटाला जाँच में तेज़ी लाइए: काम नहीं आईं कॉन्ग्रेसी वकील सिंघवी की दलीलें

दिल्ली शराब घोटाला मामले में लंबे समय से जेल में बंद दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की और जमानत याचिका को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने सिसोदिया की बेल खारिज करते हुए जाँच एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वो 6 से 8 माह के अंदर इस मामले की जाँच पूरी करें। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर जाँच में तेज़ी नहीं आई, तो मनीष सिसोदिया बेल के लिए फिर से याचिका दाखिल कर सकते हैं।

338 करोड़ रुपए का घोटाला, सुप्रीम कोर्ट ने दिखाई सख्ती

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच ने सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई की। जस्टिस खन्ना ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि 338 करोड़ रुपए के इस लेनदेन में कानूनी सवालों के जवाब सीमित तरीके से दिए गए हैं, जो जमानत देने के लिए अपर्याप्त है, कई चीजें संदेहास्पद हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले की सुनवाई 6 से 8 माह तक भीतर खत्म होनी चाहिए। अगर तीन माह तक इसकी जाँच में तेज़ी नहीं आती है, या कोई ढिलाई नजर आती है, तो मनीष सिसोदिया फिर से जमानत याचिका दाखिल कर सकते हैं।

मनीष सिसोदिया के वकील ने दी ये दलील

मनीष सिसोदिया की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने जिरह की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि मनीष सिसोदिया से जुड़ा कोई भी सीधा सबूत इस मामले में नहीं मिला है। सभी साक्ष्य दस्तावेजों में हैं, ऐसे में सिसोदिया को जेल में रखे जाने की कोई वजह नहीं दिखती। वो भागने वाले भी नहीं हैं और न ही सबूतों से छेड़छाड़ करेंगे। लेकिन ईडी ने कहा कि दिल्ली की शराब नीति धोखा देने के लिए ही मनीष सिसोदिया की अगुवाई में बनाई गई थी।

जजों ने कहा कि फ़िलहाल की जाँच के हिसाब से मनी ट्रेल मनीष सिसोदिया तक जाती हुई दिख रही है और ऐसे में उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती।

26 फरवरी को गिरफ्तार हुए थे मनीष सिसोदिया

बता दें क‍ि सुप्रीम कोर्ट ने 17 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने सिसोदिया की ओर से दायर जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस केस में मनीष स‍िसोद‍िया को सीबीआई ने 26 फरवरी, 2023 को ग‍िरफ्तार क‍िया था। उन्हें हाईकोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली और अब सुप्रीम कोर्ट ने भी सिसोदिया की बेल याचिका खारिज कर दी है।

सिसोदिया की संपत्ति भी जब्त कर चुकी है ईडी

दिल्ली शराब घोटाला मामले में ED ने 7 जुलाई 2023 को पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया सहित अन्य आरोपितों की 52 करोड़ रुपए की संपत्ति को अटैच कर दिया था। आरोपितों में सिसोदिया के अलावा अमनदीप सिंह ढल्ल, राजेश जोशी और गौतम मल्होत्रा के नाम हैं। इस मामले में ईडी ने बताया था कि इस 52 करोड़ की चल-अचल संपत्ति में 7 करोड़ 29 लाख रुपए की 2 प्रॉपर्टी मनीष सिसोदिया और उनकी पत्नी सीमा सिसोदिया की है।

घंटी, माला, चंदन का टीका… साधु बनकर गाँव-गाँव घूम रहे थे मुस्लिम युवक, ‘नंदी दर्शन’ कराकर वसूलते थे पैसे: बदायूं में 3 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में साधु बनकर गाँव-गाँव घूम रहे तीन मुस्लिमों को रविवार (29 अक्टूबर 2023) को गिरफ्तार किया गया। ये ‘नंदी दर्शन’ के नाम पर लोगों से पैसे वसूलते थे। इनकी पहचान अनीस, वली मोहम्मद और शाकिर के तौर पर सामने आई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला उसावां थाना क्षेत्र का है। यहाँ रविवार को गाँव नवीगंज में 3 संदिग्ध साधु वेश में पहुँचे। इन सभी के पास एक-एक बैल थे। घंटी, माला, चंदन का टीका आदि लगाकर इन्होंने बैल को नंदी का रूप दे रखा था। घर-घर जा कर भीख माँगने के साथ लोगों को बैलों से आशीर्वाद भी दिला रहे थे। लोगों को इनके हाव-भाव और बोली से शक हुआ। ग्रामीणों ने तीनों को रोक कर पूछताछ शुरू कर दी। इस बीच मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई।

पुलिस ने मौके पर पहुँचकर तीनों संदिग्धों को कस्टडी में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में तीनों मुस्लिम समुदाय के निकले। इनकी पहचान शाहजहाँपुर जिले के अनीस और वली मोहम्मद तथा हरदोई जिले के शाकिर के तौर पर हुई। तीनों ने बताया कि बैल उनके ही हैं जिनके माध्यम से उन्होंने कमाई करने के लिए हिन्दू वेश धारण किया था। तीनों काफी समय से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में ये काम कर रहे थे।

तीनों आरोपित आपस में रिश्तेदार हैं। इनकी पोल खुलने के बाद ग्रमीणों ने उन पर धोखा देने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया। इन सभी पर केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने तीनों बैलों को भी मुक्त करवा दिया है। थाना प्रभारी रामेन्द्र सिंह के मुताबिक आसपास के जिलों से तीनों के रिकॉर्ड को खँगाला जा रहा है। इन सभी द्वारा रेकी आदि की आशंका को ले कर भी पुलिस जाँच कर रही है।

बताते चलें कि साधु वेश में बैल के साथ मुस्लिमों की गिरफ्तारी की ये पहली घटना नहीं है। जुलाई 2022 में बिहार के हाजीपुर में एक मंदिर के बाहर से 6 ऐसे मुस्लिम युवकों को पकड़ा गया था, जो हिन्दू साधु की वेशभूषा में भिक्षा ले रहे थे। सभी युवक उत्तर प्रदेश के बहराइच के रहने वाले थे। इन्होंने भी अपने साथ एक नंदी रखा था। इसी तरह बिहार के ही मुंगेर जिले से तीन मुस्लिम युवकों को हिन्दू साधु की वेशभूषा में भिक्षा माँगते हुए धरा गया था।

जिन 8 पूर्व नौसैनिकों को क़तर ने सुनाई मौत की सज़ा, उनके परिवारों से मिले विदेश मंत्री S जयशंकर: बोले – करेंगे पूरी सहायता, गंभीरता से ले रही सरकार

विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने क़तर में जासूसी के आरोप में मौत की सज़ा पाने वाले 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों के परिवारों से मुलाक़ात की है और उन्हें पूरी सहायता का भरोसा दिया है। विदेश मंत्री ने पीड़ित परिवारों से कहा है कि भारत सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है।

विदेश मंत्री जयशंकर ने इन परिवारों से कहा है कि सरकार नौसैनिकों को मुक्त करवाने के लिए सभी प्रयास करती रहेगी, इस मामले में परिवारों के साथ भी सहयोग बना कर रखा जाएगा। इन भारतीय नौसैनिकों को हाल ही में क़तर की एक अदालत ने कथित तौर पर इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी। हालाँकि, इन नौसैनिकों के विरुद्ध आरोप क्या हैं, इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

यह सभी पूर्व नौसिनिक क़तर के दोहा में एक कम्पनी ‘दाहरा ग्लोबल’ के लिए काम करते थे। इन्हें अगस्त 2022 में हिरासत में लिया गया था। बताया जाता है कि यह कम्पनी के साथ इतालवी पनडुब्बी U212 के कतरी नौसेना में शामिल किए जाने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे।

बताया जा रहा है कि भारतीय नौसैनिकों के लिए कानूनी कदम उठाने से पहले भारत सरकार कोर्ट के विस्तृत फैसले का इंतज़ार कर रही है। यह फैसला विदेश मंत्रालय को रविवार (29 अक्टूबर, 2023) को मिलना था। क़तर में मौत की सज़ा पाए इन पूर्व नौसैनिकों के पास अभी अपनी सज़ा के विरुद्ध अपील करने के विकल्प मौजूद हैं। वह अभी अपील कोर्ट और फिर क़तर के सुप्रीम कोर्ट में अपनी अपील दाखिल कर सकते हैं। यदि उनमें उनकी सज़ा नहीं बदली जाती तो उनके पास क़तर के अमीर के पास अपील करने का विकल्प होगा।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने इससे पहले भी इस मामले में कहा है कि वह इसे ‘अत्यधिक महत्वपूर्ण’ मान कर इस पर काम कर रहे हैं। क़तर में मौत की सजा का सामना कर रहे पूर्व नौसैनिकों के परिवार वालों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस मामले में सीधा दखल देने की माँग की थी।

क़तर में मौत की सज़ा पाने वाले इन अफसरों के नाम हैं – कैप्टन नवतेज सिंह गिल, कैप्टन बिरेन्द्र कुमार वर्मा, कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर अमित नागपाल, कमांडर पूर्णेंदु तिवारी, कमांडर सुगुनकर पकाला, कमांडर सजीव गुप्ता और नाविक राजेश हैं।

ड्राइवर ने रेड सिग्नल पर नहीं रोकी ट्रेन, एक ही ट्रैक पर पैसेंजर ट्रेन को मारी पीछे से टक्कर: ‘ओवरशूटिंग’ से आंध्र प्रदेश में 13 मौतें

आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में 29 अक्टूबर 2023 की शाम को हुए रेल हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। करीब 50 लोग घायल हैं। ईस्ट कोस्ट रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया है कि हादसे की वजह रेड सिग्नल पर ट्रेन का ना रुकना हो सकती है।

जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे विशाखापत्तनम-रायगढ़ पैसेंजर ट्रेन और विशाखापत्तनम-पलासा पैसेंजर ट्रेन टकरा गई। इसमें विशाखापत्तनम-रायगढ़ पैसेंजर का लोकोमोटिव और विशाखापत्तनम-पलासा पैसेंजर के दो डिब्बे क्षतिग्रस्त हो कर पटरी से उतर गए।

इस हादसे की वजह मानव भूल बताई जा रही है। ईस्ट कोस्ट रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सौरभ साहू ने मीडिया को बताया है अभी तक ऐसा लग रहा है कि विशाखापत्तनम-रायगढ़ पैसेंजर रेड सिग्नल पर नहीं रुकी और इसी लाइन पर आगे की ट्रेन से टकरा गई। इसे तकनीकी भाषा में ‘सिग्नल ओवरशूट’ होना कहते हैं। बताया गया कि दोनों ट्रेनों में कुल 100 यात्री सवार थे। मरने वालों का आँकड़ा मीडिया रिपोर्ट्स में 13 बताया गया है। इसके बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घटना की जानकारी लेते हुए रेलवे की टीमों को राहत-बचाव और मामले की जाँच के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी बात की है। रेल मंत्री ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए ₹10 लाख, गंभीर रूप से घायलों के लिए ₹2.5 लाख और मामूली रूप से घायलों के लिए ₹50,000 के मुआवजे की घोषणा की है।

रेल मंत्री ने यह भी बताया कि दोनों रेलगाड़ियों के क्षतिग्रस्त होने वाले डिब्बों के अलावा बाकी सभी डिब्बे अलग-अलग स्टेशन पर पहुँचा दिए गए हैं। हादसे की जगह पर राहत बचाव का काम चल रहा है और ट्रेनों की आवाजाही सामान्य करने का प्रयास चल रहा है। घायल हुए लोगों का इलाज चल रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बातचीत करके घटना की जानकारी ली है। प्रधानमंत्री ने हादसे में मरने वालों के परिजनों के लिए ₹2 लाख और घायलों के लिए ₹50,000 के मुआवजे का ऐलान प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से किया है।

इस रेल हादसे की वजह से 18 रेलगाड़ियों का रास्ता बदला गया है, जबकि 22 रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया गया है। हादसे के तुंरत बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने घटनास्थल पर अधिकाधिक सहायता पहुँचाने के आदेश दिए। उन्होंने हादसे में मारे जाने वाले आंध्र प्रदेश के लोगों के परिजनों के लिए ₹10 लाख और दूसरे प्रदेश के लोगों के परिजनों के लिए ₹2 लाख के मुआवजे की घोषणा की है। मुख्यमंत्री आज (30 अक्टूबर 2023) घटनास्थल का दौरा भी करेंगे।

रेल मंत्रालय ने इस घटना के बाद हादसे के बारे में जानकारी लेने के लिए हेल्पलाइन नम्बर जारी किए हैं। हादसे से प्रभावित लोग इन नम्बरों पर फ़ोन करके जानकारी ले सकते हैं। रेलवे ने कुछ हेल्पडेस्क भी स्थापित किए हैं।

कोच्चि, राँची, सोनीपत… इरफान ने घर में रखा था विस्फोटक, शॉर्ट शर्किट के बाद रात के समय हुआ जोरदार धमाका

केरल के कोच्चि और झारखंड की राजधानी राँची के बाद अब हरियाणा के सोनीपत से ब्लास्ट की खबर आई है। जिस घर में धमाका हुआ वह इरफान का है। धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी है। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। घटना 29 अक्टूबर 2023 रात की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना सोनीपत के सिविल लाइन्स थाना क्षेत्र की है। यहाँ के शांति विहार इलाके में इरफान का मकान है। इस घर में 29 अक्टूबर की रात को जोरदार धमाका हुआ, जिसकी आवाज दूर तक सुनी गई। रात का समय होने का कारण गली में चहल-पहल नहीं थी। ब्लास्ट के समय कोई इरफान के घर के आसपास मौजूद नहीं था। ब्लास्ट में इरफान के घर के एक हिस्से को काफी नुकसान पहुँचा है। उसके फर्नीचर भी जल कर राख हो गए हैं।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और छानबीन शुरू कर दी। हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। थाना प्रभारी सिविल लाइन्स रविंद्र कुमार ने बताया कि इरफान के घर में कुछ विस्फोटक पदार्थ रखा था। प्राथमिक जाँच में विस्फोटक की पहचान गंधक (सल्फर) और पोटाश के तौर पर की गई गई। घर में इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट होने की वजह से चिंगारी उठी और वही विस्फोट की वजह बनी।

पुलिस ने बताया है कि इरफान के खिलाफ IPC की धारा 285 के साथ विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। FSL के साथ बम डिस्पोजल टीम ने भी मौके पर पहुँचकर जाँच की है।

‘मैंने रखे बम, ये भारतीयों को बताते थे वेश्या’: फेसबुक लाइव कर डोमिनिक मार्टिन ने ली केरल ब्लास्ट की जिम्मेदारी, जिस प्रार्थना सभा में धमाका उससे खुद भी है जुड़ा

केरल के एर्नाकुलम में हुए ब्लास्ट की जिम्मेदारी डोमिनिक मार्टिन नाम के एक शख्स ने फेसबुक लाइव कर ली है। इसके बाद उसने पुलिस के सामने सरेंडर भी कर दिया है। येहोवा विटनेस प्रार्थना सभा में बम रखने का दावा करते हुए उसने कहा है कि यह संस्था राष्ट्रविरोधी शिक्षा देती है।

प्रार्थना सभा में 29 अक्टूबर 2023 को धमाका हुआ था। इसमें अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। 50 से अधिक लोग घायल हैं। मृतकों में एक 12 साल की बच्ची भी है। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

प्रार्थना सभा में धमाके टिफिन में बम रखकर किए गए थे। केरल पुलिस शुरूआती जाँच में इसे एक IED धमाका मान रही है। फेसबुक पर लाइव कर डोमिनिक मार्टिन ने कहा है कि उसने ही यह धमाके किए हैं। वह इनकी जिम्मेदारी लेता है। इस वीडियो में उसने कहा कि वह पिछले 16 वर्षों से येहोवास विटनेस समुदाय से जुड़ा हुआ है। लेकिन कभी भी इसका सक्रिय सदस्य नहीं रहा।

डोमिनिक मार्टिन ने कहा, “6 साल पहले उसे लगा कि यह संस्था गलत रास्ते पर है। उनकी शिक्षाएँ राष्ट्र विरोधी हैं। मैंने उनसे कई बार इसे सही करने के लिए कहा। लेकिन वह ऐसा करने के लिए तैयार नहीं थे।” आगे उसने कहा, “किसी मजहब में आस्था रखने में कोई बुराई नहीं है। लेकिन यह लोग बताते हैं कि बाकी पूरी दुनिया के लोग खत्म होंगे और यह अपना जीवन जीते रहेंगे। हमें ऐसे समूह के साथ क्या करना चाहिए जो कि 850 करोड़ लोगों के बारे में यह सोचता है। मुझे और कोई रास्ता नहीं सूझा और चूँकि मैं इस विचारधारा से वाकिफ हूँ इसलिए मैंने जवाब देने का निर्णय लिया।”

लाइव के दौरान मार्टिन ने कहा, “इस राष्ट्र में रहते हुए भी यह लोग देश के लोगों को वेश्या और शापित बता कर अपमानित करते हैं। यह अपने लोगों को समझाते हैं कि बाकी लोगों के साथ हाथ मत मिलाओ और खाना मत खाओ। मुझे लगा कि यह गलत विचारधारा है। अगर आप ऐसे समूहों को नहीं रोकेंगे जो कि खतरनाक विचार फैला रहे हैं तो मेरे जैसे लोगों को यह कम करना पड़ेगा।”

डोमिनिक ने यह भी बताया कि येहोवास विटनेस समुदाय के लोग अपने लोगों से यह कहते हैं कि वह मतदान ना करें और ना ही सैन्य सेवाओं में जाएँ। डोमिनिक मार्टिन ने 29 अक्टूबर 2023 को ही त्रिशूर के एक थाने में आत्मसमर्पण किया था। पुलिस अब उसके दावों के जाँच कर रही है।

पुलिस मार्टिन को धमाके वाली जगह भी लेकर गई थी। मार्टिन की फेसबुक आईडी की भी कुछ कथित तस्वीरें सामने आई हैं। इसमें दावा किया गया है कि वह कम्युनिस्ट पार्टी के पेज को भी फॉलो करता था।

डोमिनिक मार्टिन की एक पुरानी आईडी की तस्वीरें साझा हो रही हैं, उसकी इस आईडी में सीपीआईएम् का एक पेज लाइक किया गया है।
मार्टिन की एक पुरानी आईडी की तस्वीरें साझा हो रही हैं, उसकी इस आईडी में सीपीआईएम का एक पेज लाइक किया गया है।

जानकारी के अनुसार, डोमिनिक मार्टिन एर्नाकुलम के थम्मनम में एक किराये के घर में रहता है। केरल पुलिस के एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) एम अजित कुमार ने बताया कि ने मार्टिन ने धमाके वाली जगह से 45 किलोमीटर दूर एक थाने में आत्मसमर्पण किया। यहाँ वह एक दुपहिया वाहन से पहुँचा था। पुलिस उसे धमाके का आरोपित मान रही है।

मार्टिन की पत्नी ने बताया कि वह धमाके वाले दिन घर से सुबह पाँच बजे ही निकल गया था। उसने अपनी पत्नी को यह भी नहीं बताया कि वह कहाँ जा रहा है। उसके फ़ोन से प्रार्थना सभा में धमाका करने संबंधित वीडियो भी मिले हैं। यह बताया गया है कि उसने इन्टरनेट से जानकारी जुटा कर यह धमाका किया। उसने बम बनाने के लिए सामान ऑनलाइन और स्थानीय दुकानों से खरीदा था।

धमाके की जाँच के लिए केरल सरकार ने 21 सदस्यों वाली एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया है। इसका प्रमुख अजित कुमार को बनाया गया है। धमाके वाली जगह का NIA और NSG की टीमों ने भी दौरा किया है।

कौन हैं येहोवास विटनेस, जिसका सदस्य है डोमिनिक मार्टिन?

येहोवास विटनेस समुदाय ईसाई धर्म का ही एक हिस्सा है। लेकिन इनकी मान्यताएँ ईसाइयों से काफी अलग हैं। यह जीसस क्राइस्ट और उनकी शिक्षाओं को तो मानते हैं, लेकिन उनकी प्रार्थना नहीं करते। वे बाइबल को सच्चे अर्थों में अपनाने का दावा करते हैं।

ये लोग प्रकृति की पूजा नहीं करते और ना ही किसी प्राणी के चित्र बनाते हैं। इनकी प्रार्थनाएँ मुख्यतः एक साथ बाइबल पढ़ कर और साथ गा कर होती हैं। जहाँ यह इकट्ठा होते हैं उन जगहों को किंगडम हॉल कहा जाता है।

गौरतलब है कि वर्ष 1985 में केरल में येहोवास विटनेस समुदाय के तीन बच्चों को स्कूल से निष्कासित कर दिया गया था, क्योंकि वह राष्ट्रगान नहीं गाते थे और इस दौरान शांत रहते थे। हालाँकि, 1987 में सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में इन बच्चों को दोबारा स्कूल में लेने का आदेश दिया था।

इजरायल से रूस आया विमान, अल्लाहू अकबर के नारे लगाती भीड़ ने घेरा: यहूदियों की थी तलाश, एयरपोर्ट बंद

‘अल्लाहू अकबर’ के नारे लगाते एक भीड़ के रनवे पर घुस जाने के कारण रूस के दागेस्तान के एक एयरपोर्ट को बंद करना पड़ा। रनवे पर घुसकर भीड़ ने इजरायल से आए एक विमान को घेर लिया। भीड़ को विमान में यहूदियों की तलाश थी।

इसके बाद एयरपोर्ट पर विमानों का संचालन बंद करना पड़ा। सुरक्षा बलों के एयरपोर्ट को घेर कर हालात पर काबू पाया। रविवार (29 अक्टूबर 2023) की इस घटना में 20 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस विमान को भीड़ ने घेरा था वह रूस की रेड विंग्स फ्लाइट का था। यह तेल अवीव से आया था। मॉस्को जा रहे इस विमान को थोड़ी देर के लिए माखचकाला एयरपोर्ट पर रुकना था। इस बीच किसी ने हवाई अड्डे पर दर्जनों यहूदियों की मौजूदगी की खबर फैला दी। खबर वायरल होने के साथ ही ‘नारा ए तकबीर’ और ‘अल्लाहू अकबर’ के नारे लगाते हुए भीड़ रनवे तक पहुँच गई।

इस घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वायरल वीडियो में तोड़फोड़ करती भीड़ के अलावा हवाई जहाज के पंखों पर खड़े उपद्रवी दिखाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह भीड़ यहूदियों को मार डालने के लिए उन्हें एयरपोर्ट पर खोज रही थी। इनके हाथों में फिलिस्तीन के झंडे भी दिखाई दे रहे थे। एयरपोर्ट पर मौजूद सुरक्षाकर्मी इन्हें रोक पाने में असफल थे।

इस अफरातरफी के बीच एयरपोर्ट के कर्मचारियों ने जहाजों का परिचालन अस्थायी तौर पर बंद कर दिया। घटना की सूचना पर रूसी सुरक्षा बलों की टुकड़ी एयरपोर्ट पर पहुँची और हालत को काबू किया। लगभग 2 घंटे बाद विमानों का परिचलन फिर शुरू हो पाया। अब तक इस घटना में 20 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है, जिसमें 2 की हालत गंभीर है। घायलों में रूसी पुलिस के अधिकारी और आम नागरिक शामिल हैं।

वायरल वीडियो के मुताबिक हमलावरों में नाबालिग बच्चे भी थे। वे भी यहूदियों को मार डालने की नीयत से आए थे। विमान में सवार सभी इजरायली सुरक्षित बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद इजरायल के विदेश मंत्रालय ने रूस से अपने नागरिकों की सुरक्षा पर ध्यान देने का आग्रह किया है साथ ही हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई की उम्मीद भी जताई है।

सचिन तेंदुलकर ने केरल में बम धमाके पर जताया दुःख तो भड़क उठा लिबरल गिरोह: नहीं रास आया पीड़ितों से सहानुभूति जताना, बता दिया ‘BJP का मोहरा’

विश्व के महानतम क्रिकेट खिलाड़ियों में से एक और भारत रत्न से सम्मानित सचिन तेंदुलकर ने केरल ब्लास्ट पर पीड़ितों के साथ सहानुभूति रखते हुए ट्वीट क्या कर दिया, लिबरल गैंग को मानो उनका नया शिकार मिल गया। लिबरल गैंग ने उन्हें एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जमकर ट्रोल किया और बार-बार ये बताने की कोशिश की कि उनका अप्रोच सेलेक्टिव होता है। लिबरल गैंग ने उन्हें भाजपा का मोहरा तक करार दे दिया।

सचिन तेंदुलकर ने केरल ब्लाट पर जताया दुख

आज केरल में बम धमाकों की खबर आई, तो सभी स्तब्ध रह गए। ईसाइयों की प्रार्थना सभा पर हमले की जानकारी मिलने के बाद सचिन ने एक्स पर पोस्ट किया और लिखा, “केरल में हुए धमाकों से बेहद दुखी हूं। प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनाएं और घायलों के ठीक होने की प्रार्थना करता हूँ।”

सचिन तेंदुलकर पर टूट पड़ा लिबरल गैंग

संदीप नाम के लिबरल ने लिखा, “भारत रत्न ने फिर से स्ट्राइक किया। मणिपुर पर 6 महीने तक चुप, केरल के लिए रो रहे हैं। हमेशा की तरह।”

जू बियर नाम से ट्वीट करने वाला और फेक न्यूज फैलाने का मास्टरमाइंड जुबैर भी इसमें कूद पड़ा, उसने एक स्क्रीनशॉट के माध्यम से बताने की कोशिश की है कि सचिन तेंदुलकर ने मणिपुर मुद्दे पर कुछ नहीं बोला।

स्वाति चतुर्वेदी ने लिखा, “प्रिय सचिन, केरल विस्फोटों से हर भारतीय बहुत दुखी है, लेकिन मणिपुर की आग ने आपको पोस्ट करने के लिए पर्याप्त ‘दुखी’ नहीं किया? केवल विपक्ष शासित राज्य ही आपको परेशान करते हैं? आप भारत रत्न हैं, भाजपा रत्न नहीं।”

श्याम मीरा सिंह नाम का न्यू लिबरल लिखता है, “अरे जाग गए क्या?”

मीडास साहू नाम के व्यक्ति ने तेंदुलकर के ट्वीट के जवाब में लिखा, “केरल ब्लास्ट को लेकर सचिन को अचानक चिंता क्यों? मणिपुर 5 महीने से अशांति में है और आप चुप रहे। आपको मणिपुर के लिए बोलने से कौन रोक रहा है? क्या यह डर है? आपकी सेलेक्टिव चुप्पी आपके पाखंड और दोहरे मानदंडों को उजागर करती है!”

एर्नाकुलम में ब्लास्ट, महिला कई मौत; कई घायल

केरल में आज (29 अक्टूबर 2023) को ब्लास्ट हुआ है, जिसमें 1 व्यक्ति की मौत हो गई है और 23 से अधिक घायल हो गए हैं। इस विस्फोट को आतंकी वारदात के तौर पर देखा जा रहा है। यह ब्लास्ट एर्नाकुलम के कलामासेरी स्थित जामरा कन्वेंशन सेंटर में हुआ है। यहाँ आयोजित तीन दिवसीय यहोवा विटनेस सम्मेलन के तीसरे दिन का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान सुबह 9:40 बजे धमका हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ मिनटों के अंतराल पर यहाँ तीन विस्फोट हुए हैं।

विस्फोट के वजह के बारे में अभी जानकारी सामने नहीं आई है। हालाँकि, न्यूज 18 ने एक सोर्स के हवाले से कहा है कि विस्फोट का पैटर्न बताता है कि यह आतंकी हमला है।

‘मौत मुबारक, नरक में जाओ: युवा राष्ट्रवादी इन्फ्लुएंसर की मृत्यु पर AltNews वाले ज़ुबैर और RLD वाले कनौजिया ने मनाया जश्न, कहा – ‘आत्मा गाजा में भटके’

सोशल मीडिया एक्स पर ‘IAS Smoking Skills’ हैंडल के नाम से पोस्ट करने वाले राष्ट्रवादी इन्फ्लुएंसर की अचानक से मौत हो गई है। इस हैंडल के पीछे जो राष्ट्रवादी चेहरा था उसे लोग यश के नाम से जानते थे। रविवार (29 अक्टूबर, 2023) को जैसे ही ह्रदय गति रुक जाने से उनके मौत की सूचना मिली नेटिजन्स स्तब्ध रह गए क्योंकि यश की उम्र 30 वर्ष से भी कम थी।

सामाजिक-राजनितिक सहित विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर पोस्ट करने वाले यश को जहाँ नेटिजन्स श्रद्धांजलि दे रहे हैं, वहीं अक्सर लोगों की पहचान उजागर कर उन्हें बहशियों के हाथो सौंप देने वाला मोहम्मद ज़ुबैर, यहाँ भी अपनी हरकत से बाज नहीं आया। लगातार एक के बाद एक पोस्ट कर यश की मौत का मजाक उडाता रहा। वहीं अब भारी विरोध और सोशल मीडिया पर जलील किए जाने के बाद ज़ुबैर ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है।

इतना ही नहीं RLD के प्रशांत कनोजिया ने भी यश के निधन का मजाक उड़ाते हुए लिखा, “यह लड़का गाजा में मारे जा रहे फ़िलिस्तीनी बच्चों पर नाच कूद रहा था @Smokingskills07। परंतु आज पता चला धर्म की रक्षा करने का ढोंग करने वाले इस व्यक्ति की मौत हो गई। बच्चों के लाशों पर मज़ा ले रहा था आज कुदरत ने इसके मज़े ले लिए। परिवार को मेरी संवेदना है और उम्मीद है उनका बेटा नर्क में जाए और उसकी आत्मा गाजा में भटकती रहे। गुमनामी की मौत मुबारक!”

देखिए किस तरह से नेटिजन्स स्मोकिंग्स किल्स हैंडल चलाने वाले यश को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। यश की मौत हार्ट अटैक से बताई जा रही है। यश को याद करते हुए टीवी पत्रकार प्रदीप भंडारी ने लिखा, “मैं तो बहुत सदमे में हूँ। यश @Smokingskills07 हमने अभी इस सप्ताह बात की है। आप बहुत छोटे, मिलनसार, स्नेही थे। आप हमेशा कहते थे – ”भैया आप आगे बढ़ो, मैं आपके साथ हूँ। मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा कि आप हमारे साथ नहीं हैं. ओम शांति।”

वहीं चचा मॉन्क नामक हैंडल ने लिखा, “यह जानकर आश्चर्य और दुःख हुआ कि भाई! @Smokingskills07 अब नहीं है। ॐ शांति ? जीवन बेहद अप्रत्याशित है। हम जीवन के प्रत्येक मिनट के लिए भगवान के प्रति आभारी रहें।”

जहाँ लोग दुःखी हैं यश की मौत से वहीं ऑल्टन्यूज़ का फाउंडर सदस्य मोहम्मद ज़ुबैर लगातार पोस्ट कर यश की मौत का मजाक उड़ाता रहा और लोगों के विरोध को देखते हुए एक पोस्ट कर अपने पुराने सभी पोस्ट जो उसने यश की मौत का मजाक उड़ाने के लिए किए थे डिलीट कर दिया। और अपने बचाव में लिखा, “मैंने उसके पुराने ट्वीट्स को उजागर करने वाले अपने ट्वीट्स हटा दिए हैं। लेकिन जिस तरह से उसने लगातार छोटे फ़िलिस्तीनी बच्चों की मौत का मज़ाक उड़ाया और जश्न मनाया….”

वहीं दूसरे नेटिजन्स ने ज़ुबैर के डिलीट किए गए सभी ट्वीट का स्क्रीनशॉट पोस्ट कर दिया। बाला नामक एक्स हैंडल ने पोस्ट करते हुए लिखा, “खून में ही इसके जहर है, अपने ट्वीट डिलीट मत कर ज़ुबैर, हम जानते हैं कि तू क्या है?”

यश की मौत पर श्रद्धांजलि देते हुए और ज़ुबैर की खैर खबर लेते हुए इस्कॉन के प्रवक्ता राधा रमण दास ने लिखा, “@Smokingskills07 की दिल का दौरा पड़ने से असामयिक मृत्यु की खबर ह्रदय विदारक है। उनकी उम्र 30 साल भी नहीं थी। ओम  शांति। हरे कृष्ण। और ये बेशर्म आतंकवादी ? उनके जाने का जश्न मना रहा है। मूर्ख को यह नहीं पता कि उनका दोबारा जन्म होगा।”

पोस्ट पोस्टका स्क्रीनशॉट

गौरतलब है कि मोहम्मद ज़ुबैर की ये हरकत नया नहीं है इसके पहले भी वह जहाँ जिहादियों, आतंकियों का बचाव करता आया है वहीं फैक्ट चेक के नाम पर सही लोगों के पहचान को संकट में डालने, यहाँ तक कि मौत के मुँह में भेज देने भी बाज नहीं आया। सोशल मीडिया पर लोग ज़ुबैर के इन्हीं कारनामों की चर्चा करते हुए उसे लानत भेज रहे हैं। 

सिर्फ मैदान में ही नहीं, भारत ने एक और मुकाबले में इंग्लैंड को धोया: कोहली का मजाक बनाने के लिए अंग्रेजों ने लिया 1 बत्तख का सहारा, भारतीय गेंदबाजों ने 3 लौटाया

क्रिकेट विश्वकप में भारत-इंग्लैंड के बीच मुकाबला लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया, लेकिन एक मुकाबला एक्स पर भी चला। खास बात ये कि दोनों ही मुकाबले में भारतीय टीम विजयी रही। जी हाँ, इंग्लिश क्रिकेट टीम की फैन आर्मी कहलाने वाली ‘बर्मी आर्मी’ ने भारतीय क्रिकेट टीम की बल्लेबाजी के दौरान विराट कोहली के शून्य पर आउट होने के बाद ऐसा पोस्ट कर दिया कि बवाल मच गया। भारतीय क्रिकेट टीम के प्रशंसक जवाब दे ही रहे थे कि इंग्लैंड की पारी शुरू हो गई, और फिर लगातार दो खिलाड़ी शून्य पर आउट हो गए।

इसके बाद भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों ने बर्मी आर्मी को जमकर ट्रोल किया, ठीक उसी तर्ज पर, जैसे बर्मी आर्मी ने विराट कोहली को ट्रोल करने की कोशिश की थी।

बर्मी आर्मी ने विराट कोहली को किया ट्रोल

वैसे तो बर्मी आर्मी विराट कोहली को कई बार निशाना बना चुकी है, लेकिन इस उसने विराट कोहली के खाता न खोल पाने पर उन्हें निशाना बनाया। बर्मी आर्मी ने विराट कोहली का चेहरा एक बत्तख (डक) के चेहरे पर लगाकर तस्वीर पोस्ट की और लिखा, “जस्ट आउट फॉर ए मॉर्निंग वॉक”।

बर्मी आर्मी की ये हरकत भारतीय प्रशंसकों को पसंद नहीं आई। जब जो रूट और बेन स्टोक्स जैसे धुरंधर भी शून्य पर आउट हो गए, तो उन्होंने बर्मी आर्मी और इंग्लिश क्रिकेट टीम को जमकर ट्रोल किया।

गौरीश वत्स ने लिखा, क्यों बर्मी आर्मी, आपको अपना ही स्वाद कैसा लगा?

बाबू भैया ने लिखा कि ये तो इवनिंग वॉक है।

मुफद्दल वोहरा ने भी बर्मी आर्मी को ट्रोल किया।

इंग्लैंड ‘बर्मी आर्मी’ की तर्ज पर भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की ‘भारत आर्मी’ भी है। उन्होंने भी ‘बर्मी आर्मी’ को जोरदार जवाब दिया। ‘भारत आर्मी’ ने कहा कि थोड़ा सा समय दो, एडिट करने के लिए।

कुछ ऐसा रहा मैच का हाल

भारतीय टीम ने लखनऊ में इंग्लैंड की टीम को 100 रन से मात दे दी। जहाँ मोहम्मद शमी ने एक के बाद एक 4 विकेट लिए, जसप्रीत बुमराह ने भी 3 विकेट झटके। भारतीय गेंदबाजों के सामने इंग्लैंड के बल्लेबाज एकदम बेबस दिखे। इस तरह अब इंग्लैंड टेबल में सबसे नीचे बनी रहेगी और साथ ही वो चैंपियंस ट्रॉफी से भी बाहर हो सकती है।कुलदीप यादव ने जहाँ 2 महत्वपूर्ण विकेट झटके, वहीं रवींद्र जडेजा ने भी एक विकेट लिया।

बता दें कि लखनऊ में इंग्लैंड की टीम ने टॉस जीता और भारतीय टीम को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। ओपनर शुभमन गिल महज 9 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद आए विराट कोहली नौंवी गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गए। उनके आउट होने के बाद टीम संभल नहीं पाई। हालाँकि कप्तान रोहित शर्मा 87 और केएल राहुल ने 39 रन बनाकर टीम को कुछ सँभाला और आखिर में सूर्य कुमार यादव ने 49 रन बनाकर टीम को किसी तरह 229 रनों तक पहुँचाया, जिसमें जसप्रीत बुमराह और कुलदीप यादव की बल्लेबाजी का भी योगदान रहा।

इतने कम रनों के बावजूद भारतीय टीम ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को खुलने का मौका ही नहीं दिया। जसप्रीत बुमराह ने पहली ही गेंद पर जो रूट को शून्य रनों पर चलता कर दिया, तो बेन स्टोक्स जैसे हैवीवेट बल्लेबाज को मोहम्मद शमी ने खाता भी नहीं खोलने दिया। डेविड मालन 16 जॉनी बैरिस्टो जैसे धुरंधर सिर्फ 14 रन ही बना पाए। कप्तान जोस बटलर सिर्फ 10 रन बना पाए, तो मोईन अली 15 रन बना कर आउट हो गए। भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड को मैदान पर जबरदस्त जवाब दिया, तो इंटरनेट पर फैन्स ने।

क्या है बर्मी आर्मी?

इंग्लैंड क्रिकेट टीम के प्रशंसकों का एक ग्रुप है, जिसका नाम बर्मी आर्मी रखा गया है। इंग्लैंड की क्रिकेट टीम दुनिया के किसी भी कोने में क्रिकेट खेलने पहुँचती है, तो इस ग्रुप के लोग बड़ी संख्या में उस देश में पहुँच जाते हैं और मैदान पर जाकर अपनी चहेती इंग्लिश टीम का हौसला बढ़ाते हैं। ये ग्रुप पूरी तरह से संगठित है और ये ग्रुप इंग्लैंड के दौरों के हिसाब से होटलों की बुकिंग, हवाई जहाज के टिकट की बुकिंग से लेकर मैदान की बुकिंग और पार्टियों का आयोजन करते हैं। ये ग्रुप कई बार विरोधी टीम को नीचा दिखाने की कोशिशों के चलते विवादों में भी घिरा रहा है।