Home Blog Page 1435

यूट्यूबर ने सांसद से हाथ मिलाया और घोंप दिया चाकू: तेलंगाना में चुनाव प्रचार कर रहे थे सीएम KCR की पार्टी के नेता, ‘दलित बंधु’ का लाभ नहीं मिलने से था नाराज़

तेलंगाना के सिद्दीपेट में बीआरएस सांसद कोठा प्रभाकर रेड्डी पर चुनाव प्रचार के दौरान एक व्यक्ति ने जानलेवा हमला किया। वो चुनाव प्रचार के दौरान लोगों से मिल रहे थे, तभी उन्हें एक व्यक्ति ने हाथ मिलाने के बाद चाकू घोंप दिया। कोठा प्रभाकर रेड्डी दुब्बक विधानसभा क्षेत्र से भारत राष्ट्र समिति (BRS) पार्टी के उम्मीदवार हैं। हमले के समय वो दुब्बक क्षेत्र के सुरमपल्ली गाँव में एक चुनाव अभियान में हिस्सा ले रहे थे।

इस हमले में वो घायल हो गए, जिसके तुरंत बाद मौके पर मौजूद BRS कार्यकर्ताओं ने आरोपित को पकड़ लिया। कोठा प्रभाकर रेड्डी को इलाज के लिए तुरंत गजवेल अस्पताल ले जाया गया, और फिर बाद में उन्हें हैदराबाद के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल वो खतरे से बाहर हैं।

सिद्दीपेट की कमिश्नर एन श्वेता ने ANI से बातचीत में कहा, “सांसद कोठा प्रभाकर रेड्डी सुरक्षित हैं। ये घटना दौलताबाद मंडल के सुरमपल्ली गाँव में हुई। उन्हें गजवेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। हमने हमलावर को पकड़ लिया है और मामले की जाँच कर रहे हैं।”

यूट्यूबर के तौर पर हुई हमलावर की पहचान

‘न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक, हमलावर की पहचान हो चुकी है। हमलावर करीमनगर का रहने वाला राजू है। वो यूट्यूब के माध्यम से पत्रकारिता करता है। राजू ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसने सांसद से उसे ‘तेलंगाना दलित बंधु योजना’ का लाभार्थी बनाने के लिए कहा था लेकिन सांसद ने इसे मंजूरी नहीं दी थी। सांसद से हाथ मिलाते समय राजू चाकू निकाल लाया और उससे सांसद के पेट में घोंप दिया।

स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में की मुलाकात

मंत्री तन्निरु हरीश राव ने कोठा प्रभाकर रेड्डी से मुलाकात की, जिनका हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में इलाज चल रहा है। ये जानकारी प्रभाकर रेड्डी के एक्स हैंडल पर पोस्ट की गई है, जिसमें उनकी अस्पताल की तस्वीर भी है।

सिर्फ ₹3000 में ही केरल में किए 6 बम प्लांट, दुबई में भी रहा है डोमिनिक मार्टिन: रिपोर्ट में दावा- जिस प्रार्थना सभा में किया ब्लास्ट, उसमें सास भी थी मौजूद

केरल के एर्नाकुलम में ‘यहोवा के साक्षी’ (Jehovah’s Witnesses) की प्रार्थना सभा में धमाका करने वाले डोमिनिक मार्टिन के बारे में नया खुलासा हुआ है। साथ ही यह भी सामने आया है कि डोमिनिक 2 माह पहले ही दुबई से केरल लौटा था। इससे पहले 2 वर्ष तक दुबई में काम कर रहा था। इस धमाके में 3 लोगों की मौत हो गई है जबकि लगभग 50 लोग घायल हुए हैं।

धमाका करने के बाद डोमिनिक मार्टिन ने खुद ही थ्रिसुर के एक थाने में जा कर आत्मसमर्पण कर दिया था और इस धमाके की जिम्मेदारी ली थी। उसने आत्मसमर्पण करने से पहले एक फेसबुक लाइव भी किया था। इसमें उसने बताया था कि ‘यहोवा के साक्षी’ देश विरोधी बातें करते हैं इसलिए उसने यह धमाका किया। अंग्रेजी समाचार चैनल ‘इंडिया टुडे’ से बात करते हुए डोमिनिक के मकान मालिक जलील ने बताया है कि वह अपने परिवार के साथ बीते साढ़े 5 वर्षों से उनके मकान में रह रहा है। वह यहाँ पर रह कर इंग्लिश स्पीकिंग की क्लास चलाता था।

कोरोना महामारी के दौरान उसका यह काम मंदा पड़ने के कारण वह दुबई चला गया और वहाँ उसने 2 वर्ष तक काम किया। इसके पश्चात वह भारत आ गया। ज़लील ने यह भी बताया है कि डोमिनिक को प्लम्बर का काम बहुत अच्छे से आता था। डोमिनिक के साथ उसका बेटा और बेटी भी यहीं रहते थे।

डोमिनिक मार्टिन का बेटा वर्तमान में इंग्लैंड में रहता है। उसकी पत्नी को भी उसके इन इरादों की जानकारी नहीं थी, वह धमाके वाले दिन जल्दी सुबह ही घर से निकल गया था। यह भी सामने आया है कि सुबह पति-पति में किसी बात को लेकर लड़ाई भी हुई थी। वहीं अन्य रिपोर्ट्स में डोमिनिक के दुबई में रहने को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं। एबीपी न्यूज ने बताया है कि वह 15 वर्ष दुबई में रहा था और वहाँ इलेक्ट्रीशियन के तौर पर काम करता था। केरल की समाचार वेबसाइट ऑनमनोरमा ने बताया है कि वह 6 वर्षों बाद धमाका करने के लिए दुबई से लौटा था।

इस बीच डोमिनिक मार्टिन ने कई खुलासे पुलिस की पूछताछ में किए हैं। डोमिनिक ने बताया है कि उसने पिछले 6 महीने में बम बनाना सीखा है। इसके लिए उसने इंटरनेट का सहारा लिया। उसने यह भी बताया है कि बम बनाने के लिए उसने कुल ₹3000 रुपए खर्चे।

डोमिनिक ने पुलिस को बताया कि उसने बम बनाने के लिए 50 गुंडू (एक प्रकार का पटाखा) और आठ लीटर पेट्रोल का उपयोग किया है। उसने यह सब विस्फोटक येहोवास विटनेस प्रार्थना सभा में 6 जगह रखे थे। उसने पुलिस के सामने अपना दावा मजबूत करने के लिए इस धमाके की वीडियो भी फ़ोन में रिकॉर्ड की थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मार्टिन ने जिस प्रार्थना सभा में धमाका किया उसमें उसकी सास भी मौजूद थीं।

जिस महिला की नग्न लाश का हमास ने निकाला जुलूस, उसकी मौत की हुई पुष्टि: आतंकियों को क्लीन-चिट देने के लिए कपड़ों और लिंग की बात कर रहा था इस्लामी गिरोह

इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने जिन जर्मन महिला शानी लौक की नग्न लाश को गाजा में एक पिकअप ट्रक में डाल कर परेड करवाई थी, उनकी मौत की पुष्टि हो गई है। इससे पहले शानी की माँ ने दावा किया था कि वह जीवित हैं और गाजा के एक अस्पताल में हैं।

शानी के विषय में इजराइल के विदेश मंत्रालय ने ‘X’ (पहले ट्विटर) पर एक ट्वीट में बताया है कि इजरायली-जर्मन नागरिक शानी लौक की मौत की पुष्टि कर ली गई है। वह हमास के हमले के दिन 7 अक्टूबर 2023, के बाद से गायब थीं। फिर उनकी मौत के बाद हैवानियत का वीडियो सामने आया था।

23 वर्षीय शानी जर्मन नागरिक थीं और हमास के हमले के समय दक्षिणी इजरायल के किब्बुत्ज़ इलाके में सुपरनोवा म्यूजिक फेस्टिवल में शामिल थीं। हमास के आतंकियों ने इस फेस्टिवल पर हमला करके 260 लोगों को मार दिया था और बड़ी संख्या में लोगों को अगवा किया था। अगवा किए जाने वालों में शानी भी एक थीं।

शानी की डेड बॉडी को नग्न कर के हमास के आंतकियों ने यह कह कर प्रदर्शित किया था कि यह एक इजरायली महिला सैनिक की लाश है। हालाँकि, बाद में शानी की पहचान सामने आई थी। यह स्पष्ट नहीं हो पाया था कि जब शानी को हमास के आतंकियों ने अगवा किया था तब वह जीवित थी या मृत।

शानी की देह पिकअप ट्रक पर देख कर यह कहा गया था कि आतंकियों ने उन्हें मार दिया है लेकिन कुछ दिनों बाद ही उनकी माँ रिकार्डा ने यह दावा किया था कि उनकी बेटी गाजा के एक अस्पताल में जीवित है और गंभीर हालत में है। शानी की मौत पर सोशल मीडिया पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने उनका मजाक उड़ाया था और उनके साथ हुई नृशंसता पर संवेदनहीनता दर्शाई थी। यहाँ तक कि शानी की देह को नग्न घुमाए जाने पर भी इसे सही ठहराया था।

एक अकाउंट ने जहाँ उसकी मृतप्राय देह के साथ बलात्कार करने की बात कही थी। ट्विटर पर लगातार घृणा फैलाने वाले अली सोहराब ने यह सिद्ध करने का प्रयास किया था शानी कोई महिला नहीं बल्कि पुरुष है।

प्रोफ़ेसर नूरुल नाम के एक अकाउंट ने शानी के मृत शरीर को नग्न घुमाए जाने पर कहा था कि हमास ने उतने ही कपड़े दिखाए हैं जितनी इजरायली महिलाएँ पहनती हैं। यहाँ तक कि ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की पूर्व पत्रकार इरेना अकबर ने भी यह कह कर हमास के पापों को धुलने का प्रयास किया था कि वह उतने ही कपड़े पहने हुए थी।

इस्लामी कट्टरपंथियों ने शानी का इन्स्टाग्राम अकाउंट खोज कर भी उस पर भद्दे कमेंट्स किए थे और उनकी मृत्यु और अगवा किए जाने का मजाक उड़ाया था। अब शानी का शव का बरामद हो गया है और यह भी स्पष्ट हो गया है कि वह मृत हैं।

किसी को गरबा खेलते तो किसी को जिम करते आया हार्ट अटैक, बोले स्वास्थ्य मंत्री- जो हुए थे कोरोना संक्रमित वे ज्यादा भागदौड़ न करें

अहमदाबाद के रवि पांचाल 28 साल के थे। गरबा खेलते हुए हार्ट अटैक आया और मौत हो गई। सूरत के 26 साल के रोहित राठौड़ के की भी इसी तरह मौत हुई थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में गरबा खेलते हुए हार्ट अटैक से कम से कम 6 मौतें हुई है। राज्य में नवरात्र के दौरान कम से कम 22 लोगों की जान हार्ट अटैक से गई है।

यह केवल गुजरात तक ही सीमित नहीं है। हाल के समय में देशभर से युवाओं की हार्ट अटैक से मौत के कई मामले सामने आए हैं। इनमें से कई मामलों में तो हार्ट अटैक कसरत करते समय आए थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने एक अध्ययन का हवाला देते हुए इसके पीछे कोविड संक्रमण को वजह बताया है।

उन्होंने कहा है कि जिन लोगों को बीते समय में गंभीर कोविड हुआ है, वह आराम करें और ज्यादा काम ना करें। मांडविया ने कहा, “ICMR ने इस विषय पर एक विस्तृत स्टडी की है। स्टडी का कहना है कि जिन लोगों को बीते समय में कोविड की गंभीर समस्या हुई है और ज्यादा समय नहीं बीते है, ऐसे लोगों को अधिक मेहनत नहीं करनी चाहिए। इन लोगों को दौड़ने या ज्यादा काम करने से एक से दो साल तक परहेज करना चाहिए ताकि हार्ट अटैक से बचा जा सके।”

एक रिपोर्ट बताती है कि नवरात्रि के दौरान 15 अक्टूबर से 22 अक्टूबर बीच गुजरात में एम्बुलेंस सेवा 108 को 750 फ़ोन ह्रदय से सम्बंधित समस्याओं को लेकर आईं। गुजरात सरकार ने गरबा पांडाल के बाहर एक एम्बुलेंस की तैनाती सुनिश्चित करने को भी कहा था।

बीते कुछ समय में यह भी देखने को मिला है कि किसी भी तरह की शारीरिक गतिविधि करने वाले लोग एकाएक हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। जिम करते हुए युवाओं को हार्ट अटैक की कई खबरें भी इस दौरान आई हैं।

सितम्बर माह में गाजियाबाद से एक मामला सामने आया कि ट्रेडमिल पर दौड़ रहे एक 26 वर्षीय युवा को हार्ट अटैक आया और वह ट्रेडमिल से गिर पड़ा। अस्पताल ले जाए जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर से एक घटना सामने थी आई जहाँ एक मूवी थिएटर में सामान्य रूप से चलते हुए एक युवक को हार्ट अटैक आया और उसकी मौत हो गई।

डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे लोग जो सिगरेट आदि पीते हैं आया जिन्हें साँस सम्बंधित समस्याएँ हैं, वह जिम के दौरान अधिक सावधानी बरतें। कुछ विशेषज्ञों का भी कहना है कि कोरोना से प्रभावित लोगों के फेफड़ों की क्षमता कम हो जाती है और जब इस पर जोर पड़ता है तो लोगों को हार्ट अटैक जैसी समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है।

‘₹338 करोड़ ट्रांसफर किए जाने का लिंक मिला, काफी चीजें संदेहास्पद’: पढ़िए सुप्रीम कोर्ट ने क्यों मनीष सिसोदिया को नहीं दी जमानत, BJP बोली – अब केजरीवाल की बारी

शराब घोटाले में फँसे दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। इस फैसले के बाद भाजपा नेताओं ने सिसोदिया और आम आदमी पार्टी (AAP) पर कड़े आरोप लगाए हैं। भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आप के सभी बचाव और झूठ का पर्दाफाश हो गया है। वहीं, मनोज तिवारी ने कहा कि इस फैसले से साबित हो गया है कि मनीष सिसोदिया और AAP भ्रष्ट हैं।

उन्होंने कहा कि अब AAP के शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी करीब है और केजरीवाल भी गिरफ्तार हो सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच ने सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई की। जस्टिस खन्ना ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि 338 करोड़ रुपए के इस लेनदेन का लिंक मिला है, इसीलिए हम सिसोदिया की बेल याचिका को खारिज करते हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद भारतीय जनता पार्टी ने आम आदमी पार्टी और उसकी लीडरशिप पर जोरदार हमला बोला।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विश्लेषण में कई ऐसे पहलू मिले हैं जो संदेहास्पद हैं। जैसे, 338 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए जाने की बात प्रतीत हो रही है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कई कानूनी सवालों के जवाब सीमित तरीके से ही दिए गए हैं। फ़िलहाल तक की जाँच से प्रतीत होता है कि 338 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए।

आम आदमी पार्टी के झूठ बेनकाब, सामने आ गया पैसों का कनेक्शन

दिल्ली शराब नीति मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज किए जाने पर बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने कहा, “ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने भी मनीष सिसोदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया है। आम आदमी पार्टी की ओर से किए गए सारे बचाव सुप्रीम कोर्ट में बुरी तरह से फेल रहे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 338 करोड़ रुपए का मनी ट्रेल लिंक जुड़ चुका है। इस मामले में आम आदमी पार्टी पूछ रही थी कि मनी ट्रेल कहाँ है? लोगों को इस झूठ से बरगलाया जा रहा था कि मनी ट्रेल नहीं है, आरोप झूठे हैं, लेकिन वो कब तक झूठ बोलेंगे? तब तक अरविंद केजरीवाल इन लोगों का बचाव करते रहेंगे?”

मनोज तिवारी बोले, अब केजरीवाल की बारी

इस मामले में भाजपा सांसद और दिल्ली भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद साबित हो गया है कि मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार में पूरी तरह से डूबे हुए हैं। अब ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ से शीर्ष नेताओं की भी गिरफ्तारी एकदम करीब है। इस मामले में अरविंद केजरीवाल भी गिरफ्तार होंगे और जेल जाएंगे।

मनीष को सीबीआई ने 26 फरवरी को किया था गिरफ्तार

बता दें कि मनीष सिसोदिया को पहले सीबीआई ने 26 फरवरी, 2023 को उत्पाद शुल्क नीति से संबंधित एक मामले में गिरफ्तार किया था और बाद में 9 मार्च को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई द्वारा दर्ज की गई FIR में सिसोदिया और अन्य को 2021-22 की आबकारी नीति के संबंध में ‘सिफारिश’ करने और ‘निर्णय लेने’ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया। केंद्रीय एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि सिसोदिया को इसलिए गिरफ्तार किया गया क्योंकि उन्होंने गोल-मोल जवाब दिए और सबूतों के सामने आने के बावजूद जांच में सहयोग करने से इनकार कर दिया।

दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया है कि कुछ निजी कंपनियों को थोक व्यापार में 12 प्रतिशत का लाभ देने की साजिश के तहत उत्पाद शुल्क नीति लागू की गई थी, हालाँकि, मंत्रियों के समूह की बैठकों के मिनटों में ऐसी किसी शर्त का उल्लेख नहीं किया गया था। एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि थोक विक्रेताओं को असाधारण लाभ मार्जिन देने के लिए विजय नायर और साउथ ग्रुप के साथ अन्य व्यक्तियों द्वारा एक साजिश रची गई थी। एजेंसी के मुताबिक, नायर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया की ओर से काम कर रहे थे।

सीबीआई और ईडी की ओर से दर्ज किए गए दोनों मामलों में सिसोदिया की जमानत याचिकाएँ दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने 31 मार्च और 28 अप्रैल को खारिज कर दी थी। वहीं, 3 जुलाई को दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में पिछली शराब नीति के कार्यान्वयन से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सिसोदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया था। इससे पहले, 30 मई को हाईकोर्ट ने शराब नीति के संबंध में सीबीआई द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

मनीष सिसोदिया ने इन दोनों फैसलों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

कश्मीर में यूपी के हिन्दू मजदूर को आतंकियों ने मार डाला, 1 दिन पहले पुलिस अधिकारी को मार दी थी गोली

दक्षिण कश्मीर के पुलवामा इलाके में आतंकियों ने एक प्रवासी मजदूर की हत्या कर दी है। मृतक का नाम मुकेश है जो मूलतः उत्तर प्रदेश का रहने वाला था। मृतक का पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है। घटना सोमवार (30 अक्टूबर, 2023) की है। आतंकियों की तलाश में पुलिस और पैरामिलिट्री ने इलाके को घेर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला पुलवामा के नौपोरा इलाके का है। यहाँ के तुमची क्षेत्र में सोमवार को पुलिस को एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना मिली। मौके पर पहुँची पुलिस ने घायल की पहचान मुकेश के तौर पर की। उत्तर प्रदेश से मजदूरी करने आए मुकेश को गोली लगी थी। पुलिस घायल को अपने साथ अस्पताल ले जाने लगी। रास्ते में मुकेश ने दम तोड़ दिया। मुकेश की हत्या आतंकियों द्वारा किए जाने की आशंका है। पुलिस ने पैरामिलिट्री के साथ मिल कर इलाके को घेर कर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

इस मामले में कश्मीर पुलिस के DGP दिलबाग सिंह का बयान आया है। उन्होंने कहा कि पुलिस टीमें हमलावरों की पहचान में जुटी हुई हैं। जाँच और कार्रवाई के लिए ADG स्तर के अधिकारी की टीम काम पर लगाई गई है। DGP का दावा है कि जाँच दल को पुख्ता सबूत मिले हैं।

1 दिन पहले इंस्पेक्टर को बनाया था निशाना

आतंकियों द्वारा उन्नाव जिले के मुकेश की हत्या से 1 दिन पहले कश्मीर में आतंकियों ने पुलिस के एक इंस्पेक्टर को निशाना बनाया था। घटना श्रीनगर के ईदगाह क्षेत्र की है जहाँ पुलिस इंस्पेक्टर मसरूर अहमद कुछ बच्चों के साथ क्रिकेट खेल रहे थे। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल मसरूर अहमद का इलाज अस्पताल में चल रहा है। इंस्पेक्टर पर हमला करने वालों की तलाश की जा रही है।

पहले भी हुए हैं गैर प्रदेशों से आए लोगों पर हमले

बताते चलें कि कश्मीर में प्रवासी मजदूरों पर हमले की ये पहली घटना नहीं है। इस से पहले भी सिलसिलेवार ढंग से गैर-मुस्लिम व्यापारियों को निशाना बनाया गया था। गुरुवार (13 जुलाई, 2023) को शोपियाँ के गगरान गाँव में 2 नकाबपोश आतंकियों ने बिहार के मजदूर पिंटू, हीरालाल और अनमोल को गोली मार दी थी। तीनों को गंभीर हालात में अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

इसके अलावा अक्टूबर 2022 को शोपियां में उत्तर प्रदेश के कन्नौज से कमाने गए मजदूर मोनिश कुमार और राम सागर पर ग्रेनेड फेंका गया था। इस हमले में दोनों की मौत हो गई थी। इस हमले को इमरान बशीर गनी ने अंजाम दिया था जिसका संबंध लश्कर-ए-तैय्यबा से पाया गया था। आतंकी को गिरफ्तार कर लिया गया था।

‘तिरंगा लहराने के लिए राशिद खान पर ICC ने लगाया ₹55 लाख का जुर्माना, तो रतन टाटा ने दे दिए ₹10 करोड़’: दिग्गज उद्योगपति ने दी सफाई

कारोबारी रतन टाटा ने उन व्हाट्सएप्प मैसेज और झूठी खबरों का खंडन किया है जिनमें उनके द्वारा अफगानिस्तान के क्रिकेटर राशिद खान को ₹10 करोड़ रुपए दिए जाने की बात कही गई है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) को भी कोई सलाह देने की खबरों का भी खंडन किया है।

रतन टाटा ने लिखा, “मैंने ICC या अन्य किसी क्रिकेट संस्था को किसी भी खिलाड़ी को जुर्माना या पुरस्कार देने सम्बन्धी कोई राय नहीं दी है। मेरा क्रिकेट से कोई लेना देना नहीं है। कृपया ऐसे व्हाट्सएप्प फॉरवर्ड और इस तरह की वीडियो पर कभी विश्वास ना करें जब तक कि वह मेरे आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ना आएँ।”

रतन टाटा को यह सफाई इसलिए देनी पड़ी है क्योंकि कुछ यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया अकाउंट्स ने यह झूठी जानकारी डाली थी कि उन्होंने राशिद खान को भारतीय तिरंगा लहराने के लिए ₹10 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया है।

इन वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया था कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के मैच के बाद अफगानिस्तान के जीतने पर राशिद खान ने भारतीय झंडा लहराया। इस पर पाकिस्तान ने ICC से इसकी शिकायत की और ₹55 लाख का जुर्माना उन पर लगाया लेकिन रतन टाटा ने उन्हें ₹10 करोड़ देने की घोषणा की है।

यूट्यूब पर ‘क्रिकेट ग्लोबल’ नाम के एक चैनल ने यह झूठी जानकारी फैलाई थी जबकि ‘X’ (पहले ट्विटर) पर भी कुछ लोगों ने इस संबंध में पोस्ट किए थे। अब रतन टाटा ने यह स्पष्ट किया है कि उन्होंने राशिद खान को कोई पुरस्कार देने की घोषणा नहीं की है।

रतन टाटा द्वारा राशिद खान को ₹10 करोड़ देने सम्बंधित वीडियो
‘ग्लोबल क्रिकेट’ नाम के चैनल ने भी झूठ फैलाया था

रतन टाटा के बारे में यह दावा इसलिए भी तेज़ी से फैला क्योंकि वह देशभक्ति के काम करने के लिए जाने जाते रहे हैं और उनके संबंध में ऐसी कई कहानियाँ सोशल मीडिया पर घूमा करती हैं। इनमें से कुछ कहानियाँ सच तो कुछ कहानियाँ झूठी होती हैं।

रतन टाटा के नाम से ऐसे दावों का फैलाया जाना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले जून माह में ही उन्होंने ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर एक ट्वीट करके बताया था कि उन्होंने क्रिप्टोकरेंसी में कोई निवेश नहीं किया है। उनके बारे में यह झूठी खबरें फैलाई जा रहीं थी कि उन्होंने एक नया निवेश क्रिप्टोकरेंसी में किया है।

मोदी सरकार ने दिए ₹1800 करोड़, फिर भी कॉन्ग्रेस के CM कह रहे – कर्नाटक के लोग प्यासे: सिद्धारमैया के ‘झूठ’ का केंद्रीय मंत्री ने कर दिया पोस्टमॉर्टम

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के बीच केंद्र सरकार की कथित उपेक्षा को लेकर जुबानी जंग छिड़ गई है। सिद्दारमैया ने केंद्र सरकार पर विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए धन नहीं जारी करके कर्नाटक के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है। शेखावत ने पलटवार करते हुए कहा कि राज्य सरकार अपने वित्त का गलत प्रबंधन कर रही है और परियोजनाओं के कार्यान्वयन में देरी के लिए जिम्मेदार है।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कावेरी नदी पर मेकेदातु जलाशय सहित विभिन्न जल परियोजनाओं के संबंध में झूठ और गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया। शेखावत ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक बयान में कहा, “हम जानते हैं कि झूठी अफवाह और गलत सूचना फैलाना कॉन्ग्रेस की परंपरा है। लेकिन ऐसा करके लोगों के जीवन में कहर बरपाना एक मुख्यमंत्री के लिए उपयुक्त नहीं है।” मेकेदातु परियोजना के संबंध में, मंत्री ने कहा कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पर चर्चा कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण की विभिन्न बैठकों के दौरान एक एजेंडा आइटम के रूप में शामिल की गई थी।

गजेंद्र सिंह शेखावत ने लिखा, “प्रिय सिद्धारमैया, हम जानते हैं कि झूठी अफवाह और गलत सूचना फैलाना कॉन्ग्रेस की परंपरा है। लेकिन, कर्नाटक के मुख्यमंत्री के के तौर पर जनता में भ्रम फैलाना गलत बात है, जो बतौर मुख्यमंत्री गलत है। आप मेकेदातु परियोजना की स्थिति से भलीभाँति परिचित हैं, अगर नहीं तो मैं आपको पूरी बात समझाता हूँ, शायद आपकी ब्रीफिंग टीम घटिया तरीके से काम कर रही है।”

इस प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति ये है: –

1: मेकेदातु परियोजना की डीपीआर पर चर्चा CWMA की विभिन्न बैठकों के दौरान मुख्य एजेंडा में शामिल थी। हालाँकि, इस एजेंडा आइटम पर पार्टी राज्यों के बीच सहमति की कमी के कारण इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हो सकी।

2: कलसा और भंडुरा योजना नाला की DPR को कुछ शर्तों के साथ केंद्रीय जल आयोग (CWC) द्वारा पहले ही मंजूरी दे दी गई है और इसकी सूचना कर्नाटक सरकार को दे दी गई है।

3: 2017 के दौरान प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY)-त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम के तहत प्राथमिकता वाली कर्नाटक की 5 परियोजनाओं में से तीन पूरी हो चुकी हैं। दो पर काम जारी है और अब तक 1238.30 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता में से 1190.05 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं।

4: अटल भूजल योजना के तहत कर्नाटक को पहले ही रुपए दिए जा चुके हैं। केंद्र सरकार ने अब तक 629.54 करोड़ रुपए कर्नाटक सरकार को दिए, लेकिन कर्नाटक सरकार ने 28 अक्टूबर, 2023 तक सिर्फ 274.05 करोड़ रुपए ही खर्च किए हैं।

इससे क्या समझ में आता है?”

बता दें कि सिद्दारमैया ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। सिद्दारमैया ने लिखा था, “नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने बारिश की कमी के बावजूद कर्नाटक के पानी के मुद्दों का समाधान नहीं किया है। कर्नाटक के किसी भाजपाई सांसद ने भी राज्य के जल हितों पर समर्थन नहीं किया। मेकेदातु और महादायी नदी जैसी परियोजनाएँ केंद्र की मंजूरी के लिए लंबित हैं। राज्य सरकार के उत्तरी कर्नाटक की सिंचाई के लिए तैयार ऊपरी कृष्णा परियोजना अब भी केंद्र से राजपत्र अधिसूचना और राष्ट्रीय दर्जा पाने की प्रतीक्षा कर रही है। प्रिय प्रधानमंत्री, क्या आप कन्नडिगाओं को और अधिक प्यासा रखना चाहते हैं?”

उन्होंने हैशटैग ‘कर्नाटक के लिए प्रेम क्यों नहीं’ और हैशटैग ‘मोदी जवाब दो’ का भी इस्तेमाल किया।

बता दें कि सिद्दारमैया और शेखावत के बीच की जुबानी जंग कर्नाटक में कॉन्ग्रेस और भाजपा के बीच चल रही बड़ी राजनीतिक लड़ाई का भी एक हिस्सा है। अगले साल के लोकसभा चुनाव में इन्हीं दोनों पार्टियों के बीच कर्नाटक में मुख्य लड़ाई है।

हार्ट अटैक से 30 साल के युवक की मौत, गर्लफ्रेंड को गाली दे रहे इस्लामी कट्टरपंथी: लिख रहे- उसे लकड़ियों पर भुना जाएगा, चारकोल हमसे ले जाओ’

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक हैंडल है ‘IAS Smoking Skills’ के नाम से, जिसे यश नाम के एक राष्ट्रवादी युवक चलाते थे। अचानक हार्ट अटैक के कारण 30 से भी कम उम्र में यश की असामयिक मृत्यु हो गई। इसके बाद AltNews के संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर ने उनके पुराने ट्वीट्स खँगाल कर उनकी मृत्यु का मजाक बनाना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, RLD नेता प्रशांत कनौजिया ने भी मौत के बाद उन्हें गालियाँ बकी और इस पर जश्न मनाया।

ये सब सिर्फ उन तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि यश की गर्लफ्रेंड के सोशल मीडिया हैंडल पर जाकर भी इस्लामी कट्टरपंथियों ने इस असामयिक मृत्यु का जश्न मनाना शुरू कर दिया। कुमैल अब्बास नामक एक व्यक्ति ने यश की गर्लफ्रेंड के ट्विटर हैंडल पर जाकर गाली देते हुए लिखा, “मर गया m…d”।

यश के गर्लफ्रेंड की हैंडल पर जाकर दी जा रही गाली

वहीं जावेद शेख नामक एक व्यक्ति ने पीड़िता की ट्विटर आईडी पर जाकर लिखा, “IAS स्मोकिंग की अंतिम यात्रा में नहीं गई?” इस पर रिप्लाई करते हुए ‘स्ट्रेंजर’ नामक एक ट्विटर हैंडल ने लिखा, “सती प्रथा से गा# फटी होगी।”

पीड़िता के ट्विटर हैंडल पर जा-जा कर कुछ ऐसे दी जा रहीं गालियाँ

वहीं एक अन्य ट्विटर हैंडल ने एक मीम शेयर करते हुए बार-बार ‘हाहा’ लिखा और साथ ही आगे लिखा, “यहाँ, अपने आँसू पोंछ लो।” इस तस्वीर में एक व्यक्ति रुमाल देते हुए दिखाई दे रहा है।

मौत का जश्न मनाते हुए शेयर किए जा रहे मीम भी

वहीं साजिद शेख नाम एक इस्लामी कट्टरपंथी ने लड़की के हैंडल पर जाकर लिखा, “यहाँ तक कि तुम्हारा यार भी अब नहीं रहा। तुम्हारी तरह वो भी एक घृणा फैलाने वाला व्यक्ति था। दुःख की बात है कि वो लकड़ियों पर भुना जायेगा। चारकोल चाहिए मैडम? लास्ट में मटके में ला के दे देंगे तुमको।”

मृत्यु ही नहीं बल्कि अंतिम संस्कार पर भी गंदी टिप्पणी

वहीं ‘माइनॉरिटी वॉच’ नामक हैंडल ने लिखा, “तुम्हारा बीएफ तो मिल नहीं पाएगा। वो तो जल गया ना।” वहीं एक अन्य कट्टरपंथी यूजर ने लिखा, “तेरा यार जिसको तू अपनी देती थी, वो भी मर गया। उसके लिए ‘रेस्ट इन हेल’ तो कर दे।” ऐसे बेहद ही भद्दे और महिला विरोधी अश्लील कमेंट्स भी किए जा रहे हैं। एक लड़की जो अपने पार्टनर के चले जाने से शोक में है, उसके साथ ऐसी संवेदनहीनता का प्रदर्शन किया जा रहा है। बता दें कि दोनों शादी भी करने वाले थे।

अश्लील और भद्दे कमेंट्स भी किए गए

कुछ अन्य यूजरों ने भी अपनी गंदी विचारधारा का प्रदर्शन किया। ज़ैनब ने लिखा, “IAS Smoking Skills भी चला गया। अब इंतजार कर रहा हूँ कि तुम्हारे जैसा क्षुद्र भी इस दुनिया से जल्द चला जाए। इंशाअल्लाह! आशा करता हूँ जल्द ही।” वहीं एक अन्य हैंडल ने लिखा, “तुम्हारे बॉयफ्रेंड को शांति मिले। नरक में जलो तुम दोनों।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “तुम्हारा दोस्त यश अब नहीं रहा। वो नरक में दीवाली मनाने गया। क्या तुम भी उसके साथ जाना चाहोगी?”

मौत के साथ-साथ हिन्दू त्योहारों का भी बनाया गया मजाक

कुछ अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स ने भी उनकी ट्विटर प्रोफाइल पर जाकर गालियाँ बाकी, देखिए उनकी घृणा:

जैसा कि आप देख सकते हैं, जब यश की गर्लफ्रेंड ने ‘फ्रेंड्स’ सीरीज के अभिनेता मैथ्यू पेरी के निधन पर दुःख जताया तो एक यूजर ने डांस करने वाला मीम पोस्ट किया। उन्होंने गुलदस्ते की तस्वीर शेयर की तो एक ने लिखा, “वाह! कलश पहले से तैयार रखा था।” किसी ने सती प्रथा का अनुसरण करने की सलाह दी तो किसी ने अपने बॉयफ्रेंड को मिस करने की। खास बात ये है कि ये सब उन ट्वीट्स की रिप्लाई में किया गया, जो यश के निधन से पहले के हैं। उसके बाद से उनकी गर्लफ्रेंड ने एक भी ट्वीट नहीं किया है।

याद दिला दें कि RLD के प्रशांत कनोजिया ने भी यश के निधन का मजाक उड़ाते हुए लिखा था, “यह लड़का गाजा में मारे जा रहे फ़िलिस्तीनी बच्चों पर नाच कूद रहा था @Smokingskills07। परंतु आज पता चला धर्म की रक्षा करने का ढोंग करने वाले इस व्यक्ति की मौत हो गई। बच्चों के लाशों पर मज़ा ले रहा था आज कुदरत ने इसके मज़े ले लिए। परिवार को मेरी संवेदना है और उम्मीद है उनका बेटा नर्क में जाए और उसकी आत्मा गाजा में भटकती रहे। गुमनामी की मौत मुबारक!”

2002 में 14 साल की लड़की पर फेंका तेजाब, 2023 में UP के पुलिस अधिकारी ने दिया हौसला तो दर्ज कराया केस: 21 साल बाद पकड़ा गया आरिफ

2002 में 14 साल की एक लड़की पर एसिड अटैक करने के मामले में अलीगढ़ पुलिस ने आरिफ को गिरफ्तार किया है। पीड़िता मूल रूप से अलीगढ़ की रहने वाली है। आगरा में नौकरी करने के दौरान उसने यूपी पुलिस के अधिकारी राजीव कृष्ण को अपनी आपबीती सुनाई थी। उनसे हौसला मिलने के बाद जनवरी 2023 में इस हमले को लेकर एफआईआर दर्ज कराई। केस अलीगढ़ ट्रांसफर किया गया और 27 अक्टूबर को आरिफ पकड़ा गया।

तेजाब हमला झेलने वाली यह पीड़िता करीब दो दशक तक अपने परिवार के दबाव में चुप रही थी। दरअसल, आरिफ उसकी बहन का देवर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना सितंबर 2002 की है। तब पीड़िता की उम्र 14 साल थी। वह अपनी बहन के ससुराल गई हुई थी। यहाँ बहन के देवर आरिफ ने उस पर तेजाब फेंक दिया था।

इस हमले में पीड़िता के चेहरे के साथ शरीर के कई अंग बुरी तरफ से झुलस गए थे। लम्बे समय तक चले इलाज के बाद पीड़िता को बचाया जा सका था। तब घर-परिवार और रिश्तेदारों के दबाव में इस मामले में केस दर्ज नहीं हो पाया था।

2014 में पीड़िता की आगरा के शीरोज हैंग आउट कैफे में नौकरी लग गई। यह कैफे एसिड अटैक पीड़िताओं को नौकरियों में प्राथमिकता देता है। दिसंबर 2022 में इस कैफे में आगरा जोन पुलिस के ADG आईपीएस राजीव कृष्ण का आना हुआ। एसिड पीड़िताओं से मुलाकात के दौरान राजीव कृष्ण की जानकारी में 21 साल पहले अलीगढ़ में घटी ये घटना आई। उन्होंने पीड़िता को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इसी क्रम में जनवरी 2023 को ADG के निर्देश पर आगरा के एत्माद्दौला थाने में आरिफ के खिलाफ FIR दर्ज की गई।

फिर केस अलीगढ़ ट्रांसफर किया गया। अलीगढ़ के रोरावर थाने से इस केस की जाँच करवाई गई। केस IPC की धारा 326- A (तेज़ाब से गंभीर हानि पहुँचाने की कोशिश) के तहत दर्ज हुआ था। आखिरकार 27 अक्टूबर को आरिफ को गिरफ्तार कर लिया गया। अलीगढ़ पुलिस के DSP अभय कुमार पांडेय ने भी कार्रवाई की पुष्टि की है। अब 35 साल की हो चुकी पीड़िता ने खुद को 21 साल बाद मिले न्याय पर ख़ुशी जताई है।