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‘पाउडर-लिपस्टिक और बॉब कट वाली महिलाएँ ले जाएँगी आरक्षण के फायदे’: RJD वाले अब्दुल का विवादित बयान, विरोध होने पर बोले – मैली साड़ी वाली महिलाओं को समझा रहा था

राष्ट्रीय जनता दल के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी (Abdul Bari Siddiqui) ने महिला आरक्षण को लेकर महिलाओं पर विवादित बयान दिया है। अब्दुल ने कहा है कि इस महिला आरक्षण का लाभ लिपस्टिक लगाने और बॉब कट बाल कटाने वाली महिलाएँ ले जाएँगी।

सिद्दीकी ने यह बयान बिहार के मुजफ्फरपुर में दिया जहाँ वह एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। सिद्दीकी ने अति पिछड़ा महिला वर्ग प्रकोष्ठ के कार्यक्रम में यह बातें कही। उनके इस बयान का अब विरोध शुरू हो गया है। अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा, “महिला आरक्षण में अति पिछड़ा, पिछड़ा, दूसरा का भी कोटा तय कर दीजिए तब तो ठीक है, वरना महिला के नाम पर पाउडर, लिपस्टिक और बॉब कट वाली औरत चली आएँगी नौकरी में तो आपकी महिलाओं को हक मिलेगा?”

गौरतलब है कि संसद द्वारा पारित किया गया महिला आरक्षण बिल केवल विधानसभा और लोकसभा चुनावों में 33% आरक्षण के लिए ही है। वर्तमान में इसके अंतर्गत महिलाओं के लिए नौकरियों में आरक्षण की कोई बात नहीं है। ऐसे में अब्दुल बारी सिद्दीकी गलत आधार पर बयान दे रहे हैं।

अब्दुल बारी सिद्दीकी का यह बयान महिला विरोधी भी है क्योंकि इसमें लिपस्टिक लगाने और बॉब कट बाल रखने वाली महिलाओं का गलत तरीके से चित्रण किया गया है। कई अन्य दलों के नेताओं ने अब्दुल बारी सिद्दीकी के इस बयान की आलोचना भी की है। ‘राष्ट्रीय जनता दल (RJD)’ ने भी अब्दुल के इस बयान का समर्थन किया है। राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि अब्दुल बारी सिद्दीकी ने अपनी बात जनता तक पहुँचाने के लिए रूपक का प्रयोग किया है। उन्होंने इस बयान की आलोचना नहीं की।

राजद की सहायता से बिहार की सरकार चला रही जेडीयू ने इस बयान का विरोध करते हुए किनारा कर लिया है। जेडीयू के एमएलसी खालिद अनवर ने कहा, “अब्दुल बारी सिद्दीकी ने जो बयान दिया जेडीयू कभी उसका समर्थन नहीं कर सकता। हमारे नेता नीतीश कुमार महिलाओं का सम्मान करते हैं।”

खालिद अनवर ने आगे कहा, “हमारा यह मानना है कि हमारा यह मानना है कि महिलाओं को यह अधिकार है कि वह लिपस्टिक लगाएँ या ना लगाएँ, बाल कैसे कटवाएँ। अब्दुल बारी सिद्दीकी एक पुराने सोशलिस्ट नेता है। महिला आरक्षण बिल पर पिछड़े वर्ग की महिलाओं के मामले में हमने भी माँग की थी।” भाजपा संसद और केन्द्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर ने भी इस मामले पर अब्दुल बारी सिद्दीकी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह उनकी छोटी मानसिकता की पहचान को दर्शाता है। चुनाव जीतकर संसद में आने वाली महिलाएँ संविधान और कानून को पढ़कर आ रही हैं।

बिहार के जमुई से भाजपा विधायक श्रेयसी सिंह ने भी अब्दुल बारी सिद्दीकी के इस बयान की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि अब्दुल बारी सिद्दीकी महिलाओं को सशक्त नहीं होने देना चाहते, उन्हें अविलम्ब देश की महिलाओं से माफ़ी मांगनी चाहिए।

अब्दुल बारी सिद्दीकी ने अपने इस बयान पर अब सफाई पेश की है। उन्होंने PTI से बातचीत में कहा है कि वह जिस कार्यक्रम में बोल रहे वहां गाँव-गँवई की मैली साड़ी वाली महिलाएँ आई थीं, इसलिए उनको ठेठ हिंदी में नहीं समझा सकता था। उन्होंने कहा, “उन तक आरक्षण का मैसेज पहुँचाने के लिए मैंने इस भाषा का उपयोग किया, मेरा मकसद किसी को आहत करना नहीं था।”

एशियन गेम्स में पाकिस्तान को भारत ने चटाई धूल, स्क्वैश टीम ने अपने नाम किया स्वर्ण पदक: टेनिस में भी गोल्ड, 36 मेडल के साथ तालिका में चौथे स्थान पर भारत


एशियन गेम्स 2023 (Asian Games) में भारत की स्क्वैश टीम ने पाकिस्तान को मात देते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। भारत ने फाइनल में 0-1 से पिछड़ने के बाद, 2-1 से जीत दर्ज की। इससे पहले रोहन बोपन्ना और रुतुजा भोसले की जोड़ी ने ताइवान के लो हाओ और सुओ को हराते हुए टेनिस में गोल्ड मेडल जीता था। इस तरह से भारत के खाते में अब तक 10 गोल्ड, 13 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज मेडल आ चुके हैं।

चीन के हांगझोउ में खेले जा रहे 19वें एशियन गेम्स के 7वें दिन यानी 30 सितंबर को भी भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। स्क्वैश टीम के लिए फाइनल की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहले सेट में महेश मनगाँवर को पाकिस्तानी खिलाड़ी नासिर इकबाल के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद दूसरे मैच में भारतीय स्क्वैश स्टार सौरव घोषाल ने शानदार खेल दिखाते हुए मोहम्मद आसिम खान को मात देते हुए भारत को मुकाबले में वापस ला दिया।

इसके बाद तीसरे सेट में अभय सिंह ने पाकिस्तानी नूर जमाँ को हराते हुए एशियन गेम्स 2023 का 10वाँ गोल्ड मेडल भारत झोली में डाल दिया। इससे पहले भारतीय टेनिस स्टार और ओलंपियन रोहन बोपन्ना और रुतुजा भोसले की जोड़ी ने भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया। मिक्स्ड डबल्स के फाइनल में भारत का मुकाबला ताइवान की सुंग हाओ ऑड एन शुओ की जोड़ी से हुआ। जहाँ भारत ने ताइवान को सीधे सेटों में 2-6, 6-3 से मात देते हुए जीत दर्ज की।

एशियन गेम्स में भारत के नाम 10 गोल्ड


एशियन गेम्स 2023 में भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 36 मेडल जीते हैं। इसमें से 10 गोल्ड, 13 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज मेडल हैं। भारत को शूटिंग में सबसे अधिक 19 मेडल मिले हैं। इसमें 6 गोल्ड, 8 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज शामिल हैं। रैंकिंग की बात करें तो भारत चौथे नंबर है। वहीं, 107 गोल्ड के साथ चीन पहले, 28 गोल्ड के साथ जापान दूसरे और 27 गोल्ड के साथ कोरिया तीसरे नंबर पर है।

महादेव मंदिर में जिस जावेद ने किया हमला, उसकी माँ गोहत्या के लिए जा चुकी है जेल: पुजारी ने बताया – 25 साल में ये चौथा हमला

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में स्थित बोधेश्वर महादेव मंदिर में जावेद नामक युवक ने घुसकर पुजारियों और श्रद्धालुओं को जान से मारने की कोशिश की। हालाँकि, मौके पर मौजूद लोगों और PAC ने जावेद को पकड़कर पुलिस को सौंपा है। मंदिर के पुजारी का कहना है कि जावेद अक्सर दंगा-फसाद करता रहता है। उसने जानबूझकर लोगों पर हमला किया है।

लगभग 500 वर्ष पुराना बोधेश्वर मंदिर बांगरमऊ इलाके के पश्चिमी टोला में स्थित है। आरोप है कि जावेद ने हत्या की नीयत से हिंदुओं पर हमला किया है। सामने आए वीडियो में जावेद के हमला करने के तरीके और बुजुर्ग पर लगातार वार करने से भी उसकी नियत काफी हद तक स्पष्ट हो जाती है। हालाँकि, उसे मानसिक विक्षिप्त बताया जाने लगा है।

जावेद के हमले से घायल हुए मंदिर के पुजारी मिलन सिंह ने ऑपइंडिया से बात की है। उन्होंने जावेद पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने और घर पर बुलडोजर चलाने की माँग की है। मिलन सिंह ने जावेद को मानसिक रूप से विक्षिप्त कहे जाने के सवाल पर कहा, “यदि किसी का दिमागी संतुलन ठीक नहीं होता है तो क्या वह लोगों को मारने लगाता है?”

मंदिर में मौजूद पीएसी के जवानों पर हमला करने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “जावेद बाहर से हमला करते हुए अंदर की ओर आया, लेकिन उसने पीएसी पर हमला नहीं किया। जब हम लोगों ने अंदर से दौड़ाया तो वह भागकर पीएसी रूम में घुस गया। जावेद का काम ही झगड़ा, दंगा, फसाद और चोरी करना है। गोहत्या के केस में इसकी माँ 3 साल तक जेल में बंद थी।” 

मिलन सिंह ने आगे कहा, “मंदिर की जमीन पर पहले कब्जा हो गया था। इसके बाद जब से मंदिर ने यह जमीन वापस ली है, तब से इस प्रकार के हमले हो रहे हैं। बीते 25 साल में इस मंदिर में 4 बार हमले हो चुके हैं। इसलिए यहाँ पीएसी तैनात की गई है। साल 2013 में 7 सितंबर की रात को करीब 35 लोगों ने हमला किया था।”

महंत मिलन सिंह ने आगे बताया, “उस वक्त मैं, मेरे गुरुजी और पंडित कल्लू यहाँ सो रहे थे। इस दौरान हुए हमले में पंडित कल्लू की मौत हो गई थी। इस मामले में जो लोग पकड़े गए थे उन लोगों को छोड़ दिया गया है। हमलावर जान से मारने के इरादे से ही यहाँ घुसे थे। इस हमले के बाद से ही मंदिर में पीएसी की तैनाती की गई है।”

मंदिर के महंत ने कहा, “साल 2013 में हुए हमले में पुलिस ने सही ढंग से कार्रवाई नहीं की। इस बार भी वही सब चल रहा है। मैं पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हूँ। यहाँ जो लोग धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, उनके साथ पुलिस मारपीट कर रही है। लोगों को उठाकर ले गई है।”

‘ऐ कॉन्ग्रेस के गुलामों, तुम्हारी अम्मा कहाँ से आई?’: ’15 मिनट’ वाले छोटे ओवैसी ने खुले मंच से धमकाया, कहा – ‘मुझे मत छेड़ो, वरना छोड़ेंगे नहीं’

AIMIM नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने कॉन्ग्रेस नेताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। बता दें कि तेलंगाना में विधानसभा चुनाव नज़दीक आ रहे हैं और हैदराबाद में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) अपने गढ़ को मजबूत करने मर जुट गई है। अकबरुद्दीन ओवैसी उनके छोटे भाई हैं। उन्होंने कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि ये पार्टी इटली और रोम से आए हुए नेताओं पर निर्भर है। बता दें कि कॉन्ग्रेस की सर्वेसर्वा सोनिया गाँधी इटली मूल की हैं।

हैदराबाद के चंद्रायणगुट्टा से लगातार 5वीं बार विधायक बने अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा, “कॉन्ग्रेस के लोग हमारे बारे में कहते हैं कि हम महाराष्ट्र से आए हैं और हम भाजपा की B टीम हैं। ऐ कॉन्ग्रेस के गुलामों, मैं पूछता हूँ कि तुम्हारी अम्मा कहाँ से आईं? इतना ही नहीं, रेवंत सिंह रेड्डी भी पहले RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के कार्यकर्ता के रूप में काम करते थे। इसके बाद वो तेलुगुदेशम पार्टी (TDP) में चले गए। अब वो कॉन्ग्रेस के साथ काम कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि दुनिया जानती है कि अगर वो बोलने लगते हैं तो उनके सामने कोई नहीं टिकता। उन्होंने बार-बार दोहराया, “मुझे छेड़ो मत। मुझे छेड़ोगे तो हम छोड़ने वालों में से नहीं हैं। हमारी मोहताजी अल्लाह पर है। उनकी मोहताजी बाहर वाले पर है। हमारे साथ कोई और हो न हो, हमारा रसूल अल्लाह हमारे साथ है। लोगों की दुआएँ हमारे साथ है।” बता दें कि अकबरुद्दीन ओवैसी का ‘अम्मा’ वाला तंज सोनिया गाँधी के लिए था। वहीं रेवंत सिंह रेड्डी तेलंगाना में कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं।

अकबरुद्दीन ओवैसी तेलंगाना विधानसभा में अपनी पार्टी के फ्लोर लीडर भी हैं। उन्होंने इस दौरान राज्य की सत्ताधारी पार्टी और अपनी गठबंधन साथी BRS (भारत राष्ट्र समिति) को भी चेताते हुए कहा कि वो उनकी बात सुने, वरना उन्हें उनकी जगह दिखा दी जाएगी। उन्होंने कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं को भी AIMIM से दूर रहने की सलाह दी। हैदराबाद में कॉन्ग्रेस मुस्लिम नेताओं को शामिल कर रही है, इससे भी असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी बेचैन हैं।

अकबरुद्दीन ओवैसी के बारे में बता दें कि उन्होंने हिन्दुओं के खिलाफ भी घृणा भरे बयान देते हुए एक रैली में 15 मिनट पुलिस हटा कर देखने की धमकी दी थी। अप्रैल 2022 में हैदराबाद की विशेष अदालत ने उन्हें हेट स्पीच के आरोपों से बरी कर दिया था। उनका ये भाषण 8 दिसंबर, 2012 का है। उन्होंने कहा था, “ऐ हिंदुस्तान, अगर तुमने बाबरी मस्जिद की शहादत न की होती तो बम्बई के धमाके भी नहीं होते। मैं सिर्फ मुस्लिमपरस्त हूँ। राम जेठमलानी ने कहा कि सबसे गंदा आदमी जो औरतों का इकराम नहीं करता, वो राम था। ये मैं नहीं बोल रहा, राम जेठमलानी ने कहा।”

टेलर ने कपड़े देने के बहाने 12 साल की बच्ची को बुलाया, अकेले में ले जाकर किया दुष्कर्म: दिल्ली पुलिस ने इबरान को किया गिरफ्तार

देश की राजधानी दिल्ली में 12 वर्ष की बच्ची से दुष्कर्म का एक मामला सामने आया है। दुष्कर्म करने वाला एक दर्जी का बेटा इबरान है। पुलिस ने आरोपित को गाजियाबाद के खोड़ा इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। दुष्कर्म की यह वारदात 27 सितम्बर 2023 की है।

ईटीवी भारत के अनुसार, पीड़िता अपने स्कूल से लौटी थी और खाना खाने के बाद बैठी थी। तभी उसकी माँ के पास टेलर के बेटे का फोन आया कि उसके कपड़े सिल दिए गए हैं और वह उन्हें आकर ले जाए। माँ ने बच्ची से अपनी छोटी बहन के साथ जाकर कपड़े लाने के लिए कहा। हालाँकि, छोटी बहन ने टेलर के यहाँ जाने से मना कर दिया।

पीड़िता अकेली टेलर के पास पहुँची तो वहाँ आरोपित इबरान और उसके पिता, दोनों मौजूद थे। इस दौरान इबरान ने बच्ची से कहा कि उसके कपड़े दूसरे कमरे में रखे हैं। इसके बाद वह बच्ची को लेकर दूसरे कमरे में गया और वहाँ दुष्कर्म को अंजाम दिया।

बच्ची ने किसी तरह खुद को छुड़ाया और घर आकर परिजनों को घटना की जानकारी दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपित इबरान भाग गया। बच्ची के माता-पिता ने इस घटना की जानकारी पुलिस को दी, जिसने आरोपित की तलाश चालू कर दी। पुलिस ने उसे दिल्ली से सटे खोड़ा इलाके से गिरफ्तार कर लिया है।

दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में आरोपित इबरान पर पॉक्सो (POCSO) और धारा 376 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। बच्ची ने अपने माता-पिता से कहा कि इबरान पहले से ही उसे परेशान करता था और गन्दी वीडियो दिखाता था। उसने कहा कि डर के कारण वह अपने माता-पिता को इसके बारे में नहीं बताई थी।

दुष्कर्म के बाद से बच्ची दिल्ली के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में भर्ती है। वहाँ उसका इलाज चल रहा है। वहीं, 19 साल के इबरान को गिरफ्तार करने के बाद उसे दिल्ली के कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। इबरान दिल्ली के चिल्ला इलाके का रहने वाला है।

बताते चलें कि इसी दौरान मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक ऑटो ड्राईवर ने 12 वर्षीय नाबालिग के साथ बलात्कार किया था। इसके कारण खून से लथपथ बच्ची लगभग 8 किलोमीटर पर रोड पर टहलती रही और लोगों से मदद माँगती रही। हालाँकि, किसी ने उसकी मदद नहीं की। एक महंत ने उसे आश्रय देने के बाद पुलिस के हवाले किया था।

ट्रूडो की नीति – एक कदम आगे, दो कदम पीछे: भारत के खिलाफ कनाडा में फिर इकट्ठा होंगे खालिस्तानी

भारत से संबंधों को लेकर कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की दोहरी नीति सामने आई है। खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप लगाने के बाद ट्रूडो ने भारत से सम्बन्ध सुधारने की बात कही थी। हालाँकि, उनकी इस झूठ की की पोल अब दो दिनों में ही खुल गई है।

कनाडा में खालिस्तानी अब रविवार (1 अक्टूबर) को एक रैली का आयोजन करेंगे। इस रैली में पूरे कनाडा से खालिस्तान समर्थकों को बुलाया गया है। इन खालिस्तान समर्थकों को आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए बुलावा भेजा गया है।

अंग्रेजी समाचार वेबसाइट NEWS18 की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, रैली का आयोजन कनाडा के सरे शहर के गुरुद्वारे में होगा। 18 जून को अज्ञात हमलावरों द्वारा मारा गया खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर इसी सरे गुरूद्वारे का प्रबंधक था। उसकी हत्या इसी के बाहर हुई थी।

खालिस्तानियों द्वारा आयोजित इस रैली में भारत और उसके राजनयिकों के विरुद्ध फिर से भड़काऊ बयानबाजी होने की आशंका है। इससे पहले भी खालिस्तानी कनाडा में फर्जी जनमत संग्रह और खालिस्तानी रैलियाँ आयोजित करते रहे हैं। ऐसी ही एक रैली में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की हत्या की झांकी प्रदर्शित की थी।

खालिस्तान की इस रैली का आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो कहा है कि वह वह भारत से सम्बन्ध सुधारना चाहते हैं। ऐसे में ट्रूडो द्वारा संबंध सुधारने की बातें खोखली सिद्ध हो रही है।

जस्टिन ट्रूडो ने 18 सितम्बर को भारतीय एजेंसियों पर खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि कनाडा की सरकार के पास इस सम्बन्ध में ‘विश्वसनीय सबूत’ हैं। कनाडा ने इसको लेकर एक भारतीय राजनयिक को भी निष्कासित किया था।

भारत ने कनाडा के प्रधानमंत्री के दावे को गलत बताया था और कनाडा से इस संबंध में सबूत माँगा था। इसके साथ ही भारतीय राजनियक की निष्कासन के विरोध में कनाडा के एक राजनयिक को निष्कासित कर दिया गया था। भारत ने कनाडाई नागरिकों को वीजा देने पर भी रोक लगा दी थी, जो अभी भी जारी है।

भारत के कड़े रुख से घबराए ट्रूडो ने अपने बयान के अगले ही दिन कहा था कि वह भारत को उकसाना नहीं चाहते हैं। हालाँकि, कनाडा में सिख वोट बैंक साधने के चक्कर में ट्रूडो लगातार अपने बयानों से पलट रहे हैं। ट्रूडो ने इसके पश्चात कहा था कि भारत एक उभरती हुई महाशक्ति है और वह उससे अच्छे संबंध स्थापित करने के लिए ‘गंभीर‘ हैं।

वह एक तरफ वह भारतीय राजनयिकों के विरुद्ध कार्रवाई और भारत से जाँच में सहयोग की माँग कर रहे हैं तो दूसरी तरफ भारत से अच्छे संबंध बनाने की बात भी कर रहे हैं। उनके द्वारा अच्छे संबंधों की बात इसलिए खोखली साबित हो रही है, क्योंकि उनकी सरपरस्ती में कनाडा में भारत विरोधी गतिविधियाँ लगातार जारी हैं।

‘सनातन धर्म कोढ़ और कैंसर है, तुम चापलूस हो’: 21 हनुमान मंदिर पर सीरीज लेकर आ रहे अनुपम खेर, अयोध्या पहुँचे तो भड़के कॉन्ग्रेसी गिरोह ने दी गाली

बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता अनुपम खेर अयोध्या के राम मंदिर में दर्शन के लिए पहुँचे। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि वो देश के 21 हनुमान मंदिरों पर एक श्रृंखला लेकर आ रहे हैं, जिनके माध्यम से उन मंदिरों के बारे में देश-दुनिया को बताया जाएगा। ’21 हनुमान मंदिर’ नाम की इस सीरीज को उनकी कंपनी ‘अनुपम खेर स्टूडियो’ द्वारा निर्मित किया जा रहा है। अनुपम खेर इसी क्रम में शनिवार (30 सितंबर, 2023) को अयोध्या पहुँचे और निर्माणाधीन भव्य राम मंदिर के दर्शन भी किए।

हनुमानगढ़ी स्थित हनुमान मंदिर पहुँच कर अनुपम खेर ने इस श्रृंखला की घोषणा करते हुए वीडियो शेयर किया। इसमें उन्होंने हनुमान जी और इस मंदिर से जुड़ी कुछ कहानियाँ भी सुनाईं। इस दौरान उन्होंने याद किया कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर की नींव रखी थी। अनुपम खेर ने कहा कि मंदिर के उद्घाटन में वो अपनी माँ को लेकर आएँगे। उन्होंने इस दौरान कहा कि अगले 25 वर्षों में भारत विश्व का सबसे बड़ा देश होगा। हालाँकि, अनुपम खेर द्वारा हनुमान मंदिरों पर श्रृंखला बनाया जाना कुछ वामपंथियों को पसंद नहीं आया।

खुद को लेखिका बताने वाली संगीता ने लिखा, “अनुपम खेर जैसे लोग काफी मुखर रहे हैं। मुझे नहीं लगता है कि उन्हें गंभीरता से लेने की ज़रूरत है। वो एक जोकर हैं। NFD या FTII से पढ़ा कोई भी व्यक्ति उनके चापलूसी भरे व्यवहार की पुष्टि कर सकता है। ये उनके खून में है, वो इसमें कुछ नहीं कर सकते।” इस पर लोगों ने संगीता को याद दिलाया कि क्या हिन्दुओं को उनकी आस्था के प्रदर्शन का अधिकार नहीं है? वो मंदिर नहीं जा सकते? धर्म के लिए कार्य नहीं कर सकते?

वहीं खुद को कॉन्ग्रेसी और राहुल गाँधी की फैन बताने वाली रेणु ने लिखा, “2024 तक आप हर फर्जी हिन्दू, गोदी मीडिया और पालतू अभिनेताओं को रोज 24 घंटे अयोध्या के बारे में बता करते हुए पाएँगे। ऐसा इसीलिए, क्योंकि उनके पास गिनने के लिए कोई अन्य उपलब्धि नहीं है।”

वहीं ‘राजू Massey’ नामक एक यूजर ने लिखा, “सनातन धर्म कोढ़ और कैंसर है।” बता दें कि DMK नेता उदयनिधि स्टालिन और ए राजा ने कुछ ऐसा ही बयान दिया था। उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को डेंगू-मलेरिया बताते हुए इसे खत्म करने की बात की थी, वहीं ए राजा ने इसे कोढ़ और कैंसर बता दिया था। इन्हीं नेताओं की बयानबाजी को सोशल मीडिया पर इनके समर्थक दोहरा रहे हैं।

अनुपम खेर 21 हनुमान मंदिरों पर बना रहे सीरीज, वामपंथियों ने सनातन धर्म को दी गाली

इतना ही नहीं, गुजरात प्रदेश कॉन्ग्रेस के SC विभाग के अध्यक्ष हितेंद्र पीठादिया ने अनुपम खेर के वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा, “मतलब अब फिल्मों में काम छोड़कर भाजपा के एजेंट के तौर पर फुल टाइम काम शुरू कर दिया।

बता दें कि अनुपम खेर पिछले 39 वर्षों से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और इस दौरान 536 फिल्मों में काम कर चुके हैं। उन्होंने हॉलीवुड में भी काम किया है। 21 हनुमान मंदिरों की ताज़ा सीरीज जो वो लेकर आ रहे हैं, उसे TOI में बड़े पद पर रहीं प्रिया गुप्ता ने तैयार किया है। इसका उद्देश्य है कि युवा पीढ़ी इन पवित्र स्थलों पर पहुँचे। अनुपम खेर ने कहा कि उनका जन्म और पालन-पोषण सनातन परिवेश में हुआ है, जहाँ बचपन से रामायण-महाभारत की कथाएँ उन्होंने सुनी हैं।

समुदाय विशेष के लड़के ने नाबालिग के साथ किया रेप, हुई गर्भवती: उत्तराखंड में लोगों ने पिटाई करने के बाद मुँह काला कर घुमाया

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के श्रीनगर में बलात्कार का मामला सामने आया। आरोप है कि विशेष समुदाय के युवक ने नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म कर उसे गर्भवती कर दिया। मामला सामने आने के बाद गुस्साए लोगों ने आरोपित की जमकर पिटाई की। इसके बाद, उसके चेहरे में कालिख पोत दिया और सिर मुंडाकर उसे भरे बाजार में घुमाया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला टिहरी गढ़वाल जिले के कीर्तिनगर तहसील के एक गाँव का है। आरोप है कि विशेष समुदाय का युवक एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर एकांत में ले गया। इसके बाद उसके साथ बलात्कार किया। इससे लड़की गर्भवती हो गई।

लड़की का जब पेट बढ़ने लगा तो उसकी माँ ने इसका कारण पूछा। इस पर उसने तबीयत खराब होने की बात कही, लेकिन जब डाँट-फटकार लगा पूछा तो उसने आपबीती सुना दी।लोगों को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने आरोपित की तलाश की। फिर उसे पकड़कर जमकर मारपीट की।

गुस्साए लोग यहीं नहीं रुके। आरोपित का सिर मुंडवाया और उसके चेहरे पर कालिख पोत दी। इसके बाद काफी देर तक उसे बाजार में घुमाया। इसी दौरान मौके पर पहुँची पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में कीर्तिनगर की एसडीएम सोनिया पंत का कहना है कि नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार के आरोपित को गिरफ्तार किया गया है।

एसडीएम ने यह भी कहा कि पीड़िता को मेडिकल कराने के लिए हॉस्पिटल भेजा गया है। वह गर्भवती है। हालाँकि गर्भ कितने माह का है, अब तक इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। आरोपित मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। इलाके में रहकर लोगों के घर बनाने का काम करता था।

पीड़िता के चाचा की शिकायत के आधार पर आरोपित के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 व यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। हिंदुस्तान ने अपनी रिपोर्ट में एसएसपी टिहरी नवनीत सिंह के हवाले से कहा कि आरोपित विशेष समुदाय का है।

पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन पर मुस्लिम भीड़ नए रास्ते से निकाल रहा थी जुलूस, हिंदुओं ने रोका तो की मारपीट, छतों से पथराव भी

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में 28 सितंबर 2023 को मुस्लिमों के बरावफात जुलूस के नए इलाके से जाने पर बवाल हो गया। इस दौरान कट्टरपंथी मुस्लिमों ने हिंदू समुदाय पर जमकर पथराव किया। इसका वीडियो भी वायरल हुआ है। वीडियो में पहचान के आधार अब तक पाँच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, अन्य आरोपितों की पहचान की कोशिश जारी है।

मामला सीतापुर जिले के सदरपुर गाँव के अंतर्गत आने वाले गाँव बनवीरपुर का है। पीड़ित हिंदुओं ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में कहा है कि मुस्लिम समुदाय के लोग गाँव के दक्षिणी छोर से उत्तर की ओर जुलूस निकाल रहे थे। इसके पहले इस रास्ते से कभी भी जुलूस नहीं निकाला गया था।

लोगों ने आरोप लगाया कि जब इस बारे में उनसे बात कही गई तो मुस्लिम समाज के जिन लोगों के निर्देश में इस जुलूस का आयोजन हो रहा था, उन्होंने हिंदुओं से गाली-गलौच करने लगे और हाथापाई शुरू कर दी।

हिंदू पक्ष ने कहा कि इसके बाद मुस्लिमों की ओर से उन पर पथराव कर दिया गया। हिंदू पक्ष ने आरोप लगाया कि एक साजिश के तहत पहले से ईंट-पत्थर आदि छतों पर जमाकर लिए गए थे। वही उन पर बरसाए जाने लगे।

पीड़ित का यह भी आरोप है कि मुस्लिम समुदाय के आरोपितों ने उनके घर में घुस गए और महिलाओं की अश्लील हरकतें कीं। इस दौरान उनसे गाली-गलौच भी की गई। शिकायकर्ता का कहना है कि इससे इलाके में रोष व्याप्त है। हिंदुओं को अपनी जान का डर सताने। लगा है।

जिन लोगों ने इस बवाल को हवा दी, उनके नाम हैं- सलीम, पुत्तान, इश्तियाक, सानू, अइतुल्ला, सैमुल्ला, रहीम, गुफरान, शीबू, मोइन,कादिर। इसके अलावा, पुलिस ने FIR में 25 अज्ञात लोगों के भी नाम दर्ज किए गए हैं। पीड़ित ने इलाके में हेट क्राइम रोकने का भी अनुरोध किया।

लेख में उदयनिधि स्टालिन के बयान की आलोचना, पत्रकार अभिजीत मजूमदार पर तमिलनाडु में FIR: खोज रही पुलिस

पत्रकार अभिजीत मजूमदार ने बताया है कि तमिलनाडु पुलिस अब उनके पीछे पड़ी हुई है। उन्होंने जानकारी दी कि जिस मीडिया संस्थान के लिए वो लिखते हैं और टीवी शो करते हैं, उसके दफ्तर में तमिलनाडु पुलिस के अधिकारी उन्हें खोजते हुए पहुँचे थे। तमिलनाडु पुलिस के 4 अधिकारियों ने वहाँ पहुँच कर उनके बारे में पूछताछ की। दरअसल, उन्होंने Firstpost में एक लेख के जरिए उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म को डेंगू-मलेरिया बताने हुए इसे खत्म करने के बयान की आलोचना की थी।

‘Earshot’ नामक पॉडकास्ट प्लेटफॉर्म के संस्थापक अभिजीत मजूमदार ने ये भी बताया कि उनके खिलाफ तमिलनाडु में FIR भी दर्ज की गई है। इसके बाद उनके खिलाफ वकीलों और अब पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। इसके बाद उन्होंने तंज कसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऐसे ही लोगों द्वारा फासीवादी कहा जाता है। बता दें कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और DMK के मुखिया एमके स्टालिन के बेटे मंत्री उदयनिधि स्टालिन के बयान के बाद हिन्दू कार्यकर्ताओं, भाजपा और कई संगठनों के वाला साधु-संतों ने भी आलोचना की थी।

बता दें कि फर्स्टपोस्ट ‘नेटवर्क 18’ मीडिया संस्थान का ही हिस्सा है, जिसके अंतर्गत ‘न्यूज़ 18’ टीवी चैनल भी आता है। जिस लेख को लेकर ये FIR दर्ज की गई है, उसका शीर्षक था – ‘उदयनिधि स्टालिन द्वारा हिन्दुओं के नरसंहार की बात करने से तमिलनाडु में भाजपा को बड़ा फायदा मिला है।’ इसमें उन्होंने विश्लेषण किया था कि उनके इस बयान से भले उनके समर्थक खुश हो जाएँ, लेकिन इससे उनके खिलाफ एक बड़ा वर्ग ध्रुवीकृत भी होगा। उन्होंने लिखा था कि पेरियार द्वारा ज़हरीला बना दिए गए तमिलनाडु में इस तरह का बयान आश्चर्यजनक नहीं है।

इस लेख में अभिजीत मजूमदार ने याद किया था कि कैसे 70 के दशक में पेरियार की रैली में हिन्दू देवी-देवताओं की तस्वीरों को जूते-चप्पल से मारा गया था और ‘ब्राह्मणों द्वारा निचली जातियों पर अत्याचार’ के विरोध के नाम पर ये सब किया गया था। उन्होंने ध्यान दिलाया कि कैसे चोल, पल्लव और परांतक के हिन्दू साम्राज्यों का स्थल रहे तमिलनाडु में अब हिन्दुओं के खिलाफ घृणा सामान्य हो गई है। उन्होंने लिखा था कि अब सनातन के पुनर्जागरण के साथ तमिलनाडु में एक शांत बदलाव आ रहा है और BJP के प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई के इर्दगिर्द ये बदलाव हो रहा है।

उन्होंने तमिलनाडु के वैदिक इतिहास का जिक्र करते हुए लिखा था कि सनातन धर्म वहाँ भी हमेशा से विद्यमान रहा है। अभिजीत मजूमदार ने अपने लेख मे ये भी पूछा था कि इस्लामी आक्रांताओं और अंग्रेजों द्वारा किए गए नरसंहारों के लिए क्या उदयनिधि स्टालिन कभी इस्लाम या ईसाई मजहब को खत्म करने की बात कर सकते हैं? उन्होंने इस लेख में ये भी लिखा था कि पेरियार ने अपनी गोद ली हुई बेटी से शादी कर ली, जो उनसे 40 साल छोटी थी। साथ ही अपनी पत्नी को गुंडों से धमकी दिलवाई कि वो मंदिर न जाए।

JNU के प्रोफेसर और वैज्ञानिक आननद रंगनाथन ने भी अभिजीत मजूमदार का समर्थन किया है। उन्होंने लिखा है कि उदयनिधि स्टालिन का बयान न सिर्फ हिन्दू विरोधी है, बल्कि माँ की हत्या करने जैसा भी है। आनंद रंगनाथन ने बताया कि अभिजीत मजूमदार ने अपनी लेख में ये पंक्ति लिखी थी और अब तमिलनाडु पुलिस उनके पीछे पड़ी है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और कहा कि वो अभिजीत मजूमदार के साथ खड़े हैं।

याद दिला दें कि बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप पर भी NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) तमिलनाडु सरकार ने ही लगाया था और उन्हें जेल में डाल दिया था। मनीष कश्यप ने राज्य में बिहारी मजदूरों पर अत्याचार किए जाने का आरोप लगाते हुए वीडियो बनाए थे। उदयनिधि स्टालिन के बयान के बाद भाजपा की आईटी सेल के अध्यक्ष अमित मालवीय पर भी FIR दर्ज की गई थी, जिन्होंने इस बयान की आलोचना की थी। इसी तरह, पत्रकार पीयूष राय के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी, क्योंकि उन्होंने एक संत द्वारा उदयनिधि स्टालिन को चेतावनी वाली खबर शेयर की थी।