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700 CCTV खँगालने के बाद पकड़ा गया उज्जैन का दरिंदा, भागने की कोशिश में हाथ-पैर फ्रैक्चर: एक ऑटो ड्राइवर ने रेप किया, दूसरे ने दी थी लिफ्ट

मध्य प्रदेश के उज्जैन में 15 साल की लड़की से दरिंदगी करने वाला ऑटो ड्राइवर भरत सोनी पकड़ा गया है। उसने 28 सितंबर 2023 को पुलिस की गिरफ्त से भागने की भी कोशिश। इस दौरान हाथ-पैर में फ्रैक्चर के कारण वह घायल हो गया।

इस केस में दूसरे ऑटो ड्राइवर राकेश मालवीय की भूमिका भी सामने आ गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उसने पीड़ित लड़की को लिफ्ट दी थी। इसके कारण उसके ऑटो में खून के धब्बे मिले थे। उसे मामले की जानकारी पुलिस को नहीं देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

इस मामले की जाँच कर रह महाकाल थाने के टीआई ने पीड़िता को गोद लेने की बात कही है। पीड़िता मानसिक रूप से कमजोर है और मध्य प्रदेश के ही सतना जिले के जैतवारा थाना क्षेत्र की रहने वाली है। वह घर से स्कूल के लिए निकली थी। लेकिन फिर ट्रेन से उज्जैन पहुँच गई। स्टेशन से भरत सोनी उसे ऑटो में बैठाकर जीवनखेड़ी इलाके में ले गया और सुनसान जगह पर उससे रेप किया।

700 से अधिक सीसीटीवी खँगालने के बाद पुलिस भरत सोनी तक पहुँचने में कामयाब हुई। पुलिस ने सोनी के खिलाफ IPC की धारा 376, पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) व अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

आईजी संतोष सिंह ने कहा कि भरत सोनी ने 25 सितंबर की सुबह पीड़िता के साथ बलात्कार किया था। इसके बाद वह उसे वहीं छोड़कर भाग गया था। बाद में राकेश मालवीय ने अपनी ऑटो में बैठाकर उसे दूसरी जगह छोड़ दिया था। उसकी ऑटो में खून के निशान मिले थे। इसके बाद उससे पूछताछ की गई थी। उसने पुलिस को सूचना नहीं दी। इसलिए उसे गिरफ्तार किया गया है।

एसपी सचिन शर्मा ने कहा कि पुलिस घटनास्थल पर क्राइम सीन रिक्रिएट करने के लिए पुलिस आरोपित को लेकर जा रही थी। इसी दौरान उसने भागने की कोशिश की। वह चोटिल हो गया। कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। आगे की कार्रवाई की जा रही है।

एसपी ने यह भी कहा कि इस घटना के बाद पुलिस अब ऑटो-रिक्शा चालकों के चरित्र का वेरिफिकेशन कर जानकारी इकट्ठा करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि महाकाल थाने के टीआई अजय वर्मा ने बच्ची को गोद लेने का फैसला किया है। वह बच्ची के लिखाई-पढ़ाई समेत जो भी खर्च होगा वहन करेंगे।

जैतवारा पुलिस का कहना है कि पीड़ित लड़की की माँ उसे बचपन में ही छोड़कर चली गई थी। पिता की भी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। वह अपने दादा और बड़े भाई के साथ गाँव में रहती है। स्कूल से घर लौटकर न आने पर उसके दादा ने ही 24 सितंबर को शिकायत दर्ज कराई थी।

वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है, “आरोपित को कठोरतम दंड दिया जाएगा। अपराधी को कड़ी सजा दिलाने में कसर नहीं छोड़ेंगे। मैं लगातार हर घंटे स्थिति पता कर रहा था। इस तरह के अपराधी समाज में रहने के लायक नहीं हैं। उसने मध्य प्रदेश की आत्मा को घायल किया है। वह मेरी बेटी है, मध्य प्रदेश की बेटी है। हम हर तरह से उसकी चिंता करेंगे।”

गौरतलब है कि पीड़ित लड़की अर्धनग्न अवस्था में खून से लथपथ होकर उज्जैन में कई किलोमीटर तक भटकती रही थी। गुरुकुल के आचार्य राहुल शर्मा ने उसके शरीर को ढका था और पुलिस को मामले की जानकारी दी थी।

क्या ओवैसी के शहर के मुस्लिम देंगे पाकिस्तानी क्रिकेटरों का साथ? मुश्ताक अहमद ने कहा – ‘हैदराबाद, अहमदाबाद में मुस्लिम आबादी ज्यादा, इसलिए वहाँ Pak को समर्थन’

“हैदराबाद और अहमदाबाद में मुस्लिम आबादी बहुत ज्यादा है, इसलिए वहाँ की भीड़ पाकिस्तानी क्रिकेट टीम का समर्थन करेगी।” – यह कहना है पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर मुश्ताक अहमद का। पाकिस्तानी मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने यह बात 28 सितंबर 2023 को कही। वहाँ की मीडिया में यह चर्चा इसलिए हुई क्योंकि जब पाकिस्तान की टीम क्रिकेट वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने हैदराबाद पहुँची तो उनका भव्य स्वागत किया गया, इससे पाकिस्तानियों को लगा कि मैच के दौरान भी उन्हें समर्थन मिलेगा।

पाकिस्तान की क्रिकेट टीम भारत आ चुकी है। क्रिकेट के सबसे बड़े इवेंट में हिस्सा लेने – क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 (Cricket World Cup 2023)! हैदराबाद में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम का भव्य स्वागत किया गया। कप्तान बाबर आजम को तो स्पेशल भगवा गमछा से सम्मानित किया गया।

6 अक्टूबर 2023 से क्रिकेट वर्ल्ड कप (Cricket World Cup) शुरू होने वाला है। इसके लिए भाग ले रही सभी टीम तो तैयार है ही, प्रशंसक और मीडिया में भी क्रेज छाने लगा है। पाकिस्तानी टीम की ही बात करें तो इनके भारत पहुँचते ही हैदराबाद एयरपोर्ट पर अच्छी संख्या में इनके समर्थक चीयर करते दिखे। पाकिस्तानी मीडिया भी इस स्वागत से खुश दिख रही, पैनल डिस्कशन किया जा रहा… क्रिकेट के बजाय बस एंगल इस्लाम का रखते हुए। अफसोस यह कि इसमें बात करने वाले भी क्रिकेटर ही हैं।

समा टीवी नाम का एक पाकिस्तानी मीडिया चैनल है। इस पर एक चर्चा की गई पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के हैदराबाद लैंड करने और एयरपोर्ट पर उनके स्वागत की। इस चर्चा का शीर्षक रखा गया – Zor ka Jor | World Cup 2023 | Pakistan Zindabad Slogans in India’s Hyderabad (ज़ोर का जोर | वर्ल्ड कप 2023 | भारत के हैदराबाद में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे)। इस चर्चा में भाग लेने वालों के नाम हैं – मुश्ताक अहमद (पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर), इरम जावेद (पाकिस्तानी महिला क्रिकेटर) और एक पत्रकार।

चर्चा में क्रिकेट की बात कम हुई। भारत-पाकिस्तान के मैच ज्यादा से ज्यादा राजनीति से परे रखते हुए खेले जाएँ, इस पर ज्यादा बात की गई। देश के साथ-साथ खिलाड़ियों की भी आर्थिक स्थिति पस्त है, इसलिए शायद यह उनके लिए लाजिमी रहा होगा। आश्चर्य यह कि इसके बाद सारे लोग पाकिस्तान किन-किन जगहों पर खेलेगी और उन शहरों में मुस्लिम आबादी कितनी है, इस पर चर्चा करने लगे।

पाकिस्तान के शुरू के दो मैच हैदराबाद में नीदरलैंड और श्रीलंका के खिलाफ होने हैं। इसके बाद तीसरा मैच अहमदाबाद में भारत के खिलाफ होगा। चर्चा में जब एंकर ने पाकिस्तानी टीम को मिलने वाले समर्थन पर बात की तो मुश्ताक अहमद ने हैदराबाद और अहमदाबाद में बहुत ज्यादा मुस्लिम आबादी की बात की। लगभग 27 मिनट के वीडियो में मुश्ताक की यह बातचीत 7 मिनट के बाद से सुनी जा सकती है।

पाकिस्तानी टीम को सपोर्ट करते हैं भारत के कट्टर इस्लामी?

पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर और वहाँ की मीडिया अगर चर्चा कर रही है कि हैदराबाद और अहमदाबाद के इंडियन मुस्लिम पाकिस्तान का समर्थन करेंगे तो यह सिर्फ कयास नहीं है। कई ऐसी खबरें आती रही हैं, जब भारत-पाकिस्तान के मैच के समय या मैच में हार-जीत के बाद हिंदू-मुस्लिम भीड़ में हिंसक झड़पें हुई हैं। भारत में कुछ मीडिया हाउस भी ऐसे हैं, जो पाकिस्तानी टीम से खुलेआम प्यार जता चुके हैं। बात अगर पाकिस्तानी मुस्लिमों की करें तो वो कट्टर होते हैं कि अपनी टीम की हार के बाद हिंदू लड़कियों को उठा कर ले जाते हैं।

टीचर शाइस्ता ने हिंदू छात्र को मुस्लिम साथी से पिटवाया, डर और शर्मिंदगी से स्कूल नहीं जा रहा था पीड़ित: परिजनों की FIR के बाद टीचर गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के संभल में मुस्लिम टीचर पर अपने ही समुदाय के छात्र से एक हिंदू छात्र को पिटवाने का आरोप लगा है। ये मामला सेंट एंथनी स्कूल का है। छात्र के माता-पिता ने आरोप लगाया कि टीचर शाइस्ता ने उनके बेटे को स्कूल के अंदर मुस्लिम छात्र से पिटवाया। उन्होंने कहा कि टीचर ने उनके बेटे को यह कहते हुए पिटवाया कि वह हिंदू है।

जानकारी के मुताबिक, सेंट एंथनी सीनियर सेकेंडरी स्कूल संभल जिले के असमोली थाना इलाके के ग्राम दुगावर में स्थित है। यहाँ सिरोली गाँव के निवासी और सिक्योरिटी गार्ड का काम करने वाले एक व्यक्ति का बेटा पाँचवीं कक्षा में पढ़ता है। छात्र के पिता ने बताया कि उनका बेटा बीते 26 सितंबर को स्कूल पढ़ने गया था, जहाँ वह कुछ सवाल का जवाब नहीं दे पाया।

इस पर उसकी टीचर शाइस्ता भड़क गई। लड़के के पिता ने आरोप लगाया कि शाइस्ता ने उसी क्लास के एक मुस्लिम बच्चे से उसके बेटे की पिटाई करा दी। शिक्षिका के कहने पर मुस्लिम छात्र ने पीड़ित के गाल पर कई थप्पड़ जड़े। इसके बाद से पाँचवीं क्लास में पढ़ने वाला पीड़ित बच्चा उदास रहने लगा था।

पिता का कहना है कि उनका बच्चा डर और शर्मिंदगी के कारण स्कूल नहीं जा रहा था। जब उन्होंने बच्चे से पूछा कि क्या हुआ तो उसने पूरी घटना बताई। इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत स्कूल प्रशासन और पुलिस से की। पुलिस ने इस मामले में महिला शिक्षिका को गिरफ्तार कर जाँच शुरू कर दी है।

एएसपी श्रीशचंद्र ने बताया कि मामले में आरोपित टीचर के खिलाफ पुलिस ने एक्शन लिया है। बच्चे के पिता के आरोप काफी गंभीर हैं। पुलिस ने एसपी कुलदीप सिंह गुनावत का निर्देश मिलते ही आरोपित टीचर को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही स्कूल की प्रिंसिपल सेमिना ने आरोपित टीचर को स्कूल से सस्पेंड कर दिया।

ई-रिक्शा ड्राइवर सुअलीन ने 6 साल बच्ची से कुकर्म कर मार डाला, भाई रिजवान ने खून साफ किया: शव को ठिकाने लगाने से पहले अलीगढ़ पुलिस ने दबोचा

अलीगढ़ में 6 साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई है। इस मामले में अलीगढ़ पुलिस ने दो सगे भाईयों- सुअलीन और रिजवान को गिरफ्तार किया है। बच्ची का शव आरोपितों के घर के ऊपर बंद पड़े एक वॉशरूम में पड़ा मिला। पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, दुष्कर्म के बाद बच्ची के साथ कुकर्म भी किया गया था। इसके बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई।

ये वारदात अलीगढ़ के तुर्कमान थान क्षेत्र की है। 26 सितंबर को बच्ची गायब हुई थी। काफी खोजबीन और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद सीसीटीवी फुटेज की मदद से बच्ची का शव बरामद किया गया है। उसे पीड़ित बच्ची के घर के बगल में ही रहने वाले सुअलीन और रिजवान ने मार डाला था।

इस मामले में उत्तर प्रदेश की अलीगढ़ पुलिस के एसएसपी के कलानिधि नैथानी के हवाले से बताया गया है कि बच्ची की माँ ने पुलिस में शिकायत की थी कि उनकी बच्ची नहीं मिल रही है। इस एफआईआर की कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है।

मीडिया से बातचीत में एसएसपी कलानिथि नैथानी ने बताया, “दोनों घर की छत मिली हुई है और दोनों परिवार एक ही समुदाय के हैं। जब उस घर की छानबीन की गई तो पता चला कि इसकी छत पर एक बाथरूम जैसा कमरा है। उसके बराबर में एक छोटा सा कमरा है। यहीं पर बच्ची को बरामद किया गया। बच्ची को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहाँ डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।”

20 रुपए देकर उसी बच्ची से मँगाया था गुटखा

आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य आरोपित सुआलीन ने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि उसने बच्ची को 20 रुपए देकर अपने लिए गुटखा और उसके लिए चिप्स मँगवाई थी। इसके बाद उसने बच्ची के साथ हैवानियत की और फिर हत्या कर दी। फिलहाल पुलिस ने दोनों सगे भाइयों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।

ई-रिक्शा चलाता है आरोपित सुअलीन

अलीगढ़ में 6 साल की बच्ची को दुष्कर्म-कुकर्म के बाद मारने वाला सुअलीन ई-रिक्शा चलाता है। उसने बच्ची के साथ रेप किया और फिर कुकर्म की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद कहीं वो पकड़ा ना जाए, बच्ची का गला घोंटकर उसने उसकी जान ले ली। इस काम में उसके भाई रिजवान ने मदद की और खून साफ किया। इसके बाद दोनों भाई बच्ची को ढूंढने का नाटक करने लगे।

रात गहराने का कर रहे थे इंतजार, तैयार था ई-रिक्श

सुअलीन और उसका भाई रिजवान दोनों ने ई-रिक्शा तैयार कर रखा था। उनकी प्लानिंग थी कि रात के समय वो बच्ची के शव को ई-रिक्शा पर लादकर किसी नाले में डाल देंगे। इससे वो पुलिस की पकड़ में जाने से बच जाएँगे। हालाँकि, दोनों के पकड़े जाने से उनकी प्लानिंग धरी की धरी रह गई।

खुद ही ढूँढने का नाटक भी कर रहा था हत्यारा सुअलीन

आरोपित सुअलीन ने बच्ची की अम्मी से दोपहर बारह बजे से दो बजे के बीच तक कई बार पूछा कि बच्ची कहीं दिखाई नहीं दे रही है। कहाँ गई? इस पर बच्ची की अम्मी ने हर बार यही जवाब दिया कि खेल रही होगी, कहाँ जाएगी? मगर दो बजे जब अम्मी को चिंता हुई और तलाश शुरू की तो हर तरफ से यही जवाब मिला कि एक बजे के आसपास बच्ची को आरोपित के घर की ओर जाने वाली गली में जाते देखा है।

बहन को छत से नीचे भेजकर बच्ची को बनाया शिकार

सुअलीन की बहन मृतक की सहेली थी। घटना के वक्त आरोपितों की बहन छत पर थीं। उसने पूछताछ में पुलिस को बताया कि घटना के वक्त उसने बहन को नीचे भेज दिया था। उसे लगा कि वह अपने घर चली गई होगी। इसके बाद जब परिवार बच्ची को तलाशने में लगा तो खुद सुआलीन और उसके भाई भी परिवार के साथ बच्ची को तलाश रहे थे।

किराए पर रहते हैं दोनों परिवार

पीड़ित और आरोपित दोनों परिवार किराए पर रहते हैं। पीड़ित परिवार जिस मकान में रहता है, उसके दो दरवाजे हैं। एक दरवाजा सड़क की दिशा में खुलता है तो दूसरा गली में पड़ोसी के मकान की ओर खुलता है। पीड़ित दंपती के चार बच्चों में मृतक तीसरे नंबर की थी, उसके बाद एक छोटा भाई भी है। रोज की तरह पिता काम पर चला गया था, जब उसके साथ ये दरिंदगी हुई।

‘ये फिटकिरी झा हैं…’: आनंद मोहन ने मनोज झा के बड़े पिता को बताया सियासी अवसरवादी, MLA राघवेंद्र सिंह बोले- गर्दन उतारने में देर नहीं लगेगी

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने सदन में ‘ठाकुर का कुआँ’ नाम की कविता पढ़ी थी। इस पर विवाद बढ़ता जा रहा है। पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह ने कहा था कि यदि उस समय वो संसद में होते तो मनोज झा की जीभ काटकर आसन की उछाल देते। अब आनंद मोहन ने एक फिर मनोज झा को निशाने पर लिया है। उन्होंने झा को ‘फिटकरी’ और केंद्र का एजेंट करार दिया है।

इसके साथ ही जेडीयू के एमएलएसी संजय सिंह ने भी मनोज झा के बयान का तीखा विरोध किया है और उन्हें ऐसा दोबारा न करने की चेतावनी दी है। आरा के बड़हरा से भाजपा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने मनोज झा को माफी माँगने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि वो भी राजपूत ही हैं। एक सेकेंड नहीं लगेगा और गर्दन उतार कर वो हाथ में रख देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि पुरानी कहानी याद ना दिलवाई जाए।

मीडिया से बातचीत में आनंद मोहन सिंह ने कहा कि फिटकरी का इस्तेमाल शेविंग के बाद किया जाता है। यह कीटाणुनाशक होता है और एक क्विंटल दूध में एक ढेला इसको डाल देने पर दूध फट जाता है। उन्होंने कहा, “ये फिटकरी झा हैं। वे केंद्र का एजेंट बनकर पार्टी में बैठे हैं। वे नहीं चाहते हैं कि लड़ाकू जातियाँ इकट्ठा हों।”

मनोज झा के परिवार के इतिहास की दिलाई याद

आनंद मोहन ने आगे कहा, “इनके बड़े पिता जी की कहानी जानता हूँ। वो भी समाजवादी का चोला पहने हुए थे। जैसे ही कॉन्ग्रेस की सरकार बनी, समाजवादी चोला उतारकर कॉन्ग्रेस सरकार में मंत्री बन गए।” उन्होंने कहा, “ऐसे लोग तभी तक आरजेडी में रहेंगे, जब तक आरजेडी अस्तित्व में होगी। जैसे ही लगेगा कि आरजेडी कमजोर हो गई, वे भाजपा की गोद में चले जाएँगे।”

बता दें कि मनोज झा ने 21 सितंबर को महिला आरक्षण बिल पर सदन में अपनी बात रखते हुए कहा था कि इस बिल को दया भाव की तरह पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा था कि दया कभी अधिकार की श्रेणी में नहीं आ सकती है। आखिरी में उन्होंने ओमप्रकाश वाल्मीकि की कविता पढ़कर ठाकुर जाति का अपमान किया। उन्होंने कविता पढ़ी,

“चूल्हा मिट्टी का, मिट्टी तालाब की, तालाब ठाकुर का।
भूख रोटी की, रोटी बाजरे की, बाजरा खेत का।
खेत ठाकुर का, बैल ठाकुर का, हल ठाकुर का।
हल की मूठ पर हथेली अपनी, फ़सल ठाकुर की।
कुआँ ठाकुर का, पानी ठाकुर का, खेत-खलिहान ठाकुर के, गली-मुहल्ले ठाकुर के,

फिर अपना क्या?
गाँव? शहर? देश?”

मनोज झा, राज्यसभा में (ओम प्रकाश की कविता का पाठ)

बड़हरा से भाजपा विधायक ने झा को दी चेतावनी

मनोज झा की जातिवादी टिप्पणी पर आरा के बड़हरा विधानसभा से भाजपा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने भी कड़ी टिप्पणी दी है। उन्होंने कहा कि मनोज झा ये ना भूलें कि वे भी राजपूत हैं, जो माफी नहीं माँगने पर उनका सिर उतार कर हाथ में दे देंगे।

राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, “आप पंडित जी है। आज के युग में ‘पंडित जी प्रणाम’ कहने वाले सिर्फ राजपूत ही हैं। ये बात आप भूल गए हैं।” उन्होंने झा से माफी की माँग करते हुए कहा, “एक बात और, आप भूल गए कि राजपूत वो भी हैं, जो सेकेंड नहीं लगेगा आपका गर्दन उतारकर आपके हाथ में रख देंगे।”

जेडीयू एमएलसी संजय सिंह ने किया मनोज झा का विरोध

इस मामले में जेडीयू के एमएलसी संजय सिंह ने मनोज झा को चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “ठाकुर वो आग है, जो लगेगी तो बुझाने के लिए कोई दमकल भी नहीं मिलेगा। अगर मनोज झा समाज को बाँटने का काम कर रहे हैं। मैं उन्हें चेतावनी देता हूँ कि ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा।”

विधायक चेतन आनंद ने किया तीखा विरोध

आनंद मोहन के बेटे और आरजेडी विधायक चेतन आनंद ने मनोज झा के बयान का विरोध करते हुए कहा कि राज्यसभा में ठाकुरों के ऊपर कविता पढ़ी गई। उन्होंने कहा कि उन्हें आश्चर्य होता है कि ये लोग खुद को समाजवाद के सिपाही समझते हैं। राज विधायक ने आगे कहा कि आश्चर्य इससे भी होता है कि झा ने कहा कि वो जात-पात पर नहीं जा रहे हैं और बाद में ठाकुरों को गुंडा बना दिया।

चेतन आनंद का फेसबुक पोस्ट

चेतन आनंद ने इसे ‘दोगलापन’ बताते हुए कहा कि ये सबको पता है कि देश भर में ठाकुर टाइटल कौन लोग यूज करते हैं। उन्होंने पूछा, “आपको ठाकुरों से क्या एलर्जी है? दुनिया में इतनी सारी कविताएँ हैं, कभी आपने उनका इस्तेमाल नहीं किया?”

उन्होंने कहा, “ब्राह्मणों पर भी नकारात्मक कविताएँ हैं, लेकिन वो इन्हें सही नहीं मानते।” उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों पर अगर कविता पढ़ी होती तो बनगाँव जहाँ वो रहते हैं, वहाँ उन्हें लोग घुसने नहीं देंगे। चेतन आनंद ने स्पष्ट किया कि किसी को सॉफ्ट टारगेट बनाए जाने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ये मोदी हमें किस मोड़ पे ले आया, बहरूपिया बनाकर छोड़ डाला… कल कुली, आज कारपेंटर बन गए राहुल गाँधी

फिल्म ‘सत्ते पे सत्ता’ के एक गाने की कुछ पंक्तियाँ यूँ हैं;

प्यार हमें किस मोड़ पे ले आया
कि दिल करे हाय
हाय
कोई ये बताए क्या होगा

स्वतंत्र भारत में सत्ता से नेहरू-गाँधी परिवार का प्यार कुछ ऐसा चला कि ‘क्या होगा’ यह वही बता सकते थे। लेकिन भारतीय राजनीति ने नरेंद्र मोदी के उदय से ऐसा मोड़ लिया कि अब उसी परिवार का ‘युवा’ बहरूपिया बने घूम रहा है और पूछ रहा है कि ‘कोई बताए क्या होगा’।

राजनीति के इस मोड़ ने उस राहुल गाँधी को बहुरूपिया बनाकर छोड़ दिया है, जिनकी पैदाइश होते ही कॉन्ग्रेसियों ने मुनादी करवा दी थी कि वो आ गया। हमारा प्रधानमंत्री बनने के लिए आ गया। लेकिन अब सत्ता की लालसा में राहुल गाँधी रोज भेष बदल रहे हैं। ज्यादा दिन नहीं हुए जब वह ‘कुली’ बनकर ट्रॉली माथे पर ढो रहे थे। 28 सितंबर 2023 को भेष बदलकर वे बढ़ई हो गए। हाल के महीने में वे इसी तरह लगातार भेष बदलते रहे हैं। कभी ट्रक की सवारी तो कभी बाइक मैकेनिक तो कभी बावर्ची…

2019 में राहुल अमेठी से भागकर वायनाड पहुँचे। अब बहुरूपिया बनते बनते 2024 में वे भागकर कहाँ पहुँचेगे यह बताना कॉन्ग्रेसियों के लिए भी नामुमकिन ही लगता है।

भले हर बार भेष बदलकर राहुल को लगता हो कि वे ‘लोक कल्याण मार्ग’ बस पहुँचने ही वाले हैं, भले ‘कॉन्ग्रेस मुक्त भारत’ का नारा बीजेपी का हो, पर हकीकत यही है कि कॉन्ग्रेस को 44 सीट तक लाने में भाजपा से कहीं अधिक बड़ी भूमिका राहुल गाँधी की ही रही है। एक दशक पहले तक स्थितियाँ ऐसीं थीं कि बड़े शहरों से लेकर छोटे-छोटे गाँवों तक कॉन्ग्रेस के पास कार्यकर्ताओं की फौज होती थी। चुनाव आते ही यह फौज अपना किला बचाने में जुट जाती थी।

लेकिन अब हालत यह है कि फौज की बात तो दूर कॉन्ग्रेस के पास अपना किला भी नहीं बचा है। जिन इलाकों को कॉन्ग्रेस का गढ़ कहा जाता था, वहाँ ‘स्टार प्रचारक’ राहुल गाँधी की बदौलत पार्टी का नाम लेने वाले लोग ढूँढ़ना मुश्किल हो गया है। सीधे शब्दों में कहें तो 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी की करारी शिकस्त और उसके बाद नेतृत्व की कमजोरी के चलते कॉन्ग्रेसी आत्मविश्वास खो चुके हैं।

इसका ठीकरा भले ही किसी के सिर पर फोड़ने की कोशिश की जाए, लेकिन श्रेय प्रधानमंत्री बनने का ख्वाब देखने वाले 53 वर्षीय युवा चेहरे को ही जाता है। वो चेहरा जिसके पास न अपनी दृष्टि है। न अपनी रणनीति। जो भाजपा के गलती करने के इंतजार में बैठा है। जो जमीन पर संघर्ष करने की जगह कालनेमि की तरह भेष बदलने में बिजी है। जिसे लगता है कि चुनाव वोट से नहीं ‘सोशल मीडिया’ में नए नए गेटअप में फोटो पोस्ट करने से जीता जाता है।

देश विरोधी बयान से लेकर अडानी-अंबानी का राग, देश की जमीन पर चीन के कब्जे की झूठी कहानी तथा लोकतंत्र और मीडिया पर हमले की इबारत पढ़-पढ़ कर थक चुके राहुल गाँधी को देखकर ऐसा लगता है कि वह अब मुद्दा विहीन हो चुके हैं। हाल ही में हुए उपचुनावों में भी राहुल ने कॉन्ग्रेस की हार पर बात करने से कहीं अधिक भाजपा की हार पर चर्चा करना उचित समझा। वास्तव में वह भाजपा की हार में अपनी जीत तलाशते नजर आते हैं।

सत्ता की लोलुपता किसी को भी किसी भी स्तर तक ले जा सकती है। आज राहुल गाँधी सुर्खियों में बने रहने के लिए विभिन्न प्रकार के रूप धारण कर रहे हैं। या यह कहें कि राजनीतिक बहुरूपिए बनते फिर रहे हैं, तो गलत नहीं होगा। दिल्ली के आनंद विहार स्टेशन में कुली बनने के बाद अब दिल्ली के ही फर्नीचर मार्केट में वे कारपेंटर बने दिखाई दिए हैं। यदि राहुल इसी तरह आगे बढ़ते रहे तो वह दिन दूर नहीं, जब वह अब्दुल की पंचर दुकान पर भी दिख जाएँ।

बहरहाल, बहरकैफ… मोहनदास करमचंद गाँधी ने देश की आजादी के बाद कॉन्ग्रेस को खत्म करने की इच्छा व्यक्त की थी। एमके गाँधी का कहना था कि कॉन्ग्रेस का मकसद पूरा हो गया है, इसलिए अब इसकी जरूरत नहीं है। लेकिन तब नेहरू ने गाँधी की बात नहीं मानी थी। अब राहुल गाँधी जिस ‘कालनेमि रफ्तार’ में हैं उससे ऐसा लगता है कि वह एमके गाँधी की अधूरी इच्छा को पूरी करके ही दम लेंगे।

घर से स्कूल के लिए निकली, उज्जैन में खून से सने कपड़ों में भटकी: ऑटो ड्राइवर ने किया रेप, पुजारी ने मदद; अस्पताल आई कॉन्ग्रेस नेत्री को लौटाया

मध्य प्रदेश के उज्जैन में बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले आरोपित भरत सोनी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। भरत सोनी उज्जैन की झुग्गी बस्ती में रहता है और ऑटो चलाने का काम करता है। पुलिस ने बताया कि आरोपित ने बच्ची के साथ जीवनखेड़ी में दुष्कर्म किया था। इससे पहले 5 ऑटो ड्राइवर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था।

पुलिस ने बताया कि जब आरोपित को जाँच के लिए मौके पर लेकर गई तो उसने भागने की कोशिश की। हालाँकि, पुलिस के जवानों ने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया। इस दौरान आरोपित गिर पड़ा और उसे चोट आ गई। वहीं, दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस आरोपित और घायल जवानों पर जिला अस्पताल लेकर गई।

रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि बच्ची ने पुलिस को बताया कि वो अपने घर सतना से अच्छी जिंदगी की तलाश में भागकर उज्जैन आई थी। उसने यह भी बताया कि उसकी उम्र 12 साल नहीं, बल्कि 15 साल है। बच्ची की गुमशुदगी की रिपोर्ट सतना के जैतवारा थाने में दर्ज है।

आचार्य की सूचना पर उज्जैन पुलिस हरकत में आई

सोमवार (25 सितंबर 2023) को यह बच्ची खून से लथपथ होकर अर्धनग्न अवस्था में भागती नजर आई थी। बताया जा रहा है कि बच्ची 8 किलोमीटर तक सड़कों पर भागती फिर रही थी। इस दौरान उसने कई लोगों से मदद भी माँगी, लेकिन किसी ने मदद नहीं की।

इस बच्ची की मदद महाकाल थाना क्षेत्र में आने वाले दाँडी सेवा आश्रम के आचार्य राहुल शर्मा ने की थी। उन्हीं की वजह ये मामला उज्जैन पुलिस की नजर में आया। इसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और उसने शहर की सड़कों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो उसमें बच्ची 5 ऑटो ड्राइवर के साथ दिखी थीं।

‘बच्ची है खौफ और सदमे में’

इस बीच इंदौर के अस्पताल से आ रही खबरों में कहा गया है कि बच्ची की हालत अब खतरे से बाहर है। बच्ची से मिलकर आई राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की सदस्य दिव्या गुप्ता ने बताया, “मैं बच्ची की स्थिति देखकर आई हूँ। वह ठीक हो रही है और रिकवर कर रही है। घटना में लिप्त आरोपियों को उज्जैन पुलिस ने पकड़ा है।”

उन्होंने आगे कहा की कि बच्ची किसी से बात नहीं कर रही है। वह अनजान चेहरे को देखकर घबरा रही है और उसे हटाने के लिए कह रही है। दिव्या गुप्ता ने कहा कि वह चिकित्सीय रूप से रिकवर कर रही है, लेकिन भावनात्मक रूप से सदमे में है।

दादा ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट

उज्जैन के एसपी सचिन शर्मा के मुताबिक, पीड़ित बच्ची सतना रहने की रहने वाली है। वह 24 सितंबर को घर से लापता हो गई थी। उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट उसी दिन सतना के जैतवारा थाने में दर्ज की गई थी। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित बच्ची ने जानकारी दी है कि वो सतना में जिंदगी से परेशान होकर अच्छी जिंदगी की तलाश में घर से निकली थी।

वहीं, जैतवारा पुलिस ने बताया कि बचपन में ही बच्ची की माँ उसे छोड़कर चली गई थी और उसके पिता अर्धविक्षिप्त हैं। वो अपने दादा और बड़े भाई के साथ गाँव में रहती है। वहीं की स्कूल में वह 8वीं कक्षा में पढ़ती है। उसके लापता होने पर दादा ने 24 सितंबर को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

इस घटना के बाद सतना पुलिस की टीम भी उज्जैन के लिए रवाना हुई है। बच्ची ने पुलिस को बताया कि सुबह 3.15 से लेकर 5 बजे तक ऑटो ड्राइवर उसे घुमाता रहा था। वो बस (कुछ रिपोर्ट्स में ट्रेन) से उज्जैन आई थी और सोमवार तड़के 3 बजे उसने एक ऑटो ड्राइवर से कुछ बात की थी।

‘राजनैतिक दल के नेता बना रहे वीडियो’

एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो का आरोप है कि कॉन्ग्रेस की एक महिला नेता बच्ची के रेप को राजनीतिक रूप देने की कोशिश कर रही है। अस्पताल में राजनैतिक दल के नेता वीडियो बनाने के लिए आ रहे हैं। आयोग की सदस्य ने ऐसी ही कॉन्ग्रेस पार्टी की एक नेत्री को वहाँ भीड़ न लगाने का आग्रह कर उनको वापस भेजा है।

उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया, “उज्जैन की रेप पीड़ित नाबालिग बच्ची का इलाज इन्दौर के अस्पताल में चल रहा है। एनसीपीसीआर की सदस्य डॉक्टर दिव्या गुप्ता ने आज (28 सितंबर) अस्पताल में डीन व अन्य चिकित्सकों से भेंट कर बच्ची की स्थिति की अपडेट ली है। बच्ची मानसिक ट्रॉमा में है। ऐसे में उससे भेंट नहीं की। “

कनाडा बना भारत के अलगाववादियों का मीटिंग प्वॉइंट: गुरुद्वारे में मणिपुरी और खालिस्तानी आतंकियों की सीक्रेट मीटिंग का खुलासा

भारत को तोड़ने की साजिश रच रहे अलगाववादियों के लिए कनाडा स्वर्ग बन चुका है। खालिस्तानी और मुस्लिम आतंकियों के बाद मणिपुर के कुकी अलगाववादी ताकतों के लिए भी कनाडा सुरक्षित पनाहगाह और मीटिंग प्वॉइंट बनकर उभरा है।

हाल ही में सरे स्थित गुरुद्वारे में खालिस्तानी आतंकियों और मणिपुर के अलगाववादियों के बीच मीटिंग की रिपोर्ट्स सामने आ रही है। इसी गुरुद्वारे का संचालक हरदीप सिंह निज्जर कुछ समय पहले मारा गया था, जिसमें कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने बिना किसी ठोस सबूत के उसकी हत्या का आरोप भारत पर मढ़ दिया था।

मणिपुरी आतंकियों की खालिस्तानियों के साथ बैठक

अमर उजाला की रिपोर्ट में कहा गया है कि मणिपुर के एक अलगाववादी संगठन के प्रमुख नेता लीन गैंगटे ने कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया स्थित सरे के गुरुद्वारा गया था। वहाँ उसने न सिर्फ खालिस्तानियों की भारत विरोधी मुहिम को सपोर्ट किया, बल्कि मणिपुर में अलगाववाद की लड़ाई साथ-साथ लड़ने की बात भी कही।

लीन गैंगटे नॉर्थ अमेरिकन मणिपुर ट्राइबल एसोसिएशन (एनएएमटीए) के कनाडा चैप्टर का मुखिया है। वह मणिपुर के ईसाई बहुल पहाड़ी इलाकों को भारत से अलग कर नया देश बनाने की मुहिम चला रहा है।

अलगाववादियों का गठजोड़ भारत के लिए चिंता की बात

खालिस्तानियों के कंट्रोल वाले गुरुद्वारे में एनएएमटीए (NAMTA) के नेता लीन गैंगटे ने लोगों को संबोधित भी किया। उसने मणिपुर में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा लोगों के दमन का आरोप लगाया। इस गुरुद्वारे में हुई मीटिंग के बाद सुरक्षा एजेंसियाँ चौकन्नी हो गई हैं, क्योंकि ये गठजोड़ भारत के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है।

केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने बताया है कि ये बैठक तकरीबन 3 घंटे तक चली, जिसकी पूरी जानकारी केंद्र सरकार से साझा कर दी गई है। अब इस जानकारी को कनाडा सरकार के सामने सबूतों के साथ रखा जाएगा।

यह वही गुरुद्वारा है, जहाँ से खालिस्तानी आतंकवादी भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने अपने खुफिया नोट में कहा है कि इस मीटिंग के दौरान एनएएमटीए के पदाधिकारियों और गुरुद्वारा मैनेजमेंट के लोगों (जो निज्जर के सहयोगी रहे हैं) के बीच काफी देर तक बातचीत हुई।

चीन से भी सहयोग माँग रहे खालिस्तानी

अभी कुछ दिनों पहले ही सिख फॉर जस्टिस के नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू ने खालिस्तान के मामले में चीन से भी समर्थन माँगा था। इसके बदले में अरुणाचल प्रदेश पर चीनी कब्जे को मान्यता देने की बात कही थी। उसने चीन से खालिस्तान के लिए रेफरेंडम में साथ देने की अपील की थी।

बता दें कि कनाडा पिछले कुछ समय में बुरी तरह से एक्सपोज हुआ है। खालिस्तानी आतंकियों, इस्लामी आतंकियों और नाजी हत्यारों को संरक्षण देने के बाद अब मणिपुरी अलगाववादियों को भी संरक्षण दे रहा कनाडा आग से खेल रहा है।

कनाडा को रूस भी नाजियों को सम्मानित करने के लिए डाँट चुका है। कुछ दिन पहले ही श्रीलंका ने भी कनाडा के दोहरे रवैये को बेनकाब किया था और बताया था कि श्रीलंका के अलगाववादियों को भी कनाडा संरक्षण दे रहा है।

‘बायडेन की पत्नी को हीरा, मंदिर में दान किए ₹21’: PM मोदी को लेकर I.N.D.I. गठबंधन ने फैलाया झूठ, वीडियो से सामने आया सच

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर सोशल मीडिया पर आए दिन तरह-तरह के दावे होते रहते हैं। अब एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें मंदिर के पुजारी ने दावा किया है कि पीएम मोदी ने दान पात्र में 21 रुपए दान किए थे। I.N.D.I. गठबंधन के नेता इस वीडियो को शेयर कर मंदिर में छोटी राशि दान करने को लेकर प्रधानमंत्री का मजाक उड़ा रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी इस साल जनवरी में राजस्थान के भीलवाड़ा में देवनारायण मंदिर में भगवान देवनारायण की 1111वीं जयंती पर दर्शन कर गए थे। इसी दौरान उन्होंने मंदिर में कुछ राशि दान की थी। बीते दिनों मंदिर की दान पेटी खोली गई। कहा जा रहा है कि नौ महीने बाद खोली गई दान पेटी में तीन लिफाफे मिले। मंदिर के पुजारी ने कहा कि मोदी ने दान पेटी में एक सफेद लिफाफा डाला था और उसी लिफाफे में सिर्फ 21 रुपए मिले हैं। वहीं, शेष दो अन्य लिफाफों में ₹101 और ₹2100 मिले।

चूँकि, विपक्ष पीएम मोदी पर कीचड़ उछालने का मौका तलाशता रहता है। ऐसे में विपक्ष के नेता इस वीडियो के जरिए मौके को भुनाने में जुट गए। यह मंदिर गुर्जर समाज से जुड़ा हुआ है। ऐसे में I.N.D.I. एलायंस के नेताओं का कहना है कि पीएम मोदी ने गुर्जरों का अपमान किया है।

कॉन्ग्रेस नेता धीरज गुर्जर ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि मंदिर दर्शन के दौरान पीएम मोदी व BJP ने गुर्जर भाइयों से कहा था कि उनके समाज को जो भी दिया है वह मंदिर की दान पेटी में डाल दिया है। अब मंदिर की पेटी से 21 रुपए निकले हैं। देश के प्रधानमंत्री का किसी समाज को सपना दिखाकर छलना अच्छी बात नहीं है।

झूठी खबर फैलाने के लिए मशहूर समाजवादी पार्टी के नेता आईपी सिंह ने लिखा, “अडानी के दान पात्र में मोदी जी ने 21 लाख करोड़ रुपए डाल दिए, लेकिन आराध्य देवी-देवताओं को 21 रुपए चढ़ाए। इतना पैसा तो गरीब से गरीब हिंदू दान पात्र में अब नहीं डालता।”

कॉन्ग्रेस के एक अन्य नेता सुरेंद्र राजपूत ने दावा किया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर में 21 रुपए देते हैं और अमरीका के राष्ट्रपति की पत्नी को लाखों रुपए का हीरा देते हैं। उसके बाद सनातन धर्म पर प्रवचन भी देते हैं।” सनातन धर्म को खत्म करने की बात करने वाली डीएमके से गठबंधन करने वाली कॉन्ग्रेस के नेताओं का सनातन धर्म की बात करना हास्यास्पद है।

सोशल मीडिया पर I.N.D.I. गठबंधन के दावों के बीच पीएम मोदी का एक और वीडियो सामने आया है। इसमें साफ तौर पर दिख रहा है कि पीएम मोदी ने दान पेटी में किसी लिफाफे की जगह मुड़े हुए नोट डाले थे। वहीं मंदिर के पुजारी ने दावा किया था कि पीएम ने सफेद लिफाफा डाला था।

अगर वीडियो को ध्यान से देखें तो उनके हाथ में सफेद रंग दिखाई नहीं देता है। इससे पुजारी के दावों पर भी सवाल उठते। ऐसे में बड़ा प्रश्न ये भी है कि आगामी कुछ महीनों में देश के 4 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, उससे पहले इस तरह के फर्जी दावे करना विपक्ष की साजिश का हिस्सा तो नहीं?

ड्रग्स तस्करी में कॉन्ग्रेस MLA को उठाकर ले गई पंजाब पुलिस, गिरफ्तारी से कुछ घंटों पहले राघव चड्ढा से शादी में खर्च का माँगा था हिसाब

पंजाब पुलिस ने गुरुवार (28 सितंबर 2023) को कॉन्ग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा को गिरफ्तार किया है। खैरा पर यह कार्रवाई फाजिल्का जिले के जलालाबाद में दर्ज ड्रग्स तस्करी के एक पुराने मामले में हुई है। खैरा का आरोप है कि AAP सरकार ने बदला लेने के लिए उन्हें गिरफ्तार करवाया है। गिरफ्तारी से कुछ घंटों पहले ही कॉन्ग्रेस विधायक ने AAP सांसद राघव चड्ढा और अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा की शादी पर हुए खर्च को लेकर सवाल उठाए थे।

पुलिस की इस कार्रवाई को कॉन्ग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने अपने फेसबुक पर लाइव किया। इस दौरान वह पुलिकर्मियों से बहस करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने पुलिस से गिरफ्तारी वारंट की भी माँग की। वीडियो में सादे कपड़ों में दिख रहे एक व्यक्ति ने खुद को एसपी बताया। साथ ही एक अन्य पुलिसकर्मी ने खैरा को बताया कि वह जलालाबाद के डीएसपी अच्छरू राम शर्मा हैं।

सुखपाल सिंह खैरा ने जब पुलिसकर्मियों से पूछा कि उन्हें क्यों गिरफ्तार किया जा रहा है? इस पर डीएसपी ने उन्हें बताया कि एनडीपीएस का मामला है। इस पर खैरा ने कहा कि एनडीपीएस के मामले में जारी समन को सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही रद्द कर दिया था। यही नहीं, खैरा ने पुलिसकर्मियों के उनके बेडरूम तक घुसने पर भी नाराजगी जताई।

खैरा ने पुलिस से बार-बार वारंट माँगा। लेकिन पुलिस ने उन्हें वारंट नहीं दिखाया। इस पर उन्होंने कहा कि जब ईडी उन्हें गिरफ्तार करने आई थी तो वारंट दिखाकर कागजी कार्रवाई पूरी की गई थी। खैरा ने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने की एक प्रक्रिया होती है और पुलिस को इसका पालन करना होता है।

इस मामले में कॉन्ग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के बेटे मेहताब खैरा ने कहा कि उनके पिता को साल 2015 के एनडीपीएस के मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इसके बाद भी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है। सरकार बदला लेने के लिए इस तरह की कार्रवाई कर रही है। मेहताब ने आगे कहा कि पुलिस  सुखपाल खैरा को जलालाबाद ले गई है। पिता के न्याय के लिए वह कोर्ट का रुख करेंगे।

राघव-परिणीति की शादी पर हुए खर्च को लेकर उठाए थे सवाल

कॉन्ग्रेस MLA खैरा ने गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले ही AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा की शादी पर हुए खर्च को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर लिखा था, “क्या राघव चड्ढा बता सकते हैं कि अपनी नई-नवेली दुल्हन परिणीति चोपड़ा (जिनकी घोषित आए उनसे 10 गुना ज्यादा है) को उन्होंने 4 कैरेट की इतनी महँगी हीरे की अँगूठी कैसे दी। जबकि 2020-2021 के आयकर रिटर्न के अनुसार उनकी आय केवल 2.44 लाख रुपए है? खुद सेलिब्रिटी होते हुए उन्होंने (परिणीति चोपड़ा) ने कम कीमत की अँगूठी दी? सच्चाई क्या है? पंजाब जानना चाहता है।”

क्या है मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2015 में पंजाब के फाजिल्का जिले के जलालाबाद में कॉन्ग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ ड्रग्स तस्करी से संबंधित केस दर्ज किया गया था। इसमें सुरक्षा एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय तस्करों के एक गिरोह से 1800 ग्राम हेरोइन, 24 सोने के बिस्किट, दो हथियार, 26 कारतूस व 2 पाकिस्तानी सिम कार्ड जब्त किए थे। खैरा पर आरोप है कि वह अपने सेक्रेटरी के फोन से तस्करों से बात करते थे। इस मामले में फाजिल्का की एक अदालत ने खैरा के खिलाफ समन जारी किया था। खैरा ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। इसके बाद फरवरी 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने समन रदद् कर दिया था।