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देश में PM मोदी का जलवा बरकरार, पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के बीच ज्यादा लोकप्रिय: 2024 में तीसरी बार BJP सरकार की वापसी के संकेत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता लगातार 9 वर्षों से बनी हुई है। एक नए सर्वे में अब यह सामने आई है कि प्रधानमंत्री मोदी को देश के पश्चिमी हिस्से में सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। वहीं, पुरुषों के मुकाबले महिलाएँ उन्हें ज्यादा पसंद करती हैं।

इंडियाबुल्स-इप्सॉस द्वारा किए गए एक सर्वे में सामने आया है कि देश के 10 में से 6 लोग नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के तौर पर पसंद करते हैं। देश के उत्तरी हिस्से के 72% लोग, पूर्वी हिस्से में 73%, पश्चिमी हिस्से में 80% और दक्षिणी हिस्से में 31% लोग उन्हें पसंद करते हैं।

इस सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि प्रधानमंत्री की लोकप्रियता बड़े से लेकर छोटे, सभी प्रकार के शहरों में अभी भी बरकरार है। टियर-1 शहरों में जहाँ 76% जनता उन्हें पसंद करती है तो टियर-2 शहरों में 64% और टियर-3 शहरों में 62% लोग उन्हें पसंद करते हैं।

इंडियाबुल्स-इप्सॉस के इस सर्वे में यह भी सामने आया कि जहाँ 64% पुरुष प्रधानमंत्री मोदी के काम को पसंद करते हैं। वहीं, 65% महिलाएँ उनके काम को पसंद करती हैं।प्रधानमंत्री की लोकप्रियता सभी आयु वर्ग में बनी हुई है।

फाइनेंसियल एक्सप्रेस के अनुसार, 18-30 आयु वर्ग के बीच के 66% युवा प्रधानमंत्री के काम से प्रसन्न हैं। वहीं, 31-45 आयु वर्ग के 64% लोग उनसे प्रसन्न हैं। 45 से अधिक की आयु वाले 64% लोग प्रधानमंत्री के कामकाज से प्रसन्न हैं। इस सर्वे में यह भी सामने आया है कि अधिक पढ़े लिखे लोग प्रधानमंत्री को ज्यादा प्रसन्न करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता के यह आँकड़े अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों में भाजपा को फायदा दिलाने में सहायक होंगे। सर्वे में ऐसे लोगों की राय ली गई है जो कि वोट देते हैं। बदलते माहौल और बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ ही प्रधानमंत्री की लोकप्रियता का बना रहना यह दर्शा रहा है कि अगले चुनावों में उन्हें विशेष कठिनाई का सामना ना करना पड़े।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम: महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण को मिला कानूनी रूप, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

नारी शक्ति वंदन अधिनियम, जिसे महिला आरक्षण अधिनियम भी कहा जाता है, भारत में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान करता है। यह अधिनियम 20 सितंबर 2023 को लोकसभा और 21 सितंबर 2023 को राज्यसभा से पारित हुआ था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 29 सितंबर 2023 को इस पर हस्ताक्षर कर दिया। इसके बाद यह कानून बन गया है।

महिलाओं आरक्षण अधिनियम बना कानून

इस अधिनियम के तहत भारत की संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित होंगी। यह अधिनियम महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण और भारत में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राष्ट्रपति भवन की ओर से इस बारे में नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।

संसद के विशेष सत्र में मिली थी मंजूरी

सरकार ने हाल में 18 से 22 सितंबर तक के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया था। इस दौरान दो ऐतिहासिक काम हुए। एक पुराने संसद भवन से कामकाज संसद की नई इमारत में शिफ्ट किया गया और दूसरा दोनों सदनों से महिला आरक्षण बिल पास हुआ।

सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक के नाम से महिला आरक्षण बिल को 19 सितंबर 2023 को लोकसभा में पेश किया था। सदन में दो दिन तक इस पर चर्चा चली। ज्यादातर दलों ने इस बिल का समर्थन किया। 20 सितंबर को लोकसभा में इस बिल के पक्ष में 454 मत पड़े और और दो वोट विरोध में पड़े।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम के कानून बनने के बाद भारत की संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या में काफी वृद्धि होने की उम्मीद है। यह अधिनियम महिलाओं के लिए राजनीति में अधिक प्रतिनिधित्व और सशक्तिकरण सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

मध्य प्रदेश के स्कूल में ईद पर बच्चियों को हिजाब पहनाकर करवाया डांस, बवाल के बाद प्रधानाध्यापक और शिक्षक बर्खास्त

मध्य प्रदेश के गुना स्थित एक निजी स्कूल में ईद उल मिलादुन्नबी से एक दिन पहले छोटी बच्चियों को हिजाब पहनाकर डांस कार्यक्रम आयोजित करवाने का मामला सामने आया है। मामला सामने आने के बाद बवाल मच गया है। आरोप लगाया जा रहा है कि स्कूल में हिन्दू बालिकाओं को भी हिजाब पहनाया गया।

यह मामला गुना के कैंट इलाके में स्थित प्रिंस पब्लिक स्कूल का है। इस स्कूल में 27 सितम्बर 2023 को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। बाद में इसके वीडियो वायरल हुए। वीडियो में छोटी बच्चियाँ हिजाब पहन इस्लामी गीत गाते हुए और डांस करते हुए देखी जा सकती हैं।

इस डांस कार्यक्रम के दौरान बच्चियों के हावभाव नमाज पढ़ने जैसे थे। यह प्रस्तुति देने वाली सभी बच्चियाँ काफी छोटी दिख रही हैं। प्रस्तुति मंच के सामने और छोटे-छोटे बच्चे नजर आ रहे हैं। हिंदू संगठनों का आरोप है कि इनमें हिंदू बच्चियाँ भी शामिल हैं।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिन बच्चियों से प्रस्तुत करवाई गई वे सभी हिन्दू थीं, फिर भी उनको बुर्का और हिजाब जैसी वेशभूषा पहनाई गई। परिषद के कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि कार्यक्रम के दौरान बच्चियों से ‘भर दे झोली मेरी या मुहम्मद’ जैसी कव्वालियाँ गवाई गईं।

वीडियो वायरल होने के पश्चात हिन्दू संगठनों ने स्कूल पहुँचकर विरोध प्रदर्शन किया और स्कूल पर कार्रवाई की माँग की। स्कूल प्रशासन ने हिन्दू कार्यकर्ताओं के रोष को देखते हुए उनसे माफ़ी माँगी और आश्वासन दिया है कि वह भविष्य में ऐसा कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।

स्कूल प्रशासन ने कार्यक्रम को आयोजित करने वाली शिक्षक और स्कूल के प्रधानाध्यापक को हटा दिया है। स्कूल में विरोध के लिए पहुँचे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता एवं अन्य हिन्दू संगठनों ने प्रश्न उठाया कि हाल ही में गणेश चतुर्थी हुई, तब कोई ऐसा कार्यक्रम क्यों नहीं करवाया गया था।

यह पहला ऐसा मामला नहीं है, जहाँ हिन्दू बालिकाओं को दूसरे धर्म के रीति रिवाजों को मानने के लिए कहा गया हो। इससे पहले इसी साल मध्य प्रदेश के ही दमोह से ही ‘गंगा जमुना स्कूल‘ में हिन्दू बालिकाओं को नमाज पढ़ाने, धर्म परिवर्तन और नमाज पढ़ाने की खबर सामने आई थी।

इस मामले पर आफी बवाल हुआ था और स्कूल की मान्यता रद्द करने के साथ ही कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई थी। इस मामले में स्कूल की मान्यता निलंबित करके मध्य प्रदेश सरकार ने काफी कड़ी कार्रवाई की थी।

नासेर ने बांग्लादेशी युवती के हाथ-पाँव बांध गर्दन रेता, फिर चेहरे को जलाकर मिटाई पहचान: बंगाल के खेत में खून से लथपथ मिली लाश

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में एक बांग्लादेशी महिला की हत्या का मामला सामने आया है। महिला का शव मंगलवार (26 सितंबर 2023) को स्वर्णपुर के गोबिंदपुर इलाके के फील्ड में पड़ा मिला। बताया जा रहा है कि महिला के हाथों को रस्सी से बाँध दिया गया था। उसकी गर्दन को चाकू से कर मौत के घाट उतारा गया था।

अपराधियों ने उसकी पहचान को छिपाने के लिए चेहरे को भी जला दिया था। इस मामले में पुलिस ने उसने प्रेमी नासेर मिल्स को गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतक महिला का नाम सोमैया अख्तर है। वह मूल रूप से बांग्लादेश के ढाका की रहने वाली थी और मुंबई में एक ब्यूटी पार्लर में काम करती थी।

स्थानीय लोग जब उस जगह पर फूल तोड़ने के लिए गए तो उन्हें महिला का शव मिला। महिला के शव मिलने का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उसके चेहरे के हिस्से को जला दिया गया है। उसके दोनों हाथों के घुटने से नीचे से एक लकड़ी के सहारे बाँध दिया गया था। वहीं, चेहरे पर कपड़े डालकर आग लगा दी गई थी। जमीन पर चारों तरफ खून फैला हुआ था।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने मामले की जाँच शुरू की और आरोपी नासेर मिल्स को गिरफ्तार कर लिया है।

बीजेपी प्रवक्ता अमित मालवीय ने इस घटना को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। मालवीय ने ट्वीट कर कहा, “यह पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति है। उत्तर 24-परगना में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास एक बाग से एक युवती का शव मिला है, जिसकी गर्दन काट दी गई है और चेहरा जलने की वजह से पहचान में नहीं आ रहा है।”

मालवीय ने आगे कहा, “इस मामले में ममता बनर्जी एक शब्द नहीं बोलेंगी। यह कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी अगर तृणमूल कॉन्गेस द्वारा संरक्षित अपराधी महिला तस्करी में शामिल हों और इस कुकृत्य के पीछे हों। इसका मतलब ये है कि शायद इस हत्याकांड को भी दबा दिया जाए।”

मालवीय ने यह भी सवाल उठाया कि कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी इस मामले पर क्या कहेंगे। मालवीय ने कहा, “राहुल गाँधी, जो राजनीतिक रूप से सुविधाजनक होने पर मगरमच्छ के आँसू बहाने में तेज हैं, क्या वे ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा में विफल रहने के लिए फटकारेंगे? या I.N.D.I Alliance की मजबूरी आड़े आएगी?”

कर्ज में डूबे पंजाब के CM मान को चाहिए 10 सीटों वाला हवाई जहाज, RTI एक्टिविस्ट ने साझा की जानकारी तो पंजाब पुलिस डालने लगी दबाव

आर्थिक बदहाली से जूझने वाले सीमावर्ती राज्य पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान अपनी सुख सुविधाओं का ध्यान रखने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। प्रदेश की आम आदमी पार्टी सरकार ने भगवंत मान के उपयोग के लिए एक 8-10 सीटर हवाई जहाज लीज पर लेने के लिए निविदा निकाली है।

भगवंत मान के इस ऐश-ओ-आराम का खुलासा करने वालों को पंजाब पुलिस धमका रही है। उन पर इस जानकारी को सोशल मीडिया से हटाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। पुलिस प्रशासन और सरकारी पैसे के इस खुलेआम दुरूपयोग की चारों तरफ आलोचना हो रही है।

क्या है पूरा मामला?

आम आदमी पार्टी वाली पंजाब की सरकार ने 25 अगस्त 2023 को प्रदेश के निविदा पोर्टल पर एक निविदा डाली थी। इसमें राज्य के VVIP व्यक्तियों के लिए एक हवाई जहाज लीज पर लेने की बात कही गई थी। इसके लिए निविदा जमा करने की अंतिम तारीख 18 सितम्बर 2023 निर्धारित की गई।

निविदा के अंतर्गत बताया गया कि पंजाब के VVIP लोगों की यात्राओं में 6 महीने के उपयोग के लिए एक फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट (हवाई जहाज) की आवश्यकता है। यह हवाई जहाज 8-10 सीटों वाला होना चाहिए। हवाई जहाज को वेट लीज पर लिया जाएगा।

पंजाब सरकार द्वारा हवाई जहाज के लिए जारी किया गया टेंडर

वेट लीज की व्यवस्था के अंतर्गत हवाई जहाज को लीज पर देने वाली कम्पनी ही उसका रख-रखाव करेगी और इसके लिए ग्राउंड स्टाफ भी देगी। हालाँकि, हवाई जहाज के लिए पायलट एवं अन्य क्रू पंजाब सरकार का ही रहेगा।

पंजाब सरकार के पास पहले से ही एक हेलिकॉप्टर है, जिसका उपयोग भगवंत मान करते हैं। भगवंत मान के अलावा अभी तक पंजाब के राज्यपाल भी इसका उपयोग करते थे, लेकिन बीते जून माह में राज्यपाल और आम आदमी पार्टी सरकार के बीच विवाद के बाद उन्होंने हेलीकॉप्टर उपयोग करने से मना कर दिया था।

पंजाब में मात्र 23 जिले हैं और यह एक छोटा राज्य है, जहाँ सभी जगहों तक हेलीकाप्टर के माध्यम से पहुँचा जा सकता है। ऐसे में प्राइवेट हवाई जहाज को लीज पर लेना जनता के पैसे का दुरुपयोग ही है। यह दुरुपयोग भी ऐसी स्थिति में किया जा रहा है, जब पंजाब भारी आर्थिक संकट से जूझ रहा है।

पोल खुलने पर निविदा हटाई, पंजाब पुलिस ने धमकाया

AAP सरकार द्वारा जनता के पैसे को बर्बाद करने की पोल जब लोगों के खोलनी शुरू की तो पंजाब पुलिस उन्हें धमकाने लगी। इतना ही नहीं, वेबसाइट से निविदा भी हटा ली गई है। इस मामले को एक्स (पहले ट्विटर) पर जब एक सामाजिक कार्यकर्ता मानिक गोयल ने उठाया तो पंजाब पुलिस उन्हें धमकाने लगी।

मानिक गोयल द्वारा निविदा के कागज साझा किए जाने पर पंजाब पुलिस ने इन्हें राज्य के बड़े पदाधिकारियों की सुरक्षा से संबंधित मामला बता दिया और ट्वीट को हटाने के लिए कहा। पंजाब पुलिस ने यह भी कहा कि इस दस्तावेज को सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए।

RTI कार्यकर्ता को हवाई जहाज सम्बंधित ट्वीट हटाने के लिए कहती पंजाब पुलिस
RTI कार्यकर्ता को ट्वीट हटाने के लिए कहती पंजाब पुलिस

पंजाब पुलिस के इस रवैये की भी आलोचना हो रही है। लोगों ने पूछा कि जब पहले से ही यह दस्तावेज सार्वजनिक वेबसाइट पर पड़े थे तो भला यह सुरक्षा का मामला कैसे हुआ और आखिर पंजाब पुलिस को इस पूरे मामले से क्या लेना देना है।

यह खुलासा करने वाले मानिक गोयल ने पंजाब पुलिस को जवाब देते हुए कहा कि यह कोई ऐसी जानकारी नहीं है जिसे साझा ना किया जा सके। मानिक गोयल ने पंजाब पुलिस को सलाह भी दी कि वह दूसरों को निर्देश देने से पहले अपनी ही सरकार की वेबसाइट एक बार जाँच लें।

अरविन्द केजरीवाल के लिए होगा हवाई जहाज का उपयोग

इस मामले को उजागर करने वाले मानिक गोयल ने आरोप लगाया है कि लीज पर लिए जाने वाले इस हवाई जहाज का उपयोग अरविन्द केजरीवाल आगामी विधानसभा चुनावों में करेंगे। उन्होंने कहा कि जब राज्य सरकार के पास अपना हेलीकाप्टर है तो भला इस हवाई जहाज की क्या जरूरत है।

मानिक गोयल ने लिखा कि पंजाब सरकार इसलिए हवाई जहाज को लीज पर ले रही है, ताकि अरविन्द केजरीवाल को चुनावी राज्यों में भेजा जाए। इसका अर्थ होगा कि पंजाब की जनता आम आदमी पार्टी के चुनाव प्रचार को अप्रत्यक्ष रूप से आर्थिक रूप से सहेगी, जबकि केजरीवाल का पंजाब से कोई लेना-देना नहीं है।

पंजाब सरकार द्वारा हवाई जहाज खरीदने पर किया गया खुलासा

सामजिक कार्यकर्ता मानिक गोयल ने आरोप लगाया कि जो लोग खुद को आम आदमी बता कर सरकारी गाड़ियाँ उपयोग ना करने का वादा करते थे, वे आज निजी हवाई जहाज लीज पर ले रहे हैं।

बीते वर्ष भी आम आदमी पार्टी सरकार ने ऐसी ही योजना बनाई थी। इसमें दसौ कम्पनी का फाल्कन हवाई जहाज स्थायी लीज पर लेना शामिल था, ताकि राज्य के मुख्यमंत्री को आने जाने में आसानी हो। हालाँकि, विपक्ष के विरोध के चलते इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।

खराब है पंजाब की आर्थिक स्थिति, फिर भी नहीं रुक रहे शाही खर्चे

एक ओर आम आदमी पार्टी सरकार हवाई जहाज को लीज पर लेना चाह रही है, वहीं राज्य की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ी हुई है। लोकसभा में दिए गए एक उत्तर में बताया गया था कि पंजाब पर वर्तमान में 3.05 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है।

पंजाब सरकार का कर्ज
लोकसभा की वेबसाइट पर दिए गए आंकड़ों का स्क्रीनशॉट

यह कर्ज भगवंत मान की सरकार आने से पहले 2.59 लाख करोड़ रुपए था। वित्त वर्ष 2021-22 और 2022-23 में यह 8% और 8.9% की रफ़्तार से बढ़ा है। इससे भी अधिक चिंता की बात यह है कि पंजाब का कर्ज उसकी GSDP (राज्य सकल घरेलू उत्पाद) का 48% है, जो कि चिंताजनक है। सामान्यतः यह 20% से 25% होना चाहिए।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार केंद्र से पैकेज की गुहार लगाते रहे हैं, जबकि वह राज्य की जनता के पैसे का दुरुपयोग का हवाई जहाज लीज करने के लिए करना चाह रहे हैं। अब पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार के इस निर्णय की आलोचना हो रही है।

‘हम राजनीतिक भिखमंगा नहीं, 2 सीट पर समर्थन लेते हैं तो 243 पर देते हैं’: आनंद मोहन का वार, भड़के लालू- ‘शक्ल देखो अपनी’, संजय झा ने मनोज को दी नसीहत

राजद के राज्यसभा सदस्य मनोज झा द्वारा संसद में कविता सुनाने के बाद बिहार की राजनीति गर्मा गई है। पूर्व सांसद आनंद मोहन और उनका विधायक चेतन आनंद सांसद झा पर हमलावर हैं। वहीं, अब आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने आनंद मोहन और उनके विधायक बेटे को नसीहत दी है।

चारा घोटाले के दोषी लालू ने आनंद मोहन को अपनी शक्ल देखने की सलाह दी है। वहीं, लालू के बेटे तेज प्रताप ने तो क्षत्रियों पर सवाल उठाया है। इस बीच उनके गठबंधन वाली पार्टी जदयू के नेता संजय झा ने राजद सांसद मनोज झा को ‘हद’ में रहने की सलाह दी है।

आनंद मोहन ने कहा था कि मनोज झा की बयान एक जाति विशेष पर जानबूझकर की गई टिप्पणी है। उन्होंने कहा था कि मनोज झा अपने अंदर के ठाकुर को मारने की बात करते हैं। उन्हें अगर अपने अंदर के किसी चीज को मारना ही था तो ब्राह्मण को मारना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि उस दौरान सदन में मौजूद होते तो मनोज झा की जीभ खींच लेते। उन्होंने मनोज झा को ‘फिटकरी’ बताया था।

अपनी अक्ल और शक्ल देखें आनंद मोहन

मनोज झा के बयान पर आनंद मोहन की प्रतिक्रिया के बारे में जब लालू यादव से पूछा गया तो उन्होंने आनंद मोहन को शक्ल देख लेने की सलाह दे डाली। उन्होंने पार्टी के प्रवक्ता और सांसद मनोज झा का खुलकर समर्थन किया और आनंद मोहन पर जमकर भड़ास निकाली।

लालू यादव ने आजतक से बातचीत में कहा, “आनंद मोहन को जितनी बुद्धि होगी, उतना ही बोलेगा ना।” वो यही नहीं रुके, उन्होंने कहा कि आनंद मोहन पहले अपनी अक्ल और शक्ल देखें। लालू ने उनकी ही पार्टी से विधायक आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद को भी बेअक्ल बता दिया। वहीं, मनोज झा को विद्वान बताया था। लालू ने कहा था कि यह कविता किसी जाति के खिलाफ नहीं है।

‘हम राजनीतिक भिखमंगा नहीं हैं’- आनंद मोहन

जब मनोज झा को लालू ने विद्वान बता दिया तो आनंद मोहन तिलमिला गए। उन्होंने बिना नाम लिए कह दिया, “अगर हम किसी के साथ हैं, इसका यह मतलब कतई नहीं है कि हम राजनीतिक तौर पर भिखमंगा हैं। अगर आप हमें एक या दो विधानसभा सीट पर समर्थन करेंगे तो हम 243 विधानसभा सीट पर आपका समर्थन करेंगे। अगर आप हमको एक लोकसभा सीट पर समर्थन करेंगे तो हम आपको 40 लोकसभा सीट पर समर्थन करेंगे।”

आनंद मोहन ने लालू यादव को साफ तौर पर संदेश दे दिया। आनंद मोहन ने कहा, “हम अन्याय के खिलाफ लड़ने वालों में से हैं। मरते दम तक कमजोर और अन्याय के खिलाफ लड़ते रहेंगे।” यही बात लालू यादव को चुभ गई और उन्होंने आनंद मोहन को अपनी शक्ल और अक्ल देखने की बात कही।

तेज प्रताप यादव बोले- क्षत्रिय दिखावा करते हैं

वहीं, लालू के बेटे तेज प्रताप ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ‘महाभारत’ टीवी सीरियल का एक वीडियो शेयर किया और लिखा, “क्षत्रिय ब्राह्मण के रक्षा हेतु अपने प्राण तक न्योछावर कर देते हैं। इसका उदाहरण वेद, पुराण और हमारा इतिहास गवाह है कि जब भी ब्राह्मण पर कोई संकट आया है क्षत्रिय सदैव सबसे पहले आगे रहे हैं, लेकिन आजकल के क्षत्रिय बस जाति के नाम पर दिखावा करते हैं।”

जेडीयू के मंत्री ने मनोज झा को दी नसीहत

इस बीच, नीतीश कुमार के मंत्री संजय झा ने मनोज झा को नसीहत दी है। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार हर एक जाति धर्म का सम्मान करते हैं। नीतीश कुमार का ट्रैक रिकॉर्ड देख लीजिए। नेताओं को ऐसी बात रखनी चाहिए, जिससे कोई धर्म के लोग आहत न हो।”

जदयू सांसद संजय झा ने आगे कहा, “जब हम कोई बात रखते हैं तो इतना ध्यान रखना चाहिए कि समाज में कोई आहत नहीं हो। इतना ख्याल रखें कि किस बात को कोट करना चाहिए तो कोई आहत न हो।” वहीं, भाजपा विधायक राघवेंद्र प्रताप ने कहा था कि अगर मनोज झा ने माफी नहीं तो उनकी गर्दन उतार दी जाएगी।

‘मम्मी मुझे और पापा को मारती हैं, बर्तन धुलवाती हैं’: मासूम बच्चे ने लगाई गुहार, बोला- पुलिस अंकल बचा लीजिए

सोशल मीडिया पर एक बच्चे का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक बच्चा खुद को पुलिस से बचाने की गुहार लगाता दिखाई दे रहा है। बच्चे का कहना है कि उसकी माँ उसे और उसके पिता के साथ मारपीट करती है। साथ ही जान से मारने की धमकी देती है। यह वीडियो अलीगढ़ के बन्ना देवी थाने का बताया जा रहा है।

लगभग 29 सेकेंड के इस वीडियो में बच्चा कह रहा है, “मम्मी मुझे रोज-रोज मारती हैं। पापा को भी मारती हैं। मुझे मारने की धमकी देती हैं। पापा को भी जेल भेजवाने की धमकी देती हैं। मुझसे बर्तन धुलवाती हैं, काम करवाती हैं। पुलिस अंकल, कृपया करके मेरी हेल्प करवा दो। मेरी फैमिली को बचा लो, मेरी मम्मी से।”

प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा कि यह मामला पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद से जुड़ा हुआ है। इसमें क्षेत्राधिकारी द्वितीय को जाँच करने के लिए कहा गया है। वहीं इस वीडियो को लेकर अलीगढ़ पुलिस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा है, “पति-पत्नी के मध्य पारिवारिक विवाद के मामले में क्षेत्राधिकारी को जाँचकर आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।”

बता दें कि इससे पहले मध्य प्रदेश के ग्वालियर से पत्नी द्वारा पति को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया था। इसमें महिला ने अपने पति पर खौलता तेल डाल दिया था। इससे उसका प्राइवेट पार्ट जल गया था। पति का कहना था कि उसकी पत्नी पड़ोस में रहने वाले एक युवक से बात करती थी। कई बार मना करने के बाद भी वह नहीं मान रही थी।

एक दिन वह ऑफिस से घर लौटा तो उसकी पत्नी फोन पर बात कर रही थी। इससे उसने उसका फोन छीन लिया था। इससे नाराज होकर पत्नी ने रात करीब 2 बजे तेल गर्म कर पति के प्राइवेट पार्ट में डाल दिया और मौके से फरार हो गई थी। खौलते हुए तेल से जलने के कारण पति की चीखें निकल गईं थी। शोर शराबा सुन आस-पड़ोस के लोगों ने पीड़ित पति को हॉस्पिटल पहुँचाया था।

मेनका गाँधी को ₹100 करोड़ की मानहानि का नोटिस: कहा था- सबसे बड़ा धोखेबाज है ISKCON, कसाइयों को बेचता है गायें

धार्मिक संस्था ISKCON (International Society for Krishna Consciousness) ने भाजपा सांसद मेनका गाँधी को 100 करोड़ रुपए के मानहानि का नोटिस भेजा है। मेनका गाँधी ने हाल ही में कहा था कि ISKCON वाले बुढ़ी, बीमार और कमजोर गायों को कसाइयों के हाथों बेच देते हैं। उन्होंने कहा कि इस संस्था ने जितनी गायों को बेचा होगा, उतना किसी ने नहीं।

दरअसल, मेनका गाँधी का एक वीडियो सामने आया था जिसमें वह कह रही हैं, “मैं आपको बता देती हूँ, सबसे बड़े धोखेबाज जो हैं वह है इस्कॉन है। मैं उनके अनंतपुर गौशाला गई, जहाँ एक भी सूखी (बिना बच्चे की और दूध नहीं देने वाली) गाय और बछड़े हमें नहीं मिले। मतलब सब सूखी गायें और बछड़े बूचड़खानों को बेचे गए।”

मेनका गाँधी उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से सांसद हैं और पशु अधिकारों के लिए आवाज उठाती रहती हैं। धार्मिक संस्था ISKCON ने उनके इन आरोपों को खारिज किया था और एक बयान जारी करके गायों को लेकर किए जाने वाले प्रयासों के बारे में बताया था।

ISKCON कोलकाता के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने इस मामले पर कहा, “मेनका गाँधी द्वारा दिया गया बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। विश्व भर में हमारे अनुयायी काफी दुखी हैं। हम 100 करोड़ रुपए की मानहानि का मुकदमा कर रहे हैं। हमने इस विषय में आज नोटिस भेज दिया है। कैसे एक सांसद, जो कभी केन्द्रीय मंत्री थीं, बिना किसी सबूत के एक बड़े संस्थान के विरुद्ध झूठ बोल सकती हैं।”

इससे पहले ISKCON के प्रवक्ता राधा रमण दास ने मेनका गाँधी को चिड़चिड़ी महिला बताया था। उन्होंने मेनका से माफ़ी माँगने को कहा था और माफ़ी ना माँगने की स्थिति में उनके ऊपर मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात कही थी। राधा रमण दास ने मेनका गाँधी पर राजनीतिक फायदा लेने के लिए यह बयान देने का आरोप लगाया था।

राधा रमण दास ने लिखा था, “सनातन धर्म विरोधी पार्टियों में जल्दी प्रवेश पाने के लिए सनातनी संगठन को निशाना बनाना एक फैशन बन गया है। हम उन्हें इस्कॉन को उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए एक सीढ़ी के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देंगे। बीजेपी से अनुरोध है कि उनके खिलाफ कार्रवाई करे। मोहम्मद जुबैर जैसे जिहादियों द्वारा उनका समर्थन करना ही पूरी कहानी बयाँ करता है।”

18 वनवासी महिलाओं से रेप, 32 साल तक केस-कचहरी… अब 215 सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों को जेल की सजा

एक साथ एक ही मामले में 215 सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों को अब जेल में चक्की पिसनी होगी। यह मामला है तमिलनाडु के वाचथी गाँव (Vachathi) का। 1992 में यहाँ एक ही दिन में 18 महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया था। मद्रास उच्च न्यायालय ने अब इस मामले में सभी 215 सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों की सजा को बरकरार रखा, जो इन लोगों को सत्र न्यायालय से मिली थी। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने दोषियों की अपील को खारिज कर दिया।

वाचथी (Vachathi) गाँव में बलात्कार जैसे जघन्य अपराध के साथ-साथ मारपीट, संपत्ति का नुकसान, मवेशियों को जान से मारने आदि के लिए जिन 215 सरकारी कर्मचारियों को सजा सुनाई गई है, उनमें कुछ क्लास वन अधिकारी भी हैं। मद्रास उच्च न्यायालय के फैसले से पहले सत्र न्यायालय ने इस मामले में 4 आईएफएस अधिकारियों सहित वन विभाग के 126 कर्मचारियों, 84 पुलिसकर्मियों और राजस्व विभाग के 5 लोगों को दोषी ठहराया था।

मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति पी वेलमुरुगन ने शुक्रवार (29 सितंबर 2023) को इस मामले में फैसला सुनाया। हाई कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि जिन 18 महिलाओं के साथ राज्य सरकार के कर्मचारियों ने बलात्कार किया, उन सबको 10-10 लाख रुपए मुआवजे के तौर पर दिए जाएँ। जज ने यह भी आदेश दिया कि जो बलात्कार के दोषी पाए गए हैं, उन सब से मुआवजे की 50 प्रतिशत रकम वसूली जाए। सभी दोषियों को 1 से लेकर 10 साल तक की सजा सुनाई गई है।

न्यायमूर्ति पी वेलमुरुगन ने वाचथी गाँव में 1992 में वनवासियों के खिलाफ बलात्कार और क्रूरता के मामले में सभी 215 दोषियों की अपील खारिज करते हुए कहा:

“सभी आपराधिक अपीलों को खारिज किया जाता है। सरकार बलात्कार के प्रत्येक पीड़ित को 10 लाख रुपए का मुआवजा दे। यदि पीड़ित जीवित नहीं है तो उनके परिजनों को मुआवजा दिया जाए। जो रेप के दोषी हैं, उनसे मुआवजे की 50 फीसदी रकम वसूली जाए। पीड़ितों को स्वरोजगार या किसी अन्य माध्यम से उपयुक्त नौकरियाँ भी दी जाए। तत्कालीन जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और जिला वन अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।”

वाचथी गाँव के लोगों के खिलाफ तस्करी का जो आरोप लगाया गया था, मद्रास उच्च न्यायालय ने उसे भी खारिज कर दिया।

वाचथी केस: कब, क्या, कितने अपराधी

20 जून 1992 की घटना है। तब चंदन तस्कर वीरप्पन जिंदा था। तमिलनाडु के वन और राजस्व विभाग को सूचना मिली कि चंदन की लकड़ी की कटाई और तस्करी की जा रही है। तमिलनाडु के धर्मपुरी जिले के वाचथी गाँव में इस सूचना के आधार पर छापेमारी की गई।

इसी दौरान तमिलनाडु के वन और राजस्व विभाग के तब के अधिकारी और कर्मचारियों ने 18 महिलाओं के साथ बलात्कार किया था। कई वनवासियों के घर उजाड़ दिए थे। उनकी संपत्तियों को तहस-नहस कर दिया था, मवेशियों को माक डाला था।

वाचथी गाँव में 155 वनकर्मी (इसमें भारतीय वन सेवा के 4 क्लास वन अधिकारी भी), 108 पुलिसकर्मी और 6 राजस्व अधिकारियों की टीम ने छापा मारा था। मतलब कुल 269 सरकारी कर्मचारी इस छापेमारी का हिस्सा थे। 1992 से लेकर 2023 तक कुल 32 साल की केस-कचहरी में 54 आरोपितों की मृत्यु भी हो गई।

गुजरात के नर्मदा में नूहं जैसा हमला: बजरंग दल की शौर्य यात्रा पर मुस्लिम भीड़ ने की पत्थरबाजी, दुकानों में आगजनी

गुजरात के नर्मदा जिले में हरियाणा के नूहं की तरह ही हिंदुओं पर हमले की घटना सामने आई है। यहाँ के सेलंबा इलाके में शुक्रवार (29 सितंबर, 2023) को हिंदू संगठनों द्वारा निकाली जा रही शौर्य यात्रा पर पथराव किया गया। यात्रा को मुस्लिम बस्ती से गुजरते समय निशाना बनाया गया। उपद्रवियों ने दुकानों को भी आग के हवाले कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बजरंग दल ने नर्मदा जिले में कुइदा से सेलंबा के बीच शौर्य यात्रा का आयोजन किया था। शुरुआत में यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रही थी। लेकिन जब यह यात्रा सेलंबा के मुस्लिम बस्ती में पहुँची तो पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस घटना के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं। इसमें भीड़ शौर्य यात्रा और उसमें शामिल हिंदुओं पर पत्थरबाजी करती दिख रही है। वहीं एक वीडियो में मस्जिद के पास से लोगों को पत्थर फेंकते देखा जा सकता है।

रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि हिंदुओं की यात्रा पर हमले के साथ ही आतंक फैला रहे लोगों ने 2 दुकानों में भी आग लगा दी है। इस पूरी घटना से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुँची है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आँसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। फिलहाल इलाके में शांति-व्यवस्था कायम है।

गौरतलब है कि 31 जुलाई 2023 के हरियाणा के मेवात के नूहं में ऐसी ही घटना हुई थी। तब श्रावण सोमवार पर हिंदू संगठन बृजमंडल जलाभिषेक यात्रा निकाल रहे थे। इसी दौरान मुस्लिम भीड़ ने हिंदुओं को घेरकर पत्थरबाजी शुरू कर दी थी। कई वाहनों को आग में झोंक दिया था। नल्हड़ मंदिर को तीन तरफ से घेरकर वहाँ रुके हिंदुओं पर फायरिंग की गई थी। हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया था कि इस्लामी कट्टरपंथियों ने हिंदुओं को तीन-तरफ से घेरकर उनकी हत्या की प्लानिंग की थी।