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‘3 गुना बढ़ाया गया खेल बजट’: PM मोदी ने वाराणसी को दी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की सौगात, बोले – ये पूरे पूर्वांचल का बनेगा सितारा, युवाओं के लिए वरदान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का उद्घाटन किया। इस दौरान पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री, सचिन तेंदुलकर और सुनील गावस्कर भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने ‘ॐ नमः पार्वती पतये’ और ‘हर-हर महादेव!’ के साथ अपना उद्बोधन प्रारंभ किया। उन्होंने बताया कि वो एक ऐसे दिन काशी आए हैं, जब चंद्रमा के शिवशक्ति पॉइंट पर भारत के पहुँचने का एक महीना पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि एक शिवशक्ति का स्थान चंद्रमा पर है और दूसरा शिवशक्ति का स्थान यहाँ काशी में है।

पीएम मोदी ने कहा कि काशी में जिस इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की आधारशिला रखी गई है, वो न सिर्फ वाराणसी बल्कि पूर्वांचल के युवाओं के लिए वरदान जैसा होगा। उन्होंने जानकारी दी कि इस स्टेडियम के पूरा होने पर 30,000 से ज्यादा लोग यहाँ बैठकर मैच देख पाएँगे। पीएम ने कहा कि जबसे इस स्टेडियम की तस्वीरें बाहर आई है, उन्हें देखकर हर काशीवासी गदगद हो गया है। उन्होंने कहा कि आज क्रिकेट के जरिए दुनिया भारत से जुड़ रही है और नए-नए देश क्रिकेट खेलने के लिए आगे आ रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले दिनों में क्रिकेट मैचों की संख्या बढ़ने वाली है, ऐसे में जब मैचों की संख्या बढ़ेगी तो नए स्टेडियमों की जरूरत भी पड़ेगी। बकौल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, तब बनारस का ये अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम इस डिमांड को पूरा करेगा। ये पूरे पूर्वांचल का चमकता हुआ सितारा बनने वाला है। उन्होंने जिक्र किया कि कैसे अभी कुछ समय पहले ही ‘वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स’ में भारत ने इतिहास रचा है। इन गेम्स के इतिहास में पिछले कई दशकों में भारत ने कुल मिलाकर जितने पदक जीते थे, उससे ज्यादा पदक सिर्फ इस साल जीतकर दिखा दिए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलों में आज भारत को जो सफलता मिल रही है, वो देश की सोच में आए बदलाव का परिणाम है। साथ ही उन्होंने ‘जो खेलेगा, वही खिलेगा’ का नारा भी दिया। उन्होंने कहा कि खेल इंफ़्रास्ट्रक्चर बनने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा भी मिलता है। उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ अभियान का भी जिक्र किया, जिसके तहत देश के कोने-कोने से प्रतिभाओं को मौका मिल रहा है। पीएम मोदी ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ इस दौरान रोडशो भी किया।

उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों की पहचान करके उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का एथलीट बनाने के लिए सरकार हर कदम उठा रही है। पीएम मोदी ने जानकारी दी कि 9 वर्ष पहले की तुलना में इस वर्ष केंद्रीय खेल बजट 3 गुना बढ़ाया गया है। ‘खेलो इंडिया’ प्रोग्राम के बजट में तो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 70% की वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि खेलों में आज भारत को जो सफलता मिल रही है, वो देश की सोच में आए बदलाव का परिणाम है। पीएम ने कहा कि हमने खेल को युवाओं की फिटनेस, रोजगार और उनके कैरियर से जोड़ा है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारा प्रयास वाराणसी के युवाओं को उच्च स्तरीय खेल सुविधाएँ देने का है। इसी सोच के साथ इस नए स्टेडियम के साथ ही सिगरा स्टेडियम पर भी करीब 400 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। काशी का सांसद होने के नाते मैं यहाँ हुए बदलावों का भी साक्षी बना हूँ। सांसद खेल प्रतियोगिता के दौरान जो उत्साह यहाँ रहता है, उसकी जानकारी भी मुझे मिलती रहती हैं।” बता दें कि ये नया स्टेडियम काशी की संस्कृति और इतिहास के अलावा आध्यात्मिक को भी प्रदर्शित करेगा।

‘जेल में ड्रग्स की सप्लाई करते हैं पुलिस अधिकारी, मुँह पर फूँकते हैं धुआँ’: कोर्ट में पेशी के दौरान गरजे मनीष कश्यप, कहा – ‘चारा चोर का बेटा नहीं हूँ, सेना में थे दादा और पिता’

बिहार की राजधानी पटना की अदालत में पेशी के दौरान पुलिस द्वारा लाए गए यूट्यूबर मनीष कश्यप जम कर गरजे। इस दौरान उन्होंने बिहार की महागठबंधन सरकार को भी चुनौती दी। अपनी माँ से मुलाकात करने वक्त दोनों ही भावुक हो गए। इस दौरान मनीष कश्यप ने कहा, “फौजी का बेटा हूँ, चारा चोर का नहीं। मर जाऊँगा लेकिन मैं इन लोगों के सामने झुकूँगा नहीं।” इस दौरान मनीष कश्यप ने कहा कि वो जेल से निकलने के बाद सरकार चला कर बताएँगे कि सरकार कैसे चलाई जाती है।

मनीष कश्यप ने अपनी हथकड़ी दिखाते हुए कहा कि ये इस बार एक ईमानदार आदमी के हाथ में लगी है। उन्होंने कहा कि वो 6 महीने से कुछ नहीं बोल रहे, चुपचाप कोर्ट में आते हैं और चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि वो नहीं डरेंगे। उन्होंने बताया कि उनके दादाजी ने चीन के खिलाफ युद्ध लड़ा था, उनके पिता ने पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई लड़ी। उन्होंने पूछा कि बिहार पुलिस के पास हिम्मत है उन लोगों के खिलाफ केस करने की जिन्होंने तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों को पीटा?

मनीष कश्यप ने इस दौरान भागलपुर में 1700 करोड़ रुपए के पुल के ध्वस्त होने और समस्तीपुर में एक दरोगा की हत्या का मामला भी उठाया। ‘सच तक न्यूज़’ के संस्थापक मनीष कश्यप ने कहा कि तेजस्वी यादव अपनी जाति की बात करते हैं, लेकिन यादवों की हत्या पर भी वो चुप रहते हैं। उन्होंने उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म के खिलाफ टिप्पणी किए जाने का मामला उठाते हुए कहा कि उन्होंने आग लगाया है या नहीं, उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है?

मनीष कश्यप ने इस दौरान जेल में के अपने अनुभव साझा करते हुए ये भी बताया कि उन्हें गँजेड़ी-नशेड़ी कैदियों के बीच रखा जाता है, जो उनके मुँह पर धुआँ मारते हैं। उन्होंने कहा कि इससे उनका सिरदर्द करता है। मनीष कश्यप ने कहा कि इसके बावजूद जेल में गाँजा-भांग पहुँचाया जाता है। मनीष कश्यप ने कहा कि वो वादा करते हैं कि वो सरकार बनाएँगे और चला कर दिखाएँगे। उन्होंने इस दौरान कहा कि अधिकतर कॉन्स्टेबल ईमानदार हैं और उन्हें निलंबित कर दिया जाता है, जबकि अधिकतर अधिकारी भ्रष्ट हैं और वो कार्रवाई से बच जाते हैं।

मनीष कश्यप ने कहा, “बिहार का हर माँ-बाप आज परेशान है।” मनीष कश्यप ने इस दौरान पुलिस के वज्र-वाहन की ओर भी इशारा किया और कहा कि ये टूटी-फूटी गाड़ियाँ हैं। उन्होंने बताया कि ये गाड़ी अचानक रास्ते में बंद हो जाती है, धक्का लगाना पड़ता है, इसमें 60 कैदियों को भर दिया जाता है। उन्होंने उस गाड़ी को मैकेनिक के पास ले जाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि उन पर फिर से FIR कर के उन्हें दबाने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने कहा कि बिहार के मजदूर मार खाते हैं, बिहार सरकार देखती है और मनीष कश्यप को जेल में डाल देती है।

मनीष कश्यप बोले, “मैं इतने दिन से चुप हूँ। आज बोलूँगा। NSA से मैं डरने वाला नहीं हूँ। मैं नशा के विरोध में अभियान चलता हूँ, लेकिन जेल में पुलिस अधिकारी स्मैक, गाँजा और सिगरेट वगैरह पहुँचवाते हैं। कॉन्स्टेबल नहीं, ये स्टार वाले। वहाँ गाँजा-सिगरेट पीकर मेरे मुँह पर फूँक दिया जाता है। सुरक्षा का कोर्ट में कोई इंतजाम नहीं रहता है। पत्रकार की स्वतंत्रता की बात करने वाले नीतीश कुमार चेक कराएँ जेल में। 2 ग्राम स्मैक से सालों की सज़ा हो जाती है, लेकिन जेल में इतना स्मैक आता है और कुछ नहीं होता।”

मनीष कश्यप ने इस दौरान ये भी कहा कि बिहार में आज कोई सुरक्षित नहीं है, पत्रकारों का भी जीवन खतरे में है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विनती की कि उनका केस बिहार या तमिलनाडु से बाहर कहीं और ट्रांसफर किया जाए, यहाँ उन्हें इंसाफ नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के चक्कर में पूरे बिहार के युवाओं को गँजेड़ी बना दिया गया है। बता दें कि तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों की प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए वीडियो बनाने के कारण मनीष कश्यप को गिरफ्तार कर तमिलनाडु पुलिस को सौंप दिया गया था, अब वो बिहार की जेल में बंद हैं।

‘ग्लोबल खतरों से निपटने का तरीका भी हो ग्लोबल’: देश में पहली बार लॉयर्स कॉन्फ्रेंस, बोले PM मोदी- पंचायतों से विवादों का निपटारा हमारे संस्कार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई भारत ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय वकील सम्मेलन (International Lawyers Conference) का आयोजन शनिवार (23 सितंबर 2023) को किया गया। इसे बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया गया है। 

अंतरराष्ट्रीय वकीलों के सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय अधिवक्ता सम्मेलन वसुधैव कुटुंबकम की भारत की भावना का प्रतीक बन गई है। किसी भी देश के निर्माण में वहाँ की कानूनी बिरादरी की बहुत बड़ी भूमिका होती है। भारत में वर्षों से न्यायतंत्र भारत की न्याय व्यवस्था के संरक्षक रहा है।”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “भारत ने हाल ही में आजादी के 75 साल पूरे किए हैं। आजादी की लड़ाई में कानूनी बिरादरी ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई। स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल होने के लिए कई वकीलों ने अपनी प्रैक्टिस छोड़ दी। दुनिया आज भारत पर विश्वास स्वतंत्र न्यायपालिका की वजह से करता है।”

देश-विदेश से आए कानूनविदों के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हम आज 21वीं की ऐसी दुनिया में रह रहे हैं, जो डिप्ली कनेक्ट है। हर लीगल इंस्टीट्यूशन अपने जूरिडिक्शन को लेकर बहुत सचेत है, लेकिन ऐसी कई ताकतें हैं जिनके खिलाफ हम लड़ रहे हैं। वे बॉर्डर्स या जूरिडिक्शंस की परवाह नहीं करतीं। जब खतरे ग्लोबल हैं तो उनसे निपटने का तरीका भी ग्लोबल होना चाहिए।”

प्रधानमंत्री मोदी बोले, “साइबर टेररिज्म हो, मनी लॉन्ड्रिंग हो, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हो… इनके दुरुपयोग की भरपूर आशंकाएँ हैं। ऐसे अनेक मुद्दों पर सहयोग के लिए ग्लोबल फ्रेमवर्क तैयार करना सिर्फ किसी शासन या सरकार से जुड़ा मामला नहीं है। इसके लिए अलग-अलग देश में लीगल फ्रेमवर्क को भी एक दूसरे से जोड़ना होगा। जैसे हम एयर ट्रैफिक कंट्रोल के लिए मिलकर काम करते हैं, वैसे ही अलग-अलग डोमेन में काम करना होगा।”

भारत की पंचायती व्यवस्था को बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत में सदियों से पंचायत के जरिए विवादों के निपटान की व्यवस्था रही है। यह हमारे संस्कार में रहा है। इस इनफॉर्मल व्यवस्था को एक व्यवस्थित रूप देने के लिए भारत सरकार ने मेडिएशन एक्ट बनाया है। भारत में लोक अदालत की व्यवस्था भी विवादों को हल करने की दिशा में बड़ा माध्यम है।”

न्यायालयों की कार्यवाही को स्थानीय भाषा में करने की व्यवस्था को लेकर PM मोदी ने कहा, “जस्टिस डिलीवरी का एक और बड़ा पहलू है, जिसकी चर्चा बहुत कम होती है। वह है भाषा और कानून की सरलता। अब हम भारत सरकार में भी सोच रहे हैं कि कानून दो प्रकार से प्रस्तुत किया जाए। एक जिस भाषा में आप लोग सरल हैं (अंग्रेजी) और दूसरा देश का सामान्य मानव समझ सके ऐसी भाषा।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय भाषा में कानून का होना इसलिए जरूरी है, क्योंकि लोगों को कानून अपना लगना चाहिए। सामने आने वाली अड़चनों का ज़िक्र करते हुए PM ने कहा, “सिस्टम इसी ढाँचे में पली-बड़ी है तो इसमें समय लगेगा। मेरे पास भी बहुत समय है तो मैं करता रहूँगा। सरकार के तौर पर अब हम भारत में नए कानून को जितना ज्यादा सरल बना सकें, जितना हो सके उतना हम भारतीय भाषाओं में उपलब्ध करा सकें, उस दिशा में हम प्रयत्न कर रहे हैं।”

यह सम्मेलन देश में पहली बार आयोजित किया जा रहा है। 23 और 24 सितंबर होने वाले इस कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत के प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने की। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने इसका उद्घाटन किया। इस सम्मेलन में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, लॉर्ड चांसलर और यूनाइटेड किंगडम के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर जस्टिस के सदस्यों के साथ-साथ देश-दुनिया के प्रतिष्ठित न्यायाधीश, कानूनी पेशेवर शामिल हैं। सम्मेलन में कानूनी रुझान, सीमा पार मुकदमेबाजी की चुनौतियाँ, कानूनी प्रौद्योगिकी, पर्यावरण कानून जैसे कई विषयों पर चर्चा होगी।

‘सनातन विरोधी ताकतों ने हाथ मिला कर किया ऐसा’: String चैनल को डिलीट किए जाने के बाद YouTube पर भड़के बालाजी मंदिर के महंत

वीडियो प्लेटफॉर्म YouTube ने राष्ट्र एवं धर्म के विषयों को उठाते हुए कंटेंट बनाने वाले चैनल ‘String’ को डिलीट कर दिया है। न कोई चेतावनी दी गई और न ही बताया गया कि चैनल ने क्या गलती की है, सीधे इसे हटा दिया गया। YouTube ने एक सन्देश भेज कर कहा है कि चैनल ने प्लेटफॉर्म द्वारा तय किए गए दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया है, इसीलिए इसे डिलीट किया जाता है। इसके बाद ‘String’ के संचालक विनोद कुमार ने पूछा है कि आखिर किसे खुश करने के लिए उनका चैनल डिलीट किया गया?

बता दें कि ये कार्रवाई तब की गई है, जब विनोद कुमार ने ‘The Vaccine War’ फिल्म के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री के साथ एक इंटरव्यू शूट किया था और इसे यूट्यूब पर पब्लिश किया ही जाने वाला था। अब चिलकुर बालाजी मंदिर के महंत रंगराजन ने इसके लिए यूट्यूब की निंदा की है। उन्होंने इस एक्शन को अवैधानिक करार दिया है। चिलकुर रंगराजन ने कहा कि बिना कोई कारण बताए या नोटिस दिए ‘String Reveals’ चैनल को अचानक से डिलीट कर दिया जाना YouTube के उपद्रवी व्यवहार को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, “YouTube एक कमर्शियल प्लेटफॉर्म है। एक व्यापारिक कंपनी है। ऐसी कंपनियों में नियम-कानून होते हैं, लेकिन अपनी इच्छानुसार कुछ भी कर देना या अपने कहे को ही सर्वोपरि मानना, बिना कारण बताए ‘String’ चैनल को डिलीट करना दुःखी करने वाला है। मैं केंद्र सरकार से एक सीधा सवाल पूछता हूँ – YouTube को इस देश में इतनी आज़ादी क्यों है? इस देश में IT एक्ट लागू है भी या नहीं? यूट्यूब भारत के संविधान के हिसाब से काम कर रहा है या नहीं।”

उन्होंने कहा कि ‘String’ चैनल को तुरंत वापस लाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जो ताकतें सनातन धर्म को खत्म करने के लिए उद्यत हैं, उन्होंने ही आपस में हाथ मिला कर ‘String’ चैनल को यूट्यूब से डिलीट करवाया है। चिलकुर बालाजी मंदिर के महंत ने ये भी कहा कि संविधान के अनुच्छेद-19 द्वारा दी गई अभिव्यक्ति की आज़ादी के अधिकार का YouTube ने उल्लंघन किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस चैनल को रीस्टोर किए जाने के लिए कदम उठाने का निवेदन किया।

अयोध्या ट्रेन कांड में मारा गया अनीस और घायल आजाद खान ने नाबालिग हिंदू लड़कियों का किया था ब्रेनवॉश, फिर धर्मांतरण कर निकाह: सुनिए गाँव-घर वालों की दर्दभरी कहानी

उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में 30 अगस्त 2023 को एक महिला कॉन्स्टेबल पर ट्रेन में हमला हुआ था। आरोप है कि अनीस, आज़ाद और विशम्भर ने पहले महिला सिपाही के साथ छेड़खानी का प्रयास किया और विरोध करने पर बेरहमी से पिटाई की। इस मामले में पुलिस ने शुक्रवार (22 सितंबर 2023) को मुख्य आरोपित अनीश को मार गिराया है।

वहीं, आज़ाद और विशम्भर इस मुठभेड़ में घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। यह घटना अनीस और आज़ाद की पहली वारदात नहीं थी। इनके गुनाहों की परतों को खोलने के लिए ऑपइंडिया की टीम ने अनीस और आज़ाद के गाँव तथा मुठभेड़ स्थल का दौरा किया। इस दौरे में हमने पाया कि दोनों आरोपितों का न सिर्फ आपराधिक इतिहास बेहद लम्बा है, बल्कि इन पर ग्रूमिंग जिहाद और दलित उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप भी हैं।

अनीश और आज़ाद खान ने किए हिन्दू लड़कियों से निकाह

ऑपइंडिया की टीम अयोध्या के हैदरगंज थाना क्षेत्र स्थित गाँव दशलावन के लिए निकली। मृतक अनीस और घायल आज़ाद खान इसी गाँव के निवासी हैं। अयोध्या शहर से लगभग 50 किलोमीटर दूर यह गाँव सुल्तानपुर जिले की सीमा से लगता है। गाँव में काफी पुलिस फ़ोर्स तैनात दिखी। मृतक अनीस के घर के आगे पुरुष और महिला पुलिसकर्मी दोनों नियुक्त थे।

अनीस के घर के आगे लाइन से कई हरे झंडे लगे दिखे। इस दौरान हमें पता चला कि मृतक अनीस ने अपने घर से लगभग 2 किलोमीटर दूर स्थित मनऊपुर गाँव की एक दलित समुदाय की हिन्दू महिला से निकाह किया है। निकाह से पहले उस दलित लड़की का नाम अंतिमा था। अब वह बानो के नाम से जानी जाती है। बानो एक बच्ची की माँ हैं, जिसका नाम आरिफा है।

मृतक अनीस का घर और तैनात पुलिस बल

वहीं, इसी मुठभेड़ में गिरफ्तार किए गए आरोपित आज़ाद खान ने भी एक हिन्दू लड़की से निकाह किया है। आज़ाद की बीवी OBC समुदाय से है, जो उसी दशलावन गाँव की है। शादी से पहले मुन्ना की बेटी सुमन अब शबाना के नाम से जानी जाती है। सुमन का आज़ाद खान से निकाह लगभग 13 साल पहले हुआ था। अब शबाना 4 बच्चों की अम्मी है। गाँव में अनीस और आज़ाद का घर लगभग अगल-बगल ही है।

गाँव की बाग़ में चहलकदमी करता अनीस का अब्बा

नाबालिग अंतिमा से निकाह करने पर आमादा था अनीश

ऑपइंडिया की टीम ने मनऊपुर गाँव में जाकर पहले अनीस की बीवी अंतिमा (अब बानो) की माँ से मुलाकात की। अंतिमा की माँ ने रोते हुए बताया कि उनकी फूल जैसी बच्ची के पीछे अनीस तब से पड़ा था, जब वो नाबालिग थी। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल आने-जाने के दौरान अनीस ने क्लास 8 में ही अंतिमा को अपने वश में कुछ खिला-पिला के कर लिया।

अंतिमा की माँ ने बताया कि पहले तो अनीस नाबालिग उम्र में ही अंतिमा से निकाह करना चाहता था, लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप से ये नहीं हो पाया। बाद में अनीस अंतिमा के बालिग होने का इंतज़ार किया और उसके बालिग होते ही अपने साथ ले गया। अंतिमा की माँ ने हमें आगे बताया कि उनकी 5 अन्य बेटियों और 2 बेटों के साथ पूरी बिरादरी ने इस रिश्ते का विरोध किया। मामला पुलिस में गया और पीड़ित परिजनों ने अनीस पर अंतिमा के अपहरण का आरोप लगाया था।

हालाँकि, अंतिमा ने पुलिस के आगे खुद को बालिग़ बताते हुए अनीस के साथ रहने की इच्छा जताई थी। अपनी बेटी के महज 25-26 साल की उम्र में ही विधवा हो जाने की खबर पर रोती हुई उसकी माँ ने हमें बताया कि वो चाह कर भी उसे अपने परिवार में वापस नहीं ला पाएँगी। इसकी वजह उन्होंने खुद को बिरादरी द्वारा बेदखल करने की चेतावनी और अपने खुद के बेटों द्वारा कोई संबंध न रखने का संकल्प बताया।

अंतिमा (अब बानो) की माँ

अंतिमा की माँ ने हमें आगे बताया, “हम हिन्दू, वो मुसलमान। हमारा उनका क्या मेल। अपने ही धर्म में शादी की होती तो भी रास्ता निकल आता।” उन्होंने हमें बताया कि बेटी के मुस्लिम से निकाह कर लेने के बाद उनके पति मानसिक रूप से बीमार हो गए और अब पागलों जैसी हरकतें करते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा, “अगर हमारी बेटी ही हमारी नाक नीची न करती तो अब तक अनीस जेल काट रहा होता।”

अंतिमा की माँ का दावा है कि 5 साल पहले हुए निकाह के बाद उन्होंने या उनके परिवार ने कभी अपनी बेटी से बात भी नहीं की। उनको ये भी नहीं पता था कि अब उनकी बेटी अंतिमा का नाम बानो हो चुका है। जब हम वापस जाने लगे तब अंतिमा की माँ ने हमें कहा, “मैंने उसे पैदा किया है। बहुत दर्द है अंदर हमें। पर हम कुछ नहीं कर सकते। उस घर में वो इतनी लम्बी जिंदगी नहीं काट पाएगी। आप लोग उसको हिम्मत देना।”

हमारे लिए मर चुकी है सुमन

ऑपइंडिया की टीम अंतिमा के बाद सुमन के घर पहुँची। सुमन से आज़ाद खान ने निकाह किया है। 4 बच्चों की माँ सुमन अब शबाना बन चुकी है। सुमन और आज़ाद खान के घर के बीच की दूरी महज कुछ कदमों की है। दोनों एक ही गाँव के निवासी हैं। सुमन के पिता का नाम मुन्ना है। सुमन की माता हमें दरवाजे के आगे बैठी मिलीं। अपनी बेटी का नाम सुनते ही उनकी आँखों में पहले तो आँसू आ गए। बाद में खुद को संभालते हुए उन्होंने कहा कि अब वो उन सभी के लिए मर चुकी है।

सुमन की माँ ने हमें आगे बताया कि उनकी बेटी स्कूल जाती थी, तब से आज़ाद खान उसके पीछे लगा रहता था। स्कूल आते-जाते समय ही दोनों एक दूसरे के सम्पर्क में आए। लगभग 13 साल पहले जब सुमन 20 साल की हुई, तब दोनों ने निकाह कर लिया। सुमन की माँ का कहना है कि उन्होंने तब आज़ाद के खिलाफ केस किया और पुलिस से लेकर कोर्ट तक में केस लड़ा था। हालाँकि अंत में खुद सुमन द्वारा कोर्ट व पुलिस के आगे आज़ाद खान के साथ रहने की इच्छा जताई।

सुमन चौहान (अब शबाना) की माँ

शबाना बन चुकी सुमन की माँ ने कहा कि उस बयान के बाद उन्होंने कभी सुमन या उसके घर की तरफ मुँह करके भी नहीं देखा। अपनी ही बेटी द्वारा समाज में खुद को अपमानित करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि महिला सिपाही के केस या उससे पहले हुए किसी भी मामले से आज़ाद पर हुए एक्शन से उनको या उनके परिवार को कोई फर्क नहीं पड़ता।

हालाँकि, मृतक अनीस और मुठभेड़ में घायल आज़ाद आजाद ने अपनी-अपनी हिंदू बीवियों का कानूनी तौर पर धर्म परिवर्तन कराने के बाद कानूनी तौर पर ही नाम बदलवाया है या महज जुबानी है, इसकी जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।

गाँव में कई प्रदेशों की हिन्दू लड़कियाँ मुस्लिमों के घरों में

ऑपइंडिया ने दशलावन गाँव के कुछ अन्य लोगों से बात की। इन लोगों ने खुद को डरा बताते हुए सुरक्षा कारणों से अपनी पहचान उजागर नहीं करने की अपील की। एक दलित महिला ने बताया कि उसके गाँव में कई हिन्दू महिलाएँ मुस्लिमों के घर में निकाह करके आई है। ये लड़कियाँ दिल्ली और बिहार सहित दूसरे प्रदेशों की हैं। गाँव के ही लगभग 20 साल पुराने एक केस की याद दिलाते हुए एक अन्य महिला ने हमें बताया कि तब किसी हिन्दू लड़की से निकाह में मौलवी बाबा का नाम सामने आया था।

ऑपइंडिया बता चुका है ग्रूमिंग जिहाद की गम्भीरता

बताते चलें कि ऑपइंडिया ने इससे पहले कई बार ग्रूमिंग जिहाद की गम्भीरता को सबके सामने रखा है। यह समस्या अच्छी-खासी मुस्लिम आबादी वाले सिर्फ भारत जैसे विकासशील देशों की ही नहीं, बल्कि फ्रांस और ब्रिटेन जैसे विकसित देशों की भी हैं। जिहाद के इस रूप में गैर-मुस्लिम लड़कियों का ब्रेनवॉश करके उन्हें मुस्लिम युवकों से सिर्फ निकाह ही नहीं, बल्कि अपना सब कुछ छोड़ कर उनकी गुलामी करने के लिए मानसिक तौर पर तैयार किया जाता है।

राजस्थान में खाकी पस्त, अपराधी मस्त: कॉन्स्टेबल को गोली मारी, फिर 3 बार कार से कुचला… सब कुछ चेकपोस्ट के सामने

राजस्थान में पुलिस महकमा ही सुरक्षित नहीं तो आम लोगों की सुरक्षा के तो क्या ही कहने? दरअसल राज्य के बाराँ जिले की वन चौकी में तैनात एक पुलिसकर्मी ने मादक पदार्थों की तस्करी रोकने की कोशिश की। नतीजा क्या हुआ? ड्रग तस्करों ने न केवल उन्हें गोली मारी बल्कि उनको तीन बार गाड़ी से भी कुचला।

पुलिसकर्मी की जान तो बच गई लेकिन इस दौरान उनके पैरों और गले में चोट आई है। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। पूरी वारदात के दौरान आपाधापी में तस्कर मौके पर अपना गाड़ी और 241 किलोग्राम मादक पदार्थ वहीं छोड़कर फरार हो गए। ये जानकारी शुक्रवार (22 सितंबर) को सारथल के एक पुलिस अधिकारी ने दी।

गोली लगने के बाद भी नहीं बख्शा

राजस्थान पुलिस के मुताबिक, ये घटना गुरुवार (21-22 सितंबर) रात की है। बाराँ जिले की वन चौकी के कॉन्स्टेबल सुजान सिंह ने इस क्षेत्र में पातालपानी गाँव की तरफ से आ रही एक कार को देख उसे रुकने का इशारा किया। इसके बाद कार में बैठे दो तस्करों ने कार की रफ्तार कम की और एक ने खिड़की से कॉन्स्टेबल सिंह पर गोली चला दी।

ये गोली उनकी कमर के ऊपरी हिस्से में जा लगी और वो जमीन पर गिर पड़े। इतने पर भी तस्करों ने उन्हें नहीं बख्शा। इसके बाद उन्होंने तीन बार उन पर कार चढ़ाई। इससे उनके कॉलर बोन और पैर की हड्डी में फैक्चर आ गया। इसके बावजूद उन्होंने सारथल स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) महावीर किराड को इस बारे में सूचना दी।

प्लास्टिक की थैली में ड्रग छोड़ हुए फरार

कॉन्स्टेबल सुजान सिंह की सूचना के बाद पास की चेकपोस्ट से एक टीम को घटनास्थल की तरफ रवाना किया गया। तस्करों ने पुलिस टीम को आते देख लिया। इसके बाद वो अपनी कार छोड़कर जंगलों में भाग खड़े हुए। एसएचओ महावीर किराड के मुताबिक, कार की तलाशी लेने पर प्लास्टिक की थैलियों में करीब 241 किलोग्राम ड्रग्स मिली।

ड्रग्स के अलावा एक देशी पिस्तौल, पिस्तौल की एक गोली भी बरामद हुई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक काली कार में मादक पदार्थों की तस्करी की जा रही है। एसएचओ किराड ने बताया कि घायल कॉन्स्टेबल का एकलेरा शहर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है, उनकी हालत स्थिर है।

वीडियो फेक और AI जेनरेटेड: जालंधर के मशहूर कुल्हड़ पिज्जा चलाने वाले कपल का प्राइवेट वीडियो वायरल, सोनिया गिरफ्तार

पंजाब के जालंधर स्थित मशहूर ‘कुल्हड़ पिज्जा’ दुकान चलाने वाले पति-पत्नी सहज अरोड़ा और गुरप्रीत कौर विवादों में घिर गए हैं। बुधवार (20 सितंबर 2023) को सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो वायरल हो गए, जिसे सहज और गुरप्रीत के निजी पलों के वीडियो बताए जा रहे हैं। इस घटना से कपल और उनके परिवार को गहरा मानसिक आघात लगा है। उन्होंने कहा कि यह वीडियो फेक और AI जेनरेटेड है।

कुल्हड़ पिज्जा के मालिक सहज अरोड़ा ने 22 सितंबर 2023 को इंस्टाग्राम पर अपना दूसरा वीडियो संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने लीक हुए वीडियो के कारण परिवार को पहुँचने वाले मानसिक आघात के बारे में बताते हुए रो पड़े। पीड़ित सहज ने रोते हुए लोगों से इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर नहीं करने की अपील की।

अपने वीडियो में सहज अरोड़ा ने कहा, “मुझे 2 दिन पहले एक बच्चा हुआ है। जिस घर में इस समय हँसी और जयकार गूँजना चाहिए और उत्सव होना चाहिए, वहाँ सन्नाटा पसरा हुआ है। मेरी पत्नी जवान है, मुझे उसे मनाने में दिक्कत हो रही है। आप लोगों के घर में भी माताएँ, बहनें और बेटियाँ हैं।”

सहज ने आगे कहा, “अभी हमारी स्थिति की कल्पना कीजिए… ना तो हम अपने घर से बाहर निकल सकते हैं और ना ही कुछ और कर सकते हैं। हम बर्बाद हो गए। एक व्यक्ति हमारे बारे में बकवास कह रहा है। कभी टिप्पणियों के माध्यम से तो कभी ऑनलाइन लाइव आकर। मैं हाथ जोड़कर विनती कर रहा हूँ कि कृपया वीडियो को शेयर न करें।”

सहज ने कहा कि इस मुद्दे में वह पुलिस की सहायता ले रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस फर्जी वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने वाले शख्स से संपर्क स्थापित करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। सहज ने दुख व्यक्त करते हुए कहा, “हमारा जीवन बर्बाद हो गया है और हमने जो कुछ भी कमाया था, वह भी खत्म हो गया है।”

इस वीडियो में सहज ने आरोप लगाया कि इस घटना का मास्टरमाइंड अभी भी फरार है, क्योंकि गिरफ्तार लड़की के पास इतना तकनीकी ज्ञान नहीं है कि वह वीडियो को इतने बड़े पैमाने पर वायरल कर सके।

दरअसल, जो सेक्स टेप तेजी से वायरल हुआ है, वह अश्लील है। इसमें एक जोड़े के बीच के अंतरंग पलों को दिखाया गया है। वीडियो में पुरुष का चेहरा पूरा दिखाई दे रहा था, जबकि महिला का चेहरा आंशिक रूप से दिखाई दे रहा था। इसके अलावा, वीडियो में दिख रही महिला का टैटू गुरप्रीत कौर जैसा ही था।

इसके अतिरिक्त, वीडियो में जो महिला दिख रही है उसने लाल चूड़ियाँ पहन रखी हैं, जो पारंपरिक रूप से महिलाओं द्वारा उनकी शादी के बाद पहनी जाती हैं। इससे यह पता चलता है कि वीडियो कपल की शादी के बाद लिया गया था। कुल्हड़ पिज़्ज़ा वाले जोड़े के पहले के कई वीडियो में गुरप्रीत कौर को पारंपरिक लाल ‘चूड़ा’ पहने हुए भी देखा गया है।

वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सहज अरोड़ा ने 21 सितंबर दिन गुरुवार को अपनी चुप्पी तोड़ी। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए अपने पहले वीडियो संदेश में सहज ने आरोप लगाया कि यह वीडियो नकली है और इसमें दृश्यों को बदलने के लिए AI का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा था कि टेप वायरल होने के बाद से वह और उनका परिवार आघात से गुजर रहा है।

सहज अरोड़ा ने खुद को सेक्सटॉर्शन (Sextortion) रैकेट का शिकार बताया था। अपने वीडियो में उन्होंने कहा था, “वायरल वीडियो पूरी तरह से मनगढ़ंत है। हमें 15 दिन पहले इंस्टाग्राम पर वीडियो के साथ एक संदेश मिला। सोशल मीडिया यूजर ने वीडियो इंटरनेट पर पोस्ट करने की धमकी देकर हमसे पैसे माँगे। इसके बाद मैंने जालंधर के पुलिस स्टेशन नंबर 4 में शिकायत दर्ज कराई।”

सहज ने अपने पहले वीडियो में कहा था, “पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है। हालाँकि, मैं अन्य कार्यों में व्यस्त हो गया और पुलिस आगे की कार्रवाई करने में असमर्थ हो गई। फिर, अचानक, वीडियो वायरल हो गया। उन्होंने आगे दावा किया कि ब्लैकमेलर्स ने वीडियो में चेहरे बदलने के लिए AI तकनीक का इस्तेमाल किया होगा।

सहज ने लोगों से इस वीडियो को आगे शेयर ना करने और इसे डिलीट करने का आग्रह किया। ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ उन्होंने कानूनी कार्रवाई करने की धमकी भी दी है। इस पूरे मामले में जालंधर पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है।

एक महिला पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार

सहज अरोड़ा और उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर के वीडियो वायरल होने के बाद जालंधर पुलिस हरकत में आई और उसने सोनिया नाम की 23 वर्षीय महिला को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बारे में एसीपी निर्मल सिंह ने बताया, “कुल्हड़ पिज्जा ने जालंधर पुलिस स्टेशन नंबर 4 में शिकायत दर्ज की। शिकायत में आरोप और तथ्य बहुत गंभीर थे। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एफआईआर नंबर 90, दिनांक 29/9/2023 को आईटी एक्ट की धारा 66 ई) और 66 (डी) और आईपीसी की धारा 509, 384 के तहत दर्ज किया गया। हमने सोनिया नाम की एक महिला अपराधी को गिरफ्तार किया है।”

एसीपी एसीपी निर्मल सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित सोनिया कुल्हड़ पिज्जा की पूर्व कर्मचारी बताई जा रही है। इसे दोनों ने नौकरी से निकाल दिया था। संभवत: बदला लेने के लिए महिला ने एक फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाकर कुल्हड़ पिज्जा कपल को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था।

ACP ने आगे बताया कि फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए ब्लैकमेलर ने एक बैंक अकाउंट नंबर साझा किया और दंपति से उसके खाते में 20,000 रुपए ट्रांसफर करने को कहा। उसने दंपति को धमकी दी कि अगर उन्होंने उसकी माँगें नहीं मानी तो वह वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लीक कर देगी। इस बैंक खाते के आधार पर ही जालंधर पुलिस ने महिला का पता लगाया।

एसीपी एसीपी निर्मल सिंह के अनुसार, सबसे पहले 59 सेकंड का एक वीडियो वायरल हुआ था। जब सहज अरोड़ा ने इसकी पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी और एक बयान जारी किया तो तीन और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। ये वीडियो क्रमशः 35, 10 और 13 सेकंड लंबे हैं।

सहज अरोड़ा और गुरप्रीत कौर ने 2021 में शादी की थी। इस जोड़े को कुल्हड़ या मिट्टी के मग में पिज्जा बेचने की अपनी अनूठी शैली के लिए लोकप्रियता मिली। उनके दुकान को लेकर एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने ऑनलाइन बातें की तो यह रातोंरात सनसनी बन गईं। यह जोड़ी तब से सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में काम कर रही है। इस जोड़े ने हाल ही में एक बच्चे को जन्म दिया है।

कृपया ध्यान दें कि इस मामले की अब पुलिस जाँच कर रही है। लीक हुए इस वीडियो को साझा करते हुए पकड़े जाने पर किसी भी व्यक्ति को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

लूटे गए और अवैध हथियार 15 दिनों में जमा करो: मणिपुर सरकार सख्त, अवैध बंदूक + फर्जी पुलिस वर्दी में जो धराए, कोर्ट ने दे दिया सबको बेल

मणिपुर सरकार ने वहाँ के लोगों से अपील की है कि वो अपने अवैध हथियार 15 दिनों के अंदर सरेंडर कर दें। सरकार ने ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। इसे लेकर राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के कार्यालय ने एक बयान जारी किया है।

राज्य के मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्य सरकार ने शुक्रवार (22 सितंबर, 2023) से 15 दिनों के अंदर अवैध हथियार या लूटे गए हथियार जमा करवाने का अभियान शुरू किया है। इस दौरान ऐसे हथियारों को जमा करने वाले लोगों पर सरकार विचार करने के लिए तैयार है।

मणिपुर सरकार ने चेतावनी वाले लहजे में यह भी कहा कि जिनके पास अवैध हथियार हैं और वो पुलिस-प्रशासन तक इसे 15 दिनों के भीतर अगर जमा नहीं करते हैं तो पूरे राज्य में व्यापक तलाशी अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही अवैध हथियारों रखने वाले सभी लोगों से कानून के मुताबिक गंभीरता से निपटा जाएगा।

इन अवैध हथियारों के इस्तेमाल से अपराधियों द्वारा जबरन वसूली, धमकी और अपहरण की खबरें आई हैं। मणिपुर सरकार ने इसे एक गंभीर मामला बताया है और स्पष्ट कहा कि ऐसे समूहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। इसके अलावा मणिपुर सरकार ने लोगों से राज्य में शांति और सामान्य हालात लौटाने के लिए केंद्र और राज्य का सहयोग करने की अपील भी की है।

मणिपुर मानवाधिकार आयोग (एमएचआरसी) की सिफारिशों पर राज्य सरकार ने पुलिस महानिदेशक को सुरक्षा बलों के शस्त्रागार और चुराचाँदपुर बंदूक की दुकान से जातीय दंगों के दौरान लूटे गए हथियारों एवं गोला-बारूद को बरामद करने का निर्देश दिया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक राज्य में भड़के जातीय दंगों के दौरान भीड़, हमलावरों और उग्रवादियों ने पुलिस स्टेशनों व पुलिस चौकियों से 4,000 से अधिक कई तरह के अत्याधुनिक हथियार और गोला-बारूद लूट लिया था।

इसके अलावा राज्य सरकार ने एक प्राइवेट टेली कम्युनिकेशन कंपनी (एयरटेल) को नोटिस भी जारी किया है। एयरटेल को यह नोटिस सरकार के 20 सितंबर के मोबाइल इंटरनेट सेवा निलंबित रखे जाने के आदेश के बावजूद चुराचाँदपुर और पड़ोसी बिष्णुपुर जिले के कुछ क्षेत्रों में सेवाएँ मुहैया करवाने की वजह से दिया गया है।

जो हथियार के साथ धराए, कोर्ट से उन सबको जमानत

मणिपुर में विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कुछ लोगों को अवैध हथियारों के संग गिरफ्तार किया था। इन लोगों ने अवैध हथियारों के साथ-साथ पुलिस की वर्दी भी पहन रखी थी। इस संबंध में सभी 5 आरोपितों पर UAPA के तहत केस दर्ज किया गया था। शुक्रवार (22 सितंबर) को एक विशेष अदालत ने इन पाँच आरोपितों को जमानत दे दी।

कोर्ट ने हालाँकि निर्देश दिया है कि इन सभी आरोपितों को पुलिस जाँच में सहयोग करना होगा। जमानती आदेश में यह भी कहा गया कि कोई भी आरोपित बगैर सूचना दिए राज्य से बाहर नहीं जा सकेंगे।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान कर्फ्यू लगे होने के बावजूज महिलाएँ वहाँ बैठ गई थीं। इससे पहले इन पाँचों आरोपितों को छोड़ने की माँग को लेकर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच गुरुवार (21 सितंबर) को कई जगहों पर झड़प हुई थी। इसे लेकर कर्फ्यू लगाया गया था।

एयरटेल को नोटिस

राज्य में मोबाइल इंटरनेट सेवाएँ अब भी निलंबित हैं। सरकार के इस आदेश के बावजूद 20 सितंबर को चुराचाँदपुर और पड़ोसी बिष्णुपुर जिले के कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएँ जारी थीं। एक अधिकारी के मुताबिक, इसे लेकर एयरटेल को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया है। राज्य सरकार ने एयरटेल से शुक्रवार तक इस संबंध में लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा है।

अधिकारी के मुताबिक, आयुक्त (गृह) टी रणजीत सिंह ने इंफाल में एयरटेल के मुख्य तकनीकी अधिकारी आशीष बंसल को इसे लेकर लेटर लिखा है। इसमें कहा गया, “ये सेवा प्रदाता की तरफ से गंभीर चूक है और इस वजह से कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भड़काऊ और उकसाने वाली क्लिप और संदेश प्रसारित होने की आशंका है, जिससे सांप्रदायिक तनाव, घृणा और अफवाह फैलने का खतरा है।”

मंदिर की मूर्तियों की तरह शक्तिहीन हैं सांसद: आरक्षण की बात करते-करते राहुल गाँधी ने दिया हिंदू विरोधी बयान, वामपंथी अखबार The Hindu ने की लीपापोती

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने एक बार फिर हिंदू विरोधी बयान दिया है। उन्होंने कहा कि संसद में चुनकर प्रतिनिधि मंदिर की मूर्तियों की तरह हैं। सिर्फ दिखावे के लिए। उनके पास कोई शक्ति नहीं है। हालाँकि, राहुल गाँधी को पता ही नहीं है कि मंदिरों में मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा की जाती है, तब वे भगवान का दर्जा हासिल करते हैं। देश का न्यायालय भी भगवान को एक आईडेंटिटी मानता है। खैर, ये बातें राहुल गाँधी तब समझते, जब वे हिंदू धर्म को समझते। हालाँकि, उनकी इस नामसझ और हिंदू विरोधी बयान पर वामपंथी अखबार ‘द हिंदू’ ने लीपा-पोती करने की कोशिश की है।

दरअसल, राहुल गाँधी महिला आरक्षण और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के बारे में कॉन्ग्रेस के विचार रख रहे थे। इस दौरान उन्होंने OBC आरक्षण की भी बात छेड़ दी। राहुल ने कहा- लोकसभा को टेंपल ऑफ डेमोक्रेसी कहा जाता है। आप किसी भी बीजेपी के एमपी से पूछ लीजिए कि क्या वो कोई भी डिसिजन लेता है? कोई कानून बनाता है? कोई कानून बनाने में भाग लेता है? बिल्कुल नहीं। ना कॉन्ग्रेस का एमपी इस लोकसभा में और ना बीजेपी का एमपी और ना इंडिया का कोई और एमपी डिसिजन नहीं लेता है।”

राहुल गाँधी ने आगे कहा, “MPs को… जैसे मंदिर में मूर्ति होती है वैसे मूर्तियाँ बना रखी हैं। और OBC की वहाँ पर मूर्तियाँ भर रखी हैं, मगर पावर बिल्कुल नहीं है। देश को चलाने में कोई भागीदारी नहीं है। ये सवाल मैंने उठाया है। हर OBC युवा को समझना है कि क्या आपको इस देश को चलाने में भागीदारी मिलनी चाहिए या नहीं। अगर मिलनी चाहिए तो क्या आपकी आबादी सिर्फ 5 प्रतिशत है?” इस वीडियो में आप राहुल गाँधी को 4:25 से 5:45 तक सुन सकते हैं।

वहीं, राहुल गाँधी के हिंदू विरोधी बयान को अलग परिप्रेक्ष्य देने की कोशिश द हिंदू ने की है और उनके बयान में से मंदिर का जिक्र ही हटा दिया है। द हिंदू ने लिखा, “सांसदों के साथ मूर्तियों जैसा व्यवहार किया जाता है और कानून बनाने की प्रक्रिया में उनके पास कोई शक्ति या भूमिका नहीं है।” अगर ऊपर दिए गए राहुल गाँधी के बयान को पढ़ें या सुने तो साफ हो जाएगा कि द हिंदू ने उनके बयान के साथ क्या खेल किया है। हालाँकि, मीडिया में कुछ वर्ग है, जो राहुल गाँधी की गलतियों पर पर्दा डालने की कोशिश करता है, लेकिन देश की सतर्क जनता से ये बातें छुप नहीं पाती हैं।

वहीं, राहुल गाँधी के इस बयान पर भाजपा ने निशाना साधा है। भाजपा के पूर्व महासचिव पी मुरलीधर राव ने X पर पोस्ट में लिखा, “हिंदू विरोधी राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस एक बार फिर बेनकाब हो गए हैं! अगर राहुल गाँधी को लगता है कि मंदिरों में मूर्तियाँ शक्तिहीन और निर्जीव हैं तो वे इतने सारे मंदिरों में क्यों जा रहे हैं? हिंदुओं के लिए इससे अधिक अपमानजनक कुछ और नहीं हो सकता। हालाँकि, हिंदुओं की भावनाओं को आहत करना चुनावी हिंदू राहुल गाँधी के लिए कोई नई बात नहीं है।”

दरअसल, मुस्लिम वोटबैंक के दबाव में हिंदुओं की प्रथा और संस्कृति से दूर रहने वाली कॉन्ग्रेस और उसके नेता साल 2014 के बाद से मंदिरों में नजर आने लगे हैं। राहुल गाँधी और उनकी प्रियंका गाँधी कई बार मंदिरों में पूजा करने पहुँचे। इस दौरान इन लोगों ने जमकर फोटो सेशन भी कराया और खुद को हिंदू बताया। इतना ही नहीं, राहुल गाँधी ने तो एक जनेऊ भी दिखाया था। हालाँकि, गाँधी परिवार हिंदू होने का दिखावा कर रहा है, लेकिन हिंदुओं की भावनाओं को आहत करना अभी छोड़ा नहीं है।

भारत माता की जय नहीं = राहुल गाँधी की राजनीति: BSP सांसद दानिश अली से मिले, लगाया गले

लोकसभा में भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी के निशाने पर आकर बसपा सांसद दानिश अली चर्चा में हैं। बिधूड़ी द्वारा दानिश को ‘ओए भड़&’, ‘ओए उग्रवादी’, ‘ओए कट&‘, ‘ये आतंकवादी है, ये उग्रवादी है’, ‘ये मुल्ला उग्रवादी है’, ‘बाहर देखूँगा इस मुल्ले को’ जैसे संबोधनों से नवाजे जाने के बाद कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी दानिश से मिलने पहुँचे।

दानिश अली का इतिहास बहुत अच्छा नहीं है और ना ही राहुल गाँधी का देश के प्रति जिम्मेदारी का कोई सजग उदाहरण है। दानिश अली कुख्यात हिंदूहंता टीपू सुल्तान के कब्र का दौरा करने और भारत माता की जय के नारे लगाने से मना करने वाले नेता हैं। वहीं, राहुल गाँधी विदेशों में जाकर राष्ट्रविरोधी नेताओं से मिलने वाले और देश के खिलाफ बयान देने वाले नेता हैं।

लोकसभा में बिधूड़ी के बयान के बाद कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने शुक्रवार (22 सितंबर 2023) को सांसद दानिश अली से उनके घर जाकर मुलाकात की। इस दौरान दानिश अली गले लगाकर राहुल गाँधी ने उनके साथ एकजुटता प्रकट की और इस मुलाकात को ‘नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान‘ बताया। राहुल गाँधी ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया साइट X पर भी शेयर कीं।

राहुल गाँधी के ट्वीट का जवाब देते हुए बसपा सांसद दानिश अली ने कहा, “आप अचानक आ गए, मेरा हौसला बढ़ा गए! नफ़रत हारेगी, मुहब्बत जीतेगी!!!” उन्होंने आगे कहा, “आपकी इस यात्रा ने मुझे देश में बढ़ती नफरत की संस्कृति के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने की बहुत ताकत दी! धन्यवाद राहुल जी।”

दानिश अली ने बिधूड़ी के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा और मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजने का आग्रह किया। बिधूड़ी द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों पर सदन के उपनेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खेद जताया था। दरअसल, बिधूड़ी ने जिस समय यह टिप्पणी की थी, उस समय वे ‘चंद्रयान-3’ की सफलता और अंतरिक्ष के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों के विषय पर चर्चा में भाग ले रहे थे।

विवादों से रहा है पुराना नाता

दानिश अली कई बार विवादों में रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विवादित टिप्पणी की थी, तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी जहरीले बयान दे चुके हैं। हालाँकि इस साल वो दो बार विवादों में आए। इस साल फरवरी माह में उन्होंने टीपू सुल्तान की कब्र का दौरा किया। उन्होंने कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष को ललकारते हुए खुद को टीपू सुल्तान का ‘प्राउड फॉलोवर’ बताया था।

बीते अगस्त माह में ही कुँवर दानिश अली ने अमरोहा में ‘भारत माता की जय‘ के नारे पर आपत्ति जताई थी। यही नहीं उन्होंने एक कार्यक्रम में भारत माता की जय का नारा लगाने पर आपत्ति करते हुए जमकर हंगामा किया था। उन्होंने कहा कि चूँकि ये सरकारी कार्यक्रम है, इसलिए ‘भारत माता की जय’ का नारा न लगाया जाए। उनकी इस हरकत पर गुस्साई भाजपा ने उन्हें जिहादी करार दिया था।

राहुल गाँधी के इस ड्रामे के दौरान उनके साथ कॉन्ग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल भी थे। दरअसल, कुछ ही महीने बाद देश लोकसभा चुनावों की प्रक्रिया से गुजरेगा। ऐसे में राहुल गाँधी दानिश अली के बहाने मुस्लिम वोटबैंक को कॉन्ग्रेस की मोड़ने की कोशिश में लगे हैं। इसके साथ ही अपनी ‘मुहब्बत की दुकान’ फॉर्मूले को भी बेचने में लगे हैं।