Wednesday, July 17, 2024
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भारत माता की जय नहीं = राहुल गाँधी की राजनीति: BSP सांसद दानिश अली से मिले, लगाया गले

राहुल गाँधी के इस ड्रामे के दौरान उनके साथ कॉन्ग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल भी थे। दरअसल, कुछ ही महीने बाद देश लोकसभा चुनावों की प्रक्रिया से गुजरेगा। ऐसे में राहुल गाँधी दानिश अली के बहाने मुस्लिम वोटबैंक को कॉन्ग्रेस की मोड़ने की कोशिश में लगे हैं। इसके साथ ही अपनी 'मुहब्बत की दुकान' फॉर्मूले को भी बेचने में लगे हैं।

लोकसभा में भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी के निशाने पर आकर बसपा सांसद दानिश अली चर्चा में हैं। बिधूड़ी द्वारा दानिश को ‘ओए भड़&’, ‘ओए उग्रवादी’, ‘ओए कट&‘, ‘ये आतंकवादी है, ये उग्रवादी है’, ‘ये मुल्ला उग्रवादी है’, ‘बाहर देखूँगा इस मुल्ले को’ जैसे संबोधनों से नवाजे जाने के बाद कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी दानिश से मिलने पहुँचे।

दानिश अली का इतिहास बहुत अच्छा नहीं है और ना ही राहुल गाँधी का देश के प्रति जिम्मेदारी का कोई सजग उदाहरण है। दानिश अली कुख्यात हिंदूहंता टीपू सुल्तान के कब्र का दौरा करने और भारत माता की जय के नारे लगाने से मना करने वाले नेता हैं। वहीं, राहुल गाँधी विदेशों में जाकर राष्ट्रविरोधी नेताओं से मिलने वाले और देश के खिलाफ बयान देने वाले नेता हैं।

लोकसभा में बिधूड़ी के बयान के बाद कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने शुक्रवार (22 सितंबर 2023) को सांसद दानिश अली से उनके घर जाकर मुलाकात की। इस दौरान दानिश अली गले लगाकर राहुल गाँधी ने उनके साथ एकजुटता प्रकट की और इस मुलाकात को ‘नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान‘ बताया। राहुल गाँधी ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया साइट X पर भी शेयर कीं।

राहुल गाँधी के ट्वीट का जवाब देते हुए बसपा सांसद दानिश अली ने कहा, “आप अचानक आ गए, मेरा हौसला बढ़ा गए! नफ़रत हारेगी, मुहब्बत जीतेगी!!!” उन्होंने आगे कहा, “आपकी इस यात्रा ने मुझे देश में बढ़ती नफरत की संस्कृति के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने की बहुत ताकत दी! धन्यवाद राहुल जी।”

दानिश अली ने बिधूड़ी के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा और मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजने का आग्रह किया। बिधूड़ी द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों पर सदन के उपनेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खेद जताया था। दरअसल, बिधूड़ी ने जिस समय यह टिप्पणी की थी, उस समय वे ‘चंद्रयान-3’ की सफलता और अंतरिक्ष के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों के विषय पर चर्चा में भाग ले रहे थे।

विवादों से रहा है पुराना नाता

दानिश अली कई बार विवादों में रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विवादित टिप्पणी की थी, तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी जहरीले बयान दे चुके हैं। हालाँकि इस साल वो दो बार विवादों में आए। इस साल फरवरी माह में उन्होंने टीपू सुल्तान की कब्र का दौरा किया। उन्होंने कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष को ललकारते हुए खुद को टीपू सुल्तान का ‘प्राउड फॉलोवर’ बताया था।

बीते अगस्त माह में ही कुँवर दानिश अली ने अमरोहा में ‘भारत माता की जय‘ के नारे पर आपत्ति जताई थी। यही नहीं उन्होंने एक कार्यक्रम में भारत माता की जय का नारा लगाने पर आपत्ति करते हुए जमकर हंगामा किया था। उन्होंने कहा कि चूँकि ये सरकारी कार्यक्रम है, इसलिए ‘भारत माता की जय’ का नारा न लगाया जाए। उनकी इस हरकत पर गुस्साई भाजपा ने उन्हें जिहादी करार दिया था।

राहुल गाँधी के इस ड्रामे के दौरान उनके साथ कॉन्ग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल भी थे। दरअसल, कुछ ही महीने बाद देश लोकसभा चुनावों की प्रक्रिया से गुजरेगा। ऐसे में राहुल गाँधी दानिश अली के बहाने मुस्लिम वोटबैंक को कॉन्ग्रेस की मोड़ने की कोशिश में लगे हैं। इसके साथ ही अपनी ‘मुहब्बत की दुकान’ फॉर्मूले को भी बेचने में लगे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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