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दिल्ली यूनिवर्सिटी में लहराया भगवा: 32 कॉलेजों में ABVP की जीत, 9 कॉलेजों में क्लीन स्वीप, DUSU के अध्यक्ष का पद भी किया अपने नाम

दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव (DUSU Election) में एबीवीपी (ABVP) ने अध्यक्ष पद समेत 3 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं एनसीयूआई (NSUI) के खाते में एक सीट गई है। ABVP के तुषार डेढ़ा अध्यक्ष, अपराजिता सचिव, सचिन बैसला संयुक्त सचिव तथा NSUI के अभी दहिया को उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल हुई। इस जीत पर गृह मंत्री अमित शाह ने ABVP को बधाई दी है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी में अध्यक्ष पद पर हुए चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तुषार डेढ़ा को 23460 वोट मिले। वहीं एनएसयूआई के हितेश गुलिया उनके निकटटीम प्रतिद्वंद्वी रहे। गुलिया को 20345 वोट मिले। इस तरह से तुषार डेढ़ा 3115 वोटों से जीत हासिल कर दिल्ली यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष बन गए हैं।

उपाध्यक्ष पद पर NSUI के अभी दहिया को जीत मिली है। उन्हें 22331 वोट मिले। वहीं उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी ABVP के सुशांत धनखड़ को 20502 वोट हासिल हुई। इस तरह उपाध्यक्ष पद पर 1829 वोट से NSUI को जीत मिली।सचिव और संयुक्त सचिव पद पर भी ABVP के उम्मीदवार को ही जीत मिली है।

सचिव पर के लिए ABVP ने अपराजिता को मैदान में उतारा था। वहीं कॉन्ग्रेस ने यक्षना शर्मा को अपना प्रत्याशी बनाया था। DUSU चुनाव में अपराजिता को 24543 वोट मिले। वहीं यक्षना के पक्ष में 11,597 वोट पड़े। इस तरह 12,937 वोटों से अपराजिता को जीत मिली। संयुक्त सचिव पद के सचिन बैसला ABVP के उम्मीदवार थे। उन्हें 24,955 वोट मिले। NSUI के शुभम चौधरी को 14,960 वोटों से संतोष करना पड़ा। इस तरह सचिन बैसला 9995 वोटों से जीतकर DUSU के संयुक्त सचिव बन गए।

ऑपइंडिया को मिली एक्सक्लुसिव जानकारी के अनुसार DUSU चुनाव में ABVP को अब तक 32 कॉलेजों में जीत मिली है। वहीं 9 कॉलेजों में तो ABVP ने क्लीन स्वीप किया है। यानी कि इन 9 कॉलेजों के सभी पदों पर सिर्फ ABVP के ही उम्मीदवार जीते हैं। चूँकि अभी सभी कॉलेजों के परिणाम सामने नहीं आए हैं। ऐसे में यह संख्या अभी और बढ़ने का अनुमान है।

इस जीत के बाद ABVP ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के साथ अपने विजयी उम्मीदवारों की फोटो शेयर की है। साथ ही लिखा, “दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को तीन सीटों पर विजयी बनाने और ABVP पर पुनः विश्वास जताने हेतु विद्यार्थी परिषद डीयू के छात्रों का दिल की गहराइयों से आभार व्यक्त करती है। विजेता प्रत्याशियों, कार्यकर्ताओं सहित समस्त छात्र शक्ति को हार्दिक बधाई।”

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) राष्ट्रवादी झुकाव वाला छात्र संगठन है। ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस बड़ी जीत पर ABVP को बधाई दी है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को मिली प्रचंड जीत पर सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई। यह जीत राष्ट्रहित को सर्वप्रथम मानने वाली विचारधारा में युवा पीढ़ी के विश्वास को दर्शाती है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि परिषद के कार्यकर्ता युवाओं में स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों और राष्ट्रवाद की भावना को जागृत रखने के लिए निरंतर संकल्पित भाव से कार्य करते रहेंगे।”

दारू पार्टी, मंदिर में तोड़फोड़, शिवलिंग खंडित किया… अब ‘जय श्री राम’ के नारों के बीच आरोपित की मीट की दुकान पर चला बुलडोजर, पुलिस और केंद्रीय मंत्री भी थे मौजूद

बिहार के बेगूसराय जिले में भगवान भोलेनाथ के मंदिर में तोड़फोड़ कर शिवलिंग खण्डित करने की घटना सामने आई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि जावेद नामक युवक ने इस वारदात को अंजाम दिया है। इस बीच खबर है कि इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने बुलडोज़र के जरिए आरोपित की दुकान ढहा दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला बेगूसराय के लाखो सहायक थाना क्षेत्र के खातोपुर चौक का है। मंदिर में तोड़फोड़ की घटना से ग्रामीणों में काफी गुस्सा है। इसको लेकर लोगों ने NH-31 जाम कर हँगामा भी किया था। लेकिन पुलिस आरोपित को गिरफ्तार नहीं कर पाई। इससे ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ती चली गई।

दैनिक भास्कर ने रिपोर्ट में दावा किया है कि मंदिर टूटने की खबर फैलने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। इसके बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी वहाँ पहुँचे थे। इसी दौरान कुछ ग्रामीण बुल्डोजर लेकर पहुँच गए और आरोपित की दुकान ढहा दी। बताया जा रहा है कि मंदिर के आसपास मीट की 10 दुकानें हैं। आरोपित की दुकान के अलावा कुछ अन्य दुकानों में भी तोड़फोड़ की खबर है।

वहीं बुलडोजर चलाए जाने का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण नजर आ रहे हैं। बुलडोजर के अलावा लोग हाथों से धक्का देकर भी दुकान हटाते नजर आ रहे हैं। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री और बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह भी मौके पर पहुँचे। साथ ही ‘जय श्री राम’ के नारों के बीच वह लोगों से बात करते नजर आए।

इस दौरान मीडिया से बात करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा, “मुस्लिमों ने मंदिर को खंडित करने की कोशिश की है। मैं तो कहूँगा कि क्या इसी के लिए देश का बँटवारा हुआ था? हिंदू हिंदुस्तान में रह गए। मुस्लिम पाकिस्तान चले गए। फिर आज मैं आज देश से अपील करना चाहता हूँ कि अब समय आ गया है, हिंदू जागो, उठो, देखो। हिंदुओं की सहिष्णुता को लाचारी न समझा जाए।”

बता दें कि 22 सितंबर को हुई इस घटना में जावेद के साथ ही निजाम नामक व्यक्ति का नाम भी सामने रहा है। कहा जा रहा है कि शाम के समय दोनों आरोपितों ने पहले शराब पी, फिर उन्होंने मंदिर के पास फोटो खिंचवाई। अगले दिन लोगों को शिवलिंग क्षतिग्रस्त हालत में मिला।

लोगों का कहना है कि जिस जगह मंदिर है उस इलाके में मुस्लिम आबादी है। लोगों का कहना है कि आसपास के लोग मंदिर परिसर में दारू शराब पीते हैं और मीट-मुर्गा खाकर उसके अवशेष मंदिर परिसर में फेंक दिए जाते हैं। शराब पीकर अक्सर कुछ लोग उपद्रव किया करते हैं।

विरोध कर रहे लोगों ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश सरकार से भी सवाल किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश में शराब पर पाबन्दी है, वहाँ दारुबाजी कैसे हो रही है। वहीं बिहार पुलिस ने इस मामले में सड़क जाम करने और विरोध प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने इसे उपद्रव बताते हुए 4 लोगों के हिरासत में होने की जानकारी दी। मामले में जाँच जारी है।

‘नीच को नीच नहीं तो और क्या कहेंगे’: दानिश अली ने PM मोदी को दी थी गाली, तभी रमेश बिधूड़ी ने खोया आपा – लोकसभा अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में दावा

हाल ही में संसद के विशेष सत्र का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसके आधार पर आरोप लगाया गया कि भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी ने बसपा सांसद दानिश अली के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया है। इसके बाद राहुल गाँधी भी दानिश अली से मिलने उनके आवास पर पहुँचे। हालाँकि, अब बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की स्पीकर को भेजे पत्र में बताया गया है कि जब लोकसभा में BSP सांसद दानिश अली की रमेश बिधूड़ी को परेशान करने की सभी चालें बेकार हो गईं तो उन्होंने पीएम मोदी को गाली दी, जिसके कारण बिधूड़ी ने अपना आपा खो दिया।

गौरतलब है कि इसे लेकर विपक्ष इस घटना को लेकर मोदी सरकार और भाजपा पर जुबानी हमले बोल रहा है। विपक्ष सांसद पर सख्त कार्रवाई करने की माँग कर रहा है। एमपी निशिकांत दुबे के लिखे पत्र से अब ये मामला और साफ होता नजर आ रहा है।

‘नीच को नीच नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे’

इस पत्र में बताया गया है कि BSP सांसद दानिश अली ने पीएम मोदी के लिए कहा था, “नीच को नीच नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे।” हालाँकि, सांसद दुबे ने बीजेपी सांसद बिधूड़ी का बचाव नहीं किया है। उन्होंने अपने पत्र में बीजेपी सांसद बिधूड़ी की बीएसपी एमपी अली के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी की निंदा भी की है।

निशिकांत दुबे ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लिखे पत्र में कहा है, “रमेश बिधूड़ी ने दानिश अली को बेहद आपत्तिजनक शब्द कहे हैं, जिसकी मैं एक जिम्मेदार जन प्रतिनिधि के तौर पर निंदा करता हूँ, लेकिन यदि सांसद बिधूड़ी ने गलत काम किया है, तो मेरे मानना है कि दानिश अली सहित अन्य माननीय सदस्यों ने भी समुदाय के बीच दुश्मनी फैलाने का काम किया है।”

इसे लेकर उन्होंने ट्वीट भी किया, “रमेश बिधुड़ी जी के लोकसभा में दिए बयान को कोई भी सभ्य समाज ठीक नहीं कह सकता, इसकी जितनी निंदा की जाए कम है लेकिन लोकसभा स्पीकर जी को सांसद दानिश अली के भी अमर्यादित शब्दों व आचरण की जाँच करनी चाहिए । लोकसभा की नियम प्रक्रियाओं के तहत किसी सांसद के निर्धारित समय के बीच टोकना, बैठे बैठे बोलना, रनिंग कमेंट्री करना भी सजा के दायरे में आता है। मैं पिछले 15 साल से सांसद हूँ, लोकसभा के खुलने से लेकर बंद होने तक सबसे ज़्यादा समय तक मैं सदन में रहता हूँ, ऐसा दिन देखने को मिलेगा कभी सोचा नहीं था।”

सांसद दुबे ने लोकसभा स्पीकर को लिखे पत्र में कहा कि सांसद दानिश अली बिधूड़ी के भाषण के दौरान लगातार ‘रनिंग कमेंट्री’ कर रहे थे और उन्हें उकसाने के मकसद से काफी परेशान कर रहे थे। उनका दावा है कि बिधूड़ी के भाषण के दौरान बीएसपी सांसद दानिश अली खुद पीएम मोदी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और निंदनीय टिप्पणी कर रहे थे।

हिंदू धर्म पर संसद में आपत्तिजनक टिप्पणियाँ

बीजेपी सांसद दुबे ने स्पीकर को लिखे अपने पत्र में लिखा है कि संसद में कार्यवाही के दौरान टीएमसी के सांसद सौगत रॉय के शब्दों से की है। उन्होंने लिखा है कि रॉय ने कहा कि राम और पुष्पक विमान का कोई अस्तित्व नहीं है, ये झूठी कहानी है। उन्होंने आगे लिखा है कि डीएमके ने कहा कि हम द्रविड़ हैं और आप लोग आर्य हो, तुम सेतुसमुद्रम प्रोजेक्ट को रोक कर अंधविश्वास फैला रहे हैं। ये भी कहा गया था कि कोई भगवान नहीं है, हिंदू कोई धर्म नहीं है।

इन दो बयानों का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा कि इससे साफ है 21 सितंबर, 2023 को लोकसभा में केवल रमेश बिधुड़ी ही अनुचित व्यवहार नहीं किया, बल्कि दानिश अली भी इसमें बराबर का योगदान दिया। सांसद दुबे ने आगे लिखा है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के पीएम मोदी को लेकर बेहद निंदनीय और क्षमा न किए जाने वाले शब्दों का इस्तेमाल किया है। इसके साथ ही लोकसभा के अन्य सदस्यों ने भी दूसरे समुदाय के पोषित विश्वास को लेकर गैर-ज़रूरी और अरुचिकर टिप्पणियाँ की।

इसे लेकर उन्होंने इन सब बयानों की जाँच के लिए स्पीकर से एक जाँच समिति बनाने की माँग की है। दुबे ने स्पीकर से ये भी कहा कि संविधान के अनुच्छेद 105 का सहारा लेकर लोकसभा में हमारे नागरिकों के उकसावे के लिए संसद के सदस्यों की टिप्पणियों पर कहाँ तक दोष सिद्ध होता है इसकी भी जाँच की जाए। दरअसल, बीजेपी सांसद बिधूड़ी ने लोकसभा में बीएसपी सांसद दानिश अली के लिए कई आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। इस पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इस बयान पर बिधूड़ी को चेतावनी दी।

बीजेपी को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है। इसके साथ ही बिधूड़ी की टिप्पणियों को संसद के रिकॉर्ड से भी हटा लिया गया है। इस पर खासा बवाल मचा हुआ। आनन-फानन में कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी सांसद अली के घर पहुँचे थे।

वर्ल्ड कप के बचे हैं गिनती के दिन, लेकिन पाकिस्तान को नहीं मिल पाया भारत आने का वीजा; फेल हुआ PAK टीम का खास प्लान

भारत में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप 2023 का आगाज 5 अक्टूबर 2023 को होगा। इसके लिए 8 टीमों को वीजा दिया जा चुका है। वहीं, पाकिस्तान के खिलाड़ियों को अभी तक वीजा नहीं मिल सका है। वर्ल्ड कप के लिए भारत आने से पहले PAK टीम दुबई जाने की प्लानिंग कर रही थी। हालाँकि, वीजा नहीं मिलने पर पाकिस्तानी टीम का प्लान चौपट हो गया।

ईएसपीएन क्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट टीम को वर्ल्ड कप से पहले 29 सितंबर को हैदराबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ अभ्यास मैच खेलना है। इस मैच से पहले पाकिस्तान टीम ने कुछ दिन दुबई में रुकने का प्लान बनाया था। वीजा न मिलने के बाद अब पाकिस्तान टीम 27 सितंबर को लाहौर से दुबई जाने और फिर वहाँ से सीधे हैदराबाद आने की प्लानिंग कर रही है।

माना जा रहा है कि पाकिस्तान टीम को जल्द ही भारत का वीजा मिल जाएगा और वह न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले अभ्यास मैच के लिए समय पर भारत पहुँच जाएगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान को वीजा न मिल पाने की वजह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों की गलती है। दरअसल, उन्होंने एक सप्ताह पहले ही वीजा के लिए आवेदन किया गया था।

पाकिस्तान को खेलने हैं 2 अभ्यास मैच

विश्व कप 2023 से पहले पाकिस्तान को 2 मैच खेलने हैं। पहला अभ्यास मैच 29 सितंबर को हैदराबाद में होना है। स्थानीय प्रशासन ने पूरी सुरक्षा व्यवस्था करने का आश्वासन नहीं दिया था। ऐसे में यह मैच फैंस की अनुपस्थिति में खेला जाएगा। वहीं पाकिस्तान का दूसरा अभ्यास मैच 3 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला जाएगा। वर्ल्ड कप में पाकिस्तान का पहला मैच 6 अक्टूबर को नीदरलैंड होना है।

‘मूर्ति उठाकर ले जाओ, वरना अंजाम होगा बुरा’: मुरादाबाद में सद्दाम ने अबरार और नियाज़ी संग सुरेश और मुन्नी देवी पर किया हमला, देवी प्रतिमा को मारी ठोकर

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में मंदिर बना रहे हिन्दू समाज के लोगों पर नियाज़ी, सद्दाम और अबरार ने गुरुवार (21 सितंबर 2023) को हमला कर दिया। आरोप है कि तीनों आरोपितों ने न सिर्फ निर्माणाधीन मंदिर में तोड़फोड़ की, बल्कि मूर्तियों पर भी पैरों से ठोकर मारी। पुलिस ने केस दर्ज कर के एक आरोपित सद्दाम को गिरफ्तार कर लिया है।

यह घटना मुरादाबाद के थाना क्षेत्र के भगतपुर की है। महेशपुर गाँव के रहने वाले सुरेश कुमार ने 21 सितंबर को पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करवाई। सुरेश कुमार ने बताया कि घटना के दिन वो अपने गाँव में बन रहे एक देवी मंदिर पर मजदूरी कर रहे थे। शाम के समय वहाँ गफूर का बेटा सद्दाम पहुँचा।

सुरेश ने आरोप लगाया कि सद्दाम ने देवी स्थान पर लगे किसी गेट और पाइप के बारे में उससे पूछा। सुरेश ने सद्दाम से कहा कि उसे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। सद्दाम ने गेट और पाइप किसी चंद्रपाल के घर होने की बात कही। सुरेश ने चंद्रपाल से फोन कर के पूछा तब चंद्रपाल ने इस बारे में कोई भी जानकारी नहीं होने की बात कही।

शिकायत में सुरेश ने आगे बताया कि यह जवाब सुनकर सद्दाम भड़क गया। उसने सुरेश और चंद्रपाल दोनों को मारने की धमकी दी। सुरेश द्वारा विरोध करने पर सद्दाम उसे गंदी-गंदी गालियाँ देने लगा और मंदिर में घुसकर देवी की मूर्ति पर पैर से ठोकर मारने लगा। सद्दाम ने यह भी धमकी दी कि मूर्ति उठाकर हिन्दुओं के मोहल्ले मे जाओ, वरना अंजाम बुरा होगा।

शोरगुल सुनकर सुरेश की मदद के लिए पड़ोस में रहने वाले महेश और उनकी पत्नी मुन्नी देवी पहुँची। सद्दाम ने उन दोनों के साथ भी मारपीट की। मुन्नी देवी के कपड़े भी फाड़ दिए गए। इस बीच हमलावर सद्दाम की तरफ से नियाजी और अबरार भी पहुँच गए। इन सभी ने मिलकर सुरेश, महेश और मुन्नी देवी को न सिर्फ मारा-पीटा, बल्कि गंदी-गंदी गालियाँ भी दीं।

सुरेश की शिकायत पर पुलिस ने अबरार, नियाजी और सद्दाम को केस में नामजद किया है। इन सभी पर IPC की धारा 295, 354 (ख), 323, 504 व 506 के तहत कार्रवाई की गई है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। सद्दाम को गिरफ्तार कर लिया गया है। केस में आगे की कार्रवाई चल रही है।

‘बच्चा है, सब उसके पीछे पड़ गए हैं’: कमल हासन ने सनातन को खत्म करने की बात करने वाले उदयनिधि स्टालिन का किया समर्थन, पेरियार का भी महिमामंडन

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (MK Stalin) के बेटे के समर्थन में अभिनेता से नेता बने कमल हासन मैदान में उतर आए हैं। उन्होंने शुक्रवार (22 सितंबर, 2023) को राज्य के खेल एवं युवा मामलों के मंत्री उदयनिधि स्टालिन के शुरू किए गए सनातन विवाद पर उन्हें छोटा बच्चा करार दिया है। हासन ने कहा कि एक युवा बच्चे (उदयनिधि) को सिर्फ इसलिए परेशान किया जा रहा है कि उसने सनातन धर्म के बारे में बात की थी। हालाँकि, उन्होंने एक पार्टी बैठक को संबोधित करते हुए उदयनिधि, भाजपा या किसी अन्य संगठन का नाम लिए बगैर ये कहा था।

‘पेरियार की वजह से सनातन जाना गया’

अभिनेता हासन ने ये इशारा करते हुए कहा कि सनातन धर्म पर मंत्री की टिप्पणी में कुछ भी नया नहीं है। उन्होंने कहा कि द्रविड़ आंदोलन के कई नेताओं जैसे दिवंगत डीएमके संरक्षक और उदयनिधि के दादा एम करुणानिधि ने भी अतीत में इस बारे में बात की है।

हासन ने आगे कहा कि पेरियार ई वी रामासामी के सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ गुस्से की सीमा को नेता के जीवन से समझा जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि उनके जैसे लोगों ने पेरियार के कारण ही ‘सनातन’ शब्द को समझा।

उन्होंने आगे कहा, “वह कभी मंदिर में काम करते थे। वह माथे पर ‘तिलक’ लगाकर वाराणसी में ‘पूजा’ करते थे। सोचिए उनके अंदर कितना गुस्सा रहा होगा जब वो ये सब छोड़कर और यह समझकर लोगों की सेवा में लग गए कि सबसे बड़ी सेवा मानव सेवा है। उन्होंने अपना पूरा जीवन ऐसे ही जिया।”

कमल हासन का कहना था कि इसलिए न तो द्रमुक और न ही कोई अन्य पार्टी पेरियार पर अपना दावा कर सकती है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु पेरियार को अपना समझ उत्सव मना सकता है। कमल हासन ने कहा कि वह खुद पेरियार का सम्मान करने वालों में से एक रहे हैं।

‘ये उदयनिधि का निजी विचार’

कमल हासन पहले भी इस विवाद पर अपनी राय रख चुके हैं। उदयनिधि ने सनातन की तुलना डेंगू और मलेरिया से की थी। साथ ही इसे खत्म करने की बात भी की थी। इस दौरान उन्होंने इसे उदयनिधि का निजी विचार करार दिया था।

‘राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विधवा और आदिवासी’

उदयनिधि की टिप्पणी के बाद पीएम मोदी I.N.D.I गठबंधन पर सनातन को नष्ट करने की कोशिश का आरोप लगाया था। इसके बाद ये सनातन विवाद भाजपा और विपक्ष के बीच एक बड़ा विवाद बन गया। इस टिप्पणी पर विपक्ष बँटा हुआ था। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अपनी पार्टी के सदस्यों से इस पर टिप्पणी नहीं करने का आग्रह किया।

हालाँकि, उदयनिधि ने खुद को सनातन पर आगे टिप्पणी करने से नहीं रोका। जब संसदीय कार्यवाही नए भवन में स्थानांतरित हुई थी तब भी उदयनिधि ने इस तरह की आपत्तिजनक बात की थी। उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को इसलिए नहीं बुलाया गया था क्योंकि वह एक विधवा और आदिवासी हैं।

खालिस्तानी आतंकी पन्नू पर NIA ने कसा शिकंजा: अमृतसर और चंडीगढ़ की संपत्ति जब्त, अब सरकारी हुई उसकी प्रॉपर्टी

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी पंजाब और चंडीगढ़ स्थित प्रॉपर्टी को जब्त कर ली है। पन्नू प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) का मुखिया है। वह विदेश में बैठकर भारत विरोधी वीडियो जारी करता रहता है। भारत-कनाडा विवाद के बीच उसने कनाडा में रहने वाले हिंदुओं को देश छोड़ने की धमकी दी थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, NIA ने अमृतसर जिले में स्थित पन्नू के पैतृक गाँव खानकोट में उसकी 46 कनाल कृषि भूमि जब्त कर ली है। वहीं, चंडीगढ़ के सेक्टर 15C में स्थित उसका घर भी जब्त कर लिया गया है। इससे पहले साल 2020 में कोर्ट ने पन्नू को भगोड़ा घोषित कर इन संपत्तियों को कुर्क किया था। कोर्ट ने पन्नू की इन संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी थी।

अब एनआईए की कार्रवाई के साथ पन्नू का इन दोनों संपत्तियों पर से हक भी खत्म हो गया है। सीधे शब्दों में कहें तो उसकी संपत्ति अब सरकार की हो गई है। पन्नू के खिलाफ यह कार्रवाई मोहाली स्थित NIA कोर्ट के आदेश पर हुई है। NIA ने पन्नू की संपत्ति जब्त करते हुए उसके घर के बाहर जब्ती का नोटिस बोर्ड लगाया है।

बता दें कि गुरपतवंत सिंह पन्नू मूल रूप से पंजाब के अमृतसर जिले के खानकोट गाँव निवासी था। पंजाब यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद वह विदेश चला गया और अब अमेरिका का नागरिक है। ऐसा माना जाता है कि पन्नू कभी अमेरिका तो कभी कनाडा में रहता है। पंजाब में उस पर 20 से अधिक केस दर्ज हैं।

पन्नू वहीं से भारत विरोधी गतिविधियाँ करता रहता है और पंजाब के लोगों को खालिस्तान के नाम पर भड़काता है। भारत सरकार ने साल 2019 में उसके संगठन SFJ पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बाद साल 2020 में UAPA के तहत उसे आतंकी घोषित कर दिया था। तब से वह NIA की मोस्ट वांटेड लिस्ट में है।

इंदिरा गाँधी, मुख्यमंत्री और पूर्व सेना प्रमुख की हत्या का मनाया जश्न, हरदीप सिंह निज्जर के एक नहीं कई आतंकी कारनामे: सब जानते हुए कनाडा ने दे दी थी नागरिकता

खालिस्तानी आंतकी हरदीप सिंह निज्जर जिसकी हत्या को लेकर कनाडा और भारत के राजनीतिक रिश्तों में खटास आई है उसी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बुधवार (20 सितंबर, 2023) को वायरल हुआ ये वीडियो से पता चलता है कि निज्जर कितना खतरनाक आतंकी था। इसमें वो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी, जनरल अरुण कुमार वैद्य और पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारों का महिमामंडन करता दिख रहा है।

कनाडा ने इसी निज्जर को आव्रजन धोखाधड़ी में शामिल होने, अलगाववाद और आतंकवाद का खुला समर्थन करने के बावजूद 2007 में कनाडाई नागरिकता दे दी थी। यही नहीं, सरे में इसकी हत्या का दोष भी मुल्क की संसद में पीएम जस्टिन ट्रूडो ने बगैर किसी सबूतों भारत के सिर मढ़ने से गुरेज नहीं किया। इस खालिस्तानी आतंकी की वजह से दोनों देशों ने अपने-अपने राजनयिकों को वापस भेज दिया, चेतावनी जारी कर दी। कारोबारी संबंध बिगड़ गए।

‘पीएम इंदिरा गाँधी, सीएम बेअंत चढ़ाए गाड़ी पर’

इस वीडियो में निज्जर को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “वही इंदिरा गाँधी जिन्होंने हमला किया (ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया), उनकी 31 अक्टूबर को हत्या कर दी गई और उन्हें ‘गाड़ी सवार’ कर दिया गया। जनरल वैद्य सिंह, जिन्होंने अपनी फौज के साथ अकाल तख्त (स्वर्ण मंदिर) पर हमला किया था और खुद को एक महान कमांडर मानते थे। उनको भी पुणे में जिंदा और सुक्खा ने ‘गाड़ी पर सवार’ कर दिया।”

उसने आगे वीडियो में कहा, “ललित माकन जो 1984 के दंगों में भी शामिल था उसे भी सुक्खा ने गाड़ी पर चढ़ा डाला। पंजाब के मुख्यमंत्री कसाई बेअंत सिंह जिसने सिखों के सिर से पगड़ी हटाने की कसम खाई थी उसे भी आत्मघाती बम हमले में दिलावर, तारा और हवारा ने गाड़ी पर चढ़ा दिया। ये हमारी विरासत है।” आतंकी निज्जर का ‘गाड़ी में सवार’ करने से मतलब मार डालने से है।

वीडियो को खालिस्तान विरोधी कार्यकर्ता पुनीत साहनी ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस कैप्शन के साथ शेयर किया, “कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर खालिस्तानी गुरुद्वारों से यही उपदेश देंगे! भारतीय प्रधानमंत्री, सेना प्रमुख, पंजाब के सिख मुख्यमंत्री की हत्या करना, मानव बम होना आदि उनके आंदोलन की गौरवपूर्ण विरासत है!”

ये वीडियो कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो के निज्जर की कनाडाई नागरिक के तौर पर सराहना करने केमबाद आया था। दरअसल पीएम ट्रूडो ने आरोप लगाया था कि निज्जर को कथित तौर पर कनाडाई धरती पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने मारा था।

इसी के तहत कनाडा ने एक शीर्ष भारतीय राजनयिक को भी निष्कासित कर दिया था। इसके बाद से कनाडा और भारत के बीच राजनयिक रिश्ते पूरी तरह से तल्ख हो गए। इसी साल 18 जून को सरे में अज्ञात बंदूकधारियों ने उसे मौत के घाट उतार दिया था।

ये बात गौर करने लायक है कि कनाडा में आव्रजन धोखाधड़ी करने, अलगाव और आतंकवाद का खुल्लम-खुल्ला समर्थन करने वाले निज्जर को साल 2007 में आसानी से कनाडा की नागरिकता दे दी गई थी।

कनाडा के आव्रजन मंत्री मार्क मिलर ने इसे लेकर ट्वीट किया था कि निज्जर 25 मई, 2007 को कनाडाई नागरिक बन गए। उन्होंने लिखा, “उनकी नागरिकता को लेकर तारीखों को लेकर की गई गलती मानना मेरी जिम्मेदारी है, लेकिन फिर भी निज्जर की हत्या किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता।”

खालिस्तानी आतंकी निज्जर गुरदीप सिंह दीपा हेरान वाला जैसे अन्य खूँखार आतंकवादियों से बेहद प्रभावित था। आतंकी निज्जर की इनसे मुलाकात किशोरावस्था में हुई थी। खालिस्तानी आतंकी वेबसाइट ‘1984’ श्रद्धांजलि डॉट कॉम के मुताबिक, गुरदीप सिंह दीपा हेरानवाला 217 से अधिक हत्याओं, कई बम विस्फोटों और बैंक डकैतियों में शामिल था। हालाँकि, ये वेबसाइट अभी खुल नहीं रही है।

उसने पंजाब से दिल्ली तक भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में जनवरी 1992 में निकाली ‘एकता यात्रा’ पर भी हमला किया। इसमें कुल 4 भाजपा कार्यकर्ता मारे गए जबकि 19 अन्य घायल हो गए थे। हेराववाला ने पुलिस अधिकारियों और सीआरपीएफ जवानों पर भी हमला किया था। उसने हर 9वें दिन एक व्यक्ति की हत्या की। पुलिस के उसे पकड़ने के लिए घात लगाए जाने के बाद 1992 में उसने आत्महत्या कर ली थी।

निज्जर भारत के खिलाफ कर चुका कई आतंकी कारनामे

खालिस्तानी आतंकी निज्जर कनाडा के सरे में प्लमिंग (नल पाइप ठीक करना) का कारोबार चलाता था। वो 1984 की सिख विरोधी हिंसा को नरसंहार की मान्यता दिलाने UNHRC से अपील करने के लिए 2013 में जिनेवा गया था। ये बात यहाँ ध्यान देने वाली है कि ये आतंकी किस हैसियत से, किसके समर्थन, किसकी स्पॉनसरशिप से यूएनएचआरसी जैसी वैश्विक संस्था तक पहुँचने में कामयाब रहा था।

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में जून 2014 में निज्जर ने खुले तौर पर भारत के राज्य पंजाब को अलग करने का आह्वान कर डाला था। इसके पाँच महीने बाद नवंबर 2014 में भारत ने नई दिल्ली में इंटरपोल के राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के जरिए निज्जर का गिरफ्तारी का वॉरंट जारी किया। वारंट में उसे खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) आतंकवादी समूह का ‘मास्टरमाइंड/सक्रिय सदस्य’ बताया गया।

वॉरंट में यह भी जिक्र किया गया है कि निज्जर का नाम 2007 में पंजाब के शिंगार सिनेमा पर हुए बम विस्फोट के बाद सामने आया था। दरअसल, विस्फोट के लिए गिरफ्तार किए गए संदिग्धों ने कबूल किया था की कि वे हरदीप सिंह निज्जर के निर्देशों के तहत काम कर रहे थे। एक दूसरे इंटरपोल नोटिस में 2016 में निज्जर के खिलाफ नए आरोपों के तहत उसे ‘भारत में कई आतंकवादी कृत्यों का मास्टरमाइंड और मुख्य साजिशकर्ता’ कहा गया।

वह आतंकवाद, भर्ती और धन उगाहने के कामों के लिए वांछित था और इसके लिए उसे आजीवन कारावास की सजा का सामना करना पड़ सकता था।। हालाँकि, निज्जर ने कनाडाई पीएम ट्रूडो को लिखे पत्र में आरोपों से इनकार किया और उन्हें ‘निराधार और मनगढ़ंत’ बताया था। इसके अलावा मार्च 2019 में निज्जर पर मारपीट का आरोप लगा था, लेकिन मामले पर उसी दिसंबर में रोक लगा दी गई थी।

निज्जर एक वाणिज्यिक प्रिंटिंग प्रेस के विवाद में भी उलझा था। ये प्रेस उसने रिपुदमन सिंह मलिक से ली थी। उसे साल 1985 के घातक एयर इंडिया बम विस्फोटों में शामिल होने से बरी कर दिया गया था। प्रेस की मशीनें मलिक और उसके एक साथी ने खरीदी थी। उसका इरादा इसका इस्तेमाल सिख धर्मग्रंथों को छापने के लिए करने का था।

मलिक ने नवंबर 2020 में प्रेस को सुरक्षित रखने के लिए निज्जर को सौंपा था, लेकिन निज्जर ने इसे वापस करने से इनकार कर दिया। जुलाई 2022 में मलिक की हत्या कर दी गई। इसके बाद फरवरी 2023 में प्रेस के औजारों की वापसी की माँग करते हुए एक मुकदमा दायर किया गया।

खालिस्तान विरोधी एक्टिविस्ट पुनीत साहनी ने ‘न्यूज 18’ के एक शो में दावा किया है कि विमान पर बमबारी के एक साल बाद खालिस्तानियों ने साल 1986 में इंडियन पार्लियामेंट पर बमबारी और सांसदों को बंधक बनाने की योजना बनाई थी। इसे हेमिल्टन प्लान कहा गया था। हालाँकि, कनाडा कोर्ट ने वायरटैप प्राप्त करने में तकनीकी गड़बड़ी के वजह से मामले को खारिज कर दिया। दरअसल, कनाडा के खालिस्तानी आतंकियों ने 23 जून, 1985 को एयर इंडिया फ्लाइट 182 बोइंग 747 को बम रखकर उसे उड़ा दिया। इसमें 329 लोग मारे गए थे।

साहनी ने ये भी कहा कि पीएम ट्रूडो का व्यक्तिगत असफलता से बचने के लिए सुरक्षा संस्थानों का दुरुपयोग करने का इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि 2018 में भी पीएम ने खालिस्तानियों के मामले में भारत को दोष देने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि कनाडा के कंजरेटिव लीडर एंड्रयू शियर इस बात की पुष्टि कर सकते है।

वहीं कनाडा के पत्रकार डेनियल ब्रॉडमैन के ट्वीट ने भी पीएम ट्रूडो लेकर ऐसा ही कुछ कहा। उन्होंने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया, “जाहिर तौर पर ट्रूडो की टॉप गुप्त रिपोर्ट एक ओपन सोर्स खुफिया रिपोर्ट थी। एक बकवास गूगल सर्च! और हमने भारत के साथ एक राजनयिक युद्ध शुरू कर दिया, क्योंकि किसी ने गूगल पर कुछ सर्च कर लिया था। मुझे ट्रूडो से नफरत है। सरकार पर काबू करने वाला, खुद की सेवा में लगा और नीच कहलाने का हकदार।”

‘यूट्यूबर है मास्टरमाइंड, कर रहा ब्लैकमेल’: अश्लील वीडियो पर ‘कुल्हड़ पिज्जा’ वाले पति-पत्नी का आरोप, बोले करण दत्ता- सबूत दो, वरना रोज बनाऊँगा वीडियो

पंजाब के जालंधर में ‘कुल्हड़ पिज्जा’ की दुकान चलाने वाले पति-पत्नी सहज अरोड़ा और गुरप्रीत कौर ने अपनी अश्लील वीडियो के वायरल होने से काफी परेशान हैं। सहज अरोड़ा ने वीडियो को AI जनरेटेड बताया और कहा कि यूट्यूबर करण दत्ता इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड है। वहीं, करण का कहना है कि ‘कुल्हड़ पिज्जा’ कपल ने सुर्खियों में रहने के लिए यह सब किया है। इस मामले में पुलिस ने ‘कुल्हड़ पिज्जा’ की पूर्व कर्मचारी सोनिया को गिरफ्तार किया है।

सहज अरोड़ा ने इंस्टाग्राम पर हाल ही में एक वीडियो शेयर किया है। इसमें वह रोते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में सहज ने लोगों से वीडियो शेयर ना करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही उनकी पत्नी माँ बनी है। ऐसे में वीडियो वायरल होने से वह बेहद बुरे वक्त से गुजर रही है। जिस घर में खुशी का माहौल होना चाहिए। वहाँ अब दुःख का माहौल बन गया है।

सहज अरोड़ा ने आगे कहा कि उन्हें करीब 15 दिन पहले इंस्टाग्राम पर एक धमकी भरा मैसेज आया था। मैसेज में एक महिला ने वीडियो भेजकर उनसे पैसे माँगे थे, लेकिन उन्होंने पैसे देने के बजाय पुलिस में शिकायत की। इसके बाद वीडियो को वायरल कर दिया गया। सहज अरोड़ा ने महिला का मैसेज भी दिखाया है। उन्होंने कहा कि वह महिला यूट्यूबर करण दत्ता के साथ मिली हुई है। दोनों मिलकर उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं। इस घटना का मास्टरमाइंड अभी भी फरार है।

सहज अरोड़ा द्वारा लगाए गए आरोपों पर यूट्यूबर करण दत्ता ने एक वीडियो जारी कर जवाब दिया है। करण ने कहा कि सहज कह रहे कि वीडियो फेक है, लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है। इस तरह के वीडियो बनाने में बहुत पैसा लगता है। कोई पैसा खर्च कर इस तरह के वीडियो क्यों बनाएगा।

करण ने यह भी कहा कि ‘कुल्हड़ पिज्जा’ कपल का वीडियो वायरल होने से पहले उन्हें कोई भी प्रमोशन नहीं मिल रहा था, लेकिन अब उनका काम बढ़ गया है। करण ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर सहज अरोड़ा से सबूत देने को कहा है। साथ ही कहा कि यदि उन्हें सबूत नहीं दिया गया तो वह इस मामले में रोज एक वीडियो बनाएँगे।

करण ने आगे कहा कि उनका ‘KaranDutta Vines’ के नाम से यूट्यूब पर मशहूर चैनल है। इसलिए सहज ने भी मशहूर होने के लिए यह सब किया है। करण ने यह भी कहा कि वीडियो को फेक या ANI वाला बताने की जगह सहज को कहना चाहिए था कि उनका फोन गुम हो गया था। इससे यह वीडियो निकालकर वायरल किया गया, लेकिन वे दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। यह सही नहीं है।

क्या है मामला

दरअसल, ‘कुल्हड़ पिज्जा’ कपल का सेक्स टेप तेजी से वायरल हुआ है। यह वीडियो अश्लील है। इसमें एक जोड़े के बीच के अंतरंग पलों को दिखाया गया है। वीडियो में पुरुष का चेहरा पूरा दिखाई दे रहा था, जबकि महिला का चेहरा आंशिक रूप से दिखाई दे रहा था। इसके अलावा, वीडियो में दिख रही महिला का टैटू गुरप्रीत कौर जैसा ही था।

इसके अतिरिक्त, वीडियो में जो महिला दिख रही है उसने लाल चूड़ा पहन रखी है, जो पारंपरिक रूप से महिलाओं द्वारा उनकी शादी के बाद पहनी जाती हैं। इससे यह पता चलता है कि वीडियो कपल की शादी के बाद लिया गया था। कुल्हड़ पिज़्ज़ा वाले जोड़े के पहले के कई वीडियो में गुरप्रीत कौर को पारंपरिक लाल ‘चूड़ा पहने हुए भी देखा गया है।

पूर्व महिला कर्मचारी गिरफ्तार

सहज अरोड़ा और उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर के वीडियो वायरल होने के बाद जालंधर पुलिस हरकत में आई और उसने सोनिया नाम की 23 वर्षीय महिला को गिरफ्तार कर लिया। जालंधर के एसीपी निर्मल सिंह ने इस गिरफ्तारी के बारे में जानकारी दी है।

उन्होंने कहा, “कुल्हड़ पिज्जा ने जालंधर पुलिस स्टेशन नंबर 4 में शिकायत दर्ज की। शिकायत में आरोप और तथ्य बहुत गंभीर थे। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एफआईआर नंबर 90, दिनांक 29/9/2023 को आईटी एक्ट की धारा 66 ई) और 66 (डी) और आईपीसी की धारा 509, 384 के तहत दर्ज किया गया। हमने सोनिया नाम की एक महिला अपराधी को गिरफ्तार किया है।”

एसीपी निर्मल सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित सोनिया कुल्हड़ पिज्जा की पूर्व कर्मचारी बताई जा रही है। इसे दोनों ने नौकरी से निकाल दिया था। संभवत: बदला लेने के लिए इस महिला ने एक फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाकर कुल्हड़ पिज्जा कपल को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था।

ACP ने आगे बताया कि फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए ब्लैकमेलर ने एक बैंक अकाउंट नंबर साझा किया और दंपति से उसके खाते में 20,000 रुपए ट्रांसफर करने को कहा। उसने दंपति को धमकी दी कि अगर उन्होंने उसकी माँगें नहीं मानी तो वह वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लीक कर देगी। इस बैंक खाते के आधार पर ही जालंधर पुलिस ने महिला का पता लगाया।

एसीपी एसीपी निर्मल सिंह के अनुसार, सबसे पहले 59 सेकंड का एक वीडियो वायरल हुआ था। जब सहज अरोड़ा ने इसकी पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी और एक बयान जारी किया तो तीन और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। ये वीडियो क्रमशः 35, 10 और 13 सेकंड लंबे हैं।

सहज अरोड़ा और गुरप्रीत कौर ने 2021 में शादी की थी। इस जोड़े को कुल्हड़ या मिट्टी के मग में पिज्जा बेचने की अपनी अनूठी शैली के लिए लोकप्रियता मिली। उनके दुकान को लेकर एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने ऑनलाइन बातें की तो यह रातोंरात सनसनी बन गईं। यह जोड़ी तब से सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में काम कर रही है। इस जोड़े ने हाल ही में एक बच्चे को जन्म दिया है।

कृपया ध्यान दें कि इस मामले की अब पुलिस जाँच कर रही है। लीक हुए इस वीडियो को साझा करते हुए पकड़े जाने पर किसी भी व्यक्ति को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

बिहार के मंदिर में शिवलिंग को कर दिया खंडित, ग्रामीण ने लिया जावेद का नाम, बोले- मुर्गा-दारू पार्टी के बाद मंदिर में फेंक देते हैं अवशेष: सड़क पर उतरे आक्रोशित लोग

बिहार के बेगूसराय जिले में एक हिन्दू मंदिर में तोड़फोड़ और शिवलिंग को क्षतिग्रस्त करने का मामला सामने आया है। आरोपित का नाम जावेद बताया जा रहा है। इसके विरोध में लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी घटनास्थल पर पहुँचे। पुलिस ने विरोध प्रदर्शन करने वालों पर ही केस दर्ज करके 4 लोगों को हिरासत में ले लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला बेगूसराय के लाखो सहायक थाना क्षेत्र के खातोपुर चौक का है। यहाँ शुक्रवार को कई ग्रामीण सड़क पर विरोध प्रदर्शन करने उतर गए। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके एक पौराणिक शिव मंदिर में जावेद नाम के व्यक्ति ने तोड़फोड़ की है।

शुक्रवार (22 सितंबर 2023) को हुई घटना में जावेद के साथ किसी निजाम का भी नाम आ रहा है। कहा जा रहा है कि शाम के समय दोनों आरोपितों ने पहले शराब पी, फिर उन्होंने मंदिर के पास फोटो खिंचवाई। अगले दिन लोगों को शिवलिंग क्षतिग्रस्त हालत में मिला।

मामले की जानकारी मिलते ही लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क को जाम कर दिया गया। मौके पर पहुँचे पुलिस बल ने ग्रामीणों का गुस्सा शांत करवाने की काफी कोशिश की। लोगों का आरोप है कि मंदिर के पास ही मुस्लिम समुदाय के लोगों की मीट-मुर्गा बेचने की दुकान है।

लोगों का कहना है कि जिस जगह मंदिर है उस इलाके में मुस्लिम आबादी है। लोगों का कहना है कि आसपास के लोग मंदिर परिसर में दारू शराब पीते हैं और मीट-मुर्गा खाकर उसके अवशेष मंदिर परिसर में फेंक दिए जाते हैं। शराब पीकर अक्सर कुछ लोग उपद्रव किया करते हैं।

विरोध कर रहे लोगों ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश सरकार से भी सवाल किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश में शराब पर पाबन्दी है, वहाँ दारुबाजी कैसे हो रही है। आरोप है कि नाराज लोगों ने एक आरोपित की दुकान में भी तोड़फोड़ की है।

घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पहुँचे। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। हालाँकि, उन्होंने नीतीश सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। बकौल गिरिराज सिंह, INDI गठबंधन दक्षिण से उत्तर भारत तक सनातन धर्म के खिलाफ हमलावर है। उन्होंने हिन्दू समाज से जागृत और एकजुट होने की अपील की।

वहीं बिहार पुलिस ने इस मामले में सड़क जाम करने और विरोध प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने इसे उपद्रव बताते हुए 4 लोगों के हिरासत में होने की जानकारी दी। मामले में जाँच जारी है।