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एक शख्स, 2 पत्नियाँ, कोर्ट ने किया बँटवारा… 15-15 दिन दोनों के पास रहने का आदेश, सौतनों को चेताया – आपस में झगड़ा मत करना

मध्य प्रदेश के उज्जैन में पति के ‘बँटवारे’ का दिलचस्प मामला सामने आया। दरअसल, एक शख्स ने पहली पत्नी से झगड़े के चलते दूसरी शादी कर ली थी। लेकिन बाद में पहली पत्नी भी अपने पति के साथ रहने की जिद करने लगी। मामला थाने से होता हुआ फैमिली कोर्ट तक जा पहुँचा। वहाँ कोर्ट ने शख्स को 15-15 दिन दोनों पत्नियों के साथ रहने और उनके बच्चों के पोषण करने का आदेश दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला उज्जैन जिले के घट्टिया में रहने वाले एक व्यक्ति ने 15 साल पहले बामौरा में रहने वाली एक महिला से शादी की थी। शादी के बाद दोनों की संतानें हुईं। लेकिन फिर उनके बीच मनमुटाव और झगड़े की स्थिति बनने लगी। पति-पत्नी ने अलग रहने का फैसला किया और मामला कोर्ट में पहुँच गया।

पत्नी के साथ झगड़े की स्थिति को देखते हुए शख्स को लगा था कि कोर्ट से अलग रहने का ही फैसला आएगा। इसलिए उसने किसी अन्य महिला से शादी कर ली। इस शादी से भी उसे संतान हुईं। इस बीच कोर्ट पहली पत्नी से झगड़े को लेकर कोर्ट का फैसला भी आ गया। इस फैसले से न केवल शख्स बल्कि उसकी दोनों पत्नियों की जिंदगी में बवाल मच गया।

दरअसल, कोर्ट ने शख्स को पहली पत्नी के साथ रहने का आदेश दिया था। दूसरी शादी कर चुका शख्स किसके साथ रहे इसको लेकर उनके बीच एक बार फिर झगड़े जैसी स्थिति बन गई। दोनों ही पत्नियाँ अपने पति के साथ रहने की जिद पर अड़ी हुईं थीं। इस बीच पहली पत्नी महिला थाने भी पहुँच गई। जहाँ उसने मामले की पूरी जानकारी देते हुए अपने पति को वापस दिलाने की माँग की।

इस पर पुलिस ने शख्स और उसकी दूसरी पत्नी को थाने में बुलाकर पूछताछ की। लेकिन दूसरी पत्नी, पहली को साथ रखने की बात पर तैयार नहीं थी। इसके बाद मामला फैमिली कोर्ट जा पहुँचा। जहाँ कोर्ट ने पति का ‘बँटवारा’ करते हुए उसे दोनों पत्नियों को साथ रखने का आदेश दिया। कोर्ट ने अपने आदेश में शख्स को दोनों पत्नियों को 15-15 दिन का समय देने और बच्चों के पालन पोषण करने की बात कही। साथ ही दोनों महिलाओं को आपस में झगड़ा न करने की हिदायत दी।

बंगाल की अवैध फैक्ट्री में विस्फोट से 8 मौतें, BJP नेता शुभेंदु बोले – बनाया जा रहा था बम: मलबे में दबे कई लोग, आसपास के घर भी क्षतिग्रस्त

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के दत्तपुकुर इलाके में एक 27 अगस्त 2023 दिन रविवार की सुबह भयानक विस्फोट हुआ। इसमें अब तक 8 लोगों के मारे जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि यह विस्फोट एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुआ। वहीं, भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यह विस्फोट बम बनाते समय हुआ है।

यह विस्फोट इतना भयंकर था कि आसपास के घर भी ध्वस्त क्षतिग्रस्त हो गए हैं। लोगों का कहना है कि मृतकों की संख्या अभी बढ़ सकती है। मलबे में अभी कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, 10 से अधिक लोग घायल हैं। बता दें कि इससे पहले बंगाल के एगरा, बजबज में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। इनमें भी कई लोगों की मौत चुकी है।

यह घटना राजधानी कोलकाता से लगभग 30 किलोमीटर उत्तर में स्थित दत्तापुकुर पुलिस थाना क्षेत्र में नीलगंज के मोशपोल इलाके में हुई। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से कई घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। धमाका इतना तेज था कि जिस घर में विस्फोटक रखा था, वह पूरी तरह ढहकर मैदान बन गया। इस दौरान पीड़ितों के जले हुए और क्षत-विक्षत शव सड़कों पर आ गए।  

इस घटना को लेकर पश्चिम बंगाल विधानसभा में विरोधी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “पश्चिम बंगाल में एक और विस्फोट। इस बार यह 24 परगना के दत्तपुकुर में हुआ है। अभी भी शवों की गिनती की जा रही है। संभवतः 10 से अधिक शव होंगे। खड़ीकुल गाँव में टीएमसी के भानु बाघ द्वारा संचालित बम बनाने वाली इकाई में विस्फोट में एक दर्जन लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद बंगाल सरकार ने पटाखा उद्योग को विनियमित करने के बारे में बड़े दावे किए थे।”

उन्होंने कहा, “सीएम ने कहा था कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसी अवैध फैक्ट्रियाँ अब अस्तित्व में न रहें और राज्य मंत्रिमंडल ने ‘हरित पटाखों के निर्माण के लिए क्लस्टर’ स्थापित करने का निर्णय लिया था। इस पर विचार करने के लिए मुख्य सचिव हरिकृष्ण द्विवेदी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था। ऐसा लगता है कि यह उस समय तनाव और सार्वजनिक आक्रोश को फैलाने के लिए महज एक प्रचार स्टंट था।”

भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने आगे कहा, “पश्चिम बंगाल सरकार होने के नाते पश्चिम बंगाल सरकार इस मुद्दे पर अपने पैर खींच रही है और निगरानी की तो बात ही छोड़िए, उसने कोई प्रगति भी नहीं की है। वे इस बार भी कोई कार्रवाई नहीं करेंगे और धैर्यपूर्वक मीडिया का ध्यान कम होने का इंतजार करेंगे। टीएमसी पार्टी के हित इन अवैध विस्फोटक निर्माण इकाइयों से जुड़े हुए हैं। टीएमसी के गुंडों द्वारा कोई भी विनियमन या निगरानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

‘मामन खान हाजिर हों’: नूहं हिंसा में कॉन्ग्रेस विधायक को हरियाणा पुलिस का नोटिस, आरोप – हिन्दुओं की शोभा यात्रा में हिंसा भड़काई, दंगाइयों को उकसाया

हरियाणा के नूहं जिले में 31 जुलाई को हुई हिंसा में फ़िरोज़पुर झिरका सीट से कॉन्ग्रेस विधायक मामन खान पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है। पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी कर के पूछताछ के लिए तलब किया है। इस पूछताछ में कॉन्ग्रेस विधायक को अपने ऊपर लगे आरोपों पर जवाब देना है। हालाँकि, खुद मामन खान किसी पुलिस की नोटिस के बारे में जानकारी होने से इनकार कर रहे हैं। हिन्दू संगठन से जुड़े लोग मामन को हिंसा का मुख्य आरोपित बता रहे हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने न सिर्फ हरियाणा विधानसभा में बल्कि सोशल मीडिया में भड़काऊ बयानबाजी कर के दंगाइयों को उकसाया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामन खान को 30 अगस्त 2023 तक पुलिस के आगे पेश होना है। यह नोटिस CRPC की धारा 160 के तहत दी गई है। पुलिस हिंसा में मामन की संलिप्तता पर भी सवाल करेगी। मामन खान के कई ऐसे बयानों की भी पुलिस जाँच कर रही है जिन्हे आपत्तिजनक माना गया है। पुलिस ने मामन खान से पहले भी बात की थी लेकिन अब आधिकारिक तौर पर नोटिस के माध्यम से मामन को जाँच में शामिल होने और सहयोग करने के लिए कहा गया है।

हिन्दू संगठन से जुड़े लोगों का आरोप है कि मामन के वीडियो के बाद भी दंगाई भड़के थे और बृजमंडल यात्रा पर हमले की तैयारियाँ शुरू हुई थीं। हालाँकि मामन खान ने अपने ऊपर लगे आरोपों की सफाई में वीडियो को कई माह पुराना बताया था। मामन ने अपने ही वीडियो को वायरल करने वालों की मानसिकता पर सवाल खड़ा किया और खुद को फँसाने की साजिश बताया। मामन खान को नूहं में पुलिस के पास हाजिर होना है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने मामन के वीडियो की फोरेंसिक जाँच भी करवाई है।

बताते चलें कि कुछ ही समय पहले एक महिला ने खुद को मामन खान की बीवी बताते हुए उनके घर में घुसने का प्रयास किया था। हालाँकि, बाद में मामन की बीवी शमशाद की तरफ से अज्ञात महिला के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई थी।

‘दिव्यांगों-बुजुर्गों के लिए लिया फैसला, भक्तों की सुविधाओं पर खर्च होंगे ये पैसे’: ‘VIP दर्शन’ वाले आरोपों पर रणछोड़राय मंदिर ट्रस्ट की सफाई, कहा – गर्भगृह में जाने की अनुमति नहीं

गुजरात के खेड़ा जिले में स्थित प्रसिद्ध डाकोर मंदिर विवादों में घिर गया। मंदिर ट्रस्ट ने विशेष दर्शन के लिए ₹500 का शुल्क निर्धारित किया था। इसको लेकर लोग वीआईपी व्यवस्था का आरोप लगाते हुए विरोध कर रहे थे। लेकिन अब मंदिर ट्रस्ट की ओर से कहा गया है कि वीआईपी जैसा कुछ भी नहीं है। लोगों की माँग को देखते हुए यह फैसला लिया गया।

भगवान रणछोड़राय जी के पवित्र मंदिर को लेकर छिड़े विवाद के बीच मंदिर ट्रस्ट ने सफाई दी है। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष परिंदु भगत ने मंदिर की ओर से अपना पक्ष रखने के लिए अहमदाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट की ओर से किसी भी प्रकार के वीआईपी दर्शन की घोषणा कभी नहीं की गई। कोई लिखित प्रेस नोट नहीं दिया गया। फिर भी कुछ लोगों ने वीआईपी शब्द जोड़ दिया। यह तो सिर्फ दर्शन का एक हिस्सा है।

मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष ने आगे कहा है कि लंबे समय से कुछ श्रद्धालुओं का कहना था कि दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों को रणछोड़राय जी के सही ढंग से दर्शन नहीं मिल पा रहे हैं। इस माँग को देखते हुए ही विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसमें वीआईपी जैसा कुछ नहीं है। गर्भगृह में किसी को जाने की अनुमति नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब दर्शन करने आई थीं तो उन्होंने भी बाहर से ही दर्शन किए थे। श्रद्धालुओं को भीड़ से जूझना न पड़े, इसलिए ऐसी व्यवस्था की गई।

डाकोर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष ने जी24 क्लॉक से भी बात की। इसमें उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस दर्शन को लेकर रजिस्ट्रेशन होगा। आरती के बाद एक निश्चित समय पर रणछोड़राय की के दर्शन कराए जाएँगे। इसमें कहीं भी वीआईपी कल्चर नहीं है। मंदिर को जो भी धन राशि मिलेगी उसका उपयोग केवल तीर्थयात्रियों की सुविधा बढ़ाने में किया जाएगा।

वहीं, अध्यक्ष ने यह भी कहा है कि जल्द ही मंदिर का एक ऐप भी तैयार किया जाएगा। मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को बिना किसी भेदभाव के दर्शन लाभ मिलें, ऐसी व्यवस्था की जा रही है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी आने वाले समय में कुछ प्रभावी कदम उठाए जाएँगे। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि धीरे-धीरे दर्शन हो सकें और तीर्थयात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

क्या है मामला

डाकोर मंदिर समिति ने 24 अगस्त, 2023 को फैसला किया था कि रणछोड़राय जी के विशेष दर्शन के लिए प्रत्येक व्यक्ति को ₹500 का शुल्क देना होगा। वहीं महिलाओं की लाइन में लगकर दर्शन करने के लिए पुरुषों को ₹250 रुपए का शुल्क देने की बात कही गई थी। इसका कुछ लोग समर्थन कर रहे थे। वहीं स्थानीय स्तर से लेकर सोशल मीडिया तक में विरोध हो रहा था। इसमें ठाकोर सेना भी शामिल है। मंदिर समिति के फैसले के ठाकोर सेना ने कहा था कि यदि यह फैसला नहीं बदला गया तो वह भूख हड़ताल शुरू करेंगे।

हालाँकि, ठाकोर सेना और मंदिर समिति के बीच मीटिंग भी हुई थी। मीटिंग के बाद विरोध रक्षाबंधन के चलते टालने का ऐलान हुआ।

5 साल का बच्चा, 1 मिनट 35 सेकेंड में पूरा कर डाला हनुमान चालीसा का पाठ: तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड, अब गीतांश को सम्मानित करेंगी राष्ट्रति

पंजाब के बठिंडा में रहने वाला पाँच साल का बच्चा गीतांश गोयल हनुमान चालीसा का पाठ करके सुर्खियों में है। गीतांश ने अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 1 मिनट 35 सेकेंड में हनुमान चालीसा का पाठ कर डाली। बच्चे की प्रतिभा को देखते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उसे 30 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में सम्मानित करेंगी। 

राष्ट्रपति से सम्मान पाने की खबर से गीतांश के माता-पिता बहुत खुश हैं। उनका कहना है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अब तक हम अखबार या टीवी चैनलों पर देखते रहे हैं। अब हमारी उनसे हमारी मुलाकात होगी। परिवार ने कहा कि उन्हें बेटे पर बहुत गर्व है।

बता दें, इससे पहले साल 2018 में झारखंड में हजारीबाग के रहने वाले 5 साल के बच्चे युवराज ने 1 मिनट 55 सेकंड में भगवान हनुमान की प्रार्थना में 40 छंदों वाला हनुमान चालीसा पढ़ने का रिकॉर्ड बनाया था। इस पर उसका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज हुआ था।

इसके बाद सितंबर 2022 में गीतांश गोयल ने 1 मिनट 54 सेकेंड में हनुमान चालीसा का पाठ करके युवराज के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। इसके बाद गीतांश गोयल का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया। अब गीतांश ने अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।

पिछले रिकॉर्ड के मुकाबले गीतांश ने इस बार हनुमान चालीसा को सिर्फ 1 मिनट 35 सेकेंड में पढ़ डाला। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गीतांश को सम्मानित करने का निर्णय लिया। गीतांश के पिता डॉक्टर विपिन गोयल और माँ डॉक्टर अमनदीप गोयल ने कहा कि उनके बेटे ने उनका नाम रौशन किया है।

इंटरनेट बंद, स्कूल-बैंकों में छुट्टी, धारा-144 लागू, सीमाएँ सील… नूहं में अधूरी बृजमण्डल यात्रा को पूरा करने की घोषणा के बाद सख्ती, पैरा-मिलिट्री तैनात

सर्व हिन्दू समाज द्वारा 28 अगस्त 2023 को बृजमंडल यात्रा पूरी किए जाने के ऐलान के बाद हरियाणा में पुलिस प्रशासन एक्टिव हो गया है। यह यात्रा नूहं स्थित नल्हड मंदिर की तरफ जानी है। ऐसे में प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है। साथ ही सीमाओं को सील किया जा रहा है। मोबाइल इंटरनेट और SMS सेवा को भी 28 अगस्त तक के लिए सस्पेंड कर दिया गया है।

हरियाणा पुलिस ने बाकी राज्यों से भी सहयोग माँगा है। 26 अगस्त (शनिवार) को सर्व हिन्दू समाज ने नई दिल्ली में एक बैठक के बाद बृजमंडल यात्रा पूरी करने की घोषणा की थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 27 अगस्त से ही नूहं जिले की सीमाओं को सील करने की तैयारी चल रही है। सुरक्षा के नजरिए से न सिर्फ स्थानीय पुलिस बल्कि पैरामिलिट्री के जवान भी तैनात किए जा रहे हैं। हरियाणा के तमाम प्रशासनिक अधिकारी नूहं जिले में ही कैम्प कर रहे हैं।

इस यात्रा को पूरा करने के ऐलान के बाद सभी अधिकारी फिलहाल नूहं में मीटिंग कर रहे हैं। नूहं और आसपास के स्कूलों के साथ बैंकों को भी 28 अगस्त तक के लिए बंद कर दिया गया है। माना जा रहा है कि यात्रा में शामिल होने आ रहे लोगों को सीमाओं पर ही रोक लिया जाएगा।

कानून-व्यवस्था के नजरिए से 32 स्पेशल ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। ख़ुफ़िया विभाग LIU को भी पूरी तरह से एक्टिव रहने के निर्देश दिए गए हैं। नूहं के उपायुक्त धीरेन्द्र खडगढा के मुताबिक सभी प्रशासनिक अधिकारियों को 27 और 28 अगस्त के दिन अपना मुख्यालय न छोड़ने के आदेश जारी किए गए हैं।

वहीं इस आदेश को न मानने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि जो भी बाहरी व्यक्ति इस यात्रा में शामिल होने आएगा उसे सीमा पर ही रोक कर वापस लौटा दिया जाएगा। प्रशासन को इस यात्रा में न सिर्फ हरियाणा के विभिन्न जिलों बल्कि देश के अन्य प्रदेशों से भी लोगों के शामिल होने का अंदेशा है।

गौरतलब है कि हरियाणा शासन ने नूहं बृजमंडल यात्रा की अनुमति देने से मना कर दिया था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने श्रद्धालुओं को उनके आसपास के मंदिर में जाने की सलाह दी थी। हालाँकि, विश्व हिन्दू परिषद ने धर्मस्थल की यात्रा के लिए अनुमति लेना जरूरी नहीं बताया था।

‘शिवशक्ति पॉइंट’ से उस पार्टी की सांसद को दिक्कत, जिसके शासन में CM को दे दिया साहित्य का अवॉर्ड: विरोध में लेखिका ने वापस कर दिया था सम्मान

वैज्ञानिक परंपरा है कि स्पेस मिशन के टचडाउन पॉइंट को एक नाम दिया जाता रहा है। इसी क्रम में ‘चंद्रयान 3’ की चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (26 अगस्त, 2023) को न सिर्फ बेंगलुरु स्थित ISRO के मुख्यालय पहुँच कर वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाया, बल्कि लैंडिंग वाले पॉइंट का नामकरण भी किया। अब ये ‘शिवशक्ति पॉइंट’ के नाम से जाना जाएगा। हालाँकि, तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को इससे भी आपत्ति है कि जहाँ ‘विक्रम’ लैंडर उतरा उस जगह का नामकरण क्यों किया गया।

असली समस्या इस बात से है कि नामकरण में भारतीय संस्कृति की झलक क्यों है। असल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका कारण भी बता चुके हैं। जहाँ ‘शिव’ में मानवता के कल्याण का संकल्प समाहित है, वहीं ‘शक्ति’ से हमें उन संकल्पों को पूरा करने का सामर्थ्य मिलता है। जहाँ ‘चंद्रयान 2’ की क्रैश लैंडिंग हुई थी, उस जगह का नाम भी ‘तिरंगा पॉइंट’ रखा गया। इसे लेकर पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा कहने लगीं कि अब अडानी अब रियल एस्टेट सेक्टर में आ जाएँगे और चाँद में ‘अर्थ फेसिंग फ्लैट्स’ बनाएँगे।

उन्होंने कहा कि उन फ्लैट्स में मुस्लिमों को रहने की अनुमति नहीं मिलेगी और सिर्फ शाकाहारी भोजन ही परोसा जाएगा। पीएम मोदी ने ये नामकरण न तो अपने नाम पर किया है, न अपनी पार्टी के नाम पर, न अपनी पार्टी के नाम पर। कॉन्ग्रेस सरकार ने कभी ‘चंद्रयान 1’ की क्रैश लैंडिंग वाली जगह का नाम ‘जवाहर पॉइंट’ रखा था, नेहरू के नाम पर। इस पर महुआ मोइत्रा ने कभी आपत्ति नहीं जताई। सबसे बड़ी बात, अभी एक साल भी नहीं हुए जब पश्चिम बंगाल में कुछ ऐसा किया गया था जिसके बाद इन मुद्दों पर बोलने में महुआ मोइत्रा को शर्म आनी चाहिए।

आइए, आपको याद दिलाते हैं। मई 2022 में पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ही साहित्य का विशेष पुरस्कार दे दिया गया। मौका था रवीन्द्रनाथ टैगोर की जयंती का। खास बात ये कि उस नए अवॉर्ड को उसी साल पहली बार लाया गया था। बताया गया कि ममता बनर्जी की पुस्तक ‘कबिता बितन’, जो 900 कविताओं का संग्रह है, उसके लिए उन्हें ये सम्मान दिया गया। ‘पश्चिमबंग बांग्ला एकेडमी’ द्वारा TMC सुप्रीमो को ये अवॉर्ड दिया गया था।

बांग्ला साहित्य दशकों से लोकप्रिय रहा है। बंकिमचंद्र चटर्जी से लेकर रवीन्द्रनाथ टैगोर तक, कई बड़े साहित्यकार यहाँ हुए। ‘देवदास’ और ‘पाथेर पांचाली’ जैसी पुस्तकें यहीं लिखी गईं। आज बांग्ला साहित्य को जब आगे बढ़ाने की ज़रूरत है, मुख्यमंत्री को ही अवॉर्ड दे दिया गया। सोचिए, पीएम मोदी ने तो ऐसा कुछ नहीं किया। उन्होंने देश की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए नामकरण किया। तब ममता बनर्जी को अवॉर्ड मिलने के विरोध में लेखिका रत्न रशीद ने अपना ‘अन्नदा शंकर स्मारक सम्मान’ लौटा दिया था और कहा था कि इससे गलत उदाहरण सेट हुआ।

संस्कृत में छिपा है योग-आयुर्वेद का खजाना: 104वें ‘मन की बात’ में बोले PM मोदी- ‘अपना देश अपनी माटी’ के तहत दिल्ली आएगी गाँव-गाँव से माटी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 27 अगस्त 2023 दिन रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 104वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने चंद्रयान मिशन और देश के वैज्ञानिकों की जमकर तारीफ की। इसके अलावा, उन्होंने संस्कृत सहित कई विषयों पर चर्चा की।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “चंद्रयान को चन्द्रमा पर पहुँचे तीन दिन से ज्यादा का समय हो रहा है। ये सफलता इतनी बड़ी है कि इसकी जितनी चर्चा की जाए, वो कम है। भारत ने और भारत के चंद्रयान ने ये साबित कर दिया है कि संकल्प के कुछ सूरज चाँद पर भी उगते हैं।” उन्होंने कहा, “मिशन चंद्रयान नए भारत की उस spirit का प्रतीक बन गया है, जो हर हाल में जीतना चाहता है और हर हाल में, जीतना जानता भी है।”

इस दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण की भी बात की। पीएम मोदी ने कहा, “जहाँ महिला शक्ति का सामर्थ्य जुड़ जाता है, वहाँ असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। भारत का मिशन चंद्रयान, नारीशक्ति का भी जीवंत उदाहरण है। इस पूरे मिशन में अनेकों Women Scientists और Engineers सीधे तौर पर जुड़ी रही हैं।”

उन्होंने कहा, “भारत की बेटियाँ अब अनंत समझे जाने वाले अंतरिक्ष को भी चुनौती दे रही हैं। किसी देश की बेटियाँ जब इतनी आकांक्षी हो जाएँ, तो उसे, उस देश को विकसित बनने से भला कौन रोक सकता है!”

प्रधानमंत्री ने G-20 की बात करते हुए कहा, “अपनी presidency के दौरान भारत ने G-20 को और ज्यादा inclusive forum बनाया है। भारत के निमंत्रण पर ही African Union भी G-20 से जुड़ी और अफ्रीका के लोगों की आवाज दुनिया के इस अहम प्लेटफार्म (platform) तक पहुँची” उन्होंने कहा कि भारत के विभिन्न शहरों में विदेशी Delegates गए और diversity देखकर, vibrant democracy देखकर बहुत प्रभावित हुए। उन्हें ये भी एहसास हुआ कि भारत में कितनी सारी संभावनाएँ हैं।

अपने मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को प्रेरित किया। खिलाड़ियों ने कहा कि पीएम मोदी के मोटिवेशन से वे गदगद हैं और देश के लिए मेडल जीतकर जरूर लाएँगे। यूपी की रहने वाली प्रगति ने Archery (आर्चरी) में Medal जीता है। असम के रहने वाले अम्लान ने Athletics (एथलेटिक्स) में Medal जीता है। पीएम इन सबसे बात की।

प्रधानमंत्री ने कहा, “कुछ ही दिनों पहले चीन में World University Games हुए थे। इन खेलों में इस बार भारत की Best Ever Performance रही है। हमारे खिलाड़ियों ने कुल 26 पदक जीते, जिनमें से 11 Gold Medal (गोल्ड मेडल) थे।”

उन्होंने आगे कहा, “आपको ये जानकर अच्छा लगेगा कि 1959 से लेकर अब तक जितने World University Games हुए हैं, उनमें जीते सभी Medals को जोड़ दें तो भी ये संख्या 18 तक ही पहुँचती है। इतने दशकों में सिर्फ 18, जबकि इस बार हमारे खिलाड़ियों ने 26 Medal जीत लिए।”

‘मेरी माटी मेरा देश’ कार्यक्रम के बारे में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “इस समय देश में ‘मेरी माटी, मेरा देश’ देशभक्ति की भावना को उजागर करने वाला अभियान जोरों पर है। सितंबर के महीने में देश के गाँव-गाँव में, हर घर से मिट्टी जमा करने का अभियान चलेगा। देश की पवित्र मिट्टी हजारों अमृत कलश में जमा की जाएगी। अक्टूबर के अंत में हजारों अमृत कलश यात्रा के साथ देश की राजधानी दिल्ली पहुँचेंगे। इस मिट्टी से ही दिल्ली में अमृत वाटिका का निर्माण होगा।”

इस दौरान प्रधानमंत्री ने संस्कृत दिवस की भी बधाई दी। संस्कृत को दुनिया की प्राचीन भाषाओं में से एक बताते हुए कहा, “भारत का कितना ही प्राचीन ज्ञान हजारों वर्षों तक संस्कृत भाषा में ही संरक्षित किया गया है। योग, आयुर्वेद और philosophy जैसे विषयों पर research करने वाले लोग अब ज्यादा से ज्यादा संस्कृत सीख रहे हैं।

संस्कृत दिवस के साथ ही तेलुगू दिवस की बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “जब हम अपनी मातृभाषा से जुड़ते हैं, तो हम सहज रूप से अपनी संस्कृति से जुड़ जाते हैं। अपने संस्कारों से जुड़ जाते हैं, अपनी परंपरा से जुड़ जाते हैं, अपने चिर पुरातन भव्य वैभव से जुड़ जाते हैं।”

इस दौरान प्रधानमंत्री ने पर्यटन और देश के ऐतिहासिक स्थलों की चर्चा की। उन्होंने कहा, “मुझे Brian D. Kharpran (ब्रायन डी खारप्रन) के बारे में बताते हुए बेहद खुशी हो रही है। ये मेघालय के रहने वाले हैं और उनकी Speleology (स्पेलियो-लॉजी) में गज़ब की दिलचस्पी है। सरल भाषा में कहा जाए तो इसका मतलब है – गुफाओं का अध्ययन।”

‘दिल्ली बनेगा खालिस्तान’: G-20 की तैयारियों के बीच 5+ मेट्रो स्टेशनों पर देश-विरोधी नारे, पन्नू का PM मोदी को धमकी भरा वीडियो

देश की राजधानी दिल्ली मे जहाँ G-20 सम्मेलन की तैयारियाँ चल रही हैं वहीं दिल्ली के पाँच मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे हुए पाए गए हैं। दिल्ली में 5 से अधिक मेट्रो स्टेशनों की दीवारों पर लिखा गया है, “खालिस्तान भारत का हिस्सा है और पीएम मोदी के खिलाफ है, खालिस्तान जिंदाबाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिखों का नर-संहार करवा रहे हैं।” 

इस मामले की खबर लगते ही दिल्ली पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है। वहीं दिल्ली में जी-20 सम्मेलन से ठीक पहले हुई इस हरकत से दूसरी तरफ खुफिया एजेंसियाँ भी सक्रीय हो गई हैं। 

बता दें कि दिल्ली में G-20 सम्मेलन 8 से 10 सितंबर तक होने वाला है लेकिन दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धमकियाँ देते हुए का एक और वीडियो सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने जारी किया है। 

आतंकी पन्नू ने वीडियो में कहा,  “सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए SFJ के खालिस्तान समर्थकों ने दिल्ली के शिवा जी पार्क से लेकर पंजाबी बाग तक कई मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तान के समर्थन में नारे लिखे हैं।”

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह स्लोगन शिवाजी पार्क, मादीपुर, पश्चिम विहार, उद्योग नगर, महाराजा सूरजमल स्टेडियम, सरकारी सर्वोदय बाल विद्यालय नांगलोई, पंजाबी बाग और नांगलोई मेट्रो स्टेशन के बाहर लिखे गए हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले खालिस्तानी आतंकी पन्नू ने 15 अगस्त को भी माहौल खराब करने का प्रयास किया था। पन्नू ने खालिस्तान का नाम लेकर सिखों को उकसाया और दिल्ली आने के लिए कहा था। 

KGF 2 को भी छोड़ा पीछे… कमाई में रिकॉर्ड बना रही गदर 2: नाइट शो में सबसे ज्यादा भीड़

सनी देओल की फिल्म गदर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के तमाम रिकार्ड तोड़ दिए हैं। 16वें दिन की कमाई में इस फिल्म ने KGF-2 को भी पीछे छोड़ दिया है। अब यह फिल्म 500 करोड़ रुपए के कलेक्शन की तरफ बढ़ चुकी है। अभी तक इसकी कमाई 438.70 करोड़ रुपए हो चुकी है।

शनिवार (26 अगस्त 2023) तक हुई कमाई के लिहाज से यह फिल्म शाहरुख़ खान की पठान से अभी पीछे चल रही है। फिल्म के डायरेक्टर ने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में यह फिल्म 1000 करोड़ रुपए के आँकड़े को पार कर सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गदर 2 ने पहले सप्ताह में 284.63 करोड़ रुपए कमाए। वहीं दूसरे हफ्ते इसकी कमाई लगभग 134.47 करोड़ रही। तीसरे हफ्ते में भी इस फिल्म का अच्छा प्रदर्शन जारी है और हिंदी मार्केट के 40% हिस्से पर कब्ज़ा जमाया है।

रिलीज के पहले ही दिन गदर 2 ने 40 करोड़ रुपए का बिजनेस किया था। स्वतंत्रता दिवस के दिन देश के तमाम सिनेमा हॉल इस फिल्म को देखने के लिए फुल रहे। इस दिन कुल 55 करोड़ रुपए का कलेक्शन आया था।

जानकारी के मुताबिक फिल्म देखने वाले सबसे अधिक दर्शक रात के शो में जमा हो रहे हैं। इसके बाद क्रमश: शाम, दोपहर और सुबह के शो में लोगों का जमावड़ा हो रहा है। हिंदी की फिल्मों के साथ कमाई के लिहाज से तुलना की जाए तो अभी यह फिल्म 543 करोड़ कमाने वाली पठान और 511 करोड़ रुपए कमाई करने वाली बाहुबली 2 से ही पीछे है। हालाँकि फिल्म के डायरेक्टर अनिल शर्मा में उम्मीद जताई है कि गदर 2 एक हजार करोड़ रुपए की कमाई करेगी।

अनिल शर्मा ने आगे बताया कि वो और फिल्म के अन्य कलाकार इस फिल्म के माध्यम से लोगों के दिलों में जगह बनाना चाह रहे थे। अनिल का मानना है कि उन्हें इसमें सफलता भी मिली है। बताते चलें कि गदर 2 सनी देओल अभिनीत गदर 1 की ही सीक्वल है। इस फिल्म में भी पिछली फिल्म की अभिनेत्री अमीषा पटेल लीड रोल में हैं।