Home Blog Page 1579

रेप में विफल होने पर अब्बास ने छात्रा को पत्थर से पीट-पीट कर मार डाला: परिवार से मिलने पहुँचे बंगाल के राज्यपाल, कहा – कन्या के जीवन के बिना ‘कन्याश्री’ नहीं


पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में रेप न कर पाने पर पर मोहम्मद अब्बास नामक व्यक्ति ने नाबालिग छात्रा की हत्या कर दी थी। बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस रविवार (27 अगस्त, 2023) को पीड़ित परिवार से मिलने पहुँचे। यहाँ उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था पर हमला बोलते हुए कहा है कि कन्या के जीवन के बिना कन्याश्री योजना का कोई मतलब नहीं।

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस दार्जिलिंग से भाजपा सांसद राजू बिस्ता के साथ पीड़ित परिवार से मिलने सिलीगुड़ी के माटीगारा इलाके में स्थित तुंबाजोत गाँव पहुँचे। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति शोक संवेदना व्यक्त कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। वहीं मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा है, “इस भयानक त्रासदी से हम बहुत दुखी हैं। एक हादसे ने बहुत ही क्रूर तरीके से नन्ही परी को हमसे छीन लिया। पश्चिम बंगाल या अन्य जगहों पर किसी भी बच्ची के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए।”

राज्यपाल ने ममता बनर्जी सरकार की कन्याश्री योजना के जरिए राज्य की कानून व्यवस्था पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “8 फरवरी को पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपने पहले संबोधन में मैंने घोषणा की थी कि मुख्यमंत्री महिलाओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाएँगी। मैंने कन्याश्री कार्यक्रम की उपलब्धियों को लेकर बात की थी। लेकिन कन्या (लड़की) के जीवन के बिना कन्याश्री नहीं हो सकती। जहाँ लड़कियों की रक्षा नहीं हो सकती, वहाँ बड़े-बड़े दावे करने का क्या मतलब है?”

बता दें कि कन्याश्री योजना ममता बनर्जी सरकार की प्रमुख योजना है। इसका उद्देश्य लड़कियों की स्कूल छोड़ने की दर और कम उम्र में शादी को कम करना है। राज्यपाल ने मृतक लड़की की माँ से भी बातचीत की थी। इस बातचीत को लेकर उन्होंने कहा है कि लड़की की माँ चाहती हैं कि देश में किसी और लड़की के साथ ऐसी घटना न घटे।

क्या है मामला

सिलीगुड़ी के माटीगाड़ा इलाके में 11वीं क्लास में पढ़ने वाली नाबालिग लड़की अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान आरोपित मोहम्मद अब्बास ने उसका अपहरण कर लिया। इसके बाद लड़की को खाली पड़े मकान में ले गया। जहाँ उसने लड़की का बलात्कार करने की कोशिश की। लड़की ने इसका विरोध किया। इस पर उसने पत्थर मार-मारकर लड़की की हत्या कर दी। पुलिस आरोपित मोहम्मद अब्बास को गिरफ्तार कर चुकी है।

जानें क्या है ‘लैग्रेंज प्वाइंट’, जहाँ रह कर सूर्य का अध्ययन करेगा आदित्य एल-1: 5 साल तक सूरज पर रखेगा नज़र, भेजेगा तस्वीरें और डेटा

चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के प्रमुख एस सोमनाथ ने 26 अगस्त 2023 कहा कि सूर्य का अध्ययन करने के लिए आदित्य एल-1 भेजा जाएगा। सोमनाथ ने कहा कि सूर्य से संबंधित भारत के पहले स्पेस मिशन आदित्य एल-1 श्रीहरिकोटा पहुँच गया है और यह सितंबर के पहले सप्ताह में लॉन्च होने के लिए तैयार है। तारीखों की घोषणा जल्दी ही की जाएगी।

अंतरिक्ष यान को सूर्य-पृथ्वी प्रणाली के लैग्रेंज बिंदु 1 (एल1) के चारों ओर एक प्रभामंडल कक्षा में स्थापित करने की योजना है, जो पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर है। आदित्य एल-1 को लैग्रेंज बिंदु 1 के चारों ओर प्रभामंडल कक्षा में स्थापित करने से उपग्रह को बिना किसी रुकावट के सूर्य लगातार दिखेगा।

इसरो प्रमुख ने कहा, “प्रक्षेपण के बाद इसे पृथ्वी से लैग्रेंज प्वाइंट 1 (एल1) तक पहुंचने में 125 दिन लगेंगे। हमें तब तक इंतजार करना होगा।” आदित्य एल-1 मिशन लैग्रेंज प्वॉइंट-1 के आसपास का अध्ययन करेगा। यह विभिन्न तरंग बैंडों में प्रकाशमंडल, क्रोमोस्फीयर और सूर्य की सबसे बाहरी परतों, कोरोना का निरीक्षण करने के लिए सात पेलोड ले जाएगा।

क्या है लैग्रेंज प्वॉइंट

दरअसल, लैग्रेंज पॉइंट अंतरिक्ष में स्थित वो स्थान हैं, जहाँ सूर्य और पृथ्वी जैसे दो पिंड प्रणालियों के गुरुत्वाकर्षण बल आकर्षण और प्रतिकर्षण के उन्नत क्षेत्र उत्पन्न करते हैं। इनका उपयोग अंतरिक्ष यान द्वारा उसी स्थिति में बने रहने के लिए आवश्यक ईंधन की खपत को कम करने के लिए किया जा सकता है। यानी दोनों पिंडों का गुरुत्वाकर्षण यहाँ संतुलन में होता है।

अगर, दूसरे शब्दों में कहें तो लैग्रेंज बिंदु अंतरिक्ष में वे स्थान है, जहाँ भेजी गई वस्तुएँ वहीं रुक जाती हैं। लैग्रेंज बिंदुओं पर दो बड़े द्रव्यमानों का गुरुत्वाकर्षण खिंचाव एक छोटी वस्तु को उनके साथ चलने के लिए आवश्यक सेंट्रिपेटल बल के बराबर होता है। एल-1 सूर्य के चारों ओर पृथ्वी के कक्षीय पथ में स्थित है। यह पृथ्वी और सूर्य प्रणाली के पाँच लैग्रेंज प्वॉइंट में से एक है।

L1 एक दिलचस्प बिंदु है। गुरुत्वाकर्षण की संतुलन की वजह से यह विभिन्न वैज्ञानिक अवलोकनों और अंतरिक्ष अभियानों के लिए एक प्रमुख स्थान बन जाता है। पृथ्वी के वायुमंडल या दिन-रात के चक्र से प्रभावित हुए बिना सूर्य या ब्रह्मांड का निरंतर दृश्य देखने के लिए सौर और हेलिओस्फेरिक वेधशाला (एसओएचओ) को एल 1 के पास स्थित किया गया है। लैग्रेंज पॉइंट्स का नाम इतालवी-फ्रांसीसी गणितज्ञ जोसेफी-लुई लैग्रेंज के सम्मान में रखा गया है।

क्या अध्ययन करेगा आदित्य एल-1

सभी ग्रह, पृथ्वी और हमारे सौर मंडल के बाहर के ग्रह अपने नजदीकी तारे से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। सूर्य का मौसम पूरे सिस्टम के मौसम को प्रभावित करता है। इसमें किसी तरह का बदलाव उपग्रहों की चाल में परिवर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स को नुकसान और पृथ्वी पर बिजली की समस्या पैदा कर सकते हैं। अंतरिक्ष के मौसम को समझने के लिए सूर्य की घटनाओं के बारे में जानना महत्वपूर्ण है।

सूर्य का अध्ययन करने से हमें अपनी आकाशगंगा और उससे परे के तारों के बारे में जानकारी मिलती है। सूर्य की अत्यधिक गर्मी और चुंबकीय व्यवहार उन घटनाओं को समझने का एक अनूठा तरीका प्रदान करते हैं जिन्हें हम किसी प्रयोगशाला में दोबारा नहीं बना सकते। इस तरह के शोध के लिए यह एक विशेष प्राकृतिक प्रयोगशाला की तरह है।

पृथ्वी की ओर आने वाले तूफ़ानों को समझने के लिए सूर्य पर नज़र रखने की ज़रूरत है। प्रत्येक तूफान जो सूर्य से शुरू होता है और पृथ्वी की ओर आता है, वह L1 नामक एक विशेष बिंदु से होकर गुजरता है। इसलिए किसी उपग्रह को L1 के चारों ओर की कक्षा में स्थापित करने सूर्य को बिना रुकावट के देखने में मदद मिलती है।

आदित्य एल-1 के तहत सूर्य की बाहरी परत, उसका उत्सर्जन, उससे पैदा होने वाली हवा और उसके विस्फोटों और ऊर्जा का अध्ययन किया जाएगा। पृथ्वी के केंद्र से 15 करोड़ किलोमीटर दूर स्थित सूर्य की तस्वीरें यह लेता रहेगा और उसे पृथ्वी पर भेजता रहेगा। यह अध्ययन पाँच साल तक जारी रहेगा।

आदित्य एल-1 पर लगे दो प्रमुख उपकरण – एसयूआईटी और वीईएलसी – पूरी तरह से घरेलू हैं – जिन्हें भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा डिजाइन और निर्मित किया गया है। इसके अलावा, वीईएलसी सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र का अध्ययन करने के लिए ‘स्पेक्ट्रोपोलारिमेट्रिक माप’ करेगा, जो अंतरिक्ष में किसी भी देश द्वारा पहली बार उपयोग किया जाएगा।

कितनी होगी गर्मी

2018 में लॉन्च किया गया नासा का पार्कर सोलर प्रोब किसी भी पिछले अंतरिक्ष यान की तुलना में सूर्य के ज्यादा करीब गया। मोटे तौर पर एक छोटी कार के आकार का, अंतरिक्ष यान सूर्य की बाहरी परत के माध्यम से यात्रा करता है, अंततः सूर्य की सतह से लगभग 40 लाख मील की दूरी तक पहुँचता है। पार्कर सोलर प्रोब को डेल्टा IV-हेवी रॉकेट का उपयोग करके अंतरिक्ष में भेजा गया था।

सूर्य के करीब यात्रा करते समय पार्कर सोलर प्रोब ने 1000 डिग्री सेल्सियस से अधिक के तापमान को सहन किया, फिर भी यह बिना किसी समस्या के काम करता रहा। इसके विपरीत, आदित्य एल-1 अंतरिक्ष यान नासा के मिशन की तुलना में सूर्य से बहुत दूर स्थित होगा। इसलिए इसे इतनी गर्मी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

बंद होगा तृप्ता त्यागी का ‘नेहा पब्लिक स्कूल’: वायरल वीडियो के बाद प्रशासन का आदेश, गाँव के मुस्लिम ने कहा – मैडम में नहीं देखी किसी धर्म के प्रति गलत भावना, सोशल मीडिया ने दिया हिन्दू-मुस्लिम रंग

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में जिस ‘नेहा पब्लिक स्कूल’ का वीडियो 2 दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था, उसे प्रशासन ने बंद करने के आदेश दिए हैं। बताया जा रहा है कि स्कूल बिना मान्यता के ही चल रहा था। पुलिस न सिर्फ थप्पड़ मारने बल्कि अभद्र टिप्पणी की भी जाँच कर रही है। वीडियो वायरल करने वाले व्यक्ति के मोबाइल को भी जाँचा जा रहा है। पीड़ित छात्र के अब्बा ने अपने बेटे की तबीयत खराब होने और मेरठ में इलाज कराए जाने की जानकारी दी है। साथ ही उन्होंने अपने बेटे को किसी और स्कूल में पढ़ाने का ऐलान किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘नेहा पब्लिक स्कूल’ के कागजात की जाँच में वह बिना मान्यता के ही चलते मिला। यह स्कूल त्यागी परिवार के घर में ही साल 2019 से चल रहा था। स्कूल की मान्यता वर्ष 2019 में ही खत्म हो गई थी। इसे अपडेट नहीं कराया गया था। फ़िलहाल जिले के शिक्षा विभाग ने स्कूल के प्रबंधक को मान्यता रद्द करने का नोटिस थमा दिया है। इस कार्रवाई की पुष्टि शाहपुर ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी संजय भारती ने मीडिया से बातचीत के दौरान की।

संजय भारती ने बताया कि स्कूल कई मानकों के बिना चल रहा था। इन मानकों में भवन, शौचालय, पढ़ने-लिखने की सामग्री, योग्य अध्यापक, पुस्तकालय, खेल-कूद के सामान आदि का अभाव मिला। स्कूल के प्रबंधक रविंद्र त्यागी को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला ने कार्रवाई की नोटिस तामील करवा दी है। नोटिस में स्कूल की मान्यता रद्द किए जाने की जानकारी दी गई है। मेरठ स्थित ‘पीस पार्टी’ के नेता शादाब चौहान ने भी स्कूल की मान्यता रद्द किए जाने की माँग की थी। शादाब ने कानूनी लड़ाई में पीड़ित परिवार की मदद सुप्रीम कोर्ट तक करने का ऐलान किया था।

उधर पीड़ित छात्र के अब्बा ने बताया है कि घटना के बाद उनके बेटे की मानसिक हालत थोड़ी खराब है। उन्होंने छात्र का इलाज मेरठ में चलने की जानकारी दी। छात्र के अब्बा ने बताया कि अब वो अपने बेटे को अपनी आर्थिक सामर्थ्य के मुताबिक किसी और स्कूल में पढ़ाएँगे। ‘बाल कल्याण समिति’ ने पीड़ित के गाँव में जा कर छात्र की काउंसिलिंग की है। समिति ने छात्र की पढ़ाई जारी रखने की अपील की है।

सोशल मीडिया ने दिया मज़हबी रंग

इस बीच खुब्बापुरा गाँव के एक मुस्लिम युवक सुल्तान का बयान सामने आया है। सुल्तान ने इस मामले को तूल देने के पीछे नेतागीरी कर रहे लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। सुल्तान ने कहा कि वो खुद तृप्ता त्यागी के छात्र रहे हैं और कभी भी उनमें किसी धर्म के प्रति कोई गलत भावना नहीं देखी। बकौल सुल्तान उनके गाँव में सभी धर्म के लोग आपस में मिल-जुल कर रहते हैं।

सुल्तान ने यह भी बताया कि उनके गाँव खुब्बापुर में बार-बार पुलिस और मीडिया के आने से माहौल थोड़ा अफरातफरी वाला है। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ लोगों को वीडियो में एडिटिंग कर के उसे हिन्दू-मुस्लिम का रंग देने का आरोप लगाया।

कॉन्ग्रेस नेता ने दलित पति-पत्नी को पीटा, भाग कर बचानी पड़ी जान: गुनाह – PM मोदी को बताया था देश का नायक

उत्तर प्रदेश के अमेठी में युवा कॉन्ग्रेस के जिलाध्यक्ष के खिलाफ दलित उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है। दरअसल, युवा कॉन्ग्रेस की अमेठी जिला इकाई के अध्यक्ष शुभम सिंह और उनके सहयोगियों के खिलाफ अमेठी थाने में एक दलित व्यक्ति से मारपीट करने और धमकी देने के मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। जहाँ इस घटना के बाद अमेठी में माहौल गरमाने लगा है। वहीं अमेठी पुलिस की ओर से इस मामले में कार्रवाई की जा रही है।

क्या है पूरा मामला 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दरअसल, पूरा मामला शुक्रवार की रात 8.30 बजे का है।  अमेठी के मुंशीगज थाना क्षेत्र के भुसियावाँ  गाँव के रहने वाले दलित जगदीश कोरी अपनी पत्नी के साथ घर जा रहे थे। वहाँ पहले से ही सड़क पर मौजूद युवा कॉन्ग्रेस अध्यक्ष शुभम सिंह, ब्लाक अध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह लोहा और उनके साथियों ने जगदीश को परेशान करना शुरू कर दिया। कहा कि तुम लोग सिर्फ फ्री के राशन पर जी रहे हो। भविष्य में तुम लोगों के बच्चे कहाँ जाएँगे।

ऐसे में जब जगदीश ने उन्हें जवाब देते हुए कहा कि मोदी सरकार हमें राशन दे रही, तो शुभम और उसके साथियों ने जगदीश और उसके पत्नी की पिटाई कर दी। वहीं बताया जा रहा है पिटाई के बाद जब दलित दम्पति भागकर भीड़ वाले इलाके में गए और भीड़ जुटने लगी तो कॉन्ग्रेस के युवा इकाई के अध्यक्ष अपने साथियों  के साथ मौके से भाग निकले।

वहीं इस मामले में शनिवार (26 अगस्त, 2023) की शाम अमेठी कोतवाली में जगदीश ने पूरे मामले की शिकायत की। जगदीश ने पुलिस से अपनी शिकायत में कहा, “शुभम सिंह ने कहा कि तुम राशन लेकर मोदी को वोट दोगे। जब मैंने यह कहा कि मोदी देश के नायक हैं, हम सबको सहारा दे रहे हैं, तो उन्होंने अपने साथियों के साथ मेरे और मेरी पत्नी के साथ अभद्रता शुरू कर दी। हमें मारने-पीटने लगे। हम किसी तरीके से भागकर जल्दी से जब अमेठी नगर पहुँचे। वहाँ लोगों के इकट्ठा होने पर हमारी जान बची।”

जिसके बाद दलित की तहरीर पर युवा कॉन्ग्रेस के अमेठी जिला इकाई के अध्यक्ष समेत अन्य पर अमेठी कोतवाली में एससीएसटी समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। नामजद FIR में शुभम सिंह, बृजेन्द्र सिंह, लोहा और अन्य अज्ञात पर एससीएसटी, 323, 504 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

कार्रवाई कर रही है अमेठी पुलिस 

गौरतलब है कि इस मामले में हुई कार्रवाई पर अमेठी थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) अरुण द्विवेदी ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। अमेठी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) इलामारन ने शनिवार को बताया था कि अमेठी थाने में मामला दर्ज कर जाँच की जा रही है और दोषी पाए गए व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

बता दें कि इससे पहले, शुक्रवार (25 अगस्त, 2023) को शुभम सिंह पर हमला करने के आरोप में भाजपा के दो नेताओं और आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई थी। 

‘बाहरी दुनिया के लिए विज्ञान, आंतरिक आत्मा के लिए मंदिर’: ‘चंद्रयान 3’ की सफल लैंडिंग के बाद माँ भद्रकाली के दरबार में ISRO प्रमुख, बोले – पढ़ता हूँ धर्मग्रंथ

चंद्रयान-3 की सफलता के बाद ISRO के प्रमुख एस सोमनाथ रविवार (27 अगस्त, 2023) को केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम पहुँचे। यहाँ उन्होंने पूर्णमिकवु में स्थित भद्रकाली मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने कहा है कि चंद्रयान-3 अच्छी तरह से काम कर रहा है। साथ ही विज्ञान और आध्यात्म दोनों की ही खोज करना उनके जीवन का हिस्सा है।

भद्रकाली मंदिर में दर्शन के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) प्रमुख एस सोमनाथ ने ANI से बात की। इस बातचीत में उन्होंने कहा है, “मैं एक खोजकर्ता हूँ। मैं चंद्रमा के विषय में खोज करता हूँ। विज्ञान और आध्यात्मिकता दोनों को लेकर ही कुछ खोज करना मेरे जीवन की यात्रा का एक हिस्सा है। इसलिए मैं कई मंदिरों में जाता हूँ। कई धर्मग्रंथ पढ़ता हूँ।”

इसरो प्रमुख ने आगे कहा है, “यदि हम इस ब्रह्मांड में हमारे अस्तित्व और हमारी यात्रा का अर्थ खोजने का प्रयास करें, तो पता चलता है कि यह हमारी संस्कृति का एक हिस्सा है। इसे आंतरिक और बाहरी चीजों का पता लगाने के लिए बनाया गया है। इसलिए मैं बाहरी दुनिया के लिए विज्ञान का प्रयोग करता हूँ और आंतरिक आत्मा की तलाश के लिए मंदिरों में जाता हूँ।”

चंद्रयान-3 को लेकर अपडेट देते हुए उन्होंने बताया कि सब कुछ अच्छे तरीके से काम कर रहा है। चंद्रयान-3, लैंडर, रोवर सभी ठीक हैं। सभी पाँचों उपकरण चालू कर दिए गए हैं। इनसे डेटा मिलना भी शुरू हो गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने आने वाले दिनों में हम सभी प्रयोगों को पूरा करने में सक्षम होंगे। साथ ही जानकारी दी कि अलग-अलग चरण हैं, जिनके लिए इसका परीक्षण किया जाना है। रोवर जहाँ-जहाँ जाएगा उन सभी जगहों की टेस्टिंग करनी होगी।

उन्होंने यह भी कहा, “चंद्रमा में मौजूद खनिज पदार्थों का पता लगाने के लिए रोवर चारों ओर घूम कर डेटा भेजेगा। हमारे पास चंद्रमा की अब तक की सबसे अच्छी तस्वीरें हैं। ये ऐसी तस्वीरें हैं जो दुनिया में किसी के पास नहीं हैं। इसलिए ये बेहद महत्वपूर्ण हैं। ये तस्वीरें अभी हमारे पास नहीं आई हैं। चंद्रयान-3 से फोटो इंडियंस अंतरिक्ष यान में स्थित कम्प्यूटर में जाती हैं। इसके बाद वैज्ञानिक उनकी गहराई से जाँच करते हैं।”

भारत के अंतरिक्ष मिशन में एक ही टीम काम कर रही है। इसकी जानकारी देते हुए इसरो प्रमुख ने कहा है, “हमारे पास ऐसा नहीं है कि आदित्य टीम, चंद्रयान टीम जैसी टीमें हों। एक ही टीम काम कर रही है। इससे चुनौतीपूर्ण काम होने के कारण उनका आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।”

चंद्रयान-3 के पॉइंट को ‘शिवशक्ति’ पॉइंट कहे जाने पर इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा है कि प्रधानमंत्री ने महिला और पुरुष दोनों के संयोजन वाला नाम दिया है। उन्होंने इसका अर्थ जिस तरीके से बताया है जो सभी के लिए उपयुक्त है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने चंद्रयान-2 के पॉइंट को तिरंगा नाम दिया है। दोनों ही भारत के लगने वाले नाम हैं। उन्होंने आगे कहा है, “हम जो कर रहे हैं उसका एक महत्व होना चाहिए। देश के प्रधानमंत्री होने के नाते यह नाम रखने का उनका विशेषाधिकार है।”

ISRO का मिशन और मनमोहन सिंह पर कैमरे का फोकस, भाषण भी दिया था: वैज्ञानिकों के आँसू पोंछने के लिए खड़े थे जो PM मोदी, उन्हें कोस रहा गिरोह तब था चुप

भाजपा विरोधी गैंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करने के लिए किसी भी मौके को हाथ नहीं निकलने देता है। भले ही वह मौका देश की भलाई जुड़ी हो, जनता के हित से जुड़ी या राष्ट्र के लिए गौरव के क्षण से संबंधित हो। ऐसा ही एक मौका 23 अगस्त 2023 का दिन था, जब चंद्रयान-3 चंद्रमा पर सतह पर सफलतापूर्वक उतरा था।

चंद्रमा पर चंद्रयान की सफल लैंडिंग के दौरान प्रधानमंत्री पीएम इसरो से लाइव जुड़े थे। सफल लैंडिंग के बाद उन्होंने तुरंत देश को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने नया इतिहास रचने के लिए वैज्ञानिकों को बधाई दी थी। उन्होंने कहा था यह देश के लिए गर्व करने का पल है।

प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के बाद वामपंथी-सेक्युलर गैंग बिलबिला उठा और आरोप लगाने लगा कि चंद्रयान की सफलता के मौके पर प्रधानमंत्री ने अपना चेहरा चमकाने के लिए चुना। इस तरह की बातें करने वालों की सोशल मीडिया पर एक लंबी फेहरिस्त है।

ऐसे ही एक शख्स हैं मनीष जगन अग्रवाल। ये अपने X पोस्ट में लिखते हैं, “चंद्रयान की कामयाबी का श्रेय लेने तो मोदी जी सबसे आगे खड़े दिखे। यहाँ तक कि चंद्रयान की लैंडिंग वाले दिन भी टीवी पर ज्यादातर उन्होंने ही अपने निराशाजनक भाषण से सबको बोर किया।”

उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, “चंद्रयान मिशन से जुड़े लोगों को 17 महीने से सेलरी नसीब नहीं हुई। कर्ज में घर डूबा है। दवा और राशन के लिए पैसे नहीं। क्या ये शर्मनाक बात नहीं मोदी जी के लिए? इस शर्मनाक बात का श्रेय लेने मोदी जी कब आगे आयेंगे?”

इसी तरह जैकी यादव नाम के हैंडल ने लिखा, “भारत चाँद पर पहुँचा, मोदी स्क्रीन पर आए। खिलाड़ियों ने मेडल जीते, मोदी स्क्रीन पर आए। वैज्ञानिकों ने vaccine बनाई, मोदी सामने आए। आर्मी ने सर्जिकल स्ट्राईक की, मोदी सामने आए। मणिपुर जला, मोदी चुप। पहलवान धरने पर, मोदी चुप। किसान मरे, मोदी चुप। महँगाई बढ़ी, मोदी चुप।”

बता दें कि जब देश किसी ऐतिहासिक पल का साक्षी बनता है तो देश के मुखिया के नाते प्रधानमंत्री मोदी हमेशा आगे रहते हैं। चंद्रयान-3 के सफल लॉन्चिंग के वक्त पीएम मोदी ग्रीस की राजकीय यात्रा पर थे। उस दौरान उन्होंने फोन पर वैज्ञानिकों को बधाई दी। यात्रा होने पर वे सीधे ISRO पहुँचे और वैज्ञानिकों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर बधाई दी।

जिस बात को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना लिबरल गैंग कर रहा है, वही यूपीए शासनकाल में पीएम प्रधानमंत्री रहते हुए मनमोहन सिंह ने भी किया था। तब साल 2012 में ISRO के 100वें स्पेस मिशन के सफलतापूर्वक लॉन्च होने पर मनमोहन ने तुरंत देश को संबोधित किया था और वैज्ञानिकों को बधाई दी थी।

पीएम मोदी को लेकर हो-हल्ला करने वाले गैंग को जवाब देते हुए अभिषेक नाम के X पोस्ट यूजर लिखते हैं, “इसरो के 100वें लॉन्च पर एनडीटीवी की रिपोर्ट। सारे कैमरे डॉ. मनमोहन सिंह के चेहरे पर। देखें कि क्या आप एक भी वैज्ञानिक का चेहरा देख सकते हैं। इसे गोदी मीडिया नहीं कहते। इसे उदारवाद कहा जाता है।”

तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह के संबोधन वाला साल 2012 का वीडियो को साझा करते हुए लाला नाम के X हैंडल पीएम मोदी की आलोचना करने वालों पर तंज कसते हैं। वो अपनी पोस्ट में लिखते हैं, “ये मोदी जी क्यों स्क्रीन घेर रहे हैं? ये क्यों लॉन्चिंग के समय मोदी जी भाषण दे रहे हैं?”

आज जब चंद्रयान-3 सफल हो गया तो यह गैंग पीएम मोदी पर उसका श्रेय लेने का आरोप लगा रहा है। यह गैंग ये बात भूल जा रहा है कि चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग जब विफल हुई थी, तब पीएम मोदी ने इन्हीं वैज्ञानिकों का उत्साहवर्धन किया था। उन्हें असफलता से नहीं घबराने की सीख दी थी।

तब तत्कालीन ISRO प्रमुख के. शिवन की आँखों से निकलते आँसुओं को पोंछते हुए पीएम मोदी ने उन्हें गले लगा लिया था और हताश नहीं होने की सीख दी थी। असफलता में उत्साहवर्धन करने का हौसला भी पीएम मोदी ने दिखाया है।

फेसबुक पर दोस्ती, शादी, फिर जबरन बना दिया मुस्लिम… ‘राजू’ बन कर हिन्दू महिला को फँसाने वाला निकला 4 बच्चों का अब्बा सिराज

शहर कोई भी लेकिन लव जिहाद और धर्म परिवर्तन के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे। हाल ही में पुणे से आए लव जिहाद के मामले के बाद अब भिवंडी से प्यार, धर्म परिवर्तन और फिर तलाक का मामला सामने आया है। इस मामले में आरोपित सिराज ने पहले सोशल मीडिया फेसबुक के जरिए विवाहिता को दोस्त बनाया फिर हिन्दू नाम ‘राजू’ बताकर हिन्दू परंपरा के अनुसार शादी की। कुछ दिन बाद उसने खुद की असली पहचान मुस्लिम के रूप में बताई और महिला का धर्म परिवर्तन कराकर इस्लाम कबूल करवा लिया।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में भिवंडी पुलिस ने बताया, “सिराज नाम के एक मुस्लिम युवक ने पहले खुद को हिंदू बताकर शादीशुदा महिला से हिंदू रीति-रिवाज से शादी की। कुछ दिन के बाद उसने खुद की असली पहचान बताई और महिला का धर्म परिवर्तन करा दिया। इसके बाद उससे निकाह किया। बाद में उसे तलाक दे दिया।”

हालाँकि, इस मामले में भिवंडी पुलिस ने आरोपित सिराज के खिलाफ FIR दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। वहीं महिला के अनुसार,अन्य आरोपितों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले में सिराज ने पीड़िता से न सिर्फ अपनी पहचान छिपाई थी बल्कि महिला से यह बात भी छिपाई कि वह पहले से शादीशुदा और चार बच्चों का अब्बू है।

क्या है पूरा मामला 

रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया कि भिवंडी के एक ब्राह्मण लड़की की शादी 2012 में उत्तर प्रदेश के रायबरेली में हुई थी, जिससे एक लड़की भी हुई थी। लेकिन, पति-पत्नी दोनों में अनबन होने के कारण बच्ची को लेकर वह महिला 2018 में भिवंडी आ गई और कशेली नामक जगह पर किराए का घर लेकर रहने लगी। महिला को 2019 सोशल मीडिया फेसबुक पर राजू नाम के एक लड़के की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। यहीं से राजू से उसकी दोस्ती हो गई। चूँकि महिला की बच्ची अक्सर बीमार रहती थी। राजू ने उसे दरगाह पर दुआ माँगने की सलाह दी।

राजू ने महिला से अपनी झूठी पहचान बताते हुए कहा कि गैबीनगर में उसका होटल है। वह महिला की स्थिति जानने के बाद आर्थिक मदद करते हुए करीब आया और उसके सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया। वहीं महिला ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि राजू ने उसकी 7 वर्षीय लड़की का जीवनभर ध्यान रखने का आश्वासन दिया। और जनवरी 2020 में वह उसे गुंजन लॉज में ले गया और उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।

26 जनवरी 2020 को धामनकर नाका के पास एक इमारत में राजू के साथ उसकी हिंदू रीति-रिवाज के साथ शादी हो गई। एक वर्ष बाद राजू ने खुद ही अपना पोल खोलते हुए बताया कि वह  मुस्लिम है। उसका असली नाम सिराज कुरेशी है। उसके साथ यदि उसे रहना है, तो इस्लाम स्वीकार करके निकाह करना पड़ेगा। महिला जब 2021 में एक किराए के मकान में रहने लगी तब जाकर उसे पता चला कि सिराज पहले से शादीशुदा भी है।  और उसके चार बच्चे भी है। लेकिन सिराज ने दबाव डालकर मई 2022 में ब्राह्मण महिला को इस्लाम कबूल कराकर निकाह कर लिया। 

इसके बाद एक साल से भी कम समय में उसने महिला को एक कागज पर लिखकर इस बात पर तलाक़ दे दिया कि यदि वह अपनी पहली बीबी के साथ नहीं रहता है तो उसको संपत्ति से बाहर कर दिया जाएगा। सिराज ने जबरदस्ती महिला से हस्ताक्षर भी करवा लिए। यह मामला तब पुलिस तक पहुँचा जब 2 अगस्त 2023 को महिला ने सिराज को फोन किया, तो गाली-गलौज करने लगा। सिराज महिला को हलाला के लिए कहने लगा। 

तब महिला ने पूरे मामले में भिवंडी पुलिस में शिकायत करते हुए सिराज कुरेशी के खिलाफ FIR दर्ज कराया। वहीं इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सिराज को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं महिला का आरोप है कि इस मामले में दूसरे आरोपितों की गिरफ़्तारी अभी नहीं हुई है। 

पुणे में भी नौकरी का साँझा देकर धोखे से कराया था इस्लाम कबूल 

गौरतलब है कि हाल ही में उजागर हुए एक और मामले में भी कई सालों तक हिन्दू महिला को ब्लेकमेल किया गया। उसे यूनानी दवाओं के प्रभाव में रखकर न सिर्फ इस्लाम कबूल कराया गया बल्कि उसका रेप भी हुआ। इस मामले में खुलासा तब हुआ जब यूनानी दवाओं का असर ख़त्म हुआ। महिला ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद आरोपित आमिर को गिरफ्तार कर लिया गया है। 

शिकायत में, लड़की ने यह भी उल्लेख किया है कि आमिर तम्बोली ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। आमिर ने पिछले दो वर्षों में कई बार उसके साथ क्रूरतापूर्वक बलात्कार किया। वहीं पुलिस ने शिकायत के बाद आमिर तंबोली, नंदिनी बनर्जी, वकील अरशद नेहाल और आसिफ के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आसिफ पर तंबोली को यूनानी दवाएँ उपलब्ध कराने का मामला है। 

नगर निगम की ₹30 करोड़ की जमीन कब्जाई, बनवा दिया मदरसा-मस्जिद और दुकानें… हाजी खलील अहमद की मनमानी पर अब चलेगा योगी का बुलडोजर, बसपा का है नेता

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सरकारी जमीन पर कब्जा करने का मामला सामने आया। आरोप है कि बसपा नेता और पूर्व पार्षद हाजी खलील अहमद ने नगर निगम की करीब 30 करोड़ रुपए की जमीन पर कब्जा कर लिया। इसके बाद वहाँ मदरसा और मस्जिद बनवाई। फिर कुछ दुकानें बनवाकर उन्हें किराए पर दे दिया। अब नगर निगम ने हाजी खलील अहमद के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। साथ ही जमीन खाली करने का नोटिस दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गाजियाबाद की मेयर सुनीता दयाल को स्थानीय लोगों ने 23,000 वर्ग मीटर की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर शिकायत की थी। लोगों ने कहा था कि नगर निगम की जमीन पर कब्जा कर पहले मदरसा बनाया गया। इसके बाद मस्जिद भी बना दी गई। मदरसा कमिटी में खलील अहमद मुख्य भूमिका में था। कमिटी में कब्जे के बाद उसने मदरसा खत्म कर दिया। साथ ही उक्त जमीन पर दुकानें बनवा दीं। फिर उन्हें किराए पर दे दिया।

इस मामले में मेयर सुनीता दयाल का कहना है कि इस जमीन की कीमत करीब 30 करोड़ रुपए है। 200 वर्ग मीटर हिस्से में मस्जिद बनी है। शेष जमीन पर दुकान व अवैध निर्माण के अलावा अवैध पार्किंग भी चल रही है। इस मामले का खुलासा होने के बाद आरोपित हाजी खलील अहमद के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई। जमीन को 2 दिन के भीतर खाली करने का नोटिस दिया जाएगा। साथ ही डुगडुगी बजाकर चेतावनी भी दे जाएगी।

मेयर ने यह भी कहा है कि यदि नोटिस और चेतावनी के बाद भी जमीन खाली नहीं की गई तो बुलडोजर चलाकर अवैध अतिक्रमण खाली कराया जाएगा। साथ ही हाजी खलील अहमद की गिरफ्तारी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि मस्जिद लोगों की आस्था से जुड़ी है। इसलिए उस पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होगी। लेकिन, नगर निगम की बाकी जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाएगा।

वहीं इस मामले में नगर निगम के संपत्ति अधीक्षक भोलानाथ गौतम ने आरोपित पूर्व पार्षद हाजी खलील अहमद के खिलाफ कोतवाली में FIR दर्ज कराई है। भोलानाथ गौतम का कहना है कि खलील अहमद निवासी कैला भट्टा ने खसरा संख्या-213 की 2.3340 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा करके उस पर अवैध रूप से दुकान बनवा रखी हैं। इसलिए उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।

कड़ा पहन कर आया हिन्दू छात्र तो शिक्षक शफीक खान ने पीटा, उतार कर नाले में फेंक दिया: परीक्षा में फेल करने की भी धमकी, परिजनों ने पुलिस को दी शिकायत

मध्य प्रदेश के छतरपुर के एक स्कूल में हाथ में कड़ा पहन कर आए एक हिन्दू छात्र की पिटाई का मामला सामने आया है। पिटाई का आरोप 2 टीचरों पर है जिन्होंने कड़े को नाले में फेंकने के लिए कहा। आरोपितों के नाम शफीक खान और भूपेंद्र वर्मा हैं। स्कूल के प्रिंसिपल पर भी शिकायत के बावजूद आरोपित टीचरों का पक्ष लेने का आरोप है। हिन्दू संगठनों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की माँग की है। घटना शनिवार (26 अगस्त, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना छतरपुर जिले के उजरा सरकारी स्कूल का है। यहाँ क्लास 11 में पढ़ने वाला छात्र स्कूल में अपने हाथ में कड़ा पहन कर पढ़ने आया था। आरोप है कि स्कूल के टीचर शफीक खान और भूपेंद्र वर्मा ने छात्र से कड़ा उतारने के लिए कहा। छात्र ने इसे अपना धार्मिक चिह्न बताया और उतारने से मना कर दिया। इस बात से नाराज दोनों अध्यापकों ने पीड़ित की पिटाई की। पिटाई के बाद आरोपित टीचरों ने जबरदस्ती पीड़ित का कड़ा उतरवा कर उसे ले जा कर नाले में फेंक दिया।

आरोप यह भी है कि दोनों टीचरों ने पीड़ित छात्र को मेज पर खड़े होने की भी सजा दी। जब पीड़ित छात्र के परिजनों को इस मामले की जानकारी हुई तो वो स्कूल पहुँचे। परिजनों का कहना है कि उन्होंने अपने बेटे को टीचर शफीक और भूपेंद्र से बचाया। बाद में छात्र के परिजनों ने प्रिंसिपल से शिकायत की। आरोप है कि इस शिकायत के बावजूद प्रिंसिपल ने अध्यापक शफीक और भूपेंद्र का ही पक्ष लिया। साथ ही बताया गया कि छात्र को परीक्षा में फेल करने की भी धमकी दी गई। प्रिंसिपल का रुख देख कर पीड़ित के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।

थोड़ी देर में इस घटना की जानकारी बजरंग दल को हुई तो स्कूल में हिन्दू संगठन से जुड़े लोगों का जमावड़ा होना शुरू हो गया। हिन्दू संगठन से जुड़े लोगों ने स्कूल में हंगामा किया और आरोपित टीचरों पर कड़ी कार्रवाई की माँग करने लगे। ‘बजरंग दल’ का आरोप है कि स्कूल में पहले भी छात्रों को तिलक लगाने और अन्य धार्मिक प्रतीकों को पहनने पर रोकटोक होती रही है। फ़िलहाल पुलिस ने शिकायत का संज्ञान लिया है और मामले की जाँच शुरू कर दी है।

‘जेल में मुस्लिम महिलाओं ने मारे ताने, हिन्दू से शादी करने पर किया परेशान’: सीमा हैदर ने बताया – Pak में हिन्दू खुल कर नहीं मना सकते त्योहार, हिन्दू थे हमारे पूर्वज

पाकिस्तान से भारत आईं सीमा हैदर फिलहाल भारत की मीडिया और सोशल मीडिया में सुर्खियाँ बनीं हुई हैं। ऑपइंडिया से हुई ख़ास बातचीत में उन्होंने ‘जय श्री राम का नारा’ लगाया था और उनके बेटे फरहान (अब राज) ने हनुमान चालीसा पढ़ी थी। जब हमने सीमा हैदर से आगे बातचीत की तो उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में हिन्दू अपना त्योहार नहीं मना सकते। भारत के खिलाफ वहाँ कट्टरपंथियों द्वारा फैलाए जा रहे नफरत के माहौल का भी जिक्र सीमा हैदर ने किया।

साथ ही नोएडा की जेल में बंद मुस्लिम महिलाओं द्वारा खुद को हिन्दू से शादी पर ताना मारे जाने की भी जानकारी दी।

‘पाकिस्तान में हिन्दू नहीं मना सकते त्योहार’

सीमा हैदर ने ऑपइंडिया से बातचीत के दौरान यह दावा किया कि पाकिस्तान में हिन्दू खुल कर अपना त्योहार नहीं मना सकते। सीमा के मुताबिक, वहाँ हिन्दू समुदाय के लोग काफी डरे-सहमे रहते हैं। अपनी एक सहेली का जिक्र करते हुए सीमा ने बताया कि वो अपने घर में डर कर देवियों की मूर्तियाँ रखती है और उनकी बराबर पूजा-अर्चना किया करती है। सीमा ने कहा कि उनके घर वाले उनको हिन्दू त्योहारों और हिन्दू साथियों से दूर रहने की सलाह दिया करते थे।

हमें सीमा हैदर द्वारा यह भी बताया गया कि पाकिस्तान में हिन्दुओं को काफिर कहा जाता है।

‘कट्टरपंथी बोते हैं भारत के खिलाफ जहर’

सचिन के घर में काफी खुश दिख रहीं सीमा हैदर ने हमसे बातचीत में आगे बताया कि पाकिस्तान में भारत के खिलाफ तमाम कट्टरपंथी आए दिन नफरत का प्रचार करते हैं। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान में मौलाना और मौलवी लोगों को बताते हैं कि भारत में मुस्लिमों पर बुरी तरह से जुल्म हो रहा है। हालाँकि, सीमा का कहना था कि उन्होंने भारत में आ कर जो कुछ भी देखा वो सब पाकिस्तान में सुनी बातों के एकदम उलट है। सीमा ने भारत में मुस्लिमों को सुरक्षित और खुश बताया।

गुलाम नबी आज़ाद की बातों से सहमत सीमा हैदर

मुस्लिमों के पूर्वज हिन्दू होने की बात को सीमा हैदर ने सही बताया। जब हमने उन्हें गुलाम नबी आज़ाद के बयान के बारे में बताया तो सीमा ने सहमति जताते हुए कहा, “ये बात सही है कि हमारे पूर्वज हिन्दू ही हैं।” हालाँकि, जब हमने सीमा से पूछा कि जो बात कश्मीर में गुलाम नबी आज़ाद कह रहे क्या वो पाकिस्तान वाले मानते हैं तो उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में सिर्फ और सिर्फ हिन्दुओं के खिलाफ नफरत सिखाई जाती है। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान में हिन्दुओं को मुस्लिमों का पूर्वज कहने की बात कोई सोच भी नहीं सकता।

‘जेल में मुस्लिम महिलाओं का ताना’

हमसे बातचीत के दौरान सीमा हैदर ने अपने उन दिनों को याद किया जब UP पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद उनको जेल भेजा था। सीमा ने बताया कि नोएडा की जेल में उन्हें पहले से बंद कुछ मुस्लिम महिलाएँ मिली थीं। वो औरतें सीमा को एक हिन्दू से शादी करने पर ताना मार रहीं थीं। सीमा ने बताया कि उनको जेल में उन मुस्लिम औरतों की वजह से काफी परेशानी उठानी पड़ी।

पुलिस का व्यवहार भाईयों जैसा

सीमा हैदर ने उत्तर प्रदेश पुलिस और ATS शाखा के अधिकारियों के व्यवहार की तारीफ की। उन्होंने पूछताछ में अपने साथ किसी भी प्रकार की बदतमीजी या मारपीट न होने की जानकारी दी। ATS वालों का बर्ताव सीमा ने अपने भाइयों जैसा बताया।

सीमा हैदर के साथ सेल्फी लेती पड़ोसनें

फ़िलहाल सीमा हैदर सचिन के साथ काफी खुश हैं। वो अब पाकिस्तान वापस जाने के बारे में सोचना भी नहीं चाहती हैं। परिवार का गुजारा चलाने के लिए सचिन फ़िलहाल नौकरी की तलाश में हैं।