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शोएब खान ने बार-बार किया रेप… फिर घर में बंद कर जबरन निकाह: हिन्दू संगठनों के प्रयास से मध्य प्रदेश पुलिस ने दबोचा

मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले से सामने आए लव जिहाद के केस में शोएब खान उर्फ़ मुन्नू पर हिन्दू लड़की से जबरन निकाह करने का आरोप लगा है। मामले की सूचना मिलते ही मौके पर हिन्दू संगठन से जुड़े लोग पहुँचे। हालात तनावपूर्ण होने पर निकाह को रोक दिया गया। मौके पर पहुँची पुलिस बल ने हालात को संभाला और आरोपित युवक को रेप सहित धर्म परिवर्तन की धाराओं में गिरफ्तार कर लिया। मामला शनिवार (19 अगस्त 2023) का है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला बड़वानी जिले के पाला बाजार इलाके का है। यहाँ एक मुस्लिम युवक पर आरोप है कि वो लम्बे समय से एक हिन्दू लड़की के साथ जबरन अवैध संबंध बना रहा था। कुछ दिनों के बाद आरोपित ने लड़की से जबरन निकाह की भी जिद की। शनिवार को आरोपित अपने ही घर में लड़की के साथ इस्लामी तौर-तरीकों से निकाह कर रहा था। इस मामले की जानकारी जब हिन्दू संगठनों को हुई तो वो मौके पर पहुँचे और विरोध शुरू कर दिया। हालत तनावपूर्ण होने की सूचना पर पुलिस पहुँच गई।

बताया जा रहा है कि हिन्दू संगठनों के विरोध के चलते निकाह रोक दिया गया। आरोपित शोएब खान और लड़की को पुलिस ने अपनी कस्टडी में लिया और पूछताछ की। पूछताछ में आरोपित द्वारा लड़की के साथ रेप किए जाने की जानकारी मिली।

आरोप है कि लड़की का जबरन धर्म परिवर्तन करवाने का भी प्रयास किया गया। पुलिस ने आरोपित युवक पर धर्म परिवर्तन और रेप सहित अन्य धाराओं में FIR दर्ज कर ली। आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस मामले की जाँच और आगे की कार्रवाई कर रही है।

हिन्दू संगठनों ने आरोपित पर कड़ी कार्रवाई की माँग के साथ कोतवाली के आगे हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस घटना के बाद कुछ लोगों द्वारा घटनास्थल पर पत्थरबाजी और हिंसा की अफवाह उड़ाई गई। बड़वानी पुलिस ने इन अफवाहों का खंडन किया है।

पुलिस के मुताबिक किसी भी प्रकार की कोई हिंसा नहीं हुई है। साथ ही अफवाह उड़ाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। बड़वानी के विश्व हिन्दू परिषद पदाधिकारी अतिशय जोशी ने भी मीडिया से बातचीत में बताया कि विरोध शांतिपूर्ण ढंग से हुआ और किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है।

अल्पसंख्यक छात्रों की छात्रवृत्ति में 2007-2008 से घोटाला: दिए गए ₹22000 करोड़, इनमें 97% मदरसा, एक मोबाइल नंबर से 22 लड़कों को स्कॉलरशिप

अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति में अब तक का सबसे बड़ा घोटाला सामने आया है। इसके बाद केंद्रीय मंत्रालय ने इस मामले की जाँच CBI को सौंप दिया है। घोटाले में सामने आया है कि फर्जी संस्थानों के नाम पर सरकार से करोड़ों रुपए लिए गए। सरकार से छात्रवृत्ति लेने वाले इन अल्पसंख्यक संस्थानों में करीब 53 प्रतिशत यानी आधे से अधिक फर्जी हैं।

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय द्वारा की गई एक आंतरिक जाँच में ऐसे 830 संस्थानों में गहरे भ्रष्टाचार का पता चला। इन फर्जी संस्थानों के जरिए पिछले 5 वर्षों में 144.83 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मामले को आगे की जाँच के लिए केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) के पास भेज दिया है।

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर 10 जुलाई 2023 को इस मामले में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। जाँच के तहत 34 राज्यों के 100 जिलों में पूछताछ की गई। जाँच में 1572 संस्थानों में से 830 को धोखाधड़ी में शामिल पाया गया। ये संस्थान 34 में से 21 राज्यों के हैं, जबकि बाकी राज्यों में संस्थानों की जाँच अभी भी चल रही है।

फिलहाल, अधिकारियों ने इन 830 संस्थानों से जुड़े खातों को फ्रीज करने का आदेश दिया है। मंत्रालय का कहना है कि यह घोटाला 2007-08 से ही चल रहा है। अब तक करीब 22,000 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। बीते चार साल से सालाना 2,239 करोड़ रुपए की छात्रवृत्तियाँ दी गई हैं।

सीबीआई इन फर्जी संस्थानों के उन जिला नोडल अधिकारियों की भी जाँच करेगी, जिन्होंने फर्जी संस्थानों का सत्यापन किया और अपनी अनुमोदन रिपोर्ट दी। इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मंत्रालय ने यह भी सवाल उठाया है कि बैंकों ने फर्जी आधार कार्ड और केवाईसी दस्तावेजों के साथ लाभार्थियों के लिए फर्जी खाते खोलने की अनुमति कैसे दी।

इतना ही नहीं, जिन संस्थानों का अस्तित्व ही नहीं था या जिनका परिचालन नहीं हो रहा था, ऐसे फर्जी संस्थान जाँच के बाद राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल और शिक्षा के लिए एकीकृत जिला सूचना प्रणाली (यूडीआईएसई) दोनों पर पंजीकृत होने में कामयाब रहे। इसमें भी संलिप्त अधिकारी जाँच के दायरे में रहेंगे।

राज्य के अनुसार विवरण

  • छत्तीसगढ़: जाँच में सभी 62 संस्थान फर्जी या निष्क्रिय पाए गए।
  • राजस्थान: जाँच के दौरान 128 संस्थानों में से 99 फर्जी या गैर-परिचालन वाले थे। यानी 77 प्रतिशत संस्थान फर्जी हैं।
  • असम: यहाँ के 68 प्रतिशत संस्थान फर्जी पाए गए।
  • कर्नाटक: 64 फीसदी संस्थान फर्जी पाए गए।
  • उत्तर प्रदेश: 44 फीसदी संस्थान फर्जी पाए गए।
  • पश्चिम बंगाल: 39 फीसदी संस्थान फर्जी पाए गए।

जाँच के दौरान कई खामियाँ मिलीं

  • केरल के मलप्पुरम में एक बैंक की शाखा ने 66,000 छात्रवृत्तियाँ वितरित कीं। यह छात्रवृत्ति के लिए पंजीकृत संख्या से अधिक है।
  • जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में 5,000 पंजीकृत छात्रों वाले एक कॉलेज ने 7,000 छात्रवृत्ति दी गई।
  • एक अभिभावक का मोबाइल नंबर 22 विद्यार्थी से जुड़ा था। ये सभी छात्र नौवीं कक्षा में थे।
  • एक अन्य संस्थान में छात्रावास नहीं था, लेकिन प्रत्येक छात्र ने छात्रावास छात्रवृत्ति लिया।
  • पंजाब में अल्पसंख्यक छात्रों को स्कूल में नामांकित नहीं होने के बावजूद छात्रवृत्ति मिलती थी।
  • असम में एक बैंक शाखा में कथित तौर पर 66,000 लाभार्थी सूचीबद्ध थे। जब इन लाभार्थियों का सत्यापन करने के लिए पहुँची तो एक मदरसे में टीम को धमकी दी गई।

बात दें कि मंत्रालय का छात्रवृत्ति कार्यक्रम से लगभग 1,80,000 संस्थान जुड़े हुए हैं। इनमें 1.75 लाख मदरसे हैं, जिनमें सिर्फ 27,000 मदरसे ही पंजीकृत हैं और छात्रवृत्ति के पात्र हैं। इसमें कक्षा 1 से लेकर उच्च शिक्षा तक के छात्र शामिल हैं। इसे शैक्षणिक वर्ष 2007-2008 में शुरू की गई थी।

अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति भले ही केंद्र सरकार देती है, लेकिन उसका सत्यापन और अन्य प्रक्रिया राज्य सरकार करती है। संस्थानाें का पंजीकरण जिला स्तर पर अल्पसंख्यक विभाग में होता है। छात्रवृत्ति के खाते स्थानीय बैंकों में खोले जाते हैं। विद्यार्थियों और संस्थानाें का सत्यापन भी राज्य सरकार का अल्पसंख्यक विभाग करता है।

सुपरस्टार रजनीकांत ने CM योगी के पाँव छू कर लिया आशीर्वाद, इधर ‘Jailer’ ने कर डाली ₹500 करोड़ की कमाई: यूपी में फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग

सुपर स्टार रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर’ बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई कर रही है। इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रजनीकांत के साथ उनकी फिल्म देखने पहुँचे। ‘जेलर’ महज 10 दिनों में ही फिल्म ₹500 करोड़ के क्लब में शामिल हो गई। रजनीकांत 18-20 अगस्त तक यूपी में रहेंगे। इस दौरान वह अयोध्या, काशी और मथुरा जाकर भगवान के दर्शन करेंगे।

फिल्म देखने जाने से पहले रजनीकांत ने राजधानी लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान रजनीकांत सीएम योगी के पाँव छूते नजर आए। वहीं योगी पुष्पगुच्छ और किताब देकर उनका स्वागत किया। इस दौरान रजनीकांत के साथ उनकी पत्नी लता रजनीकांत भी मौजूद रहीं। सुपरस्टार रजनीकांत के साथ सीएम योगी का फिल्म देखने जाना बेहद अलग ही मौका है। आमतौर पर वह फिल्म नहीं देखते। हालाँकि इससे पहले सीएम योगी ने पूरी कैबिनेट के साथ इस्लामिक कट्टरपंथियों के चेहरे को उजागर करती फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ देखने गए थे।

बता दें कि रजनीकांत शुक्रवार (18 अगस्त, 2023) शाम लखनऊ पहुँचे थे। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि वह सीएम योगी के साथ फिल्म देखने जाएँगे। वहीं, जेलर की सफलता को लेकर कहा था कि सब भगवान की कृपा से हो रहा है।

500 करोड़ के क्लब में शामिल हुई ‘जेलर’

रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर’ 10 अगस्त को रिलीज हुई थी। महज 10 दिन के भीतर ही 500 करोड़ रुपए से अधिक कमाई कर चुकी है। गौरतलब है कि 2 साल बाद रजनीकांत की कोई फिल्म रिलीज हुई है। फिल्म की शुरुआती कमाई और दर्शकों के उत्साह को देखते हुए ‘ जेलर’ के ₹700 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई के कयास लगाए जा रहे हैं।

फिल्म ‘जेलर’ करीब 900 स्क्रीन पर एक साथ रिलीज हुई है। रजनीकांत ने फिल्म में ‘जेलर टाइगर’ की भूमिका निभाई है। फिल्म में रजनीकांत के साथ ही तमन्ना भाटिया, राम्या कृष्णनन, योगी बाबू, विनायकन, मोहनलाल और जैकी श्रॉफ लीड रोल में नजर आ रहे हैं।

16 साल के लड़के ने 8 साल की बहन के रेप का किया प्रयास, फिर गला-मुँह दबा कर मार डाला: पॉर्न फिल्म देखने के बाद एकांत में ले गया था

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में रिश्तों को शर्मशार करने वाला मामले सामने आया। 16 वर्षीय लड़के ने रात में पॉर्न फिल्म देखी। इसके बाद 8 साल की अपनी चचेरी बहन को जगाकर उसे एकांत में ले जाकर रेप करने की कोशिश की। असफल रहने पर गला और मुँह दबाकर उसकी हत्या कर दी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला बुलंदशहर जिले के स्याना कोतवाली थाना क्षेत्र का है। यहाँ 16 अगस्त की रात 8 साल की मासूम अपने चचेरे भाई के साथ सोई हुई थी। 17 अगस्त की सुबह वह ताऊ के बिस्तर पर मिली थी। उसका शरीर ठंडा पड़ चुका था। ऐसे में ताऊ ने बच्ची के पिता को इसकी जानकारी दी। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस को बच्ची के शव पर नाखून और चोट के निशान मिले थे। इसलिए उसका पोस्टर्माटम के लिए भेजा गया।

इसके बाद ताऊ को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की। पुलिस से पूछताछ में ताऊ ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि लड़की अपने चचेरे भाई के साथ हो रही थी। उसे नहीं पता कि वह उनके बिस्तर में कैसे आई। इसके बाद पुलिस ने मृतक बच्ची के चचेरे भाई को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की। इस पर उसने बताया कि रात में सोने से पहले पॉर्न फिल्म देखी। इसी दौरान उसकी चचेरी बहन उसके पास सोने के लिए आ गई।

इसके बाद वह उसे पास के खाली पड़े प्लाट में ले गया। जहाँ दुष्कर्म का प्रयास किया। इस पर बहन से विरोध करते हुए पापा से शिकायत करने की बात कही। इससे गुस्सा होकर खुद को बचाने के लिए बच्ची का गला एवं मुँह दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद किसी को शक न हो, इसलिए उसने शव उठाकर ताऊ के बिस्तर में रख दिया।  

मंदिर से लौट रही थी महिला, पंचायत सदस्य शेर मोहम्मद और ज़ुबैर ने कार में उठा कर किया गैंगरेप: अब घर तक पहुँचे आरोपित, मिल रही हत्या की धमकी

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में हाल ही में दो लोगों द्वारा एक महिला के साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार करने का मामला सामने आया है। हालाँकि, पुलिस ने महिला की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है। लेकिन, अभी तक दोनों आरोपितों शेर मोहम्मद उर्फ़ शेरू और जुबैर अहमद की गिरफ़्तारी नहीं हुई है। जिससे महिला ने अपने जान को खतरा बताया है। गैंगरेप की यह घटना कथित तौर पर 3 अगस्त को हुई थी जब महिला कड़ा धाम शीतला माता मंदिर से दर्शन कर घर लौट रही थी।

वहीं दैनिक भास्कर से की गई बातचीत में गैंगरेप पीड़िता ने अपनी जान को खतरा बताया है। पीड़ित महिला ने अपने बयान में कहा, ”मुझे जान से मारने के लिए वो लोग घर तक आ पहुँचे। छिपते-छिपाते, इधर-उधर भाग रही हूँ। पूरा परिवार परेशान है। पुलिस ने उन्हें अब तक गिरफ्तार नहीं किया है। क्या करूँ-कहाँ जाऊँ, किससे इंसाफ माँगूँ। कुछ भी समझ नहीं आ रहा।”

क्या है पूरा मामला

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित महिला ने पुलिस से की गई शिकायत में बताया था कि जब महिला कड़ा धाम स्थित शीतला माता मंदिर में पूजा-अर्चना करने और आशीर्वाद लेने गई थी तो वहाँ से जब वह दर्शन कर घर लौट रही थी तब अँधेरा हो चुका था। जब वह सार्वजनिक परिवहन का इंतजार कर रही थी, तभी दो व्यक्ति, जिनमें शेर मोहम्मद उर्फ़ शेरू नाम का एक जिला पंचायत सदस्य और जुबैर अहमद नाम का एक अन्य व्यक्ति एक चार-पहिया वाहन से उसके पास आए। उन्होंने उससे कहा कि इस समय उसे घर जाने के लिए कोई गाड़ी नहीं मिलेगी। दोनों ने महिला को अपनी कार में बैठा लिया।

शिकायत में पीड़िता ने बताया है कि बाद में दोनों उसे जंगल में ले जाकर कार को लॉक कर दिया और बारी-बारी से उसके साथ बलात्कार किया, और उसका वीडियो भी बना लिया था। महिला ने दावा किया कि जब उसने मदद के लिए चिल्लाने की कोशिश की तो अपराधियों ने उसके मुँह में कपड़ा ठूँस दिया था। 

गैंगरेप पीड़िता ने अपने बयान कहा, “दोनों ने मेरा रेप करने के बाद मेरा मुँह खोला। उसके बाद मेरी कनपटी में तमंचा सटाकर गाली देने लगे। कहने लगे कि ज्यादा चू-चपड़ करेगी तो तुझे जान से मार देंगे। काट कर नदी में फेंक देंगे। मैंने उनके पैर पकड़कर कहा कि भैया जाने दो, मैं किसी से कुछ नहीं कहूँगी।”

पीड़िता ने कहा, “तब शेरू ने कहा कि तुमने अगर किसी से कहा तो ये वीडियो इंटरनेट में डाल देंगे। पूरे देश में फैल जाएगा। शांति से गाड़ी में बैठी रहो। तुम मुझे नहीं जानती हो। हम लोग एक मिनट में पूरा खानदान तहस-नहस कर देंगे। बम फुड़वा देंगे।” पीड़िता ने कहा कि वह उनकी बातें सुनकर डर गई थी। वो लोग रात के करीब 10 बजे उसे एक चौराहे पर उतारकर आँखें दिखाते हुए चले गए। महिला किसी तरह रात में अपने घर पहुँची और उसने अपने पति को पूरी बात बताई। महिला ने बताया कि उसके पति ने आरोपित शेरू और जुबैर के बारे में पता कराया कि ये लोग कहाँ के हैं।

उसके बाद महिला कौशांबी के कड़ाधाम थाने में 10 अगस्त, 2023 को गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराने पहुँची। महिला का आरोप था कि उसके साथ चार पहिया गाड़ी में दो लोगों ने गैंगरेप किया। शिकायत के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने वाला एक आरोपित जिला पंचायत सदस्य शेरू और दूसरा उसका साथी जुबैर था।

तहरीर मिलते ही सैनी थाना क्षेत्र के सयारा मीठेपुर के शेरू और जुबैर के खिलाफ एसपी के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। इन पर IPC की धारा 376-D, 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस का कहना था कि जाँच-पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई होगी। पुलिस ने महिला का मेडिकल भी करवाया। लेकिन, घटना के 15 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

वहीं पुलिस में शिकायत के बाद से ही आरोपितों की तरफ से महिला को जान से मारने की धमकी मिल रही है जिससे महिला ने अपनी जान को खतरा बताया है। वहीं मीडिया रिपोर्ट दोनों आरोपितों के पहले के भी आपराधिक रिकॉर्ड सामने आए हैं।

आरोपितों का पहले से है आपराधिक इतिहास 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जिला पंचायत सदस्य शेर मोहम्मद उर्फ़ शेरु पर कोखराज पुलिस ने 27 अक्टूबर, 2022 को एक मुकदमा दर्ज किया था। उस मामले में भी गैंगरेप सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा गया था। वहीं यह बात भी सामने आई है कि शेरू AIMIM का सक्रिय कार्यकर्ता हुआ करता था।

केरल का RJ, क़तर में साजिश, सत्तार ने करवा दी हत्या… 5 साल बाद अदालत ने 2 दोषियों को सुनाई सज़ा, बीवी से लव अफेयर के कारण दी थी ‘सुपारी’

केरल के एक रेडियो जॉकी (RJ) की 5 साल पहले हुई हत्या के मामले में तिरुवनंतपुरम की एक सत्र अदालत ने शुक्रवार (18 अगस्त, 2023) को दो दोषियों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई। दोनों दोषियों मुहम्मद सलीह और अप्पुनी पर आरजे के परिवार को 2.4 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।

इस केस का मुख्य आरोपी अब्दुल सत्तार अभी भी फरार है। गौरतलब है कि बीते हफ्ते इस मामले में अदालत ने सबूतों के अभाव में 9 आरोपितों को केस से बरी कर दिया था। दरअसल, सत्तार ने अपनी पत्नी के साथ लव अफेयर की वजह से आरजे राजेश की उनके रिकॉर्डिंग स्टूडियो में हत्या करवा दी थी।

RJ की हत्या के तार जुड़े हैं कतर से

इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, आरजे राजेश की हत्या के तार खाड़ी मुल्क कतर से जुड़े हैं। मूल रूप से केरल के ओचिरा का निवासी और क़तर में कारोबार चलाने वाला अब्दुल सत्तार इस हत्याकांड का मुख्य आरोपित है। वह अभी भी फरार है। पुलिस के मुताबिक, राजेश और सत्तार की पत्नी की मुलाकात दोहा में 2016-17 में हुई थी और दोनों में प्रेम प्रसंग चल रहा था। राजेश के कॉल डिटेल रिकॉर्ड से पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुँची कि उसका दोहा में उस महिला के साथ संबंध था।

तब मुख्य आरोपित की पत्नी वहाँ डांस सीखती थी और 35 साल का आरजे राजेश एक मलयालम रेडियो स्टेशन में साथ काम कर रहा था। तब उसने सत्तार की पत्नी का इंटरव्यू लिया था। इस दौरान सत्तार और उसकी पत्नी में अलगाव हो गया और नौकरी छूट जाने के बाद मृतक राजेश भी 2017 में केरल वापस लौट आया था।

लेकिन इसके बाद भी वो लगातार महिला के संपर्क में रहा था। उसने लौटने पर मदावूर में रिकॉर्डिंग स्टूडियो खोला और इसके साथ ही एक लोकसंगीत बैंड में शामिल हो गया था। इस केस के जाँचकर्ताओं का कहना है कि हत्या के लिए उकसावे की वजह सत्तार की पत्नी का राजेश के साथ अफेयर था।

आरजे को मारने की सुपारी इस बीवी से अलग हुए आरोपित पति सत्तार ने ही दी थी। पुलिस के मुताबिक, दोहा में एक हेल्थ क्लब चलाने वाले सत्तार ने राजेश को खत्म करने के लिए अपने क्लब के ट्रेनर सलीह को ‘सुपारी’ दी थी। ट्रेनर ने अपने मालिक लिए वफादारी की वजह से इस काम को करने के लिए हामी भरी दी।

हत्यारों ने की थी रेकी

जाँच में शामिल अधिकारी ने बताया कि हत्या से एक दिन पहले हत्यारों ने रेकी की थी। वो कुछ प्रोजेक्ट पर चर्चा करने के बहाने राजेश के रिकॉर्डिंग स्टूडियो में गए। इस दौरान आरजे राजेश ने उन्हें बताया कि वह 27 मार्च को चेन्नई के लिए रवाना होगा। उन्होंने सोचा कि कहीं वो मौका चूक न जाएँ, इसलिए गिरोह ने दिन के उजाले से पहले उनकी हत्या करने का फैसला किया। दरअसल उसी दिन वो महिला कतर से उड़ान भरकर भारत के लिए आ रही थी। राजेश और उनके 50 साल के दोस्त कुट्टन 26 मार्च, 2018 की रात को एक स्थानीय मंदिर में प्रदर्शन के बाद मदावूर में रिकॉर्डिंग स्टूडियो में लौटे थे।

कुट्टन स्टूडियो की इमारत के सुनसान बरामदे पर बैठ गया, जबकि राजेश अंदर चला गया। तभी, एक कार स्टूडियो के सामने रुकी और कुछ आदमी बाहर निकले। उन्होंने सबसे पहले कुट्टन पर हमला किया, लेकिन किसी तरह वो बच के भाग निकला। इसके बाद हमलावरों ने स्टूडियो पर धावा बोल राजेश पर जानलेवा हमला कर दिया।

जब तक पुलिस पहुँची, राजेश लगभग लहूलुहान हो चुका था। जाँच टीम का हिस्सा रहे एक पुलिस अधिकारी ने का कहना था, “जब गिरोह स्टूडियो में दाखिल हुआ, तो राजेश फोन पर महिला से बात कर रहा था। उसने उसकी चीखें सुनीं और दोहा से तिरुवनंतपुरम में उसके दोस्तों को फोन कर घटना बताई, जिन्होंने पुलिस को सतर्क कर दिया।”

पुलिस ने कहा कि हमला जिस तरह से किया गया उससे पता चलता है कि यह योजनाबद्ध था और इसका मकसद राजेश को निशाना बनाना था, क्योंकि हमलावरों ने कुट्टन को भागने दिया था। जाँच में तब तेजी आई जब पुलिस को पता चला कि करुनागप्पल्ली में स्पीड डिटेक्शन कैमरे ने घटना के कुछ घंटों बाद हमलावरों की लाल कार की फुटेज ली है।

इससे पुलिस मालिक तक पहुँच गई। उसने उन्हें बताया कि उसने गाड़ी को एक आदमी को किराए पर दिया था। ये आदमी आरजे की हत्या में एक सहयोगी के तौर पर पहचाना गया, जिसने इस अपराध में मदद की थी। इस तरह इस हत्या की गुत्थी को सुलझाने के तार जुड़ते चले गए। हत्या के बाद सलीह काठमांडू के रास्ते दोहा लौट आया, लेकिन जब तक वह कतर पहुँचा, पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया था।

हालाँकि, दोनों देशों के बीच कोई प्रत्यर्पण संधि नहीं है, लेकिन हत्या में शामिल होने की बात सामने आने के बाद सलीह पर देश छोड़ने का दबाव बना। वह 10 अप्रैल, 2018 को केरल लौटा और तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर पहुँचने पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस मुख्य आरोपित अब्दुल सत्तार को गिरफ्तार करने दोहा भी गई, लेकिन केरल के अलाप्पुझा के मूल निवासी सत्तार और उसकी पत्नी को नहीं ढूँढ पाई। अभी भी वो केरल पुलिस की पहुँच से बाहर है।

राजेश के पिता ने खो दिया होनहार बेटा

केरल के मदावूर में रहने वाले राजेश के पिता राधाकृष्ण कुरुप ने बेटे के दो हत्यारों को दोषी ठहराए जाने पर कहा कि वह हैरान हैं कि दूसरों को छोड़ दिया गया। उनका कहना था कि वो गरीब मजदूर हैं और ये नहीं जानते की न्याय पाने के लिए क्या करना चाहिए।

वो कहते हैं कि लोग हत्या के पीछे के कारणों को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं, लेकिन मुझे नहीं पता कि उसके (आरजे राजेश) जीवन में क्या हुआ। उन्होंने बताया की कि राजेश पढ़ाई में अच्छा था, लेकिन घर की आर्थिक तंगी के कारण ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी नहीं कर सका। झोपड़ी में रहने वाले कुरुप और उनकी पत्नी वसंता दिहाड़ी मजदूर है, जिन्हें अक्सर महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में काम मिलता है। राजेश ने स्कूली छात्रों को ट्यूशन देकर सीखने की कोशिश की और बाद में वो कोच्चि चला गया। वहाँ वह एक निजी एफएम रेडियो में जॉकी बन गए।

मोईन खान ने पैसे लेकर नाबालिग दोस्तों से करवाया हिन्दू किशोरियों का गैंगरेप, खुद भी किया बलात्कार: राजस्थान में 3 हिन्दू लड़कियों को फाँसा

राजस्थान की राजधानी जयपुर से लव जिहाद का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मोईन खान ने एक युवती और दो किशोरियों को अपने जाल में फँसा लिया। दोनों किशोरियों के साथ आरोपित ने बंधक बनाकर रेप किया और एक का पैसे लेकर अपने दो दोस्तों से भी रेप कराया। वहीं, एक किशोरी को मोईन लगभग महीने दिन तक बंधक बनाकर रखा।

जालूपुरा निवासी मोईन ने जिन दो किशोरियों का बलात्कार किया, उनमें एक की उम्र 17 साल है जबकि दूसरी की उम्र 14 साल है। पुलिस ने मोईन को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं उसके नाबालिग दोस्तों को पकड़ कर बाल सुधार गृह में भेज दिया है। इन किशोरियों को मोईन ने अपना नाम मोनू बताया था। इसको देखते हुए पुलिस लव जिहाद के एंगल से भी जाँच कर रही है।

दरअसल, 14 अगस्त 2023 को जयपुर के सदर थाने में 17 वर्षीय किशोरी ने मोइन के खिलाफ रेप का मामला दर्ज करवाया था। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह अपनी माँ से झगड़ा करके घर से निकली थी। इसी दौरान सिंधी कैंप इलाके में उसे मोइन मिला और उसने अपना नाम मोनू बताया।

इस दौरान मोइन ने उसे मदद का लालच देकर जालूपुरा के एक होटल में ले गया और वहाँ उसके साथ रेप किया। अगले दिन वह किसी तरह से मोईन के कब्जे से छूटकर घर पहुँची और अपनी माँ को सारी कहानी बताई। इसके बाद माँ उसे लेकर सदर थाने पहुँची और दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया।

पीड़िता ने पुलिस को यह भी बताया कि जिस होटल में मोईन ने उसे रखा था, वहाँ एक कमरे में एक और किशोरी को बंधक बनाकर रखा गया है। उसके साथ भी मोईन और उसके साथियों द्वारा दुष्कर्म किया गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस जालूपुरा स्थित होटल पहुँची और आरोपित मोईन को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने वहाँ बंधक बनाकर रखी गई 14 साल की किशोरी को मुक्त करवाया। बंधन से मुक्त कराई गई किशोरी ने पुलिस को बताया कि तकरीबन एक महीने पहले उसे उसकी बड़ी बहन जयपुर लेकर आई थी और मोईन के पास छोड़कर चली गई थी। किशोरी ने बताया कि उसकी बड़ी बहन की मोईन से पहले से ही जान-पहचान थी।

किशोरी ने बताया कि जब वह 3 साल की थी तब उसके माता-पिता का तलाक हो गया था। उसकी बड़ी बहन पिता के पास रहने लगी और वह माँ के पास रहती थी। कुछ समय पहले पीड़िता अपनी माँ को छोड़कर अपने पिता के पास चली गई, लेकिन पिता शराब पीकर दोनों बहनों के साथ मारपीट करता था।

इसके कारण पीड़िता को उसकी बड़ी बहन जयपुर लेकर आई और उसे मोईन के पास छोड़कर चली गई। बड़ी बहन के लौटने के 2 दिन बाद मोईन ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया और उसे होटल के कमरे में उसे बंद कर दिया। पीड़िता ने बताया कि मोईन उसे कमरे से बाहर नहीं निकलने देता था। इतना ही नहीं, उसके साथ वह मारपीट भी करता था।

एक दिन मोईन अपने दो नाबालिग दोस्तों को लेकर आया और उनसे लगभग 2500 रुपए लेकर पीड़िता को उनके हवाले कर दिया। इसके बाद दोनों नाबालिग पीड़िता को लाल कोठी स्थित एक कैफे में ले गए और वहाँ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। आरोपितों ने पीड़िता को धमकाया कि अगर इसके बारे में किसी को बताया तो अंजाम बुरा होगा।

पुलिस ने पाया कि मोईन खान का इन दो नाबालिग लड़कियों के अलावा एक युवती से संबंध सामने आए हैं। पुलिस अब इस दिशा में जाँच कर रही है कि इन नाबालिगों की तरह मोईन खान और कितनी लड़कियों को अपना शिकार बनाया है।

‘सभी को कैम्पस में बैठ कर शराब पीना चाहिए’: वीडियो में छात्रा ने की माँग, CCTV के विरोध में बंगाल की यूनिवर्सिटी के छात्रों का प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थित जादवपुर यूनिवर्सिटी से एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी परिसर में लगाए जा रहे सीसीटीवी का विरोध करते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान एक लड़की ने यूनिवर्सिटी कैंपस में शराब पीने की वकालत की है। यही नहीं उसने कहा है कि सभी को यूनिवर्सिटी में बैठकर शराब पीना चाहिए।

TNN नामक यूट्यूब चैनल ने यादवपुर यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों से बातचीत की है। इसी दौरान श्रीजाता नामक लड़की ने कहा है, “यूनिवर्सिटी द्वारा यहाँ लगाए जा रहे सीसीटीवी के हम खिलाफ हैं। हमारा मानना है कि आज के इस युग में जहाँ हर किसी के हाथ में फोन हैं। दंगों और भीड़ से जुड़े घण्टों के फुटेज हैं। लेकिन इसके बाद भी अपराध नहीं रोके जा सके हैं। यदि सीसीटीवी फुटेज से किसी प्रकार का अपराध रोका जा सकता है तो देश में किसी भी प्रकार का अपराध नहीं होता।”

सीसीटीवी लगाने का विरोध करते हुए ने आगे कहा है, “सीसीटीवी से हम सिर्फ अपराधी की पहचान कर सकते हैं। उसे अपराध करने से नहीं रोक सकते।” उसने आगे कहा है कि प्रशासन को रैगिंग को लेकर जागरूक अभियान चलाना चाहिए। यूनिवर्सिटी में लोग पढ़ने आते हैं। यहाँ 18-19 साल के लोग हैं। वे बुरे नहीं हैं।”

इसके बाद श्रीजाता से यूनिवर्सिटी में छात्रों को शराब पीने से रोकने की कोशिश को लेकर सवाल किया गया। इस पर उसने कहा है, “हमने कोशिश की है। लेकिन हम असफल रहे हैं। लेकिन जो लोग बड़ी-बड़ी बातें करते हैं कि यहाँ शराब और बियर की बोतल क्यों है? मुझे नहीं लगता कि ये वो लोग हैं जिन्होंने पूरे जीवन में कभी शराब नहीं पी है। बल्कि ये लोग अपने घरों में शराब पीते हैं।”

श्रीजाता ने यूनिवर्सिटी में शराब पीने की वकालत करते हुए कहा है, “हम यूनिवर्सिटी को अपना दूसरा घर मानते हैं। यही कारण है कि अगर हम यूनिवर्सिटी कैंपस में शराब और सिगरेट पीना चाहते हैं तो हमें इसका पूरा अधिकार है।” अपनी बात दोहराते हुए उसने आगे कहा है कि यूनिवर्सिटी में शराब पीने के लिए उसे किसी के अधिकार देने की जरूरत नहीं है। उसके पास शराब और सिगरेट पीने के अधिकार हैं।

इस पर उससे सवाल किया गया कि यदि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे ऐसी ही माँग करेंगे या क्या वहाँ भी यही सब होना चाहिए? इसके जवाब में श्रीजाता ने कहा कि नहीं वहाँ नहीं होना चाहिए। वे बच्चे हैं। शराब पीने कानूनी उम्र 20 वर्ष से अधिक है। इसके बाद उसने यह भी कहा है कि सिर्फ वह ऐसी माँग नहीं कर रही। बल्कि हर किसी को कैंपस में बैठकर शराब पीना चाहिए। अगर कोई बाथरूम में जाकर शराब पीना चाहता है तो वो वहाँ जाकर पी सकता है।

ज्ञात हो कि 9 अगस्त, 2023 को जादवपुर यूनिवर्सिटी के एक छात्र स्वप्नौदीप कुंडू की कथित तौर पर दूसरी मंजिल से गिरने से मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। छात्र की मौत के बाद ही यूनिवर्सिटी में सीसीटीवी लगाए जा रहे हैं। लेकिन कुछ छात्र इसका विरोध कर रहे हैं।

अब ‘बॉर्डर 2’ लेकर आएँगे सनी देओल! इधर ‘ग़दर 2’ ने 8 दिन में पार किया ₹300 करोड़ का आँकड़ा, उधर पर्दे पर भारत-पाकिस्तान युद्ध की कहानी दिखाने की तैयारी शुरू

सनी देओल और अमीषा पटेल स्टारर फिल्म ‘गदर 2’ बॉक्स ऑफिस पर जमकर धमाल मचा रही है। शुरुआती हफ्ते में ही फिल्म ₹300 करोड़ के क्लब में शामिल हो गई। ऐसे में ‘गदर 2’ की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि सिनेप्रेमी अब भी सनी देओल के एक्शन को बड़े पर्दे पर देखना चाहते हैं। इस बीच खबर है कि फिल्म निर्माता अब सनी देओल को लेकर ‘बॉर्डर 2’ पर काम कर रहे हैं।

‘पिंकविला’ ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि फिल्म निर्माता जेपी दत्ता सनी देओल के साथ फिल्म ‘बॉर्डर’ का सीक्वल ‘बॉर्डर 2’ बनाने जा रहे हैं। इसके लिए एक स्टूडियो से पार्टनरशिप की बात चल रही है। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही फिल्म का आधिकारिक ऐलान होगा। इसके बाद फ़िल्म की स्क्रिप्ट पर शुरू होगा।

‘पिंकविला’ ने रिपोर्ट में यह भी कहा कहा है कि ‘बॉर्डर’ के सीक्वल, यानी ‘बॉर्डर 2’ बनाने के लिए टीम बीते 2-3 साल से बातचीत कर रही थी। लेकिन, अब सिर्फ इसकी आधिकारिक घोषणा होनी ही बाकी है। फिल्म निर्माताओं ‘बॉर्डर 2’ के लिए साल 1971 में हुए भारत-पाक युद्ध को लेकर एक स्टोरी चुनी है। इसी कहानी को बड़े पर्दे पर लाने की तैयारी हो रही है।

हालाँकि फिल्म निर्माता ‘बॉर्डर 2’ में सनी देओल के अलावा नए और युवा और एक्टर्स को शामिल करने पर विचार कर रहे हैं। ऐसी संभावना है कि ‘बॉर्डर 2’ में पुराने एक्टर के रूप में सिर्फ़ सनी देओल ही होंगे। हालाँकि फिल्म के लिए अब तक किस-किस को साइन किया गया है या कौन से एक्टर होंगे इसको लेकर अब तक किसी प्रकार का ऐलान नहीं हुआ है। ‘बॉर्डर’ में सनी देओल के साथ, सुनील शेट्टी, जैकी श्रॉफ, अक्षय खन्ना मुख्य भूमिका में थे।

गौरतलब है कि साल 1997 में रिलीज हुई वॉर ड्रामा फिल्म ‘बॉर्डर’ बॉलीवुड की ऐतिहासिक फिल्मों में से एक है। यह फिल्म भी 1971 के भारत-पाक युद्ध पर आधारित थी। 10 करोड़ की लागत में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर करीब 54 करोड़ रुपए की कमाई की थी। साथ ही साल की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म थी।

कश्मीर में बुर्कानशीं लड़कियों ने की गणेश आरती, उधर फारूक अब्दुल्ला बोले – हिन्दू धर्म में ऊँच-नीच का बँटवारा, इस्लाम में भेदभाव नहीं इसीलिए हुआ धर्मांतरण

एक तरफ जहाँ बुर्का पहने कश्मीरी लड़कियों का गणेश आरती का वीडियो वायरल हो रहा है वहीं डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (DPAP) के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद के हिंदू वाले बयान पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने शुक्रवार (18 अगस्त, 2023) को पलटवार किया है। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्य़क्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “मुझे नहीं पता कि उन्होंने (गुलाम नबी आजाद) ऐसा बयान क्यों दिया? मैं जानना भी नहीं चाहता। मैं उनके लिए नहीं बोल सकता। वो इतिहास जानते हैं तो ऐसा बोलने की इस समय क्या जरूरत थी।”

उन्होंने कहा, “जम्मू कश्मीर और जम्मू कश्मीर के लोगों का इतिहास विशिष्ट है। इसमें कोई संदेह नहीं एक समय यहाँ सिर्फ हिंदू थे और इनमें से अधिकांश बौद्ध बन गए थे। जब बौद्ध धर्म का दौर कमजोर हुआ तो यहाँ लोग फिर अपने पुराने धर्म में लौट आए। फिर यहाँ आमीर-ए-कबीर कश्मीर आए जिन्होंने यहाँ इस्लाम फैलाया। उन्होंने यहाँ लोगों को व्यापार, दस्तकारी सिखाई। उस समय यहाँ का हिंदू समाज बँटा हुआ था।”

फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “भारत में लोगों का इस्लाम में परिवर्तित होने का एक लंबा इतिहास है। उस समय हिंदू व्यवस्था में उन्होंने लोगों को उच्च ब्राह्मण और निम्न ब्राह्मण में बाँट दिया था। निचले स्तर के ब्राह्मण को मंदिर में जाने की अनुमति नहीं थी और आज दलित के साथ ठीक वैसा ही हो रहा है। इसलिए जब लोगों (हिंदुओं) ने देखा कि जब इस्लाम में कोई भेदभाव नहीं है तो उन्होंने इसे कबूल किया। यह इतिहास है। इस्लाम ने यहाँ तरक्की की, यहाँ कालीन बुनाई, लकड़ी पर नक्काशी की कला भी इस्लाम के साथ यहाँ आई। पाक कुरआन ने यहाँ की न्यायिक व्यवस्था में भी सुधार लाया।”

क्या कहा था गुलाम नबी आजाद ने 

याद दिला दें कि गुलाम नबी आजाद ने जम्मू के डोडा जिले में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा था, “बीजेपी के कुछ नेताओं ने कहा कि कुछ मुस्लिम बाहर से आए हैं और कुछ नहीं! कोई भी बाहर या अंदर से नहीं आया है। इस्लाम धर्म केवल 1500 साल पहले अस्तित्व में आया जबकि हिंदू धर्म बहुत पुराना है। उनमें से लगभग 10-20 मुसलमान बाहर से आए होंगे, जिनमें से कुछ मुगल सेना में भी थे।”

उन्होंने आगे कहा, “भारत में अन्य सभी मुस्लिम हिंदू धर्म से परिवर्तित हो गए। इसका उदाहरण कश्मीर में देखने को मिलता है। 600 साल पहले कश्मीर में मुस्लिम कौन थे? सभी कश्मीरी पंडित थे। वे इस्लाम में परिवर्तित हो गए। सभी हिंदू धर्म में पैदा हुए हैं।”

स्कूल में बुर्का पहनी लड़कियाँ गा रही हैं गणेश आरती 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें बुर्का पहनी कश्मीरी लड़कियाँ भगवान गणेश की आरती गाते हुए नजर आ रही हैं। यह वीडियो दक्षिण कश्मीर के पहलगाम का है। वहाँ सालार के गर्ल्स हाई स्कूल की लड़कियाँ वीडियो में दिखाई दे रही हैं जो गणेश वंदना गा रही हैं। इसे सोशल मीडिया पर 370 हटने के बाद एक व्यापक और बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। 

इस वीडियो के वायरल होने के बाद जहाँ कुछ लोग लेफ्ट-लिबरलों को चिढ़ाते नजर आ रहे हैं तो वहीं इस वीडियो को फारुख अब्दुल्ला के उस बयान कि लोग (हिन्दू) इस्लाम की अच्छाई के कारण मुस्लिम बनें को ठेंगा दिखाना माना जा रहा है। यहाँ गुलाम नबी की बाद ज़्यादा माकूल है कि जम्मू कश्मीर में सब हिन्दू ही थे, और जब भी उन्हें मौका मिलता है वह न यह बात सिर्फ स्वीकारते हैं बल्कि अपने जड़ों से उस जुड़ाव को महसूस और अभिव्यक्त भी करते हैं।