Home Blog Page 1599

‘अगर वो स्पोर्ट्स में जाता तो दौड़ कर मेडल ले आता, लेकिन…’: रवि तेजा की पहली पैन-इंडिया फिल्म का टीजर जारी, खतरनाक स्टंट और एक्शन करते दिखे ‘मास महाराजा’

रवि तेजा की फिल्म ‘टाइगर नागेश्वर राव’ का टीजर आ गया है। फिल्म में अनुपम खेर और मुरली शर्मा जैसे वरिष्ठ कलाकार भी महत्वपूर्ण किरदार में दिखाई दे रहे हैं। बता दें कि ‘Tiger Nageswara Rao’ के निर्माता अभिषेक अग्रवाल हैं, जो 2022 में आई फिल्मों ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘कार्तिकेय’ के निर्माता भी थे। दोनों ही फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई थीं। अब अभिषेक अग्रवाल तेलुगू फिल्मों में ‘मास महाराजा’ कहे जाने वाले रवि तेजा की पहली पैन-इंडिया फिल्म के निर्माता भी हैं।

अभिषेक अग्रवाल द्वारा निर्मित ‘टाइगर नागेश्वर राव’ का टीजर जारी

‘टाइगर नागेश्वर राव’ के टीजर में दिखाया जाता है कि कैसे एक चोर चेन्नई की सेन्ट्रल जेल से फरार हो जाता है। इसके बाद एक बड़े अधिकारी की भूमिका में दिख रहे अनुपम खेर भारत के नक़्शे पर ‘टाइगर जोन’ दिखाते हैं। टीजर में दिखाया गया है कि ये फिल्म ‘सत्य अफवाहों’ पर आधारित है। ये कहानी स्टुअर्टपुरम के एक चोर की है, जिसने कई वर्षों तक पुलिस की नाक में दम किए रखा। टीजर में पुलिस अधिकारी की भूमिका में दिख रहे मुरली शर्मा कहते हैं कि अगर नागेश्वर राजनीति में जाता तो अपने तेज दिमाग से चुनाव जीत जाता।

साथ ही वो आगे बताते हैं कि अगर वो स्पोर्ट्स में जाता तो दौड़ कर भारत के लिए मेडल जीत जाता, अगर सेना में जाता तो अपनी बहादुरी से देश के लिए युद्ध जीत जाता। फिर वो बताते हैं कि दुर्भाग्य से वो एक अपराधी बन गया। वो आगे उसके बारे में बताते हैं, “शेर-बाघ जैसे जानवर भी एक उम्र तक दूध पीते हैं, लेकिन उसने 8 साल की उम्र से ही खून पीना शुरू कर दिया था।” फिल्म में चोर नागेश्वर राव के बचपन को भी दिखाया गया है। टीजर के एक दृश्य में ‘नागेश्वर राव’ की भूमिका में दिख रहे रवि तेजा को रस्सी से खुद को बाँध कर पुल पर चलती ट्रेन में जाते हुए देखा जा सकता है।

फिल्म के टीजर में एक अधिकारी पूछता है कि बिहार में हमने ओंकार सिंह यादव जैसे क्रिमिनल देखे हैं, ये इससे भी बड़ा डाकू है क्या? ‘टाइगर नागेश्वर राव’ को ‘अभिषेक अग्रवाल आर्ट्स’ के बैनर तले बनाया गया है और ये 20 अक्टूबर, 2023 को तमिल, तेलुगू, मलयालम, कन्नड़ और हिंदी भाषा में सिनेमाघरों में दस्तक देगी। GV प्रकाश कुमार इस फिल्म का संगीत दे रहे हैं। बतौर अभिनेत्री फिल्म में नूपुर सेनन हैं। ये रवि तेजा की अब तक की सबसे बड़ी बजट की फिल्म है।

क्या है स्टुआटपुरम के चोर की कहानी

असल में ‘नागेश्वर राव’ नाम के सचमुच एक चोर हुआ करता था, जिसे लोगों ने ‘टाइगर’ नाम दे दिया था। उसके इलाके में उसकी छाव ‘रॉबिनहुड’ की थी। वहाँ के लोग कहते थे कि वो उन अमीरों को लूटता था जो गरीबों का शिक्षण करते थे, इसके बाद उस धन को गरीबों में बाँट देता था। नागेश्वर राव का गाँव स्टुअर्टपुरम को आज भी उसी के नाम से पहचाना जाता है। कुछ लोग कहते हैं कि वो गरीबों के अधिकार के लिए लड़ता था। 80 के दशक में उसे जानने वाले लोग कहते हैं कि वो एक काफी दयालु व्यक्ति था, जो हमेशा गाँव के ज़रूरतमंदों की मदद करता था।

वो अपनी चीजें भी किसी ज़रूरतमंद को देने से हिचकता नहीं था। लोगों का कहना है कि अपनी दयालुता और उदारता के कारण वो गाँव में लोकप्रिय हो गया था। अंग्रेजों के ज़माने में कई इलाकों के चोर-डाकुओं को एक साथ बसाने के लिए तत्कालीन मद्रास प्रेसीडेंसी के सदस्य हेरोल्ड स्टुअर्ट के नाम पर इस गाँव को स्थापित किया गया था। ऐसे में ब्रिटिश सरकार को उन और एक साथ नजर रखने में आसानी होती थी। इसी गाँव में 70 के दशक में और उसके बाद 15 वर्षों तक नागेश्वर राव का दबदबा रहा। आंध्र प्रदेश , तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक – आज जो ये 4 राज्य हैं, इन चारों के इलाकों में वो चोरी करता था।

‘बौद्ध लड़की संग भागे अपने लड़के का पता लगाओ’: लद्दाख में बेटे ने किया लव जिहाद, BJP ने प्रदेश उपाध्यक्ष अब्बू को पार्टी से निकाला

केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में अब लव जिहाद का एक मामला सामने आया है। वहाँ मंजूर अहमद नाम का एक मुस्लिम युवक एक महीना पहले एक बौद्ध महिला को साथ लेकर भाग गया। इसको लेकर इलाके में तनाव हो गया। घटना के बाद आरोपित युवक के अब्बू को भाजपा ने पार्टी ने निष्कासित कर दिया है। उसके अब्बू पार्टी के राज्य उपाध्यक्ष थे।

लद्दाख में धर्म से बाहर जाकर शादी करने को लेकर वहाँ का बौद्ध समुदाय हमेशा संवेदनशील रहा है। पिछले कुछ समय में मुस्लिम समुदाय के द्वारा बौद्ध समुदाय की लड़कियों से शादी की घटनाओं को लेकर तनाव की स्थिति सामने आती रही है।

पार्टी के उपाध्यक्ष रहे 74 साल के नजीर अहमद के बेटे ने इसी तरह बौद्ध लड़की से प्रेम विवाह किया और उसको लेकर एक महीना पहले गायब हो गया। इसको लेकर बौद्ध समुदाय में नराजगी बढ़ गई। इसके बाद भाजपा ने आरोपित के पिता के खिलाफ यह ऐक्शन लिया।

भाजपा की लद्दाख इकाई की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उसके वरिष्ठ नेता के खिलाफ यह कार्रवाई तब की गई जब, उनके बेटे पर एक बौद्ध लड़की को लेकर भाग जाने जैसा संवेदनशील आरोप लगा। इस संबंध में उनकी संलिप्तता के बारे में स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया गया।

भाजपा की चिट्ठी

नजीर अहमद को पार्टी से निकाले जाने का आदेश बुधवार को पार्टी की एक कार्यकारी बैठक के बाद जारी किया गया। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष फुंचोक स्टैनजिन द्वारा जारी बयान में कहा गया है, “किसी महिला संग भागने जैसी चीजें लद्दाख में सभी धार्मिक समुदायों के लिए अस्वीकार्य है। इस तरह की चीजें यहाँ के लोगों के बीच सांप्रदायिक सद्भाव और एकता को खतरे में डालती हैं।”

पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद नजीर अहमद ने कहा कि उनका परिवार भी बौद्ध महिला से शादी के खिलाफ था। उन्होंने कहा कि एक महीना पहले उनके बेटे ने शादी कर ली और अभी वह कहाँ रह रहा है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। नजीर ने कहा कि पार्टी ने उनसे बेटे का पता लगाने के लिए कहा था, लेकिन वे पता नहीं लगा पाए।

नजीर ने कहा कि जब वे हज के लिए सऊदी अरब गए थे, तभी उनके बेटे ने कोर्ट मैरिज की थी। उन्होंने कहा, “मेरा बेटा 39 साल का है और उसने जिस बौद्ध महिला से शादी की है वह करीब 35 साल की है। मेरा मानना है कि दोनों ने 2011 में ही निकाह कर लिया था। पिछले महीने दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली थी।”

‘बंगालियों ने पतलून निकाली थी, पख्तून तुम्हारी चमड़ी निकाल लेंगे’: Pak में सुप्रीम कोर्ट के सामने जुटी ‘आज़ादी’ वाली भीड़, जंग का ऐलान

पाकिस्तान में आज़ादी की माँग हो रही है। पश्तून, बलूच व अन्य मुस्लिम जातियों के पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ शुक्रवार (18 अगस्त, 2023) को प्रदर्शन हुआ। राजधानी इस्लामाबाद में स्थित सुप्रीम कोर्ट के सामने पश्तून नेताओं द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हुए। इस दौरान पश्तून नेता ने कहा है कि यदि पश्तूनों की आवाज नहीं सुनी गई तो आजादी के लिए जंग होगी।

इस विरोध प्रदर्शन प्रदर्शन का कई वीडियो सामने आए हैं। एक वीडियो में पाकिस्तान के जातीय संगठन ‘पश्तून तहफ़ूज मूवमेंट (PTM)’ प्रमुख मंजूर पश्तीन को धमकी भरे लहजे में ‘फिर हम आजादी माँगेगे’ कहते सुना जा सकता है। उन्होंने कहा है, “अब एक बात होगी या तो हमें अधिकार देने होंगे या फिर आजादी की जंग होगी।” पाकिस्तानी नेताओं को सेना का गुलाम बताते हुए मंजूर पश्तीन ने आगे कहा है कि यहाँ के नेता फ़ौज के गुलाम हैं। तालिबान पाकिस्तान के अलग-अलग इलाकों में हमले कर रहा है। इसके पीछे भी फ़ौज का ही हाथ है। सेना तालिबान को हमने अपना काम करना शुरू कर दिया तो हम नहीं रुकेंगे।

एक अन्य वीडियो में पश्तीन ने कहा है, “हमें किसी और शक्ल में इस्लामाबाद आने पर मजबूर मत करो। पाकिस्तानी सेना सिर्फ बदमाशी मानती है। फिर पश्तूनों को देखना हम बदमाशों का क्या हाल बनाते हैं। बंगालियों ने उनके पतलून निकाले थे। लेकिन पख्तून इनकी चमड़ी निकालेंगे।”

मंजूर पश्तीन ने यह भी कहा कि इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने या रहे कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तमाम समस्याओं के बाद भी PTM कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आ रहे हैं। पश्तून नेताओं का आरोप है कि पाकिस्तानी अधिकारी पश्तूनों के साथ भेदभाव करते हैं। साथ ही देश का संविधान भी जातीय तौर पर भेदभाव करता है।

वहीं, पाकिस्तान की पूर्व मंत्री और इमरान खान की पार्टी की बड़ी नेता रहीं शिरीन मजारी की बेटी इमान जैनब मजारी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। इस दौरान इमान जैनब मजारी ने कहा कि पाकिस्तान में जितने भी आतंकी हमले हो रहे हैं, उनके लिए सेना जिम्मेदार है। वही असली आतंकी है। यही नहीं, इमान ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ ‘ये जो दहशतगर्दी है, इसके पीछे वर्दी है’ जैसे कई नारे लगवाए।

पश्तून तहफ़ूज मूवमेंट (PTM) प्रमुख मंजूर पश्तीन ने बलूच, सिंध, गिलगित-बाल्टिस्तान और पंजाब के वंचित वर्ग के लोगों को रैली में शामिल होकर एकजुट होने के लिए कहा था। ‘इस्लामाबाद जलसा’ नामक इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्य रूप से विभिन्न जातियों के लोगों के खिलाफ झूठे मामले थोपने और उन पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाना था।

बता दें कि PTM की माँग है कि कबायली इलाकों से चेक पोस्ट हटाई जाएँ। साथ ही, लोगों के जबरन गायब होने की घटनाएँ भी बंद करने की माँग की गई है। पश्तून नेताओं का दावा है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बल बिना किसी उचित प्रक्रिया के लोगों को हिरासत में ले लेते हैं। इन सब पर प्रतिबंध लगाया जाए।

पार्टी की, दारू पिया… फिर हवा का इंजेक्शन दे नवजात को मार डाला नर्स ने, जुड़वाँ बहन भी टारगेट: 1 साल में 7 बच्चों की हत्या, भारतीय डॉक्टर ने पकड़वाया

ब्रिटेन में एक नर्स अस्पताल के वार्ड में ही नवजात बच्चों को गलत इंजेक्शन देकर हत्या कर देती थी। रवि जयराम नाम के एक भारतीय डॉक्टर की सजगता के कारण इस मामले का खुलासा हुआ। इस डॉक्टर के कारण कई बच्चों की जान बच गई। यूके की ‘काउंटेस ऑफ चेस्टर’ अस्पताल की हत्यारिन नर्स लूसी लेटबी के इस शैतानी काम के लिए कोर्ट ने उसे दोषी करार दिया है।

33 साल की यह नर्स लूसी लेटबी अस्पताल के नवजात बच्चों के वार्ड में तैनात थी। वहीं वह अपने खूनी इरादों को अंजाम देती थी। लूसी ने जून 2015 से 2016 तक 7 नवजात बच्चों की हत्या कर दी। वहीं, 6 बच्चों की हत्या की कोशिश की। लूसी ने नवजात बच्चों को हवा का इंजेक्शन लगाकर, जबरन दूध पिलाकर और इंसुलिन में जहर देकर मार दिया था।

लूसी पर नवंबर 2020 में हत्या और हत्या की कोशिश का आरोप लगाया गया था। ये मुकदमा अक्टूबर 2022 में शुरू होकर 10 महीने से अधिक समय तक चला। इसके बाद लूसी को 7 बच्चों की हत्या और 6 बच्चों की हत्या की कोशिश का दोषी करार दिया गया। मैनचेस्टर क्राउन कोर्ट इस मामले में सोमवार (21 अगस्त 2023) को सजा सुनाएगा।

पहले शिकार से पहले पी थी शराब

द सन के मुताबिक, लूसी लेटबी ने सबसे पहले बच्चे की हत्या करने से एक दिन पहले ‘हेन वीकेंड’ मनाया था। इस वीकेंड उत्सव में शादी करने जा रही लड़की के साथ केवल महिलाएँ ही एक हफ्ते तक रहती हैं। जून 2015 में वह 16 दोस्तों के साथ मुस्कुराती उसकी तस्वीर भी सामने आई है।

नर्स लूसी लेटबी ‘हेन वीकेंड’ में (साभार- द सन)

इस ‘हेन पार्टी’ के दौरान उसने अपने दोस्तों के साथ जमकर शराब पी। इसके बाद अगले दिन यानी 8 जून 2015 को अपने काम पर लौटी। अस्पताल आने के 90 मिनट के अंदर ही उसने एक नवजात शिशु की हत्या कर दी। जाँच के दौरान नर्स लूसी ने स्वीकार किया, “यह भयानक है। मुझे उस रात काम भी नहीं करना चाहिए था।”

उस मृतक शिशु ‘बेबी ए’ का जन्म समय से 12 सप्ताह पहले ही हुआ था और उसका वजन 3 पाउंड 12 औंस था। उसके जन्म के 24 घंटे के भीतर ही नर्स लूसी ने हवा का इंजेक्शन देकर उसकी हत्या कर दी। इसके 28 घंटे बाद लूसी ने ‘बेबी ए’ की जुड़वाँ बहन ‘बेबी बी’ की हत्या करने की कोशिश की।

लुसी लेटबी के बेडरूम से 2016 का उसका लिखा एक नोट बरामद किया गया था। इस दिल दहलाने वाले नोट में उसने लिखा था, “मैंने उन्हें जानबूझकर मार डाला, क्योंकि मैं बहुत अच्छी नहीं हूँ। मैं कभी बच्चे पैदा नहीं करूँगी, शादी नहीं करूँगी। यह भी नहीं जानूँगी कि परिवार बनाना क्या होता है। मैं एक भयानक और दुष्ट व्यक्ति हूँ। इसे मैंने किया है।”

लूसीलेटबी का नोट (साभार -द सन)

भारतीय डॉक्टर की वजह से खुला लूसी का राज

जानकारी के मुताबिक, चेस्टर काउंटेस अस्पताल में सलाहकार बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रवि जयराम ने कहा कि लूसी लेटबी को लेकर उन्होंने अस्पताल प्रशासन को कई बार बताया था। आईटीवी न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रबंधन ने उनकी चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया।

इतना ही नहीं, उन्हें दोषी नर्स से माफी माँगने के लिए भी मजबूर किया गया। उन्होंने बच्चों की मौत पर अफसोस जताते हुए कहा कि उन्हें तत्कालीन मुख्य कार्यकारी टोनी चेम्बर्स ने अपनी हद में रहने और नतीजे भुगतने की चेतावनी भी दी थी।

डॉक्टर रवि ने बताया कि उन्हें लूसी पर उसी रात शक हो गया था, जब वे इनक्यूबेटर की ओर गए तो मॉनीटर पर देखा कि ऑक्सीजन की मात्रा खतरनाक स्तर तक गिरी हुई है। इस दौरान लूसी वहीं थी, लेकिन उसने बच्चे को बचाने के लिए कुछ नहीं किया।

मटन बेचने वाले शोएब शफी ने इंस्टाग्राम से 15 साल की हिन्दू छात्रा को फाँसा, 10 महीने से कर रहा था बलात्कार: गर्भपात भी कराया, स्कूल जाते समय करता था पीछा

सूरत में आए दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जहाँ मुस्लिम युवक हिंदू लड़कियों और नाबालिगों को अपने प्रेम जाल में फँसाते हैं और उनकी रेप या हत्या का मामला सामने आता है। ऐसा ही एक ताजा मामला सूरत के भटार में सामने आया है। एक युवक शोएब शफी शेख ने एक हिंदू नाबालिग को न सिर्फ अपने प्रेमजाल में फँसाया बल्कि पिछले 10 महीने से उसके साथ अलग-अलग जगहों पर रेप करता रहा।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा मामला खटोदरा थाना क्षेत्र का है। आरोपित शोएब शफी शेख भटार रोड का रहने वाला है। वहाँ वह मटन शॉप पर काम करता था। वह इलाके में रहने वाली एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की से इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क में आया। इसके बाद वह नाबालिग के पीछे पड़ गया। जब वह स्कूल जाती थी तो वह उसका पीछा करता था। किसी तरह उसने पीड़िता का मोबाइल नंबर हासिल कर लिया और उसे व्हाट्सएप्प पर कॉल और मैसेज करना शुरू कर दिया। आगे चलकर उसने नाबालिग को अपने प्रेम जाल में फँसा लिया।

‘मैं तुम्हें तुम्हारे परिवार से भी बेहतर रखूँगा’ 

जब नाबालिग पहले शोएब की बातों में नहीं आई, तो उसने उसे “मैं तुमसे प्यार करता हूँ, मैं तुम्हारे परिवार से बेहतर व्यवहार करूँगा।” जैसी बातें कहकर उसे लुभाने की कोशिश की। आख़िरकार वह सफल हो गया और एक बार जब उसके घर पर कोई नहीं था तो उसने नाबालिग को किसी बहाने से अपने घर बुलाया और पहली बार उसके साथ जबरन बलात्कार किया। रेप के बाद जब पीड़िता गर्भवती हो गई तो गर्भपात भी कराया। कुछ दिन पहले जब परिजनों को शक हुआ तो परिजनों ने पूछताछ की, जिसमें सारी हकीकत सामने आ गई।

वहीं इस मामले में यह बात भी सामने आई है कि 10 महीने तक शोएब अक्सर नाबालिग को अपने घर ले जाता था और उसके साथ दुष्कर्म करता था। लड़की की माँ की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में बताया गया है कि आरोपित नाबालिग को सूरत के अलथान गार्डन में बुलाता था और वहाँ भी उसके साथ रेप  किया था। 

सगीरा ने स्कूल जाना बंद किया तो खुली पोल 

जब नाबालिग ने पिछले 15 दिनों तक स्कूल जाना और ट्यूशन बंद कर दिया, तो उसकी माँ को शक हुआ। जबकि नाबालिग ने शोएब से पीछा छुड़ाने के लिए ऐसा किया था जो पिछले 10 महीने से उसका बलात्कार कर रहा था। उसे डर था कि अगर वह स्कूल या ट्यूशन जाने के लिए घर से बाहर जाएगी तो शोएब उसे दोबारा पकड़ लेगा और उसके साथ रेप करेगा। 

अपनी बेटी में इस बदलाव को देखकर उसकी माँ ने संदेह होने पर उससे पूछताछ की तो नाबालिग ने उन्हें सारी बात बता दी। माँ ने जब अपनी बेटी की सच्चाई जानी तो उनके होश उड़ गए। वह तुरंत खटोदरा पुलिस स्टेशन पहुँची और आरोपित शोएब शफी शेख के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। वहीं माँ की गुहार पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो के तहत मामला दर्ज कर शोएब शफी शेख को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल इस मामले में आगे की जाँच जारी है। 

नूँह दंगों में AAP नेता जावेद को बचाने में जुटी पार्टी: CCTV के बहाने पुलिस FIR पर सवाल, स्थानीय कह रहे – ‘सोहना में दंगा मतलब जावेद का नाम एक नंबर पर’

हरियाणा के मेवात के नूँह में हुए दंगों में एक नाम जो सामना आया है, वो है AAP नेता जावेद अहमद का। आपको याद होगा कि दिल्ली दंगों के मुख्य अभियुक्तों में भी AAP का ही तत्कालीन पार्षद रहा ताहिर हुसैन शामिल था। उसने अपने घर को हिन्दुओं पर हमले के लिए लॉन्चपैड बना दिया था और सशस्त्र दंगाइयों की भीड़ का नेतृत्व किया था। उस समय भी AAP शुरू में उसके बचाव में थी। ठीक उसी तरह, अब पार्टी अपने नेता जावेद अहमद को बचाने में लग गई है। इसके लिए FIR तक को झुठला रही है।

जावेद अहमद हरियाणा में ‘आम आदमी पार्टी’ का स्टेट कोऑर्डिनेटर है। 31 जुलाई, 2023 को सोहना में ‘बजरंग दल’ के कार्यकर्ता प्रदीप कुमार की हत्या के मामले में उसके खिलाफ FIR दर्ज की गई है। हालाँकि, जावेद अहमद का दावा है कि वो घटना के वक्त वहाँ से 100 किलोमीटर दूर था, इसीलिए इस वारदात में उसकी संलिप्तता का सवाल ही नहीं उठता है। अगर आप याद करेंगे तो पाएँगे कि एक वीडियो बना कर ताहिर हुसैन ने भी दावा किया था कि वो खुद पीड़ित है और बार-बार पुलिस को कॉल कर रहा था।

कई विश्लेषकों ने उसके इस वीडियो को फर्जी और एडिट किया हुआ भी बताया था। अब आते हैं वापस नूँह दंगे पर, जिसमें नल्हड स्थित प्राचीन शिव मंदिर को चारों तरफ से निशाना बना कर गोलीबारी की गई। ये हमला ‘ब्रिजमंडल जलाभिषेक यात्रा’ के दौरान किया गया था। स्थिति ये हुई कि भीड़ अस्पताल तक में घुस गई और मरीजों को मारा-पीटा। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने भी इसे सुनियोजित साजिश के तहत हुआ हमला माना। आखिर भीड़ के पास इतने अत्याधुनिक हथियार आए कहाँ से, ये अभी तक चर्चा का विषय है।

जावेद अहमद को लेकर ऑपइंडिया का स्टिंग, जानिए स्थानीय लोगों ने क्या बताया

ऑपइंडिया की टीम नूँह में ग्राउंड पर पहुँची थी, जहाँ उसने ये स्टिंग किया। इस स्टिंग में स्थानीय लोगों ने बताया कि जावेद का यहाँ बहुत दहशत है। इस दौरान एक व्यक्ति ने बताया कि जावेद की उम्र 50 के आसपास है, लेकिन वो खुद को मेंटेन (फिट) रखता है। उन्होंने बताया कि जावेद युवाओं को जिम कराने से लेकर उनका पूरा सर्कल बना रखा है। उन्होंने बताया कि भाजपा से पहले कॉन्ग्रेस की सरकार थी, उस दौरान ‘सोनिया गाँधी के किसी करीबी अहमद’ से उसकी अच्छी-खासी जान-पहचान थी।

इस दौरान इन लोगों ने बताया कि पूरे सोहना में जावेद के खिलाफ कोई नहीं बोलेगा, क्योंकि उसका खौफ है। उन्होंने ये भी बताया कि निकिता तोमर हत्याकांड में भी इसका कुछ न कुछ हाथ था, इसका भतीजा इसमें शामिल था। बता दें कि बता दें कि फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में कॉलेज के सामने निकिता तोमर की तौसीफ और रहमान की हत्या कर दी थी। स्थानीय लोगों ने कुछ साल पहले एक अन्य दंगे में भी जावेद का हाथ होने की बात कही और कहा कि अरावली की पहाड़ियों पर से पत्थर चलता था।

उन्होंने बताया कि कई डम्फर चलते थे। लोगों ने बताया कि कॉन्ग्रेस पार्टी से रिश्ते के कारण जावेद अहमद बचता रहा है। उन्होंने ये भी बताया कि नूँह से कॉन्ग्रेस का विधायक चौधरी आफताब अहमद, जावेद अहमद का चाचा है। उन्होंने बताया कि चाचा-भतीजे की कॉन्ग्रेस आलाकमान से सीधी बातचीत थी। उन्होंने बताया कि 2009-10 में तहसील को विकसित करने के लिए एक मास्टर प्लान आया था। उन्होंने इलाके में अवैध खनन की बात भी स्वीकारी। नूँह में ही जुलाई 2022 में अवैध खनन की जाँच करने गए डीएसपी सुरेंद्र सिंह की हत्या कर दी गई थी।

उन्हें ट्रक से कुचल कर मार डाला गया था। उन्होंने ये भी इंगित किया कि अवैध खनन के मामले में भी जावेद अहमद का हाथ है, लेकिन फिर भी वो नहीं पकड़ा जाता। उन्होंने बताया कि जो भी अपराधी चोरी-चकारी वगैरह में पकड़ा जाता है, उन सबको जावेद छुड़वाता है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि किसी को फँसाना हो तो जावेद अहमद सुंदर लड़कियों को भी प्रशिक्षित कर के भेजता है और फिर केस करवा देता है। उन्होंने बताया कि सोहना में हमेशा से बाहर का ही विधायक बनता रहा है।

उन्होंने बताया कि गुज्जर यहाँ से चुनाव लड़ते हैं, लेकिन उन्हें वोट नहीं पड़ते। इस दौरान उन्होंने एक गुज्जर नेता रोहतास की बात करते हुए कहा कि रिठोस गाँव में वो रहते हैं और 350 करोड़ रुपए की उनकी संपत्ति है, वो जीत सकते हैं लेकिन वो खड़े नहीं होते। उन्होंने ये स्वीकार किया कि इलाके में हिन्दुओं में एकता नहीं है। एक व्यक्ति ने बताया कि जावेद उस समय पुन्हाना में होने की बात कह रहा है, लेकिन मुंबई हाइवे से कहा कि 20-25 मिनट में उस टोल तक पहुँचा जा सकता है, जिस टोल का वीडियो सामने आया है।

एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि अगर आम आदमी पर हत्या का आरोप होता तो उन्हें न सिर्फ उठा लिया जाता, बल्कि टॉर्चर भी किया जाता। उन्होंने बताया कि उस दिन कोई आम आदमी दंगों की सुन कर आता ही नहीं, फिर भी जावेद अहमद आया। उन्होंने बताया कि इलाके के लोग खुल कर नहीं कह रहे, लेकिन इसका (जावेद अहमद का) कहीं न कहीं इस दंगे में हाथ है। उन्होंने कहा कि AAP ऐसे लोगों को ही टिकट देती है, जावेद अहमद भी 2024 के विधानसभा चुनाव में ‘आम आदमी पार्टी’ से खड़ा होगा और जीतेगा।

जावेद इससे पहले दूसरे-तीसरे नंबर पर आता रहा है, ऐसे में बिखरे वोटों को इकट्ठा करने के लिए ये साजिश रची गई – ये भी स्थानीय व्यक्ति ने बताया। साथ ही कहा कि डर के कारण कुछ हिन्दू भी जावेद अहमद की पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि AAP के कुछ नेता सोहना आए थे, दिल्ली से। इस दौरान उन्होंने सोहना के ‘चाइल्ड पॉइंट’ में एक गुज्जर समुदाय के लड़के की हत्या का मामला बताया, जो 8-10 साल पहले का है। उन्होंने बड़ा खुलासा किया कि जेल से निकल कर आने के बाद जावेद को कंधे पर उठा कर लाया गया था और उसका स्वागत किया गया था।

लोगों का सवाल है कि इतनी जल्दी छतों पर पत्थर कैसे आ गए, हथियार कैसे जुटा लिए गए? उन्होंने बताया कि ये सामान्य हथियार नहीं थे, 100-200 मीटर की रेंज में लड़कों को गोली लगी है। उन्होंने बताया कि जिधर दंगे हुए, उस तरफ जाने से पहले सोचना पड़ेगा, कहीं कुछ गड़बड़ न हो जाए – इसका डर रहेगा। उन्होंने इसे एक बहुत बड़ी घटना बताते हुए कहा कि जान-माल के साथ कारोबार का भी नुकसान हुआ है। उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए कहा कि बाहर के लोगों को भी इन्हीं लोगों ने बुलाया।

उन्होंने बताया कि किसी भी टोल तक 35-40 मिनट में पहुँचा जा सकता है, ऐसे में ये दावा सही नहीं है कि ये वहाँ से दूर था। साथ ही कहा कि सोहना में हुए दंगों में अधिकतर जावेद अहमद के लड़के थे, जो इसकी मर्जी के बिना पत्थर चलाना तो दूर, ये सड़क भी पार न करें। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी जो हिंसा वगैरह हुई है, उसमें जावेद अहमद का हाथ था। साथ ही इलाके में 5-7000 रोहिंग्या मुस्लिमों के होने की बात भी कही गई।

स्थानीय लोगों ने बताया कि मम्मन खान, आफताब अहमद और जावेद अहमद का एक गिरोह है, जिसने ये दिखाने के लिए ये सब किया कि अभी भी हमारा दबदबा है और आपलोग खुल कर नहीं जी सकते। ये बात भी सामने आई है कि ‘जावेद कॉलोनी’ इसने खुद के नाम पर बसाई थी। स्थानीय लोगों ने ये भी बताया कि जंगल की जमीनों पर भी अवैध बस्तियाँ बसाई जा रही हैं। साथ ही उनका ये भी दावा है कि इन कॉलनियों में अधिकतर अपराधी किस्म के युवक ही रहते हैं।

सोहने में दंगा मतलब जावेद का नाम एक नंबर पर

इस दौरान ऑटो में यात्रा कर रहे कुछ लोगों से भी ऑपइंडिया की टीम ने बातचीत की। उन्होंने बताया कि दंगा मतलब जावेद का नाम एक नंबर पर। उन्होंने बताया कि जावेद का नाम इन दंगों में पक्का आ रहा है, सोहना में जब भी कोई हिंसा होती है तो जावेद का हाथ होता ही होता है। उन्होंने बताया कि जावेद का नाम भले ही राजनीति के कारण छिपाया जा रहा हो, लेकिन सोहना में कोई भी दंगा होता है तो जावेद का नाम एक नंबर पर आता ही आता है।

स्थानीय व्यक्ति ने ये भी बताया कि बाईपास के उधर उसने ‘जावेद कॉलोनी’ बसा रखी है, जहाँ मकान और कोठियाँ हैं, जहाँ सारी साजिश रची जाती है। उसने बताया कि 2-3 साल पहले एक लड़के की हत्या हुई थी और सड़कों पर पत्थर बिछा दिए गए थे। उसने कहा कि जावेद अहमद उस समय कहीं और जाने की बात कह रहा है। उसने जावेद के खतरनाक व्यक्ति होने की भी पुष्टि की। उसने कहा कि यहाँ दंगा होगा तो वही करवाएगा – ये निश्चित है। उक्त व्यक्ति लखवा गाँव का है।

AAP नेता जावेद अहमद का दावा – हत्याकांड के समय वो घटनास्थल से दूर था

जावेद अहमद ने ‘बजरंग दल’ के कार्यकर्ता प्रदीप कुमार हत्याकांड में संलिप्तता से इनकार करते हुए दावा किया कि वो उस समय घटनास्थल से 100 किलोमीटर की दूरी पर था। निरंकारी चौक थाने में उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। कुछ CCTV फुटेज दिखा कर दावा किया कि वो टोल प्लाजा से गुजरा था। उसने कहा कि उसके गुजरने के 3 घंटे बाद ये घटना हुई और वो अगले दिन लौटा। उसने कहा कि उसे और पार्टी को बदनाम करने के लिए ये राजनीतिक प्रोपेगंडा चलाया जा रहा है।

AAP नेता जावेद अहमद के बचाव में पार्टी ने अपने कई नेता उतार दिए। AAP के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अनुराग ढांडा ने जावेद अहमद पर दर्ज FIR पर सफाई देते हुए उल्टा बीजेपी पर ही पलटवार किया। उन्होंने कहा, “बीजेपी को हरियाणा के लोग सिरे से खारिज करने लगे हैं। इसलिए बीजेपी अब षड्यंत्र रचना चाहती है और समाज को बाँटने का काम कर रही है। आज पूरा देश जानता है कि कौन दंगे भड़काता है और उसके बाद झूठी FIR कर दूसरे पार्टी के नेताओं को फँसाने का काम करते हैं।”

प्रदीप कुमार की हत्या में जावेद अहमद का हाथ: FIR

शिकायतकर्ता पवन कुमार ने एफआईआर में कहा है कि 31 जुलाई की रात लगभग 10.30 बजे प्रदीप कुमार और बजरंग दल के अन्य कार्यकर्ताओं के साथ वह स्विफ्ट डिजायर कार से घर लौट रहे थे। इसी दौरान इस्लामवादियों की भीड़ ने उनकी कार पर जानलेवा हमला कर दिया। उनकी कार के पीछे बजरंग दल के अन्य कार्यकर्ताओं की दो कारें और एक पुलिस वैन साथ चल रही थी। उन्होंने आगे कहा कि जब उनकी कार सोहना रोड पर पहुँची तो पुलिस ने बजरंग दल के सदस्यों को खुद ही आगे बढ़ने के लिए कहा।

पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया कि सोहना क्षेत्र में तैनात पुलिस अधिकारियों ने सभी आवश्यक सुरक्षा जाँच कर ली है और रास्ता साफ है। पवन कुमार ने आगे कहा कि कुछ ही सेकंड में लगभग 150 इस्लामवादियों की भीड़ वहाँ आ गई और उनकी कार पर पथराव शुरू कर दिया। इसके कारण कार पर से उनका नियंत्रण हट गया और कार डिवाइडर से टकरा गई। जब कार रुकी तो उन्हें कार से बाहर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा। भीड़ का नेतृत्व कर रहा जावेद अहमद चिल्लाया, “उन सभी को मार डालो, जो होगा मैं संभाल लूँगा।”

पवन कुमार ने एफआईआर में कहा, “जावेद अहमद की शह पर लोहे की रॉड, पत्थर, बंदूकों और अन्य हथियारों से लैस 20-25 इस्लामवादी हमारी ओर बढ़े और हमें पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान एक व्यक्ति ने प्रदीप के सिर पर रॉड मार दी और वह नीचे गिर गए। वहाँ पर गोलियाँ चलने लगी। तभी पुलिस की गाड़ी वहाँ आ गई।” शिकायतकर्ता ने एफआईआर में आगे कहा कि पुलिस ने उन्हें भीड़ से बचाया और अस्पताल लेकर जाने लगी तो उन्होंने देखा कि देखा कि इस्लामवादी प्रदीप कुमार को लगातार लोहे की छड़ों और लाठियों से पीट रहे थे।

‘तू काफिर, वेश्या है’: मुस्लिम मॉडल ने हिंदू दोस्त को भेजा सिर्फ एक मैसेज… अब इस्लामी कट्टरपंथियों से मिल रही रेप और जान से मारने की धमकी

अपने एक हिंदू दोस्त को जन्मदिन की बधाई देने के कारण झारखंड की राजधानी राँची की रहने वाली मॉडल सना फरहीन इस्लामी कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गई हैं। कट्टरपंथी उन्हें काफिर कहते हुए बलात्कार और हत्या की धमकी दे रहे हैं। यही नहीं, उनके पिता को भी धमकी दी जा रही है। मुंबई में रह रहीं सना ने मुंबई साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है।

न्यूज़ 18 बिहार झारखंड से बात करते हुए सना फरहीन ने कहा, “मेरा एक कॉलेज फ्रेंड है। बीते 6 साल से मैं उसे जानती हूँ। एक महीना पहले उसका बर्थडे था। मैंने स्टोरी लगाई, जैसे सारे लोग अपने दोस्त के लिए स्टोरी लगाते हैं। बस मैंने भी वही किया था। मैंने अपने दोस्त को जन्मदिन की बधाई दी थी। शायद यही मेरा गुनाह था। अब उस फोटो को गंदे तरीके से बदलकर वायरल किया जा रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे बलात्कार करने की धमकी दी जा रही हैं। मेरे शरीर को लेकर बदनाम किया जा रहा है। मुझे वेश्या और कॉलगर्ल कहा जा रहा है।” मॉडल ने आगे कहा है कि उनके पिता का फोन नंबर कट्टरपंथियों ने वायरल कर दिया है। उनके घर की फोटो भी वायरल की जा रही है।

सना ने बताया कि इस घटना से उनकी माँ डिप्रेस्ड हो गई हैं। उनके पिता को लगातार फोन आ रहे हैं। उन्हें डायरेक्ट धमकी दी जा रही है। उन्हें कहा जा रहा है कि उनकी बेटी काफिर हो गई है। इसलिए अब वे इस सोसायटी में नहीं रह सकते। उन्होंने बताया कि उनके पिता को घर छोड़ने के लिए कहा जा रहा है।

सना ने बताया कि उनकी फोटो एडिट करके वायरल की जा रही है। इन सब चीजों को उनकी फैमिली हैंडल नहीं कर पा रही है। उन्होंने आगे कहा है कि यह सब अबू तल्हा नाम का एक व्यक्ति द्वारा शुरू किया गया था। बाद में इंस्टाग्राम पर 40 और लोग जुड़ गए। इसके बाद कुछ ग्रुप बनाए गए। ‘सेव मुस्लिम गर्ल्स’ और ‘इस्लामिक वर्ल्ड’ जैसे कई अन्य नाम वाले ग्रुप द्वारा उनकी फोटो शेयर की जा रही है।

मॉडल ने आगे कहा है कि राँची में ‘अंजुमन इस्लामिया’ नाम का मुस्लिमों का एक बड़ा समूह है। इससे जुड़े मौलाना ने उनके खिलाफ फतवा जारी करने की धमकी दी है। राँची में ‘आदम सेना’ नामक मुस्लिमों का एक और बहुत बड़ा ग्रुप है। वहाँ से भी उन्हें धमकियाँ मिल रही हैं।

बता दें कि ऐसा पहली बाद नहीं हो रहा है कि किसी मुस्लिम को इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा धमकी दी जा रही है। इससे पहले एक्ट्रेस और टीएमसी सांसद नुसरत जहाँ को गैर-मुस्लिम से शादी करने और दुर्गा पूजा में शामिल होने पर इसी तरह की धमकियाँ दी गई थीं। इसके अलावा, एक्ट्रेस सारा अली खान को भी मंदिर जाने को लेकर इस्लामी कट्टरपंथी बेशर्म और शिर्क कहते हुए धमकियाँ दे चुके हैं।

हिंदू धर्म पर पहले किया विवादित पोस्ट, प्रतिक्रिया में एक बच्चे ने लिखा कॉमेंट… सजा देने जुटी हजारों की कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़… UP पुलिस के साथ भी गाली-गलौच

उत्तर प्रदेश के बरेली में एक मुस्लिम लड़के की भड़काऊ पोस्ट पर टिप्पणी करने के बाद हिंदू छात्र के घर पर हमला कर दिया गया। कट्टरपंथी मुस्लिमों की भीड़ ने पहले थाना घेरा, फिर हिन्दू किशोर छात्र के घर पर पथराव किया। हजारों की संख्या में आक्रोशित मुस्लिम भीड़ हिंदू छात्र को घर से निकालकर मारने पर उतारू थी।

हालाँकि, घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस को लेकर सीओ मौके पर पहुँच गए। इस दौरान उपद्रवी भीड़ ने उनके साथ भी धक्का मुक्की और गाली-गलौज की। मामले को बिगड़ता देखकर पीलीभीत सहित कई थानों से भी पुलिस फोर्स को बुलानी पड़ी। घटना शुक्रवार (18 अगस्त 2023) है।

क्या है पूरा मामला 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मामला बरेली के शीशगढ़ थाना क्षेत्र का है। नौवीं क्लास में पढ़ने वाले मुस्लिम और हिन्दू समुदाय के दो छात्रों ने एक-दूसरे के धर्म के खिलाफ अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर विवादित पोस्ट की थी। कहा जा रहा है कि मुस्लिम समुदाय के छात्र ने इंस्टाग्राम पर हिन्दू धर्म को लेकर सबसे पहले आपत्तिजनक पोस्ट की थी। इसके जवाब में हिन्दू किशोर ने उस पर टिप्पणी की।

हिंदू किशोर द्वारा जवाब में टिप्पणी करने के बाद कट्टरपंथी मुस्लिम मुस्लिम भड़क गए और हजारों की संख्या में इकट्ठा होकर छात्र के घर पर हमला कर दिया। इसके बाद इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। हालाँकि, पोस्ट में क्या लिखा गया था, यह बात सामने नहीं आई है। दोनों छात्र एक ही कक्षा में पढ़ने वाले बताए जा रहे हैं।

हिन्दू किशोर पर कार्रवाई की माँग को लेकर 18 अगस्त दिन शुक्रवार की रात करीब 9 बजे भारी संख्या कट्टरपंथी मुस्लिम थाने पहुँच गए। उनका आरोप था कि हिंदू किशोर ने उनके मज़हब के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है, इसलिए तुरंत कार्रवाई की जाए। इस पर पुलिस ने जाँच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

करीब आधे घंटे तक थाने का घेराव करने के बाद भी मुस्लिम भीड़ शांत नहीं हुई। फिर वहाँ से निकली हजारों मुस्लिमों की भीड़ ने हिन्दू किशोर के घर के सामने इकठ्ठा होकर बवाल काटना शुरू कर दिया। उसके घर पर जूते-चप्पल फेंके और पथराव किया। भीड़ हिन्दू किशोर को घर से बाहर निकालने पर आमादा थी।

रिपोर्ट के अनुसार, जहाँ मुस्लिम भीड़ अड़ी थी कि कमेंट करने के आरोपित हिन्दू छात्र को सभी के सामने घर से निकालकर सजा दी जाए। कहा जा रहा है कि कार्रवाई की माँग पर अड़ी मुस्लिम भीड़ किशोर के घर से कुछ दूर रामलीला मैदान में जमीन पर बैठ गई थी और माँग कर रही थी कि जब तक उसे घर से बाहर नहीं निकाला जाएगा, तब तक धरना खत्म नहीं होगा। 

वहीं, हिन्दू किशोर के पिता का कहना था कि मुस्लिम छात्र ने हिन्दू धर्म के खिलाफ इंस्टाग्राम पर एक आपत्तिजनक पोस्ट की थी। उसकी प्रतिक्रिया में उनके बेटे ने टिप्पणी कर दिया। यदि उसने गलती की तो पुलिस कार्रवाई करे। हिंदू छात्र के पिता ने आरोप लगाया कि इस तरह मुस्लिमों द्वारा भीड़ इकट्ठा करके उन्हें डराया जा रहा है।

वहीं, देर रात पुलिस हिंदू किशोर औऱ उसके पिता को जब अपने साथ ले गई, तब मुस्लिमों की भीड़ वहाँ से हटी। बताया जा रहा है कि पुलिस ने हिंदू धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मुस्लिम किशोर को भी देर रात हिरासत में ले लिया है। उसके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही जा रही है।

पुलिस की कार्रवाई पर शांत हुई भीड़ 

इस बवाल की खबर लखनऊ तक पहुँची। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी डॉक्टर राकेश सिंह, कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, डीएम शिवाकांत द्विवेदी और एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान मौके पर पहुँच गए। इसके बाद आसपास के थानों से पुलिस फोर्स बुलाकर इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। 

आइजी राकेश सिंह ने बताया कि दोनों छात्रों पर कार्रवाई की जाएगी। शांति व्यवस्था भंग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दशा में माहौल खराब करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। तनाव को देखते हुए इलाके में पुलिस और PAC को तैनात कर दिया गया है।

15 अगस्त पर ‘जय श्रीराम’ और ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाती भीड़ पर खालिस्तानी आतंकी भिंडरावाले की तस्वीर लगी गुरुद्वारे के सामने हमला, 2 घायल

भारतीय स्वतंत्रता समारोह के दौरान पश्चिमी लंदन के साउथहॉल में एक युवक को चाकू से दो लोगों पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपित की पहचान भारतीय नागरिक 25 वर्षीय गुरप्रीत सिंह के तौर पर की है। आरोपित को उक्सब्रिज मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया।

इस मामले में लंदन पुलिस ने 20 साल के एक दूसरे व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया था, लेकिन उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया है। वहीं, आरोपित गुरप्रीत को 14 सितंबर को आइलवर्थ क्राउन कोर्ट में पेश किया जाना है। तब तक के लिए उसे हिरासत में भेज दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बेलमोंट रोड इलफ़र्ड के रहने वाले गुरप्रीत सिंह पर गंभीर शारीरिक क्षति पहुँचाने का आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही हमले की कोशिश करने के दो मामले, झगड़े का एक मामला, धारदार चीज हथियार रखने के दो मामले का अभियोग लगाया गया है।

सामने आए एक वीडियो में दिख रहा है कि साउथहॉल में कुछ लोगों का समूह हाथों में तिरंगा लहराते हुए लाउडस्पीकर पर ‘जय हो’ गाने के साथ झूम रहा था। एक अन्य वीडियो में दिख रहा है कि एक व्यक्ति हाथ में झंडा लेकर ‘जय श्रीराम’ और ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाते हुए रेलवे स्टेशन की ओर बढ़ता है। उसके रास्ते में एक गुरुद्वारा दिखता है, जिस पर खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीर लगी हुई है।

इसी दौरान हाथों में तिरंगा लिए जा रहे लोगों के सामने खालिस्तानी झंडा लिए हुए 4-5 खालिस्तान समर्थक आ जाते हैं और उनसे भिड़ जाते हैं। इसके बाद स्थिति बेकाबू हो जाती है। इस दौरान कुछ लोग एक व्यक्ति को पीटते दिख रहे हैं। इसके बाद पुलिस उनका पीछा करती है। ‘साउथॉल्स फाइनेस्ट’ नाम के हैंडल ने अपने इंस्टा अकाउंट पर इस वीडियो को पोस्ट किया है।

मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अनुसार, 15 अगस्त को साउथहॉल के ब्रॉडवे में भारतीय स्वतंत्रता दिवस पर भारतीयों ने कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस दौरान वहाँ तैनात पुलिस को एक व्यक्ति ने बताया कि कुछ लोगों के बीच झड़प हो गई है। वहाँ लगभग 30 की उम्र के दो लोगों को चाकू के हमले में घायल पाया। दोनों घायल व्यक्तियों को अस्पताल ले जाया गया।

पुलिस ने मौके से आरोपित गुरप्रीत सिंह और दूसरे व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान एक महिला अधिकारी के हाथ में थोड़ी चोट भी लग गई। हालाँकि, अधिकारी को अस्पताल में इलाज कराने की जरूरत नहीं पड़ी। मेट्रोपॉलिटन पुलिस सर्विस के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले में पूछताछ जारी है।

इस घटना पर ईलिंग में मेट्रोपॉलिटन पुलिस के सुपरिटेंडेंट सीन लिंच ने कहा, “हम लोगों से अपील करते हैं कि वे अटकलों को दोहराने या जोड़ने से बचें। सौभाग्य से घायलों में से किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई और कोई मौत नहीं हुई।”

भारत के लोगों से वोट लेकर अब्बा बना मुखिया, बेटा मोहम्मद अस्मतुल्ला लात मार-मार कर जलाया तिरंगा: वीडियो वायरल, पुलिस ने दबोचा

बिहार के मधुबनी जिले में एक मुस्लिम युवक द्वारा राष्ट्रध्वज जलाने का मामला सामने आया है। घटना 15 अगस्त की बताई जा रही है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना के बाद लोग भड़के हुए हैं। युवक की पहचान मोहम्मद अस्मतुल्ला के रूप में हुई है

वीडियो मधुबनी जिले के हरलाखी थाना क्षेत्र के उमगाँव बाजार का है। चौक स्थित ग्रिल की एक दुकान में एक युवक तिरंगे को जलाने के बाद उस पर पैर लगाते भी देखा जा सकता है। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद अस्मतुल्ला हरलाखी पंचायत के मुखिया मोहम्मद जुनैद का पुत्र बताया जा रहा है। वहीं इस मामले को लेकर एमएचडीसी अध्यक्ष चंदन ठाकुर ने हरलाखी थाना में लिखित आवेदन देकर तिरंगा जलाने वाले के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई का माँग की है

मधुबनी पुलिस को दिए आवेदन के अनुसार, हरलाखी पंचायत के मुखिया मोहम्मद जुनैद का पुत्र मोहम्मद अस्मतुल्ला उमगाँव बाजार के समीप वेल्डिंग की दुकान चलाता है। अस्मतुल्ला 15 अगस्त की सुबह तिरंगे में आग लगाकर जला रहा था। इसका वीडियो उसके दुकान में काम कर रहे किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर लिया।

मुखिया जुनैद ने बताया बेटे को मानसिक रूप से बीमार 

वहीं, इस पूरे मामले में मुखिया मोहम्मद जुनैद ने अपने बेटे का बचाव करते हुए उसे मानसिक रूप से बीमार बताया है। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद जुनैद ने कहा, “मेरा लड़का मानसिक रूप से बीमार है, राँची से उसका इलाज चल रहा है।”

पुलिस हिरासत में आरोपित 

वीडियो वायरल होने और लिखित शिकायत के बाद मधुबनी पुलिस ने मामला दर्ज कर मोहम्मद अस्मतुल्ला को हिरासत में ले लिया है। मामले की जानकारी देते हुए बेनीपट्टी एसडीपीओ नेहा कुमारी ने बताया कि पुलिस ने युवक को कस्टडी में लेकर पूछताछ कर रही है। जाँच के बाद ही कानूनी कार्रवाई किया जाएगा।