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Exclusive: ‘भगवा लव ट्रैप’ के नाम पर हिंदू लड़के-मुस्लिम लड़की टारगेट पर, हमलों के लिए वॉट्सऐप ग्रुप में प्लानिंग; पाकिस्तानी भी शामिल

‘भगवा लव ट्रैप’ का नाम कुछ सालों पहले सुना था? शायद हममें से किसी ने भी नहीं। वो इसलिए क्योंकि ऐसा कभी कुछ न तो हुआ है, न ही हिंदू समाज के लड़के ऐसा करते हैं। नाम छुपा कर दूसरे मजहब की लड़कियों को प्रेमजाल में फँसाने की मानसिकता हिंदू समाज में कभी रही ही नहीं। फिर ‘भगवा लव ट्रैप’ जैसा टर्म अब सोशल मीडिया से लेकर न्यूज मीडिया में दिखनी क्यों लगी? क्योंकि साल 2023 में कई ऐसे कपल्स को सार्वजनिक हमलों में निशाना बनाया गया, जिन्होंने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत अंतरधार्मिक शादियाँ की हैं या दोनों के बीच प्रेम रहा है। इसमें उन कपल्स को निशाना बनाया गया है, जिसमें पुरुष हिंदू है और महिला मुस्लिम।

ऑपइंडिया ने पिछले कई महीनों के दौरान हुए 50 से ज्यादा मामलों की खबर बनाई है, जिसमें हिंदू पुरुष और महिला मुस्लिम थी। इन हमलों के पीछे ‘भगवा लव ट्रैप’ की थ्योरी पाई गई है, जिसमें हिंदू पुरुषों और मुस्लिम महिलाओं पर हमले हुए। कई मामलों में मुस्लिम हमलावरों द्वारा उन महिलाओं के यौन उत्पीड़न हुए, तो सार्वजनिक तौर पर उन्हें बेईज्जत करने, उन्हें पीटने की घटनाएँ हुईं।

ऑपइंडिया ने अपने अंडर कवर ऑपरेशन द्वारा उन घटनाओं को एक्सपोज किया है, जिन्हें वॉट्सऐप के माध्यम से पूरी तरह से प्लानिंग करके अंजाम दिया गया। इसके लिए वॉट्सऐप ग्रुपों में अंतरधार्मिक कपल्स को निशाना बनाने, उन पर हमले के लिए उकसाने, उनकी खोज करके प्रताड़ित करने की योजनाएँ बनाई गईं और पूरी प्लानिंग करके उन पर हमले किए गए।

हमें इन ग्रुपों से इस बात के सबूत साफ तौर पर मिले हैं, जो पीड़ितों के संवैधानिक अधिकारों का हनन करते हैं। ऑप इंडिया ने ऐसे ही ग्रुप ‘बहन बेटी बचाओ’ को ढूँढ निकाला है, जिसमें पाकिस्तानी लोग भी शामिल हैं। इस ग्रुप के डिस्क्रिप्शन में लिखा है, “ग्रुप में सिर्फ अपना सजेशन देते रहें कि भगवा आतंक से अपनी बहन बेटी को कैसे बचा सकते हैं।”

इस वॉट्सऐप ग्रुप के डिस्प्ले पिक्चर (डीपी) पर बुर्का पहने मुस्कान की तस्वीर है। मुस्कान वही मुस्लिम लड़की है, जो हिंदू छात्रों के समूह के सामने मुट्ठी बाँधकर ‘अल्लाह हू अकबर’ चिल्लाई थी। ये मामला कर्नाटक हिजाब विवाद से जुड़ा था।

‘बहन बेटी बचाओ’ वॉट्सऐप ग्रुप का स्क्रीनशॉट

ऑपइंडिया ने पाया है कि इस ग्रुप के चार एडमिन हैं, जिनके नाम इलियास मेमन, रईस शेख, फरहत शेख और हुसैन खान हैं। ये इस्लामी ग्रुप शुरू में महाराष्ट्र में अपने कारनामों को अंजाम देता था, जो धीरे-धीरे पूरे भारत में फैल गया है।

‘बहन बेटी बचाओ’ वॉट्सऐप ग्रुप में पाकिस्तानी क्या कर रहे?

हमारी जाँच के दौरान पता चला कि इस ‘बहन बेटी बचाओ’ ग्रुप में 150 से ज्यादा सदस्य हैं, जिसमें भारत में सुनियोजित तरीके से हिंदू-मुस्लिम कपल्स को निशाना बनाने की प्लानिंग होती है, लेकिन इसमें दो सदस्य पाकिस्तान के भी हैं। इसमें से एक ‘फेजान’ के नाम से है, तो दूसरे का नाम ‘साद मैतला’ है। दोनों के फोन नंबर का कोड पाकिस्तान +92 है। ये दोनों ही पाकिस्तानी CMPak लिमिटेड कंपनी के सिम इस्तेमाल कर रहे हैं।

वॉट्सऐप ग्रुप के मेंबर्स का स्क्रीनशॉट, जिसमें +92 कोड वाले दो पाकिस्तानी भी

इस ग्रुप में पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा को फैलाने वाले कट्टर इस्लामी लोग लगातार ‘भगवा लव ट्रैप’ के नाम पर भड़काऊ सामग्री पोस्ट करते हैं। इसमें हिंदूफोबिक कंटेंट तैयार करने वाले पाकिस्तानी यू-ट्यूबर इब्ने काजी के भी वीडियो होते हैं, तो तमाम अन्य के भी।

‘बहन बेटी बचाओ’ ग्रुप का स्क्रीनशॉट, जिसमें पाकिस्तानी यूट्यूबर के भड़काऊ वीडियो

भ्रामक जानकारियाँ फैलाकर लोगों को बरगला रहा ग्रुप

ये वॉट्सऐप ग्रुप भ्रामक जानकारियों और ग्रैफिक कंटेंट से भरा हुआ है, जो मुस्लिम समाज को ‘भगवा लव ट्रैप’ कॉस्पिरेंसी थ्योरी के नाम पर हिंदुओं को टारगेट करने के लिए माहौल तैयार करता है। इस ग्रुप का एक सदस्य जिसकी पहचान सलमान खान के तौर पर हुई है, वो सूटकेश में बंद मृत महिला का वीडियो पोस्ट करता है और लिखता है:

‘बहन बेटी बचाओ’ ग्रुप में हुए चैट का स्क्रीनशॉट

“जो लड़कियाँ घर से भागकर अपने हिसाब से शादी करती हैं, उनके साथ ऐसा ही होता है।”

सलमान खान राजस्थान के जयपुर में मुस्लिम महिलाओं को दी जा रही ट्रेनिंग के बारे में भी जानकारी साझा किया। वो अपने कट्टर इस्लामी साथियों से अपील कर रहा है वो लोग भी ऐसे महिलाओं के ग्रुप देश के अन्य हिस्सों में शुरू करें और ‘भगवा लव ट्रैप’ के बारे में लोगों को जानकारी दें।

जयपुर में महिलाओं वाला निगरानी समूह, ‘बहन बेटी बचाओ’ ग्रुप में सलमान खान ने शेयर की फोटो

हिंदू लड़का-मुस्लिम लड़की पर हमला करने के लिए उकसाना

सलमान खान एक मुस्लिम महिला पर किए गए हिंसक हमले का वीडियो शेयर करता है, जिसमें कट्टर मुस्लिमों की भीड़ उस महिला को हिंदू के साथ संबंधों की वजह से मारपीट करती दिख रही है। सलमान खान बाकियों को ऐसे हिंदू-मुस्लिम जोड़ों पर हमले के लिए कहता है कि जहाँ भी संभव हो, ऐसे लोगों को सबक सिखाया जाए।

‘बहन बेटी बचाओ’ ग्रुप में हुए चैट का स्क्रीनशॉट

एक अन्य वीडियो जो उसने शेयर किया है, उसमें एक हिंदू पुरुष और बुर्का पहने उसकी महिला साथी को इस्लामी भीड़ घेरे हुए है। वो महिला को ताना मारते हैं, “मुस्लिम बंदे मर गए थे क्या? तुम गैर मुस्लिम के साथ क्या कर रही हो?” ये भीड़ महिला को गालियाँ देते हुए सुनाई दे रही है। इसी ग्रुप का सदस्य शरीफ तंबोली भी ‘भगवा लव ट्रैप’ कॉन्सिपिरेसी थ्योरी को बढ़ाता दिखता है।

‘बहन बेटी बचाओ’ ग्रुप में हुए चैट का स्क्रीनशॉट

इस ग्रुप में एक पर्चा भी शेयर किया जा रहा है, जिसमें गलत तरीके से दावा किया जा रहा है कि भारत में हर साल 10 लाख मुस्लिम महिलाओं को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हिंदू बना रहा है। इसमें आरोप लगाया गया है कि महाराष्ट्र के शहर अमरावती में 800 मुस्लिम महिलाओं को कन्वर्जन और शादी के नाम पर हिंदू बना दिया गया।

ऑपइंडिया ने पहले भी सज्जाद नौमानी नाम के एक कट्टर मौलवी पर रिपोर्ट लिखी थी, जो ये फर्जी दावा कर रहा था कि 8 लाख मुस्लिम महिलाओं को हिंदू बनाया गया है।

‘बहन बेटी बचाओ’ ग्रुप में हुए चैट का स्क्रीनशॉट

शरीफ तंबोली ग्रुप के कट्टर इस्लामी साथियों से इस पर्चे को अपने 50 किलोमीटर के दायरे में हर मुस्लिम घर में पहुँचाने की अपील भी कर रहा है।

इस साल मई महीने में इंदौर पुलिस ने 5 कट्टर इस्लामी युवकों जिनके नाम तौसीफ, शाहिद अली, शादाब खान, फरदीन खान और शाहरुख बेग हैं, को इन पर्चों को बाँटने और शहर के अमन में खलल डालने के आरोपों में गिरफ्तार किया था।

‘बहन बेटी बचाओ’ ग्रुप में वीडियो और मैसेज का स्क्रीनशॉट

कट्टर इस्लामी समूह ‘बहन बेटी बचाओ’ ग्रुप में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के लिए उकसाया जा रहा है। इस ग्रुप का एक सदस्य इरफान एक व्यक्ति की हत्या का एडिटेड वीडियो शेयर कर रहा है, जिसमें क्लेम किया गया है कि मरने वाला मुस्लिम है और मारने वाला हिंदू। ये सारे काम इस कट्टर ग्रुप के बड़े टारगेट्स में से हैं, जिसमें हिंदुओं पर हिंसक हमलों के लिए मुस्लिमों को मानसिक रूप से तैयार किया जा रहा है।

हिंदू-मुस्लिम कपल्स की जानकारियाँ शेयर करने का प्लेटफॉर्म

इस ग्रुप में हिंदू-मुस्लिम कपल्स की जानकारियाँ साझा की जा रही हैं। वो जानकारी जुटाते हैं और फिर सुनियोजित तरीके से उनका शिकार करते हैं। जीशान अली नाम का एक कट्टर इस्लामी इस ग्रुप में एक हिंदू लड़के की तलाश कर रहा है, जो मध्य प्रदेश से एक मुस्लिम महिला के साथ कथित रूप से भाग गया है। जीशान अपने साथियों से इस कपल की लोकेशन ढूँढने और उनकी जानकारी उस नंबर पर देने वाला पोस्ट साझा किया, जो दूसरे इस्लामी कट्टरपंथी मोईन मंसूरी का है।

‘बहन बेटी बचाओ’ ग्रुप में हुए चैट का स्क्रीनशॉट

इस साल मई में हक अली (@ahaq84958) नाम के ट्विटर हैंडल से सोशल मीडिया पर हिंदू पुरुष और मुस्लिम महिला की जोड़ी की जानकारी हासिल करने की कोशिश की गई थी।

इस मुद्दे पर एक सूत्र ने ऑपइंडिया से बातचीत में कहा:

“ऐसे हिंदू-मुस्लिम कपल्स की निजी जानकारी ‘बहन बेटी बचाओ’ जैसे ग्रुप्स के एडमिन के माध्यम से ‘हमलावर टीम’ के साथ शेयर की जाती है और फिर वो रेकी करके उनकी पूरी जानकारी निकालते हैं, उनके छिपने की जगह ढूँढते हैं और घात लगाकर भीड़ में हमला करते हैं। “

इस ग्रुप में वाहिद मनियार नाम के इस्लामी कट्टरपंथी ने ऐसे ही एक असली कहानी साझा की, जिसमें हिंदू पुरुष और मुस्लिम महिला की जोड़ी को ढूँढ निकाला गया और उन पर हमले किए गए, उनका उत्पीड़न किया गया।

वाहिद ने एक ऐसा वीडियो शेयर किया है, जिसमें बताया है कि उसके कट्टर इस्लामी साथियों ने कैसे एक हिंदू-मुस्लिम कपल की जानकारी महाराष्ट्र सरकार के मैरिज रजिस्ट्रार की वेबसाइट से ढूँढ निकाला। इस वेबसाइट पर स्पेशल मैरिज एक्ट-1954 के तहत पंजीकृत शादियों की जानकारी दी जाती हैं। इस वेबसाइट पर ऐसे जोड़ों के मौजूदा और पैतृक पतों की जानकारी सार्वजनिक रूप से रहती है। हिंदू युवक और मुस्लिम युवतियों की शादी के बाद इसी वेबसाइट से पता इस्लामी कट्टरपंथी उनका आसान शिकार बनाते हैं।

‘बहन बेटी बचाओ’ ग्रुप में हुए चैट का स्क्रीनशॉट

इस वीडियो के मुताबिक, टारगेट को ढूँढने की ट्रेनिंग दी गई है कि कैसे उसकी जानकारी निकालनी है, जैसे टारगेट की गाड़ी का नंबर निकालना है और उसके ऑफिस आने-जाने के समय का भी पता करना।

ऑपइंडिया ने पता लगाया है कि इस ग्रुप में उन मुस्लिम महिलाओं की जानकारी साझा की जाती है, जिनके पार्टनर हिंदू हैं और वो जल्द इनसे शादी करने वाली होती हैं। इस वॉट्सऐप ग्रुप का एक सदस्य मोहम्मद शहबाज अंसारी जबलपुर की ऐसी ही तीन मुस्लिम लड़कियों की तस्वीरें शेयर करता है और उनके परिजनों को इस बारे में सूचना देने के लिए कहता है।

‘बहन बेटी बचाओ’ ग्रुप में हुए चैट का स्क्रीनशॉट

अन्य कट्टरपंथी गुटों के साथ जुड़ाव

ऑपइंडिया की जाँच में यह भी पता चला है कि ‘बहन बेटी बचाओ’ ग्रुप अन्य इस्लामिक गुटों के साथ संपर्क में है। इसके सदस्य वॉट्सऐप और फेसबुक ग्रुपों से जुड़े हैं, जो ब्रेनवॉश करने, हमलों के लिए भड़काने और एंटी-हिंदू प्रोपेगेंडा भड़काने में शामिल हैं। इसमें ‘इस्लामिक हिस्ट्री’ और ‘ओनली इस्लामिक ग्रुप लिंक्स’ जैसे ग्रुप हैं। इन ग्रुपों में भगवा लव ट्रैप थ्योरी को आगे बढ़ाने में इस्तेमाल की जा रही सामग्रियाँ शेयर की जा रही हैं।

‘इस्लामिक हिस्ट्री’ ग्रुप में हुए चैट का स्क्रीनशॉट

ध्यान देने वाली बात यह है कि ‘इस्लामिक हिस्ट्री’ ग्रुप को रईस शेख चलाता है, जो ‘बहन बेटी बचाओ’ ग्रुप का भी एडमिन है।

‘ओनली इस्लामिक ग्रुप लिंक्स’ ग्रुप में हुए चैट का स्क्रीनशॉट

वॉट्सऐप से इतर फेसबुक पर मुस्लिम महिलाओं के नाम पर हिंदू पुरुषों को लुभाने वाले ग्रुप भी चलाए जा रहे हैं, जिसमें से एक पब्लिक ग्रुप का नाम ‘मुस्लिम लड़कियों का ग्रुप ज्वॉइन करें‘ है। इस ग्रुप में 2 मिलियन यानी 20 लाख से अधिक सदस्य हैं।

इस ग्रुप में 4 मई 2023 को एक वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें हिंदू लड़के को मुस्लिम लड़की के साथ दिखाया गया है और ये तस्वीर भी चोरी से खींची गई प्रतीत होती है। इस पोस्ट पर 45,000 लाइक्स हैं। इस पर लिखा गया है, “जिस्म नीलाम, न घर का न घाट का… इस्लाम से भी रुकसात हो जाओगे।”

‘भगवा लव ट्रैप’ कॉन्सिपिरेसी थ्योरी और खतरनाक मंसूबे

पिछले कुछ समय से कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें कट्टर इस्लामी भीड़ हिंदू-मुस्लिम कपल्स पर हमले कर रही है। ऐसे कई वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हुए हैं, जिसमें कट्टर इस्लामी हमलावर हिंदू पुरुष और मुस्लिम महिला वाले जोड़े पर हमला किए, गालियाँ दीं, पिटाई की। ये सब कुछ ‘भगवा लव ट्रैप’ को काउंटर करने के नाम पर किया जा रहा है।

बता दें कि ऑपइंडिया ने सज्जाद नोमानी नाम के मौलवी पर रिपोर्ट लिखी थी, जो ‘भगवा लव ट्रैप’ का प्रोपेगेंडा साल 2021 से फैला रहा है। इस प्रोपेगेंडा में बताया जाता है कि हिंदू समूह ऐसे युवाओं को तैयार कर रहे हैं, जो मुस्लिम महिलाओं को लुभा सकें और उन्हें इस्लाम से निकाल कर हिंदू बना सकें। इसके प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया पर बाकायदा हैशटैग चलाए जा रहे हैं।

इन पोस्ट्स में इमोशनल मैसेज शेयर किए जाते हैं, ऐसे कपल्स की पहचान करने के लिए पब्लिक से मदद माँगी जाती है। इसके कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर कट्टर इस्लामी समूहों द्वारा हिंदू-मुस्लिम कपल्स की पिटाई और उनकी सार्वजनिक बेईज्जती के वीडियो सामने आती हैं। इन वीडियो में उनके साथ बहस के बाद मारा-पीटा जाता है, मुस्लिम लड़कियों/महिलाओं को मोलेस्ट तक किया जाता है। ऐसे कपल्स को सड़कों पर, रेस्टोरेंट्स में और यहाँ तक कि होटलों में निशाना बनाया जाता है।

लोकल मीडिया रिपोर्ट्स, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर ऑपइंडिया ने ऐसे 50 से अधिक मामलों का पता लगाया है, जिसमें हिंदू पुरुष और मुस्लिम महिला वाले कपल्स को निशाना बनाया गया। इन मामलों में इसे ‘भगवा लव ट्रैप’ का जवाब बताया गया है।

पलवल की जिस हिंदू महापंचायत में हुआ नूहं में फिर से जलाभिषेक यात्रा निकालने का ऐलान, उस पर FIR: जानिए क्यों हरियाणा पुलिस ने की कार्रवाई

31 जुलाई 2023 को मेवात के नूहं में हिंदुओं की जलाभिषेक यात्रा पर मुस्लिम भीड़ ने हमला किया था। इसके बाद 13 अगस्त को पलवल में ‘सर्व हिन्दू समाज’ ने महापंचायत की थी। इस दौरान फिर से जलाभिषेक यात्रा निकालने का फैसला हुआ था। इस पंचायत में कथित भड़काऊ भाषणों को लेकर हरियाणा पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस संबंध में 14 अगस्त को FIR दर्ज की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह FIR पलवल जिले के हथीन थाने में दर्ज की गई है। मिंडकोला पुलिस चौकी के प्रभारी सचिन कुमार की शिकायत पर यह मामला दर्ज हुआ है। शिकायत में कहा गया है कि 13 अगस्त को पलवल के पोंडरी गाँव में सर्व हिन्दू समाज की तरफ से महापंचायत का आयोजन किया गया था। पुलिस ने इस आयोजन की वीडियोग्राफ़ी करवाई थी। इन वीडियो की जाँच के बाद पुलिस ने पाया कि पंचायत में कुछ लोगों द्वारा आपत्तिजनक बयान दिए गए हैं। इसके आधार पर पुलिस ने IPC की धारा 153- A और 505 के तहत केस दर्ज किया है।

पुलिस ने यह भी बताया है कि वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान की कोशिश की जा रही है। हथीन थाना प्रभारी मनोज कुमार ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इस पंचायत में भाजपा के कई नेताओं सहित आसपास के गाँवों के सरपंच मौजूद थे।

बताते चलें कि सर्व हिन्दू समाज की महापंचायत में नूहं हिंसा की जाँच NIA से करवाने, नूहं में बसे रोहिंग्या को बाहर निकालने, कॉन्ग्रेस विधायक मामन खान को गिरफ्तार करने, मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख रुपए के मुआवजे, हिन्दुओं पर दर्ज केस रद्द करने, दंगाइयों के केस किसी अन्य जगह चलाने, नूहं के हिन्दुओं को हथियारों के लाइसेंस देने और वहाँ रैपिड एक्शन फ़ोर्स (RAF) की बटालियन स्थापित करने की माँग की गई थी। पंचायत में बृजमंडल जलाभिषेक यात्रा को 28 अगस्त को पूरा करने का भी ऐलान किया गया था।

AAP ने I.N.D.I.A. को बताया समय की बर्बादी तो कॉन्ग्रेस ने अलका लांबा को बता दी ‘औकात’, कहा- वे बोलने के लिए अधिकृत नहीं, दिल्ली की सीटों पर नहीं हुई चर्चा

दिल्ली में I.N.D.I.A. का झगड़ा अलका लांबा के बयान के बाद सार्वजनिक हो गया है। लांबा ने कहा था कि कॉन्ग्रेस दिल्ली की सभी 7 सीटों पर लोकसभा का चुनाव लड़ेगी। इसके बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने I.N.D.I.A. गठबंधन को समय की बर्बादी बता दिया। ​फिर डैमेज कंट्रोल की कोशिश करते हुए कॉन्ग्रेस ने कहा है कि ऐसे मुद्दों पर बयान देने के लिए अलका लांबा अधिकृत नहीं हैं।

दिल्ली कॉन्ग्रेस के प्रभारी दीपक बाबरिया ने अलका लांबा के बयान पर आप की प्रतिक्रिया को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। साथ ही इस विवाद का ठीकरा मीडिया पर फोड़ दिया है। बाबरिया ने कहा, “मेरी तो समझ में नहीं आ रहा है कि आम आदमी पार्टी की समझ को लेकर मैं क्या कहूँ। अलका लांबा पार्टी की प्रवक्ता हैं। लेकिन इतने बड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर बोलने के लिए वह अधिकृत नहीं हैं। जिस पत्रकार ने इस मुद्दे पर सवाल किया उसकी सोच को लेकर भी मुझे शंका है।” उनसे पूछा गया था कि आप ने कहा है कि कॉन्ग्रेस दिल्ली में गठबंधन नहीं करती है तो I.N.D.I.A. की बैठक में जाने का कोई मतलब नहीं है।

बाबरिया ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, “जब मैंने कहा था कि ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है, तब इस प्रकार की बात करना। आम आदमी पार्टी को समझ आ जाना चाहिए कि पूरा का पूरा मीडिया भाजपा को मदद करना चाहता है, AAP को उकसाना चाहता है। वे उकसावे के बाद इस प्रकार की बात करते हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जिस बारे में कोई बात नहीं उसको लेकर काल्पनिक बात करते हैं। हमारी अपरिपक्व प्रवक्ता के बारे में बता रहे हैं। अलका लांबा ने तो मुझे बताया था कि उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं कहा है। फिर भी किसी ने उनके मुँह में शब्द रख दिए। मीडिया यह सब भारतीय जनता पार्टी की मदद करने के लिए कह रहा है। आम आदमी पार्टी भी इस तरह की हरकत कर अपने आप को नुकसान पहुँचा रही है।”

दरअसल, अलका लांबा के बयान के बाद आप की प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा था, “अगर वो दिल्ली में गठबंधन नहीं करते तो I.N.D.I.A. गठबंधन में जाने का कोई मतलब नहीं है। यह सिर्फ समय की बर्बादी है। हमारा शीर्ष नेतृत्व तय करेगा कि गठबंधन की अगली बैठक में जाना है या नहीं। गठबंधन के लिए कॉन्ग्रेस हमारे पास आई थी। दिल्ली में कॉन्ग्रेस का कोई अस्तित्व नहीं है।”

बता दें कि बुधवार (16 अगस्त, 2023) को पार्टी हाईकमान ने दिल्ली कॉन्ग्रेस के नेताओं के साथ बैठक की थी। इस बैठक के बाद अलका लांबा ने कहा था, ”तीन घंटे तक चली बैठक में राहुल गाँधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल और दीपक बाबरिया मौजूद थे।हमें आगामी लोकसभा चुनाव के लिए तैयारी करने को कहा गया है। यह निर्णय लिया गया है कि हम सभी सात सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। 7 महीने बचे हैं और पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को सभी सात सीटों के लिए तैयारी करने को कहा गया है।”

कॉन्ग्रेस के इस बयान के बाद दिल्ली की AAP सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज का भी बयान आया था। उन्होंने कहा था कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस पर फैसला लेगा। पार्टी की राजनीतिक समिति  I.N.D.I.A. गठबंधन के साथ बैठक करेगी। इसके बाद इस पर चर्चा की जाएगी।

गौरतलब है कि केंद्र की सत्ताधारी पार्टी भाजपा के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने के लिए कॉन्ग्रेस, आम आदमी पार्टी, तृणमूल कॉन्ग्रेस, जदयू, राजद समेत कई विपक्षी पार्टियों ने I.N.D.I.A. गठबंधन तैयार किया है। हालाँकि गठबंधन में शामिल कुछ पार्टियों के अब तक के रुख को देखते हुए 2024 के आम चुनावों से पहले इसमें बिखराव के आसार अधिक नजर आ रहे हैं।

सफेद कपड़े से ढके थे पिंजरे, दम घुटने से 125 तोते मर गए: फैजान गिरफ्तार-जुराब से 4 कछुए भी मिले, तौफीक और शकील की तलाश

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में पुलिस ने पशु-पक्षियों के एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपित का नाम फैज़ान है। उसके पास से 125 मरे हुए तोते बरामद हुए हैं। फैज़ान उर्फ़ फ़िरोज़ के पास से 4 कछुए भी मिले हैं। इस मामले में पुलिस ने फैज़ान के साथी शफीक और शकील के खिलाफ भी FIR दर्ज की है। उनकी तलाश की जा रही है। घटना बुधवार (16 अगस्त 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना गाजियबाद के कौशाम्बी थाना क्षेत्र की है। यहाँ पीपुल फॉर एनिमल (PFA) के पदाधिकारी गौरव गुप्ता को रामपुर से दिल्ली कुछ पक्षियों की तस्करी की सूचना मिली थी। कुछ तोते कौशाम्बी क्षेत्र में भी बिकने वाले थे। इस सूचना को उन्होंने पुलिस से साझा किया। पुलिस ने अपना जाल बिछाया। सूचना सही पाई गई और बताए गए समय पर एक व्यक्ति कौशाम्बी मेट्रो स्टेशन के पास पिंजरा लेकर ऑटो से उतरा। पिंजरे को कपड़े से ढँका गया था। गौरव ने संदिग्ध को पकड़े की कोशिश की तो उसने चाकू से हमला कर दिया। हालाँकि मौके पर मौजूद पुलिस के जवानों ने उसे दबोच लिया।

आरोपित को पकड़ कर थाने लगाया गया जहाँ पूछताछ में उसने अपना नाम फैज़ान उर्फ़ फ़िरोज़ बताया। फैज़ान ने पिंजरे में 200 तोते होने की जानकारी दी। गिनती के बाद उनकी संख्या 135 निकली। इनमें से 125 मरे हुए थे। तलाशी के दौरान पुलिस ने फैज़ान के पास मौजूद एक जुराब के अंदर 4 कछुए भी बरामद किए। फैज़ान ने बताया कि तोतों को रामपुर से दिल्ली के जाफराबाद के तौफीक और शकील ने मँगवाए थे। जाफराबाद पहुँचने के बाद इन तोतों को तौफीक और शकील द्वारा गाजियाबद के कौशाम्बी में किसी को देने के लिए भेज दिया गया।

मिली जानकारी के मुताबिक तोतों को रामपुर से लाने के दौरान बस की स्टेपनी के पास ठूँस-ठूँस कर रखा गया था। यहाँ दम घुटने से इनकी मौत हो गई। पुलिस ने FIR में फैज़ान उर्फ़ फ़िरोज़ के अलावा तौफीक और शकील को भी नामजद किया है। फैज़ान से पूछताछ चल रही है, जबकि तौफीक और शकील की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। ACP स्वतंत्र सिंह ने बताया कि फैज़ान पहले भी जेल जा चुका है। तौफीक और शकील पर भी पहले से दिल्ली में केस दर्ज है। आरोपितों के बारे में और अधिक जानकारी जुटाई जा रही है।

2 घंटे ट्रेक कर के महावतार बाबाजी की गुफा में साधना करने पहुँचे सुपरस्टार रजनीकांत, इधर ‘Jailer’ ने पार किया ₹450 करोड़ का आँकड़ा: 55 दिन चल कर मिलने पहुँचा फैन

सुपरस्टार रजनीकांत महावतार बाबाजी की गुफा में साधना करने के लिए पहुँचे। इधर उनकी फिल्म ‘Jailer’ ने एक सप्ताह में बॉक्स ऑफिस पर 450 करोड़ रुपए की कमाई का आँकड़ा पार कर लिया। तमिलनाडु से ये तीसरी फिल्म है, जिसने इस आँकड़े को छुआ है। इससे पहले रजनीकांत की ही ‘2.0’ ने ये कारनामा किया था, जिसने 800 करोड़ रुपए कमा कर इतिहास रच दिया था। इसके अलावा पिछले साल आई मणिरत्नम निर्देशित ‘PS 1’ ने 500 करोड़ रुपए के आँकड़े को छुआ था।

बता दें कि ये वर्ल्डवाइड ग्रॉस, अर्थात दुनिया भर में कुल कमाई के आँकड़े हैं। उधर पिछले एक सप्ताह से भी अधिक समय से हिमालय पर प्रवास के लिए पहुँचे रजनीकांत ने बुधवार (16 अगस्त, 2023) को महावतार बाबाजी की गुफा में साधना की। वो 2 घंटे के ट्रेक के बाद वहाँ तक पहुँचे। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस भी उत्तराखंड में ही मनाया और वहाँ झंडा फहराया। इसी बीच उनका एक फैन 55 दिन पैदल चल कर चेन्नई से उत्तराखंड उनसे मिलने के लिए पहुँच गया, क्योंकि तमिलनाडु में उनसे मुलाकात संभव नहीं थी।

वहीं रजनीकांत को उनका एक युवा फैन सोता हुआ मिला, जिसे सुपरस्टार ने एक संन्यासी से मिलवाया और उसके रहने की व्यवस्था की। रजनीकांत इससे पहले केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ मंदिर में भी दर्शन कर चुके हैं। दोनों जगहों पर उनका भव्य स्वागत हुआ। जहाँ तक ‘जेलर’ की बात है, 95 करोड़ रुपए की ओपनिंग लेने वाली इस फिल्म ने 15 अगस्त के दिन 64 करोड़ रुपए बटोरने में सफलता पाई। आज भी फिल्म अच्छी कमाई कर रही है और अब वीकेंड आने वाला है।

खास बात ये है कि ‘Jailer’ का हिंदी वर्जन नॅशनल चेन्स के साथ बात न बनने और ‘ग़दर 2’ के अलावा ‘OMG 2’ जैसी बड़ी फिल्मों के साथ क्लैश होने के कारण काफी कम स्क्रीन्स में रिलीज हुआ है। रजनीकांत इस दौरान ‘स्वामी दयानन्द सरस्वती मंदिर’ भी पहुँचे। रजनीकांत प्रायः हर साल साधना के लिए जाते रहे हैं। इधर ‘जेलर’ बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा रही है, उधर रजनीकांत हिमालय पर साधना में व्यस्त हैं। वो 9 अगस्त को ही हिमालय पहुँच गए थे, ‘जेलर’ की रिलीज से पहले ही।

कोर्ट में ‘प्रॉस्टिट्यूट’ जैसे शब्दों का नहीं होगा इस्तेमाल, CJI ने जारी की नई शब्दावली: HC बोला – पति की हद से ज़्यादा शराब की लत भी पत्नी के साथ क्रूरता

सुप्रीम कोर्ट (एससी) ने महिलाओं के सम्मान को देखते हुए कोर्ट के फैसलों और दलीलों में प्रॉस्टिट्यूट और मिस्ट्रेस जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी है। इसके लिए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ ने बुधवार (16 अगस्त) को महिलाओं के लिए इस्तेमाल होने वाले आपत्तिजनक शब्दों की जगह नए शब्दों एवं वाक्यों वाले ‘जेंडर स्टीरियोटाइप कॉम्बैट’ हैंडबुक लॉन्च की।

इसे जारी करते हुए सीजेआई ने कहा कि इससे जजों और एडवोकेट आसानी से ये समझ सकेंगे कि रूढ़िवादी शब्दों के इस्तेमाल से कैसे बचा जा सकता है। यह जजों और एडवोकेट दोनों के लिए है।

क्या कहा स्टीरियोटाइप कॉम्बैट हैंडबुक पर सीजेआई ने?

इस साल 8 मार्च 2023 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर सुप्रीम कोर्ट के एक कार्यक्रम में सीजेआई ने कहा था कि कानूनी मामलों में महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल पर रोक लगेगी और इसके लिए जल्द ही शब्दकोश भी आएगा। बुधवार को सीजेआई ने स्टीरियोटाइप कॉम्बैट हैंडबुक लॉन्च कर इसे अमल में ला दिया।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, सीजेआई ने कहा कि इस हैंडबुक को तैयार करने का मकसद किसी फैसले की आलोचना या उस संदेह करना नहीं, बल्कि यह बताना है कि अनजाने में कैसे रूढ़िवादिता की परंपरा चली आ रही है।

उन्होंने कहा कि कोर्ट का मकसद सिर्फ ये बताना है कि रूढ़िवादिता क्या है और इससे क्या नुकसान है, ताकि कोर्ट महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल से बच सके। इस हैंडबुक को जल्दी ही सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा।

बार एंड बेंच के मुताबिक, ये हैंडबुक केवल एडवोकेट के लिए ही नहीं, बल्कि जजों के लिए भी जारी की गई है। CJI ने यह भी कहा कि भविष्य में न्यायाधीशों के इस तरह के शब्दों के इस्तेमाल से बचा जाए और ऐसे फैसलों या उनको लिखने वाले न्यायाधीशों पर कोई आक्षेप न लगाया जाए।

स्टीरियोटाइप कॉम्बैट हैंडबुक की लिस्ट में क्या है?

इस हैंडबुक में आपत्तिजनक शब्दों की सूची के साथ ही उनकी जगह इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द या वाक्य दिए गए हैं। इन्हें कोर्ट में दलीलें देने, फैसला सुनाने के साथ उनकी कॉपी तैयार करने में इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसमें वे शब्द हैं, जो अब तक अदालतों में होते आ रहे हैं। हैंडबुक में ये भी जानकारी दी गई है कि आखिर ये शब्द गलत कैसे हैं और कानून पर कैसे बुरा असर डाल सकते हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट की जस्टिस मौसमी भट्टाचार्य की अध्यक्षता वाली समिति ने इस कानूनी शब्दावली को तैयार किया है।

पति की हद से ज्यादा शराब की लत मानसिक क्रूरता

वहीं एक अन्य मामले में पति द्वारा अधिक शराब पीने और परिवार की देखभाल नहीं को मानसिक क्रूरता बताया है। रिपोर्ट के मुताबिक, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि यदि कोई पति अपने कर्तव्यों को निभाने की जगह बहुत अधिक शराब पीने का आदी है तो ये उसकी पत्नी और उसके बच्चों सहित परिवार के लिए मानसिक क्रूरता होगी।

जस्टिस गौतम भादुड़ी और जस्टिश संजय अग्रवाल ने पायल शर्मा बनाम उमेश शर्मा के क्रूरता के आधार पर शादी को खत्म करने की पत्नी की याचिका को स्वीकार करते हुए यह टिप्पणी की। पीठ ने कहा कि इस मामले में पति ने अपने दो बच्चों की स्कूल फीस भी नहीं दी, जबकि उसकी पत्नी नौकरी नहीं करती है।

अदालत ने कहा कि पति पर क्रूरता के कई आरोप उसकी कथित तौर पर बहुत अधिक शराब पीने की आदतों की वजह से लगे। कोर्ट को बताया गया कि शराब पीने के बाद और नशे की हालत में पति अपनी पत्नी के साथ गाली-गलौज और मारपीट करता था। आगे यह भी कहा गया कि हालात इस हद तक बिगड़ गए कि उन्होंने शराब खरीदने के लिए घरेलू सामान तक बेच दिया।

मध्यम व छोटे शहरों में 1200 स्टार्टअप्स को सहायता देगी सरकार, 12 करोड़ कॉलेज छात्रों के लिए साइबर सिक्योरिटी कोर्सेज: मोदी सरकार ने ‘डिजिटल इंडिया’ को दिया विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ‘डिजिटल इंडिया’ योजना के विस्तार को मंजूरी दे दी गई। इसके लिए, 14,903 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। इस योजना के लिए सवा 6 लाख आईटी प्रोफेशनलों का स्किल डेवलपमेंट किया जाएगा। इसके तहत ‘फ्यूचरस्किल प्राइम प्रोग्राम’ चला कर उनका कौशल विकास चलाया जाएगा। साथ ही ‘इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी एन्ड एजुकेशन अवेयरनेस फेज (ISEA)’ प्रोग्राम को लेकर भी 2.65 लाख लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

‘डिजिटल इंडिया’ के नए युग में अब UMANG प्लेटफॉर्म पर 540 नई सेवाएँ उपलब्ध रहेंगी। बता दें कि ये भारत सरकार की सभी सेवाओं के लिए सिंगल डेस्टिनेशन प्लेटफॉर्म है। ‘नेशनल सुपर कम्प्यूटर मिशन’ के तहत 9 नए सुपरकम्प्यूटर की व्यवस्था की जाएगी। ‘भाषिणी’ नाम का एक AI (आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस) से लैस बहुभाषी टूल फ़िलहाल 10 भाषाओं में उपलब्ध है, इसे अब आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं से लैस किया जाएगा। इसे तहत लोग इंटरनेट सेवाओं का लाभ अपनी भाषा में उठा सकते हैं।

साथ ही ‘नेशनल नॉलेज नेटवर्क (NKN)’ को भी आधुनिक बनाने का निर्णय लिया गया है, जो 1787 शैक्षणिक संस्थाओं को एक साथ जोड़ता है। ‘DigiLocker’ के तहत डिजिटल डॉक्युमेंट्स वेरिफिकेशन की सेवाएँ अब MSME और अन्य क्षेत्रों में भी उपलब्ध रहेंगी। मध्यम और छोटे शहरों, अर्थात टायर-2 और टायर-3 के शहरों में 1200 स्टार्टअप्स को सहायता दी जाएगी। AI को लेकर 3 ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ भी स्थापित किए जाएँगे – स्वास्थ्य, कृषि और सस्टेनेबल शहरें।

इसके साथ ही 12 करोड़ कॉलेज छात्रों के लिए साइबर-अवेयरनेस के कोर्सेज लाने का भी ऐलान किया गया है। साइबर सिक्योरिटी पर खास ध्यान दिया जाएगा, मसलन ‘नेशनल साइबर कोऑर्डिनेशन सेंटर’ से 200 से भी अधिक टूल्स और इंस्टेग्रेशन्स विकसित किए जाएँगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट का ये निर्णय तकनीकी रूप से सशक्त भारत की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता का सबूत है। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आईटी सेवाओं तक पहुँच भी आसान होगी और हमारा आईटी इकोसिस्टम भी मजबूत होगा।

बता दें कि केंद्र सरकार ने जुलाई 2015 में ‘डिजिटल इंडिया’ योजना लॉन्च की थी। इसके तहत आम नागरिकों तक ज़्यादा से ज़्यादा ऑनलाइन सेवाएँ पहुँचाने, इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ाने और डिजिटल इंफ़्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया। गाँवों को इंटरनेट से जोड़ा गया। डिजिटल लाइब्रेरी बनी। ई-कॉमर्स के क्षेत्र में कई कार्य किए गए। ‘PMGDisha’ के तहत ग्रामीणों को डिजिटल साक्षरता से जोड़ा गया। इससे भारत में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या भी बढ़ी है।

गदर के ‘तारा सिंह’ की असली कहानी: इस्लाम कबूला, पाकिस्तान गया… फिर भी मुस्लिम बीवी ने नकारा, बेटी को भी दुत्कारा… ट्रेन से कट कर मर गया

साल 2001 में सनी देओल और अमीषा पटेल की फिल्म ‘गदर: एक प्रेमकथा’ आई थी। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था। यही कारण है कि फिल्म की सफलता के 22 साल बाद इसका सीक्वल गदर-2 सिनेमाघरों में चल रही है और यह पहली फिल्म की तरह ही बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा रही है।

फिल्म में निभाए गए सनी देओल के ‘तारा सिंह’ और अमीषा पटेल के ‘सकीना’ वाले किरदार को दर्शक खूब पसंद कर रहे हैं। हालाँकि, आप इसे एक काल्पनिक कहानी सोच होंगे, लेकिन सच ये है कि तारा सिंह का किरदार ब्रिटिश सेना में तैनात बूटा सिंह नाम के सैनिक की कहानी से प्रेरित है।

हालाँकि, इससे उलट फिल्म के निर्देशक अनिल शर्मा ने कहा था कि उनकी दोनों फिल्में रामायण और महाभारत से प्रेरित है। अब मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक, यह बूटा सिंह पर आधारित है। 24 साल पहले इस पर एक पंजाबी फिल्म ‘शहीद-ए-मोहब्बत बूटा सिंह’ बनी थी, जिसमें बूटा सिंह की कहानी को तस का तस दिखाया गया था। इस फिल्म को नेशनल अवॉर्ड भी मिला था।

कहा जा रहा है कि बूटा सिंह का जन्म पंजाब के जालंधर में हुआ था। वह ब्रिटिश सेना में सैनिक थे। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान लॉर्ड माउंटबेटन की कमान के तहत बर्मा मोर्चे पर तैनात थे। साल 1947 में भारत के बँटवारे के समय दोनों तरफ से हिंदुओं और मुस्लिमों को खदेड़ा जा रहा था।

इसी दौरान पाकिस्तान जा रहे मुस्लिमों के एक काफिले में से जैनब नाम की लड़की का अपहरण कर लिया गया। बाद में बूटा सिंह ने जैनब की बचाई और उसे अपने घर में पनाह दी। इसके बाद दोनों के बीच प्यार हो गया। आखिरकार दोनों ने शादी कर ली।

बँटवारा के करीब एक दशक बाद भारत-पाकिस्तान सरकार ने निर्णय लिया कि दोनों तरफ की उन महिलाओं को उनके घर वापस भेजा जाए, जिन्हें अगवा कर लिया गया था। कहा जाता है कि बूटा सिंह के भतीजे ने जायदाद के चक्कर में जैनब के बारे में जाँच करने वालों को बता दिया था। उसके बाद जैनब को पाकिस्तान उसके परिवार के पास भेज दिया गया। उस सम जैनब की दो बेटियाँ थी। जैनब के साथ उसकी छोटी बेटी भी साथ गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, जैनब लाहौर में अपने परिवार से मिली। कुछ सालों बाद जब उसके माता-पिता का निधन हुआ तो जैनब की जिंदगी बदल गई। जैनब की बहन उसके माँ-बाप के जायदाद की कानूनी बन गई। जैनब के चाचा चाहते थे कि उनके भाई की संपत्ति उनके पास आ जाए, इसलिए वे जैनब पर अपने बेटे के साथ निकाह करने का दबाव बनाने लगे।

बतौर रिपोर्ट्स, इस बीच बूटा सिंह के पास एक पत्र आया था, जिसमें लिखा था कि जैनब पर उसके परिजन दूसरी शादी के लिए दबाव डाल रहे हैं। इसके बाद बूटा सिंह ने दिल्ली में अधिकारियों से उनकी पत्नी को वापस बुलाने की गुजारिश की, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। आखिरकार उन्होंने खुद पाकिस्तान जाकर अपनी पत्नी को अपने साथ लाने का निर्णय लिया।

इसके लिए उन्होंने अपनी जमीन बेच दी और इस्लाम अपनाकर अपना नाम जमील अहमद रख लिया। फिर वह अपने बच्चों और पत्नी को लाने के लिए गैर-कानूनी तरह से वह पाकिस्तान चले गए। जब बूटा सिंह पाकिस्तान पहुँचे तो जैनब के परिवार ने उन्हें अपने परिवार का हिस्सा बनाने से साफ मना कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने पाकिस्तानी पुलिस को बुलाकर बूटा सिंह को उसके हवाले कर दिया।

इसके बाद मामला कोर्ट में पहुँचा। कहा जाता है इस मामले में जैनब को कोर्ट में पेश किया गया। जैनब ने बूटा सिंह से प्यार करने के बावजूद दबाव में आकर उनके साथ जाने से इनकार कर दिया। हालाँकि, बेटी को बूटा सिंह के साथ भेज दिया।

कहा जाता है कि बूटा सिंह अपनी पत्नी से इस जुदाई को बर्दाश्त नहीं कर सके। उन्हें गहरा सदमा लगा। उन्होंने सामने से आ रही ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। इस घटना में उनकी बेटी बच गई। बूटा सिंह ने अपनी सुसाइड नोट में लिखा था कि उन्हें नूरपुर के कब्रिस्तान में दफनाया जाए, लेकिन जैनब के परिजनों ने ऐसा नहीं करने दिया। इसके बाद उन्हें लाहौर के मियाँ साहिब में दफनाया गया।

बूटा सिंह का यह मजार आज भी पाकिस्तान में स्थित है और यहाँ युवा प्रेमी आते हैं। उन्हें लोग शहीद-ए-आजम बूटा सिंह के नाम से याद करते हैं। जैनब और बूटा सिंह की दो बेटियाँ हैं, जिनका नाम तनवीर और दिलवीर है।

गाड़ी चढ़ा कर रामतीरथ तिवारी को मार डाला, पुलिस पर भी की गोलीबारी: ज़ुबैर हुआ गिरफ्तार, मुठभेड़ में पाँव में लगी गोली

उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में पुलिस की अपराधियों से मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में जुबैर खान नाम के एक व्यक्ति को गोली लगी है। जुबैर एक हिन्दू व्यक्ति की बोलेरो गाड़ी से कुचल कर हत्या के बाद फरार चल रहा था। फरारी के दौरान जुबैर ने खुद को रोके जाने पर पुलिस पर भी गोलियाँ बरसाईं। जवाबी कार्रवाई में जुबैर के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान जुबैर का साथी सिराज फरार हो गया जिसकी तलाश की जा रही है। यह मुठभेड़ सोमवार (14 अगस्त, 2023) को हुई है।

यूपी पुलिस अपनी टीम के साथ रात लगभग 11:30 पर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान एक पुल के पास बाइक सवार 2 संदिग्ध लोग दिखाई दिए। दोनों को रुकने का इशारा किया गया तो वो मुड़ कर भागने लगे। पुलिस टीम ने दोनों संदिग्धों का पीछा किया और आत्मसमर्पण करने को कहा तो बाइक पर पीछे बैठा व्यक्ति गोलियाँ चलाने लगा। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। इस फायरिंग में एक आरोपित को बाएँ पैर गोली लगी जिसकी बाद में पहचान जुबैर खान के रूप में हुई। जुबैर के पास से पुलिस ने एक अवैध तमंचा और 3 कारतूस बरामद हुए।

इस मुठभेड़ में पुलिस कॉन्स्टेबल शैलेन्द्र भी घायल हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है। जुबैर ने पूछताछ में बाइक चला रहे आरोपित का नाम सिराज अहमद बताया। सिराज मुठभेड़ स्थल से भागने में सफल रहा जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार और फरार दोनों ही आरोपित अयोध्या के रामपुर भगन गाँव के रहने वाले हैं। घायल जुबैर का अस्पताल में इलाज के करवाया गया। पुलिस ने जुबैर और सिराज पर IPC की धारा 307 (जान से मारने का प्रयास) और आयुध अधिनियम की धारा 3/5/25/27 के तहत केस दर्ज किया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

रामतीरथ तिवारी की हत्या कर के फरार था जुबैर

अयोध्या पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया 30 वर्षीय जुबैर रामतीरथ तिवारी नाम के एक व्यक्ति की हत्या कर के फरार था। रामतीरथ तिवारी की हत्या शुक्रवार (11 अगस्त, 2023) को हुई थी। रामतीरथ तिवारी के कत्ल में जुबैर के साथ उसका अब्बा नौशाद और 2 अन्य साथी शामिल थे। रामतीरथ तिवारी की हत्या की वजह जुबैर ने उनके साथ चल रहे अपने जमीनी मुकदमे को बताया। जुबैर को लगता था कि केस रामतीरथ तिवारी जीत जाएँगे। ऐसे में उसने साजिश रची कि अगर रामतीरथ को रास्ते से हटा दिया जाए ताकि कोई और जमीन के केस की पैरवी करने वाला नहीं बचे।

अपनी साजिश को अंजाम देने के लिए जुबैर अपने एक परिचित अनिल कुमार की बोलेरो गाड़ी माँग कर लाया। 11 अगस्त को जैसे ही रामतीरथ अपने घर से बाहर निकले, जुबैर ने उन पर गाड़ी चढ़ा दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बोलेरो चढ़ाने के बाद जुबैर बोला, “लगता है साला बच गया। आइंदा जान से मार डालेंगे।” जुबैर के हमले में रामतीरथ बुरी तरह से घायल हो गए जिन्होंने बाद में दम तोड़ दिया। गाड़ी चढ़ाने के बाद जुबैर ने बोलेरो उसकी चाबी बोलेरो के मालिक के रिश्तेदार को दे दी और सिराज के साथ फरार हो गया।

इस मामले में पुलिस ने IPC की धारा 302 (हत्या) और 120 बी (साजिश रचना) के तहत FIR दर्ज की थी। केस दर्ज होने के बाद से जुबैर फरार चल रहा था। आखिरकार वह 14 अगस्त को पुलिस से हुई मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया।

‘तौसीफ ने मेरी ज़िन्दगी बर्बाद कर दी’: गुजरात में हिन्दू महिला ने की आत्महत्या, बदनाम करने और पति की हत्या की देता था धमकी, घर में घुस छेड़खानी

गुजरात के मेहमदाबाद में एक हिंदू महिला को मुस्लिम शख्स ने इस कदर परेशान किया कि उसने आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में मृतका ने लिखा कि तौसीफ ने उनकी जिंदगी बर्बाद कर दी, उनकी मौत के लिए वहीं जिम्मेदार है और उस पर सख्त कार्रवाई की जाए।

गुजरात तक’ की रिपोर्ट के मुताबिक, मेहमदाबाद में एक हिंदू शादीशुदा महिला ने तौसीफ नाम के एक मुस्लिम शख्स के बार-बार छेड़छाड़ करने पर आत्महत्या कर ली। अपने सुसाइड नोट में उसने अपने इस कदम के पीछे की वजह तौसीफ को बताया है। मृतका के भाई की शिकायत के आधार पर पुलिस जाँच कर रही है।

‘मैं तुम्हारे पति को मार डालूँगा’

रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला अपने पति और दो बेटियों के साथ मेहमदाबाद, खेड़ा में रहती थी। कुछ समय पहले इस इलाके के वाव फलिया का रहने वाला तौसीफ उसे फोन पर मैसेज कर परेशान करने लगा। वह अक्सर उसके साथ छेड़छाड़ भी करता था और एक बार तो उसके घर में भी घुस आया था।

मृतका ने तौसीफ की हरकतों का विरोध किया, लेकिन वह उसे लगातार परेशान करता रहा। अगर वह उसका एक नंबर ब्लॉक कर देती तो वह उसे दूसरे नंबरों से कॉल करना शुरू कर देता। इस दौरान तौसीफ ने उससे पैसे ऐंठने की भी कोशिश की। यही नहीं, आख़िरकार उसने मृतका को धमकाकर कहा, “अगर तुम मुझसे बात नहीं करोगी तो मैं तुम्हारे पति को मार डालूँगा और समाज में तुम्हें बदनाम कर दूँगा।”

‘मेरी जिंदगी खत्म करने का वक्त आ गया’

बताया जा रहा है कि इसी धमकी के बाद महिला ने आत्महत्या कर ली। मृतक महिला ने अपने परिवार वालों को बताया था कि तौसीफ उसे लगातार परेशान करता था और अब उसके जिंदगी खत्म करने का वक्त आ गया है। जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में तौसीफ उसका बेहद उत्पीड़न करने लगा था। जब वह अपने पति और बेटियों के साथ 6 अगस्त को अपने भाई से मिलने अहमदाबाद गई तो उसने परिवार को इस बारे में बताया।

उसने उन्हें बताया था , “तौसीफ मुझे परेशान कर रहा है और मुझे अकेला नहीं छोड़ रहा है। वह मुझे व्हाट्सएप्प पर लगातार मैसेज भेजता रहता है और कॉल करता रहता है। मैं इससे थक गई हूँ। अगर ऐसा होता रहा तो मेरे मरने का वक्त आ जाएगा।” इसके बाद परिवार ने उसे समझाया और सांत्वना दी जिसके बाद वह मेहमदाबाद लौट आई।

मृतक महिला ने आखिरी कदम उठाने से पहले कागज के एक टुकड़े पर अपनी आपबीती लिखी और तौसीफ पठान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की। सुसाइड नोट में उसने लिखा, “तौसीफ पठान ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी है। वह मुझे फोन करता है और पैसे की माँग करता है। अगर मैं उसकी माँगें नहीं मानती तो वह मेरे पति को जान से मारने की धमकी देता है। पठान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें और उसे सजा दें। मेरी आत्महत्या की वजह तौसीफ पठान है।”

मार्च में शिकायत दर्ज की थी

करीब 5 महीने पहले मार्च में तौसीफ ने महिला के घर में घुसकर उस समय छेड़छाड़ की जब वह अकेली थी। तब परिजनों ने महमदाबाद थाने में उसके खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई थी। अगर पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती तो महिला आज जिंदा होती। मृतका के भाई की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अब तौसीफ के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और उसे गिरफ्तार करने के लिए टीमें गठित की हैं।