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मध्य प्रदेश के पेशाब कांड वाले प्रवेश शुक्ला के घर पर चला बुलडोजर, NSA के तहत हो रही है कार्रवाई: BJP ने जाँच कमिटी बनाई

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रवेश शुक्ला को भाजयुमो का मंडल उपाध्यक्ष और विधायक प्रतिनिधि बताया जा रहा है। विधायक के बेटे के जन्मदिन पर लगाए गए पोस्टर में भी उसने खुद को विधायक प्रतिनिधि लिखा है। प्रवेश शुक्ला के पिता रमाकांत शुक्ला का कहना है कि उनका बेटा विधायक केदारनाथ शुक्ला का प्रतिनिधि है। हालाँकि, विधायक ने इससे इनकार किया है।

मध्य प्रदेश के सीधी में मानसिक रूप से कमजोर अनुसूचित जनजाति (ST) के एक व्यक्ति पर पेशाब करने के आरोपित प्रवेश शुक्ला के घर को गिरा दिया गया है। शराब के नशे में इस घटना का वीडियो वायरल होने के देश भर में बवाल हो गया है। इसके बाद राज्य के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बुलडोजर की कार्रवाई की बात कही थी।

प्रवेश शुक्ला पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई हो रही है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रशासन ने प्रवेश के कुबरी स्थित घर पर बुलडोजर चला है। प्रशासन ने उसके घर के उस हिस्से को तोड़ दिया है, जिसे अतिक्रमण करके बनाया गया था। इस दौरान प्रशासन ने पेड़-पौधों को भी नहीं छोड़ा और उन्हें भी ध्वस्त कर दिया।

राज्य सरकार की तरफ से कहा गया है कि प्रवेश शुक्ला के खिलाफ जो कार्रवाई होगी, वह पूरे प्रदेश में एक नजीर बनेगा। इसके साथ ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने राज्य कोल जनजाति विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रामलाल रौतेल की अध्यक्षता में एक जाँच कमिटी बनाई है। इसमें विधायक शरद कोल, विधायक अमर सिंह और प्रदेश उपाध्यक्ष कांतदेव सिंह को सदस्य बनाया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रवेश शुक्ला को भाजयुमो का मंडल उपाध्यक्ष और विधायक प्रतिनिधि बताया जा रहा है। विधायक के बेटे के जन्मदिन पर लगाए गए पोस्टर में भी उसने खुद को विधायक प्रतिनिधि लिखा है। प्रवेश शुक्ला के पिता रमाकांत शुक्ला का कहना है कि उनका बेटा विधायक केदारनाथ शुक्ला का प्रतिनिधि है। वहीं, विधायक का कहना है कि प्रवेश शुक्ला उनका प्रतिनिधि नहीं है।

इस घटना पर भाजपा सरकार द्वारा कठोर कदम उठाए जाने के बाद भी राज्य में खूब राजनीति हो रही है। कॉन्ग्रेस इस घटना को लेकर राज्य की शिवराज सिंह चौहान सरकार पर निशाना साध रही है। कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि शिवराज सरकार में आदिवासियों पर सबसे ज्यादा अत्याचार हुए हैं। वहीं, घटना सामने आने के बाद ही सीएम और गृहमंत्री ने कठोर कार्रवाई की बात कही थी। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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