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पुण्यतिथि पर वाजपेयी को याद कर रहा देश: नमन करने ‘सदैव अटल’ पहुँचीं राष्ट्रपति, बोले PM मोदी- देश को 21वीं सदी में ले जाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज (16 अगस्त 2023) 5वीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर पूरा देश उनको याद कर रहा है। वाजपेयी की समाधि स्थल ‘सदैव अटल’ पहुँचकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने उन्हें नमन किया। इस दौरान वाजपेयी की दत्तक पुत्री नमिता कौल भट्टाचार्य भी मौजूद थीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा है, “भारत के 140 करोड़ लोगों के साथ मिलकर मैं अतुलनीय प्रतिभा वाले अटल जी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। उनके नेतृत्व से भारत को बहुत लाभ हुआ। उन्होंने हमारे देश की प्रगति को बढ़ावा देने और कई क्षेत्रों में इसे 21वीं सदी में ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।”

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है, “भारतीय राजनीति के अजातशत्रु परम श्रद्धेय अटल जी ने विचारधारा व सिद्धांतों पर आधारित राजनीति के सबसे उच्च मानक स्थापित किए। राष्ट्रसेवा की अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से एक तरफ उन्होंने सुशासन की नींव रखी तो दूसरी ओर उन्होंने पोखरण से पूरे विश्व को भारत के सामर्थ्य का परिचय कराया। अपने संगठन कौशल से पार्टी को शून्य से शिखर तक पहुँचाने में अमूल्य योगदान देने वाले ऐसे युगपुरुष को उनकी पुण्यतिथि पर कोटिशः नमन।”

गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी पूर्व पीएम को समाधि स्थल पहुँचकर श्रद्धांजलि दी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल, अपना दल (एस) की नेता अनुप्रिया पटेल ने भी स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।

16 अगस्त, 2018 को हुआ था निधन

25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में जन्मे अटल बिहारी वाजपेयी दशकों तक भारतीय राजनीति का सशक्त चेहरा रहे। वे 16 मई 1996 से 1 जून 1996 तक और फिर 19 मार्च 1998 से 22 मई 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। साल 1977 से 1979 तक मोराजी देसाई के नेतृत्व वाली पहली गैर कॉन्ग्रेसी सरकार में वे विदेश मंत्री रहे थे। लंबी बीमारी के बाद 16 अगस्त 2018 को उनका निधन हो गया था। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर को हर वर्ष ‘सुशासन दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।

महिला ASP की FIR पर बिट्टू बजरंगी की गिरफ्तारी, डकैती और पुलिस से विवाद सहित कुल 11 धाराएँ: नूहं में हिंदुओं पर हमले के दौरान हथियार लहराने का आरोप

फरीदाबाद से मंगलवार (15 अगस्त 2023) को हिरासत में लिए गए हिंदुवादी कार्यकर्ता बिट्टू बजरंगी की गिरफ्तारी की पुष्टि हरियाणा पुलिस ने कर दी है। गिरफ्तारी तावडू की क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (CIA) ब्रांच ने की है। उसकी गिरफ्तारी नूहं के सदर थाने में एडिशनल एसपी ऊषा कुंडू द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर हुई है।

बिट्टू बजरंगी पर डकैती और प्रशासनिक अधिकारियों पर हमले सहित 11 धाराएँ लगाई गई है। उस पर लगी धाराओं में अधिकतम आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है। उसकी गिरफ्तारी सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नूहं हिंसा के बाद बिट्टू बजरंगी पर सदर थाने में FIR दर्ज हुई थी। केस नंबर 413 के अंतर्गत इस मामले में IPC की धारा 148, 149, 332, 353, 186, 395, 397, 506, 25, 54 और 59 के तहत कार्रवाई की गई है। FIR में डकैती और अवैध हथियार रखने के भी आरोप हैं। बिट्टू को आज (16 अगस्त) कोर्ट में पेश किया जाएगा। बताया जा रहा है कि उसके साथियों की भी पुलिस तलाश कर रही है।

गौरतलब है कि 31 जुलाई को हिंदुओं की जलाभिषेक यात्रा पर मुस्लिम भीड़ ने हमला किया था। एडिशनल एसपी ऊषा कुंडू द्वारा दी गई तहरीर के मुताबिक 31 जुलाई को बिट्टू बजरंगी ने उनके आगे अवैध हथियार लहराए थे। शिकायत में उन्होंने कहा है कि हथियार छीन लेने के बाद बिट्टू ने उनके वाहन के आगे प्रदर्शन किया। नूहं हिंसा के बाद मुस्लिम पक्ष लगातार बिट्टू बजरंगी के वीडियो को भड़काऊ बताते हुए उनकी गिरफ्तारी की माँग कर रहा था।

बताते चलें कि बिट्टू को फरीदाबाद के पर्वतीय कॉलोनी स्थित उसके घर से हिरासत में लिया गया था। पुलिस की इस कार्रवाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। बिट्टू बजरंगी के पड़ोसियों ने इस दौरान पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया था। बिट्टू बजरंगी के आस-पड़ोस में रहने वाले लोगों ने मीडिया से बताया कि अचानक ही ढेर सारे पुलिस वाले गली में पहुँचे। कुछ के हाथों में बंदूकें और कुछ ने डंडे ले रखे थे। कुछ पुलिस वाले पड़ोसी के घर में भी घुसने लगे जिसका विरोध हुआ। इस पर पुलिसकर्मी ने पड़ोसी महिला को धक्का देते हुए दूर कर दिया। एक महिला का दावा है कि पुलिस वाले बिट्टू बजरंगी का गिरेबान पकड़ कर अपने साथ ले गए।

हिमाचल प्रदेश में बारिश-भूस्खलन से अब तक 60 मौतें, 26 लापता: कई मकान ढहे, बोले CM- दिखे दरार तो खाली कर दें घर

हिमाचल प्रदेश लगातार भारी बारिश हो रही है। इसके चलते शिमला में मंगलवार (15 अगस्त, 2023) शाम हुए भूस्खलन से कई घर ढह गए। इस घटना में 2 लोगों की मौत हुई है। कई लोगों के फँसे होने की आशंका है। राज्य में बारिश, बादल फटने और भूस्खलन से अब तक 60 मौतें हो चुकी है। 26 लोग लापता हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भूस्खलन की तजा घटना शिमला जिले के कृष्णा नगर इलाके के विष्णु मंदिर क्षेत्र की है। भूस्खलन में घर बहने के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। वायरल वीडियो में एक पेड़ घर की तरफ झुकता दिखाई दे रहा है। पेड़ के गिरने से घर क्षतिग्रस्त हो जाती है। कुछ ही सेकंड बाद भूस्खलन हो जाता है और घर ढह जाता है।

वहीं एक अन्य वीडियो में भी भूस्खलन होने से पहले पेड़ गिरता है। इसके बाद घर ढहते हुए दिखाई दे रहा है। घर के अंदर फँसे लोग खुद को बचाने के लिए चींख-पुकार करते सुने जा सकते हैं।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस घटना में 2 लोगों की मौत की पुष्टि की है। सुक्खू ने कहा है, “दो लोगों की मौत हो गई है। एक शव बरामद हुआ है। दूसरे शव की तलाश की जा रही है। करीब 35 लोगों को रेस्क्यू कर उनके घरों से बाहर निकाला गया है। मैं सभी से आग्रह करूँगा कि अगर किसी को घर में कोई दरार दिखाई देती है तो अपना घर खाली कर दें। प्रशासन उनके लिए भोजन और आवास की व्यवस्था करेगा। हम क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण के लिए भी आर्थिक सहायता देंगे।” इसके अलावा उन्होंने भारी बारिश, बादल फटने से हुई घटनाओं से अब तक राज्य में 60 लोगों की मौत की पुष्टि की है।

हिमाचल प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अभिषेक त्रिवेदी ने कहा है कि दरारें देखने के बाद कई लोगों ने पहले ही घर खाली कर दिए थे। लेकिन हमें संदेह है कि करीब 5-10 लोग फँसे हो सकते हैं। आईटीबीपी, एसडीआरएफ और जिला पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद हैं। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। फिलहाल सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।

ब्रिटेन के PM ऋषि सुनक ने लगाया ‘जय सिया राम’ का नारा, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में हो रही है रामकथा: बोले – मेरे डेस्क पर रहते हैं गणेश जी

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने मंगलवार (15 अगस्त, 2023) को कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में मोरारी बापू की रामकथा में हिस्सा लिया और ‘जय सिया राम’ का नारा लगाया। ब्रिटिश यूनिवर्सिटी में ‘मानस विश्वविद्यालय’ नामक एक कार्यक्रम नियमित रूप से चलाया जाता है, जिसके 921वें कार्यक्रम में मोरारी बापू पहुँचे हैं। अपना संबोधन शुरू करने से पहले मोरारी बापू के व्यास पीठ को भी ऋषि सुनक ने नमन किया।

उन्होंने कहा कि ये उनके लिए काफी सम्मान और प्रतिष्ठा की बात है कि वो मोरारी बापू के साथ इस कार्यक्रम में उपस्थित हुए हैं। उन्होंने याद किया कि आज भारत का स्वतंत्रता दिवस भी है। उन्होंने कहा कि वो आज यहाँ एक प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि एक हिन्दू के रूप में आए हैं। ब्रिटिश पीएम ने याद किया कि कैसे वो धूमधाम से दीवाली मनाते आए हैं। उन्होंने बताया कि उनके डेस्क पर भगवान गणेश की एक स्वर्ण प्रतिमा भी है।

उन्होंने बताया कि इससे उन्हें प्रेरणा मिलती है कि किसी भी मुद्दे पर निर्णय लेने से पहले उस पर सुनें, उसके बारे में जानें। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि जवानी के दिनों में भी अपने परिजनों के साथ मंदिरों में दर्शन के लिए जाते थे और हवन, पूजा व आरती के अलावा प्रसाद वितरण जैसे कार्यों में हिस्सा लेते थे। उन्होंने कहा कि मोरारी बापू भी निःस्वार्थ सेवा कर रहे हैं, आस्था के साथ भक्ति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘सेवा’ सबसे बड़ा कर्म है।

ऋषि सुनक ने आगे मोरारी बापू को वो जो भी करते हैं उसके लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “आपके द्वारा सत्य, दया और प्रेम की जो शिक्षा दी गई है वो उस दौर में और ज्यादा प्रासंगिक है।” उन्होंने मोरारी बापू की ‘ज्योतिर्लिंग रामकथा यात्रा’ की भी प्रशंसा की, जिसके तहत 12,000 किलोमीटर को कवर किया गया। ऋषि सुनक ने मंच पर आरती में हिस्सा लिया। मोरारी बापू ने इस दौरान ब्रिटेन के पीएम को सोमनाथ शिवलिंग का एक प्रतिरूप भेंट किया।

भारत की पहली बायो-साइंस फिल्म में नाना पाटेकर! विवेक अग्निहोत्री ने जारी किया ‘द वैक्सीन वॉर’ का टीजर, प्रभास की ‘सालार’ के साथ क्लैश

‘द ताशकंद फाइल्स’ (2019) और ‘द कश्मीर फाइल्स’ (2022) जैसी फ़िल्में बना चुके विवेक अग्निहोत्री अब ‘द वैक्सीन वॉर’ लेकर आ रहे हैं। उन्होंने टीजर जारी करते हुए फिल्म की रिलीज डेट की घोषणा भी कर दी है। उनके बैनर ‘I Am Buddha’ के तले ‘The Vaccine War’ रिलीज की जा रही है। फिल्म में नाना पाटेकर और पल्लवी जोशी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म 28 सितंबर, 2023 (गुरुवार) को रिलीज की जाएगी।

खास बात ये है कि इसी दिन प्रभास की बड़ी फिल्म ‘सालार’ भी रिलीज हो रही है, जिसका बजट 400 करोड़ रुपए है और जिसका निर्देशन ‘KGF’ फेम प्रशांत नील कर रहे हैं। ‘द वैक्सीन वॉर’ के टीजर की शुरुआत में एक महिला वैज्ञानिक को एक लैब में कुछ सैम्पल लेकर जाते हुए देखा जा सकता है। इसके बाद एक्सपेरिमेंट के लिए एक सफ़ेद चूहे को शीशे में से निकाला जाता है। इसे भारत की पहली बायो-साइंस फिल्म बताया जा रहा है।

साथ ही इसे एक सच्ची कहानी बता कर भी पेश किया जा रहा है। विवेक अग्निहोत्री कह चुके हैं कि ये फिल्म हमारे वैज्ञानिकों, खासकर महिला वैज्ञानिकों के योगदान को दिखाएगी – स्वदेशी कोरोना वैक्सीन विकसित करने में। फिल्म के एक दृश्य में अभिनेत्री पल्लवी जोशी भी लिफ्ट में दिखाई देती हैं। फिर नाना पाटेकर की झलक भी देखी जा सकती है। वो एक बड़े अधिकारी के दफ्तर के बाहर खड़े हुए दिखाई देते हैं।

टीजर में ही फिल्म की रिलीज की तारीख़ का भी ऐलान किया गया है। बता दें कि विवेक अग्निहोत्री की पिछली फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ मात्र 25 करोड़ रुपए के बजट में बनी थी और इसने दुनिया भर में 350 करोड़ रुपए की कमाई की थी। हाल ही में विवेक अग्निहोत्री ने ZEE5 पर ‘द कश्मीर फाइल्स: अनरिपोर्टेड’ नामक डॉक्यूमेंट्री ड्रामा वेब सीरीज भी रिलीज की है, जिसमें कश्मीर में हुए हिन्दुओं के नरसंहार और पलायन की कहानी सबूतों के साथ दिखाई गई है और पीड़ितों से बात की गई है।

बंदरों की लड़ाई की वजह से गिरा मकान का छज्जा, 5 की मौत: बाँके बिहारी मंदिर की तरफ जाने वाले रास्ते में हादसा

उत्तर प्रदेश के मथुरा में बाँके बिहारी मंदिर की तरफ जाने वाले रास्ते में एक घर का छज्जा बंदरों की लड़ाई की वजह से गिर गया, जिसके बाद 5 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद वृन्दावन के इस इलाके में पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने मिल कर मलबे को हटाया। कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। ये घटना दुसायत मोहल्ले की है। 10 लोग इस दुर्घटना में घायल हो गए हैं। घटना का CCTV वीडियो भी सामने आया है।

हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। जिला प्रशासन के आला अधिकारी भी मौके पर पहुँचे हुए हैं। बताया जा रहा है कि कुछ बन्दर आपस में लड़ रहे थे और इसी कारण विष्णु बाग़ वालों के घर का छज्जा गिर गया। वहाँ उस दौरान करीब एक दर्जन लोग मलबे के नीचे दब गए। आनन-फानन में उन लोगों को निकाला गया और फिर इलाज के लिए आसपास के अस्पतालों में भेजा गया। वृन्दावन का बाँके बिहारी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बड़ी आस्था का केंद्र है।

ऐसे में पिछले कुछ दिनों से भक्तों की भारी भीड़ यहाँ पहुँच रही थी और ये रास्ता खासा व्यस्त था। 2 मंजिला मकान का एक बड़ा हिस्सा गिरने से ये हादसा हुआ। 6 श्रद्धालुओं का अभी भी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मकान का हिस्सा भरभरा कर गिरा। कोतवाली क्षेत्र में जहाँ ये घटना हुई, वहाँ से बाँके बिहारी मंदिर मात्र 100 मीटर दूर है। जबकि स्नेह बिहारी मंदिर वहीं पर है। ये मकान काफी पुराना था।

घायलों में से अधिकतर को पास में ही स्थित सौ शैया अस्पताल में भर्ती कराया गया। चीख-पुकार मचने के बाद पुलिस और एम्बुलेंस को बुलाया गया। कानपुर के अरविंद यादव, गीता कश्यप, रश्मि गुप्ता, देवरिया के चंदन राय और पंजाब की अंजू को मृत घोषित किया गया है। नगर निगम की टीम मौके पर पहुँची है। मकान का जो हिस्सा खतरनाक है, उसे भी हटाया जा रहा है। 2 दिन पहले ही लाखों श्रद्धालु यहाँ पहुँचे थे और 2 किलोमीटर लंबी लाइन लगी है।

स्वतंत्रता दिवस पर बिहार के हाईस्कूल में इस्लामी झंडा फहराने को अड़ गए मुस्लिम युवक, लगाए आपत्तिजनक नारे: शाहिद हसन धराया

बिहार के पश्चिम चंपारण में मंगलवार (15 अगस्त, 2023) को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इस्लामी झंडा फहराए जाने का मामला सामने आया है। घटना मझौलिया थाना क्षेत्र की है। उच्च-माध्यमिक विद्यालय में तिरंगा फहराए जाने के बाद कुछ युवकों ने इस्लाम का मजहबी झंडा फहरा दिया। इससे इलाके में तनाव व्याप्त हो गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुँची, जो अब तक वहाँ कैम्प कर रही है ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

इस मामले में बिहार पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। जिन युवकों ने इस्लामी झंडा फहराया, वो मुस्लिम समाज के हैं। घटना सीताराम प्लस टू उच्च माध्यमिक विद्यालय की है, जहाँ 9 बजे स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया गया। इसके 15 मिनट बाद कुछ मुस्लिम युवक इस्लामी झंडा लेकर विद्यालय परिसर में घुसने की कोशिश करने लगे। शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने उनकी इस करतूत का जम कर विरोध किया।

इस दौरान हंगामा होता रहा और पुलिस के पास भी इसकी सूचना पहुँच गई। मझौलिया पुलिस के आने की भनक मिलते ही उन युवकों में से कुछ तुरंत वहाँ से भाग गए। हालाँकि, उनमें से एक को पकड़ने में पुलिस ने सफलता पाई है। उसके बाद से 3 मजहबी झंडे मिले हैं। 24 वर्षीय गिरफ्तार युवक शाहिद हसन 11वीं का छात्र है और जौकटिया गाँव का रहने वाला है। स्थानीय लोगों का का कहना है कि झंडा फहराए जाने के दौरान कुछ आपत्तिजनक नारे भी लगाए गए।

ये पूरी घटना विद्यालय के परिसर में ही हुई है। प्रधानाध्यापक अशोक कुमार पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर असामाजिक तत्वों की हरकतों को नज़रअंदाज़ किया और छात्र-छात्राओं में मिठाई बाँटते रहे। अशोक कुमार का कहना है कि एक बदमाश को ग्रामीणों ने पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया है। थानाध्यक्ष अभय कुमार ने जानकारी दी है कि गिरफ्तार युवक से पूछताछ की जा रही है। उसने अपने सैन्य साथियों के नाम बताए हैं।

2047 तक विकसित राष्ट्र बन चुका होगा भारत: PM मोदी ने लाल किले से दिया सन्देश – अभी बाकी है उनकी पारी, ये राष्ट्र निर्माण का समय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10वीं बार लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। वो 10 बार लाल किले से देश को संबोधित करने वाले चौथे प्रधानमंत्री बनें। लेकिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूरे विश्व को जो संदेश दिया है, उसका असर दूरगामी लगता है। उन्होंने देश को स्थायित्व देने की बात दोहराई और कहा कि अगले साल फिर से लाल किले पर मिलने का वादा किया। ये उनका आत्मविश्वास और भरोसा ही है, जिसमें उन्होंने साफ कर दिया है कि एक बार फिर से मोदी सरकार वापस आएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने गाँव, शहर, राज्य, देश, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था जैसे सभी मुद्दों पर न सिर्फ छुआ, बल्कि गहराई से अपनी बात रखी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान जी20 की बात भी की, जिसकी अध्यक्षता फ़िलहाल भारत के पास है। उन्होंने पड़ोसी देश पर हमला तो बोला, लेकिन बिना नाम लिए। मणिपुर में हो रही हिंसा पर उन्होंने पीड़ितों को मरहम लगाया। उन्होंने विपक्षी पार्टियों पर भी निशाना साधा, लेकिन राष्ट्र प्रथम की नीति के हिसाब से।

प्रधानमंत्री के भाषण पर पूरी दुनिया की नजर रहती है, इसे समझते हुए उन्होंने चुन-चुन कर अपनी बातें रखी। अपने संबोधन में उन्होंने चुनावी मुद्दों की तो बात की, लेकिन सावधानी पूर्वक। उन्होंने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान पर भी नजरें बनाए रखीं। पूरा भाषण विकास के एजेंडे पर रहा और कुछ जरूरी हिस्सों में उन्होंने विपक्ष को ललकारने का भी काम किया।

नेतृत्व परिवर्तन अभी नहीं

अगले साल फिर से लाल किला पर आने की बात कहकर उन्होंने ये बात साफ कर दिया है कि अभी उनका देश के आगे ले जाने का सपना पूरा नहीं हुआ है। ऐसा प्रतीत होता है कि तीसरे कार्यकाल में जब देश दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका होगा, उसके बाद वो इन चीजों के बारे में सोचेंगे या फिर नेतृत्व किसी और को सौंपेंगे। हालाँकि, देश की आजादी के 200 साल पूरे होने तक उन्होंने देश को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में खड़े करने का ऐलान कर दिया है।

इस पीढ़ी के पास राष्ट्र निर्माण का मौका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में मोदी सरकार के इन 10 सालों के कार्यकाल और आगामी 5 वर्षों के कार्यकाल को भविष्य के 1000 साल की बुनियाद के तौर पर स्थापित करने की कोशिश की है। जो ये बताता है कि वो भविष्य को लेकर काफी आशान्वित हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 1947 से पहले की पीढ़ी को राष्ट्र के लिए बलिदान देने का मौका मिला था, हमारी पीढ़ी को राष्ट्र के निर्माण में लगने और जीने का मौका मिला है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माँगा आशीर्वाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं आपकी मदद और आपका आशीर्वाद माँगने आया हूँ। उन्होंने कहा कि भारत के सामर्थ्य में कभी कमी नहीं थी। जो देश कभी सोने की चिड़िया था, वो देश साल 2047 में आजादी के 100 साल पूरे होने तक फिर से विकसित राष्ट्र बन चुका होगा। प्रधानमंत्री मोदी की ये बातें साफ तौर पर इशारा थी कि वो जनता से अभी ही नहीं, अगले कई चुनावों के लिए भी लाल किले से आशीर्वाद माँग रहे थे।

भारत का नाम ही दुनिया में स्थिरता की गारंटी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना के बाद एक नया विश्‍व ऑर्डर, एक नया ग्‍लोबल ऑर्डर, एक नया जियो पॉलिटिकल इक्‍वेशन यह बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। जियो पॉलिटिकल इक्‍वेशन की सारी व्याख्याएँ बदल रही है, परिभाषाएँ बदल रही है। आज भारत ग्‍लोबल साउथ (गरीब देशों) की आवाज बन रहा है। भारत की समृद्धि, विरासत आज दुनिया के लिए एक अवसर बन रही है। भारत का नाम ही दुनिया में स्थिरता की गारंटी है।

उनकी स्थिरता उस राजनीतिक स्थिरता की तरफ इशारा रहा, जो पिछले 10 वर्षों से भारत के पास है। वर्ना 1990 के दशक में भारत की राजनीतिक उठापटक से कौन वाकिफ नहीं है, जब हर कुछ दिन बाद प्रधानमंत्री बदल जाते थे। बहरहाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से राष्ट्र को सकारात्मक संदेश तो गया ही है।

सादी वर्दी, हाथ में बंदूक-डंडे… बिट्टू बजरंगी को ले गई हरियाणा पुलिस, पड़ोसियों ने बताया – गिरेबान पकड़ कर ले गए, महिला को धक्का दिया

हरियाणा पुलिस द्वारा बिट्टू बजरंगी को हिरासत में लेने की खबर है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई नूँह हिंसा से जुड़े मामले में हुई है। मंगलवार (15 अगस्त, 2023) को सादी वर्दी में पुलिस के कई जवानों ने बिट्टू के घर में दबिश दी। प्सोडियों के मुताबिक पुलिसकर्मी बिट्टू के घर में घुसे और गर्दन दबोच कर ले गए। मुस्लिम संगठन एक लम्बे समय से नूहं हिंसा में बिट्टू बजरंगी और मोनू मानेसर पर कार्रवाई की माँग कर रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने अभी तक बिट्टू की गिरफ्तारी नहीं दिखाई है। बताया जा रहा है कि उन्हें हिरासत में ले कर पूछताछ की जा रही है। बिट्टू बजरंगी के घर पर हुई पुलिस की दबिश का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में लगभग 1 दर्जन पुलिसकर्मी बिट्टू की गली में दौड़ते हुए घुसते दिख रहे हैं। पुलिसकर्मी सादी वर्दी में है जिनके हाथों में डंडे देखे जा सकते हैं। थोड़ी देर बाद वो बिट्टू को अपने साथ ले जाते दिखाई दे रहे हैं। अचानक हुई इस कार्रवाई से गली में अफरातफरी का माहौल हो गया।

बिट्टू बजरंगी के आस-पड़ोस में रहने वाले लोगों ने मीडिया से बताया कि अचानक ही ढेर सारे पुलिस वाले गली में पहुँचे। कुछ के हाथों में बंदूकें और कुछ ने डंडे ले रखे थे। कुछ पुलिस वाले पड़ोसी के घर में भी घुसने लगे जिसका विरोध हुआ। इस पर पुलिसकर्मी ने पड़ोसी महिला को धक्का देते हुए दूर कर दिया। एक महिला का दावा है कि पुलिस वाले बिट्टू बजरंगी का गिरेबान पकड़ कर अपने साथ ले गए।

बिट्टू के पड़ोसी और परिजन इस बात को ले कर भी चिंतित हैं कि उन्हें साथ ले जाने वाले पुलिसकर्मी ही हैं या कोई और। कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि बट्टू बजरंगी तावडू क्राइम ब्रांच की कस्टडी में हैं।

पड़ोसियों का कहना है कि पुलिस वालों ने अपना पूरा परिचय नहीं दिया। लोगों का कहना है कि उन्हें बिट्टू को ले कर डर है क्योंकि इस बार पुलिस का तरीका अलग था। दावा है कि बिट्टू को हिरासत में लेने पहुँची पुलिस टीम में महिला स्टाफ नहीं थी। एक अन्य पड़ोसी के मुताबिक, घटना से थोड़ी देर पहले बिट्टू बजरंगी ने तिरंगा यात्रा निकाली थी। फ़िलहाल बिट्टू के घर में एक छोटा भाई और उस भाई की पत्नी हैं।

बताते चलें कि नूँह हिंसा के बाद से मुस्लिम पक्ष लगातार बिट्टू बजरंगी और मोनू मानेसर पर कार्रवाई का दबाव बना रहा था। कुछ वीडियो वायरल कर के बिट्टू को मुस्लिमों को उकसाने का आरोपित भी बताया जा रहा है। बिट्टू बजरंगी पर फरीदाबाद पुलिस ने नूँह हिंसा के बाद केस दर्ज किया था जिसमें उन्हें जमानत मिल गई थी।

20 साल बाद मणिपुर में दिखाई गई हिंदी फिल्म: सर्जिकल स्ट्राइक की कहानी भी देखेंगे लोग, जनजातीय संगठन करा रहा है स्क्रीनिंग

देश में आजादी की 77वीं वर्षगाँठ पर हिंसा प्रभावित देश के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर से सकारात्मक खबर आई है। यहाँ मंगलवार (15 अगस्त, 2023) की शाम 20 साल बाद कोई हिंदी फिल्म दिखाई जा रही है। ये फिल्म हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित चुराचाँदपुर जिले के रेंगकाई ( (लाम्का) एचएसए परिसर में दिखाई जा रही है।

हालाँकि, इसमें फिल्म के नाम का खुलासा नहीं किया गया। हिंदी फिल्म दिखाने का ये फैसला राज्य के आदिवासी छात्रों के संगठन ‘हमार स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एचएसए)’ का है। एचएसए ने सोमवार (14 अगस्त) को आधी रात के बाद स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी फिल्म दिखाने का बयान जारी किया। हालाँकि, संगठन ने अपने बयान में कुछ आपत्तिजनक बातें भी कही हैं।

‘आज़ादी’ की ऐलान करेंगे’

नॉर्थईस्ट नाउ न्यूज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, एचएएस ने एक बयान में कहा कि संगठन देश के 77वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के उपलक्ष्य में मंगलवार (15 अगस्त) को मणिपुर में सार्वजनिक तौर से एक हिंदी फिल्म प्रदर्शित किया। कुल मिलाकर, चार हिंदी फिल्में प्रदर्शित की जा रही हैं, जिनमें ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ और शाहरुख खान अभिनीत ‘कुछ कुछ होता है’ शामिल हैं।

बयान में ये भी कहा गया है, “हम उन राष्ट्र-विरोधी आतंकवादी समूहों से अपनी ‘आज़ादी’ का ऐलान करेंगे जिन्होंने स्वतंत्रता दिवस के बहिष्कार की घोषणा की है।” एचएसए के बयान में कहा गया है, “हमारा स्टूडेंट्स एसोसिएशन तुइथाफाई जेएचक्यू देश के स्वतंत्रता दिवस को चिह्नित करने के लिए सार्वजनिक तौर से हिंदी फिल्में प्रदर्शित करेगा। यह मैतेई आतंकवादी समूहों और मैतेई समर्थक मणिपुर राज्य सरकार के प्रति हमारी अवज्ञा और विरोध को दर्शाने के लिए है, जिन्होंने दशकों से जनजातीय समाज को अपने अधीन कर रखा है।”

बयान में आगे कहा गया है, “कानून और व्यवस्था बहाल करने में भारतीय सेना की कोशिशों को समर्थन देने के लिए ग्रामीणों को ‘सबक’ सिखाने के लिए 2006 में मैतेई आतंकवादी समूह यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट/कंगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी के कैडरों ने 20 से अधिक हमार महिलाओं, कुछ नाबालिगों के साथ बलात्कार किया गया था। अब, 2023 में, हम एक प्रमुख समुदाय से आने वाले मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मणिपुर राज्य-प्रायोजित हिंसा का सामना कर रहे हैं। स्वतंत्रता और न्याय के लिए हमारी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लेने के लिए हमारे साथ शामिल हों। यह उल्लेख किया जा सकता है कि मणिपुर में 20 साल से अधिक वक्त से हिंदी फिल्मों पर प्रतिबंध लगा हुआ है।”

2000 में लगा था हिंदी फिल्में दिखाने पर प्रतिबंध

मणिपुर में सक्रिय विभिन्न उग्रवादी संगठनों ने लोगों को मुख्य भूमि भारत से अलग-थलग करने की कोशिशों में राज्य में एक हिंदी फिल्म की स्क्रीनिंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदी फिल्मों की स्क्रीनिंग पर प्रतिबंध सितंबर 2000 में विद्रोही संगठन रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट ने लगाया था।

उग्रवादी संगठनों की धमकी के डर से राज्य के सिनेमाघरों में ज्यादातर अंग्रेजी, कोरियाई और मणिपुरी फिल्में दिखाई जाती हैं। मणिपुर की राजधानी इंफाल में 1998 में दिखाई गई आखिरी हिंदी फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ थी। गौरतलब है कि मणिपुर दो दशकों से अधिक समय से उग्रवाद से बुरी तरह प्रभावित है। दो दशकों से अधिक समय में पहली बार, स्वतंत्रता दिवस पर जातीय संघर्ष प्रभावित मणिपुर में एक हिंदी फिल्म दिखाई जा रही है। 

एचएसए का कहना है कि मणिपुर में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की गई आखिरी हिंदी फिल्म 1998 में ‘कुछ कुछ होता है’ थी। राज्य सरकार ने इससे पहले इम्फाल में सीमित दर्शकों के लिए ‘कश्मीर फाइल्स’ और ‘रॉकेटरी’ की स्क्रीनिंग की थी। गौरतलब है कि मणिपुर दो दशकों से अधिक समय से उग्रवाद से बुरी तरह प्रभावित है। दो दशकों से अधिक समय में पहली बार, स्वतंत्रता दिवस पर जातीय संघर्ष प्रभावित मणिपुर में एक हिंदी फिल्म दिखाई जा रही है।

चुराचाँदपुर के एक स्थानीय छात्र अमरजीत सिंह ने नॉर्थईस्ट नाउ को बताया, “मुझे बहुत खुशी है कि आज एक हिंदी फिल्म दिखाई जाएगी। मुझे कभी भी सार्वजनिक रूप से कोई हिंदी फिल्म देखने का सौभाग्य नहीं मिला। मैं अपने मोबाइल फोन पर केवल हिंदी ब्लॉकबस्टर्स देख रहा हूं। यह पहली बार होगा जब मुझे इसे बड़ी स्क्रीन पर देखने का मौका मिलेगा।”