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उत्तराखंड में कॉलेज से लौट रहे हिंदू युवक पर कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़ का जानलेवा हमला: विवादित टिप्पणी बनी वजह, पुलिस समझौता भी बेकार

उत्तराखंड में सोशल मीडिया साइट पर टिप्पणी करने के दो महीने बाद गुरुवार (27 जुलाई 2023) को कुछ मुस्लिम युवकों ने एक हिंदू छात्र पर हमला कर दिया। सरिया और तलवार जैसे धारदार हथियार और लाठी-डंडे से किए गए हमले में युवक को सिर सहित कई जगहों पर गंभीर चोटें आई हैं। युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मामला देहरादून के पटेल नगर इलाके का है। एसजीआरआर विश्वविद्यालय में बीकॉम तीसरे वर्ष का हिंदू छात्र अमन भंडारी गुरुवार को यूनिवर्सिटी में छुट्टी के बाद अपनी बाइक से घर लौट रहा था। इस दौरान घात लगाए बैठे 10-12 मुस्लिम उपद्रवियों ने उसे पटेल नगर औद्योगिक क्षेत्र में भंडारी को जबरन रोक लिया और उसे बाइक से गिरा दिया।

घटना की जानकारी आसपास के लोगों को हुई तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। हालाँकि, पुलिस आने के पहले हमलावर घटनास्थल से फरार हो गए। उधर, घायल अमन भंडारी को श्रीमहंत इंद्रेश अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका उपचार चल रहा है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद विश्वविद्यालय के छात्र गुस्सा गए और घटनास्थल पर पहुँचकर जमकर इसका विरोध किया। घटनास्थल पर एक हमलावर की स्कूटी खड़ी थी, उसमें आग लगा दी गई। छात्रों का साथ हिंदू युवा वाहिनी भी घटनास्थल पर पहुँचकर आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की।

घटना के बाद आसपास के इलाकों में तनाव फैल गया। इसको देखते हुए इलाके में PAC को तैनात कर दिया गया और आसपास के सभी थाने-चौकियों से पुलिस बल को बुलाया गया है। किसी तरह की अप्रिय घटना ना हो, इसको लेकर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। घायल छात्र के परिजनों ने अज्ञात हमलावरों के विरुद्ध पटेल नगर कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज करा है।

पुलिस हमलावरों को गिरफ्तार करने के लिए 4 टीमें बनाकर दबिश दे रही है। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने छात्रों व स्थानीय दुकानदारों से हमलावरों से पूछताछ और आसपास के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चार लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें एक आरोपित, जबकि तीन आरोपितों के परिजन हैं। अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।  

पुलिस के अनुसार, विवाद की शुरुआत करीब दो माह पूर्व हुई थी। अमन ने सोशल मीडिया पर मुस्लिम समुदाय द्वारा डाले गए पोस्ट पर कुछ कमेंट किया था। इससे मुस्लिम पक्ष नाराज हो गए थे और मामला एसएसपी कार्यालय पहुँचा था। एसएसपी ने दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति संभाल ली थी।

अमन ने भी अपनी टिप्पणी को डिलीट कर दिया था। हालाँकि, लोगों का कहा है कि समझौता हो जाने के बावजूद भी कट्टरपंथियों की ओर से अमन लगातार धमकियाँ मिल रही थीं। कट्टरपंथी हर हाल में अमन को निशाना बनाना चाह रहे थे।

गुरुवार को अमन जब बाइक से लौट रहा था, तब तीन स्कूटी पर बैठे 10-12 मुस्लिमों ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। अमन जैसे ही बाइक से गिरा तो उस जानलेवा हमला कर दिया गया। आसपास के लोग जैसे ही उनकी तरफ बढ़े तो हमलावर मुस्लिमों के पक्ष में नारे लगाते हुए भाग निकले। इस दौरान हमलावरों की एक स्कूटी छूट गई, जिसे आक्रोशित लोगों ने तोड़-फोड़ दिया।

मिशनरी स्कूल में धर्मांतरण: जनजातीय लड़कियों को पढ़ाई के नाम पर नन बनने की ट्रेनिंग, हॉस्टल में रखते थे लेकिन एडमिशन रिकॉर्ड तक नहीं

मध्य प्रदेश के झाबुआ में ईसाई मिशनरियों के फैले धर्मांतरण जाल का खुलासा हुआ है। आरोप है कि राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से जनजातीय लड़कियों को लाकर उन्हें कैथोलिक हॉस्टल में रखा गया था और वहाँ उन्हें नन (Nun) बनने की ट्रेनिंग दी जा रही थी। इस पूरे मामले का खुलासा मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की जाँच में हुआ।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जनजातीय लड़कियों से हुई छेड़छाड़ के एक मामले में मध्य प्रदेश के राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (SCPCR) की टीम जाँच करने के लिए झाबुआ स्थित कैथोलिक मिशन स्कूल के स्नेह सदन जनजातीय बालिका छात्रावास पहुँची थी। वहाँ नन के कमरे की जाँच गई तो वहाँ 3 लड़कियाँ मिलीं। उनसे बातचीत के बाद पता चला कि वे जनजातीय वर्ग से हैं।

लड़कियों ने बताया कि उन्हें हॉस्टल में रखकर नन बनने की ट्रेनिंग दी जा रही थी। इनमें से 2 लड़कियाँ नाबालिग हैं। वहीं, 1 बालिग है। आयोग ने लड़कियों के परिजनों से इस बारे में पूछताछ की तो उनका कहना था कि उन्होंने तो लड़कियों को पढ़ने के लिए भेजा है। इस मामले का खुलासा होने के बाद राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बालिग लड़की को मिशनरी के चंगुल से निकालकर उसके परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं, दोनों नाबालिग लड़कियों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।

आयोग की जाँच में पता चला कि ये लड़कियाँ बीते डेढ़-दो माह से हॉस्टल में रह रही थीं, लेकिन इनका हॉस्टल में कोई रिकॉर्ड नहीं था। इस मामले में स्कूल मैनेजमेंट की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। दरअसल, आयोग ने जब स्कूल से इन लड़कियों के एडमिशन को लेकर जानकारी माँगी तो वहाँ भी सिर्फ अस्थायी एडमिशन की ही बात कही गई।

इस मामले में झाबुआ बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रदीप जैन का कहना है कि हॉस्टल में इन लड़कियों के आने, रहने व इनकी ट्रेनिंग से जुड़ा हर पॉइंट जाँच का विषय है। लड़कियाँ स्कूल में 11वीं और 12वीं में पढ़ने के लिए आई थीं। नियमानुसार किसी भी शिक्षण संस्थान में इस तरह की धार्मिक गतिविधियों की इजाजत नहीं होती है।

जैन ने कहा कि लड़कियों के परिजनों को बुलाया गया है। उनसे बातचीत के बाद ही सारी बातें स्पष्ट हो पाएँगी। फिलहाल यह जाँच का विषय है कि क्या गरीबी का फायदा उठाकर इन लड़कियों या उनके परिजनों को प्रलोभन दिया गया था? यदि नहीं तो फिर ये लड़कियाँ नन बनने के लिए कैसे तैयार हुईं? फिलहाल संस्था पर FIR कराने की तैयारी की जा रही है।

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (SCPCR) के सदस्य ओंकार सिंह का कहना है कि जाँच के दौरान सामने आया है कि यहाँ रहने के नाम पर जनजातीय छात्रों से 15-20 हजार रुपए अतिरिक्त लिए जा रहे हैं। इसके अलावा, ईसाई धर्मांतरण से जुड़े कई सबूत भी यहाँ मिले हैं।

आयोग के अनुसार, यहाँ से 12 बोर की एक बंदूक के अलावा पटाखे चलाने वाली बंदूक भी बरामद की गई है। किसी शिक्षण संस्थान में हथियारों को रखने का नियम नहीं है। दोनों चीजें जब्त कर पुलिस को सौंप दिया गया है।

‘दोगुना हो गया इलेक्ट्रॉनिक और मोबाइल फोन का निर्यात’: PM मोदी ने ‘सेमीकॉन इंडिया 2023’ का किया उद्घाटन, निवेश को मिलेगा बढ़ावा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में गुजरात में ‘Semicon India 2023’ का उद्घाटन किया। इससे भारत में सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश बढ़ेगा और साथ ही इसकी कमी से जूझने के लिए भारत के पास क्षमता तैयार होगी। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हम सभी पिछले वर्ष सेमीकॉन इंडिया के पहले एडिशन में हिस्सा लिया था और तब चर्चा इस बात की थी कि भारत में सेमीकंडक्टर सेक्टर में क्यों इंवेस्ट करना चाहिए। लोग सवाल कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि अब हम एक साल बाद मिल रहे हैं तो सवाल बदल गए हैं, अब कहा जा रहा है- Why not invest. बकौल पीएम मोदी, भारत की Democracy, भारत की Demography, भारत से मिलने वाला Dividend आपके बिजनेस को भी डबल-ट्रिपल करने वाला है। उन्होंने कहा कि 2014 में भारत का इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्शन 30 बिलियन डॉलर से भी कम था, आज ये बढ़कर 100 बिलियन डॉलर को पार कर गया है।

पीएम मोदी ने यह भी बताया कि सिर्फ 2 वर्ष में भारत से इलेक्ट्रॉनिक निर्यात भी दोगुने से ज्यादा हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत में बने मोबाइल फोन का निर्यात भी दोगुना हो चुका है। जो देश कभी मोबाइल फोन का आयातक था, वह अब दुनिया के बेस्ट फोन बना रहा था, उनका निर्यात कर रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि Health से लेकर agriculture और logistics तक smart technology के Use से जुड़े एक बड़े vision पर भारत काम कर रहा है।

पीएम मोदी ने कहा, “आज भारत की Indian aspersions भारत के विकास को ड्राइव कर रही है। आज भारत, दुनिया का वह देश है जहां भीषण गरीबी तेजी से खत्म हो रही है। आज भारत वह देश है जहां Neo-middle क्लास तेजी से बढ़ रहा है। भारत का बढ़ता हुआ Neo-Middle Class, Indian Aspirations का पॉवरहाउस बना हुआ है। संभावनाओं से भरे भारत के इस scale के market के लिए आपको chip-making ecosystem का निर्माण करना है।”

उन्होंने कहा कि भारत को इस बात का भी एहसास है कि semiconductor सिर्फ हमारी ज़रूरत नहीं है। दुनिया को भी आज एक trusted, reliable chip supply chain की जरूरत है। दुनिया की सबसे बड़ी democracy से बेहतर भला ये trusted partner कौन हो सकता है? बकौल पीएम मोदी, जब आपसे कहते हैं कि Make in India तो इसमें ये बात भी शामिल है कि Make in India, make for the world

‘बद्रीनाथ बौद्ध मठ था, तोड़ कर बनाया गया मंदिर’: ज्ञानवापी पर ASI सर्वे से भड़के सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्या, बोले – मिर्ची लगी न…

समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने ज्ञानवापी में ASI के सर्वे को लेकर गड़बड़ बात की है। उन्होंने कहा कि अब इन्हें आस्था याद आ रही है, क्या दूसरों की आस्था, आस्था नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अधिकतर हिन्दू मंदिर बौद्ध मठों को तोड़ कर बनाए गए हैं। यहाँ तक कि बद्रीनाथ मंदिर को लेकर भी ऐसा ही दावा कर दिया। उन्होंने ट्वीट भी किया है कि उत्तराखंड का बद्रीनाथ मंदिर पहले बौद्ध मठ हुआ करते था, लेकिन हिन्दुओं ने इसे तोड़ कर मंदिर बना लिया।

उन्होंने ट्वीट किया, “आखिर मिर्ची लगी न, अब आस्था याद आ रही है। क्या औरों की आस्था, आस्था नहीं है? इसलिए तो हमने कहा था किसी की आस्था पर चोट न पहुँचे इसलिए 15 अगस्त 1947 के दिन जिस भी धार्मिक स्थल की जो स्थिति थी, उसे यथास्थिति मानकर किसी भी विवाद से बचा जा सकता है। अन्यथा ऐतिहासिक सच स्वीकार करने के लिए तैयार रहना चाहिए। 8वीं शताब्दी तक बद्रीनाथ बौद्ध मठ था उसके बाद यह बद्रीनाथ धाम हिन्दू तीर्थ स्थल बनाया गया, यही सच है।”

इतना ही नहीं, समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहा कि हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई हम सब भाई-भाई है। उन्होंने दावा किया कि इसीलिए आज़ादी वाले दिन इसलिए 15 अगस्त, 1947 की यथास्थिति को भी बहाल रखा जाए, तभी जाकर अमन चैन बना रहेगा। उन्होंने पूछा कि ASI इन सबकी जाँच क्यों नहीं कर सकता है? साथ ही सवाल दागा कि अगर मस्जिद से पहले वहाँ मंदिर था तो मंदिर से पहले वहाँ क्या था? उन्होंने पूछा कि ASI इन सबकी जाँच क्यों नहीं कर सकता है? साथ ही सवाल दागा कि अगर मस्जिद से पहले वहाँ मंदिर था तो मंदिर से पहले वहाँ क्या था?

उन्होंने कहा कि एएसआई को इसकी भी जाँच करनी चाहिए। स्वामी प्रसाद मौर्या ने दावा किया कि शंकराचार्य ने बौद्ध मठ को मंदिर बना दिया था। इससे पहले मई 2023 में उन्होंने दावा किया था कि ‘साधु के वेश में आतंकी’ जब उनकी हत्या की बात कर रहे थे, तब योगी सरकार कानून व्यवस्था की दुहाई देते हुए शांत बैठी हुई थी। उन्होंने दावा किया था कि हिंदू समाज के किसी भी नारी को आप लोगों ने पढ़ने लिखने का अधिकार नहीं दिया।

6 FIR, 10 गिरफ्तारियाँ… मणिपुर हिंसा पर एक्शन में CBI: केंद्र सरकार ने कहा – 6 महीने में वीडियो काण्ड के अपराधियों को दिलाएँगे सज़ा

मणिपुर वीडियो काण्ड की जाँच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने CBI को सौंप दी। 3 महिलाओं को नग्न परेड कराए जाने और उनका गैंगरेप किए जाने के इस मामले की जाँच अब ‘केंद्रीय जाँच एजेंसी’ ने शुरू भी कर दी है। इतना ही नहीं, मणिपुर हिंसा को लेकर 6 FIR दर्ज करने के बाद CBI ने आरोपितों की धर-पकड़ भी शुरू कर दी है और 10 गिरफ्तारियाँ हुई हैं। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों में ये गिरफ्तारियाँ हुई हैं। वीडियो काण्ड मामले में अब CBI मामला दर्ज करेगी।

इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई होनी है, लेकिन मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अनुपस्थिति के कारण मामला नहीं सुना जा सका। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि सरकार कार्रवाई करे, वरना हम कुछ एक्शन लेने के लिए मजबूर होंगे। केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में फास्टट्रैक कोर्ट के माध्यम से 6 महीने में आरोपितों को सज़ा दिलाए जाने की बात कही है। इस वारदात के 7 अपराधी अब तक गिरफ्तार किए जा चुके हैं, ये भी केंद्र ने बताया था।

केंद्र सरकार ने कहा है कि ये न सिर्फ एक घृणित वारदात है, बल्कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए नजीर पेश की जानी चाहिए। इसीलिए, इस मामले की जाँच CBI को दिए जाने का निर्णय लिया गया है। जिस मोबाइल फोन से इस वीडियो को शूट किया गया था, उसे जब्त कर लिया गया है। साथ ही जिस व्यक्ति ने महिलाओं का नग्न परेड कराए जाने वाला वीडियो शूट किया था, उसकी पहचान के बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया है कि केंद्र सरकार इस मामले में कुकी और मैतेई, दोनों समुदायों के संपर्क में है और शांति बहाली के लिए हर प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष संसद भी नहीं चलने दे रहा है, जिसके बाद अमित शाह ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी, दोनों को पत्र लिख कर मणिपुर की घटनाओं पर चर्चा के लिए सहयोग माँगा था। 

मुस्लिम सहेली ने जिस आसिफ से मिलवाया, उसने मदरसे में ले जाकर किया धर्मांतरण का प्रयास: मेरठ की ‘द केरल स्टोरी’, टाइल मिस्त्री है आरोपित

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से द केरल स्टोरी जैसा मामला सामने आया है। यहाँ एक हिन्दू लड़की के अपहरण के आरोप में आसिफ नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि पीड़िता की एक मुस्लिम सहेली ने ही आसिफ से जान-पहचान करवाई थी। हिन्दू संगठनों ने पीड़िता को धर्मांतरण की साजिश के तहत मदरसे में रखने का आरोप लगाया है। पुलिस ने पीड़िता को भी बरामद कर लिया है। मामले में जाँच और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

यह मामला मेरठ के थानाक्षेत्र दौराला का है। बुधवार (26 जुलाई, 2023) को पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनकी बेटी एक दिन पहले 25 जुलाई को मुजफ्फरनगर के खतौली स्थित जैन डिग्री कॉलेज में पढ़ने निकली थी लेकिन वो स्कूल पहुँचीं नहीं। लड़की के पिता ने काफी खोजबीन की लेकिन पीड़िता का कोई अता-पता नहीं चला। शिकायत में बताया गया कि लड़की के नंबर पर एक लड़के का फोन आता था। शिकायतकर्ता ने लड़की की एक मुस्लिम सहेली का जिक्र करते हुए बताया कि उसे सब पता है।

पीड़िता के पिता ने अपनी बेटी के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई और पुलिस से कार्रवाई की माँग की थी। पुलिस ने IPC की धारा 366 के तहत केस दर्ज कर के मामले की जाँच शुरू कर दी। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। जब हिन्दू संगठनों को इस मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने घटना को ‘लव जिहाद; बताते हुए थाने पर हंगामा किया। पुलिस ने भी आरोपित और पीड़िता की तलाश शुरू कर दी। जाँच के दौरान पुलिस को दोनों के बालिग होने की जानकारी मिली।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता के पिता ने जिस नंबर का जिक्र FIR में किया था वह पुलिस की जाँच में आसिफ का निकला। आसिफ टाइल्स का मिस्त्री है जो मेरठ के दौराला में रहता है। आसिफ और लड़की का परिचय लगभग 1 साल से था। बताया जा रहा है कि लड़की की शादी कहीं और होने जा रही थी। इसी वजह से 25 जुलाई को आसिफ उसे अपने साथ चंडीगढ़ ले गया। लड़की अपना फोन घर छोड़ कर आई थी। आसिफ ने उसे चंडीगढ़ में एक नया फोन खरीद कर दिया। हालाँकि, इतनी साजिशों के बाद भी पुलिस ने आसिफ़ को ट्रेस कर लिया।

फिलहाल आसिफ को हिरासत में ले लिया गया और लड़की को भी बरामद कर लिया गया है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों जल्द ही निकाह करने वाले थे। हिन्दू संगठन से जुड़े सदस्यों का आरोप है कि लड़की को मदरसे में रखा गया और उसके धर्मांतरण का प्रयास किया गया। पूछताछ के लिए पुलिस ने खतौली से कुछ लोगों को भी हिरासत में लिया था। मेरठ के SP सिटी पियूष सिंह के मुताबिक लड़की को आगे की कार्रवाई के लिए अदालत में पेश किया जाएगा। अदालत में दिए गए बयानों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई अमल में लाएगी।

10 साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या, बेसमेंट में दबा दिया शव: बिहार पुलिस ने आरोपित को पकड़ कर छोड़ दिया था, गिरिराज सिंह बोले – राज्य को नर्क बना दिया

बिहार के बेगूसराय में 10 साल की बच्ची के बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी गई है। बताया गया है कि बच्ची अपने पड़ोस में मेहंदी तोड़ने के लिए गई थी। रेप और हत्या का आरोप भी पड़ोसी पर ही लगा है। इतना ही नहीं, बच्ची के शव को आरोपित ने अपने घर के ही बेसमेंट में दफना भी दिया। बच्ची सोमवार (24 जुलाई, 2023) से ही लापता थी। परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने पड़ोसी के घर से बच्ची का शव बरामद किया।

पड़ोसी पर आरोप लगा है कि उसने न सिर्फ बच्ची के साथ रेप कर के उसकी हत्या कर दी, बल्कि बेसमेंट में शव को दबा दिया। पुलिस ने गुरुवार (27 जुलाई, 2023) को बच्ची का शव बरामद किया है। हालाँकि, बिहार पुलिस इस मामले में कुछ भी बताने से इनकार कर रही है। जैसे ही इस मामले का खुलासा हुआ, खबर जंगल में आग की तरह गाँव और इसके आसपास फ़ैल गई। लोग आक्रोशित हो गए और आरोपित के घर में तोड़फोड़ कर डाली।

बताया जा रहा है कि बछवारा थाना क्षेत्र में ये घटना हुई है। 24 जुलाई को बच्ची अपने पड़ोसी के घर मेहंदी तोड़ने के लिए गई थी। उसके बाद से ही वो लापता थी। पुलिस ने पड़ोसी के 2 नौकरों से पूछताछ की और वीडियो बना कर पुलिस को भेजा। इससे पहले पुलिस ने आरोपित को पकड़ कर फिर छोड़ दिया था। अब प्राथमिकी दर्ज कर जाँच की बात कही जा रही है। डॉग स्क्वाड की मदद से शव की बरामदगी में सफलता मिली है। केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद गिरिराज सिंह ने भी इस घटना को लेकर बिहार सरकार पर हमला बोला है।

उन्होंने कहा कि बिहार को नीतीश कुमार की सरकार ने नरक बना दिया है। साथ ही आरोपित को पुलिस द्वारा पहले छोड़ दिए जाने पर भी आपत्ति जताई। बिहार में आजकल आपराधिक घटनाएँ बढ़ गई हैं। दरभंगा में एक महादलित के शव पर पेशाब करने की घटना सामने आई। पूर्णिया में भाजपा के कारोबारी नेता की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी गई। बेगूसराय में ही एक दलित नाबालिग लड़की को निर्वस्त्र कर पीटा गया।

‘देश का नाम India हटा कर सिर्फ भारत रखा जाए, गुलामी और दासता से मुक्ति मिले’: संसद में उठी माँग – अनुच्छेद-1 संशोधित हो

भाजपा के राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने माँग की है कि देश का नाम सिर्फ ‘भारत’ रखा जाए और ‘इंडिया’ को हटा दिया जाए। बता दें कि विपक्षी दलों ने मिल कर एक आया गठबंधन ‘I.N.D.I.A’ बनाया है। उन्होंने कहा कि अभी जब आज़ादी का अमृत काल चल रहा है, संविधान के अनुच्छेद-1 को संशोधित कर के इस पुण्य पावन धरा का नाम केवल ‘भारत’ रखा जाना चाहिए। विपक्षी दल लगातार ‘मोदी बनाम इंडिया’ वाल नैरेटिव चला कर देश के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहे हैं।

उन्होंने याद दिलाया कि विगत स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद कहा था कि देश को दासता के चिह्नों से मुक्ति दिलाए जाने की आवश्यकता है। बता दें कि प्रधानमंत्री ने ‘5 प्रण’ की बात की थी, जिसमें गुलामी की मानसिकता से देश को मुक्ति दिलाने की बात कही गई थी। नरेश बंसल ने कहा कि औपनिवेशिक सोच से मुक्ति दिलाने की ज़रूरत है और परंपरागत भारतीय मूल्यों और सोच को लागू करने की आवश्यकता है।

नरेश बंसल ने कहा, “आज़ादी के अमृत महोत्सव से देश को एक नई ऊर्जा और प्रेरणा मिली है। गुजरे हुए कल को हम पीछे छोड़ रहे हैं और आने वाले भविष्य में रंग भर रहे हैं। अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे कई कानूनों को बदला गया है। भारतीय बजट की तारीख़ भी बदली गई है, जो अब तक अंग्रेजी नियमों का अनुसरण कर रहा था। नई शिक्षा नीति के तहत युवाओं को विदेशी भाषा से आज़ाद किया जा रहा है। इंडिया गेट पर जॉर्ज पंचम की मूर्ति हटा कर नेताजी बोस की लगाई गई।”

नरेश बंसल ने कहा कि अंग्रेजों ने 250 वर्षों तक भारत पर राज़ किया और देश का नाम बदल कर ‘इंडिया’ रख दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों के कारण राष्ट्र को स्वतंत्रता मिली, और 1950 में भारत का संविधान लिखा तब, तब भी इसे ‘इंडिया दैट इज भारत’ कहा गया। उन्होंने कहा कि अब इसे हटा कर ‘भारत’ करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि महाराज भरत ने संपूर्ण देश को विस्तार किया और उनके नाम पस ये देश भारत कहलाया।

मुँह में कपड़ा ठूँसा, पेड़ से बाँधा, फाड़ डाले कपड़े, बेहोश होने तक पीटा… झारखंड में महिला का अपहरण कर हैवानियत, जंगल में ले गए

झारखंड के गिरडीह में एक दलित महिला को पेड़ से बाँध कर पीटने का मामला सामने आया है। पिटाई के बाद पीड़िता के कपड़े भी फाड़ दिए गए। घटना के पीछे की वजह अवैध संबंधों को बताया जा रहा है। पीड़िता ने आरोपितों के नाम पुलिस को बताए हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। अब तक 4 गिरफ्तारियाँ की गईं हैं जिसमें 2 महिलाएँ भी शामिल हैं। घटना बुधवार (26 जुलाई, 2023) रात की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला गिरडीह जिले के थाना क्षेत्र सरिया का है। यहाँ के कोबडिया टोला इलाके में रहने वाली दलित समुदाय की एक महिला को बुधवार रात एक कॉल आई। फोन करने वाले ने महिला को घर से बाहर बुलाया। जब महिला घर से बाहर निकली तो उसे बाइक पर बैठे 2 युवक दिखाई पड़े। दोनों ने महिला का अपहरण कर लिया। आरोप है कि दोनों बाइक सवार पीड़िता को अपने साथ जंगल ले गए। जंगल पीड़िता के घर से लगभग आधा किलोमीटर दूर था। यहाँ कुछ अन्य लोग पहले से मौजूद थे जिसमें महिलाएँ भी शामिल थीं।

पीड़िता का आरोप है कि जंगल में उसे पेड़ से बाँध कर मुँह में कपड़ा ठूँस दिया गया। इसके बाद पीड़िता को बेरहमी से पीटा गया। पिटाई के दौरान उसके कपड़े फाड़ दिए गए। अधिक चोट लगने की वजह से जब पीड़िता बेहोश हो गई तो आरोपित उसे जंगल में ही पेड़ से बँधा छोड़ आए। सुबह ग्रामीणों को किसी घायल महिला के निर्वस्त्र पेड़ से बँधे होने की जानकारी मिली तो वो मौके पर पहुँचे। महिला को अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहाँ उसका इलाज चल रहा है। मामले की जानकारी पुलिस को मिली तो केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी गई।

पीड़िता ने पुलिस को दिए गए बयान में आरोपितों के नाम भी बताए हैं। इस बयान के आधार पर अब तक विकास कुमार सोनार, श्रवण सोनार, रेखा देवी और मुन्नी देवी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़िता का अवैध संबंध दूसरे गाँव के एक युवक के साथ था। इस रिश्ते के दोनों ही परिवार के लोग विरोध कर रहे थे। मामले को पहले समझा-बुझा कर निबटाने का प्रयास किया गया। हालाँकि, जब इस से बात नहीं बनी तो एक पक्ष के लोगों ने पीड़िता के साथ अमानवीयता की।

नज़ीबुर ने हिन्दू बीवी और उसके माँ-बाप को मार डाला, कॉन्ग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बोले – प्यार और युद्ध में सब जायज: श्रीकृष्ण से ‘लव जिहाद’ की तुलना, CM सरमा ने चेताया

असम में कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा ने भगवान श्रीकृष्ण को ‘लव जिहादियों’ से जोड़ दिया, जिसके बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने उन पर निशाना साधा है। गोलाघाट तिहरा हत्याकांड पर टिप्पणी करते हुए असम कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष ने ये हरकत की थी। बता दें कि नज़ीबुर रहनाम ने फेसबुक से संघमित्रा घोष को फँसाया और फिर उसे और उसके माँ-बाप की हत्या कर दी। फिर वो 9 महीने के बच्चे को लेकर सरेंडर करने के लिए थाने पहुँचा।

भूपेन बोरा के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने का मामला पुलिस ने दर्ज कर लिया है। उन्होंने कहा था, “युद्ध और प्यार में जब जायज है। हमारे प्राचीन ग्रंथों में ऐसी कई कहानियाँ हैं, जैसे भगवान श्रीकृष्ण भी रुक्मिणी के साथ भाग गए थे। सीएम सरमा को आज का जमाने में दो अलग-अलग धर्मों के लोगों द्वारा शादी करने को लेकर हंगामा नहीं खड़ा करना चाहिए।” सीएम सरमा ने जवाब देते हुए कहा कि ‘लव जिहाद’ से भगवान श्रीकृष्ण को जोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि वो किसी को गिरफ्तार करवाने का कदम नहीं उठा सकते, लेकिन इस बयान से कई सनातनियों की भावनाएँ आहत हुई हैं और वो पुलिस में मामला दर्ज कराएँगे तो फिर भला कार्रवाई से कैसे रोका जा सकता है? उन्होंने कहा कि किसी ने केस दर्ज किया तो गिरफ़्तारी होगी। उन्होंने याद दिलाया कि कृष्ण ने रुक्मिणी को धर्म बदलने के लिए मजबूर नहीं किया था। उन्होंने कहा कि हम हर विवाद में हजरत मुहम्मद और जीसस क्राइस्ट को हर विवाद में नहीं खींचते।

उन्होंने कहा कि अगर कॉन्ग्रेस ऐसे ही करती रही तो कल को मस्जिद और मदरसा ही उनका पता होगा। उन्होंने कहा कि AIUDF (बदरुद्दीन अजमल की पार्टी) वहाँ से भी कॉन्ग्रेस को निकाल फेंकेगी, फिर वो कहाँ जाएगी? उन्होंने कहा कि हिन्दू लड़के हिन्दू लड़कियों से और मुस्लिम लड़के मुस्लिम लड़कियों से शादी करेंगे तो देश में सहमति होगी। उन्होंने कहा कि धर्म अलग-अलग हो तो ‘स्पेशल मैरिज एक्ट’ है, किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है।