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‘मेरा रेप हो गया है माँ…मुझे बचा ले’ : अजमेर 92 का झकझोर देने वाला टीजर जारी, देश के सबसे बड़े सेक्स स्कैंडल पर बनी है फिल्म

देश के सबसे बड़े सेक्स स्कैंडल पर आधारित फिल्म ‘अजमेर 92’ (Ajmer 92) का टीजर जारी हो गया है। इसमें राजस्थान के अजमेर शहर के सुप्रसिद्ध गर्ल्स स्कूल की लड़कियों को ब्लैकमेल करके उनका बलात्कार करने और उनके तत्कालीन सत्ताधारी दल की लीपा-पोती की कहानी है। इस कांड में लगभग 300 हिंदू लड़कियों को निशाना बनाया गया था, जिनमें से कई छात्राओं ने आत्महत्या कर ली थी।

सच्ची घटना से प्रेरित यह फिल्म 21 जुलाई 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। फिल्म का पोस्टर और टीजर रिलीज होने के बाद लोगों में इस फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। दर्शक फिल्म का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

फिल्म के टीजर की शुरुआत एक लड़की द्वारा फोन उठाने से होती, जिसे एक अनजान शख्स किया है। वह शख्स लड़की को बताता है कि उसकी तस्वीर अखबार में छपी है। इसके बाद अगली सीन में एक दूसरी लड़की माँ को रोते हुए बताती है कि उसका रेप हो गया है। इसमें रेप पीड़िताओं और छात्राओं के डर को बहुत बेहतरीन तरीके से दिखाया गया है।   

इस सेक्स स्कैंडल में अजमेर स्थित मोइनुद्दीन चिश्ती दरगाह के कई खादिम भी इसमें शामिल थे। वे उस समय कॉन्ग्रेस के नेता थे। सन 1987 से 1992 के बीच जिन लड़कियों को ब्लैकमेल करके रेप किया गया था, उनमें कई अधिकारियों एवं पावरफुल लोगों की लड़कियाँ भी थीं।

इस फिल्म में सुमित सिंह, मनोज जोशी, करण वर्मा, राजेश शर्मा, जरीना वहाब और शालिनी कपूर महत्वपूर्ण भूमिका में हैं। फिल्म का लेखन पुष्पेंद्र सिंह, ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह और सूरजपाल पाठक ने किया है। फिल्म के डायरेक्टर पुष्पेंद्र सिंह हैं। वहीं, उमेश कुमार तिवारी और करण वर्मा ने मिलकर फिल्म को प्रोड्यूस किया है।

इस फिल्म का मुस्लिम संगठन विरोध कर रहे हैं। कई इस्लामिक संगठनों ने इस पर प्रतिबंध लगाने की माँग की है। हालाँकि, हालिया निर्णय में राजस्थान हाईकोर्ट ने सिनेमाघरों या ओटीटी की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इसके पहले, यह फिल्म 14 जुलाई 2023 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब 21 जुलाई को रिलीज होगी।

1992 का अजमेर कांड

बता दें कि अजमेर का ब्लैकमेलिंग कांड का खुलासा अप्रैल 1992 में हुआ था। इसे दुनिया के सामने लाने वाले पत्रकार संतोष कुमार थे। इस रेप और ब्लैकमेलिंग कांड की शिकार अधिकतर स्कूल और कॉलेज जाने वाली लड़कियाँ थीं। लोग कहते हैं कि इनमें से अधिकतर ने तो आत्महत्या कर ली।

जब ये केस सामने आया था, तब अजमेर कई दिनों तक बन्द रहा था। लोग सड़क पर उतर गए थे और प्रदर्शन चालू हो गए थे। जानी हुई बात है कि आरोपितों में से अधिकतर समुदाय विशेष से थे और पीड़िताओं में सामान्यतः हिन्दू ही थीं।

इस केस में 18 को आरोपित बनाया गया था। इनमें एक फारूक चिश्ती भी था जो कभी कॉन्ग्रेस का नेता हुआ करता था। इस मामले में 200 से भी अधिक पीड़िताएँ थीं लेकिन कुछ ने ही बयान दिया था। अफसोस, इनमें से शायद ही कोई अपने बयान पर कायम रही हों।

कहते हैं उस वक़्त अजमेर में 350 से भी अधिक पत्र-पत्रिका थी और इस सेक्स स्कैंडल के पीड़ितों का साथ देने के बजाए स्थानीय स्तर के कई मीडियाकर्मी उल्टा उनके परिवारों को ब्लैकमेल किया करते थे। आरोपितों को छोड़िए, इस पूरे मामले में समाज का कोई भी ऐसा प्रोफेशन शायद ही रहा हो, जिसने एकमत से इन पीड़िताओं के लिए आवाज़ उठाई हो।

आरोप यह भी है कि जिस लैब में फोटो निकाले गए, जिस टेक्नीशियन ने उसे प्रोसेस किया, जिन पत्रकारों को इसके बारे में पता था- उन सबने मिल कर अलग-अलग ब्लैकमेलिंग का धँधा चमकाया। पीड़ित लड़कियों और उनके परिवारों से सबने रकम ऐंठे। ऐसे में भला कोई न्याय की उम्मीद करे भी तो कैसे? कभी 29 पीड़ित महिलाओं ने बयान दिया था, आज गिन कर इनकी संख्या 2 है। सिस्टम ने हर तरफ से इन्हें तबाह किया।

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने घर में घुसकर बिहार के मजदूरों पर बरसाई ताबड़तोड़ गोलियाँ, 3 घायल

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने गैर-कश्मीरियों को निशाना बनाते हुए घर में घुसकर फायरिंग की। इस फायरिंग में बिहार के 3 मजदूर बुरी तरह से घायल हुए हैं। तीनों को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। आतंकियों की तलाश के लिए पुलिस घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चला रही है। घटना गुरुवार (13 जुलाई 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना दक्षिण कश्मीर के शोपियाँ जिले के गगरान गाँव की है। यहाँ गुरुवार रात करीब 8:45 पर हथियार लिए 2 नकाबपोश आतंकी एक घर में घुस गए। इसके बाद आतंकियों ने फायरिंग शुरू की। इस गोलीबारी में 3 लोग घायल हुए हैं। घायलों की पहचान अनमोल कुमार, पिंटू कुमार ठाकुर और हीरालाल यादव के रूप में हुई। तीनों बिहार के सुपौल जिले के रहने वाले हैं। आतंकी हमले की जानकारी मिलने के बाद आनन फानन में घायलों को नजदीकी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

हालाँकि घायलों की हालत देखने के बाद उन्हें एसएमएचएस हॉस्पिटल ले जाया गया है। जहाँ तीनों का इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि यह आतंकी हमला सुरक्षा बलों के शिविर से करीब 150 मीटर दूरी पर हुआ।

आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, घायल के परिजन बालमदेव ठाकुर ने कहा है कि गोली लगने से उनका भतीजा गंभीर रूप से घायल हुआ है। घायल हुए तीनों लोगों का न तो किसी से झगड़ा हुआ था और न ही कोई दुश्मनी थी। जम्मू-कश्मीर के बाहर के करीब 20 लोग यहाँ रहते हैं। सभी किराए के मकान में रहकर मजदूरी करते हैं।

बिहारी मजदूरों पर हुए इस हमले को लेकर जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि मजदूरों को निशाना बनाकर किया गया यह हमला आतंकियों और उनसे सहानुभूति रखने वालों की हताशा को उजागर करते हैं। आतंकियों को सजा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। इसके अलावा उपराज्यपाल ने जिला प्रशासन को घायलों और उनके परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

BJP ने भी इस आतंकी हमले की निंदा की है। जम्मू-कश्मीर के बीजेपी के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा है, “आतंकियों द्वारा निहत्थे गैर-स्थानीय मजदूरों पर हमले की कड़ी निंदा करता हूँ। यह हमला आतंकियों की हताशा, अमानवीयता और उनका घटियापन दर्शाता है।”

दहेज न मिलने पर निकाह के 2 घंटे बाद ही आसिफ ने दे दिया तीन तलाक, रिश्तेदारों ने दुल्हन के घरवालों से मारपीट की: आगरा में 6 पर FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश के आगरा में निकाह के 2 घण्टे बाद तीन तलाक देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि आसिफ और उसके परिजन अतिरिक्त दहेज और कार की माँग कर रहे थे। लेकिन लड़की के घरवालों ने दहेज देने से इनकार कर दिया। इस पर आसिफ तीन तलाक देकर अपने रिश्तेदारों के साथ वापस लौट गया। 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र के ढोलीखार मंटोला इलाके का है। यहाँ कामरान वारसी की दो बहन गौरी और डौली नामक का निकाह होना था। दोनों की बारात भी आई। यहाँ गौरी तो रुखसत होकर चली गई। वहीं सुबह करीब 4 बजे डौली का निकाह आसिफ के साथ हो गया। लेकिन इसके बाद आसिफ और उसके घर वाले अतिरिक्त दहेज और कार की माँग करने लगे। 

आरोप है कि आसिफ का कहना था कि यदि और दहेज नहीं मिला तो वह डौली को रुखसत करके अपने साथ नहीं ले जाएगा। हालाँकि डौली के परिजनों ने निकाह में हुए खर्च को देखते हुए अतिरिक्त दहेज और कार देने से इनकार कर दिया। डौली के भाई कामरान वारसी ने कहा है कि दोनों बहनों के निकाह में उसने 30 लाख रुपए खर्च किए थे। इसके बाद डौली के शौहर आसिफ और उसके घरवालों ने दहेज माँगना शुरू कर दिया।

लड़की पक्ष के लोगों ने ससुरालियों को समझाने की बहुत कोशिश की। लेकिन आसिफ के घरवालों ने गाली-गलौच और मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद वे लोग जेवरात और कैश लेकर चले गए। हालाँकि आसिफ और कुछ रिश्तेदार रुक गए। इसके बाद दहेज न मिलने पर आसिफ ने तीन बार तलाक बोलकर ‘तीन तलाक’ दे दिया और वहाँ से चला गया। इसके बाद डौली के भाई कामरान वारसी ने सुबह करीब 6 बजे फोन कर पुलिस को सूचना दी। 

मौके पर पहुँची पुलिस ने लड़की पक्ष की शिकायत और बयानों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है। मुकदमे में डौली को तीन तलाक देने वाले आसिफ उसकी अम्मी मुन्नी, अब्बा परवेश, भाई सलमान, बहन रुखसार, नजराना और फरीन के खिलाफ उपयुक्त धाराएँ लगाई गईं हैं। इस पूरे मामले में ताजगंज पुलिस का कहना है कि पीड़ितों की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

राष्ट्रपति ने गले लगाकर किया स्वागत, जनता ने जयकारे लगाए: फ्रांस में PM मोदी को मिला सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारतीय छात्रों को भी तोहफा

दो दिवसीय फ्रांस दौरे पर पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति भवन में आयोजित डिनर में शामिल हुए। इस दौरे पर प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा है कि देश से दूर भारत माता की जय सुनना घर आने जैसा लगता है।  इसके अलावा पीएम ने कहा है कि बीते 10-15 सालों में भारत ने यूरोप या अमेरिका की आबादी से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला है। 

फ्रांस की राजधानी पेरिस में स्थित ला सीन म्यूजिकल में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा है, “यह स्वागत उल्लास से भर देने वाला है। देश से दूर जब मैं भारत माता की जय का आह्वान सुनता हूँ। कहीं से आवाज आती है नमस्कार, तो ऐसे लगता है जैसे घर आ गया हूँ। हम भारतीय जहाँ भी जाते हैं। एक मिनी इंडिया जरूर बना लेते हैं।”

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा है, “आज दुनिया एक नई व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। आज भारत का सामर्थ्य और भूमिका तेजी से बदल रही है। भारत इस समय G20 की अध्यक्षता कर रहा है। पहली बार G20 की अध्यक्षता कर रहे देश के कोने-कोने में 200 से अधिक बैठकें हुईं हैं। G20 समूह भारत की सामर्थ्य को देख मंत्र मुग्ध है। जलवायु परिवर्तन से लेकर आतंकवाद, कट्टरवाद या अन्य चुनौती से निपटने के लिए भारत का अनुभव और प्रयास दुनिया के लिए मददगार साबित हो रहा है। भारत ने कोई भी मौका न गँवाने और एक भी पल व्यर्थ न करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।”

PM ने UPI ट्रांसजेक्शन को लेकर भारत और फ्रांस के बीच हुए समझौते के बारे में बात करते हुए कहा, “फ्रांस में भारत के UPI उपयोग को लेकर समझौता हुआ है। जल्द ही इसकी शुरुआत एफिल टॉवर से होगी। यानि कि अब भारतीय पर्यटक मोबाइल यूपीआई के जरिए एफिल टॉवर में पेमेंट कर पाएगा।”

‘मोदी-मोदी’ के नारों के बीच प्रधानमंत्री ने कहा है, “आपने हाल ही में आई UN की रिपोर्ट देखी होगा। उस रिपोर्ट में कहा गया है कि बीते 10-15 साल में ही 415 मिलियन यानि लगभग 42 करोड़ देशवासियों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला है। आप कल्पना कर सकते हैं यह संख्या पूरे यूरोप की जनसंख्या से भी अधिक है। यह अमेरिका की जनसंख्या से भी कहीं अधिक है।”

पीएम मोदी ने यह भी कहा है, “पिछली बार जब मैं फ्रांस आया था तो यह तय हुआ था कि फ्रांस में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों को 2 साल का पोस्ट स्टडी वीजा दिया जाएगा। लेकिन अब यह फैसला लिया गया है कि फ्रांस में मास्टर्स करने वाले भारतीय छात्रों को 5 साल का पोस्ट-स्टडी वीजा दिया जाएगा।”

डिनर में शामिल हुए PM मोदी

इस कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी के सम्मान में फ्रांस के राष्ट्रपति भवन ‘एलिसी पैलेस’ में डिनर का आयोजन किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिगित मैक्रों ने राष्ट्रपति भवन से बाहर आकर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। 

न शिक्षा, न स्वास्थ्य, न स्थिरता… हर फैक्टर पर पाकिस्तान का कराची पिछड़ा: बना दुनिया में सबसे कम रहने लायक शहर, इंडेक्स में पाया 169वाँ स्थान

पाकिस्तान का कराची रहने लायक जगह नहीं है। ऐसा कहना है इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट द्वारा जारी की गई रिपोर्ट का। इसमें पाकिस्तान के कराची को दुनिया के शीर्ष पाँच ‘सबसे कम रहने योग्य’ शहरी केंद्रों में शामिल किया गया है।

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, ईआईयू के ग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्स 2023 पर, कराची कुल 173 शहरों में से 169 वें स्थान पर है। केवल लागोस, अल्जीयर्स, त्रिपोली और दमिश्क कराची से नीचे हैं।

बताया जा रहा है कि ये इंडेक्स दुनिया भर के शहरों की पोस्ट कोविड रिकवरी पर केंद्रित है। जिसमें लोगों के रहने की स्थिति को पाँच श्रेणियों के आधार पर रेट किया गया है। ये 5 श्रेणियाँ स्थितरता, स्वास्थ्य, संस्कृति और पर्यावरण, शिक्षा और बुनियादी ढाँचे हैं।

रेट करने के लिए 1-100 की सीमा के भीतर शहरों का मूल्यांकन होता है। इनमें 1 रेटिंग तो बहुत बेकार होती है जबकि 100 आदर्श मानी जाती है। ऐसे में कराची का पाँचों फैक्टर आँकने के बाद कुल मूल्यांकन 42.5 हुआ है। स्थिरता के नाम पर शहर को 20 नंबर मिले हैं। 2022 में भी इन्हें इतने ही मिले थे। इसके अलावा स्वास्थ्य में इन्हें 50 आए हैं। संस्कृति और पर्यावरण में इनके पास 38.7 हैं, शिक्षा के नाम पर 75 है और बुनियादी ढाँचे के नाम पर 51.8 मिला है।

बता दें कि इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट इकोनॉमिस्ट ग्रुप का रिसर्च और एनालिसिस डिविजन है। इसका कार्य अपनी रिसर्च अनुसंधान और विश्लेषण के माध्यम से पूर्वानुमान और सलाहकार सेवाएँ प्रदान करना है। इससे पहले भी EIU का इंडेक्स बहुत अच्छा नहीं था। 2019 में 140 देशों की लिस्ट में उन्हें 136वाँ स्थान मिला था। जबकि 2020 में कोई रिपोर्ट पब्लिश नहीं हुई। 2022 में कराची की रैंकिंग 134वीं थी।

उल्लेखनीय है कि इस इंडेक्स लिस्ट में ऑस्ट्रिया की राजधानी विएना सबसे ज्यादा रहने योग्य शहरों में से एक है। वहीं डेनमार्क की राजधानी कोपनहेगन और स्विट्जरलैंड का ज्यूरिख क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। स्विट्जरलैंड का एक अन्य शहर जिनेवा छठे स्थान पर रहा।

चंद्रयान-3 होगा गेम चेंजर, इसमें चंद्रयान-2 वाली दिक्कत नहीं होगी: पूर्व ISRO वैज्ञानिक नम्बी नारायण, कहा- भारत बनेगा पूरे विश्व की प्रेरणा

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का मिशन चंद्रयान-3 शुक्रवार (14 जुलाई 2023) को लॉन्च किया जाएगा। लॉन्चिंग से पहले ISRO के वैज्ञानिकों ने गुरुवार (13 जुलाई) को आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में चंद्रयान-3 के लघु मॉडल के साथ पूजा-अर्चना की। इस मिशन को पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन ने गेम चेंजर बताया है।

इतना ही नहीं, इस मिशन से अमेरिका को भी काफी उम्मीदें हैं। अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा कि उनका देश चंद्रयान-3 मिशन की लॉन्चिंग की ओर ध्यानपूर्वक देख रहा है। उन्होंने कहा कि भारत चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। बताते चलें कि इस उपलब्धि को अभी तक अमेरिका, चीन और पूर्व सोवियत संघ ने हासिल किया है।

ISRO के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन ने कहा, “चंद्रयान-3 निश्चित रूप से भारत के लिए गेम चेंजर साबित होगा और मुझे उम्मीद है कि यह सफल होगा। भारत पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा बनेगा। आइए लॉन्च का इंतजार करें और बेहतरी के लिए प्रार्थना करें…”

इस मिशन को लेकर ISRO के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन ने कहा कि चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग से भारत इस उपलब्धि को हासिल करने वाला चौथा देश बन जाएगा। इससे देश में अंतरिक्ष विज्ञान के विकास की क्षमता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इससे भारत को वैश्विक अंतरिक्ष उद्योग में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

बताते चलें कि वर्तमान में 600 अरब डॉलर के वैश्विक अंतरिक्ष उद्योग में भारत की हिस्सेदारी सिर्फ दो प्रतिशत है। भारत जिस गति से इस क्षेत्र में अपने पाँव मजबूती से पसार रहा है, इससे उसकी हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। नारायणन ने कहा कि चूंकि भारत अब प्रौद्योगिकी विकास में निजी भागीदारी आमंत्रित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में प्राइवेट प्लेयर्स के आने से निजी कंपनियों की भागीदारी तथा और अधिक स्टार्टअप की गुंजाइश बढ़ेगा। उन्होंने कहा, “कई विदेशी कंपनी भी अपने स्टार्टअप के साथ यहाँ आ सकती हैं या किसी मौजूदा स्टार्टअप से जुड़ सकती हैं।”

चंद्रयान-3 की सफलता को भारत की अर्थव्यवस्था से सीधा जोड़ते हुए नंबी नारायणन ने कहा कि मिशन की सफलता विज्ञान के साथ-साथ अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा प्रोत्साहन होगा। चंद्रयान-2 चंद्रमा पर उतरने में कामयाब रहा, लेकिन कुछ कारणों से उसकी सॉफ्ट लैंडिंग विफल रही। उन्होंने कहा कि चार साल तक इसके हर पहलू पर काम किया गया है और इसकी सॉफ्ट लैंडिंग की उम्मीद है।

नारायणन ने कहा कि किसी देश के जीवित रहने के लिए स्वदेशी रूप से विकसित प्रौद्योगिकी आवश्यक है। इसरो की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि ISRO अपने महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशनों के लिए न्यूनतम राशि का इस्तेमाल करने के लिए जाना जाता है। अन्य देशों की तुलना में इस तरह के अभियानों के लिए हमारा खर्च बहुत कम है।

घर में घुस डकैतों ने किया कॉन्ग्रेस नेता पर वार, हमले में मौत: 20 तोला सोना-5 किलो चाँदी समेत लाखों रुपए लूटे

मध्य प्रदेश के सारंगपुर पुलिस थाना काचरिया से थोड़ी दूर स्थित पुरोहित गाँव में डकैतों ने देर रात घर में घुसकर कॉन्ग्रेस के बुजुर्ग नेता व पूर्व सरपंच रहे बने सिंह को मौत के घाट उतार दिया। वहीं उनकी पत्नी लाडकुंवर बाई को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉन्ग्रेस के लोकल नेता प्रारंभिक उपचार के बाद बॉम्बे अस्पताल इंदौर में रेफर कर दिया गया है। थाना प्रभारी आशुतोष उपाध्याय, राजगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र कुमार सिंह समेत कई आला अधिकारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँच वहाँ की छानबीन कर रहे हैं। पुलिस टीम के अलावा डॉग स्क्वॉयड, फॉरेंसिक टीम, क्राइम ब्रांच की स्पेशल टास्कफोर्स भी मौके पर पहुँच जाँच कर रही है।

नई दुनिया की रिपोर्ट के मुताबिक, राजगढ़ जिला एसपी ने बताया कि घटना वाली रात के 2-3 बजे घर में लुटुरे पीछे की तरफ से घुसे और दंपति पर भारी डंडे से वार किया। माना जा रहा है कि डकैतों के घुसने के समय घर का गेट खुला था क्योंकि तोड़फोड़ का कोई सबूत नहीं मिला है।

वहीं कॉन्ग्रेस नेता के बेटे ने बताया है कि डकैतों ने उनके घर से करीबन 20 तोला सोना, 5 किलो चाँदी, 2 राइफल व लाखों रुपए अपने साथ ले गए। अब पुलिस ने डकैतों की पकड़ के लिए अलग-अलग टीम बनाई है। शुरुआत में पुलिस को ये किसी बाहरी गैंग का काम लग रहा है। मगर पुलिस उन्हें जल्द पकड़ लेगी।

‘ये लोग कर रहे थे हुड़दंग’: जिस विरोध मार्च पर लाठीचार्ज में गई BJP नेता की गई जान, उस पर तेजस्वी यादव की टिप्पणी

बिहार की राजधानी पटना (Patna, Bihar) में गुरुवार (13 जुलाई 2023) को प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेता विजय कुमार सिंह की मौत के बाद राजनीति तेज हो गई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि पुलिस की लाठी चार्ज में भाजपा नेता की मौत हुई। वहीं, बिहार पुलिस का कहना है कि विजय सिंह बेहोशी की हालत में सड़क के किनारे मिले और इलाज के दौरान मौत हुई।

मृतक विजय कुमार सिंह बिहार के जहानाबाद भाजपा के जिला महामंत्री थे। इतना ही नहीं, लाठीचार्ज में महाराजगंज से भाजपा के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल का भी सिर फट गया है। सांसद सिग्रीवाल को Y+ सुरक्षा मिली हुई है। इसके बावजूद उन पर लाठी चार्ज किया गया। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय कुमार सिन्हा भी जख्मी हो गए हैं।

दरअसल, शिक्षकों के समर्थन में बिहार भाजपा गुरुवार को नीतीश कुमार सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही थी। डाकबंग्ला चौराहे पर भाजपा नेता बैरिकेडिंग से आगे बढ़े। इसी दौरान पुलिस ने लाठी चार्ज कर दी। सामने आए वीडियो दिख रहा है कि पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इसमें कई भाजपाई घायल हो गए हैं।

सामने आई जानकारी के अनुसार, पुलिस ने विजय कुमार सिंह के सिर पर लाठी मारी, जिसमें वे बुरी तरह घायल हो गए। इसके बाद उन्हें आनन-फानन तारा अस्पताल ले जाया गया। वहाँ डॉक्टर ने जवाब दे दिया। इसके बाद बाद उन्हें पीएमसीएच अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया।

हालाँकि, विजय कुमार सिंह की मौत पर पटना के कलेक्टर और पुलिस कुछ और ही कह रही है और नीतीश कुमार सरकार का चेहरा बचाने की कोशिश कर रही है। पटना के डीएम ने कहा कि छज्जू बाग में सड़क किनारे एक व्यक्ति बेहोश मिला। शरीर में कोई चोट का निशान नहीं है। उसे पटना मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।

इस घटना पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की माँग की है। चौधरी और भाजपा सांसद सुशील मोदी पार्टी नेताओं के साथ घायल कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) पहुँचे।

सम्राट ने कहा कि लोकतंत्र की हत्या हो रही है और नीतीश कुमार ने भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की है। उन्होंने कहा, “हम नीतीश कुमार जी पर (IPC की धारा) 302 का मुकदमा चलाने का काम करेंगे। आप लाठी चलाएँ या फिर गोली, भाजपा के कार्यकर्ता रूकने वाले नहीं हैं।”

सुशील मोदी ने कहा कि यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन था। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएँ भी शामिल थीं। कहीं कोई तोड़फोड़ नहीं, कोई पथराव नहीं… इसके बावजूद जानबूझकर लाठीचार्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि ये सब नीतीश कुमार के इशारे पर हुआ है। इस पर भाजपा सदन के भीतर और बाहर लड़ेगी।

इधर, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि सारे शिक्षकों से मेरी भी बात हुई है। भाजपा के प्रदर्शन में कोई शामिल नहीं था। भाजपाई बेकार में हुड़दंग कर रहे थे। भाजपा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “18 साल तक कौन था भइया यहाँ सरकार में? कौन था?”

श्मशान में नहीं हो पा रहे दाह संस्कार, पेयजल की होगी किल्लत: दिल्ली के घरों में घुसा यमुना का पानी, CM केजरीवाल के आवास वाला इलाका भी डूबा

दिल्ली में मृतप्राय यमुना में बाढ़ आने के बाद राजधानी के कई इलाके पानी में डूब गए हैं। रिंग रोड से लेकर लाल किला परिसर तक में पानी भर गया है। मकान-दुकान से लेकर स्कूल, अस्पताल तक में पानी भरने से लोग परेशान हैं। निगमबोध घाट पर पानी भर जाने के कारण शवों का दाह-संस्कार तक रोक दिया गया है। इस हालात में अब दिल्ली में पेयजल का संकट बढ़ता नजर आ रहा है।

यमुना में बाढ़ का पानी खतरे के निशान से 4 मीटर ऊपर तक बढ़ गया है। गीता कॉलोनी और अक्षरधाम की तरफ भी बाढ़ का पानी पहुँच चुका है। दिल्ली के बाढ़ प्रभावित विभिन्न इलाकों में फँसे लोगों को आपदा प्रबंधन बल (NDRF) निकालने का प्रयास कर रही है। NDRF बाढ़ प्रभावित विभिन्न इलाकों में नाव चला रही है।

सामने आई वीडियो में दिख रहा है कि यमुना का पानी सड़कों पर बेहद तेज गति से प्रवाहित हो रही है और इसकी धारा में खड़े होना लोगों के मुश्किल होता नजर आ रहा है। यमुना से सटे इलाके- खासकर कश्मीरी गेट, ITO, सिविल लाइंस में बाढ़ का पानी 5 फीट तक भर गया है। बाढ़ को देखते हुए कुछ इलाकों में धारा 144 लागू किया गया है।

दिल्ली के सबसे पॉश इलाकों में से एक सिविल लाइंस में यमुना नदी का पानी भर गया है। यह इलाका दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल के आवास से कुछ ही दूरी पर है। यहाँ के घरों में कमर तक पानी भर चुका है। जान बचाने के लिए लोग घरों की ऊपरी मंजिल पर चले गए हैं।

बाढ़ के पानी से मेट्रो भी प्रभावित दिख रही है। यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन की तरफ जाने वाले रास्ते पर 5 फीट तक पानी भर गया है। यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन पर एंट्री और एग्जिट को बंद कर दिया गया है। घोषणा कर यात्रियों को बताया जा रहा है कि वो अक्षरधाम या लक्ष्मी नगर मेट्रो स्टेशन पर उतरें।

DMRC ने कहा कि यमुना नदी से गुजरने वाले चार पुलों शास्त्री पार्क-कश्मीरी गेट, यमुना बैंक-इंद्रप्रस्थ, मयूर विहार-सराय काले खाँ, बॉटेनिकल गार्डन-जामिया मिलिया पर मेट्रो ट्रेन की स्पीड घटा दी गई है। इन पुलों पर 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से मेट्रो चलेगी।

कहा जा रहा है कि लगातार बारिश की वजह से दिल्ली का ये हाल हुआ है। उधर, हथिनीकुंड बैराज से एक लाख क्यूसेक ज्यादा पानी छोड़ा गया है। इसका असर भी दिख रहा है। राजधानी दिल्ली में 1978 के बाद पहली बार यमुना का जलस्तर इतना बढ़ा है। साल 1978 में दिल्ली में आए बाढ़ से भारी तबाही मची थी।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी प्रभावित इलाकों के लोगों से घर खाली करने की अपील की है। दिल्ली में लोगों ने शिविरों और फ्लाई ओवर के नीचे आसरा लिया है। वहीं, प्रभावित लोगों को शिविरों में स्थानांतरित किया जा रहा है।

बताते चलें कि गुरुवार (13 जुलाई 2023) की दोपहर एक बजे तक जल स्तर अब तक के उच्चतम स्तर 208.62 पर पहुँच गया था। उसके बाद से जल स्तर स्थिर बना हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि दोपहर 2 बजे, 3 बजे और शाम 4 बजे जलस्तर 208.62 मीटर दर्ज किया गया है। हालाँकि, 7:30 बजे यह स्तर 208.66 मीटर तक पहुँच गया।

इन सबके बीच सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यमुना में बढ़ते जल स्तर की वजह से वज़ीराबाद, चन्द्रावल और ओखला वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट को बंद किया गया है। इस वजह से दिल्ली के कुछ इलाकों में 1-2 दिनों तक पेयजल की परेशानी हो सकती है। जैसे ही यमुना का पानी कम होगा, इन्हें जल्द-से-जल्द चालू करने की कोशिश की जाएगी।

सीएम केजरीवाल ने कहा, “यमुना में इस लेवल पर पानी पहुँचेगा, ऐसा कभी नही सोचा था। हमारे तीन वॉटर प्लांट बंद हो गए हैं, क्योंकि पंप के अंदर मशीनों में पानी घुस गया है। पानी कम होने पर मशीनों को सुखाया जाएगा। बिजली से चलाने पर करंट आ सकता है। इसकी वजह से दिल्ली में 25 प्रतिशत पानी की सप्लाई कम हो जाएगी। दिल्ली में 1-2 दिन पानी की काफी किल्लत रह सकती है।”

सीमा हैदर को पाकिस्तान नहीं भेजा तो होगा 26/11 जैसा अटैक: मुंबई पुलिस को उर्दू में मैसेज, हिंदू महिलाओं से रेप की भी दे चुके हैं धमकी

सीमा हैदर को वापस पाकिस्तान नहीं भेजे जाने पर 26/11 जैसा आतंकवादी हमला करने की धमकी दी गई है। मुंबई पुलिस के कंट्रोल रूम में धमकी भरा यह कॉल गुरुवार (12 जुलाई 2023) को आया था। मुंबई पुलिस ने बताया है कि क्राइम ब्रांच इसकी जाँच कर रही है।

पुलिस का कहना ​​है कि ये धमकी भरा मैसेज एक फर्जी कॉल था, लेकिन अभी इसे भेजने वाले का पता नहीं चल सकता है। यह मैसेज मुंबई पुलिस के हेल्पलाइन नंबर के व्हाट्सएप नंबर पर आया था। उर्दू में लिखे गए संदेश में लिखा था, “अगर सीमा हैदर वापस नहीं आई तो भारत बर्बाद हो जाएगा। दोबारा 26/11 जैसे (आतंकवादी) हमले के लिए खुद को तैयार करें और केवल उत्तर प्रदेश सरकार इसके लिए जिम्मेदार होगी।”

इससे पहले पाकिस्तान के एक कबायली समूह से जुड़े डाकुओं ने सीमा हैदर की वापसी नहीं होने पर इसका बदला हिंदू महिलाओं से लेने की धमकी दी थी। बलूचिस्तान के झकरानी कबीले से ताल्लुक रखने वाले समूह ने कहा था कि यदि सीमा को वापस नहीं भेजा गया तो पाकिस्तान में रहने वाली हिंदू महिलाओं का बलात्कार कर हत्या कर दी जाएगी।

डकैत रानो शार ने धमकी भरा वीडियो जारी करते हुए कहा था, “हमारी अपील है, हम झकरानी कबीले वाले हैं। हमारी लड़की इधर से गई है। पाकिस्तान से भारत के दिल्ली में गई है। ये बात समझ लो अगर तुमने हमारी लड़की वापस नहीं की तो जहाँ-जहाँ हिंदू महिलाएँ हैं, वहाँ-वहाँ बलात्कार होगा। इज्जत प्यारी है तो हमारी लड़की बच्चों समेत वापस कर दो। हम बलूच कौम हैं, झकरानी हैं।” वीडियो में दिख रहा शख्स हिंदू महिलाओं को गालियाँ भी दे रहा था।

बता दें कि अवैध रूप से भारतीय सीमा में प्रवेश करने के आरोप में नोएडा पुलिस ने सीमा हैदर को 3 जुलाई 2023 को गिरफ्तार किया था। 4 बच्चों की अम्मी सीमा हैदर ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि उसका शौहर दुबई में नौकरी करता है। कोरोना महामारी के दौरान पबजी गेम खेलते हुए उसकी बातचीत नोएडा में रहने वाले सचिन से हुई। इसके बाद बातचीत आगे बढ़ी और दोनों में प्यार हो गया। सचिन के प्यार में सीमा हैदर ने पाकिस्तान में बना अपना घर बेंचकर भारत आने का फैसला किया। इसके लिए वह अपने 4 बच्चों के साथ नेपाल के रास्ते भारत आ गई।

भारत आने के बाद सचिन ने उसे रबूपुरा के अंबेडकर नगर मोहल्ले में किराए पर मकान दिला दिया था। उसके बच्चों के नाम मुस्लिमों की तरह थे। लेकिन वह हिंदू बनकर रह रही थी। बकरीद मनाने के चलते उसकी सच्चाई लोगों को उस पर शक हुआ। सूचना पाकर पुलिस ने सीमा हैदर, सचिन और उसके पिता नेत्रपाल को गिरफ्तार कर लिया था। हालाँकि इसके बाद 7 जुलाई को कोर्ट ने गिरफ्तार आरोपितों को जमानत पर रिहा कर दिया था। कोर्ट से रिहा होने के बाद सीमा ने हिंदू धर्म अपनाने और सचिन के साथ शादी करने का दावा किया था।