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हरी टोपी पहन सरकारी बस में कर रहा था ड्यूटी, महिला यात्री ने उतरवाई: कहा- यह वर्दी का हिस्सा नहीं, अपने मजहब का पालन घर या मस्जिद में करो

सोशल मीडिया में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक महिला सरकारी बस के कंडक्टर के हरी टोपी पहनने पर सवाल उठा रही हैं। वह कह रही हैं कि यह वर्दी का हिस्सा नहीं है। ऐसे में यदि उसे अपने मजहब का पालन करना है तो यह उसे अपने घर या मस्जिद में करनी चाहिए। कुछ देर की बहस के बाद कंडक्टर को टोपी उतारनी पड़ती है।

यह वीडियो करीब 11 दिन पुरानी बताई जा रही है। बस बस बेंगलुरु मेट्रोपोलिटन ट्रांसपोर्ट कार्पोर्टेशन (BMTC) की है। कन्नड़ भाषा में बातचीत का वायरल वीडियो 1 मिनट 42 सेकेंड का है। इसमें बस कंडक्टर हरे रंग की नमाजी टोपी पहने दिखाई दे रहा है। इसको लेकर एक महिला यात्री उससे पूछती है कि क्या ड्यूटी के दौरान वर्दी के साथ टोपी पहनने की अनुमति है? महिला कंडक्टर से कहती है, “सरकारी कर्मचारी होने के कारण अपने मजहब का पालन आपको अपने घर या मस्जिद में करना चाहिए न कि इस तरह से सार्वजनिक जगहों पर।”

वर्दी और कानून को लेकर महिला के सवाल पूछने पर कंडक्टर कहता है कि वह सालों से टोपी पहनकर ड्यूटी कर रहा है। लेकिन आज तक किसी ने इस पर आपत्ति नहीं जताई। लेकिन महिला वर्दी में ड्यूटी करने पर कानून का पालन करने की बात पर अड़ी रहती है। इसके बाद कंडक्टर को टोपी उतारकर अपनी जेब में रखनी पड़ती है।

बहस के दौरान कंडक्टर ने यह भी कहता है कि टोपी पहनने की अनुमति हो भी सकती है। इसके जवाब में महिला कहती है कि आपको नियमों की सही जानकारी नहीं है। वीडियो देखकर ऐसा लगता है कि इस खुद महिला यात्री ने बनाया है। उनका चेहरा इसमें नहीं दिख रहा। वहीं कई यात्री दोनों की बहस को सुनते दिखाई पड़ रहे हैं।

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार BMTC के अधिकारियों ने वायरल वीडियो पर कमेंट से इनकार किया है। उनका कहना है कि यह वीडियो कई दिन पुराना है और उनकी जानकारी में है। साथ ही यह भी बताया है कि बीएमटीसी में ड्रेस कोड कई दशकों से लागू है।

बैस्टिल डे परेड, भारतवंशियों और CEO से बात… जानिए फ्रांस में क्या-क्या करेंगे PM मोदी, 15 जुलाई को UAE में होंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार (13 जुलाई 2023) को 2 देशों की यात्रा पर रवाना हो गए। पहले चरण में वे दो दिनों के लिए फ्रांस में होंगे। इस दौरान वे फ्रांस के राष्ट्रीय दिवस बैस्टिल डे में शिरकत करेंगे। दोनों देशों के बीच रक्षा भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। यात्रा के तीसरे और अंतिम दिन 15 जुलाई को PM मोदी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अबू धाबी के शासक शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नह्यान के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी 13 और 14 जुलाई को फ्रांस में रहेंगे। इस दौरान भारतीय समुदाय के लोगों, भारतीय और फ्रांसीसी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों तथा फ्रांस के प्रमुख हस्तियों से संवाद करेंगे। 14 जुलाई को बैस्टिल डे परेड में विशिष्ट अतिथि होंगे। इसमें भारतीय सैन्य टुकड़ी भी हिस्सा ले रही है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार भारतीय प्रधानमंत्री के सम्मान में फ्रांस के राष्ट्रपति एक राजकीय भोज की मेजबानी करेंगे। राजकीय भोज प्रतिष्ठित लौवर संग्रहालय में होगा। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के कार्यालय ने बताया है कि दुनिया के सबसे बड़े संग्रहालय में रात्रिभोज के लिए 200 से अधिक मेहमान दोनों नेताओं के साथ शामिल होंगे। साथ ही एक निजी रात्रि भोज भी देंगे। दोनों नेताओं के बीच विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा होगी। पीएम मोदी के फ्रांसीसी संसद के अध्यक्षों से मुलाकात का भी कार्यक्रम है। बताते चलें कि इसी साल भारत- फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की 25वीं वर्षगांठ भी है।

इस दौरे के दौरान रक्षा सौदों की भी घोषणा हो सकती है। इनमें 26 Rafale-M फाइटर्स की खरीद मुख्य है। ये खरीद भारतीय नौसेना के लिए होगी। फ्रांस की सबसे बड़ी ऐरोस्पेस कंपनी ‘Dassault Aviation’ से ही इस संबंध में करार होना है, जिससे भारतीय वायुसेना के लिए 36 राफेल फाइट्स जेट्स खरीदे गए थे। ये सभी डिलीवर किए जा चुके हैं। 2016 में हुए इस करार से ये वाली डील अलग होगी। बताया जा रहा है कि फ्रांस और भारत के बीच Rafale-M को लेकर 5.5 बिलियन यूरोप (49879.49 करोड़ रुपए) की डील होगी। साथ ही फ्रांस से भारत 3 स्कॉर्पीन सबमरीन्स भी खरीदेगा।

फ्रांस की 2 दिनों की यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी 15 जुलाई को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की एक दिवसीय यात्रा पर जाएँगे। यहाँ वे राष्ट्रपति और अबू धाबी के शासक शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नह्यान से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच खाद्य सुरक्षा, रक्षा और ऊर्जा सहित अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।

जिस स्कूल में राहुल गाँधी ने की थी रैली, वहाँ छात्रों को तिलक लगाने पर एंट्री नहीं: चेहरा धुलवाया, कॉन्ग्रेस नेता का परिवार चलाता है विद्यालय

मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में स्थित एक स्कूल में तिलक लगा कर आने वाले छात्रों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इन छात्रों को कहा गया कि उन्हें स्कूल में एंट्री तभी मिलेगी, जब वो अपना चेहरा धो कर आएँगे। इसकी जानकारी मिलते ही कई छात्र-छात्राओं के अभिभावक और हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने वहाँ पहुँच कर विरोध जताया। बड़ी बात ये है कि ये स्कूल सुसनेर के पूर्व विधायक एवं कॉन्ग्रेस नेता वल्लभ भाई अंबावतिया का है।

‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान इस स्कूल का राजनीतिक इस्तेमाल भी किया गया था और राहुल गाँधी ने यहाँ भाषण दिया था। विरोध प्रदर्शन के बाद स्कूल प्रशासन ने लिखित में दिया है कि तिलक लगा कर आने वाले छात्रों को नहीं रोका जाएगा। ये मामला सोयत थाना क्षेत्र के डोंगरगाँव स्थित ‘जय किसान उच्चतर माध्यमिक विद्यालय’ का है, जिसकी प्रिंसिपल अर्चना सोनगरा का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें वो कहती हुई दिख रही हैं कि बच्चों को तिलक लगा कर स्कूल में नहीं आने दिया जाएगा।

बताया जा रहा है कि सुबह जब 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों की प्रार्थना सभा चल रही थी, उस समय शिक्षकों ने तिलक लगाए छात्रों को कक्षा में जाने से रोक दिया। कहा गया कि चेहरा धो कर आओ। जिन्होंने तिलक मिटाया, उन्हें ही प्रवेश दिया गया। एक छात्र ने बताया कि उसने जब ऐसा करने से मना कर दिया तो उसे अंदर नहीं जाने दिया गया, फिर घर आकर उसने अपने माता-पिता को इस बारे में बताया। एक अन्य लड़के ने भी बताया कि खुद प्रिंसिपल मैडम ने तिलक मिटा दिया।

घटनास्थल पर विहिप और ‘बजरंग दल’ के कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लग गया। स्कूल प्रबंधन से उन्होंने बातचीत की। अंत में लिखित में मिलने के बाद वो माने। किसी पक्ष ने कोई शिकायत अभी दर्ज नहीं कराई है। राहुल गाँधी इसी स्कूल में सभा करने के लिए राजस्थान के लिए रवाना हुए थे। मध्य प्रदेश के इंदौर से भी हाल ही में ऐसा मामला सामने आया है। धार रोड स्थित ‘बाल विज्ञान शिशु विहार हायर सेकेंडरी स्कूल’ में तिलक लगाने पर छात्र को पीट-पीट कर भगा दिया गया।

‘भारतीय दर्शन और परंपरा को नमन’: भारत का कायल हुआ ‘मुस्लिम वर्ल्ड लीग’, उधर जावेद अख्तर बोले – UCC लागू करना संभव नहीं

मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिव शेख डॉक्टर मोहम्मद बिन अब्दुल करीम अल-ईसा भारत दौरे पर हैं। उन्होंने बुधवार (12 जुलाई 2023) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। ईसा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और अन्य धार्मिक नेताओं से मुलाकात पर खुशी जताते हुए भारत के लोकतंत्र एवं बहुलतावाद की जमकर तारीफ की। उधर, बॉलीवुड अभिनेता जावेद अख्तर को अलग तरह का दुख है।

अल-ईसा ने संबोधित करते हुए कहा, “मैं भारतीय लोकतंत्र को तह-ए-दिल से सलाम करता हूँ। मैं भारत के संविधान को सलाम करता हूँ। मैं दुनिया को सद्भावना सिखाने वाले भारतीय दर्शन और परंपरा को भी नमन करता हूँ। भारत में जो मैंने शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व देखा, वह भी अपने आप में यूनिक है।”

‘Harmony of Dialogue among Religions’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “जब भी संवाद की कमी होती है तो दो लोगों के बीच में गलतफहमी और समस्या खड़ी होती है। इसलिए संवाद का पुल बनाना आवश्यक है। सांस्कृतिक टकराव (Clash of Civilisation) को रोकने के लिए हमें अगली पीढ़ी का बचपन से ही मार्गदर्शन करना होगा और उन्हें इससे बचाना होगा।”

आतंकवाद पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “गलतफहमी, घृणा और गलत अवधारणाओं ने कट्टरपंथ फैलाकर आतंकवाद बढ़ाने में सहयोग दिया है। अपनी ताकत को बढ़ाने वाले बहुत से नेता हेट नैरेटिव का प्रयोग करते हैं और अपनी प्रासंगिकता एवं नियंत्रण सुनिश्चित करते हैं।” उन्होंने कहा कि कुछ ही संस्थाएँ इस तरह की गलत विचार परोसते हैं।

इससे पहले मंगलवार (11 जुलाई 2023) को सऊदी अरब के पूर्व न्याय मंत्री अल-ईसा ने कहा था, “भारत ने हिंदू बहुल राष्ट्र होने के बाद भी धर्मनिरपेक्ष संविधान अपनाया। विभिन्न संस्कृतियों में संवाद स्थापित करना समय की माँग है। सहनशीलता जीवन का हिस्सा है। इस्लाम प्यार और संवाद के लिए खुला है।”  

अल-ईसा ने कहा, “भारत के बारे में पाकिस्तान दुष्प्रचार किया करता है। भारत में मुस्लिम और उनके मज़हब को कोई खतरा नहीं है। मुस्लिम देश इंडोनेशिया को छोड़ दें तो भारत में विश्व की सर्वाधिक मुस्लिम आबादी रहती है। इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के 33 सदस्य देशों के बराबर मुसलमान भारत में रहते हैं।”

एक तरफ सऊदी अरब के नेता भारत की तारीफ कर रहे हैं तो दूसरी तरफ जावेद अख्तर का अपना रोना है। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता (यानी अलग-अलग धर्म के लोगों के रहने की वजह से) देखते हुए भारत में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करना संभव नहीं है।

उन्होंने कहा, “भारत एक औसत यूरोपीय देश की तरह नहीं है जहाँ एक धर्म, एक संस्कृति और एक परंपरा है। यहाँ संस्कृतियों, उप-संस्कृतियों, रीति-रिवाजों, परंपराओं की विविधता है। यह विविधता इतनी अधिक है कि यह कल्पना करना बहुत मुश्किल हो जाता है कि इसे कैसे हासिल किया जा सकता है।”

भारत में अलग-अलग रीति-रिवाजों का हवाला देते हुए अख्तर ने कहा, “दक्षिण भारतीय राज्यों में एक लड़की अपने मामा से शादी कर सकती है। उत्तर भारत में यह अकल्पनीय है। इसे अनाचार माना जाएगा। समान नागरिक संहिता के तहत इन चीजों को कैसे संतुलित किया जा सकता है?”

मेरे बाबा को मार डाला, घर गिरा दिया, एनकाउंटर की कोशिश… कॉन्ग्रेस पर बृजभूषण के 11 आरोप, प्रियंका गाँधी को चुनौती – मेरे खिलाफ चुनाव लड़ कर दिखाएँ

कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी को खुली चुनौती दी है। बता दें कि दिल्ली पुलिस द्वारा न्यायालय में दायर आरोप-पत्र में WFI अध्यक्ष द्वारा महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न का मामला चलाए जाने की बात कही गई है, जिसके बाद उन्हें समन किया गया। इसके बाद प्रियंका गाँधी ने ट्वीट कर इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुप रहने का आरोप लगाया था। अब भाजपा सांसद ने एक नोट के जरिए निशाना साधा है।

उन्होंने प्रियंका गाँधी के ट्वीट को देश को गुमराह करने का षड्यंत्र बताते हुए कहा कि पुलिस की जाँच रिपोर्ट किसी को अपराधी नहीं बनाता, ये अधिकार न्यायालय का है और वहाँ अपनी बात रखने का अधिकार संविधान देता है। उन्होंने कहा कि प्रियंका गाँधी और कॉन्ग्रेस पार्टी को न्यायपालिका में भरोसा नहीं है, इसीलिए वो मीडिया ट्रायल चाहती हैं। उन्होंने इतिहास की कई घटनाएँ गिनाते हुए बड़ा आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस पार्टी ने हमेशा उनके और उनके परिवार के खिलाफ साजिश रची है।

महिला पहलवानों द्वारा यौन शोषण के आरोपों से पहले की 10 घटनाएँ उन्होंने उदाहरण के रूप में गिनाई हैं। पहली घटना उन्होंने अपने दादा चंद्रभान सिंह का उदाहरण देते हुए बताया है कि वो कॉन्ग्रेस पार्टी के टिकट पर विधायक बने थे, लेकिन रहस्यमयी परिस्थितियों में अस्पताल में उनकी मौत कॉन्ग्रेस की साजिश थी। इसी तरह उन्होंने 1974 में कॉन्ग्रेस सरकार द्वारा उनका घर गिराए जाने और उनके परिवार वालों को जेल में बंद करने का आरोप भी लगाया।

सांसद ने तीसरी घटना का जिक्र किया है आपातकाल के दौरान का। उन्होंने कहा है कि कॉन्ग्रेस पूर्वांचल में उनके वजूद को अपने लिए चुनौती मानती है, इसीलिए पार्टी नेताओं के दबाव में उन पर गैंगस्टर एक्ट और IPC की धाराओं में 3 दर्जन से अधिक केस इसीलिए कर दिए गए क्योंकि उन्होंने इमरजेंसी का विरोध किया था। उन्होंने 1980 की एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि उन पर ऑटोमैटिक हथियारों से प्राणघातक हमला हुआ था, जिसमें वो तो बच गए लेकिन उनके सहयोगी की मौत हो गई।

उन्होंने याद दिलाया है कि तब केंद्र और उत्तर प्रदेश में कॉन्ग्रेस ही सत्ता में थी। उन्होंने दावा किया है कि विश्वनाथ प्रताप सिंह के आदेश के बाद उनका एनकाउंटर करने का प्रयास भी किया गया था, लेकिन भारी जनसमर्थन के कारण ये साजिश विफल हो गई। उन्होंने छठा आरोप लगाया है कि 1989 के विधानसभा चुनाव में वो हारे नहीं थे, बल्कि कॉन्ग्रेस ने साजिश कर के 4 वोटों से उन्हें हरवाया था और उनके राजनीतिक सफर को रोकने का प्रयास किया था।

1989 में राम जन्मभूमि आंदोलन में अपनी पहली गिरफ़्तारी का ठीकरा भी उन्होंने कॉन्ग्रेस पर ही फोड़ा है। 8वीं घटना का जिक्र उन्होंने 1992 का किया है, जब बाबरी का ढाँचा गिराया गया और उन्हें भी केंद्र सरकार के इशारे पर गिरफ्तार किया गया था। साथ ही 1995 में टाडा लगा कर उन्हें देशद्रोही साबित करने की कोशिश की गई, ये आरोप भी उन्होंने लगाया है। उन्होंने बताया है कि 2004 में एक दुर्घटना को हत्या बता कर उन्हें उसमें फँसाया गया, लेकिन CBI ने उन्हें क्लीन-चिट दी।

बृजभूषण शरण सिंह ने इन 10 घटनाओं के अलावा 11वें बिंदु के रूप में ताजा प्रकरण की बात की है। उन्होंने पहलवानों वाले प्रकरण में प्रियंका गाँधी और कॉन्ग्रेस नेता भूपेंद्र हुड्डा के शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वो देश की कानून व्यवस्था पर यकीन रखते हैं। उन्होंने चुनौती दी है कि प्रियंका गाँधी ट्विटर-ट्विटर खेलना बंद करें और उनके खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ कर दिखाएँ। उन्होंने लिखा कि जीत हमेशा सच्चाई की ही होती है।

‘हिंसा के लिए राम, श्याम और वाम जिम्मेदार’: CM ममता बनर्जी ने पुलिस को ‘खुली छूट’ देने का किया ऐलान, BJP को पंचायत चुनाव में 9700+ सीटें

पंचायत चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा के लिए वहाँ की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने ‘राम, श्याम और वाम’ को जिम्मेवार ठहराया है। बनर्जी ने ‘राम, श्याम और वाम’ के जरिए भाजपा, कॉन्ग्रेस और वामपंथी दलों पर निशाना साधा है।

ममता बनर्जी ने कहा, “मेरा कोई अपराध हो तो जनता मुझे सजा दे सकती है। मैं यह कहनी चाहती हूँ कि जनता ने मुझे आशीर्वाद दिया। हम महात्मा गाँधी, सुभाषचंद्र बोस और स्वामी विवेकानंद जैसे लोगों के अनुयायी हैं।”

सीएम ममता ने कहा, “मैं हिंसा का समर्थन नहीं करती, ना ही नफरत एवं हिंसा की राजनीति में पड़ती हूँ। मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि राम, श्याम और वाम ने मिलकर चुनाव में खलल डालने के लिए हिंसा का इस्तेमाल किया।”

उन्होंने कहा कि ये हिंसा राज्य के कुछ ही इलाकों में हुई हैं। 70 हजार बूथों में से सिर्फ 60 बूथों पर हिंसा देखने को मिली। इस हिंसा के लिए उन्होंने भाजपा को दोषी ठहराया और कहा कि भारतीय जनता दल को राजनीति छोड़ देनी चाहिए।

ममता ने कहा, “लोकतंत्र की हत्या करने वालों को राजनीति में रहने का कोई अधिकार नहीं है। मैं लंबे वक्त तक चुप रही, लेकिन मेरे सब्र की भी एक सीमा है। सत्ताधारी बीजेपी ने फर्जी प्रोपगेंडा फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।”

उन्होंने राज्य में हुई हिंसा की जाँच के लिए पुलिस को खुली छूट दे दी है। सीएम ममता ने कहा कि पुलिस पता लगाएगी कि इस हिंसा के पीछे कौन है। मारे गए लोगों में सबसे तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के कार्यकर्ता हैं।

ममता ने हिंसा में जान गँवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि हिंसा में 19 लोगों की जान गई है और उनके परिजनों को सरकार 2-2 लाख रुपए मुआवजा देगी। इसके अलावा, परिवार के एक सदस्य को स्पेशल होमगार्ड की नौकरी दी जाएगी। 

पंचायत चुनाव में जीत पर उन्होंने लोगों को बधाई भी दी। राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) के बुधवार की शाम बजे तक के आँकड़ों के मुताबिक, टीएमसी ने 63,229 ग्राम पंचायत सीटों में से 34,901 पर जीत दर्ज कर ली ,है जबकि अन्य 613 पर उसके उम्मीदवार आगे हैं। 

वहीं, दूसरे नंबर पर बीजेपी चल रही है। भाजपा शाम के चार बजे तक 9,719 सीटें जीत चुकी है और 152 सीट पर आगे चल रही है। CPIM ने 2,938 सीटों पर जीत हासिल की है। कॉन्ग्रेस ने 2,542 सीट जीती है और 66 पर आगे चल रही है। 

सड़क पर क्यों बन जाते हैं गुफानुमा गड्ढे? बारिश में बड़े-बड़े शहरों में ये समस्या, समझें इसके पीछे का कारण

मॉनसून 2023 में पूरे उत्तर भारत में भारी बारिश हो रही है और देश के कई बड़े-बड़े शहरों की भी हालत खराब हो गई है। दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश बारिश से बेहाल हैं। इससे जगह-जगह पानी लगने की घटनाएँ सामने आई हैं। बाढ़, इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान, पेड़ों का उखड़ना और सड़कों पर गुफानुमा गड्ढे बन जाना – ये सब समस्याएँ देखने को मिल रही हैं। कई शहरी इलाकों में अच्छे-अच्छे पिच रोडों पर भी ऐसे ही हालात हैं।

कई ऐसे शहर हैं जहाँ सड़कों पर ही गुफानुमा गड्ढे बन गए, यहाँ तक कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी। दिल्ली में पिछले कुछ दिनों में कम से कम 3 ऐसे मामले आ चुके हैं। 9 जुलाई को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नजफगढ़ रोड पर बने ऐसे ही एक गड्ढे को लेकर लोगों को सावधान किया। पानी की पाइपलाइन लीक होने की वजह से मोती नगर की तरफ जाने वाले रास्ते में ये हालत बन गए थे। इसी तरह, इंडिया गेट के पास शेरशाह रोड मोड़ पर ऐसा ही बड़ा सा गड्ढा देखने को मिला।

तीसरी घटना रोहिणी के सेक्टर 24 से सामने आई। भारी बारिश के कारण ऐसा गड्ढा बन गया जो एक बड़े स्विमिंग पूल जैसा लग रहा था। इसका आकार ऐसा था जैसे बड़े-बड़े कार भी इसके भीतर समा जाएँ। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इन घटनाओं पर जाँच के आदेश भी दिए हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बलरामपुर हॉस्पिटल के पास इसी तरह का गड्ढा देखा गया। इसी तरह मुंबई के चेम्बूर में ऐसे ही एक गड्ढे में कार गिर गई।

असल में ये गड्ढे बनते कैसे हैं? इन्हें अंग्रेजो में ‘Road Cave-In’ या फिर ‘Sinkhole’ कहा जाता है। अधिकतर जगह पर ऐसी घटनाएँ 2 प्रमुख कारणों से होती हैं। सड़क के नीचे रोड के सपोर्ट के लिए एक सब-स्ट्रक्चर बनाया जाता है। अगर उसमें खराबी आ जाती है तो सड़क में इस्तेमाल किए गए कंक्रीट और मिट्टी गिरने लगते हैं, जिससे ये गड्ढे बन जाते हैं। मतलब, वो स्ट्रक्चर सड़क का भारत वहन करने की क्षमता खो देता है। अगर मिट्टी ठीक से नहीं बैठी हुई है तो वो धीरे-धीरे नीचे जाने लगती है।

अगर नीचे कोई माइनिंग का काम कभी हुआ हो, तो वो गुफा जैसे स्ट्रक्चर रह जाते हैं। अगर स्ट्रक्चर बहुत पुराना हो गया हो तो वो वाहनों के आवागमन को झेल नहीं पाता। निर्माण कार्य में गड़बड़ी, खुदाई जैसी गतिविधियाँ और भारी मशीनों से तेज वाइब्रेशन – इन कारणों से भी जमीन की स्थिरता पर दुष्प्रभाव पड़ता है। कभी-कभी प्राकृतिक कारणों से भी ऐसा होता है। सड़क के नीचे अगर पानी जमा हो जाए तो इससे भी जमीन कमजोर पड़ जाती है। ड्रेनेज सिस्टम की गड़बड़ी या जल-जमाव से भी ऐसा होता है।

जब मिट्टी तर-बतर होती है तो उसमें पानी की बूँदे घुसने लगती हैं और बाद में यही पानी ऊपर की तरफ दबाव लगाता है। इससे मिट्टी कमजोर होती है। सड़क बनाने के समय कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो इससे बचा जा सकता है। जैसे, सब-स्ट्रक्चर की मजबूती पर विशेष ध्यान देना। समय-समय पर ड्रेनेज या पानी के लीक होने की जाँच होनी चाहिए। बारिश के पानी का जमाव नहीं होना चाहिए। लाइमस्टोन जैसे पत्थरों को वहाँ से हटा दिया जाना चाहिए।

आँखों में झोंकी लाल मिर्च और गोलियों से भून डाला: BJP नेता की हत्या करने वाले गैंगस्टर की पुलिस कस्टडी में हत्या, राजस्थान में टोल प्लाजा के पास वारदात

राजस्थान के भरतपुर जिले में एक गैंगस्टर की पुलिस कस्टडी में हत्या कर दी गई है। मृतक का नाम कुलदीप जघीना है जो एक भाजपा नेता की हत्या के आरोप में जेल में बंद था। घटना को एक टोल टैक्स पर तब अंजाम दिया गया जब कुलदीप को एक रोडवेज बस से पुलिस पेशी के लिए ले जा रही थी। हमले में कुछ यात्रियों को भी चोटें आईं हैं। पुलिस ने हत्या में शामिल 4 हमलावरों की गिरफ्तार का दावा किया है। घटना बुधवार (12 जुलाई, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला भरतपुर जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर बीकानेर-आगरा नेशनल हाईवे पर स्थित अमोली टोल प्लाजा का है। बुधवार को जयपुर सेंट्रल जेल में बंद 7 आरोपितों को भरतपुर के जिला न्यायालय में पेश होना था। ये सभी आरोपित 4 सितम्बर, 2022 हो भरतपुर में हुए भाजपा नेता कृपाल सिंह हत्याकांड में आरोपित थे। पुलिस इन सभी को एक रोडवेज बस से ला रही थी जिसमें अन्य सवारियाँ भी मौजूद थीं।

जैसी ही ये बस अमोली टोल प्लाजा के पास पहुँची इस पर हमला हो गया। हमले के बाद के वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। भाजपा ने इस घटना को प्रदेश सरकार के ध्वस्त लॉ एन्ड आर्डर का सबूत बताया है।

बताया जा रहा है कि टोल प्लाजा पर जैसे ही रोडवेज बस ड्राइवर ने रसीद कटवाने के लिए बस रोका तो बाइक और स्कार्पिओ से आए बदमाशों ने अंदर घुस कर आरोपितों की सुरक्षा में तैनात पुलिस वालों की आँखों में लाल मिर्च झोंक दी। इसके बाद गैंगस्टर कुलदीप जघीना को निशाना बना कर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी गई। कुलदीप को 20 से 25 गोलियाँ लगी और उसकी मौत मौके पर ही हो गई। गोलियों के छर्रे से बस में सवार अन्य यात्री और कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं जिनका इलाज करवाया जा रहा है।

इस घटना का संज्ञान पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने लिया। भारी पुलिस बल ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया और हमलावरों की कॉम्बिंग शुरू कर दी। राजस्थान पुलिस ने दावा किया है कि सभी हमलावरों को 3 घंटों में गिरफ्तार कर लिया गया है। पकड़े गए हमलावरों की संख्या 4 बताई जा रही है। इनके नाम बबलू मालीपुरा,सौरभ,विष्णु और धर्मराज बताए जा रहे हैं। इसमें 2 आरोपितों के पैर में पुलिस से मुठभेड़ के दौरान गोली लगने की खबर है।

प्रॉपर्टी के विवाद में हुआ था कृपाल का कत्ल

बताते चलें कि 4 सितम्बर, 2022 को भरतपुर के मथुरा गेट थाना क्षेत्र में भाजपा नेता कृपाल सिंह की हत्या गोलियों से भून कर तब कर दी गई थी जब वो कार से अपने घर आ रहे थे। इस हत्याकांड में मुख्य आरोपित के तौर पर कुलदीप सिंह जघीना का नाम सामने आया था। कुलदीप के अलावा 11 हमलावरों में विश्वेन्द्र, राहुल, विजय पाल और प्रभाव के नाम सामने आए थे। हत्या की वजह कृपाल सिंह और कुलदीप के बीच प्रॉपर्टी का विवाद बताया गया था।

कृपाल सिंह को 3 गोलियाँ मार कर कृपाल साथियों सहित गोवा चला गया था। हालाँकि 7 सितम्बर 2022 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। तब से कुलदीप सिंह जेल में ही था। इस केस में कुलदीप सिंह जघीना ने मुख्य गवाह लोकेन्द्र को भी धमकी दी थी।

भगवान हनुमान बने एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप के शुभंकर, मेजबान थाईलैंड कहा- सेवा, गति, शक्ति, साहस और बुद्धि की उनमें असाधारण क्षमता

भगवान बजरंग बली बुधवार (12 जुलाई 2023) को शुरू हुई एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप (Asian Athletics Championships 2023) का शुभंकर (Mascot) बनाया गया है। यह चैंपियनशिप थाईलैंड में 12 जुलाई से 16 जुलाई 2023 तक खेली जा रही है और इसमें कई देशों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।

भगवान हनुमान वाली इस मैस्कॉट का चयन एशियन चैंपियनशिप की 50वीं वर्षगाँठ पर मेजबान देश थाईलैंड द्वारा किया गया है। मैस्कॉट का चयन मेजबान देश की ऑर्गेनाइजिंग कमेटी करती है। एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 की वेबसाइट पर मेजबान देश ने भगवान राम और हनुमान के बारे में भी लिखा है।

उस पर लिखा है- ‘हनुमान (भगवान) राम की सेवा में गति, शक्ति, साहस और बुद्धि सहित असाधारण क्षमताओं का प्रदर्शन करते है। हनुमान की सबसे बड़ी क्षमता उनकी अविश्वसनीय रूप से दृढ़ निष्ठा और भक्ति है। 25वीं एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 का लोगो खेलों में भाग लेने वाले एथलीटों, कौशल, एथलीटों की टीम वर्क, एथलेटिकिज्म, समर्पण और खेल कौशल के प्रदर्शन को दर्शाता है।’

शॉटपुट खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर और लॉन्ग जम्पर मुरली श्रीशंकर के नेतृत्व में भारत चैंपियनशिप में प्रभावशाली प्रदर्शन करेगा। पाँच दिन चलने वाली एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम शनिवार रात दिल्ली और बेंगलुरु से बैंकॉक के लिए रवाना हुई। इस चैंपियनशिप में एशिया के तमाम एथलीट भाग ले रहे हैं।

ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा थाईलैंड में आयोजित होने वाली इस चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं लेंगे। नीरज चोपड़ा ने थाईलैंड जाने वाले भारतीय खिलाड़ियों के दल को अपनी शुभकामनाएँ दी हैं।

बैंकॉक में मौजूद एथलीट 45 अलग-अलग ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा करेंगे। थाईलैंड के अलावा आठ देशों की टीमें इवेंट के हर गेम में हिस्सा लेंगीं। इसमें हॉन्गकॉन्ग, चीन, भारत, इंडोनेशिया, जापान, साउथ कोरिया, मलेशिया, फिलिपींस और सिंगापुर शामिल हैं।

आजमगढ़ में ईसाई धर्मांतरण करवाती 5 महिलाएँ गिरफ्तार; मज़हबी साहित्य बरामद… बहराइच में बजरंग दल पदाधिकारी पर पादरी का हमला

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के एक गाँव से 5 महिलाओं की गिरफ्तारी हुई है। इन पर प्रार्थना सभा के नाम पर लोगों को ईसाई बनाने का आरोप है। वहीं बहराइच में धर्मांतरण का विरोध करने के कारण बजरंग दल पदाधिकारी पर हमले की घटना सामने आई है। हमले का आरोप एक पादरी और उसके सहयोगियों पर लगा है। पुलिस ने इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आज़मगढ़ जिले के पवई थाना क्षेत्र में आने वाले गाँव सिकंदर पट्टी के बृजेश पांडेय ने रविवार (10 जुलाई 2023) को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाते हुए अपने गाँव में धर्मान्तरण की सूचना दी। उन्होंने बताया कि विजय बिन्द्र नाम के व्यक्ति के खेत में बने घर में कुछ लोग जमा हो कर हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान करने वाले संगीत बजा रहे हैं। बृजेश ने खेत में बाहरी लोगों की मौजूदगी बताते हुए धर्मांतरण की आशंका जताई। सूचना पर तत्काल पुलिस मौके पर पहुँची तो वहाँ लोगों का जमावड़ा मिला।

पूछताछ के दौरान एक महिला ने पहले अपने शरीर पर छाले होने और प्रार्थना में आने के बाद सब ठीक होने का दावा किया। तलाशी के दौरान पुलिस को मज़हबी साहित्य और तस्वीरें, झाड़-फूँक से जुड़ी चीजें और वाद्य यंत्र मिले। पुलिस ने डरा-धमका और बहला-फुसला कर धर्मान्तरण कराने के आरोप में 5 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इनके नाम कुसुम, संगीता, सोनवर्षा, आशा और लक्ष्मी हैं। ये सभी सुल्तानपुर और जौनपुर जिलों की रहने वाली हैं।

पादरी का बजरंग दल पदाधिकारी पर हमला

वहीं बहराइच जिले में एक पादरी पर साथियों सहित बजरंग दल के पदाधिकारी पर हमले का आरोप लगा है। थाना नानपारा में दर्ज FIR में बजरंग दल के अवध प्रान्त विभाग संयोजक दीपांशु श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने हिन्दू देवी-देवताओं को अपशब्द कहे जाने की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई थी। इसके चलते पादरी अनिल ने उन्हें देख लेने की धमकी दी थी। दीपांशु ने बताया है कि 11 जुलाई 2023 को एक धार्मिक अनुष्ठान के बाद वे अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में 2 बाइकों पर सवार 4 लोगों ने उन पर घात लगा कर हमला किया।

दीपांशु ने बताया कि हमलावर डंडों और लोहे की रॉड से लैस थे। हमलावरों ने उन्हें जान से मार डालने की भी धमकी दी। पुलिस ने दीपांशु की शिकायत पर IPC की धारा 307 और 504 के तहत FIR दर्ज किया है। FIR में पॉस्टर अनिल और राम नारायण नामजद हैं जबकि 2 अन्य अज्ञात हैं। ऑपइंडिया के पास FIR की कॉपी मौजूद है।

बहराइच पुलिस ने दोनों नामजदों सहित 3 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए तीसरे आरोपित का नाम रोहित मौर्य है। पुलिस के मुताबिक चौथे आरोपित की तलाश की जा रही है।