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झारखंड में RSS नेता के सीने में मारी 6 गोलियाँ, गो तस्करी और अवैध खनन के खिलाफ चला रहे थे अभियान: पुलिस बोली- जमीन विवाद में हुई हत्या

झारखंड के धनबाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) नेता 55 वर्षीय शंकर प्रसाद डे की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। टुंडी क्षेत्र में गो तस्करी को रोकने में शंकर प्रसाद डे की भूमिका निभा रहे थे। परिजनों ने हत्या के आपसी जमीन विवाद बताया और पड़ोसी के खिलाफ तहरीर दी है।

घटना धनबाद के पूर्वी टुंडी प्रखंड क्षेत्र के दुम्मा गाँव की है। यहाँ मंगलवार (11 जुलाई 2023) की देर रात शंकर डे की अज्ञात बदमाशों ने उनके सीने में 6 गोलियाँ मार दी। इससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। परिवार के लोगों का कहना कि शूटर बुलाकर शंकर की हत्या कराई गई है।

शंकर संघ से जुड़े वनवासी कल्याण केंद्र के जिला संपर्क प्रमुख थे। इसके साथ ही वे ग्राम रक्षा दल के प्रखंड अध्यक्ष भी थे। लोगों का कहना है कि रोज की तरह शंकर मंगलवार की रात 11 बजे भी ग्राम रक्षा दल के चेकपोस्ट शहरपुरा पर ड्यूटी करने जा रहे थे। इसी बीच हाथसारा और दुम्मा गाँव के बीच एक तालाब के पास घात लगाकर बैठे हमलावरों ने गोलियाँ दाग दीं।

हत्या के बाद उनका शव रात भर वहीं पड़ा रहा। सुबह करीब पाँच बजे पंचायत के उप-मुखिया चिंतामणि डे वहाँ से गुजर रहे थे तो उन्होंने शव को दुम्मा कब्रिस्तान के पास देखा। कब्रिस्तान की दूरी शंकर डे के घर से लगभग 500 मीटर है। शव देखने से पता चल रहा कि गोलियाँ नजदीक से मारी गईं।

घटनास्थल से पुलिस ने 6 खोखे, शंकर का फोन और बाइक बरामद की है। इस घटना से आक्रोशित लोगों ने बुधवार (12 जुलाई) को शव रखकर गोविंदपुर-साहिबगंज मार्ग को एक घंटे तक जाम रखा। हालाँकि, परिजनों ने इस हत्या का कारण जमीनी विवाद बताया। बाद में भाजपा नेता ने लोगों को आश्वासन देकर सड़कर मार्ग खाली कराया।

उधर, शंकर डे बेटे मधुसूदन डे ने आशंका जाहिर की है कि उनके पिता की हत्या जमीन विवाद में की गई है। इसको लेकर उन्होंने गाँव में ही रहने वाले चचेरे भाई मिहिर डे, उमेश डे और सुसेन डे समेत 11 लोगों के खिलाफ पूर्वी टुंडी थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस उमेश व सुसेन को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

मधुसूदन के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से उसके पिता का उसके चचेरे भाइयों से विवाद चल रहा था। इसको लेकर पूर्वी दु्म्मा थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। इतना ही नहीं, जमीन विवाद का मामला सुलझाने के लिए 12 जुलाई को पंचायती भी होने वाली थी। इसी बीच यह घटना हो गई।

आरएसएस जिला सह सेवा प्रमुख राम प्रताप कुंभकार ने इस हत्या को षड़यंत्र बताते हुए अपराधियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की माँग की है। पूर्वी टुंडी ब्लॉक माओवादियों का इलाका है। शंकर प्रसाद इलाके गौ तस्करी ही नहीं, बल्कि रेत खनन के खिलाफ भी थे। 

इस घटना पर धनबाद के एसएसपी संजीव कुमार ने कहा कि हत्या जमीन विवाद में हुई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपितों की भी गिरफ्तारी जल्द की जाएगी।

बिहार पुलिस के लाठीचार्ज में BJP नेता की मौत, MP सिग्रीवाल को सिर में आई चोटें: पटना में विरोध मार्च निकाल रहे नेताओं पर पानी-आँसू गैस भी बरसाए

बिहार के पटना में चल रहे टीचर अभ्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन को समर्थन करने के लिए विधानसभा तक मार्च निकाल रहे भाजपा नेताओं पर आज (13 जुलाई 2023) राज्य पुलिस ने बेरहमी से लाठी चार्ज किया। इस लाठीचार्ज में कई लोग घायल हुए। वहीं जहानाबाद से भाजपा के महामंत्री विजय कुमार सिंह की इस लाठीचार्ज में घायल होने के बाद मौत हो गई। पार्टी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने इस संबंध में ट्वीट करके जानकारी दी। बताया जा रहा है कि एमपी सिग्नीवाल को भी सिर पर चोटे आई हैं। वहीं बिहार पुलिस ने इस पूरी घटना पर कहा है कि विजय सिंह की मौत लाठीचार्ज के कारण नहीं हुई उनके शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने बताया कि बीजेपी के जहानाबाद के महामंत्री विजय कुमार सिंह पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठियाँ चलाई। जिसके बाद वह रोड पर गिर गए और उनके माथें पर चोट आई। लेकिन रोड पर गिरने के बाद भी पुलिस उनपर लाठियाँ बरसाती रही। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें तारा नर्सिंग होम भेजा गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद फिर उन्हें पीएमसीएसच भेजा गया मगर वहाँ भी डॉक्टरों ने उन्हें मृत ही बताया।

बिहार पुलिस ने विधानसभा तक होने जा रहे इस मार्च को रोकने के लिए भाजपा नेताओं पर आँसू गैस और पानी भी बरसाया था। लेकिन जब इन सबसे मार्च हीं रुका तो इन्होंने भाजपा नेताओं पर लाठी-चार्ज शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस ने भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्नीवाल और बिहार के विरक्ष विजय कुमार सिन्हा को भी पीटा। खबरों में बताया जा रहा है कि सिग्रीवाल को सिर में गंभीर चोटें आई गहैं। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी, पूर्व डिप्टी सीएम रेनू देवी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

‘ग्लोबल साउथ और पश्चिम के बीच पुल है भारत’: फ्रांस के अखबार को दिए इंटरव्यू में PM मोदी ने रखा ‘SAGAR’ दृष्टिकोण, कहा- UN में बदलाव जरूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) फ्रांस की यात्रा पर हैं। यहाँ वे बैस्टिल डे परेड के मुख्य अतिथि हैं। फ्रांस पहुँचने से पहले पीएम मोदी ने एक फ्रांसीसी अखबार को दिए इंटरव्यू में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि भारत और फ्रांस के प्रशांत क्षेत्र में संयुक्त और व्यापक हित हैं। इस दौरान उन्होंने भारत की परंपरा और दर्शन पर भी बात की।

फ्रांसीसी अखबार लेस इकोस (Les Echos) को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के हर कोने के दर्शन पर विचार करना होगा। दुनिया तभी तेजी से प्रगति करेगी, जब वह पुरातनपंथी और पुरानी धारणाओं को छोड़ना सीखेगी। पीएम मोदी ने कहा, “पृथ्वी एक है, लेकिन दर्शन एक नहीं।” उन्होंने भारतीय शक्ति और भारतीय सिनेमा एवं संगीत की वैश्विक पहुँच, आयुर्वेद चिकित्सा में नई रुचि और योग की सार्वभौमिक सफलता पर बात की।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर उन्होंने कहा, “मैंने इस क्षेत्र के लिए अपने दृष्टिकोण को एक शब्द में वर्णित किया है – SAGAR, जिसका अर्थ है- Security and Growth for All in the Region (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास)। हम जिस भविष्य का निर्माण करना चाहते हैं उसके लिए शांति आवश्यक है। भारत हमेशा बातचीत और कूटनीति के माध्यम से मतभेदों के शांतिपूर्ण समाधान और सभी देशों की संप्रभुता, अंतर्राष्ट्रीय कानून और नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था का सम्मान करने के लिए खड़ा रहा है।”

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि ग्लोबल साउथ (Global South) के अधिकारों को लंबे समय से अस्वीकार किया जाता रहा है और इससे इन देशों में पीड़ा की भावना पैदा हुई है। उन देशों के और पश्चिमी दुनिया के बीच एक पुल के रूप में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदार बताया।

पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में व्यापक फेरबदल की वकालत की। उन्होंने कहा कि दुनिया में सबसे अधिक आबादी होने के नाते भारत को अपना उचित स्थान हासिल करने की जरूरत है। PM ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद दुनिया के लिए बोलने का दावा कैसे कर सकती है, जब सबसे अधिक आबादी वाला देश और सबसे बड़ा लोकतंत्र इसका स्थायी सदस्य नहीं है?”

पीएम मोदी का यह साक्षात्कार गुरुवार (13 जुलाई 2023) को फ्रांस के लिए रवाना होने के बाद प्रकाशित हुई। फ्रांस पहुँचकर प्रधानमंत्री मोदी वहाँ के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के साथ कई मसलों पर बातचीत करेंगे, जिनमें रक्षा एवं रणनीतिक साझेदारी महत्वपूर्ण है।

चीन से उत्पन्न खतरे के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत हमेशा बातचीत और कूटनीति के माध्यम से मतभेदों के शांतिपूर्ण समाधान का हिमायती है। भारत सभी देशों की संप्रभुता, अंतरराष्ट्रीय कानून और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का सम्मान करता है। उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि इसके माध्यम से स्थायी क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और स्थिरता की दिशा में सकारात्मक योगदान दिया जा सकता है।”

चीनी के खतरे और फ्रांस के साथ सहयोग के सवाल पर उन्होंने कहा, “नई दिल्ली और पेरिस के बीच एक व्यापक और रणनीतिक साझेदारी है, जिसमें राजनीतिक, रक्षा, सुरक्षा, सतत आर्थिक सहयोग और मानव केंद्रित विकास शामिल हैं। जब समान दृष्टिकोण और मूल्यों वाले देश द्विपक्षीय रूप से बहुपक्षीय व्यवस्था में या क्षेत्रीय संस्थानों में एक साथ काम करते हैं तो वे किसी भी चुनौती से निपट सकते हैं।”

पीएम ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र समेत भारत-फ्रांस साझेदारी किसी देश के खिलाफ या उसकी कीमत पर नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य आर्थिक और सुरक्षा हितों की रक्षा करना, नेविगेशन और वाणिज्य की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना और क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय कानून के शासन को आगे बढ़ाना है। हम अन्य देशों की क्षमताओं को विकसित करने और स्वतंत्र संप्रभु विकल्प चुनने के उनके प्रयासों का समर्थन करने के लिए उनके साथ काम करते हैं।”

रूस-यूक्रेन युद्ध के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा, “मैं हिरोशिमा में राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से मिला था। हाल ही में मैंने राष्ट्रपति पुतिन से दोबारा बात की। भारत का रुख स्पष्ट, पारदर्शी और सुसंगत है। मैंने कहा है कि यह युद्ध का युग नहीं है। हमने दोनों पक्षों से बातचीत और कूटनीति के जरिए मुद्दों को सुलझाने का आग्रह किया है। मैंने उनसे कहा कि भारत उन सभी वास्तविक प्रयासों का समर्थन करने के लिए तैयार है जो इस संघर्ष को समाप्त करने में मदद कर सकते हैं।”

पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब अपना उचित स्थान हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा, “प्राचीन काल से भारत वैश्विक आर्थिक विकास, तकनीकी उन्नति और मानव विकास में योगदान देने में सबसे आगे रहा है। आज विश्व भर में हमें अनेक समस्याएँ एवं चुनौतियाँ देखने को मिलती हैं। मंदी, खाद्य सुरक्षा, मुद्रास्फीति और सामाजिक तनाव उनमें से कुछ हैं। ऐसी वैश्विक पृष्ठभूमि में मैं अपने लोगों में एक नया आत्मविश्वास, भविष्य के बारे में एक आशावाद और दुनिया में अपना उचित स्थान लेने की उत्सुकता देख रहा हूँ।”

अमेरिका का साथ प्रगाढ़ होते रिश्तों पर उन्होंने कहा, “जून में संयुक्त राज्य अमेरिका की मेरी राजकीय यात्रा के दौरान राष्ट्रपति जो बिडेन और मैं इस बात पर सहमत हुए कि लोगों के बीच संबंधों के साथ दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच साझेदारी इस सदी की निर्णायक साझेदारी हो सकती है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि यह साझेदारी हमारे समय की चुनौतियों का समाधान करने और वैश्विक व्यवस्था को आकार देने में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए हितों, दृष्टि, प्रतिबद्धताओं के मामले में पूरी तरह से स्थापित है।”

अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण साझेदारी पर पीएम मोदी ने कहा, “विश्वास, आपसी विश्वास और रिश्ते में विश्वास प्रमुख तत्व रहे हैं। एक स्वतंत्र, खुले, समावेशी और संतुलित हिंद-प्रशांत क्षेत्र को आगे बढ़ाना एक साझा लक्ष्य है। हम क्षेत्र और उसके बाहर अन्य साझेदारों के साथ मिलकर इसे आगे बढ़ा रहे हैं।” पीएम मोदी ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनी बहुपक्षीय शासन संरचनाओं के बारे में ईमानदार चर्चा का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज अधिकांश देश संयुक्त राष्ट्र में बदलाव की माँग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “संस्थानों के निर्माण के लगभग आठ दशक बाद दुनिया बदल गई है। सदस्य देशों की संख्या चार गुना बढ़ गई है। वैश्विक अर्थव्यवस्था का चरित्र बदल गया है। हम नई तकनीक के युग में रहते हैं। नई शक्तियों का उदय हुआ है, जिससे वैश्विक संतुलन में सापेक्ष बदलाव आया है। हम जलवायु परिवर्तन, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद, अंतरिक्ष सुरक्षा और महामारी सहित नई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। मैं बदलावों के बारे में आगे बढ़ सकता हूँ।”

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को विसंगति का प्रतीक बताते हुए कहा, “हम इसे वैश्विक निकाय के प्राथमिक अंग के रूप में कैसे बात कर सकते हैं, जब अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के पूरे महाद्वीपों को नजरअंदाज कर दिया जाता है? वह दुनिया की ओर से बोलने का दावा कैसे कर सकता है जब उसका सबसे अधिक आबादी वाला देश और उसका सबसे बड़ा लोकतंत्र इसका स्थायी सदस्य नहीं है? इसकी विषम सदस्यता से निर्णय लेने की प्रक्रिया अपारदर्शी हो जाती है, जो आज की चुनौतियों से निपटने में इसकी असहायता को बढ़ा देती है।”

भारत की आजादी के 100 साल पूरे होने पर अपने विजन को साझा करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “हम 2047 में भारत को एक विकसित देश बनते देखना चाहते हैं। एक विकसित अर्थव्यवस्था जो अपने सभी लोगों की जरूरतों – शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढाँचे और अवसरों को पूरा करती है। भारत एक जीवंत और सहभागी संघीय लोकतंत्र बना रहेगा, जिसमें सभी नागरिक अपने अधिकारों के बारे में सुरक्षित हैं, राष्ट्र में अपने स्थान के प्रति आश्वस्त हैं और अपने भविष्य के बारे में आशावादी हैं।”

एंटी डोपिंग एजेंसी ने विनेश फोगाट को दिया नोटिस, न पते पर मिली-न फोन पर; पति ने भी नहीं दिया जवाब: रिपोर्ट

नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) ने पहलवान विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) को नोटिस जारी किया है। जवाब देने के लिए उन्हें 14 दिनों का समय दिया गया है। एजेंसी के अधिकारी को वह न तो सोनीपत के अपने पते पर मिली और न उनसे फोन पर संपर्क हो सका। अधिकारी ने जब उनके पति सोमवीर राठी से संपर्क की कोशिश की तो उनकी तरफ से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

पता को लेकर एजेंसी के नियमों का पालन नहीं करने को लेकर उन्हें नोटिस जारी किया गया है। द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार विनेश ने सोनीपत के प्रताप कॉलोनी का पता दे रखा है। 27 जून को एक डोप नियंत्रण अधिकारी (DCO) ने इस जगह का दौरा किया। लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। रिपोर्ट में कहा गया है, “डीसीओ ने उन तक (विनेश फोगाट) तक पहुँचने की कोशिश में 40 मिनट से अधिक समय लगाया। उनके पति सोमवीर राठी को भी फोन किया। लेकिन उनकी ओर से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।”

इसके बाद नाडा के परियोजना अधिकारी अंकुश गुप्ता ने ‘एडीआर की ठिकाने आवश्यकताओं का पालन करने में विफलता’ पर विनेश गुप्ता से जवाब देने को कहा है। उल्लेखनीय है कि जो एथलीट रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल (RTP) का हिस्सा हैं, उन्हें हर तीन महीने पर अपने ठिकाने की जानकारी अपडेट करने के लिए एंटी-डोपिंग एडमिनिस्ट्रेशन मैनेजमेंट सिस्टम (ADAMS) का उपयोग करना पड़ता है। इसमें उन्हें अपना पता, ईमेल, फोन नंबर, कार्यसूची, प्रशिक्षण स्थल और कार्यक्रम का डिटेल देना होता है। दिसंबर 2022 से विनेश आरटीपी का हिस्सा हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बीते 12 महीने में ऐसा पहली बार हुआ है कि विनेश ने नियमों का उल्लंघन किया है। 12 महीने में यदि तीन बार ठिकाने की पुष्टि नहीं हो तो वह नियमों का उल्लंघन माना जाता है। वैसी स्थिति में दो साल तक का निलंबन भी हो सकता है। वैसे इस तरह का नोटिस पाने वाली विनेश दूसरी भारतीय महिला पहलवान हैं। इससे पहले विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता पूजा ढांडा को भी यह नोटिस मिल चुका है। ढांडा के पते की पुष्टि करने में नाडा लगातार तीन बार जुलाई, अक्टूबर और दिसंबर 2022 में असफल रहा था।

उल्लेखनीय है कि भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए जिन पहलवानों दिल्ली के जंतर-मंतर पर डेरा डाल रखा था, उनमें विनेश फोगाट प्रमुख थीं। हंगरी में आयोजित बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज से वे प्रतिस्पर्धी कुश्ती में वापसी करने जा रही हैं। इससे पहले टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) के तहत विनेश और बजरंग पुनिया को विदेश में ट्रेनिंग के लिए खेल मंत्रालय से मंजूरी मिलने की खबर आई थी।

जब मैं मिली तब MA कर रहे थे मोदी, प्रोफेसर प्रवीण सेठ थे मेंटर: पत्रकार शीला भट्ट ने PM की डिग्री पर ‘AAP-कॉन्ग्रेस’ का किया मुँह बंद, कहा- मैं उनके सहपाठी को भी जानती हूँ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री को लेकर आए दिन विपक्ष बवाल करता है। ऐसे में वरिष्ठ पत्रकार शीला भट्ट ने नरेंद्र मोदी के पोस्ट ग्रेजुएशन के दिनों के बारे में खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि सन् 1981-82 में प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन की थी और वो इसी दौरान उनसे मिली थीं। शीला के अनुसार नरेंद्र मोदी बहुत ही ज्यादा पढ़ाई-लिखाई करने वाले छात्र थे।

12 जुलाई 2023 को शीला भट्ट ने एएनआई से बात करते हुए खुलासा किया कि नरेंद्र मोदी के मेंटर का नाम प्रवीण सेठ था जो कि उनके भी मेंटर थे। दोनों (शीला भट्ट और नरेंद्र मोदी) की मुलाकात प्रवीण सेठ के कारण ही हुई थी। आज वो एक ऐसी वकील को भी जानती हैं जो उस समय नरेंद्र मोदी की क्लासमेट थीं। मगर इस बारे में बोलने को तैयार नहीं है।

शीला भट्ट कहती हैं कि पिछले दिनों जब अरविंद केजरीवाल ने और कॉन्ग्रेस ने यह कहना-लिखना शुरू किया था कि मोदी पढ़े-लिखे नहीं हैं तो उन्होंने उस क्लासमेट को कॉल किया था और कहा था- “तुम इस पर कुछ बोलती क्यों नहीं हो। लेकिन उसने कहा कि नहीं मैं कुछ नहीं बोलना चाहती।:

बता दें कि कॉन्ग्रेस और आम आदमी पार्टी ने पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर एक हवा बनाने की कोशिश की थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पढ़े-लिखे नहीं हैं। हालाँकि अब शीला भट्ट के बयान से साफ होता है कि किस तरह का माहौल बनाकर पीएम मोदी को बदनाम करने का प्रयास हुआ। कभी मोदी हटाओ-देश बचाओ के नारे दिए गए तो कभी कहा गया कि भारत में नफरत फैलने से रोकने के लिए जरूरी है कि भारत को एक पढ़ा लिखा इंसान मिले। सीएम केजरीवाल ने भी कहा था कि पीएम मोदी अपनी डिग्री दिखाएँ। कॉन्ग्रेस ने तो पीएम की अंग्रेजी का मजाक तक उड़ाया था। इसके अलावा जो डिग्री सामने आई उसे भी फर्जी बोलकर उसपर सवाल खड़े किए गए थे कि दिल्ली यूनिवर्सिटी पर तो ऐसी डिग्री का रिकॉर्ड ही नहीं है।

हालाँकि अब साफ होता है कि पीएम पर न केवल डिग्रियाँ हैं जो उनके पढ़े-लिखे होने का सबूत देती हैं बल्कि वो लोग भी हैं जो उन्हें उस समय से जानते हैं जब वो पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे थे। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ने साल 2016 में पीएम मोदी की डिग्री पब्लिक की थी। इसमें बताया गया था कि पीएम ने अपनी ग्रेजुएशन 1978-79 में की थी और पोस्ट ग्रेजुएशन गुजरात यूनिवर्सिटी से 1981-82 में पूरी की थी।

वहीं शीला भट्ट के बारे में भी बता दें कि वह पत्रकारिता में 1979 से ही सेवा दे रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि एक ही मेंटर होने के कारण उनकी मुलाकात हुई थी। अब तक शीला भट्ट इंडियन एक्सप्रेस , दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के लिए काम कर चुकी हैं। फिलहाल वह गल्फ न्यूज और प्रिंट के लिए कॉलम लिखती हैं। इस इंटरव्यू की जानकारी शीला ने अपने ट्वीट के जरिए भी दी है।

महिला पहलवानों को अकेले बृजभूषण के पास भेजता था विनोद तोमर, चार्जशीट में बताया- पति-कोच को बाहर ही रोक देता था WFI का असिस्टेंट सेक्रेटरी

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों में दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें कहा गया है कि WFI के सहायक सचिव ने जानबूझकर इसके लिए मौका उपलब्ध कराया था।

छह महिला पहलवानों ने दिल्ली पुलिस में इसकी शिकायत दी है। 6 शिकायतों में से दो में WFI के सहायक सचिव विनोद तोमर को सह-अभियुक्त बनाया गया है। आरोप पत्र के अनुसार, विनोद तोमर ने तीन अलग-अलग मौकों पर यह सुनिश्चित किया था कि जब शिकायतकर्ता भाजपा सांसद से मिलें तो वे अकेले हों।

चार्जशीट में आगे कहा गया है कि एक मामले में पति को और दूसरे मामले में कोच को महिला पहलवान के साथ जाने से जानबूझकर और उद्देश्यपूर्ण तरीके से WFI के कार्यालय से रोका गया था। बता दें कि WFI का कार्यालय दिल्ली के अशोक रोड पर स्थित है।

पहलवानों में से एक की शिकायत का जिक्र करते हुए आरोप पत्र में कहा गया है, “शिकायतकर्ता (धारा 161 और 164 के तहत बयान) ने आरोप लगाया है कि जब वह (अपने पति) के साथ बृज भूषण शरण सिंह से दिल्ली में डब्ल्यूएफआई के कार्यालय में मिलने गई थी तो आरोपित विनोद तोमर ने केवल पीड़िता को ही कार्यालय में प्रवेश करने दिया… और जानबूझकर (उसके पति को) कार्यालय के अंदर नहीं जाने दिया… और उसी दिन बृज भूषण ने उसके साथ छेड़छाड़ की…।”

कथित तौर पर दोनों घटनाएँ साल 2017 में हुई थीं। पहली बार, विनोद तोमर ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता के पति को WFI कार्यालय के परिसर के बाहर इंतजार करने के लिए कहा। दूसरे अवसर पर उसके पति को कथित तौर पर WFI कार्यालय में तोमर के कमरे के पास इंतजार करने के लिए कहा था।

चार्टशीट में आगे कहा गया है, “उसके पति को बृज भूषण के कार्यालय के बाहर बैठने या इंतजार करने की अनुमति नहीं देने और अपने कार्यालय के पास बैठाने की विनोद तोमर की मंशा उनकी ओर से स्पष्ट रूप से दुर्भावनापूर्ण इरादे को दर्शाती है, क्योंकि बृज भूषण के कमरे का दरवाजा विनोद तोमर के कार्यालय के बाहर से दिखाई नहीं देता था।”

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, आरोपपत्र में आगे कहा गया है कि विनोद तोमर ने कथित तौर पर इस पहलवान को अपने घर भी बुलाया था। वहाँ पर ओलंपिक में स्थान हासिल करने में विफल रहने पर उसे अपमानित और मानसिक रूप से परेशान किया गया।

साल 2022 में इसी तरह की एक घटना में विनोद तोमर ने कथित तौर पर एक अन्य शिकायतकर्ता के कोच को बाहर इंतजार करने के लिए कहा था। शिकायतकर्ता पहलवान WFI के कार्यालय में यूपी के कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह से मिलने के लिए गई थी।

आरोप पत्र के अनुसार, “शिकायतकर्ता ने धारा 164 के तहत अपने बयान में कहा है कि विनोद तोमर आरोपित बृज भूषण के चैंबर के अंदर गया और उसके बाद पीड़िता को अकेले चैंबर में जाने के लिए कहा और दरवाजा बंद कर दिया। कोच को जानबूझकर अंदर जाने से रोक दिया गया। जब पीड़िता चैंबर में अकेली थी तो आरोपित बृज भूषण ने यौन संबंधों की माँग की… इस प्रकार, विनोद तोमर ने योजनाबद्ध तरीके से उपरोक्त अपराध को अंजाम देने में सहायता/सुविधा प्रदान की।”

आलोक डिस्टर्ब करता है, गाड़ी से कुचल दें, खाने में जहर दे दें: ज्योति मौर्या और मनीष दुबे का क्या था प्लान, वायरल चैट और ऑडियो से उठ रहे सवाल

क्या एसडीएम ज्योति मौर्या अपने पति आलोक की हत्या की प्लानिंग कर रही थी? क्या इसमें उसका कथित प्रेमी होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे भी शामिल था? ये सवाल दोनों के नाम से वायरल हो रहे व्हाट्सएप चैट और ऑडियो से खड़े हो रहे हैं। हालाँकि ऑपइंडिया इन स्क्रीनशॉट और ऑडियो की पुष्टि नहीं करता। लेकिन मीडिया रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि इनके आधार पर ही विभागीय जाँच में मनीष दुबे के निलंबन और उस पर FIR की संस्तुति की गई है।

आज तक ने अपने पास वे व्हाट्सएप चैट होने का दावा किया है, जिसके आधार पर एफआईआर की सिफारिश की है। इन चैट में आलोक को रास्ते से हटाने की बात की गई है। आलोक ने अपनी शिकायत में भी ज्योति और मनीष पर अपनी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था। रिपोर्ट में प्रकाशित एक स्क्रीनशॉट में मनीष से ज्योति अधूरी बात पूरी करने को कहती है। जवाब में मनीष कहता है, “क्यों न बीच से उसे हटा दें हमेशा के लिए जो बार-बार हम लोगों को डिस्टर्ब कर रहा है।” अगले मैसेज में ज्योति पूछती है- आलोक को। जवाब में मनीष ‘हाँ’ कहता है। आगे वह कहता है, “कहानी ही खत्म कर दें उनकी।” इस चैट में कुछ संदेश डिलीट भी किए गए हैं। दिख रहे संदेशों में मनीष दुबे ने ज्योति से फोन काटने की वजह भी पूछी है। जवाब में ज्योति उससे खुद ही समझ जाने को कहती है।

बताया जा रहा है कि शासन कभी भी मनीष दुबे को सस्पेंड कर सकता है। मामले की जाँच DIG होमगार्ड संतोष सिंह ने की थी। DG होमगार्ड बी के मौर्य के मुताबिक जाँच रिपोर्ट में ठोस सबूत मिले हैं, जिसके आधार पर मनीष के खिलाफ न सिर्फ निलंबन बल्कि FIR की भी संस्तुति की गई है।

वहीं सोशल मीडिया पर एक ऑडियो भी वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह ऑडियो ज्योति और मनीष के बीच हुई बातचीत का है। इस ऑडियो में ज्योति को मनीष जल्दी तलाक लेने के लिए कह रहा है। वहीं आलोक पर दहेज़ की झूठी शिकयत दर्ज करवाने के बावजूद उसके बच जाने का जिक्र ज्योति कर रही है। इस बातचीत में गाड़ी से आलोक को कुचल देने, खाने में जहर देने जैसी बातचीत भी सुनाई पड़ती है। ऑपइंडिया इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता।

गौरतलब है कि जून 2023 में सफाईकर्मी अलोक मौर्या ने अपनी पत्नी ज्योति पर खुद को धोखा देकर होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे से अफेयर का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद मनीष दुबे का ट्रांसफर महोबा कर दिया गया था। वहीं बरेली चीनी मिल में तैनात ज्योति मौर्य के खिलाफ भी जाँच चल रही है। शासन जल्द ही इस मामले में कोई निर्णय ले सकता है।

उड़ान चांद का, आशीर्वाद भगवान का: चंद्रयान 3 की लॉन्चिंग से पहले ISRO वैज्ञानिकों ने तिरुपति मंदिर में की पूजा, बैडमिंटन स्टार सायना नेहवाल ने अमरनाथ के किए दर्शन

इंसान चाहे किसी भी मुकाम पर पहुँच जाए लेकिन भगवान के प्रति आस्था ऐसी चीज है जो यदि मन में हो तो कभी खत्म नहीं होती। हाल में ऐसे दो उदाहरण देखने को मिले। जब चंद्रयान-3 लॉन्च करने वाली वैज्ञानिकों की टीम चंद्रयान-3 का मिनी मॉडल लेकर तिरुपति मंदिर आशीर्वाद लेने पहुँचे और दूसरी ओर सायना नेहवाल जैसे बड़ी बैडमिंटन स्टार अपनी माता को अमरनाथ यात्रा कराने पहुँचीं। जहाँ उन्होंने भगवान के दर्शन कर कहा कि वह खुद को भाग्यशाली महसूस कर रही हैं।

समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा जारी किए गए विजुल्स में देख सकते हैं 14 जुलाई को होने जा रहे चंद्रयान-3 के लॉन्च से पहले ISRO वैज्ञानिकों की टीम उत्साह के साथ तिरुपति वेंकटचलपथी मंदिर में गई और भगवान का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनके पास चंद्रयान-3 का मिनी मॉडल भी था। ISRO वैज्ञानिकों ने मंदिर से बाहर आकर मीडिया को बताया- ये चंद्रयान-3 है। हमारा चंद्रमा तक का मिशन। हम इसे कल लॉन्च करेंगे।

इसरो टीम के इस प्रकार से मंदिर जाने पर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल भी खड़े किए लेकिन कई लोग ऐसे थे जिन्होंने टीम के इस कदम को सहारा। वह बोले कि लोग विज्ञान और अध्यात्म को अलग मानते हैं मगर दोनों एक दूसरे के पूरक हैं।

वहीं बैंडमिंटर स्टार सायना नेहवाल की भी एक वीडियो सामने आई। उन्होंने बताया कि वो और उनका परिवार अमरयाथ यात्रा के लिए आईं और उनके लिए ये बहुत खास दिन है। वह बोलीं, “आज मेरे और मेरे फैमिली के लिए बहुत अच्छा दिन है। हम खुशनसीब हैं कि हम यात्रा कर रहे हैं। हम इसके लिए सरकार और स्थानीय लोगों को धन्यवाद करते हैं जिन्होंने हमारी मदद की।”

सायना की वीडियो देखने के बाद एक ट्विटर हैंडल से लिखा गया सायना नेहवाल आने वाली पीढी के लिए उदाहरण बन रही है। ओलंपिक मेडलिस्ट, बैडमिंटन चैंपियन सायना अपनी माता को अमरनाथ यात्रा पर ले जा रही हैं।

गौतलब है कि पिछले कुछ समय में धार्मिकता का मजाक बनाना ट्रेंड में देखा गया। लेकिन अब धीरे-धीरे यह समय बदल रहा है। इसरो के साइंटिस्ट से लेकर स्पोर्स्ट्स चैंपियन्स अपने धर्म और आस्था को दिखाने में गुरेज नहीं कर रहे हैं।

13 साल की पोती से 73 साल के बुजुर्ग ने किया रेप, असम पुलिस ने पकड़ा: नाबालिग से गैंगरेप का मुख्य आरोपित जुबैर अब भी फरार

असम पुलिस ने बुधवार (12 जुलाई 2023) को हैलाकांडी जिले में नाबालिग लड़की से बलात्कार करने के आरोप में 73 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपित अली (बदला हुआ नाम) ने रिश्ते में पोती लगने वाली 13 साल की लड़की से बलात्कार किया है। पुलिस ने अली के खिलाफ POCSO अधिनियम में मामला दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया है।

अली ने इस घटना को एक महीने पहले अंजाम दिया था। हैलाकांडी थाने में मामला दर्ज होने के बाद वह फरार हो गया था। रिपोर्ट के अनुसार, अली ने जून 2023 में नाबालिग लड़की को घर में अकेला देखकर उसके साथ बलात्कार किया था। इसके बाद लड़की के परिजनों ने इस मामले में थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

अली के एक महीने तक फरार रहने के बाद बाल कल्याण समिति (CWC) ने इस मामले में जिला प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के लिए कहा। CWC के हस्तक्षेप के बाद पुलिस हरकत में आई और बुजुर्ग आरोपित को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपित को 21 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

वहीं, एक नाबालिग हिंदू लड़की से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या करने के बाद से जुबैर फरार है। उसे अभी तक असम पुलिस खोज नहीं पाई है। इसको लेकर हिंदू संगठनों ने हंगामा किया है। हिंदू संगठनों ने इस मामले में हैलाकांडी एसपी कार्यालय के बाहर 10 जुलाई को प्रदर्शन किया।

28 साल के फैक्ट्री मजदूर जुबैर ने 13 साल की एक हिंदू लड़की के साथ रेप किया था। उस लड़की को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी मौत हो गई थी। घटना को अंजाम दिए 7 दिन बीत चुके हैं। इसके बाद भी वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है।

दरअसल, जुबैर अहमद ने 5 जुलाई 2023 को अपने दो साथियों- जबीर अहमद और अंसारुद्दीन मजुमदार के साथ मिलकर 13 साल की हिंदू लड़की का अपहरण किया था और कार में लेकर एक चाय बगान में गए। वहाँ लड़की के साथ बलात्कार किया गया और आरोपित गंभीर हालत में छोड़कर उसे फरार हो गए।

स्थानीय लोगों ने गंभीर हालत में लावारिस मिली लड़की के बारे में पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने जबीर और अंसारुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन जुबैर अभी तक फरार है।

अक्षय कुमार की ‘OMG2’ सेंसर बोर्ड में अटकी, रिव्यू कमेटी को भेजी गई फिल्म: हाई कोर्ट ने ‘आदिपुरुष’ पर लगाई थी फटकार

अक्षय कुमार की फिल्म ‘OMG2’ सेंसर बोर्ड में अटक गई है। फिल्म को रिव्यू कमेटी के पास भेजा गया है। कुछ दृश्यों और डायलॉग पर आपत्ति जताई गई है। अब रिव्यू कमेटी का सिग्नल मिलने के बाद ही फिल्म रिलीज हो सकेगी। पहले यह फिल्म 11 अगस्त 2023 को रिलीज होनी तय थी। लेकिन ताजा घटनाक्रम के बाद यह स्पष्ट नहीं है कि फिल्म तय तारीख पर रिलीज हो पाएगी भी या नहीं।

‘OMG 2’ का टीजर पिछले दिनों ही रिलीज किया गया था। यह फिल्म 2012 में आई ‘OMG – Oh My God!’ का सीक्वल है। टीजर में अक्षय कुमार भगवान शिव के वेश में नजर आ रहे हैं। रेलवे के पानी से महादेव का अभिषेक करने जैसे कई दृश्य फिल्म के विवादित बताए जा रहे हैं। ऐसे में आदिपुरुष विवाद में हुई फजीहत के बाद सेंसर बोर्ड ने फिल्म को रिव्यू कमेटी के पास भेज दिया है। आदिपुरुष पर बोर्ड को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कड़ी फटकार भी लगाई थी।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक यह सार्वजानिक नहीं हुआ है कि ‘OMG2’ के किन डायलॉग और दृश्यों पर सेंसर बोर्ड ने आपत्ति जताई है। टीजर के एक दृश्य में भगवान श‍िव बने अक्षय कुमार रेलवे ट्रैक पर बैठे हैं और उनके ऊपर यार्ड की पाइपलाइन से पानी की बौछार हो रही है। कई लोगों का मानना है कि इसी दृश्य के कारण फिल्म सेंसर बोर्ड में अटकी है।

बताते चलें कि ‘OMG2’ में अरुण गोविल ने राम का किरदार निभाया है। अन्य कलाकारों में पंकज त्रिपाठी और यामी गौतम प्रमुख हैं। साल 2012 में रिलीज हुई OMG में अक्षय कुमार भगवान कृष्ण के रोल में थे। तब परेश रावल ने नास्तिक व्यक्ति कांजीलाल मेहता का किरदार निभाया था। इस बार फिल्म में वे नहीं हैं। इसी तरह OMG का उमेश शुक्ला ने किया था, लेकिन इसके सीक्वल के डायरेक्शन की बागडोर अमित राय के हाथों में है। 

‘OMG 2’ के टीजर में शुरुआत में आवाज गूँजती है – “ईश्वर है या नहीं, इसका प्रमाण इंसान आस्तिक या नास्तिक होकर दे सकता है, पर भगवान अपने बनाए हुए बन्दों में कभी भेद नहीं करता – फिर चाहे वो नास्तिक कांजीलाल मेहता हो या आस्तिक कांतिशरण मुद्गल।” साथ ही बैकग्राउंड में भगवान शिव के स्तोत्र की पंक्तियाँ ‘ॐ अथात्मानं शिवात्मानं श्री रुद्ररुपं ध्यायेत्’ बजती हुई सुनाई देती है। इसमें अक्षय कुमार की एंट्री गंगा नदी में स्नान करते हुए होती है।

बताया जा रहा है कि इसमें अक्षय कुमार भगवान शिव के किरदार में दिखेंगे, जैसे फिल्म के पहले हिस्से में उन्होंने श्रीकृष्ण का रोल निभाया था। टीजर में आगे कहा जाता है, “…और तकलीफ में लगाई हुई पुकार उसे हमेशा अपने बन्दों तक खींच ही लाती है।” पंकज त्रिपाठी इसमें पूजा-पाठ करने वाले और ईश्वर में विश्वास रखने वाले व्यक्ति के रूप में दिखाई देते हैं, जिनके परिवार पर कोई विपत्ति आ जाती है। फिल्म में यामी गौतम एक वकील की भूमिका में हैं।