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आल्हा, बिरहा, चालीसा, बेवफा SDM, मेहरी नहीं पढ़ाएँगे… आलोक मौर्या में भोजपुरी ने देखी ज्योति: खान सर बोले- 93 लोग अपनी पत्नी को कोचिंग से ले गए

जब नोटबंदी हुई थी तो ‘सोनम गुप्ता बेवफा है’ वाला 10 रुपए का नोट सोशल मीडिया में छा गया था। अब सोशल मीडिया में ऐसे संदेशों की भरमार है जो बताते हैं कि ‘ज्योति मौर्या बेवफा है’। दरअसल ऐसा ज्योति के पति आलोक मौर्या जो कि सफाई कर्मचारी हैं का एक रोते हुए वीडियो सामने आने के बाद हुआ। इसमें आलोक ने कहा कि जिस ज्योति को उन्होंने पढ़ाया-लिखाया वह एसडीएम बनने के बाद उन्हें धोखा दे रही है। अपनी पत्नी का होम गार्ड कमांडेंट मनीष दुबे के साथ अफेयर का दावा किया। दोनों पर अपनी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया। विभागीय जाँच में दुबे को दोषी मानते हुए सस्पेंड करने की सिफारिश की गई है।

पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बनी इस कहानी में कई मोड़ आ चुके हैं। कई वीडियो, कई दावे, कई चैट, फोन कॉल रिकॉर्डिंग से लेकर वसूली वाली डायरी तक। तलाक की अर्जी से लेकर दहेज के लिए प्रताड़ित करने के आरोप तक लग चुके हैं।खान सर का दावा है कि इस घटना के कारण करीब 93 पति अपनी पत्नियों का नाम कोचिंग से कटा चुके हैं।ऐसे में भोजपुरी इंडस्ट्री भी कहां पीछे रहने वाली थी। ज्योति और आलोक मौर्या प्रकरण पर भोजपुरी में दर्जनभर गाने अब तक आ चुके हैं। इन पर चालीसा से लेकर आल्हा तक गायकों ने गा दिया है।

जब इस कहानी का इतना बाजा बज रहा हो तो भोजपुरी गायक ही क्यों पीछे रहें। ज्योति और आलोक मौर्या प्रकरण पर भोजपुरी में दर्जनभर गाने अब तक आ चुके हैं। चालीसा से लेकर बिरहा तक गायकों ने गा दिया है। इनमें से कई गानों में ज्योति को बेवफा बताया गया है। कुछ में उनके लिए छिनार जैसे शब्द का इस्तेमाल किया गया है। कुछ गानों के जरिए यह बताने की कोशिश की गई है कि बेटी को पढ़ाना चाहिए, न कि पत्नी को।

एसडीएम ज्योति मौर्या और आलोक मौर्या पर बनी चालीसा को चंदा शर्मा ने आवाज दी है। 5 जुलाई को रिलीज हुए इस चालीसा को 12 लाख से ज्यादा व्यूज रिपोर्ट लिखे जाने तक मिल चुके थे।

रितीक पांडे ने इस प्रकरण पर जो गाना गाया है वह ‘एसडीएम बनते ही भूल गईलु’। इसे लिखा है गुरुदेव ने। साढ़े 6 लाख से ज्यादा व्यूज हासिल कर चुके इस गाने को 29 जून को जारी किया गया था।

भोजपुरी के अलावा ज्योति और आलोक मौर्या की कहानी पर आल्हा के भाव में रोशन खरवार का गाया गाना भी खूब चल रहा है। 3 जुलाई को इसे रिलीज किया गया था। 20 लाख से अधिक व्यूज आ चुके हैं।

ओमप्रकाश का गाया ‘बेवफा एसडीएम ज्योति उर्फ आलोक मौर्या को इंसाफ’ गाना भी चर्चा में है। इस बिरहा को 12 जुलाई को ही रिलीज किया गया है और 10 घंटे में ही इसे डेढ़ लाख के करीब व्यूज मिल चुके थे।

‘मेहरी को नहीं पढ़ाएँगे’ को लाल बाबू और खुशी कक्कड़ ने गाया है। 7 जुलाई को इसे जारी किया गया और करीब 13 लाख व्यूज इसे मिल चुके हैं।

यूट्यूब पर आप जैसे ही ज्योति और आलोक मौर्या के नाम से बने भोजपुरी गानों को सर्च करेंगे ऐसे कई गाने मिलेंगे। एसडीएम जइसन मउगी छिनार न मिले, समय समय के खेला बा, बदलल नियतिया एसडीएम साहिबा के, हट गईल एसडीएम ज्योति मौर्या, बेवफा एसडीएम, ज्योति मौर्या छिनार भईली जैसे टाइटल से कई गाने रिलीज किए गए हैं।

‘पत्नी ही नहीं, उसके 3 कुत्तों को भी दो गुजारा भत्ता’: तलाक के बाद पति को मुंबई कोर्ट का आदेश, कहा- भावनात्मक कमी को पूरा करते हैं पालतू जानवर

घरेलू हिंसा (डीवी) अधिनियम के तहत 55 वर्षीय महिला ने अपने अलग होने वाले पति से अपनी उम्र, स्वास्थ्य और आश्रित तीन कुत्तों को देखते हुए भरण-पोषण की माँग की है। महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए मुंबई की एक अदालत ने कहा कि पालतू जानवर भी एक सभ्य जीवनशैली के अभिन्न अंग हैं और मनुष्य के लिए स्वस्थ जीवन जीने के लिए आवश्यक हैं।

अदालत ने कहा कि पालतू जानवर रिश्तों के टूटने के बाद होने वाली भावनात्मक कमी को पूरा करते हैं। कोर्ट ने महिला के पति द्वारा दी जाने वाली भरण-पोषण राशि को कम करने की माँग को खारिज कर दिया। पति ने कोर्ट में दलील दी कि उससे व्यवसाय में घाटा हुआ है। वहीं, महिला के पास रॉटविलर नस्ल के तीन कुत्ते हैं।

बांद्रा के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोमल सिंह राजपूत ने कहा, “पालतू जानवर भी स्वस्थ जीवनशैली के अभिन्न अंग हैं। मनुष्य के स्वस्थ जीवन जीने के लिए पालतू जानवर आवश्यक हैं, क्योंकि वे टूटे रिश्तों के कारण हुई भावनात्मक कमी को पूरा करते हैं। इसलिए, भरण-पोषण की राशि को कम करने का आधार नहीं हो सकता है।”

महिला ने अपनी मुख्य याचिका में अपने पति के खिलाफ घरेलू हिंसा के आरोप लगाए गए हैं। वर्तमान आवेदन ₹70,000 प्रति माह के भरण-पोषण की माँग के लिए दायर किया गया था। अदालत ने 20 जून 2023 को आंशिक रूप से याचिका स्वीकार कर ली और पति को मुख्य मामले के निपटारे तक पत्नी को 50,000 रुपए अंतरिम गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया।

अदालत ने पाया कि दोनों पक्षों की वित्तीय पृष्ठभूमि अच्छी थी। पति के इस दावे को साबित नहीं कर पाया कि उसे कोई व्यावसायिक घाटा हुआ है। इसके अलावा, न्यायालय ने कहा कि पत्नी को दिया जाने वाला गुजारा भत्ता उसकी जीवनशैली और अन्य आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए।

महिला ने अपने आवेदन में कहा था कि उसके पास आय का कोई स्रोत नहीं है और उसका स्वास्थ्य भी खराब रहता है। उसने अदालत को यह भी बताया कि उसके पास तीन रॉटवीलर कुत्ते हैं, जो उस पर निर्भर है। इसको देखते हुए महिला ने भरण-पोषण की राशि को बढ़ाने की माँग की।

इस दंपति की शादी 1986 में हुई थी और उनकी दो बेटियाँ हैं, जो विदेश में बस गई हैं। साल 2021 में दंपति के बीच मतभेद पैदा हो गया। इसके बाद पति ने अपनी पत्नी को मुंबई भेज दिया और कहा कि वह उसके भरण-पोषण और अन्य बुनियादी जरूरतें पूरा करेगा। पत्नी का आरोप है कि इस वादे का पालन नहीं किया गया।

महिला ने यह भी कहा कि जब दोनों साथ रहते थे तो उसका पति उस पर घरेलू हिंसा करता था। महिला ने यह कहते हुए अपनी भरण-पोषण के लिए माँगी गई राशि को उचित ठहराया कि उसका पति दूसरे मेट्रो शहर में व्यवसाय चला रहा है और उसके पास आय के अन्य स्रोत भी हैं।

36 राफेल एयरक्राफ्ट के बाद अब Rafel-M के लिए फ्रांस से सौदा: PM मोदी के दौरे पर फाइनल होगी डील, वायुसेना वाले से अलग हैं नौसेना के ये ‘फाइटर’

36 राफेल फाइटर एयरक्राफ्ट्स के बाद भारत अब फ्रांस से 26 Rafale-M फाइटर्स खरीदने जा रहा है। खाद बात ये है कि ये खरीद भारतीय नौसेना के लिए की जा रही है। फ्रांस की सबसे बड़ी ऐरोस्पेस कंपनी ‘Dassault Aviation’ से ही इस संबंध में करार होता, जिससे भारतीय वायुसेना के लिए 36 राफेल फाइट्स जेट्स खरीदने गए थे। ये सभी डिलीवर किए जा चुके हैं। 2016 में हुए इस करार से ये वाली डील अलग होगी। डिजाइन और क्षमताओं की बात करें तो नौसेना के नवल फाइटर जेट्स वायुसेना वाले से अलग होते हैं।

ये अंतर इसीलिए होता है, क्योंकि जमीन से हवा में उड़ने वाले फाइटर जेट्स और समुद्र में चलने वाले एयरक्राफ्ट कैरियर के माध्यम से मार करने वाले फाइटर जेट्स के संचालन के माहौल में भी अंतर होता है। 22 फाइटर जेट्स को INS विक्रांत और विक्रमादित्य पर तैनात किए जाने की योजना है। दक्षिण भारत में एयरक्राफ्ट कैरियर सिर्फ भारत और चीन के पास हैं। ये राफेल-एम एयरक्राफ्ट्स क्षयकारी नमकीन पानी वाले माहौल में रहेंगे, इसीलिए इन्हें उसी हिसाब से डिजाइन किया जाता है।

इन्हें एयरक्राफ्ट कैरियर से संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रख कर तैयार किया जाता है। साथ ही हाई-इम्पैक्ट वाली लैंडिंग की क्षमता इनमें होती है। Catapult (किसी चीज को दूर से फेंकने वाला टूल) या रैंप-लॉन्च की तकनीक इसमें होती है। नौसेना के इन एयरक्राफ्ट फाइटर्स का लैंडिंग गियर बाकियों से ज़्यादा मजबूत होता है, इनमें मजबूत एयरफ्रेम्स होते हैं और इनके विंग्स फोल्डिंग वाले होते हैं। एयरक्राफ्ट कैरियर्स पर संचालित होने और स्टोरेज के लिए ये फोल्डिंग विंग्स की ज़रूरत पड़ती है।

जबकि जमीन से उड़ान भरने वाले एयरक्राफ्ट्स को इन फीचर्स की ज़रूरत नहीं पड़ती क्योंकि उनके लिए तो बना-बनाया रनवे होता है। भारत में अब तक MiG-29K एयरक्राफ्ट कैरियर्स से संचालित होने वाला फाइटर जेट रहा है। इसमें आसान लैंडिंग के लिए एक टेलहुक भी है। एक एयरक्राफ्ट कैरियर पर कई विमान लैंड हो सकें, इसके लिए फोल्डिंग विंग्स चाहिए होती है। जबकि आप Sukhoi Su-30MKI को देखेंगे तो ऐसा कोई फीचर नहीं दिखेगा क्योंकि इसकी लैंडिंग और रख-रखाव के लिए जमीन पर पर्याप्त जगह होती है।

जबकि एयरक्राफ्ट कैरियर के डेक का आकार सीमित होता है। नवल फाइटर जेट्स को उनके जमीनी समकक्षों की तुलना में हल्का और छोटा बनाया जाता है। साथ ही उनकी रेंज भी तुलनात्मक रूप से छोटी होती है। लेकिन, उनमें इन-फ्लाइट रिफ्यूलिंग की क्षमता होती है। इनमें राडार सिस्टम भी होता है। साथ ही समुद्र को ध्यान में रखते हुए इसका नेविगेशन सिस्टम डिजाइन किया जाता है। इन्हें बनाने में ऐसे मैटेरियल्स और कोटिंग्स का इस्तेमाल किया जाता है, जो समुद्री नमकीन पानी के दुष्प्रभावों को झेल सकें।

किसी जहाज या सबमरीन के खिलाफ इस्तेमाल करने में ये ज्यादा प्रभावी होते हैं। इनके पायलट भी विशेष प्रकार के होते हैं, क्योंकि उन्हें रनवे पर नहीं बाकि एयरक्राफ्ट कैरियर के डेक पर लैंडिंग करानी होती है। इनमें सामने का नुकीला हिस्सा थोड़ा लंबा होता है। बताया जा रहा है कि फ्रांस और भारत के बीच Rafale-M को लेकर 5.5 बिलियन यूरोप (49879.49 करोड़ रुपए) की डील होगी। साथ ही फ्रांस से भारत 3 स्कॉर्पीन सबमरीन्स भी खरीदेगा।

जिनसे मनोज मुंतशिर ने चुराया ‘आदिपुरुष’ का घी-बत्ती-तेल वाला डायलॉग, उन्हें इस्कॉन ने किया निलंबित: इंजीनियर और मैनेजर रह चुके हैं अमोघ लीला दास

स्वामी विवेकानंद और उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस को लेकर की गई विवादित टिप्पणी के बाद इस्कॉन (ISKCON) ने अपने भिक्षु अमोघ दास लीला दास पर एक माह का बैन लगा दिया है। मंगलवार (11 जुलाई 2023) को इस्कॉन ने लिखित तौर पर अमोघ लीला दास के बयान को गलत बताते हुए इस से संस्था को आहत बताया हैं। अमोघ लीला दास ने स्वामी विवेकानंद पर मछली खाने का आरोप लगाने के साथ उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस का भी मजाक उड़ाया था।

कोलकता इस्कॉन के उपाध्यक्ष राधारमण दास द्वारा जारी एक पत्र में स्वामी विवेकानंद और रामकृष्ण परमहंस को भारतीय इतिहास की महान विभूति बताया गया है। द्वारका के भिक्ष अमोघ लीला दास की टिप्पणी को अनुचित बताते हुए उन पर 1 माह के लिए प्रतिबंध का भी एलान किया गया है। साथ ही बताया गया है कि अमोघ लीला दास ने अपने बयान पर माफ़ी भी माँग ली है। पत्र में 1 महीने को अमोघ लीला दास द्वारा प्रायश्चित के लिए निकाला गया समय बताया गया है।

इस दौरान अमोघ लीला दास सार्वजनिक जीवन से रहेंगे। इस्कॉन ने अमोघ लीला दास के बयान को जागरूकता की कमी माना है। खुद को अमोघ लीला दास के बयान से अलग करते हुए इस्कॉन ने लोगों से क्षमा भी माँगी है।

क्या था विवाद

दरअसल 11 जुलाई को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें अमोघ दास लीला कुछ लोगों को सम्बोधित कर हे थे। इस दौरान स्वामी विवेकानंद पर उन्होंने मछली खाने का आरोप लगाया और उनके दिव्यपुरुष होने पर सवाल खड़ा किया था। उन्होंने स्वामी विवेकानंद पर बैगन को तुलसी से बेहतर और गीता पढ़ने से फुटबाल खेलना बेहतर बताने का आरोप लगाया।

अमोघ दास ने स्वामी विवेकानंद के गुरु रामकृष्ण परमहंस पर भी तंज कसा था। उन्होंने रामकृष्ण परमहंस के ‘जतो मत ततो पथ’ सिद्धांत को अव्यवहारिक बताया था।

कौन हैं अमोघ दास लीला

लखनऊ के मूल निवासी अमोघ दास लीला साल ने सन् 2000 में ही आध्यात्मिकता से जुड़ कर घर का त्याग कर दिया था। इस दौरान वो क्लास 12 के छात्र थे। इनके बचपन का नाम आशीष अरोड़ा है। थोड़े समय बाद वो घर फिर लौट कर गए और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। साल 2004 में ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद अमोघ दास लीला एक अमेरिकी कम्पनी में प्रोजेक्ट मैनेजर की नौकरी करने लगे।

लेकिन महज 6 वर्षों के भीतर वर्ष 2010 में उन्होंने न सिर्फ इस नौकरी बल्कि कॉर्पोरेट जगत से विदा ले लिया। 29 साल की अवस्था में अमोघ लीला दास इस्कॉन से जुड़ गए। फिलहाल अमोघ 43 वर्ष के हैं जो इस्कॉन के द्वारका चैप्टर के उपाध्यक्ष की भूमिका में हैं। वह पिछले 12 वर्ष से इस्कॉन से जुड़े हुए हैं। सोशल मीडिया पर भी उनके कई फॉलोवर्स हैं।

आदिपुरुष पर लगाया था डायलॉग चोरी का आरोप

अमोघ लीला दास ने अपने एक प्रवचन के दौरान रामायण का कुछ ऐसे वर्णन किया था जिस से मिलता-जुलता डायलॉग ‘आदिपुरुष’ फिल्म में विवाद का केंद्र रहा। खुद अमोघ दास लीला ने एक बयान में ‘कपड़ा तेरे बाप का, जलेगी तेरे बाप की’ वाला डायलॉग अपने प्रवचन से चोरी करने का आरोप लगाया था। 6 जुलाई 2023 को शेयर हुए एक वीडियो में अमोघ दास लीला ने कहा था कि उन्होंने अपने प्रवचन में हनुमान का रिसोर्स मैनेजमेंट बताने का प्रयास किया था। तब घी, कपड़ा और आग रावण की थी और उस से रावण को ही नुकसान हुआ।

अमोघ दास ने मनोज मुंतशिर का नाम लेते हुए ‘आदिपुरुष’ को टपोरी जैसी फिल्म और कई दृश्यों को मर्यादा से नीचे बताया। तब ‘आदिपुरुष’ के निर्माताओं पर व्यंग करते हुए अमोघ दास ने उसके फ्लॉप होने को जनता द्वारा दिया गया दंड बताया था।

घर में रखा था बारूद, धमाके से छत तोड़कर उड़ी जावेद की बीवी: लाश के टुकड़े पड़ोस की छत पर बिखरे, दहला राजस्थान का उदयपुरवाटी

राजस्थान के झुंझनूं में विस्फोटक बनाते समय बुधवार (12 जुलाई 2023) को धमाका हो गया। धमाके में विस्फोटक बनाने वाली महिला तोड़ते हुए 25 फीट दूर दूसरे मकान की छत पर जाकर गिरी। इस घटना में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसके शरीर के टुकड़े इधर-उधर बिखर गए।

विस्फोट इतना तेज था कि महिला के शरीर के चिथड़े उड़ गए। महिला के शरीर से उड़े एक हाथ और एक पैर अलग होकर कहीं दूर जा चुके। शरीर से अलग हुए एक हाथ और पैर को पुलिस ने घंटों तक तलाश किया। इनमें से पैर करीब 30 फीट दूरी पर एक बाड़े में मिल गया, जबकि हाथ फिलहाल नहीं मिल पाया है।

घटना झुंझनूं के उदयपुरवाटी का है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस्लामिया मदरसा के पास सुबह करीब 8 बजे इतना तेज ब्लास्ट हुआ कि पूरे उदयपुरवाटी में इसकी आवाज सुनाई दी। तेज आवाज सुनकर इलाके के लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। जिस घर में विस्फोट हुआ, वह मुस्लिम परिवार का है।

यह मुस्लिम परिवार पटाखा बनाने का काम करता है। घटना के वक्त सभी लोग अपने-अपने काम में लगे हुए थे। जावेद की 27 साल की बीवी आफरीन भी पटाखों में केमिकल भरने का काम कर रही थी। इसी दौरान जबरदस्त विस्फोट हो गया और आफरीन उछलकर दूसरे के मकान पर जा गिरी।

जिस घर में पटाखा बनाने का काम होता था, उसी मकान में मुस्लिम के परिवार के सभी 6-7 सदस्य रहते थे। मृतका अफरीन का पति जावेद साँप पकड़ने का काम करता है। परिवार मजदूरी भी करता है और शादी विवाह के मौके पर पटाखों की दुकान भी लगा लेता है। आफरीन के ससुर लाल मोहम्मद के पास पटाखे बनाने का लाइसेंस था। लाल मोहम्मद की साल 2022 में मौत हो गई।

पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है और मामले की जाँच शुरू कर दी है। एएसआई राम सिंह ने बताया कि मदरसा के नजदीक जावेद के घर में हादसा हुआ है। महिला का क्षत-विक्षत शव पड़ोसी के घर की छत पर मिला है। विस्फोटक सामग्री के ब्लास्ट होने की सूचना है, लेकिन अभी इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता।

जिस घर में यह हादसा हुआ है, उस घर में करीब 20 साल पहले भी भयानक हादसा हुआ था। उस समय दशहरा के मौके पर वपरिवार को रावण बनाने का ठेका मिला था। रावण बनाने का काम चल रहा था, उसी दौरान विस्फोट हो गया था। विस्फोट में मकान ढह गया और परिवार के 5 सदस्यों की मौत हो गई थी।

6 दोषी, 5 बरी… केरल के प्रोफेसर का हाथ काटने में 13 साल बाद फैसला: 18 इस्लामी कट्टरपंथी पहले ही छूट चुके हैं, मुख्य आरोपित का कोई अता-पता नहीं

13 वर्ष पहले केरल के प्रोफेसर TJ जोसेफ पर इस्लाम के अपमान का आरोप लगाते हुए उनका हाथ काट डाला गया था। अब मंगलवार (11 जुलाई, 2023) को NIA की विशेष अदालत ने इस मामले में 6 आरोपितों को दोषी ठहराया है, वहीं 5 को दोषमुक्त करार दिया है। गुरुवार को दोपहर 3 बजे इस मामले में सज़ा सुनाई जाएगी। प्रोफेसर TJ जोसेफ पर एक परीक्षा पत्र में इस्लाम के अपमान का आरोप PFI ने लगाया था। ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ अब एक प्रतिबंधित संगठन है।

इस इस्लामी कट्टरपंथी संगठन के गुंडों ने केरल के प्रोफेसर का हाथ काट डाला था। ये घटना 4 जुलाई, 2010 को हुई थी। हमलावरों ने एक क्रूड बम ब्लास्ट किया था। प्रोफेसर TJ जोसेफ की बाईं हथेली इस हमले में क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद हमलावर वहाँ से भाग निकले थे। घटना एर्नाकुलम के मुवत्तुपुझा में हुई थी, जहाँ रविवार को चर्च में होने वाले सामूहिक प्रेयर के बाद वो परिवार के साथ घर लौट रहे थे। हालाँकि, कई घंटों तक चली सर्जरी के बाद डॉक्टर उनका हाथ वापस जोड़ने में कामयाब रहे थे।

जज अनिल भास्कर ने अब इस मामले में 6 आरोपितों को दोषी करार दिया है। इन सभी पर हत्या के प्रयास का आरोप साबित हुआ है। सुनवाई के दूसरे चरण में IPC की धाराओं के साथ-साथ UAPA के तहत भी उन्हें दोषी पाया गया। सुनवाई के पहले चरण में 31 आरोपितों के खिलाफ ट्रायल चला था, जिनमें से 10 को अप्रैल 2015 में UAPA के अलावा विस्फोटक अधिनियम के तहत भी दोषी पाया गया था। 3 अन्य को अपराधियों को शरण देने का दोषी पाया गया था।

वहीं 18 अन्य इस मामले में बरी कर दिए गए थे। हमलावरों में कुल 7 गुंडे थे जिन्होंने प्रोफेसर TJ जोसेफ को उनके परिवार के सामने गाड़ी से घसीट कर बाहर निकाला था। इसके बाद मुख्य आरोपित सवाद द्वारा उनके हाथ को काट डाला गया था। बड़ी बात ये है कि वो अब तक फरार है। फैसले पर टिप्पणी करते हुए प्रोफेसर ने कहा कि असली आरोपित तो वो हैं जिन्होंने भड़काया और साजिश रची। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अब भी बाहर खुला घूम रहे हैं।

जिन्हें दोषी साबित किया गया है, उनके नाम हैं – नस्सर, साजिल, नजीब, नौशाद, कुंजू और अयूब। वहीं शफीक, अजीज, रफ़ी, ज़ुबैर और मंसूर को दोषमुक्त करार दिया गया। NIA की चार्जशीट में असमान्नुर सवाब मुख्य आरोप है जिसने हाथ काटा था, उसे अब तक पुलिस नहीं पकड़ पाई है। केरल पुलिस पहले इस मामले की जाँच कर रही थी, लेकिन 9 मार्च, 2011 को NIA ने इसे अपने हाथ में ले लिया। कोच्चि स्थित अदालत ने ये फैसला दिया है।

टीचर मोहम्मद फिरोज ने 9 साल के बच्चे को मीट काटने वाले चाकू से मार डाला, ताबड़तोड़ किए 12 वार: बिहार के नालंदा की घटना

बिहार के नालंदा में पड़ोस में रहने वाला टीचर ने बुधवार (12 जुलाई 2023) की सुबह मीट काटने वाले चाकू को एक 9 साल के बच्चे को 12 बार चाकू घोंपकर हत्या कर दी। बच्चा घर से खेलने के लिए निकला था, तभी टीचर ने उसे रोक कर वारदात को अंजाम दिया। बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई।

मामला नालंदा के सिलाव थाना क्षेत्र के कड़ाह मोहल्ले का है। यहाँ पड़ोसी टीचर ने मोहम्मद फिरोज ने नाली के विवाद में 9 साल के मोहम्मद शफीक की हत्या कर दी। शफीक तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और चौथी कक्षा का छात्र था। पुलिस का कहना है कि नाली में पानी गिराने को लेकर टीचर और बच्चे के परिवार के बीच विवाद चल रहा था।

इस झगड़े में पड़ोसी से बदला लेने के लिए पड़ोसी शिक्षक मोहम्मद फिरोज ने बच्चे की हत्या कर दी। हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपित मोहम्मद फिरोज भागने लगा, लेकिन आसपास के लोगों ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस को सूचित करके बुलाया और आरोपित को उसके हवाले कर दिया।

बच्चे के परिजनों का कहना है कि शफीक खेलने के लिए घर से निकला था। शफीक जैसे ही घर से बाहर पहुँचा, पड़ोसी टीचर उस पर मीट काटने वाले चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। शफीक के शरीर पर 12 घाव हो गए वह खून से लथपथ होकर गिर पड़ा। इसके बाद परिजन उसे अस्पताल लेकर गए, जहाँ डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।

कहा जा रहा है कि बच्चे की मौत के बाद उसकी अम्मी अपना सुध-बुध खो बैठी है। वह पागलों जैसी हरकत करने लगी है। आरोपित मोहम्मद फिरोज कतरीसराय ब्लॉक में शिक्षक है। एक मासूम की हत्या करने के बावजूद भी आरोपित के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी।

शेखर कपूर बेवफा हैं? 30 साल छोटी पूर्व पत्नी ने सुनाए शादी में धोखे के किस्से, कहा- प्रीति जिंटा को कभी माफ नहीं करूँगी

अभिनेत्री एवं गायिका सुचित्रा कृष्णमूर्ति फ़िलहाल अपने गाने ‘शरारत’ के प्रोमोशंस में व्यस्त हैं, जिसे 21 जून को ‘वर्ल्ड म्यूजिक डे’ पर रिलीज किया गया था। हाल ही में उन्होंने अपने पूर्व पति फिल्म निर्देशक शेखर कपूर के साथ अपने रिश्तों पर बात की। उन्होंने बताया कि इस शादी से उनके करियर पर क्या असर पड़ा था। उन्होंने बताया कि शेखर कपूर ने स्पष्ट कर दिया था कि वो अपनी पत्नी को फिल्मों में अभिनय नहीं करने देंगे। सुचित्रा कृष्णमूर्ति के अनुसार, तब उन्होंने उनकी बात मान ली थी और कहा था कि ये कोई बड़ी बात नहीं है।

सुचित्रा कृष्णमूर्ति का कहना है कि उस समय वो उतनी परिपक्व नहीं थीं और उन्हें ये समझ में नहीं आया कि आखिर उनके पति क्या करना चाह रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनमें हमेशा उनकी महत्वाकांक्षाओं से ज्यादा प्रतिभा थी, इसीलिए वो जानती थीं कि जीवन में उन्हें कुछ भी नहीं रोक सकता है। लेकिन, उनकी मानें तो उन्हें रुकना पड़ा। 1994 में कुंदन शाह द्वारा निर्देशित फिल्म ‘कभी हाँ कभी ना’ से सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने डेब्यू किया था, जिसमें शाहरुख़ खान और दीपक तिजोरी थे।

सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने अपने पूर्व पति के फैसले के बारे में बात करते हुए कहा कि ये पितृसत्तात्मक सोच थी, लेकिन तब से अब तक काफी समय बीत गया है। अपनी सुपरहिट डेब्यू फिल्म के बाद ही उन्हें एक्टिंग को अलविदा कहना पड़ा था। हालाँकि, गायिकी उन्होंने जारी रखी। सुचित्रा और शेखर ने 1999 में शादी की थी, लेकिन 2007 में दोनों के रास्ते जुदा हो गए। उनकी एक बेटी भी हैं, जिनका नाम कावेरी है। सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने बताया कि एक जमाने में वो शेखर कपूर को लेकर काफी आसक्त हो गई थीं।

उन्होंने सिद्धार्थ कन्नन के साथ इंटरव्यू में कहा, “मुझे लगता है कि शेखर कपूर के साथ मेरी शादी मेरे पूर्वजन्म के कर्मों का नतीजा था जिसे मुझे पूरा करना था। जब मैं उनसे मिली तो मुझे कुछ और नहीं सूझ रहा था। मैं जब 10-12 साल की थी जब पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान इमरान खान या फिर शेखर कपूर से शादी करना चाहती थी। मैं शेखर कपूर से तब मिली, जब वो फिल्म ‘चैंपियन’ की कास्टिंग कर रहे थे। हालाँकि, ये फिल्म शूट नहीं हो पाई। इसके बाद मैं उनसे मिलती रही। वो ड्राइव पर जाने के लिए मुझे बुलाते थे।”

सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने बताया कि एक के बाद एक चीजें होती गईं और वो प्यार में पड़ गईं, लेकिन वो इस बात को लेकर स्पष्ट थे कि वो इस पर गंभीर नहीं हैं। सुचित्रा का कहना है कि उस समय उन्होंने भी कह दिया कि वो उस तरह की लड़की नहीं हैं, अगर वो शादी नहीं करेंगे तो वो उनका चेहरा नहीं देखेंगी और उन्हें बस शादी करनी है, बच्चा करना है। बकौल सुचित्रा, दिमाग में कुछ ज्यादा ही सोच-विचार चलने के कारण उन्होंने ये कह दिया था। सुचित्रा कृष्णमूर्ति दक्षिण भारत की एक रूढ़िवादी परिवार से आती हैं।

शेखर कपूर उनकी माँ के उम्र के हैं, ऐसे में उस समय उनके माता-पिता ने शादी के लिए रजामंदी नहीं दी। अन्य कारण थे कि वो तलाकशुदा थे और फिल्म इंडस्ट्री से थे। उनके माता-पिता ने इस रिलेशनशिप से बाहर निकलने को कहा। सुचित्रा कृष्णमूर्ति ‘बर्कले कॉलेज ऑफ म्यूजिक’ में जाने वाली थीं, लेकिन तभी पता चला कि वो गर्भवती हैं। उन्होंने इस दौरान ये भी बड़ा खुलासा किया कि शेखर कपूर ने उनसे धोखा किया था। उन्होंने कहा, “शादियाँ व्यभिचार के कारण नहीं टूटती हैं, अपमान करने के कारण टूटती हैं।”

सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने इशारों-इशारों में दावा किया कि शेखर कपूर के अन्य महिलाओं के साथ भी यौन संबंध थे। उन्होंने कहा कि जब शादी संकट में होता है तो कई महिलाएँ एक और बच्चा कर के सब ठीक करना चाहती हैं, उन्हें भी यही सलाह दी गई। हालाँकि, उन्होंने अपने दम पर अकेले रहने का फैसला लिया। सुचित्रा ने इस दौरान ये भी कहा कि उन्होंने प्रीति जिंटा को अब तक माफ़ नहीं किया है, उनके लिए प्रीति का अस्तित्व ही नहीं है।

सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने अपने ब्लॉग में एक कविता के जरिए बताया था कि उनके और शेखर कपूर के बीच एक ‘पुरुषों को खाने वाली’ आ गई थी। उस दौरान के कई इंटरव्यू में उन्होंने प्रीति जिंटा का नाम लिया था। उस दौरान प्रीति जिंटा ने खुद को नंबर एक अभिनेत्री बताते हुए कहा था कि सुचित्रा एक गृहिणी हैं। अब सुचित्रा ने कहा है कि वो 20 साल एक गृहिणी बन कर खुश हैं और इस दौरान उन्होंने अपनी बेटी पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि प्रीति जिंटा को उन्होंने अब तक माफ़ नहीं किया है।

महिला पहलवानों के गले-कमर-पेट पर हाथ, सेक्स की बातें, टीशर्ट उठाना-पलंग के पास बुलाना… बृजभूषण के खिलाफ चार्जशीट में सब कुछ, तस्वीरें और मोबाइल लोकेशन सबूत

महिला पहलवानों द्वारा दायर यौन शोषण के मामले में दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में कहा है कि भारतीय कुश्ती संघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ मामला चलाया जा सकता है। इसमें दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण सिंह के साथ पहलवानों द्वारा सार्वजनिक रूप से खींची गईं तस्वीरों को भी शामिल किया है।

दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट में दो तस्वीरों को शामिल किया है और कहा कि इसमें भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह पीड़िता के साथ खड़े हैं। ये तस्वीरें बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दिल्ली पुलिस के आरोप पत्र में ‘तकनीकी साक्ष्य’ के रूप में शामिल की गई हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोप पत्र में कहा गया है कि कुश्ती संघ के अधिकारियों ने पुलिस नोटिस का जवाब देते हुए चार तस्वीरें मुहैया कराई हैं, जिनमें बृजभूषण सिंह और शिकायतकर्ता की विदेश (कजाकिस्तान) में मौजूदगी दिखाई दे रही थी। आरोप पत्र में कहा गया है, “दो तस्वीरों में वे शिकायतकर्ता का फायदा उठाते दिख रहे हैं।”

पहलवान 1 का आरोप: “(पदक मिलने के बाद) कोच मुझे बृजभूषण से मिलने के लिए अपने साथ ले गए। वहाँ उन्होंने मुझे जबरन गले लगाने की कोशिश की। मेरे एक हाथ में झंडा था, इसलिए मैंने अपने दूसरे हाथ से उन्हें दूर धकेलने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने।”

साक्ष्य: “दो तस्वीरों में, वे शिकायतकर्ता का फायदा उठाते दिख रहे हैं… विभिन्न घटनाओं की तस्वीरों और वीडियोग्राफ़ के रूप में उपलब्ध तकनीकी साक्ष्य, आरोपित की उपस्थिति को लेकर शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप का स्पष्ट रूप से समर्थन करते हैं।”

पहलवान 2 का आरोप: “मुझे डब्ल्यूएफआई कार्यालय में बुलाया गया था, जहाँ मैं अपने कोच के साथ गई थी… कुर्सी पर बैठे बृजभूषण ने मुझे बैठने के लिए कहा… मैंने उन्हें अपनी चोट के बारे में बताया… उन्होंने मुझे पूरी मदद का आश्वासन दिया, लेकिन इसके लिए उनके साथ शारीरिक संबंध बनाने के बारे में उन्होंने पूछा।”

साक्ष्य: “…कथित घटना के दिन वह (शिकायतकर्ता के कोच) नई दिल्ली जिले के उस क्षेत्र में मौजूद था और उसके मोबाइल टॉवर स्थान अशोक रोड (कार्यालय स्थान) के आसपास नॉर्थ एवेन्यू के क्षेत्र में था।”

पहलवान 3 का आरोप: “मैं (टीम फोटो में) आखिरी पंक्ति में खड़ी थी… आरोपित (बृजभूषण सिंह) आए और मेरे साथ खड़े हो गए। मुझे अचानक अपने नितम्ब पर किसी का हाथ महसूस हुआ। जब मैंने दूर जाने की कोशिश की तो मुझे जबरदस्ती मेरे कंधे से पकड़ लिया गया।”

साक्ष्य: WFI ने कार्यक्रम से संबंधित रंगीन तस्वीरों के चार प्रिंटआउट उपलब्ध कराए और इन तस्वीरों में शिकायतकर्ता अन्य पहलवानों के साथ आगे की पंक्ति में बैठा हुआ दिखाई दे रहा है। इन तस्वीरों में आरोपित बृजभूषण भी दिख रहे हैं, जिसका आकलन आरोपों के आलोक में किया जा सकता है।”

पहलवान 4 का आरोप: “जब मैं मैट पर लेटी हुई थी तो आरोपित मेरे पास आया और मुझे आश्चर्य हुआ। वह मेरी ओर झुक गया और मेरे कोच की अनुपस्थिति में मेरी अनुमति के बिना, मेरी टी-शर्ट खींची मेरी साँस जाँचने के बहाने मेरे स्तन पर हाथ रखा।”

पहलवान ने आगे कहा, “फेडरेशन कार्यालय जाने पर… मुझे आरोपित के कमरे में बुलाया गया… मेरे भाई, जो मेरे साथ था, को स्पष्ट रूप से वहीं रुकने के लिए कहा गया… अन्य व्यक्तियों के जाने के बाद आरोपित ने दरवाज़ा बंद कर दिया… मुझे अपनी ओर खींचा और मेरे साथ ज़बरदस्ती शारीरिक संपर्क बनाने की कोशिश की।”

साक्ष्य: “शिकायतकर्ता को अन्य पहलवानों के साथ बृजभूषण सिंह के संग खड़ा देखा गया, जिससे घटना के स्थान पर आरोपित और शिकायतकर्ता की उपस्थिति स्थापित होती है।”

पहलवान 5 का आरोप: “मेरे साथ तस्वीर खिंचवाने के बहाने उन्होंने मुझे कंधे से पकड़कर अपनी ओर खींचा… खुद को बचाने के लिए मैंने आरोपित से दूर जाने की कोशिश की।”

साक्ष्य: “डब्ल्यूएफआई ने चैंपियनशिप की तस्वीरों के छह रंगीन प्रिंटआउट प्रदान किए हैं, जो कार्यक्रम में पीड़ित और आरोपित की उपस्थिति को दर्शाते हैं।”

पहलवान 6 का आरोप: “उन्होंने मुझे अपने माता-पिता से फोन पर बात कराई, क्योंकि उस समय मेरे पास निजी मोबाइल फोन नहीं था… आरोपित ने मुझे अपने बिस्तर की ओर बुलाया, जहाँ वह बैठा था और फिर अचानक मेरी इजाज़त के मुझे ज़बरदस्ती गले लगा लिया।”

साक्ष्य: “कार्यक्रम के मेजबान डब्ल्यूएफआई को नोटिस भेजकर उनसे फोटोग्राफ, होटल का विवरण, जहाँ पहलवान रुके थे उसका कमरा नंबर प्रदान करने के लिए कहा गया था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।”

ये चार्जशीट 6 पहलवानों द्वारा दायर यौन उत्पीड़न की शिकायतों में पुलिस द्वारा की गई जाँच पर आधारित है। इसमें कहा गया है कि बृजभूषण सिंह पर धारा 506 (आपराधिक धमकी), 354 (एक महिला की लज्जा को ठेस पहुँचाना), 354A (यौन उत्पीड़न) और 354D (पीछा करना) के तहत यौन उत्पीड़न के अपराधों के लिए मुकदमा चलाया जा सकता है।

11 में से 5 मामलों में पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन को जमानत, कॉन्ग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने की थी पैरवी: फिर भी रहेगा जेल में ही

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए हिन्दू विरोधी दंगों के मामले में AAP के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन को 5 मामलों में जमानत मिल गई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार (11 जुलाई, 2023) को ये फैसला सुनाया। हालाँकि, दंगों की साजिश रचने का जो मुख्य मामला है उसमें ताहिर हुसैन को अब तक राहत नहीं मिली है। बाक़ी अन्य मामले भी उस पर चल रहे हैं। ऐसे में वो जेल में ही रहेगा। दंगों की फंडिंग के लिए उस पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी चल रहा है।

2020 और उसके बाद 2021 में ताहिर हुसैन ने जमानत की याचिका दायर की थी। जस्टिस अनीश दयाल ने इस मामले में 10 अप्रैल को फैसला रिजर्व रख लिया था, जिसे अब सुनाया गया है। ताहिर हुसैन के वकील रिजवान का दावा है कि इन मामलों में सभी सह-आरोपितों को जमानत दी जा चुकी है और अकेला ताहिर हुसैन ही जेल में है। कॉन्ग्रेस नेता और अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने उसकी तरफ से पैरवी करते हुए कहा था कि गवाहों के शुरुआती बयानों में ताहिर हुसैन का नाम कहीं नहीं आया था और उसके खिलाफ कोई खास एक्ट्स नहीं लगाए गए थे।

ताहिर हुसैन पर हत्या के प्रयास से लेकर दंगे, आपराधिक षड्यंत्र और आगजनी के भी आरोप हैं। जिन मामलों में ताहिर हुसैन को जमानत मिली है, वो सभी दयालपुर पुलिस थाने में दर्ज कराए गए थे। ताहिर हुसैन पर मुख्य मामला UAPA के तहत दर्ज है, इसीलिए वो जेल में ही रहेगा। अक्टूबर 2022 में दिल्ली की एक अदालत ने ताहिर हुसैन पर आरोप तय करते हुए स्पष्ट कहा था कि उसका इरादा हिन्दुओं को नुकसान पहुँचाने का था।

दिल्ली पुलिस ने अपने आरोप-पत्र में ताहिर हुसैन को मुख्य साजिशकर्ता बताया था। उसकी पिस्तौल जब्त की गई थी। उस पर एक मामला सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने का भी है। उसके छोटे भाई शाह आलम को भी गिरफ्तार किया गया था। ताहिर हुसैन को सशर्त जमानत दी गई है। उसकी छत से जम कर पत्थरबाजी हुई थी और पेट्रोल बम फेंके गए थे। IB अधिकारी अंकित शर्मा को भी घसीट कर उसके ही घर में ले जाया गया था और हत्या कर दी गई थी।