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डेढ़ कमरे के घर में रहने वाला लड़का, जिसने यूपी की नेगेटिव छवि को बदल दिया… तमिलनाडु के बच्चों के बीच पहुँचा CM योगी पर ग्राफिक उपन्यास, चेन्नई में किया गया लॉन्च

बेस्ट-सेलर ग्राफिक उपन्यास ‘अजय टू योगी आदित्यनाथ’, उत्तर प्रदेश से लम्बा सफ़र तय करके तमिलनाडु पहुँचा। मंगलवार (27 जून, 2023) को लेखक शान्तनु गुप्ता ने चेन्नई के ‘चिन्मय हेरिटिज सेंटर’ में 800 से भी ज़्यादा बच्चों के साथ, एस गुरुमूर्ति, शहज़ाद पूनावाला व स्वामी मित्रानंद की उपस्थिति में एक भव्य कार्यक्रम में इस पुस्तक को लॉन्च किया। प्रसिद्ध लेखक, शांतनु गुप्ता, जिन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर दो बेस्टसेलर शीर्षक लिखे हैं, ने युवा पाठकों के लिए अपना नया ग्राफिक उपन्यास – ‘अजय टू योगी आदित्यनाथ’ को तमिलनाडु में लॉन्च किया। 

जून के पहले ही हफ़्ते में योगी आदित्यनाथ के 51वें जन्मदिन यानी 5 जून को उत्तर प्रदेश के 51+ स्कूलों में इस ग्राफिक उपन्यास लॉन्च किया गया था । लेखक स्वयं लखनऊ के एक स्कूल में सैकड़ों बच्चों सहित उपस्थित थे। साथ ही इस रिकॉर्ड लॉन्च में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के 51+ स्कूलों में 5१00 से अधिक बच्चों ने किताब लॉन्च की थी । यह पहली बार था कि एक किताब को कई स्थानों पर एक साथ इतने प्रतिभागियों के साथ लॉन्च किया गया, और वो भी बच्चों ने। इस व्यापक लॉन्च ने ‘एशिया बुक ओफ रिकॉर्ड्स’ क़ायम किया। 

जब हमारी टीम ने लेखक शांतनु से संपर्क किया, तो लेखक ने अपने नए ग्राफिक उपन्यास के बारे में बारीक जानकारी साझा की। शांतनु ने बताया कि ‘अजय से योगी आदित्यनाथ तक’, उत्तराखंड के सुदूर गाँव में पैदा हुए एक युवा लड़के अजय सिंह बिष्ट की यात्रा है। उनके पिता आनंद सिंह बिष्ट एक जूनियर वन अधिकारी थे और माता सावित्री देवी एक गृहिणी थीं। अजय को बचपन से ही परिवार की गायों की देखभाल करने, स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियाँ सुनने और स्कूल की बहस में भाग लेने का शौक था। वे सभी आज के उत्तराखंड में पंचूर नाम के एक सुदूर गाँव में डेढ़ कमरे के घर में रहते थे। यहीं से आगे चलकर अजय गोरखनाथ मठ के महंत बने, भारत की संसद के सबसे कम उम्र के सदस्य और भारत के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। लेखक ने आगे कहा कि ‘अजय टू योगी आदित्यनाथ’ हर छात्र के अनुसरण करने और प्रेरणा लेने के लिए धैर्य, दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत की कहानी है।

लेखक ने बताया कि वह इस कहानी को उन प्रेरक क़िस्सों व उपाख्यानों के माध्यम से बता रहा हैं, जिन्हें उन्होंने अलग-अलग लोगों के साथ अपनी बातचीत के दौरान सुना और आलेखित किया। ये वो लोग हैं जो योगी आदित्यनाथ के जीवन का वर्षों तक हिस्सा रहे। इनमें, उनके पिता स्वर्गीय आनंद सिंह बिष्ट, उनकी माँ सावित्री देवी, पंचूर गाँव के उनके दोस्त, कोटद्वार और ऋषिकेश में उनके कॉलेज के सहपाठी और शिक्षक और उनके साथ के विभिन्न साथी संत और नेता शामिल हैं। लेखक ने कहा की मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूँ जिन्होंने योगी आदित्यनाथ की जीवन-कथा को आप सभी के सामने लाने में मुझे सक्षम बनाया।

साहित्य प्रेमियों के लिए, शांतनु ने विस्तृत साहित्यिक और कलात्मक यात्रा के बारे में बताया, जिससे ग्राफिक उपन्यास पिछले एक साल में गुजरा है। पहले लेखक ने अपने प्राथमिक शोध के आधार पर सभी पृष्ठों की स्टोरीबोर्डिंग की। संवादों के साथ-साथ उन्होंने कलाकारों को संभावित रूपरेखा का सुझाव दिया। वहां से कलाकारों और डिजाइनरों की टीम  – नितेश कुशवाहा, आकाश जायसवाल और पल्लवी सक्सेना ने काम संभाला। पहले कलाकारों ने पृष्ठ लेआउट के अनुमान के लिए थंबनेलिंग की, फिर उन्होंने सावधानीपूर्वक पेंसिल कला का काम किया, फिर उन्होंने इसे बाउंड्री दी, पैनलिंग की, संवाद जोड़े और फिर रंग। टीम के सदस्यों के बीच प्रत्येक पैनल, प्रत्येक पृष्ठ और प्रत्येक संवाद के लिए विस्तृत समीक्षा और फीडबैक लूप चलाए पुस्तक को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए पुस्तक के अंत में योगी आदित्यनाथ पर कई पहेलियाँ और खेल भी हैं। पुस्तक में क्यूआर कोड पाठकों को एक वेबसाइट पर ले जाएगा, जहाँ युवा पाठक योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश के बारे में अधिक जानने के लिए 100+ गेम और पहेलियाँ खेल सकते हैं।

चेन्नई लॉन्च पर बोलते हुए, ‘तुगलक’ के संपादक एस गुरुमूर्ति ने कहा कि यह पहली बार है कि वह एक जीवित राजनेता की पुस्तक लॉन्च के लिए अपवाद बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह अपवाद चार कारणों से किया है – पहला यह कि यह योगी आदित्यनाथ पर एक किताब है, जिन्होंने उत्तर प्रदेश पर नकारात्मक धारणा को एक परिवर्तनकारी विकास कहानी में बदल दिया। दूसरा, वह शहजाद पूनावाला जैसे युवा राजनीतिक नेताओं से मिलना चाहते हैं, तीसरा – शांतनु के निमंत्रण को ना कहना बहुत मुश्किल है, जिनके बच्चों को घर पर स्कूली शिक्षा देने के विचार ने उन्हें वास्तव में प्रभावित किया और आखिरकार, क्योंकि यह कार्यक्रम चिन्मय मिशन और स्वामी मित्रानंद का के आशीर्वाद से हो रहा है। 

इस भव्य लॉन्च के लिए शहर में मौजूद भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने छात्रों को संबोधित किया कहा  कि यह पुस्तक और योगी आदित्यनाथ का जीवन हम सभी को चरित्र निर्माण की कला सिखाता है। शहजाद ने उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ द्वारा लाए गए बुनियादी ढांचे और शासन परिवर्तन के बारे में भी बात की। पूनावाला ने बच्चों का ध्यान इस ओर भी दिलाया कि योगी आदित्यनाथ कितने बड़े पशु और प्रकृति प्रेमी हैं।

चिन्मय मिशन के स्वामी मित्रानंद ने छात्रों का आह्वान किया और उन्हें ग्राफिक उपन्यास के पृष्ठ संख्या 5 की ओर इशारा किया, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे योगी आदित्यनाथ को एक कमरे के घर में सात भाई-बहनों के साथ पले और अपनी कड़ी मेहनत, दिव्यता और समर्पण से आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। 

शांतनु ने योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश पर क्विज का आयोजन किया और सैकड़ों बच्चों से सीधे जुड़े। शान्तनु अपनी किताबों को सभी भारतीय भाषाओं में लाने के लिए विख्यात हैं और इसी श्रृंखला में उन्होंने इस ग्राफ़िक नोवेल के तमिल कवर का भी अनावरण किया। उत्तर प्रदेश से हाई आए स्पीड आर्टिस्ट अमित वर्मा ने कुछ हाई मिनटो में योगी आदित्यनाथ का एक भव्य चित्र बनाकर बच्चों का माँ मोह लिया। सोशल मीडिया पर भी तमिलनाडु लॉंच को लेकर भारी उत्साह दिखा – पूरे भारत में ट्विटर पर कई घंटो तक #YogiBookRocksChennai ट्रेंड होता रहा। 

पूर्व में शांतनु गुप्ता ने योगी आदित्यनाथ पर दो बेस्टसेलिंग टाइटल लिखे हैं- द मोंक हू बिकेम चीफ मिनिस्टर और द मॉन्क हू ट्रांसफॉर्मेड उत्तर प्रदेश। और अब उन्होंने विशेष रूप से बच्चों के लिए यूपी के मुख्यमंत्री पर एक प्रेरणादायक ग्राफिक उपन्यास लिखा है- ‘अजय टू योगी आदित्यनाथ’। कार्यक्रम की पूर्व संध्या में शान्तनु गुप्ता, ने सुप्रीम कोर्ट में रामजन्मभूमि के वरिष्ट वक़ील के. पारासरन को पुस्तक भेंट करके आशीर्वाद लिया। शाम को उन्होंने चेन्नई के प्रसिद्ध बुक स्टोर – हिग्गीन-बोथिम में अपनी पुस्तकें पर हस्ताक्षर किए और नन्हें पाठकों से संवाद साधा। किताब पहले से ही अमेज़न पर बेस्टसेलर सूची में रैंकिंग कर रही है।

पृथ्वी शॉ ने नहीं की छेड़छाड़, इंस्टाग्राम माॅडल ने फँसाने के लिए बोला झूठ: मुंबई पुलिस ने कोर्ट को बताया, क्रिकेटर पर मारपीट के भी लगाए थे आरोप

भारतीय क्रिकेटर पृथ्वी शाॅ पर इंस्टाग्राम माॅडल सपना गिल (Sapna Gill) ने शराब के नशे में होने, गलत तरीके से छुने और मारपीट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। लेकिन इस मामले में मुंबई पुलिस ने कोर्ट में जो जाँच रिपोर्ट में दाखिल की है उससे पता चलता है कि ये आरोप झूठे थे। इसके मुताबिक पृथ्वी शाॅ (Prithvi Shaw) ने कोई छेड़छाड़ नहीं की थी। उन्हें फँसाने के लिए झूठे आरोप लगाए गए थे।

पुलिस ने सोमवार (26 जून 2023) को कोर्ट को बताया कि पृथ्वी शॉ पर लगे आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई पुलिस ने कोर्ट से कहा है कि पब में लगे सीसीटीवी फुटेज की जाँच से पता चला है कि सपना गिल और उसका दोस्त शोभित ठाकुर नशे में धुत हो डांस कर रहे थे। जब पृथ्वी शॉ वहाँ पहुँचे तो शोभित ठाकुर ने अपने मोबाइल से उनका वीडियो बनाने की कोशिश की। लेकिन पृथ्वी ने उसे रोक दिया। 

पुलिस ने आगे कहा है कि सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद यह साफ है कि पृथ्वी शॉ और उनके साथियों ने सपना गिल के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की। पुलिस ने पब में मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए थे। उन बयानों से भी स्पष्ट है कि पृथ्वी ने छेड़छाड़ नहीं की थी।

पुलिस ने कोर्ट से यह भी कहा है कि उन्होंने घटनास्थल के पास लगे एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टॉवर के सीसीटीवी फुटेज की भी जाँच की। इस फुटेज में सामने आया कि सपना गिल हाथ में बेसबॉल बैट लेकर पृथ्वी शॉ की कार का पीछा कर रही थी। इसके बाद उन्होंने पृथ्वी की कार का काँच तोड़ दिया। इसके अलावा मौके पर रहे CISF अधिकारियों ने भी अपने बयान में कहा था कि सपना गिल के हाथ में बेसबॉल बैट था और वहाँ मौजूद किसी ने भी उस पर हमला नहीं किया था। पुलिस के बयान सुनने के बाद कोर्ट ने घटना के सभी सीसीटीवी फुटेज सौंपने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई बुधवार (28 जून 2023) को होगी।

क्या है मामला

यह पूरा मामला 15 फरवरी 2023 की रात का है। मुंबई के सांताक्रूज इलाके में स्थित एक होटल में पृथ्वी शॉ डिनर के लिए गए थे। यहाँ सपना गिल और शोभित ठाकुर ने शॉ के साथ सेल्फी लेने की बात कही। इस पर पृथ्वी तैयार हो गए। लेकिन कुछ देर बाद फिर सपना गिल और शोभित ठाकुर कुछ और लोगों के साथ सेल्फी लेने के लिए पहुँच गए। पृथ्वी ने इस बार मना कर दिया। लेकिन सेल्फी लेने आए लोग मानने को तैयार नहीं थे। इस पर पृथ्वी शॉ ने मैनेजर बुलाकर उन्हें होटल से बाहर करा दिया।

इसके बाद पृथ्वी अपनी कार लेकर होटल से निकल गए। कथित तौर पर सपना गिल और शोभित ठाकुर ने अपने साथियों के साथ उनका पीछा किया। रेड लाइट पर जब पृथ्वी ने कार रोकी तो आरोपितों ने उनकी कार पर हमला कर दिया। आरोप है कि सपना और उसके साथियों ने पृथ्वी से 50 हजार रुपए ऐंठने की भी कोशिश की। झूठे केस लगाने की धमकी भी दी थी। पृथ्वी शॉ के साथ हुई इस घटना को लेकर उनके दोस्त आशीष यादव ने ओशिवारा थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद सपना और उनके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। जमानत मिलने के बाद सपना गिल ने 21 फरवरी 2023 को पृथ्वी शॉ और उनके दोस्तों के खिलाफ मारपीट और छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे।

पानी में आग लगानी है, कुँवारा नहीं मरना… अयोध्या में राम की पैड़ी पर नहाते हुए लड़की ने बनाया रील, सरयू नदी का वीडियो देख लोगों ने की कार्रवाई की माँग

अयोध्या में पवित्र सरयू नदी पर एक लड़की ने फिल्मी गाने पर डांस करने का मामला सामने आया। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में लड़की बॉलीवुड के भद्दे गाने पर डांस करती नजर आ रही है। मामला सामने आने के बाद पुलिस लड़की की तलाश कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वायरल वीडियो अयोध्या स्थित राम की पैड़ी का है। वीडियो में लड़की काले कपड़ों में बॉलीवुड फिल्म ‘जान’ के गाने ‘कुँवारा नहीं मरना’ पर डांस बोल्ड डांस करती नजर रही है। वीडियो में गाने के बोल ‘पानी में आग लगानी है..इस दिल पर चोट नहीं खानी है, शादी के बाद मर जाऊँ तो गम नहीं…कुँवारा नहीं मरना” सुना जा सकता है।

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह के कमेंट्स किए जा रहे हैं। साथ ही, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, यूपी और अयोध्या पुलिस को टैग कर लड़की के खिलाफ कार्रवाई की माँग की जा रही है। वहीं, इस मामले में पुलिस का कहना है, “प्रभारी निरीक्षक कोतवाली अयोध्या को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है।” बताया जा रहा है कि पुलिस लड़की की पहचान कर उसकी तलाश में जुटी हुई है।

बता दें कि इससे पहले ऐसा ही मामला वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर से सामने आया था। जहाँ लड़के-लड़कियों ने डांस कर रील्स बनाई थी। ये रील्स किसी भक्ति गाने या लोकगीत पर नहीं, बल्कि बॉलीवुड के गाने ‘हुआ छोकरा जवाँ’ गाने पर शूट हुई।

बताया जा रहा है कि यह सब सामाजिक विज्ञान संकाय के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम के नाम पर किया गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लड़के-लड़कियाँ बैठ कर ताली बजा रहे हैं। वहीं एक लड़की और लड़का बॉलीवुड गानों पर डांस कर के रील्स बना रहा है। पीछे मंदिर के शिखर भी दिखाई पड़ते हैं। इसी संकाय कुछ लड़कियों और लड़कों द्वारा एक और अश्लील रील्स शूट किए जाने की तस्वीरें सामने आई थी। इसका यूनिवर्सिटी के छात्रों ने ही कड़ा विरोध किया था।

ओडिशा में कनाडा का ‘मोहन’, महिलाओं ने बंद कर दी भगवान जगन्नाथ की पूजा: ईसाई धर्मांतरण की साजिशों पर ऑपइंडिया की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

कनाडा की नागरिकता रखने वाले एक व्यक्ति पर ओडिशा पुलिस ने 24 जून 2023 को मामला दर्ज किया था। इस व्यक्ति का नाम एपेन मोहन किडंगलील (Eapen Mohan Kidangalil) है। उस पर प्रार्थना सभा के नाम पर अनुसूचित जनजाति (ST) समाज के गरीब लोगों को लुभाने और उन्हें ईसाई बनाने की कोशिश का आरोप है। कलिंगा राइट्स फोरम के मुताबिक एपेन मोहन पर्यटक वीजा पर भारत आया हुआ है। लेकिन उसने नियमों के विपरीत 22 जून को प्रार्थना सभा का आयोजन किया। इसके बाद उसे पकड़कर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ताओं ने पुलिस को सौंप दिया।

ऑपइंडिया के पास इस मेल में दर्ज FIR की कॉपी मौजूद है। FIR के मुताबिक आरोपित पर ओडिशा धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 1967 की धारा 4 के तहत कार्रवाई की गई है। मामला जगतसिंहपुर क्षेत्र का कटेसिंहपुर गाँव का है। यहाँ 22 जून को विश्व हिंदू परिषद के एक सदस्य को धर्मान्तरण के कार्यक्रम की जानकारी मिली। हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता जब मौके पर पहुँचे तो पाया कि कनाडा की नागरिकता रखने वाला एपेन मोहन करीब 33 स्थानीय निवासियों को ईसाई बनने के लिए उकसा रहा था। इनमें महिलाओं सहित 11 नाबालिग भी थे।

FIR Copy

VHP कार्यकर्ता सूर्यकांत नंदा का आरोप है कि आरोपित के पास से कैश, कागजात, बाइबिल, टूरिस्ट वीजा और कुछ दवाएँ बरामद हुई। एपेन मोहन की मदद स्थानीय स्तर पर क्षेत्र में सक्रिय ईसाई मिशनरी के 2 अन्य सदस्य कर रहे थे। प्रार्थना सभा में ये सभी लोग बिना नंबर प्लेट वाले वाहन से आए थे। बताया जा रहा है कि प्रार्थना सभा को रोकने का प्रयास करने वाले हिन्दू संगठन के सदस्यों से न सिर्फ दुर्व्यवहार किया गया, बल्कि उन पर हमला भी हुआ।

मामले का संज्ञान स्थानीय कानूनी कार्यकर्ता समूह कलिंगा राइट्स फोरम ने लिया है। कनाडाई नागरिक पर पर्यटक वीजा के कानूनों का उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कलिंगा राइट्स फोरम ने विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों पर मिशनरी सदस्यों द्वारा किए गए हमले की निंदा की है।

मिशनरियों की तरफ से हिन्दू संगठनों पर जवाबी FIR

इस घटना के बाद ईसाई मिशनरियों की तरफ से हिन्दू संगठन के कुछ लोगों पर जवाबी FIR दर्ज करवाई गई है। FIR में मिशनरियों ने VHP कार्यकर्ताओं पर अपने ‘व्यक्तिगत कार्यक्रम’ में बाधा डालने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता के तौर पर लक्ष्मीप्रिया मल्लिक का नाम सामने आया है। लक्ष्मीप्रिया की शिकायत पर IPC की धारा 448, 294, 323, 506 और 34 के तहत हिन्दू संगठन से जुड़े सदस्यों पर केस दर्ज किया गया है। शिकायत में महिला ने बताया है कि नाबालिग बच्चे उसके बेटे के जन्मदिन में आए थे। उसने आरोप लगाया है कि सुबह लगभग 11 बजे उनका परिवार पूजा कर रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनके घर में घुस कर दुर्व्यवहार किया। हालाँकि पुलिस ने मौके पर पहुँच कर दोनों पक्षों को शांत करवाया।

हिन्दू संगठनों पर दर्ज FIR

महिलाओं ने भगवान जगन्नाथ भगवान की पूजा बंद की

ऑपइंडिया से बात करते हुए VHP सदस्य सूर्यकांत नंदा ने बताया कि बजरंग दल के सदस्यों को बेरहमी से पीटा गया था, क्योंकि उन्होंने प्रार्थना के नाम हो रहे धर्मान्तरण को रोकने का प्रयास किया। उन्होंने आगे बताया कि घटना के दिन बिना नंबर की सफेद बोलेरो गाड़ी देखकर जब पड़ताल की गई तो उसमें किसी कनाडा के नागरिक के आने की जानकारी मिली। नंदा ने आगे बताया कि थोड़ी देर बाद एक घर की तरफ जनजातीय समाज के करीब 40-50 गरीब हिन्दुओं को जाते देखा गया।

नंदा ने आगे बताया कि इस जमावड़े की बजरंग दल सदस्यों ने जाकर पड़ताल की तो उन्हें वहाँ प्रार्थना के नाम पर धर्म परिवर्तन का प्रयास होता दिखा। हिन्दू संगठन के सदस्यों को देख कर लक्ष्मीप्रिया नाम की महिला ने इस कार्यक्रम में हुए जमावड़े को घर में जन्मदिन पर हुआ जुटान बताया। बजरंग दल के सदस्यों ने प्रार्थना में बैठी कुछ महिलाओं से बातचीत की। VHP नेता नंदा का दावा है कि इस बातचीत में महिलाओं ने बताया कि उन्होंने भगवान जगन्नाथ की पूजा करना बंद कर दी है, क्योंकि उनका धर्म परिवर्तित हो गया है।

ऑपइंडिया से बातचीत के दौरान VHP नेता सूर्यकांत नंदा ने स्थानीय पुलिस पर भी एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले तो पुलिस ने सब कुछ जानते हुए भी कनाडा के नागरिक को छोड़ दिया और अब हिन्दू संगठनों से भी पूछताछ करने जा रही है।

नाबालिग बच्चों के मामले का NCPCR ने लिया संज्ञान

कनाडा के आरोपित द्वारा नाबालिग बच्चों के धर्मान्तरण की साजिश की शिकायत कलिंगा राइट्स फोरम ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) को पत्र लिख कर की है। पत्र का संज्ञान NCPCR ने लिया है। मामले की गहनता से जाँच का भरोसा दिया है।

कनाडा के नागरिक को छोड़ने पर SHO की सफाई

ऑपइंडिया ने इस घटना पर SHO शुभ्रांशु परिदा से बात की। SHO ने बताया कि कनाडाई व्यक्ति एपेन मोहन के पास OCI (ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया) कार्ड पाया गया। उन्होंने एपेन मोहन को मूल रूप से केरल का निवासी और जन्मजात ईसाई बताया। बकौल SHO एपेन मोहन को भारत में अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है, क्योंकि वो पर्यटक वीजा पर नहीं है। पुलिस के मुताबिक एपेन मोहन ने नियमों को नहीं तोड़ा है, इसलिए उसे धारा 41 का नोटिस जारी कर के रिहा किया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी संज्ञेय अपराध पाए जाने पर ही की जाती है।

पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं

ऑपइंडिया ने SHO से यह जानना चाहा कि OCI कार्ड धारक को क्या मिशनरी गतिविधि में शामिल होने का अधिकार है? इस सवाल के जवाब पर SHO ने कहा कि पुलिस को मौके से ऐसा कोई भी सबूत नहीं मिला जिससे यह कहा जा सके कि घटनास्थल पर धर्मान्तरण जैसा कुछ चल रहा था। थाना प्रभारी शुभ्रांशु के मुताबिक मामले में आगे की जाँच चल रही है।

OCI के कानून

हालाँकि कलिंगा राइट फोरम पुलिस की दलीलों से संतुष्ट नहीं है। फोरम ने पुलिस पर आरोपितों को बचाने का आरोप लगाते हुए ऑपइंडिया से बताया कि वो पूरी साजिश का पर्दाफाश करेंगे।

अगले 3 साल तक तेजी से दौड़ती रहेगी भारत की अर्थव्यवस्था, 4% के आसपास सिमटा रहेगा चीन: अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी S&P की रिपोर्ट

अगले 3 वर्षों में भारत का विकास दर 6.7% रहने की संभावना है, यानी भारत सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था बना रहेगा। सोमवार (26 जून, 2023) को ‘S&P ग्लोबल रेटिंग्स’ ने अपनी रिपोर्ट में ये कहा है। संस्था का मानना है कि इस साल जहाँ भारत 6% की विकास दर से बढ़ेगा, वहीं 2025 और 2026 के वित्तीय वर्षों में इसका विकास दर उछाल कर 6.9% पहुँच जाएगा।। बता दें कि 2022-23 में भारतीय अर्थव्यवस्था ने 7.2% की विकास दर के साथ उड़ान भरी है।

वहीं तुलना के लिए एशिया-पैसिफिक देशों की बात करें तो संस्था ने फिलीपींस के 5.9% और वियतनाम का विकास दर 5.5% रहने की संभावना जताई है। ‘इकोनॉमिक रिसर्स: इकोनॉमिक आउटलुक एशिया-पैसिफिक Q3 2023’ नामक रिपोर्ट में ये आँकड़े दिए गए हैं। यानी, इन सभी में विकास की विकास दर सबसे ज्यादा रहेगी। जहाँ तक चीन की बात है, संस्था ने अंदाज़ा लगाया है कि ये 2024 में 4.4% की विकास दर से आगे बढ़ेगा।

वो भी तब, जब मॉनेटरी परिस्थितियाँ इसके अनुरूप होंगी और वैश्विक विकास भी तेज होगा। बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक ने भी 2023-24 के लिए 6.5% की विकास दर का अनुमान लगाया है। साथ ही S&P ने भारत में महँगाई के कम होने की बात भी कही है। जहाँ अभी महँगाई दर 6.7% है, संभावना जताई गई है कि ये घट कर 5% पर आ जाएगी। कच्चे तेलों के दामों के कम होने और डिमांड में बदलाव होने से ईंधन के दाम कम होंगे।

भारत की महँगाई दर 25 महीने के सबसे धीमे पर पहुँची है। ये मई में 4.25% तक गई थी, जबकि अप्रैल में ये 4.7% पर थी। ये लगातार तीसरा महीना है जब CPI रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अनुमानों के हिसाब से 4-6% के बीच में है। S&P का कहना है कि कच्चे तेल के दाम घटने से एशियाई देशों को फायदा हुआ है। सबसे बड़ी बात है कि भारत, चीन के मुकाबले काफी तेजी से आगे बढ़ेगा। वो 3 वर्षों तक दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा।

स्कूटी पर 7 बच्चों को लादकर चल रहा था मुनव्वर शाह, मुंबई पुलिस ने गैर इरादन हत्या का केस दर्ज कर किया गिरफ्तारः Video वायरल

मुंबई में एक व्यक्ति 7 बच्चों को बैठाकर स्कूटी चला रहा था। राह चलते लोगों ने उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित की पहचान मुनव्वर शाह के रूप में हुई है। वीडियो 20 जून 2023 का बताया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वायरल वीडियो मुंबई के ताड़देव थाना क्षेत्र का है। वीडियो में मुनव्वर शाह को स्कूटी पर 7 बच्चों को बैठाकर जाते हुए देखा जा सकता है। स्कूटी पर एक बच्चा आगे बैठा हुआ है। वहीं कुछ बच्चे बीच में बैठे हैं और शेष लटके हुए दिखाई दे रहे हैं। बच्चे अपने साथ बैग अन्य सामान लिए हुए भी नजर आ रहे हैं। इनमें से 4 बच्चे आरोपित मुनव्वर शाह के हैं। वहीं, 3 उसके पड़ोसी के हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपित के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या के प्रयास की धारा 308 के तहत मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद स्कूटी नंबर के आधार पर पहचान कर शाह को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने ट्वीट किया है। इस ट्वीट में लिखा है, “हम इस तरह से बाइक चलाने का समर्थन नहीं करते। बाइक सवार ने पीछे बैठे लोगों समेत अन्य लोगों की जान खतरे में डाल दी थी। आरोपित के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या की कोशिश करने के आरोप में IPC की धारा 308 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।”

बता दें कि इससे पहले अप्रैल 2023 में भी मुंबई से ऐसा ही एक वीडियो सामने आया था। वीडियो में फैयाज कादरी नामक व्यक्ति लड़कियों के साथ बाइक पर खतरनाक स्टंट करते देखा गया था। फैयाज कादरी बाइक पर बीच में बैठा था। वहीं, एक लड़की उसकी आगे वाली सीट पर और दूसरे लड़की पीछे वाली सीट पर बैठी हुई थी। इनमें से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना हुआ था। वीडियो में फैयाज बाइक को एक पहिए से कई मीटर तक काफी तेज स्पीड में चलाते नजर आया था। वहीं साथ बैठी लड़कियाँ उसे रोकने के बजाए उसके इस खतरनाक स्टंट पर हँस रही थी।

वीडियो वायरल होने के बाद मुंबई पुलिस ने फैयाज कादरी और दोनों लड़कियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 279, 336  के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। लड़कियों के खिलाफ IPC की धारा 114 के संबंध में भी मामला दर्ज हुआ था।

आसमान में लाॅन्च हुई वर्ल्ड कप 2023 की ट्रॉफी, 5 अक्टूबर को पहला मैच-19 नवंबर को फाइनलः नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान का मुकाबला

वनडे क्रिकेट के वर्ल्ड कप 2023 (ODI World Cup 2023) का इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने शेड्यूल जारी कर दिया है। 5 अक्टूबर को इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबले से इसकी शुरुआत होगा। फाइनल 19 नवंबर को होगा। भारत का पहला मुकाबला 8 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया से होगा। पाकिस्तान और भारत की टक्कर 15 अक्टूबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होगी। इससे पहले ICC ने विश्व कप ट्रॉफी को अंतरिक्ष में भेजकर इसकी लॉन्चिंग की। अब इस ट्रॉफी को दुनियाभर के 18 देशों में भेजा जाएगा।

भारत की मेजबानी में होने वाला इस टूर्नामेंट में 46 दिनों में 48 मुकाबले होंगे। वर्ल्ड कप की ट्रॉफी भी लॉन्च कर दी गई है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में शानदार लैंडिंग से पहले ट्राॅफी को पृथ्वी की सतह से 120000 फीट की ऊँचाई पर लाॅन्च किया गया। अब इस ट्रॉफी को दुनियाभर के 18 देशों में भेजा जाएगा।

विश्व क्रिकेट के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी ऑफिशियल ट्रॉफी को अंतरिक्ष में भेजकर उसकी लॉन्चिंग की गई हो। ट्रॉफी लॉन्चिंग की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया में क्रिकेट फैंस के बीच तेजी से वायरल हो रही हैं। अब इस ट्रॉफी को दुनिया भर के 18 देशों में भेजा जाएगा। यह किसी भी ICC ट्रॉफी का सबसे लंबा टूर होगा।

बीसीसीआई सचिव जय शाह है ट्रॉफी लॉन्चिंग का वीडियो शेयर करते हुए लिखा है,  “क्रिकेट जगत के लिए यह एक अनोखा पल है। क्रिकेट विश्व कप ट्रॉफी को अंतरिक्ष में भेजा गया है। यह अंतरिक्ष में भेजी जाने वाली पहली आधिकारिक ट्रॉफी है। वास्तव में भारत में होने आईसीसी मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप ट्रॉफी टूर की बेहद शानदार शुरुआत हुई है।”

वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया का शेड्यूल

ICC वनडे वर्ल्ड कप 2023 के मैच भारत के 10 शहरों में खेले जाएँगे। ये शहर हैं- अहमदाबाद, हैदराबाद, धर्मशाला, दिल्ली, चेन्नई, लखनऊ, पुणे, बेंगलुरु, मुंबई और कोलकाता। टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के साथ 8 अक्टूबर को पहला मैच खेलकर अपने विश्व कप के सफर आगाज करेगी। इसके बाद, दूसरा मैच 11 अक्टूबर को अफगानिस्तान के साथ होगा। वहीं, तीसरा और सबसे बड़ा मुकाबला 15 अक्टूबर को पाकिस्तान के साथ होगा। चौथे मैच में भारत बांग्लादेश से भिड़ेगा। यह मैच 19 अक्टूबर को खेला जाएगा।

5वाँ मैच 22 अक्टूबर को न्यूजीलैंड और छठवाँ मुकाबला इंग्लैंड के साथ 29 अक्टूबर को होगा। इसके अलावा, 7वें मैच में 2 नवंबर को क्वालीफायर खेलकर आने वाली दूसरी टीम से होगा। वहीं, 8वाँ मैच दक्षिण अफ्रीका के साथ 5 नवंबर को तथा 9वाँ और आखिरी लीग मैच 11 नवंबर को क्वालीफायर जीतकर आने वाली पहली टीम से होगा। क्रिकेट के सबसे बड़े टूर्नामेंट के सेमीफाइनल 15 और 16 नवंबर को मुंबई के वानखेड़े और कोलकाता के ईडन गार्डन में खेले जाएँगे। फाइनल मुकाबला 19 नवंबर 2023 को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होगा।

PM मोदी के 3 तीर- पसमांदा, तीन तलाक और UCC: 17 मुस्लिम जातियों के नाम गिना बताया शोषक कौन, कहा- घर में भी नहीं चलता अलग-अलग कानून

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (27 जून, 2023) को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से देश को 5 नई ‘वन्दे भारत’ एक्सप्रेस ट्रेनों की सौगात दी। ये ट्रेनें भोपाल-जबलपुर, भोपाल-इंदौर, बेंगलुरु-धारवाड़, गोवा-मुंबई और पटना-राँची की होंगी। इसके बाद पीएम मोदी ने भाजपा के बूथ कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि कैसे भाजपा AC कमरों से फतवा निकलने वालों की पार्टी नहीं है, बल्कि जमीन पर काम करती है।

इस दौरान पीएम मोदी ने समान नागरिक संहिता (UCC), तीन तलाक और पसमांदा मुस्लिमों के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जो भी तीन तलाक के पक्ष में बात करते हैं, जो भी इसकी वकालत करते हैं, वो वोट बैंक के भूखे लोग मुस्लिम बेटियों के साथ बहुत बड़ा अन्याय कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘तीन तलाक’ से केवल बेटियों पर अन्याय नहीं होता, पूरे परिवार तबाह हो जाते हैं। उन्होंने पूछा कि अगर तीन तलाक इस्लाम का जरूरी अंग है तो कतर, जॉर्डन, इंडोनेशिया जैसे देशों में क्यों इसको बंद कर दिया?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के मुस्लिम भाई-बहनों को ये समझना होगा कि कौन से राजनीतिक दल उनको भड़का कर उनका राजनीतिक फायदा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम देख रहे हैं कि ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC)’ के नाम पर ऐसे लोगों को भड़काने का काम हो रहा है। साथ ही सवाल किया कि एक घर में एक सदस्य के लिए एक कानून हो और दूसरे के लिए दूसरा तो घर चल पाएगा क्या? ऐसी दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चल पाएगा?

पीएम मोदी ने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट ने बार बार कहा है कि ‘कॉमन सिविल कोड’ लाओ लेकिन ये वोटबैंक के भूखे लोग, वोट बैंक की राजनीति करने वालों ने पसमांदा मुसलमानों का शोषण किया है लेकिन उनकी कभी चर्चा नहीं हुई। उन्हें आज भी बराबरी का हक़ नहीं मिलता। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि इन पार्टियों के पास घोटालों का ही अनुभव है और इसीलिए इनकी अगर कोई गारंटी है तो वो है- घोटालों की गारंटी।

पीएम मोदी ने कहा कि नागरिकों के समान अधिकारी की बात भारत के संविधान में भी है। उन्होंने कहा कि जो लोग मुसलमान-मुसलमान करते हैं अगर वो सही मायने में मुसलमानों के हितैषी होते तो मेरे मुस्लिम भाई-बहनों के अधिकांश परिवार शिक्षा-रोजगार में पीछे नहीं रहते और मुसीबत में जीवन नहीं जी रहे होते। उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति करने वालों ने पसमांदा मुस्लिमों का जीना मुश्किल कर रखा है, उनके ही मजहब के एक वर्ग ने उनका इतना शोषण किया है लेकिन इस पर देश में कभी चर्चा नहीं हुई।

पीएम मोदी ने कहा कि पसमांदा मुस्लिमों को आज भी बराबरी का अधिकार नहीं मिला है, वो काफी कष्ट में रहते हैं और उन्हें कोई फायदा नहीं मिला। प्रधानमंत्री ने कहा कि पसमांदा मुस्लिमों को नीचा और अछूत समझा जाता है, मुस्लिमों में ही। उन्होंने कहा कि पसमांदा मुस्लिमों में मोची, जुलाहा और मदारी सहित कइयों की बात करते हुए कहा कि उनमें कितनी ही जातियाँ होती हैं। उन्होंने पसमांदा मुस्लिमों की 17 जातियाँ (मोची, भटियारा, लालबेगी, जोगी, मदारी, जुलाहा, लंबाई, बेजा, लहरी, हलदर, सिकदर, मेरासी, डफाली, मुकेरी, बामणिया…) गिनाते हुए कहा कि ये सब इतने पिछड़े रहे हैं और इनके साथ इतना भेदभाव हुआ है, जिसका नुकसान उनकी कई पीढ़ियों को भुगतना पड़ा लेकिन भाजपा देश के हर नागरिक के लिए ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना से काम कर रही है।

उन्होंने घोटालेबाजों पर करवाई की गारंटी भी दी। प्रधानमंत्री ने कहा, “कोई गरीब ये नहीं चाहता कि उसके बच्चों के नसीब में भी गरीबी रहे। परिवार के नाम पर वोट माँगने वालों ने अपने परिवार का ही भला किया। अब आपको सोच समझ कर यह तय करना है कि आप किसका भला होते देखना चाहते हैं। आज भारत दुनिया के उन देशों में है जहाँ विकास तेजी से हो रहा है और महंगाई दर नियंत्रण में है। कोरोना के बावजूद, इतने समय से चले जा रहे युद्ध के बावजूद भारत में हमने महँगाई को बेकाबू नहीं होने दिया है।”

‘अंडकोष शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा, पर लड़ाई में उसे दबाना हत्या का प्रयास नहीं’: कर्नाटक हाई कोर्ट ने सजा घटाई, पीड़ित को करानी पड़ी थी सर्जरी

कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा है कि झगड़े के दौरान किसी व्यक्ति का अंडकोष दबाना हत्या का प्रयास नहीं माना जा सकता। साथ ही ट्रायल कोर्ट का फैसला बदलते हुए दोषी की सजा घटाकर 3 साल कर दी है। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने अंडकोष दबाने के आरोपित को दोषी ठहराते हुए 7 साल की सजा सुनाई थी।

कर्नाटक हाई कोर्ट के जस्टिस नटराजन ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा है कि आरोपित और पीड़ित व्यक्ति के बीच झगड़ा हुआ था। झगड़े के दौरान ही आरोपित ने पीड़ित का अंडकोष दबा दिया। इसलिए, यह नहीं कहा जा सकता है कि आरोपित पीड़ित की हत्या करने के इरादे से या तैयारी के साथ आया था। अगर वह हत्या की तैयारी या हत्या का प्रयास करने के इरादे से आया होता तो वह अपने साथ घातक हथियार ला सकता था। 

हाई कोर्ट ने कहा कि आरोपित ने पीड़ित के अंडकोष को दबाकर उसे गंभीर चोट पहुँचाई। यह पीड़ित के शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इससे मौत भी हो सकती थी। चोट के चलते पीड़ित व्यक्ति की सर्जरी कर उसके अंडकोष को हटाना पड़ा। यह बेहद गंभीर चोट है। लेकिन फिर भी इसे हत्या करने की कोशिश नहीं कहा जा सकता। यह पूरा मामला शरीर के महत्वपूर्ण हिस्से को दबाकर गंभीर चोट पहुँचाने का है। इसके बाद हाई कोर्ट ने आरोपित को IPC की धारा 324 का दोषी मानते हुए 3 साल की सजा सुनाई।

क्या है मामला

इस मामले में पीड़ित ओंकारप्पा ने अपनी शिकायत में कहा था कि साल 2010 में वह अन्य लोगों के साथ गाँव के मेले में ‘नरसिंह स्वामी’ जुलूस के सामने नाच रहा था। तभी परमेश्वरप्पा बाइक से वहाँ आया और झगड़ा करने लगा। इसके बाद हुई लड़ाई में परमेश्वरप्पा ने ओंकारप्पा के अंडकोष दबा दिए। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस मामले की सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट ने साल 2012 में परमेश्वरप्पा को IPC की धारा 307, 341, 504 के तहत 7 साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद परमेश्वरप्पा ने कर्नाटक हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाई कोर्ट ने उसे राहत देते हुए सजा चार साल काम कर दी ही।

मणिपुर में सुरक्षा बलों को रोक रही महिलाओं की भीड़, हथियारबंद दंगाइयों के साथ ट्रकों में साथ चलती हैं: भारतीय सेना, कहा- हमारी मानवता को कमजोरी न समझें

मणिपुर में दंगाइयों ने महिलाओं का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। ये महिलाएँ न सिर्फ सुरक्षा बलों को काम करने से रोक रही हैं, बल्कि उनके रास्ते को भी जाम कर के उन्हें आगे बढ़ने से रोक रही हैं। महिलाओं की भीड़ जमा कर कर ऐसी-ऐसी हरकतें की जा रही हैं, जिससे भारतीय सेना को उत्तर-पूर्वी राज्य में शांति बहाली में खासी परेशानी आ रही है। भारतीय सेना ने इसे गैर-कानूनी करार दिया है। भारतीय सेना के स्पीयर कॉर्प्स ने एक वीडियो शेयर कर इस बारे में बताया है।

स्पेयर कॉर्प्स ने बताया है कि ये महिलाएँ जानबूझकर भारतीय सेना के मूवमेंट को ब्लॉक कर रही हैं और उनके कामकाज को बाधित कर रही हैं। साथ ही बताया कि भारतीय सेना समय और परिस्थिति के हिसाब से इस तरह के व्यवधानों का जवाब देने के लिए बाध्य है। भारतीय सेना ने आग्रह किया है कि मणिपुर की जनसंख्या के सभी समुदाय के लोग राज्य में शांति की बहाली में सुरक्षा बलों की मदद करें। वीडियो में महिला भीड़ की करतूतों को साफ़ देखा जा सकता है।

हंगामा करती महिलाओं की भीड़ का वीडियो शेयर करते हुए भारतीय सेना ने स्पीयर कॉर्प्स ने कहा कि मानवीय होने का ये अर्थ नहीं है कि हम कमजोर हैं। वामपंथी दावा कर रहे हैं कि महिलाओं ने शांतिपूर्ण ढंग से सड़कें काम की हुई हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। इम्फाल ईस्ट जिले के ईठाम जिले में शनिवार (24 जून, 2023) को महिलाओं ने दंगाइयों को भागने में मदद की। याएंगागोपकी में भारतीय सेना को गोलीबारी करनी पड़ी। वहाँ महिलाओं को हथियारबंद दंगाइयों के साथ देखा गया।

इतना ही नहीं, गाड़ी में हथियारबंद दंगाई चलते हैं और साथ में ट्रांसपोर्ट में बड़ी संख्या में महिलाओं को साथ ले कर जाया जाता है ताकि सुरक्षा बलों को रोका जा सके। दंगाई जहाँ भी जा रहे हैं, बड़ी संख्या में महिलाओं को साथ रख रहे हैं। खामानलोक में जब दंगे शुरू हुए, उससे पहले ही भारतीय सेना को रोकने के लिए भीड़ को लगा दिया गया था। दिन हो या रात, ये महिलाएँ सुरक्षा बलों के आवागमन को रोक देती हैं और रास्ते जाम कर देती हैं।

हाल ही में भारतीय सेना को 12 दंगाइयों को छोड़ना पड़ा था, क्योंकि महिलाओं की भीड़ ने उन्हें घेर लिया था। इतना ही नहीं, राहत सामग्रियाँ और सुरक्षा बलों के साजोसामान के आवागमन को भी महिलाओं की भीड़ को माध्यम बना कर रोका जा रहा है। इसी तरह, ‘असम राइफल्स’ के बेस की एंट्री और एग्जिट के रास्तों को बुलडोजर मँगा कर खोद डाला गया। भारतीय सेना ने चेताया है कि ऐसा करना गैर-कानूनी है और शांति बहाली के लिए ठीक नहीं है।