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रेप कर वीडियो बनाया, धर्मांतरण करा निकाह, फिर गर्भपात: हमदर्दी जता करीब आया खुर्शीद, जिंदगी बना दी जहन्नुम

उत्तर प्रदेश की गोरखपुर पुलिस ने खुर्शीद को गिरफ्तार किया है। उस पर एक हिंदू विवाहिता से रेप और जबरन धर्मांतरण कराने का आरोप है। हमदर्दी जताकर वह पति से अलग रह रही इस महिला के करीब आया। फिर दोस्ती और प्रेम का झाँसा देकर उसे प्रताड़ित किया। 26 जून 2023 को पीड़िता महिला की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने खुर्शीद को गिरफ्तार कर लिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला गोरखपुर के राजघाट थाना क्षेत्र का है। महिला ने पुलिस में प्रार्थना पत्र देकर खुर्शीद पर रेप, एबॉर्शन, धर्मान्तरण, मारपीट और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है। शिकायत में पीड़िता ने बताया है कि लगभग 5 साल पहले उसकी शादी वाराणसी में हुई थी। इस शादी से महिला को एक बेटी हुई जो अभी 3 साल की है। 2 साल पहले महिला को उसके पति ने छोड़ दिया और दूसरी शादी कर ली।

इसके बाद महिला अपनी बच्ची के साथ वाराणसी से गोरखपुर आ गई। वह जागरण और आर्केस्ट्रा में काम करने लगी। वह जिस आर्केस्ट्रा में काम करती थी उसी में उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले का रहने वाला खुर्शीद हाशमी म्यूजिकल इन्स्ट्रूमेंट बजाता था। महिला के बुरे हालात देख खुर्शीद ने उससे सहानभूति दिखानी शुरू कर दी। थोड़े ही समय में उसने महिला को विश्वास में ले लिया और अपने प्रेमजाल में फँसा लिया।

आरोप है कि एक दिन खुर्शीद ने पीड़िता को अपने घर बुलाया। यहाँ उसने खाने में नशीला पदार्थ डाल कर महिला को बेहोश कर दिया। बेहोशी की हालत में रेप किया। अश्लील वीडियो भी बना ली। महिला ने वीडियो डिलीट करने को कहा पर खुर्शीद नहीं माना और महिला को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। थोड़े समय बाद खुर्शीद पीड़िता को तुर्कमानपुर इलाके में ले गया। वहाँ उसने पीड़िता को बच्ची सहित किराए के कमरे में रखा।

किराए के मकान में खुर्शीद ने पीड़िता से कई बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए। खुद को अविवाहित बता महिला का धर्मान्तरण कराया और उससे निकाह कर ली। थोड़े समय बाद पीड़िता गर्भवती हो गई। इस बीच उसे खुर्शीद के पहले से शादीशुदा होने की जानकारी मिली। जब महिला ने इसका विरोध किया तो खुर्शीद ने बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद खुर्शीद ने गर्भपात करवा दिया। वह महिला की बेटी को भी पीटता था। पीड़िता को जान से मार डालने की धमकी देकर घर से निकाल दिया। इसके बाद पीड़िता ने थाने में शिकायत दी।

घर में मदरसा, मौलवी कारी मोहम्मद ने नशीला पदार्थ खिला छात्रा से किया रेप: वीडियो बनाकर करता था ब्लैकमेल, अब हुआ गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक मदरसे का मौलवी रेप के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पीड़िता उसकी नाबालिग छात्रा है। कारी मोहम्मद अहमद पर नशीला पदार्थ खिलाकर छात्रा से रेप और अश्लील वीडियो बनाने का आरोप है। इसके बाद वह पीड़िता को ब्लैकमेल करने लगा। मुँह खोलने पर जादू-टोने से उसके परिवार को खत्म करने की धमकी दी। 26 जून 2023 को पीड़िता ने पुलिस में शिकायत की। अगले दिन आरोपित मौलवी गिरफ्तार कर लिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र का है। मौलवी कारी मोहम्मद अहमद अपने घर में लंबे समय से मदरसा चला रहा है। आसपास के बच्चे यहाँ दीनी तालीम लेने आते है। नाबालिग पीड़िता भी उसके मदरसे में आती थी। कथित तौर पर मौलवी की अश्लीलता और छेड़छाड़ से परेशान होकर उसने 2018 में ही मदरसा जाना बंद कर दिया। लेकिन मौलवी किसी न किसी बहाने से उसे बुलाकर अश्लील हरकतें करता रहता था।

पीड़िता ने शिकायत में बताया है कि 22 जनवरी 2022 को मौलवी ने अपनी बीवी के बीमार होने का बहाना बनाकर उसे अपने घर खाना बनाने के लिए बुलाया। इस दौरान उसने लड़की को नशीला पदार्थ खिला दिया जिससे वो बेसुध हो गई। नशे की हालत में मोहम्मद अहमद ने उससे रेप किया और इसका वीडियो बना लिया। इस वीडियो के बहाने मौलवी अक्सर पीड़िता को ब्लैकमेल करने लगा। 17 मई 2023 को एक बार फिर मौलवी ने लड़की को घर बुला कर रेप किया। आखिरकार प्रताड़ना से आजिज आ कर लड़की ने सारी बात अपने घर वालों को बता दी।

पीड़िता का यह भी आरोप है कि मौलवी खुद को जादू-टोने का एक्सपर्ट बताता था। जब भी वह मौलवी की करतूतों का विरोध करती थी तब उसे और उसके परिवार को झाड़-फूँक से खत्म करने की धमकी देता था। शिकायत में पीड़ित परिवार ने खुद को मौलवी से डरा होने की बात कही है। पुलिस ने 27 जून (मंगलवार) को मौलवी कारी मोहम्मद अहमद को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित पर IPC की धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। मौलवी को जेल भेज दिया गया है।

याद है 2022 का 28 जून जब मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने काट दिया था कन्हैया लाल का गला, साल भर बाद भी नंगे पैर न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है बेटा

राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल तेली की हत्या की घटना को 1 साल हो गए हैं। मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने गला रेत कर उनकी हत्या कर दी थी। उनका गुनाह था कि उन्होंने भाजपा नेता नूपुर शर्मा का समर्थन किया। जिस मालदास स्ट्रीट बाजार में ये घटना हुई, वहाँ आज भी लोग नहीं आते। यहीं कन्हैया लाल तेली दर्जी का काम करते थे। बाजार की गलियों में लगभग 300 दुकानें हैं जहाँ लोगों का हुजूम उमड़ता था, लेकिन अब सन्नाटा ही यहाँ की तस्वीर है।

त्योहारों पर यहाँ मेले जैसा माहौल रहता था। इसी बाजार की भूतमहल गली में कन्हैया लाल तेली का टेलर शॉप था। वहाँ अब एक खालीपन है, जिसका नुकसान दुकानदारों को हो रहा है। कुछ दुकानदार शटर तो खोलते हैं, लेकिन डर का माहौल बना रहता है। आसपास के गाँवों के अलावा कई जिलों के लोग यहाँ बड़ी संख्या में खरीददारी करने आते थे। कुछ दुकानें खाली हैं तो एकाध पर कुछ ग्राहक दिख जाते हैं। गली में 15-20 में से 2 दुकानें ही सामान्यतः खुली रहती हैं, जिनमें से एक का शटर आधा ही खुला रहता है।

‘दैनिक भास्कर’ ने कन्हैया लाल तेली की हत्या के एक वर्ष पूरे होने पर की गई अपनी ग्राउंड रिपोर्टिंग में बताया है कि दुकानदार कहते हैं कि वो खुद डरे हुए हैं, उनके घर वाले डरे हुए हैं। वो मीडिया के सामने अपना चेहरा नहीं लाना चाहते। उन्होंने बताया कि इस इलाके के अधिकतर व्यापारी चले गए। जो कुछ घर हैं, उसके लोग ताला लगा कर भीतर ही रहते हैं। पहले रात 10 बजे तक बाजार में रौनक रहती थी, अब 6 बजे तक दुकानदार घर चले जाते हैं।

जो बचे हुए हैं, वो वो भी कुछ और करने की सोच रहे। कुछ अपनी दुकान लेकर कहीं और शिफ्ट हो गए। एक अन्य टेलर ने बताया कि मंदी का माहौल है, ऊपर से इस घटना ने लोगों को डरा दिया। वहाँ पिछले 3 दशक से कपड़ों की दुकान चला रहे एक व्यापारी ने बताया कि कारोबार ठंडा पड़ा हुआ है। कई दुकानों में कभी-कभी दिन भर बोहनी नहीं होती, दिन भर दुकानदार बैठे रह जाते हैं। अब गुंडागर्दी जैसा माहौल नहीं है, लेकिन बाजार से रौनक गायब है।

एक कॉस्मेटिक दुकान वाले ने बताया कि लोग भाईचारे के साथ रह रहे हैं, लेकिन बाजार 30% डाउन है। उन्होंने कहा कि सब ठीक होने में समय लगेगा। उदयपुर में कन्हैया लाल तेली की हत्या के कुछ दिन बाद ही जगन्नाथ यात्रा को कड़ी सुरक्षा में निकाला गया था। मुहर्रम में जब ताजिए में आग लग गई थी तो हिन्दुओं ने उसे बुझाया। NIA, ATS और STF समेत कई सुरक्षा एजेंसियों का उदयपुर में डेरा डाला था। कन्हैया लाल तेली का परिवार अब भी खौफ में है।

28 जून, 2022 को हुई इस घटना के बाद ‘सर तन से जुदा’ गिरोह के खिलाफ देश भर में प्रदर्शन हुआ था। कन्हैया लाल तेली के परिवार के घर के बाहर अब भी पुलिसकर्मी रहते हैं। पत्नी जसोदा अपने दिवंगत पति की सिलाई मशीन को निहारती रहती हैं। आए दिन उनके सिले कपड़ों को लेकर बैठ जाती हैं। इन्हें लोगों को दिखाती हैं। पिता के बिना बेटे अपना जन्मदिन तक नहीं मनाते। पत्नी को आज तक उनके पति की हत्या का वीडियो नहीं दिखाया गया है, वो कहती हैं कि उनके हाथ में हो तो हत्यारों को मार दें।

बड़ा बेटा चप्पल नहीं पहनता है और बाल नहीं कटवाता है, प्रण है कि पिता के हत्यारों को फाँसी मिलने तक वो वैसे ही रहेगा। अस्थियाँ भी तभी विसर्जित होंगी। परिवार के लोगों को चाय पीने जाने से लेकर बीमारी होने पर अस्पताल तक जाने के लिए पुलिस से अनुमति लेकर सुरक्षा के साथ जाना होता है। छोटे बेटे की फार्मेसी की पढ़ाई छूट गई। होली-दीवाली जैसे त्योहारों पर मातम का माहौल रहता है। बेटे थोड़े भी लेट हो जाते हैं तो माँ को चिंता रहती है।

अब पारिवारिक माहौल भी नहीं रहा क्योंकि लोगों ने उनके यहाँ आना-जाना छोड़ दिया है। पत्नी कहती हैं कि धानमंडी थाने ने इस मामले में काफी लापरवाही बरती। फ़ास्टट्रैक कोर्ट में 6 महीने में हत्यारों को सज़ा दिलाने की बात हुई थी, वो वादा भी अब तक अधूरा है। कन्हैया लाल तेली हत्याकांड पर फिल्म भी बनने वाली है। उदयपुर प्रोडक्शन कंपनी की टीम आने वाली है, जो सारे कैरेक्टर्स को समझेगी। इससे ये कहानी देश को और अच्छे से पता चलेगी।

‘वो हिंदू सिविल कोड की बात कर रहे हैं’: PM मोदी ने की UCC की बात तो बौखलाए विपक्षी नेता, मुस्लिम बोर्ड ने भी रोया संविधान का रोना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने के संकेत दिए हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार (27 जून, 2023) को जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा है कि एक घर में एक सदस्य के लिए एक कानून और दूसरे के लिए अलग हो तो क्या ऐसे में घर चल पाएगा? इसके अलावा, उन्होंने कहा है कि देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड के नाम पर लोगों को भड़काया जा रहा है। पीएम के इस बयान पर विपक्ष समेत कई मुस्लिम नेता बौखलाए हुए हैं।

मुस्लिमों का सबसे बड़ा रहनुमा होने का दावा करने वाले AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है, “प्रधानमंत्री भारत की विविधता और बहुलवाद को समस्या मानते हैं। इसलिए वह इस तरह की बातें करते रहते हैं। वह कहते हैं, वन देश, एक चुनाव, एक टैक्स, एक कानून, एक पहचान…की बातें करते हैं। तो क्या वह यूनिफॉर्म सिविल कोड के नाम पर देश की विविधता और बहुलवाद को छीन लेंगे? वह जब यूनिफॉर्म सिविल कोड की बात करते हैं तो वह हिंदू सिविल कोड की बात कर रहे होते हैं।”

समाजवादी पार्टी नेता और महाराष्ट्र से विधायक अबू आजमी ने भी यूनिफॉर्म सिविल कोड पर पीएम मोदी के बयान का विरोध किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “यूनिफॉर्म सिविल कोड पर मोदी जी को यह भी कह देना चाहिए कि इस देश में एक ही धर्म के लोग रहेंगे। हमारे देश में कुछ किलोमीटर दूर जाने पर भाषाएँ, संस्कृति, धर्म आदि बदलते हैं। क्या आप उन सब को ख़त्म कर देना चाहते हैं? UCC के ज़रिए शरीयत में दखलअंदाजी का विरोध सिर्फ मुस्लिम ही नहीं बल्कि सभी मजहब के लोग करेंगे जिन-जिन के धार्मिक कानूनों में आप हस्तक्षेप करोगे।”

इस मुद्दे पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य और कॉन्ग्रेस नेता आरिफ मसूद ने कहा है, “प्रधानमंत्री जी को यह याद रखना चाहिए उन्होंने बाबा साहब के बनाए संविधान की शपथ ली है। हम लोग एक बात कह रहे हैं देश का हर व्यक्ति बाबा साहब के संविधान पर सहमति जताता है और जताता रहेगा। हम इस संविधान को बर्बाद होने और बदलने नहीं देंगे। उन्होंने तीन तलाक कानून बनाया था, इससे क्या फर्क पड़ा?”

JDU नेता केसी त्यागी ने कहा है, “यूनिफॉर्म सिविल कैफ के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों और स्टेकहोल्डर्स को शामिल किया जाना चाहिए। BJP सिर्फ वोट बैंक की राजनीति करती है।”

DMK नेता टीकेएस एलंगोवन ने कहा है, “यूनिफॉर्म सिविल कोड सबसे पहले हिंदू धर्म में लागू किया जाना चाहिए। अनुसूचित जाति और जनजाति सहित हर व्यक्ति को देश के किसी भी मंदिर में पूजा करने की अनुमति दी जानी चाहिए। हम यूनिफॉर्म सिविल कोड केवल इसलिए नहीं चाहते कि संविधान ने हर धर्म को सुरक्षा दी है।”

CM के रूप में शिवराज सिंह चौहान लोगों की सबसे बड़ी पसंद: ABP न्यूज़ और C-वोटर का ओपिनियन पोल; बागेश्वर बाबा फैक्टर पर भी लोगों ने रखी राय

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है। ऐसे में उससे पहले ‘ABP News’ ने ओपिनियन पोल कराया है। इसमें मुख्यमंत्री के रूप में शिवराज सिंह चौहान जनता की पहली पसंद दिख रहे हैं। जहाँ शिवराज सिंह चौहान को 37% लोगों ने अपनी पसंद बताया है, वहीं 36% के साथ कॉन्ग्रेस नेता कमलनाथ उनसे पीछे हैं। ये ओपिनियन पोल एबीपी न्यूज़ ने C-Voter के साथ मिल कर कराया है।

जहाँ तक सीटों की बात है, भाजपा मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में 106-118 सीटें ला सकती है। वहीं कॉन्ग्रेस की बात करें तो पार्टी 108-120 सीटें जीत सकती है। यानी, इस ओपिनियन पोल के हिसाब से सीटों के मामले में कड़ी टक्कर है। वहीं बसपा के खाते में भी शून्य से लेकर 4 तक सीटें मिल सकती हैं। वहीं 12% लोग मुख्यमंत्री के रूप में ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपनी पसंद बता रहे हैं।

सिंधिया कॉन्ग्रेस से ही भाजपा में आए हैं, जिसके बाद राज्य में कमलनाथ की सरकार गिर गई थी। सर्वे की मानें तो वोट प्रतिशत के मामले में भाजपा और कॉन्ग्रेस दोनों ही 44% पा सकते हैं। बसपा 3% वोट शेयर के साथ तीसरे नंबर पर रह सकती है। जहाँ 33% लोगों ने बेरोजगारी को सबसे बड़ा मुद्दा बताया है, 12% लोग महँगाई और 7% लोग भ्रष्टाचार से चिंतित हैं। 7% बुड़ियादि सुविधाएँ और 18% लोग स्थानीय मुद्दों को असरदार मान रहे हैं।

40% लोगों ने कहा है कि वो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कामकाज से संतुष्ट हैं, वहीं नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ के कामकाज से मात्र 31% लोग ही संतुष्ट हैं और 36% कम संतुष्ट हैं। 40% लोग राज्य सरकार के कामकाज से संतुष्ट हैं। 45% लोगों ने कहा कि कर्नाटक-हिमाचल प्रदेश की हार के बाद मध्य प्रदेश में डबल इंजन वाला फॉर्मूला फेल नहीं होगा। 38% लोगों ने कहा कि बागेश्वर धाम सरकार के बयानों का फायदा भाजपा को मिलेगा।

मुस्लिमों ने हिंदू परिवार को दी देख लेने की धमकी, बीच-बचाव करने आए RSS नेता को शेख तनवीर व उसके साथी ने बस से खींचकर पीटा

महाराष्ट्र के वर्धा जिले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के जिला प्रमुख जेठानंद राजपूत के साथ मुस्लिम युवकों द्वारा मारपीट का मामला सामने आया। जेठानंद ने हिंदू और मुस्लिम परिवार के बीच हो रहे झगड़े को शांत कराने की कोशिश की थी। इससे गुस्साए मुस्लिम युवकों ने उन पर हमला घर घायल कर दिया। घटना के बाद से इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। 

दरअसल, आरएसएस नेता जेठानंद राजपूत रविवार (25 जून, 2023) शाम राज्य परिवहन निगम की बस द्वारा वर्धा से हिंगनघाट जा रहे थे। इसी दौरान यह घटना हुई। इस मामले में पुलिस ने शेख तनवीर आजाद नामक आरोपित को गिरफ्तार किया है। मुस्लिम युवकों के हमले से घायल हुए जेठानंद राजपूत से ऑपइंडिया ने बात की है। इस बातचीत में उन्होंने कहा है कि रविवार शाम वह बस में जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने हिंदू और मुस्लिम परिवारों को झगड़ते हुए देखा। झगड़े के बीच मुस्लिम हिंदू परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहे थे।

जेठानंद ने आगे बताया कि मुस्लिमों ने हिंदू परिवार को धमकाते हुए कहा था, “तुम हिंगनघाट पहुँचो तो वहाँ मौजूद हमारे लोग तुमको निपटा देंगे।” मुस्लिमों की धमकी सुन आरएसएस नेता ने बीच बचाव करने की कोशिश की। हालाँकि, इस धमकी से हिंदू परिवार बहुत अधिक डर गया और वर्धा में ही बस से उतर गया।

उन्होंने आगे कहा, “हिंदू परिवार के जाने के बाद मैं बस में अपनी सीट पर बैठ गया था। चूँकि हिंदू परिवार बस से उतर गया था। इसलिए मुझे लगा कि मैंने समस्या कर ली। लेकिन थोड़ी देर बाद जब बस नंदगाँव में रुकी तो दो लोग बस के अंदर आ गए। उन दोनों ने मुस्लिम परिवार से बहस करने वाले हिंदुओं के बारे में बताने के लिए कहा था। इस पर मुस्लिम परिवार ने उन लोगों को बताया कि वे वर्धा में ही बस से उतर गए थे। हालाँकि इसके बाद मुस्लिम परिवार ने तब मेरी ओर इशारा करते हुए उन्हें बताया कि मैंने ही हस्तक्षेप करने की कोशिश की थी। इसके बाद दोनों युवकों ने मुझे बस से खींच लिया और बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।”

आरएसएस नेता जेठानंद ने आगे कहा है, “इसके बाद मैं किसी तरह उन दोनों बदमाशों से बच गया और फिर वापस आकर बस में बैठ गया। इस दौरान मुस्लिम परिवार बस में ही बैठा था। वहीं, मारपीट करने वाले दोनों मुस्लिम युवक नंदगाँव बस स्टॉप पर ही रुक गए। इसके बाद मैंने बस के ड्राइवर से नजदीकी पुलिस स्टेशन ले जाने का अनुरोध किया। लेकिन उसने साफ तौर पर इनकार कर दिया। इसके बाद, पुलिस स्टेशन में शिकायत करने के लिए मैंने यादव नामक अपने एक दोस्त को फोन लगाया और उससे अगले बस स्टॉप पर मिलने के लिए कहा।”

उन्होंने घटना के बारे में बात करते हुए आगे कहा है, “जब मैं अगले बस स्टॉप पर उतरा तो मुस्लिम परिवार भी मेरे साथ उतर गया। उन लोगों को रिसीव करने के लिए एक व्यक्ति बस स्टॉप पर आया था। मुस्लिम परिवार ने उस व्यक्ति से मुझे सबक सिखाने के लिए मेरी फोटो लेने के लिए कहा। हालाँकि, उस व्यक्ति ने मुस्लिम परिवार से कहा कि वह मुझे जानता है और उसे पता है कि क्या करना है।”

धमकी देने के बाद मुस्लिम परिवार वहाँ से चला गया। इसके बाद जेठानंद ने हिंगनघाट थाने में जाकर आपबीती सुनाते हुए आरोपितों के खिलाफ़ मामला दर्ज कराया।

रविवार (25 जून, 2023) शाम तक यह घटना पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई। इसके बाद बीजेपी व अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में जमा होकर थाने के बाहर नारेबाजी करते हुए आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की। वहीं, इस मामले में एसपी नुरुल हसन ने कहा है कि RSS नेता के साथ मारपीट करने में संलिप्त सभी आरोपितों की पहचान कर ली गई है।

इसमें से एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आश्वासन दिया गया है कि अन्य आरोपितों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने इलाके के लोगों से अफवाह न फैलाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। 

अमेजन का डिलीवरी बॉय उस्मान निकला प्रगति मैदान टनल लूटकांड का मास्टरमाइंड, भाई इरफ़ान भी दबोचा गया: ₹5 लाख, पिस्टल, बाइक, कारतूस बरामद

दिल्ली पुलिस ने प्रगति मैदान सुरंग सुरंग लूट की गुत्थी सुलझा ली है। इस लूटकांड का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस मामले में 7 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से लूट की 4.98 लाख रुपए की रकम बरामद की गई है। 2 बाइक, 1 पिस्तौल और 2 कारतूस भी बरामद हुए हैं। 5 आरोपितों को जहाँ दिल्ली पुलिस की 2 टीमों ने दबोचा, वहीं उत्तरी जिला और नई दिल्ली जिले की संयुक्त टीमों ने 2 अन्य को दबोचने में कामयाबी पाई।

दिल्ली पुलिस ने इस मामले की CCTV फुटेज की भी जाँच की थी, जिसमें पता चला था कि मोटरसाइकिल सवार 4 लोगों ने कार को रोका और चाँदनी चौक स्थित ओमिया एंटरप्राइजेज के डिलीवरी एजेंट और उसका सहयोगी से लूटपाट की घटना को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपितों में उस्मान, उसका चचेरा भाई इरफ़ान, अनुज मिश्रा, कुलदीप, सुमित, प्रदीप और बाला शामिल है। दिल्ली पुलिस ने मामले के सामने आते ही अलग-अलग टीमों को काम पर लगाया।

उस्मान अली उर्फ़ कल्लू ने ही इस काण्ड की साजिश रची थी। वो बुराड़ी स्थित कौशिक एन्क्लेव का रहने वाला है। 25 वर्षीय उस्मान ही सूचना देता था कि किस गाड़ी में पैसा है और किसमें नहीं। उस्मान ने 7 साल अमेजन कंपनी में बतौर डिलीवरी बॉय काम किया है। कुरियर का काम करने के कारण उसे मालूम होता था कि इस इलाके में कैश आता-जाता है। कई IPL सट्टा हार चुके उस्मान पर बैंक का भी कर्ज था।

वहीं उसका चचेरा भाई इरफ़ान नाई की दुकान पर काम करता था। इन दोनों ने ही लूटपाट की साजिश रच कर लोनी और बागपत के कुछ लड़कों को अपने साथ जोड़ा। इन लोगों ने चोरी की बाइक की व्यवस्था की और कई दिनों तक रेकी के लिए उसका इस्तेमाल किया। इन्होंने लूटकांड से 1 दिन पहले टनल में रेकी की थी। लूट में इस्तेमाल की गई चोरी की बाइक भी जब्त कर ली गई है।

वीडियो में देखा जा सकता था कि इन्होंने सबसे पहले गाड़ी रुकवा कर उसका शीशा खुलवाया, उसके बाद फिर पिस्टल दिखा कर रुपयों से भरे बैग को लूट लिया और फरार हो गए। 3 दिन की रेकी के बाद इस घटना को अंजाम दिया गया। दिल्ली पुलिस ने कहा कि इस मामले को सुलझाने के लिए कई माध्यम से एनालिसिस और प्रयास किया गया। फ़िलहाल सभी आरोपितों से पूछताछ भी कर ली गई है।

अरविंद केजरीवाल के ‘शीशमहल’ की जाँच अब CAG के जिम्मे: उप-राज्यपाल की सिफारिश पर अमित शाह के मंत्रालय का फैसला, कोरोना काल में मरम्मत के नाम पर खड़ी कर दी नई इमारत

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी बंगले की मरम्मत पर हुए खर्च की अब CAG जाँच होगी। उप-राज्यपाल की सिफारिश के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह फैसला लिया है। केजरीवाल पर सरकारी बंगले की मरम्मत में करोड़ों रुपए की अनियमितता करने का आरोप है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली के उप-राज्यपाल सचिवालय ने 24 मई, 2023 को केंद्रीय गृह मंत्रालय को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास के रिनोवेशन में गंभीर रूप से वित्तीय अनियमितता का जिक्र करते हुए CAG जाँच कराने की सिफारिश की थी। उपराज्यपाल सचिवालय ने अपने पत्र में यह भी कहा था कि केजरीवाल के सरकारी बंगले की मरम्मत में बहुत अधिक पैसा खर्च किया गया है। केजरीवाल ने यह सब तब किया जब देश कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहा था। 

उपराज्यपाल ने गृह मंत्रालय को लिखे पत्र में दिल्ली के मुख्य सचिव की रिपोर्ट का हवाला दिया है। मुख्य सचिव ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि लोक निर्माण विभाग ने मरम्मत के नाम पर केजरीवाल के लिए नए बंगले का निर्माण कर दिया। इस आवास के निर्माण को लेकर दिए गए शुरुआती प्रस्ताव में अतिरिक्त आवास देने की बात कही गई थी। लेकिन बाद में लोक निर्माण मंत्री ने पुरानी बिल्डिंग को गिराकर नया बंगला बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

यही नहीं, बिल्डिंग की मरम्मत के लिए शुरुआत में 15-20 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया था। लेकिन, बाद में इस राशि को बढ़ाते-बढ़ाते करीब 53 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए। यह लागत शुरुआती प्रस्ताव की कीमत से तीन गुनी अधिक है। 

बता दें कि दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास की पुरानी बिल्डिंग को गिराकर नई बिल्डिंग बनाने को लेकर अब तक कई बड़े खुलासे हो चुके हैं। इसको लेकर टाइम्स नाउ नवभारत ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि CM आवास में 8-8 लाख रुपए के पर्दे लगाए गए। केवल पर्दों पर ही 1 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए। कुल 23 पर्दों का ऑर्डर दिया गया था, जिनमें से कुछ अभी लगने बाकी हैं और कुछ लगाए दिए गए हैं। शुरुआत में 8 पर्दे लगाए गए, जिनकी कीमत 45 लाख रुपए थी। दूसरे चरण में 15 पर्दों का ऑर्डर दिया गया, जो 51 लाख रुपए के थे।

इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री आवास में लगाने के लिए वियतनाम से मार्बल मँगाया गया। इसे ‘डियोर पर्ल मार्बल’ बोला जाता है, जो सुपीरियर क्वालिटी का होता है। इसकी कीमत 15 लाख रुपए होती है। साथ ही इसे लगाने के लिए भी अलग तरीके से फिटिंग की जाती है। AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने इस पर सफाई देते हुए कहा था कि अरविंद केजरीवाल आंदोलन से निकले नेता हैं और कोई फकीर नहीं है। उन्होंने कहा कि वो बँगला 1942 का बना है, वहाँ छत से पानी टपकती थी और बुजुर्गों को परेशानी होती थी।

‘हिंदुओं की सहिष्णुता की बार-बार परीक्षा क्यों’: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ‘आदिपुरुष’ पर फटकारा, पूछा- डायलॉग बदल दोगे पर दृश्यों का क्या

भगवान श्रीराम और हनुमान जी को आपत्तिजनक रूप से प्रदर्शित करने के लिए इलाहाबद उच्च न्यायालय ने ‘आदिपुरुष’ फिल्म के निर्माताओं को खरी-खरी सुनाई है। हाईकोर्ट ने पूछा कि आखिर एक समुदाय की सहिष्णुता के स्तर की बार-बार क्यों परीक्षा ली जा रही है? जजों ने कहा कि अगर कोई सभ्य है तो इसका मतलब है आप उसे दबा कर रखेंगे? क्या ऐसा ही होता है? हाईकोर्ट ने कहा कि ये अच्छा है कि ये एक ऐसे धर्म का मामला है, जिसके अनुयायी किसी प्रकार की सार्वजनिक समस्या पैदा नहीं करते।

जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस श्रीप्रकाश सिंह की बेच ने कहा, “हमने देखा कि कुछ लोग सिनेमा हॉल्स में गए थे जब ये फिल्म दिखाई जा रही थी। उन्होंने सिर्फ हॉल को बंद रखने के लिए ही दबाव बनाया। वो कुछ और भी कर सकते थे। सेंसर बोर्ड को सर्टिफिकेट देने समय ध्यान रखना चाहिए था। अगर हम इस पर भी आँख बंद कर लें क्योंकि ये कहा जाता है कि इस धर्म के लोग बड़े सहिष्णु हैं, तो क्या उसका टेस्ट लिया जाएगा?”

दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर की गई 2 जनहित याचिकाओं (PIL) पर सुनवाई करते हुए जजों ने ये टिप्पणी की। हाईकोर्ट ने कहा कि जो धार्मिक साहित्य लोगों के लिए संवेदनशील हैं, उन्हें नहीं छुआ जाना चाहिए और उनका अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। उच्च न्यायालय ने कहा कि कुछ धार्मिक ग्रन्थ इतने पवित्र हैं कि लोग उनकी पूजा करते हैं, जैसे कई लोग घर से निकलने से पहले रामचरितमानस की चौपाइयाँ पढ़ते हैं।

जजों ने कहा कि भगवान श्रीराम, माँ सीता और हनुमान जी को ऐसे दिखाया गया जैसे वो कुछ हों ही नहीं। फिल्म में डिस्क्लेमर जोड़े जाने की जानकारी पर अदालत ने पूछा कि क्या ऐसा करने वाले इस देश के युवाओं को बिना दिमाग का समझते हैं? हाईकोर्ट ने कहा कि आप राम, सीता और हनुमान को दिखा कर ये कह रहे हो कि ये रामायण नहीं है? हाईकोर्ट ने कहा कि डायलॉग बदले जाने से कुछ नहीं होगा, दृश्यों का आप क्या करेंगे?

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा भारत के डिप्टी सॉलिसिटर जनरल से कहा कि वो इस मामले में संबंधित अथॉरिटी से इंस्ट्रक्शंस लें, उसके बाद देखा जाएगा क्या करना है। साथ ही टिप्पणी की कि अगर फिल्म का प्रदर्शन रुक जाएगा तो जिनकी भावनाएँ आहत हुई हैं उनलोगों को राहत मिलेगी। हाईकोर्ट को बताया गया कि ऐसी चीजें ‘PK (2014)’, ‘मोहल्ला अस्सी (2018)’ और ‘हैदर (2014)’ जैसी फिल्मों में भी किया जा चुका है।

मुरादाबाद में बुलेट चुराई, ₹1.90 लाख भी… बीवी को ले गया घुमाने कुल्लू मनाली, लौटा तो पकड़ा गया मोहम्मद हाशिम

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में पुलिस ने एक ऐसे चोर को गिरफ्तार किया है जो खुद के और अपनी बीवी के शौक पूरे करने के लिए चोरियाँ करता था। आरोपित का नाम मोहम्मद हाशिम है। हाशिम के पास से पुलिस ने कैश, अवैध तमंचा और बुलेट बाइक बरामद की है। ताजा मामले में हाशिम ने कुल्लू मनाली घूमने के लिए 2-2 चोरियों को अंजाम दिया था। उसकी गिरफ्तारी सोमवार (26 जून 2023) को हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला मुरादाबाद के थाना क्षेत्र कटघर का है। 4 जून 2023 को अमरोहा जिले के दवा व्यापारी सलमान मुरादाबाद के कोतवाली क्षेत्र में खरीदारी के लिए आए थे। उसी शाम को उन्होंने थाने में अपना बैग चोरी होने की तहरीर दी। सलमान ने बैग में 1 लाख 90 हजार रुपए होने की बात कही थी। CCTV फुटेज खँगालने पर काले रंग की टी शर्ट में एक व्यक्ति चोरी करता दिखा था। पुलिस ने अज्ञात चोर के खिलाफ IPC की धारा 379 के तहत केस दर्ज कर जाँच शुरू कर दी।

जाँच के दौरान पुलिस को मोहम्मद हाशिम के बारे में पता चला। उसके अब्बा नाम शमीम है जो मुरादाबाद के ही कटघर क्षेत्र का रहने वाला है। हाशिम के पास से अवैध तमंचा, जिन्दा कारतूस, एक बुलेट बाइक और 86 हजार रुपए कैश बरामद हुआ है। पुलिस की पूछताछ में हाशिम ने बताया कि वह अपने शौक पूरे करने के लिए चोरियाँ करता है। जो बुलेट बाइक उसके पास से बरामद की गई वह उसने 3 जून 2023 को मुरादाबाद के ही मझोला थाना क्षेत्र से चोरी की थी।

पूछताछ में हाशिम ने बताया कि बुलेट और कैश चुरा कर वह अपनी बीवी के साथ कुल्लू मनाली घूमने निकल गया था। कुल्लू मनाली से वह 9 जून को वापस लौटा। कुल्लू मनाली की यात्रा में हाशिम ने लगभग 45 हजार रुपए खर्च किए थे। बाकी पैसे उसने अपने अन्य शौक पूरे करने के लिए रखे थे। लेकिन उससे पहले ही वो गिरफ्तार हो गया।