भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से अपने उन्नत नेविगेशन उपग्रह NVS-01 को लॉन्च किया है। जीएसएलवी रॉकेट (GSLV-F12) की मदद से इस सैटेलाइट का प्रक्षेपण सुबह 10.42 बजे किया गया। लगभग 19 मिनट की उड़ान के बाद NVS-O1 सैटेलाइट को सही तरीके से तय कक्षा में पहुँचा दिया गया। इसी के साथ यह मिशन पूरा हो गया।
NVS-01 सैटेलाइट भारतीय नेविगेशन सेवा ‘नाविक’ (NavIC) की दूसरी पीढ़ी (Next Generation Navigational Satellite) के उपग्रहों में से पहला है। खास बात यह है कि एनवीएस-01 में स्वदेशी परमाणु घड़ी (Atomic Clock) लगाई गई है। इसके पहले सटीक तिथि और जगह की जानकारी का पता लगाने के लिए रूबिडियम परमाणु घड़ियों को विदेशों से आयातित करना पड़ता था। इसरो ने इस मिशन के लिए खास तौर पर अपने देश में विकसित की गई रूबिडियम परमाणु घड़ी का इस्तेमाल किया है। इसे विकसित करने की तकनीक कुछ ही देशों के पास है।
परमाणु घड़ियों द्वारा ही सिग्नल को भेजने और सिग्नल को प्राप्त करने में लगे समय की गणना की जाती है। इसके आधार पर स्थान निर्धारण किया जाता है। इसरो की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार एनवीएस-01 उपग्रह L5 और S फ्रीक्वेंसी सिग्नल के अलावा L1 सिग्नल भेजने में भी सक्षम होगा। मौसम संबंधी अलर्ट जारी करने में इस सिग्नल से काफी सहायता मिलती है। बता दें ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) में सबसे अधिक L1 सिग्नल का ही उपयोग होता है।
#WATCH | Indian Space Research Organisation's advanced navigation satellite GSLV-F12 and NVS-01 successfully completed their mission.
बता दें इंडियन रीजनल नेविगेशन सिस्टम (IRNSS) के तहत सात सैटेलाइट छोड़े गए थे। इनके जरिए भारत में नेविगेशन सेवाएँ मिल रही थीं। इनका इस्तेमाल सेना और विमान सेवाओं के लिए किया जा रहा था। इनमें से तीन सैटेलाइट काम नहीं कर रहे थे। इसलिए इसरो ने 5 नए सैटेलाइट लॉन्च करने की ठानी।
सैटेलाइट से क्या होगा फायदा?
इन आधुनिक सैटेलाइट्स को पुराने सैटेलाइट्स की तुलना में अधिक समय तक काम कर पाने की क्षमता के साथ बनाया गया है। पुराने उपग्रह 10 सालों तक सेवाएँ देते हैं जबकि नेक्स्ट जेनरेशन सैटेलाइट 12 सालों तक सटीक सेवाएँ दे सकते हैं। एनवीएस-01 भारत के समुद्र के भीतर सटीक और रीयल टाइम नेविगेशन सेवा उपलब्ध कराएगी। जिससे समंदर में जहाजों के रियल टाइम पोजीशन का सटीक अंदाजा लग सकेगा।
इसके अलावा इससे हवाई, स्थलीय और समुद्री नेविगेशन में सहायता मिलेगी। NVS-01 से मोबाइल लोकेशन सर्विसेस और भी दुरुस्त हो जाएँगी। इससे इमरजेंसी सर्विसेस, जियोडेटिक सर्वे, मरीन फिशरीज, कृषि संबंधी जानकारी हासिल करने में सहायता मिलेगी।
दिल्ली के शाहबाद डेयरी इलाके में साहिल (अब्बा का नाम सरफराज) नामक व्यक्ति ने 16 साल की साक्षी की बेरहमी से हत्या कर दी। साक्षी की माँ ने कहा है कि उनकी बेटी वकील बनना चाहती थी। लेकिन साहिल ने उसे मार डाला। साहिल को फाँसी दे देनी चाहिए। वहीं, साक्षी के पिता ने भी कड़ी से सजा की माँग की।
साक्षी की माँ ने मीडिया से बात करते हुए कहा है, “साक्षी बीते 10 दिनों से नीतू नामक महिला के घर पर रह रही थी। नीतू का पति जेल में बंद है। जब वह जेल से आ जाएगा तब वह घर आ जाएगी। साक्षी से रविवार (28 मई, 2023) डेढ़ बजे बात हुई थी। उसने कहा था कि नीतू के दो बच्चे हैं। एक का जन्मदिन है। साक्षी 10वीं में पढ़ती थी और पास हो गई है। हमें इंसाफ चाहिए। उसे आजीवन कारावास या फिर फाँसी की सजा हो।”
Delhi: A minor murdered by her alleged boyfriend in the Shahbad Dairy
"The culprit must be given capital punishment," victim's mother tells @priyanktripathi.
"Multiple teams have been formed & accused will be arrested," says Suman Nalwa, Deputy Commissioner of Police, Delhi. pic.twitter.com/5CpLrkKH9k
साक्षी की माँ ने यह भी कहा है कि उन्हें साहिल के बारे में कुछ भी नहीं पता है। उन्हें थाने में ही उसके बारे में पता चला है। उसने कहा था कि वह उनके बेटे की तरह है और वकील बनना चाहती है। वहीं, साक्षी के पिता ने ANI से हुई बातचीत में कहा है कि जब उन्होंने अपनी बेटी को देखा तो उसकी बहुत बुरी हालत थी। उसके पेट में चाकू से इतनी बार हमला किया गया था कि उसकी सारी आँतें बाहर निकल आईं थीं। पत्थर से हुए हमले के बाद उसके सिर के 4 टुकड़े हो गए थे।
#WATCH | Delhi: "My daughter was stabbed many times, her head was also bludgeoned into pieces. We demand stringent punishment for the accused," says Father of the 16-year-old minor girl who was stabbed to death by 20-year-old accused, Sahil, in Shahbad dairy area pic.twitter.com/CkRJhXIAVx
साक्षी के पिता ने यह भी कहा है कि उन्हें साहिल के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हत्या के बाद साक्षी की सहेलियों ने उन्हें इस बारे में बताया। इंसाफ की माँग करते हुए उन्होंने आगे कहा है कि जिस तरह बेरहमी से उनकी बेटी की हत्या हुई है उसी तरह आरोपित को भी कड़ी से कड़ी सजा मिलना चाहिए। ताकि कोई भी इस तरह की हरकत न करे।
बता दें कि रविवार (28 मई, 2023) को साक्षी अपनी दोस्त नीतू के बेटे के जन्मदिन में शामिल होने जा रही थी। तभी घात लगाए साहिल ने उसे रोक लिया। इसके बाद उसके पेट में ताबड़तोड़ चाकू बरसाने लगा। लगातार हुए हमले से साक्षी बुरी तरह घायल हो गई और जमीन पर गिर गई। हालाँकि इसके बाद भी साहिल नहीं रुका और उसने जमीन पर पड़े पत्थर को उठाकर उसके सिर पर पटकने लगा। पेट पर चाकू के हमले और सिर पर कई बार पत्थर लगने से उसकी मौत हो गई। संयुक्त आयुक्त विवेक किशोर ने कहा है कि साहिल ने साक्षी पर चाकू से 34 वार किए थे।
साक्षी की हत्या के बाद साहिल मौके से फरार हो गया था। हालाँकि, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान कर ली थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से उसे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद साहिल की सामने आई तस्वीर में वह कलावा पहने दिखाई दे रहा है।
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने एक बार फिर से ज़हर भरा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ये काफी परेशान करने वाला है कि किस तरह कला के माध्यम से खुला प्रोपेगंडा चला कर आम लोगों को परोसा जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि ये इस्लामोफोबिया के इस काल का चिंतित करने वाला असर है। बता दें कि नसीरुद्दीन शाह अक्सर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के खिलाफ बयान देते रहते हैं और कट्टर इस्लामी एजेंडे को आगे बढ़ाने में आगे रहते हैं।
‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर के अनुसार, नसीरुद्दीन शाह ने कहा मुस्लिमों के खिलाफ घृणा को बड़ी चालाकी से न सिर्फ हवा दी जा रही है, बल्कि ये आजकल का फैशन भी बन गया है। नसीरुद्दीन शाह ने हाल ही में OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 की सीरीज ‘ताज’ में मुग़ल बादशाह अकबर का किरदार निभाया था। अब इस सीरीज का दूसरा हिस्सा आ गया है। इस दौरान नसीरुद्दीन शाह ने ये भी कहा कि मुगलों का महिमामंडन करने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन उन्हें बदनाम भी नहीं किया जाना चाहिए।
जब उनसे पूछा गया कि क्या कुछ शो और फिल्मों को प्रोपेगंडा और भ्रामक सूचनाओं को फैलाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, तो नसीरुद्दीन शाह ने जवाब दिया कि स्क्रीन पर जो भी हो रहा है, वो जमीनी वास्तविकता का दर्पण है। उन्होंने दावा किया कि बेशर्मी से इस्लामोफोबिया का इस्तेमाल चुनावों में वोट के लिए किया जा रहा है, जिसका असर फ़िल्मी पर्दे पर भी दिख रहा है। उन्होंने कहा कि ये निश्चित तौर पर परेशान करने वाला समय है।
नसीरुद्दीन शाह ने कहा, “ऐसे कंटेंट्स परोसे जा रहे हैं जो विशुद्ध और खुला प्रोपेगंडा है, जो इस समय के बारे में बहुत कुछ बताता है। मुस्लिमों से घृणा करना आजकल फैशन बन गया है, यहाँ तक कि शिक्षित लोगों के बीच भी। ये चीजें सत्ताधारी पार्टी ने देश के लोगों की नसों में घुसा दी है। हम सेक्युलरिज़्म और लोकतंत्र की बातें करते हैं, लेकिन हर चीज में धर्म को घुसाने की क्या ज़रूरत है? चुनाव आयोग चुपचाप ये सब देख रहा है।”
नसीरुद्दीन शाह ने दावा किया कि अगर कोई मुस्लिम नेता ‘अल्लाहु अकबर’ बोल कर वोट माँगेगा तो फिर बवाल हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विभाजनकारी राजनीति का इस्तेमाल किया, लेकिन वो हार गए और इस राजनीति का अंत होगा। उन्होंने पूछा कि चुनाव आयोग कितना रीढ़विहीन हो गया है, जो एक शब्द बोलने की भी हिम्मत नहीं रखता? उन्होंने कहा कि अगर किसी मुस्लिम नेता ने अल्लाहु अकबर बोल कर EVM का बटन दबाने की बात की होती तो बवाल हो जाता।
Naseeruddin Shah says it's fashionable now to hate Muslims, and is cleverly tapped into by Government https://t.co/jfXIDa4Dm8
उन्होंने कहा कि लेकिन हमारे प्रधानमंत्री लोगों के बीच जाकर ये सब बातें करते हैं, इसके बावजूद हार जाते हैं। बता दें कि नसीरुद्दीन शाह कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार पर तंज कस रहे थे। उन्होंने कहा कि विभाजनकारी राजनीति का अंत होगा, लेकिन फ़िलहाल ये शिखर पर है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बड़ी चालाकी से इस कार्ड को खेला है, और देखना है कि ये कितना लंबा चलता है। नसीरुद्दीन शाह इस साल ‘कुत्ते’ फिल्म में भी दिखे थे।
तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में ‘ग्लोबल स्टार’ के रूप में पहचाने जाने वाले राम चरण नई फिल्म लेकर आ रहे हैं, जो बतौर प्रोड्यूसर उनकी पहली फिल्म होगी। उन्होंने ‘The Kashmir Files’ और ‘कार्तिकेय 2’ के निर्माता अभिषेक अग्रवाल से हाथ मिलाया है। दोनों साथ मिल कर ‘The India House’ बना रहे हैं, जिसकी घोषणा वीर विनायक दामोदर सावरकर के जयंती के दिन की गई। फिल्म में निखिल सिद्धार्थ और अनुपम खेर मुख्य भूमिकाओं में होंगे।
इस फिल्म के बारे में हमने निर्माता अभिषेक अग्रवाल, वरिष्ठ अभिनेता अनुपम खेर और यंग एक्टर निखिल सिद्धार्थ से बातचीत की। प्रोड्यूसर अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि ‘The India House’ उनके लिए काफी स्पेशल फिल्म है। इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि ये फिल्म भारत के ऐसे क्रांतिकारियों की कहानियाँ लेकर आ रही है, जिन्हें भुला दिया गया। ये ऐसे स्वतंत्रता सेनानी हैं, जो विदेश से क्रांति की ज्वाला जला रहे हैं, लंदन से अपनी गतिविधियाँ संचालित कर रहे थे।
‘The India House’: अपनी अगली फिल्म के बारे में अभिषेक अग्रवाल ने दी जानकारी
उन्होंने कहा कि इस फिल्म का नाम ‘इंडिया हाउस’ के नाम पर है, जो उस समय लंदन में भारतीय क्रांतिकारियों की गतिविधियों का हब हुआ करता था। वहीं से ‘The Indian Sociologist’ नाम का एक अख़बार भी संचालित होता था। अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि श्यामजी कृष्ण वर्मा की विचारधारा पर चलते हुए वीर सावरकर ने ‘इंडिया हाउस’ के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभिषेक अग्रवाल ने इस दौरान अन्य भुला दिए गए क्रांतिकारियों की भी चर्चा की।
उन्होंने इनमें मदनलाल ढींगरा और VVS अय्यर का नाम लिया। आगे बढ़ने से पहले बता दें कि मदनलाल ढींगरा ने अंग्रेजों के सैन्य अधिकारी विलियम हट कर्जन वायली को मार गिराया था। उन्हें अंग्रेजों ने युवा उम्र में ही फाँसी दे दी थी। उनके शव का अंतिम संस्कार तक नहीं होने दिया गया। इसी तरह तमिलनाडु के तिरुचिरपल्ली में जन्मे वीवीएस अय्यर भी अंग्रेजों की वॉन्टेड लिस्ट में थे। वो महर्ष शुद्धानन्द भारती के अनन्य मित्र थे।
फिल्म निर्माता अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि ये देश के लिए बड़े दुर्भाग्य की बात है कि ऐसी विभूतियों को भुला दिया गया। उन्होंने कहा कि ‘The India House’ में एक काल्पनिक प्रेम कहानी भी देखने को मिलेगी। इस लव स्टोरी को भारतीय क्रांतिकारियों की कहानियों के बीच में सेट किया गया है और इसका उद्देश्य है कि लोग इस भुला दिए गए चैप्टर को देखें। अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि वीर सावरकर की 140वीं जयंती पर फिल्म की घोषणा करने पर उन्हें गर्व है।
फ़िलहाल ‘मास महाराजा’ रवि तेजा अभिनीत ‘टाइगर नागेश्वर राव’ के प्रोमोशंस में व्यस्त अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि वो हमेशा अपनी धरती की कहानियों को कहने के लिए आगे आते रहेंगे, जिन्हें भुला दिया गया। उनका कहना है कि भारत की युवा पीढ़ी को इन सबके बारे में पता चले, इसीलिए ये ज़रूरी है। ‘इंडिया हाउस’ की स्थापना अंग्रेजों ने छात्र हॉस्टल के रूप में की थी। बाद में ‘इंडियन होमरूल सोसाइटी’ समेत कई संस्थानों ने यहाँ अपना मुख्यालय बनाया।
भारत माँ का महान बेटे थे वीर सावरकर: अनुपम खेर
फिल्म ‘The India House’ में श्यामजी कृष्ण वर्मा का किरदार निभा रहे अनुपम खेर ने भी ऑपइंडिया से बातचीत की। वो अभिषेक अग्रवाल की पिछली दोनों फिल्मों ‘The Kashmir Files’ और ‘कार्तिकेय 2’ का भी हिस्सा रहे हैं। इतना ही नहीं, अभिषेक अग्रवाल की आगामी फिल्म ‘टाइगर नागेश्वर राव’ में भी अनुपम खेर एक महत्वपूर्ण भूमिका में दिखेंगे। 68 साल के अनुपम खेर 1984 में आई ‘सारांश’ से चर्चा में आए थे और तब से 535 से भी अधिक फिल्मों में कई किस्म के किरदार निभा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि ‘The India House’ की स्क्रिप्ट काफी अच्छी है, ये एक बड़ा प्रोजेक्ट है। उन्होंने कहा कि वीर सावरकर के बारे में उन्होंने जो पढ़ा है, उससे यही पता चलता है कि वो भारत के सबसे बहादुर और महान बेटों में से एक थे। उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में वीर सावरकर का योगदान बाकी स्वतंत्रता सेनानियों से कम नहीं है। उन्होंने याद किया कि कैसे लंबे समय तक वीर सावरकर ने कालापानी की सज़ा काटी थी।
भारतीय फिल्म सेंसर बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष, भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII) के चेयरपर्सन और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) के चेयरमैन रह चुके अनुपम खेर ने कहा कि ‘The India House’ एक काफी बढ़िया स्क्रिप्ट है, जो एक उम्दा विषय पर आधारित है। उन्होंने कहा कि वीर सावरकर भले ही एक वर्ग के लोगों को पसंद न हों, लेकिन सच्ची कहानियाँ ज़रूर लोगों के सामने आनी चाहिए। उन्होंने बताया कि फिल्म में उनका किरदार काफी अच्छा है।
फिल्म के मुख्य अभिनेता निखिल सिद्धार्थ ने भी ऑपइंडिया से की बात
हमने इस फिल्म में लीड रोल निभा रहे निखिल सिद्धार्थ से भी ‘The India House’ को लेकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि ये फिल्म एक महाकाव्य की तरह प्रेम गाथा है, जिसका पैमाना और दायरा बहुत बड़ा है। साथ ही उन्होंने बताया कि इस फिल्म की कहानी वैसी है, जिसके बारे में बहुतों को पता नहीं है। हालाँकि, उन्होंने साफ़ किया कि जैसी कि चर्चा चल रही है, ‘The India House’ वीर सावरकर की बायोपिक फिल्म नहीं है।
उन्होंने कहा कि ये फिल्म विदेश से काम कर रहे उन क्रांतिकारियों के बारे में है, जिन्होंने लंदन स्थित स्टूडेंट हॉस्टल ‘इंडिया हाउस’ को अपना गढ़ बनाया था। फिल्म में अपने किरदार के बारे में बताते हुए निखिल सिद्धार्थ ने कहा कि वो ग्रामीण भारत के एक नाविक के रूप में पर्दे पर दिखेंगे। उन्होंने बताया कि इस कैरेक्टर को निर्देशक राम वामसी द्वारा काफी अच्छे तरीके से लिखा गया है। निखिल सिद्धार्थ की अगली फिल्म ‘SPY’ भी जल्द सिनेमाघरों में आ रही है, जिसका टीजर इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के सामने जारी किया गया।
बिहार के एक जाने-माने प्राइवेट अस्पताल में एक नकली डॉक्टर करीब ढाई साल से काम कर रहा था। यह अस्पताल है, पटना का पारस हॉस्पिटल। नकली डॉक्टर की पहचान मोहम्मद शमीम फारूकी के तौर पर हुई है। सीबीआई ने उसकी डिग्री नकली होने का खुलासा करते हुए केस दर्ज किया है। अस्पताल ने भी उसे नौकरी से निकाल पटना के शास्त्री नगर थाने में मामला दर्ज कराया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मोहम्मद शमीम फारूकी मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले के लालबाग इलाके का रहने वाला है। उसने नेपाल की काठमांडू यूनिवर्सिटी में मेडिकल पढ़ाई के लिए दाखिला लिया था। लेकिन फेल होने के कारण वह डिग्री हासिल नहीं कर सका। बावजूद उसने नकली डिग्री बना ली।
फर्जी डिग्री बनवाने के बाद वह फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जाम में भी बैठा था। यह परीक्षा विदेशों से पढ़ाई करने वाले डॉक्टरों के लिए भारत में जरूरी है। वह इस परीक्षा में भी फेल हो गया। इसके बाद उसने परीक्षा में पास हुए एक अन्य व्यक्ति मोहम्मद जावेद के डॉक्यूमेंट जुटाए और नकली सार्टिफिकेट तैयार करा लिया। इस सार्टिफिकेट पर ही वह नौकरी कर रहा था।
बताया जा रहा है कि मोहम्मद शमीम फारूकी पटना के पारस हॉस्पिटल में नौकरी करने से पहले हरियाणा के एक हॉस्पिटल में भी बतौर डॉक्टर काम कर चुका है। वहाँ से बर्खास्त होने के बाद वह पटना आया था। इसके बाद फर्जी दस्तावेजों के सहारे दिसंबर 2020 में पारस हॉस्पिटल में वह डॉक्टर बन नौकरी करने लगा। दिलचस्प बात यह है कि फर्जी डॉक्टर होने के बाद भी फारूकी पारस हॉस्पिटल का इमरजेंसी वार्ड देख रहा था।
कैसे सामने आया मामला
केंद्रीय जाँच एजेंसी (CBI) ने दिसंबर 2022 में देशभर के 74 फर्जी डॉक्टरों का खुलासा किया था। सीबीआई ने इन सभी के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इसमें मोहम्मद शमीम फारूकी का नाम भी शामिल था। लेकिन पारस हॉस्पिटल के प्रबंधन को इसकी जानकारी नहीं थी। 10 मई 2023 को CBI ने हॉस्पिटल को फारूकी की सच्चाई के बारे में जानकारी दी। इसके बाद हॉस्पिटल ने आनन-फानन में उसे नौकरी से निकाल स्थानीय थाने में FIR दर्ज कराई। साथ ही नौकरी के लिए उसके द्वारा हॉस्पिटल में जमा किए गए दस्तावेज भी पुलिस को सौंप दिए हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद से मोहम्मद शमीम फारूकी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग के भिलाई में गाय से दुष्कर्म के आरोपित की गिरफ्तारी को लेकर भाजयुमो और हिंदुवादी संगठनों ने जामुल थाने का घेराव किया। आरोपित की पहचान हसन खान के तौर पर हुई है। वह फरार है। घटना 24 मई 2023 की है। लेकिन इसका खुलासा घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद हुआ है। पुलिस आरोपित के पहचान वालों से पूछताछ कर रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना भिलाई के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की है। यहाँ फिरोज खान और उसके परिवार के लोग दो-तीन मकान लेकर पिछले तीन-चार सालों से रह रहे हैं। इन लोगों के यहाँ हसन खान नाम का एक युवक दिल्ली से कपड़े बेचने के लिए आया था। उसने 24 मई को रात के 12 बजे के बाद गाय के साथ गलत हरकत की। उसकी गंदी हरकत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। स्थानीय लोगों ने सीसीटीवी फुटेज में हसन खान को ये सब करते हुए देखा तो उन्होंने सोमवार (29 मई 2023) को भाजपा नेताओं को इसकी जानकारी दी। इसके बाद भाजपा, भाजयुमो और बजरंग दल के लोगों ने एकजुट होकर जामुल थाने का घेराव किया और आरोपित की गिरफ्तारी की माँग की।
बजरंग दल के कार्यकर्ता दीपक यादव ने बताया, “हमें जानकारी मिली कि 24 मई को एक शख्स ने गौ माता के साथ दुष्कर्म किया। ये पूरी घटना सीसीटीवी फुटेज में रिकॉर्ड हुई है। हमने जामुल थाने में घटना के संबंध में ज्ञापन सौंपा है। इसके बाद पुलिस-प्रशासन के साथ हमारे सभी गौसेवक बंधु और हिंदू भाई एकजुट होकर आरोपित जहाँ रहता था, वहाँ पहुँचे। वहाँ पहुँचने के बाद घर के मालिक ने हमसे कहा कि हम उसे (आरोपित को) नहीं जानते हैं। बाद में उन्होंने कहा कि वह हमारे यहाँ फेरी का काम करता है।”
उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि ऐसे आरोपितों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई हो। इन्हें बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाए। नहीं तो पूरा हिंदू समाज और बजरंग दल उग्र आंदोलन करेगा।” एक महिला ने बताया कि ये हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में तीसरी घटना है, जब गौवंश के साथ ऐसा किया गया। लेकिन हर बार 2 घंटे की पूछताछ के बाद आरोपित को छोड़ दिया जाता है। वहाँ मौजूद अन्य लोगों ने बताया कि ऐसा जानबूझकर किया जाता है।
बता दें कि पिछले साल जुलाई में छत्तीसगढ़ के रायपुर से भी ऐसा ही मामला सामने आया था। शहरे आलम नाम के एक व्यक्ति पर गाय के साथ रेप करने का आरोप लगा था। आरोपित एक कमरे में गाय के चारों पैर बाँध कर उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। इस दौरान लोगों ने शहरे आलम को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया था।
केंद्रीय जाँच एजेंसी (CBI) ने हॉक विमान की खरीदी में भारत सरकार को धोखा देने के आरोप में ब्रिटिश एयरोस्पेस कंपनी रोल्स रॉयस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड समेत कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इसमें हथियार डीलर सुधीर चौधरी, भानू चौधरी समेत अज्ञात सरकारी कर्मचारियों के नाम शामिल हैं।
हॉक विमान खरीदी में हुई धोखाधड़ी के मामले की जाँच कर सीबीआई का कहना है कि अज्ञात सरकारी कर्मचारियों ने कथित तौर पर अपने पदों का दुरुपयोग किया और रोल्स रॉयस तथा इसकी सहयोगी कंपनियों की 24 हॉक 115 एडवांस जेट ट्रेनर विमान की खरीद में मदद की थी। इसलिए सीबीआई ने अब कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की है।
सीबीआई के प्रवक्ता ने एएनआई से हुई बातचीत में कहा है,
“सीबीआई ने भारत सरकार को धोखा देने के उद्देश्य से ब्रिटिश एयरोस्पेस कंपनी रोल्स रॉयस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और कंपनी के डायरेक्टर टिम जोन्स तथा सुधीर चौधरी और भानु चौधरी व अज्ञात सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।”
The unknown public servants abused their official positions as public servants and approved & procured a total number of 24 Hawk 115 Advance Jet Trainer (AJT) aircraft for GBP 734.21 million, besides permitting licence manufacturing of 42 additional aircraft by M/s Hindustan…
CBI की जाँच में सामने आया है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने रोल्स रॉयस को 42 अतिरिक्त विमान बनाने के लाइसेंस दिया था। इन 42 विमानों के निर्माण के लिए रोल्स रॉयस को 308.247 मिलियन अमेरिकी डॉलर तथा लाइसेंस शुल्क के लिए 7.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त राशि की अनुमति दी गई थी। सीबीआई का कहना है कि रोल्स रॉयस तथा उसकी सहयोगी कंपनियों और उसके अधिकारियों ने विमान बनाने के लिए लाइसेंस के बदले एजेंटों (दलालों) को भारी रिश्वत और कमीशन दिया था।
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, 3 सितंबर, 2003 को आयोजित एक बैठक में रक्षा मंत्रालय की सुरक्षा कैबिनेट (CCS) ने 66 हॉक 115 विमानों की खरीद को मंजूरी दी थी। इस मंजूरी के बाद मार्च 2004 में भारत और ब्रिटेन की सरकारों के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर भी हुए थे। इसके बाद, 26 मार्च 2004 को रक्षा मंत्रालय और बीएई सिस्टम्स/रोल्स रॉयस के बीच 24 हॉक विमानों की सीधी खरीदी तथा 42 विमानों के हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा निर्माण के लिए टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करने के कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर हुए।
रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे कॉन्ट्रेक्ट में यह साफ तौर पर कहा गया था कि रोल्स रॉयस इस बात की पुष्टि करता है कि हॉक विमानों की खरीदी के लिए किसी भी तरीके से किसी एजेंट (बिचौलिए) की सहायता नहीं ली है। यही नहीं, कॉन्ट्रैक्ट में इस बात का भी जिक्र था कि कंपनी ने भारत सरकार से किसी प्रकार की सिफारिश भी नहीं की है।
हालाँकि इसके बाद मीडिया रिपोर्ट्स में कई तरह की बातें सामने आईं थीं। इसके बाद ब्रिटेन के गंभीर धोखाधड़ी कार्यालय (SFO) ने 2012 में मामले की जाँच शुरू की। जाँच में सामने आया कि रोल्स रॉयस ने लाइसेंस शुल्क को 4 मिलियन ब्रिटिश पाउंड से बढ़ाकर 7.5 मिलियन ब्रिटश पाउंड करने के लिए भारतीय एजंटों (बिचौलियों) को 1 मिलियन ब्रिटिश पाउंड की भारी भरकम रिश्वत दी थी।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) से मुलाकात के तुरंत बाद बेलारूस (Belarusian) के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको (Alexander Lukashenk) को गंभीर हालत में मॉस्को के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। बेलारूस के विपक्षी नेता वालेरी त्सेपल्को दावा किया है पुतिन के साथ बंद दरवाजे में बैठक के बाद राष्ट्रपति लुकाशेंको को सेंट्रल क्लिनिकल अस्पताल ले जाया गया। बेलारूसी राष्ट्रपति को पुतिन के करीबी नेताओं के रूप में जाना जाता है, जो यूक्रेन पर उनके हमले का समर्थन कर रहे थे।
त्सेपल्को इस घटना के सिलसिले में शनिवार (27 मई 2023) से कई ट्वीट कर चुके हैं। उन्होंने ही ट्वीट करके बेलारूस के राष्ट्रपति के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी थी। उन्होंने इस बारे में सोमवार (29 मई 2023) को भी ट्वीट किया। त्सेपल्को ने लिखा “हमारी जानकारी के अनुसार, लुकाशेंको मॉस्को के सेंट्रल क्लिनिकल हॉस्पिटल में कई दिन से हैं। लुकाशेंको की स्थिति और अस्पताल में रहने के बारे में हमें आखिरी जानकारी शनिवार को मिली थी। डॉक्टरों ने उन्हें हवाई जहाज से यात्रा करने के लिए मना किया था। इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उन्हें कब, कैसे और किस तरह मिन्स्क (बेलारूस की राजधानी) पहुँचाया गया था, क्योंकि डॉक्टरों ने नॉनडिस्क्लोजर पेपर पर हस्ताक्षर किए थे।”
According to our information, #Lukashenko spent several days in the Central Clinical Hospital in Moscow. Rehabilitation was carried out. The last available information about Lukashenko's condition and stay in the hospital was on Saturday. It is known that doctors prohibited him…
इससे पहले त्सेपल्को ने शनिवार को एक ट्वीट में कहा था, “शुरुआती जानकारी के अनुसार, लुकाशेंकों को पुतिन के साथ बंद कमरे में मीटिंग के बाद तत्काल मॉस्को के क्लिनिकल अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल वह वहाँ चिकित्सकीय देखरेख में है। बेलारूस के राष्ट्रपति की गंभीर हालत के चलते ‘प्रमुख विशेषज्ञ’ उनकी देखरेख कर रहे हैं। उनका खून साफ किया जा रहा है। लुकाशेंको इस हालत में नहीं हैं कि उन्हें एक से दूसरी जगह ले जाया जा सके।”
According to preliminary information, subject to further confirmation, #Lukashenko was urgently transported to Moscow's Central Clinical Hospital after his closed-door meeting with #Putin. Currently, he remains under medical care there. Leading specialists have been mobilized to… pic.twitter.com/xTQ1O7Yp2W
वालेरी ने लुकाशेंको को जहर देने की आशंका भी जताई है। उन्होंने दावा किया कि बेलारूस के तानाशाह को बचाने के प्रयास इसलिए किए जा रहे हैं, ताकि किसी को शक न हो। पिछले कुछ समय से लुकाशेंको के स्वास्थ्य को लेकर अफवाहें चल रही हैं। इस महीने की शुरुआत में लुकाशेंको मॉस्को में विक्ट्री डे परेड के तुरंत बाद रूस से निकल गए थे। उन्होंने पुतिन के साथ दोपहर का लंच भी नहीं किया था।
मैं मरने वाला नहीं हूँ दोस्तों: लुकाशेंको
वहीं, बीते दिनों कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि लुकाशेंको काफी थके हुए दिख रहे थे और उनके दाहिने हाथ पर बैंडेज लगा हुआ था। हालाँकि, बाद में उन्होंने (लुकाशेंको) यह कहते हुए इन अफवाहों को खारिज कर दिया था, “अगर किसी को लगता है कि मैं मरने वाला हूँ, तो शांत हो जाइए। मैं मरने वाला नहीं हूँ दोस्तों। आपको आने वाले लंबे समय तक मेरे साथ संघर्ष करना होगा।”
गुजरात के जूनागढ़ में ऊपरकोट किले के आसपास के इलाकों को अतिक्रमण मुक्त किया जा रहा है। शुक्रवार (26 मई 2023) को शुरू हुआ अतिक्रमण विरोधी अभियान 27 मई की सुबह तक जारी रहा। इस दौरान कई अवैध मंदिरों, मजारों और दरगाहों को ध्वस्त किया गया। लेकिन स्थानीय मुस्लिम इसे मजहबी रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। इस कड़ी में एक बैठक कर तय किया गया कि मुस्लिम समाज के 8 नेता ऊपरकोट का दौरा कर तोड़े गए मजहबी जगहों का मुआयना करेंगे।
दिव्य भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई के बाद नरसिंह विद्या मंदिर में मुस्लिम समुदाय की एक बैठक हुई। जूनागढ़ नगर निगम के नगरसेवक (Corporator) वहाबभाई कुरैशी ने समाज के लोगों को अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जानकारी दी। इसके बाद नरसिंह विद्या मंदिर के मैदान में मुस्लिम तबके की बैठक बुलाई गई।
26 मई की रात तकरीबन 2 बजे जूनागढ़ के नगरसेवकों अदरेमान भाई पंजा, आसिफ साँड, वहाब भाई कुरैशी के साथ भारी संख्या में मुस्लिम स्कूल परिसर में पहुँचे। इनमें स्थानीय मौलवी, मुफ्ती और मौलाना भी शामिल थे। बताया जा रहा है कि 1500-2000 की संख्या में पहुँचे लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई भी प्रभावित करने की कोशिश की। लेकिन गुजरात पुलिस पहले से ही तैयार थी। प्रशासन ने भारी पुलिस बलों की तैनाती के बीच अपना अभियान जारी रखा।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक नरसिंह विद्या मंदिर स्कूल में आयोजित मीटिंग में बैठक के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने ऊपरकोट जाकर जायजा लेने का निश्चय किया। इसे लेकर स्थानीय प्रशासन से इजाजत भी माँगी गई। प्रशासन ने उनका निवेदन स्वीकार कर लिया है। डीएसपी हितेश धाँधल्या के अनुसार एसडीएम से चर्चा के बाद मुस्लिम समाज के लोगों को ऊपरकोट जाने का समय दिया जाएगा।
178 मजारों के साथ 11 मंदिरों पर भी हुई कार्रवाई
बता दें कि राज्य सरकार ने 70 करोड़ की लागत से जूनागढ़ स्थित ऊपरकोट किले का जीर्णोद्धार कराया है। इसे अब आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इसके पहले प्रशासन किले के आसपास के इलाकों को अवैध कब्जों से मुक्त करा रही है। शुक्रवार और शनिवार को चलाए गए अभियान में भारी पुलिस बलों की तैनाती के बीच 11 मंदिरों और 176 अवैध मजारों को ध्वस्त कर दिया गया।
पूरे ऑपरेशन के दौरान कमिश्नर, एसपी और कलेक्टर समेत सभी बड़े अधिकारी देर रात से सुबह तक मौजूद रहे। अतिक्रमण के खिलाफ इस अभियान को गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया इसमें आठ से अधिक बुलडोजर समेत कई दूसरी मशीनों का इस्तेमाल किया गया। जूनागढ़ की एसडीएम भूमि केशवाला ने मीडिया को जानकारी दी है कि वर्ष 1950 के बाद अवैध रूप से किए गए सभी निर्माणों को गिरा दिया जाएगा। अभियान शुरू कर दिया गया है और पूरा होने के बाद ही इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
ऊपरकोट में अतिक्रमण के खिलाफ जारी अभियान को लेकर मुस्लिम पक्ष ने गुजरात हाईकोर्ट में अर्जी दी है। मुस्लिम पक्ष ने इस पर तत्काल सुनवाई की माँग की है। उनका कहना है कि हाईकोर्ट ने इस संबंध में प्रशासन को नोटिस जारी किया है। मामले की सुनवाई 24 जुलाई को होनी तय हुई है, तब तक प्रशासन को किसी तरह की कार्रवाई न करने के निर्देश दिए गए हैं।
काफी पुराना है किले का इतिहास
बता दें कि ऊपरकोट का किला राज्य सरकार द्वारा संरक्षित महत्वपूर्ण स्थान है। प्रशासन ने पिछले दिनों इस स्थान से अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया गया था, जिसे अनसुना कर दिया गया। इस किले को मौर्य सम्राज्य के शासन काल में बनवाया गया था। गुप्त सम्राज्य के शासन तक किले की अहमियत बनी हुई थी। इसके बाद किले का पुनर्निर्माण जूनागढ़ स्टेट के दीवान हरिदास विहारीदास ने साल 1893-94 में करवाया था।
दिल्ली में साहिल (अब्बा का नाम सरफराज) ने 16 साल की लड़की की सरेआम हत्या कर दी, लोग तमाशबीन बन कर देखते रहे। रोहिणी स्थित शाहबाद डेयरी के पास हुई इस घटना का ‘राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW)’ ने भी संज्ञान लिया है। उधर हत्यारे साहिल को गिरफ्तार कर लिया गया है। साहिल ने साक्षी को लगभग 20 बार चाकू से गोदा, फिर एक भारी पत्थर से उसका चेहरा कुचल डाला। साहिल को उत्तर प्रदेश स्थित बुलंदशहर के पास से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ़्तारी के बाद साहिल की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें वो कलावा पहले हुए भी दिख रहा है। उधर मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर NCW ने इस घटना का संज्ञान लिया है। संस्था ने इसे बॉयफ्रेंड द्वारा लड़की की क्रूर हत्या करार दिया। संस्था ने कहा कई ये वारदात न सिर्फ परेशान कर देने वाली है, बल्कि घृणित भी है। ‘राष्ट्रीय महिला आयोग’ इस बर्बर हत्याकांड की निंदा की है। NCW अध्यक्ष रेखा शर्मा ने इस संबंध में दिल्ली के DCP को लिखा भी है।
NCW अध्यक्ष ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि वो इस मामले में न्यायसंगत जाँच चलाए, जो तय समयसीमा के भीतर पूरी हो। NCW की सदस्य देलीना खोंगडुप के नेतृत्व में एक समिति का भी गठन किया गया है, जो इस मामले की अलग से जाँच करेगी। ये समिति न सिर्फ मृतका के परिजनों से मिलेगी, बल्कि जाँच कर रहे पुलिसकर्मियों से भी मुलाकात करेगी। आरोपों के सत्य पाए जाने पर सभ उचित धाराएँ FIR में लगाने की सलाह भी दिल्ली पुलिस को दी गई है।
ये है मोहम्मद साहिल s/o सरफ़राज़
इसी हैवान ने दिल्ली में नाबालिग हिंदू लड़की को बेरहमी से चाकुओं से गोद गोद कर मार डाला
दिल्ली भाजपा के नेता कपिल मिश्रा ने भी साहिल के हाथ में कलावा देख कर इसे ‘लव जिहाद’ करार देते हुए कहा है कि ये हिन्दू बेटियों के खिलाफ सुनियोजित हमला है। 20 साल का साहिल पेशे से मैकेनिक है। साहिल और साक्षी रिलेशनशिप में थे। उसके अब्बा सरफराज से भी पुलिस ने पूछताछ की है। साक्षी के शव के पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार को सौंप दिया गया है। साहिल अपना मोबाइल फोन बंद कर के भाग रहा था, लेकिन धरा गया। सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि साहिल का एनकाउंटर किया जाना चाहिए, क्योंकि उसने जघन्य अपराध को अंजाम दिया है।