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‘The Kerala Story’ ने भारत में पार किया ₹200 करोड़ की कमाई का आँकड़ा, तमिलनाडु-बंगाल में बैन के बावजूद ‘ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर’

‘द केरल स्टोरी’ साल 2023 की अब तक की दूसरी सबसे बड़ी हिट फिल्म बन चुकी है। रिलीज होने के बाद से फिल्म बॉक्स ऑफिस पर छाई हुई है। तीसरे हफ्ते में भी फिल्म की शानदार कमाई जारी है। सोमवार (22 मई 2023) का कलेक्शन के साथ फिल्म ने 200 करोड़ रुपए से ज्यादा कमा लिए हैं। ट्रेलर रिलीज के बाद से ही फिल्म को लेकर विवाद हुआ था। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में तो फिल्म रिलीज भी नहीं हो सकी थी। बावजूद इसके फिल्म सुपरहिट हो चुकी है।

फिल्म समीक्षक तरण आदर्श ने ट्वीट कर जानकारी दी कि ‘द केरला स्टोरी’ अब ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्मों की सूची में शामिल हो गई है। तरण आदर्श के अनुसार फिल्म तीसरे हफ्ते में फिल्म ने शुक्रवार को 6.60 करोड़ रुपए की कमाई की। शनिवार को फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 9.15 करोड़, रविवार को 11.50 करोड़ और सोमवार को 4.50 करोड़ रुपए रहा। इस तरह फिल्म की कुल कमाई सोमवार को 203.47 करोड़ तक पहुँच गई।

अदा शर्मा स्टारर फिल्म केरल में महिलाओं के धर्मांतरण और उन्‍हें ISIS जैसे आतंकी संगठन में भर्ती किए जाने की साजिश पर आधारित है। सच्ची घटनाओं पर आधारित फिल्म को लेकर इस्लामवादियों ने जमकर बवाल काटा। रिलीज के समय से ही फिल्म की नायिकाओं और डायरेक्टर को मारने की धमकी दी जाती रही। बिहार के मुजफ्फरपुर में ‘हक़-ए-हिंदुस्तान’ मोर्चा ने ऐलान किया था कि जो भी ‘The Kerala Story’ के निर्देशक की आँख निकालेगा, उसे 21 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा।

तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल राज्यों में इस फिल्म को नहीं दिखाया गया। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद बंगाल में फिल्म पर से बैन हटा लिया गया। बैन हटाने के बावजूद पश्चिम बंगाल में फिल्म की स्क्रीनिंग अब तक नहीं की गई है। तमिलनाडु में भी सुरक्षा के साथ फिल्म रिलीज करने को कहा गया था। राज्य सरकार का दावा है कि उनकी तरफ से फिल्म पर बैन नहीं लगाया गया है। लोग फिल्म देखने के लिए नहीं जा रहे। 5 मई को रिलीज होने के बाद से ही फिल्म पूरे देश में अच्छा प्रदर्शन कर रही है।

कॉन्ग्रेसी भूल गए थे इंदिरा-राजीव वाला इतिहास, केंद्रीय मंत्री ने दिलाया याद: नए संसद के उद्घाटन पर प्रोपेगेंडा की निकली हवा

नए संसद भवन को लेकर राहुल गाँधी ने बयान दिया कि प्रधानमंत्री की जगह राष्ट्रपति को इसका उद्घाटन करना चाहिए। अब भाजपा ने इसका करारा जवाब दिया है। केंद्रीय पेट्रोलियाँ एवं नेचुरल गैस और हाउसिंग एन्ड अर्बन अफेयर्स मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार (23 मई, 2023) को याद दिलाया कि कैसे इंदिरा गाँधी ने संसद भवन की एनेक्सी एक्सटेंशन बिल्डिंग और उनके बेटे राजीव गाँधी ने संसद भवन में लाइब्रेरी का शिलान्यास किया था।

दोनों ही नेताओं ने प्रधानमंत्री रहते उद्घाटन किया था, लेकिन आज यही कॉन्ग्रेस पार्टी कह रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नए संसद भवन का उद्घाटन करना सही नहीं है। भाजपा नेता हरदीप सिंह पुरी ने पूछा है कि अगर आपकी सरकार रहते सरकार के मुखिया द्वारा उद्घाटन किया जा सकता है तो फिर हमारे समय में क्यों नहीं किया जा सकता? उन्होंने याद दिलाया कि कैसे कई लोगों ने नए संसद भवन की ज़रूरत जताई थी, लेकिन किसी ने इस पर काम शुरू नहीं किया।

उन्होंने कॉन्ग्रेस को भी याद दिलाया कि कैसे पार्टी ने नए संसद भवन की आलोचना की थी और साथ ही कहा था कि इसकी कोई ज़रूरत ही नहीं है। बता दें कि शशि थरूर ने भी संविधान की बात करते हुए दावा किया था कि राष्ट्रपति संसद की मुखिया होती हैं, ऐसे में उन्हें ही इसका उद्घाटन करना चाहिए। बता दें कि दिसंबर 2020 में नए संसद भवन का शिलान्यास हुआ था और हरदीप सिंह पुरी के आवासीय एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा ही इसका निर्माण किया गया है।

सेंट्रल विस्टा को नया रूप देने के क्रम में नए संसद भवन का निर्माण किया गया है, जिसमें संसद की संयुक्त बैठक में 1200 सांसद साथ बैठ सकते हैं। हरदीप सिंह पुरी ने पूछा कि आखिर कॉन्ग्रेस नेता मुस्कुरा कर देश की इस अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि में शामिल नहीं हो सकते और महानता की तरफ देश की यात्रा में शामिल नहीं हो सकते? उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर कॉन्ग्रेस नेताओं द्वारा की गई अभद्र टिप्पणियों की भी याद दिलाई।

बता दें कि 24 अक्टूबर, 1975 को इंदिरा गाँधी ने प्रधानमंत्री रहते संसद भवन की एनेक्सी बिल्डिंग का उद्घाटन किया था। इसी तरह राजीव गाँधी ने अपने पीएम कार्यकाल के दौरान 15 अगस्त, 1987 को पार्लियामेंट लाइब्रेरी का शिलान्यास किया था। बता दें कि कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया है कि पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भी नए संसद भवन के उद्घटान समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया है। अब भाजपा ने इन आरोपों का करारा जवाब दिया है।

ऑपइंडिया इम्पैक्ट: NIMHR ने डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अशफाक को निकाला, ‘राष्ट्रीय संस्थान का मदरसे सा हाल’ वाली रिपोर्ट के बाद PMO ने की थी जाँच

मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान (NIMHR) के डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अशफाक को नौकरी से निकाल दिया गया है। उसके अवैध तरीके से कक्षाएँ लेने, हिंदू चरित्रों की गलत व्याख्या करने और मनमाने तरीके से संस्थान को चलाने के तौर-तरीकों को लेकर जनवरी 2023 में ऑपइंडिया ने विस्तार से एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इस रिपोर्ट के बाद उसके खिलाफ जाँच शुरू हुई थी। साथ ही उससे ग्वालियर में निर्माणाधीन डिसेबल स्पोर्ट सेंटर के उपनिदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी छीन लिया गया था।

ऑपइंडिया में प्रकाशित रिपोर्ट आप इस लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं

ऑपइंडिया की रिपोर्ट के बाद मोहम्मद अशफाक की बर्खास्तगी को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) भी आंदोलनरत था। सीहोर के विधायक सुदेश राय ने भी केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक को पत्र लिखकर कार्रवाई की माँग की थी। NIMHR इसी केंद्रीय मंत्रालय के अधीन आता है। जाँच के दौरान संस्थान में आर्थिक अनियमितता भी सामने आई थी। 22 मई 2023 को NIMHR के डायरेक्टर ने मोहम्मद अशफाक की बर्खास्तगी का आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि डिप्टी रजिस्ट्रार के पद पर मोहम्मद अशफाक की नियुक्ति दो साल के प्रोबेशन पर 30 मई 2022 को की गई थी। अब उसकी सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का फैसला किया गया है।

मोहम्मद अशफाक के खिलाफ PMO को पत्र

राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान (NIMHR) के छात्रों ने 16 दिसंबर 2022 को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को तीन पन्नों का एक पत्र भेजा था। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक को भी इस पत्र की कॉपी भेजी गई थी। पत्र में NIMHR के डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अशफाक पर संस्थान को मनमाने तरीके से संचालित करने, कक्षा लेने, ऐतिहासिक हिंदू चरित्रों की विकलांगता के संदर्भ में गलत व्याख्या करने, छात्रों को करियर बर्बाद करने की धमकी देने जैसे आरोप लगाए गए थे।

पत्र में कहा गया था कि मोहम्मद अशफाक आसपास के इलाकों के अपने समुदाय के लोगों को संस्थान के नाम पर अनुचित लाभ दिलाने का वादा करते ​हैं। कथित इस्लामी तौर-तरीकों से संस्थान का माहौल किसी ‘पागलखाने’ जैसा कर दिया है। पत्र में इसके कारण छात्रों के भारी ‘मानसिक दबाव’ में होने की बात कही गई थी। पत्र में कहा गया था, “तत्काल संस्थान पर ध्यान दीजिए वरना यह पूरी तरह जेहादी अड्डा बन जाएगा। वह (मोहम्मद अशफाक) हमारा भविष्य खराब करने की धमकी देता है, इसलिए यह पत्र आपको बिना साइन के भेज रहे हैं। आप इस राष्ट्रीय संपत्ति को जेहादी से बचा लीजिए।”

ऑपइंडिया की रिपोर्ट

छात्रों की शिकायत के बाद इस मामले पर लंबी खामोशी रही। मीडिया में इस घटना की रिपोर्टिंग तक नहीं हुई। ऑपइंडिया ने 23 जनवरी 2023 को पहली बार इस संस्थान की दुर्दशा पर रिपोर्ट प्रकाशित की। हमसे बातचीत में मोहम्मद अशफाक ने क्लास लेने की बात तो कबूली थी, लेकिन अन्य आरोपों को खारिज कर दिया है। उसका कहना था कि कम अटेंडेंस के कारण कुछ छात्रों को परीक्षा देने से रोका गया है, उन्होंने ही शिकायत की होगी। लेकिन जब हमने संस्थान के कुछ छात्रों और कुछ पूर्व तथा वर्तमान कर्मचारियों से बात की तो जो तथ्य सामने आए वे इस बात की पुष्टि कर रहे थे कि इस संस्थान को नियमों को ताक पर रखकर संचालित किया जा रहा है। यह बात भी सामने आई थी कि मोहम्मद अशफाक की नियुक्ति से पहले संस्थान में ऐसा माहौल नहीं था।

फिर मेनस्ट्रीम मीडिया की टूटी नींद

ऑपइंडिया की रिपोर्ट के बाद दिल्ली से पीएमओ की जाँच टीम सीहोर गई। मोहम्मद अशफाक से पूछताछ हुई। विजिलेंस की टीम ने उसके खिलाफ आर्थिक गबन के आरोपों की जाँच शुरू की। उससे ग्वालियर के सेंटर का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया गया। इसके बाद मेनस्ट्रीम मीडिया और स्थानीय अखबारों ने इस मामले की रिपोर्टिंग शुरू की। एबीवीपी जैसे छात्र संगठन और स्थानीय जन प्रतिनिधि भी आगे आए।

क्या है NIMHR

राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान (NIMHR) अपनी तरह का देश का इकलौता संस्थान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृष्टि की उपज है। मध्य प्रदेश के सीहोर में 2019 में इसकी शुरुआत हुई। फिलहाल पुराने जिला पंचायत भवन से इसका संचालन हो रहा है। भोपाल-इंदौर हाइवे पर सीहोर जिले के सैकड़ाखेड़ा गाँव में करीब 25 एकड़ जमीन पर करीब 180 करोड़ रुपए की लागत से संस्थान का कैंपस तैयार हो रहा है। देश के इस पहले राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान में 9 विभाग होंगे। 12 पाठ्यक्रमों का संचालन होना है। फिलहाल 3 पाठ्यक्रम चल रहे हैं। ये हैं;

  • डिप्लोमा इन वोकेशनल रिहैबिलिटेशन इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटी (DVR-ID)
  • डिप्लोमा इन कम्युनिटी बेस्ड रिहैबिलिटेशन (DCBR)
  • सर्टिफिकेट कोर्स इन केयर गिविंग (CCCG)

DVR-ID एक साल, DCBR दो साल और CCCG दस महीने का पाठ्यक्रम है। प्रत्येक पाठ्यक्रम में 30-30 सीटें हैं। फिलहाल संस्थान में 100 से ज्यादा छात्र हैं। इनमें करीब 60 फीसदी छात्राएँ बताई जाती हैं।

संस्थानों की आवाज बनिए

मोहम्मद अशफाक पर मजहबी जूनून में एक राष्ट्रीय स्तर के संस्थान का मदरसे सा हाल करने का आरोप था। पर हम जानते हैं कि हमारे संस्थानों में मजहबी घुसपैठ का यह इकलौता उदाहरण नहीं है। मध्य प्रदेश के ही इंदौर के एक सरकारी लॉ कॉलेज में पढ़ाई की आड़ में लव जिहाद और मजहबी कट्टरता को बढ़ावा देने, देश और सेना के खिलाफ दुष्प्रचार किए जाने का मामला सामने आ चुका है। जरूरत है अपने हरेक संस्थानों को ऐसे मोहम्मद अशफाकों से बचाने की। इसलिए आवश्यक है कि अपने आसपास के संस्थानों की गतिविधियों पर नजर रखिए। कुछ भी संदिग्ध दिखे तो आवाज उठाइए। आवाज उठाना जरूरी है। ऑपइंडिया ने भी आवाज ही उठाई थी। आज परिणाम सामने है!

वामपंथी मीडिया का एक और विकेट गिरा: 22 साल NDTV में काम करने के बाद सारा जैकब ने दिया इस्तीफा, पहले जा चुके हैं निधि-रवीश-श्रीनिवासन

एनडीटीवी (NDTV) की सीनियर एडिटर और एंकर सारा जैकब ने 22 मई 2023 को संस्थान से इस्तीफा दे दिया है। सारा कथित पत्रकारिता संस्थान में लगभग 22 वर्षों से जुड़ी हुईं थीं। वह अन्य न्यूज बुलेटिन के साथ-साथ एनडीटीवी के मशहूर प्रोग्राम’वी द पीपल’ को भी होस्ट करती थीं। उन्होंने ट्विटर पर एनडीटीवी से अलग होने की जानकारी दी।

संस्थान छोड़ने की घोषणा करते हुए सारा जैकब ने लिखा, “पिछली रात, मैंने एनडीटीवी से इस्तीफा दे दिया। डॉ. रॉय (प्रणव रॉय) और राधिका रॉय को भारत के सबसे महान मीडिया संस्थानों में से एक के निर्माण के लिए धन्यवाद।” एनडीटीवी के सहकर्मियों को लिखे एक ई-मेल में जैकब ने संस्थान को सबसे रचनात्मक और बेहतरीन रिपोर्टर्स से भरा न्यूजरूम बताया। उन्होंने लिखा कि बेहतर लोगों के साथ काम करना मेरे लिए गर्व की बात है।

वर्ष 2001 से संस्थान के लिए काम कर रहीं सारा ने आगे लिखा, “एनडीटीवी में बतौर रिपोर्टर अपना सफर शुरू कर अपना शो होस्ट करना किसी पुरस्कार से कम नहीं है। एनडीटीवी ने मुझे जो कुछ भी दिया है उसके लिए मैं हमेशा आभारी रहूँगी।” एनडीटीवी से विदाई लेने के बाद सारा ने अपने दर्शकों, समर्थकों और आलोचकों का भी शुक्रिया अदा किया।

NDTV की होल्डिंग कंपनी पर अडानी समूह के नियंत्रण के बाद से ही वामपंथी एजेंडावादी पत्रकारों का इस्तीफा जारी है। इसके पहले विवादित न्यूज एंकर श्रीनिवासन जैन ने 28 जनवरी 2023 को एनडीटीवी से इस्तीफा दिया था। श्रीनिवासन करीब 30 सालों तक संस्थान से जुड़े रहे थे। श्रीनिवासन से पहले रवीश कुमार ने चैनल से इस्तीफा दिया था। अडानी समूह द्वारा प्रणय और राधिका रॉय से नेटवर्क हासिल करने के बाद इस्तीफों की बाढ़ में सारा का इस्तीफा नवीनतम है। निधि राजदान भी इससे पहले इस्तीफा दे चुकी हैं।

नाम लिए बिना कुमार विश्वास ने किया ‘चीते-गधे की बहस’ वाला ट्वीट, नेटिजन्स ने चित्रा त्रिपाठी और योगेंद्र यादव की तकरार से जोड़ा

आंदोलनजीवी योगेंद्र यादव और आज तक की पत्रकार चित्रा त्रिपाठी की तकरार में अब नेटिजन्स ने कवि कुमार विश्वास की भी एंट्री करवा दी है। विश्वास का एक ट्वीट वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने किसी का नाम लिए बिना चीते और गधे की कहानी सुनाई है। लेकिन नेटिजन्स इस चित्रा त्रिपाठी और योगेंद्र यादव से जोड़कर देख रहे हैं।

अपने ट्वीट में कुमार विश्वास ने लिखा है, “एक बार एक चीते और गधे में घास के रंग को लेकर बहस हो गई। चीते ने कहा कि घास हरे रंग की होती है। गधा अड़ गया कि घास नीले रंग की होती है। दोनों के बीच दो दिन तक ट्वीट-ट्वीट से लड़ाई होती रही। बात राजा शेर के पास पहुँची। शेर ने भरे दरबार निर्णय दिया कि गधा ही ठीक बोल रहा है और चीता ग़लत। जब गधा विजय के ख़ुमार में ढेंचू-ढेंचू चिल्लाता हुआ वापस स्टूडियो चला गया तो रोते हुए चीते ने कहा महाराज आपने जानते-बूझते गधे को जिताकर और मुझे हराकर अपमानित क्यूँ किया ? शेर ने कहा तुम तो उसी पल हार गए थे जब तुमने शेर-वंशी चीता होकर एक गधे से बहस प्रारंभ की थी।”

कुमार विश्वास के इस इस ट्वीट में किसी व्यक्ति विशेष का जिक्र नहीं है। पर नेटीजेंस इसे चित्रा त्रिपाठी और योगेंद्र यादव की बहस से जोड़ रहे हैं। @MR_SEROTONIN_ नाम के हैंडल ने लिखा है, “क्या आपका मतलब इससे है कवि महोदय ? गधा: योगेंद्र यादव, चीता: चित्रा त्रिपाठी?”

साभार – @MR_SEROTONIN_

एक अन्य यूजर @op_shekhawat ने लिखा, “ये घटना और इसके पात्र काल्पनिक हैं। इसका योगेंद्र यादव और चित्रा त्रिपाठी से कोई लेना-देना नहीं है।”

साभार- @op_shekhawat

नितिन निक्की ने भी इसे योगेंद्र यादव और चित्रा त्रिपाठी की बहस से जोड़ा है।

साभार- @LalitPa27359411

@t97688663 हैंडल के यूजर ने चित्रा त्रिपाठी की फोटो शेयर करते हुए कहा है कि उनके सामने योगेंद्र यादव उर्फ सलीम की कोई औकात नहीं है।

साभार- @t97688663

कुछ लोगों ने कुमार विश्वास को ‘सामंती’ बताते हुए उनके इस ट्वीट पर आपत्ति जताई है।

चित्रा त्रिपाठी बनाम योगेंद्र यादव

दरअसल चित्रा त्रिपाठी और योगेंद्र यादव के बीच विवाद की शुरुआत 18 मई 2023 को आज तक के डिबेट शो ‘दंगल’ से हुई। इस शो में कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कॉन्ग्रेस को विभिन्न जातियों के वोटों को लेकर चर्चा हो रही थी। इस दौरान, चित्रा त्रिपाठी ने स्वतंत्रता के बाद देश में पहली बार हुए विधानसभा चुनावों के आँकड़ें रखते हुए कहा था कि उस चुनाव में 22 राज्यों में से 13 राज्यों के मुख्यमंत्री ब्राह्मण थे। लेकिन मंडल कमीशन लागू होने के बाद खुद को बड़ा ओबीसी नेता बताने की होड़ मची हुई है। कर्नाटक में कॉन्ग्रेस ने सिद्धारमैया को सीएम बनाते हुए भी ओबीसी कार्ड ही खेला है। साथ ही उन्होंने राहुल गाँधी द्वारा जातीय जनगणना का मुद्दा उठाने को लेकर भी योगेंद्र यादव से सवाल पूछा था। इसका जवाब देते हुए योगेंद्र यादव ने पहली बार हुए चुनावों में 12 राज्यों के मुख्यमंत्री ब्राह्मण होने की बात को पीड़ा बताया था।

बाद में जब आज तक ने इस बहस के वीडियो को ट्वीट किया तो उसे रीट्वीट करते हुए योगेंद्र यादव ने लिखा था, “मैने पूछ ही लिया कि ‘आज तक’ बार बार उस युग को क्यों याद कर रहा है जब अधिकांश मुख्यमंत्री और एक चौथाई सांसद ब्राह्मण होते थे? कहीं इसके पीछे कोई पीड़ा तो नहीं? या उस अतीत का मोह? जाहिर है सवाल मेरी ही नीयत पर उठाए गए।” इसके बाद योगेंद्र यादव और चित्रा त्रिपाठी की सोशल मीडिया में भी तकरार हुई थी।

सुशांत अंदर से बच्चा था, वह राजनीति और गुटबाजी हैंडल नहीं कर पाया: मनोज बाजपेयी की सीधी बात, कहा- उसकी आत्मा बड़ी पवित्र थी

सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की आत्मा बड़ी पवित्र थी। वह भीतर से बच्चे थे। वह बॉलीवुड की राजनीति और गुटबाजी को हैंडल नहीं कर पाए। यह कहना है अभिनेता मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpayee) का। मनोज की तरह बिहार से आने वाले अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत जून 2020 में मुंबई के अपने घर में मृत मिले थे।

आज तक के सीधी बात कार्यक्रम में मनोज बाजपेयी से बॉलीवुड के नेपोटिज्म और सुशांत की मौत को लेकर सवाल पूछा गया था। जवाब में सुशांत के साथ अपने संबंधों और फिल्म ‘सोनचिरैया’ की शूटिंग के दिनों को याद करते हुए वाजपेयी ने कहा कि उन्हें यह नहीं पता था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा। लेकिन उसने अपनी चु​नौतियों और परेशानियों को लेकर उनसे बात की थी। उन्होंने कहा, “मैं सुशांत की मौत से पर्सनली बहुत प्रभावित हुआ था। सोनचिरैया की शूटिंग के दौरान हम वाकई बहुत क्‍लोज हो गए थे। वह मुझसे बहुत प्यार करता था। मैं अक्सर सेट पर मटन पकाता था और वह हमेशा खाने के लिए आता था।”

मनोज बाजपेयी ने कहा, “सुशांत कहीं न कहीं इंडस्‍ट्री में राजनीति और गुटबाजी को हैंडल नहीं कर पाए। जैसे-जैसे कोई अपने करियर में आगे बढ़ता है, कंपीटिशन बढ़ता जाता है। आपके सामने समस्याएँ आती हैं। इंडस्‍ट्री में राजनीति हमेशा से होती रही है। जैसे-जैसे आप सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ते हैं, यह और भी गंदा होता जाता है। मुझे इससे कभी कोई समस्या नहीं हुई, क्योंकि मैं जिद्दी और मोटी चमड़ी वाला था। लेकिन वह नहीं था और वो इस तरह दबाव हैंडल नहीं कर पाया। उसने मुझसे इन चीजों के बारे में बात की थी, क्योंकि वह इससे बहुत प्रभावित हुआ था।” नीचे वीडियो में आप 36 मिनट से 40 मिनट के बीच ये बातें सुन सकते हैं।

हालाँकि जब बाजपेयी से यह पूछा गया कि क्या सुशांत बॉलीवुड के नेपोटिज्म के शिकार थे तो उन्होंने इसे खारिज कर दिया। उनका कहना था, “वह अपने लिए एक बहुत ही अलग तरह का करियर चाहता था। यदि आप मनोज बाजपेयी बनना चाहते हैं, तो यहाँ कोई राजनीति नहीं है। लेकिन वह स्टार बनना चाहता था और वहाँ बहुत ज्यादा कंपीटिशन है। जो भी स्टार बनने के लिए मैदान में उतरता है, वह उस मुकाम को हासिल करने की पूरी कोशिश करता है। सुशांत यह सब सहन नहीं कर सका।”

बजरंग दल को बैन करे कॉन्ग्रेस, नहीं तो आने वाले चुनावों में साथ नहीं देंगे मुस्लिम: जमीयत वाले मदनी ने चेताया, कहा- UCC नहीं करेंगे कबूल

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कॉन्ग्रेस से बजरंग दल को प्रतिबंधित करने का वादा पूरा करने को कहा है। ऐसा नहीं होने पर आगामी चुनावों में मुस्लिमों का समर्थन नहीं मिलने की चेतावनी भी दी है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान कॉन्ग्रेस ने प्रतिबंधित कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से बजरंग दल की तुलना करते हुए उस पर बैन की बात कही थी। हालाँकि बाद में पार्टी इससे पलट गई और हर जिले में बजरंग बली का मंदिर बनाने का वादा किया था।

अब कर्नाटक में कॉन्ग्रेस की सरकार बनने के बाद जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष सैयद अरशद मदनी ने उसे उसका वादा दिलाया है। एबीपी न्यूज को दिए इंटरव्यू में मदनी ने कहा कि कर्नाटक में कॉन्ग्रेस को 90-100 प्रतिशत मुस्लिमों ने वोट दिया। अब कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार अपना वादा पूरा करे और बजरंग दल पर बैन लगाए। उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस को अब अपना वादा निभाना चाहिए। कॉन्ग्रेस को बजरंग दल और अन्य फिरकापरस्त (साम्प्रदायिक) ताकतों पर बैन लगाना चाहिए। यदि कॉन्ग्रेस ने ऐसा नहीं किया तो आने वाले चुनावों में मुस्लिम कॉन्ग्रेस पर भरोसा नहीं करेंगे।”

इंटरव्यू के दौरान मदनी ने स्वतंत्र भारत में दंगों का जिम्मेदार भी कॉन्ग्रेस को बताया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 1956-57 के दौरान जबलपुर में दंगे हुए। इसके बाद देश भर में 20 हजार से ज्यादा दंगे-फसाद हुए। उस वक्त कॉन्ग्रेस की हुकूमत थी। किसी दंगाई को सजा नहीं हुई। कॉन्ग्रेस की लचर पॉलिसी की वजह से ऐसा हुआ।

मदनी ने कॉमन सिविल कोड (UCC) को बहुसंख्यकों का कानून बताया है। कहा है कि मुस्लिम अपने मजहब का कानून छोड़कर गवर्मेंट द्वारा बनाए गए बहुसंख्यकों के कानून को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने मोदी सरकार पर नफरत फैलाने का भी आरोप लगाया। यह पूछे जाने पर कि वे मोदी के पास अपने मसलों के लेकर क्यों नहीं जाते, मदनी ने कहा, “मुझे पता है कि अपनी नफरत के आगे वो हमलोगों की नहीं सुनने वाले। अगर वो बुलाएँगे तो मैं जाऊँगा।” साथ ही यह भी कहा कि बीजेपी यदि नफरत की पॉलीसी छोड़ दे तो मुस्लिम भी उसकी तरफ जाएँगे।

बनना चाहती थी डॉक्टर, कॉलेज छोड़ बेचने लगी थूक: 22 साल की लड़की की पसीने वाली तौलिए की भी डिमांड, हर महीने ₹40 लाख कमाई

यूनाइटेड किंगडम में एक ऐसी महिला है, जो अपना थूक बेच कर अच्छा-खासा धन कमा रही है। उस महिला ने मेडिकल स्कूल को भी छोड़ दिया, क्योंकि वो सिर्फ अपना थूक बेच कर हर सप्ताह हजारों डॉलर कमा रही थी। TikTok पर उन्होंने एक वीडियो डाला था, जिसमें उन्होंने अपने थूक के बारे में बताया है। इस वीडियो को 5.50 लाख लोग देख चुके हैं। वो पिछले 4 साल से ऐसा कर रही है उक्त महिला का नाम लटिएशा जॉन्स है।

लटिएशा ने बताया कि उन्होंने मजाक-मजाक में इसे शुरू किया था, लेकिन कमाई होने लगी तो उन्होंने इसे जारी रखा। उनकी उम्र मात्र 22 साल है। थूक बेच कर हुई कमाई 11,000 डॉलर (9.11 लाख रुपए) का ऋण भी सधा दिया। वो Tesco में नौकरी करती थी, लेकिन उन्होंने अब इसे छोड़ दिया है क्योंकि इसकी ज़रूरत ही नहीं पड़ती। मेनचेस्टर की ये महिला डॉक्टर बनना चाहती थी और इसीलिए बायोमेडिकल साइंस पढ़ रही थी।

लेकिन, उनके पास रुपए नहीं थे इसीलिए उन्होंने Tesco में पार्टटाइम काम करना शुरू कर दिया ताकि गुजारा चल सके। इसके बाद उन्होंने ‘OnlyFans’ पर अकाउंट बना कर कमाई की कोशिश की। इसके बाद लोग उनसे उनकी चीजें माँगने लगे। उनका नहाया हुआ पानी से लेकर इस्तेमाल किए हुए तौलिए तक, लोगों में सबकी डिमांड थी। एक ने उनका थूक माँग दिया। पहली बार उन्होंने 372 डॉलर (30,812 रुपए) में अपना एक बोतल थूक बेचा था।

इसके बाद उन्हें एक बोतल के साइनरों डॉलर मिलने लगे। उन्होंने बताया कि उन्हें हजारों डॉलर तक मिल जाते हैं, लेकिन कमसे कम 248 डॉलर प्रति बोतल तक वो अपना थूक बेचती हैं। उनके द्वारा इस्तेमाल की हुई बेडशीट, उनके पसीने वाला जिम का तौलिया, टूथब्रश, ये सब बेच कर वो एक सप्ताह में 6223 डॉलर (5.15 लाख रुपए) तक कमा लेती हैं। उन्होने बताया कि उनका बॉयफ्रेंड और जुड़वाँ बहन उनका सपोर्ट करती है।

लटिएशा का कहना है कि अब वो बाहर जाकर जो चाहे वो खरीद सकती है। उन्होंने कैश से एक प्रॉपर्टी भी खरीदी है। उनके महीने की कमाई 41 लाख रुपए के पार भी चली जाती है। जिम में जिन कपड़ों को पहन कर वो एक्सरसाइज करती हैं, उनकी भी डिमांड है। कॉलेज के दिनों में उन्होंने कमाई के लिए वेबकैम सेशन (वीडियो कॉल पर चैट) भी किया था। कॉलेज के दूसरे वर्ष में ही उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी। उन्होंने कहा कि वो पैसे की तंगी में बड़ी हुई है, ऐसे में उसे ये सब अच्छा लग रहा है।

पाकिस्तान की जेल में मर गया केरल का जुल्फिकार, ISIS से था कनेक्शन: रिश्ता तोड़ चुके परिजन अब लेंगे लाश

केरल के जुल्फिकार की पाकिस्तानी जेल में 21 मई 2023 को मौत हो गई है। वह कराची की जेल में बंद था। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) से उसका कनेक्शन था। यह कनेक्शन सामने आने के बाद परिजनों ने उससे नाता तोड़ लिया था। लेकिन अब उसकी लाश वे लेने को तैयार हैं। उसका शव अटारी-वाघा बॉर्डर पर भारतीय अधिकारियों को सौंपा जाएगा।

48 वर्षीय जुल्फिकार केरल के पलक्कड़ जिले का रहने वाला था। उसे पाकिस्तानी कोस्टगार्ड ने अवैध रूप से अपनी समुद्री सीमा में घुसने के आरोप में गिरफ्तार किया था। वह लंबे समय तक संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रहा था। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) को ISIS से उसके लिंक मिले थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जुल्फिकार साल 2018 में अपनी बीवी और 2 बच्चों के साथ UAE के आबूधाबी में रहता था। लेकिन शौहर के ISIS से रिश्ते जानने के बाद उसकी बीवी ने रिश्ता तोड़ लिया। वह भारत लौट आई थी। जुल्फिकार के अन्य परिजनों ने भी उससे रिश्ता खत्म कर लिया था।

लेकिन अब उसके अब्बा अब्दुल हमीद ने कहा है कि यदि गृह राज्य उसकी लाश लाई गई तो वे उसे लेंगे। हमीद ने कहा है कि क्राइम ब्रांच के एक परिचित इंस्पेक्टर ने उनसे इसके बारे में पूछा है। द न्यूज़ मिनट से बात करते हुए जुल्फिकार के भाई ने बताया कि वह साल 2018 से पलक्कड़ नहीं आया था। जानकारी के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केरल सरकार के गृह विभाग को जुल्फिकार का शव उसके घर वालों को सौंपने के निर्देश दिए हैं। हालाँकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जुल्फिकार पाकिस्तान के समुद्री क्षेत्र में कैसे पहुँचा। पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक उसे मछुआरों के एक समूह के साथ पकड़ा गया था। जुल्फिकार कराची जेल में भारत के 200 अन्य मछुआरों के साथ बंद था।

‘हजारों वर्षों की जीवंत सभ्यता है भारत, हम सबसे तेज़ी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था’: ऑस्ट्रेलिया में बोले PM मोदी – हमने चलाया दुनिया का सबसे तेज़ कोरोना वैक्सीनेशन अभियान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में एक भव्य कार्यक्रम में हजारों की संख्या में पहुँचे भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया। कुडोस बैंक एरिना में हुए इस कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथोनी अल्बानीज भी मौजूद थे, जिन्होंने कहा कि पीएम मोदी बॉस हैं और इस मंच पर अमेरिकी गायक ब्रूस स्प्रिंगस्टीन का भी ऐसा स्वागत नहीं हुआ था। दोनों नेताओं का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्वागत हुआ। एरिना ‘मोदी-मोदी’ के नारों से गूँज उठा।

उन्होंने लोगों से कहा कि पिछली बार जब वो वहाँ आए थे तब उन्होंने वादा किया था कि फिर से उन्हें भारत के प्रधानमंत्री के लिए 28 वर्ष इंतजार नहीं करना पड़ेगा और वो आज यहाँ पहुँच गए हैं। उन्होंने इस पर ख़ुशी जताई न्यू साउथ वेल्स में प्रवासी भारतीय समुदाय से कई लोग सार्वजिनक जीवन में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं, अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने याद किया इसी वर्ष उन्हें ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीज जी का भारत की धरती पर अहमदाबाद में स्वागत करने का अवसर मिला था।

पीएम मोदी ने ऑट्रेलियाई पीएम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने यहाँ ‘लिटिल इंडिया’ के शिलान्यास में उनका साथ दिया है। उन्होंने कहा कि पहले भारत-ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को परिभाषित करने के लिए ‘क्रिकेट, कॉमनवेल्थ और करी (3C)’ का नाम लिया जाता था, लेकिन इसके बाद ये 3D हो गया – डेमोक्रेसी, डायस्पोरा और दोस्ती। पीएम मोदी ने कहा कि अब ये 3E हो चुका है – एनर्जी, इकॉनमी और एजुकेशन।

उन्होंने कहा कि भारत ऑस्ट्रेलिया के बीच कितनी भी दूरी हो, हिंद महासागर उन्हें एक-दूसरे से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि दशकों तक जो कार्य क्रिकेट ने किया, अब टेनिस और फिल्मों के जरिए भी दोनों देश जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लोगों की जीवनशैली अलग-अलग होने के बावजूद योग उन्हें आपस में जोड़ता है। उन्होंने भारत के रिकॉर्ड एक्सपोर्ट्स की बात करते हुए बताया कि कैसे IMF और वर्ल्ड बैंक भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर आशावान है।

पीएम मोदी ने सिडनी में कहा, “भारत के पास सामर्थ्य की कमी नहीं है, भारत के पास संसाधनों की कमी भी नहीं है। आज दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे युवा टैलेंट फैक्ट्री, जिस देश में है, वो है भारत। पिछले 9 वर्षों में गरीबों के लिए 55 करोड़ बैंक खाते खोले गए। 2014 से लेकर अब तक लाभार्थियों के खाते में 28 लाख करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर किए जा चुके हैं। कोरोना महामारी में जिस देश ने दुनिया का सबसे तेज टीकाकरण कार्यक्रम चलाया, वो देश है भारत।”

उन्होंने आगे कहा कि आज जो देश दुनिया की सबसे तेजी जिसकी अर्थव्यवस्था विकसित हो रही है, वो देश है भारत। पीएम मोदी ने कहा कि आज जो देश दुनिया में नंबर-1 स्मार्टफोन डेटा कंज्यूमर है, वो देश है भारत। उन्होंने भारत को लोकतंत्र की जननी बताते हुए कहा कि ये हजारों वर्षों की जीवंत सभ्यता है। उन्होंने समझाया कि हमने समय के अनुसार खुद को ढाला है, लेकिन अपने मूल सिद्धांतों पर, अपनी जड़ों पर हमेशा टिके रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि हम राष्ट्र को भी एक परिवार के रूप में देखते हैं और विश्व को भी एक परिवार मानते हैं। जब भारत अपनी G-20 Presidency की थीम तय करता है, तो कहता है- One Earth, One Family, One Future. पीएम मोदी ने कहा कि जब भारत, पर्यावरण की रक्षा के लिए, सौर ऊर्जा के बड़े लक्ष्य तय करता है, तो कहता है- One Sun, One World, One Grid. उन्होंने कहा कि जब भारत वैश्विक समुदाय के स्वस्थ रहने की कामना करता है तो कहता है- One Earth, One Health.

उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ को भारत सरकार के शासन का आधार बताते हुए कहा कि वैश्विक शासन में भी ये लागू होता है। उन्होंने कहा कि आज भारत को ‘फ़ोर्स ऑफ ग्लोबल गुड’ कहा जा रहा है। उन्होंने बताया कि जहाँ कहीं भी कोई आपदा होती है, भारत मदद के लिए तैयार मिलता है। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि कैसे अभी हाल ही में जब तुर्किए में भूकंप ने तबाही मचाई, तब भारत ने ‘ऑपरेशन दोस्त’ के द्वारा मदद का हाथ बढ़ाया।