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‘PM मोदी बॉस हैं, रॉकस्टार का भी नहीं हुआ ऐसा स्वागत’: सिडनी के कार्यक्रम में बोले ऑस्ट्रेलियाई PM, गूँजा वैदिक मंत्रोच्चार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ़िलहाल ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर हैं। सिडनी स्थित कुडोस बैंक एरिना में भारतीय समुदाय का एक भव्य कार्यक्रम चल रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथोनी अल्बानीज भी पहुँचे हैं। पीएम मोदी का स्वागत भारतीय परंपरागत तरीके से किया गया। हजारों लोग इस कार्यक्रम में पहुँचे हुए हैं। जब वो कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे, तो हजारों लोगों के आवाज़ से एरिना गूँज उठा।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने भी हाथ हिला कर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। पीएम मोदी भारतीय समुदाय को संबोधित भी करने वाले हैं। लोगों ने ‘मोदी-मोदी’ के नारे के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान पीएम मोदी मजाकिया लहजे में ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथोनी एल्बानीज के कान में कुछ कहते भी नजर आए, जिसके बाद दोनों हँस पड़े। फिर भारत और ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रगान हुआ। पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पीएम मोदी का स्वागत किया।

भारत से हजारों किलोमीटर दूर ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े देश के प्रधानमंत्री के सामने वैदिक मंत्रों का उच्चारण हुआ। ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने कहा कि पिछली बार उन्होंने इस मंच पर ब्रूस स्प्रिंगस्टीन को देखा था। बता दें कि ब्रूस स्प्रिंगस्टीन को अमेरिका सहित अंग्रेजी संगीत के अन्य प्रेमी आइकॉन मानते हैं। ‘E स्ट्रीट बैंड’ के साथ उनकी जुगलबंदी के करोड़ों लोग दीवाने हैं। अपने 6 दशक के करियर में 73 वर्षीय ब्रूस ने 21 स्टूडियो एल्बम जारी किए, जो चार्टबस्टर रहे।

ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने कहा कि जैसा स्वागत पीएम मोदी को मिल रहा है, वैसे ब्रूस स्प्रिंगस्टीन को भी नहीं मिला था। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बॉस हैं।” ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने इस दौरान अपने भारत दौरे को याद करते हुए कहा कि उन्होंने गुजरात में होली खेली थी और दिल्ली में महात्मा गाँधी की समाधि पर माल्यार्पण किया था। उन्होंने कहा कि अगर भारत को समझना है तो ट्रेन या बस से यात्रा कीजिए। उन्होंने भारतीय समुदाय को भी सराहा।

₹1-1 लाख जमा करो नहीं तो जब्त होगी प्रॉपर्टी: बिजनौर में 17 लोगों को नोटिस, तालाब के पानी को लेकर हुआ था फसाद

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में जिला प्रशसन ने आपस में बार-बार विवाद करने वाले एक गाँव के 2 पक्षों के 17 लोगों को 1-1 लाख रुपए जमा करने का आदेश दिया है। यह विवाद गाँव के एक तालाब के पानी के इस्तेमाल को लेकर हुआ था। शनिवार (20 मई 2023) को जारी आदेश में कहा गया है कि पैसा नहीं जमा करने पर इसकी भरपाई संबंधित लोगों की प्रॉपर्टी जब्त कर की जाएगी। पैसा जमा करने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला बिजनौर के हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र में आने वाले गाँव पिट्टा औंढा का है। यहाँ गाँव में बने एक तालाब में पानी भरने के विवाद में मार्च 2023 में 2 पक्षों की आपस में भिंड़त हो गई थी। पहला पक्ष सोनू और दूसरा पक्ष मेहँदी हसन का है। तब पुलिस ने दोनों पक्षों के 17 लोगों को हिरासत में लिया था। इन सभी का शांति भंग की धारा 151 में चालान करते हुए 107/116 CRPC के तहत पाबंद किया गया था। इस दौरान सभी से 1-1 लाख रुपए का जमानती बॉन्ड भी भरवाया गया था। तब दोनों पक्षों ने पुलिस को लिखित दिया था कि वे आगे से विवाद नहीं करेंगे।

हालाँकि दोनों पक्ष समझौते पर ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाए और 1 माह बाद 24 अप्रैल 2023 को फिर भिड़ गए। दूसरी बार सोनू और मेहँदी हसन पक्ष में न सिर्फ पत्थर चले थे, बल्कि तमंचे से फायरिंग भी हुई थी। इस झगड़े में जमीरउद्दीन, मोहम्मद कैफ, जैनब, अजीम और रहीसुद्दीन घायल भी हो गए थे। दुबारा झगड़े की सूचना पर पुलिस गाँव में पहुँची और मामले को शांत करवाया। पुलिस ने इस बार दोनों पक्षों की जमानत जब्ती की कार्रवाई की। जाँच रिपोर्ट SDM रितु चौधरी को भेजी गई। SDM ने बार-बार झगड़ रहे दोनों पक्षों द्वारा भरे गए 1-1 लाख रुपए के बेल बॉन्ड की वसूली के आदेश जारी कर दिए।

आदेश के तहत सभी 17 आरोपितों को 15 दिनों के भीतर 1-1 लाख रुपए जमा करने होंगे। उपजिलाधिकारी के इस आदेश की कॉपी पुलिस ने गाँव में ढोल बजा कर मुनादी करवाते हुए आरोपितों के घरों पर चस्पा कर दी है। तय सीमा के अंदर पैसे न भरने की दशा में आरोपितों की संपत्ति जब्त करने का भी जिक्र नोटिस में है।

केरल के मंदिरों में RSS के कार्यक्रमों पर प्रतिबंध, शाखा लगाने पर कार्रवाई: त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड का आदेश, कॉन्ग्रेस ने भी किया समर्थन

केरल में ‘त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB)’ ने सर्कुलर जारी कर बोर्ड के अधीन आने वाली मंदिर परिसरों में ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)’ द्वारा आयोजित की जाने वाली सामूहिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी है। 18 मई 2023 को जारी सर्कुलर के अनुसार त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के मंदिरों में RSS को शाखा लगाने की भी इजाजत नहीं होगी। कहा गया है कि सर्कुलर की अवहेलना करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

टीडीबी द्वारा जारी सर्कुलर दरअसल पहले के आदेश की पुनरावृत्ति है। जिसमें हिंदू मंदिरों में आरएसएस की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई थी। नए सर्कुलर में इन आदेशों का पालन न किए जाने पर असंतोष व्यक्त किया गया है। इसलिए इस बार आदेश का पालन न किए जाने पर कार्रवाई की बात कही गई है। बोर्ड के सेक्रेटरी द्वारा 30 मार्च, 2021 को जारी सर्कुलर के अनुसार, मंदिर परिसरों में अनुष्ठानों और त्योहारों के अलावा अन्य गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड ने साल 2016 में भी एक सर्कुलर जारी कर मंदिर परिसरों में आरएसएस के हथियार प्रशिक्षण और अभ्यास पर रोक लगा दी थी।

कॉन्ग्रेस की तरफ से टीडीबी द्वारा जारी सर्कुलर का समर्थन किया गया है। कॉन्ग्रेस नेता और केरल असेंबली में नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीसन ने कहा है कि बोर्ड द्वारा पहले भी सर्कुलर जारी किया गया था लेकिन आरएसएस द्वारा उसका उल्लंघन किया गया। आरएसएस द्वारा लोगों के बीच नफरत फैलाकर उन्हें बाँटने की कोशिश हो रही है। सतीसन ने कहा कि मंदिर जैसी पवित्र जगह का उपयोग इस तरह की गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकता।

दूसरी तरफ हिन्दू संगठनों ने आरएसएस की गतिविधियों के खिलाफ जारी सर्कुलर की निंदा की। आरएसएस से जुड़े लेखक रतन शारदा ने इस सर्कुलर को तुष्टिकरण करार दिया। उन्होंने कहा कि मंदिरों को धर्मनिरपेक्ष बनाकर ऐसी संस्थाओं में तब्दील किया जा रहा है जिनका धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।

बता दें कि त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड उन संस्थाओं में से एक है जो केरल में लगभग 3,000 मंदिरों का प्रबंधन करता है। टीडीबी सबरीमाला मंदिर सहित 1200 से अधिक मंदिरों का संचालन करता है। अन्य चार बोर्ड कोचीन देवस्वोम बोर्ड (Cochin Devaswom Board), मालाबार देवस्वोम बोर्ड ( Malabar Devaswom Board), गुरुवयूर देवस्वोम बोर्ड (Guruvayur Devaswom Board) और कुडलमानिक्यम बोर्ड (Koodalmanikyam board) हैं।

‘तहजीब सीखो… सारी वकालत बंद हो जाएगी’: बागेश्वर बाबा की कथा रुकवाने हाईकोर्ट पहुँचा वकील, जज की फटकार वाला Video वायरल

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने सोमवार (22 मई, 2023) को प्रदेश में बागेश्वर धाम के धार्मिक आयोजन को रोकने के लिए दायर हुई दूसरी जनहित याचिका को भी खारिज कर दिया। यह आयोजन इसी माह 23 मई और 24 मई को जिला बालाघाट के गाँव लिंगा स्थित रानी दुर्गावती महाविद्यालय मैदान में होना प्रस्तावित है। यह याचिका एक वकील द्वारा कथित आदिवासी संगठन की तरफ से लगाई थी, जिसमें आयोजन से उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचने का आरोप था।

याचिकाकर्ता ने सुनवाई के दौरान गलत ढंग से बहस की जिस पर कोर्ट ने उसे चेतावनी भी दी।

इस याचिका पर हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में याचिकाकर्ता के वकील ने धीरेन्द्र शास्त्री की कथा आदिवासियों के धर्मस्थल बड़ा देव भगवान के बजाय कहीं और करवाने की माँग की। इस माँग पर जस्टिस विवेक अग्रवाल ने सवाल किया कि जहाँ अभी कथा होनी है वहाँ किस बात से आदिवासी लोगों की भावनाएँ आहत होंगी और वहाँ की मान्यताएँ क्या हैं? कोर्ट के इस सवाल पर याचिकाकर्ता के वकील कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।

इस दौरान उन्होंने संविधान का हवाला दिया और जज पर अपनी बात न सुनने का आरोप लगा दिया। वकील ने कहा, “ये संविधान में प्रावधान हैं। वही तो बता रहा हूँ। आप समझने को तैयार नहीं हैं। “

वकील के जवाब पर जस्टिस विवेक ने उन्हें ठीक से बात करने के लिए कहा। हालाँकि, इसके बाद भी वकील ने कोर्ट में जज से कहा, “आप सुनने को तैयार नहीं हैं। कुछ भी बोले जा रहे हैं।” वकील के इन शब्दों पर जज ने उन्हें अवमानना का नोटिस जारी करने के आदेश दिए। जस्टिस विवेक ने कहा, “आपको हाईकोर्ट में बहस करने का तरीका नहीं मालूम है। अपना जवाब आप नोटिस में दीजिएगा।” जज ने आगे से गलत बहस करने पर वकील को जेल भेजने की भी चेतावनी दी।

इस वीडियो में आगे जस्टिस विवेक ने वकील से ‘सर्व आदिवासी समाज’ के बारे में पूछते हुए सवाल किया कि उन्हें बहस के लिए किसने अधिकृत किया। साथ ही कहा, “ध्यान रहे। जरा सी भी उल्टी-सीधी बहस की तो यहीं से जेल भेजूँगा। वकालत ख़त्म हो जाएगी। तहजीब से बात करना सीखो। बदतमीजी करना भूल जाओगे सारी। तुम लोगों ने ये सोच लिया है कि बदतमीजी करके अपने आप के लिए बहुत बड़ी TRP जमा कर लोगे? ये भूल जाते हो कि जिस दिन हमने जेल भेज दिया उस दिन सारी वकालत बंद हो जाएगी। तुम लोगों को सिखा कर भेजा जाता है कि बदतमीजी करो।”

जज ने वकील से माफ़ी माँगने के लिए भी कहा। एक सवाल के सवाब में वकील ने खुद के हाईकोर्ट में साल 2007 से प्रैक्टिस किए जाने की बात कही। याचिकाकर्ता के नाम के तौर पर हेमलता दुर्वे और कर्नल हरनाम का नाम था। याचिकाकर्ता समूह सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष का नाम के तौर पर सादे कागज में मंशाराम मरावी दर्ज था। जस्टिस विवेक ने इस संगठन के रजिस्ट्रेशन और लेटर हेड आदि के बारे में पूछा तो वकील ने रजिस्ट्रेशन होने पर कोर्ट में न लगाने की जानकारी दी। इस जवाब पर जस्टिस विवेक ने टिप्पणी करते हुए ऐसी याचिका को ‘स्पॉन्सर पेटिशन’ कहा।

आखिरकार हाईकोर्ट ने यह याचिका ख़ारिज कर दी। जस्टिस विवेक ने वकील से रजिस्ट्रेशन लगा कर केस फिर से फाइल करने की सलाह दी। साथ ही अंत में कहा, “पक्षकार को बताइएगा कि हमारी गर्मी दिखाने की वजह से कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया।” अपने आदेश में जस्टिस विवेक अग्रवाल ने इस बात का भी जिक्र किया कि तथाकथित ‘सर्व आदिवासी समाज’ के वकील ने सवालों के जवाब देने के बजाय बेवजह की बहस की। आदेश के मुताबिक, अधूरे कागजातों के साथ पेश हुआ याचिकाकर्ता ये साबित नहीं कर पाया कि प्रस्तावित कथा से आदिवासी समाज की भावनाएँ कैसे आहत होंगी।

खास बात ये रही कि यह याचिका दायर करने वाले वकील को इसी मामले में जस्टिस विवेक अग्रवाल द्वारा 18 मई को दिए गए आदेश की जानकारी नहीं थी। तब जस्टिस विवेक ने धीरेन्द्र शास्त्री के कार्यक्रम को रोकने की याचिका ख़ारिज कर दी थी।

18 मई को ख़ारिज हुई थी पहली याचिका

गौरतलब है कि धीरेन्द्र शास्त्री के 23-24 मई वाले इसी कार्यक्रम को रद्द करवाने संबंधी एक याचिका 18 मई को जस्टिस विवेक अग्रवाल की बेंच ने ख़ारिज कर दी थी। तब दिवासी विकास परिषद के दिनेश कुमार ध्रुव की ओर से पेश हुए वकील प्रह्लाद चौधरी ने कथा से आदिवासी क्षेत्रों के प्रभावित होने, आदिवासियों की मर्जी के विरुद्ध आयोजन होने, ग्रामसभा की अनुमति न होने और साल 2023 विधानसभा चुनावों को प्रभावित करने जैसी दलीलें दी थीं। एडवोकेट चौधरी ने धीरेन्द्र शास्त्री पर धार्मिक वैमनस्यता फैलाने का भी आरोप लगाया था।

इन दलीलों के जवाब में जस्टिस विवेक अग्रवाल ने आपत्ति होने पर किसी संगठन की बजाय सीधे ग्रामसभा को कोर्ट आने की बात कही थी। आयोजन के लिए ग्रामसभा की अनुमति की जरूरत न होने की जानकारी देते हुए उन्होंने याचिका को प्रायोजित बताया था। साथ ही जस्टिस विवेक ने बताया था कि इस बात के भी सबूत नहीं हैं कि कथा से आदिवासियों पर असर पड़ेगा। कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी उन्होंने राज्य सरकार की बताई थी।

गौरतलब है कि हिन्दू धर्म को बढ़ावा देने वाले वीडियो के वायरल होने के बाद से बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र शास्त्री को फायरब्रांड कथावाचक कहा जाने लगा है। अभी कुछ समय पहले ही बिहार सरकार द्वारा उनके एक कार्यक्रम को रोकने का प्रयास किया गया था। खुद पर हो रहे इन हमलों पर टिप्पणी करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने उस हाथी का उदाहरण दिया जिसके गाँव में जाने पर कई लोग उसे केले, पूड़ी और तरह-तरह के पकवान खिलाते कर गणेश मानकर उसकी पूजा करते हैं तो दूसरी तरफ आवारा कुत्ते भौंकने लगते हैं।

बकौल धीरेन्द्र शास्त्री, अगर हाथी कुत्तों को जवाब देने लगे तो लोग हाथी को पागल ही कहेंगे, इसलिए हाथी उन कुत्तों को अनदेखा करते हुए अपने रास्ते पर आगे बढ़ता रहता है।

हिंदू भारतीय महिला से शादी कर बहुत कुछ सीखा, बेटी को भी दूँगा शिक्षा: निक जोनस ने बताया प्रियंका चोपड़ा से कैसे मिली ‘प्रेरणा’

अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) के पति निक जोनस (Nick Jonas) को आपने कई बार भारतीय परंपराओं का अनुसरण करते देखा होगा। अब एक इंटरव्यू में उन्होंने हिंदू भारतीय महिला से शादी के बाद मिली प्रेरणादायक सीख के बारे में बताया है। साथ ही कहा है वह अपनी बेटी मालती मैरी की पर​वरिश ईसाई और हिंदू धर्म के अनुसार करेंगे।

डैक्स शेपर्ड के साथ पोडकास्ट चैनल आर्मचेयर एक्सपर्ट (Armchair Expert) पर बात करते हुए निक ने कहा, “ईश्वर के साथ मेरा गहरा रिश्ता है। लेकिन मैंने अभी एक किताब में पढ़ा है कि ईश्वर ने एक नहीं, बल्कि कई अवतार लिए हैं। एक हिंदू भारतीय महिला से शादी करने के बाद मैंने उसके धर्म, संस्कृति और आस्था के बारे में बहुत कुछ सीखा है, जो बेहद प्रेरणादायक है। हम एक ऐसे बच्चे की परवरिश कर रहे हैं, जिसमें बाइबिल के सिद्धांत और हिंदू धर्म के तत्व होंगे। हम अपनी बेटी को दोनों धर्म के महत्व को बताएँगे।”

कुछ दिन पहले निक जोनस प्रियंका के साथ रिलायंस के एक इवेंट में शामिल होने के लिए भारत आए थे। यहाँ पैपराजी ने उन्हें जीजू कहकर बुलाया था। बीबीसी के एक चैट शो में उन्होंने इस बारे में भी बात की है। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि प्रियंका से शादी के बाद भारत में बहुत सारे लोग उन्हें ‘जीजू’ कहकर बुलाते हैं। अमेरिकी सिंगर ने कहा, “हम (मैं और मेरी वाइफ) हाल ही में एक कल्चरल इवेंट के लिए मुंबई गए थे। यह अंबानी परिवार का बड़ा इवेंट था। इस दौरान रेड कार्पेट पर सभी फोटोग्राफर मुझे ‘जीजू’ कह रहे थे।”

बता दें कि निक और प्रियंका चोपड़ा 2018 में शादी के बंधन में बँधे थे। उनकी बेटी मालती मैरी का जन्म जनवरी 2022 में सरोगेसी के जरिए हुआ था। दोनों ने सोशल मीडिया पर वेलकम बेबी का मैसेज शेयर कर इसकी जानकारी दी थी।

PM मोदी के व्यक्तित्व और विजन के मुरीद हुए ऑस्ट्रलियाई कंपनियों के CEO, स्वच्छ भारत और UPI को मिली तारीफ: ‘नाटू नाटू’ की भी चर्चा

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहाँ की कई कंपनियों के CEO के साथ बैठक की है। इस दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की ग्रीन एनर्जी एवं टेक्नोलॉजी कंपनी ‘Fortescue Future Industries’ के चेयरमैन से भी मुलाकात की। जॉन एंड्रू हेनरी फॉरेस्ट AO, जिन्हें ऑस्ट्रेलिया में Twiggy के नाम से जाना जाता है, खनन उद्योग और मवेशियों के फ़ार्म में उनकी खास रुचि है। वो Fortescue मेटल्स ग्रुप के CEO रहे हैं और फ़िलहाल कंपनी के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं।

2008 में वो ऑस्ट्रेलिया के सबसे अमीर उद्योगपति हुआ करते थे। उनके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिडनी में ‘ऑस्ट्रेलियन सुपर’ कंपनी के CEO पॉल स्क्रोडेर से भी मुलाकात की। वो अक्टूबर 2021 से ही इस पद पर हैं। वो वो वहाँ फंड्स के रणनीतिक डेवलपमेंट और बोर्ड के सलाहकार भी हैं। बता दें कि पीएम मोदी जापान और पापुआ न्यू गिनी के बाद ऑस्ट्रेलिया पहुँचे हैं। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीज के साथ भी उनकी बैठक होनी है। UNSW के चीफ वैज्ञानिक टोबी वॉल्श के साथ भी उन्होंने AI को लेकर बैठक की।

सिडनी में भारतीय समुदाय ने ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ नारे के साथ उनका स्वागत किया। इस दौरे में पीएम मोदी का फोकस व्यापार और आर्थिक सहयोग पर होगा। सितंबर में नई दिल्ली में G-20 समिट के दौरान ऑस्ट्रेलियाई पीएम भारत आने वाले हैं। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच का आपसी विश्वास काफी मजबूत है, जिसका फल परस्पर सहयोग के रूप में मिलता रहा है। ‘द ऑस्ट्रेलियन’ अख़बार को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वो इन संबंधों को अगले स्तर तक ले जाना चाहते हैं।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एक कार्यक्रम में भी साथ जाने वाले हैं, जहाँ भारतीय मूल के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहेंगे। उन्होंने ‘Hancock Prospecting’ की एग्जीक्यूटिव चेयरमैन गिना रीनहार्ट के साथ भी बैठक की है। इस दौरान उन्होंने इन कंपनियों को भारत में निवेश के लिए न्योता दिया। द्विपक्षीय रक्षा समझौतों पर भी बातचीत होनी है। पॉल स्क्रोडेर ने कहा कि पीएम मोदी एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं, जो कारोबार को समझते हैं और ये काफी प्रोत्साहित करने वाला है।

ऑस्ट्रेलिया के गायक गए सेबेस्टियन के साथ उन्होंने संस्कृति और कला को लेकर बातचीत की। पीएम मोदी ने उन्हें ‘नाटू नाटू’ गाने के बारे में भी बताया। गायक ने कहा कि पीएम मोदी से संगीत को लेकर उनकी चर्चा हुई और उन्होंने चीजों को ध्यान सुना। वहीँ टोबी वॉल्श के साथ उन्होंने आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस को लेकर बातचीत की। इस दौरान UPI पर भी चर्चा हुई। उन्होंने इसे एक वर्ल्ड लीडिंग प्रोडक्ट भी करार दिया। ऑस्ट्रेलिया के ‘टॉयलेट वॉरियर’ मार्क बल्ला ने ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की तारीफ़ की।

उन्होंने कहा कि प्रदानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक काफी प्रभावशाली रही। वहीं एंड्रू फॉरेस्ट ने पीएम मोदी को जलवायु परिवर्तन के खिलाफ एक वैश्विक चैंपियन बताते हुए कहा कि उन्होंने कुछ ऐसे मानवीय कार्य किए हैं, जिनसे जमीनी स्तर पर आर्थिक विकास में प्रगति हुई है। कम्युनिटी प्रोग्राम में हिस्सा लेने के लिए स्पेशल फ्लाइट से मेलबर्न से सिडनी कई लोग पहुँचे। बता दें कि जो बायडेन ऋण संबंधी आपात बैठकों के बाद वाशिंगटन लौट गए जिसके बाद QUAD नेताओं में से ऑस्ट्रेलिया पहुँचने वाले पीएम मोदी अकेले नेता हैं।

राम मंदिर के भूतल पर होंगे 5 मंडप, दिसंबर 2023 तक पूरा हो जाएगा पहले चरण का काम: नृपेंद्र मिश्रा ने बताया अयोध्या में कब से कर सकेंगे दर्शन

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण कार्य का पहला चरण इस साल 30 दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। यह जानकारी राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने सोमवार (22 मई 2023) को दी। उन्होंने बताया कि पहले चरण का कार्य पूरा होने के बाद श्रद्धालु दर्शन भी कर सकेंगे।

मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर के पहली और दूसरी मंजिलों का काम 30 दिसंबर 2024 तक पूरा होगा। हमारी कोशिश है कि 30 दिसंबर 2023 से श्रद्धालु इस मंदिर में भगवान राम की पूजा-अर्चना कर सकें। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, “मंदिर ट्रस्ट ने राम मंदिर निर्माण का प्रथम चरण 30 दिसंबर 2023 तक पूरा करने का निर्णय लिया है। प्रथम चरण में भूतल पर पाँच मंडप होंगे। इनमें सबसे प्रमुख गर्भगृह है, जहाँ भगवान की मूर्ति स्थापित की जाएगी।”

मिश्रा ने बताया कि पाँच मंडपों के निर्माण में लगभग 160 स्तंभ लगे हैं। उनमें आइकनोग्राफी (चित्र और प्रतीक) का काम पूरा किया जाना है। मंदिर के निचले हिस्से में भगवान राम से प्रसंग होंगे। इसी तल पर बिजली और अन्य सुविधाओं को पूरा किया जाना है। ये सभी कार्य 30 दिसंबर 2023 तक पूरे कर लिए जाएँगे। उन्होंने बताया, “मंदिर की पहली और दूसरी मंजिल परकोटा सहित अन्य कार्य 30 दिसंबर, 2024 तक पूरे हो जाएँगे।”

पिछले दिनों राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Ram Janmbhumi Teerth Kshetra Trust) ने कुछ मूर्तियों के निर्माण की तस्वीरें ट्वीट की थीं। साथ ही बताया था, “श्री राम जन्मभूमि मंदिर में स्तंभों, पीठिका तथा अन्य स्थानों पर सज्जित होने के लिए शास्त्रीय ग्रंथों में वर्णित कथाओं के आधार पर सुंदर मूर्तियों का निर्माण किया जा रहा है। इन मूर्तियों को निर्माण प्रक्रिया की सारिणी के अनुसार निर्दिष्ट स्थानों पर प्रस्थापित किया जाएगा।” मीडिया रिपोर्ट में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि रामलला की मूर्ति 51 इंच की होगी, जिसे गर्भगृह में बने चबूतरे पर स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा 3600 अन्य मूर्तियाँ मंदिर में स्थापित की जाएँगी। ऐसी खबरें भी हैं कि धर्मनगरी अयोध्या को उत्तर प्रदेश सरकार पर्यटन स्थल के तौर पर भी विकसित करने की योजना बना रही है। इसके तहत राम मंदिर से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर टेंट सिटी बनाया जाएगा।

‘तू दोजख की आग में जलेगा, मैं जन्नत में मजे करूँगा’: दोस्तों को भी मुस्लिम बनाने में लगा था सौरभ (मोहम्मद सलीम), भगवान राम को बताता था काल्पनिक

सौरव राजवैद्य से मोहम्मद सलीम बना हिज्ब-उत-तहरीर (HUT) का सरगना अपने हिंदू दोस्तों को भी मुस्लिम बनाने में लगा था। दोस्तों को मस्जिद ले जाता था। नमाज पढ़वाता था। अल्लाह और दोजख का खौफ दिखाकर इस्लाम कबूलने का दबाव डालता था। हिंदू देवी-देवताओं को काल्पिनक बताता था। यह खुलासा दैनिक भास्कर से बातचीत में मोहम्मद सलीम के दोस्त रहे तपेश तिवारी ने किया है।

मध्य प्रदेश एटीएस ने मोहम्मद सलीम को हैदराबाद से पकड़ा था। उससे पूछताछ जारी है। पिछले दिनों उसके माता-पिता ने बताया था कि भोपाल के कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसका ब्रेनवॉश किया गया था। उसने पहले खुद इस्लाम कबूला और फिर अपनी पत्नी का भी धर्मांतरण करवा दिया।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार वह दोस्तों से कहता था, “अगर तुमने इस्लाम कबूल नहीं किया, तो तुम लोग दोजख (जहन्नुम) में तड़पोगे।” भोपाल के लांबाखेड़ा के पास एक कॉलोनी में रहने वाले तपेश ने बताया कि 2006 में उनकी सौरभ से हुई। सौरभ की बी फॉर्मेसी की पढ़ाई खत्म होने वाली थी। वह पोस्ट ग्रेजुएशन में दाखिले की तैयारी कर रहा था। पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद सौरभ जब हुबली से लौटा तो वह इस्लाम की बातें करने लगा। उसने दाढ़ी बढ़ा ली थी। वह घर में नमाज पढ़ने लगा था। 2008 के बाद उसका इस्लाम के प्रति झुकाव शुरू हो गया था।

तपेश ने बताया, “सौरभ अपने हिंदू दोस्तों से इस्लाम कबूल करने के लिए बोलता था। वह उनसे कहता था कि मरने के बाद मैं जन्नत में मजे करूँगा। मेरा दोस्त दोजख (जहन्नुम) में तड़पेगा, तो ये मुझे अच्छा नहीं लगेगा। जब अल्लाह ताला हम सबको उठाएँगे, तो वहाँ सबका हिसाब-किताब होगा। मैं नहीं चाहता कि उस दौरान तू दोजख की लाइन में खड़ा हो और मैं जन्नत की। मुझे इससे बड़ी तकलीफ होगी। मैं वहाँ शहद की नदियाँ, दूध की नदियाँ और शराब की नदियाँ देखूँगा और तुझे दोजख की आग में जलाया जाएगा, तो मुझे बड़ा दुख होगा।”

तपेश के अनुसार सौरभ ने उनको मेमोरी कार्ड में लोड कर कुरान का ऑडियो भी दिया था। उनसे कहा था कि जब भी फ्री हो, इसको सुनते रहना। उन्होंने बताया, “मैंने सुना भी, लेकिन पूरा नहीं सुन पाया। सौरभ ने मुझे हदीस भी दी, जिससे मेरा मन परिवर्तित होने लगा था। वो मुझे अपने साथ नमाज पढ़ने के लिए भी ले गया था।” उन्होंने बताया है कि सौरभ अल्लाह को ही सब कुछ मानने लगा था। वह कहता था, “ईश्वर मतलब अल्लाह ही होता है। जो मूर्ति इंसान ने बनाई हैं, उसे पूजने का क्या मतलब है? जो प्रसाद तुम चढ़ाते हो, तुम्हारे भगवान की मूर्ति पर यदि कोई मक्खी बैठ गई है। तुम्हारी मूर्ति वो मक्खी भी नहीं हटा पा रही है, तो वो भगवान कैसे हो सकता है? भगवान राम कपोल कल्पना हैं। वो तो एक कथा है। एक काव्य है।”

उन्होंने बताया, “एक बार मस्जिद में हमने नमाज पढ़ी। वहाँ दावत चल रही थी। उसने मुझे वहाँ बैठने को कहा। मैं सामने बैठ गया। थाली में बिरयानी परोसी गई, जिसमें मटन-चिकन था। मैंने कहा कि मैं ब्राह्मण परिवार से हूँ। मैंने खाने से मना कर दिया। लेकिन सौरभ मुझे इसे खाने के लिए कहता रहा। उसने कहा कि ये तो अल्लाह की तरफ से है। फिर मैं वहाँ से उठकर बाहर आ गया और इसके बाद सौरभ से दूरियाँ बढ़ा ली।”

कमाल ने किया ब्रेनवॉश, जाकिर नाईक ने धर्मांतरण

बता दें कि मोहम्मद सलीम हैदराबाद में एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी के डेक्कन कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज के बायोटेक्निकल डिपार्टमेंट में प्रोफेसर था। उसके माता-पिता ने मीडिया को बताया था कि वीआईटी कॉलेज में पढ़ाने के दौरान सौरभ की मुलाकात प्रोफेसर कमाल से हुई थी। कमाल ने ही उसका ब्रेनवॉश किया और उसकी मुलाकात मुंबई ले जाकर जाकिर नाईक से करवाई। पिता के अनुसार, नाईक ने भोपाल में कई लोगों को कन्वर्ट किया था। उनके बेटे के धर्मांतरण में भी नाईक का हाथ था।

बांग्लादेश में ट्रेनिंग, भारत में घुसे, गुजरात में खड़ा कर रहे थे आतंक का नेटवर्क: ATS ने अल कायदा मॉड्यूल का किया पर्दाफाश, मददगारों की तलाश

गुजरात में आतंकी संगठन अल कायदा का नेटवर्क खड़ा किया जा रहा था। पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने अहमदाबाद में सक्रिय इस आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। 4 बांग्लादेशी गिरफ्तार किए गए हैं। इनके मददगारों की तलाश जारी है।

गिरफ्तार बांग्लादेशियों की पहचान मोहम्मद सोजिब मियाँ, मुन्ना खालिद अंसारी, अज़रुल इस्लाम अंसारी और अब्दुल लतीफ़ के तौर पर हुई है। विदेशी आकाओं के फरमान पर ये स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथी बनाने में जुटे थे। सोमवार (22 मई 2023) को इनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ATS लम्बे समय से सोजिब मियाँ पर नजर रखे हुए थी। उसके फोन कॉल से लेकर मूवमेंट तक पर नजर थी। गुजरात ATS के DIG दीपेन ने बताया कि ATS को कुछ दिनों पहले इनपुट मिला था कि अल कायदा से जुड़े 4 बांग्लादेशियों ने सीमा पार की है और वे गुजरात में आतंकी संगठन का नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पकड़े गए बांग्लादेशी स्थानीय युवाओं को अल कायदा में भर्ती होने के लिए कट्टरपंथी बना रहे थे।

गुजरात के ATS के डीआईजी ने बताया कि सबसे पहले सोजिब मियाँ से इस संबंध में पूछताछ की गई। पूछताछ में उसका असली नाम मोहम्मद सोजिब मियाँ अहमद अली निकला। उसकी निशानदेही पर ATS ने मुन्ना खालिद अंसारी, अज़रुल इस्लाम अंसारी और अब्दुल लतीफ़ को गिरफ्तार किया। ATS ने बताया है कि ये चारों बांग्लादेश में एक कपड़ा कारखाने में काम करते थे। यहीं एक-दूसरे के संपर्क में आए। इन सभी को बांग्लादेश में अल कायदा से शरीफुल इस्लाम ने जोड़ा। शरीफुल इस्लाम ने इनका परिचय साईबा नाम के अल कायदा के जिला प्रमुख से परिचय करवाया। उसने इन सभी को पैसे जुटाने, कट्टरपंथ फ़ैलाने, पुलिस से बचने, एप के जरिए बात करने आदि की ट्रेनिंग दी।

बांग्लादेश में इनको हथियार चलाने और जिहाद के प्रचार की भी ट्रेनिंग दी गइ्र। ट्रेनिंग के बाद चारों अवैध तरीके से सीमा पार कर भारत में घुसे और फिर अहमदाबाद आ गए। इनके पास से ATS को फर्जी आधार और पैन कार्ड भी मिले हैं। अल कायदा के मीडिया ग्रुप का आतंकी साहित्य भी मिला है। इन पर ATS ने UAPA सहित IPC की विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज की है। अब गुजरात ATS को घुसपैठ में इनकी मदद करने वालों, इनके फर्जी पहचान पत्र बनवाने वालों और इन्हें गुजरात में शरण देने वालों की तलाश है।

पूछा तू धर्म कब बदलेगी और पीटकर चला गया फैजान खान: हिंदू लड़की को ‘द केरल स्टोरी’ देखकर मिली हिम्मत, इस्लाम कबूलने का डाला जा रहा था दबाव

उसकी फैजान खान से कई सालों की पहचान थी। कई महीनों से उसका शोषण चल रहा था। फैजान शारीरिक संबंध बनाता, पीटता और धर्म परिवर्तन का दबाव डालता। पर दुनिया को फैजान की इस करतूत का पता तब चला, जब हिंदू पीड़िता ने ‘द केरल स्टोरी’ देखी। इस फिल्म ने उसे हिम्मत दी और वह फैजान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने थाने पहुँची।

मामला मध्य प्रदेश के इंदौर का है। खजराना थाने में फैजान खान के खिलाफ पीड़िता की शिकायत के आधार पर रेप, मारपीट और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने का मामला दर्ज किया गया है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार फैजान गिरफ्तार कर लिया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि फैजान 17 मई 2023 को हिंदू युवती के साथ ही था। सुबह वह जल्दी उठा। उससे पूछा तू धर्म कब बदलेगी। फिर उसे पीटकर चला गया। इससे पहले दोनों ने ‘द केरल स्टोरी’ देखी थी। इस फिल्म को देखने के बाद युवती ने फैजान से हिंदू लड़कियों के शोषण को लेकर सवाल भी किया था। जब 18 मई को फैजान ने फिर से मारपीट की तो लड़की ने थाने पहुँचकर उसके खिलाफ कंप्लेन की।

खजराना थाना प्रभारी दिनेश वर्मा ने बताया कि फैजान खान और युवती करीब 7-8 महीने से लिव इन में थे। युवती का आरोप है कि फैजान निकाह के लिए उस पर इस्लाम कबूलने का दबाव बना रहा था। युवती के धर्मांतरण से इनकार करने पर फैजान ने उसके साथ मारपीट की। उन्होंने बताया, “युवती नौकरी करती है, जबकि फैजान बेरोजगार है। वह लड़की के पैसों से अपना खर्च चलाता है। आरोपित के खिलाफ रेप, मारपीट और धर्म परिवर्तन अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता ने निकाह का झाँसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप फैजान पर लगाया है। पीड़िता के अनुसार चार साल पहले फैजान खान से उसकी मुलाकात हुई थी। कोचिंग जाने के दौरान दोनों में जान-पहचान बढ़ी। फिर उसने उसे अपने प्यार के जाल में फाँसकर घर बदलने के लिए मजबूर किया। युवती ने बताया कि आरोपित उस पर लगातार इस्लाम कबलूने का दबाव बना रहा था। जब वह इसका विरोध करती, तो वह उसे पीटता। यही नहीं आरोपित ने धर्मांतरण नहीं करने पर उसके भाई और माँ की हत्या करने की भी धमकी दी थी।