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उन्हें बाँस से पीटेंगे… TMC सांसद नुसरत जहाँ ने खुलेआम विपक्षी नेताओं को धमकाया

तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद एवं अभिनेत्री नुसरत जहाँ ने पश्चिम बंगाल में एक रैली के दौरान विपक्ष को धमकी दी है। उन्होंने अपने लोकसभा क्षेत्र बसीरहाट में पंचायत चुनाव से पहले आयोजित एक रैली में TMC के लिए वोट माँगते हुए रविवार (21 मई, 2023) को ये धमकी दी। उन्होंने कहा, “चाहे भाजपा हो या कॉन्ग्रेस, पंचायत चुनाव में जो भी वोट माँगने आएगा उसे बसीरहाट के लोग बाँस से मारेंगे।” उनके इस बयान की आलोचना हो रही है।

उन्होंने भाजपा पर धर्म की राजनीति खेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी लोगों को धमका रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने ये सब कर के देख लिया, लेकिन कुछ काम नहीं आया। अभिनेत्री से नेता बनीं नुसरत जहाँ ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ‘अबकी बार, 200 पार’ का नारा दिया, लेकिन उनकी नैया डूब गई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पंचायत चुनाव के लिए इससे भी बड़ी साजिश रच रही है।

अभिनेत्री नुसरत जहाँ ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जनता के लिए कार्य करने से रोक रही है। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर पश्चिम बंगाल को फंड न देने का आरोप भी मढ़ा। उन्होंने पूछा कि जब भाजपा ने पश्चिम बंगाल की जनता के लिए कुछ किया ही नहीं है और और राज्य को कुछ दिया ही नहीं है, तो उन्हें वोट क्यों मिले? उन्होंने दावा किया कि भाजपा को पश्चिम बंगाल में अब एक भी वोट नहीं मिलेगा।

भाजपा की महिला नेता अग्निमित्र पॉल ने नुसरत जहाँ की धमकी का करारा जवाब देते हुए कहा कि उन्हें अपने बॉस लोगों को कह कर पंचायत चुनाव की घोषणा करानी चाहिए और हमें धमकी देना बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर साहस है तो चुनाव की तारीख़ घोषित की जाए। भाजपा प्रवक्ता समीक भट्टाचार्य ने कहा कि नुसरत जहाँ सांसद हैं, राजनेतिक रूप से निरक्षर नहीं हैं, ऐसे में अपनी पार्टी के वरिष्ठों की भाषा ही बोल रही हैं। उन्होंने कहा कि इस भड़काऊ बयान का बसीरहाट की जनता जवाब देगी।

‘इस डॉक्यूमेंट्री ने भारत और इसकी पूरी व्यवस्था को बदनाम किया’: BBC के खिलाफ ₹10000 करोड़ का मानहानि का मुकदमा, HC ने जारी किया नोटिस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात दंगों को लेकर प्रोपेगंडा डॉक्यूमेंट्री बनाने के मामले में BBC पर मानहानि का मुकदमा दायर हुआ है। ब्रिटेन की मीडिया संस्थान को इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस भी जारी किया है। एक NGO ने 10,000 करोड़ रुपए के अपने मानहानि के मुक़दमे में आरोप लगाया है कि इस डॉक्यूमेंट्री ने भारत की प्रतिष्ठा को मलीन करने का कार्य किया है। साथ ही न्यायपालिका और प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा को भी बदनाम किया है।

‘ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (BBC)’ को ये समन सोमवार (22 मई, 2023) को जारी किया गया। गुजरात के NGO ‘जस्टिस फॉर ट्रायल’ ने दिल्ली उच्च-न्यायालय में मुकदमा दायर किया है। इस मामले में ‘BBC (UK)’ के अलावा ‘बीबीसी इंडिया’ को भी नोटिस जारी कर जवाब देने के लिए कहा गया है। डॉक्यूमेंट्री ‘India: The Modi Question’ को दो हिस्सों में जारी किया गया था। ‘BBC (UK)’ ने इसे जारी किया था, जबकि ‘बीबीसी इंडिया’ इसी की भारतीय शाखा है।

NGO की तरफ से 67 वर्षीय वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे दिल्ली हाईकोर्ट में पेश हुए। भारत के सॉलिसिटर जनरल रहे हरीश साल्वे अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में पाकिस्तान में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव का केस भी लड़ चुके हैं, जिसके बाद उनकी मौत की सज़ा पर रोक लग गई थी। उन्होंने कहा कि इस डॉक्यूमेंट्री ने भारत और इसकी पूरी व्यवस्था को बदनाम किया है, न्यायपालिका सहित। इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।

जस्टिस सचिन दत्ता ने सुनवाई करते हुए ये नोटिस जारी किया। इससे पहले 3 मई को एक भाजपा नेता की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली की एक अदालत ने BBC और Wikimedia को नोटिस जारी किया गया था। माँग की गई थी कि इन्हें RSS और VHP को बदनाम करने वाले कंटेंट्स प्रकाशित करने से रोका जाए। एक विकिपीडिया पेज पर इस डॉक्यूमेंट्री का लिंक उपलब्ध था, जबकि भारत में ये बैन है। इस प्रोपेगंडा डॉक्यूमेंट्री के जरिए मुस्लिम कट्टरपंथियों का भी बचाव किया गया था।

‘मुस्लिम लड़के मर गए हैं क्या जो हिन्दू के साथ घूम रही हो?’: युवती ने शॉपिंग में ली दोस्त की मदद तो भड़के मुस्लिमों ने की बदसलूकी, पीट-पीट कर फाड़ डाले कपड़े

हाल के दिनों में ऐसी कई घटनाएँ आई हैं जहाँ मुस्लिम लड़कियों किसी हिन्दू लड़के के साथ देख कर उनकी पिटाई कर दी गई, उनसे बदसलूकी की है। ताज़ा मामला मुरादाबाद से सामने आया है। यहाँ एक मुस्लिम लड़की को हिन्दू लड़के के साथ शॉपिंग करते देख कर मुस्लिम युवक भड़क गए और उन्होंने उनकी पिटाई कर दी। हिन्दू युवक से मारपीट कर के उसके कपड़े फाड़ डाले गए। युवती ने यूपी पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है।

इसके आधार पर FIR भी पंजीकृत कर लिया गया है। घटना भोजपुर इलाके में रविवार (21 मई, 2023) को हुई है। मारपीट करने वालों में इलाके के कुछ दुकानदार और उनके साथी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपितों की तलाश तेज कर दी है। दरअसल, उक्त मुस्लिम युवती कपड़े खरीदने के लिए बाजार गई थी। वो पैदल बाजार गई थी, जहाँ उसने उसके ही गाँव का परिचित हिन्दू युवक मिला। युवती ने उससे कहा कि वो भी उसकी ही बाइक से साथ गाँव चली जाएगी।

जब वो शॉपिंग कर रही थी, तब युवक बाहर ही इंतजार कर रहा था। शॉपिंग के दौरान युवती ने उसकी सलाह लेनी भी शुरू कर दी। इससे दुकान मालिक और वहाँ मौजूद कुछ मुस्लिम भड़क गए। दोनों का पहले नाम पूछा गया और युवक के हिन्दू होने की पुष्टि होते ही मारपीट शुरू कर दी गई। वीडियो में हमलावरों को कहते हुए सुना जा सकता है, “मुस्लिम लड़के मर गए हैं क्या जो हिन्दू के साथ घूम रही हो?” युवती बार-बार बताते रही कि वो युवक उसका पड़ोसी है, लेकिन हमलावरों ने मारपीट और बदसलूकी जारी रखी।

मुरादाबाद के एसपी (ग्रामीण) संदीप कुमार मीणा ने एक आरोपित के गिरफ्तार होने की पुष्टि की है। आरोपितों में शाने आलम, जाने आलम और हफीज को नामजद किया गया है। छेड़खानी के साथ-साथ मारपीट का मामला भी दर्ज किया गया है। मुस्लिम लड़की को आरोपितों ने धमकाया भी है कि आइंदा किसी लड़के के साथ देखा तो अंजाम बुरा होगा। दोनों को गंदी-गंद गालियाँ भी दी गईं। बता दें कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में 10 ऐसी घटनाओं के सामने आने की बात कही जा रही है।

वॉशरूम में पड़ा मिला अभिनेता आदित्य सिंह राजपूत का शव: सैकड़ों विज्ञापनों में किया था काम, इंडस्ट्री में बड़े-बड़े लोगों और ब्रांड्स से था कनेक्शन

अभिनेता, मॉडल एवं कास्टिंग कोऑर्डिनेटर आदित्य सिंह राजपूत की संदिग्ध रूप से मौत हो गई है। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के अँधेरी स्थित अपने घर में सोमवार (22 मई, 2023) को उन्हें मृत अवस्था में पाया गया। उनका शव वॉशरूम में पड़ा हुआ था। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हें पहले से ही मृत घोषित कर दिया गया। आदित्य सिंह राजपूत का घर इस इमारत में 11वीं मंजिल पर था। उनके एक दोस्त ने सबसे पहले उन्हें मृत अवस्था में देखा।

उनकी उम्र 32 वर्ष थी। जब उनके दोस्त ने उन्हें इस अवस्था में देखा, तो उसने वॉचमैन के साथ मिल कर उन्हें अस्पताल ले कर गए। लेकिन, डॉक्टरों ने बताया कि पहले ही उनकी मृत्यु हो चुकी है। इसे ड्रग ओवरडोज का मामला भी बताया जा रहा है। आदित्य सिंह राजपूत ने कई युवाओं को मॉडलिंग और एक्टिंग की दुनिया में मौका दिया था। वो इंडस्ट्री में कई बड़े लोगों से संपर्क में थे और कई बड़े ब्रांड्स के साथ काम कर रहे थे।

उनकी मौत से मनोरंजन इंडस्ट्री में कई लोगों को झटका लगा है। दिल्ली में पले-बढ़े आदित्य सिंह राजपूत ने बतौर मॉडल अपना करियर शुरू किया था। उन्होंने ‘क्रांतिवीर (2010)’ फिल्म में काम किया था। उन्हें ALTBalaji की अडल्ट सीरीज ‘गंदी बात’ के पाँचवें एपिसोड में भी देखा गया था। उन्होंने लगभग 300 विज्ञापनों में काम किया था। साथ ही वो ‘Splitsvilla 9’ का हिस्सा भी थे। TV पर उन्हें ‘लव’, ‘आशिकी’, ‘कोड रेड’, ‘आवाज (सीजन 9)’ और ‘बैड बॉय (सीजन 4)’ में भी देखा गया था।

आजकल वो एक प्रोडक्शन हाउस से जुड़े हुए थे और कास्टिंग पर ज़्यादा समय दे रहे थे। मुंबई के ग्लैमर सर्किट में वो लोकप्रिय थे और ‘पेज 3’ पार्टियों का एक अहम हिस्सा हुआ करते थे। ओशिवारा पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है। मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले आदित्य सिंह राजपूत ने मात्र 17 वर्ष की उम्र में फिल्मों का रुख कर लिया था। दिल्ली के ग्रीन फील्ड्स स्कूल में उनकी पढ़ाई हुई। इंस्टाग्राम पर उनके 5.21 लाख फॉलोवर्स हैं। उनकी मौत को लेकर अभी कुछ ज़्यादा सामने नहीं आया है।

रेप पीड़िता की विधवा माँ को जेल, दावा- आफताब मोहम्मद से समझौता नहीं करने पर काउंटर केस: हिंदू संगठनों के प्रदर्शन के बाद SIT का गठन

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के रतनपुर में एक रेप पीड़िता की विधवा माँ को जेल भेजने के मामले की जाँच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। कहा जा रहा है कि आरोपित आफताब मोहम्मद से समझौता नहीं करने पर बदले की कार्रवाई के तहत पीड़िता की माँ को फँसाया गया है। इस मामले को लेकर हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया है। आरोपित के बचाव में बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चे के एक नेता की भी भूमिका बताई जाती है। पार्टी ने उसे सस्पेंड कर दिया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव रविवार (21 मई 2023) की रात पीड़िता के घर पहुँचे और उसकी आपबीती सुनी।

पीड़िता की माँ पर काउंटर केस दर्ज कर जेल भेजने के विरोध में रविवार को रतनपुर बाजार बंद रहा। इसे सामाजिक और व्यापारिक संगठनों के अलावा विश्व हिंदू परिषद का समर्थन रहा। इस दौरान प्रदर्शन और नारेबाजी भी हुई। पीड़िता की माँ पर केस करने वाला बीजेपी नेता हकीम मोहम्मद का ही रिश्तेदार बताया जा रहा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा के छत्तीसगढ़ मुख्यालय प्रभारी और प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप ने हकीम मोहम्मद के निलंबन का पत्र जारी किया है।

बताया जा रहा है कि हकीम मोहम्मद ने आरोपित आफताब मोहम्मद को बचाने के लिए नगर पालिका के 10 पार्षदों द्वारा एक पत्र जारी करवाया था। इस पत्र में आफताब को सीधा-साधा नेकदिल इंसान बताया गया था।

क्या है मामला

बिलासपुर की पीड़िता ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया था कि 4 साल पहले स्कूल आते-जाते उसका आफताब से परिचय हुआ था। एक दिन आफताब ने प्यार का झाँसा देकर उससे यौन संबंध बनाए। 4 मार्च 2023 को 19 वर्षीय आफताब लड़की को घुमाने घूँटाघाट ले गया था। यहाँ भी उसने शारीरिक संबंध बनाए। बात में किसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ और आफताब ने लड़की की पिटाई कर दी। लड़की को वहीं छोड़ वह भाग गया। रात के समय पुलिस को लड़की रोते हुए मिली थी। उसकी शिकायत पर आफताब को गिरफ्तार कर लिया गया।

समझौते का दबाव

पीड़िता का क​हना है कि इसके बाद से ही आफताब के परिजन समझौते और केस वापस जेने का दबाव बना रहे थे। उसे पैसों का भी लालच दिया गया। इस बीच कथित तौर पर पीड़िता की माँ के साथ एक शपथ पत्र भी बनवा लिया गया। इसमें केस दबाव में दर्ज कराने की बात कही गई थी। पीड़िता ने आफताब को भाई जैसा बताया था। उसकी जमानत का विरोध न करने की बात लिखी हुई थी। इस पर पीड़िता के भी हस्ताक्षर थे। साथ ही एक वीडियो भी वायरल किया गया जिसमें आरोपित और पीड़िता के घर वाले एक साथ किसी होटल में बैठे दिखाई दे रहे थे। हालाँकि पीड़िता ने इस पत्र को फर्जी बताते हुए आफताब पर कार्रवाई की माँग की थी।

पीड़िता की माँ को जेल

आरोप है कि जब पीड़िता और उसका परिवार समझौते को राजी नहीं हुआ तो उसकी माँ पर काउंटर केस किया गया। पीड़िता की माँ विधवा हैं। वह किराने की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करती हैं। आरोप लगाया गया कि आफताब के परिवार का एक 10 वर्षीय बच्चा उनकी दुकान पर चॉकलेट लेने गया। महिला उसे अंदर ले गई और उसके प्राइवेट पार्ट से छेड़छाड़ की। शिकायत में कहा गया कि बच्चा इस घटने के बाद से सदमे में है। महिला ने उसे मुँह बंद रखने की धमकी भी दी थी। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता की माँ पर IPC की धारा 377, 506 और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर 19 मई 2023 (शुक्रवार) को उन्हें जेल भेज दिया।

हिंदू संगठनों का विरोध

इस पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ हिन्दू संगठनों और स्थनीय लोग सड़कों पर उतर गए। नाराज लोगों ने रविवार को रतनपुर बाजार बंद रखा। लोगों के विरोध को देखते हुए थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया। साथ ही पीड़िता की माँ पर लगे आरोपों की जाँच के लिए SIT का गठन किया गया है। SIT को 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश मिले हैं। बताया जा रहा है कि चॉकलेट खरीदने के लिए बच्चे के दुकान जाने का कोई ठोस सबूत भी नहीं है।

जो अमेरिका नहीं कर पाया, वो कर रहा है भारत… PM मोदी को ‘ग्लोबल साउथ’ में ऐसा सम्मान कि चीन की उड़ गई नींद, FIPIC से प्रशांत महासागर में बढ़ रहा भारत का प्रभाव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से ही इस पर विश्लेषण होता ही रहता है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका मजबूत हुई है। अब एक वीडियो मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक सुर्खियाँ बना। ये वीडियो रविवार (21 मई, 2023) की शाम का है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीपीय देश पापुआ न्यू गिनी पहुँचे। वहाँ के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने पीएम मोदी के पाँव छू कर उन्हें प्रणाम किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने झुक कर पापुआ न्यू गिनी के पीएम ने जिस तरह से उन्हें सम्मान दिया, उससे हर भारतवासी को अपने नेतृत्व पर गर्व महसूस हुआ। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पापुआ न्यू गिनी ने अपने देश के सर्वोच्च सम्मान ‘Companion of the Order of Logohu (GCL)’ ने भी नवाजा है। वहाँ के गवर्नर जनरल सर बॉब डाडा ने उन्हें ये सम्मान दिया। उन्हें ‘ग्लोबल साउथ’ के हितों के लिए आवाज़ उठाने और प्रशांत महासागर में स्थित देशों की एकता के लिए प्रयास करने के लिए ये सम्मान दिया जा रहा है।

अब आपके मन में ये सवाल ज़रूर उठेगा कि आखिर ये ‘ग्लोबल साउथ’ क्या है? इसका अर्थ उन देशों से है, जो कम विकसित हैं और जिन पर कैपिटलिस्ट अर्थव्यवस्था का नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। ऐसे देश, जिन्हें अमीर देशों से किसी न किसी कारण नुकसान पहुँचा, जो उपेक्षित रह गए। पहली बार अमेरिकी सामाजिक कार्यकर्ता एवं लेखक कार्ल ऑग्लेज़्बी ने इस टर्म का इस्तेमाल किया था। इसमें कम आय वाले ऐसे देश आते हैं, जिनकी उपेक्षा की गई।

इसके अंतर्गत जो देश आते हैं वहाँ प्रति व्यक्ति आय बहुत कम है, बेरोजगारी का स्तर बहुत ज़्यादा है और साथ ही इंफ़्रास्ट्रक्चर की कमी है। कई लोग इसका मतलब दक्षिण में स्थित देश समझ लेते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। हाँ, ये ज़रूर कहा जा सकता है कि इसमें आने वाले अधिकतर देश उष्णकटिबंधीय दक्षिणी गोलार्ध में ही स्थित हैं। ‘साउथ’ का अर्थ यहाँ ‘गरीब’ से लिया जा सकता है, जिसे कई लोग पसंद भी नहीं करते हैं और संवेदनहीन परिभाषा बताते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिजी ने भी अपने देश के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा है। सबसे बड़ी बात ये है कि फिजी द्वारा किसी विदेशी नागरिक को ये सम्मान देना बिलकुल दुर्लभ है। उन्हें ‘कम्पैनियन ऑफ ऑर्डर ऑफ फिजी (CF)’ अवॉर्ड से नवाजा गया। वैश्विक राजनेता के रूप में किए गए कार्यों के कारण उन्हें यह सम्मान दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदियों पुराने भारत-फिजी संबंधों की बात करते हुए इस अवॉर्ड को भारत की जनता को समर्पित किया।

फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी रबुका ने उन्हें वहाँ के राष्ट्रपति की तरफ से ये सम्मान दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहाँ FIPIC की बैठक में हिस्सा लेने गए हैं। आप ज़रूर सोच रहे होंगे कि आखिर ये FIPIC है क्या और ये इतना महत्वपूर्ण क्यों है। इसका अर्थ है – ‘इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन’, जिसे प्रशांत महासागर में स्थित छोटे देशों और भारत के साथ उनके गठबंधन के लिए बनाया गया है। नवंबर 2014 में जब पीएम मोदी फिजी गए थे, तब इसका गठन किया गया था।

इसमें भारत के अलावा ये 14 देश शामिल हैं – कुक आइलैंड्स, फिजी, किरिबाती, मार्शल आइलैंड्स, माइक्रोनेशिया, नाउरू, निउए, पलाउ, पापुआ न्यू गिनी, समोआ, सोलोमन आइलैंड्स, टोंगा, तुवालू और वानूआतू। ये सभी द्वीपीय देश हैं। न सिर्फ इन देशों का क्षेत्रफल छोटा है, बल्कि ये भारत से बहुत दूरी पर भी स्थित हैं। इनमें से अधिकतर बड़े ‘एक्सक्लूसिव इकनोमिक जोन (EEZ)’ का हिस्सा हैं, अर्थात समुद्री क्षेत्रों पर उनका अच्छा-खासा अधिकार है।

भारत की अधिकतर सक्रियता हिंद महासागर में ही रही है, जिसका इस्तेमाल वो अपने व्यापारिक और सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए करता रहा है। इन देशों और भारत के बीच व्यापारिक रिश्तों को भी आगे बढ़ाने के लिए इस मंच का इस्तेमाल किया जा रहा है। दोनों पक्षों के बीच हर साल 300 मिलियन डॉलर (2486 करोड़ रुपए) का कारोबार होता है। भारत ने क्लीन एनर्जी और जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए भी 1 मिलियन डॉलर की सहायता इन देशों को की है।

साथ ही भारत में इनके लिए एक ट्रेड ऑफिस की स्थापना की गई। डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ‘वीजा ऑन अराइवल’ की सुविधा भी उन्हें दी गई है, अर्थात भारत पहुँचने के बाद एयरपोर्ट पर वीजा देना। अंतरिक्ष तकनीक में भी सहयोग किया जा रहा है। उनके लिए एक ‘विजिटर्स प्रोग्राम’ बनाया गया है। हर साल दी जाने वाली सहायता को बढ़ा कर 2 लाख डॉलर कर दिया गया है।

भारत फ़िलहाल G20 की भी अध्यक्षता कर रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रशांत महासागर के द्वीपीय देशों को आश्वासन दिया है कि वो उनके मुद्दे भी वैश्विक मंच पर उठाएँगे। इंडो-पैसिफिक मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान विकसित देशों पर भी निशाना साधा, जिन्होंने कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के काल में ‘ग्लोबल साउथ’ को छोड़ दिया था और उनकी मदद नहीं की थी। ऐसे समय में भारत ने ‘वैक्सीन मैत्री’ के जरिए इन देशों की मदद की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पापुआ न्यू गिनी और फिजी द्वारा अपन सर्वोच्च सम्मान देना ये दिखाता है कि उनके नेतृत्व पर न सिर्फ भारत के गरीबों को, बल्कि गरीब देशों को भी भरोसा है। इंडो-पैसिफिक देशों के लिए भारत ने 80 लाख वैक्सीन डोज की व्यवस्था की थी। पापुआ न्यू गिनी को भी 1,32,000 कोविड-19 वैक्सीन के डोज भेजे गए थे। कठिन समय में भारत द्वारा की गई मदद का ही ये प्रभाव है कि आज इन देशों में भारत और भारत के नेता के लिए इतना सम्मान है।

इस बैठक में मैरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन भी आने वाले थे, लेकिन वाशिंगटन में ऋण को लेकर चल रही आपात चर्चाओं के कारण उन्हें अपना कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। चीन 80 के दशक से ही इन देशों से जुड़ा रहा है। हाल ही में चीन ने सोलोमन आइलैंड के साथ एक करार किया, जिसके अनुसार वो वहाँ की सेना का भी इस्तेमाल कर सकता है। सोलोमन आइलैंड की जमीन का इस्तेमाल वो अपने सुरक्षा हितों के लिए कर सकता है।

ऐसे में भारत के लिए वहाँ अपनी उपस्थिति मजबूत करना समय की माँग भी है। मार्शल आइलैंड्स, नाउरु, पलाउ और तुवालु के अलावा वहाँ के बाकी देशों से चीन ने काफी नजदीकियाँ बढ़ा ली हैं और उनके विश्वास हासिल करने में सफलता पाई है। सोलोमन आइलैंड्स को चीन ने 730 मिलियन डॉलर की सहायता देने का ऐलान किया। वहाँ के लोगों में चीन के प्रति नाराजगी है, लेकिन इसके बावजूद वहाँ की सरकार ने इस करार को स्वीकार किया।

चीन ने अब तक ‘पैसिफिक आइलैंड्स फोरम (PIF)’ और ‘चीन-पैसिफिक आइलैंड्स इकोनॉमिक डेवलपमेंट एंड कोऑपरेशन फोरम’ के जरिए वहाँ अपनी उपस्थिति बढ़ाता रहा है। वहाँ के एक नेता को सिर्फ इसीलिए पद से हटा दिया गया, क्योंकि वो चीनी आक्रामकता के खिलाफ था। उधर अमेरिका इन देशों को लेकर ज्यादा गंभीर नहीं है। उसने 1993 में सोलोमन आइलैंड्स में अपना दूतावास तक बंद कर दिया था। चीन ने इसका फायदा उठाया।

अब जब चीन अपने ‘बेल्ट एन्ड रोड’ परियोजना के लिए वहाँ के देशों के साथ आक्रामक रूप से संबंध बढ़ाने लगा, तब अमेरिका की नींद टूटी और उसने प्रशांत महासागर में स्थित इन द्वीपीय देशों के लिए नीतियाँ नए सिरे से बनानी शुरू की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वो कर रहा है, जो अमेरिका नहीं आकर पाया। भारत की दमदार उपस्थिति से चीन को वहाँ खतरा जरूर महसूस होगा। भारत हमेशा ‘पीपल टू पीपल’ कनेक्टिविटी पर जोर देता है और भारत की कोई छिपी हुई मंशा भी नहीं होती, ऐसे में वहाँ की जनता भी भारत से खुश रहती है।

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की हिटलिस्ट आई सामने, टॉप पर सलमान खान: अभिनेता को बता चुका है घमंडी, कहा था- उसे मारना मेरी जिंदगी का मकसद

मीडिया में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) की हिटलिस्ट की चर्चा चल रही है। कहा जा रहा है कि हिटलिस्ट में शामिल नामों का खुलासा उसने जाँच एजेंसी एनआईए (NIA) के सामने किया है। इस लिस्ट में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान का नाम सबसे ऊपर है। अभिनेता की हत्या को वह पहले भी अपने जीवन का मकसद बता चुका है।

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मास्टरमांइड लॉरेंस बिश्नोई ने ही यह भी बताया है कि गोगी गैंग को गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की मदद से 2 जिगाना पिस्टल उपलब्ध करवाई थी। कहा जा रहा है कि लॉरेंस की दी हुई पिस्टल से ही प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या हुई थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनआईए के अधिकारियों के सामने पूछताछ में बिश्नोई ने हिटलिस्ट में शामिल नामों का खुलासा किया है। इसमें बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान टॉप ​पर हैं, जिन्हें वह हर हाल में मारना चाहता है। इसके अलावा दूसरे नंबर पर सिद्धू मूसेवाला का मैनेजर शगुनप्रीत है। इस लिस्ट में मनदीप धालीवाल (लक्की पटियाल का गुर्गा), कौशल चौधरी (गैंगस्टर), अमित डागर (गैंगस्टर), सुखप्रीत सिंह बुद्धा (बमबिहा गैंग का सरगना), लक्की पटियाल (गैंगस्टर), रम्मी मसाना (गौंडर गैंग का गुर्गा), गुरप्रीत शेखो (गैंगर गैंग का गुर्गा), भोलू शूटर, सनी लेफ्टी, अनिल लठ (विक्की मुद्दुखेड़ा के हत्यारे) भी शामिल है।

अपने कबूलनामे में बिश्नोई ने यह भी बताया कि उसने सिद्धू मूसेवाला की हत्या करवाने के लिए 50 लाख की रकम हवाला के जरिए गोल्डी को भेजी थी। अयोध्या का विकास सिंह उसका मददगार है। वह उसके शूटरों को शरण देने में उसकी मदद करता है। पूछताछ में बिश्नोई ने इस बात का भी खुलासा किया कि भरतपुर, फरीदकोट और अन्य जेलों में रहने के दौरान उसने राजस्थान, चंडीगढ़ और अंबाला में कारोबारियों से पैसे भी उगाहे थे।

गौरतलब है कि इस साल मार्च में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने ABP न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में सलमान खान की हत्या को अपने जीवन का मकसद बताया था। उसने अपराध की दुनिया छोड़ने के बाद गोसेवा करने की भी इच्छा जताई थी। काले हिरण के शिकार मामले में सलमान खान की संलिप्पता से गैंगस्टर लॉरेंस बेहद नाराज दिखा था। उसने कहा था कि उसे उम्मीद थी कि अभिनेता अपनी गलती की माफ़ी माँगेगा पर ऐसा नहीं हुआ। उसमें ठीक वैसा ही अहंकार है, जैसा सिद्धू मूसेवाला में था। सलमान के अहंकार की तुलना बिश्नोई ने रावण के घमंड से की थी। गैंगस्टर ने कहा था कि समय आने पर वह बॉलीवुड अभिनेता के इस अहंकार को खत्म कर देगा।

IPL की कई टीमें बनीं सिकंदर, कई टीमें आज भी फिसड्डी; पर गालीबाजी में RCB के फैंस टॉप: जेंटलमैन गेम में ये गंदगी क्यों

साल 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की शुरुआत क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं थी। जो उत्साह दर्शकों में कभी वर्ल्ड कप के आने पर दिखता था, वो उत्साह आईपीएल के कारण अब हर साल बना रहता है। लोगों ने राज्य और खिलाड़ियों के आधार पर अपनी टीमें पसंद कर रखी हैं। इनकी पर्फॉर्मेंस तय करती है कि दर्शक का मूड कैसा बनेगा। टीम जीते तो फैंस खुशी से झूम जाते हैं और हारे है तो निराश हो जाते हैं…सालों से दर्शकों के प्रतिक्रिया देने का यही ढंग रहा। लेकिन बीते कुछ समय में इस ढंग को यदि किसी ने बदला है तो वो आरसीबी फैंस है जो जीत की आस लिए बैठते हैं मगर जब ऐसा नहीं होता तो वो गाली-गलौच पर उतर आते हैं।

अच्छा प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों पर RCB फैंस की खुंदस

इस बार भी कुछ यही हुआ। गुजरात टाइटन्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच हुए खेल में गुजरात टाइटन्स ने बाजी मारी। टीम के दो क्रिकेटरों ने इतना अच्छा खेला कि सब उनकी तारीफ करने लगे। मगर उनकी इस पर्फॉर्मेंस से जो आरसीबी को हार देखने को मिली वो टीम के फैंस से बर्दाश्त नहीं हुई। वो इतनी नीचता पर उतर आए कि उन्होंने शुभमन गिल के सेंचुरी मारने पर उनके जान से मारने की धमकी दी और क्रिकेटर की बहन को ‘वेश्या’ बता दिया। इसी तरह विजय शंकर द्वारा मारा गया अर्धशतक भी आरसीबी फैंस को नहीं हजम हुआ। विजय पर आरोप लगाए गए कि वो बस आईपीएल में पैसों के लिए खेलते हैं लेकिन भारत के लिए खेलने को कहा जाए तो प्रदर्शन नहीं कर पाते।

दिल्ली-पंजाब ने भी नहीं जीती ट्रॉफी, पर फैंस गाली नहीं देते

आरसीबी के फैंस का यह बर्ताव किसी भी क्रिकेट प्रेमी के लिए बहुत हैरान करने वाला है। सालों से देखा गया है कि खेल में किसी को हार मिलने पर आलोचना सामान्य बात होती है पर जीतने पर कोई गाली नहीं देता। मगर अब आरसीबी के फैंस इस ट्रेंड को बदल रहे हैं। उन्होंने अपनी कुंठा जीतने वाली टीम और उसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों पर निकालनी शुरू कर दी है। कुछ लोग इस रवैये को फैंस की हताशा बताकर जस्टिफाई करने का प्रयास भी कर सकते हैं। लेकिन ऐसा करने से पहले ये याद रहना चाहिए कि आईपीएल के इतिहास में आरसीबी अकेली टीम नहीं है जिनके हाथ ट्रॉफी एक भी बार नहीं आई, दिल्ली और पंजाब जैसी भी टीमें हैं जो इस ट्रॉफी तक अब तक नहीं पहुँची… अब ऐसा थोड़ी है कि इनके कोई फैंस ही नहीं है या जो हैं वो चाहते ही नहीं है कि उनकी टीम जीते…बस फर्क इतना ही कि वो हारने पर कभी जीते वाली टीम के साथ अभद्रता पर नहीं उतरते दिखे जबकि आरसीबी के फैंस ने बदसलूकी करने की हर हद पार कर दी है।

लड़ाई कोहली-गंभीर की, गाली फैंस ने दी

अपनी टीम को जिताने के लिए वो ये सोचने की जगह कि उनके प्लेयर बढ़िया खेलें, ये सोचकर भड़क रहे हैं कि दूसरी टीम का प्लेयर क्यों बेहतर खेल रहा है। वो उनकी तारीफ करने की बजाय उन्हें ट्रोल कर रहे हैं, उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इतना ही नहीं परिवार के लोगों को भी अनाप-शनाप बोला जा रहा है। और ये सब कोई पहली बार नहीं हो रहा। इससे पहले भी आरसीबी के फैंस रोहित शर्मा को भला-बुरा बोल चुके हैं। धोनी पर सवाल उठा चुके हैं। इतना ही नहीं बीच में जब कोहली-गंभीर का विवाद हुआ तो इन्हीं आरसीबी फैंस ने गौतम गंभीर को भी ट्रोल किया बिना ये समझे कि गलती किसकी है।

कब कौन जीता, कौन हारा

2008 से अब तक का रिकॉर्ड देखें तो पता चलता है कि आईपीएल सबसे ज्यादा दफा मुंबई इंडियंस ने जीता (5 बार), इसके बाद चेन्नई किंग्स (4 दफा), कोलकाता ने 2 बार, हैदराबाद ने 2 बार, राजस्थान ने 2 बार और गुजरात टाइटन्स ने एक बार जीता है। वहीं दिल्ली कैपिटल्स, पंजाब किंग्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वो टीमें हैं जो खेलीं हर साल पर खिताब अपने नाम नहीं कर पाईं। इनके अलावा कोच्चि टस्कर्स, पुणे वॉरियर्स, राइसिंह सुपर जियांट्स, गुजरात लॉयन्स और लखनऊ सुपर जियांट्स वो टीमें जो एक भी बार आईपीएल ट्रॉफी नहीं जीत पाईं।

3 बार फाइनल पहुँची RCB, जीत नहीं पाई

बावजूद तमाम हार के बाद क्रिकेट के इतिहास में इतने गालीबाज फैंस कभी किसी के नहीं रहे जितने आरसीबी के हैं। शुरुआत से लेकर अब तक आईपीएल में इनकी पर्फॉर्मेंस को देखें तो पता चलेग आरसीबी 2009, 2011 और 2016 में रनर-अप रह चुकी है। यानी उन्हें तीन बार फाइनल्स में मौका मिला। जबकि पंजाब और दिल्ली वो टीम हैं जो खेली भी हमेशा और उनके हिस्से भी ये मौका ही एक-एक बार आया। जैसे दिल्ली के पास 2020 में और पंजाब किंग्स के पास 2015 में। 

आईपीएल में इन टीमों की यदि पोजिशन देखें तो पता चलेगा कि आरसीबी कितना ही खुद को हताश दिखाए पर इनके फैंस से ज्यादा बुरी हालात उनकी नहीं होगी। आरसीबी जहाँ 2010, 2015 और 2022 में तीसरे नंबर पर रह चुकी है। वहीं पंजाब कभी भी 5वाँ पायदान से ऊपर नहीं उठी। दिल्ली कैपिटल्स तो 2011 में 10वें पायदान पर थी…ऐसे प्रदर्शन के कारण इनकी आलोचनाएँ समय-समय पर जरूर हुई। इनके फैंस ने इनसे नाराजगी जताई जरूर पर इतना कोई नहीं बौराया कि अपनी टीम की हार का बचाव करने पर दूसरे क्रिकेटर को गाली देने लगें। ये हुनर साल दर साल आरसीबी फैंस में बढ़ता जा रहा है जिसका असर आरसीबी की छवि पर सीधा पड़ता है।

जयपुर के जिस मोहल्ले में ‘हिंदुओं के पलायन’ को नकार रही राजस्थान पुलिस, वहाँ के हिंदू कर रहे मंदिरों के रास्ते में माँस फेंकने से लेकर लव जिहाद तक का दावा

राजस्थान की राजधानी जयपुर के किशनपोल इलाके की एक जगह है- पुरोहित जी का मोहल्ला। यह मोहल्ला ‘हिंदू पलायन’ वाले पोस्टर को लेकर चर्चा में है। राजस्थान पुलिस ने पलायन के किसी भी मामले से इनकार किया है। पोस्टर लगाने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। लेकिन ऑपइंडिया ने जब सोमवार (22 मई 2023) को किशनपोल के वार्ड नंबर 69 स्थित पुरोहित मोहल्ला के हिंदू निवासियों से बात की तो उन्होंने कुछ अलग ही दावे किए।

बसने से पहले ही देने लगे हैं गालियाँ

विवाद की शुरुआत कॉन्ग्रेस पार्षद फरीद कुरैशी के रिश्तेदार द्वारा मोहल्ले में एक हिंदू का घर खरीदने से हुई है। इस घर के पड़ोस में रहने वाली सोनिया पारीक ऑपइंडिया को बताया कि कुछ समय पहले पार्षद फरीद कुरैशी के भाई ने एक घर खरीदा। उसकी साफ-सफाई के लिए कुछ मुस्लिम लड़के आए थे। उन्होंने मोहल्ले की हिन्दू औरतों से गाली-गलौज की। सोनिया ने गालियाँ देने वाले युवकों के नाम फारुख, मोहसिन और रईस बताए हैं। एक दलित महिला को जातिसूचक गालियाँ देने का आरोप लगाया है। सोनिया का दावा है कि पुलिस दबाव में काम कर रही है।

मंदिर मार्ग पर हड्डी और माँस

वार्ड नंबर 69 के ही रहने वाले भुवनेश से भी ऑपइंडिया ने बात की। भुवनेश ने बताया कि कई मंदिर होने की वजह से उनका मोहल्ला राजस्थान की छोटी काशी कहा जाता है। लेकिन आसपास मुस्लिम बस्तियों के कारण उन्हें दर्शन के लिए जाने में कठिनाई होती है। उनका दावा है कि आसपास के मुस्लिम माँस और हड्डी रास्ते पर फेंक देते हैं।

लव जिहाद और छेड़छाड़ आम

भुवनेश का दावा है कि उनके क्षेत्र में कई लड़कियाँ लव जिहाद की शिकार हो चुकी हैं। इनमें से कई वापस भी नहीं लौट पाईं हैं। उनका दावा है कि रात को मोहल्ले के असपास की सड़कों पर मुस्लिम गाड़ियाँ खड़ी कर हंगामा करते हैं। आने-जाने वाली लड़किओं से छेड़खानी करते हैं।

कुछ ही वर्षों में हुआ मुस्लिम बहुल

भुवनेश के अनुसार वार्ड नंबर 69 कभी हिंदू बहुल मोहल्ला था। लेकिन अब यह क्षेत्र मुस्लिम बहुल हो चुका है। भुवनेश का दावा है कि माली समाज सहित कई अन्य बिरादरी के लगभग 50 घर कुछ ही वर्षों के भीतर मुस्लिमों ने खरीदे हैं। उनका कहना है, ” यही हाल रहा तो कुछ समय बाद सभी को पलायन करना पड़ेगा।” उनका यह भी कहना है कि मुस्लिमों के दो समूहों के बीच आपसी विवाद की स्थिति में भी हिंदुओं को नुकसान झेलना पड़ता है। कई बार पत्थरबाजी में हिंदू घरों की खिड़कियों के शीशे टूट चुके हैं।

पार्षद के रिश्तेदार को घर बेचने वाला कौन?

पार्षद फरीद के भाई को घर बेचने वाले का नाम अजय पारीक बताया जा रहा। ऑपइंडिया ने अजय के रिश्तेदार अर्जुन पारीक से बात की। उन्होंने बताया कि कई हिंदू भी इस मकान के लिए अजय को ज्यादा पैसा देने को तैयार थे। बावजूद उसने फरीद के भाई को ही घर क्यों बेची, यह सोचने का विषय है। अर्जुन के अनुसार घर बेचने के बाद से अजय किसी रिश्तेदार का फोन नहीं उठा रहे। उनका कहना है, लगता है कि फरीद के भाई को ही अपना घर बेचने का अजय पर कोई दबाव रहा होगा।

किशनपोल क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता और भाजपा नेता मनीष पारीक ने ऑपइंडिया से बात की। उन्होंने कहा कि जिसने मकान खरीदा है वह कॉन्ग्रेस पार्षद फरीद का भाई है। पार्षद फरीद स्थानीय विधायक अमीन कागजी का काफी करीबी है। उन्होंने कहा, “पुलिस पलायन के पोस्टर लगाने वाले हिंदुओं को खोज रही है, जबकि उसे मकान बेचने वाले अजय पारीक को खोजना चाहिए जो किसी के भी संपर्क में नहीं है।”

ऑपइंडिया ने पलायन के इस मुद्दे को सबसे पहले उठाने वाले भाजपा विधायक रामलाल शर्मा से बात की। भाजपा विधायक ने पुलिस कार्यशैली पर असंतोष जताते हुए कहा कि निष्पक्ष जाँच के बजाए इस मामले को दबाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

हालाँकि स्थानीय मुस्लिम इसे फालतू का विवाद बता रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें हिंदुओं से कोई दिक्कत नहीं है। वहीं फरीद के भाई के घर में सफाई करने गया एक व्यक्ति हिंदुओं पर ही गाली देने का आरोप लगा रहा है।

अकोला हिंसा का मास्टरमाइंड अरबाज खान गिरफ्तार, एडिट कर चैट किया था वायरल: ‘सिर तन से जुदा’ के नारों के बाद हुई थी आगजनी

महाराष्ट्र के अकोला में हिंदुओं के खिलाफ हुई हिंसा के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसकी पहचान अरबाज खान (Arbaaz Khan) के तौर पर बताई गई है। 20 मई 2023 को उसे पकड़ा गया। पुलिस को अब इस हिंसा के पीछे के ‘गॉडफादर’ की तलाश है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 वर्षीय अरबाज ने हिंसा फैलाने में मुख्य भूमिका निभाई थी। अकोला के एसपी संदीप घुगे ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि हिंसा का पूरा मामला एक विवादास्पद इंस्टाग्राम चैट को लेकर शुरू हुआ था। इसे अरबाज खान ने पहले एडिट किया और फिर चैट वायरल कर पुलिस थाने में लोगों को इकट्ठा किया। खान के कहने पर ही भीड़ ने शहर के अलग हिस्सों में लोगों को उकसाकर हिंसा करवाई।

जाने कैसे अरबाज खान ने हिंदुओं के खिलाफ हिंसा फैलाई

बताया जा रहा है कि समीर सोनावणे ने ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म के समर्थन में एक इंस्टाग्राम पेज बनाया था। इसमें उसने यह बताया कि कैसे आईएसआईएस से जुड़े लोग हिंदू लड़कियों को अपने जाल में फँसाते हैं और उन्हें इस्लाम कबूल करने पर मजबूर करते हैं। फिर उन्हें आईएसआईएस आतंकवादियों की सेक्स स्लेव बना दिया जाता है। आरोपित अरबाज ने जब इस इंस्टाग्राम पेज को देखा, तो उसने पेज के एडमिन के साथ चैट करना शुरू कर दिया।

चैटिंग के दौरान दोनों के बीच काफी बहस हुई। देखते ही देखते दोनों की बहस अश्लील और आपत्तिजनक शब्दों तक पहुँच गई। लेकिन चैट खत्म होने के बाद अरबाज ने उसके कुछ विवादस्पद हिस्सों को अलग कर उसे वायरल कर दिया। ध्यान रहे कि सोशल मीडिया पर हिंदुओं के खिलाफ इस्लामवादियों का यह एक एक सामान्य तरीका है। वे बातचीत शुरू कर हिंदुओं को उकसाते हैं, फिर उसके कुछ हिस्सों के एडिट कर मुस्लिमों को ​हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के लिए भड़काया जाता है। यही अकोला में भी हुआ था।

पुलिस ने बताया है कि 23 वर्षीय अरबाज ने सोनावणे के साथ बातचीत शुरू की, जिसने ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म के समर्थन में एक पेज बनाया था। लेकिन जब खान ने चैट के एडिट हिस्से को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, तो पुलिस स्टेशन में कट्टरपंथी मुस्लिमों की भीड़ जमा हो गई। उसी भीड़ ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में और लोगों को हिंसा करने के लिए उकसाया।

खबरों के मुताबिक, खान ने सोशल मीडिया के जरिए भीड़ को यह कहते हुए उकसाया कि मुस्लिम समुदाय और उनके मजहब के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही जा रही है। इसके बाद मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोग पहले थाने पहुँचे और शिकायत दर्ज करने को कहा। पुलिस थाने के बाहर जब कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़ जमा हो गई, तब ‘सर तन से जुदा’ के नारे भी लगाए गए। मालूम हो कि पिछले साल कथित रूप से इस्लाम का अपमान करने के लिए कई व्यक्तियों की हत्या कर दी गई थी। देश भर में कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़ द्वारा इसी तरह के नारे लगाए जाने के बाद नूपुर शर्मा (बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता) का समर्थन करने वाले राजस्थान के उदयपुर के कन्हैया लाल का सिर कलम कर दिया गया था। उमेश कोहली का भी यही हश्र हुआ था।

मास्टरमाइंड अरबाज के अलावा पुलिस ने समीर सोनावणे को भी गिरफ्तार किया है, जिसने ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म के समर्थन में इंस्टाग्राम पेज बनाया था।

अकोला हिंसा

13 मई 2023 को महाराष्ट्र के अकोला जिले के ओल्ड सिटी थाना क्षेत्र में कट्टरपंथी इस्लामवादियों ने जमकर उत्पात मचाया था। दंगाइयों ने कई वाहनों में तोड़फोड़ कर उसे आग के हवाले कर दिया था। इस हिंसा में एक की मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने इलाके की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान कर 25 दंगाइयों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इस मामले में 120 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।