Saturday, July 13, 2024
Homeदेश-समाजकर्नाटक के नए CM सिद्धारमैया के खिलाफ सरकारी टीचर ने लिखा FB पोस्ट, कुछ...

कर्नाटक के नए CM सिद्धारमैया के खिलाफ सरकारी टीचर ने लिखा FB पोस्ट, कुछ देर बाद सस्पेंड: प्रशासन ने कहा- नियमों के उल्लंघन पर हुई कार्रवाई

शिक्षक ने कहा कि कृष्णा के समय से लेकर शेट्टार तक मुख्यमंत्रियों द्वारा लिया गया ऋण 71,331 करोड़ रुपए था, लेकिन सिद्धारमैया के शासनकाल में यह 2,42,000 करोड़ रुपए तक पहुँच गया था। इस पोस्ट में लिखा है, “इसलिए उनके लिए मुफ्त उपहारों की घोषणा करना आसान है।”

कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले के कानुबेनहल्ली में एक सरकारी प्राइमरी स्कूल के एक शिक्षक को फेसबुक पोस्ट पर निलंबित कर दिया गया। शिक्षक का नाम शांतन मूर्ति है। टीचर के खिलाफ यह कार्रवाई सिर्फ इसलिए हुई है क्योंकि उन्होंने प्रदेश के नए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की फ्री नीतियों के कारण बढ़ रहे कर्जे की पोल अपने पोस्ट में खोली थी।

जिस फेसबुक पोस्ट को लेकर उन पर यह कार्रवाई हुई है उसमें उन्होंने लिखा था पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में कर्जा… एसएम कृष्णा के दौरान कर्ज 3590 करोड़ रुपए था। जबकि धरम सिंह के वक्त 15635 करोड़ रुपए, एचडी कुमारस्वामी के कार्यकाल में 3545 करोड़ रुपए, बीएस येदियुरप्पा के समय 25653 करोड़ रुपए, डीवी सदानंद गौड़ा के रहते 9464 करोड़ रुपए, जगदीश शेट्टार में 13464 करोड़ रुपए था। लेक‍िन सिद्धारमैया के कार्यकाल के दौरान यह कर्ज 2,42,000 करोड़ रुपए हो गया था।

शिक्षक ने अपने पोस्ट के जरिए बताया था कि कृष्णा के समय से लेकर शेट्टार तक मुख्यमंत्रियों द्वारा लिया गया ऋण 71,331 करोड़ रुपए था, लेकिन सिद्धारमैया के शासनकाल में यह 2,42,000 करोड़ रुपए तक पहुँच गया था। इस पोस्ट में लिखा था, “इसलिए उनके लिए (सिद्धारमैया) मुफ्त उपहारों की घोषणा करना आसान है।”

इस फेसबुक पोस्ट के आधार पर चित्रदुर्ग जिले के पब्लिक इंस्ट्रक्शन के डिप्टी डायरेक्टर के रविशंकर रेड्डी ने होसदुर्गा तालुक के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी एल जयप्पा को शिक्षक को निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीचर ने ऐसा पोस्ट लिखकर कर्नाटक सिविल सेवा (आचरण) नियम-1966 का उल्लंघन किया है। उन्होंने यह भी कहा क‍ि श‍िक्षक के विरुद्ध आगे की कार्रवाई करने से पहले विभागीय जाँच करवाई जाएगी।

बता दें कि शिक्षक के खिलाफ हुई कार्रवाई का सोशल मीडिया पर काफी विरोध हो रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या ये फासीवाद नहीं है क्या जो केवल सीएम की आलोचना पर टीचर सस्पेंड कर दिया गया। यूजर्स का सवाल है कि अगर ऐसा कुछ भाजपा के शासनकाल में हुआ होता तो अब तक हल्ला मच जाता।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में NDA की बड़ी जीत, सभी 9 उम्मीदवार जीते: INDI गठबंधन कर रहा 2 से संतोष, 1 सीट पर करारी...

INDI गठबंधन की तरफ से कॉन्ग्रेस, शिवसेना UBT और PWP पार्टी ने अपना एक-एक उमीदवार उतारा था। इनमें से PWP उम्मीदवार जयंत पाटील को हार झेलनी पड़ी।

नेपाल में गिरी चीन समर्थक प्रचंड सरकार, विश्वास मत हासिल नहीं कर पाए माओवादी: सहयोगी ओली ने हाथ खींचकर दिया तगड़ा झटका

नेपाल संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में अविश्वास प्रस्ताव पर हुए मतदान में प्रचंड मात्र 63 वोट जुटा पाए। जिसके बाद सरकार गिर गई।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -