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पहली बार नहीं लगी किसी नोट पर रोक… कॉन्ग्रेस काल में RBI ने किया था ऐसा ही ऐलान: 1978 में बंद हुए थे ₹10 हजार के नोट

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 2000 रुपए के सभी नोटों को वापस लेने का ऐलान किया है। RBI के इस फैसले पर कॉन्ग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश में लगे हुए हैं। हालाँकि इससे पहले साल 2014 में मनमोहन सिंह सरकार में भी इसी तरह का फैसला लिया जा चुका है। यही नहीं, इससे पहले साल 1978 में भी नोट बंदी हो चुकी है।

दरअसल, आरबीआई ने शुक्रवार (19 मई 2023) को ‘क्लीन नोट नीति’ के चलते ₹2000 के सभी नोट वापस लेने का फैसला किया है। नोट बदलने या बैंक में जमा करने के लिए देशवासियों को 30 सितंबर 2023 तक का समय दिया गया है। नोट बदलने के लिए 4 महीने की समय सीमा को पर्याप्त माना जा रहा है। हालाँकि विपक्ष इसे मुद्दा बनाते हुए राजनीतिक रोटियाँ सेंकने की जुगत में लगा हुआ है। लेकिन शायद कॉन्ग्रेस अपनी सरकार में लिए गए फैसलों को भूल चुकी है।

साल 2014 की शुरुआत में केंद्र में कॉन्ग्रेस नीत यूपीए सरकार सत्ता में थी और मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे। तब, 22 जनवरी 2014 को RBI ने 2005 से पहले के सभी नोटों को वापस लेने का ऐलान कर दिया था। इसमें 10 रुपए से लेकर 500 और 1000 रुपए तक के नोट भी शामिल थे। हालाँकि तब कॉन्ग्रेस नेताओं से लेकर उनके अन्य सहयोगी दलों ने सरकार के इस फैसले का विरोध करने की कोशिश नहीं की थी। लेकिन अब हो-हल्ला मचा रहे हैं।

1978 में हुई थी पहली नोटबंदी, 10 हजार के नोट भी हुए थे बंद…

2014 में हुई ‘नोट बंदी’ से पहले साल 1978 में हुई आजाद भारत की पहली नोट बंदी में भी मनमोहन सिंह का बड़ा हाथ था। दरअसल, तब केन्द्र में मोरारजी देसाई सरकार थी और उसमें मनमोहन सिंह वित्त सचिव का भार सँभाल रहे थे। तब 16 जनवरी 1978 को काला धन खत्म करने के लिए ₹1000, ₹5000 और ₹10000 के नोटों को बंद करने की घोषणा की गई थी। सरकार के इस ऐलान के बाद 17 जनवरी 1978 को देश की सभी बैंकों और उनकी शाखाओं के अलावा सरकारों के खजाने को भी बंद रखने का भी फैसला किया गया था।

भारत ने डिफेंस प्रोडक्शन पहली बार किया ₹1 लाख करोड़ पार: 85 देश खरीद रहे हथियार, रक्षा निर्यात बढ़कर ₹160 अरब हुआ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुरू की गई पहल ‘मेक इन इंडिया’ का असर अब दिखने लगा है। वित्त वर्ष 2022-23 में रक्षा उत्पादन का मूल्य पहली बार एक लाख करोड़ रुपए के आँकड़े को पार कर गया है। रक्षा मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में 1,06,800 करोड़ रुपए का रक्षा उत्पादन हुआ है। इसमें निजी रक्षा उद्योगों के आँकड़े शामिल नहीं है। निजी क्षेत्रों के रक्षा उद्योगों के आँकड़े अभी नहीं मिले हैं। निजी और सार्वजनिक रक्षा क्षेत्रों के उत्पादन को मिला दिया जाए तो यह राशि और भी बढ़ेगी।

अगर पिछले वित्त वर्ष के रक्षा उत्पादनों की बात की जाए तो वर्ष 2022-23 में रक्षा उत्पादन में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2021-22 में यह आँकड़ा 95,000 करोड़ रुपए था। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने रक्षा औद्योगिक विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा दिया और रोजगार के जबरदस्त अवसर पैदा किए हैं।

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “सरकार रक्षा उद्योगों और उनके संघों के साथ लगातार काम कर रही है ताकि उनके सामने आने वाली चुनौतियों को दूर किया जा सके और देश में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके। व्यापार करने में आसानी के उद्देश्य से कई नीतिगत सुधारों के कारण भारत ने उच्च उत्पादन मूल्य हासिल करने में सफलता हासिल की है।”

बयान में आगे कहा गया है, “नीतिगत सुधारों में एमएसएमई और स्टार्ट-अप को आपूर्ति श्रृंखला में शामिल करना भी शामिल है। MSMEs और स्टार्ट-अप सहित उद्योग, रक्षा डिजाइन, विकास और विनिर्माण में भारत आगे बढ़ रहा है। पिछले 7-8 वर्षों में सरकार द्वारा उद्योगों को जारी किए गए रक्षा लाइसेंसों की संख्या में लगभग 200 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।”

भारत रक्षा प्रोजेक्ट के तहत जंगी जहाज से लेकर पनडुब्बी तक भारत में बना रहा है। स्कॉर्पीन श्रेणी में कलावरी क्लास प्रोजेक्ट-75 के तहत 6 पनडुब्बी का निर्माण किया गया है। इसके तहत पाँच पनडुब्बियों- INS वागीर, INS कलवरी, INS खंडेरी, INS करंज और INS वेला को नौसेना के बेड़े में शामिल किया जा चुका है।

इस प्रोजेक्ट की छठी और आखिरी पनडुब्बी INS वागशीर का 18 मई 2023 से समुद्री परीक्षण शुरू हो गया है। इसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के कान्होजी आंग्रे वेट बेसिन से समुद्र में 20 अप्रैल 2022 को उतारा गया था। परीक्षण पूरे होने के बाद अगले साल यानी 2024 की शुरुआत में इसे भारतीय नौसेना को सौंपा जाएगा।

बताते चलें कि लगभग 9 साल पहले तक भारत रक्षा क्षेत्र का सबसे बड़े आयातक देशों में से एक था। अब भारत करीब 85 देशों को हथियार बेच रहा है। पिछले 7 सालों में देश के रक्षा निर्यात में 10 गुना बढ़ोतरी हुई है। ‘मेक इन इंडिया’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र सरकार ने देश में दो रक्षा औद्योगिक गलियारे (DICs) स्थापित किए हैं।

इन दो रक्षा औद्योगिक गलियारों में से एक उत्तर प्रदेश में और दूसरा तमिलनाडु में है। उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC) के लिए आगरा, अलीगढ़, चित्रकूट, झाँसी, कानपुर और लखनऊ की पहचान की गई है। वहीं, तमिलनाडु डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (TNDIC) के विकास के लिए चेन्नई, कोयंबटूर, होसुर, सलेम और तिरुचिरापल्ली की पहचान की गई है।

भारत में विकसित ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश मिसाइल सिस्टम्स, रडार, डोर्नियर-228, 155 एमएम एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन्स (ATAG), सिमुलेटर, माइन प्रोटेक्टेड व्हीकल्स, आर्मर्ड व्हीकल्स, पिनाका रॉकेट और लॉन्चर, एम्युनिशन, थर्मल इमेजर, बॉडी आर्मर, सिस्टम, लाइन रिप्लेसिएबिल यूनिट्स और एवियॉनिक्स की दुनिया के काफी देशों में डिमांड है।

इसके अलावा, भारत के लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर और एयरक्राफ्ट कैरियर की माँग भी कई देशों में बढ़ रही है। भारत इनमें से कई हथियारों का निर्यात कर रहा है और कई को निर्यात करने पर विचार कर रहा है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक देश का रक्षा निर्यात भी पिछले वित्त वर्ष में 24% बढ़कर करीब 160 अरब रुपए हो गया है।

गौरतलब है कि हाल ही में रक्षा विभाग ने 928 रक्षा उत्पादों की एक लिस्ट जारी की है, जिन्हें भारत में ही बनाया जाएगा। इसके साथ ही आगामी कुछ वर्षों में इनके आयात पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। आयात को कम करने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 928 लाइन रिप्लेसमेंट यूनिट्स (LRU), सब-सिस्टम्स, स्पेयर और कंपोनेंट्स, हाई एंड मटीरियल्स और स्पेयर्स की चौथी लिस्ट जारी की।

तेजाब से जला डाला, काट डाली हाथों की उँगलियाँ… बिहार में बच्ची की निर्मम हत्या; उधर कर्नाटक के ‘शक्ति प्रदर्शन’ में व्यस्त CM नीतीश कुमार

एक तरफ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव कर्नाटक में शपथ ग्रहण में हिस्सा लेने बेंगलुरु रवाना हुए हैं तो वहीं दूसरी तरफ वैशाली जिले में 9 साल की एक बच्ची की निर्ममता से हत्या की खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि 4 दिन पहले लापता हुई बच्ची का शव अब बरामद हो गया है लेकिन उसे पहचानना मुश्किल है।

दैनिक भास्कर समेत अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उसके शव को तेजाब से बुरी तरह जला दिया गया है, इसके अलावा उसकी उंगलियाँ भी काट दी गई। बच्ची की स्कूल ड्रेस से उसकी पहचान हो पाई। वह 16 मई 2023 से घर से लापता थी। शव शुक्रवार (19 मई 2023) को मृतका के घर के पीछे से ही बरामद किया गया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला वैशाली के थानाक्षेत्र जंदाहा का है। यहाँ गाँव हरप्रसाद की रहने वाली पीड़िता 16 मई 2023 को अपने घर से स्कूल के लिए निकली थी। वह कक्षा 4 में पढ़ती थी। छुट्टी होने के बाद जब वो घर नहीं लौटी तो उसके परिजनों ने खोजबीन शुरू की। तमाम कोशिशों के बाद भी बच्ची का कुछ भी पता नहीं चल पाया। आख़िरकार पीड़िता के घर वालों ने जंदाहा थाने में बच्ची की गुमशुदगी दर्ज करवाई। पुलिस भी अपनी तरफ से बच्ची को तलाश रही थी।

इस बीच पीड़िता के लापता होने के 4 दिनों बाद उनके ही घर के पीछे से तेज बदबू उठने लगी। लोगों ने वहाँ जा कर तलाश की तो लापता बच्ची शव उनके ही घर के पीछे मिला। लाश केले और भाँग के पौधों के बीच क्षत-विक्षत हालत में पड़ी थी। बच्ची की दाएँ हाथ की 4 उँगलियों को काट दिया गया था। लाश को एसिड से जला दिया गया था। मृतका की पहचान उसके स्कूल के ड्रेस से हो पाई।

मामले की सूचना पुलिस को दी गई जिसने शव को कब्ज़े में ले लिया। पीड़िता के पोस्टमार्टम और FSL आदि की प्रक्रिया करवाई जा रही है। मृतका के घर वालों ने बच्ची का अपहरण कर के हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। जाँच में सहयोग के लिए मौके पर डॉग स्क्वाड भी बुलाया गया है। पुलिस इस मामले में कुछ लोगों से पूछताछ भी कर रही है।

BJP को रौंदने-फाड़ने की बातें, जेल से निकलते ही आनंद मोहन ने दिखाया अपना रंग: कहा – यूपी या आंध्र प्रदेश नहीं तय करेगा मेरा किरदार

पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई पर बिहार में सियासत जारी है। उसकी रिहाई का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुँच चुका है। कोर्ट 8 अगस्त 2023 को मामले पर सुनवाई करेगी। इस बीच आनंद मोहन ने सहरसा में एक कार्यक्रम के दौरान रौंद देने और फाड़ देने जैसी भाषा का इस्तेमाल किया है। भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए बाहुबली नेता ने तुम ताम की भाषा का भी प्रयोग किया।

शुक्रवार (19 मई 2023) को आनंद मोहन सहरसा के महिषी प्रखंड के महपुरा गाँव में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुआ। गाँव में पूर्व मुखिया इंद्रदेव सिंह की प्रतिमा लगाई गई है। आनंद मोहन ने ही इस प्रतिमा का अनावरण किया। अन्य अतिथियों के साथ आनंद मोहन ने पूर्व मुखिया इंद्रदेव सिंह की स्मारिका का भी विमोचन किया। सभा को संबोधित करते हुए आनंद मोहन ने विरोधियों पर निशाना साधा।

संबोधन के दौरान बाहुबली नेता ने कहा, “मेरे बाहर निकलने के बाद सबसे ज्यादा छटपटाहट किसको और क्यों है? वो जानते हैं कि ये आदमी कमल दल को हाथी की तरह रौंद देगा, फाड़ देगा। हम जितने दिन रहेंगे समाजवाद के लिए लड़ते रहेंगे।” आनंद मोहन ने दलित विरोधी होने के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, “कोई बार-बार कहे हम दलित विरोधी हैं पर महिषी इसका गवाह है। जब सात हजार राजपूत हुआ करते थे। उस समय 62 हजार मतों से जीते थे। जिसे हराया था वो पिछड़ों के नेता हुआ करते थे।”

उसने कहा कि आनंद मोहन के कैरेक्टर को दिल्ली, यूपी या आंध्र प्रदेश तय नहीं करेगा, बल्कि बिहार तय करेगा।

आनंद मोहन की रिहाई पर 8 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

वहीं, आनंद मोहन सिंह की रिहाई के खिलाफ गोपालगंज के डीएम रहे जी. कृष्णैया की पत्नी उमा कृष्णैया ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी थी। शुक्रवार (19 मई) को सुप्रीम कोर्ट में इस पर सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार ने लिखित जवाब देने के लिए और समय की माँग की। कोर्ट ने बिहार सरकार को मोहलत देते हुए अगली सुनवाई के लिए 8 अगस्त का दिन तय किया। कोर्ट ने कहा है कि बिहार सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए और अधिक समय नहीं मिलेगा।

बता दें 27 अप्रैल 2023 को बिहार सरकार ने डीएम हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे आनंद मोहन को रिहा कर दिया था। आनंद मोहन की रिहाई के लिए नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव ने कानून में बदलाव कर दिया था। इस रिहाई के खिलाफ जी कृष्णैया की पत्नी उमा कृष्णैया ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

आपके ₹2000 के नोटों का अब क्या होगा? RBI गाइडलाइन और अन्य नियम: अफवाहों में न फँसें, यहाँ जानें सभी सवालों के जवाब

RBI यानि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 2000 रुपए के नोट वापस लेने का फैसला किया है। लोग अपने नोट 30 सितंबर 2023 तक बैंक में बदल सकेंगे। भारत के केंद्रीय बैंक का यह फैसला नोटबंदी की तरह नहीं है, बल्कि जो नोट प्रचलन में हैं उनसे अभी भी खरीदारी की जा सकती है। ₹2000 के नोट लेकर उठ रहे सारे सवालों का हम आपको यहाँ देंगे।

क्यों वापस लिए जा रहे ₹2000 के नोट…

सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक दलों तक ₹2000 के नोटों की वापसी को लेकर कई तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं। इसको लेकर अफवाह फैलाने की भी कोशिश भी हो रही है। आपको किसी अफवाह में फँसने की जरूरत नहीं है।

दरअसल, नवंबर 2016 में ₹500 और ₹1000 के नोट वापस लेने के बाद देश में नोटों की किल्लत न हो, इसलिए RBI ने ₹2000 के नोट जारी किए थे। जब मार्केट में ₹100, ₹200 और ₹500 के नोटों की मात्रा पर्याप्त हो गई तो सरकार ने साल 2018-19 में ₹2000 के नोटों की छपाई बंद कर दी।

बड़ी बात यह है कि ₹2000 के कुल नोटों में से अधिकांश नोट साल 2017 के पहले ही जारी कर दिए गए थे। चूँकि एक नोट की लाइफ 4-5 वर्ष होती है और लोगों द्वारा ₹2000 के नोटों का उपयोग भी कम किया जा रहा है, ऐसे में रिजर्व बैंक ने ‘क्लीन नोट नीति’ के तहत इसे वापस लेने का ऐलान किया।

‘क्लीन नोट नीति’ के तहत भारतीय रिजर्व बैंक का उद्देश्य जनता को साफ, स्वच्छ व अच्छी गुणवत्ता वाले नोट मुहैया कराना होता है। इसके अलावा, कैशलेस और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए भी RBI के इस कदम को कारगर माना जा रहा है।

अब भी चल रहे हैं ₹2000 के नोट, 30 सितंबर तक तो चलेंगे ही…

आम जनता के बीच सबसे बड़ा सवाल ₹2000 के नोटों की वैल्यू को लेकर है। इसको लेकर भारतीय रिजर्व बैंक ने साफ कहा है कि ये नोट अब भी चलन में हैं और इनकी वैधता बरकरार है। हालाँकि, 30 सितंबर 2023 तक इन नोटों को बैंक में जमा कराना होगा।

30 सितंबर के बाद जिन लोगों के पास नोट बचे रहेंगे उनका क्या होगा।, इसके बारे में RBI ने अभी कुछ नहीं कहा है। ऐसे में यह साफ है कि इस साल सितंबर तक तो ₹2000 के नोट काम करेंगी ही। इसके बाद के लिए हो सकता है कि RBI एक अन्य गाइडलाइन जारी करे।

नोट जमा करने या बदलने के नियम…

कोई भी व्यक्ति किसी भी बैंक जाकर अपने ₹2000 के नोट जमा करा सकता है या फिर उन्हें बदल सकता है। 23 मई 2023 से किसी भी बैंक में एक बार में सिर्फ 20,000 रुपए यानी कि 2000 रुपए के अधिकतम 10 नोट ही बदले जा सकते हैं।

हालाँकि, ₹2000 के नोट को कितनी बार जमा कराया जा सकता है, इसको लेकर कोई सीमा निश्चित नहीं की गई है। KYC होना अनिवार्य है। नोटों को जमा कराने और बदलने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा।

₹20000 रुपए से अधिक नकदी चाहिए तो…

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी को 20 हजार रुपए से अधिक की नकद राशि चाहिए तो उसे क्या करना होगा? जैसा कि ऊपर बताया गया है कि 2 हजार के नोट जमा करने के लिए कोई सीमा निर्धारित नहीं है। ऐसे में 2 हजार के नोट जमा करने के बाद बैंक से अपनी जमा राशि ₹100, ₹200, ₹500 के नोटों में (बैंक की सीमा के अनुसार) निकाली जा सकती है।

जनता को नहीं होगी समस्या…

देश के सभी बैंकों के अलावा RBI के 19 क्षेत्रीय कार्यालयों में नोटों को जमा कराने और बदलने की सुविधा दी गई है। देश में नकदी की कमी नहीं है, ऐसे में आम जनता को समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।

इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों और बुजर्गों के लिए आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु बैंकों को दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। हालाँकि फिर भी बैंकों तक आने-जाने में होने वाली समस्याएँ तो आम हैं।

पहले भी वापस हो चुके हैं नोट…

यह पहला मौका नहीं जब RBI इस तरह से नोटों की वापसी कर रही है। साल 2016 में हुई नोटबंदी से पहले रिजर्व बैंक ने 2013-14 में भी साल 2005 से पहले के सभी प्रचलित नोटों की वापसी का ऐलान किया था।

उससे भी पहले कालेधन को खत्म करने के लिए तत्कालीन जनता पार्टी सरकार ने साल 1978 में ₹1000, ₹5000 और ₹10000 के नोट बंद कर दिए थे। हालाँकि, बाद में ₹1000 के नोटों की छपाई फिर शुरू की गई, लेकिन इसे फिर से बंद कर दिया गया।

हेयरड्रेसर अल्फाज खलीफा ने गिरा दिया सैलून का शटर, हिंदू विवाहिता के साथ किया बलात्कार का प्रयास

गुजरात के भुज में हिंदू विवाहिता के साथ दुष्कर्म की कोशिश का मामला सामने आया है। मामला लोगों को मामले की जानकारी शुक्रवार (19 मई, 2023) के दोपहर को मिली। आरोप है कि सैलून चलाने वाले अल्फाज खलीफा ने विवाहिता के साथ पहले तो छेड़खानी की उसके बाद उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश की। महिला सैलून में अपने बाल सीधे करवाने गई थी।

‘दिव्य भास्कर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को भुज के छठ्ठी बाड़ी रिंग रोड इलाके में रॉकस्टार फैमिली सैलून चलाने वाले अल्फाज खलीफा द्वारा शादीशुदा महिला के साथ छेड़खानी की खबर पूरे शहर में फैल गई। गुजरात पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार भुज के कोडकी गाँव की 21 वर्षीय विवाहिता बुधवार (17 मई) को अपने छोटे भाई के साथ रॉकस्टार फैमिली सैलून पहुँची। विवाहिता अपने बालों को सीधा करवाना चाहती थी।

विवाहिता का छोटा भाई उसे सैलून में छोड़कर चला गया। इधर अल्फाज ने सैलून में उसके बाल सीधा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। कुछ देर बाद अल्फाज खलीफा ने विवाहिता से बाल सीधा कराने के दूसरे चरण के लिए दो दिन बाद दुकान पर आने को कहा। शुक्रवार को विवाहिता अपनी चचेरी बहन के साथ रॉकस्टार फैमिली सैलून पहुँचा। चचेरी बहन ड्राइंग क्लास करने चली गई। इसके बाद खलीफा ने विवाहिता के कंधे पर हाथ रखकर किस करने की कोशिश की।

विवाहिता ने इस पर आपत्ति जताई और शादी शुधा होने की बात कहते हुए आरोपित अल्फाज को फटकार लगाई। अल्फाज नहीं माना और उसने दुकान का शटर बंद कर महिला के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। विवाहिता के विरोध के बाद उसने कुछ न करने की बात कहते हुए बाल सीधे करने की बची हुई प्रक्रिया शुरू करने लगा। महिला की शिकायत के अनुसार जब वह सैलून की ऊपरी मंजिल से नीचे आ रही थी तो आरोपित अल्फाज ने महिला का हाथ पकड़ लिया और यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर करने लगा। उसने महिला से कहा, “मुझसे रिश्ता जोड़ लो तुम्हें मुंबई घुमाने ले जाऊँगा।”

पीड़िता के अनुसार अल्फाज इस दौरान कहता रहा कि दुकान में वह अकेला है और अभी कोई नहीं आएगा। महिला दुकान से निकल आई और अपनी बहन से संपर्क कर उसे पूरी जानकारी दी। पीड़िता ने आगे बताया कि पुलिस को बुलाते ही आरोपित अल्फाज फरार हो गया। गौरतलब है कि भीड़-भाड़ वाले इलाके में दिन दहाड़े सैलून में विवाहिता के साथ हुई इस घटना से शहर भर में हड़कंप मचा हुआ है।

बैठक में थे कई दिग्गज नेता, लेकिन ढूँढ कर PM मोदी से गले मिले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन: हिरोशिमा में गाँधी प्रतिमा का भी अनावरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) सात शक्तिशाली देशों के समूह G-7 में भाग लेने के लिए जापान के शहर हिरोशिमा में हैं। इस दौरान का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन पीएम मोदी के पास आकर उनके गले मिलते हैं। इसके अलावा, पीएम मोदी ने हिरोशिमा में महात्मा गाँधी की प्रतिमा का अनावरण भी किया।

बता दें कि G-7 में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा और जापान शामिल है। वहीं, भारत अन्य 8 देशों के साथ विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में इसमें शामिल होने के लिए बुलाया गया है। जी-7 के पिछले 5 बैठकों में लगातार भारत को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बुलाया जा रहा है। पीएम मनमोहन सिंह भी जी-7 की बैठक में पाँच बार शामिल हो चुके हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (20 मई 2023) की शाम को यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। जेलेंस्की भी विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। भारत और यूक्रेन के वरिष्ठ राजनयिकों ने यह बैठक निर्धारित की थी। बता दें कि फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद पहली बार पीएम मोदी और जेलेंस्की मिलेंगे।।

इससे पहले आज प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन और वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन्ह के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। माना जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ भी प्रधानमंत्री द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने G-7 की बैठक से पहले शनिवार (20 मई 2023) को हिरोशिमा में महात्मा गाँधी की प्रतिमा का अनावरण किया और उन्हें पुष्पांजलि दी। 42 इंच ऊँची महात्मा गाँधी की कांस्य प्रतिमा को पद्मभूषण राम वनजी सुतार ने बनाई है। इसे मोतोयासु नदी के किनारे ऐतिहासिक ए-बॉम्ब डोम के पास स्थापित किया गया है। यहाँ हजारों पर्यटक घुमने के लिए आते हैं।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हिरोशिमा में महात्मा गाँधी की प्रतिमा अहिंसा के विचार को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा, “मेरे लिए यह जानना एक बड़ा क्षण है कि मैंने जापानी पीएम को जो बोधि वृक्ष उपहार में दिया था, उसे यहीं हिरोशिमा में लगाया गया है ताकि यहाँ आने वाले लोग शांति के महत्व को समझ सकें।”

प्रधानमंत्री मोदी ने जापान के मशहूर भाषाविद् प्रोफेसर तोमियो मिजोकामी से भी मुलाकात की। वे हिंदी और पंजाबी के प्रतिष्ठित विद्वान हैं। उन्होंने जापान के लोगों के बीच भारतीय संस्कृति को लोकप्रिय बनाने के लिए कई काम किए। उनके इस काम को देखते हुए भारत ने उन्हें पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया है। मुलाकात के बाद पीएम ने खुशी जताई।

‘धमाके के लिए पहुँचा दिया सामान, भगवान ही बचाएगा बठिंडा को’: पंजाब पुलिस को 6 चिट्ठी भेजकर दी गई 10 जगह बम ब्लास्ट की धमकी, अलर्ट जारी

पंजाब के बठिंडा में बम धमाकों की धमकी दी गई है। राजनेताओं, व्यापारियों और अन्य अधिकारियों को भेजी गई 6 चिट्ठियों में 7 जून को धमाके कराने की धमकी दी गई है। एसएसपी गुरनीत सिंह ने जानकारी दी है कि चिट्ठियाँ पोस्ट के जरिए भेजी गई हैं। एक चिट्ठी हाथ से लिखी गई है जबकि बाकी फोटो कॉपी हैं। चिट्ठी मिलने के बाद से पंजाब पुलिस हाई अलर्ट पर है।

पत्र में उन दस स्थानों के नाम का भी उल्लेख है जहाँ बम धमाके की धमकी दी गई है। धमकी भरे पत्र के अनुसार किला, रेलवे स्टेशन, आदेश अस्पताल, सचिवालय के पास एसएसपी कार्यालय, बठिंडा जेल, आईटीआई फ्लाईओवर, मित्तल मॉल, नई कार पार्किंग, निरंकारी भवन और किसान धरना स्थल पर ब्लास्ट किए जाएँगे। पत्र में लिखा है कि धमाके के लिए जरूरी सामान पहुँचा दिए गए हैं और भठिंडा को अब भगवान ही बचा सकता है।

धमाकों की धमकी भरा खत (साभार- दैनिक भास्कर)

खत में लिखा गया है कि अमृतसर में हुए ब्लास्ट तो सिर्फ ट्रेलर थे। एसएसपी सिंह ने जानकारी दी है कि पत्र लिखने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस जल्द से जल्द आरोपित को गिरफ्तार कर लेगी। SSP गुरनीत सिंह ने जिले भर के थानों को हाई अलर्ट जारी कर दिया है। पुलिसकर्मियों को चप्पा-चप्पा खंगालने के निर्देश दिए गए हैं। हर इलाके में गाड़ी और संदिग्ध व्यक्तियों की चैकिंग की जा रही है। लोगों से भी अपील की गई है कि संदिग्ध व्यक्ति या सामान मिलने पर इसकी सूचना पुलिस को दें।

बता दें पंजाब के अमृतसर में 6 मई और 8 मई को कम क्षमता वाले धमाके हुए थे। दोनों धमाके गोल्डन टेंपल के पास हेरिटेज स्ट्रीट मे हुए थे। पहले धमाके में करीब 6 लोग घायल हुए थे। शुरुआत में इसे रेस्टोरेंट की चिमनी में हुआ ब्लास्ट बताया जा रहा था। लेकिन बाद में घटनास्थल से कुछ संदिग्ध चीजें बरामद होने पर पुलिस ब्लास्ट के एंगल से जाँच कर रही है।

मुख़्तार अंसारी के बेटे उमर ने अदालत को भी धता बताया, अब जारी हुआ गैर जमानती वॉरंट: उधर कपिलदेव सिंह हत्याकांड में आने वाला फैसला भी टला

माफिया मुख़्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी के खिलाफ उत्तर प्रदेश की मऊ जिले एक अदालत ने गैर जमानती वारंट (NBW जारी किया है। यह वॉरंट आचार संहिता के उल्लंघन को ले कर दर्ज हुए 2 केसों में जारी हुआ है। बताया जा रहा है कि माफिया का बेटा उमर इन मामलों में तय तारीख पर शुक्रवार (19 मई, 2023) को कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ था। सुनवाई के लिए अगली तारीख़ 2 जून, 2023 तय की गई है। वहीं कपिलदेव सिंह हत्याकांड पर मुख़्तार अंसारी के खिलाफ आज आने वाला फैसला फ़िलहाल के लिए टल गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख़्तार के बेटे उमर अंसारी पर आचार संहिता के उल्लंघन के 2 केस दर्ज हैं। इसी मामले में मुख़्तार का बड़ा बेटा अब्बास अंसारी भी आरोपित है। इसकी सुनवाई मऊ जिले की MP/MLA कोर्ट में चल रही है। शुक्रवार (19 मई) को इसी मामले में अब्बास को कासगंज जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश करवाया गया, लेकिन उमर अंसारी हाजिर नहीं हुआ। उमर की गैर हाजिरी पर CJM ने गैर जमानती वारंट जारी करते हुए अगली सुनवाई के लिए 2 जून, 2023 की तारीख तय की है।

जानकारी के मुताबिक, इस दिन सभी नामजदों पर आरोप तय होने थे। उमर अंसारी की गैर हाजिरी से ये आरोप तय नहीं हो पाए। इस मामले में शामिल अन्य नामजदों के नाम गणेश दत्त मिश्रा, मंसूर अंसारी, मोहम्मद ईशा खान, शाहिद लारी, शाकिर लारी, धर्मेंद्र सोनकर और जुल्फिकार हैं। गौरतलब है कि 27 फरवरी 2022 को अब्बास अंसारी ने विधानसभा चुनाव जीता था जिसके बाद बिना प्रशासन की अनुमति के रोड शो निकाला गया था। इसी के बाद 10 मार्च 2023 को अब्बास अंसारी की जीत का विजय जुलूस भी निकाला गया था। पुलिस ने इन दोनों मामलों में FIR दर्ज कर के कोर्ट में कागजात पेश किए हैं।

यह मामला ट्रायल पर चल रहा है, जिसमें सभी आरोपितों के खिलाफ शुक्रवार को आरोप तय होने थे।

गैंगस्टर कोर्ट ने मुख़्तार पर टाला फैसला

वहीं एक अन्य मामले में गाजीपुर की MP/MLA कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट में दर्ज एक अन्य केस में माफिया मुख़्तार अंसारी पर आज आने वाला फैसला टाल दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब यह फैसला 13 जून, 2023 को आ सकता है। यह फैसला साल 2009 में हुए कपिलदेव सिंह हत्याकांड में आना था। तब मुख़्तार अंसारी जेल में था और आरोप है कि माफिया ही इस हत्या का साजिशकर्ता था।

गौरतलब है कि ऑपइंडिया की टीम ने पूर्वांचल के कई जिलों में जा कर मुख़्तार के आपराधिक इतिहास की जमीनी पड़ताल की थी। तब मुख़्तार अंसारी के अपराध से पीड़िता कई लोगों ने मुख़्तार को कम से कम उम्रकैद की सजा देने की माँग की थी।

‘तालिबानी आतंकियों के निशाने पर मरियम नवाज, 2 आत्मघाती हमलावर हुए तैयार’: रिपोर्ट में दावा- PAK पुलिस ने 14 संदिग्धों को पकड़ा, इमरान खान की पार्टी से कनेक्शन

पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) अब वहाँ के राजनेताओं को ठिकाने लगाने की योजना बना रहा है। आतंकी अपने टारगेट की लिस्ट भी बना रहे हैं जिसमें मरियम नवाज का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। इस काम में TTP का साथ उसी गुट जमात-उल-अहरार (JUA) भी दे रहा है। वहाँ के राजनेताओं के अलावा आतंकियों के निशाने पर सशस्त्र बलों और खुफिया एजेंसियों के अधिकारी भी हैं। इस बात का खुलासा शुक्रवार (19 मई 2023) को हुआ। पुलिस ने अब तक 14 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में इन संदिग्धों के रिश्ते इमरान खान की पार्टी से भी सामने आए हैं।

गिरफ्तार संदिग्धों से आगे की पूछताछ जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तहरीक-ए-तालिबान के निशाने पर पाकिस्तान में कानून-व्यवस्था लागू करने वाली तमाम एजेंसियाँ हैं। इसके लिए सेना के वाहन और पुलिस की चौकियों को भी निशाने पर लिया गया है। बताया ये भी जा रहा है कि TTP ने इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद 9 मई 2023 को हुए देशव्यापी दंगों में शामिल हुए लोगों की भी तारीफ की है। तब टीटीपी के टॉप कमांडर सरबकफ मोहमंद ने बिना पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) का नाम लिए ही हिंसा में शामिल लोगों को खुला समर्थन दिया था।

कुछ जानकारों का यह भी मानना है कि अपनी साजिश को अंजाम देने के लिए जमात-उल-अहरार (JUA) के 2 आतंकी अपने नेता रफीउल्लाह के फरमान पर पंजाब प्रांत में घुस भी चुके हैं। मरियम नवाज के साथ राना सनाउल्लाह को भी आतंकियों के निशाने पर बताया जा रहा है। इस खुलासे के बाद जहाँ इन नेताओं की सुरक्षा कड़ी की गई है तो वहीं पहले से अराजकता के शिकार पाकिस्तान में राजनैतिक और आर्थिक अस्थिरता के बढ़ने के आसार बताए जा रहे हैं। फ़िलहाल पुलिस गिरफ्तार संदिग्धों से पूछताछ में जुटी हुई है।

जानकारी के मुताबिक तहरीक ए तालिबान साल 2023 की शुरुआत से अब तक पाकिस्तानी सेना और पुलिस पर 2 दर्जन से ज्यादा हमले कर चुका है। ये हमले पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में हुए हैं जिसमें पेशवर, कराची और कंधारी बाजार जैसे स्थान शामिल हैं। इन हमलों में पुलिसकर्मियों सहित आम नागरिक भी मारे गए थे। इन सभी के अलावा पाकिस्तान में नेताओं को भी निशाना बनाया जा रहा है। जमात-ए-इस्लामी (जेआई) के अमीर सिराजुल हक कुछ ही समय पहले बलूचिस्तान के रास्ते में हुए एक आत्मघाती हमले में बाल-बाल बचे थे।