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पटियाला के गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब में महिला की गोली मारकर हत्या, आरोप- परिसर में बैठकर पी रही थी शराब

पंजाब के पटियाला स्थित एक गुरुद्वारे में एक महिला की गोली मार कर हत्या कर दी गई है। आरोप है कि महिला गुरुद्वारा परिसर में शराब पी रही थी। हत्या का आरोप गुरुद्वारे में मौजूद निर्मलजीत सिंह पर लगा है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद कर ली गई है। एक सेवादार के भी घायल होने की खबर है। घटना रविवार (14 मई 2023) की है।

मृतका की पहचान 33 वर्षीया परमिंदर कौर के रूप में हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला पटियाला के गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब का है। इस गुरुद्वारे के परिसर में एक सरोवर बना हुआ है। सेवादारों का आरोप है कि रविवार रात लगभग 10 बजे एक महिला सरोवर के पास बैठकर शराब पी रही थी। एक सेवादार ने आकर महिला को रोका तो वह झगड़ा करने ली। महिला ने कथित तौर पर शराब की बोतल सेवादार के हाथ पर मार दी, जिससे वह घायल हो गया।

इसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। इस दौरान कुछ लोग महिला को पकड़ कर गुरुद्वारे के मैनेजर के कमरे में ले जाने लगे। यही पर आरोपित निर्मलजीत सिंह खड़ा था। उसने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाल कर महिला पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। परमिंदर कौर को कुल 4 गोलियाँ लगी, जिसके बाद उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। आरोपित निर्मलजीत सिंह पटियाला के ही अर्बन एस्टेट का रहने वाला बताया जा रहा है। घटना की सूचना पर पहुँची पुलिस ने निर्मलजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।

बताया जा रहा है कि निर्मलजीत द्वारा चलाई गई एक गोली गुरुद्वारे के सेवादार सागर कुमार को भी लगी है। सागर का स्थानीय अस्पताल में इलाज करवाया जा रहा है। मृतका परमिंदर कौर को शराब की लत बताई जा रही है, जिसका इलाज नशा मुक्ति केंद्र में चल रहा था। पुलिस गुरुद्वारे की CCTV फुटेज की जाँच कर रही है।

भतीजा कॉन्ग्रेस समर्थक, चाचा बीजेपी सपोर्टर… कर्नाटक में पटाखे फोड़ने से रोका तो कुल्हाड़ी से काटकर कर दी हत्या

बेंगलुरु में पुलिस ने एक युवक को अपने चाचा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। पकड़े गए 21 वर्षीय आरोपित का नाम जी आदित्य है। आदित्य पर आरोप है कि उसने कॉन्ग्रेस की जीत का जश्न मनाने से रोकने पर अपने चाचा की कृष्णप्पा की हत्या कर दी, जो एक भाजपा समर्थक थे।

इसी हमले में मृतक की पत्नी और बेटा घायल हैं। उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद आदित्य का पिता अपने अन्य साथियों सहित फरार है। दोनों परिवारों के बीच पहले से जमीनी विवाद चल रहा था। घटना शनिवार (13 मई 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला बेंगलुरु देहात क्षेत्र के होशकोटे इलाके का है। यहाँ के गाँव डी होशाहल्ली में गणेश और उनके भाई कृष्णप्पा के बीच जमीनी विवाद चल रहा था। पहले दोनों ही भाजपा समर्थक थे।

घटना के दिन कर्नाटक में कॉन्ग्रेस की जीत की ख़ुशी में कॉन्ग्रेसियों का एक समूह कृष्णप्पा के घर के आगे पटाखे फोड़ रहा था। इसी ग्रुप में गणेश और उनका बेटा आदित्य भी शामिल हो गए। थोड़े समय बाद कृष्णप्पा ने पटाखे फोड़ रहे कॉन्ग्रेसियों से अपने घर के आगे ऐसा न करने को कहा।

आरोप है कि इसी बात पर दोनों ही पक्षों में झगड़ा हो गया। इस दौरान आदित्य ने अपने चाचा कृष्णप्पा पर हमला कर दिया। हमले के लिए कुल्हाड़ी का प्रयोग किया गया। हमले में कृष्णप्पा की मौत हो गई और उनकी पत्नी व बेटा बुरी तरह से घायल हो गए। घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

इस घटना की जानकारी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को हुई तो उन्होंने नंदगुड़ी पुलिस स्टेशन पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी मामले में शामिल सभी आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग कर रहे थे।

फ़िलहाल पुलिस ने आदित्य को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आदित्य के पिता गणेश और अन्य की तलाश की जा रही है। गाँव में किसी प्रकार की झड़प आदि की आशंका को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

सरकारी स्कूल में दलित बच्चियों के कपड़े उतार प्राइवेट पार्ट नोचता था मोहम्मद अली, शाजिया देती थी धमकी: बाथरूम में मिले कंडोम, 13 का यौन शोषण

उत्तर प्रदेश के शाहजहॉंपुर जिले में 13 बच्चियों के यौन शोषण का मामला सामने आया है। पीड़िताओं में कुछ दलित समुदाय से भी हैं। मामले में मुख्य आरोपित मोहम्मद अली है जो कम्प्यूटर टीचर के पद पर तैनात हैं। इसी स्कूल की सहायक अध्यापिका शाजिया अली पर भी मोहम्मद अली की करतूतों को छिपाने का आरोप है। घटना सोमवार (8 मई, 2023) की है। पुलिस ने बताया कि प्रिंसिपल सहित कुल 3 लोगों पर केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी गई है।

मुख्य आरोपित मोहम्मद अली को गिरफ्तार कर लिया गया है। अली की बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। स्कूल के एक अन्य शिक्षक ने बताया कि मोहम्मद अली सिर्फ हिन्दू छात्राओं को ही निशाना बनाता था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला तिलहर थाना क्षेत्र के रायखुर्द का है। यहाँ के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली 13 बच्चियों के अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि स्कूल में उनकी बेटियों का यौन शोषण किया जाता है। स्कूल में कम्प्यूटर की क्लास लेने वाले मोहम्मद अली पर आरोप है कि वह बच्चियों के प्राइवेट पार्ट से छेड़छाड़ करता है। स्कूल के बाथरूम से बाल, ब्लेड और कंडोम भी मिलने की बात कही जा रही है। स्कूल की बच्चियों बाथरूम जाने से भी डरती थीं।

इसी स्कूल की सहायक टीचर शाजिया पर भी इस बात का दबाव बनाने का आरोप है कि वो अपने साथ होने वाले यौन उत्पीड़न के बारे में किसी को कुछ न बताएँ।

पुलिस ने इस मामले में मोहम्मद अली और शाजिया के साथ स्कूल प्रिंसिपल अनिल कुमार को भी नामजद किया है। अनिल कुमार पर आरोप है कि उन्होंने शिकायत होने के बावजूद शाजिया और मोहम्मद अली पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसी स्कूल की एक अन्य पर महिला टीचर नीरजा ने इस घटना को सत्य बताया है। उन्होंने कहा कि बच्चियों ने सबसे पहले उन्हें ही अपने साथ हो रहे दुर्व्यवहार की जानकारी दी। महिला टीचर के मुताबिक, स्कूल में ‘लव जिहाद’ चलाया जा रहा था। आरोप है कि मोहम्मद अली अपनी बात न मानने पर बच्चियों को फेल करने की भी धमकी देता था।

आरोप लगाने वाली अध्यापिका के मुताबिक मोहम्मद अली न सिर्फ बच्चियों के प्राइवेट पार्ट को छूता था उसे नोचता-खसोटता भी था। पीड़ित बच्चियाँ अलग-अलग क्लास की हैं। एक पीड़िता की माँ ने बताया कि उनकी बेटी का कच्छा निकाल कर आरोपित ने किसी से कुछ भी न बताने की धमकी दी। आखिरकार इस मामले में ग्राम प्रधान की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। तिलहर के डिप्टी SP प्रियांक जैन के मुताबिक मामले की जाँच की जा रही है, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपितों पर 354, 352, 120 B, SC/ST और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

बेसिक शिक्षा अधिकारी शाहजहाँपुर कुमार गौरव ने बताया कि मोहम्मद अली को बरख़ास्त करने की भी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वहीं अन्य नामजद प्रिंसिपल अनिल कुमार और अध्यापिका शाजिया को सस्पेंड कर दिया गया है।

केरल में डंडे और पाइप से पीट-पीटकर की बिहार के दलित श्रमिक की हत्या, अब तक 9 गिरफ्तार: नाम हैं- अफजल, फाजिल, शराफुद्दीन…

केरल के मल्लापुरम में बिहार के एक मजदूर राजेश मांझी की लिंचिंग मामले में पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, इन आरोपितों की पहचान अफजल, फाजिल, शराफुद्दीन, महबूब, अब्दुसमद, नासिर, हबीब, अयूब और जैनुल के तौर पर हुई है।

मल्लापुरम के एसपी सुजीत दास ने बताया कि कोनडोट्टी के एएसपी के नेतृ्त्व में एसआईटी का गठन करके इस पूरे मामले की जाँच चल रही है। राजेश को चोरी का आरोप लगाकर बेरहमी से मारा गया। पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

एसपी ने जानकारी दी कि आरोपितों ने राजेश को डंडों और प्लास्टिक की पाइप से मारा था। फोन की पड़ताल करते हुए उनके वीडियोज मिल गए हैं। आरोपितों ने सीसीटीवी समेत कई सबूत मिटाने की कोशिश की थी। हालाँकि पुलिस अलग अलग-अलग सीसीटीवी फुटेज खंगालकर सबूत जुटा रही है। मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।

कोंडोट्टी एएसपी बीवी विजया भरत रेड्डी ने कहा है, “हिरासत में लिए गए व्यक्तियों का दावा है कि चोरी के असफल प्रयास के बाद प्रवासी कर्मचारी एक घर की पहली मंजिल से गिर गया। युवक के घर से गिरने के बाद उन्होंने उसे पकड़ लिया और करीब डेढ़ घंटे तक मारपीट करते रहे।” वहीं रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि कथित तौर पर आरोपितों ने राजेश को बाँधकर उसके साथ करीब दो घंटे तक मारपीट करने की बात कबूल ली है।

बता दें कि 36 साल का दलित राजेश माँझी बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के माधवपुर निवासी था। वह मजदूरी के लिए बिहार से केरल गया था। शनिवार को कुछ लोगों ने चोरी का इल्जाम लगाकर उसे मौत के घाट उतार दिया।

हिंदू से मुस्लिम बने, फिर भारत को ‘इस्लामी मुल्क’ बनाने के मिशन पर निकल पड़े: शादी कर युवतियों का भी धर्मांतरण, MP में पकड़े गए आधे जिहादी ‘नए मुल्ला’

मध्य प्रदेश ATS द्वारा गिरफ्तार आतंकी इस्लामी संगठन हिज्ब उत् तहरीर (HUT) के कुल 16 सदस्यों को ले कर नए खुलासे हुए हैं। इन 16 में से 8 सदस्य ऐसे हैं जो पहले हिंदू थे जिनका ब्रेनवाश कर उन्हें मुस्लिम बना दिया गया। इस संगठन के कुछ सदस्यों ने हिंदू लड़कियों से शादी कर के उन्हें भी इस्लाम कबूल करवाया है। HUT का प्रमुख सलीम हैदराबाद में ओवैसी के स्वामित्व वाले मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर था जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हिज्ब-उत्-तहरीर का प्रमुख हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया मोहम्मद सलीम और भोपाल से पकड़ा गया जिम ट्रेनर यासिर खान है। सलीम मूल रूप से भोपाल का रहने वाला है जिसका पहले नाम सौरभ राजवैद्य था। साल 2009 में सौरभ की शादी हुई थी। साल 2010 में जब सौरभ ने इस्लाम कबूल किया तो उसके घर वालों ने इसका काफी विरोध किया। मोहम्मद सलीम बन चुके सौरभ ने साल 2012 में अपनी पत्नी को भी मुस्लिम बना दिया। सौरभ ने मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से धर्म परिवर्तन का सर्टिफिकेट लेने का प्रयास किया पर उसे सफलता नहीं मिली।

आख़िरकार सौरभ उर्फ़ सलीम हैदराबाद शिफ्ट हो गया। यहाँ वह मोहम्मद सलीम को AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी के डेक्कन कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज के बायोटेक्निकल डिपार्टमेंट में प्रोफेसर की नौकरी मिल गई। यहाँ नौकरी के दौरान भी वह भड़काऊ तकरीरें देता रहता था। सौरभ उर्फ़ सलीम को विदेश में ट्रेनिंग दी गई। उसने काफी कम समय में अपने संगठन से 100 लोगों को जोड़ लिया था। मध्य प्रदेश ATS ने उसे डेक्कन कॉलेज गोलकुंडा से गिरफ्तार किया है। सौरभ के अलावा ओडिशा के देवी प्रसाद पांडा ने और हैदराबाद के वेणु कुमार ने इस्लाम कबूल कर के अपने नाम क्रमशः अब्दुल रहमान व मोहम्मद अब्बास रख लिए थे।

पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि भोपाल के जिम ट्रेनर यासिर खान ने भी एक हिंदू लड़की से शादी कर के उसका धर्म परिवर्तन करवा दिया था। इन सभी के अलावा गिरफ्तार लोगों में 2 अन्य ऐसे हैं जिनकी पत्नियाँ पहले हिंदू थीं और बाद में उन्हें इस्लाम कबूल करने पर मजबूर किया गया। फ़िलहाल मध्य प्रदेश ATS मोहम्मद सलीम, अब्दुल रहमान, मोहम्मद अब्बास अली, शेख जुनैद और मोहम्मद हामिद को ले कर हैदराबाद जा रही है। यहाँ उनके नेटवर्क को खँगाला जाएगा। साथ ही इस गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों के ठिकानों पर दबिश दी जाएगी।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश ATS ने मंगलवार (10 मई 2023) को दबिश मार कर HUT (हिज्ब उत् तहरीर) नाम के आतंकी संगठन से जुड़े 16 संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। ये छापेमारी भोपाल, छिंदवाड़ा और हैदराबाद से हुई थीं। UAPA की धाराओं में गिरफ्तार इन आरोपितों के पास से तकनीकी उपकरण, देश विरोधी दस्तावेज, कट्टरपंथी साहित्य और हथियार भी बरामद हुए थे। इस संगठन के लोग आम लोगों के बीच कंप्यूटर इंजीनियर, टेक्नीशियन, टीचर, व्यवासायी, जिम ट्रेनर, कोचिंग सेंटर संचालक, ऑटो ड्राइवर, दर्जी आदि रूपों में घुल-मिल कर अपनी हरकतों को अंजाम देते हैं।

गिरफ्तार अन्य आरोपितों में सैयद सामी रिजवी कोचिंग में टीचर, शाहरूख दर्जी, मिस्बाहुल हक मजदूर, शाहिद ऑटो ड्राइवर, सैयद दानिश अली सॉफ्टवेयर इंजीनियर, मेहराज अली कंप्यूटर टेक्नीशियन, खालिद हुसैन व्यवसायी, करीम प्राइवेट नौकरी में हैं। इनके अलावा वसीम खान और मोहम्मद आलम को भी गिरफ्तार किया गया है।

हिज्ब उत् तहरीर उर्फ तहरीक-ए-खिलाफत इस्लामी कट्टरपंथी संगठन है जिसके तार 50 देशों में हैं। 16 देश इस संगठन को बैन कर चुके हैं। ATS द्वारा गिरफ्तार संदिग्धों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग गुप्त रूप में जंगलों में हुआ करती थी। आपसी बातचीत के लिए ये सभी डार्क वेब के विभिन्न चैनलों का इस्तेमाल करते थे। भारत के कई शहर HUT के निशाने पर थे जिनकी रेकी के लिए आरोपितों ने ड्रोन का इस्तेमाल किया था।

मुस्लिम को बनाओ डिप्टी CM, 5 स्पेशल विभाग हमें दो: कर्नाटक में कॉन्ग्रेस का तय नहीं हुआ CM, वक्फ बोर्ड ने रख दी अपनी डिमांड

कर्नाटक में कॉन्ग्रेस के चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही बहस के बीच राज्य के वक्फ बोर्ड ने एक नई माँग उठाई है। वहाँ सुन्नी उलमा बोर्ड के मुस्लिम नेताओं ने कहा कि कर्नाटक में उप मुख्यमंत्री किसी मुस्लिम समुदाय के नेता को बनाओ। इसके अलावा 5 मुस्लिम विधायकों को गृह राजस्व, स्वास्थ्य और अन्य खास विभागों की जिम्मेदारी सौंप दो।

कर्नाटक वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शफी सादी ने कहा कि उन्होंने चुनाव से पहले ही कहा था कि किसी मुस्लिम को प्रदेश का उपमुख्यमंत्री होना चाहिए और उनको (मुस्लिमों को) 30 सीटें दी जानी चाहिए। हालाँकि, उन्हें 15 सीटें मिलीं, जिनमें से 9 मुस्लिम उम्मीदवार जीते।

अब उनका कहना है कि इन चुनावों में करीब 72 विधानसभा सीटों पर कॉन्ग्रेस केवल मुसलमानों की वजह से जीती। सादी बोले कि एक समुदाय के तौर पर मुस्लिमों ने कॉन्ग्रेस को बहुत कुछ दिया है। अब समय आ गया है कि बदले में उन्हें कुछ मिले।

शफी ने माँग की, “हम एक मुस्लिम उप-मुख्यमंत्री और पाँच मंत्री चाहते हैं जिनके पास गृह, राजस्व और शिक्षा जैसे अच्छे विभाग हों। इसके साथ हमें शुक्रिया देना कॉन्ग्रेस की जिम्मेदारी है। इन सभी को लागू करने के लिए हमने सुन्नी उलमा बोर्ड कार्यालय में इमरजेंसी मीटिंग की है।”

वक्फ बोर्ड चेयरमैन ने कहा कि 9 मुस्लिम विधायकों में से किसे ये पद दिए जाएँ ये कॉन्ग्रेस निर्णय लेगी कि किसने अच्छा किया। कई मुस्लिम प्रत्याशियों ने अपनी विधानसभा छोड़ अन्य क्षेत्रों का भी दौरा किया और हिंदू-मुस्लिम एकता पर बल दिया। यही वजह है कि कॉन्ग्रेस जीत सकी। उनकी जिम्मेदारी है कि मुस्लिम समुदाय का एक डिप्टी सीएम होना चाहिए।

कर्नाटक में जीते 9 विधायक

बता दें कि इस बार चुना में कॉन्ग्रेस ने अपनी पार्टी से 15 मुस्लिम कैंडिडेट्स को मैदान में उतारा था। इनमें से 9 जीत पाने में सफल हुए।

इनके नाम बीदर से रहीम खान जीते, मंगलुरु से खादर फरीद, मैसूर से तनवीर सैत, बेलगावी से आसिफ सैत, शिवाजीनगर से रिजवान अरशद, चामराजपेट से जमीन अहमद खान, रामनगर से एच ए इकबाल हुसैन, शांति नगर से एन ए हैरीस, गुलबर्गा से कनीज फातिमा है।

सीएम के नाम का नहीं हुआ चुनाव

गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा चुनावों के नतीजे 13 मई को ही आ गए थे। लेकिन कॉन्ग्रेस अभी तक यह तय नहीं कर पाई है कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा। इस पद के लिए डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच प्रतिस्पर्धा मानी जा रही है। विधायक दल का नेता चुनने के लिए 14 कई को हुई बैठक में दोनों पक्षों की नारेबाजी का बाद यह जिम्मेदारी आलाकमान को दे दी गई है।

‘कर्नाटक में कॉन्ग्रेस प्रत्याशी की जीत के बाद पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे’: वहाँ मौजूद पुलिस इंस्पेक्टर ने भी माना, कट्टरपंथियों को बचाने में लगा है जुबैर

कर्नाटक के बेलगावी में कॉन्ग्रेस प्रत्याशी आसिफ सैत की जीत के बाद ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगने का वीडियो सामने आया था। यह वीडियो तिलकवाड़ी के मतगणना केंद्र का है। इस मामले में पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

वीडियो वायरल होने के बाद तिलकवाड़ी पुलिस इंस्पेक्टर दयानंद जी. शेगुनासी ने स्वत: संज्ञान लेते हुए शिकायत दर्ज की है। कॉन्ग्रेस प्रत्याशी की जीत के बाद जब मुस्लिम युवक ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे तब वह मौके पर मौजूद थे। इस मामले में दर्ज एफआईआर में इंस्पेक्टर दयानंद ने ही बयान दर्ज कराया है। उन्होंने कहा है, “विधानसभा चुनाव में सुरक्षा को लेकर मेरी व अन्य लोगों की ड्यूटी तिलकवाड़ी आरपीडी कॉलेज में लगाई गई थी।

जब मैं और अन्य स्टाफ सदस्य आरपीडी कॉलेज के पास दोपहर करीब 2:30 बजे पहुँचे तब कॉन्ग्रेस के कई प्रत्याशी वहाँ आ गए और उनके समर्थकों ने अपने-अपने प्रत्याशियों के समर्थन में नारेबाजी कर जश्न मनाया।”

उन्होंने आगे कहा, “उस दौरान कॉन्ग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में नारेबाजी कर रहे मुस्लिम युवकों की ओर से ‘जिंदाबाद जिंदाबाद पाकिस्तान जिंदाबाद’ जैसे नारे लगाए गए। इससे राष्ट्रीय अखंडता और संप्रभुता को खतरा पैदा हो गया और समाज के बीच नफरत पैदा हो गई। हम अलगाववाद के इरादे से कॉन्ग्रेस पार्टी के उम्मीदवार की ओर से “ज़िंदाबाद जिंदाबाद पाकिस्तान जिंदाबाद” जैसे नारे लगाने वाले आरोपितों के खिलाफ हैं।”

पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपितों के खिलाफ IPC की धारा 153, 153 (बी) के तहत मामला दर्ज किया है। आगे की जाँच की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि इस मामले में कथित फैक्ट चेकर और ऑल्ट न्यूज का सह-संस्थापक समेत कई लोग आरोपितों का बचाव करने में जुटे हुए हैं। मोहम्मद जुबैर ने एक ट्वीट कर दावा किया, “मैंने बेलगावी के पुलिस इंस्पेक्टर दयानंद से बात की। उन्होंने इस बात की पुष्टि नहीं हुई कि नारे “पाकिस्तान जिंदाबाद” के लग रहे थे या “आसिफ (राजू) सैत जिंदाबाद” के। वे वायरल वीडियो को आगे की जनक के लिए फोरेंसिक लैब भेज रहे हैं।”

जुबैर के ट्वीट से यह स्पष्ट है कि वह इस्लमावादी आरोपितों को बचाने की कोशिश कर रहा है। जबकि इंस्पेक्टर दयानंद ने FIR में कहा है कि नारेबाजी के दौरान वह खुद ही वहाँ मौजूद थे।

3 गायों पर धारदार हथियार से हमला, मालिक की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया मामला: VHP बोली – हिन्दुओं को चिढ़ाने के लिए जानबूझकर कर रहे ऐसा

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के संगम विहार इलाके में तीन गायें गंभीर रूप से घायल पाई गईं। तीनों पर ही धारदार हथियार से हमला किया गया। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

इन तीन गायों में से एक गाय के मालिक रणजीत भडाना ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि उनकी सफेद रंग की गाय गुरुवार (11 मई, 2023) को घर से शाम करीब 4.00 बजे चली गई थी। लेकिन घर लौटकर नहीं आई। इसके बाद शुक्रवार (12 मई, 2023) सुबह करीब 7 बजे स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया कि उनकी गाय गंभीर रूप से घायल है।

काफी तलाश करने के बाद शाम में उनके बेटे को गाय मिली। इसके बाद वे उसे लेकर हॉस्पिटल चले गए। रणजीत भड़ाना का आरोप है कि उनकी गाय पर किसी ने जानबूझकर धारदार हथियार से हमला किया। उन्होंने अपनी शिकायत में आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है।

इस मामले में ‘विश्व हिंदू परिषद’ के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी ट्वीट कर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने ट्वीट में लिखा है, “दक्षिणी दिल्ली के संगम विहार में तेज धारदार हथियार से तीन गायों को एक ही तरीके से घायल कर रास्ते में छोड़ देना हिन्दू समाज को चिढ़ाने जैसा है। घटना के दो दिन बाद भी दिल्ली के मुख्यमंत्री और दिल्ली पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में समाज में असंतोष बढ़ रहा है।”

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा है, “यह कोई अनायास घटी घटना नहीं है। बल्कि गौ भक्त हिन्दू समाज की भावनाओं को भड़काने हेतु कुछ असामाजिक तत्वों या जिहादियों द्वारा षड्यंत्र पूर्वक किए गए हमले प्रतीत होते हैं। इनके विरुद्ध दिल्ली द्वारा त्वरित कठोरतम कार्यवाही अपेक्षित है।”

इस मामले में, दिल्ली पुलिस का कहना है कि गुरुवार (11 मई 2023) रात तीन गायें गंभीर रूप से घायल पाई गईं थीं। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए हॉस्पिटल ले जाया। जहाँ इलाज के दौरान एक गाय की मौत हो गई। गायों पर किए गए जानलेवा हमले को लेकर दिल्ली पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत अज्ञात आरोपितों के खिलाफ 2 मामले दर्ज किए हैं।

‘असम में 600 मदरसों को बंद किया, इस साल 300 को बंद कर दूँगा’: तेलंगाना में CM सरमा ने ओवैसी को ललकारा, बहुविवाह बैन करने के लिए भी बना है पैनल

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा रविवार (14 मई, 2023) को तेलंगाना के दौरे पर पहुँचे। इस दौरान उन्होंने AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी को भी ललकारा। भाजपा दक्षिण भारत में अपनी उपस्थिति मजबूत करने के क्रम में तेलंगाना पर खासा जोर दे रही है। कर्नाटक में जीत से तेलंगाना में पार्टी कैडर का उत्साह बढ़ता, लेकिन इस हार के बाद नए सिरे से जान फूँकने की कोशिश चल रही है। राज्य की स्थापना के समय से ही KCR यहाँ से मुख्यंमंत्री हैं।

तेलंगाना में एक रैली के दौरान सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि वो असम में ‘लव जिहाद’ के खिलाफ अभियान चला रहे हैं और मदरसा वाली शिक्षा को बंद करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने एक ही दिन में 600 मदरसों को बंद करने का फैसला लिया था। साथ ही उन्होंने 300 और मदरसों को बंद करने का ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने हैदराबाद के सांसद ओवैसी को भी ललकारा।

हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी ने जाकर कहा कि मदरसों को बंद किया गया और वो उन्हें देख लेंगे, इस पर उन्होंने जवाब दिया कि वो खुद ओवैसी के घर में आ जाएँगे और वहाँ पर वो देख लें। सीएम हिमंता ने कहा, “ये नए भारत को भी देख लीजिए। ओवैसी को दर्द हो रहा है। मैं ओवैसी से कहना चाहता हूँ कि इस साल भी मैं 300 मदरसों को बंद करूँगा। हम सबको मिल कर भारत को फिर से विश्वगुरु बनाना है।”

बता दें कि असम की सरकार बहुविवाह को भी प्रतिबंधित करने जा रही है और इसके लिए एक कमिटी का गठन भी कर दिया गया है। गुवाहाटी हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज को इस पैनल का अध्यक्ष बनाया गया है। इसमें महिला और मुस्लिम सदस्य को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। कमिटी को 60 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपनी पड़ेगी। असम सरकार ने 2024 तक बहुविवाह को बैन करने का लक्ष्य रखा है। Polygamy के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी कई याचिकाएँ गई थीं।

छत्रपति संभाजी महाराज के नाम पर होगी मुंबई की कोस्टल रोड: CM एकनाथ शिंदे ने पूरा किया बाल ठाकरे का सपना, भव्य मूर्ति का भी होगा निर्माण

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ऐलान किया है कि मुंबई की कोस्टल रोड का नाम बदलकर छत्रपति संभाजी महाराज के नाम पर रखा जाएगा। सीएम शिंदे ने संभाजी महाराज की जयंती पर यह ऐलान किया। साथ ही उन्होंने कहा है कि इस क्षेत्र में संभाजी महाराज की भव्य प्रतिमा का भी निर्माण होगा।

दरअसल, छत्रपति संभाजी महाराज की जयंती पर गेटवे ऑफ इंडिया पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान उन्होंने कहा है, “यहाँ पहली बार संभाजी महाराज की जयंती मना रही है। इसलिए बहुत अधिक खुशी हो रही है। आज संभाजी महाराज की 366वीं जयंती मनाई जा रही है।” इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया है कि कोस्टल रोड का नाम बदलकर छत्रपति संभाजी महाराज के नाम पर रखा जाएगा। साथ ही यह उनकी एक भव्य मूर्ति लगाई जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ इतिहासकारों ने उनकी बहादुरी के बारे में कुछ अलग भी लिखा होगा, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। शिवाजी महाराज ने स्वराज्य की नींव रखी और संभाजी महाराज ने इसे आगे बढ़ाया। इसलिए हमें उनकी वीरता को याद रखने की जरूरत है। संभाजी महाराज ने मुगल साम्राज्य के खिलाफ लड़ाई लड़ी। अपने समय में उन्होंने 120 से अधिक युद्ध लड़े लेकिन उन्हें कभी भी हार नहीं मिली।

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने यह भी कहा है कि औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजी नगर करना बाला साहेब का सपना था। इसलिए सरकार बनने के बाद सबसे पहले यह फैसला लिया गया। औरंगजेब ने छत्रपति संभाजी महाराज को इसी जगह पर प्रताड़ित किया था। उन्हें अपना धर्म बदलने के लिए कहा गया। लेकिन उन्होंने कभी भी समझौता नहीं किया।

बता दें कि छत्रपति संभाजी महाराज हिंदवी साम्राज्य के दूसरे राजा और छत्रपति शिवाजी महाराज के सबसे बड़े बेटे थे। उनका जन्म से 1657 में हुआ था। साल 1680 में शिवाजी के निधन के बाद उन्होंने सत्ता संभाली थी। अपने शासनकाल के दौरान, उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसमें मुगल साम्राज्य के साथ युद्ध और प्रजा द्वारा विद्रोह शामिल है। इन सबके बाद भी संभाजी महाराज को उनकी बहादुरी और युद्ध कौशल के लिए जाना जाता है। साल 1689 में मुगल आक्रांता औरंगजेब ने उनकी हत्या कर दी थी।