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त्रयंबकेश्वर मंदिर में हरी चादर चढ़ाने के लिए घुस रहे थे मुस्लिम, डिप्टी CM देवेंद्र फडणवीस ने दिया SIT जाँच का आदेश: नासिक पुलिस ने 5 को दबोचा

12 ज्योतिर्लिंगों में से एक नासिक के त्र्यंबकेश्वर मंदिर में शनिवार (13 मई 2023) रात मुस्लिम युवकों ने जबरन घुसकर चादर चढ़ाने की कोशिश की थी। अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने SIT जाँच के आदेश दिए हैं। वहीं, नासिक पुलिस ने FIR दर्ज करते हुए 5 लोगों को हिरासत में लिया।

त्र्यंबकेश्वर मंदिर में हुई इस घटना की SIT जाँच को लेकर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम कार्यालय ने एक ट्वीट किया।

इस ट्वीट के अनुसार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने त्र्यंबकेश्वर मंदिर के मुख्य द्वार पर भीड़ के इकट्ठा होने की घटना के संबंध में FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है। इसके अलावे उप-मुख्यमंत्री ने घटना की जाँच के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रैंक के अधिकारियों की अध्यक्षता में एक एसआईटी के गठन का भी आदेश किया। आदेश में स्पष्ट है कि एसआईटी न केवल इस साल बल्कि पिछले साल की घटना की भी जाँच करेगी क्योंकि तब भी कुछ लोग मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार से त्र्यंबकेश्वर मंदिर परिसर में घुस गए थे।

वहीं, इस घटना के बाद हुई कार्रवाई को लेकर नासिक आईजी बीजी शेखर का कहना है कि त्र्यंबकेश्वर मंदिर में जबरन घुसने के आरोप में पुलिस ने 5 लोगों को हिरासत में लिया है। मंदिर ट्रस्ट की ओर से पुलिस को जानकारी दी गई थी कि 13 मई को 10-12 युवक जबरन मंदिर में घुस गए। उनके पास हरी चादर और फूलों के गुच्छे थे।

बता दें कि भगवान महादेव के प्रसिद्ध मंदिर त्र्यंबकेश्वर मंदिर में जबरन घुसने की कोशिश करने वाले मुस्लिमों को सुरक्षाकर्मियों ने मंदिर के अंदर प्रवेश करने से रोक दिया था। जो मुस्लिम भीतर घुसने का प्रयास कर रहे थे, वो अपने मजहबी कार्यक्रम उर्स में शामिल होने के लिए आए थे। लेकिन, सतर्क सुरक्षाकर्मियों और मुस्तैद मंदिर प्रशासन ने उनकी मंशा पर पानी फेर दिया। फिर स्थिति को नियंत्रित भी कर लिया गया। आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की माँग की जा रही थी। पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर पुजारियों ने विरोध प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।

इस संबंध में मंदिर प्रशासन ने स्थानीय पुलिस थाने को पत्र भी लिखा। इसमें शनिवार (13 मई, 2023) रात 9:41 बजे हुई इस घटना के संबंध में बताया गया है। मंदिर के उत्तरी द्वार से कुछ ही दूरी पर उर्स का आयोजन चल रहा है। वहीं से कुछ मुस्लिमों ने मंदिर में एंट्री लेने की कोशिश की। इस पत्र में लिखा है कि सदियों से ये परंपरा चली आ रही है कि मंदिर में सिर्फ हिन्दुओं को ही प्रवेश देने की अनुमति रही है, जिनकी हिन्दू धर्म में आस्था नहीं है उन्हें नहीं।

ज्ञात हो कि त्र्यंबकेश्वर मंदिर नीलगिरि, ब्रह्मगिरि और कलागिरि की पहाड़ियों के बीच में स्थित है। मंदिर में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतिनिधित्व करते हुए 3 लिंग स्थापित हैं। मुग़ल बादशाह औरंगजेब द्वारा ध्वस्त किए जाने के बाद पेशवा बालाजी बाजीराव ने इस मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया था।

दिल्ली से लेकर बिहार तक CBI की छापेमारी: लालू यादव के करीबी सांसद और रेप आरोपित पूर्व विधायक के ठिकानों पर रेड, ‘लैंड फॉर जॉब’ स्कैम का मामला

केंद्रीय जाँच एजेंसी CBI ने मंगलवार (16 मई 2023) को राजद सुप्रीमो लालू यादव के करीबीयों के 9 ठिकानों पर छापेमारी की। लैंड फॉर जॉब स्कैम मामले में बिहार से लेकर दिल्ली तक छापेमारी की गई। मिली जानकारी के मुताबिक, सुबह ही सीबीआई की टीम विधायक किरण देवी के पटना और भोजपुर स्थित घर पर छापेमारी करने पहुँची। इसके अलावा जाँच एजेंसी ने दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा में आरजेडी के राज्यसभा सांसद प्रेमचंद गुप्ता के आवास और ठिकानों पर भी रेड मारी।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, लैंड फॉर जॉब घोटाले की जाँच कर रही सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने एक साथ विधायक किरण देवी के पटना और भोजपुर के अगियाँव के आवास पर रेड मारा। किरण देवी पूर्व विधायक अरुण यादव की पत्नी हैं। नाबालिग से रेप केस में फँसने के बाद अरुण यादव पिछला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ सके थे। लालू के करीबी माने जाने वाले अरुण यादव ने अपनी जगह पत्नी किरण देवी को को विधानसभा चुनाव लड़ाया। अरुण यादव बिहार के बड़े बालू कारोबारियों में शामिल हैं।

बिहार के अलावा सीबीआई की टीम ने राजद के राज्य सभा एमपी प्रेमचंद गुप्ता के दिल्ली एनसीआर के ठिकानों पर छापेमारी की। सीबीआई की टीम ने गुरुग्राम, नोएडा और दिल्ली स्थित आवास पर छापा मारा। प्रेमचंद गुप्ता भी लालू यादव के करीबी माने जाते हैं। खबर लिखे जाने तक राज्य सभा सांसद के दिल्ली आवास पर छापेमारी कार्रवाई जारी थी।

बता दें कि 8 मई, 2023 को जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई थी। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट से सप्लीमेंट्री चार्जशीट फाइल करने के लिए समय माँगा। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 1 जून 2023 को तय की है। सीबीआई के अलावा ईडी भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जँच कर रही है।

क्या है लैंड फॉर जॉब स्कैम मामला?

उल्लेखनीय है कि 14 साल पहले जिस समय यह घोटाला हुआ था, उस समय लालू प्रसाद यादव यूपीए-1 शासनकाल में केंद्रीय रेल मंत्री थे। उस समय नौकरी के देने बदले लालू प्रसाद यादव के परिजनों को पटना में करीब 1.05 लाख वर्ग फुट जमीन अधिग्रहित की गई थी। इस घोटाले में बिना विज्ञापन निकाले रिश्वत देने वाले अभ्यार्थियों को तीन दिन के अंदर रेलवे में नौकरी दे दी गई थी। इतना ही नहीं, इन उम्मीदवारों ने नौकरी के लिए झूठे स्थानांतरण प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया है और रेल मंत्रालय में झूठे प्रमाणित दस्तावेज भी जमा कराए थे।

71206 लोगों को PM मोदी ने दिया नौकरी का लेटर: धनतेरस पर लॉन्च हुए ‘रोजगार मेला’ में 10 लाख को सरकारी नौकरी देने का टारगेट, अब तक 4.5 लाख को मिली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (16 मई, 2023) को 71,206 सरकारी नौकरी नियुक्ति पत्र का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने नव-नियुक्त अभ्यर्थियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित भी किया। देश भर में 45 स्थलों पर इस ‘रोजगार मेला’ का आयोजन किया गया था। इस योजना के तहत केंद्र के साथ-साथ प्रदेश सरकारों में भी नियुक्तियाँ की जा रही हैं। ग्रामीण दल सेवक, इंस्पेक्टर, क्लर्क, सेक्शन ऑफिसर, अनुमंडल अधिकारी, टैक्स असिस्टेंट, शिक्षक, प्रधानाध्यापक और रजिस्ट्रट समेत कई पदों पर नियुक्तियाँ हुई हैं।

इस दौरान जारी किए गए वीडियो में बताया गया है कि पिछले 9 वर्षों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यकाल देश के सर्वांगीण और सर्वस्पर्शी विकास की मिसाल है। बीते 9 वर्षों में देश में अभूतपूर्व गति से इंसफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हुआ है और गरीब कल्याण के लिए संकल्पबद्ध प्रयास हुए हैं। साथ ही बड़े पैमाने पर उद्यमिता, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिले हैं। युवा देश के सामर्थ्य का देश को लाभ मिले और कर्मठ कर्मयोगी देश के विकास में योगदान दें, इसी क्रम में पीएम मोदी ने 1 वर्ष में 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरियाँ देने का विशाल लक्ष्य रखा गया है। उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2022 के धनतरेस में रोजगार मेला की शुरुआत की गई थी। इसके तहत अब तक करीब साढ़े चार लाख लोगों को नौकरी दी जा चुकी है।

रोजगार मेला सरकारी नियुक्तियों की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की एक पहल है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इससे विभागों में भी समय आधारित प्रक्रिया पूरी हो और तय लक्ष्य को पूरा करने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएँ। पहले की धीमी और ऑफलाइन नियुक्ति प्रक्रिया को खत्म कर तकनीक आधारित और समयबद्ध नियुक्ति प्रक्रिया अपनाई गई है। इससे अनियमितता खत्म हुई है। अब हर महीने संपूर्ण चयन प्रक्रिया के जरिए नौकरियों के लिए पहल की जा रही है।

इसके तहत एक ही दिन में सभी नियुक्ति संबंधी प्रक्रियाओं को पूरा करना होता है। इससे युवा सशक्त होते हैं। व्यवस्था से जुड़ कर किस तरह काम करना है, कार्यस्थल नैतिकता क्या होती है और मानव संसाधन की भूमिका क्या हो – इन विषयों पर एक ऑनलाइन मॉड्यूल ‘कर्मयोगी’ के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विभिन्न विभाग और प्रदेश सरकारें भी अब ‘रोजगार मेला’ का आयोजन कर रही हैं। इससे नियुक्ति प्रक्रिया सरल और स्पष्ट हो जाती है।

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “बीते 9 वर्षो में भारत सरकार ने सरकारी भर्ती प्रक्रिया को ज्यादा तेज करने, ज्यादा पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने को भी प्राथमिकता दी है। आवेदन से लेकर नतीजे आने तक की प्रक्रिया ऑनलाइन की जाती है। ग्रुप C और D के पदों के लिए इंटरव्यू सिस्टम खत्म किया गया। सबका साथ-सबका विकास के मंत्र के साथ कदम बढ़ाने वाला भारत, आज विकसित भारत बनने के लिए प्रयास कर रहा है। 9 वर्षों में स्टार्टअप कल्चर में क्रांति आई है, युवाओं को नए अवसर मिले हैं।”

शाइस्ता और गुड्डू मुस्लिम के खिलाफ लुक आउट नोटिस, रिपोर्ट में दावा- अतीक अहमद ने दुबई की प्रॉपर्टी कर दी थी शबाना के बेटे के नाम

प्रयागराज पुलिस ने अतीक अहमद की माफिया बीवी शाइस्ता परवीन के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया है। उसके दो शूटरों गुड्डू मुस्लिम और साबिर की तलाश में भी यह नोटिस जारी हुआ है। फरवरी 2023 में उमेश पाल की हत्या के बाद तीनों फरार हैं। अब इनके देश छोड़कर भागने की आशंका जताई जा रही है। इस बीच एक रिपोर्ट से पता चला है कि दुबई की प्रॉपर्टी अतीक अहमद ने किसी शबाना नाम की महिला के बेटे आरिफ के नाम कर दी थी। इसको लेकर माफिया के परिवार में झगड़ा भी हुआ था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शाइस्ता, गुड्डू मुस्लिम और साबिर के खिलाफ लुक आउट नोटिस 1 साल के लिए जारी हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों को इन तीनों के देश छोड़ कर कहीं और बसने के इनपुट मिले हैं। लुक आउट नोटिस जारी होने के बाद सभी हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर अलर्ट घोषित किया गया है।

दुबई की सम्पत्ति शबाना के बेटे को

दैनिक जागरण के मुताबिक अतीक अहमद ने अपनी दुबई की फ्लैट और अन्य प्रॉपर्टी शबाना के बेटे आरिफ एमबीए के नाम कर दी थी। इसकी जानकारी जब अशरफ के साले सद्दाम को हुई तो उसने इसका विरोध किया था। सद्दाम और आरिफ में झगड़ा भी हुआ था। सद्दाम ने आरिफ पर अतीक के दुबई वाले कारोबार को कब्ज़ा करने का आरोप लगाया था। रिपोर्ट में यह साफ नहीं है कि इसको लेकर शाइस्ता की कैसी प्रतिक्रिया थी। शबाना से अतीक का संबंध भी स्पष्ट नहीं है। यह बताया गया है कि आरिफ साबरमती जेल में अतीक से कई बार मिला था।

इससे पहले कुछ रिपोर्टों में एक महिला को लेकर अतीक और शाइस्ता में कलह के दावे किए जा चुके हैं। रिपोर्टों में कहा गया था कि यह महिला जेल में भी अतीक से मिलती थी। एनबीटी ने अपनी की रिपोर्ट रिपोर्ट में इस महिला का नाम शबनम बताया था। कहा गया था कि अतीक ने बुरे समय में इस महिला की काफी मदद की थी। इसके बाद दोनों एक दूसरे के संपर्क में आ गए। इस रिश्ते की वजह से अतीक और शाइस्ता में कई बार झगड़े भी हुए थे। शाइस्ता के कई बार मना करने के बावजूद अतीक ने उस महिला से बातचीत जारी रखी। 24 फरवरी 2023 को हुए उमेश पाल हत्याकांड के कुछ दिन पहले भी इस महिला के अतीक से मिलने साबरमती जेल जाने की बात कही गई थी।

जिस ‘द केरल स्टोरी’ ने 12 दिन में कमाए ₹150 करोड़, उसको तमिलनाडु में नहीं मिल रहे दर्शक: सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार का दावा, कहा- हमने बैन नहीं लगाया

सुदीप्तो सेन के निर्देशन में बनने वाली फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ (The Kerala Story) का बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई का सिलसिला जारी है। लेकिन बंगाल (West Bengal) और तमिलनाडु में इस फिल्म पर बैन लगा दिया गया है। इसको लेकर फिल्ममेकर्स ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिस पर मंगलवार (16 मई 2023) को सुनवाई हुई। तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में हलफनामा दायर कहा है कि राज्य में ‘द केरल स्टोरी’ की स्क्रीनिंग पर कोई बैन नहीं लगाया गया है। एमके स्टालिन सरकार ने निर्माताओं के दावों का खंडन करते हुए कहा कि ये दलील गलत है कि तमिलनाडु में फिल्म दिखाने पर रोक लगाई गई है।

सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार ने अपने हलफनामे में कहा कि ये फिल्म 5 मई, 2023 को 19 मल्टीप्लेक्स में रिलीज की गई, लेकिन फिल्म में जाने-पहचाने कलाकारों के न होने, कलाकारों के खराब प्रदर्शन और दर्शकों की संख्या में कमी के कारण मल्टीप्लेक्स मालिकों ने खुद ही 7 मई 2023 को फिल्म की स्क्रीनिंग बंद कर दी थी। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माताओं ने जानबूझ कर झूठा बयान दिया है कि राज्य सरकार ने फिल्म की स्क्रीनिंग पर बैन लगाया है।

हलफनामे में आगे दावा किया गया है कि राज्य में फिल्म की स्क्रीनिंग करने वाले सभी सिनेमाघरों के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। रिलीज से पहले शहरों में जिला पुलिस अधीक्षकों और पुलिस आयुक्तों को राज्य की कानून व्यवस्था पर नजर रखने के लिए अलर्ट जारी किया था। 25 डीएसपी सहित 965 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को फिल्म दिखाने वाले 21 सिनेमाघरों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था।

कई राज्यों में वामपंथियों और कट्टरपंथियों द्वारा ‘द केरल स्टोरी’ को ‘प्रोपेगेंडा’ बताकर बैन करने की माँग की जा रही है। लेकिन हकीकत यह है कि सच्ची घटनाओं पर आधारित इस फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। दूसरे हफ्ते भी फिल्म की शानदार कमाई जारी है। फिल्म ने करीब 150 करोड़ का बिजनेस कर लिया है।

ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श के मुताबिक, इस शुक्रवार (12 मई, 2023) को फिल्म ने 12.35 करोड़, शनिवार को 19.50 करोड़ रुपए, रविवार को 23.75 करोड़ और सोमवार 10.30 करोड़ की कमाई के साथ कुल 147.04 करोड़ रुपए कमाए।

बता दें कि इस फिल्म के रिलीज के बाद ऐसी कई लड़कियाँ सामने आई हैं, जो अपने साथ घटित पुरानी घटनाओं को इसके दृश्यों से जोड़ रही हैं। उन्होंने कैमरे के सामने खुलकर अपनी आपबीती बताई ​है कि कैसे उन्हें भी कभी न कभी किसी ने एक मजहब की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया।

सचिन तेंदुलकर के बेटे को कुत्ते ने काटा, जिस हाथ से बॉलिंग करते हैं अर्जुन उसमें ही घाव: गौतम गंभीर की टीम से है मुंबई इंडियंस का मुकाबला

दिग्गज पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर कुत्ते के हमले का शिकार हो गए। इस बात की जानकारी अर्जुन ने ही दी है। इस चोट के चलते कयास लगाए जा रहे हैं कि वह IPL के आने वाले कुछ मैचों में खेलते हुए दिखाई नहीं देंगे।

अर्जुन तेंदुलकर IPL में मुंबई इंडियंस का हिस्सा हैं। मंगलवार (16 मार्च, 2023) को मुंबई इंडियंस का मुकाबला ‘लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG)’ से है। इस मैच से पहले लखनऊ ने अर्जुन तेंदुलकर का एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में अर्जुन लखनऊ के खिलाड़ी मोहसिन खान और युद्धवीर सिंह से बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान ही उन्होंने बताया है कि कुत्ते ने उन्हें काट लिया।

वीडियो की शुरुआत में जब बाँया अर्जुन हाथ दिखा रहे होते हैं तो उनकी उँगलियों में सूजन साफ तौर पर देखी जा सकती है। बता दें कि अर्जुन बाएँ हाथ से गेंदबाजी करते हैं। ऐसे में यह स्पष्ट है कि उँगलियों में सूजन के चलते उन्हें गेंदबाजी करने में समस्या होगी। कहा जा रहा है कि इस चोट के चलते अर्जुन तेंदुलकर लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ होने वाले मैच में नहीं खेल पाएँगे। इसके अलावा आगामी कुछ मैचों में भी उनके खेलने पर संशय बना रहेगा।

बता दें कि अर्जुन तेंदुलकर ने IPL 2023 में ही मुंबई इंडियंस के लिए डेब्यू किया है। लेकिन इस सीजन उन्हें खेलने का अधिक मौका नहीं मिला। इसका सबसे बड़ा अर्जुन का व्यक्तिगत प्रदर्शन है। आईपीएल 2023 के 4 मैचों में अर्जुन महज 3 ही विकेट हासिल करने में कामयाब रहे। वहीं, मुंबई के पास बाएँ हाथ के अन्य तेज गेंदबाज भी हैं जो कि अर्जुन की अपेक्षा कहीं बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि IPL 2023 के जारी सीजन में अर्जुन तेंदुलकर को अब शायद ही खेलने का मौका मिले।

हालाँकि, इसके बाद भी वह नेट प्रैक्टिस में तेज गेंदबाजी करते देखे जा रहे हैं।

‘मेरे साथ यौन संबंध नहीं बनाए, मेरे से बस चीजें बोली’: जेनिफर मिस्त्री, असित मोदी पर लगाए थे यौन उत्पीड़न के आरोप

जेनिफर मिस्त्री बंसीवाल ने कहा है कि असित मोदी ने उनके साथ यौन संबंध नहीं बनाए थे। उनके साथ जो कुछ हुआ वह जुबानी हुआ। जेनिफर लोकप्रिय कॉमेडी टीवी प्रोग्राम ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में रोशन भाभी का किरदार निभा चुकी हैं। पिछले दिनों उन्होंने इस शो के निर्माता असित मोदी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। साथ ही शो के एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर जतिन बजाज और प्रोजेक्ट हेड सोहेल रमानी पर भी दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे।

अब न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए जेनिफर ने कहा कि अपने नोटिस में उन्होंने जो भी बातें कही हैं, सब सच है। दरअसल, जेनिफर के आरोपों के बाद शो के निर्माता और उनके सहयोगियों ने कहा था कि शो से निकाले जाने के कारण वह बदले की भावना से इस तरह के आरोप लगा रही हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जेनिफर ने कहा, “मैंने एक-एक बात सही बोली है। मैंने 8 अप्रैल 2023 को ही नोटिस भेजी थी। इन्होंने 8 मई को जानकारी दी कि मुझे निकाला गया है। एक महीने बाद उन्होंने मुझे निकालने की बात क्यों कही?”

जेनिफर ने कहा कि कुछ मीडिया वाले ऐसी खबरें फैला रहे हैं कि असित ने मेरे साथ यौन संबंध बनाए थे, ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा,”जो लोग बोल रहे हैं कि असित मोदी ने मेरे साथ यौन संबंध बनाए हैं, मैं कहना चाहती हूँ कि ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने बस मेरे से ऐसी चीजें बोली हैं। पुलिस जाँच कर रही है।”

ईटाइम्स से हुई बातचीत में असित मोदी ने सारे आरोपों को दिया था। उन्होंने कहा था, “सभी आरोप निराधार हैं। उनमें जरा सी भी सच्चाई नहीं है। वह सिर्फ मेरी छवि खराब करने की कोशिश कर रही हैं।” बता दें कि ‘रोशन भाभी’ यानी जेनिफर ने आरोप लगाया था कि शूटिंग के बाद असित मोदी अक्सर उन्हें फोन किया करते थे और आपत्तिजनक बातें करते थे। उन्हें कमरे में बुलाते थे। इसके बाद अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा था कि उनकी चुप्पी को कमजोरी न समझा जाए।

बकौल जेनिफर फ्लर्ट करने के बाद असित मोदी कहते थे कि मैं मजाक कर रहा था। लेकिन बाद में अभिनेत्री के वकील ने उन्हें समझाया कि चुप रहना सही नहीं होगा और उन्हें इस मामले को उठाना चाहिए। जेनिफर ने शो से जुड़े सोहेल रमानी और जतिन बजाज पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। उनके अनुसार सोहेल और जतिन के दुर्व्यवहार के कारण उन्हें शो छोड़ना पड़ा था।

कृष्णानंद राय हत्याकांड में मारे गए थे 7 लोग, एक के भाई ने बताया – हिन्दुओं को एकजुट करने के प्रयासों से भड़का था मुख़्तार अंसारी, वो पूर्वांचल का दूसरा मुलायम

29 नवम्बर, 2005 में हुई पूर्वांचल के बहुचर्चिर कृष्णानंद हत्याकांड में मुख़्तार अंसारी और उसके भाई अफ़ज़ाल अंसारी को 29 अप्रैल, 2023 को कोर्ट ने सजा सुना दी है। मुख़्तार को 10 और अफ़ज़ाल को 4 साल की सजा हुई है। अफ़ज़ाल की संसद सदस्य्ता भी इसी सज़ा के साथ समाप्त हो गई। कृष्णानंद राय हत्याकांड में 400 राउंड गोलियाँ चली थीं, जिसमें 2 पुलिसकर्मियों सहित कुल 7 लोगों की जान गई थी। इन 7 लोगों में एक थे अखिलेश राय।

अखिलेश राय कृष्णानंद राय के खास सहयोगियों में से गिने जाते थे। घटना के समय वो कृष्णानंद राय के ही बगल बैठे थे। ऑपइंडिया की टीम ने अखिलेश राय के भाई शिवजी राय से बात कर के इस विषय में और अधिक जानकारी ली।

नाकाफी है 10 साल की सजा, मिले उम्रकैद

शिवजी राय मूल रूप से गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि वो और उनका परिवार मुख़्तार और उसके भाई को मिली सज़ा से संतुष्ट नहीं है। 10 और 4 साल की सजा को नाकाफी बताते हुए शिवजी राय ने कहा कि मुख़्तार और अफ़ज़ाल को कम से कम आजीवन कारावास की सजा होनी चाहिए। शिवजी ने अफजाल को हत्या की साजिश में शामिल, मुख़्तार का राजनैतिक सहयोगी और गुनाहों का संरक्षक बताया।

भाई की हत्या का कारण पूछने शिवजी राय ने बताया कि मुख़्तार अंसारी को अपना वर्चस्व टूटना हजम नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि कृष्णानंद राय ने अफ़ज़ाल को उस जगह हराया जिसे वो अपनी फिक्स सीट समझते थे और यही हार मुख़्तार को रास नहीं आई। शिवजी ने कहा, “उसका सारा काम सरकार के संरक्षण में चल रहा था। उसे न कोई रोक रहा था और न ही टोक रहा था। विधायक जी (कृष्णानंद राय) ने उसे हरा दिया। उसका वर्चस्व टूट गया।”

हिन्दुओं की एकजुटता भी सह नहीं पाया मुख़्तार

शिवजी राय का मानना है कि कृष्णानंद राय हत्याकांड की एक और वजह ये थी कि वो हिन्दुओं को एकजुट करने के प्रयासों में लगे हुए थे। शिवजी राय के अनुसार, मुख़्तार अंसारी की गैंग हिन्दुओ को हिन्दुओं से लड़ा कर ही अपनी बादशाहत कायम किए हुए थे। बकौल शिवजी, इसी बिखरे हिन्दू समाज को भाजपा विधायक कृष्णानंद राय एकजुट कर रहे थे और मुख़्तार को ये प्रयास अपने राजनैतिक भविष्य के लिए खतरा लगा। शिवजी राय ने अपने भाई को भी हिन्दुओं की एकजुटता के प्रयास में दिवंगत कृष्णानंद राय का सहयोगी बताया।

गौरतलब है कि मऊ जिले से जिला पंचायत सदस्य प्रिंस यादव ने भी मुख़्तार अंसारी पर हिन्दू को हिन्दू से लड़ाने का आरोप लगाया था।

सेकेंड मुलायम सिंह था मुख़्तार अंसारी

समाजवादी पार्टी के शासन काल की याद दिलाते हुए मृतक अखिलेश राय के भाई ने बताया कि उस सरकार में मुख़्तार अंसारी को पूर्वांचल का ‘सेकेंड मुलायम सिंह’ कहा जाता था। उन्होंने बताया, “जो वो (मुख़्तार) चाहता था वही होता था। खुलेआम मऊ में दंगा करवाया। खुलेआम जीप पर चढ़ कर घूमा। कुछ नहीं हुआ। यहाँ दिन दहाड़े AK-47 से 400 राउंड गोलियाँ चलीं कुछ नहीं हुआ उसे।” योगी सत्ता में हुए बदलाव का जिक्र करते हुए शिवजी राय ने कहा कि अब लोग निडर हो कर गवाही दिए जिस से मुख़्तार को सजा हुई।

शिवजी राय ने मुख़्तार अंसारी को प्रयागराज के अतीक अहमद की तरह ही अपराधी बताया। उन्होंने कहा कि मुख़्तार जमीन कब्ज़े और लूटमार में हमेशा आगे रहता था। शिवजी ने कहा, “जैसे अतीक वहाँ इलाहबाद में करता था कि आपकी प्रॉपर्टी हमें पसंद आ गई तो ये आज से हमारी। ये (मुख़्तार) वैसे ही लूटता था। अक्सर पैसा भी नहीं देता था और देता भी था तो औने-पौने दाम पर।”

लम्बी लड़ाई, बहुत कुछ झेला

भाई की हत्या से ले कर मुख़्तार को मिली सजा के लगभग 17 वर्षों के अंतराल को शिवजी राय ने बेहद संघर्ष का समय बताया। उन्होंने बताया, “हम लोग यहाँ कोई काम नहीं कर सकते थे। मैं खुद ये जगह (गाजीपुर) छोड़ कर कहीं और चला गया था। हमें धमकियाँ आतीं थीं। मेरा छोटा भाई गवाह था उसे भी धमकाया जाता था कि गवाही मत करो वरना तुम भी जान से मार दिए जाओगे।” शिवजी के अनुसार मुख़्तार उसी को डराता है जो उस से डर जाए लेकिन वो लोग डरे नहीं और गवाही भी दी जिसके चलते अब उसे सजा हो पाई है। शिवजी का यह भी दावा है कि उनके भाई की हत्या वाले केस में कई अन्य गवाह मुख़्तार से डर से सरेंडर भी हुए हैं।

खुद को किसान परिवार से बताते हुए शिवजी राय ने कहा कि उनके भाई ठेकेदारी आदि कर के परिवार का गुजारा करते थे। उनकी हत्या के बाद परिवार ने काफी दिनों तक आर्थिक तंगी झेली। मृतक अखिलेश राय की एक बच्ची थी। अब उनकी पत्नी और लड़की की देखरेख परिवार के बाकी सदस्य मिल कर करते हैं। दिवंगत अखिलेश राय की बेटी फ़िलहाल अपनी पढ़ाई पूरी कर रही है।

अभी खत्म नहीं हुआ माफिया का नेटवर्क

अखिलेश राय के भाई शिवजी ने हमें बताया कि मुख़्तार अंसारी लोगों को अपने फायदे के हिसाब से प्रयोग किया करता था। उन्होंने दावा किया कि अपनी नेकी का एक फर्जी आभामंडल मुख़्तार ने बना रखा था जिसे उसके ही गुर्गे प्रचारित किया करते थे। ED और पुलिस सहित कई अन्य जाँचे झेल रहे मुख़्तार के बारे में शिवजी ने आगे बताया कि अभी पूरी तरह से मुख़्तार का नेटवर्क ध्वस्त नहीं हुआ है।

हालाँकि, शिवजी ने उम्मीद जताई कि अगर बाबाजी (योगी आदित्यनाथ) की सरकार बनी रही तो मुख़्तार को उसके एक-एक किए की सजा जरूर मिलेगी।

ब्लैकमेल नहीं, पीठ में छुरा नहीं, पैतृक संपत्ति नहीं… दिल्ली आने से पहले कर्नाटक CM पोस्ट पर शिवकुमार ने कॉन्ग्रेस आलाकमान को ललकारा भी, पुचकारा भी

224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे 13 मई 2023 को ही आ गए थे। कॉन्ग्रेस को स्पष्ट बहुमत भी मिल गया था। लेकिन पार्टी अभी तक यह तय नहीं कर पाई है कि कर्नाटक का मुख्यमंत्री कौन होगा। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Siddaramaiah) और प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) दावेदार बताए जा रहे हैं। इस बीच दिल्ली आने से पहले शिवकुमार ने मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर आलाकमान को संदेश दे दिया है। इसमें उनके तेवर भी छिपे हैं। साथ ही कॉन्ग्रेस आलाकमान के प्रति अपने समर्पण की भी उन्होंने याद दिलाई है।

शिवकुमार ने कहा है कि सीएम पद पैतृक संपत्ति नहीं है जो किसी के साथ शेयर किया जा सके। साथ ही कहा है कि वे आलाकमान को न तो ब्लैकमेल करेंगे और न पीठ में छुरा घोपेंगे। उनका यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है जब मीडिया में सीएम पद को लेकर कई तरह की खबरें चल रही है। कुछ रिपोर्टों का कहना है कि ज्यादातर विधायकों का समर्थन सिद्धारमैया को है। कुछ में बताया गया है कि शुरुआती दो साल सिद्धारमैया और फिर शिवकुमार सीएम होंगे। कुछ रिपोर्ट में सिद्धारमैया के सीएम और शिवकुमार सहित तीन डिप्टी सीएम की बात कही जा रही है।

कहा जा रहा है कि आज यानी 16 मई को कॉन्ग्रेस मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर सकती है। शिवकुमार भी दिल्ली आ रहे हैं। इससे पहले सोमवार को उन्होंने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए दिल्ली आने से इनकार दिया था, जबकि सिद्धारमैया पहले से दिल्ली में हैं।

शिवकुमार ने TOI को दिए इंटरव्यू में कहा है कि उन्होंने सोनिया गाँधी और कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से वादा किया था कि वह कर्नाटक में कॉन्ग्रेस को जीत दिलाएँगे। यह वादा पूरा हो गया है। अब उन्हें सारी चीजें तय करनी है। विधायकों के समर्थन सिद्धारमैया को होने से जुड़े सवाल के जवाब में उन्होंने कहा केवल एक नंबर है 135 विधायकों का जो कॉन्ग्रेस के पास है।

शिवकुमार ने कहा, “सिद्धारमैया के समर्थक अगर सपने देख रहे हैं तो उन्हें देखने से रोकने वाले वह कौन होते हैं? लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने भी एक सपना देखा है। यह सपना पार्टी की छवि को सुधारने और अच्छी व्यवस्था का है।” मुख्यमंत्री पद की शेयरिंग से जुड़े सवाल के जवाब में कहा कि यह कोई बाँटने वाली संपत्ति नहीं है। जैसे भाई-बहन के बीच पैतृक संपत्ति का बँटवारा हो जाता है। यहाँ सवाल सरकार बनाने का है। कुर्सी बाँटने का नहीं। शिवकुमार ने कहा, “जब पार्टी संकट में थी तब मुझे प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया। मैं पार्टी को इस मुकाम तक पहुँचाने में सफल रहा। अब सोनिया गाँधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के चरणों में 135 सीटें दे चुका हूँ। मुझे किसी ईनाम की उम्मीद नहीं है।”

वहीं, दिल्ली जाने के दौरान ANI से हुई बातचीत में उन्होंने कहा है, “हम सब एकजुट हैं। मैं किसी को बाँटना नहीं चाहता। भले ही वे मुझे पसंद नहीं करते। लेकिन मैं एक जिम्मेदार व्यक्ति हूँ। न तो पीठ में छुरा घोंपूँगा और ना ही ब्लैकमेल करूँगा। हमने कॉन्ग्रेस पार्टी को बनाया, हमने इस घर को बनाया। मैं इसका हिस्सा हूँ। एक माँ अपने बच्चे को सब कुछ देती है। सोनिया गाँधी हमारी आदर्श हैं। कॉन्ग्रेस हर किसी के लिए परिवार की तरह है।”

अब पटना में मुस्लिम लड़की के ‘हिंदू दोस्त’ की पिटाई: इस्लामी कट्टरपंथियों ने बाइक रोक पूछा नाम और फिर गाली देते हुए शुरू कर दी पिटाई, Video

बिहार की राजधानी पटना का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कुछ लोग एक युवक की पिटाई करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि हमलावर मुस्लिम समुदाय से हैं जिन्होंने हिन्दू युवक की पिटाई उसकी बाइक पर मुस्लिम लड़की बैठी होने की वजह से की। लड़की और लड़का एक साथ पढ़ाई करते हैं। घटनास्थल थाने से कुछ ही दूरी पर स्थित है लेकिन पुलिस पर घटना के दौरान मूकदर्शक बने रहने के आरोप लग रहे हैं। घटना सोमवार (15 मई 2023) शाम की बताई जा रही है।

न्यूज़ 18 के मुताबिक वायरल वीडियो पटना के पीर बहोर थानाक्षेत्र का है। घटना के समय एक हिन्दू युवक मुस्लिम लड़की के साथ अंजुमन इस्लामिया हॉल के पास बाइक से गुजर रहा था। इस दौरान सड़क पर खड़े कुछ लोगों ने बाइक को रोका। रोकने वालों ने पहले युवक का नाम पूछा। बाद में बाइक सवार युवक को गंदी-गंदी गालियाँ देते हुए उसकी पिटाई शुरू कर दी गई।

इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में हमलावरों के चेहरों को भी देखा जा सकता है। पूरी हिंसा के दौरान बुर्का पहने लड़की हमलावरों को रोकने का प्रयास करती है। हालाँकि उसकी कोशिश का आरोपितों पर कोई असर नहीं पड़ा। उलटे उसी लड़की को हमलावरों द्वारा लानत दी जाती रही। आरोप है कि घटनास्थल से कुछ ही मीटर की दूरी पर थाना पीरबहोर है। इसी के साथ जहाँ ये मारपीट की गई है वहाँ भी अक्सर पुलिस तैनात रहती है लेकिन किसी ने भी हमलावरों को रोकने की कोशिश नहीं की।

वायरल वीडियो में पहले तो बाइक से युवक और युवती को उतारा। वीडियो बनाने वाला कह रहा, “मंदिर में ले जा रहा है।” कुछ समय बाद हमलावरों ने लड़की से कहा, “तुम्हे शर्म नहीं आ रहा है ?” इसके बाद सभी ने युवक की पिटाई शुरू कर दी। पिटाई के दौरान माँ-बहन की गालियाँ देते हुए सॉरी बोलने पर “** फाड़ देंगे तुम्हारा’ जैसे शब्द बोले गए। बाद में हमलावरों ने कहा, “मुस्लिम लड़की को घुमाएगा तू।” हमलावरों ने मारपीट के दौरान पीड़ित युवक से कहा, “भगवा लटकाए हुए हो।”

ऑपइंडिया ने मामले की जानकारी के लिए पीड़ित युवक को सम्पर्क किया लेकिन उनका फोन बंद आया। पीड़ित के व्हाट्सएप पर पूछे गए सवालों का फ़िलहाल अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। जवाब आने पर उसे खबर में अपडेट किया जाएगा।

बिहार पुलिस ने इस वीडियो का संज्ञान लिया है और कानूनी कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी है। फ़िलहाल इस मामले में पुलिस द्वारा अब तक हुई कार्रवाई या गिरफ्तारी आदि की जानकारी सार्वजानिक सार्वजानिक नहीं की गई है। ऑपइंडिया ने जब इस मामले की जानकारी लेने के लिए SHO पीरबहोर को फोन किया तो उन्होंने फोन उठा कर थोड़ी देर बाद कॉल करने के लिए कहा।

गौरतलब है कि इस से पहले उत्तर प्रदेश के मेरठ और मुजफ्फरनगर में भी इस तरह की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। यहाँ भी मुस्लिम लड़कियों के साथ देखे जाने पर हिन्दू युवकों को प्रताड़ित किया गया। इन जगहों पर भी मुस्लिम लड़किओं के साथ अभद्रता की गई।