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‘अकेलापन महसूस होता है, मेरे साथ किसी को रख दो’: सत्येंद्र जैन ने कहा और सेल में भेज दिए 2 कैदी, तिहाड़ जेल अधीक्षक को नोटिस

टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के बाद से दिल्ली के तिहाड़ जेल के भीतर की सुरक्षा-व्यवस्था सवालों के घेरे में है। इस बीच जेल के भीतर नियमों को ताक पर रखकर कैदियों को ट्रांसफर करने का मामला सामने आया है। इन कैदियों को आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और दिल्ली की केजरीवाल सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन की सेल में ट्रांसफर किया गया था।

जैन ने खुद इसकी डिमांड की थी। उन्होंने अकेलेपन का हवाला देते हुए जेल अधीक्षक को अपनी सेल में कैदियों की संख्या बढ़ाने को लेकर आवेदन दिया था। उनकी इस माँग को पूरा करते हुए जेल अधीक्षक ने दो कैदियों को उनके सेल में भेज दिया। मामला सामने आने के बाद तिहाड़ प्रशासन ने जेल अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सत्येंद्र जैन ने गुरुवार (11 मई 2023) को जेल अधीक्षक के नाम एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने कहा था कि वह बहुत अकेलापन और डिप्रेशन महसूस कर रहे हैं। इसलिए उनकी सेल में कम से कम 2-3 कैदियों को रखा जाए। जैन ने मनोचिकित्सक की सलाह का जिक्र करते हुए कहा था कि डॉक्टर ने उन्हें अकेले न रहने और सामाजिक दायरा बढ़ाने के लिए कहा है।

सत्येंद्र जैन के इस पत्र पर अमल करते हुए अगले ही दिन यानी शुक्रवार (12 मई 2023) को अधीक्षक ने दो कैदियों को उनके सेल में ट्रांसफर कर दिया। जेल प्रशासन का कहना है कि जेल नंबर 7 के अधीक्षक ने बिना प्रशासन को बताए ही कैदियों को ट्रांसफर किया था। नियमानुसार प्रशासन को बिना बताए और अनुमति के बिना किसी भी कैदी को ट्रांसफर करने का अधिकार नहीं होता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्या कारण था कि सत्येंद्र जैन के पत्र पर तत्परता दिखाते हुए जेल अधीक्षक ने दो कैदियों को उनके सेल में भेज दिया।

जेल में मालिश कराते आया था वीडियो

बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तिहाड़ जेल में बंद सत्येंद्र जैन के जेल के भीतर से कई वीडियो सामने आ चुके हैं। इनमें से कुछ वीडियो में वह मालिश कराते तो कुछ में ‘दरबार’ लगाते तो कुछ में बाहर का खाना खाते दिखाई दिए थे। एक वीडियो में तो वह निलंबित जेल अधीक्षक के साथ बैठे हुए भी दिखाई दिए थे। वीडियो सामने आने और कोर्ट की सख्ती के बाद जब जेल में वीआईपी ट्रीटमेंट बंद हो गया तो सत्येंद्र जैन ने जेल अधिकारियों पर धमकी देने का आरोप लगाया था।

धर्म बदलो, शादी कर युवती का धर्मांतरण करो, फिर आतंकवाद के दलदल में धकेलो… ‘हिज्ब-उत-तहरीर’ का पैटर्न बता बोले CM शिवराज- MP को केरल नहीं बनने देंगे

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने धर्म परिवर्तन और आतंकवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश की धरती पर धर्म परिवर्तन और आतंकवाद का कुचक्र नहीं चलेगा, इनको जड़ से नेस्तनाबूद कर देंगे।” उनका यह बयान एटीएस द्वारा आतंकी इस्लामी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (HUT) के 16 सदस्यों को पकड़ने के बाद आया है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इस संगठन के कुछ सदस्यों ने हिंदू लड़कियों से निकाह कर उन्हें इस्लाम कबूल करवाया है।

मुख्यमंत्री ने रविवार (14 मई 2023) को अपने आ​धिकारिक ट्विटर हैंडल पर वीडियो साझा किया। इसमें वह कह रहे हैं, “मध्य प्रदेश की धरती पर आतंक की कोई जगह नहीं है। हमने पहले भी सिमी के नेटवर्क को ध्वस्त किया है। चंबल से डकैतों के आतंक को समाप्त किया है। नक्सलवाद छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की सीमा तक सीमित रह गया है। पिछले साल ही 8 नक्सलवादी मुठभेड़ में ढेर किए गए। लेकिन मुझे जैसे ही जानकारी मिली आतंकी संगठन, कट्टरपंथी, इस्लामिक संगठन हिज्ब-उत-तहरीर हमारे प्रदेश में सक्रिय हो रहा है। एटीएस ने तुरंत कार्रवाई प्रारंभ की। एटीएस को निर्देश भी दिए गए कि ऐसे गतिविधियाँ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इन्हें जड़ से समाप्त करना है।”

शिवराज सिंह चौहान ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि इनका नेटवर्क ऐसा है, जो कई लोगों की जिंदगी भी तबाह करता है। इनका पैटर्न है पहले धर्मांतरण करो, धर्मांतरण करके फिर बेटी से शादी करो, फिर उसे भी धर्मांतरित करो और उसके बाद उन्हें आतंकवाद के दलदल में धकेल दो। मध्य प्रदेश को किसी भी कीमत पर हम ‘केरल स्टोरी’ नहीं बनने देंगे।

सीएम ने यह भी कहा कि लव जिहाद और धर्मांतरण का कुचक्र नहीं चलेगा। मध्य प्रदेश की एटीएस की टीम और केंद्रीय एजेंसियों ने संयुक्त रूप से 10 लोग भोपाल से पकड़े, एक छिंदवाड़ा से पकड़ा, सभी पुलिस रिमांड पर हैं। उनसे पूछताछ जारी है। 6 आतंकी हैदराबाद से तेलंगाना पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं। एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

उन्होंने आगे कहा कि इनमें भोपाल से एक हिंदू धर्मांतरित होकर गया हुआ है। इन सब के तार हिज्ब-उत-तहरीर से जुड़े हुए हैं, जो कट्टरपंथी संगठन है। इनसे पूछताछ में पता चला है कि ये रायसेन से सटे जंगल में ट्रेनिंग कैंप लगाते थे। समाज में घुलने मिलने के लिए इनमें से कोई ट्रेनर होता था। कोई कंप्यूटर टेक्निशियन होता था, कोई दर्जी, कोई ऑटो ड्राइवर इत्यादि का काम कर रहे थे। गिरफ्तार सदस्यों में से एक भोपाल के कोहेफिजा में ऑडिटोरियम ट्यूटोरियल के नाम से कोचिंग सेंटर भी चला रहा था। यह समाज की भोली-भाली बेटियों को फँसाकर शादी करना, उनकी जिंदगी बर्बाद करना और धर्म परिवर्तन जैसे गैर कानूनी काम कर रहे थे। मध्य प्रदेश की धरती पर यह बर्दाश्त नहीं होगा। अभी पूछताछ जारी है। इनको जड़ से नेस्तनाबूद करेंगे।

बता दें कि ATS द्वारा पकड़े गए आतंकी इस्लामी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (HUT) के कुल 16 सदस्यों में से 8 सदस्य ऐसे हैं, जो पहले हिंदू थे। इनका ब्रेनवाश कर उन्हें मुस्लिम बना दिया गया। इस संगठन के कुछ सदस्यों ने हिंदू लड़कियों से शादी कर के उन्हें भी इस्लाम कबूल करवाया है। HUT का प्रमुख मोहम्मद सलीम हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया और दूसरा जिम ट्रेनर यासिर खान भोपाल से पकड़ा गया है।

‘मुँह खोल इसका’ बोल कर नोच लिया बुर्का, हिन्दू दोस्त से भी बदसलूकी: मेरठ के बाद मुजफ्फरनगर का वीडियो

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में जाट युवक के साथ घूम रही मुस्लिम महिला से कट्टरपंथियों की बदसलूकी का मामला सामने आया है। यहाँ बाइक से एक साथ जा रहे युवक और युवती को रोक कर सड़क के किनारे अभद्रता की गई है। घटना शनिवार (13 मई, 2023) की है। घटना के बाद लड़के के मोहल्ले में आधे दर्जन बाइक सवारों ने जा कर दहशत फैलाई है। मुजफ्फरनगर पुलिस ने FIR दर्ज कर के आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है।

इस पूरी घटना का 37 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में पहले बुलेट बाइक से रास्ते में जा रहे युवक और एक बुर्के वाली महिला का कुछ लोग पीछा करते हैं। बाद में बाइक रोक कर महिला और युवक से एक भीड़ सवाल-जवाब करती थी। दोनों के पते पूछे जाते हैं। महिला का बुर्का जबरन नोचा जाता है। इस दौरान वीडियो बना रहे व्यक्ति ने कहा, “मुँह खोल इसका।” अभद्रता के दौरान महिला अपना चेहरा ढँकने की कोशिश करती दिख रही है।

यह घटना मुजफ्फरनगर के थाना क्षेत्र नई मंडी की है। ‘द जाट एसोसिएशन’ नाम के वेरिफाइड हैंडल द्वारा इस वीडियो को शेयर किया गया है। इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा, “खुलेआम जाट समाज के युवा को धमकाती मुग़लों की भीड़। मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस से शिकायत के बाद भी नहीं ली जा रही FIR। आप सभी हिंदू भाइयों से आग्रह वीडियो इतना शेयर करें कि मुख्यमंत्री साहब संज्ञान ले सके। जाट लड़के को जान से मारने की धमकियाँ दी जा रही हैं।”

वीडियो में दिख रहे पीड़ित युवक का नाम शिवांश खोकर है। शिकायत में शिवांश ने बताया कि शनिवार को वह दोपहर में अपनी क्लासमेट के साथ बाइक से सड़क पर जा रहा था। इस दौरान बुलेरो वाहन से 5-6 लोग उतरे और उन्होंने शिवांश की बाइक रोक दी। सभी युवकों ने शिवांश के साथ अभद्रता की और लड़की का हिजाब भी खींचा। घटना के एक दिन बाद 14 मई को शिवांश की कॉलोनी में 8 से 10 बाइकों पर सवार हो कर कुछ लोग आए। उन सभी ने शिवांश के बारे में पूछताछ की और फरार हो गए।

शिवांश ने अपनी जान का खतरा बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने 5-6 अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ IPC की धारा 147, 504 और 506 के तहत केस दर्ज कर लिया है। मुजफ्फरनगर पुलिस के मुताबिक आरोपितों की धर-पकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं। ऑपइंडिया से बात करते हुए शिवांश ने बताया कि वो किसी भी आरोपित को नहीं पहचानते। बी.टेक छात्र शिवांश के अनुसार, उन्हें पुलिस का सहयोग मिल रहा है। फिलहाल अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

गौरतलब है कि शनिवार (13 मई, 2023) को मुजफ्फरनगर के पड़ोसी जिले मेरठ से भी इसी से मिलता जुलता एक वीडियो वायरल हुआ था। उस वीडियो में बाजार में घूम रहीं 2 महिलाओं से कट्टरपंथियों की भीड़ ने हिन्दू के साथ आने का आरोप लगा कर बदसलूकी की थी। इस मामले में भी पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आरोपितों की तलाश कर रही है।

मल्लिकार्जुन खड़गे हाजिर हो: पंजाब की संगरूर कोर्ट ने बुलाया, PFI से बजरंग दल की तुलना पर ₹100 करोड़ की मानहानि का केस

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पंजाब की संगरूर कोर्ट ने तलब किया है। मामला 100 करोड़ की मानहानि केस से जुड़ा है। यह केस हिंदू सुरक्षा परिषद बजरंग दल हिंद के संस्थापक हितेश भारद्वाज ने की है। उन्होंने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बजरंग दल की तुलना प्रतिबंधित इस्लामी कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से करने को लेकर याचिका दायर कर रखी है।

संगरूर की सीनियर डिवीजन कोर्ट की सिविल जज रमनदीप कौर ने खड़गे को 10 जुलाई 2023 को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। हितेश भारद्वाज ने कहा है, “मैंने देखा कि घोषणा-पत्र के 10 वें पेज पर कॉन्ग्रेस ने बजरंग दल की तुलना देशद्रोही संगठनों से की है और चुनाव जीतने पर प्रतिबंध लगाने का वादा किया है। इसके बाद मैंने कोर्ट में याचिका दायर की।”

कर्नाटक विधानसभा चुनावों के दौरान अपने घोषणा-पत्र में कॉन्ग्रेस ने बजरंग दल की तुलना पीएफआई के साथ की थी। सत्ता हासिल करने पर बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने का भी वादा किया था। हालाँकि इस पर विवाद होने कॉन्ग्रेस बैकफुट पर आ गई थी। कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली (Veerappa Moily) ने कहा था कि बजरंग दल (Bajrang Dal) पर प्रतिबंध लगाने का काॅन्ग्रेस का कोई इरादा नहीं है। न तो पार्टी के पास ऐसा कोई प्रस्ताव है और न ही राज्य सरकार प्रतिबंध लगा सकती है। इसके बाद कर्नाटक कॉन्ग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने सरकार बनने पर हर जिले में बजरंग बली का मंदिर बनाने का वादा किया था।

केरल में पकड़ी गई देश की अब की सबसे बड़ी ड्रग्स की खेप, लेकर आया था पाकिस्तानी: कीमत ₹15000 करोड़

केरल में नारकोटिक्‍स कंट्रोल ब्‍यूरो (NCB) और भारतीय नौसेना के ज्वाइंट ऑपरेशन के जरिए ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी नागरिक को सोमवार (15 मई, 2023) को कोर्ट में पेश किया जाएगा। आरोपित के पास से शनिवार (13 मई, 2023) को 2525 किलोग्राम मेथामफेटामाइन ड्रग्स बरामद किया गया था, जिसकी कीमत करीब 15 हजार करोड़ रुपए बताई जा रही है।

NCB के उप महानिदेशक संजय कुमार सिंह ने सबसे बड़ी ड्रग्स बरामदगी को लेकर कहा, “एनसीबी और नौसेना ने हिंद महासागर में एक सफल ऑपरेशन किया। इतने मूल्‍य की ड्रग्‍स देश में इससे पहले कभी नहीं पकड़ी गई। मार्केट में इतने ड्रग्‍स की कीमत लगभग 15 हजार करोड़ रुपए है। यह ईरान के चाबहार बंदरगाह से लाया जा रहा था और इसका स्रोत पाकिस्तान है।”

अधिकारी ने बताया, “मदर शिप को समुद्र में अलग-अलग जगहों पर तैनात किया गया, जिसके जरिए ये खेप बरामद की गई। ये खेप भारत, श्रीलंका और मालदीव के लिए थी। एक पाकिस्तानी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। हमने फरवरी 2022 में ऑपरेशन ‘समुद्र गुप्त’ शुरू किया था। उस ऑपरेशन के तहत हमने लगभग 4000 किलोग्राम विभिन्न ड्रग्स जब्त किए हैं।”

मालूम हो कि मदर शिप बड़े समुद्र में जाने वाले जहाज है। बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों को ले जाने के लिए इन जहाजों का इस्तेमाल किया जाता है। एनसीबी टीम ने ये कार्रवाई करने के लिए पहले जानकारी जुटाई फिर उसे भारतीय नौसेना के साथ साझा की। एक भारतीय नौसेना जहाज को आसपास के क्षेत्र में तैनात किया गया था। इस इनपुट के आधार पर नेवी ने समुद्र में जा रहे एक बड़े जहाज को इंटरसेप्ट किया था। जहाज से मेथामफेटामाइन की 134 बोरियाँ बरामद की गई थीं।

बरामद की गई बोरियों, पाकिस्तानी नागरिक, पकड़ी गई नाव और मुख्य जहाज से बचाई गई कुछ अन्य वस्तुओं को 13 मई को मट्टनचेरी घाट, कोच्चि लाया गया और आगे की कार्रवाई के लिए NCB को सौंप दिया गया।

बता दें कि हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री मार्ग पर हेरोइन और अन्य ड्रग्स की समुद्री तस्करी से राष्ट्रीय सुरक्षा को होने वाले खतरे के मद्देनजर, जनवरी 2022 में एनसीबी के उप महानिदेशक (ओपीएस) संजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में ऑपरेशन ‘समुद्र गुप्त‘ लॉन्च किया था।

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट पर भीड़ का हमला, इमरान खान को रिहा किए जाने पर भड़के हैं विरोधी: बीवी भी जमानत के लिए पहुँची लाहौर हाईकोर्ट

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को गिरफ्तार किए जाने के बाद उनके समर्थन उग्र हो गए, जिससे देश भर में हिंसा हुई और उन्हें रिहा करना पड़ा। अब सत्ताधारी PDM के कार्यकर्ताओं ने इमरान खान की रिहाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के बाहर PDM के मुखिया मौलाना फैज़लुर रहमान और PML-N की मरयम नवाज शरीफ की बैठक भी हुई है। उधर इमरान खान ने दावा किया है कि उनकी पार्टी PTI के 7000 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है।

साथ ही उन्होंने कई निहत्थे कार्यकर्ताओं की फ़ौज और पुलिस द्वारा हत्या किए जाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी तरफ PDM के गुंडे सुरक्षा एजेंसियों की सह पर उपद्रव कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के बाहर हजारों कार्यकर्ता इमरान खान के विरोध में जुटे हुए हैं। इमरान खान ने आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट को दबाने की कोशिश की जा रही है। इस साल सितंबर में जस्टिस काजी फैज ईसा को पाकिस्तान का मुख्य न्यायाधीश बनाया जाना है, पाकिस्तान सरकार का कहना है कि उन्हें रोकने के लिए जाल बिछाया जा रहा है।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि न्यायपालिका में बैठे इमरान खान के लोगों ने जस्टिस ईसा को अलग-थलग कर दिया है। कई लोग मान रहे हैं कि PDM सुप्रीम कोर्ट को डराने-धमकाने के लिए उसका घेराव कर रहा है। पाकिस्तान के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश, जो इमरान खान के समर्थक हैं, उनमें और पाकिस्तान की सरकार में ठन गई है। उधर अल-कादिर केस में इमरान खान की बीवी बुशरा ने भी लाहौर हाईकोर्ट का रुख किया है।

सुप्रीम कोर्ट पर मजहबी तत्वों द्वारा हमले की बात भी कही जा रही है। इस्लामाबाद के ‘रेड ज़ोन’ में कई प्रदर्शनकारी घुसे हुए हैं, जिससे आतंकी हमलों की आशंका भी बढ़ गई है। इमरान खान के विरोधी इस बात से नाराज़ हैं कि न्यायपालिका ने उन्हें राहत कैसे दे दी। मौलाना फजलुर रहमान प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे हैं। धरना प्रदर्शन कहाँ किया जाना है, इसे लेकर भी विवाद चल रहा है। फ़िलहाल सुप्रीम कोर्ट को घेर कर कई कार्यकर्ता बैठे है

सौरभ राजवैद्य से बना मोहम्मद सलीम, फिर पत्नी को बनाया मुस्लिम; ओवैसी के कॉलेज में नौकरी पा बन गया ‘जहर का प्रोफेसर’

मध्य प्रदेश एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए हिज्ब-उत-तहरीर संगठन के 16 आतंकियों से पूछताछ में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। हाल की जाँच में यह सामने आया था कि इनमें से आधे आतंकी कुछ समय पहले ही मुसलमान बनाए गए थे। बाद में इन्होंने अपनी हिंदू बीवियों को भी इस्लाम कबूल करवा दिया। इनमें से एक इस संगठन का सरगना मोहम्मज सलीम भी है।

एटीएस की पूछताछ में पता चला कि सलीम पहले सौरभ हुआ करता था। उसका नाम सौरभ राजवैद्य था। वह भोपाल का बैरसिया के पास का रहने वाला है। साल 2010 में उसने पहले खुद इस्लाम कबूला और 2012 में अपनी बीवी को इस्लाम कबूल करवाया। इसके बाद दोनों हैदराबाद शिफ्ट हो गए।

चूँकि सलीम मध्य प्रदेश से था इसलिए उसे पूरे एमपी में हिज्ब-उत-तहरीर संगठन का एजेंडा फैलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई और ट्रेनिंग के लिए विदेश भेजा गया। संगठन से जुड़ने के बाद उसने कम समय में ही अपने साथ 100 लोगों को जोड़ लिया।

हैरानी की बात यह है कि सौरभ राजवैद्य से सलीम बनने के बाद उसे हैदराबद में डेक्कन कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज के बायोटेक्निकल डिपार्टमेंट में प्रोफेसर की नौकरी मिल गई और यहाँ वह कॉलेज में पढ़ाने के नाम पर मजहबी जहर फैलाने लगा।

जिस यूनिवर्सिटी ने उसके कट्टरपंथी विचारों को पनपने का मौका दिया उसकी वेबसाइट बताती है कि इसके चेयरमैन एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी है। कॉलेज की स्थापना सुल्तान सलाहाउद्दीन ओवैसी ने की थी।

मध्य प्रदेश ATS ने उसे डेक्कन कॉलेज गोलकुंडा से गिरफ्तार किया है। सौरभ के अलावा ओडिशा के देवी प्रसाद पांडा ने और हैदराबाद के वेणु कुमार ने इस्लाम कबूल कर के अपने नाम क्रमशः अब्दुल रहमान व मोहम्मद अब्बास रख लिए थे।

पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि भोपाल के जिम ट्रेनर यासिर खान ने भी एक हिंदू लड़की से शादी कर के उसका धर्म परिवर्तन करवा दिया था। इन सभी के अलावा गिरफ्तार लोगों में 2 अन्य ऐसे हैं जिनकी पत्नियाँ पहले हिंदू थीं और बाद में उन्हें इस्लाम कबूल करने पर मजबूर किया गया।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश ATS ने मंगलवार (10 मई 2023) को दबिश मार कर HUT (हिज्ब उत् तहरीर) नाम के आतंकी संगठन से जुड़े 16 संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। ये छापेमारी भोपाल, छिंदवाड़ा और हैदराबाद से हुई थीं। UAPA की धाराओं में गिरफ्तार इन आरोपितों के पास से तकनीकी उपकरण, देश विरोधी दस्तावेज, कट्टरपंथी साहित्य और हथियार भी बरामद हुए थे। इस संगठन के लोग आम लोगों के बीच कंप्यूटर इंजीनियर, टेक्नीशियन, टीचर, व्यवासायी, जिम ट्रेनर, कोचिंग सेंटर संचालक, ऑटो ड्राइवर, दर्जी आदि रूपों में घुल-मिल कर अपनी हरकतों को अंजाम देते हैं।

कुत्तों के नहाने के लिए बाथ टब, पीने के लिए शराब: दियादी विवाद से पकड़ी गई हेमा मीणा की भ्रष्टाचार की कमाई, नौकरी गई

मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन में संविदा पर बहाल हुई असिस्टेंट इंजीनियर हेमा मीणा को नौकरी से निकाल दिया गया है। उसके ठिकानों पर लोकायुक्त की छापेमारी के बाद यह कदम उठाया गया। छापेमारी में अकूत धन का पता चला था। उसके फॉर्म हाउस से 100 से ज्यादा कुत्ते मिले थे। इनके नहाने के लिए बाथ टब का इंतजाम था। पीने के लिए शराब तक थी।

लोकायुक्त की टीम ने 11 मई 2023 को हेमा मीणा के भोपाल स्थित जिस घर पर छापा मारा था, उसमें 40 कमरे हैं। महल की तरह बने इस घर में न मीणा के कुत्ते भी ऐश की जिंदगी रहे थे। इस घर में कुत्तों के नहाने के लिए बाथटब की व्यवस्था की गई थी। कुत्तों का खाना बनाने के लिए ढाई लाख रुपए की रोटी मेकर मशीन लगी थी। लोकायुक्त टीम को विदेशी शराब की बोतलें भी मिली थी।

विदेशी शराब की इन बोतलों को लेकर NBT ने इस छापेमारी में शामिल लोकायुक्त अधिकारी के हवाले से कहा है कि हेमा मीणा अपने पालतू कुत्तों को शराब पिलाती थी। कुत्तों को दवाई के रूप में शराब दी जाती थी। बताया जा रहा है कि हेमा मीणा के घर से मिले कुत्तों में अधिकांश कुत्ते विदेशी नस्ल के हैं। इन कुत्तों की कीमत लाखों में बताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि हेमा मीणा के भ्रष्टाचार की शिकायत उसके चचेरे भाई ने ही दी थी। उसने करीब तीन साल पहले 2020 में लोकायुक्त को शिकायत दी। शिकायत में रायसेन और विदिशा में हेमा द्वारा जमीन खरीदने की बात कही गई थी।

पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन में हेमा मीणा की नियुक्ति का पहला आदेश 28 दिसंबर 2010 को जारी हुआ था। इस आदेश के तहत 1 जनवरी 2011 को उसने जॉइन किया। लेकिन फिर उसी साल 31 मई को नौकरी से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद 22 फरवरी 2013 को एक बार फिर उसकी जॉइनिंग हो गई। इस बार करीब डेढ़ साल नौकरी करने के बाद उसने जुलाई 2015 में इस्तीफा दे दिया।

24 नवंबर 2016 को एक बार फिर उसकी जॉइनिंग हुई। लेकिन इसके एक साल बाद ही उसका प्रमोशन हो गया। वह सब-इंजीनियर से प्रभारी इंजीनियर बना दी गई। हेमा मीणा की संविदा नौकरी मई 2022 में समाप्त हो रही थी, लेकिन इसे बढ़ाकर अक्टूबर 2023 कर दिया गया। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर किसके आदेश पर वह बार-बार इस्तीफा देती रहीं और उन्हें नौकरी मिलती रही। इस मामले में हेमा मीणा के अलावा एक अन्य इंजीनियर जनार्दन सिंह के खिलाफ भी लोकायुक्त की टीम जाँच कर रही है।

लोकायुक्त ने बनाई 450 सामानों की लिस्ट

लोकायुक्त की टीम ने हेमा मीणा के घर से मिले सामानों की लिस्ट बनाई है। इसमें 450 सामानों को शामिल किया है। इनमें 30 लाख रुपए का टीवी, रोटी बनाने की मशीन, रिवॉल्विंग कुर्सी, पानी की 12 मोटर, मिनी क्रेन, कई एसी और अलमारी समेत वाहन शामिल हैं। इन सामानों की अनुमानित कीमत 1.50 करोड़ के आसपास बताई जा रही है। वहीं, 100 से अधिक कुत्तों और 60 से अधिक गायों की कीमत का आकलन होना बाकी है। हेमा मीणा के घर में बने बड़े से गैराज में थार समेत 20 लग्जरी कारों का जखीरा मिला है। इस घर में काम करने वाले कर्मचारियों से बात करने के लिए वह वॉकी-टॉकी का उपयोग करती थीं। इसके अलावा, हेमा मीणा के नाम से मिली संपत्तियों को लेकर उसने दावा किया है कि उसके पिता और भाई ने जमीन खरीदकर दान में दी थी।

बैग में 5 महीने के बच्चे का शव लेकर 200 km सफर करने को मजबूर हुआ पिता, एम्बुलेंस को देने के लिए नहीं थे ₹8000: बंगाल में स्वास्थ्य व्यवस्था का ऐसा हाल

पश्चिम बंगाल से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक बेबस पिता को अपने 5 महीने के बच्चे का शव बैग में डालकर बस से 200 किलोमीटर का सफर तय करने को मजबूर होना पड़ा। आशीम देबशर्मा (पिता) ने रविवार (14 मई, 2023) को मीडियाकर्मियों से बताया कि एंबुलेंस चालक ने सिलीगुड़ी से कालियागंज उनके घर तक बच्चे के शव को ले जाने के लिए 8000 रुपए माँगे थे। उनके पास चालक को देने के लिए इतने पैसे नहीं थे, जिसके कारण उन्हें अपने 5 महीने के बच्चे का शव बैग में रखकर 200 किमी तक बस में सफर करना पड़ा।

इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता (भाजपा) शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने तृणमूल कॉन्ग्रेस सरकार की ‘स्वास्थ्य साथी’ (Swasthya Sathi) स्वास्थ्य बीमा योजना पर सवाल उठाया है। वहीं टीएमसी ने भाजपा पर एक बच्चे की दुर्भाग्यपूर्ण मौत पर राजनीति करने का आरोप लगाया। मीडिया से बातचीत करते हुए देबशर्मा का वीडियो अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर शेयर करते हुए अधिकारी ने लिखा, “हम तकनीकी बातों में न जाएँ लेकिन क्या ‘स्वास्थ्य साथी’ यही हासिल करने के लिए है? यह दुर्भाग्य से ‘एगीये बांग्ला’ (उन्नत बंगाल) मॉडल की सच्ची तस्वीर है।”

सोशल मीडिया पर आशीम देबशर्मा का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। बच्चे के पिता आशीम देबशर्मा (Ashim Debsharma) ने बताया, “छह दिनों तक सिलीगुड़ी के नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में इलाज के बाद मेरे 5 महीने के बेटे की शनिवार (13 मई, 2023) रात मौत हो गई। इस दौरान मैंने उसके इलाज के लिए 16,000 रुपए खर्च किए।” उन्होंने स्थानीय रिपोर्टर से कहा, “मेरे बच्चे को कालियागंज तक ले जाने के लिए एंबुलेंस चालक ने 8000 रुपए माँगे, जो मेरे पास नहीं थे।”

देबशर्मा ने दावा किया कि एंबुलेंस नहीं मिलने पर उन्होंने शव को एक बैग में डाल लिया और दार्जिलिंग के सिलीगुड़ी से करीब 200 किलोमीटर तक उत्तर दिनाजपुर के कालियागंज तक बस से सफर किया। इस दौरान पिता ने किसी भी यात्री को इस बात की भनक नहीं लगने दी। क्योंकि उन्हें डर था कि अगर इस बारे में सहयात्रियों को पता चल गया तो वे उसे बस से उतार देंगे। उन्होंने आगे कहा कि 102 योजना के तहत एक एंबुलेंस चालक ने उनसे कहा था कि यह सुविधा मरीजों के लिए मुफ्त है न कि शव को ले जाने के लिए।

बता दें कि ऐसी ही एक घटना इस साल जनवरी में पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में हुई थी। एंबुलेंस चालक को तय शुल्क से तीन गुना रकम देने में असमर्थ एक व्यक्ति करीब 50 किलोमीटर तक अपनी माँ के शव को अपने कंधों पर उठाकर घर लेकर गया था।

महाराष्ट्र में अब संभाजी जयंती यात्रा को बनाया निशाना, अहमदनगर में पत्थरबाजी और आगजनी: अकोला में ‘The Kerala Story’ से भड़की भीड़ ने मचाई थी तबाही

महाराष्ट्र के अकोला में हुए दंगों को लेकर नया खुलासा हुआ है। पता चला है कि ‘The Kerala Story’ को लेकर हिंसा शुरू हुई थी। हरिहरपेट इलाके में ये घटना शनिवार (13 मई, 2023) की रात हुई, जो एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर शुरू हुई थी। 36 घंटे तक इंटरनेट सेवा बंद रही। पुलिस-प्रशासन को कर्फ्यू लगाना पड़ा। अब उधर अहमदनगर के शेवगाँव में हिंसा शुरू हो गई है। एक धार्मिक यात्रा के दौरान हिन्दू-मुस्लिम आपस में भिड़ गए।

महाराष्ट्र के अहमदनगर में बवाल: हिंसा और पत्थरबाजी

अहमदनगर में दो पक्षों के बीच जम कर पत्थरबाजी और हिंसा हुई। अकोला की तरह यहाँ भी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस झड़प में कई लोग घायल हुए हैं और कइयों को गिरफ्तार भी किया गया है। घटना रविवार (14 मई, 2023) रात की है। छत्रपति संभाजी महाराज की जयंती के अवसर पर शोभायात्रा निकाली गई थी। इसी दौरान मुस्लिम पक्ष की तरफ से जुलूस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी गई।

ये घटना रात 8 बजे निकाली जा रही शोभायात्रा के दौरान हुई। एक धार्मिक स्थल पर भी पथराव की बात कही जा रही है। अफरातफरी के बीच वहाँ के कई कारोबारी अपनी दुकानें बंद कर के निकल गए। पुलिस ने अब तक 102 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। राज्य रिजर्व पुलिस बल की 2 कंपनियों को शेवगाँव में तैनात किया गया है। कई वाहनों को नुकसान पहुँचा है। 8 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

महाराष्ट्र के अकोला में हिंसा, ‘The Kerala Story’ के विरोध में बवाल

अकोला में पैगंबर मुहम्मद के अपमान का आरोप लगा कर भीड़ ने हिंसा शुरू की, जिसमें इलेक्ट्रीशियन विकास गायकवाड़ की हत्या कर दी गई। यहाँ भी एक धार्मिक स्थल के आसपास तोड़फोड़ की गई। उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया था कि स्थिति शांतिपूर्ण है और 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, हालाँकि अब तक गिरफ्तार लोगों की संख्या 45 हो गई है। एसपी ने कहा कि मृतक का किसी संगठन से संबध नहीं था और वो एक आम आदमी था।

ये सारा विवाद एक इंस्टाग्राम पोस्ट के बाद से शुरू हुआ। जम कर हुए पथराव में कई गाड़ियाँ तोड़ डाली गईं। भीड़ ने पुलिस थाने को भी नहीं बख्शा और वहाँ भी तोड़फोड़ मचाई। आगजनी की कई तस्वीरें भी सामने आई हैं। दंगाइयों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हवा में गोलीबारी भी करनी पड़ी, जिसका वीडियो भी सामने आया है। ये प्लास्टिक की बुलेट थी। जब भीड़ फिर भी नहीं हटी, तो पुलिस को आँसू गैस के गोले भी दागने पड़े।