Home Blog Page 1812

‘हिन्दुओं को दोस्त बनाओगी?’: कट्टरपंथियों ने 2 मुस्लिम लड़कियों से की बदसलूकी, नकाब उतरवाया, उनके हिन्दू दोस्त को भी पीटा – Video वायरल

उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें मुस्लिमों को अपने ही मजहब की लड़कियों के साथ बदसलूकी करते हुए देखा जा सकता है। यूपी पुलिस ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है। दोनों मुस्लिम युवतियाँ एक हिन्दू युवक के साथ घूम रही थीं, जिस पर कट्टर मुस्लिम भड़क गए और उनसे बदसलूकी करने लगे। जबरन उनका चेहरा दिखाने के लिए मजबूर किया गया। वो हिन्दू युवक इन दोनों लड़कियों का दोस्त ही है।

तीनों दोस्त बाजार में घूम रहे थे। भीड़ में शामिल कट्टर मुस्लिमों ने लड़कियों से कहा, “हिन्दुओं को दोस्त बनाओगी तुम?” जबरन उन मुस्लिम युवतियों के नकाब भी उतार दिए गए। उत्तर प्रदेश पुलिस ने दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर के उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा कि प्रकरण के सम्बन्ध में पुलिस के द्वारा अभियोग पंजीकृत कराया गया है और साक्ष्य के आधार पर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

पहले हिन्दू युवक से मारपीट की गई, उसके बाद मुस्लिम लड़कियों से उनके अब्बा का नाम पूछा जाने लगा। सोशल मीडिया पर इसके 2-3 वीडियो सामने आए हैं। हिन्दू युवक का कॉलर पकड़ कर उसे बाजार में घुमाया गया। पीड़ित के सिर में चोट भी आई है। उक्त वीडियो शनिवार (13 मई, 2023) का बताया जा रहा है। जब मुस्लिम लड़कियों ने बताया कि वो लड़का उनका दोस्त है तो बदमाशों ने कहा, “कैसा दोस्त है? हिन्दुओं को दोस्त बनाओगी?”

उक्त घटना मेरठ के कोतवाली थाना क्षेत्र के भगत सिंह मार्केट की है। कोतवाली के सीओ अमित राय ने बताया कि दोनों मुस्लिम युवतियाँ और उनके साथ घूम रहा उनका दोस्त, तीनों ही नाबालिग नहीं हैं। तीनों बालिग़ हैं और अपनी इच्छा के हिसाब से साथ में कहीं घूम सकते हैं। फुटेज का इस्तेमाल कर आरोपितों को पहचानने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने कहा कि दोनों ही आरोपित जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे। उनकी तलाश जारी है।

होटल के बाहर बदमाशों ने फाड़ डाले बागेश्वर बाबा के पोस्टर, फुटेज के बावजूद बिहार पुलिस खाली हाथ: दूसरे दिन भी लाखों लोगों ने सुनी हनुमंत कथा

बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बिहार की राजधानी पटना के करीब नौबतपुर में हनुमंत कथा सुना रहे हैं। इस बीच एक बार फिर उनका पोस्टर फाड़ने की घटना सामने आई। धीरेंद्र शास्त्री जिस होटल में रुके हुए हैं, उसके पास में ही यह पोस्टर लगा हुआ था। इस घटना पर आयोजकों ने अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

दरअसल, बागेश्वर धाम सरकार के नाम से मशहूर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पटना के पनाश होटल में रुके हुए हैं। इस होटल के पास लगे एक पोस्टर को अज्ञात लोगों द्वारा फाड़ दिया गया। हालाँकि इसके बाद पोस्टर की मरम्मत कर उसे सही कर दिया गया। लेकिन इस घटना से आयोजकों और बाबा बागेश्वर के भक्तों के बीच आक्रोश व्याप्त हो गया है। वे आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। इस मामले में आयोजकों ने पुलिस से शिकायत भी की है। हालाँकि अब तक कोई कार्रवाई सामने नहीं आई।

बता दें कि धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के पटना पहुँचने से पहले भी कई जगहों पर उनके पोस्टर फाड़े गए थे। रात के अंधेरे में पोस्टर फाड़ने वालों की हरकत सीसीटीवी में कैद हो गई थी। हालाँकि, फुटेज हाथ लगने के बाद भी पुलिस अब तक आरोपितों तक नहीं पहुँच पाई है।

बिहार सरकार के मंत्रियों ने किया था बाबा की कथा का विरोध

गौरतलब है कि धीरेंद्र शास्त्री की कथा की जानकारी सामने आने के बाद राजद नेताओं ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। नीतीश सरकार में मंत्री तेज प्रताप यादव ने एयरपोर्ट पर ही धीरेंद्र शास्त्री का घेराव करने की धमकी दी थी। यही नहीं, उन्होंने अपने धर्म निरपेक्ष सेवक संघ (DSS) के सदस्यों की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर की थी। इन तस्वीरों को भी बागेश्वर सरकार के विरोध में तैयारियों के रूप में देखा जा रहा था।

यही नहीं, बिहार के शिक्षा मंत्री चन्द्रशेखर यादव ने तो उन्हें जेल में डालने की बात कह दी थी। उन्होंने कहा था, “बाबा बागेश्वर अगर गंदे काम करने आएँगे तो बिहार इजाजत नहीं देगा, अगर नफरत फैलाने आए हो तो आडवाणी भी जेल गए थे, और लोग भी जाएँगे। बागेश्वर बाबा हो या कोई बाबा हों, उनके पास कोई तिलस्म या चमत्कार नहीं है।”

ज्ञात हो कि धीरेंद्र शास्त्री 13 मई 2023 से 17 मई 2023 तक 5 दिवसीय हनुमंत चरित्र सुनाएँगे। 5 दिवसीय कार्यक्रम में हर दिन शाम को 4 बजे से लेकर 7 बजे तक कथा का आयोजन होगा। 15 मई को धीरेंद्र शास्त्री दिव्य दरबार लगाएँगे। इसमें बिना टोकन और नंबर के भक्तों की अर्जी सुनी जाएगी।

‘सिनेमा का टिकट ब्लैक करता था मुख़्तार अंसारी, नाना नहीं थे ब्रिगेडियर’: स्थानीय लोगों ने ही खोली माफिया की पोल, एक ने बताया – मेरे परिवार में 6 को मरवा डाला

कभी पूर्वांचल को रक्तांचल बना देने वाले माफिया मुख़्तार अंसारी के आपराधिक इतिहास की पड़ताल में हमने मई 2023 के पहले हफ्ते में मऊ, गाजीपुर, चंदौली और वाराणसी जिलों में की। इस दौरान हमने मुख़्तार समर्थक मीडिया के उन दावों को भी जमीनी तौर पर परखा, जिसमें उसे रॉबिनहुड, पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी के खानदान से, खानदानी रईस, ब्रिगेडियर उस्मान के घराने से और विरासत में सियासत वाला जैसे नामों से नवाजा जाता रहा है।

हमने न सिर्फ स्थानीय जनप्रतिनिधियों, बल्कि मुस्लिम वर्ग के लोगों से भी जानकारी हासिल की। आखिरकार हमने पाया कि न तो मुख़्तार अंसारी के नाना ब्रिगेडियर थे और न ही वह खानदानी रईस था।

मीडिया ने फैलाया ये झूठ

ऑपइंडिया ने मुख़्तार के परिवारिक बैकग्राउंड पर मऊ जिले के अशोक सिंह से बात की। अशोक सिंह के भाई मुन्ना सिंह की मुख़्तार अंसारी ने हत्या करवाई थी। अशोक सिंह ने हमें बताया कि मुख़्तार अंसारी न तो ख़ानदारी अमीर है और न ही किसी फौजी परिवार से। साथ ही अशोक सिंह ने मीडिया से मऊ और गाजीपुर आकर जमीनी पड़ताल कर के रिपोर्ट पब्लिश करने की अपील की।

अफ़ज़ाल की साईकिल स्टैंड, मुख़्तार टिकट ब्लैकिया

अशोक सिंह ने हमें आगे बताया कि आपराधिक दुनिया में आने से पहले मुख़्तार का भाई अफ़ज़ाल अंसारी गाजीपुर के मोहम्मदाबाद में सच्चिदानंद राय की टॉकीज पर साइकिल स्टैंड का ठेका लिया करता था। अशोक सिंह का दावा है कि इसी टॉकीज पर मुख़्तार अंसारी टिकट ब्लैक किया करता था।

पहला चुनाव पुरानी कार से

अशोक सिंह ने 1995-96 का समय याद करते हुए बताया कि तब मुख़्तार ने अपना पहला चुनाव लड़ा था। उन्होंने बताया कि पहले चुनाव में मुख़्तार अंसारी ने एक पुरानी मारुति 800 से प्रचार किया था। बकौल अशोक सिंह, मुख़्तार की न तो कोई फैक्ट्री है और न कोई व्यापार तो ऐसे में जाँच एजेंसियों को उसके पैसे की पड़ताल करनी चाहिए क्योंकि उसने अपराध से अकूत पैसे जुटाए हैं।

डिप्टी SP मऊ धनंजय मिश्रा ने भी ऑपइंडिया से बात करते हुए बताया कि एक खास वर्ग का नेता होने के अलावा बाकी मुख़्तार में कोई योग्यता नहीं है।

ब्रिगेडयर उस्मान या हामिद अंसारी का रिश्तेदार नहीं

अशोक सिंह ने दावा किया कि मुख़्तार अंसारी का ब्रिगेडियर उस्मान, पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी या पूर्व कॉन्ग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मुख़्तार अंसारी से कोई भी रिश्ता नहीं है। उन्होंने कहा, “मुख़्तार अंसारी के दादा का नाम कासिम अंसारी था। मुख़्तार अंसारी की ननिहाल गाजीपुर में सैदपुर के पास है जबकि बिर्गेडियर उस्मान मूल रूप से घोषी में बीवीपुर के थे। पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी भी सिर्फ मुख़्तार के गाँव के हैं, जिनसे मुख़्तार का कोई भी रक्त संबंध नहीं है।”

अशोक सिंह ने दावा किया कि मुख़्तार अपनी अंसारी बिरादरी में से लोगों को खोज कर उन्हें अपना रिश्तेदार बता देता है।

मुख़्तार द्वारा जिन MLA कृष्णानंद राय की हत्या करवाई गई थी, उनके भतीजे और भाजपा नेता आनंद राय उर्फ़ मुन्ना ने भी ऑपइंडिया को बताया कि मुख़्तार न तो किसी फौजी के परिवार से है और न ही किसी स्वतंत्रता सेनानी के घर से। मुन्ना राय के मुताबिक, जिन भी नामचीन लोगों को मुख़्तार अंसारी अपना रिश्तेदार बता कर प्रचारित करता है उनका उस से कोई लेना-देना नहीं है।

अपनी बिरादरी में सभी बड़े नामों को बताता है रिश्तेदार

मुख़्तार के गृह जनपद गाजीपुर से सपा नेता हैदर अली उर्फ़ टाइगर ने ऑपइंडिया से हुई बात की। उन्होंने बताया कि मुख़्तार अंसारी ने अपनी बिरादरी में झूठी रिश्तेदारियाँ खुद से जोड़ रखी हैं, जबकि उसकी रिश्तेदारी में कोई भी फौजी नहीं है। हैदर अली के अनुसार मुस्लिमों की जिस जाति से मुख्तार अंसारी आता है उसमें आबादी कम हैं इसलिए वो तमाम बड़े नामों से अपनी दूर की रिश्तेदारी खुद से जोड़ लेते हैं। हैदर अली ने यह भी सवाल किया कि अगर मुख़्तार अंसारी खानदानी रईस होते तो उनके बड़े भाई किसी और के सिनेमा हॉल पर नौकरी क्यों करते थे ?

पुलिस से हिसाब-किताब की सोच रखने वाला देशभक्त कैसे ?

मुख़्तार अंसारी द्वारा कत्ल कराए गए वाराणसी के निवासी सतीश सिंह के बेटे अजय सिंह ने भी ऑपइंडिया को बताया कि मीडिया के कुछ लोगों ने फर्जी में मुख़्तार अंसारी को रॉबिनहुड के रूप में प्रचारित कर रखा है। अजय सिंह ने मुख़्तार अंसारी को आपराधिक ही नहीं बल्कि दंगाई सोच वाला बताया। अजय सिंह ने सवाल किया कि जिसका बेटा पुलिस वालों से हिसाब करने की धमकी दे रहा हो उसके घर से देशभक्ति की आशा कैसे की जा सकती है।

मऊ से भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य प्रिंस यादव ने ऑपइंडिया को बताया कि मुख़्तार के कुल या खानदान से ब्रिगेडियर उस्मान या किसी स्वतंत्रता सेनानी का कोई वास्ता नहीं है। बकौल प्रिंस यादव मुख़्तार अंसारी के गुर्गे उसके बारे में ऐसी फर्जी बातें फैलाते रहते हैं, जिन्हें अक्सर लोग सत्य मान लेते हैं।

देशभक्त नहीं बल्कि पुलिस और पैरामिलिट्री के जवानों का कातिल

मुख़्तार अंसारी द्वारा अपने परिवार में 6 हत्याओं के पीड़ित विजय शंकर सिंह ने ऑपइंडिया से बात की। उन्होंने बताया कि मुख़्तार न तो किसी देशभक्त परिवार से है और न ही किसी फौजी के खानदान से। बकौल विजय शंकर सिंह, मुख़्तार अंसारी ने उनके 2 भाइयों का कत्ल करवाया जिसमें एक पुलिस में तैनात थे और दूसरे पैरामिलिट्री के पूर्व जवान थे। विजय शंकर सिंह ने सवाल किया कि क्या ये काम देशभक्त परिवार वाले करते हैं?

ननिहाल में ब्रिगेडियर नहीं बल्कि अपराधी

त्रिभुवन सिंह के बेटे शक्ति सिंह ने हमसे बात करते हुए दावा किया कि मुख़्तार अंसारी के ननिहाल में लोगों पर कई आपराधिक केस दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे आपराधिक परिवार से ब्रिगेडियर उस्मान को जोड़ना भी गलत होगा। शक्ति सिंह ने मुख़्तार को आपराधिक के साथ दंगाई सोच वाला भी बताया।

140 सालों में पहली बार जीता कोई हिन्दू, दारुल उलूम के गढ़ में लहराया भगवा: रामपुर के बाद देवबंद में BJP ने तोड़े रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश भाजपा ने राजनीति के कई मिथकों को ध्वस्त किया है। ऐसी ही मिथक रामजहाँ-जहाँ जीत की कल्पना भी नहीं की जा सकता थी, वहाँ-वहाँ भाजपा ने जीत दर्ज की। रामपुर विधानसभा के बाद सहारनपुर के देवबंद नगरपालिका (Deoband Nagar Palika) में भाजपा ने 75 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया।

देवबंद सीट से भाजपा के प्रत्याशी विपिन गर्ग ने आजादी के बाद यानी 75 सालों में पहली बार कमल खिलाया है। वहीं, 140 सालों में पहली बार कोई हिंदू (गैर-मुस्लिम) यहाँ से चुनाव जीतने में कामयाब हुआ है। यह इलाका मुस्लिम बहुल है और यहाँ विश्व प्रसिद्ध इस्लामिक शिक्षण संस्थान दारुल उलूम स्थित है। इस सीट से अब तक मुस्लिम ही जीतते रहा है।

भाजपा के विपिन गर्ग ने 4,700 वोट से समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार जहीर फातिमा को हराया है। विपिन को कुल 22,659 मत मिले हैं। वहीं, सपा की जहीर फातिमा को 17,959 वोट मिले। वहीं, बसपा प्रत्याशी जमालुद्दीन अंसारी 7,079 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे। कॉन्ग्रेस प्रत्याशी नौशाद कुरैशी को सिर्फ 483 वोट मिले हैं।

देवबंद नगरपालिका का गठन अंग्रेजों ने मई 1884 में की थी। तब से इसके अध्यक्ष पद पर मुस्लिम ही चुनाव जीतते आ रहे हैं। हालाँकि, 1950 और 1991-92 में निवर्तमान अध्यक्ष की अनुपस्थिति में गैर-मुस्लिम उपाध्यक्ष ने कुछ समय के लिए अध्यक्ष की भूमिका अदा की थी, लेकिन वे चुनाव जीतकर अध्यक्ष नहीं बने थे।

साल 1950 में नगरपालिका चैयरमैन सैयद मोहतशिम की हत्या के बाद तत्कालीन उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने और 1991-92 में तत्कालीन अध्यक्ष आशिक अंसारी के हज पर चले जाने के कारण कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में नरेश कंसल ने अपनी भूमिका निभाई थी। साल 2007 में हबीब सिद्दीकी ने भाजपा के वीर सिंह सैनी को सिर्फ 250 वोटों से हराया था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, साल 1989 से जनता के सीधे मत से नगर निगम अध्यक्ष, नगरपालिका अध्यक्ष और नगर पंचायत अध्यक्ष आदि का चुनाव होते आ रहा है। इसके पहले चुने गए पार्षद या सदस्य अध्यक्ष चुनते थे। इस सीट पर साल 2007 में पहली बार भाजपा ने अपना प्रत्याशी उतारा था।

विपिन गर्ग योगी सरकार में लोक निर्माण विभाग (PWD) राज्यमंत्री कुँवर बृजेश सिंह के बेहद करीबी माने जाते हैं। वोटिंग के दौरान वे वहाँ मौजूद थे। विपिन की जीत के बाद कुँवर बृजेश सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ने कहा था कि पसमांदा भाजपा को वोट करेगा। मुस्लिमों ने पीएम मोदी और सीएम योगी में विश्वास जताया है।

बताते चलें कि दिसंबर 2022 में रामपुर में हुए रामपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा ने इसी रिकॉर्ड को तोड़ा था। बीजेपी की टिकट पर खड़े व्यवसायी आकाश सक्सेना ने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार आसिम रजा को लगभग 34,000 वोटों को हरा दिया था।

आजादी के बाद आकाश सक्सेना पहले गैर-मुस्लिम हैं, जिन्होंने इस सीट से जीत हासिल की है। अगर 1996 से 2002 और 2019 के दौरान को छोड़ दें तो साल 1985 से इस सीट पर आजम खान का कब्जा रहा है। उनके पहले भी इस सीट से मुस्लिम प्रत्याशी ही जीतते रहे हैं।

आकाश सक्सेना आजम खान के भ्रष्टाचार एवं गुंडई के खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ते आ रहे थे। आजम खान के उन्होंने शिकायतें देनी शुरू की थी। आजम खान के खिलाफ दर्ज 43 मामलों में आकाश सक्सेना पक्षकार हैं। आजम खान को जेल की सजा के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता गई तो रामपुर सीट पर उपचुनाव हुआ था।

‘मेरा शौहर लव जिहाद के मिशन पर है, मुझे दिया तीन तलाक’: आगरा में ‘हिंदू युवती’ की शिकायत, बोली- मिस कॉल से हुई दोस्ती, बंधक बनाकर निकाह किया

उत्तर प्रदेश के आगरा में लव जिहाद और तीन तलाक का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि राजा खान ने मिस कॉल के बाद दोस्ती करते हुए खुद को हिंदू बताया था। इसके बाद बंधक बनाकर जबरन निकाह लिया। फिर बच्चे पैदा कर तीन तलाक दे घर से निकाल दिया। पीड़िता का दावा है कि राजा कई लड़कियों को शिकार बना चुका है और वह लव जिहाद के मिशन पर है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला उत्तर प्रदेश के रकाबगंज थाना क्षेत्र का है। पीड़िता का आरोप है कि साल 2017 में उसे मिस कॉल आया था। पीड़िता ने जब उस नंबर पर बात की तो आरोपित ने अपना नाम राजा और खुद को हिंदू बताया था। हालाँकि पीड़िता ने उससे बात करने से मना कर दिया। लेकिन वह बार-बार फोन करने लगा। इसके बाद दोनों में दोस्ती हो गई। इस बीच आरोपित राजा खान एक दिन पीड़िता को अपने घर ले गया। जहाँ राजा के परिजनों से मिलने के बाद उसे पता चला कि राजा हिंदू नहीं बल्कि मुस्लिम है।

सच्चाई पता चलने के बाद पीड़िता ने उसका विरोध करते हुए संबंध खत्म करने की बात कही। लेकिन राजा इसके लिए तैयार नहीं हुआ और उसने पीड़िता को बंधक बना लिया। यही नहीं, उसने मौलवी को बुलाकर न केवल जबरन निकाह करवा लिया बल्कि निकाहनामे पर दस्तखत भी करा लिए। पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद राजा खान अपने घर में रखकर उसका शारीरिक शोषण करता और दिनभर काम कराता था।

पीड़िता का दावा है कि घर में काम करते समय उसे कुछ ऐसे सबूत मिले थे, जिनसे उसे इस बात का पता चला कि उसका शौहर राजा खान कई लड़कियों को अपना शिकार बना चुका है और वह लव जिहाद के मिशन पर है। इस मामले को लेकर पीड़िता ने राजा खान के परिजनों से बात की तो उन लोगों ने उसके मारपीट की। यही नहीं, राजा ने उसे तीन तलाक देकर घर से भी निकाल दिया। इसके बाद पीड़िता ने स्थानीय रकाबगंज में आरोपित के खिलाफ शिकायत की थी। लेकिन वहाँ सुनवाई न होने पर पीड़िता को कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। अब कोर्ट के आदेश पर आरोपित के खिलाफ रकाबगंज थाने में FIR दर्ज हुई है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

इस महीने का दूसरा मामला…

इस महीने आगरा में लव जिहाद का यह दूसरा मामला है। इससे पहले एक हिंदू लड़की ने आरोप लगाया था कि उसकी दोस्ती फिरोजाबाद के अरमान से उसकी मुस्लिम सहेली ने करवाई। युवती की माँ को जब इसका पता चला तो बेटी को समझाने की कोशिश की। माँ की फटकार से नाराज युवती घर छोड़कर चली गई। अरमान ने युवती के साथ शादी कर ली और हिंदू बनकर किराए के मकान मे रहने लगा। कुछ दिन बाद अरमान के दोस्त भी उससे दुष्कर्म करने लगे। विरोध करने पर युवती के साथ मारपीट की जाती। बुधवार (10 मई 2023) को पुलिस ने मामले की शिकायत पुलिस से की।

जिस पुलिस अधिकारी को DK शिवकुमार ने दी थी धमकी, वो बने CBI के नए मुखिया: हिमाचल के रहने वाले, 22 की उम्र में बने थे IPS

कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रवीण सूद केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) के अगले निदेशक होंगे। सूद 1986 बैच के कर्नाटक कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी हैं। CBI के वर्तमान निदेशक सुबोध कुमार जायसवाल का कार्यकाल 25 मई 2023 को पूरा हो रहा है। इसके बाद सूद अपना पदभार सँभालेंगे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रवीण सूद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी और भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के पैनल ने चुना है। सीबीआई निदेशक पद की दौड़ में मध्य प्रदेश के DGP सुधीर सक्सेना भी थे।

यह भी कहा जा रहा है कि सूद उन अधिकारियों लिस्ट शामिल नहीं थे, जिन्हें सीबीआई चीफ के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था। उनका नाम आखिरी वक्त में शामिल किया गया। इसको लेकर चौधरी ने सूद की सिफारिश के खिलाफ एक असहमति नोट पेश किया है।

DoPT विभाग की अधिसूचना (साभार: इंडिया टुडे)

प्रवीण सूद को जनवरी 2020 में कर्नाटक के DGP के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने साल 1989 में ASP के रूप में मैसुरु से अपने करियर की शुरुआत की थी। साल 1999 में वह तीन साल के लिए मॉरीशस सरकार के पुलिस सलाहकार के रूप में विदेशी प्रतिनियुक्ति पर गए थे। वहाँ उन्होंने यूरोपीय और अमेरिकी पुलिस के साथ मिलकर काम किया था।

प्रवीण सूद कर्नाटक के डीजीपी बनने से पहले गृह विभाग के प्रमुख सचिव, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, कर्नाटक राज्य रिजर्व पुलिस और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, प्रशासन का काम किया है। वे अगले साल मई में सेवानिवृत्त होने वाले थे। हालाँकि, सीबीआई चीफ बनने के बाद वे कम-से-कम मई 2025 तक इस पद पर बने रहेंगे।

प्रवीण सूद मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के रहने वाले हैं। उन्होंने स्नातक की पढ़ाई इंजीनियरिंग में आईआईटी दिल्ली से की है। साल 2003 में उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान, बैंगलुरु और मैक्सवेल स्कूल ऑफ गवर्नेंस, न्यूयॉर्क से पब्लिक पॉलिसी और प्रबंधन में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के लिए स्टडी ब्रेक लिया था।

उन्हें सेवा में उत्कृष्टता के लिए साल 1996 में मुख्यमंत्री स्वर्ण पदक, सराहनीय सेवा के लिए साल 2002 में पुलिस पदक और विशिष्ट सेवा के लिए 2011 में राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा, वर्ष 2011 में ‘यातायात प्रबंधन के लिए प्रौद्योगिकी के सबसे नवीन उपयोग’ के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस गोल्ड अवार्ड से सम्मानित किया गया है।

बेंगलुरु शहर के पुलिस कमीश्नर के रूप में उन्होंने नागरिकों के लिए ‘आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली’ ‘नम्मा 100’ लॉन्च की थी। यह 24X7 बहुभाषी अधिकारियों द्वारा प्रबंधित 100 लाइनें प्रदान करता है, और पूरे बेंगलुरु शहर में फैले 276 आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहनों (होयसला) को सहयोग करता है।

लगभग 22 साल की कम उम्र में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास कर IPS बने प्रवीण सूद ने महिला पुलिस द्वारा प्रबंधित ‘सुरक्षा’ ऐप और ‘पिंक होयसला’ लॉन्च करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह ऐप संकट में घिरे महिलाओं और बच्चों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

दरअसल, केंद्र की मोदी सरकार वर्तमान सीबीआई निदेशक सुबोध जायसवाल के कार्यकाल को बढ़ाने के बारे में कोई फैसला नहीं किया है। उनका कार्यकाल अगले 10 दिनों में यानी 25 मई को खत्म हो रहा है। सुबोध जायसवाल CBI चीफ बनने से पहले महाराष्ट्र सरकार में डीजीपी थे।

DGP प्रवीण सूद इस साल मार्च में सुर्खियों में आए थे। कर्नाटक कॉन्ग्रेस के प्रमुख डीके शिवकुमार ने उन पर राज्य में भाजपा सरकार की संरक्षण देने का आरोप लगाया था। शिवकुमार ने आरोप लगाया था कि डीजीपी कॉन्ग्रेस नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज कर रहे हैं। शिवकुमार ने सूद की गिरफ्तारी की माँग की थी।

जदयू अध्यक्ष के भोज में मटन खाने पहुँचे महागठबंधन कार्यकर्ता, लेकिन मिलीं लाठियाँ: पुलिस ने खदेड़-खदेड़ कर पीटा

बिहार की सत्ताधारी पार्टी जदयू के अध्यक्ष ललन सिंह की पार्टी में बवाल हुआ है। कार्यकर्ताओं के बीच मटन को लेकर मारपीट की भी खबर है। भगदड़ के बीच स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा। इस दौरान सदर डीएसपी भी घायल हुए हैं।

दरअसल, जदयू अध्यक्ष और मुंगेर सांसद ललन सिंह ने मुंगेर के पोलो मैदान में महागठबंधन के कार्यकर्ताओं के लिए ‘महाभोज सम्मान’ का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम में मटन खाने के लिए महागठबंधन कार्यकर्ता पहुँचे हुए थे। लेकिन पहली लाइन की 2000 सीट फुल हो चुकीं थी। ऐसे में मटन के लिए लालायित कार्यकर्ता पंडाल में घुसने की कोशिश कर रहे थे। तभी कार्यकर्ताओं के बीच मटन को लेकर बहस शुरू हो गई।

इसके बाद मामला बिगड़ता चला गया और बात मारपीट तक पहुँच गई। इस दौरान महागठबंधन के कार्यकर्ताओं ने जेडीयू के प्रखंड अध्यक्ष के साथ भी धक्का-मुक्की की। हालाँकि ,मामला बिगड़ता देख पुलिस ने सक्रियता दिखाई और उपद्रव कर रहे कार्यकर्ताओं को खदेड़ना शुरू कर दिया। पुलिस की सख्ती देख महागठबंधन कार्यकर्ताओं ने वहाँ से भागने में ही अपनी भलाई समझी। लोग गिरते-पड़ते वहाँ से भागते नजर आए। इस दौरान सदर डीएसपी राजेश कुमार सिन्हा की उंगलियों में चोट लगने की बात कही जा रही है।

उधर अपनी पार्टी में कार्यकर्ताओं का हँगामा बढ़ता देख ललन सिंह अपने समर्थकों के साथ पंडाल पर पहुँच गए। इसके बाद उन्होंने हाथ जोड़कर कार्यकर्ताओं से बात की। साथ ही उन्होंने वहाँ आए लोगों का धन्यवाद भी ज्ञापित किया। बता दें कि इस ‘महाभोज सम्मान’ में 35 हजार लोगों के खाने की व्यवस्था और झारखंड से बकरे मँगाने की बात कही जा रही है।

दरभंगा में भी भिड़े थे JDU कार्यकर्ता, मंच छोड़ चले गए ललन सिंह

बता दें कि इससे पहले शनिवार (13 मई 2023) को दरभंगा में आयोजित एक कार्यक्रम में भी जदयू कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए थे। दरअसल, पार्टी के कार्यक्रम में मंत्री संजय झा और जदयू नेता अली अशरफ फातमी के समर्थक अपने-अपने नेता के समर्थन में नारेबाजी करते रहे थे। दोनों के समर्थकों को समझाने की कोशिश की गई। लेकिन वे शांत होने का नाम नहीं ले रहे थे। इसके बाद ललन सिंह मंच छोड़कर वहाँ से जाने लगे। पार्टी नेताओं के लाख मनाने के बाद भी वह नहीं माने और अपनी कार में बैठ रवाना हो गए।

केरल में बिहार के दलित मजदूर की पीट-पीट कर हत्या, हाथ बाँध कर घंटों लाठी से मारा: जनजातीय समाज के युवक की भी हुई थी मॉब लिंचिंग

केरल के मलप्पुरम जिले में चोरी के आरोप में भीड़ ने एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान राजेश माँझी के रूप में हुई। आरोप है कि लोगों ने चोरी के शक में उसे पकड़ा और फिर बाँधकर पिटाई की। पुलिस को आरोपितों के फोन से पिटाई के फोटोज मिले हैं। फिलहाल इस मामले में 9 लोगों को हिरासत में लिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतक राजेश माँझी बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के माधवपुर निवासी था। वह मजदूरी के लिए बिहार से केरल गया था। पुलिस का कहना है कि शनिवार (13 मई, 2023) रात को आरोपितों ने राजेश को एक घर के अंदर से पकड़ा था। इसके बाद उसे बाँधकर घण्टों तक पिटाई की।

इसके बाद रास्ते में छोड़कर भाग गए। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची, जहाँ राजेश बेहद गंभीर हालत में मिला। पुलिस उसे लेकर स्थानीय मेडिकल कॉलेज पहुँची। लेकिन, इलाज शुरू होने से पहले ही राजेश ने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम में राजेश माँझी की हड्डियाँ टूटी हुई मिली हैं।

इस घटना पर मलप्पुरम जिला पुलिस प्रमुख सुजीत दास ने कहा है, “पहले तो आरोपितों ने पीड़ित के हाथ बाँध दिए। इसके बाद लाठी और प्लास्टिक के पाइप से उस पर हमला किया। हमने आरोपितों के फोन से तस्वीरों सहित सबूत हासिल किए हैं। आरोपितों ने सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य सबूतों को नष्ट करने की कोशिश की।”

कोंडोट्टी एएसपी बीवी विजया भरत रेड्डी ने कहा है, “हिरासत में लिए गए व्यक्तियों का दावा है कि चोरी के असफल प्रयास के बाद प्रवासी कर्मचारी एक घर की पहली मंजिल से गिर गया। युवक के घर से गिरने के बाद उन्होंने उसे पकड़ लिया और करीब डेढ़ घंटे तक मारपीट करते रहे। इस बारे में घर के मालिक से पूछताछ कर रहे हैं।” रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि कथित तौर पर आरोपितों ने राजेश को बाँधकर उसके साथ करीब दो घंटे तक मारपीट करने की बात कबूल ली है।

बता दें कि इसी तरह का मामला साल 2018 में भी सामने आया था। तब पलक्कड़ जिले के रहने वाले मधु नाम के एक जनजातीय व्यक्ति को एक भीड़ ने दुकान में चोरी का आरोप लगाते हुए पकड़ लिया था। इसके बाद वहाँ मौजूद लोगों ने मधु को बुरी तरह से पीट दिया। कुछ देर पहुँची पुलिस ने मधु को कस्टडी में लिया लेकिन तब तक पीड़ित की हालत काफी खराब हो चुकी थी। हॉस्पिटल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

मधु का पोस्टमार्टम करवाया गया तो उसके पूरे शरीर पर पिटाई के निशान मिले। खास तौर पर सिर और पसलियों पर वार किया गया था। मौत की वजह आंतरिक रक्तस्राव बनी थी। जनजातीय युवक की मौत ने न केवल बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बन गया था। इस मामले में कोर्ट ने अप्रैल 2023 में शमशुद्दीन, मराइकर, नजीब, हरीश समेत 14 आरोपितों को दोषी करार दिया है।

(अपडेट: इस मामले में नौ लोगों को पकड़ा गया है। सभी आरोपित मुस्लिम समुदाय के हैं। इस लिंक पर क्लिक कर आप विस्तार से खबर पढ़ सकते हैं)

‘The Kerala Story’ ने 10 दिन में दुनिया भर में कमाए ₹150 करोड़, इस मामले में ‘पठान’ को भी पीछे छोड़ा: 2023 की पहली सुपर-डुपर हिट फिल्म

फिल्म ‘The Kerala Story’ ने 10 दिनों में लगभग 136 करोड़ रुपए का कारोबार कर लिया है। फिल्म का दूसरा वीकेंड काफी शानदार रहा। शुक्रवार (12 मई, 2023) को इसने 12.35 करोड़ रुपए का कारोबार किया, वहीं शनिवार को इसका बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 19.50 करोड़ रुपए रहा। ये भारत में नेट कमाई के आँकड़े हैं। रविवार को फिल्म 23 करोड़ रुपए से भी अधिक कमा सकती है और इस तरह 10 दिनों में 136 करोड़ रुपए के आँकड़े को इसने पार कर लिया है।

अगर दुनिया भर की कमाई की बात करें तो इसने 150 करोड़ रुपए के आँकड़े को पार कर लिया है। फिल्म उसी तरह ट्रेंड कर रही है, जिस तरह ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘कांतारा’ ब्लॉकबस्टर हुई थी। ‘द केरल स्टोरी’ को सुपर-डुपर हिट का तमगा मिल गया है और फिल्म ब्लॉकबस्टर की श्रेणी में भी आ सकती है। इसने कमाई के मामले में शाहरुख़ खान की ‘पठान’ को भी पीछे छोड़ दिया है। ‘पठान’ ने 117.28% का प्रॉफिट कमाया था।

‘पठान’ का बजट 294 करोड़ रुपए के आसपास था, जबकि ‘The Kerala Story’ का कुल बजट इसका लगभग 10वाँ हिस्सा, अर्थात 30 करोड़ रुपए है। इस तरह इसने अब तक प्रतिशत लाभ के मामले में ‘पठान’ को काफी पीछे छोड़ दिया है। 10 दिनों में ‘द केरल स्टोरी’ ने 283% का लाभ कमा कर सबको चौंका दिया है। फिल्म का नेट प्रॉफिट 106 करोड़ रुपए के आसपास है। अभी ‘The Kerala Story’ और भी ज्यादा कमाई करेगी।

कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में फिल्म देर से रिलीज हुई है, ऐसे में वहाँ के आँकड़े आने अभी बाकी हैं। फिल्म का निर्माण विपुल अमृतलाल शाह ने किया है, जबकि सुदीप्तो सेन इसके निर्देशक हैं। वहीं अदा शर्मा ने इसमें मुख्य किरदार निभाया है। अदा शर्मा ने फिल्म को रिलीज की अनुमति देने के लिए सेंसर बोर्ड और सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद दिया। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा युवा लड़कियों को ये फिल्म दिखाने की वकालत की। ‘The Kerala Story’ में बताया गया है कि किस तरह हिन्दू लड़कियों को निशाना बना कर धर्मांतरण के जाल में फँसाया जा रहा है।

द मैन, द मिथ, द लीडर… कर्नाटक नतीजों के बाद विराट कोहली ने ऐसे की राहुल गाँधी की तारीफ: जानें वायरल पोस्ट का क्या है सच

कर्नाटक विधानसभा चुनावों में पूर्ण बहुमत पाने के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं को देश भर से बधाइयाँ मिल रहीं हैं। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक संदेश वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली ने कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी को चुनाव में जीत की शुभकामना दी है। इस स्क्रीनशॉट के वायरल होने के बाद तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालाँकि पड़ताल में यह दावा झूठा और स्क्रीनशॉट फर्जी पाया गया है।

क्या है स्क्रीनशॉट में

दरअसल 13 मई 2023 (शनिवार) को डॉ नीमो यादव ने सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट शेयर किया है। इस स्क्रीनशॉट को विराट कोहली के इंस्टाग्राम का स्टेटस बताया जा रहा है। इसमें 17 मिनट पहले पोस्ट दिखा रही है जिसके आगे वेरिफाइड मार्क के साथ विराट कोहली लिखा हुआ है।

स्क्रीनशॉट में राहुल गाँधी की माइक लिए तस्वीर देखी जा सकती है। कैप्शन के तौर पर ‘द मैन, द मिथ, द लीडर राहुल गाँधी’ लिखा हुआ है। इस स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए @niiravmodi ने लिखा, “Virat Kohli is on Fire, hope he doesn’t delete it।”

नीमो यादव के अलावा कुछ अन्य लोगों ने भी विराट कोहली द्वारा राहुल गाँधी को बधाई देने के दावे वायरल स्क्रीनशॉट के माध्यम से किए हैं। इन्ही में से एक शिवम नेहरू भी हैं।

चित्र साभार- @savantshiv1

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कई नेटीजेंस इस वायरल स्क्रीनशॉट को सही मान कर उस पर अलग-अलग तरह के कमेंट भी कर रहे हैं।

फर्जी है वायरल स्क्रीनशॉट

ऑपइंडिया की पड़ताल में यह बात निकल कर सामने आई है कि वायरल हो रहा स्क्रीनशॉट फर्जी और एडिटेड है। विराट कोहली के इंस्टाग्राम पर ऐसी कोई भी स्टोरी नहीं अपलोड हुई है। विराट कोहली द्वारा अपलोड की गई पुरानी स्टोरियों को भी खँगालने पर ऐसी कोई भी स्टोरी नहीं दिखी जिसमें उन्होंने राहुल गाँधी को बधाई दी हो। DNA इंडिया ने भी अपनी पड़ताल में इस स्क्रीनशॉट को फर्जी पाया है।