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‘भगवान की फोटो हटा दो, यीशु के दर्शन होंगे’: ब्यूटी पार्लर की आड़ में ईसाई धर्मांतरण का ‘धंधा’, पादरी समेत 3 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद पुलिस ने धर्मांतरण के लिए बरगलाने के आरोप में ईसाई पादरी और उसकी पत्नी समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। स्थानीय भाजपा महिला नेता सुनीता अरोड़ा ने इस मामले में पुलिस को शिकायत दी थी। सुनीता का आरोप है कि पहले तो ब्यूटी पार्लर बुलाकर उन्हें धर्मांतरण के लिए बरगलाया गया। इसके बाद उनके गले से भगवान श्रीकृष्ण का लॉकेट उतरवा दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र इलाके का है। यहाँ रहने वाली भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष सुनीता अरोड़ा का आरोप है कि उनके घर के पास बबीता नामक महिला ब्यूटी पार्लर चलाती है। शुक्रवार (12 मई, 2023) को बबीता ने उन्हें किसी काम से ब्यूटी पार्लर बुलाया। यहाँ बबीता ने उनकी मुलाकात इब्राहिम थॉमस, और उसकी पत्नी रीवा से कराई।

सुनीता अरोड़ा ने आरोप लगाया है कि जब वह ब्यूटी पार्लर पहुँची तब वहाँ मौजूद करीब आधा दर्जन लोग हाथों में किताब लेकर प्रार्थना कर रहे थे। पादरी इब्राहिम थॉमस वहाँ लोगों को प्रार्थना करा रहा था और लोग ‘आमीन-आमीन’ बोल रहे थे। इस पूरे मामले का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में पादरी की हरकतों और वहाँ मौजूद लोगों को ‘आमीन’ बोलते सुना जा सकता है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि ईसाई पादरी इब्राहिम ने उन्हें उनके गले से श्रीकृष्ण का लॉकेट उतारने के लिए कहा। यही नहीं, वह सुनीता से उनके घर में रखे देवी-देवताओं के चित्र भी हटाने के लिए कह रहा था। इब्राहिम ने उनसे कहा था कि यह सब करने के बाद ही उन्हें यीशु के दर्शन होंगे।

इन सब बातों के बीच सुनीता पूरा माजरा समझ गईं। उन्होंने फोन कर अपने साथियों को मौके पर बुलाया। इसके बाद वे लोग तीनों आरोपितों को पकड़कर स्थानीय खोड़ा थाना ले गए। यहाँ पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम 2021 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपित इब्राहिम थॉमस मूल रूप से केरल का रहने वाला है। वह दिल्ली के एक चर्च में पादरी है।

‘मुस्लिम युवक के प्यार में हिन्दू लड़की’: राजस्थान चुनाव से पहले ‘लव जिहाद’ को नकारती ज़ोया अख्तर की ‘दहाड़’, सीरियल किलर की राजपूत जाति पर जोर

सोनाक्षी सिन्हा और विजय वर्मा की एक वेब सीरीज आई है ‘दहाड़’, जिसकी निर्देशक रीमा कागती हैं। उनके साथ-साथ ज़ोया अख्तर इस सीरीज की क्रिएटर, प्रोड्यूसर और स्क्रीनप्ले राइटर हैं। जहाँ ज़ोया अख्तर को ‘ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा (2011)’ और ‘गली बॉय (2019)’ जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है, रीमा कागती ‘तलाश (2012)’ और ‘गोल्ड (2018)’ जैसी बड़ी फिल्मों का निर्देशक कर चुकी हैं। लेकिन, चूँकि ये बॉलीवुड वेब सीरीज है तो इसमें प्रोपेगंडा न हो ऐसा हो ही नहीं सकता है।

‘दहाड़’ जब शुरू होती है, तो आपको पहले 5-10 मिनट में ही दिख जाता है कि इसे बनाने वाले लोगों की मंशा क्या हो सकती है। सोनाक्षी सिन्हा बाकी साथियों की तरह अपने कोच के पाँव नहीं छूती, क्योंकि वो कहती हैं कि उनके ‘बाप’ ने ऐसा करने से मना किया है। उन्हें एक दलित पुलिस अधिकारी के किरदार में दिखाया गया है, जिसे हर जगह जातीय भेदभाव का सामना करना पड़ता है। कहानी राजस्थान में सेट की गई है। एक दलित SI, जो बिना हेलमेट बुलेट बाइक दौड़ाती फिरती है।

वैसे भी आजकल चलन है कि ‘थारे-म्हारे’ बोल कर किरदारों को राजस्थान दिखा दिया जाता है, भले ही बाकी के डायलॉग वो बंबइया या फिर पंजाबी एक्सेंट में ही क्यों न बोलें। जैसा कि फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने हाल ही में अपने एक विश्लेषण में पाया है, पुलिस किरदार के लिए भार मेकअप कर के टाइट फिटिंग कपड़े पहना दिए जाते हैं, हो गया। ‘दहाड़’ भी कुछ ऐसी ही है। सोनाक्षी सिन्हा की एक्टिंग इसमें एकदम बोरिंग और चिड़चिड़ा टाइप की है।

इस वेब सीरीज में दिखाया गया है कि एक ‘ठाकुरों की लड़की’ एक मुस्लिम लड़के के साथ भाग जाती है और हिन्दू संगठन पुलिस के कामकाज में बाधा डालते हैं। हिन्दू कार्यकर्ताओं को उपद्रव करने वाला दिखाया गया है। साथ ही एक व्यक्ति झूठ बोल देता है कि उसकी बेटी मुस्लिम लड़के के साथ भागी है, ताकि पुलिस उसके मामले में गंभीरता से कार्रवाई करे। वेब सीरीज के अंत में दिखाया गया है कि एक बड़े ठाकुर खानदान की लड़की स्वेच्छा से एक मुस्लिम युवक के साथ भागती है।

आजकल जब ‘The Kerala Story’ जैसी फिल्मों के माध्यम से ये दिखाया जा रहा है कि कैसे हिन्दू लड़कियों को ‘लव जिहाद’ में फँसा कर उनका इस्लामी धर्मांतरण कर के मानव तस्करी के माध्यम से ISIS के पास सेक्स-स्लेव बनने भेज दिया जाता है, ‘दहाड़’ जैसी वेब सीरीज वास्तविकता को नकारने के लिए वामपंथियों के नैरेटिव को आगे बढ़ाने की कोशिश करती है। इसमें ये बताने की कोशिश की गई है कि ‘लव जिहाद’ कुछ होता ही नहीं है, मुस्लिम लड़कों के प्यार में हिंदू लड़कियाँ स्वेच्छा से पड़ती हैं।

सबसे बड़ा प्रोपेगंडा है कि हिन्दू कार्यकर्ताओ और हिन्दू संगठनों को उपद्रवियों के रूप में चित्रित करना। कर्नाटक में कॉन्ग्रेस ने चुनाव प्रचार के दौरान ‘बजरंग दल’ की तुलना प्रतिबंधित आतंकी संगठन PFI से करते हुए इसे बैन करने का वादा किया था। इसमें दिखाया गया है कि एक हिन्दूवादी विधायक और उसके कार्यकर्ता जहाँ-तहाँ उपद्रव करते हैं, हिंसा करते हैं, मुस्लिमों के विरुद्ध हिंसा करते हैं और पुलिस को काम करने में बाधा पहुँचाते हैं।

वेब सीरीज में में विजय वर्मा मुख्य विलेन के किरदार में हैं। ये आदमी दर्जनों लड़कियों को फँसा कर उनके साथ बलात्कार करता है और उनकी हत्या कर देता है। जानबूझ कर बार-बार एक सीरियल किलर के परिवार की जाति को हाइलाइट किया गया है। विलेन का पिता एक महिला पुलिस अधिकारी को घर में घुसने से रोकता है, क्योंकि वो उसे ‘नीची जाति का’ समझता है। फिर वो संविधान के डायलॉग मारती हुई उसके घर में घुस जाती है रेड मारने के लिए।

क्या आपने वास्तविक ज़िन्दगी में कहीं ऐसे होते हुए देखा है? फिल्म का जो सबसे अच्छा किरदार दिखाया गया है, वो एक मुस्लिम होता है। सोनाक्षी सिन्हा किसी भी समस्या के समाधान और मार्गदर्शन के लिए उसके पास ही जाती हैं, उसने उन्हें पढ़ाया होता है। इस तरह जहाँ मुख्य विलेन को ठाकुर दिखाया गया है, उसे पकड़वाने में मदद करने वाला मुस्लिम और उसे पकड़ने वाली दलित होती है। इसमें कुछ भी बुरा नहीं है, बशर्ते जातियों पर विशेष जोर दिया जाए। इसमें यही किया गया है।

एक और बड़ी बात, जो आजकल सारे सिनेमा वाले साबित करने में लगे रहते हैं। पढ़े-लिखे युवा या अपने जीवन में सफल युवा पूजा-पाठ या हिन्दू धर्म में विश्वास नहीं रखते – ये वो नैरेटिव है जिसे आगे बढ़ाने की भरपूर कोशिश की जाती है। कोई बड़ी नौकरी कर रहा है या फिर मॉडर्न है, तो इसका अर्थ है कि वो हिन्दू धर्म की परंपराओं और रीति-रिवाजों को नीचा दिखाएगा ही। वेब सीरीज में सोनक्षी सिन्हा भी ऐसा ही करती हैं और माँ द्वारा पूजा पर बैठने के लिए कहे जाने पर अपमानजनक तरीके से आगे बढ़ जाती हैं।

हमें इस मिथक को तोड़ने की ज़रूरत है। हाल ही में NASA की महिला भारतीय कर्मचारी की एक तस्वीर सामने आई थी, जिसमें उनकी दशक पर देवी-देवताओं की तस्वीरें रखी हुई थीं। दुनिया के सबसे बड़े गणितज्ञों में से एक श्रीनिवास रामानुजन माँ लक्ष्मी के बड़े भक्त थे। मिसाइल मैन APJ अब्दुल कलाम को हमने संतों के चरणों में बैठे हुए देखा है। फिर आखिर ये दिखाने की बार-बार कोशिश क्यों की जाती है कि जो हिन्दू धर्म से जितना दूर होगा, उतना ही सफल होगा और मॉडर्न कहेगा?

अब इसे ज़रा पलट कर देखिए। क्या किसी मुस्लिम युवती को नमाज या कुरान का अपमान करते हुए कभी भी दिखाया जाता है? ऐसा बिलकुल नहीं होगा। उन्हें बुर्का या हिजाब का विरोध करते हुए बॉलीवुड नहीं दिखा सकता, इस्लाम तो दूर की बात है। फिर हिन्दू धर्म के लिए ही ऐसा क्यों प्रदर्शित किया जाता है? कभी किसी ईसाई युवक को बाइबिल का विरोध करते हुए दिखाया गया? ये चीजें ईशनिंदा में आ जाएँगी, लेकिन हिन्दुओं के लिए सब चलता है।

इस वेब सीरीज में लड़के-लड़की के बीच शादी के बिना अस्थायी रिश्तों पर जोर दिया गया है, मतलब दोनों में से किसी एक ने जगह बदल दिया तो सब खत्म। साथ ही शादी के लिए लड़का-लड़की के परिवारों के मिलने वाले रिवाज का बार-बार मजाक बनाया गया है। एक तरह से ये दिखाने की कोशिश की गई है कि सफल लड़कियों को शादी नहीं करनी चाहिए, सिर्फ ‘Casual Relationships’ में रहना चाहिए। सीरीज ‘जय भीम-जय मीम’ क्र प्रोपेगंडा को आगे बढ़ाती हुई दिखती है।

कुल मिला कर बात ये है कि वास्तविक तथ्यों और खबरों के आधार पर अगर आप गायब लड़कियों की कहानी दिखाने के लिए ‘The Kerala Story’ बनाते हैं तो वामपंथी और इस्लामी कट्टरपंथी आपको गाली देंगे, लेकिन ‘दहाड़’ में एक हिन्दू सीरियल किलर को दर्जनों लड़कियों की रेप-हत्या करते हुए दिखाया जाएगा तो वाहवाही देंगे। एक रियल लाइफ पर आधारित है, एक फिक्शन है। फिक्शन में जम कर प्रोपेगंडा है, हिन्दू विरोधी और जातिवादी। ये भी याद रखने की ज़रूरत है कि राजस्थान में इस साल चुनाव भी होने हैं।

ओवैसी के कॉलेज के ‘आतंकी प्रोफेसर’ की फंडिंग-कनेक्शन की होगी जाँच, MP सरकार ने दिया आदेश: पहले सौरभ से सलीम बना, फिर फैलाने लगा मजहबी जहर

मध्य प्रदेश एटीएस ने आतंकी इस्लामी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (HUT) के जिन 16 सदस्यों को पकड़ा है, उनमें से एक मोहम्मद सलीम एआईएमआईएम चीफ व हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी के कॉलेज में पढ़ाता था। जाँच में यह बात सामने आने के बाद बीजेपी लगातार औवेसी पर हमला कर रही है। उन पर हैदराबाद में आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगाया जा रहा है। इस क्रम में मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।

उन्होंने सोमवार (15 मई, 2023) को कहा, “इन जिहादी कॉकरोचों के लिए हमारे मध्य प्रदेश की एटीएस पुलिस पेस्टिसाइड्स की तरह है। पुलिस लगातार ऐसे संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। ब्रेनवॉश करने वाले सभी पढ़े लिखे लोग हैं। इनमें से एक हैदराबाद का प्रोफेसर है। एक इंजीनियर है। ये सभी लोग जो कार्य कर रहे हैं, वह निंदनीय है। मैं उन लोगों के बारे में कहना चाहता हूँ, जो केरल स्टोरी पर बोले, लेकिन HUT पर एक शब्द भी नहीं कहा। हमने पीएफआई को पकड़ा, सिमी का नेटवर्क ध्वस्त किया, लेकिन ये लोग एक शब्द भी नहीं बोले। ये तुष्टिकरण की राजनीति इन लोगों को बढ़ावा देती है। पहले लड़कों का धर्म परिवर्तन फिर उनके द्वारा लड़कियों का धर्मांतरण, ऐसे लोगों का कनेक्शन किससे जुड़ा है।”

उन्होंने इशारों-इशारों में इसका जिम्मेदार औवेसी को भी ठहराया। नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “इनमें से एक प्रोफेसर औवेसी के हैदराबाद वाले कॉलेज में ही पढ़ाता था। ये गंभीर विषय है। सार्वजनिक जीवन में जीने वाले लोग भी अगर इस तरह के काम को हतोत्साहित नहीं करेंगे तो दिक्कत होगी। इनको कहाँ से फंडिंग होती थी। इनके किस-किस से कनेक्शन हैं, इसके जाँच के आदेश दिए गए हैं। ये मामला ‘लव जिहाद’ से भी ऊपर जा रहा है इसलिए हमने कड़ी जाँच के आदेश दिए हैं।”

इससे पहले तेलंगाना बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बंदी संजय कुमार ने औवेसी को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि वह हैदराबाद में आतंकवादियों को पनाह दे रहे हैं। उन्होंने कहा था कि हैदराबाद हिज्ब-उत-तहरीर (HUT) जैसे आतंकवादी संगठनों के लिए एक सुरक्षित जगह बन गया है। संजय ने मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव से माँग की थी कि वह इस मामले की जाँच करवाएँ। भाजपा नेता ने साथ ही यह भी आरोप लगाया था कि बीआरएस और कॉन्ग्रेस दोनों को हैदराबाद के लोगों की सुरक्षा की चिंता नहीं है। वे केवल अल्पसंख्यकों के वोट से सत्ता में आना चाहते हैं।

बता दें कि सलीम पहले सौरभ हुआ करता था। उसका पूरा नाम सौरभ राजवैद्य था। वह भोपाल के बैरसिया के पास का रहने वाला है। साल 2010 में उसने पहले खुद इस्लाम कबूला और 2012 में अपनी बीवी को इस्लाम कबूल करवाया। इसके बाद दोनों हैदराबाद शिफ्ट हो गए। चूँकि सलीम मध्य प्रदेश से था, इसलिए उसे पूरे एमपी में हिज्ब-उत-तहरीर संगठन का एजेंडा फैलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई और ट्रेनिंग के लिए विदेश भेजा गया।

हैरानी की बात यह है कि सौरभ राजवैद्य से सलीम बनने के बाद उसे हैदराबाद में डेक्कन कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज के बायोटेक्निकल डिपार्टमेंट में प्रोफेसर की नौकरी मिल गई और यहाँ वह कॉलेज में पढ़ाने के नाम पर मजहबी जहर फैलाने लगा।

‘ये पवित्र गाथा नहीं, विवादित फिल्म है’: द केरल स्टोरी पर जम्मू मेडिकल कॉलेज में हंगामा, क्लासें खाली-प्रदर्शन शुरू

‘द केरल स्टोरी’ फिल्म को लेकर जम्मू शहर के एक हॉस्टल छात्रों के 2 गुटों में मारपीट की खबर है। झगड़े की शुरुआत कॉलेज के आधिकारिक ग्रुप में फिल्म का लिंक भेजने से हुई। इस मारपीट में मेडिकल का एक छात्र घायल हुआ है। छात्रों के गुट ने हमलावर समूह पर कार्रवाई की माँग की है। झगड़े के बाद कॉलेज में नारेबाजी हुई है। घटना रविवार (14 मई 2023) की है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज (JMC) का है। यहाँ रविवार (13 मई 2023) की रात कॉलेज के आधिकारिक ग्रुप में फर्स्ट ईयर के एक छात्र ने द केरल स्टोरी फिल्म का लिंक शेयर कर दिया। इस बात पर ग्रुप में मौजूद एक अन्य छात्र ने आपत्ति दर्ज करवाई। छात्र ने कहा कि ग्रुप पढ़ने के लिए बना है न कि ऐसे कामों के लिए। आरोप है कि इस मामले के बाद कुछ छात्रों ने हॉस्टल के अंदर ही आपत्ति जताने वाले छात्र की पिटाई कर दी।

इस मारपीट के बाद दूसरी तरफ से भी लोग जमा होने लगे। पिटाई करने वाले छात्रों पर कार्रवाई की माँग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ छात्र इस घटना को तूल देते हुए अस्पताल के बाहर जमा हो गए। इस समूह ने आरोपितों पर कार्रवाई न होने की दशा में कक्षाओं के बहिष्कार का भी ऐलान किया। प्रदर्शन करने वालों में एक छात्र ने केरल स्टोरी पर सवाल खड़े किए। छात्र ने कहा कि केरल स्टोरी एक विवादित फिल्म है न कि कोई पवित्र गाथा। छात्रों ने CCTV में दिख रहे छात्रों को चिन्हित कर के कार्रवाई की माँग की।

जीएमसी प्रधानाचार्य शशि सुधन शर्मा ने मामले को शाँत करने की कोशिश की। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात कर के दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया। वहीं इस मामले पर जम्मू के SSP चंदन कोहली ने बताया कि GMC में हाथापाई की घटना की सूचना पर मामले की जाँच करवाई जा रही है।

‘अकेलापन महसूस होता है, मेरे साथ किसी को रख दो’: सत्येंद्र जैन ने कहा और सेल में भेज दिए 2 कैदी, तिहाड़ जेल अधीक्षक को नोटिस

टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के बाद से दिल्ली के तिहाड़ जेल के भीतर की सुरक्षा-व्यवस्था सवालों के घेरे में है। इस बीच जेल के भीतर नियमों को ताक पर रखकर कैदियों को ट्रांसफर करने का मामला सामने आया है। इन कैदियों को आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और दिल्ली की केजरीवाल सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन की सेल में ट्रांसफर किया गया था।

जैन ने खुद इसकी डिमांड की थी। उन्होंने अकेलेपन का हवाला देते हुए जेल अधीक्षक को अपनी सेल में कैदियों की संख्या बढ़ाने को लेकर आवेदन दिया था। उनकी इस माँग को पूरा करते हुए जेल अधीक्षक ने दो कैदियों को उनके सेल में भेज दिया। मामला सामने आने के बाद तिहाड़ प्रशासन ने जेल अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सत्येंद्र जैन ने गुरुवार (11 मई 2023) को जेल अधीक्षक के नाम एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने कहा था कि वह बहुत अकेलापन और डिप्रेशन महसूस कर रहे हैं। इसलिए उनकी सेल में कम से कम 2-3 कैदियों को रखा जाए। जैन ने मनोचिकित्सक की सलाह का जिक्र करते हुए कहा था कि डॉक्टर ने उन्हें अकेले न रहने और सामाजिक दायरा बढ़ाने के लिए कहा है।

सत्येंद्र जैन के इस पत्र पर अमल करते हुए अगले ही दिन यानी शुक्रवार (12 मई 2023) को अधीक्षक ने दो कैदियों को उनके सेल में ट्रांसफर कर दिया। जेल प्रशासन का कहना है कि जेल नंबर 7 के अधीक्षक ने बिना प्रशासन को बताए ही कैदियों को ट्रांसफर किया था। नियमानुसार प्रशासन को बिना बताए और अनुमति के बिना किसी भी कैदी को ट्रांसफर करने का अधिकार नहीं होता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्या कारण था कि सत्येंद्र जैन के पत्र पर तत्परता दिखाते हुए जेल अधीक्षक ने दो कैदियों को उनके सेल में भेज दिया।

जेल में मालिश कराते आया था वीडियो

बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तिहाड़ जेल में बंद सत्येंद्र जैन के जेल के भीतर से कई वीडियो सामने आ चुके हैं। इनमें से कुछ वीडियो में वह मालिश कराते तो कुछ में ‘दरबार’ लगाते तो कुछ में बाहर का खाना खाते दिखाई दिए थे। एक वीडियो में तो वह निलंबित जेल अधीक्षक के साथ बैठे हुए भी दिखाई दिए थे। वीडियो सामने आने और कोर्ट की सख्ती के बाद जब जेल में वीआईपी ट्रीटमेंट बंद हो गया तो सत्येंद्र जैन ने जेल अधिकारियों पर धमकी देने का आरोप लगाया था।

धर्म बदलो, शादी कर युवती का धर्मांतरण करो, फिर आतंकवाद के दलदल में धकेलो… ‘हिज्ब-उत-तहरीर’ का पैटर्न बता बोले CM शिवराज- MP को केरल नहीं बनने देंगे

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने धर्म परिवर्तन और आतंकवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश की धरती पर धर्म परिवर्तन और आतंकवाद का कुचक्र नहीं चलेगा, इनको जड़ से नेस्तनाबूद कर देंगे।” उनका यह बयान एटीएस द्वारा आतंकी इस्लामी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (HUT) के 16 सदस्यों को पकड़ने के बाद आया है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इस संगठन के कुछ सदस्यों ने हिंदू लड़कियों से निकाह कर उन्हें इस्लाम कबूल करवाया है।

मुख्यमंत्री ने रविवार (14 मई 2023) को अपने आ​धिकारिक ट्विटर हैंडल पर वीडियो साझा किया। इसमें वह कह रहे हैं, “मध्य प्रदेश की धरती पर आतंक की कोई जगह नहीं है। हमने पहले भी सिमी के नेटवर्क को ध्वस्त किया है। चंबल से डकैतों के आतंक को समाप्त किया है। नक्सलवाद छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की सीमा तक सीमित रह गया है। पिछले साल ही 8 नक्सलवादी मुठभेड़ में ढेर किए गए। लेकिन मुझे जैसे ही जानकारी मिली आतंकी संगठन, कट्टरपंथी, इस्लामिक संगठन हिज्ब-उत-तहरीर हमारे प्रदेश में सक्रिय हो रहा है। एटीएस ने तुरंत कार्रवाई प्रारंभ की। एटीएस को निर्देश भी दिए गए कि ऐसे गतिविधियाँ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इन्हें जड़ से समाप्त करना है।”

शिवराज सिंह चौहान ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि इनका नेटवर्क ऐसा है, जो कई लोगों की जिंदगी भी तबाह करता है। इनका पैटर्न है पहले धर्मांतरण करो, धर्मांतरण करके फिर बेटी से शादी करो, फिर उसे भी धर्मांतरित करो और उसके बाद उन्हें आतंकवाद के दलदल में धकेल दो। मध्य प्रदेश को किसी भी कीमत पर हम ‘केरल स्टोरी’ नहीं बनने देंगे।

सीएम ने यह भी कहा कि लव जिहाद और धर्मांतरण का कुचक्र नहीं चलेगा। मध्य प्रदेश की एटीएस की टीम और केंद्रीय एजेंसियों ने संयुक्त रूप से 10 लोग भोपाल से पकड़े, एक छिंदवाड़ा से पकड़ा, सभी पुलिस रिमांड पर हैं। उनसे पूछताछ जारी है। 6 आतंकी हैदराबाद से तेलंगाना पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं। एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

उन्होंने आगे कहा कि इनमें भोपाल से एक हिंदू धर्मांतरित होकर गया हुआ है। इन सब के तार हिज्ब-उत-तहरीर से जुड़े हुए हैं, जो कट्टरपंथी संगठन है। इनसे पूछताछ में पता चला है कि ये रायसेन से सटे जंगल में ट्रेनिंग कैंप लगाते थे। समाज में घुलने मिलने के लिए इनमें से कोई ट्रेनर होता था। कोई कंप्यूटर टेक्निशियन होता था, कोई दर्जी, कोई ऑटो ड्राइवर इत्यादि का काम कर रहे थे। गिरफ्तार सदस्यों में से एक भोपाल के कोहेफिजा में ऑडिटोरियम ट्यूटोरियल के नाम से कोचिंग सेंटर भी चला रहा था। यह समाज की भोली-भाली बेटियों को फँसाकर शादी करना, उनकी जिंदगी बर्बाद करना और धर्म परिवर्तन जैसे गैर कानूनी काम कर रहे थे। मध्य प्रदेश की धरती पर यह बर्दाश्त नहीं होगा। अभी पूछताछ जारी है। इनको जड़ से नेस्तनाबूद करेंगे।

बता दें कि ATS द्वारा पकड़े गए आतंकी इस्लामी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (HUT) के कुल 16 सदस्यों में से 8 सदस्य ऐसे हैं, जो पहले हिंदू थे। इनका ब्रेनवाश कर उन्हें मुस्लिम बना दिया गया। इस संगठन के कुछ सदस्यों ने हिंदू लड़कियों से शादी कर के उन्हें भी इस्लाम कबूल करवाया है। HUT का प्रमुख मोहम्मद सलीम हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया और दूसरा जिम ट्रेनर यासिर खान भोपाल से पकड़ा गया है।

‘मुँह खोल इसका’ बोल कर नोच लिया बुर्का, हिन्दू दोस्त से भी बदसलूकी: मेरठ के बाद मुजफ्फरनगर का वीडियो

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में जाट युवक के साथ घूम रही मुस्लिम महिला से कट्टरपंथियों की बदसलूकी का मामला सामने आया है। यहाँ बाइक से एक साथ जा रहे युवक और युवती को रोक कर सड़क के किनारे अभद्रता की गई है। घटना शनिवार (13 मई, 2023) की है। घटना के बाद लड़के के मोहल्ले में आधे दर्जन बाइक सवारों ने जा कर दहशत फैलाई है। मुजफ्फरनगर पुलिस ने FIR दर्ज कर के आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है।

इस पूरी घटना का 37 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में पहले बुलेट बाइक से रास्ते में जा रहे युवक और एक बुर्के वाली महिला का कुछ लोग पीछा करते हैं। बाद में बाइक रोक कर महिला और युवक से एक भीड़ सवाल-जवाब करती थी। दोनों के पते पूछे जाते हैं। महिला का बुर्का जबरन नोचा जाता है। इस दौरान वीडियो बना रहे व्यक्ति ने कहा, “मुँह खोल इसका।” अभद्रता के दौरान महिला अपना चेहरा ढँकने की कोशिश करती दिख रही है।

यह घटना मुजफ्फरनगर के थाना क्षेत्र नई मंडी की है। ‘द जाट एसोसिएशन’ नाम के वेरिफाइड हैंडल द्वारा इस वीडियो को शेयर किया गया है। इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा, “खुलेआम जाट समाज के युवा को धमकाती मुग़लों की भीड़। मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस से शिकायत के बाद भी नहीं ली जा रही FIR। आप सभी हिंदू भाइयों से आग्रह वीडियो इतना शेयर करें कि मुख्यमंत्री साहब संज्ञान ले सके। जाट लड़के को जान से मारने की धमकियाँ दी जा रही हैं।”

वीडियो में दिख रहे पीड़ित युवक का नाम शिवांश खोकर है। शिकायत में शिवांश ने बताया कि शनिवार को वह दोपहर में अपनी क्लासमेट के साथ बाइक से सड़क पर जा रहा था। इस दौरान बुलेरो वाहन से 5-6 लोग उतरे और उन्होंने शिवांश की बाइक रोक दी। सभी युवकों ने शिवांश के साथ अभद्रता की और लड़की का हिजाब भी खींचा। घटना के एक दिन बाद 14 मई को शिवांश की कॉलोनी में 8 से 10 बाइकों पर सवार हो कर कुछ लोग आए। उन सभी ने शिवांश के बारे में पूछताछ की और फरार हो गए।

शिवांश ने अपनी जान का खतरा बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने 5-6 अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ IPC की धारा 147, 504 और 506 के तहत केस दर्ज कर लिया है। मुजफ्फरनगर पुलिस के मुताबिक आरोपितों की धर-पकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं। ऑपइंडिया से बात करते हुए शिवांश ने बताया कि वो किसी भी आरोपित को नहीं पहचानते। बी.टेक छात्र शिवांश के अनुसार, उन्हें पुलिस का सहयोग मिल रहा है। फिलहाल अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

गौरतलब है कि शनिवार (13 मई, 2023) को मुजफ्फरनगर के पड़ोसी जिले मेरठ से भी इसी से मिलता जुलता एक वीडियो वायरल हुआ था। उस वीडियो में बाजार में घूम रहीं 2 महिलाओं से कट्टरपंथियों की भीड़ ने हिन्दू के साथ आने का आरोप लगा कर बदसलूकी की थी। इस मामले में भी पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आरोपितों की तलाश कर रही है।

मल्लिकार्जुन खड़गे हाजिर हो: पंजाब की संगरूर कोर्ट ने बुलाया, PFI से बजरंग दल की तुलना पर ₹100 करोड़ की मानहानि का केस

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पंजाब की संगरूर कोर्ट ने तलब किया है। मामला 100 करोड़ की मानहानि केस से जुड़ा है। यह केस हिंदू सुरक्षा परिषद बजरंग दल हिंद के संस्थापक हितेश भारद्वाज ने की है। उन्होंने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बजरंग दल की तुलना प्रतिबंधित इस्लामी कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से करने को लेकर याचिका दायर कर रखी है।

संगरूर की सीनियर डिवीजन कोर्ट की सिविल जज रमनदीप कौर ने खड़गे को 10 जुलाई 2023 को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। हितेश भारद्वाज ने कहा है, “मैंने देखा कि घोषणा-पत्र के 10 वें पेज पर कॉन्ग्रेस ने बजरंग दल की तुलना देशद्रोही संगठनों से की है और चुनाव जीतने पर प्रतिबंध लगाने का वादा किया है। इसके बाद मैंने कोर्ट में याचिका दायर की।”

कर्नाटक विधानसभा चुनावों के दौरान अपने घोषणा-पत्र में कॉन्ग्रेस ने बजरंग दल की तुलना पीएफआई के साथ की थी। सत्ता हासिल करने पर बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने का भी वादा किया था। हालाँकि इस पर विवाद होने कॉन्ग्रेस बैकफुट पर आ गई थी। कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली (Veerappa Moily) ने कहा था कि बजरंग दल (Bajrang Dal) पर प्रतिबंध लगाने का काॅन्ग्रेस का कोई इरादा नहीं है। न तो पार्टी के पास ऐसा कोई प्रस्ताव है और न ही राज्य सरकार प्रतिबंध लगा सकती है। इसके बाद कर्नाटक कॉन्ग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने सरकार बनने पर हर जिले में बजरंग बली का मंदिर बनाने का वादा किया था।

केरल में पकड़ी गई देश की अब की सबसे बड़ी ड्रग्स की खेप, लेकर आया था पाकिस्तानी: कीमत ₹15000 करोड़

केरल में नारकोटिक्‍स कंट्रोल ब्‍यूरो (NCB) और भारतीय नौसेना के ज्वाइंट ऑपरेशन के जरिए ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी नागरिक को सोमवार (15 मई, 2023) को कोर्ट में पेश किया जाएगा। आरोपित के पास से शनिवार (13 मई, 2023) को 2525 किलोग्राम मेथामफेटामाइन ड्रग्स बरामद किया गया था, जिसकी कीमत करीब 15 हजार करोड़ रुपए बताई जा रही है।

NCB के उप महानिदेशक संजय कुमार सिंह ने सबसे बड़ी ड्रग्स बरामदगी को लेकर कहा, “एनसीबी और नौसेना ने हिंद महासागर में एक सफल ऑपरेशन किया। इतने मूल्‍य की ड्रग्‍स देश में इससे पहले कभी नहीं पकड़ी गई। मार्केट में इतने ड्रग्‍स की कीमत लगभग 15 हजार करोड़ रुपए है। यह ईरान के चाबहार बंदरगाह से लाया जा रहा था और इसका स्रोत पाकिस्तान है।”

अधिकारी ने बताया, “मदर शिप को समुद्र में अलग-अलग जगहों पर तैनात किया गया, जिसके जरिए ये खेप बरामद की गई। ये खेप भारत, श्रीलंका और मालदीव के लिए थी। एक पाकिस्तानी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। हमने फरवरी 2022 में ऑपरेशन ‘समुद्र गुप्त’ शुरू किया था। उस ऑपरेशन के तहत हमने लगभग 4000 किलोग्राम विभिन्न ड्रग्स जब्त किए हैं।”

मालूम हो कि मदर शिप बड़े समुद्र में जाने वाले जहाज है। बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों को ले जाने के लिए इन जहाजों का इस्तेमाल किया जाता है। एनसीबी टीम ने ये कार्रवाई करने के लिए पहले जानकारी जुटाई फिर उसे भारतीय नौसेना के साथ साझा की। एक भारतीय नौसेना जहाज को आसपास के क्षेत्र में तैनात किया गया था। इस इनपुट के आधार पर नेवी ने समुद्र में जा रहे एक बड़े जहाज को इंटरसेप्ट किया था। जहाज से मेथामफेटामाइन की 134 बोरियाँ बरामद की गई थीं।

बरामद की गई बोरियों, पाकिस्तानी नागरिक, पकड़ी गई नाव और मुख्य जहाज से बचाई गई कुछ अन्य वस्तुओं को 13 मई को मट्टनचेरी घाट, कोच्चि लाया गया और आगे की कार्रवाई के लिए NCB को सौंप दिया गया।

बता दें कि हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री मार्ग पर हेरोइन और अन्य ड्रग्स की समुद्री तस्करी से राष्ट्रीय सुरक्षा को होने वाले खतरे के मद्देनजर, जनवरी 2022 में एनसीबी के उप महानिदेशक (ओपीएस) संजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में ऑपरेशन ‘समुद्र गुप्त‘ लॉन्च किया था।

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट पर भीड़ का हमला, इमरान खान को रिहा किए जाने पर भड़के हैं विरोधी: बीवी भी जमानत के लिए पहुँची लाहौर हाईकोर्ट

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को गिरफ्तार किए जाने के बाद उनके समर्थन उग्र हो गए, जिससे देश भर में हिंसा हुई और उन्हें रिहा करना पड़ा। अब सत्ताधारी PDM के कार्यकर्ताओं ने इमरान खान की रिहाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के बाहर PDM के मुखिया मौलाना फैज़लुर रहमान और PML-N की मरयम नवाज शरीफ की बैठक भी हुई है। उधर इमरान खान ने दावा किया है कि उनकी पार्टी PTI के 7000 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है।

साथ ही उन्होंने कई निहत्थे कार्यकर्ताओं की फ़ौज और पुलिस द्वारा हत्या किए जाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी तरफ PDM के गुंडे सुरक्षा एजेंसियों की सह पर उपद्रव कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के बाहर हजारों कार्यकर्ता इमरान खान के विरोध में जुटे हुए हैं। इमरान खान ने आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट को दबाने की कोशिश की जा रही है। इस साल सितंबर में जस्टिस काजी फैज ईसा को पाकिस्तान का मुख्य न्यायाधीश बनाया जाना है, पाकिस्तान सरकार का कहना है कि उन्हें रोकने के लिए जाल बिछाया जा रहा है।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि न्यायपालिका में बैठे इमरान खान के लोगों ने जस्टिस ईसा को अलग-थलग कर दिया है। कई लोग मान रहे हैं कि PDM सुप्रीम कोर्ट को डराने-धमकाने के लिए उसका घेराव कर रहा है। पाकिस्तान के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश, जो इमरान खान के समर्थक हैं, उनमें और पाकिस्तान की सरकार में ठन गई है। उधर अल-कादिर केस में इमरान खान की बीवी बुशरा ने भी लाहौर हाईकोर्ट का रुख किया है।

सुप्रीम कोर्ट पर मजहबी तत्वों द्वारा हमले की बात भी कही जा रही है। इस्लामाबाद के ‘रेड ज़ोन’ में कई प्रदर्शनकारी घुसे हुए हैं, जिससे आतंकी हमलों की आशंका भी बढ़ गई है। इमरान खान के विरोधी इस बात से नाराज़ हैं कि न्यायपालिका ने उन्हें राहत कैसे दे दी। मौलाना फजलुर रहमान प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे हैं। धरना प्रदर्शन कहाँ किया जाना है, इसे लेकर भी विवाद चल रहा है। फ़िलहाल सुप्रीम कोर्ट को घेर कर कई कार्यकर्ता बैठे है