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बेवफाई, टॉर्चर, गाली… 6 पन्नों में सब कुछ लिखकर गई थीं जिया खान, 10 साल बाद कोर्ट ने सूरज पंचोली को कर दिया बरी: सुसाइड के लिए उकसाने का था आरोप

बॉलीवुड एक्ट्रेस जिया खान सुसाइड केस में आज (28 अप्रैल 2023) 10 साल बाद मुंबई में सीबीआई की विशेष अदालत ने अपना फैसला सुनाया। उन्होंने सूरज पंचोली पर लगे सभी आरोपों से उनको बरी कर दिया। 10 साल पहले उन्हें जिया को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

सीबीआई अदालत के जज एएस सैय्यद ने जिया खान सुसाइड केस में कहा, “सबूतों की कमी के कारण यह अदालत सूरज पंचोली को दोषी नहीं ठहरा सकती है, इसलिए बरी किया जाता है।”

बता दें कि गजनी जैसी फिल्में करने वाली जिया खान ने 3 जून 2013 को अपने फ्लैट पर सुसाइड की थी। उस समय उनकी उम्र केवल 25 साल थी। अपने पीछे उन्होंने 6 पन्नों का नोट छोड़ा था जिससे साफ पता चल रहा था कि उन्होंने सूरज पंचोली का अपने प्रति बुरा रवैया देख आत्महत्या की। उनके लेटर के आधार पर एक्टर को गिरफ्तार किया गया था और अब 10 बाद कोर्ट ने उन्हें लेकर अपना फैसला सुनाया।

अब आइए जानते हैं कि आखिर सूरज पंचोली के नाम लिखे उस 6 पन्नों के लेटर में क्या था?

जिया ने पत्र में लिखा था, “मुझे नहीं पता कि मैं तुमसे यह कैसे कहूँ लेकिन मैं अब यह कह सकती हूँ क्योंकि मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं है। मैं पहले ही सब कुछ खो चुकी हूँ, अगर तुम इसे पढ़ रहे हैं तो हो सकता है कि मैं पहले ही जा चुकी हूँ या जाने वाली हूँ। मैं अंदर से टूट चुकी हूँ।”

जिया ने सूरज को कहा था कि उन्हें अब रौशनी की किरण भी नहीं दिखाई देती। उन्होंने सूरज को टूट कर प्यार किया मगर वो सिर्फ पार्टियों और लड़कियों में ही उलझे रहे। अपने लेटर में एक्ट्रेस ने लिखा था कि वो सूरज को खुश करने के लिए सब करती थीं। उन्हें प्रेगनेंट होने का डर था। बावजूद इसके उन्होंने खुद को सौंप दिया। उन्हें लगा था कि चीजें बेहतर होंगी। मगर इसके बदले उन्हें गालियाँ मिलीं, धमकी मिली, मारपीट की और धोखेबाजी की।

लेटर में ये भी बताया गया था कि कैसे सूरज पंचोली उन्हें रात में धक्के देकर बाहर निकाल देते थे। मुँह पर झूठ बोलते थे। परिवार को बेइज्जत करते थे। बहन से नहीं मिलते थे। जिया ने लिखा था, “तुमने मेरी आत्मा को नोचा। मेरे पास अब जीने की वजह नहीं है। मैं सिर्फ प्यार ही चाहती थी, उसके लिए, मैंने सब कुछ किया।”

इस लेटर में जिया की प्रेगनेंसी, अबॉर्शन का भी जिक्र था। एक्ट्रेस ने लिखा था कि उन्हें सिर्फ और सिर्फ सूरज से दूर होना, उनसे धोखा मिलना ही खला। यही वो वजह हैं जिसकी वजह से वो गहरी नींद में सोना चाहती हैं। उन्होंने लिखा था कि अगर वो जिंदा रहीं तो उन्हें सूरज के लौटने की उम्मीद रहेगी इसलिए वो हमेशा के लिए जा रही हैं।

जंतर-मंतर पर डटे पहलवानों को मिला नीरज चोपड़ा और कपिल देव का साथ, खाप भी समर्थन में: WFH बोला- सब हुड्डा का करामात

भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (WFI President Brijbhushan Sharan Singh) के खिलाफ महिला पहलवानों के प्रदर्शन को अन्य खिलाड़ियों का भी समर्थन मिला है। एथलीट नीरज चोपड़ा और पूर्व दिग्गज क्रिकेटर कपिलदेव भी इन पहलवानों के समर्थन में आए हैं। वहीं, महिला पहलवानों की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इसके साथ ही हरियाणा कुश्ती संघ (WFH) के महासचिव ने इन पहलवानों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई की माँग कर रहे पहलवानों कई राजनीतिक दलों और जाट समुदाय के खापों का भी समर्थन मिला है। वहीं, हरियाणा कुश्ती संघ के महासचिव राकेश कोच ने बृजभूषण शरण का समर्थन किया है। उन्होंने महावीर फोगाट परिवार पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उधर, एथलीट नीरज चोपड़ा ने कहा कि एथलीटों को सड़क पर न्याय की माँग करते हुए देखना दुखद है।

नीरज चोपड़ा ने शुक्रवार (28 अप्रैल 2023) को ट्वीट कर कहा, “खिलाड़ी अपने देश का प्रतिनिधित्व करने और उसे गौरवान्वित करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। एक राष्ट्र के रूप में हम हर व्यक्ति की गरिमा का ख्याल रखने के लिए जिम्मेदार हैं, चाहे वह एथलीट हो या नहीं। जो हुआ वह नहीं होना चाहिए था। यह एक संवेदनशील मुद्दा है।”

नीरज चोपड़ा ने कहा कि इस मुद्दे को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से निपटाया जाना चाहिए और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। नीरज चोपड़ा के इस ट्वीट पर पहलवान बजरंग पुनिया ने उन्हें धन्यवाद दिया।

वहीं, पूर्व क्रिकेटर कपिलदेव ने कहा ने भी पहलवानों को लेकर अपनी राय रखी। कपिलदेव ने अपने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में पहलवानों का समर्थन किया। बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट की प्रेस कॉन्फ्रेंस की एक तस्वीर पोस्ट करते हुए कपिलदेव ने लिखा, “क्या इन्हें कभी इंसाफ मिल पाएगा?”

उधर, हरियाणा कुश्ती संघ के महासचिव राकेश कोच ने महावीर फोगाट परिवार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका परिवार कुश्ती संघ पर कब्जा करना चाहता है। राकेश कोच ने कहा कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस नेता भूपेंद्र हुड्डा अपने बेटे दीपेंद्र हुड्डा को WFI का अध्यक्ष बनवाना चाह रहे हैं। इसलिए वे खिलाड़ियों को भड़का रहे हैं।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों पर निशाना साधते हुए राकेश कोच ने कहा कि ये खिलाड़ी किसी कार्यक्रम में आने के लिए पैसे लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा। कि बजरंग पुनिया सरकारी अधिकारी हैं और रेलवे की अनुमति के बिना वे धरने पर बैठे हैं। राकेश ने कहा कि विनेश फोगाट और साक्षी के साथ कुछ गलत नहीं हुआ।

उधर बृजभूषण शरण सिंह ने इन आरोपों के आगे झुकने के तैयार नहीं हैं। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा, “मित्रों, जिस दिन मैं अपने जीवन की समीक्षा करूँगा कि क्या खोया, क्या पाया और महसूस करूँगा कि मेरे संघर्ष करने की क्षमता अब समाप्त हो गई है, मैं लाचार हूँ, मैं बेचारा हूँ। उस दिन ऐसी जिंदगी जीना मैं पसंद नहीं करूँगा। मैं चाहूँगा कि ऐसी जिंदगी जीने के पहले मृत्यु मेरे करीब आ जाए।”  

बता दें कि केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने गुरुवार (27 अप्रैल 2023) को कहा था, “हमने 12 घंटे तक पहलवानों को सुना। 14 बैठकें कीं और एक समिति बनाई। हम भी निष्पक्ष जाँच चाहते हैं। सभी को एक निरीक्षण समिति के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर दिया गया। किसी भी थाने में प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है।”

उन्होंने आगे बताया था, “समिति का प्रमुख निष्कर्ष निष्पक्ष चुनाव था। तब तक, एक तदर्थ समिति का गठन किया जाना चाहिए और एक आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया जाना चाहिए।” बता दें कि अगले महीने के पहले सप्ताह में WFI के अध्यक्ष पद का चुनाव होना था, लेकिन विवाद के बाद उसे टाल दिया गया है।

गठित ओवरसाइट कमिटी ने खेल मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट दे दी। रिपोर्ट आने के बाद महिला पहलवानों ने उसे सार्वजनिक करने की माँग की थी। तब समिति ने कहा कि खिलाड़ी उस पूरी रिपोर्ट को पढ़ चुके हैं और उस पर अपना हस्ताक्षर भी किए हैं। इसके बाद पहलवान बबीता फोगाट ने आरोप लगाया था कि उन्होंने पूरी रिपोर्ट नहीं पढ़ी।

बबीता फोगाट ने कहा था कि पूर्व खेल प्रशासक राधिका श्रीमन ने उन्हें पूरी रिपोर्ट पढ़ने नहीं दी और उसे छिन लिया था। उधर बजरंग पूनिया ने आरोप लगाया था कि रिपोर्ट पर बबीता फोगाट से जबरन हस्ताक्षर करवाए गए थे। बजरंग पूनिया ने पहलवानों के साथ राजनीति होने का आरोप लगाया।

इस बीच पहलवानों के धरने को लेकर भारतीय ओलंपिक संघ (IOC) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ओलंपिक संघ ने कहा कि धरना देकर पहलवान भारत की छवि को धूमिल कर रहे हैं। IOC ने पहलवानों को एथलीट कमीशन में आने के लिए कहा। IOC की अध्यक्ष पीटी उषा ने तो इसे अनुशासनहीनता बताया था।

इस पर पहलवान साक्षी मलिक ने पीटी उषा पर ही सवाल दाग दिया। साक्षी मलिक ने गुरुवार (27 अप्रैल 2023) को कहा, “मैं पीटी उषा का सम्मान करती हूँ। उन्होंने हमें प्रेरित किया है, लेकिन मैं मैम से पूछना चाहती हूँ कि महिला पहलवानों ने आगे आकर उत्पीड़न का मुद्दा उठाया है। क्या अब हम विरोध भी नहीं कर सकते?

बता दें कि WFI के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाते हुए विनेश फोगाट, संगीता फोगाट, साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया जैसे पहलवान 23 अप्रैल 2023 से जंतर-मंतर पर फिर से बैठे हैं। पहलवानों ने जनवरी में भी धरना दिया था। बाद में सरकार के साथ बातचीत में वे समिति की गठन की सहमति पर धरना खत्म कर दिया था।

अतीक अहमद के कब्जे से छुड़ाई गई जमीन पर गरीबों के लिए PMAY वाला घर: माफिया के बेटे के नाम से लेटर वायरल, हत्या में अखिलेश यादव का भी बताया हाथ

माफिया अतीक अहमद के कब्जे से छुड़ाई गई जमीन पर गरीबों को बसाने की योजना है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रयागराज में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत घर बनवा रही है। इसके जरिए 76 परिवारों को आशियाना मिलने की बात कही जा रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर अतीक के बेटे अली के नाम से एक चिट्ठी वायरल हो रही है। इस चिट्टी में अतीक और अशरफ की हत्या के लिए अखिलेश यादव को भी जिम्मेदार ठहराया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अतीक अहमद ने प्रयागराज के लूकरगंज इलाके की जमीन पर कब्जा किया हुआ था। इस जमीन को माफिया के कब्जे से छुड़ाने के बाद योगी सरकार ने यहाँ गरीबों के लिए घर बनाने का फैसला किया है। इसको लेकर प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) के अधिकारी अजीत कुमार सिंह का कहना है कि 1731 वर्ग मीटर की जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 76 घर बनाए जा रहे हैं। ये घर दो ब्लॉकों में बनाए जा रहे हैं। पहले ब्लॉक में 36 घर, वहीं दूसरे में 40 घर होंगे।

पीडीए अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि अतीक अहमद के कब्जे से छुड़ाई गई इस जमीन पर बन रहे घरों के आवंटन के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके लिए अब तक 6000 से अधिक आवेदन आ चुके हैं। इनमें से 2000 आवेदन वैध पाए गए है। घरों का आवंटन लकी ड्रॉ के माध्यम से होगा। आवेदन के साथ लोगों ने गारंटी मनी जमा की है। इससे पीडीए को 3.16 करोड़ रुपए मिले हैं। जिन लोगों को घर नहीं मिलेगा, उनकी गारंटी मनी लौटा दी जाएगी।

अतीक के बेटे के नाम से चिट्ठी वायरल

उत्तर प्रदेश निकाय चुनावों से पहले एक चिट्ठी सोशल मीडिया में वायरल हुई है। यह चिट्ठी जेल में बंद अतीक अहमद के बेटे अली के नाम से वायरल की जा रही है। हालाँकि यह अली ने ही लिखी है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इसमें अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या तथा असद के एनकाउंटर के पीछे सपा मुखिया अखिलेश यादव का भी हाथ बताया गया है। चिट्ठी में मुस्लिमों को एक होने तथा बीजेपी और सपा को वोट न देने की अपील की गई है।

चिट्ठी में कहा गया है, “मेरे वालिद और मेरे चाचा अशरफ और मेरे भाई असद का एनकाउंटर कर दिया गया। अब हमको भी मारने की कोशिश की जा रही है। आप भाइयों से विनती कर रहा हूँ कि जितना हाथ भाजपा योगी आदित्यनाथ का है, उतना ही समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव का है। मैं आप लोगों से गुजारिश करता हूँ कि आप मुसलमान भाई एक हो जाएँ। आप लोग भाजपा और समाजवादी पार्टी को वोट न दें।” साथ ही कहा गया है कि पुलिस अतीक की बीवी शाइस्ता का एनकाउंटर करने की कोशिश में भी लगी हुई है।

सर्फ से धोए बाल, टॉयलेट के पानी से बनाई कॉफी: महेश भट्ट की हिरोइन ने बताया शारजाह जेल में जो भी भोगा, ट्रॉफी में मिला था ड्रग्स

महेश भट्ट निर्देशित ‘सड़क 2’ और ‘बाटला हाउस’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकी हिरोइन क्रिसन परेरा (Chrisann Pereira) गुरुवार (27 अप्रैल 2023) को शारजाह जेल से रिहा हो गई। इसी साल एक अप्रैल को उसे ड्रग्स तस्करी के आरोप में पकड़ा गया था। जेल में बीते दिनों के बारे बाॅलीवुड हिरोइन ने एक पोस्ट शेयर किया है। इसमें कई हैरान करने वाली बातें बताई है।

इस पोस्ट के मुताबिक परेरा को जेल में कपड़े धोने वाले डिटर्जेंट पाउडर से अपने बाल धोने पड़े। टॉयलेट के पानी से कॉफी बनानी पड़ी। उन्होंने लिखा है, “डियर वॉरियर्स, जेल में कागज और पेन ढूँढ़ने में तीन सप्ताह और 5 दिन लग गए। मैंने यहाँ टॉयलेट के पानी से कॉफी बनाई और टाइड से अपने बाल धोए। इसके अलावा कुछ बॉलीवुड फिल्में भी देखीं। कभी-कभी मेरी आँखों में आँसू आ जाते थे। मैं जानती हूँ कि मेरी महत्वाकांक्षाओं के कारण ही मैं आज इस हालात में पहुँच गई हूँ। टीवी देखते हुए जाने-पहचाने चेहरों, अपनी संस्कृति को देखकर मैं खुश भी हुई। मैं जानती हूँ कि यही मेरी पहचान है और मुझे गर्व है कि मैं इंडियन फिल्म इंडस्ट्री से हूँ।”

क्रिसन परेरा ने आगे लिखा है, “आप एक असली योद्धा हैं। मैं कुछ लोगों द्वारा खेले गए इस गंदे गेम में सिर्फ एक मोहरा हूँ। मैं उन सभी की हमेशा आभारी रहूँगी जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध को बढ़ावा देने वाले असली आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए ट्वीट किया और मेरी कहानी को शेयर किया। हम एक महान शक्तिशाली देश से हैं। मैं अपने घर लौटने को लेकर बेताब हूँ। इस जालसाजी का शिकार हुए मुझ जैसे कई निर्दोष लोगों को बचाने के लिए शुक्रिया। न्याय की हमेशा ही जीत होती है।”

क्या है पूरा मामला…

दरअसल, 1 अप्रैल 2023 को यूएई के शारजाह में क्रिसन परेरा को ड्रग्स तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने क्रिसन के पास से एक ट्रॉफी बरामद की थी। इस ट्रॉफी में ड्रग्स छिपाकर रखी गई थी। क्रिसन की गिरफ्तारी के बाद ही उनके परिवार ने कहा था कि उन्हें फँसाया गया है। इसके बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जाँच करते हुए एंथनी पॉल और राजेश बरोटे नामक दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। एंथनी पॉल ने पुरानी रंजिश के चलते क्रिसन परेरा को फँसाने की साजिश रची थी।

आरोप है कि एंथनी पॉल के दोस्त राजेश बोराटे ने अपना नाम रवि और खुद को टैलेंट कंपनी का मैनेजर बताते हुए क्रिसन परेरा से संपर्क किया था। बोराटे ने क्रिसन परेरा से शारजाह में एक इंटरनेशनल वेब सीरीज के ऑडिशन में भाग लेने के लिए कहा। इसके लिए शारजाह जाने के टिकट और वहाँ रुकने के लिए होटल बुक किए गए। 1 अप्रैल को क्रिसन जब शारजाह के लिए फ्लाइट पकड़ने वालीं थीं, उससे पहले राजेश बोराटे ने स्मृति चिन्ह बताते हुए एक ट्रॉफी दी थी।

इस ट्रॉफी में पहले से ही ड्रग्स छिपाकर रखे गए थे। इसके बाद जब क्रिसन शारजाह पहुँची तो आरोपितों ने उनके पास ड्रग्स होने की सूचना पुलिस को दे दी। इस पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले की जाँच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के दौरान एंथनी पॉल और क्रिसन परेरा की माँ के बीच लड़ाई हुई थी। इसका बदला लेने के लिए एंथनी ने यह साजिश रची।

क्रिसन के जेल जाने के बाद एंथनी पॉल और राजेश बोराटे ने क्रिसन की माँ प्रेमिला से संपर्क कर 80 लाख रुपए की माँग की थी। उनका कहना था कि यह पैसा मिलने पर वे क्रिसन को जेल से छुड़वा देंगे। इसके बाद प्रेमिला ने पुलिस को इसकी सूचना दी। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने जाँच करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। एंथनी पॉल ने केवल क्रिसन परेरा ही नहीं बल्कि चार अन्य लोगों को भी ड्रग्स मामले में फँसाने की कोशिश की थी। इनमें से एक क्लेटन रॉड्रिग्स अब भी शारजाह जेल में बंद है।

रेप कर वीडियो बनाया, जबरन धर्मांतरण कर निकाह, घर से हटवाई भगवान की मूर्तियाँ: उदयपुर में ग्राम विकास अधिकारी पर केस

राजस्थान के उदयपुर में एक ग्राम विकास अधिकारी पर रेप और जबरन धर्म परिवर्तन को लेकर मामला दर्ज किया गया है। आरोपित की पहचान 57 साल के अजमल खान के तौर पर हुई है। 38 साल की पीड़िता को बंधक बनाकर रेप करने, वीडियो बनाने, जबरन धर्मांतरण कर निकाह करने और मारपीट करने का आरोप उस पर है। अजमल खान दो निकाह पहले भी कर चुका है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला उदयपुर के सविना थाना क्षेत्र का है। पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने बताया है कि नशीला पदार्थ पिलाकर अजमल खान ने उसे बंधक बना लिया। इसके बाद दुष्कर्म कर अश्लील वीडियो बनाया। इस वीडियो के सहारे वह ब्लैकमेल कर डराने-धमकाने लगा।

पीड़ित महिला का आरोप है कि अजमल ने उससे कहा था कि यदि वह उसकी बात नहीं मानेगी तो वह उसकी 8 साल की बेटी का अपहरण कर उसे बेच देगा। इससे महिला बेहद डर गई। पीड़िता ने कहा है कि धमकियों और ब्लैकमेल के बीच अजमल ने 17 दिसंबर 2021 को उसका जबरन धर्मांतरण कराया और फिर उससे निकाह कर लिया। धर्मांतरण और निकाह के बाद अजमल ने महिला और उसकी बेटी का नाम बदलवा दिया। उसने पीड़िता के घर से हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियाँ और फोटो हटवा दी।

दुष्कर्म और जबरन धर्मांतरण का शिकार हुई पीड़िता का कहना है कि अजमल खान ने उससे कहा था कि उसकी शादी नहीं हुई। लेकिन बाद में पता चला कि वह पहले से शादीशुदा है। महिला ने आरोप लगाया है कि निकाह के बाद से अजमल खान आए दिन उसके साथ मारपीट करता था। 2 अप्रैल 2023 को पीड़िता को पता चला कि अजमल अपनी पहली पत्नी के पास चला गया है। इस पर वह उसके घर जा पहुँची। वहाँ अजमल ने पीड़िता के साथ बेरहमी से मारपीट की। मारपीट में पीड़िता की आँख और हाथ पर गंभीर चोट आई है।

इसके बाद पीड़ित महिला ने स्थानीय सविना थाने पहुँचकर आरोपित अजमल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। वहीं, अजमल खान ने भी महिला के खिलाफ धमकी देकर पैसे हड़पने का आरोप लगाया। अजमल ने कहा है कि महिला ने उसे कई बार धमकी दी। इस पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि दुष्कर्म और धर्मांतरण को लेकर महिला ने शिकायत दर्ज कराई है। मामले की जाँच की जा रही है। आरोपित अजमल खान ग्राम कोटड़ा में मेवाड़ों का मठ ग्राम पंचायत में ग्राम विकास अधिकारी है।

अतीक अहमद के ऑफिस में मिला जो खून, वह शाहरुख का: रेस्टोरेंट की रसीद से उठा सवाल- क्या माफिया ब्रदर्स की हत्या से पहले मिले थे गुड्डू मुस्लिम और शूटर

मारे गए गैंगस्टर अतीक अहमद के प्रयागराज स्थित कार्यालय में जाँच के दौरान मानवीय खून के धब्बे मिले थे। पुलिस ने इसको लेकर बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने एक शाहरूख नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है। वह अतीक के ऑफिस में लोहा चोरी करने के इरादे से घुसा था। यह खून उसी का है।

इससे पहले पुलिस को आशंका थी कि इस दफ्तर में किसी व्यक्ति का खून किया गया है। हालाँकि, शाहरूख की गिरफ्तारी के बाद स्थिति साफ हो गई है। उसने पुलिस को बताया कि जब वह चोरी के इरादे से अतीक के दफ्तर में घुसा तो उसे चोट लग गई और उसका खून फर्श पर गिर गया।

डीएसपी दीपक भूकर ने बताया कि वह अपने एक साथी के संग उस घर में घुसा था। उसका साथी बाहर खड़ा हो कर चौकीदारी कर रहा था। जब उसे चोट लगी और खून बहने लगा तो वहाँ उसे जो भी कपड़ा मिला, उसी से वह खून को साफ करने लगा। यही कारण है कि वहाँ खून बिखर गया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, डीएसपी ने बताया कि खून को साफ करने के लिए शाहरूख ने बाहर जाकर एक दुकान से पानी की बोतल भी खरीदने की कोशिश की थी, लेकिन उसके पास पैसे नहीं थे। पुलिस ने बताया कि वह नशेड़ी है। वहीं, उसके दूसरे साथी की तलाश की जा रही है।

इसके साथ ही अतीक की हत्या करने वाले शूटर लवलेश तिवारी को लेकर भी खुलासा हुआ है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, गुड्डू मुस्लिम और एनकाउंटर में मारा गया असद अहमद प्रतापगढ़ में छिपने के दौरान लवलेश तिवारी से मिले थे। वहाँ तीनों ने एक रेस्टोरेंट में खाना भी खाया था।

कहा जा रहा है कि STF को लवलेश के ठिकाने से पट्टी क्षेत्र के उस रेस्टोरेंट का बिल भी मिला है। उस पर पूरा पता, बिल का समय भी दर्ज था। इसके बाद पुलिस ने रेस्टोरेंट के सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। इस खुलासे के बाद STF सक्रिय हो गई है।

STF को उम्मीद है कि यह बिल और रेस्टोरेंट का सीसीटीवी फुटेज अतीक की हत्या की गुत्थी सुलझाने में मदद करेगा। बताते चलें कि जिस वक्त अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या की गई थी, उस वक्त अशरफ मीडिया वालों से कुछ कहना चाह रहा था। उसने गुड्डू मुस्लिम का जैसे ही नाम लिया, उसी दौरान लवलेश तिवारी और उसके साथियों ने दोनों पर गोलियाँ बरसाकर दोनों को मौत के घाट उतार दिया था।  

ईद पर सड़क जाम करके पढ़ी नमाज, 1700 पर FIR: कानपुर के 3 थानों में केस दर्ज, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भड़का

उत्तर प्रदेश के कानपुर में ईद के दिन रोड ब्लॉक करके नमाज पढ़ने के मामले में 1700 लोगों के ऊपर एफआईआर हुई है। ये प्राथमिकी तीन अलग-अलग पुलिस थाने- जाजमऊ, बाबूपुरवा और बजरिया में दर्ज हुई है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, बजरिया थाने में 1500 नमाजियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है जबकि जाजमऊ में 200 से 300 और बाबूपुरवा में 40 से 50 लोगों के खिलाफ एफआईआर हुई है।

पुलिस का कहना है कि नमाज पढ़ने को लेकर पहले ही पीस कमेटी ने फैसला किया था कि ईद के दिन इसे केवल ईदगाह और मस्जिद के भीतर ही पढ़ा जाएगा। अगर ज्यादा भीड़ के कारण कोई नमाजी रह जाएगा तो उसे दोबारा नमाज पढ़वाने का इंतजाम पुलिस करेगी।

अब इस पीस बैठक में लिए फैसले और इलाकों में लागू धारा 144 के बावजूद ईद के दिन ईदगाह के सामने अचानक हजारों की भीड़ इकट्ठा हुई और पुलिस के रोकने के बावजूद इन लोगों ने सड़क पर बैठ नमाज पढ़नी शुरू कर दी।

पुलिस ने इस तरह मनमानी करने वालों के खिलाफ व ईदगाह के सदस्यों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में केस दर्ज करके अपनी जाँच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज मँगाकर उन लोगों की पहचान हो रही है जिन्होंने फैसले की नाफरमानी की। सामने आई वीडियोज में दिख रहा है कि बेनाझाबर ईदगाह में उस दिन पैर रखने तक की जगह नहीं थी।

बता दें कि बाबूपुरवा पुलिस ने नमाजियों के खिलाफ धारा 186, 188, 283, 341,और 353 के तहत एफआईआर की हैं। इन प्राथमिकियों के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है।

बोर्ड के सदस्य डॉ सुलेमान ने कहा कि पुलिस एक समुदाय को निशाना बना रही है। ऐसा लग रहा है कि ये देश एक धर्म का हो गया है। उस दिन नमाज ईदगाह और मस्जिदों में ही पढ़ी गई। केवल बाबूपुरवा में कम जगह होने के चलते लोग 10 मिनट बाहर आए। ऐसे में पुलिस ने उनपर एफआईआर कर दिया। डॉ सुलेमान ने इन एफआईआर से नाराज होकर कहा कि योगी सरकार ने संविधान की धज्जियाँ उड़ा दी हैं।

12 घंटे, कमिटी, 14 मीटिंगः अनुराग ठाकुर ने बताया पहलवानों को कितना सुना, पीटी उषा का ‘अनुशासन पाठ’ भी बजरंग पुनिया-साक्षी मलिक को नहीं सुहाया

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष और भाजपा बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ हरियाणा के पहलवान एक बार फिर जंतर-मंतर पर बैठे हैं। इसके पहले वे जनवरी में भी इसी तरह धरने पर बैठे थे। तब एक समिति गठित की गई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। रिपोर्ट पढ़ने के बाद पहलवान इसे अपने मनमाफिक ना पाकर फिर से धरने पर बैठ गए हैं।

इस मामले में केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर का बयान भी आया है। उन्होंने गुरुवार (27 अप्रैल 2023) को कहा, “हमने 12 घंटे तक पहलवानों को सुना। 14 बैठकें कीं और एक समिति बनाई। हम भी निष्पक्ष जाँच चाहते हैं। सभी को एक निरीक्षण समिति के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर दिया गया। किसी भी थाने में प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है।”

उन्होंने आगे कहा, “समिति का प्रमुख निष्कर्ष निष्पक्ष चुनाव था। तब तक, एक तदर्थ समिति का गठन किया जाना चाहिए और एक आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया जाना चाहिए।” बता दें कि अगले महीने के पहले सप्ताह में WFI के अध्यक्ष पद का चुनाव होना था, लेकिन विवाद के बाद उसे टाल दिया गया है।

तीन महीने पहले पहलवानों ने फेडरेशन के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न तथा WFI के कुप्रबंधन का आरोप लगाकर जंतर-मंतर पर धरना दिया था। तब अनुराग ठाकुर ने इन पहलवानों की समस्याओं को सुनते हुए कई बैठकें की थीं। उन बैठकों के बाद ही मैरीकॉम की निगरानी में एक समिति बनाई गई थी।

गठित ओवरसाइट कमिटी ने खेल मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट दे दी। रिपोर्ट आने के बाद महिला पहलवानों ने उसे सार्वजनिक करने की माँग की थी। तब समिति ने कहा कि खिलाड़ी उस पूरी रिपोर्ट को पढ़ चुके हैं और उस पर अपना हस्ताक्षर भी किए हैं। इसके बाद पहलवान बबीता फोगाट ने आरोप लगाया था कि उन्होंने पूरी रिपोर्ट नहीं पढ़ी।

बबीता फोगाट ने कहा था कि पूर्व खेल प्रशासक राधिका श्रीमन ने उन्हें पूरी रिपोर्ट पढ़ने नहीं दी और उसे छिन लिया था। उधर बजरंग पूनिया ने आरोप लगाया था कि रिपोर्ट पर बबीता फोगाट से जबरन हस्ताक्षर करवाए गए थे। बजरंग पूनिया ने पहलवानों के साथ राजनीति होने का आरोप लगाया।

इस बीच पहलवानों के धरने को लेकर भारतीय ओलंपिक संघ (IOC) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ओलंपिक संघ ने कहा कि धरना देकर पहलवान भारत की छवि को धूमिल कर रहे हैं। IOC ने पहलवानों को एथलीट कमीशन में आने के लिए कहा। IOC की अध्यक्ष पीटी उषा ने तो इसे अनुशासनहीनता कहा।

इस पर पहलवान साक्षी मलिक ने पीटी उषा पर ही सवाल दाग दिया। साक्षी मलिक ने गुरुवार (27 अप्रैल 2023) को कहा, “मैं पीटी उषा का सम्मान करती हूँ। उन्होंने हमें प्रेरित किया है, लेकिन मैं मैम से पूछना चाहती हूँ कि महिला पहलवानों ने आगे आकर उत्पीड़न का मुद्दा उठाया है। क्या अब हम विरोध भी नहीं कर सकते?

महिला पहलवानों का आरोप है कि कोई भी पुलिस स्टेशन बृजभूषण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज नहीं कर रहा है। थाने के पुलिसकर्मी पहले इसकी जाँच करने की बात कह रहे हैं, फिर FIR की। इसके बाद महिला पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करने की सहमति दी है।

इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 7 महिला पहलवानों द्वारा WFI अध्यक्ष पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों पर FIR दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जाँच की जरूरत है। सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी सर्वोच्च अदालत में यही बात दोहराई।

हालाँकि, तुषार मेहता ने CJI डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ के समक्ष यह भी कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट को लगता है कि सीधे FIR दर्ज की जानी है तो ऐसा किया जा सकता है। इसी बीच राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा रेखा शर्मा ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है।

पत्र में NCW प्रमुख रेखा शर्मा ने कहा, “हम मीडिया से बात नहीं कर रहे हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि हम इसके बारे में कुछ नहीं कर रहे हैं। हमने दिल्ली पुलिस के आयुक्त को पत्र लिखकर कार्रवाई की रिपोर्ट माँगी है। हमने उनसे यह भी पूछा है कि उन्होंने प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की।”

बता दें कि WFI के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाते हुए विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक जैसे पहलवान 23 अप्रैल 2023 से जंतर-मंतर पर फिर से बैठे हैं। पहलवानों ने जनवरी में भी धरना दिया था। बाद में सरकार के साथ बातचीत में वे समिति की गठन की सहमति पर धरना खत्म कर दिया था।

कभी बीवी, कभी अम्मी, कभी भाभी… हलाला की ‘हॉरर स्टोरी’ फिर वायरल, सन्न कर देगी बुर्के वाली महिला की पीड़ा

सोशल मीडिया पर बरेली की तीन तलाक पीड़िता की एक पुरानी वीडियो वायरल होना शुरू हुई है। इस वीडियो में पीड़िता बता रही है कि कैसे उसके शौहर ने पहले तीन तलाक देकर अपने अब्बा से उसका हलाला कराया और फिर दोबारा तलाक देकर अपने भाई से निकाह करके हलाला करने को कहने लगा।

इस वीडियो को हाल में इस्कॉन के प्रवक्ता राधारमण दास ने शेयर किया है। महिला का दर्द सुन आप हैरान रह जाएँगे। वीडियो में वह बता रही है निकाह के कई साल बाद तक औलाद न होने की वजह से उसके शौहर ने उसके जीवन का मजाक बना दिया।

वह कहती है, “पहले मैं अपने शौहर के साथ निकाह होकर गई। उसने मुझे तलाक दिया। फिर मेरे ससुर ने मुझसे निकाह किया तो इस हिसाब से मैं अपने शौहर की अम्मी बन गई। फिर से मेरे शौहर ने मुझे छोड़ा। फिर उन्होंने भाई से रिश्ता बनाने को कहा कि मतलब मैं उनकी भाभी बन जाऊँ। इस तरह से मेरे साथ मजाक हो रहा है कि कब मैं उसकी अम्मी बन जाऊँ, भाभी बन जाऊँ, बीवी बन जाऊँ।”

बता दें कि बरेली में मुस्लिम महिला के साथ हुई ज्यादती का यह मामला 2018 का है। मीडिया में इसकी खूब चर्चा हुई थी। 2009 में निकाह के बाद औलाद न होने के कारण पीड़िता को 2017 में तीन तलाक दिया गया था। इसके बाद इंजेक्शन देकर उसका ससुर से हलाला कराया गया। जब पीड़िता की बहन को खबर हुई तो उसने इस बाबत शिकायत दी। शिकायत में बताया गया कि कैसे कई दिन ससुर ने पीड़िता का बलात्कार किया। 

पीड़िता के ऊपर अत्याचार यहीं नहीं रुके। उसका शौहर से दोबारा निकाह हुआ और बदले में दोबारा तलाक ही नसीब हुआ। इस बार शौहर चाहता था कि उसकी बीवी उसके भाई से हलाला करे जिसके लिए महिला नहीं मानी। 2018 की एक वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे महिला ने ट्रिपल तलाक का विरोध करते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया था।

बरेली की पीड़िता ने मजहबी ठेकेदारों को करार जवाब देते हुए कहा था कि इन लोगों ने तमाशा बना रखा है। पहले बीवी को तलाक देते हैं, फिर निकाह कराते हैं, फिर हलाला कराने को मजबूर करते हैं। उसने कहा था, ये लोग बंद कमरे में तय कर लेते हैं कि किससे हलाला करवाना है, चाहे वो बाप के समान हो या कोई भाई जैसा। ये लोग बातों बाहर जाने ही नहीं देते। उन्होंने पूछा था कि शरीयत का हवाला देकर तीन तलाक को जायज बताने वाले बताएँ कि क्या बुआ-भतीजे, भाई-बहन का रिश्ता जायज होता है।

विद्या मंदिर में पढ़ाई, RSS की सायंकालीन शाखा के कार्यवाह: UP के 12वीं बोर्ड के टाॅपर शुभ से मिलिए, IAS बनना है सपना

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज की 12वीं की परीक्षा में इस बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े चरखारी के सरस्‍वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज ने बाजी मारी है। सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र शुभ चपरा ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। शुभ सायंकालीन शाखा के कार्यवाह भी हैं।

शुभ चापरा बुंदेलखंड इलाके के महोबा के चरखारी के रहने वाले हैं। उन्होंने यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में 97.8 प्रतिशत अंक लाकर उत्तर प्रदेश में टॉप किया और महोबा के साथ-साथ विद्या मंदिर का नाम भी रोशन किया। शुभ ने कुल 500 अंकों में से 489 अंक हासिल किया है।

शुभ ने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, दोस्तों और शिक्षकों को दिया है। शुभ का कहना है कि उन्होंने पूरे साल गंभीरता से पढ़ाई की और विषय को समझने का प्रयास किया। आखिरी समय में 7-8 घंटे प्रतिदिन की कड़ी मेहनत की। शुभ के अनुसार, मॉडल पेपर, मॉक टेस्ट और यूट्यूब ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

प्रदेश टॉपर शुभ ने कहा कि उन्होंने अपनी पढ़ाई में 100 प्रतिशत देने का प्रयास किया। शुभ ने बताया कि गणित उनका पसंदीदा विषय है और वे विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई करना चाहते हैं। इसके बाद वे सिविल सर्विसेज की परीक्षा देकर IAS बनाना चाहते हैं।

फिल्मों को लेकर उन्होंने कहा कि इसके लिए वे अथक प्रयास करेंगे। उनका कहना है कि थियेटर में उन्होंने आजतक एक भी फिल्म देखी है और वह है सलमान खान की बजरंगी भाईजान। उन्होंने कहा कि फेसबुक-ट्विटर जैसे सोशल मीडिया साइटों पर वे बहुत कम सक्रिय रहते हैं।

शुभ के पिता सुरेंद्र चपरा पेंट का कारोबार करते हैं, जबकि माँ सुधा चपरा भाजपा महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष हैं। शुभ के दो भाई शिक्षक हैं। उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से प्रभावित हैं। वे यूपी और देश के मामलों पर भी अपनी निगाह रखते हैं।

विद्या मंदिर ने भी शुभ की सफलता पर खुशी जाहिर की है। बता दें कि इस साल 12वीं की परीक्षा में उत्तर प्रदेश में 75.52 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए हैं। इस बार की परीक्षा में 83 प्रतिशत लड़कियाँ और 69 प्रतिशत लड़कों ने बाजी मारी है।