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‘मुझे छोड़ो, मुझे छोड़ो’ चिल्लाती रही मुस्लिम लड़की, हिजाब खींचते रहे इस्लामी कट्टरपंथी: हिंदुओं के साथ घूमने पर किया परेशान, महाराष्ट्र में 3 गिरफ्तार

महाराष्ट्र (Maharashtra) के छत्रपति संभाजी नगर (पहले औरंगाबाद) में हिजाब पहने लड़की को बीच सड़क पर परेशान करने के आरोप में पुलिस ने तीन कट्टरपंथी लोगों को पकड़ा है। इन कट्टरपंथियों ने काफी दूर तक मुस्लिम लड़की का पीछा किया, फिर उसका मोबाइल छीनने की कोशिश भी की और उसे गालियाँ भी दीं। उन्होंने उसके साथ ऐसा इसलिए किया, क्योंकि वह एक हिंदू लड़के के साथ बीबी का मकबरा देखने के लिए गई थी। यह घटना सोमवार (24 अप्रैल 2023) को बेगमपुरा इलाके की है। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो खूब वायरल हो रहा। पुलिस ने केस दर्ज मामले की जाँच शुरू कर दी है।

वायरल वीडियो में ये कट्टरपंथी कॉलेज की छात्रा को रोकने की कोशिश करते हैं। वे उसका हाथ पकड़ते हैं। उसका बैग छीनने कोशिश करते हैं और हिजाब खींचते हैं। लड़की सड़क पर ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाती है और बार-बार ‘मुझे छोड़ो, मुझे छोड़ो’ कहती है। लेकिन वे उसे छोड़ने की बजाए उसका फोन छीनने लगते हैं। वे उससे पूछते हैं, “वो लड़का कौन है। तुम किसी और धर्म के लड़के के साथ क्यों हो?”

इसके बाद वे उसे परेशान करने लगते हैं। उनमें से एक ने लड़की का हाथ पकड़ लेता है, तब वह उनसे बचने के लिए भागने लगती है। वह चिल्लाते हुए उनसे अपना हाथ छोड़ने को कहती है। इस दौरान सड़क पर आस-पास बहुत सारे लोग मौजूद होते हैं, लेकिन कोई भी लड़की की मदद के लिए आगे नहीं आता।

इसी घटना के दौरान आसपास के कुछ लोगों ने लड़की के साथ हुई बदसलूकी का वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। सूचना पाकर बेगमपुरा पुलिस मौके पर पहुँची और इस मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस उपायुक्त दीपक गिर्हे ने बताया, तीनों पर महिला का अपमान करने, उसका पीछा करने, चोरी का प्रयास करने, उसे चोट पहुँचाने और धमकी देने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से महिला की पहचान की और उससे शिकायत दर्ज करने को कहा। लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेकर मामला दर्ज किया।

बता दें कि पीड़ित लड़की अहमदनगर के एक कस्बे की रहने वाली है, जो संभाजी नगर में रहकर कॉम्पिटशन की तैयारी कर रही है। लड़की के साथ छेड़छाड़ की शिकायत मिलने के तुरंत बाद पुलिस टीम मौके पर पहुँची। लड़की को एक परिवार ने बचाया था और अपने घर ले गए थे। फिर पुलिस उसे स्टेशन लेकर आई। इंस्पेक्टर शिवाजी तवारे ने बताया कि लड़की से कुछ पूछताछ करने के बाद उसे उसके घर छोड़ दिया गया।

अपनी हत्या के लिए IAS कृष्णैया खुद जिम्मेदार: RJD नेता शिवानंद तिवारी, आनंद मोहन की रिहाई पर विधवा ने राष्ट्रपति-PM से लगाई गुहार

आनंद मोहन 27 अप्रैल 2023 की सुबह सहरसा जेल से रिहा कर दिए गए। लेकिन उनकी रिहाई के लिए नियमों में बदलाव को लेकर उपजा विवाद खत्म होता नहीं दिख रहा है। एक ओर आईएएस अधिकारी जी कृष्णैया की विधवा उमा देवी ने इस मामले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप से गुहार लगाई है। वहीं दूसरी ओर राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कृष्णैया को ही अपनी हत्या के लिए जिम्मेदार ठहरा दिया है।

नेटवर्क 18 से बातचीत करते हुए शिवांनद तिवारी ने कहा है कि जिस दिन जी कृष्णैया की हत्या हुई, उस दिन मुजफ्फरपुर का माहौल खराब था। ऐसे में जी कृष्णैया को मुजफ्फरपुर के रास्ते गोपालगंज नहीं जाना चाहिए था। उन्हें किसी और रास्ते से जाना चाहिए था। पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए RJD नेता ने कहा कि छोटन शुक्ला की हत्या कर दी गई थी। लोग उसकी लाश को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। ऐसे में कृष्णैया को किसने मुजफ्फरपुर के रास्ते जाने की सलाह दी? कृष्णैया ने मुजफ्फरपुर का रास्ता चुना इसलिए उनकी हत्या हुई।

तिवारी ने यह भी कहा है कि आनंद मोहन को किसी ने हत्या करते नहीं देखा। पहले डीएम के गार्ड ने बंदूक निकाली थी। उसके बाद भीड़ भड़क गई। उल्लेखनीय है कि दिसंबर 1994 में जब कृष्णैया की हत्या हुई तब वे गोपालगंज के डीएम हुआ करते थे। वे मुजफ्फरपुर के रास्ते पटना से गोपालगंज जा रहे थे। इसी दौरान छोटन शुक्ला की हत्या से आक्रोशित भीड़ ने उनकी हत्या कर दी थी। इस भीड़ की अगुआई कर रहे लोगों में आनंद मोहन भी थे। उन्हें इस मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। लेकिन 10 अप्रैल 2023 को बिहार सरकार ने जेल नियमावली में बदलाव किया, जिससे उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया था।

वहीं जी कृष्णैया की पत्नी उमा देवी और उनकी बेटी ने राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है। उमा देवी ने कहा कि आनंद मोहन की रिहाई का आम जनता भी विरोध कर रही है। राजनीतिक लाभ के कारण उसकी रिहाई की गई है। मैं सीएम नीतीश कुमार से आग्रह करती हूँ कि वे उसे वापस जेल भेज दें।

इस बीच आनंद मोहन के बेटे और RJD विधायक चेतन आनंद ने जी कृष्णैया के परिजनों से मिलने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि शादी के बाद वे कृष्णैया के घर वालों से मिलेंगे। यदि वे अनुमति दें तो वे पहले भी मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम कृष्णैया हम परिवार की पीड़ा समझते हैं। हम उनसे मिलकर यह बताना चाहते हैं कि उनकी हत्या में आनंद मोहन का हाथ नहीं था।

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष खरगे ने PM मोदी को बताया ‘जहरीला साँप’, कहा- आप इसे चाटेंगे तो मर जाएँगे: कर्नाटक चुनाव में ‘मौत का सौदागर’ वाला मोड़

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Congress President Mallikarjun Kharge) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) खिलाफ आपत्तिजनक बात कही हैं। खड़गे ने पीएम को विषधर साँप बोला है। कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कहा कि ‘आप इसे चाटेंगे तो मर जाएँगे।’ हालाँकि, भाजपा की आपत्ति के बाद उन्होंने इस पर सफाई भी दी।

कर्नाटक के कलबुर्गी में एक सभा को संबोधित करते हुए खड़गे ने कहा, “पीएम मोदी ‘जहरीले साँप’ की तरह हैं। आप सोच सकते हैं कि यह जहर है या नहीं। यदि आप इसे चाटते हैं, तो आप मर मर जाएँगे।”

प्रधानमंत्री पर इस तरह के आपत्तिजनक बयान के बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कॉन्ग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस जी को पार्टी प्रेसिडेंट तो बना ही दिया है, लेकिन पार्टी के अंदर कोई मान नहीं रहा है। पोस्टर-बैनर अभी भी गाँधी परिवार के ही लगते हैं।”

अनुराग सिंह ठाकुर ने आगे कहा, “खड़गे जी सोचा कि ऐसा कौन स्टेेटमेंट मैं मोदी जी को अपमानित करने वाला दूँ, जो सोनिया जी भी भद्दा हो। कभी कोई कहता है मौत का सौदागर, कभी कोई कहता है नीच, कभी कोई कहता है कि बिच्छू तो कभी कोई कहता है मोदी तेरी कब्र खुदेगी।” बता दें कि पीएम मोदी के लिए सोनिया गाँधी ने मौत का सौदागर शब्द का इस्तेमाल किया था।

उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस के नेता ऐसी ही भाषा का इस्तेमाल करे हैं। उन्होंने खड़गे के बयान को लेकर कॉन्ग्रेस से माफी की माँग की। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी को हटाने के लिए उनके नेता विदेशी ताकतों से मदद माँगते हैं और भारत के खिलाफ षडयंत्र रचते हैं।

सोशल मीडिया पर भी मल्लिकार्जुन खड़गे और कॉन्ग्रेस पार्टी की आलोचना हो रही है। इसके बाद उन्होंने सफाई दी है। अपनी सफाई में खड़गे ने कहा कि यह पीएम मोदी के लिए नहीं, बल्कि भाजपा की सांप वाली विचारधारा के लिए था।

उन्होंने कहा, “यह पीएम मोदी के लिए नहीं, भाजपा की विचारधारा के लिए था। मैंने पीएम मोदी के लिए व्यक्तिगत रूप से यह कभी नहीं कहा। मैंने जो कहा था कि उनकी विचारधारा साँप की तरह है और यदि आप इसे छूने की कोशिश करते हैं, तो आपकी मृत्यु निश्चित है।”

2 महीने नासिर अहमद के घर में रहे आतंकी, फिर इफ्तारी लेकर लौट रहे सेना के वाहन पर किया हमला: आतंकियों को पनाह और खाना देने की बात कबूली

20 अप्रैल 2023 को जम्मू-कश्मीर के पुँछ में हुए आतंकी हमले में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। उस व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया है जिसने अपने घर में आतंकियों को पनाह दी थी। दरअसल आतंकी हमले के बाद आसपास के इलाके से 60 लोगों को पूछताछ के लिए उठाया गया था। इन्हीं में से एक नासिर अहमद ने आतंकियों को 2 महीने तक अपने घर में रखने की बात कबूली है।

नासिर पुँछ के मेंढर का रहने वाला है। पूछताछ में पता चला है कि करीब 2 महीने पहले चार आतंकी उसके गाँव पहुँचे थे। इनको नासिर ने अपने घर में पनाह दी। उनके लिए खाने-पीने, रसद और अन्य जरूरी सामान की व्यवस्था की।

पूछताछ में सुरक्षाबलों को नासिर के ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) होने का पता चला है। OGW वैसे लोग होते हैं जो जम्मू-कश्मीर में आम जिंदगी जी रहे होते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर आतंकियों की मदद करते हैं। मदद के बाद वे अपनी आम जिंदगी में लौट जाते हैं, जिससे किसी को उन पर शक नहीं होता। रिपोर्टों की मानें तो नासिर एलओसी पार बैठे पाकिस्तानी आतंकियों के भी संपर्क में रहा है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार हमले से पहले आतंकी भाटा धुरियाँ में एक पुलिया के नीचे छिपे हुए थे। हमले के लिए उन्होंने स्टील की गोलियों का इस्तेमाल किया था ताकि बख्तरबंद ढाल को भेद सके। जानकारी के मुताबिक आतंकियों ने हमले के बाद जवानों के हथियार भी लूटे थे। बता दें हमले के बाद से ही इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अब तक एक भी आतंकी दबोचा नहीं जा सका है।

इस बीच राष्ट्रीय रायफल्स (RR) के उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने राजौरी और पुँछ सेक्टर का दौरा किया। उन्होंने आतंकियों की धर-पकड़ के लिए सुरक्षाबलों द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन का जायजा लिया। उन्होंने दूरदराज के इलाकों में तैनात जवानों से मुलाकात भी की।

बता दें कि 20 अप्रैल की दोपहर को सेना का वाहन जब इफ्तार का सामान लेकर लौट रहा था, उसी समय खराब मौसम का फायदा उठाकर आतंकियों ने वाहन को निशाना बनाया। पहले गोलियाँ चलाईं और फिर ग्रेनेड से हमला किया। इसके बाद वाहन में आग लग गई। हमले में आरआर के पाँच जवान हवलदार मनदीप सिंह, हरकिशन सिंह, लांसनायक कुलवंत सिंह, सिपाही सेवक सिंह और लांसनायक देबाशीष बिस्वाल बलिदान हो गए थे। हमले की जिम्मेदारी पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट (PAFF) ने ली थी, जो पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हुआ है।

6 साल की बच्ची का रोज प्राइवेट पार्ट छूता था मोहम्मद अजहर, बच्चों को स्कूल लाने ले जाने का था कामः एक साल से कर रहा था यौन शोषण

दिल्ली में छह साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न के आरोप में बुधवार (26 अप्रैल 2023) को एक कैब ड्राइवर को गिरफ्तार किया गया। आरोपित की पहचान जैतपुर के रहने वाले मोहम्मद अजहर (Mohd Azhar) के रूप में हुई है। 30 वर्षीय अजहर अपनी कैब से बच्ची को स्कूल लेकर जाता था। बच्ची की माँ की शिकायत के आधार पर शाहीन बाग पुलिस थाने में आरोपित के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता की माँ ने अपनी शिकायत में बताया कि उसने कैब ड्राइवर को अपनी बेटी को डिफेंस कॉलोनी इलाके में उसके स्कूल ले जाने के लिए लगाया था। अजहर पिछले एक साल से उनकी मासूम बच्ची के साथ घिनौनी हरकत को अंजाम दे रहा था। वह उसे स्कूल ले जाते समय उसके प्राइवेट पार्ट को गलत तरीके से छूता था।

माँ को इस बात के बारे में तब पता चला जब बच्ची ने अपने प्राइवेट पार्ट में दर्द की शिकायत की और वैन में चढ़ने से इनकार कर दिया। इसके बाद बच्ची के माता-पिता को कुछ गड़बड़ होने का अंदेशा हुआ। तब माँ के पूछने पर बच्ची ने उन्हें बताया कि कैब ड्राइवर पिछले एक साल से उसे स्कूल ले जाते समय गलत तरीके से उसके प्राइवेट पार्ट को छूता है।

साउथ दिल्ली के डीसीपी राजेश देव ने कहा, “बच्ची की माँ की शिकायत के आधार पर हमने शाहीन बाग पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) और यौन अपराधों के खिलाफ बच्चों के संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर आरोपित ड्राइवर मोहम्मद अजहर को गिरफ्तार कर लिया है।”

वहीं, पुलिस जाँच में सामने आया है कि वह हर रोज 20 से 25 बच्चों को स्कूल लाता और ले जाता था। इसमें ज्यादातर बच्चे पहली और दूसरी कक्षा के थे। मोहम्मद अजहर का 2 मई 2023 को निकाह होने वाला था।

नवाजुद्दीन सिद्दीकी के ‘स्प्राइट AD’ से बंगालियों की भावनाएँ आहत, दर्ज हुआ केस: कंपनी ने माफी माँग विज्ञापन हटाया

बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) एक सॉफ्ट ड्रिंक का विज्ञापन कर मुश्किलों में फँस गए हैं। उन पर बंगाली समुदाय की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगा है। बंगाली समुदाय ने कोका-कोला इंडिया के सीईओ और अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ कोलकाता पुलिस में स्प्राइट के विज्ञापन में उनकी भावनाओं को आहत करने के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। शिकायत में कहा गया है कि यह विज्ञापन अपमानजनक है। बंगाली समुदाय का ‘मजाक’ बनाकर उनकी भावनाओं को आहत किया गया है।

दरअसल, अभिनेता ने एक स्प्राइट ऐड में एक्टिंग की है। इसे मूल रूप से हिंदी में शूट किया गया है। विज्ञापन के हिंदी वर्जन पर कोई आपत्ति नहीं जताई गई है, लेकिन कोलकाता के एक वकील ने इसके बंगाली वर्जन की एक लाइन पर आपत्ति जताई है। यह विज्ञापन कोल्ड ड्रिंक ब्रांड के नए अभियान का हिस्सा है। जो कोल्ड ड्रिंक की बोतल की नई खासियत के बारे में बताता है। इसमें कंज्यूमर को क्यूआर कोड को स्कैन करने और फिर चुटकुले सुनने के बारे में बताया जा रहा है।

लाइव मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता के वकील दिबयान बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में तर्क दिया, “कोका-कोला द्वारा अपने उत्पाद स्प्राइट के लिए मेन विज्ञापन हिंदी में था। हमें इससे कोई समस्या नहीं है। हमें केवल विज्ञापन की बंगाली डबिंग से समस्या है, जो विभिन्न टीवी चैनलों और वेबसाइटों पर चल रहा है। अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी एक चुटकुले पर हँस रहे हैं, जिसमें कहा गया है, ‘शोजा अंगुले घी न उठले, बंगाली खली पेटे घूमिए पोरे’। अंग्रेजी में इसका मतलब होता है कि बंगालियों को अगर आसानी से कुछ नहीं मिलता है, तो वे भूखे ही सो जाते हैं। शिकायतककर्ता ने कहा, “हमें लगता है कि इससे बंगाली समुदाय की भावनाएँ आहत होती हैं।”

बनर्जी ने आगे कहा, “हिंदी वाले विज्ञापन में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। लेकिन बंगाली वर्जन आईटी अधिनियम की धारा 66ए और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153ए के दायरे में आता है। हम चाहते हैं कि भविष्य में इस प्रकार की ओछी हरकत और नौटंकी को बढ़ावा न दिया जाए।”

कंपनी ने शिकायत के बाद नवाज़ुद्दीन वाले विज्ञापन के बंगाली वर्जन को टीवी और अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। स्प्राइट इंडिया ने बंगाली में लिखे एक नोट में कहा कि वह कोल्ड ड्रिंक के लिए हालिया विज्ञापन अभियान पर खेद जताती है और बंगाली भाषा का सम्मान करती है।

भारत से लड़ने के लिए पाकिस्तानी सेना के पास न टैंक, न डीजल: पूर्व आर्मी चीफ बाजवा ने पत्रकारों से कहा था, हामिद मीर ने किया खुलासा

पाकिस्तान ने मान लिया है कि वो भारत से युद्ध करने की स्थिति में नहीं है। पाकिस्तान के दो पत्रकारों दावा किया है कि देश के पूर्व सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा (Qamar Javed Bajwa) ने एक बार कहा था कि उनके देश की सेना के पास ऐसा टैंक नहीं है, जो भारत के खिलाफ लड़ाई में इस्तेमाल किया जा सके। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।

पाकिस्तान दो प्रमुख पत्रकार- हामिद मीर और नसीम ज़हरा ने अपने एक टेलीविजन शो के दौरान पुरानी प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर खुलासा किया। उस दौरान तत्कालीन सेना प्रमुख बाजवा ने कम-से-कम 25 पत्रकारों से कहा था कि पाकिस्तानी सेना और युद्धक टैंक भारतीय सेना के खिलाफ लड़ने की स्थिति में नहीं हैं।

पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर ने शो के दौरान कहा कि बाजवा ने कहा था कि सैनिकों की आवाजाही के लिए कोई गाड़ी नहीं है और ना ही डीजल है। इस पर नसीम जाहरा ने कहा कि उस प्रेस कॉन्फ्रें के दौरान वह मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि बाजवा की टिप्पणी से वह नाराज़ हो गई थीं। ऐसे सेना प्रमुख का तो कोर्ट मार्शल होना चाहिए।

शो के दौरान मीर ने यह भी दावा किया कि जनरल बाजवा ने कश्मीर मुद्दे पर भारत के साथ ‘डील’ की थी। मीर ने यह भी आरोप लगाया कि बाजवा भारत के साथ युद्धविराम समझौते के लिए तैयार थे और वह बदले में नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त करना चाहते हैं।

पत्रकार ने दावा किया, “इसके तहत साल 2021 में भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियानों के महानिदेशक 24-25 फरवरी 2021 की आधी रात से नियंत्रण रेखा और अन्य सभी क्षेत्रों में सभी समझौतों और संघर्ष विराम का कड़ाई से पालन करने के लिए सहमत हुए।” मीर ने यह भी दावा किया कि जनरल बाजवा ने NSA अजीत डोभाल के साथ गुप्त वार्ता भी की थी।

मीर ने ने यह भी कहा कि जनरल बाजवा ने पीएम नरेंद्र मोदी की यात्रा का कार्यक्रम यह जानते हुए भी तय किया था कि उनकी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को रद्द कर दिया और पुलवामा हमले के बाद बालाकोट में हवाई हमला किया। जिस वक्त पुलवामा में हमला हुआ था और भारत ने एयर स्ट्राइक की थी, उस वक्त पाकिस्तान के सेना प्रमुख बाजवा ही थे।

बता दें कि पूंछ में आतकी हमले के बाद पाकिस्तान ने सर्जिकल स्ट्राइक का डर जताया था। हमले में 5 सैनिकों के बलिदान होने के बाद पड़ोसी देश के पूर्व राजनयिक अब्दुल बासित ने यह डर जाहिर की है। बासित ने कहा कि फिलहाल ऐसा डर नहीं है, लेकिन अगले साल चुनावों से पहले ऐसा हो सकता है।

अब्दुल बासित ने कहा था, “पाकिस्तान में लोग भारत द्वारा एक और सर्जिकल स्ट्राइक या एयर स्ट्राइक के बारे में बात कर रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि अब वह ऐसा करेगा, क्योंकि वह इस साल SCO की बैठक और जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “जब तक भारत अध्यक्षता कर रहा है, तब तक ऐसा खतरा नहीं दिख रहा, लेकिन अगले साल चुनावों के दौरान भारत फिर से ऐसा कर सकता है। यह भारत में चुनावों से ठीक पहले हो सकता है। भारत जानता है कि हम कहाँ खड़े हैं।” बासित यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

कौन है दिल्ली कैपिटल्स का बदतमीज खिलाड़ी: IPL पार्टी में महिला के साथ अश्लीलता के बाद बदले नियम, रात 10 बजे के बाद कमरे में किसी को भी ले जाने पर पाबंदी

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की टीम दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) ने अपने खिलाड़ियों के लिए ‘कोड ऑफ कंडक्ट’ लागू किया है। फ्रेंचाइजी ने यह कदम अपनी पार्टी में महिला के साथ हुई बदसलूकी के बाद उठाया, जो उनके ही प्लेयर ने की थी।

नए नियमों के अनुसार, फ्रेंचाइजी की छवि सार्वजनिक तौर पर साफ सुथरी रखने के लिए यह आचार संहिता लागू हुई है। इसमें निर्देश दिए गए हैं कि खिलाड़ी 10 बजे के बाद अपने किसी भी परिचित को अपने कमरे में नहीं ला सकते।

कोड ऑफ कंडक्ट के मुताबिक, अगर खिलाड़ी अपने मेहमानों का स्वागत समय सीमा के बाद करना चाहते हैं तो उनको ऐसा होटल के रेस्टोरेंट या फिर कॉफी शॉप में ही करना होगा।

इसके अलावा अगर किसी खिलाड़ी को किसी से मिलने के लिए होटल से बाहर जाना है तो इसके लिए भी वह दिल्ली कैपिटल्स के अधिकारियों को सूचित करेगा।

बता दें कि ये एडवाइजडी सोमवार (24 अप्रैल 2023) को हैदराबाद सनराइजर से मैच के बाद फ्रैंचाइजी अधिकारियों ने जारी की। इसमें खिलाड़ियों को चेतावनी भी दी गई कि अगर कोई उनके नियमों का उल्लंघन करता है तो फिर उस पर जुर्माना लग सकता है या फि उसका कॉन्ट्रैक्ट वहीं रद्द हो सकता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोड ऑफ कंडक्ट में यह भी है कि अगर कोई खिलाड़ी किसी को अपने कमरे में ले जाना चाहता है तो उसे पहले से टीम के इंटिग्रिटी ऑफिसर को जानकारी देनी होगी। साथ में उसका पहचान पत्र व फोटो भी मैनेजमेंट टीम को देना होगा।

फ्रेंचाइजी के कोड ऑफ कंडक्ट में खिलाड़ियों को अपनी पत्नी- गर्लफ्रेंड व सहयोगी स्टाफ के साथ ट्रैवल करने की अनुमति है। लेकिन इन सबका खर्चा उन्हें खुद ही उठाना होगा और इनकी जानकारी अधिकारियों को देनी होगी।

इसके अलावा फ्रेंचाइजी ने अपने टीम सदस्यों को हर कार्यक्रम में शामिल होने के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने हर खिलाड़ी को समय का पाबंद रहने को पहले से कहा हुआ है। दिल्ली कैपिटल्स फ्रेंचाइजी ने कहा है कि खिलाड़ियों द्वारा दिखाई गई लेट-लतीफी बर्दाश्त नहीं होगी।

मालूम हो कि इस बार आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स का प्रदर्शन अभी तक अच्छा नहीं रहा है। टीम ने 7 में से 5 मुकाबले हारे और प्वाइंट्स टेबल में 10वें स्थान पर हैं। इसी बीच इस तरह प्लेयर का महिला से बदसलूकी का मामला टीम को बदनाम कर रहा था।

सुसाइड नोट छोड़ कर गई है शाइस्ता, अब्बू बता रहे फाँसी लगाकर मरी; पर सवाल वही दफनाने से पहले पुलिस को क्यों नहीं बताया

गुजरात से सटे नवसारी में शाइस्ता और बृजेश की प्रेम कहानी चर्चा का विषय बन चुकी है। पिछले दिनों खेरगाम की रहने वाली शाइस्ता के खुदकुशी करने की बात सामने आई थी। हालाँकि उसके प्रेमी बृजेश ने इसे ‘ऑनर किलिंग’ बताते हुए घर वालों पर शाइस्ता के कत्ल का आरोप लगाया है। बृजेश ने सूरत रेंज के आईजी पीयूष पटेल से अपील की थी कि वे शाइस्ता की लाश निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने का आदेश दें।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक बृजेश ने हत्या की आशंका जताते हुए लाश को बिना पोस्टमार्टम दफनाने की जानकारी पुलिस को दी थी। बृजेश की माँग पर पुलिस ने कब्र खोदककर शाइस्ता की लाश निकलवाई। पोस्टमार्टम के लिए बॉडी के सूरत सिविल अस्पताल ले जाया गया है।

उधर शाइस्ता के पिता सईद शेख ने पुलिस को जानकारी दी है कि उनकी बेटी ने फाँसी लगाकर खुदकुशी की है। उन्होंने बताया कि शाइस्ता ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। नवसारी पुलिस उस सुसाइड नोट की जाँच कर रही है। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि परिजनों ने शाइस्ता के खुदकुशी की जानकारी पुलिस को क्यों नहीं दी। बता दें कि शाइस्ता के परिजनों ने जल्दीबाजी में उसकी लाश को पास के कलथान कब्रिस्तान में दफना दिया।

सुसाइड नोट में क्या लिखा?

शाइस्ता ने सुसाइड नोट में लिखा है, “मम्मा-पापा सॉरी। मुझे माफ़ कर दो, लेकिन मेरी कोई गलती नहीं है। मैंने सिर्फ प्यार किया है। बृजेश से कहना…सॉरी। गाली देकर रोका… पर अब मेरे जीने का कोई फायदा नहीं। बृजेश ने मुझसे कहा है कि मैं जिस दिन पैसे कमाऊँगा, तुम्हें ले जाऊँगा। मेरे मरने के बाद बृजेश को कुछ मत करना। उसे मेरी मैय्यत के पास बुलकर मेरा चेहरा दिखा देना।”

बृजेश और शाइस्ता की प्रेम कहानी

बता दें कि बृजेश और शाइस्ता पाँच सालों से प्रेम संबंध में थे। बृजेश की शाइस्ता से आखिरी मुलाकात 20 अप्रैल 2023 को हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक बीते दिनों जब दोनों के रिश्ते की भनक शाइस्ता के परिवारवालों को लगी तो वे बृजेश के घर पहुँचे और उसे पीटने की धमकी दी। इस बीच अपने घर से भागकर शाइस्ता वलसाड पहुँच गई। उसने बृजेश को फोन कर कहा कि वह उसे आकर ले जाए।

बृजेश शाइस्ता को लेने के लिए जब वलसाड पहुँचा तो शाइस्ता के परिवार वालों ने उससे संपर्क किया। उन्होंने पुलिस में शिकायत नहीं करने की बात करते हुए शाइस्ता को झील के पास लेकर आने को कहा। इसके बाद बृजेश ने तलवाड़ा चौक के पास शाइस्ता को उसके परिजनों के हवाले कर दिया। सादिक नाम के एक व्यक्ति ने लड़की को अपनी कार में बिठा लिया। इसके अगले दिन बृजेश को शाइस्ता की मौत की खबर मिली। गुजरात पुलिस का कहना है कि वह हर एंगल से मामले की जाँच कर रही है। फिलहाल सुसाइड नोट से यह आत्महत्या का मामला लग रहा है।

बंगाल में रामनवमी हिंसा की जाँच NIA के हवाले, कलकत्ता हाईकोर्ट ने सारे कागजात और सबूत सौंपने के लिए पुलिस को दो सप्ताह का वक्त दिया

इस रामनवमी पर ममता बनर्जी की शासन वाले पश्चिम बंगाल में हुई जबरदस्त हिंसा पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को इस मामले की जाँच राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) से कराने का निर्देश दिया है। रामनवमी के दौरान राज्य के हावड़ा, हुगली और दलखोला में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा हुई थी।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने पश्चिम बंगाल पुलिस को दो सप्ताह के भीतर जाँच से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज NIA को सौंपने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने सभी संबंधित थानों को दो सप्ताह के भीतर सभी रिकॉर्ड, FIR और सीसीटीवी फुटेज एनआईए को सौंपने का आदेश दिया है।

कलकत्ता हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब केंद्र सरकार से NOC मिलते ही NIA मामले की जाँच शुरू कर देगी। दरअसल, उच्च न्यायालय ने यह आदेश शुभेंदु अधिकारी की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में रामनवमी के दिन हुई हिंसा की जाँच NIA से कराने की माँग कोर्ट से की थी।

इसके पहले कोर्ट ने कहा था, “रिपोर्टों से पता चलता है कि हिंसा के लिए पहले से तैयारी की गई थी। आरोप है कि छतों से पत्थर फेंके थे। जाहिर है कि पत्थर 10-15 मिनट में छत पर नहीं ले जाया जा सकता। यह खुफिया तंत्र की विफलता है।”

कोर्ट ने आगे कहा था, “यहाँ समस्या दो समस्याएँ हैं। पहली यह है कि हिंसा दो समूहों के बीच हुई है। दूसरी समस्या यह है कि एक तीसरा समूह इस हिंसा का लाभ उठा सकता है। ऐसी स्थिति में इसकी जाँच NIA द्वारा की जानी चाहिए। यदि राज्य पुलिस इस मामले की जाँच करती है तो उसके लिए यह पता लगाना मुश्किल होगा कि इस हिंसा से किसको लाभ हो रहा।”

जज ने यह भी कहा था, “बीते 4-5 महीनों ने हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 8 आदेश भेजे हैं। ये सभी मामले धार्मिक आयोजनों के दौरान हुई हिंसा से संबंधित हैं। क्या यह कुछ और नहीं दर्शाता है? मैं बीते 14 सालों से न्यायाधीश हूँ। लेकिन अपने पूरे करियर में ऐसा कभी नहीं देखा।”

कोर्ट ने यह भी कहा था कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को पेलेट गन और आँसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। इसको देखकर ऐसा लगता है कि मामला गंभीर था। हिंसा में तलवारें, बोतलें, टूटे शीशे और तेजाब का इस्तेमाल किया गया और इंटरनेट पर प्रतिबंध लगा दिया गया। 

बता दें कि रामनवमी को पश्चिम बंगाल में कई जगहों पर हिंसा हुई थी। इसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे। रामनवमी पर शोभायात्रा के दौरान असामाजिक तत्वों ने पत्थरबाजी की थी और फिर कई वाहनों में आग लगा दी गई थी।