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भंग कर दिया जाएगा राष्ट्रीय वक्फ विकास निगम लिमिटेड? स्मृति ईरानी का बड़ा ऐलान, नूपुर शर्मा पर बोलीं – एक महिला को घर में कैद हो जाना पड़ा, क्योंकि…

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने इशारा किया है कि आने वाले समय में ‘राष्ट्रीय वक्फ विकास निगम लिमिटेड (NAWADCO)’ को भंग किया जा सकता है। स्मृति ईरानी ने रिपब्लिक समिट में हिस्सा लेते हुए कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय खतरे में नहीं है बल्कि अल्पसंख्यक तुष्टीकरण की राजनीति अब खतरे में है। स्मृति ईरानी ने कहा कि कॉन्ग्रेस अल्पसंख्यकों खासकर मुस्लिमों में डर फैलाकर उन्हें अलग थलग करने की कोशिश की।

यह पूछे जाने पर कि क्या आने वाले समय में NAWADCO को खत्म कर दिया जाएगा? स्मृति ईरानी ने NAWADCO के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसकी स्थापना मनमोहन सरकार में आम चुनाव से पहले जनवरी 2014 में की गई थी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि NAWADCO देश की अकेली सेक्शन 25 कंपनी है, जिसे टैक्सपेयर्स से रुपए प्राप्त करने का अधिकार दिया गया ताकि वक्फ की संपत्तियों का विकास और देखभाल हो सके। देश में दूसरी ऐसी कोई भी सेक्शन 25 संस्था नहीं है जो टैक्सपेयर्स के पैसों का इस्तेमाल किसी खास मजहब की निजी संपत्तियों की देखभाल करती हो।

स्मृति ईरानी ने कहा कि हम जानते हैं कि एक समिट में प्रशासनिक फैसले नहीं लिए जाते। लेकिन आपको इतना भरोसा दे सकती हूँ कि यदि किसी कारण से देश के दूसरे धर्म के मानने वालों के साथ भेदभाव होगा तो हम इसे निष्क्रिय करने का काम करेंगे। हम समानता स्थापित करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं यह सुनिश्चित करना चाहती हूँ कि सभी भारतीय कानून के नजर में समान हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कॉन्ग्रेस ने हमेशा इस देश में धर्म के नाम पर राजनीति की है। उन्होंने कहा कि यदि कॉन्ग्रेस के इस तरह के निर्णयों से जनता खुश होती तो लोग कभी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना समर्थन नहीं देते। लोगों ने दो बार उन्हें बदलावों के लिए ही अपना समर्थन दिया है और बदलाव किए जा रहे हैं।

भाजपा नेत्री ने इस दौरान नूपुर शर्मा का भी जिक्र किया। अर्णब की बात पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि देश में ऐसे मौके भी आए हैं जब एक महिला को अपने घर में कैद हो जाना पड़ा क्योंकि वो एक टीवी डिबेट का हिस्सा थीं। इसलिए आप इस तरह की बातें न करें जिससे मेरे खिलाफ भी इस तरह का वातावरण तैयार हो। इस पर शो को होस्ट कर रहे अर्णब गोस्वामी ने कहा कि आप के खिलाफ पहले से ही ऐसी बातें हो रही हैं। आपको धमकियाँ दी जाती रही हैं।

इसके अलावा स्मृति ईरानी ने अल्पसंख्यक के नाम पर हो रही राजनीति और अवधारणा पर बात की। उन्होंने कहा कि देश में मुस्लिमों को ही अल्पसंख्यक माना जाता है। सिख, पारसी और दूसरे धर्मों की चर्चा ही नहीं होती। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुझे गर्व है कि मैं एक ऐसी पार्टी का हिस्सा हूँ जो इस धारणा को दूर करती है।

जानिए कौन है भारत का वो कारोबारी, जिसने UK में मंदिर बनाने के लिए दान कर दिए ₹250 करोड़: 500 गरीब बच्चियों की पढ़ाई-लिखाई का भी उठाया है जिम्मा

ब्रिटेन में रहने वाले भगवान जगन्नाथ के लाखों भक्तों के लिए एक अच्छी खबर है। यहाँ जल्द ही जगन्नाथ मंदिर का निर्माण किया जाएगा। भारतीय बिजनेसमैन बिश्वनाथ पटनायक (Biswanath Patnaik) ने ब्रिटेन में भगवान जगन्नाथ के पहले मंदिर के निर्माण के लिए करीब 250 करोड़ रुपए का दान दिया है। इस मंदिर के निर्माण में यूके की संस्था श्री जगन्नाथ सोसायटी अहम रोल निभा रही है। इंग्लैंड में चैरिटी कमीशन में पंजीकृत श्री जगन्नाथ सोसायटी (एसजेएस) यूके ने अक्षय तृतीया के मौके पर ब्रिटेन में आयोजित पहले जगन्नाथ सम्मेलन के दौरान यह घोषणा की थी।

जगन्नाथ सोसायटी ने अपने ट्विटर हैंडल पर भी इससे जुड़ी कई जानकारी साझा की है। अगले साल के अंत तक मंदिर का पहला चरण पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, लंदन में ‘श्री जगन्नाथ मंदिर’ के लिए लगभग 15 एकड़ जमीन खरीदने के लिए 250 करोड़ रुपए में से 70 करोड़ रुपए अलग रखे गए हैं। चैरिटी ने एक बयान में कहा कि एक उपयुक्त भूमि की पहचान कर ली गई है। पटनायक का कहना है, “यह भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद है कि हम मंदिर के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान करने में कामयाब रहे हैं और मैं दान देने में सक्षम रहा। हम इसे जल्द से जल्द पूरा करेंगे।”

कौन हैं विश्वनाथ पटनायक

ओडिशा के रहने वाले बिश्वनाथ पटनायक एक सफल बिजनेसमैन हैं। पटनायक ‘फिननेस्ट ग्रुप ऑफ कंपनीज’ के अध्यक्ष और संस्थापक हैं। वह नवीकरणीय, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), हाइड्रोजन लोकोमोटिव आदि में निवेश करते हैं। उन्होंने उत्कल विश्वविद्यालय से एमबीए और कानून की डिग्री ली है। कई वर्षों तक बैंकिंग क्षेत्र में काम करने के बाद पटनायक ने 2009 में बिजनेस की दुनिया में कदम रखा था। पटनायक ने हाल ही में ओडिशा में ईवी-हाइड्रोजन ट्रक और वाणिज्यिक भारी वाहन विनिर्माण संयंत्र में 500 करोड़ रुपए का निवेश करने की योजना साझा की।

पटनायक का निवेश हेल्थकेयर, फिनटेक, रिन्यूएबल एनर्जी से लेकर दुबई में गोल्ड रिफाइनरी और बुलियन ट्रेडिंग तक के विविध पोर्टफोलियो में है। वह धार्मिक कामों में भी काफी सक्रिय रहते हैं। बिश्वनाथ पटनायक इससे पहले भी कई चैरिटेबल ट्रस्ट को दान दे चुके हैं। उन्होंने यूनेस्को में भी दान दिया है। इसके अलावा पटनायक ने 500 गरीब बच्चियों को पढ़ाने का फैसला भी किया है।

‘हिंदी में नहीं, तमिल में बोलो’: खुले मंच पर AR रहमान ने बीवी सायरा से कहा, वीडियो आया सामने – पहले भी लग चुका है हिंदी भाषा के अपमान का आरोप

बॉलीवुड सिंगर और संगीतकार एआर रहमान (A R Rahman) का सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप वायरल हो रहा है। यह वीडियो चेन्नई में हुए एक अवॉर्ड शो का है। इस दौरान एआर रहमान को बीवी सायरा बानो (Saira Banu) से कहते हुए सुना गया, “हिंदी में मत बोलो, तमिल में बोलो।” ये सुनने के बाद वहाँ मौजूद दक्षिण भारतीय फिल्मों के कलाकार जोर-जोर से हँसने लगते हैं।

दरअसल, एआर रहमान चेन्नई में आयोजित विकटन अवॉर्ड शो में बीवी सायरा बानो के साथ पहुँचे थे। इस दौरान एंकर ने सायरा को बोलने के लिए इनवाइट किया। जैसे ही उन्होंने बोलने के लिए माइक पकड़ा, रहमान ने उनसे कहा, “हिंदी में मत बोलो, तमिल में बोलो।” हालाँकि, सायरा तमिल में अपनी बात नहीं रख पाईं, क्योंकि उन्हें तमिल भाषा अच्छे से नहीं आती है। इसके लिए उन्होंने माफी भी माँगी। सायरा ने स्टेज पर कहा, “माफ करें, मैं तमिल भाषा में अच्छे से नहीं बोल सकती हूँ। मैं बहुत खुश और उत्साहित हूँ। इनकी (शौहर) आवाज मेरी फेवरेट आवाज है। मुझे उनकी आवाज से प्यार है। मैं बस इतना ही कह सकती हूँ।”

इसके बाद एआर रहमान अपनी तारीफ सुनने के बाद मुस्कुराने लगते हैं।

एआर रहमान मणिरत्नम की फिल्म ‘पोन्नियिन सेलवन: भाग 2’ की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं। यह फिल्म 28 अप्रैल, 2023 को पाँच भाषाओं में सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी। फिल्म के एंथम सॉन्ग को हिंदी में अरिजीत सिंह और बेनी दयाल ने अपनी आवाज में गाया है। वहीं, एआर रहमान ने इसका म्यूजिक दिया है।

बता दें इससे पहले 2021 में एआर रहमान पर एंकर के हिंदी बोलने पर उसका मजाक उड़ाने का आरोप लग चुका है। दरअसल, एक प्रमोशन इवेंट में एंकर्स तमिल भाषा में सवाल पूछ रहे थे। इस दौरान एक एंकर ने हिंदी में बात की। हिंदी सुनकर रहमान चौंक गए और स्टेज से उतरकर चले गए। हालाँकि, स्टेज से उतरते हुए उन्होंने ये साफ कर दिया कि वो सिर्फ मज़ाक कर रहे हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर उनका ये मज़ाक लोगों को बिल्कुल भी पसंद नहीं आया और उन्होंने इसे हिंदी भाषा का अपमान बताया था।

‘BJP नेता और पत्रकारों पर अरविंद केजरीवाल ने अपने गुंडों से डंडे से करवाया हमला’: वीडियो आया सामने, घर को चमकाने में खर्चे थे ₹45 करोड़

कोरोना में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजधानी स्थित अपने सरकारी बँगले के सौंदर्यीकरण पर 44.78 करोड़ रुपए खर्च कर दिए। यानी, बने-बनाए बँगले को चमकाने और उसे सुंदर बनाने में इतने रुपए फूँक दिए गए। इस खुलासे के बाद भाजपा ने सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने धक्का-मुक्की की।

दिल्ली भाजपा के महासचिव कुलजीत चहल इस खुलासे के बाद सीएम हाउस पहुँचे। उन्होंने कहा कि वे इसका हिसाब माँगने आए थे। इस दौरान सीएम हाउस के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। उनके साथ ही नहीं, मीडिया के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। सुरक्षाकर्मियों द्वारा लाठियों से हमले का भी आरोप लगाया जा रहा है।

दरअसल, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लेकर ‘Times Now Navbharat’ ने बड़ा खुलासा किया है। ‘ऑपरेशन शीशमहल’ नामक शो में ये खुलासा किया गया। चैनल ने बताया है कि AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कोरोना काल के दौरान राष्ट्रीय राजधानी स्थित अपने सरकारी बँगले के सौंदर्यीकरण पर 44.78 करोड़ रुपए खर्च कर दिए।

मंगलवार (25 अप्रैल, 2023) की शाम को प्रसारित किए गए शो में ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ ने जानकारी दी कि CM आवास में 8-8 लाख रुपए के पर्दे लगाए गए। केवल पर्दों पर ही 1 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए। कुल 23 पर्दों का ऑर्डर दिया गया था, जिनमें से कुछ अभी लगने बाकी हैं और कुछ लगाए दिए गए हैं।

शुरुआत में 8 पर्दे लगाए गए, जिनकी कीमत 45 लाख रुपए थी। दूसरे चरण में 15 पर्दों का ऑर्डर दिया गया, जो 51 लाख रुपए के थे। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री आवास में लगाने के लिए वियतनाम से मार्बल मँगाया गया। इसे ‘डियोर पर्ल मार्बल’ बोला जाता है, जो सुपीरियर क्वालिटी का होता है। इसकी कीमत 15 लाख रुपए होती है। साथ ही इसे लगाने के लिए भी अलग तरीके से फिटिंग की जाती है।

AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल आंदोलन से निकले नेता हैं और कोई फकीर नहीं है। उन्होंने कहा कि वो बँगला 1942 का बना है, वहाँ छत से पानी टपकती थी और बुजुर्गों को परेशानी होती थी। चड्ढा ने सीएम हाउस को सरकारी बँगलाो बताते हुए पीएम आवास के बारे में बात करने की सलाह दी।

दिल्ली में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, “खुद को आम आदमी कहने वाले अरविंद केजरीवाल ने अपने घर पर रिनोवेशन के नाम पर जनता के 44.78 करोड़ रुपए बर्बाद कर डाले। अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को शर्म आनी चाहिए। ऐसे ढोंगी आम आदमी और भ्रष्टाचारी व्यक्ति को दिल्ली का मुख्यमंत्री बने रहने का कोई हक नहीं है।”

‘इतनी हाय-तौबा क्यों? कोई पहला मर्डर है क्या?’: पप्पू यादव ने DM की हत्या को बता दिया ‘हादसा’, पत्नी से बोले – आनंद मोहन को माफ़ कर दो

बिहार में बाहुबली नेता आनंद मोहन की रिहाई को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। आईएएस एसोसिएशन (IAS Association) ने भी नीतीश सरकार के फैसले की आलोचन की थी और इसपर निराशा जताई थी। अब ‘जन अधिकार पार्टी (JAP)’ सुप्रीमो पप्पू यादव ने आनंद मोहन की रिहाई का समर्थन किया है। इस मुद्दे पर उन्होंने आईएएस एसोसिएशन की जमकर आलोचना की।

हत्या के आरोपित पूर्व सांसद के रिहाई पर सवाल उठाए जाने पर पप्पू यादव ने आईएएस एसोसिएशन से पूछा कि क्या यह पहला मर्डर है, जो इतनी हाय-तौबा मची हुई है? जन अधिकार पार्टी प्रमुख यहीं नहीं रुके उन्होंने गोपालगंज के डीएम जी कृष्णैया की हत्या को महज एक हादसा करार दिया। पप्पू यादव ने कहा कि जी कृष्णैया को किसी दुश्मनी, बदले की भावना या अन्य मकसद से नहीं मारा गया।

सोशल मीडिया पर भी पप्पू यादव ने आईएएस एसोसिएशन पर निशाना साधा। पप्पू यादव ने ट्विटर पर लिखा, “IAS एसोसिएशन को तब लकवा मार गया था जब गुजरात के IAS प्रदीप शर्मा को जबरदस्ती जेल में कैद कर रखा गया। बस डर यह कि वह PM की कलई न खोल दे। ऐसे एसोसिएशन की औकात तब क्यों गुम हो जाती है जब IPS संजीव भट्ट को गुजरात दंगों का राज खोलने के कारण वर्षों से जेल में प्रताड़ित किया जा रहा है।”

दरअसल, आईएएस एसोसिएशन ने आनंद मोहन को रिहा किए जाने के फैसले की निंदा की थी। आईएएस एसोसिएशन ने ट्वीट कर फैसले को निराशाजनक बताया। एसोसिएशन की तरफ से लिखा गया कि आनंद मोहन ने जी कृष्णैया की नृशंस हत्या की थी। ऐसे में उसकी रिहाई दुखद है। जी कृष्णैया की विधवा उमा देवी ने भी बिहार सरकार के फैसले पर निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि उसने एक ईमानदार अधिकारी को मारा था। उसको जैसी सजा मिलनी चाहिए, वो नहीं मिली। उसकी रिहाई का सबको विरोध करना चाहिए।

JAP सुप्रीमो ने जी कृष्णैया की विधवा उमा देवी से भी अपील की है कि वे आनंद मोहन को माफ कर दें। बता दें कि साल 1994 में तेलंगाना में जनमें आईएसएस अधिकारी जी कृष्णैया की मुजफ्फरपुर में भीड़ ने हत्या कर दी थी। उस वक्त वे गोपालगंज के डीएम थे। बाहुबली आनंद मोहन पर भीड़ को उकसाने का आरोप लगा था। रिपोर्टों में दावा किया जाता है कि डीएम की मॉब लिंचिंग के बाद उन्हें गोली भी मार दी गई थी।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बड़ा नक्सली हमला, IED ब्लास्ट में 10 जवान बलिदान, 1 ड्राइवर की भी चली गई जान: CM बघेल बोले – लड़ाई अंतिम चरण में

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बड़ा नक्सली हमला हुआ है। अरनपुर इलाके में हुई इस घटना में DRG के 10 जवान बलिदान हो गए। 1 नागरिक की भी मौत हुई है। घटना के समय ‘डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड’ जवान गाड़ी से जा रहे थे, तभी IED बम से हमला हुआ। नक्सलियों ने वहाँ पहले से ही विस्फोटक प्लांट कर रखे थे। ये घटना बुधवार (26 अप्रैल, 2023) को दोपहर में हुई है। पिछले सप्ताह नक्सलियों ने एक पत्र जारी कर के सुरक्षा बलों पर हमले की धमकी दी थी।

बताया जा रहा है कि DRG के जवान अपने साथियों को लेने अरनपुर जा रहे थे। जवाबी कार्रवाई में कुछ नक्सलियों के घायल होने की भी बात कही जा रही है। हाल के दिनों में इससे पहले भी नक्सलियों ने इस तरह के हमले किए थे, लेकिन कई कोई हताहत नहीं हुआ था। इस हमले में कई गाड़ियों को भी नुकसान पहुँचा है। ख़ुफ़िया सूचना मिली थी कि इलाके में माओवादी छिपे हुए हैं, जिसके बाद ऑपरेशन लॉन्च किया गया था।

बता दें कि DRG के जवान ‘सेंट्रल रिजर्व पुलिस बल (CRPF)’ के थे। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना के बाद कहा, “दंतेवाड़ा के थाना अरनपुर क्षेत्र अंतर्गत माओवादी कैडर की उपस्थिति की सूचना पर नक्सल विरोधी अभियान के लिए पहुंचे डीआरजी बल पर आईईडी विस्फोट से हमारे 10 डीआरजी जवान एवं एक चालक के शहीद होने का समाचार बेहद दुखद है। हम सब प्रदेशवासी उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनके परिवारों के साथ दुःख में हम सब साझेदार हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।”

इस घटना से ठीक पहले सुरक्षा बलों के जवानों और पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान चलाया था। राज्य के गृह मंत्री तमरध्वज साहू ने कहा कि इलाके में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एक टीम को भेजा गया है। वहाँ बारिश भी हो रही है, ऐसे में स्थिति काफी कठिन है। सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि नक्सलियों से लड़ाई अब अंतिम चरण में है और अब उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। बता दें कि DRG में ऐसे ही जवान भर्ती किए जाते हैं, जो उसी वातावरण में पले-बढ़े हों।

लव जिहाद, महिलाओं की तस्करी, इस्लामी धर्मांतरण, आतंकवाद और ISIS… जारी हुआ ‘The Kerala Story’ का ट्रेलर, रोकने में लगे थे वामपंथी-कॉन्ग्रेसी

बॉलीवुड के निर्माता-निर्देशक विपुल अमृतलाल शाह की फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ (The Kerala Story) का ट्रेलर बुधवार (26 अप्रैल, 2023) को रिलीज किया गया। सच्ची घटनाओं पर आधारित इस फिल्म का ट्रेलर 2 मिनट 45 सेकंड का है। इसमें केरल की महिलाओं की तस्करी और धर्मांतरण कराकर उन्हें आतंकवाद की आग में झोंकने की कहानी को मार्मिक तरीके से पेश किया गया है। यह फिल्म 5 मई 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

ट्रेलर की शुरुआत केरल के हँसते-खेलते हिंदू परिवार से की गई है। यहाँ एक माँ अपनी बेटी शालिनी उन्नीकृष्णन को हाथों से खाना खिलाते हुए और उसे प्यार करती हुई नजर आ रही है। लड़की भी अपने परिवार के साथ बेहद खुश दिखाई दे रही है। ट्रेलर में शालिनी से पूछा जाता है, “आईएसआईएस कब जॉइन किया?” इस पर वह कहती है, “आईएसआईएस कब जॉइन किया, ये जानने के लिए क्यों और कैसे जॉइन किया ये जानना ज्यादा जरूरी है।”

इसके बाद दिखाया गया है कि शालिनी उन्नीकृष्णन को कैसे एक मुस्लिम शख्स अपने प्रेम के जाल में फाँसता है। उसे इस्लाम कबूल करवाकर शालिनी से फातिमा बनाया गया, उसका निकाह कराया और फिर उसे आतंकवाद की आग में झोंक देने की कहानी है। इसमें शालिनी के अलावा केरल की हजारों महिलाओं की तस्करी-धर्मांतरण की दिल दहला देने वाली क्रूरता भी दिखाई गई है। इसके माध्यम से राज्य के आईएसआईएस कनेक्शन का पर्दाफाश करने की एक शानदार कोशिश की गई है।

ट्रेलर में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी एस अच्युतानंदन के एक बयान का भी हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया कि अगले 20 वर्षों में केरल इस्लामिक स्टेट बन जाएगा। फिल्म में शालिनी उन्नीकृष्णन का मुख्य किरदार अभिनेत्री अदा शर्मा ने निभाया है।

बता दें कि विपुल अमृतलाल शाह और निर्देशक सुदीप्तो सेन ने इस भयावह सच्ची घटना को बड़े पर्दे पर उतारने के लिए कई सालों तक गहन रिसर्च की है। मार्च 2022 में सुदीप्तो सेन ने बताया था, “2009 से केरल और मैंगलोर की लगभग 32000 लड़कियों को हिंदू और ईसाई से इस्लाम मजहब में कन्वर्ट किया गया है और उनमें से ज्यादातर सीरिया, अफगानिस्तान और अन्य ISIS व हक्कानी प्रभावशाली क्षेत्र में पहुँच जाती हैं।”

सुदीप्तो को रिसर्च के दौरान यह भी पता चला कि अपहरण और तस्करी के जरिए गायब हुईं कुछ लड़कियाँ अफगानिस्तान और सीरिया की जेल में पाई गई थीं। इनमें से ज्यादातर लड़कियों की शादी ISIS के आतंकवादियों से की गई थी और उन्हें ‘सेक्स स्लेव’ बनाया गया था। वहीं, ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म का ‘द कश्मीर फाइल्स’ जैसा विरोध हुआ था। इस फिल्म को रिलीज होने से रोकने के लिए वामपंथी-कॉन्ग्रेसी, डीजीपी ने FIR के दिए आदेश थे।

उमेश पाल हत्याकांड को नाम दिया ‘ऑपरेशन जानू’, 1 दिन पहले अतीक अहमद के घर में हुई थी पार्टी: शौहर के कब्र पर पहुँच सकती है शाइस्ता परवीन

अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन की अब भी यूपी पुलिस को तलाश है। वो उमेश पल हत्याकांड की साजिशकर्ताओं में शामिल थी। अतीक अहमद और उसका भाई अशरफ मारा जा चुका है। शाइस्ता परवीन की तलाश में यूपी पुलिस और उसकी STF कई जगह दबिश दे रही है। अतीक अहमद के घर पर काम करने वाले राकेश से पुलिस ने पूछताछ की है, जिसने बताया है कि 23 फरवरी की रात वहाँ प्रत्यु हुई थी।

इसके अगले ही दिन उमेश पाल की हत्या हो गई थी। उस पार्टी में शाइस्ता परवीन और अतीक अहमद के बेटे असद के अलावा सभी शूटर्स भी शामिल थे। असद अहमद के फोन से जानकारी मिली है कि इस हत्याकांड को ‘ऑपरेशन जानू’ नाम दिया गया था। राकेश को लेकर अतीक अहमद का एक नाबालिग बेटा पार्टी का सामान लाने बाजार गया था। असद ने राकेश को बताया था कि ‘ऑपरेशन जानू’ की सफलता के लिए तमाम मेहमान पार्टी करने वाले हैं।

शाइस्ता परवीन पर 50,000 रुपए का इनाम है। उसकी मदद करने वाले 7 वकीलों और 20 अन्य लोगों की पुलिस को तलाश है। आर्थिक रूप से भी कुछ लोग उसकी मदद कर रहे हैं। शाइस्ता पर 4 मामले दर्ज हैं, जिनमें 2009 का धोखाधड़ी वाला मामला भी है। उधर अपुष्ट खबरों में ये भी कहा जा रहा है कि अतीक अहमद का साथी गुड्डू मुस्लिम मुस्लिम मुखबिर बन गया है और उसकी की सूचना पर असद का एनकाउंटर हुआ।

गुड्डू मुस्लिम की तलाश में ओडिशा में भी छापेमारी हो चुकी है। उस पर 5 लाख रुपए का इनाम है। शाइस्ता की एक नौकरानी काफी दिनों से घर से भागी हुई थी, उसके चकिया लौटने से उससे भी पूछताछ हुई है। अतीक अहमद के भाई अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा की भी तलाश हो रही है। शाइस्ता परवीन और जैनब फातिमा अपने शौहर अतीक की कब्र पर भी पहुँच सकती है, ऐसे में वहाँ भी निगरानी बढ़ा दी गई है।

अतीक अहमद का बड़ा बेटा उमर गोसाईगंज जेल में बंद है। ये भी सामने आया था कि घटना से एक दिन पहले असद उससे मिला था। इसे भी उमेश पाल हत्याकांड से जोड़ कर देखा जा रहा है। इस हत्याकांड के हवाला कनेक्शन की भी जाँच जारी है। सूचना मिली है कि शाइस्ता परवीन को 1.20 करोड़ रुपए पहुँचाए गए थे। अधिवक्ता खान सौलत हनीफ से भी पूछताछ हो रही है, जो उमेश पाल के अपहरण के पुराने केस में नैनी जेल में बंद है। कुछ खबरों में कहा जा रहा है कि शाइस्ता परवीन बदले का ब्लूप्रिंट बना रही है।

केजरीवाल के ₹45 करोड़ वाले घर से टूटा आशुतोष का सपना, चंदा के नाम पर जनता पूछ रही माँ-बाप से जुड़े सवाल

मंगलवार (25 अप्रैल 2023) को हिंदी न्यूज चैनल टाइम्स नाऊ नवभारत ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) के घर को लेकर बहुत बड़ा खुलासा किया। इसके बाद से दिल्ली की राजनीति में हड़कंप मचा हुआ है। चैनल ने अपने कार्यक्रम में बताया गया कि कोरोना काल में जब लोग अपनी जिंदगी बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे थे, उस वक्त दिल्ली के मुख्यमंत्री अपने सरकारी बंगले के सौंदर्यीकरण में 44.78 करोड़ रुपए खर्च कर रहे थे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इसे लेकर चर्चाएँ हो रही हैं। ट्विटर पर भी #OperationSheeshMahal ट्रेंड कर रहा है।

माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर #OperationSheeshMahal कई घंटों तक ट्रेंड करता रहा। इस हैशटैग के साथ लोगों ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पर जमकर निशाना साधा। इस लिस्ट में केजरीवाल के पुराने साथी आशुतोष का भी नाम है। पूर्व आप नेता ने #SheeshMahal का उपयोग करते हुए लिखा कि शीशमहल (सीएम केजरीवाल का घर) एक सपने की मौत का मकबरा है।

आशुतोष के इस ट्वीट पर यूजर्स ने उनको भी ट्रोल करना शुरू कर दिया। एक यूजर ने AAP द्वारा उन्हें राज्यसभा न भेजे जाने को लेकर तंज किया।

स्ट्रेंजर नाम के यूजर ने लिखा कि केजरीवाल ने अपने घर के नवीनीकरण के लिए करदाताओं और चंदे से मिले 45 करोड़ रुपए खर्च कर दिए।

ट्विटर यूजर @AmitLeliSlayer ने लिखा, “दिल्ली वालों जब आप अस्पताल में बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर तलाश रहे थे तब आपके पैसों से आपका मुख्यमंत्री अपने लिए शीश महल बनवा रहा था। खास सीएम के लिए आम क्या है?”

मिस्टर सिन्हा नाम के यूजर ने लिखा कि यदि आप केजरीवाल को इसलिए पसंद करते हैं, क्योंकि आपको बीजेपी और मोदी पसंद नहीं तो ठीक है। यह आपकी पसंद नापसंद पर निर्भर है, लेकिन यदि आप यह समझकर केजरीवाल को सपोर्ट करते हैं कि वे एक ईमानदार और आम इंसान हैं तो आप दिमागी रूप से स्वस्थ नहीं हैं और आपको इलाज की जरूरत है।

मिनिस्ट्री ऑफ सरकास्म नाम के यूजर ने सीएम केजरीवाल की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा यह शख्स (सीएम केजरीवाल) हमारे लिए प्रेरणा स्रोत हैं। इन्होंने अपने घर के रेनोवेशन में 45 करोड़ रुपए खर्च किए, जो उन्होंने घी बेचकर कमाया था।

बता दें कि महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने अपनी एक चिट्ठी में खुलासा किया था कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कहने पर ही बीआरएस दफ्तर में 15 करोड़ रुपए पहुँचाए गए थे। खत में सुकेश ने दावा किया था कि चैट में 15 करोड़ रुपए को कोड वर्ड में 15 किलो घी कहा गया है।

‘मेरे लिए क्रिमिनल शब्द का प्रयोग मत करो’ – IAS अधिकारी का हत्यारा आनंद मोहन मीडिया से ऐसे बतिया रहा, बिहार में बहार है?

एक सांसद थे। संसद में आने से पहले उसने IAS अधिकारी का ही मर्डर कर दिया था। कोर्ट ने फाँसी की सजा भी सुना दी। बाद में उम्रकैद हुई। उस हत्यारे ने जेल में सजा भी काट ली। अब मीडिया को कह रहा है – “मेरे लिए क्रिमिनल शब्द का प्रयोग मत करो।” बात हो रही है बहार वाले बिहार की। कानून ने जिसे हत्यारा माना है, वो शख्स है आनंद मोहन सिंह।

बिहार की नीतीश सरकार ने 10 अप्रैल 2023 को जेल नियमावली, 2012 के नियम 481 में संशोधन किया। इससे बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया। आनंद मोहन गोपालगंज के जिलाधिकारी जी कृष्णैया की हत्या में शामिल था और आजीवन कारावास की सजा काट रहा था।

आनंद मोहन अपने बेटे चेतन आनंद की सगाई के सिलसिले में पेरोल पर बाहर आया। 26 अप्रैल को उसका पेरोल खत्म हो रहा था, इसलिए वो सहरसा जेल वापस चला गया। अब बिहार सरकार की तरफ से जेल नियमावली संशोधन संबंधी नोटिफिकेशन जारी किए जाने के बाद IAS अधिकारी के हत्यारे को 27 अप्रैल को ही जेल से रिहा कर दिया जाएगा।

पेरोल पर बाहर निकलने के बाद आनंद मोहन ने पत्रकारों से अपनी रिहाई को लेकर खूब चर्चा की। नेटवर्क 18 को दिए गए एक इंटरव्यू में तो उसने खुद को क्रिमिनल कहे जाने को लेकर आपत्ति भी जताई। नेटवर्क 18 जब आनंद मोहन का इंटरव्यू कर रहा था, उस वक्त उसके साथ पत्नी लवली आनंद और बेटा चेतन भी मौजूद थे। इस दौरान आनंद मोहन ने कहा कि उसे जो सजा हुई, उसे किस्मत समझकर काट लिया।

पत्रकार ने जब पूछा कि उसकी छवि तो क्रिमिनल की बन गई थी, इस पर सवाल पूरा हुए बिना आनंद मोहन ने आपत्ति जताते हुए पत्रकार से ही सवाल करना शुरू कर दिया। उसने कहा कि क्या उस पर रंगदारी माँगने का आरोप है? क्या रेप के आरोप हैं? उसने आगे यह भी पूछा कि क्या किसी क्रिमिनल को अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेता साथ बैठाएँगे? लालू, नीतीश या मोदी क्यों साथ बैठाएँगे। आनंद मोहन ने कहा कि वो फ्रीडम फाइटर्स के परिवार से आता है और जेपी आंदोलन से राजनीति में कदम रखा। उसने कहा कि वो लोगों के लिए लगातार सत्ता से लड़ाई लड़ा है, जो कोई क्रिमिनल नहीं कर सकता।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए आनंद मोहन ने कहा कि क्रिमिनल शब्द को न दोहराएँ क्योंकि यह शब्द उसके लिए उसके विरोधी भी इस्तेमाल नहीं करते। इस नेता से जब यह पूछा गया कि क्या उसकी रिहाई बीजेपी के अपर कास्ट वोट बैंक को तोड़ने के लिए की जा रही है, तो उसने कहा कि वो सभी तबकों की राजनीति करता है। लोग अलग-अलग आईने से इसे देखते हैं। बता दें कि आनंद मोहन राजपूत तबके से आते हैं।

आनंद मोहन से जब पूछा गया कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने उसकी रिहाई के फैसले पर सवाल उठाया है, तो इस पर उसने तंज कसते हुए पूछा – “कौन मायावती? हम बचपन से कलावती को जानते हैं। सत्यनारायण भगवान की कथा में है। मायावती कौन है, हम नहीं जानते।”

बता दें कि आनंद मोहन की रिहाई पर जी कृष्णैया की विधवा उमा देवी ने निराशा जताई है। उन्होंने कहा है, “मुझे अच्छा नहीं लग रहा है। उसने एक ईमानदार अधिकारी को मारा था। उसको जैसी सजा मिलनी चाहिए, वो नहीं मिली। उसकी रिहाई का सबको विरोध करना चाहिए।”

साथ ही उन्होंने इस फैसले के लिए बिहार की जातीय राजनीति को भी जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा, “बिहार में जाति की राजनीति है। वह (आनंद मोहन) राजपूत है। राजपूतों का वोट पाने के लिए उसे जेल से छोड़ा जा रहा है। यदि ऐसा नहीं होता तो एक अपराधी को बाहर लाने की क्या जरूरत थी।”

उधर आईएएस एसोसिएशन ने भी आनंद मोहन को रिहा किए जाने के फैसले की निंदा की। आईएएस एसोसिएशन ने ट्वीट कर फैसले को निराशाजनक बताया। एसोसिएशन की तरफ से लिखा गया कि आनंद मोहन ने जी कृष्णैया की नृशंस हत्या की थी। ऐसे में उसकी रिहाई दुखद है। बिहार सरकार जल्दी से जल्दी फैसला वापस ले। ऐसा नहीं हुआ तो इस फैसले को न्याय से वंचित किए जाने के तौर पर देखा जाएगा।