Home Blog Page 1852

नवाजुद्दीन सिद्दीकी के ‘स्प्राइट AD’ से बंगालियों की भावनाएँ आहत, दर्ज हुआ केस: कंपनी ने माफी माँग विज्ञापन हटाया

बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) एक सॉफ्ट ड्रिंक का विज्ञापन कर मुश्किलों में फँस गए हैं। उन पर बंगाली समुदाय की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगा है। बंगाली समुदाय ने कोका-कोला इंडिया के सीईओ और अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ कोलकाता पुलिस में स्प्राइट के विज्ञापन में उनकी भावनाओं को आहत करने के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। शिकायत में कहा गया है कि यह विज्ञापन अपमानजनक है। बंगाली समुदाय का ‘मजाक’ बनाकर उनकी भावनाओं को आहत किया गया है।

दरअसल, अभिनेता ने एक स्प्राइट ऐड में एक्टिंग की है। इसे मूल रूप से हिंदी में शूट किया गया है। विज्ञापन के हिंदी वर्जन पर कोई आपत्ति नहीं जताई गई है, लेकिन कोलकाता के एक वकील ने इसके बंगाली वर्जन की एक लाइन पर आपत्ति जताई है। यह विज्ञापन कोल्ड ड्रिंक ब्रांड के नए अभियान का हिस्सा है। जो कोल्ड ड्रिंक की बोतल की नई खासियत के बारे में बताता है। इसमें कंज्यूमर को क्यूआर कोड को स्कैन करने और फिर चुटकुले सुनने के बारे में बताया जा रहा है।

लाइव मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता के वकील दिबयान बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में तर्क दिया, “कोका-कोला द्वारा अपने उत्पाद स्प्राइट के लिए मेन विज्ञापन हिंदी में था। हमें इससे कोई समस्या नहीं है। हमें केवल विज्ञापन की बंगाली डबिंग से समस्या है, जो विभिन्न टीवी चैनलों और वेबसाइटों पर चल रहा है। अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी एक चुटकुले पर हँस रहे हैं, जिसमें कहा गया है, ‘शोजा अंगुले घी न उठले, बंगाली खली पेटे घूमिए पोरे’। अंग्रेजी में इसका मतलब होता है कि बंगालियों को अगर आसानी से कुछ नहीं मिलता है, तो वे भूखे ही सो जाते हैं। शिकायतककर्ता ने कहा, “हमें लगता है कि इससे बंगाली समुदाय की भावनाएँ आहत होती हैं।”

बनर्जी ने आगे कहा, “हिंदी वाले विज्ञापन में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। लेकिन बंगाली वर्जन आईटी अधिनियम की धारा 66ए और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153ए के दायरे में आता है। हम चाहते हैं कि भविष्य में इस प्रकार की ओछी हरकत और नौटंकी को बढ़ावा न दिया जाए।”

कंपनी ने शिकायत के बाद नवाज़ुद्दीन वाले विज्ञापन के बंगाली वर्जन को टीवी और अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। स्प्राइट इंडिया ने बंगाली में लिखे एक नोट में कहा कि वह कोल्ड ड्रिंक के लिए हालिया विज्ञापन अभियान पर खेद जताती है और बंगाली भाषा का सम्मान करती है।

भारत से लड़ने के लिए पाकिस्तानी सेना के पास न टैंक, न डीजल: पूर्व आर्मी चीफ बाजवा ने पत्रकारों से कहा था, हामिद मीर ने किया खुलासा

पाकिस्तान ने मान लिया है कि वो भारत से युद्ध करने की स्थिति में नहीं है। पाकिस्तान के दो पत्रकारों दावा किया है कि देश के पूर्व सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा (Qamar Javed Bajwa) ने एक बार कहा था कि उनके देश की सेना के पास ऐसा टैंक नहीं है, जो भारत के खिलाफ लड़ाई में इस्तेमाल किया जा सके। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।

पाकिस्तान दो प्रमुख पत्रकार- हामिद मीर और नसीम ज़हरा ने अपने एक टेलीविजन शो के दौरान पुरानी प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर खुलासा किया। उस दौरान तत्कालीन सेना प्रमुख बाजवा ने कम-से-कम 25 पत्रकारों से कहा था कि पाकिस्तानी सेना और युद्धक टैंक भारतीय सेना के खिलाफ लड़ने की स्थिति में नहीं हैं।

पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर ने शो के दौरान कहा कि बाजवा ने कहा था कि सैनिकों की आवाजाही के लिए कोई गाड़ी नहीं है और ना ही डीजल है। इस पर नसीम जाहरा ने कहा कि उस प्रेस कॉन्फ्रें के दौरान वह मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि बाजवा की टिप्पणी से वह नाराज़ हो गई थीं। ऐसे सेना प्रमुख का तो कोर्ट मार्शल होना चाहिए।

शो के दौरान मीर ने यह भी दावा किया कि जनरल बाजवा ने कश्मीर मुद्दे पर भारत के साथ ‘डील’ की थी। मीर ने यह भी आरोप लगाया कि बाजवा भारत के साथ युद्धविराम समझौते के लिए तैयार थे और वह बदले में नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त करना चाहते हैं।

पत्रकार ने दावा किया, “इसके तहत साल 2021 में भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियानों के महानिदेशक 24-25 फरवरी 2021 की आधी रात से नियंत्रण रेखा और अन्य सभी क्षेत्रों में सभी समझौतों और संघर्ष विराम का कड़ाई से पालन करने के लिए सहमत हुए।” मीर ने यह भी दावा किया कि जनरल बाजवा ने NSA अजीत डोभाल के साथ गुप्त वार्ता भी की थी।

मीर ने ने यह भी कहा कि जनरल बाजवा ने पीएम नरेंद्र मोदी की यात्रा का कार्यक्रम यह जानते हुए भी तय किया था कि उनकी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को रद्द कर दिया और पुलवामा हमले के बाद बालाकोट में हवाई हमला किया। जिस वक्त पुलवामा में हमला हुआ था और भारत ने एयर स्ट्राइक की थी, उस वक्त पाकिस्तान के सेना प्रमुख बाजवा ही थे।

बता दें कि पूंछ में आतकी हमले के बाद पाकिस्तान ने सर्जिकल स्ट्राइक का डर जताया था। हमले में 5 सैनिकों के बलिदान होने के बाद पड़ोसी देश के पूर्व राजनयिक अब्दुल बासित ने यह डर जाहिर की है। बासित ने कहा कि फिलहाल ऐसा डर नहीं है, लेकिन अगले साल चुनावों से पहले ऐसा हो सकता है।

अब्दुल बासित ने कहा था, “पाकिस्तान में लोग भारत द्वारा एक और सर्जिकल स्ट्राइक या एयर स्ट्राइक के बारे में बात कर रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि अब वह ऐसा करेगा, क्योंकि वह इस साल SCO की बैठक और जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “जब तक भारत अध्यक्षता कर रहा है, तब तक ऐसा खतरा नहीं दिख रहा, लेकिन अगले साल चुनावों के दौरान भारत फिर से ऐसा कर सकता है। यह भारत में चुनावों से ठीक पहले हो सकता है। भारत जानता है कि हम कहाँ खड़े हैं।” बासित यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

कौन है दिल्ली कैपिटल्स का बदतमीज खिलाड़ी: IPL पार्टी में महिला के साथ अश्लीलता के बाद बदले नियम, रात 10 बजे के बाद कमरे में किसी को भी ले जाने पर पाबंदी

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की टीम दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) ने अपने खिलाड़ियों के लिए ‘कोड ऑफ कंडक्ट’ लागू किया है। फ्रेंचाइजी ने यह कदम अपनी पार्टी में महिला के साथ हुई बदसलूकी के बाद उठाया, जो उनके ही प्लेयर ने की थी।

नए नियमों के अनुसार, फ्रेंचाइजी की छवि सार्वजनिक तौर पर साफ सुथरी रखने के लिए यह आचार संहिता लागू हुई है। इसमें निर्देश दिए गए हैं कि खिलाड़ी 10 बजे के बाद अपने किसी भी परिचित को अपने कमरे में नहीं ला सकते।

कोड ऑफ कंडक्ट के मुताबिक, अगर खिलाड़ी अपने मेहमानों का स्वागत समय सीमा के बाद करना चाहते हैं तो उनको ऐसा होटल के रेस्टोरेंट या फिर कॉफी शॉप में ही करना होगा।

इसके अलावा अगर किसी खिलाड़ी को किसी से मिलने के लिए होटल से बाहर जाना है तो इसके लिए भी वह दिल्ली कैपिटल्स के अधिकारियों को सूचित करेगा।

बता दें कि ये एडवाइजडी सोमवार (24 अप्रैल 2023) को हैदराबाद सनराइजर से मैच के बाद फ्रैंचाइजी अधिकारियों ने जारी की। इसमें खिलाड़ियों को चेतावनी भी दी गई कि अगर कोई उनके नियमों का उल्लंघन करता है तो फिर उस पर जुर्माना लग सकता है या फि उसका कॉन्ट्रैक्ट वहीं रद्द हो सकता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोड ऑफ कंडक्ट में यह भी है कि अगर कोई खिलाड़ी किसी को अपने कमरे में ले जाना चाहता है तो उसे पहले से टीम के इंटिग्रिटी ऑफिसर को जानकारी देनी होगी। साथ में उसका पहचान पत्र व फोटो भी मैनेजमेंट टीम को देना होगा।

फ्रेंचाइजी के कोड ऑफ कंडक्ट में खिलाड़ियों को अपनी पत्नी- गर्लफ्रेंड व सहयोगी स्टाफ के साथ ट्रैवल करने की अनुमति है। लेकिन इन सबका खर्चा उन्हें खुद ही उठाना होगा और इनकी जानकारी अधिकारियों को देनी होगी।

इसके अलावा फ्रेंचाइजी ने अपने टीम सदस्यों को हर कार्यक्रम में शामिल होने के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने हर खिलाड़ी को समय का पाबंद रहने को पहले से कहा हुआ है। दिल्ली कैपिटल्स फ्रेंचाइजी ने कहा है कि खिलाड़ियों द्वारा दिखाई गई लेट-लतीफी बर्दाश्त नहीं होगी।

मालूम हो कि इस बार आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स का प्रदर्शन अभी तक अच्छा नहीं रहा है। टीम ने 7 में से 5 मुकाबले हारे और प्वाइंट्स टेबल में 10वें स्थान पर हैं। इसी बीच इस तरह प्लेयर का महिला से बदसलूकी का मामला टीम को बदनाम कर रहा था।

सुसाइड नोट छोड़ कर गई है शाइस्ता, अब्बू बता रहे फाँसी लगाकर मरी; पर सवाल वही दफनाने से पहले पुलिस को क्यों नहीं बताया

गुजरात से सटे नवसारी में शाइस्ता और बृजेश की प्रेम कहानी चर्चा का विषय बन चुकी है। पिछले दिनों खेरगाम की रहने वाली शाइस्ता के खुदकुशी करने की बात सामने आई थी। हालाँकि उसके प्रेमी बृजेश ने इसे ‘ऑनर किलिंग’ बताते हुए घर वालों पर शाइस्ता के कत्ल का आरोप लगाया है। बृजेश ने सूरत रेंज के आईजी पीयूष पटेल से अपील की थी कि वे शाइस्ता की लाश निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने का आदेश दें।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक बृजेश ने हत्या की आशंका जताते हुए लाश को बिना पोस्टमार्टम दफनाने की जानकारी पुलिस को दी थी। बृजेश की माँग पर पुलिस ने कब्र खोदककर शाइस्ता की लाश निकलवाई। पोस्टमार्टम के लिए बॉडी के सूरत सिविल अस्पताल ले जाया गया है।

उधर शाइस्ता के पिता सईद शेख ने पुलिस को जानकारी दी है कि उनकी बेटी ने फाँसी लगाकर खुदकुशी की है। उन्होंने बताया कि शाइस्ता ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। नवसारी पुलिस उस सुसाइड नोट की जाँच कर रही है। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि परिजनों ने शाइस्ता के खुदकुशी की जानकारी पुलिस को क्यों नहीं दी। बता दें कि शाइस्ता के परिजनों ने जल्दीबाजी में उसकी लाश को पास के कलथान कब्रिस्तान में दफना दिया।

सुसाइड नोट में क्या लिखा?

शाइस्ता ने सुसाइड नोट में लिखा है, “मम्मा-पापा सॉरी। मुझे माफ़ कर दो, लेकिन मेरी कोई गलती नहीं है। मैंने सिर्फ प्यार किया है। बृजेश से कहना…सॉरी। गाली देकर रोका… पर अब मेरे जीने का कोई फायदा नहीं। बृजेश ने मुझसे कहा है कि मैं जिस दिन पैसे कमाऊँगा, तुम्हें ले जाऊँगा। मेरे मरने के बाद बृजेश को कुछ मत करना। उसे मेरी मैय्यत के पास बुलकर मेरा चेहरा दिखा देना।”

बृजेश और शाइस्ता की प्रेम कहानी

बता दें कि बृजेश और शाइस्ता पाँच सालों से प्रेम संबंध में थे। बृजेश की शाइस्ता से आखिरी मुलाकात 20 अप्रैल 2023 को हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक बीते दिनों जब दोनों के रिश्ते की भनक शाइस्ता के परिवारवालों को लगी तो वे बृजेश के घर पहुँचे और उसे पीटने की धमकी दी। इस बीच अपने घर से भागकर शाइस्ता वलसाड पहुँच गई। उसने बृजेश को फोन कर कहा कि वह उसे आकर ले जाए।

बृजेश शाइस्ता को लेने के लिए जब वलसाड पहुँचा तो शाइस्ता के परिवार वालों ने उससे संपर्क किया। उन्होंने पुलिस में शिकायत नहीं करने की बात करते हुए शाइस्ता को झील के पास लेकर आने को कहा। इसके बाद बृजेश ने तलवाड़ा चौक के पास शाइस्ता को उसके परिजनों के हवाले कर दिया। सादिक नाम के एक व्यक्ति ने लड़की को अपनी कार में बिठा लिया। इसके अगले दिन बृजेश को शाइस्ता की मौत की खबर मिली। गुजरात पुलिस का कहना है कि वह हर एंगल से मामले की जाँच कर रही है। फिलहाल सुसाइड नोट से यह आत्महत्या का मामला लग रहा है।

बंगाल में रामनवमी हिंसा की जाँच NIA के हवाले, कलकत्ता हाईकोर्ट ने सारे कागजात और सबूत सौंपने के लिए पुलिस को दो सप्ताह का वक्त दिया

इस रामनवमी पर ममता बनर्जी की शासन वाले पश्चिम बंगाल में हुई जबरदस्त हिंसा पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को इस मामले की जाँच राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) से कराने का निर्देश दिया है। रामनवमी के दौरान राज्य के हावड़ा, हुगली और दलखोला में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा हुई थी।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने पश्चिम बंगाल पुलिस को दो सप्ताह के भीतर जाँच से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज NIA को सौंपने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने सभी संबंधित थानों को दो सप्ताह के भीतर सभी रिकॉर्ड, FIR और सीसीटीवी फुटेज एनआईए को सौंपने का आदेश दिया है।

कलकत्ता हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब केंद्र सरकार से NOC मिलते ही NIA मामले की जाँच शुरू कर देगी। दरअसल, उच्च न्यायालय ने यह आदेश शुभेंदु अधिकारी की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में रामनवमी के दिन हुई हिंसा की जाँच NIA से कराने की माँग कोर्ट से की थी।

इसके पहले कोर्ट ने कहा था, “रिपोर्टों से पता चलता है कि हिंसा के लिए पहले से तैयारी की गई थी। आरोप है कि छतों से पत्थर फेंके थे। जाहिर है कि पत्थर 10-15 मिनट में छत पर नहीं ले जाया जा सकता। यह खुफिया तंत्र की विफलता है।”

कोर्ट ने आगे कहा था, “यहाँ समस्या दो समस्याएँ हैं। पहली यह है कि हिंसा दो समूहों के बीच हुई है। दूसरी समस्या यह है कि एक तीसरा समूह इस हिंसा का लाभ उठा सकता है। ऐसी स्थिति में इसकी जाँच NIA द्वारा की जानी चाहिए। यदि राज्य पुलिस इस मामले की जाँच करती है तो उसके लिए यह पता लगाना मुश्किल होगा कि इस हिंसा से किसको लाभ हो रहा।”

जज ने यह भी कहा था, “बीते 4-5 महीनों ने हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 8 आदेश भेजे हैं। ये सभी मामले धार्मिक आयोजनों के दौरान हुई हिंसा से संबंधित हैं। क्या यह कुछ और नहीं दर्शाता है? मैं बीते 14 सालों से न्यायाधीश हूँ। लेकिन अपने पूरे करियर में ऐसा कभी नहीं देखा।”

कोर्ट ने यह भी कहा था कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को पेलेट गन और आँसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। इसको देखकर ऐसा लगता है कि मामला गंभीर था। हिंसा में तलवारें, बोतलें, टूटे शीशे और तेजाब का इस्तेमाल किया गया और इंटरनेट पर प्रतिबंध लगा दिया गया। 

बता दें कि रामनवमी को पश्चिम बंगाल में कई जगहों पर हिंसा हुई थी। इसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे। रामनवमी पर शोभायात्रा के दौरान असामाजिक तत्वों ने पत्थरबाजी की थी और फिर कई वाहनों में आग लगा दी गई थी।

‘बंगाल पुलिस ने 33 साल के युवा की गोली मारकर हत्या की’: शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को घेरा, कहा- नीरो की तरह मौज में हैं CM

पश्चिम बंगाल (West Bengal) के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि बंगाल पुलिस ने उत्तर दिनाजपुर में मृत्युंजय वर्मन नाम के शख्स को गोली मार दी है। उन्होंने ममता सरकार पर हमला बोला।

भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ट्वीट करके कहा कि पुलिस की टीम बीजेपी कार्यकर्ता विष्णु वर्मन की तलाश में कालियागंज पहुँची थी, लेकिन विष्णु अपने घर पर नहीं मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल पुलिस ने मृत्युंजय को गोली मार दी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ट्विटर पर लिखा, “कालियागंज में ममता की पुलिस ने 33 साल के राजबंशी युवक की बेरहमी से हत्या कर दी।” शुभेंदु ने इसके बाद घटना की जानकारी देते हुए लिखा, “बंगाल की पुलिस 26 और 27 अप्रैल 2023 की रात करीब 2.30 बजे कलियागंज स्थित बीजेपी पंचायत समिति सदस्य विष्णु वर्मन के घर पर छापा मारने पहुँची। विष्णु घर पर नहीं मिले। पुलिस ने मृत्युंजय वर्मन नाम के राजबंशी युवक की गोली मारकर हत्या कर दी।”

शुभेंदु अधिकारी के ट्वीट का स्क्रीन शॉट

शुभेंदु के अनुसार, मृतक युवक स्थानीय रविंद्रनाथ वर्मन का 33 वर्षीय बेटा था। भाजपा नेता ने कहा कि राज्य में अत्याचार चरम पर है। राज्य जल रहा है और डरे हुए लोगों में अशांति फैल रही है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी सम्राट नीरो की तरह मौज में हैं। बता दें कि नीरो रोम का एक क्रूर सम्राट था। कहते हैं कि जब रोम जल रहा था तो नीरो वाद्ययंत्र बजा रहा था।

नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कलियागंज के लोगों के खिलाफ युद्ध छेड़ने की बात कही थी। कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने ममता के आदेश का पालन कर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस द्वारा की गई इस निर्मम हत्या की जिम्मेदारी ममता बनर्जी को लेनी चाहिए। शुभेंदु अधिकारी ने आम लोगों से हिंसा और खून-खराबे के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने की अपील की।

क्या है कालीगंज का मामला?

बता दें कि उत्तर दिनाजपुर के कलियागंज में पिछले दिनों एक स्कूली छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग करते हुए प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की जिससे पुलिस और स्थानीय लोगों में झड़प हो गई।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज भी किया था। कुछ ऐसे वीडियो भी सामने आए जिसमें स्थानीय लोग पुलिस की पिटाई करते दिखे। इसके बाद राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कह दिया कि भाजपा बिहार से गुंडों को बुला कर ये सब करवा रही है। उन्होंने कहा था कि राज्य में सोची समझी साजिश के तहत ये सब किया जा रहा है।

तिलक हटाओ, हिंदी मत बोलो, बुर्का मतलब महिला सशक्तिकरण… एआर रहमान के परिवार को कितना जानते हैं आप

बॉलीवुड के मशहूर गायक और म्यूजिक कंपोजर एआर रहमान (A R Rahman) को हाल ही में चेन्नई में हुए एक अवॉर्ड शो के दौरान बीवी सायरा बानो (Saira Banu) से ‘हिंदी में मत बोलो, तमिल में बोलो’ कहते हुए सुना गया। सोशल मीडिया पर उनका वीडियो वायरल होने के बाद से सायरा बानो चर्चा में हैं। एआर रहमान और सायरा बानो का निकाह 1995 में हुआ था। लेकिन संगीतकार की अम्मी करीमा बेगम ने अपने बेटे के लिए सायरा को नहीं, बल्कि उनकी छोटी बहन मेहर को पसंद किया था।

बानो के अब्बा कारोबारी रहे हैं। उन्होंने रहमान की अम्मी से साफ कह दिया था कि वह पहले अपनी बड़ी बेटी का निकाह करेंगे और फिर छोटी के बारे में सोचेंगे। तब जाकर उन्होंने सायरा को अपनी बहू बनाया। सायरा की बहन मेहर ने साउथ के मशहूर एक्टर राशिन रहमान (Rashin Rahman) के साथ निकाह किया है। सायरा और एआर रहमान के एक बेटा और दो बेटियाँ हैं। बेटे का नाम एआर आमीन है। वह प्लेबैक सिंगर हैं। बड़ी बेटी खातिजा है, जो अपने अब्बा की तरह संगीतकार हैं। छोटी बेटी का नाम रहीमा है।

खातिजा बुर्के को लेकर विवादों में रह चुकी है। बुर्के में उनकी एक तस्वीर पोस्ट कर प्रख्यात लेखिका तस्लीमा नसरीन ने खातिजा पर तंज कसा था। तस्लीमा ने 11 फरवरी 2020 को ट्वीट किया था, “मुझे एआर रहमान का संगीत बहुत पसंद है, लेकिन जब भी उनकी प्यारी बेटी को मैं देखती हूँ तो मेरा दम घुटने लगता है। यह जानकर निराशा हुई कि एक शिक्षित महिला का भी ‘सांस्कृतिक परिवार’ में बड़ी आसानी से ब्रेनवॉश किया जा सकता है।”

तस्लीमा नसरीन के ट्वीट पर भारी बवाल हुआ था। खातिजा ने बुर्के का बचाव करते हुए कहा था कि वह अपनी स्वेच्छा से बुर्का पहनती हैं। उन्होंने यहाँ तक कह दिया था कि इससे लड़कियाँ सशक्त होती हैं। वहीं अपनी बेटी के बुर्के का बचाव करते हुए एआर रहमान ने कहा था कि अगर संभव होता तो वे भी बुर्का पहन लेते। इसे उन्होंने महिलाओं के लिए अच्छी चीज बताई थी। खातिजा रहमान (Khatija Rahman) ने ऑडियो इंजीनियर रियासदीन शेख मोहम्मद से 5 मई 2022 को निकाह किया था।

बता दें कि तमिल गीतकार पिरईसूदन (Piraisoodan) ने 2020 में एआर रहमान (A R Rehman) के परिवार को लेकर एक हैरान करने वाला खुलासा किया था। उन्होंने कहा था कि एक बार जब वह रहमान के घर पर गए तो उनकी अम्मी ने उन्हें घर में विभूति और तिलक न लगाकर आने को कहा था। इसे सुनते ही पिरईसूदन ने अपने माथे से धार्मिक चिह्नों को हटाने से मना कर दिया था। पिरई के लिए रहमान की अम्मी के शब्द किसी धक्के से कम नहीं थे।

‘इस्लाम कबूलो वरना दर्द सहो’ : ब्रिटेन की जेलों में ‘मुस्लिम बंदी’ चला रहे गैंग, रिपोर्ट में बताया- कैदियों के सिरहाने रख दते हैं कुरान, धर्मांतरण का डालते हैं दबाव

ब्रिटेन सरकार द्वारा नियुक्त स्वतंत्र ‘फेथ एडवाइजर’ कॉलिन ब्लूम ने 25 अप्रैल 2023 को एक चौंकाने वाली रिपोर्ट ‘द ब्लूम रिव्यू’ जारी की। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटेन की जेल में रह रहे कैदियों को उनके साथ रह रहे मुस्लिम कैदी इस्लाम में परिवर्तित करवा रहे हैं और साथ ही उन्हें धर्मांतरण पर ‘सुरक्षा’ भी मिल रही है।

रिपोर्ट में लिखा है कि नए कैदियों के बिस्तर पर कुरान रखी जाती है और उन्हें विकल्प दिया जाता है कि या तो वो इस्लाम कबूल कर लें वरना दर्द सहें। ब्लूम की रिपोर्ट के अनुसार अगर जेल में कोई मुस्लिम के रूप में नहीं पहचाना जाता तो फिर उसे मुस्लिमों की गैंग कोई सुरक्षा नहीं देती और उसी कैदी को उसी गैंग की हिंसा और धमकियों का शिकार होना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि सरकार को कट्टरपंथी इस्लामवाद और इस्लाम व इस्लामी कट्टरपंथी और मुस्लिमों के बीच अंतर देखने के अपने प्रयासों को मजबूत करना होगा। 

ब्लूम की रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे जेल में तेजी से धर्मांतरण करवाया जा रहा है। 2021 तक जेल में मुस्लिमों की आबादी में 18% थी। 2002 के मुकाबले यह 8% बढ़ी हुई है।

रिपोर्ट कहती है, “लंदन की जेलों में मुस्लिम पुरुष कैदियों की आबादी कथिततौर पर लगभग 30% है जो कि लंदन की सामान्य आबादी में उनकी 15% से बहुत अधिक है।”

कॉलिन ने सरकार से ऐसे दावों की तत्काल समीक्षा करने की सिफारिश की, जिसमें कैदियों को जबरन कट्टरपंथी और जेल में परिवर्तित किए जाने की बात है। साथ ही कहा कि ये मजहब आधारित गैंग से जुड़ा मुद्दा है।

इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जेलों में किसी भी धर्म के कैदियों के मुकाबले हिंदू निम्न स्तर पर हैं, लेकिन रोजगार के मामले में ये सबसे ज्यादा हैं।

रिपोर्ट के 159 पेज में ब्लूम ने कहा कि अभी तक मामले में ‘अपर्याप्त कार्रवाई’ की गई है। सरकार को ‘जबरन निकाह’ जैसे मुद्दों में हो रहे अन्याय को रोकने से पीछे नहीं हटना चाहिए। इसके अलावा इस रिपोर्ट में कॉलिन ब्रिटेन में बढ़ रहे खालिस्तानी समर्थकों का मुद्दा भी सरकार के सामने लेकर आए।

रिपोर्ट में कहा गया, “नफरत और विभाजन को बढ़ाना, युवाओं का ब्रेनवॉश करना ताकि भारत में नफरत फैले, बहुत दुखदायी है। कुछ सिख कट्टरपंथी समूह धार्मिक स्थलों को फंड इकट्ठा करने के लिए प्रयोग कर रहे हैं ताकि घृणा फैला सकें। इस तरह के संगठनों को हमारे महान देश में रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।”

बबलू, सुरेंद्र, संदीप… हिंदू नाम रखकर फरारी काट रहा है बमबाज गुड्डू मुस्लिम, पहचान छिपाने के लिए बढ़ा ली है दाढ़ी: रिपोर्ट

प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड (Umesh Pal Murder Case) का आरोपित गुड्डू मुस्लिम (Guddu Muslim) पुलिस और STF की नजरों से लगातार भाग रहा है। सुरक्षा एजेेंसियों की नजरों से छिपते हुए उसे 62 दिन हो चुके हैं। वह अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग जगहों पर भागा फिर रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचने के लिए वह अपना हुलिया और स्थान लगातार बदल रहा है। इतना ही नहीं, वह हिंदू नाम रखकर लोगों की आँखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहा है। बता दें कि गुड्डू मुस्लिम पर उत्तर प्रदेश की सरकार ने 5 लाख रुपए का ईनाम रखा है।

मारा गया गैंगस्टर अतीक अहमद का सबसे खास बमबाज गुड्डू मुस्लिम को खोजने के लिए पुलिस दर-दर की खाक छान रही है। उसकी तलाश में पुलिस और STF उत्तर प्रदेश के अलावा कई और राज्यों तक पहुँची। हर संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन पुलिस अभी भी अतीक और भगोड़ी शाइस्ता परवीन के राजदार गुड्डू मुस्लिम का पता नहीं लगा पाई है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गुड्डू मुस्लिम की अंतिम लोकेशन ओडिशा के बाड़गढ़ में मिली थी। वह लगभग 12 दिन तक वहाँ रहा था। जब तक STF वहाँ पहुँचती, उससे पहले ही वह फरार हो गया। उसने अपना कपड़ों वाला बैग भी वहीं छोड़ दिया है। वह कभी बबलू, कभी सुरेंद्र तो कभी संदीप नाम रख रहा है।

पुलिस को आशंका है कि वह छत्तीसगढ़ में छिपा हो सकता है। वह बम बनाने के साथ-साथ वेश बदलने में भी माहिर है। वह लगातार वेश रहा है। इससे उसकी पहचान में मुश्किल आ रही है। हालाँकि, पुलिस ने उसके एक सहयोगी राजा खान को गिरफ्तार किया है। उसने पुलिस को बताया कि है गुड्डू मुस्लिम ने दाढ़ी रख ली है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जब अतीक और अशरफ जेल में थे तो वह शाइस्ता के साथ मिलकर अतीक के सारे बिजनेस और गैंग को सँभालता था। उसने अतीक की बीवी शाइस्ता परवीन के साथ मिलकर अतीक के बेटे असद तथा अन्य शूटरों के साथ उमेश पाल की हत्या कर दी थी।

फिल्म फेयर अवॉर्ड को विवेक अग्निहोत्री ने ठुकराया, 7 केटेगरी में ‘द कश्मीर फाइल्स’ को नॉमिनेशन: कहा- बाॅलीवुड की इस भ्रष्ट व्यवस्था का अंत होना चाहिए

बहुचर्चित फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ और उससे जुड़े लोगों को फिल्म फेयर की सात केटेगरी में पुरस्कार के लिए नाॅमिनेट किया गया है। 68वें फिल्म फेयर पुरस्कारों (Filmfare Awards) के लिए कश्मीर फाइल्स को बेस्ट फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट स्क्रीनप्ले के लिए विवेक अग्निहोत्री, बेस्ट एक्टर के लिए अनुपम खेर, बेस्ट एक्टर सपोर्टिंग रोल के लिए दर्शन कुमार और मिथुन चक्रवर्ती, बेस्ट एडिटिंग के लिए शंख राज्याध्यक्ष को नॉमिनेट किया गया है। लेकिन फिल्म के डायरेक्टर विवेक रंजन अग्निहोत्री ने इन पुरस्कारों से खुद को अलग कर लिया है।

इसकी जानकारी विवेक ने सोशल मीडिया पर एक लंबे पोस्ट के जरिए दी है। उन्होंने इन पुरस्कारों को सिनेमा विरोधी और अनैतिक करार देते हुए इसमें शामिल नहीं होने की बात कही है। साथ ही बताया है कि धीरे-धीरे एक दूसरा हिंदी फिल्म उद्योग उभर रहा है। उन्होंने लिखा है, “मुझे मीडिया से पता चला कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ को 68वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स के लिए 7 कैटेगरी में नॉमिनेट किया गया है। लेकिन मैं विनम्रतापूर्वक इन अनैतिक और सिनेमा विरोधी पुरस्कारों का हिस्सा बनने से इनकार करता हूँ।”

विवेक ने कहा है कि फिल्म फेयर के लिए सितारों का चेहरा ही मायने रखता है। इसलिए उसकी चापलूसी वाली दुनिया में संजय लीला भंसाली या सूरज बड़जात्या जैसे निर्देशक चेहरा नहीं हैं। संजय भंसाली को आलिया भट्ट तो सूरज को मिस्टर बच्चन और अनीस बज्मी के नाॅमिनेशन को कार्तिक आर्यन के चेहरे के साथ प्रस्तुत किया जाता है। इसलिए बॉलीवुड के भ्रष्ट, अनैतिक और चापलूस पुरस्कार समारोह से विरोध जताते हुए मैंने अलग होने का फैसला किया है। मैं ऐसे पुरस्कारों को स्वीकार नहीं करूँगा।

विवेक ने कहा है कि वे ऐसे किसी भी संस्था या समारोह का हिस्सा नहीं बनेंगे जो फिल्म में काम करने वाले डायरेक्टर, लेखक, एचओडी और अन्य क्रू मेंबर्स को अहमियत नहीं देते। जहाँ फिल्म से जुड़े अन्य लोगों के साथ सितारों के गुलामों जैसा व्यवहार किया जाता है। फिल्म फेयर पुरस्कारों से फिल्म निर्माताओं को शोहरत या मान नहीं मिलता, बल्कि उनके काम से मिलता है। इस अपमानजनक व्यवस्था को समाप्त होना चाहिए।

विवेक रंजन अग्निहोत्री ने फिल्मफेयर पुरस्कारों से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में सितारों के अलावा किसी की अहमियत नहीं है।
साभार- फिल्मफेयर

अपने पोस्ट के साथ विवेक अग्निहोत्री ने फिल्म फेयर के ट्विटर अकाउंट से पोस्ट कुछ स्क्रीनशॉट भी शेयर किए हैं। इसमें बेस्ट डायरेक्टर के लिए किन लोगों को नामित किया गया है, उसका विवरण है। डायरेक्टर्स अवॉर्ड कैटेगरी में नॉमिनेशन के लिए किए गए इस पोस्ट में कहीं भी फिल्म के डायरेक्टर की तस्वीर नहीं लगी है। उनकी जगह फिल्म में काम करने वाले सितारों की फोटो नजर आ रही है।

कश्मीर फाइल्स के डायरेक्टर ने पोस्ट में कहा है कि अच्छी बात यह है कि वे अकेले नहीं हैं। धीरे-धीरे ही सही लेकिन बॉलीवुड के समकक्ष एक अन्य हिंदी फिल्म इंडस्ट्री खड़ी हो रही है। आखिर में उन्होंने दुष्यंत कुमार की पक्तियाँ लिखी हैं,

सिर्फ हँगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं,
मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए।
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही,
हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए।

बता दें कि फिल्मफेयर अवॉर्ड का आयोजन 27 अप्रैल 2023 को जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर, बीकेसी, मुंबई में हो रहा है। इस साल अवॉर्ड फंक्शन को सलमान खान होस्ट करेंगे और उनका साथ आयुष्मान खुराना, मनीष पॉल जैसे स्टेज एंकर देंगे।