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अंसारी यूनिवर्सिटी बनाने के लिए मुख्तार अंसारी ने मंदिर की करोड़ों रुपए की जमीन पर किया कब्जा: अधिकारी खाली कराने से डरते हैं, ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश में बाहुबलियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। जेल में बंद गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के करीबी की आनंद यादव की 50 लाख रुपए की संपत्ति को कुर्क करने का आदेश जारी हुआ है। वहीं, उसके शूटर अंगद राय को बिहार के भभुआ से गाजीपुर लाने की तैयारी कर ली गई है। पिछले दिनों शराब के साथ उसे बिहार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। 

मुख्तार अपने परिवार के की सदस्यों के साथ जेल में बंद है। उसकी पत्नी आफसां अंसारी फरार है। अतीक की बीवी शाइस्ता परवीन की तरह आफसां पर भी पुलिस ने 50 हजार रुपए का ईनाम घोषित कर रखा है। इसकी धर-पकड़ के लिए पुलिस जगह-जगह तलाशी अभियान भी चला रही है, लेकिन अभी सफलता नहीं मिली है। वहीं, अंगद राय पर शिंकजा कस रहा है।

एक वक्त था कि मुख्तार के डर से आम जनता तो क्या नेता और अधिकारी भी नहीं बोलते थे। उसके गृह जनपद मऊ से लेकर पूर्वांचल में वही होता था, जो वो चाहता था। ऑपइंडिया से बात करते हुए इसके बारे में मऊ के डीएसपी धनंजय मिश्रा का कहना है कि एक समुदाय का नेता होने के अलावा उसमें और कोई मेरिट नहीं है। उस पर 5 दर्जन केस दर्ज हैं।

मुख्तार अंसारी इतना कॉन्फिडेंट हो गया था, उसे हिंदू धर्मस्थलों की जमीन पर कब्जा करते हुए भी किसी तरह का डर नहीं लगता था। उसने मऊ मेें सदर तहसील के अंतर्गत दक्षिण टोला में हिंदुओं के 125 साल पुराने धर्मस्थल की 4.60 एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता छोटेलाल गाँधी ने साल 2016 में थाने में शिकायत दी थी।

ऑपइंडिया के पास मौजूद शिकायत की कॉपी में कहा गया है कि मुख्तार ने राजस्व कर्मचारियों से गठजोड़ करके जमीन का फर्जी दस्तावेज तैयार किया और अपने से बैनामा कराकर जमीन पर कब्जा कर लिया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि बैनामा कराने के साथ ही उसने अपराधियों को इलाके में इकट्ठा किया और जेसीबी मशीन लगाकर भगवान की जमीन को अपने कब्जे में ले लिया।

हालाँकि, तब भी छोटेलाल गाँधी ने मुख्तार अंसारी के विरोध में खड़े हुए थे और उस लड़ाई को आज भी लड़ रहे हैं। ऑपइंडिया से बात करते हुए गाँधी ने कहा, “तत्कालीन विधायक मुख्तार अंसारी ने सन 2016 में 50 हजार लोगों के साथ में अंसारी यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखी। इससे सटे ठाकुर जी (भगवान की) की लगभग 15 करोड़ रुपए की जमीन को पर भी वह कब्जा करने लगा।”

गाँधी आगे कहते हैं, “इसकी जानकारी मुझे मिली तो मैंने सारे अधिकारी को इस संबंध में पत्र लिखा। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो मई 2016 में मैंने सात दिन तक लगातार धरना दिया। इसके बाद जिलाधिकारी को बात पता चला तो वो अन्य अधिकारियों को लेकर आए कहा कि सात दिन में सारी जमीन वापस ठाकुर जी के नाम कर दी जाएगी।”

मुख्तार पर राजनीतिक सरपरस्ती की घटना को याद करते हुए गाँधी आगे कहते हैं, “उस समय प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी और मुख्तार सपा का विधायक था। किसी डीएम या अधिकारी की औकात नहीं थी कि वह मुख्तार अंसारी के खिलाफ जाँच करा दे। जाँच नहीं हुई। साल 2019 में मुख्तार का खास गुर्गा गणेश दत्त मिश्रा ने फर्जी तरीके से जमीन को अपने नाम दर्ज करा लिया।”

गाँधी बताते हैं कि गणेश दत्त मिश्रा मुख्तार के सहयोग से बड़ी-बड़ी जमीनों पर कब्जा करता था और उसकी प्लॉटिंग करके बेचता था। उसने भी साल 2019 में ठाकुर जी की जमीन को राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर अपने नाम करा लिया और फिर उसकी प्लॉटिंग करके बेचने लगा। गाँधी कहते हैं कि जैसे ही इसकी जानकारी उन्हें मिली, उन्होंने तुरंत इसकी सूचना डीएम को दी। इसके बाद मिश्रा सहित 60 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।

छोटेलाल गाँधी ने आगे बताया, “SDM निरंकार सिंह ने दो महीने के भीतर उस जमीन पर से सारे लोगों के नाम निरस्त करके उस जमीन को ठाकुर जी के नाम कर दी और उसका प्रबंधक मऊ कलेक्टेरियट को बना दिए। मुख्तार के आदमी अभी भी बहुत हैं मऊ में। बेदखली के बाद भी उस जमीन को आजतक खाली नहीं की गई है।” उन्होंने कहा कि अभी अधिकारी मुख्तार से डरते हैं कि कहीं सरकार बदल गई तो मुश्किल हो जाएगी।

छोटेलाल गाँधी ने यह भी बताया कि उन्होंने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी और मुख्तार अंसारी की लगभग 8 अरब रुपए की संपत्ति पर कार्रवाई के लिए आवेदन दिया था। ये पूछे जाने पर कि जब अधिकारी मुख्तार से डरते हैं तो आपको डर नहीं लगता, इस पर छोटेलाल कहते हैं कि वे यह काम मरने के लिए ही करते हैं। उन्हें मुख्तार-उख्तार से कोई डर नहीं है।

भगवा कुर्ता देख भड़के कॉन्ग्रेसी: अपने ही नेता की कर दी पिटाई, फाड़ डाले कपड़े; बोले पीड़ित- पहले भाजपाई बताया फिर लाठी-डंडों से पीटा

उत्तर प्रदेश के अमेठी में भगवा कुर्ता पहनकर पार्टी बैठक में जाना एक कॉन्ग्रेस नेता को भारी पड़ गया। ये नेता हैं, युवा कॉन्ग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला। उनका कहना है कि भगवा कुर्ता पहनने के कारण पहले तो कॉन्ग्रेस जिला अध्यक्ष समेत अन्य पार्टी नेताओं ने उन्हें भाजपाई बताया और फिर उनकी पिटाई कर दी। इस संबंध में उन्होंने पुलिस से भी शिकायत की है।

दरअसल, निकाय चुनावों को लेकर कॉन्ग्रेस कार्यालय में गुरुवार (27 अप्रैल 2023) को बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में शुक्ला भगवा कुर्ता पहनकर पहुँच गए। कथित तौर पर कॉन्ग्रेस के अन्य नेताओं को उनका भगवा कुर्ता पहनना नागवार गुजरा। शुरुआती कहासुनी के बाद मामला मारपीट में बदल गया। आरोप है कि कई कॉन्ग्रेस नेताओं ने मिलकर अखिलेश शुक्ला के साथ मारपीट की।

शुक्ला का कहना है कि बैठक समाप्त होने के बाद उनके साथ मारपीट हुई। उन्होंने बताया कि बैठक के बाद जब वे जा रहे थे तभी भगवा कुर्ता के कारण कॉन्ग्रेस के एक नेता ने उन्हें भाजपाई बोल दिया। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हो गई। बात इतनी बिगड़ी गई कि कॉन्ग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने कथित तौर पर उन्हें झापड़ मार दिया।

प्रदीप सिंघल के झापड़ मारने के बाद वहाँ मौजूद युवक कॉन्ग्रेस के जिलाध्यक्ष शुभम सिंह, समीर, बृजेंद्र सिंह लोहा व अन्य लोगों ने भी शुक्ला के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि शुक्ला को लोहे की रॉड से भी पीटा है। इस मारपीट में उनके कपड़े फट गए और जेब में रखे 23400 रुपए भी गायब हो गए।

हालाँकि यूथ कॉन्ग्रेस के जिला अध्यक्ष शुभम सिंह ने शुक्ला के आरोपों को निराधार बताया है। कहा है कि अखिलेश शुक्ला ने ही गालियाँ देते हुए लाठी-डंडों से मारपीट की थी। भगवा कुर्ता को लेकर लगाए गए आरोप पूरी तरह से झूठे हैं। वहीं, अखिलेश शुक्ला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कॉन्ग्रेस जिला अध्यक्ष समेत आधा दर्जन नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

इस्लामी आतंकियों ने एक हफ्ते में मारे 134 ईसाई, पादरी को घर में घुसकर मार डाला: नाइजीरिया में इस साल 1000 ईसाइयों की हो चुकी है हत्या

अफ्रीका के नाइजीरिया में इस्लामी आतंकियों का कहर जारी है। रिपोर्ट का दावा है कि वहाँ 2023 के शुरुआती महीने से लेकर अब तक 1000 से ज्यादा ईसाई मारे जा चुके हैं। सिर्फ एक हफ्ते में वहाँ 134 ईसाइयों को मौत के घाट उतारा गया है। हालिया मामला एक पादरी की हत्या से जुड़ा है।

पादरी की पहचान याकूबू शुएबू (Yakubu Shuaibu) के तौर पर हुई है। वो नाइजीरिया के ब्रेथ्रेन चर्च में काम करते थे। पश्चिमी प्रांत के इस्लामी स्टेट के आतंकियों ने उन्हें नाइजीरिया के उत्तर पूर्वी राज्य बोर्नो में 4 अप्रैल को उनके घर मडलाऊ में मारा। ये जानकारी नाइजीरिया के नेता सलामतू बिल्ली ने दी।

उन्होंने बताया कि इस दौरान आतंकियों ने पादरी की गर्भवती बीवी को भी गोली मारकर चोटिल किया। उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। दोनों पति-पत्नी ने 4 साल पहले ईवाईएन चर्च में काम करना शुरू किया था।

पादरी शुएबु की हत्या के बाद EYN के नेता सलामतू बिल्ली ने लोगों से अपील की कि पादरी की पत्नी के स्वस्थ होने की प्रार्थना करें। उन्होंने जानकारी दी कि ईवाईएन में ईसाइयों को लगातार मारा जा रहा है। खासकर जो चर्च में सेवा करते हैं। ये तीसरे पादरी की हत्या है जो पिछले कुछ ही समय में अंजाम दी गई है। 

इस हत्या के बाद स्थानीयों ने बताया कि इस्लामी स्टेट के आतंकियों ने पादरी को मारने के बाद कई क्रिश्चियन निज्मटिलो, पुल्का, अजीरी माफा ग्रामों में भी कहर बरपाया था। उन्होंने ईसाइयों के घर और खाने को लूट लिया था। 

बता दें कि मॉर्निंग स्टार की खबर के अनुसार, नाइजीरिया के बेन्यू राज्य में फुलानी आतंकियों ने अप्रैल 2 से 10 के बीच में 134 ईसाइयों को मारा है। स्थानीय निवासी जोसेफ ने मीडिया को बताया कि ये बात सच है कि ये आतंकी 23 में से 18 सरकारी इलाकों को तबाह कर चुके हैं जहाँ ज्यादातर कभी ईसाई रहते थे। इन इलाकों के नाम मकरूडी, गुमा, ओटूकपो, अपा और लोगो हैं।

पादरी ने डोमिनिक चर्च के अनुसार, हथियारबंद फुलानी आतंकी ईसाइयों पर लंबे समय से हमला करते आए हैं लेकिन हाल फिलहाल में ये हमले कुछ ज्यादा ही हो गए। सरकारी क्षेत्र क्वांदे का गाँव तुरान पर भी फुलानी आतंकियों द्वारा हमला किया गया। 5 अप्रैल को इन आतंकियों ने उमोगिदी ग्राम पर हमलाकर 52 ईसाइयों को मारा था। 7 अप्रैल को न्गबान, गुमा पर हमला कर 38 ईसाइयों को मारा था और 36 घायल हुए थे।

पादरी बताते हैं कि इस बीच ईसाई समुदाय के कई बच्चे और औरतें घर छोड़ कैंपों में रहने लगे हैं। फुलानी आतंकियों ने उनके घरों पर हमला कर रहे हैं, उन्हें जला रहे हैं। ईसाई चर्च में जाकर प्रार्थना भी नहीं कर पाते।

‘मन की बात’ के 100वें एपिसोड से पहले PM मोदी ने 84 जिलों को दी सौगात, 91 FM ट्रांसमीटर्स का उद्घाटन: कहा- यह जुड़ाव रेडियो से ही संभव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (28 अप्रैल 2023) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 91 एफएम ट्रांसमीटर्स का उद्धाटन किया। इससे 18 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के 84 जिलों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री ने रेडियो संपर्क को यह विस्तार ऐसे समय में दिया है, जब ‘मन की बात’ के 100वें एपिसोड का प्रसारण आने वाले रविवार यानी 30 अप्रैल 2023 को होना है।

‘मन की बात’ की बात प्रधानमंत्री मोदी का मासिक रेडियो कार्यक्रम है। ट्रांसमीटर्स का उद्धाटन करने के बाद उन्होंने कहा कि रेडियो और FM से उनका रिश्ता एक श्रोता और होस्ट दोनों का है। बीते वर्षों में देश में तकनीक की जो क्रांति हुई है, उसने रेडियो और विशेषकर FM को नए अवतार में गढ़ा है। इंटरनेट के कारण रेडियो पिछड़ा नहीं है, बल्कि ऑनलाइन FM और पॉडकास्ट के जरिए इनोवेटिव तरीकों से सामने आया है। यानी डिजिटल इंडिया ने रेडियो को नए श्रोता भी दिए हैं और नई सोच भी दी है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “कुछ दिन बाद मैं रेडियो पर मन की बात का 100वाँ एपिसोड करने जा रहा हूँ। मन की बात का ये अनुभव, देशवासियों से इस तरह का भावनात्मक जुड़ाव केवल रेडियो से ही संभव था। मैं इसके जरिए देशवासियों के सामर्थ्य और सामूहिक कर्तव्यशक्ति से जुड़ा रहा। भारत अपने सामर्थ्य को पूरा इस्तेमाल कर पाए इसके लिए जरूरी है कि किसी भी भारतीय के पास अवसरों की कमी न हो। आधुनिक तकनीक तो सभी के लिए सुगम और अफोर्डेबल बनाना, इसका एक बड़ा माध्यम है।”

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि लद्दाख के न्योमा गाँव में दुनिया का सबसे ऊँचा ट्रांसमीटर लगाया गया है। यह एक रिकॉर्ड की तरह है। न्योमा गाँव 4100 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।

बता दें कि देश के सुदूर और सीमावर्ती इलाकों में रेडियो संपर्क को विस्तार देने के लिए यह कदम उठाया गया है। नए ट्रांसमीटर में कुछ ऐसे भी हैं जो सीमावर्ती इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के उद्देश्य से स्थापित किए गए हैं। इन ट्रांसमीटर के शुरू होने से अब देश में FM का दायरा 35000 वर्ग किलोमीटर बढ़ गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, नए FM ट्रांसमीटर बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, नागालैंड, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, केरल, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, लद्दाख और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 84 जिलों में स्थापित किए गए हैं। इससे 2 करोड़ लोगों को फायदा होगा। ये ट्रांसमीटर 100 वॉट की क्षमता वाले हैं।

WFI के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर दिल्ली पुलिस दर्ज करेगी FIR, सुप्रीम कोर्ट को बताया: पहलवानों ने यौन शोषण का लगाया है आरोप

भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों द्वारा दी गई याचिका पर आज शुक्रवार (28 अप्रैल 2023) को सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने कहा कि वह बृजभूषण शरण के खिलाफ वह यौन शोषण का मामला दर्ज करेगी।

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस नरसिम्हा की पीठ ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह नाबालिग महिला पहलवानों को सुरक्षा उपलब्ध कराए। वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी उच्चतम न्यायालय को बताया कि प्राथमिकी आज शुक्रवार (28 अप्रैल 2023) को दर्ज की जाएगी। कोर्ट ने एक सप्ताह बाद इस मामले में प्रोग्रेस रिपोर्ट भी देने को कहा है।

दरअसल, बबीता फोगाट, विनेश फोगाट, संगीता फोगाट, साक्षी मलिक सहित 7 महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह पर खिलाड़ियों का यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। इन खिलाड़ियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका देकर कहा था कि दिल्ली पुलिस उनकी शिकायत पर FIR दर्ज नहीं कर रही है।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 25 अप्रैल 2023 को इस संबंध में नोटिस जारी करने के आदेश दिए। दिल्ली पुलिस ने कहा कि उसे 7 शिकायतें दर्ज की गई हैं। उन सभी की जाँच की जा रही है। कोई पुष्ट सबूत के सामने आते ही FIR दर्ज की जाएगी। केंद्रीय खेल मंत्रालय की समिति से भी दिल्ली पुलिस ने संपर्क किया है और डिटेल्स माँगे थे।

महिला पहलवानों का आरोप है कि कोई भी पुलिस स्टेशन बृजभूषण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज नहीं कर रहा है। थाने के पुलिसकर्मी पहले इसकी जाँच करने की बात कह रहे हैं, फिर FIR की। इसके बाद महिला पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करने की सहमति दी है।

इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 7 महिला पहलवानों द्वारा WFI अध्यक्ष पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों पर FIR दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जाँच की जरूरत है। सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी सर्वोच्च अदालत में यही बात दोहराई।

हालाँकि, तुषार मेहता ने CJI डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ के समक्ष यह भी कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट को लगता है कि सीधे FIR दर्ज की जानी है तो ऐसा किया जा सकता है। इसी बीच राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा रेखा शर्मा ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है।

बताते चलें कि महिला पहलवानों कई राजनीतिक दलों और जाट समुदाय के खापों का भी समर्थन मिला है। वहीं, हरियाणा कुश्ती संघ के महासचिव राकेश कोच ने बृजभूषण शरण का समर्थन किया है। उन्होंने महावीर फोगाट परिवार पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उधर, एथलीट नीरज चोपड़ा और पूर्व क्रिकेटर कपिलदेव भी इनके समर्थन में आ गए हैं।

उधर, हरियाणा कुश्ती संघ के महासचिव राकेश कोच ने महावीर फोगाट परिवार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका परिवार कुश्ती संघ पर कब्जा करना चाहता है। राकेश कोच ने कहा कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस नेता भूपेंद्र हुड्डा अपने बेटे दीपेंद्र हुड्डा को WFI का अध्यक्ष बनवाना चाह रहे हैं। इसलिए वे खिलाड़ियों को भड़का रहे हैं।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों पर निशाना साधते हुए राकेश कोच ने कहा कि ये खिलाड़ी किसी कार्यक्रम में आने के लिए पैसे लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा। कि बजरंग पुनिया सरकारी अधिकारी हैं और रेलवे की अनुमति के बिना वे धरने पर बैठे हैं। राकेश ने कहा कि विनेश फोगाट और साक्षी के साथ कुछ गलत नहीं हुआ।

उधर, केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने गुरुवार (27 अप्रैल 2023) को कहा, “हमने 12 घंटे तक पहलवानों को सुना। 14 बैठकें कीं और एक समिति बनाई। हम भी निष्पक्ष जाँच चाहते हैं। सभी को एक निरीक्षण समिति के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर दिया गया। किसी भी थाने में प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है।”

उन्होंने आगे कहा, “समिति का प्रमुख निष्कर्ष निष्पक्ष चुनाव था। तब तक, एक तदर्थ समिति का गठन किया जाना चाहिए और एक आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया जाना चाहिए।” बता दें कि अगले महीने के पहले सप्ताह में WFI के अध्यक्ष पद का चुनाव होना था, लेकिन विवाद के बाद उसे टाल दिया गया है।

₹300 करोड़ की रिश्वत के मामले में पूछताछ के लिए CBI पहुँची सत्यपाल मलिक के घर: जम्मू-कश्मीर में फाइलों की मंजूरी के लिए रकम का दिया गया था प्रस्ताव

कई प्रदेशों में राज्यपाल रहे भाजपा के दिग्गज जाट नेता के घर केंद्रीय जाँच एजेंसी CBI की टीम पहुँची है। सीबीआई कथित रिश्वत मामले में जानकारी के लिए उनके घर पहुँची है। मामला रिलायंस बीमा योजना से संबंधित है। मलिक ने आरोप लगाया था कि इसे आगे बढ़ाने के लिए उन्हें रिश्वत की पेशकश की गई थी।

पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने दावा किया था कि 23 अगस्त 2018 और 30 अक्टूबर 2019 के बीच जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहते हुए उनके सामने दो फाइलें आई थीं। इन दो फाइलों को मंजूरी देने के लिए उन्हें 300 करोड़ रुपए रिश्वत की पेशकश की गई थी। उन्होंने दावा किया था इस प्रस्ताव को उन्होंने ठुकरा दिया था।

अधिकारियों ने बताया था कि शुक्रवार (28 अप्रैल 2028) को बीमा घोटाले की जाँच के सिलसिले में जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक से पूछताछ करेगी। उन्होंने कहा कि सीबीआई की एक टीम राष्ट्रीय राजधानी के आरकेपुरम इलाके में स्थित सोम विहार के उनके आवास पर जाकर इस मामले में स्पष्टीकरण ली।

पिछले सात महीनों में सत्यपाल मलिक से यह दूसरी बार पूछताछ है। इसके पहले अक्टूबर 2022 को सीबीआई ने उनसे पूछताछ की थी। बिहार, जम्मू-कश्मीर, गोवा और मेघालय में राज्यपाल रह चुके सत्यपाल इस मामले में संदिग्ध नहीं हैं। इस मामले में सीबीआई ने देश में कुछ जगहों पर छापेमारी भी की थी।

सत्यपाल मलिक ने 17 अक्टूबर 2021 को राजस्थान के झुंझनूं में हुए एक कार्यक्रम में कहा था, “मैं श्रीनगर के दो मामलों के लिए प्रधानमंत्री के पास गया था। दोनों गलत थे, कैंसिल कर दिए। मुझे डेढ़-डेढ़ सौ करोड़ रुपए रिश्वत की पेशकश की गई थी। मुझे कुछ नहीं चाहिए। मैं 5 कुर्ते-पायजामे में आया था, उसी में चला जाऊँगा।”

सत्यपाल मलिक ने पहले आरोप लगाया था कि महबूबा मुफ़्ती-भाजपा सरकार में मंत्री रहे एक RSS से जुड़े शख्स की फाइल और अंबानी से जुड़ी एक फ़ाइल क्लियर करने के लिए उन्हें 300 करोड़ रुपए रिश्वत की पेशकश की गई थी। उन्होंने ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ के उक्त नेता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीबी करार दिया था।

इसके बाद हाल ही में करण थापर को दिए इंटरव्यू में मलिक ने आरोप लगाया था कि जब वह जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे, तब आरएसएस और बीजेपी नेता राम माधव ने रिलायंस इंश्योरेंस द्वारा प्रस्तावित योजना को पारित कराने की कोशिश करने के लिए उनसे मुलाकात की थी, लेकिन उन्होंने इसे रद्द कर दिया था। सत्यपाल मलिक ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे तब राम माधव ने ‘अंबानी’ से संबंधित दो फाइलें पास करने के लिए उन्हें 300 करोड़ रुपए की रिश्वत देने की कोशिश की थी।

इंटरव्यू के दौरान कई विवादास्पद टिप्पणियाँ करते हुए सत्यपाल मलिक ने कहा था, “शुरुआत में मैंने इस योजना को पास किया था, लेकिन बहुत से लोगों ने मुझे इसे वापस लेने के लिए कहा। पहली बात तो यह हुई कि सरकारी कर्मचारी इस योजना के आने से वास्तव में नाखुश थे। ऐसा इसलिए क्योंकि इस योजना के लिए सभी सरकारी कर्मचारियों को सालाना 8,500 रुपये का भुगतान करना पड़ता था। सेवानिवृत्त अधिकारियों को 20,000 रुपये से अधिक देने थे।”

हालाँकि, संघ के नेता राम माधव ने इन आरोपों से इनकार किया है और सत्यपाल मलिक को मानहानि का नोटिस भेजा है। मलिक को भेजे गए अपने कानूनी नोटिस में राम माधव ने कहा था, “मलिक ने राजनीतिक दायरे में प्रासंगिक बने रहने के लिए असत्य और मानहानिकारक बयान दिए।”

‘मैसेज देखे, यह अफेयर था’: कलियागंज में जिस दलित नाबालिग की रेप के बाद हत्या का दावा, उसे CM ममता बनर्जी ने ‘प्रेम प्रसंग’ से जोड़ा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कलियागंज में कथित तौर पर बलात्कार के बाद हत्या किए जाने के मामले को ‘प्रेम प्रसंग’ से जुड़ा बताया है। अपने दावे की पुष्टि के लिए उन्होंने व्हाट्सऐप मैसेज का हवाला दिया है। नबन्ना (राज्य सचिवालय) में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया, “हमें यह सब जानकर बहुत दुख हुआ, लेकिन हमने व्हाट्सऐप मैसेज देखे हैं… यह प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला है। डॉक्टरों ने भी कहा कि उसने जहर खाया था। यह एक आत्महत्या का मामला है। पुलिस इसकी जाँच कर रही है।”

मामले की प्रारंभिक जाँच के बीच इस तरह के दावे कर ममता बनर्जी ने अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहीं हैं। पश्चिम बंगाल के दिनाजपुर जिले के कलियागंज में 21 अप्रैल की सुबह एक 17 वर्षीय दलित लड़की का शव नहर में तैरता हुआ पाया गया था। पीड़िता के परिजनों का आरोप लगाया था कि किशोरी की हत्या करने से पहले उसके साथ दुष्कर्म किया गया।

रिपोर्टों के अनुसार, लड़की 20 अप्रैल को ट्यूशन से घर लौटते हुए रास्ते से लापता हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में जावेद अख्तर सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया था, ये पीड़िता को जानते थे। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया है। यह पहली बार नहीं है, जब ममता बनर्जी ने ऐसा दावा किया हो। इससे पहले भी वह पीड़ितों पर उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए झूठ बोलने का आरोप लगा चुकी हैं।

ममता बनर्जी ने जब बलात्कार के मामलों से झाड़ा पल्ला

6 फरवरी, 2012 को एक एंग्लो-इंडियन महिला सुज़ेट जॉर्डन (Suzette Jordan) जब कोलकाता के पार्क स्ट्रीट से घर लौट रही थी, तभी 5 लोगों ने चलती कार में उसके साथ बलात्कार किया। यह खबर सामने आने के तुरंत बाद टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने आरोपितों को क्लीनचिट दे दिया। उन्होंने इस घटना को मनगढ़ंत कहानी करार दिया था। उनके मुताबिक, यह सब केवल सरकार को बदनाम करने के लिए किया गया था। यही नहीं एक न्यूज चैनल से बात करते हुए टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पीड़िता के चरित्र पर सवाल उठाए और रेप के एंगल से भी इनकार किया।

उस समय के बंगाल के परिवहन मंत्री ने भी पीड़िता के चरित्र पर सवाल उठाते हुए उसकी शिकायत को फर्जी बताया था। लेकिन 3 साल बाद 2015 में कोलकाता की एक अदालत ने पार्क स्ट्रीट मामले में बलात्कार के आरोपों को बरकरार रखा और आरोपित नासिर खान, रुमान खान और सुमित बजाज को दोषी पाया।

2013 में राज्य में बलात्कार के बढ़ते मामलों के बारे में पश्चिम बंगाल विधानसभा में एक बहस के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा था कि यह राज्य की जनसंख्या में वृद्धि के कारण है। उन्होंने बलात्कार के बढ़ते मामलों के लिए आधुनिकीकरण, शॉपिंग मॉल और मल्टीप्लेक्स में वृद्धि को भी जिम्मेदार ठहराया था।

उसी साल बर्दवान के कटवा में एक और मामले में ममता बनर्जी ने जाँच समाप्त होने से पहले ही बलात्कार के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्हें यह कहते हुए सुना गया था, “एक राजनीतिक दल यह सब कर रहा है, बलात्कार-बलात्कार चिल्ला रहा है। ये पश्चिम बंगाल का नाम खराब करने के लिए ड्रामा कर रहे हैं।”

टेलीग्राफ की रिपोर्ट का स्क्रीनग्रैब

गौरतलब है कि पिछले साल अप्रैल में पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के हंसखली में एक नाबालिग लड़की की जन्मदिन की पार्टी में गैंगरेप के बाद मौत हो गई थी। लड़की के परिवार ने दावा किया था कि इस मामले में मुख्य आरोपित तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के एक पंचायत सदस्य का बेटा है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया था।

वहीं, ममता बनर्जी ने परिवार के गैंगरेप के दावे पर ही सवाल खड़े कर दिए थे। बनर्जी ने कहा था, “आपको कैसे पता कि उसके साथ रेप हुआ, क्या वो प्रेग्नेंट थी, या लव अफेयर का मामला था या फिर वह बीमार थी।” उन्होंने यह भी कहा था, “अगर कपल रिलेशनशिप में है तो हम उन्हें कैसे रोक सकते हैं। यह यूपी नहीं है कि मैं लव जिहाद के नाम पर ऐसा कर सकती हूँ।”

दिल्ली मेट्रो में ये क्या हो रहा है, अब सीट पर बैठ हस्तमैथुन करता दिखा युवक: ओरल सेक्स का भी Video वायरल, बोला DMRC- ऐसी हरकत देखते ही हमें बताएँ

सोशल मीडिया पर मेट्रो में रिकॉर्ड हुई दो आपत्तिजनक घटनाओं की वीडियोज वायरल हो रही हैं। एक वीडियो में खुलेआम एक आदमी को चलती मेट्रो में मास्टरबेशन करते देखा जा सकता है और दूसरी वीडियो में ओरल सेक्स हो रहा है। कथिततौर पर एक घटना दिल्ली की है। इन्हें IANS के असिस्टेंट एडिटर अतुल कृष्णन ने शेयर किया है।

अतुल ने लिखा, “ये सब हो क्या रहा है दिल्ली मेट्रो में। पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए वरना ऐसी और वीडियोज देखने को मिलेंगी।”

हैरानी की बात यह है कि दोनों वीडियो चलती ट्रेन में रिकॉर्ड की गई हैं। पहली क्लिप में देख सकते हैं कि दो आदमी हैं और एक दूसरे के सामने झुककर ओरल सेक्स कर रहा है। बैकग्राउंड में सिर्फ ट्रेन का दरवाजा दिखाई दे रहा है इसलिए इस बात की पुष्टि नहीं की जा सकती कि ये दिल्ली मेट्रो की है या कहीं और की।

दूसरे क्लिप में भी देख सकते हैं कि एक आदमी मेट्रो की सीट पर बैठ मोबाइल में देख रहा है और मास्टरबेट कर रहा है। पहले इनके बगल में एक लड़का-लड़की बैठे दिखते हैं। हालाँकि उसके बाद दोनों लड़का-लड़की चले जाते हैं और वो तब भी लगातार सेक्सुअल एक्टिविटी करता रहता है।

वीडियो देखकर पता चल रहा रहै कि सामने बैठे व्यक्ति ने इस वीडियो को बनाया है। साइड में बैठी महिला आदमी को देख घिन खा रही है और मेट्रो पर स्टेशन का नाम दिल्ली कैंट नजर आ रहा है।

ऑपइंडिया ने इन दिनों ही वीडियोज पर अतुल कृष्णन से बात की। उन्होंने बताया कि वो पहली वीडियो को लेकर पुष्टि नहीं कर सकते कि वो दिल्ली मेट्रो की है या नहीं। लेकिन दूसरी वीडियो को लेकर वो कहते हैं कि ये दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन की ही है।

इन वीडियोज के सामने आने के बाद DMRC ने कहा- “हम यात्रियों से मेट्रो में यात्रा करते समय जिम्मेदारी से व्यवहार करने का अनुरोध करते हैं। यदि अन्य यात्री इस तरह के आपत्तिजनक व्यवहार को देखते हैं तो उन्हें कॉरिडोर, स्टेशन, टाइम आदि का विवरण देते हुए तुरंत डीएमआरसी हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।”

उल्लेखनीय है कि इससे पहले ऐसा मामला इसी साल जनवरी के महीने में आया था। तब जाकिर नाम के आदमी को डीटीसी में महिला यात्री के सामने अश्लील हरकत करते पकड़ा गया था। मध्यप्रदेश में भी एक आदमी विश्वेश्वर महादेव मंदिर के आगे प्राइवेट पार्ट दिखाने के आरोप में गिरफ्तार हुआ था। 2022 में एक गुरुग्राम का इंजीनियर भी दिल्ली मेट्रो में महिला के सामने ऐसी बेशर्मी करते पकड़ा दया था।

सोने के आसन पर विराजमान होंगे रामलला, भगवान सूर्य करेंगे अभिषेक: 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर में विग्रह की होगी प्राण प्रतिष्ठा

अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर के दर्शन के लिए करोड़ों भक्त इंतजार कर रहे हैं। इस बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तारीख का ऐलान किया है। 22 जनवरी 2024 को प्रभु श्रीराम गर्भगृह में विराजमान होंगे। इसके अलावा, रामनवमी पर भगवान राम के सूर्य तिलक की भी तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं।

दरअसल, श्रीराम की नगरी अयोध्या में उत्तर प्रदेश सर्राफा मंडल एसोसिएशन का प्रांतीय अधिवेशन आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा है कि गर्भगृह में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर कई तिथियों पर विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद फैसला लिया गया है कि 22 जनवरी 2024 को यह अनुष्ठान पूर्ण किया जाएगा।

चंपत राय ने यह भी कहा है कि रामलला के विराजमान होने की तिथि सामने आने के बाद अब गर्भगृह का निर्माण सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, रामलला की मूर्ति का निर्माण अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। गर्भगृह के निर्माण में मकराना मार्बल का उपयोग हो रहा है। मंदिर के शिखर, रामलला के आसन और दरवाजे में सोने का उपयोग किया जाएगा। गर्भगृह तक पहुँचने के लिए भक्तों को 34 सीढ़ियाँ चढ़नी होंगी।

राय ने यह भी कहा है कि रामलला की मूर्ति का निर्माण अयोध्या में ही होगा। मूर्ति में भगवान राम के स्वरूप को 5 वर्ष के बालक की तरह दिखाया जाएगा। रामनवमी पर रामलला की मूर्ति के मस्तक पर भगवान सूर्य स्वयं अभिषेक करेंगे। इसके लिए वैज्ञानिक पूरी तैयारियाँ कर चुके हैं। इस प्रक्रिया को सूर्य तिलक का नाम दिया गया है। सूर्य भगवान की किरणें करीब 5 मिनट तक रामलला के मस्तक पर होंगी। इसके लिए किए गए प्रयोग भी सफल हो चुके हैं।

रामलला की जन्मभूमि को भव्य बनाएगा पंचदेव मंदिर…

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में बन रहे रामलला के मंदिर में पंचदेव मंदिर का भी निर्माण होना है। इस मंदिर में भगवान गणेश, माँ भवानी, भगवान शंकर, भगवान हनुमान, सूर्य देवता के साथ ही भगवान राम के वनवास के दौरान उनके संपर्क में आई विभूतियाँ भी विराजमान होंगी। इसमें माता शबरी, जटायु, निषाद राज, अगस्त्य मुनि, ऋषि विश्वामित्र, ऋषि वशिष्ठ, महर्षि वाल्मीकि और देवी अहिल्या जैसे नाम शामिल हैं।

इसको मंदिर के निर्माण को लेकर, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल का कहना है कि पंचदेव मंदिर का निर्माण तीन चरण में होना है। पहले चरण के निर्माण की नींव पड़ चुकी है। पंचदेव मंदिर के निर्माण के बाद श्रद्धालु रामलला के दर्शन और परिक्रमा कर पंचदेव मंदिर में भी पूजा अर्चना कर सकेंगे। इस मंदिर का निर्माण मंदिर के परकोटे में होना है। मंदिर का निर्माण 2025 तक पूरा होने का अनुमान है।

बेड तक रखें सेक्शुअल पसंद, हर जगह न करें प्रदर्शन: समलैंगिक विवाह पर कंगना रनौत, कहा- बिस्तर में क्या करते हैं उससे नहीं बनती पहचान

समलैंगिक विवाह को कानूनी वैधता देने पर इन दिनों बहस छिड़ी हुई है। सुप्रीम कोर्ट से लेकर सोशल मीडिया तक रिएक्शंस देखने को मिल रहे हैं। अब बाॅलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) की प्रतिक्रिया भी इस मुद्दे पर सामने आई है। शुक्रवार (28 अप्रैल 2023) को उन्हें सिलसिलेवार ट्वीट में कहा है कि आपके जेंडर से आपके अलावा किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता। आप जो काम करते हैं, उससे आपकी पहचान होती है। इसलिए अपनी सेक्शुअल प्रेफरेंस बिस्तर तक ही सीमित रखें। हर जगह उसका प्रदर्शन करना ठीक नहीं।

उन्होंने लिखा, “चाहे आप एक पुरुष, महिला या कुछ और हों, आपके जेंडर का आपके अलावा किसी और के लिए कोई महत्व नहीं है, कृपया समझें। आज के समय में हम अभिने​त्रियों या महिला निर्देशकों जैसे शब्दों का भी उपयोग नहीं करते हैं, हम उन्हें एक्टर्स और डायरेक्टर्स कहते हैं। आप दुनिया में क्या करते हैं यह आपकी पहचान है, न कि आप बिस्तर में क्या करते हैं। अपनी सेक्शुअल पसंद को बिस्तर तक ही रखें। उसे अपना आईडी कार्ड या मेडल बनाकर हर जगह मत दिखाओ। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हर उस व्यक्ति का गला काटने के लिए छुरी लेकर न घूमें जो आपके जेंडर से सहमत नहीं है। मैं फिर कह रही हूँ कि आपका जेंडर आपकी पहचान नहीं है, इसे इस तरह से न बनाएँ।”

कंगना अपनी बात को जारी रखते हुए आगे कहती हैं, “मैं ग्रामीण क्षेत्र की महिला हूँ। जीवन ने मुझे कोई रियायत नहीं दी। मुझे अभिनेताओं, फिल्म निर्देशकों, निर्माताओं और लेखकों की दुनिया में अपनी जगह बनानी थी। कभी भी लोगों को जेंडर या किसी अन्य शारीरिक विशेषताओं के लेंस से न देखें। आप जानते हैं कि कंगना को सिर्फ एक महिला समझने वालों का क्या हुआ। आज वे बड़े आश्चर्य में हैं। मैं कभी भी खुद को या किसी और को इस तरह से नहीं देखती हूँ। मैं हमेशा लोगों के बीच रहती हूँ। व्यक्तिगत ऊर्जा केवल लोग ही होते हैं न कि पुरुष/महिला/होमो/हेट्रो/शारीरिक रूप से मजबूत या कमजोर।”

अभिनेत्री ने कहा है, “मैं अपनी जिंदगी में इतनी आगे नहीं आ पाती, अगर मैंने अपने और अपने आसपास के सभी लोगों को ऐसे ही जज किया होता। आप सभी अपने आसपास के लोगों को जज करने पर इतना समय क्यों बर्बाद करते हैं, कृपया समझें कि यदि आपके पास दुनिया के बारे में ऐसा सीमित दृष्टिकोण और धारणा है, तो आप ज्यादा दूर नहीं जा पाएँगे। जो कभी दूसरों के साथ न्याय नहीं कर पाते, वे कभी खुद के साथ भी न्याय नहीं कर सकते हैं। इसलिए अपने आप को जेंडर या किसी अन्य सीमित धारणा से मुक्त करें। उठो और चमको जैसे आप कौन हैं और धर्म कहता है कि आप भौतिक चीजों से परे परम ईश्वर हैं… शुभकामनाएँ।”

वर्क फ्रंट की बात करें तो कंगना अपनी आगामी फिल्म ‘इमरजेंसी’ में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की भूमिका में नजर आएँगी। इसके अलावा वह तेजस और चंद्रमुखी 2 में भी अहम किरदार निभाते हुए दिखाई देंगी।