Home Blog Page 1938

शेखर सुमन के जीजा हैं पटना से ‘लापता’ हुए डॉक्टर, 22 दिन बाद भी सुराग नहीं: अभिनेता ने कहा- मेरी बहन का बुरा हाल, हो CBI जाँच

बिहार के पटना से 1 मार्च को लापता हुए डॉक्टर संजय कुमार की गुमशुदगी अब एक बड़ा मामला बन गई है। बॉलीवुड अभिनेता शेखर सुमन ने इसे मीडिया में उठाया है और उचित कार्रवाई के लिए सीएम नीतीश कुमार से बात भी करने को कहा है।

सामने आई जानकारी के अनुसार, संजय कुमार बॉलीवुड एक्टर शेखर सुमन के रिश्ते में बहनोई हैं। उन्हें गायब हुए 22 दिन हो गए हैं। कई कोशिशों के बाद भी उनका कोई पता नहीं चल पाया है। शेखर की बहन का रो रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि संजय एक सीधे-सादे डॉक्टर थे जिनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी।

अभिनेता पूछते हैं कि अगर हम ये भी सोचें कि उन्होंने आत्महत्या की तो फिर शव कहाँ पर है। क्या ऐसा हो सकता है कि 7: 42 पर कोई व्यक्ति ब्रिज से कूदे और आसपास किसी ने न देखा हो। वह कहते हैं कि इस मामले में सीबीआई जाँच होनी चाहिए क्योंकि पुलिस 22 दिन बाद भी कोई सबूत जुटाने में सक्षम नहीं है।

शेखर सुमन बिहार प्रशासन पर सवाल खड़ा करते हुए कहते हैं कि संजय के साथ क्या हुआ, इसका पता चल जाता अगर ओवरब्रिज (जहाँ से डॉक्टर गायब हुए) के पास कैमरे होते। उन्होंने कहा, “मैं इस मामले में नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से मिलने की कोशिश करूँगा और अनुरोध करूँगा कि पूरे मामले में पुलिस से सही से जाँच करवाई जाए। अगर पुलिस इसे नहीं कर पा रही तो इसमें सीबीआई को शामिल करना चाहिए और कैसे भी संजय के साथ क्या हुआ इसका पता लगाना चाहिए।”

शेखर सुमन ने यह भी बताया कि संजय के गायब होने के बाद से उनकी बहन की हालत काफी खराब है। वो रोकर कहती हैं- “मेरे पति को ला दो।” अपनी बहन की स्थिति बताते हुए वह खुद भी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि पहले के मुकाबले बिहार भले ही बदल गया लेकिन अब भी कुछ कमजोरियों को ठीक करने की जरूरत है।

1 मार्च को लापता हुए डॉक्टर संजय कुमार

उल्लेखनीय है कि पटना के NMHC के डॉक्टर संजय कुमार 1 मार्च को लापता हुए थे। उनकी गाड़ी गाँधी सेतु पर मिली थी। उनकी पत्नी डॉ सलोनी कुमारी का कहना था कि उनकी अपने पति से आखिरी दफा बात 1 मार्च की शाम को हुई थी, उस समय वह गाँधी सेतु पर ही फंसे थे। उसके बाद उनका कोई पता नहीं चला।

डॉ सलोनी के मुताबिक उन्होंने अपने पति के फोन न उठाने की बात आईएएस डिंपल वर्मा और जीजा प्रशांत कुमार ए़डीजी लॉ एंड ऑर्डर को दी थी। पुलिस से उनका नंबर सर्विलांस पर रखवाया गया, मगर कोई जानकारी नहीं मिली। छानबीन में गाड़ी में उनका फोन और चश्मा मिला। लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने ब्रिज के आसपास के फुटेज खंगाले फिर भी डॉक्टर से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिली।

‘एकता कपूर वाले श्रीकृष्ण…’: बिहार के मंत्री तेज प्रताप यादव को हुए ‘साक्षात दर्शन’, नेटिजन्स की हुई मौज, बोले- यह तो नेक्स्ट लेवल का है भाई…

बिहार सरकार में मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार सपने में ‘साक्षात दर्शन’ को लेकर। दरअसल, तेज प्रताप ने बुधवार (22 मार्च 2023) रात 1:31 बजे अपने ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। इसमें वे सोते हुए नजर आ रहे हैं। वह सपने में भगवान श्रीकृष्ण का विराट रूप देखकर चौंक जाते हैं और उठ जाते हैं।

तेज प्रताप ने वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा, “विश्व रूप दर्शन योग में मुकुट से सुशोभित चक्र और गदा से सुसज्जित शस्त्रों के साथ सर्वत्र दीप्तिमान लोक के रूप में आपके रूप को देख रहा हूँ। इस चमचमाती अग्नि में आपके तेज को देख पाना कठिन है, जो सभी दिशाओं से प्रस्फुटित होने वाले सूर्य के प्रकाश की भाँति है।” इसके बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स तेज प्रताप यादव के मजे लेने लगे।

अतुल मिश्रा लिखते हैं, “केवल अर्जुन, भीष्म, विदुर और संजय ही देख पाए थे। अब तेज प्रताप जी भी देख सकते हैं। जय हो प्रभु।” प्रयाग नाम के यूजर ने तो लालू के बेटे को ऑस्कर अवॉर्ड तक पहुँचा दिया। उन्होंने लिखा कि एक और ऑस्कर केवल तेजू भैया को जाता है।

मुकेश जिंदल ने ट्वीट किया कि ऑस्कर से कम में मैं तो नहीं मानूँगा। अगर ऑस्कर नहीं मिला श्री श्री तेजू भैया तो मोदी जी की ईंट से ईंट बजा देंगे।

राजेश्वर नाम के यूजर ने तेज प्रताप के मजे लेते हुए लिखा, “यह तो नेक्स्ट लेवल का है भाई…।”

अभिषेक आचार्य ने एकता कपूर को टैग करते हुए लिखा, “प्लीज, किसी सीरियल में इन्हें एक्टिंग का मौका दो।”

पूजा झा ने लिखा, “लेकिन इन्हें एकता कपूर वाले श्री कृष्ण ने दर्शन दिए। नीतीश भारद्वाज ने नहीं।”

एक और यूजर ने लिखा, “स्वयं भगवान कृष्ण ने साक्षात दर्शन देकर ये चेतावनी दे दी है कि कल्कि का अवतार हो चुका है और तेजू भैया जल्दी इसकी पुष्टि कर दे तो और ही स्पष्ट हो जाए।”

बता दें कि इससे पहले तेज प्रताप यादव के सपने में मुलायम सिंह यादव आए थे। उन्होंने ट्विटर पर लिखा था, “आज दिनांक 22.2.2023 को सुबह मैंने स्वप्न में स्वर्गीय मुलायम सिंह जी को देखा। उन्होंने मुझे गले लगाकर स्नेहिल आशीर्वाद दिया। मेरी कोशिश रहेगी कि मैं उनके दिखाए रास्ते पर आजीवन चलूँ। आज मैं अपने मंत्रालय अरण्य भवन साइकिल से जा रहा हूँ।”

मुंबई में समुद्र के बीच बने ‘दरगाह’ पर चला बुलडोजरः राज ठाकरे ने उठाया था सवाल, कहा था- नहीं हटा तो बनेगा गणपति मंदिर

मुंबई के माहिम में समुद्र किनारे बनाए गए अवैध दरगाह को तोड़ दिया गया है। गुरुवार (23 मार्च 2023) को सुबह 8 बजे ही अधिकारी मौके पर पहुँच गए। भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के बीच बुलडोजर चलाकर अवैध दरगाह को तोड़ दिया गया। दरगाह के मलबे को बाहर निकालने के लिए कई ट्रकों को लगाया गया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने बुधवार (22 मार्च) को ही यह मुद्दा उठाया था।

मुंबई के माहिम में भी प्रशासन की तरफ से अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई। दरगाह को तोड़ने से पहले भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। बुधवार को गुड़ी पड़वा के अवसर पर आयोजित MNS की रैली को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने कहा था कि 2 साल पहले यहाँ कुछ नहीं था। अब अवैध रूप से मजार बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस और बीएमसी के लोग सोए हुए हैं।

अपने भाषण के दौरान राज ठाकरे ने पूछा कि यह किसकी दरगाह है? क्या यह किसी मछली की है? मनसे प्रमुख ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह अवैध निर्माण तुरंत नहीं गिराया गया तो इसी स्थान पर गणपति मंदिर की स्थापना की जाएगी। इसके लिए राज ठाकरे ने प्रशासन को एक महीने का समय दिया था।

मनसे के अधिकारिक ट्विटर हैंडल से अवैध दरगाह को लेकर वीडियो शेयर करते हुए लिखा गया कि समुद्र के बीच एक नया हाजी अली तैयार किया जा रहा है। पुलिस और नगरपालिका को इसकी भनक भी नहीं लगी।

पोस्ट किए गए वीडियो में माहिम बीच से कुछ ही दूरी पर समुद्र में एक निर्माणाधीन दरगाह को देखा जा सकता है। कुछ लोग यहाँ पानी से गुजरते और दरगाह पर प्रार्थना करते देखे जा सकते हैं। इस वीडियो को मनसे प्रमुख ने अपने कार्यक्रम के दौरान भी चलवाया था।

रिपोर्टों के मुताबिक इस अवैध दरगाह को तोड़ने के आदेश मुंबई के रेजिडेंट कलेक्टर ने दिए थे। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान कलेक्टर और डीसीपी भी मौके पर मौजूद रहे।

खालिस्तानी भगोड़े अमृतपाल सिंह की माँ और बीवी से पूछताछ: जानिए कौन है किरणदीप कौर, क्यों इतिहास खँगाल रही पंजाब पुलिस

पंजाब में आतंक का नया पर्याय बने ‘वारिस पंजाब दे’ के मुखिया अमृतपाल सिंह को पुलिस हर तरफ तलाश कर रही है। हालाँकि, अभी तक वह खुद को बचाने में कामयाब रहा है, लेकिन ऐसा लंबे समय तक रहना संभव नहीं है। पुलिस ने उसके परिजनों से भी पूछताछ की है। बीवी किरणदीप कौर से पैसे के लेनदेन को लेकर पूछताछ की गई।

एक महिला अधिकारी सहित पुलिस के तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने बुधवार (22 मार्च 2023) को अमृतपाल के गाँव जल्लूपुर खेड़ा गए। वहाँ उसके पिता तरसेम सिंह, बीवी किरणदीप कौर और माँ बलविंदर कौर से लगभग एक घंटे तक पूछताछ की। कहा जा रहा है कि किरणदीप कौर से पुलिस ने फॉरेन फंडिंग को लेकर पूछताछ की।

हालाँकि, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतिंदर सिंह ने अमृतपाल की माँ और बीवी से पूछताछ को नकारा है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि ‘रुटीन मामला’ था। उन्होंने अमृतपाल के घर एक वरिष्ठ अधिकारी किसलिए गई थी, इसके बारे में भी बताने से इनकार कर दिया।

वहीं, अमृतपाल के घर जाने वाले DSP हरकिशन सिंह ने कहा कि वे जाँच के लिए जल्लूपुर खेड़ा गाँव गए थे। बता दें कि इसके पहले DSP रैंक की एक महिला अधिकारी अमृतपाल के घर गई थी। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि वह वहाँ अमृतपाल की बीवी और माँ से पूछताछ की थी।

किरणदीप कौर का इतिहास संदिग्ध है। वह ब्रिटिश नागरिक है। अमृतपाल ने 10 फरवरी 2023 को NRI किरणदीप कौर से शादी की थी। शादी के एक साल पहले से दोनों संपर्क में थे। शादी के बाद किरणदीप ब्रिटेन से पंजाब चली आई और अमृतपाल के साथ रह रही थी। किरणदीप की पारिवारिक जड़ें जालंधर के कुलारां गाँव में बताई जाती हैं।

शादी के बाद किरणदीप कौर को अमृतपाल ने कभी सामने नहीं आने दिया। वह इसे निहायत ही निजी मामला बताता था। इस शादी को उसने रिवर्स माइग्रेशन कहा था। अब पुलिस किरणदीप की ब्रिटेन में पृष्ठभूमि की भी जाँच कर रही है।

बता दें कि भास्कर ने ब्रिटिश खुफिया अफसर के हवाले से बताया कि किरणदीप अलगाववादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के लिए फंड जुटाती है। साल 2020 में उसे और 5 लोगों को ब्रिटेन पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था। वह ब्रिटेन से खालिस्तान मूवमेंट के लिए फंडिंग करती थी।

इसके पहले अमृतपाल सिंह के सहयोगी दिलजीत कलसी से पुलिस पूछताछ कर चुकी है। कलसी से पूछताछ के बाद सामने आए तथ्यों के अलावा अब तक मनी ट्रेल का कोई मामला सामने नहीं आया है। माना जाता है कि खालिस्तानी अमृतपाल को विभिन्न विदेशी स्रोतों से लगभग 35 करोड़ रुपए मिले थे।

जाँच में खुलासा हुआ है कि अमृतपाल ने इन पैसों को अपने और अपने सहयोगियों के ऊपर खर्च किया। उसने नई SUV भी खरीदी। इन पैसों से उसने अवैध हथियार और 35 बुलेटप्रूफ जैकेट भी खरीदे थे।

पुलिस उपमहानिरीक्षक (जालंधर रेंज) स्वप्न शर्मा से पूछा गया था कि क्या अमृतपाल नेपाल के रास्ते कनाडा भागने की योजना बना रहा है और क्या उसकी पत्नी किरणदीप कौर ने कनाडा का वीजा माँगा है। इसके जवाब में शर्मा ने कहा कि यह आशंका है और यह जाँच का विषय है।

राहुल गाँधी को 2 साल की जेल, फिर तुरंत ही मिल गई बेलः कहा था- हर चोर का मोदी सरनेम क्यों, सूरत कोर्ट ने दोषी माना

गुजरात के सूरत सेशन कोर्ट ने राहुल गाँधी को पीएम मोदी पर दिए एक बयान के मामले में दोषी ठहराया है। कोर्ट ने उन्हें 2 साल की सजा सुनाई। हालाँकि उन्हें तुरंत जमानत भी मिल गई। राहुल गाँधी ने 2019 में कर्नाटक की एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था, “सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है?” इस बयान के बाद राहुल गाँधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।

सुनवाई के दौरान राहुल गाँधी भी सूरत की कोर्ट में उपस्थित थे। उनके साथ कॉन्ग्रेस के कई बड़े नेता भी कोर्ट में मौजूद रहे। राहुल गाँधी को दोषी ठहराए जाने के बाद केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू का बयान आया। रिजिजू ने कहा कि राहुल गाँधी जो भी बोलते हैं उससे उनकी पार्टी और देश को भी नुकसान होता है।

13 अप्रैल 2019 को राहुल गाँधी ने कहा था, “नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी इन सभी के नाम में मोदी लगा हुआ है। सभी चोरों के नाम में मोदी क्यों लगा होता है।” इस बयान के बाद भाजपा नेता पूर्णेश मोदी ने कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ सूरत में मामला दर्ज कराया था। राहुल गाँधी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत केस दर्ज करवाया था, जो आपराधिक मानहानि से संबंधित है। 4 साल के बाद अदालत ने मामले में राहुल गाँधी को दोषी पाते हुए सजा सुना दी।

इस केस के सिलसिले में राहुल गाँधी कई बार सूरत पहुँचे। जून 2021 में राहुल गाँधी ने पेशी के दौरान अपना बयान दर्ज कराया था। कॉन्ग्रेस नेता ने अदालत को बताया था कि उन्होंने चुनाव के दौरान राजनीतिक कटाक्ष किया था। उन्होंने यह बात किसी समाज के लिए नहीं कही थी। साथ ही कहा कि इस मामले में अब उन्हें ज्यादा कुछ याद नहीं है।

अश्लील भी निकला खालिस्तानी भगोड़ा अमृतपाल सिंह: रिपोर्ट से अफेयर्स का खुलासा, वीडियो रिकॉर्ड कर महिलाओं को करता था ब्लैकमेल

‘वारिस पंजाब दे’ का सरगना और खालिस्तानी भगोड़े अमृतपाल सिंह को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पता चला है कि उसके कई महिलाओं से अफेयर थे। अश्लील चैट करता था। वीडियो काॅल पर किस देता था। रिपोर्ट के अनुसार वह अश्लील वीडियो बनाकर महिलाओं को ब्लैकमेल भी करता था।

इंडिया टुडे ने अमृतपाल के 12 ऑडियो क्लिप, चैट के स्क्रीनशॉट और कुछ एक्सक्लूसिव दस्तावेज एक्सेस करने का दावा किया। इसके आधार पर उसके एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर और महिलाओं के ब्लैकमेल किए जाने का दावा किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वॉइस नोट्स में अमृतपाल को यह कहते सुना जा सकता है कि वो महिलाओं के साथ थोड़े समय का कैजुअल रिलेशनशिप रखना चाहता है। वह गंभीर रिश्तों में नहीं पड़ना चाहता। एक अन्य ऑडियो क्लिप में वह कह रहा है कि महिलाएँ रिश्तों को लेकर जल्दी गंभीर हो जाती हैं।

एक अन्य वॉइस नोट में अमृतपाल शादीशुदा महिलाओं को लेकर कह रहा है कि वो उनके साथ तब तक रिश्ता रख सकता है, जब तक उसकी शादी प्रभावित न हो। एक ऑडियो क्लिप में अमृतपाल यह दावा कर रहा है कि उसके पास एक लड़की का आपत्तिजनक वीडियो है। वह चाहे तो वह उसे वायरल कर सकता है। कई क्लिप्स में वह लड़कियों के नाम लेते हुए दावा कर रहा है कि लड़कियाँ उससे शादी करने तक को तैयार हैं, लेकिन उसे कैजुअल रिलेशनशिप में ही रहना है।

अमृतपाल लड़कियों के साथ वीडियो कॉल पर अश्लीलता भी करता था। इस बात का खुलासा उसके एक अन्य ऑडियो क्लिप में हुआ। दावा है कि अमृतपाल इस क्लिप में लड़की के साथ वीडियो कॉल की बात कर रहा है। वीडियो कॉल पर कोई लड़की उसे किस करती रहती है और कहती है कि अब इंतजार नहीं कर सकती। अमृतपाल कहता है कि उसने लड़की को उसके वीडियो कॉल की रिकॉर्डिंग वायरल करने की धमकी दी। अमृतपाल की धमकी से लड़की उससे माफी माँगने लगी।

ऑडियो क्लिप्स में अमृतपाल अपने कई रिश्तों की बात कर रहा है। वह कह रहा है कि रिश्ते में पड़ने से पहले ही वह महिला या लड़की को साफ बता देता है कि वह सिर्फ एन्जॉय करना चाहता है। इंडिया टुडे ग्रुप ने अमृतपाल के इंस्टाग्राम चैट को भी प्राप्त करने का दावा किया है। अमृतपाल अपनी महिला फॉलोअर्स के साथ चैटिंग करता है। इंस्टाग्राम पर एक महिला से चैट करते हुए अमृतपाल ने लिखा, “तो हमारा एक्सट्रा मैरिटल पक्का?” इस पर सामने से हँसने वाले इमोजी भेजे गए। वह आगे लिखता है कि हमारा हनीमून दुबई में होगा।

बता दें कि अमृतपाल अब भी फरार है और उसकी तलाश के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है। भगोड़े अमृतपाल का पता लगाने के लिए कई लुक में उसकी तस्वीरें भी जारी की गई हैं। जिस कार और बाइक से वह फरार हुआ था, उन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया है। 18 मार्च 2023 की सुबह तकरीबन 11 बजे पंजाब पुलिस ने अमृतपाल और उसके सहयोगियों पर कार्रवाई शुरू की थी।

मारपीट के मामले में गिरफ्तार करने आई थी झारखंड पुलिस, दावा- 4 दिन के नवजात को कुचलकर मारा: हेमंत सोरेन सरकार को BJP ने घेरा

झारखंड के गिरिडीह में पुलिस की छापेमारी के दौरान 4 दिन के नवजात की मौत का दावा किया जा रहा है। मंगलवार (21 मार्च 2022) रात करीब 3 बजे देवरी थाना क्षेत्र के कोशोगोंदो दिघी गाँव में पुलिस भूषण पांडेय के घर में पहुँची थी। आरोप है कि मारपीट के एक मामले में पांडेय को तलाश रही पुलिस ने नवजात को पैरों तले कुचल दिया। बीजेपी ने इस मुद्दे पर राज्य की हेमंत सोरेन सरकार को घेरते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की माँग की है।

भाजपा नेताओं ने झारखंड विधानसभा में भी इस मामले को उठाया। राज्य के पहले मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट कर कहा है, “ये कोई साधारण घटना नहीं है मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी। गिरिडीह जिले की पुलिस के जाँच पर किसी को भरोसा नहीं है। सबसे पहले एफआईआर कराइए। नवजात का पोस्टमार्टम मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डाक्टरों की टीम से कराने का आदेश दीजिए। विसरा प्रिजर्व कराइए। ताकि कोई मामले को रफा-दफा कराने का साहस नहीं करे। राँची से उच्चाधिकारियों की टीम भेज कर तुरंत जाँच और कार्रवाई सुनिश्चित कराइए।”

मृत नवजात के पिता ने देवरी पुलिस के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों का कहना है कि नवजात के दादा भूषण पांडेय को गिरफ्तार करने पहुँची देवरी पुलिस की टीम को देखते हीं घर के सदस्य बाहर निकल आए। चार दिन का नवजात घर के एक कमरे में बिस्तर पर सो रहा था। पुलिस की टीम घर के एक-एक कमरे में भूषण की तलाश कर रही थी। पुलिस को देखकर नवजात की माँ भी उसे बिस्तर पर सोता छोड़ बाहर आ गई।

https://navbharattimes.indiatimes.com/state/jharkhand/ranchi/jharkhand-policeman-compressed-under-boot-newborn-baby-dies-cm-hemant-soren-orders-investigation/articleshow/98927707.cms

परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बिस्तर पर चढ़कर घर के ऊपरी हिस्सों की तलाशी ली और इसी दौरान पुलिस ने बिस्तर पर सोए नवजात को कुचल दिया। जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस के जाने के बाद जब परिजन घर में दाखिल हुए तो उन्हें नवजात मृत मिला था। परिजनों का कहना है कि पुलिस भूषण पांडेय को परिवारिक विवाद के बाद हुए मारपीट के मामले में तलाश रही थी।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार गिरिडीह के एसपी अमित रेणू का कहना है कि मृत बच्चे का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही नवजात की मौत के कारणों का पता चल सकेगा। उन्होंने कहा कि मामले की जाँच भी की जा रही है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

2024 लोकसभा चुनाव से पहले ही विपक्ष ने डाल दिए हथियार? अभी से शुरू हुआ EVM का रोना, शरद पवार ने बुलाई बड़ी बैठक

विभिन्न पोल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की लोकप्रियता बरकरार है। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों में पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा की वापसी के संकेत हैं। ऐसे में विपक्ष पहले ही हार मानते हुए अभी से ही EVM का रोना शुरू कर दिया है। NCP प्रमुख शरद पवार ने EVM पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई है।

नेशनलिस्ट कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) सुप्रीमो पवार ने गुरुवार (23 मार्च 2023) को विपक्षी नेताओं की बैठक बुलाई है। यह बैठक उनके आवास पर शाम के 6 बजे आयोजित की जाएगी। इसमें राज्यसभा में विपक्षी दलों के फ्लोर नेता शामिल रहेंगे। यहाँ ममता बनर्जी से अलग तीसरे मोर्चा की भी खिचड़ी पकने की संभावना है।

शरद पवार ने कहा कि इस बैठक में उन्होंने उन सभी नेताओं को पत्र लिखकर बुलाया है, जिन्होंने EVM को लेकर संदेह जाहिर किया था या जिन्हें संदेह है। उन्होंने कहा कि यह बैठक निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराए जाने को लेकर बुलाई गई है। बैठक में आईटी प्रोफेशनल और क्रिप्टोग्राफरों को भी बुलाया गया है। उनकी भी राय सुनी जाएगी।

पत्र में विशेषज्ञों का हवाला देते हुए पवार ने कहा है कि चिप वाली किसी भी मशीन को हैक किया जा सकता है। ऐसे में लोकतंत्र को अनैतिक तत्वों द्वारा बंधक बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। इसलिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के हित में एक साथ बैठकर प्रख्यात आईटी पेशेवरों और क्रिप्टोग्राफर के विचारों को सुनना चाहिए।

पवार ने कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को सटीक होने की आवश्यकता है। इसकी प्रभावकारिता पर किसी भी प्रकार के संदेह को मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा सामने आकर खारिज किया जाना चाहिए। बता दें कि सिविल सोसाइटी ने मई 2022 में चुनाव आयुक्त को एक पत्र और दो सप्ताह के बाद एक और अनुस्मारक (अनुलग्नक 3) प्रस्तुत किया था। ECI ने इसे स्वीकार भी नहीं किया था।

कब तक उस बिहार की दी जाती रहेगी दुहाई जिसे आज के बिहारी ने देखा ही नहीं, यूँ ही नहीं स्थापना दिवस पर बंद और अलग राज्य की हुई इतनी चर्चा

बिहार दिवस (Bihar Diwas) के दिन जरा दिमाग पर जोर डालिए। याद करिए अगस्त 2022 में नीतीश कुमार के पलटी मारने के बाद से बिहार राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में किन कारणों से रहा है। शायद ही कोई अच्छा कारण आपको याद आए। हाल के दिनों में तो और भी बुरी हालत रही है। पहले शिक्षा मंत्री ने रामचरितमानस के जरिए जातीय फसाद खड़ा करने की कोशिश की, फिर तमिलनाडु में बिहार के श्रमिकों के साथ कथित हिंसा के दावे और उसके बाद पटना रेलवे स्टेशन पर ब्लू फिल्म चलने से मिला इंटरनेशल फेम। उससे थोड़ा पीछे चले जाएँ तो जहरीली शराब से मौतें जैसी वजहें राज्य के लिए सुर्खियाँ लेकर आईं थीं।

यही कारण है कि 22 मार्च 2023 को 111 साल के हुए राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के पास गौरवशाली अतीत की दुहाई देने के अलावा कुछ नहीं बचा था। नीतीश ने ट्वीट कर कहा, “बिहार दिवस के अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। बिहार का इतिहास गौरवशाली है और हम वर्तमान में अपने निश्चय से बिहार का गौरवशाली भविष्य तैयार कर रहे हैं। विकसित बिहार के सपने को साकार करने में भागीदारी के लिए मैं आप सभी का आह्वान करता हूँ। हम सब मिलकर बिहार के गौरव को बढ़ाएँगे।”

उनके कथित भतीजे तेजस्वी यादव (जिन्हें उनके समर्थक मुख्यमंत्री के तौर पर देखने को उतावले हुए हैं) ने लिखा, “बिहार दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। गौरवशाली अतीत, समृद्ध विरासत, विभिन्न धर्मों की उद्गमस्थली, महापुरुषों की जन्मस्थली, लोकतंत्र की जननी, वीरों की कर्मभूमि, ज्ञान, सद्भावना और समरसता की पावन धरा बिहार का हम अपने निश्चय व जन भागीदारी से सुनहरा भविष्य तैयार कर रहे हैं।”

बिहार के ही रहे ‘राष्ट्रकवि’ रामधारी सिंह दिनकर ने लिखा है;
तेजस्वी सम्मान खोजते नहीं गोत्र बतला के
पाते हैं जग में प्रशस्ति अपना करतब दिखला के

पर जब दिखाने को कुछ न हो तो बड़े-बड़े तेजस्वी भी इतिहास का सहारा लेने लगते हैं। ये तो सामान्य मानव नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव हैं। लिहाजा येन केन प्रकारेण 2005 से बिहार की सत्ता में जमे हुए नीतीश कुमार ने बिहार दिवस पर अपने संदेश को बिहार के उस अतीत तक समेटकर रखा जो आज के बिहार के किसी व्यक्ति ने शायद ही देखा हो। वे बखूबी जानते होंगे कि अब उनकी साख भी नहीं बची, इसलिए भविष्य को लेकर भी उन्होंने गोलमोल ही बातें की। उनके डिप्टी के साथ तो खैर जंगलराज वाली विरासत ही है तो उनसे कुछ उम्मीद रखना भी बेमानी है।

भले राज्य सरकार ने बिहार दिवस पर तीन दिन का जलसा रखा हो, लेकिन भविष्य को लेकर नेतृत्व में जो शून्यता दिखती है, वह बिहार के आम लोगों के लिए भयावह है। यही कारण है कि 22 मार्च को बिहार से ज्यादा सोशल मीडिया में बिहार बंद (#23_मार्च_बिहार_बंद) चर्चा में रहा। बिहार के एक हिस्से से अलग मिथिला राज्य (Mithila Rajya) की माँग जोर पकड़ती जा रही है। बिहार दिवस के दिन कुछ लोग बिहारी आइडेंडिटी को खारिज करते हुए कह रहे हैं #MaithilNotBihari।

आखिर वह कौन सी वजह है कि राज्य का एक हिस्सा बिहार की पहचान से अलग होने को छटपटा रहा है। इस अभियान को आगे बढ़ा रहे संगठनों में से एक मिथिला स्टूडेंट यूनियन (MSU) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप मैथिल ने ऑपइंडिया को बताया, “1912 में बिहार बनने से पहले मिथिला में कई चीनी मिल, जूट मिल, पेपर मिल एवं उद्योग-धंधे थे। मिथिला के पास अपनी विमानन कंपनी थी। दो एयरपोर्ट थे। बिहार बनने के बाद सभी चीजें एक-एक कर बंद कर दी गई और मैथिलों को मजदूर बनकर पलायन करने के लिए मजबूर कर दिया गया। बिहार में रहकर मिथिला के साथ सौतेला व्यवहार हुआ है। हमारी भाषा मैथिली अष्टम अनुसूची में शामिल बिहार की एकमात्र भाषा है। लेकिन आज तक इसे द्वितीय राजभाषा नहीं बनाया गया है और न ही प्राथमिक शिक्षा में इसे शामिल किया गया। एक शब्द में कहें तो ‘जहिया से बिहार बनल, मिथिला के बहार घटल’।” अनूप मैथिल के अनुसार, “देश में बिहारी आइडेंटिटी एक गाली बन चुकी है, जबकि मैथिली आइडेंटिटी बताने पर हमें देश में सम्मान मिलता है।”

उल्लेखनीय है कि एक तबका ऐसा भी है जो मानता है कि अलग राज्य मिथिला की समस्याओं का समाधान नहीं है। लेकिन राज्य के नेतृत्व की दशा और दिशा ऐसी है कि बिहार के साथ जुड़े रहने पर भी उन्हें अपनी समस्याओं का समाधान होता नहीं दिखता। यह दशा और दिशा ही है, जिसके कारण बिहार पर अमेरिकी पोर्न स्टार केंड्रा लस्ट का ट्वीट तो चर्चा पा जाता है, लेकिन बिहार बोर्ड की टाॅपर बेटियाँ आयुषी नंदन और सौम्या शर्मा की बात नहीं होती।

तीन दशक से भले बिहार की बागडोर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर नीतीश कुमार और लालू यादव के हाथों में रही है। लेकिन बिहार को इस स्थिति में पहुँचाने में अन्य राजनीतिक दल भी जिम्मेदार हैं। जेपी की वह संपूर्ण क्रांति भी, जिसका विष बिहार के हिस्से आया। यही कारण है कि बिहार दिवस आज बिहार बंद और मिथिला राज्य जैसे अभियानों में कहीं खो गया लगता है।

ट्विटर पर #DYChandrachudBestCJI कराया गया ट्रेंड, हैंडल्स ऐसे जिनसे बॉलीवुड वाले कराते हैं फिल्मों के प्रमोशन: लोगों ने बताया ‘कम बजट वाला PR कैम्पेन’

मंगलवार (21 मार्च 2023) के दिन सोशल मीडिया पर कई घंटो तक हैशटैग के साथ डीवाई चंद्रचूड़ बेस्ट सीजेआई (#DYChandrachudBestCJI) ट्रेंड करता रहा। ट्विटर पर यह ट्रेंड देखकर कई नेटिजन्स हैरान रह गए। ट्विटर यूजर आलोक भट ने गौर किया कि हैशटैग को ऐसे खातों द्वारा ट्रेंड कराया जा रहा था जो आमतौर पर बॉलीवुड और अन्य पीआर कैंपेन्स को प्रोमोट करते रहते हैं।

आलोक भट ने एक जैसे शब्दों के साथ तीन ट्वीट्स का स्क्रीनशॉट साझा किया। स्क्रीनशॉट के दो ट्वीट में एक ही टेक्स्ट था। आगे के ट्वीट और थ्रेड में भट्ट ने स्क्रीन स्क्रॉल के वीडियो की एक सीरीज पोस्ट की। जहाँ बॉलीवुड और कुछ राजनीतिक दलों को प्रोमोट करने वाले हैशटैग के साथ किए गए ट्वीट देखे जा सकते हैं। जिन खातों से #DYChandrachudBestCJI ट्रेंड कराया जा रहा था उन्हीं खातों का इस्तेमाल कॉन्ग्रेस, शाहरुख खान और फोन कंपनियों को प्रोमोट करने के लिए भी किया गया था।

ऑपइंडिया के शोध में पाया गया कि 21 मार्च को इस हैशटैग का इस्तेमाल कर के लगभग 12,500 से अधिक ट्वीट किए गए थे। इनमें से 10,400+ ट्वीट भारत से किए गए। ये ट्वीट 5 AM UTC से 2 PM UTC यानि 10:30 AM IST से 7:30 PM IST के बीच किए गए थे। यानि ज्यादातर ट्वीट ऑफिसियल समय पर किए गए जो पीआर कैंपेनिंग के जरिए ट्रेंड चलाने का इशारा करते हैं।

कैसे #DYChandrachudBestCJI वाला ट्वीट 21 मार्च को ट्विटर पर ट्रेंड हुआ (साभार: टॉकवॉकर)

ट्विटर पर इस ट्रेंड में हमें किसी प्रसिद्ध हैंडल द्वारा हैशटैग को बढ़ावा देने का प्रमाण नहीं मिला। जो एक बार फिर से लो बजट पीआर कैंपेन की तरफ इशारा कर रहा था। इसके बाद हमने चलाए जा रहे हैशटैग के साथ ट्वीट करने वाले दस रैंडम अकाउंट्स की जाँच की। जिसमें सिर्फ चार ट्विटर ब्लू टिक सत्यापित खाते हैशटैग के साथ ट्वीट करते पाए गए। इनमें एक भी लीगेसी अकाउंट नहीं मिला। 6 खाते ट्विटर ब्लू टिक सत्यापित नहीं थे।

हैशटैग को प्रोमोट करने वाले ब्लू टिक वाले खाते (साभार- ट्विटर)

अगले चरण में हमने उन खातों का प्रोफाइल और किए गए अन्य ट्वीटों को खंगाला। गैर-सत्यापित खातों में से चार और ब्लू टिक सत्यापित खातों में से एक ने एक और हैशटैग #e4MediaClassHasNoClass के साथ ट्विट किया था। यह ट्वीट 22 मार्च को Exchange4Media पोर्टल के खिलाफ किया गया था।

Exhange4Media के खिलाफ ट्विटर अभियान (साभार -ट्विटर)

इन ट्विटर अकाउंट्स द्वारा 21 मार्च को #DYChandrachudBestCJI और #BBxSRK के साथ ट्वीट किए जा रहे थे।

21 मार्च को #DYChandrachudBestCJI #BBxSRK को बढ़ावा देने वाले खातों का सेट (साभार: ट्विटर)
21 मार्च को #DYChandrachudBestCJI #BBxSRK को बढ़ावा देने वाले खातों का सेट (साभार: ट्विटर)

इस हैशटैग के ट्रेंड करने से कई नेटिजन्स इस बात से चकित हैं कि देश के सीजेआई को लेकर ऑर्गनाइज तरीके से ट्रेंड चलवाया जा रहा है। जून 2020 में भी ऑपइंडिया ने कॉन्ग्रेस के लिए चलाए गए इसी तरह के अभियान पर रिपोर्ट की थी जिसे इस लिंक पर क्लिक कर पढ़ा जा सकता है।

यह पोस्ट मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया है जिसे आप यहाँ क्लिक कर पढ़ सकते हैं।